Author: Admin

  • झारखंड पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, ट्रिपल टेस्ट के बाद OBC आरक्षण पर होगा बड़ा फैसला

    झारखंड पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, ट्रिपल टेस्ट के बाद OBC आरक्षण पर होगा बड़ा फैसला

     रांची
    झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अगले वर्ष अप्रैल-मई माह में होना है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर इसे लेकर जिलों में तैयारियां चल रही हैं। इसके तहत मतदान केंद्रों का निर्धारण किया जा रहा है। हालांकि पंचायत चुनाव ट्रिपल टेस्ट के बाद ही होना है।

    ट्रिपल टेस्ट के माध्यम से ओबीसी श्रेणी को चुनाव में आरक्षण प्रदान किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को दी जाएगी।
    वर्ष 2022 में पंचायत चुनाव ओबीसी को आरक्षण दिए बिना ही संपन्न हुआ था। इसपर काफी विवाद हुआ था।

    इसके बाद राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर ट्रिपल टेस्ट कराकर ओबीसी को आरक्षण देते हुए पिछले वर्ष नगर निकाय चुनाव संपन्न कराया था। ऐसे में पूरी संभावना है कि अगले वर्ष होनेवाले पंचायत चुनाव में भी ओबीसी को आरक्षण दिया जाएगा।

    इसके लिए पंचायती राज विभाग को कैबिनेट से स्वीकृति लेनी होगी।ट्रिपल टेस्ट कराने में दो-तीन माह का समय लग सकता है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अक्टूबर माह तक सरकार इसपर निर्णय ले लेगी।

    19 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि से हो सकता चुनाव
    चूंकि राज्य में पंचायत चुनाव अगले वर्ष होना है, इसलिए पूरी संभावना है कि यह चुनाव 19 अक्टूबर 2026 की अर्हता तिथि से हो। इस तिथि तक मतदाता बननेवाले नागरिक पंचायत चुनाव में मतदान कर सकेंगे।

    दरअसल, एसआइआर के तहत 19 अक्टूबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होना है। इसके बाद तय हो जाएगा कि राज्य में मतदाताओं की संख्या कितनी है।

    मतदाता सूची के प्रकाशन होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग भारत निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची का आंकड़ा देने का अनुरोध कर सकता है। यह आंकड़ा मिलने के बाद पंचायत स्तर पर मतदाता सूची का विखंडन किया जाएगा।

    फैक्ट फाइल
        झारखंड में पंचायतों की संख्या : 4,345
        ग्राम पंचायतों के सदस्यों की संख्या : 53,479
        मुखिया के पद : 4,345
        पंचायत समिति सदस्य के पद : 5,341
        जिला परिषद सदस्य के पद : 536

     

  • NSE IPO का GMP ₹207 पर पहुंचा, 11.60% प्रीमियम पर लिस्टिंग के संकेत

    NSE IPO का GMP ₹207 पर पहुंचा, 11.60% प्रीमियम पर लिस्टिंग के संकेत

    नई दिल्ली
    नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के IPO को लेकर निवेशकों के बीच लगातार उत्सुकता बनी हुई है। प्राइस बैंड सामने आने के बाद अब NSE IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर भी बाजार की नजर है। उपलब्ध ग्रे मार्केट आंकड़ों के मुताबिक NSE के शेयर करीब ₹207 के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं। अगर ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड में मौजूदा GMP को जोड़ा जाए, तो अनुमानित कीमत करीब ₹1,992 बैठती है। यानी ग्रे मार्केट संकेतों के आधार पर शेयर करीब 11.60 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और यह NSE की वास्तविक लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

    पिछले 10 सेशन के दौरान NSE IPO के GMP में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इस अवधि में प्रीमियम करीब ₹192 के निचले स्तर से बढ़कर ₹310 तक पहुंचा था। मौजूदा ₹207 का GMP इस ऊपरी स्तर से काफी नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि ग्रे मार्केट में शुरुआती उत्साह कुछ कम हुआ है। ऐसे में निवेशकों के लिए सिर्फ GMP के आधार पर IPO में पैसा लगाना उचित नहीं होगा। कंपनी की वैल्यूएशन, कारोबार, बाजार की स्थिति और IPO की कीमत को भी ध्यान में रखना जरूरी है।

    NSE ने IPO के लिए ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। पात्र निवेशकों के लिए इश्यू 16 सितंबर 2026 से खुलेगा, जबकि अन्य निवेशकों के लिए बोली 17 सितंबर से शुरू होगी। IPO 21 सितंबर को बंद होगा। अपर प्राइस बैंड पर इश्यू का टोटल साइज करीब ₹22,561.57 करोड़ तक हो सकता है। यह IPO पूरी तरह OFS (Offer for Sale) है। इसका मतलब है कि NSE को इस इश्यू से नई पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

    निवेशक न्यूनतम 8 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं और इसके बाद 8 शेयरों के गुणक में बोली लगाई जा सकेगी। इस OFS में SBI (State Bank of India) सबसे बड़ा शेयर बेचने वाला निवेशक है, जो करीब 1.60 करोड़ शेयर ऑफर करेगा। कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (Canada Pension Plan Investment Board) और अरंडा इन्वेस्टमेंट्स (Aranda Investments) भी बड़ी हिस्सेदारी बेचने वालों में शामिल हैं। दूसरी ओर NSE में 10.72 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली LIC इस OFS में अपने शेयर नहीं बेच रही है।

    RHP के मुताबिक NSE का कोई पहचान योग्य प्रमोटर नहीं है। कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में आवेदन करने वाले पात्र कर्मचारियों को ₹170 प्रति शेयर की छूट दी जाएगी। NSE के शेयर BSE के मेन बोर्ड पर लिस्ट होंगे। ऐसे में IPO की कीमत और GMP दोनों ही निवेशकों के लिए अहम संकेत हैं, लेकिन अंतिम फैसला कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए।

     

  • अमेरिकी स्कूल का खौफनाक AI टेस्ट, धड़कन बढ़ी तो बच्चे हो जाएंगे फेल

    अमेरिकी स्कूल का खौफनाक AI टेस्ट, धड़कन बढ़ी तो बच्चे हो जाएंगे फेल

    न्यूयॉर्क
    अमेरिकी स्कूलों में भविष्य की शिक्षा के नाम पर चौंकाने वाला सच सामने आया है। यहां एडमिशन के लिए बच्चों को हार्ट मॉनिटर से जोड़कर पूरी क्लास के सामने उनके पैरेंट्स की आलोचनात्मक वीडियो दिखाये जाते हैं, जहां दिल की धड़कन बढ़ने पर वे फेल हो जाते हैं।

    सहनशीलता सिखाने का यह अमानवीय एआई मॉडल बच्चों की मानसिक सेहत को कैसे प्रभावित कर रहा है। आइए जानते हैं।

    सिलिकॉन वैली का अल्फा स्कूल, कमरे में ऐसा सन्नाटा था कि सिर्फ दीवार पर लगे विशाल मॉनीटर की बीप-बीर सुनाई दे रही थी। यह अस्पताल का आईसीयू नहीं, बल्कि भविष्य की शिक्षा का दावा करने वाला अत्याधुनिक एआई स्कूल है। कमरे में 14 साल के रेयान कुर्सी पर अकेला बैठा था, उसके सीने पर एक हर्ट मॉनीटर लगा था। उसके दिल की धड़कन पूरी क्लास के सामने बड़े पर्दे पर दिख रही थी।

    उसकी धड़कन सामान्य थी, नियम था कि धड़कन 10 प्रतिशत से ऊपर नहीं जानी चाहिए। अगर गई तो वह फेल। तभी उसके माता-पिता का वाडियो चलाया गया। उस वीडियो में वे रेयान की कमियों, उसकी गलतियों और उसकी नाकामी की कड़ी आलोचना कर रहे थे।

    पूरी क्लास यह वीडियो देख रही थी। रेयान के लिए यह बहुत मुश्किल था। उसकी धड़कन बढ़ने लगी, पहले 82, फिर 85 और अंत में 87, उसने अपनी मुठ्ठियां भींच लीं और आंखें बंद कर लीं।

    वीडियो खत्म होने पर उसकी औसत धड़कन 87 थी, वह एक धड़कन से पास हो गया, लेकिन एक हफ्ते तक उसके हाथ कांपते रहे। यह सिर्फ एक टेस्ट नहीं है। इस स्कूल में बच्चों से बॉट्स की मदद से कुछ ही दिन में पूरा कोर्स खत्म करवाया जाता है। उनसे गंदे टॉयलेट साफ कराए जाते हैं और सोशल मीडिया पर खुद को बेचना सिखाया जाता है।

    इन तरीकों को सहनशीलता और हिम्मत सिखाना कहा जा रहा है, लेकिन असल में यह बच्चों की भावनाओं के कुचलने जैसा है। मशीन ने दिल की रफ्तार तो नाप ली, पर बच्चे के अंदर का डर और घुटन नहीं नाप सकी।

  • किशाऊ परियोजना पर 15 सितंबर को बड़ा करार, छह राज्यों के बीच होगा समझौता

    किशाऊ परियोजना पर 15 सितंबर को बड़ा करार, छह राज्यों के बीच होगा समझौता

     शिमला
     देश के लिए महत्वपूर्ण किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के निर्माण की दिशा में 15 सितंबर को नई दिल्ली में बड़ा कदम उठाया जाएगा। ऊपरी यमुना बेसिन में प्रस्तावित 660 मेगावाट की इस परियोजना को लेकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और राजस्थान के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में राज्यों के प्रतिनिधि करार करेंगे।

    हिमाचल प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत, गैर पारंपरिक ऊर्जा स्रोत और सतर्कता आरडी नजीम बैठक में शामिल होंगे। वह परियोजना में हिमाचल के हितों और राज्य की भूमिका को लेकर पक्ष रखेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समझौता हस्ताक्षर समारोह दोपहर 12 से एक बजे तक कर्तव्य भवन-03, जनपथ, नई दिल्ली में होगा।

    क्या है किशाऊ परियोजना
    करीब 15,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली किशाऊ परियोजना की जल भंडारण क्षमता 1,324 मिलियन घन मीटर है। परियोजना में जल भंडारण के साथ बहुउद्देशीय उपयोग का प्रविधान है। राज्यों के बीच सहमति बनने के बाद निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

    दिल्ली और राजस्थान को मिलेगा हिमाचल के हिस्से का पानी
    परियोजना के तहत हिमाचल के हिस्से का पानी दिल्ली और राजस्थान को दिया जाएगा। इसके बदले दोनों राज्य हिमाचल के बिजली घटक की लागत में योगदान करेंगे। वहीं, हिमाचल और उत्तराखंड को जल घटक की लागत में वित्तीय योगदान नहीं करना होगा। ऐसे में समझौता हिमाचल के लिए जल संसाधन और बिजली से जुड़े हितों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

     

  • ब्रिक्स में चीन ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, क्या बदल रही है दोनों की दोस्ती?

    ब्रिक्स में चीन ने पाकिस्तान को दिया बड़ा झटका, क्या बदल रही है दोनों की दोस्ती?

    नई दिल्ली
    चीन और पाकिस्तान हमेशा कहते रहे हैं कि उनकी दोस्ती हर मौसम में चलती है। चीन पाकिस्तान का सबसे बड़ा साथी है। पाकिस्तान ने चीन को सीपीईसी जैसी परियोजनाओं से अरब सागर तक रास्ता दिया है। लेकिन नई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक में एक बात खास रही। चीन उस बैठक में था, जिसमें 2025 के पहलगाम हमले की निंदा हुई। बैठक में आतंकवाद पर सख्ती की बात भी कही गई। घोषणापत्र में 22 अप्रैल 2025 के हमले की निंदा की गई। उस हमले में 26 लोग मारे गए थे। इसमें सीमा पार आतंकियों, आतंक को पैसे देने और उनके ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पाकिस्तान का नाम नहीं लिया गया। भारत के ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन भी नहीं किया गया। फिर भी चीन का इस दस्तावेज पर दस्तखत करना बड़ी बात है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या दोनों देशों के रिश्ते बदल रहे हैं?

    चीन की मौजूदगी क्यों जरूरी है?
    दरअसल, पहलगाम का जिक्र नया नहीं था। मई में भी ब्रिक्स के विदेश मंत्रियों ने इस हमले की निंदा की थी। दिल्ली के लिए यह इसलिए बड़ा है क्योंकि चीन पाकिस्तान का करीबी दोस्त माना जाता है। यह बात उस समय हुई जब भारत और चीन 2020 के गलवान झगड़े के बाद रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। शी जिनपिंग नई दिल्ली आए। चीन ने ऐसे बयान पर दस्तखत किए जो भारत की बड़ी सुरक्षा चिंता से जुड़ा है। इसका मतलब यह नहीं कि चीन ने पाकिस्तान को छोड़ दिया। लेकिन सवाल यह है कि जब चीन के अपने फायदे दांव पर हों, तो वह पाकिस्तान का कितना साथ देगा।

    चीन की सबसे बड़ी समस्या क्या?
    बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच तनाव का बड़ा कारण भारत नहीं है। कारण है चीनी नागरिकों की सुरक्षा। सीपीईसी पर काम कर रहे चीनी मजदूरों पर, खासकर बलूचिस्तान में, बार-बार हमले हो रहे हैं। इस कारण चीन नाराज है। अब चीन खुलकर पाकिस्तान से सुरक्षा सुधारने को कह रहा है। कुछ परियोजनाएं हमलों के बाद कुछ समय के लिए रुकी भी थीं। 2026 में भी यही समस्या है। चीन सीपीईसी 2.0 आगे बढ़ाना चाहता है, लेकिन सुरक्षा पर जोर दे रहा है। पाकिस्तान ने चीनी लोगों और परियोजनाओं की सुरक्षा सुधारने का वादा किया है। यही कारण है कि रिश्ता टूटा नहीं है। लेकिन सीपीईसी पर सुरक्षा की दिक्कतें बढ़ रही हैं।

    निवेश को लेकर सवाल
    खबर है कि दोनों देशों के बीच निवेश को लेकर भी फर्क दिख रहा है। खबर है कि चीन की एक बड़ी कंपनी ने पाकिस्तान की बिजली कंपनी खरीदने का प्लान वापस ले लिया। वजह है पैसे की समस्या और सुरक्षा का खतरा। सीपीईसी बड़े चीनी निवेश पर बना था। अब चीन सिर्फ दोस्ती के लिए पैसा नहीं लगाना चाहता। वह देख रहा है कि पैसा वापस आएगा या नहीं और काम सुरक्षित है या नहीं। पाकिस्तान को चीन के पैसे की जरूरत है, लेकिन वह कर्ज और सुरक्षा की समस्या से जूझ रहा है।

    बता दें कि मई 2026 में शहबाज शरीफ चीन गए। शी जिनपिंग से मुलाकात हुई। दोनों ने दोस्ती और सीपीईसी को और मजबूत करने की बात कही। चीन ने सीपीईसी 2.0 का साथ दोहराया। पाकिस्तान ने सुरक्षा सुधारने का वादा किया। अगस्त में भी दोनों पक्षों ने सीपीईसी पर बात की। यानी चीन दूर नहीं हो रहा। वह पाकिस्तान से और ज्यादा मांग कर रहा है। शायद यही कारण है कि कुछ मुद्दे पर तनाव दिख रहा है।

    पाकिस्तान और ब्रिक्स
    पाकिस्तान 2023 से ब्रिक्स में शामिल होना चाहता है। उसने चीन और रूस से मदद मांगी। लेकिन सभी देशों की सहमति चाहिए। भारत का विरोध बड़ी रुकावट है। ब्रिक्स में जाने से पाकिस्तान को ज्यादा पहचान और नई ताकतों से बात करने का मौका मिल सकता है। चीन अब तक भारत के विरोध को पार नहीं कर पाया है। लगता है चीन पाकिस्तान के साथ रिश्ता भी रखना चाहता है और भारत के साथ भी बेहतर संबंध रखना चाहता है।

    पहलगाम वाले बयान के पीछे क्या कारण?
    चीन के पाकिस्तान में बड़े हित हैं। सीपीईसी कश्मीर के उस हिस्से से जाता है जो पाकिस्तान के पास है। ग्वादर से अरब सागर तक रास्ता मिलता है। पाकिस्तान भारत के सामने संतुलन भी बनाता है। लेकिन चीन का भारत से बड़ा व्यापार भी है। वह सीमा पर शांति और भारत से अच्छे रिश्ते चाहता है। मोदी और शी रिश्ते सुधारने पर काम कर रहे हैं। ऐसे में चीन नहीं चाहता कि हर मामले में उसे सिर्फ पाकिस्तान का पक्षधर माना जाए। इसलिए ब्रिक्स में पहलगाम की बात इसी दिशा में जाती है। चीन पाकिस्तान का साथी रह सकता है, बिना हर बात पर उसका साथ दिए।

    क्या रिश्ते खराब हो रहे हैं?
    पाकिस्तान में लगातार चीनी लोगों पर हमले हो रहे हैं। सीपीईसी की सुरक्षा कमजोर है। निवेश का फायदा साफ नहीं है। परियोजनाओं में देरी है। चीन अब पैसे और सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। साथ ही भारत से रिश्ते सुधारना चाहता है। लेकिन अभी बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। चीन अब भी पाकिस्तान को जरूरी साथी मानता है। पाकिस्तान अब भी चीन की मदद पर बहुत निर्भर है। चीन सीपीईसी 2.0 का साथ दे रहा है।

    बता दें कि पहले पाकिस्तान चीन को रास्ता और साथ देता था। चीन पाकिस्तान को पैसा, समर्थन और सुरक्षा देता था। अब चीन बदले में ज्यादा चाहता है- अपने लोगों की सुरक्षा, अपने पैसे की सुरक्षा और काम में साफ तस्वीर। इसलिए ब्रिक्स में पहलगाम का जिक्र अहम है। लेकिन यह नहीं कहा जा सकता है कि चीन ने पाकिस्तान को छोड़ दिया। बात यह है कि पाकिस्तान अब यह नहीं मान सकता कि भारत से टकराव होने पर चीन हर बार अपने आप भारत के खिलाफ खड़ा हो जाएगा। नई दिल्ली के लिए यही बात सबसे बड़ी है।

  • राहुल गांधी के नॉन-वेज पोस्ट पर मचा बवाल, BRICS डिनर के वेज मेन्यू से जुड़ी बहस

    राहुल गांधी के नॉन-वेज पोस्ट पर मचा बवाल, BRICS डिनर के वेज मेन्यू से जुड़ी बहस

    नई दिल्ली
    कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के एक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर एक अलग बहस छेड़ दी है। अपने पोस्ट में राहुल गांधी ने वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन खाने का जिक्र किया, जिसके बाद लोगों उनकी पोस्ट पर काफी कमेंट कर रहे हैं । राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि भारत में 80% लोग नॉन-वेजिटेरियन हैं। भारत का नॉन-वेज खाना बहुत स्वादिष्ट होता है। राहुल के इस पोस्ट को BRICS समिट में परोसे गए वेज फूड से जोड़कर देखा जा रहा है।

    राहुल गांधी ने किया ये पोस्ट
    बता दें कि, राहुल गांधी ने रविवार 13 सितंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया। इस पोस्ट में उन्होंने छोले-भटूरे की फोटो शेयर की। साथ ही कैप्शन में उन्होंने इंडियन नॉन-वेज का जिक्र किया। X पर पोस्ट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, "80 प्रतिशत इंडियन नॉन-वेजिटेरियन हैं और इंडियन नॉन-वेज खाना बहुत ही ज्यादा स्वादिष्ट होता है। उन्होंने पोस्ट पर मजाकिया अंदाज में ये भी कहा कि उनकी बहन के बनाए छोले-भटूरे भी उतने ही स्वादिष्ट हैं। पोस्ट में शेयर की गई तस्वीर देखकर ऐसा लगता है कि ये छोले-भटूरे कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने हाथों से तैयार किए थे।

    पोस्ट पर छिड़ी बहस
    दरअसस, BRICS के आधिकारिक गाला डिनर के मेन्यू में कोई नॉन-वेज डिश शामिल नहीं थी। शाकाहारी मेन्यू को लेकर सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। वहीं राहुल गांधी के इस पोस्ट को BRICS समिट में परोसे गए वेज फूड से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पोस्ट करते हुए लिखा कि मुझे यकीन नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए खाने के मेन्यू पर भी राजनीति कर रही है। हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी भोजन का आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर था और जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों की परंपराओं की झलक थी।

    BRICS के मेन्यू में थे ये डिश
    दरअसल 12 सितंबर को आयोजित डिनर के मेन्यू में पनीर के साथ सूखी सब्जी, चुकंदर का रायता, गुजराती खांडवी और मिलेट्स का पुलाव रखा गया था। कश्मीर की मशरूम डिश और मिठाई में फ्रूट क्रीम विद जलेबी परोसी गई थी। मेन्यू के मुताबिक, स्टार्टर के तौर पर खांडवी मिल-फ्यूई थी। मेन स्टार्टर में पनीर लबाबदार से लेकर गुच्छी मार्मिक, केसर, किशमिशन और मामरा बदाम के साथ पकाए गए हिमाचली गुच्छी मशरूम और मिलेट पुलाव था।

    भारत ने की मेजबानी
    बता दें कि, भारत में आयोजित दो दिवसीय 18वां BRICS शिखर सम्मेलन रविवार को खत्म हुआ। इस सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के नेता एक मंच पर जुटे और कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। BRICS की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ हुई थी। साल 2024 में इसमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब को शामिल किया गया। इसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी BRICS का सदस्य बन गया। इसके अलावा, पिछले साल बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम को BRICS के साझेदार देशों का दर्जा दिया गया था।

  • 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 85 KM की रफ्तार से चलेगी आंधी

    23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, 85 KM की रफ्तार से चलेगी आंधी

     नई दिल्ली
    देश में मानसून की विदाई से पहले मौसम विभाग ने एक बार फिर से टेंशन बढ़ाने वाला अलर्ट जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज यानी 14 सितंबर को यूपी, बिहार सहित 23 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी कर दिया है। इस दौरान 85 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चलने की चेतावनी है। वहीं, इस तेज हवा के झोंके के चलते पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तूफानी हवा लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। इसके अलावा पूर्वी भारत में बिजली और वज्रपात का आक्रामक प्रहार देखने को मिल सकता है।

    वहीं, बंगाल की खाड़ी में चलने वाली तूफानी हवाओं की वजह से पूर्वी भारत के राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, 4 से अधिक राज्यों में ओले गिरने की भी चेतावनी है। वहीं, मध्य असम और आसपास के इलाकों के ऊपर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। वहीं, कब दबाव का क्षेत्र 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ और विदर्भ से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। तो चलिए हम आपलोगों को बताते हैं देश के अन्य राज्यों में आज यानी 14 सितंबर को मौसम का हाल कैसा रहेगा। हम जिलावार भी मौसम का हाल बताने जा रहे हैं…

    देश के 23 राज्यों में बारिश-आंधी की चेतावनी
    मौसम विभाग की भविष्यवाणी के मुताबिक आज यानी 14 सितंबर को देश के 23 राज्यों यूपी, दिल्ली, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, त्रिपुरा, असम, मेघालय और नागालैंड में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने का अलर्ट है।

    दिल्ली में आज मौसम कैसा रहेगा
        दिल्ली (14 सितंबर-बारिश-आंधी का अलर्ट): दिल्ली में कल यानी 14 सितंबर को मध्यम बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज आंधी चल सकती है। वहीं, दिल्ली में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा।

    यूपी में आज मौसम कैसा रहेगा
        यूपी (14 सितंबर- बारिश-आंधी की चेतावनी): मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, झांसी, कानपुर, इटावा, सोनभद्र, मिर्जापुर, सीतापुर, उन्नाव, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मानपुरी, गाजीपुर, बलिया, बांदा, प्रयागराज, देवरिया, गोंडा, बलरामपुर और गोरखपुर में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी है। वहीं, लखनऊ में आज यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा।

    बिहार में आज मौसम कैसा रहेगा
        बिहार (14 सितंबर-भारी बारिश-तूफान का अलर्ट): गया, पूर्वी चंपारण, रोहतास, गया, नवादा, लखीसराय, मुंगेर, नालंदा, बक्सर, सिवान, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया किशनगंज, कटिहार, अररिया, बेगूसराय, लखीसराय और खगड़िया में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, पटना में कल यानी 8 अगस्त को अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस जाएगा।

    झारखंड में आज मौसम कैसा रहेगा
        झारखंड (14-15 सितंबर- भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): रामगढ़, बोकारो, रांची, हजारीबाग, रामगढ़, जमशेदपुर, पलामू, खूंटी और दुमका में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इस बारिश के चलते 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रांची में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा तो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    उत्तराखंड में आज मौसम कैसा रहेगा
        उत्तराखंड (14 सितंबर- बारिश और आंधी की चेतावनी): बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, ऋषिकेश, हरिद्वार, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से आंधी चल सकती है। वहीं, देहरादून में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस जाएगा तो न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा।

    हिमाचल में आज मौसम कैसा रहेगा
        हिमाचल प्रदेश (14 सितंबर- बारिश-आंधी का येलो अलर्ट): कांगड़ा, सिरमौर, शिमला, मंडी, चंबा, कुल्लू और सोलन में मध्यम से तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। वहीं, मनाली में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है।

    जम्मू-कश्मीर में आज मौसम कैसा रहेगा
        जम्मू-कश्मीर (14 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): मीरपुर, कुलगाम, कठुआ, जम्मू, शोपियां, डोडा, राजौरी, पुंछ किश्तवाड़ और अनंतनाग में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। वहीं, श्रीनगर में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा

    पश्चिम बंगाल में आज मौसम कैसा रहेगा
        पश्चिम बंगाल(14-15 सितंबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरबा मेदिनीपुर, दार्जिलिंग, हावड़ा, बांकुड़ा, झाड़ग्राम, दक्षिण 24 परगना, कोलकाता, नादिया, अलीपुरद्वार, बीरभूम और कलीम्पोंग में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, इस दौरान 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलेंगे। वहीं, कोलकाता में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहेगा तो न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचेगा।

    पंजाब में आज मौसम कैसा रहेगा
        पंजाब (14 सितंबर-भारी बारिश और आंधी की संभावना): पठानकोट, बरनाला, लुधियाना, चंडीगढ़, जालंधर, गुरदासपुर और पटियाला में भारी बारिश-आंधी की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 50 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलेगी।

    राजस्थान में आज मौसम कैसा रहेगा
        राजस्थान (14 सितंबर-बारिश-आंधी की चेतावनी): अजमेर, भरतपुर, उदयपुर, जयपुर, भिलवाड़ा, सवाई माधोपुर, बारां, कोटा, पाली और बीकानेर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।। इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलेगी। वहीं, जयपुर में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचेगा।

    मध्य प्रदेश में आज मौसम कैसा रहेगा
        मध्य प्रदेश (14 सितंबर- बारिश-आंधी का येलो अलर्ट): नरसिंहपुर, देवास, होशंगाबाद, भोपाल, इंदौर, खांडवा, गुना, मुरैना, शेयोपुर, उज्जैन, विदिशा, अशोक नगर, नीमच, उमरिया, छिंदवाड़ा, अशोक नगर और कटनी में मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से तेज हवा के झोंके चल सकते हैं। वहीं, भोपाल में कल यानी 14 सितंबर को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस पहुंचेगा।

    छत्तीसगढ़ में आज मौसम कैसा रहेगा
        छत्तीसगढ़(14 सितंबर-भारी बारिश-आंधी की चेतावनी): बिलासपुर, सूरजपुर, रायपुर, सरगुंजा, जांजगीर, धमतरी दुर्ग, बेमेतरा, महासमुंद और बस्तर में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा के झोंके चलने की चेतावनी है।

    ओडिशा में आज मौसम कैसा रहेगा
        ओडिशा(14 सितंबर-भारी बारिश-आंधी का अलर्ट): पुरी, भद्रक, मयूरभंज, भुवनेश्वर, बालासोर और क्योंझर में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी है।

     

  • ब्रिटेन टूटने की कगार पर? स्कॉटलैंड-वेल्स-उत्तरी आयरलैंड ने आजादी की राह खोली

    ब्रिटेन टूटने की कगार पर? स्कॉटलैंड-वेल्स-उत्तरी आयरलैंड ने आजादी की राह खोली

    लंदन
     कार्डिफ में रविवार रात हुए एक सीक्रेट राजनीतिक घटनाक्रम ने पूरे यूनाइटेड किंगडम के भविष्य पर बहुत बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। 'द टेलीग्राफ' की एक सनसनीखेज रिपोर्ट के मुताबिक यूके का इतिहास बदलने वाले एक समझौते पर दस्तखत करने के लिए स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के शीर्ष नेता एक मंच पर जुट रहे हैं।

    सोमवार को होने वाली इस अभूतपूर्व बैठक में तीनों राष्ट्रों के फर्स्ट मिनिस्टर्स जॉन स्विनी, रून एप आयोवर्थ और मिशेल ओ'नील एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसका सीधा मकसद यूनाइटेड किंगडम को तीन हिस्सों में विभाजित करने और आजादी के लिए नया जनमत संग्रह कराने की राह आसान करना है। 'द टेलीग्राफ' ने बताया है कि स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड के नेता सोमवार को एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए इकट्ठा होंगे जिसका मकसद यूनाइटेड किंगडम को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू करना है।

    राजनीतिक पंडितों का मानना है कि ब्रिटेन के इतिहास में यह पहला मौका है जब स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड तीनों ही स्थानों पर एक साथ आजादी का समर्थन करने वाली सरकारें सत्ता में हैं। इस त्रिस्तरीय गठबंधन ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम पर सीधा दबाव बना दिया है। एंडी बर्नहैम कुछ ही दिन पहले ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने हैं और अब वो बड़ी मुसीबत में फंस चुके हैं।

    UK को 3 हिस्सों में बांटने के लिए ऐतिहासिक समझौता
    यह बैठक तब हो रही है जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने सांसदों से कहा कि अगर आजादी के पक्ष में 'स्पष्ट सहमति' बनती है तो वह एक और स्कॉटिश जनमत संग्रह की मंजूरी देंगे। यह शिखर सम्मेलन डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के दो दिन बाद होगा जिसमें उन्होंने कहा था कि वह एक संयुक्त आयरलैंड देखना 'पसंद' करेंगे। शनिवार को डबलिन की यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि उत्तरी आयरलैंड का रिपब्लिक (आयरलैंड गणराज्य) में शामिल होना 'बहुत अच्छी बात' होगी और पूछा 'यह बुरा कैसे हो सकता है?'

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने तब हस्तक्षेप किया जब राष्ट्रवादी नेताओं ने प्रधानमंत्री पर दबाव बढ़ा दिया है जिन्होंने इंग्लैंड में सत्ता के विकेंद्रीकरण को अपने एजेंडे के केंद्र में रखा है। SNP नेता और स्कॉटलैंड के फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी ने दावा किया कि मिस्टर बर्नहम 'इस विचार का सामना कर रहे हैं कि वह यूनाइटेड किंगडम के आखिरी प्रधानमंत्री के तौर पर इतिहास में दर्ज होंगे।'

    चार बड़े मुद्दों पर बन रही सहमति
    कार्डिफ के सेंट डेविड्स होटल में होने जा रही इस बैठक में चारों प्रमुख दलों के नेता 1-अर्थव्यवस्था, 2- ऊर्जा, यूरोपीय संघ (EU) और 3- अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के साथ-साथ 4- आत्मनिर्णय के अधिकार पर विस्तृत रोडमैप पेश करेंगे। इसके तहत-

    स्कॉटलैंड और वेल्स- आजादी के बाद यूरोपीय संघ (EU) के स्वतंत्र सदस्य बनने की योजना पर आगे बढ़ेंगे।

    उत्तरी आयरलैंड– रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड में विलय के जरिए यूरोपीय संघ का हिस्सा बनने की राह तलाशेगा।

    स्कॉटिश फर्स्ट मिनिस्टर जॉन स्विनी ने कहा 'यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि मौजूदा स्थिति अब टिकाऊ नहीं है और वेस्टमिंस्टर को एक 'पोस्ट-यूके फ्यूचर' के लिए तैयार रहना होगा।' इस नए गठबंधन ने वेस्टमिंस्टर की नींद उड़ा दी है और अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री बर्नहैम यूके को बिखरने से बचाने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

    टेलीग्राफ ने बताया है कि गुड फ्राइडे एग्रीमेंट की शर्तों के तहत आयरिश पुनर्मिलन के लिए वोटिंग कराने का एक संभावित रास्ता है। इसमें कहा गया है कि अगर ऐसा लगता है कि नॉर्दर्न आयरलैंड के ज्यादातर लोग UK से अलग होने के लिए वोट करेंगे तो जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए।

  • मोदी-शी ने रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता की पेशकश की, पुतिन ने जताई खुशी

    मोदी-शी ने रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता की पेशकश की, पुतिन ने जताई खुशी

     नई दिल्ली
    नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दोनों नेताओं के इस प्रस्ताव का स्वागत किया।

    पेस्कोव ने कहा, "अपनी द्विपक्षीय बैठकों के दौरान, मोदी और शी चिनफिंग ने यूक्रेन के समाधान में गहरी दिलचस्पी दिखाई और समाधान खोजने में मदद करने के लिए सक्रिय रूप से अपने मध्यस्थता के प्रस्ताव दिए।"

    आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 पर चर्चा
    इसके अलावा, पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक भी की। बैठक के दौरान आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 के कार्यान्वयन सहित घनिष्ठ व्यापारिक संबंधों के साथ-साथ बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा और संस्कृति में सहयोग पर चर्चा हुई।

    इससे पहले दोनों नेताओं की मुलाकात 31 अगस्त को बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी।

    दो सप्ताह के भीतर दूसरी बार मुलाकात
    पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, "बिश्केक में हुई हमारी मुलाकात के दो सप्ताह से भी कम समय बाद दिल्ली में राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर बेहद खुशी हुई। आज की मुलाकात में हमने व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के बारे में बात की, जिसमें आर्थिक सहयोग कार्यक्रम 2030 का कार्यान्वयन भी शामिल है। बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, रक्षा, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा हुई।"

    विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया और काला सागर क्षेत्र में चल रहे संघर्षों सहित आपसी हित के प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिन्होंने समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को प्रभावित किया है।

    इस दौरान पीएम मोदी ने दोहराया कि संघर्षों के समाधान में संवाद और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है और कहा कि भारत शांति प्रयासों में सहायता करने के लिए तत्पर है।

  • Whales: Giants of the Ocean

    Whales: Giants of the Ocean

    Whales are among the largest and most remarkable animals on Earth. These marine mammals live in oceans around the world, from warm tropical waters to the cold seas surrounding the poles.

    Life Beneath the Surface

    Although whales spend their lives in water, they breathe air through blowholes located on top of their heads. They must regularly return to the surface to breathe before diving again in search of food or traveling through the ocean.

    Whales are warm-blooded, give birth to live young, and nurse their calves with milk. A thick layer of fat called blubber helps protect them from cold water and stores energy during long migrations.

    Two Main Groups

    Whales are generally divided into baleen whales and toothed whales. Baleen whales filter small animals from the water using flexible plates inside their mouths. This group includes blue whales, humpback whales, and gray whales.

    Toothed whales use teeth to catch fish, squid, and other prey. Many of them also use echolocation, producing sounds and listening for returning echoes to understand their surroundings. Sperm whales, belugas, and orcas belong to this group.

    The Blue Whale

    The blue whale is the largest known animal to have ever lived. An adult can grow longer than a city bus and weigh well over one hundred tonnes. Despite its enormous size, it feeds mainly on tiny crustaceans called krill.

    Communication and Migration

    Whales communicate using clicks, whistles, pulses, and complex songs. Some sounds can travel across great distances underwater. Humpback whales are especially famous for their long, patterned songs.

    Many species migrate thousands of kilometres each year. They often feed in cold, nutrient-rich waters before traveling to warmer regions where they mate and give birth.

    Protecting Whales

    Commercial hunting once caused severe declines in many whale populations. Today, whales also face threats from fishing gear, ship collisions, underwater noise, pollution, and changes to ocean ecosystems.

    Conservation programs, safer fishing practices, protected habitats, and international cooperation can help whale populations recover. Protecting whales also supports healthier oceans because these animals play an important role in marine food webs and nutrient cycles.