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  • यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 IAS और 34 PCS अफसरों के तबादले

    यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 14 IAS और 34 PCS अफसरों के तबादले

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश शासन ने रविवार को देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इसमें तीन जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) समेत कई मंडलों के अपर आयुक्तों को नई तैनाती दी गई है। सहारनपुर के मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन को मुख्य कार्यपालक अधिकारी, उत्तर प्रदेश स्टार्ट-अप मिशन बनाया गया है। उनकी जगह राज्य कर विभाग में तैनात अपर आयुक्त डॉ. सुनील कुमार वर्मा को सीडीओ सहारनपुर की जिम्मेदारी दी गई है।

    लखीमपुर खीरी के सीडीओ अभिषेक कुमार को विशेष सचिव, आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग बनाया गया है, जबकि अयोध्या में अपर जिलाधिकारी (नगर) के पद पर तैनात योगानन्द पाण्डेय को लखीमपुर खीरी का नया सीडीओ बनाया गया है। इसी तरह अम्बेडकर नगर के सीडीओ आनन्द कुमार शुक्ला को विशेष सचिव रेशम विभाग एवं निदेशक रेशम बनाया गया है और कुशीनगर के अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) वैभव मिश्रा को अम्बेडकर नगर का सीडीओ बनाया गया है।

    राजस्व परिषद प्रयागराज में बड़ा फेरबदल
    राजस्व परिषद प्रयागराज में भी बड़ा फेरबदल हुआ है। सदस्य (न्यायिक) साहब सिंह को सचिवालय प्रशासन विभाग में सचिव बनाया गया है। उनकी जगह पर डॉ. विश्राम, अपर आयुक्त विन्ध्याचल मंडल और देवेन्द्र कुमार सिंह कुशवाहा, विशेष सचिव रेशम विभाग को सदस्य (न्यायिक), राजस्व परिषद प्रयागराज बनाया गया है। आईटी विभाग के विशेष सचिव राहुल सिंह को विशेष सचिव, लोक निर्माण विभाग, संयुक्त निदेशक युवा कल्याण अशोक कुमार कनौजिया को विशेष सचिव, माध्यमिक शिक्षा विभाग और अपर आयुक्त अलीगढ़ मंडल अरुण कुमार को विशेष सचिव, ग्राम्य विकास विभाग बनाया गया है।

    अपर नगर आयुक्त सहारनपुर प्रदीप कुमार यादव को अपर आयुक्त अलीगढ़ मंडल की जिम्मेदारी दी गई है। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं सचिव चिकित्सा शिक्षा नेहा शर्मा* को सचिव चिकित्सा शिक्षा के पद से अवमुक्त किया गया है। दूसरी ओर यूपी में 34 पीसीएस अफसरों के तबादले, कई एसडीएम, नगर आयुक्त और एसडीएम बदल दिए गए हैं। अपर नगर आयुक्त गाजियाबाद जंग बहादुर यादव को संयुक्त आयुक्त (प्रशासन), आयुक्त ग्राम्य विकास के कार्यालय में भेजा गया है। वहीं प्रधान प्रबंधक, सहकारी चीनी मिल संघ सुश्री बरखा सिंह को अपर नगर आयुक्त, वाराणसी नगर निगम बनाया गया है।

    काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ हटे
    श्री काशी विश्वनाथ मंदिर एवं विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा को उपसचिव, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग बनाया गया है।
    गौतमबुद्धनगर और प्रयागराज की अदला-बदली

    अपर जिलाधिकारी (नजूल) प्रयागराज और उपसंचालक चकबंदी प्रयागराज संजय कुमार पाण्डेय को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), गौतमबुद्धनगर और वहां तैनात एडीएम (प्रशासन) मंगलेश दुबे को उपसंचालक चकबंदी, प्रयागराज भेजा गया है।

    इसके अलावा एडीएम (वि/रा) बहराइच अमित कुमार-2 और एडीएम (वि/रा) बागपत विनीत उपाध्याय को प्रधान प्रबंधक, उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ। एडीएम वि/रा) देवरिया राम शंकर को उपायुक्त (प्रशासन), आयुक्त खाद्य एवं रसद। एडीएम वि/रा) कासगंज दिग्विजय प्रताप सिंह को उपनिदेशक, राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद। एडीएम (प्रशासन) एटा संगम लाल को एडीएम (नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति), मिर्जापुर के पद पर भेजा गया है।

    एडीएम न्यायिक) जालौन योगेंद्र सिंह को उपनिदेशक (प्रशासन), रेशम निदेशालय। नगर मजिस्ट्रेट मुजफ्फरनगर पंकज प्रकाश राठौड़ को (एडीएम वि/रा), देवरिया और उपजिलाधिकारी बुलंदशहर दीपक कुमार पाल को नगर मजिस्ट्रेट, मुजफ्फरनगर।उपजिलाधिकारी हापुड़ श्रीमती रेणु को अपर नगर आयुक्त, गाजियाबाद। उपजिलाधिकारी औरैया अजय आनंद वर्मा को उपजिलाधिकारी, आजमगढ़ और आजमगढ़ की एसडीएम श्रीमती दिव्या सिकरवार को एसडीएम औरैया भेजा गया है।

    एसडीएम सिद्धार्थनगर श्रीमती रेणु मिश्रा को एसडीएम फर्रुखाबाद, एसडीएम गोंडा प्रदीप कुमार सिंह को एसडीएम गौतमबुद्धनगर, एसडीएम कानपुर देहात प्रद्युम्न कुमार को एसडीएम बस्ती। उपसचिव अधीनस्थ सेवा चयन आयोग श्रीमती वंदना त्रिवेदी को उपनिदेशक, डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन अकादमी में तैनाती दी गई है।

    एडीएम (प्रशासन) बदायूं अरुण कुमार को एडीएम (वि/रा) बहराइच और एसडीएम सहारनपुर मानवेंद्र सिंह (2019) को एडीएम (प्रशासन) बदायूं। उपनिदेशक मंडी परिषद राजीव कुमार राय को एडीएम (वि/रा) बागपत, एडीएम (नागरिक आपूर्ति) आगरा अजय नारायण सिंह को एडीएम (प्रशासन) एटा, एसडीएम आजमगढ़ प्रशांत कुमार को एडीएम (नागरिक आपूर्ति) आगरा और एसडीएम आजमगढ़ श्रीमती प्रियंका सिंह को अपर नगर आयुक्त, मथुरा भेजा गया है।

    सचिव कानपुर विकास प्राधिकरण अभय कुमार पाण्डेय को एडीएम (वि/रा) कासगंज, एसडीएम कौशांबी सुखलाल प्रसाद वर्मा कोएडीएम (नजूल) प्रयागराज, एसडीएम बस्ती शत्रुहन पाठक को एडीएम (न्यायिक) जालौन। मुख्य राजस्व अधिकारी मिर्जापुर देवेंद्र प्रताप सिंह-2 को सचिव, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और एडीएम (नमामि गंगे) मिर्जापुर श्रीमती विजेता को मुख्य राजस्व अधिकारी, मिर्जापुर में तैनात किया गया है।

    एसडीएम संभल सुश्री शुभी गुप्ता को सहायक निदेशक, लोहिया अकादमी, एसडीएम मैनपुरी अशोक कुमार को एसडीएम हापुड़ और एसडीएम झांसी शुभेन्दु शेखर सिंह को विशेष कार्याधिकारी, यूपीडा बनाया गया है।

  • हरियाणा में मानसून की विदाई से पहले बदलेगा मौसम, 15 से 19 सितंबर तक बारिश का अलर्ट

    हरियाणा में मानसून की विदाई से पहले बदलेगा मौसम, 15 से 19 सितंबर तक बारिश का अलर्ट

     हिसार
     हरियाणा में मानसून का अंतिम दौर चल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार सितंबर में अब तक प्रदेश में सामान्य से 51 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। रविवार को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार में उकलाना व बरवाला क्षेत्र, अंबाला और यमुनानगर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा की गतिविधियां देखने को मिली। हिसार व रोहतक जिलों का अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

    वहीं कई जिलों में तापमान 28 से 36 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा। एक जून से 13 सितंबर तक हरियाणा में 303.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 403.2 मिलीमीटर होती है। 19 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है, जबकि भिवानी, गुरुग्राम और कुरुक्षेत्र में वर्षा सामान्य के आसपास रही है।

    कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा
    सितंबर में रविवार से पहले सिरसा में सामान्य 20 मिलीमीटर के मुकाबले शून्य वर्षा दर्ज हुई है। वहीं हिसार में 96 प्रतिशत, करनाल में 93 प्रतिशत और भिवानी में 93 प्रतिशत वर्षा की कमी रही। जींद में 80 और कुरुक्षेत्र में 82 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। दूसरी ओर पंचकूला में सामान्य से 57, पलवल में 48 और गुरुग्राम में 16 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    मानसून पर अल नीनो का असर : डा. चंद्रमोहन
    मौसम विशेषज्ञ डा. चंद्रमोहन ने बताया कि इस साल अल-नीनो का असर मानसून पर साफ तौर पर देखने को मिला। अब मानसून की विदाई से पहले अगले सप्ताह वर्षा की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 15 सितंबर को उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है।

    इसके प्रभाव से मानसून टर्फ हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली की ओर आने व पश्चिमी विक्षोभ व मानसून गतिविधियों के बीच संपर्क बनने की संभावना है

    15 से 19 सितंबर के बीच प्रदेश के करीब 60 से 70 प्रतिशत हिस्से में वर्षा की गतिविधियां हो सकती हैं। पश्चिमी हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ तथा उत्तरी जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद में हल्की से मध्यम वर्षा व कुछ स्थानों पर तेज वर्षा की संभावना है। वर्षा की गतिविधियों को देखते हुए हरियाणा-एनसीआर-दिल्ली में एक बार फिर येलो अलर्ट की स्थिति बनी है।

    मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना
    वर्षा व बूंदाबांदी से दिन व रात के तापमान में गिरावट आएगी। प्रदेश के मौसमी वर्षा के आंकड़े में भी कुछ सुधार हो सकता है। इसके बाद मानसून की विदाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

    राजस्थान में प्रति चक्रवातीय परिसंचरण बनने के बाद पश्चिमी हवाएं सक्रिय होने पर मानसून की विदाई लगभग तय मानी जा रही है। मौसम विशेषज्ञ ने किसानों को सलाह दी है कि लावणी की फसलों की कटाई और अन्य कृषि कार्य मौसम की गतिविधियों को ध्यान में रखकर करें।

    वर्षा की संभावना को देखते हुए कटी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और तिरपाल आदि की व्यवस्था पहले से कर लें।

    तापमान का ब्योरा (डिग्री सेल्सियस में)
    जिला – अधिकतम – न्यूनतम
    हिसार – 35.4 – 26.3
    रोहतक -35.4 – 26.6
    अंबाला – 34.5 – 27.5
    सिरसा – 34.4 – 26.9
    महेंद्रगढ़ – 35.3 – 25.4
    करनाल – 29.3 – 27.4

     

  • महज 2 करोड़ में बनी ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, वर्ल्डवाइड कमाई 268 करोड़ पार

    महज 2 करोड़ में बनी ‘हनुमान अंश’ ने मचाया तहलका, वर्ल्डवाइड कमाई 268 करोड़ पार

    यह तो किसी चमत्कार से कम नहीं है… महज 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया है. नीम करोली बाबा के जीवन और महिमा पर आधारित इस फिल्म की कमाई देख दुनिया हैरान है. छोटे बजट की इस फिल्म ने वीकेंड पर तूफानी कलेक्शन करते हुए बॉक्स ऑफिस पर 250 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार कर लिया है. दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है.

    हनुमान अंश का जलवा बरकरार
    'हनुमान अंश' की रविवार की कमाई के शुरुआती आंकड़े सामने आ गए हैं. Sacnilk के मुताबिक, फिल्म ने 38वें दिन कुल 22.50 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया है. इसके साथ ही फिल्म का भारत में अब तक का कुल ग्रॉस कलेक्शन 253.55 करोड़ हो गया है, जबकि कुल नेट कलेक्शन 214.63 करोड़ तक जा पहुंचा है.

    विदेशों में भी फिल्म ताबड़तोड़ कमाई कर रही है. विदेशों में फिल्म ने 38वें दिन 5.00 करोड़ रुपये की कमाई की, जिससे इसका कुल ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन अब तक 14.50 करोड़ तक पहुंच गया है. इसके साथ ही फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 268.05 करोड़ हो गया है.

    दुनिया हुई 'हनुमान अंश' की मुरीद
    2 करोड़ की फिल्म ने 250 करोड़ का आंकड़ा पार करके ये साबित कर दिया है कि अगर फिल्म और कहानी में दम हो तो छोटे बजट की फिल्में भी कामयाबी के झंडे गाड़ सकती है. बड़ी स्टारकास्ट न होने के बावजूद भी फिल्म को दुनियाभर में इतना प्यार मिल रहा है. नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म की सादगी, कहानी और भजन फैंस का दिल जीत रहे हैं.

    यही वजह है कि हर गुजरते दिन के साथ फिल्म की कमाई में उछाल ही देखने को मिल रहा है. फिल्म की कमाई किसी चमत्कार से कम नहीं है.

     

  • रायपुर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुई भारत की भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुई भारत की भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    रायपुर : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वैश्विक मंच पर सशक्त हुई भारत की भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

    BRICS की अध्यक्षता भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण : मुख्यमंत्री

    ग्लोबल साउथ की आवाज को और मजबूती देगा भारत का नेतृत्व

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सशक्त और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज विश्व पटल पर एक विश्वसनीय और प्रभावशाली शक्ति के रूप में उभरा है। वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता और 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रत्येक भारतवासी के लिए गौरव का अवसर है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज न केवल अपने राष्ट्रीय हितों को मजबूती से आगे बढ़ा रहा है, बल्कि विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को भी वैश्विक मंचों पर सशक्त स्वर दे रहा है।

    उन्होंने कहा कि “Building Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability” की थीम के साथ भारत की BRICS अध्यक्षता वैश्विक सहयोग, नवाचार और सतत विकास को नई दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर है। भारत का दृष्टिकोण सदैव दुनिया को साथ लेकर चलने और साझा प्रगति के नए मार्ग तैयार करने का रहा है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक मंचों पर सदैव स्पष्ट और दृढ़ रुख रखा है। साथ ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय समावेशन और तकनीक के माध्यम से जनसामान्य के जीवन में बदलाव का भारत का मॉडल आज दुनिया के लिए प्रेरणा बन रहा है। BRICS जैसे मंच इन अनुभवों और विकास की संभावनाओं को साझा करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

    साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका देश और राज्यों के लिए निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और रोजगार के नए अवसर भी लेकर आ रही है। विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ भी विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत की BRICS अध्यक्षता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भारत का नेतृत्व वैश्विक सहयोग को मजबूत करने, ग्लोबल साउथ की आवाज को सशक्त बनाने और साझा समृद्धि के नए मार्ग प्रशस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

  • रायपुर : जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर : जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    शिक्षक बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं और उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखते हैं: मुख्यमंत्री साय

    गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर हर बच्चे तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री, 81 सेवानिवृत्त शिक्षक और 42 मेधावी विद्यार्थी हुए सम्मानित

    मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा शहर में गौरव पथ निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए और ग्राम तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन निर्माण की घोषणा की

    रायपुर

    शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है। जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए शिक्षा आवश्यक है और इस पूरी प्रक्रिया में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके व्यक्तित्व को गढ़ते हैं, उन्हें संस्कार और सही दिशा देते हैं तथा उनके माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बेमेतरा के बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान एवं प्रतिभावान विद्यार्थी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

    जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

        मुख्यमंत्री साय ने समारोह में जिले के 81 सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर बोर्ड एवं महाविद्यालयीन परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिले के 42 मेधावी छात्र-छात्राओं को भी विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की ओर से गोल्ड मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सबसे सशक्त माध्यम है शिक्षा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

        मुख्यमंत्री ने सम्मानित शिक्षकों और विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारे देश में गुरु के सम्मान की गौरवशाली परंपरा रही है। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों से पीढि़यों का निर्माण करते हैं। एक शिक्षक द्वारा दी गई शिक्षा का प्रभाव केवल एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके परिवार, समाज और आने वाली पीढि़यों तक पहुंचता है। इसीलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माता कहा गया है।

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा ज्ञान का वह प्रकाश है, जो अज्ञानता के अंधकार को दूर करता है। शिक्षा व्यक्ति को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के साथ उसमें आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। शिक्षित और संस्कारित नागरिक ही सशक्त समाज तथा विकसित राष्ट्र का निर्माण करते हैं।

        उन्होंने कहा कि भारत प्राचीन काल से ज्ञान और शिक्षा की भूमि रहा है। तक्षशिला और नालंदा जैसे विश्व प्रसिद्ध शिक्षा केंद्रों में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने आते थे। हमारी यह समृद्ध ज्ञान परंपरा आज भी हमें प्रेरणा देती है। बदलते समय और नई तकनीकों के दौर में शिक्षा के स्वरूप में भी तेजी से बदलाव आ रहा है। ऐसे में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उन्हें भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना जरूरी है।

    हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समान अवसर देना हमारा संकल्प

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अधोसंरचना और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। हमारा प्रयास है कि छत्तीसगढ़ का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में पीछे न रहे। गांव हो या शहर, गरीब हो या संपन्न परिवार – हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने, अच्छी शिक्षा प्राप्त करने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें।

        उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए आईआईटी, आईआईएम, एम्स और ट्रिपल आईटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाएं स्थापित हैं। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित हुए हैं।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को बेहतर वातावरण और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए नालंदा परिसर जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर लाइब्रेरी, स्टडी मटेरियल और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई दिल्ली में भी छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

        उन्होंने कहा कि आर्थिक परिस्थितियां किसी प्रतिभावान विद्यार्थी की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में बाधा न बनें, इसके लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति, शिक्षा ऋण और विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को सहयोग प्रदान कर रही है। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षित युवा तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे आत्मविश्वासी, कुशल और सक्षम युवा तैयार करना है जो विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

    बेमेतरा को गौरव पथ और विद्युत सब-स्टेशन की सौगात

        मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बेमेतरा जिले के विकास के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बेमेतरा शहर में गौरव पथ के निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने तथा ग्राम पंचायत तिवरिया में नवीन विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण की घोषणा की।

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में शिक्षा के साथ-साथ सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शहरों और गांवों में बेहतर अधोसंरचना का निर्माण विकास की गति को तेज करने के साथ नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाएगा।

    “मोर गांव मोर पानी” अभियान के उल्लेखनीय कार्यों का हुआ सम्मान

        समारोह में “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर में सुधार के लिए किए गए उल्लेखनीय कार्यों को भी सम्मानित किया गया। बेमेतरा जिले को क्रिटिकल जोन से सेमी-क्रिटिकल जोन की दिशा में लाने के लिए किए गए प्रयासों के लिए जनपद पंचायत बेमेतरा, बेरला एवं नवागढ़ को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

        मुख्यमंत्री साय ने जल संरक्षण को भविष्य की पीढि़यों से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि जल की प्रत्येक बूंद का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन के प्रयासों के साथ जनभागीदारी जुड़ने पर बड़े बदलाव संभव होते हैं। उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले में किए गए प्रयासों की सराहना की।

        समारोह में प्रबुद्ध नागरिकों एवं समाजसेवी संस्थाओं द्वारा प्रकाशित “शिक्षक स्मृति” पत्रिका का भी विमोचन किया गया।

    जनकल्याण और सुशासन के माध्यम से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव

        मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के साथ गरीब, किसान, महिला और युवा सहित समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास का सपना पूरा किया जा रहा है। महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल मिला है। वहीं तकनीक के उपयोग से शासन की सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और नागरिक-केंद्रित बनाया जा रहा है।

        उन्होंने कहा कि अटल मॉनिटरिंग पोर्टल, सेवा सेतु और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जैसी पहलों के माध्यम से शासन और नागरिकों के बीच की दूरी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक सरलता और समयबद्धता के साथ पहुंचे।

        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका होगी और विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कुशल युवा शक्ति तथा सशक्त गांवों और शहरों से तैयार होगी।

        मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से 17 सितंबर की शाम अपने घरों में एक दीप प्रज्ज्वलित कर सेवा, विकास और जनकल्याण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया।

    शिक्षक समाज और राष्ट्र के निर्माता: उप मुख्यमंत्री अरुण साव

        उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वाेपरि रहा है। शिक्षक अज्ञानता के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा प्रदान करते हैं। शिक्षक केवल विद्यार्थी का ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करते हैं।

        उन्होंने सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षकों का ज्ञान, अनुभव और मार्गदर्शन आने वाली पीढि़यों के लिए अमूल्य धरोहर है।

    शिक्षा के साथ संस्कार भी आवश्यक: मंत्री दयाल दास बघेल

        खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री दयाल दास बघेल ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की शक्ति पैदा करती है। शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ उन्हें संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक दीपक की तरह ज्ञान का प्रकाश फैलाकर बच्चों का भविष्य संवारते हैं।

    मंत्री बघेल ने सम्मानित सभी शिक्षकों एवं मेधावी विद्यार्थियों को बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

        इस अवसर पर विधायक दीपेश साहू, विधायक ईश्वर साहू, रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष स्वामी राजीव लोचन दास, तेलघानी बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, कलेक्टर सुप्रतिष्ठा ममगाईं, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कल्पना योगेश तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

  • राजस्थान निकाय चुनाव में BJP की बड़ी जीत, 1502 सीटों पर कब्जा; कांग्रेस से कांटे की टक्कर

    राजस्थान निकाय चुनाव में BJP की बड़ी जीत, 1502 सीटों पर कब्जा; कांग्रेस से कांटे की टक्कर

    जयपुर 

    राजस्थान में नगर निकाय चुनावों के नतीजे सामने आने लगे हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने 309 नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका) के लिए दो चरणों में निकाय चुनाव कराए थे. अब इनके नतीजों का ऐलान होने लगा है जिसमें बीजेपी बढ़त बनाती दिख रही है। 

    9 सितंबर 2026 को पहले चरण के चुनाव कराए गए थे. इस दौरान 162 निकायों के लिए मतदान हुआ था. इसके बाद 11 सितंबर 2026 को दूसरे चरण में 147 निकायों के लिए मतदान कराए गए. इस चरण में जयपुर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और बीकानेर जैसे राज्य के प्रमुख नगर निगम शामिल थे। 

    दोनों चरणों को मिलाकर कुल 10,167 वार्डों के लिए वोट डाले गए. अब सोमवार को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई है. चुनावी नतीजे घोषित होने के बाद 21 सितंबर 2026 को महापौर (मेयर), नगर परिषद सभापति और नगरपालिका चेयरमैन पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। 

    नगर परिषद और नगर पालिका में बीजेपी ही आगे
    राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के ताजा रुझानों में नगर परिषद और नगर पालिका दोनों ही स्तरों पर बीजेपी बढ़त बनाए हुए है. नगर परिषद की 47 सीटों में से बीजेपी 15 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 14 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. इसके अलावा 6 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी आगे हैं. नगर पालिका की 252 सीटों के रुझानों में बीजेपी 79 सीटों पर बढ़त के साथ सबसे आगे है. वहीं कांग्रेस 51 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि 9 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने बढ़त बनाई हुई है। 

     'आने वाला बोर्ड कांग्रेस पार्टी का ही बनेगा'
    अजमेर में कांग्रेस उम्मीदवार नोरत गुर्जर ने अपनी जीत के बाद जनता का आभार जताया. उन्होंने कहा, 'उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं. जनता ने इस बार बदलाव चुना है. आने वाला बोर्ड कांग्रेस पार्टी का ही बनेगा. लोग सालों से परेशान थे, लेकिन अब बदलाव पक्का है. मैं अपने इलाके के लोगों का भी शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने लगातार चौथी बार मुझ पर अपना अपार आशीर्वाद दिया। 

     1502 सीटों पर BJP का जलवा
    राजस्थान नगर निकाय के 3657 सीटों के नतीजे घोषित हो गए हैं. इनमें से 1502 सीटों पर BJP, 1397 सीटों पर कांग्रेस और 725 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। 

     10 नगर निगमों के नतीजे जारी
    राजस्थान निकाय चुनाव 2026 के ताजा नतीजों के रुझानों में राज्य के 10 नगर निगमों में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है. अब तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक 5 नगर निगमों में बीजेपी आगे चल रही है, जबकि 4 नगर निगमों में कांग्रेस ने बढ़त बनाई हुई है। 

    10 नगर निगमों का हाल
    जयपुर: बीजेपी 65 और कांग्रेस 43 सीटों पर आगे चल रही है.
    अजमेर: कांग्रेस को 23 और बीजेपी को 20 सीटें मिली हैं.
    जोधपुर: कांग्रेस 22 और बीजेपी 16 सीटों पर आगे है.
    पाली:
    कांग्रेस 22 और बीजेपी 18 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है.
    बीकानेर: कांग्रेस 5 और बीजेपी 2 सीटों पर आगे है.
    उदयपुर: बीजेपी 14 और कांग्रेस 7 सीटों पर आगे है.
    कोटा: बीजेपी 14 और कांग्रेस 5 सीटों पर आगे है.
    अलवर: बीजेपी 11 और कांग्रेस 8 सीटों पर आगे है.
    भीलवाड़ा: बीजेपी 10 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है.
    भरतपुर: बीजेपी 7 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे है, जबकि 18 सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशी आगे चल रहे हैं.

    राजस्थान नगर निकाय चुनाव में भाजपा की भारी जीत हुई है। शहरी स्थानीय निकाय की जिन 309 सीटों के नतीजे घोषित किए गए हैं उनमें से भाजपा ने 163 सीटें, कांग्रेस ने 103 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 43 सीटें जीती हैं।

    इस चुनाव में 38,889 उम्मीदवार मैदान में थे। 10 नगर निगमों, 47 नगर परिषदों और 252 नगर पालिकाओं में गवर्निंग बोर्ड बनाने का रास्ता साफ हो गया है। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू हुई।
    स्थानीय निकायों के हिसाब से स्थिति

    नगर निगम (10): भाजपा 5 में, कांग्रेस 4 में और अन्य 1 में आगे हैं।

    नगर परिषद (47): भाजपा 15 में, कांग्रेस 15 में और अन्य 5 में आगे हैं, जबकि 2 में किसी को बहुमत नहीं मिला है। 10 के नतीजों का इंतजार है।

    नगर पालिकाएं (252): भाजपा 76 में, कांग्रेस 49 में और अन्य 11 में आगे हैं, जबकि 13 में किसी को बहुमत नहीं मिला है। 103 के नतीजों का इंतजार है।
    अजमेर नगर निगम: भाजपा ने 9 वार्ड जीते, कांग्रेस को 6 मिले

    राजस्थान के निकाय चुनावों में वोटों की गिनती जारी है। इस बीच अजमेर नगर निगम में भाजपा ने नौ वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस ने छह वार्डों में जीत हासिल की है।

    भीलवाड़ा नगर निगम: भाजपा ने 10 वार्ड जीते

    भाजपा ने भीलवाड़ा नगर निगम में 10 वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस ने दो वार्डों में जीत हासिल की है।
    जयपुर नगर निगम: भाजपा ने 17 वार्ड जीते

    जयपुर नगर निगम में भाजपा ने 17 वार्ड जीते हैं, जबकि कांग्रेस ने छह वार्डों में जीत हासिल की है।
    झालावाड़ नगर परिषद: कांग्रेस ने वसुंधरा राजे के गढ़ में बड़ी जीत हासिल की

    कांग्रेस ने राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के गढ़, झालावाड़ नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत हासिल किया है और 45 में से 29 वार्डों पर जीत दर्ज की है। बीजेपी ने 13 वार्ड जीते, जबकि दो निर्दलीय और एक आप उम्मीदवार भी विजयी रहे।

     

    दो चरणों में हुए थे चुनाव

    चुनाव 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में हुए और पूरे राज्य में वोटों की गिनती एक साथ की गई। दोनों चरणों में कुल 73.56 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के मतदान प्रतिशत से तीन प्रतिशत से भी ज्यादा है। इन चुनावों में प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के साथ-साथ बड़ी संख्या में निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल थे।
    किस पार्टी के कितने उम्मीदवार

    बीजेपी ने 9,290 उम्मीदवार उतारे, जबकि कांग्रेस ने 9,027 उम्मीदवार खड़े किए। निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या 18,732 थी। मैदान में मौजूद अन्य पार्टियों में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के 948, आम आदमी पार्टी (आप) के 311, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के 298, सीपीआई (एम) के 185 और भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के 98 उम्मीदवार शामिल थे।
    बीजेपी और कांग्रेस के लिए नतीजे क्यों अहम हैं?

    यह मुकाबला मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए खास तौर पर अहम है। 2023 के विधानसभा चुनाव में सत्ता में आने के बाद पार्टी शहरी राजस्थान में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है।

    कांग्रेस के लिए ये निकाय चुनाव यह दिखाने का मौका है कि विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद राज्य में उसका संगठनात्मक आधार मजबूत बना हुआ है। नतीजों से राजस्थान के शहरी इलाकों में वोटरों के मूड और वार्ड स्तर पर दोनों मुख्य पार्टियों की ताकत का भी शुरुआती संकेत देखने को मिला।

  • राजस्थान निकाय चुनाव में BJP का दबदबा, कई शहरों में कांग्रेस ने चौंकाया

    राजस्थान निकाय चुनाव में BJP का दबदबा, कई शहरों में कांग्रेस ने चौंकाया

    जयपुर
     राजस्थान के शहरों की सियासत में आज जनादेश का दिन है और अलग-अलग इलाकों से लगातार चौंकाने वाले नतीजे सामने आ रहे हैं. जोधपुर में कांग्रेस ने दम दिखाते हुए अब तक तीन वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि बीजेपी ने भी एक वार्ड अपने नाम किया है. बीकानेर नगर निगम के घोषित 21 वार्डों में बीजेपी ने 11 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस को 8 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिली हैं. अजमेर नगर निगम के घोषित 27 वार्डों में बीजेपी 13, कांग्रेस 10 और निर्दलीय 4 सीटों पर विजयी रहे हैं. अजमेर के वार्ड 4 में दो बार के पूर्व मेयर धर्मेंद्र गहलोत की हार भी बड़ा सियासी उलटफेर है, जहां बीजेपी की मोनिका जैन ने जीत दर्ज की. दूसरी ओर, झालावाड़ नगर परिषद में कांग्रेस ने 45 में से 29 वार्ड जीतकर बीजेपी का गढ़ ढहा दिया है. उदयपुर में घोषित 15 वार्डों में बीजेपी ने 10 और कांग्रेस ने 5 सीटें जीती हैं. वहीं नैनवां नगर पालिका के सभी 25 वार्डों में कांग्रेस 11 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि बीजेपी को 8 और निर्दलीयों को 6 सीटें मिलीं.

    राज्य के व्यापक रुझानों में भी बीजेपी फिलहाल बढ़त बनाए हुए है. 47 नगर परिषदों में से 28 में बीजेपी आगे चल रही है, जबकि कांग्रेस 12 में बढ़त पर है. 252 नगर पालिकाओं में बीजेपी 120 में आगे है, जबकि कांग्रेस 99 में बढ़त बनाए हुए है और 15 में निर्दलीय आगे चल रहे हैं. वहीं अंता नगर पालिका में 35 घोषित सीटों के नतीजों में बीजेपी और कांग्रेस दोनों को 16-16 सीटें मिली हैं, जबकि 3 सीटों पर निर्दलीय विजयी रहे. सिरोही की मंडार नगरपालिका में बीजेपी और निर्दलीयों ने 7-7 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस को 6 सीटें मिलीं. बारां नगर परिषद में आम आदमी पार्टी ने शुरुआती 11 वार्डों में 9 सीटें जीतकर भी बड़ा उलटफेर किया है. इन नतीजों से साफ है कि राजस्थान के शहरी इलाकों में मुकाबला सिर्फ बीजेपी बनाम कांग्रेस तक सीमित नहीं है, बल्कि कई जगह निर्दलीय और छोटे दल भी समीकरण बदल रहे हैं.

    राजस्थान में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में कराए गए थे. पहले चरण में 9 सितंबर को 162 शहरी निकायों में मतदान हुआ था, जबकि दूसरे चरण में 11 सितंबर को 147 निकायों में वोट डाले गए. पहले चरण में 76.41 फीसदी और दूसरे चरण में 71.69 फीसदी मतदान हुआ. दोनों चरणों को मिलाकर कुल 74.05 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था. अब इसी वोटिंग का फैसला सामने आ रहा है. इन नतीजों को 2028 विधानसभा चुनाव से पहले अहम सियासी संकेत माना जा रहा है. जहां जोधपुर जैसे शहरों में कांग्रेस का प्रदर्शन उसके लिए राहत लेकर आया है, वहीं अजमेर, बीकानेर और उदयपुर जैसे शहरी केंद्रों में बीजेपी की बढ़त उसके लिए मजबूत संदेश है. अब नजर इस बात पर है कि मतगणना पूरी होने के बाद राजस्थान के शहरों की सियासी तस्वीर किस तरफ जाती है.

  • बिजली आपूर्ति में यूपी का दमदार प्रदर्शन, 135 में 74 दिन देश में रहा अव्वल

    बिजली आपूर्ति में यूपी का दमदार प्रदर्शन, 135 में 74 दिन देश में रहा अव्वल

    बिजली आपूर्ति में यूपी का दमदार प्रदर्शन, 135 में 74 दिन देश में रहा अव्वल

    कोयला संकट के बावजूद योगी सरकार ने संभाले रखी बिजली व्यवस्था, जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे आपूर्ति

    24 मई से 22 दिनों तक सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को कटौती मुक्त बिजली आपूर्ति

    भारी बारिश से कोयला आपूर्ति प्रभावित, फिर भी प्रदेश में बिजली व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार सक्रिय

    सीआईएल समेत संबंधित एजेंसियों से समन्वय कर कोयले और ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने में जुटी योगी सरकार

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को लगातार मजबूत किए जाने का असर अब आंकड़ों में भी दिखाई दे रहा है। एक मई से अब तक 135 दिनों में प्रदेश ने 74 दिन देश में सर्वाधिक विद्युत मांग की आपूर्ति की, जबकि 37 दिन दूसरे स्थान पर रहा। यानी 135 दिनों में 111 दिन उत्तर प्रदेश ने देश के शीर्ष दो राज्यों में रहते हुए बिजली की मांग पूरी की।

    प्रदेश में 24 मई से अब तक 22 दिनों में सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को कटौती मुक्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। हालांकि देश के कई हिस्सों में भारी वर्षा और जलभराव के चलते कोयला खदानों में उत्पादन एवं आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके कारण पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों के तापीय विद्युत संयंत्रों में उत्पादन प्रभावित हुआ है।

    यूपीपीसीएल के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भी कोयले की कमी और गीले कोयले के कारण तापीय उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है। विभिन्न विद्युत इकाइयों में तकनीकी एवं अन्य कारणों से ट्रिपिंग के चलते उपलब्धता में कमी आई है। इसके बावजूद योगी सरकार ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास जारी रखे हैं।

    दिन के समय सामान्य आपूर्ति

    दिन के समय प्रदेश में विद्युत आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। हालांकि पीक समय में विद्युत उपलब्धता कम होने और पावर एक्सचेंज में महज 2-3 प्रतिशत तक सीमित क्लीयरेंस के कारण ग्रामीण क्षेत्रों, बुंदेलखंड, तहसील एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में रात्रिकालीन सीमित रोस्टरिंग की जा रही है। वहीं जिला मुख्यालयों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। प्रदेश सरकार की ओर से निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड समेत संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। कोयले और ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। योगी सरकार का फोकस उपभोक्ताओं को अधिकतम राहत देने और उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल कर आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने पर है।

  • PM मोदी की कूटनीतिक पारी तेज, BRICS में 15 नेताओं से मुलाकात कर साधे रणनीतिक समीकरण

    PM मोदी की कूटनीतिक पारी तेज, BRICS में 15 नेताओं से मुलाकात कर साधे रणनीतिक समीकरण

    नई दिल्ली
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स समिट से इतर तीन दिनों में देश और सरकार के प्रमुखों के साथ 15 द्विपक्षीय बैठकें कीं, इसके अलावा दुनिया के नेताओं और इंटरनेशनल संस्थाओं के नेताओं के साथ कई अलग-अलग बातचीत भी की।

    मीडिआ रिपोर्ट के मुताबिक, बिजी डिप्लोमैटिक शेड्यूल में पीएम मोदी रूस, चीन, ईरान, अफ्रीका, साउथ-ईस्ट एशिया, गल्फ और दूसरे इलाकों के नेताओं के साथ सीधे जुड़े। चर्चाओं में बाइलेटरल रिश्ते, ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, कनेक्टिविटी, जरूरी मिनरल्स और बड़े रीजनल और ग्लोबल डेवलेपमेंट शामिल थे।

    यह मीटिंग तब हुई जब भारत 2026 में अपनी अध्यक्षता में ब्रिक्स समिट होस्ट कर रहा था, जिसमें अलग-अलग जियोपॉलिटीकल पोजीशन वाले देशों को एक साथ लाया गया।

    बाइलेटरल मीटिंग्स ने नई दिल्ली को समिट के बड़े एजेंडा के साथ-साथ अपनी स्ट्रेटेजिक और इकोनॉमिक प्रायोरिटीज को आगे बढ़ाने का मौका दिया।

    पहला दिन: पुतिन, पेजेशकियन और UN चीफ
    11 सितंबर को, PM मोदी ने रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन और ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन के साथ अलग-अलग मीटिंग कीं। मोदी-पुतिन मीटिंग में इंडिया-रूस स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप पर फोकस था, जिसमें दोनों नेताओं ने डिफेंस, एनर्जी, ट्रेड, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, जरूरी मिनरल्स और सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में कोऑपरेशन का रिव्यू किया।

    उन्होंने रूस-यूक्रेन झगड़े, वेस्ट एशिया के हालात और समुद्री ट्रेड और इंडियन सीफेयरर्स की सेफ्टी पर उनके असर पर भी चर्चा की।

    पीएम मोदी ने ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन से भी मुलाकात की, जिसमें इंडिया-ईरान रिलेशन, ब्रिक्स कोऑपरेशन और वेस्ट एशिया में डेवलपमेंट पर चर्चा हुई। PM मोदी ने बातचीत और डिप्लोमेसी के लिए इंडिया का सपोर्ट दोहराया और इस इलाके में लंबे समय तक चलने वाली शांति और स्टेबिलिटी की इंपॉर्टेंस पर जोर दिया।

    उसी दिन, PM मोदी ने UN सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की, जिससे उनके डिप्लोमैटिक एंगेजमेंट में एक मल्टीलेटरल डायमेंशन जुड़ गया।

    दूसरा दिन: शी के साथ मीटिंग
    12 सितंबर को, PM मोदी ने इथियोपिया के प्राइम मिनिस्टर अबी अहमद अली, मलेशिया के प्राइम मिनिस्टर अनवर इब्राहिम, UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान, वियतनामी लीडरशिप और चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के साथ बाइलेटरल मीटिंग की।

    शी के साथ मीटिंग समिट की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली मीटिंग्स में से एक थी। दोनों लीडर्स ने इंडिया-चाइना रिलेशनशिप, बाउंड्री क्वेश्चन, बॉर्डर पर शांति, इकोनॉमिक और ट्रेड रिलेशन, सप्लाई चेन और पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज पर चर्चा की।

    PM मोदी ने जोर दिया कि मतभेद विवाद नहीं बनने चाहिए और बाइलेटरल रिलेशन को गाइड करने में आपसी सम्मान, सेंसिटिविटी और इंटरेस्ट के महत्व को अंडरलाइन किया। मलेशिया के प्राइम मिनिस्टर अनवर इब्राहिम के साथ मीटिंग में ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, डिफेंस, सेमीकंडक्टर, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकोनॉमी, एनर्जी और फिनटेक जैसे एरिया शामिल थे।

    इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली के साथ PM मोदी की मीटिंग में बाइलेटरल कोऑपरेशन को मज़बूत करने और अफ्रीका के साथ भारत के जुड़ाव पर फोकस रहा।

    उन्होंने UAE के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ भी बातचीत की, जिसमें भारत-UAE स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और डिफेंस, टेक्नोलॉजी, एनर्जी, जरूरी मिनरल्स और कनेक्टिविटी जैसे एरिया में सहयोग पर चर्चा हुई।

    तीसरा दिन: अफ्रीका, सेंट्रल एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया
    13 सितंबर को, PM मोदी ने साउथ अफ्रीका के प्रेसिडेंट सिरिल रामफोसा, कजाख प्रेसिडेंट कसीम-जोमार्ट टोकायेव, फिलीपींस के प्रेसिडेंट फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, मिस्र के प्रेसिडेंट अब्देल फत्ताह अल-सिसी और बुरुंडी के प्रेसिडेंट एवरिस्टे नदायिशिमिये के साथ बाइलेटरल मीटिंग कीं।

    बाइलेटरल मीटिंग के शेड्यूल के मुताबिक, उन्होंने युगांडा और नाइजीरिया की लीडरशिप के साथ भी मीटिंग की। इन मीटिंग्स ने अफ्रीका, सेंट्रल एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया में भारत की डिप्लोमैटिक पहुंच को बढ़ाया, जिसमें बाइलेटरल पार्टनरशिप को मज़बूत करने और आपसी फायदे वाले एरिया में सहयोग बढ़ाने पर फोकस रहा।

    साउथ अफ्रीका के प्रेसिडेंट सिरिल रामफोसा के साथ बातचीत ब्रिक्स ग्रुप के लिए खास तौर पर जरूरी थी, क्योंकि साउथ अफ्रीका इस बड़े ब्लॉक के फाउंडिंग मेंबर्स में से एक है और ग्लोबल साउथ के हितों को आगे बढ़ाने में भारत का एक जरूरी पार्टनर है।

    मिस्र और बुरुंडी के साथ मीटिंग्स ने अफ्रीकी पार्टनर्स के साथ भारत के जुड़ाव को और मजबूत किया, जबकि कजाकिस्तान के साथ बातचीत ने सेंट्रल एशिया में भारत की पहुंच को बढ़ाया।

    मलेशिया के साथ उनकी पिछली मीटिंग के साथ-साथ फिलीपींस की बातचीत ने PM मोदी के डिप्लोमैटिक शेड्यूल में एक और जरूरी साउथईस्ट एशियाई पहलू जोड़ा।

    फॉर्मल समिट एजेंडा से आगे बाइलेटरल मीटिंग्स
    15 फॉर्मल मीटिंग्स के साथ-साथ दूसरे विजिटिंग लीडर्स और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूशन्स के रिप्रेजेंटेटिव्स के साथ कई छोटी बातचीत भी हुईं। इस कूटनीतिक गतिविधि से पता चलता है कि भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान द्विपक्षीय बातचीत को कितना महत्व दिया।

    जहां इस समिट ने बढ़े हुए ग्रुप के बीच सामूहिक चर्चा के लिए एक मंच दिया, वहीं अलग से हुई मुलाकातों ने पीएम मोदी को अलग-अलग नेताओं के साथ संबंधित देशों की खास प्राथमिकताओं पर सीधे बातचीत करने का मौका भी दिया।

    ये बैठकें ऐसे समय में हुईं जब भू-राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल था। पश्चिम एशिया और यूक्रेन में चल रहे संघर्षों का असर ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और ग्लोबल सप्लाई चेन पर पड़ रहा था।

    इसलिए, 15 द्विपक्षीय बैठकों और उनके अलावा हुई अनौपचारिक मुलाकातों ने भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान पीएम मोदी की कूटनीतिक कोशिशों में एक अहम भूमिका निभाई।

  • लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस समारोह में  शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी

    लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी

    लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस समारोह में  शामिल होंगे मुख्यमंत्री योगी

    सोमवार को गोमतीनगर स्थित लोक आयुक्त कार्यालय में होगा आयोजन

    सीएम योगी करेंगे स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन

    50 वर्षों की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर लगेगी प्रदर्शनी

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार (14 सितंबर) को उत्तर प्रदेश लोक आयुक्त संगठन के 50वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होंगे। गोमतीनगर स्थित लोक आयुक्त कार्यालय में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोक आयुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्रा करेंगे।

    इस दौरान मुख्यमंत्री लोक आयुक्त प्रशासन की स्मारिका और सूचना पुस्तिका का विमोचन करेंगे। समारोह में लोक आयुक्त संगठन की 50 वर्षों की विकास यात्रा और उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से संगठन की स्थापना से अब तक की कार्यप्रणाली, प्रमुख उपलब्धियों और पांच दशक की यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।