Author: Admin

  • 1180 रुपये खर्च कर डेढ़ महीने में मिली नौकरी, RML के 194 तकनीकी कार्मिकों को नियुक्ति पत्र

    1180 रुपये खर्च कर डेढ़ महीने में मिली नौकरी, RML के 194 तकनीकी कार्मिकों को नियुक्ति पत्र

    मात्र 1180 रुपये खर्च किए, डेढ़ महीने में मिल गई नौकरी

    आरएमएल के 194 तकनीकी कार्मिकों को योगी के हाथों नियुक्ति पत्र, अभ्यर्थियों ने बताया पारदर्शी भर्ती का परिणाम

    बिना सिफारिश और रिश्वत के योग्यता के आधार पर चयन से युवाओं में बढ़ा भरोसा

    तकनीक को बढ़ावा देकर योगी सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बनाया आधुनिक, उपचार सुविधाओं में हुआ सुधार: चयनित अभ्यर्थी

    एमएलटी, ओटी टेक्नीशियन और रेडियोलॉजी टेक्नीशियन समेत विभिन्न पदों पर मिली नियुक्ति

    लखनऊ,
     महज 1180 रुपये आवेदन शुल्क खर्च कर परीक्षा दी और करीब डेढ़ महीने के भीतर नौकरी मिल गई। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के षष्ठम स्थापना दिवस समारोह में रविवार को ऐसे ही कई युवाओं के लिए इंतजार का दौर खत्म हुआ। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरएमएल संस्थान के 194 तकनीकी संवर्ग के कार्मिकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे खुशी से खिल उठे। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और तेजी के लिए प्रदेश सरकार की सराहना की।

    1180 रुपये में परीक्षा, डेढ़ महीने में नियुक्ति

    बिहार के रहने वाले और ओटी टेक्नीशियन पद पर चयनित प्रिंस कुमार ने भर्ती प्रक्रिया का अनुभव साझा करते हुए बताया कि परीक्षा के लिए उन्हें आवेदन में करीब 1180 रुपये खर्च करने पड़े। इसके बाद परीक्षा हुई, परिणाम आया, दस्तावेज सत्यापन हुआ और अब उन्हें नियुक्ति पत्र मिल गया। उन्होंने बताया कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में परीक्षा हुई थी और 13 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र मिला। इतनी कम अवधि में परीक्षा से लेकर नियुक्ति तक की प्रक्रिया पूरी होना उनके लिए बेहद खुशी की बात है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए कहा कि बिना किसी अनावश्यक खर्च के उन्हें अपनी योग्यता के आधार पर नौकरी मिली।

    मेहनत का मिलेगा पूरा फायदा बढ़ा भरोसा

    एमएलटी पद पर चयनित आयुष शुक्ला ने भी चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता की सराहना की। अब परीक्षा में जो अभ्यर्थी पात्रता पूरी कर रहे हैं और सफल हो रहे हैं, वही आगे चयनित हो रहे हैं। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से युवाओं को यह भरोसा मिलता है कि मेहनत करने पर उसका परिणाम जरूर मिलेगा। राजस्थान निवासी रेडियोलॉजी टेक्नीशियन जितेंद्र सैनी ने भी कहा कि पारदर्शी चयन प्रक्रिया से हर विद्यार्थी को मोटिवेशन मिलता है। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र प्राप्त करना गर्व का क्षण लगा।

    स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से रोजगार के अवसर

    मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नीशियन के पद पर चयनित गौरव कुमार झा ने कहा कि आरएमएल और एसजीपीजीआई जैसे संस्थानों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार देखने को मिल रहा है। देशभर से मरीज यहां बेहतर उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ ही चिकित्सा क्षेत्र में प्रशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। गौरव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तकनीक को तेजी से अपनाने के दृष्टिकोण की भी सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से उपचार की सुविधाएं बेहतर हो रही हैं।

    एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज से ग्रामीणों को लाभ

    टेक्निकल ऑफिसर (परफ्यूजन) के पद पर चयनित अनुज कुमार शुक्ला ने मुख्यमंत्री द्वारा बताए गए ‘एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए दूर-दराज नहीं जाना पड़ेगा। एक ओर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को रोजगार मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर चिकित्सा संस्थानों की क्षमता बढ़ने से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भी मजबूत हो रही है। सीएम के हाथों नियुक्ति पत्र मिलना उनके लिए नौकरी मिलने के साथ-साथ गौरव और प्रेरणा का भी अवसर रहा।

  • अब हरमनप्रीत कौर पर BCCI का सख्त रुख, नकवी के सामने नहीं झुका बोर्ड

    अब हरमनप्रीत कौर पर BCCI का सख्त रुख, नकवी के सामने नहीं झुका बोर्ड

     दुबई
    भारतीय टीम ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया, लेकिन चैम्पियन बनने के बाद भी हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिल सकी. रविवार (13 सितंबर) को दुबई के दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में फाइनल खत्म होने के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में ट्रॉफी को लेकर गतिरोध पैदा हो गया। 

    खिताबी मुकाबला खत्म होने से कुछ देर पहले एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACB) के मौजूदा चेयरमैन और PCB (पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड) प्रमुख मोहसिन नकवी स्टेडियम पहुंचे. नकवी विजेता भारतीय टीम को ट्रॉफी खुद सौंपना चाहते थे. लेकिन भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) की ओर से इस पर सहमति नहीं बनी. इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह में देरी हुई और पर्दे के पीछे दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली. भारतीय पक्ष ने एसीसी के उपाध्यक्ष खालिद अल जरूनी से ट्रॉफी दिलाने का विकल्प रखा था, लेकिन यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं हुआ। 

    आखिर में मोहसिन नकवी ने श्रीलंकाई टीम को रनरअप चेक सौंपा. उनके साथ खालिद अल जरूनी, श्रीलंका क्रिकेट ट्रांसफॉर्मेशन कमेटी के प्रमुख एरान विक्रमरत्ने, एमिरेट्स क्रिकेट बोर्ड के महासचिव मुबाशिर उस्मानी और टाइटल स्पॉन्सर DP World की प्रतिनिधि मंच पर मौजूद थीं. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला स्टेडियम में थे, लेकिन उन्होंने मंच साझा नहीं किया. दोनों ने मैदान पर भारतीय टीम से मुलाकात की. भारतीय टीम को विजेता ट्रॉफी और मेडल्स दिए बिना ही पुरस्कार वितरण समारोह खत्म हो गया। 

    2025 में भी इसी मैदान पर हुआ था 'तमाशा'
    इस मामले ने सितंबर 2025 के मेन्स एशिया कप की यादें ताजा कर दीं. तब सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में ही पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था, लेकिन ट्रॉफी सौंपने को लेकर इसी तरह का गतिरोध सामने आया था. उस समय भी मोहसिन नकवी एसीसी प्रमुख थे और भारतीय टीम ने उनके हाथों ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. करीब एक साल बाद महिला एशिया कप में भी बीसीसीआई ने अपने रुख में बदलाव नहीं किया। 

    भारतीय महिला टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार से जब इस घटनाक्रम पर सवाल किया गया तो उन्होंने साफ किया कि टीम बीसीसीआई के रुख के साथ है. उन्होंने कहा कि भारत के लिए टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और टीम इस बात पर गर्व कर रही है कि उसने एशिया कप जीता. उन्होंने यह भी कहा कि स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर भारत को चैम्पियन दिखाया गया था. मजूमदार ने दोहराया कि अब टीम का ध्यान अगले बड़े लक्ष्य यानी एशियन गेम्स पर है। 

    हम अपना स्टैंड नहीं बदल सकते
     बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने विस्ता
    र से बताया है कि भारतीय टीम ने यह फैसला क्यों लिया और आखिर बीसीसीआई की मांग क्या थी. देवजीत सैकिया ने स्पोर्ट्स टुडे से बात करते हुए सबसे पहले भारतीय महिला टीम के शानदार प्रदर्शन की तारीफ की. उन्होंने कहा कि श्रीलंका को फाइनल में 72 रनax से हराने वाली टीम पूरे टूर्नामेंट में बेहतरीन रही. भारत ने पाकिस्तान को भी 55 रनों पर ऑलआउट कर एकतरफा जीत दर्ज की थी. सैकिया ने कहा कि सेमीफाइनल और फाइनल समेत पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा. उन्होंने कोचिंग स्टाफ और खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और कहा कि अब टीम की नजर एशियन गेम्स में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने पर है। 

    ट्रॉफी विवाद पर देवजीत सैकिया ने कहा कि भारतीय टीम का फैसला देश के लोगों की भावनाओं और पिछले साल मेन्स टीम द्वारा लिए गए रुख को ध्यान में रखकर किया गया. उन्होंने कहा कि भारत बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हर औपचारिकता को स्वीकार करना जरूरी है। 

    उन्होंने साफ कहा कि कुछ लोगों से ट्रॉफी स्वीकार करना मौजूदा परिस्थितियों में भारत के लिए स्वीकार्य नहीं है. देवजीत सैकिया ने यह भी याद दिलाया कि करीब एक साल पहले पुरुष एशिया कप जीतने के बाद भी भारतीय टीम को ट्रॉफी नहीं मिली थी और बीसीसीआई अब तक उस ट्रॉफी को वापस पाने की कोशिश कर रहा है. उनके मुताबिक, जब मेन्स टीम के मामले में बोर्ड अपना रुख नहीं बदल रहा है तो महिला टीम के मामले में भी उससे अलग फैसला लेना संभव नहीं था। 

     'ट्रॉफी चोर' के नारों से गूंजा दुबई का मैदान

    दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत ने श्रीलंका को 72 रनों से हराकर रिकॉर्ड आठवीं बार विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया. भारतीय टीम की जीत के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने पिछले साल के विवाद की यादें ताजा कर दीं। 

    फाइनल खत्म होने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी प्रेजेंटेशन स्टेज पर मौजूद थे. हालांकि, भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर और उनकी टीम नकवी से ट्रॉफी लेने के लिए मंच पर नहीं आई. नकवी ने श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू को रनरअप चेक सौंपा और इसके बाद स्टेडियम से निकल गए। 

    पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी जब दुबई इंटरनेशन क्रिकेट स्टेडियम से बाहर निकल रहे थे, तभी दर्शकों की तरफ से 'ट्रॉफी चोर, ट्रॉफी चोर' के नारे सुनाई दिए. यह वही नारा है, जो 2025 के मेन्स एशिया कप फाइनल के बाद हुए ट्रॉफी विवाद के दौरान नकवी को लेकर चर्चा में आया था। 

  • एक व्यक्ति और एक परिवार की गलती की कीमत चुकाता था पूरा उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री योगी

    एक व्यक्ति और एक परिवार की गलती की कीमत चुकाता था पूरा उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री योगी

    एक व्यक्ति और एक परिवार की गलती की कीमत चुकाता था पूरा उत्तर प्रदेश : मुख्यमंत्री योगी
     
    डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के छठे स्थापना दिवस समारोह को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित
     
    बोले मुख्यमंत्री- साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को दी सरकारी नौकरी, नियुक्ति प्रक्रिया पर कोई नहीं उठा सकता उंगली
     
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंग प्रत्यारोपण यूनिट समेत अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का किया लोकार्पण, जल्द शुरू होगा बोन मैरो ट्रांसप्लांट
     
    प्रदेश में 41 से बढ़कर 85 हुए मेडिकल कॉलेज, एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 के पार
     
    संस्थान में 1,010 बेड का नया अस्पताल और 350 बेड का ट्रॉमा सेंटर बनाने की तैयारी

    टेलीमेडिसिन दूर-दराज के क्षेत्रों में चिकित्सकों की कमी पूरा कर सकती है, टेलीकंसल्टेशन को तेजी से बढ़ाने की जरूरत
     
    लखनऊ

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गलती एक व्यक्ति करता है, लेकिन उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ती है। ठीक वैसे ही एक व्यक्ति और एक परिवार की गलती की कीमत उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट, कानून व्यवस्था के भीषण संकट, अराजकता और भ्रष्टाचार के रूप में चुकानी पड़ती थी। कृत्य एक व्यक्ति गलत करता था और कीमत पूरा प्रदेश चुकाने को मजबूर होता था। आज पारदर्शिता और शुचिता के साथ आगे बढ़ रहे उत्तर प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। प्रदेश के लोग कहीं भी सीना तानकर कह सकते हैं कि वे उत्तर प्रदेश के हैं। मुख्यमंत्री योगी रविवार को डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के षष्ठम स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।
     
    साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख सरकारी नौकरियां
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया जितनी पारदर्शी होगी, परिणाम उतने ही फलदायी होंगे। अच्छे लोगों का चयन नहीं होगा, चयन प्रक्रिया में विसंगति, भेदभाव और शुचिता का अभाव होगा तो उसकी कीमत पूरे संस्थान को चुकानी पड़ेगी। पिछले साढ़े नौ वर्ष में प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। कोई यह नहीं कह सकता कि नियुक्ति में उसके साथ भेदभाव हुआ या किसी प्रकार का लेनदेन हुआ। प्रदेश में लगभग 16 लाख सरकारी कर्मचारी हैं, जिनमें 9.5 लाख वर्तमान सरकार के कार्यकाल में भर्ती हुए हैं। यह युवा कार्यबल प्रदेश की प्रगति को नई गति दे रहा है।

    अंग प्रत्यारोपण यूनिट समेत कई सुविधाओं का लोकार्पण

    मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान में तैयार मुख्य चिकित्सा अंग प्रत्यारोपण यूनिट सहित कई अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण किया। इनमें 40 बेड का इमरजेंसी वार्ड, मातृ एवं शिशु चिकित्सालय में 100 मरीजों की क्षमता वाला वेटिंग हाल आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट का भी विमोचन किया।
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण यूनिट से किडनी ट्रांसप्लांट की प्रतीक्षा सूची कम करने में मदद मिलेगी। बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी जल्द शुरू होने जा रही है। संस्थान रोबोटिक सर्जरी, गामा नाइफ, एआइ आधारित डायग्नोस्टिक, एडवांस इमेजिंग, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ की दिशा में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश के 10 जिलों में वर्चुअल आइसीयू का संचालन किया जा रहा है।

    अब चुनौती पैसे की नहीं, वेटिंग सूची कम करने की

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिला अस्पतालों में 10-10 बेड पर निशुल्क डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध कराई जा चुकी है। आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस चिकित्सा और मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से जरूरतमंदों के उपचार के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है। आज समस्या पैसे की नहीं है। सबसे बड़ी चुनौती किडनी ट्रांसप्लांट सहित गंभीर उपचार के लिए लंबी प्रतीक्षा सूची को कम करने की है।
     
    20 बेड से 1,400 बेड का सुपर स्पेशियलिटी संस्थान

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 2017 में यह प्रश्न था कि यहां अस्पताल रहेगा या इसे संस्थान बनाया जाएगा। सरकार ने इसे संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। कभी 20 बेड के छोटे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में शुरू हुआ परिसर आज 1,400 बेड के सुपर स्पेशियलिटी संस्थान में बदल चुका है। पहले यहां की शिकायतों से समाचारपत्र रंगे रहते थे, अब शिकायतें कम आती हैं। जनता की संतुष्टि ही किसी संस्थान की सफलता की कसौटी है। संस्थान में 1,010 बेड का नया अस्पताल और 350 बेड का ट्रॉमा सेंटर भी प्रस्तावित है।

    41 से बढ़कर 85 हुए मेडिकल कॉलेज

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर 41 मेडिकल कॉलेज थे, आज 85 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स संचालित हैं। एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक और पीजी की सीटें 3,564 से बढ़कर 5,067 हो गई हैं। पहले केवल दो नर्सिंग कॉलेज थे, अब 26 बन चुके हैं और 33 निर्माणाधीन हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की संख्या 1,227 से बढ़कर 3,438 हो गई है।
     
    पिछली सरकार ने मेडिकल कॉलेज बनाने से किया था इनकार

    पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले चरण में उत्तर प्रदेश के लिए 17 मेडिकल कॉलेज और गोरखपुर एम्स स्वीकृत किया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने मेडिकल कॉलेज बनाने से इनकार कर दिया। गोरखपुर एम्स के लिए ऐसी भूमि उपलब्ध कराई गई जिस पर सुप्रीम कोर्ट का स्थगन था। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद नई भूमि उपलब्ध कराई गई और आज गोरखपुर एम्स सफलतापूर्वक संचालित है। रायबरेली एम्स की समस्याओं का भी समाधान किया गया।
     
    अपने मेडिकल डाटा पर खुद करें शोध

    मुख्यमंत्री योगी ने चिकित्सा संस्थानों से उपचार के साथ शोध, नवाचार और तकनीक को जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारे ही डाटा पर पश्चिमी देश शोधपत्र प्रस्तुत करते हैं, जबकि हम अपने डाटा को संरक्षित नहीं कर पाते। अपने मेडिकल डाटा को संरक्षित कर भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करनी होंगी। आइआइटी कानपुर के साथ मेडटेक सेंटर आफ एक्सीलेंस, एसजीपीजीआइ में सेंटर आफ एक्सीलेंस, मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क इसी दिशा में किए जा रहे प्रयास हैं। एआई भी चिकित्सा क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
     
    100 वर्ष बनाम नौ महीने का दिया उदाहरण

    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जापान ने इंसेफेलाइटिस की वैक्सीन 1905 में विकसित कर ली थी, लेकिन उसे भारत आने में 100 वर्ष लग गए। वहीं कोविड महामारी के दौरान भारतीय वैज्ञानिकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केवल नौ महीने में दो वैक्सीन विकसित कर दीं। भारत ने अपने नागरिकों को नि:शुल्क टीका उपलब्ध कराने के साथ करीब 100 मित्र देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि बीमारी का पैटर्न बदल रहा है, इसलिए चिकित्सा संस्थानों को समय से 10 कदम आगे सोचने की जरूरत है। हीलिंग, लर्निंग और डिस्कवरी एक साथ चलेंगी तभी कोई संस्थान वास्तविक सेंटर आफ एक्सीलेंस बन सकेगा।
     
    194 पदों पर भर्ती, मुख्यमंत्री योगी ने दिए नियुक्ति पत्र

    प्रदेश सरकार के सहयोग से संस्थान में 194 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। मुख्यमंत्री योगी ने नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें टेक्निकल आफिसर परफ्यूजन अनुज कुमार शुक्ला, डाइटीशियन ममता तिवारी और सावन कुमार समेत अन्य नवनियुक्त कार्मिक शामिल रहे। मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले संकाय और नर्सिंग कर्मियों को भी सम्मानित किया। सीएमएस एवं जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम सिंह को डायरेक्टर एक्सीलेंस अवार्ड दिया गया। डॉ. आलोक श्रीवास्तव, डॉ. अजय कुमार वर्मा समेत अन्य संकाय सदस्यों को डायरेक्टर्स अवार्ड आफ मेरिट प्रदान किया गया। नर्सिंग में उमा पांडेय को डायरेक्टर्स मेरिट अवार्ड और सीएनओ सुमन सिंह को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला।
     
    दो पुस्तकों और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट का विमोचन
    मुख्यमंत्री योगी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट के साथ डॉ. अजय कुमार वर्मा की पुस्तक ‘सही जानकारी सही देखभाल’ और डॉ. एसएस नाथ की पुस्तक ‘क्रिटिकल केयर फाल्स’ का विमोचन किया।

    सपा सरकार ने प्रदेश को गुंडागर्दी, अराजकता, भ्रष्टाचार और दंगों की ओर धकेला: ब्रजेश पाठक

    उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सपा पर आरोप लगाया कि पिछली सरकार में प्रभावशाली लोगों के रिश्तेदारों को ही टेंडर मिलते थे। लोहिया इंस्टीट्यूट समेत संस्थानों में भवन निर्माण से लेकर कपड़े धोने, कैंटीन और साइकिल स्टैंड तक के काम ‘भैया के आदमी’ को मिलते थे। ऐसे में शुचिता और पारदर्शिता की बात कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि जनता ने निष्पक्ष हाथों में सत्ता सौंपी है। योगी सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। पहले प्रदेश में करीब 5000 डॉक्टर तैयार होते थे, अब 12,500 से अधिक चिकित्सक तैयार किए जा रहे हैं। एमडी-एमएस की सीटें कई गुनी हो चुकी हैं और मेडिकल कॉलेजों की संख्या 88 से अधिक हो गई है। प्रदेश में वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज की दिशा में काम हो रहा है और मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। सपा सरकार ने प्रदेश को गुंडागर्दी, अराजकता, भ्रष्टाचार और दंगों की ओर धकेला। 

    20 बेड से 1,400 बेड तक पहुंचा संस्थान : मयंकेश्वर

    चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि एक समय यह अस्पताल केवल 20 बेड से शुरू हुआ था। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र ने लंबी छलांग लगाई है। छह वर्ष पहले मुख्यमंत्री योगी ने इसे संस्थान के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया और उसके बाद जिस तेजी से इसकी प्रगति हुई है, वह सराहनीय है। आज संस्थान में 1,400 बेड हैं और यह प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में अपनी जगह बना चुका है।

    कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष आदि उपस्थित रहे। संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रुद्राक्ष का पौधा भेंटकर स्वागत किया।

  • BRICS डिनर के वेज मेन्यू पर घमासान, राहुल गांधी के बयान पर रिजिजू का पलटवार

    BRICS डिनर के वेज मेन्यू पर घमासान, राहुल गांधी के बयान पर रिजिजू का पलटवार

     नई दिल्ली
    नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के भव्य रात्रिभोज (गाला डिनर) में परोसे गए पूरी तरह शाकाहारी मेनू को लेकर राजनीतिक विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल ने कहा कि भारत में 80 फीसदी लोग मांसाहारी हैं और भारतीय मांसाहारी खाना स्वादिष्ट होता है।

    राहुल की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर विदेशी मेहमानों को परोसे गए भोजन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया और कहा कि ब्रिक्स नेताओं ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया है।

    क्या कहा था राहुल गांधी ने ?
    दरअसल, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित एक भव्य भोज में परोसे गए विस्तृत शाकाहारी भोजन के एक दिन बाद राहुल गांधी ने भारत के मांसाहारी भोजन की तारीफ की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर छोले भटूरे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "जानकारी के लिए बता दूं, 80% भारतीय मांसाहारी हैं। भारतीय मांसाहारी भोजन स्वादिष्ट होता है। और मेरी बहन के छोले भटूरे भी लाजवाब हैं।

    रिजिजू ने किया पलटवार
    राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बिना किसी का नाम लिए कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे गए भोजन को मुद्दा बना रही है।

    रिजिजू ने कहा, "मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि कांग्रेस पार्टी ब्रिक्स देशों के नेताओं को परोसे जाने वाले भोजन के मेनू में भी राजनीति कर रही है। हमारे मेहमानों ने भारतीय शाकाहारी व्यंजनों का भरपूर आनंद लिया, जो स्वाद और पोषण से भरपूर होने के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रीय परंपराओं से परिपूर्ण हैं।"

    ब्रिक्स गाला डिनर में क्या परोसा गया था?
    स्टार्टर्स
        खांडवी मिले- सरसों, नारियल और करी पत्तों के तड़के के साथ भाप में तैयार किया गया बेसन रोल।
        खुम्ब गलौटी- पुदीने के दानों के साथ परोसे जाने वाले पैन-ग्रिल्ड मशरूम कबाब।

    मेन कोर्स-
        पनीर लबाबदार।
        गुच्ची मार्मिक: हिमालयी मोरेल मशरूम और कोमल शतावरी से तैयार विशेष व्यंजन।
        गाजर बीन पोरियल।

    इसके साथ 'थक्कली बेले सारू' (हल्का दाल का शोरबा), बाजरा पुलाव, चुकंदर रायता और विभिन्न प्रकार की भारतीय ब्रेड्स शामिल की गईं। वहीं मिठाई के रूप में वीवीआईपी मेहमानों के लिए 'ओल्ड दिल्ली फ्रूट क्रीम विद जलेबी' और 'शाहतूत फिरनी' परोसी गई।

     

  • फर्जी पासपोर्ट कांड में बड़ा खुलासा, 130 नए संदिग्ध पासपोर्ट जांच के घेरे में

    फर्जी पासपोर्ट कांड में बड़ा खुलासा, 130 नए संदिग्ध पासपोर्ट जांच के घेरे में

    ग्वालियर
    मध्यप्रदेश में डबरा के सिमरिया टेकरी से शुरू हुए फर्जी पासपोर्ट कांड की जड़े अब देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा तक जा पहुंची हैं। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी जॉय चौधरी से रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में देश की सुरक्षा को हिला देने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियों ने 130 और नए संदिग्ध पासपोर्ट को अपने रडार पर ले लिया है। इस सिंडिकेट का सबसे खतरनाक पहलू यह उजागर हुआ है कि मास्टरमाइंड ने इन दस्तावेजों में स्थायी पता मध्य प्रदेश के बैतूल का और स्थानीय पता पाकिस्तान सीमा से सटे गुजरात के कच्छ के एक गांव का दर्ज कराया था। इसके अलावा डबरा के सिमरिया (वार्ड-1) का पता भी दर्जनों पासपोर्ट में धड़ल्ले से खपाया गया। अब तक 200 पासपोर्ट की संख्या हो गई है।

    इस अंतरराष्ट्रीय लिंक के सामने आते ही केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी मुस्तैद हो गई हैं। वहीं, आंख मूंदकर वेरिफिकेशन करने वाले डबरा, भोपाल और बैतूल के 15 पुलिसकर्मियों और नगर निगम कर्मचारियों की पहचान कर ली गई है, जिन्हें सोमवार को एसटीएफ द्वारा नोटिस जारी किए जा रहे हैं।

    अब जाली दस्तावेज वाले रडार पर
    दस्तावेज सत्यापन, जाली मार्कशीट, आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराने में स्थानीय स्तर पर मदद करने वाले कुछ शिक्षकों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। चंद रुपयों के लालच में इन शिक्षकों ने घुसपैठियों के दस्तावेज तैयार करने में अहम भूमिका निभाई। एसटीएफ अब कमेटियों के पुराने रिकॉर्ड, संदिग्ध शिक्षकों के बैंक खातों और कच्छ बॉर्डर से जुड़े पतों के बीच की कड़ियों को खंगाल रही है।

    सिमरिया के बुद्ध विहार में जुटते थे संदिग्ध, भंते बने थे ढाल
    डबरा नगर पालिका के वार्ड-1 स्थित सिमरिया टेकरी, तथागत बुद्ध विहार और अंबेडकर पार्क के पते पर थोक में पासपोर्ट जारी कराने के पीछे सोची-समझी रणनीति थी।

    अज्ञात चेहरों का जमावड़ा: ग्रामीणों के अनुसार, धार्मिक आयोजनों के नाम पर यहां अक्सर बाहरी अनुयायी और संदिग्ध भिक्षु आकर ठहरते थे, लेकिन वे मूल रूप से कहां के रहने वाले थे, इसकी तस्दीक किसी के पास नहीं थी।

    गयाप्रसाद और गुलाबराय की भूमिकाः बुद्ध विहार में रह रहे संघप्रिय भंते ने बताया कि मास्टरमाइंड रियाज सीधे सामने नहीं आता था। पुराबनवार निवासी गयाप्रसाद (जो भंते बनकर सक्रिय था) और माधौनगर निवासी गुलाबराय लगातार इन गतिविधियों में आगे रहते थे। आशंका है कि रियाज इन्हीं चेहरों को मुखौटा बनाकर सिंडिकेट ऑपरेट कर रहा था।

  • हरियाणा में दूध के दाम बढ़े, 1 अक्टूबर से भैंस का दूध ₹100 और गाय का ₹80 लीटर होगा

    हरियाणा में दूध के दाम बढ़े, 1 अक्टूबर से भैंस का दूध ₹100 और गाय का ₹80 लीटर होगा

    गुहला-चीका
     हरियाणा में दूध और घी के रेट बढ़ाने की मुहिम अब गुहला-चीका तक पहुंच गई है। हिसार, जींद, कैथल और कुरुक्षेत्र के बाद चीका में भी पशुपालकों ने पंचायत कर दूध के नए रेट तय कर दिए हैं।

    महंगाई के कारण पशुपालक व डेयरी संचालक दूध के रेट बढ़ाने की तैयारी में हैं। चीका में डेयरी संचालकों व पशुपालकों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि एक अक्टूबर से शहर व गांव में भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर तथा गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जाएगा।

    रविवार को पटियाला रोड स्थित किसान भवन सर छोटूराम जनकल्याण ट्रस्ट चीका में डेयरी संचालकों व पशुपालकों की बैठक चौधरी महा सिंह डेयरी के संचालक हरवंस सीड़ा की अध्यक्षता में हुई।

    सर्वसम्मति से लिया गया फैसला
    बैठक में बढ़ती महंगाई और डेयरी कारोबार में बढ़ रही लागत को लेकर चर्चा की गई। डेयरी संचालकों व पशुपालकों ने सर्वसम्मति से दूध और घी के नए भाव निर्धारित करने का निर्णय लिया।

    हरवंस सीड़ा ने कहा कि पिछले कुछ समय से पशुओं के चारे और अन्य सामान के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। भैंसों को खिलाई जाने वाली खल का कट्टा पहले करीब 1800 रुपये में मिलता था।

    अब इसके भाव बढ़कर करीब 3000 रुपये प्रति कट्टा हो गए हैं। सरसों के तेल सहित पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य आहार की कीमतों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

    1 अक्टूबर से जारी होंगे नए रेट
    बढ़ती लागत के कारण डेयरी संचालकों व पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो रही है। बैठक में डेयरी संचालकों ने विचार-विमर्श के बाद एक अक्टूबर भैंस के दूध का भाव 100 रुपये प्रति लीटर और गांव के दूध का भाव 80 रुपये प्रति लीटर निर्धारित करने का निर्णय लिया।

    वहीं, भैंस के घी का भाव 1500 रुपये और गाय के घी का भाव 2200 रुपये प्रति लीटर करने पर सहमति बनी। पशुपालकों ने दूध और घी की गुणवत्ता को लेकर भी सामूहिक नियम बनाया।

    तय मानकों का उल्लंघन करने अथवा दूध या घी में मिलावट कर बेचने वाले व्यक्ति पर 5100 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। इस मौके पर किसान भवन के प्रधान रतिराम सीड़ा, बलकार बल्लू, देवी दयाल, अमर सिंह, हरभजन सिंह, स्वर्ण सिंह, हरभजन सिंह बिक्रम सिंह, जगमेल सिंह, मोहित कुमार, जगदीप, बलकार सिंह भी मौजूद रहे।

     

  • पश्चिम बंगाल में 252 मदरसे बंद करने का आदेश, 100 को कारण बताओ नोटिस जारी

    पश्चिम बंगाल में 252 मदरसे बंद करने का आदेश, 100 को कारण बताओ नोटिस जारी

    कोलकाता
    पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार का राज्य के मदरसों पर कहर टूटा है। 252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है और करीब 100 दूसरे मदरसों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। यह आदेश राज्य भर में हुए सर्वे के बाद दिया गया है, जिसमें पाया गया कि ऐसे कई संस्थानों के पास जरूरी मंजूरी और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के मंत्री क्षुदीराम टुडू ने कहा कि जिन मदरसों के पास जरूरी मंजूरी है, वे चलते रहेंगे।

    जून की शुरुआत से पश्चिम बंगाल के सभी जिलों में सरकारी और प्राइवेट मदरसों के इंफ्रास्ट्रक्चर, मंज़ूरी की स्थिति और मैनेजमेंट सिस्टम का आकलन करने के लिए विभाग ने फील्ड-लेवल सर्वे किया था। अधिकारियों ने कहा कि मदरसों को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि उनके जवाबों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    टुडू ने कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देशों के बाद यह काम शुरू किया गया था ताकि अलग-अलग जिलों में अधिकृत और अनधिकृत मदरसों की संख्या का पता लगाया जा सके। मंत्री ने आगे कहा, "252 मदरसों को बंद करने का आदेश दिया गया है, जबकि 100 अन्य को जरूरी मंजूरी और बुनियादी ढांचे की कमी के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।"

    बार-बार मिल रही थी शिकायतें
    राज्य के पंचायती राज मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि मदरसों को लेकर कई विवाद हुए हैं और दावा किया कि कई मामलों में चरमपंथी गतिविधियों में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किए गए लोग ऐसे कुछ संस्थानों में शिक्षक के तौर पर काम करते पाए गए। उन्होंने कहा, "मदरसों के खिलाफ बार-बार शिकायतें मिल रही थीं। मदरसों से देश विरोधी गतिविधियां करने वाले लोगों के मामले सामने आए हैं।"

    उन्होंने आगे कहा कि कानून के हिसाब से और सरकारी इजाजत से चलने वाले मदरसे चलते रहेंगे। लेकिन सरकार मदरसों को बिना सोचे-समझे खोलने और परेशानी खड़ी करने की इजाजत नहीं देगी।" विपक्षी तृणमूल कांग्रेस के विधायक कुणाल घोष ने कहा कि सभी मदरसों को एक जैसा नहीं देखना चाहिए।

  • हरियाणा में 17 सितंबर को जलेंगे 79.52 लाख मिट्टी के दीये, कुम्हारों को मिलेगा बड़ा फायदा

    हरियाणा में 17 सितंबर को जलेंगे 79.52 लाख मिट्टी के दीये, कुम्हारों को मिलेगा बड़ा फायदा

    चंडीगढ़
     हरियाणा में इस बार 17 सितंबर को जलने वाला दीया सिर्फ घरों को रोशन नहीं करेगा, बल्कि प्रदेश के कुम्हारों के चाक को भी रफ्तार देगा।

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्रदेश में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान के तहत घर-घर मिट्टी के दीये जलाने की तैयारी है। अभियान से जुड़े प्रचार में इसे ‘आशीर्वाद का दीया’ कहा जा रहा है।

    हरियाणा सरकार ने इस आयोजन में एक दिलचस्प कड़ी जोड़ी है। दीयों की खरीद किसी बड़े सप्लायर या बाहर के बाजार से नहीं, बल्कि संबंधित जिले के स्थानीय कुम्हारों से ही की जाएगी।

    खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशालय ने सभी जिलों को दीयों की खरीद और वितरण के लिए लक्ष्य निर्धारित कर दिए हैं। यानी सरकारी अभियान की रोशनी का सीधा लाभ उस पारंपरिक कारीगर तक पहुंचाने की कोशिश है, जिसका चाक बदलते बाजार में लगातार धीमा पड़ता जा रहा है।

    हरियाणा के खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा मंजूरी देने के बाद जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। परिपत्र में कहा गया है कि निर्धारित संख्या में दीयों की खरीद समय रहते पूरी की जाए, ताकि वितरण में किसी तरह की देरी न हो।

    दीयों की गुणवत्ता, आकार और उपयोग योग्य स्थिति का ध्यान रखने को कहा गया है। साथ ही यह भी सलाह दी गई है कि खरीद स्थानीय स्तर पर इस तरह की जाए कि अधिक से अधिक कुम्हार परिवारों को इसका लाभ मिल सके।

    खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को केवल खरीद तक सीमित नहीं रहने, बल्कि दीयों को संबंधित लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाने और पूरी प्रक्रिया की निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं

    खरीद और वितरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार काम पूरा करने पर भी जोर है। अधिकारियों को अभियान की गतिविधियों का समुचित रिकार्ड रखने और उच्च स्तर पर रिपोर्ट भेजने के लिए कहा गया है।

    रोशनी के साथ स्थानीय हुनर को सहारा
    इस पहल का सबसे अहम पहलू यह है कि सरकारी आयोजन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ा गया है। सामान्यतः बड़े आयोजनों में सामान की खरीद केंद्रीकृत तरीके से होती है, लेकिन यहां जिले के कुम्हार को ही प्राथमिकता देने से सरकारी मांग सीधे उसके घर तक पहुंचेगी।

    एक तरफ हजारों घरों में परंपरागत मिट्टी के दीये जलेंगे, दूसरी तरफ कुम्हार परिवारों को दीवाली के सीजन से पहले ही बड़ा काम मिलेगा। परिपत्र में जिलों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि निर्धारित मात्रा की खरीद और वितरण अभियान की भावना के अनुरूप हो।

    इस लिहाज से 17 सितंबर की शाम जलने वाला दीया महज प्रतीकात्मक रोशनी नहीं होगा, बल्कि ‘स्थानीय से खरीदो और स्थानीय को मजबूत करो’ का संदेश भी देगा।

    प्रत्येक को मिलेंगे दो दीये मुफ्त, 79.52 लाख दीये बंटेंगे
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर को प्रदेश के हर अंत्योदय परिवार को दो-दो दीये निशुल्क उपलब्ध करवाए जाएंगे। विभाग ने प्रति दीया एक रुपये की दर निर्धारित की है।

    प्रदेश में कुल 39 लाख 76 हजार 273 राशन कार्ड हैं। इनके लिए कुल 79 लाख 52 हजार 546 दीये आवंटित किए जाने हैं, जो कि निशुल्क होंगे। हिसार में सबसे ज्यादा 5 लाख 76 हजार 608 दीये दिए जाएंगे।

  • BRICS में डॉलर को चुनौती, साझा करेंसी पर भारत ने साफ कर दी पूरी तस्वीर

    BRICS में डॉलर को चुनौती, साझा करेंसी पर भारत ने साफ कर दी पूरी तस्वीर

    नई दिल्ली
     दिल्ली में चल रहे ब्रिक्स सम्मेलन में अमेरिकी डॉलर के खिलाफ मुहिम शुरू हो गई है। वहीं साझा BRICS करेंसी को लेकर स्थिति साफ हो गई है। भारत सरकार ने कहा है कि फिलहाल समूह में ऐसी किसी करेंसी का प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार निपटाने और पेमेंट सिस्टम को जोड़ने पर चर्चा जारी है। यानी ब्रिक्स देश अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता करना चाहते हैं।

    विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंध सचिव सुधाकर दलेला ने बताया कि फिलहाल ब्रिक्स में साझा करेंसी शुरू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के बीच स्थानीय मुद्रा में व्यापार निपटाने को लेकर बातचीत काफी समय से चल रही है। दलेला के मुताबिक, स्थानीय मुद्रा में भुगतान को द्विपक्षीय व्यापार की लागत घटाने के एक व्यावहारिक तरीके के तौर पर देखा जा रहा है। इसका उद्देश्य वैश्विक पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम के विकल्प के बजाय उसे पूरक बनाना है।

    Navbharat TimesBRICS डिनर में परोसी गई हिमालय की गुच्छी, कीमत ₹40000 किलो तक, जानें इस महंगी मशरूम से कैसे शुरू करें बिजनेस

    डॉलर पर निर्भरता घटाने की कोशिश
    ब्रिक्स देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने की चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब डॉलर पर निर्भरता कम करने यानी डी-डॉलराइजेशन को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज है। ब्रिक्स सम्मेलन में शनिवार को जारी New Delhi Declaration में भी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार और निवेश के सेटलमेंट को बढ़ावा देने पर चल रही चर्चाओं का उल्लेख किया गया है।

    पीयूष गोयल ने की थी अपील
    भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी 11 सितंबर को BRICS बिजनेस फोरम में सदस्य देशों से अपने पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार बढ़ाने की अपील की थी।

    गोयल ने भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और UPI का उदाहरण देते हुए कहा था कि UPI अब 11 देशों में स्वीकार किया जाता है। उन्होंने BRICS देशों से पेमेंट सिस्टम को जोड़ने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने का आग्रह किया।

    अमेरिका क्यों है चिंतित?
    BRICS में डॉलर से दूरी बनाने की किसी भी कोशिश को अमेरिका के लिए चुनौती के तौर पर देखा जाता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही BRICS देशों को साझा करेंसी बनाने या डॉलर के विकल्प का समर्थन करने के खिलाफ चेतावनी दे चुके हैं।

    नवंबर 2024 में ट्रंप ने कहा था कि अगर ब्रिक्स देश नई करेंसी बनाते हैं या डॉलर की जगह किसी दूसरी करेंसी को समर्थन देते हैं, तो उन पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है।

  • अमित शाह का बड़ा ऐलान, 2029 तक NDA शासित 21 राज्यों में लागू होगा UCC

    अमित शाह का बड़ा ऐलान, 2029 तक NDA शासित 21 राज्यों में लागू होगा UCC

    नई दिल्ली
    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यूसीसी को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहाकि साल 2029 तक एनडीए के शासन वाले 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू हो जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर 30 दिन के सेवा संकल्प अभियान का ऐलान करते हुए अमित शाह ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा और सहयोगी दल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में सेवा संकल्प अभियान चलाएंगे। मुंबई में सेवा संकल्प अभियान को लेकर मीडिया को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि हमने कई राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की है। हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि साल 2029 के पहले भाजपा शासित सभी 21 प्रदेशों में समान नागरिक संहिता लागू करने में सफल होंगे।

    प्रधानमंत्री ने दुनिया में बढ़ाया भारत का मान
    इस दौरान अमित शाह ने कहा कि पिछले 12 साल में दुनिया में भारत का कद काफी बढ़ा है। दुनिया का कोई भी मुद्दा हो, आज भारत के प्रधानमंत्री की राय को अहमियत दी जाती है। दुनिया भर में लोग भारतीय पासपोर्ट रखने वाले भारतीय नागरिक को सम्मान की नजर से देखते हैं। नरेंद्र मोदी जी ने भारतीय पासपोर्ट की अहमियत बढ़ाने का काम किया है। इसका नतीजा यह है कि वे दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता बनकर उभरे हैं, जिन्हें सर्वे में 68 फीसदी अप्रूवल रेटिंग मिली है। उन्होंने आगे कहा कि 36 देशों ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय सम्मान दिए हैं, जो भारत के ‘भारत रत्न’ जैसे ही हैं। यह विदेशों में भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है।

    अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों में यह विश्वास पैदा किया है कि 15 अगस्त, 2047 तक भारत सभी क्षेत्रों में सभी देशों से आगे होगा। उन्होंने ने देश में सभी क्षेत्रों में बदलाव की शुरुआत की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि साल 2014 में भारत को ‘फ्रेजाइल फाइव’ में शामिल किया गया था, लेकिन आज यह शीर्ष पांच देशों में शामिल है।