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  • सागर शराब कांड में प्रशासन का बड़ा एक्शन, शराब दुकानों के लाइसेंस और हथियार लाइसेंस निरस्त

    सागर शराब कांड में प्रशासन का बड़ा एक्शन, शराब दुकानों के लाइसेंस और हथियार लाइसेंस निरस्त

    सागर 

    सागर जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और जनसुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक के बाद एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने जिले में शिकंजा कसते हुए कई ताबड़तोड़ कदम उठाए हैं।

    विनायका और बंडा थाना क्षेत्रों में आपराधिक मामलों में संलिप्तता पाए जाने पर प्रशासन ने म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915 के तहत दो शराब दुकानों मगरधा समूह के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और बरेठी दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर के कंपोजिट लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। इसके साथ ही बंडा प्रकरण से जुड़े आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की ग्राम मसवासी स्थित पत्थर क्रशर की खनिज लीज भी नियमों के लगातार उल्लंघन और समयसीमा का पालन न करने पर निरस्त कर दी गई है।

    लोक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयुध अधिनियम, 1959 के तहत तीन हथियार लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं। इनमें सोहन राजपूत, जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी की पत्नी हेमलता राजपूत और सिद्धार्थ कुशवाहा शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी को अपने हथियार संबंधित थानों में तुरंत जमा कराने के कड़े निर्देश दिए हैं। 

    महिला सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज
    वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए, जिला पंचायत सागर ने जनपद पंचायत शाहगढ़ की ग्राम पंचायत नौराज की सरपंच श्रीमती राजकुमारी राजपूत के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। निर्माण कार्यों के दौरान प्रथम दृष्टया 7 लाख 49 हजार 079 रुपये के गबन और दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद, म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत सरपंच के वित्तीय आहरण एवं संवितरण अधिकारों को सीज कर दिया गया है।

    प्रशासन की इस दोतरफा और त्वरित कार्रवाई से जिले के अन्य लापरवाह और संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों, वित्तीय गबन और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध ऐसे कड़े कदम आगे भी जारी रहेंगे। 

     

  • भोपाल की बेटी अरीबा जुनैद ने ब्रिटेन में लहराया परचम, जीता ग्लोबल अंडरग्रेजुएट अवॉर्ड

    भोपाल की बेटी अरीबा जुनैद ने ब्रिटेन में लहराया परचम, जीता ग्लोबल अंडरग्रेजुएट अवॉर्ड

    भोपाल
     राजधानी भोपाल निवासी अरीबा जुनैद सिद्दीकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अरीबा का प्रतिष्ठित ग्लोबल अंडरग्रेजुएट अवॉर्ड में चयन हुआ है. उन्हें इसी साल नवंबर में ब्रिटेन में अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. यह सम्मान उन्हें आर्किटेक्चर एंड डिजाइन कैटेगरी में मिलने जा रहा है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है। 

    अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह की छात्रा
    भोपाल की रहने वाली अरीबा जुनैद सिद्दीकी ने अपनी प्रतिभा का लोहा अंतरराष्ट्रीय मंच पर मनवाया है. अरीबा अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह की छात्रा हैं. ग्लोबल विनर स्तर पर आर्किटेक्चर एंड डिजाइन श्रेणी में उसका चयन हुआ है. उन्होंने Earthen Futures Catalysts of Resilience नामक प्रोजेक्ट के लिए प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किया है। 

    परिवार में खुशी की लहर
    ग्लोबल अंडरग्रेजुएट अवॉर्ड्स के चेयरमैन जिम बैरी ने कहा, "कई प्रतिभाएं दुनिया का ध्यान आकर्षित करने से काफी पहले ही अपनी उपलब्धियों से अलग पहचान बना लेती हैं." वहीं, अरीबा की इस उपलब्धि से उनके पिता जुनैद सिद्दीकी और मां राना जुनैद सिद्दीकी सहित पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. केंद्रीय विद्यालय की पूर्व प्रधान अध्यापक रिजवाना कादरी ने अपनी नातिन अरीबा की उपलब्धि पर बेहद खुश जाहिर की है। 

    माता-पिता के साथ शारजाह में रहती हैं अरीबा
    रिजवाना कादरी ने कहा, "उसने अपनी मेहनत और प्रतिभा से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे भोपाल और देश का नाम रोशन किया है. फिलहाल वह अपने माता-पिता के साथ शारजाह में है और वहीं अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह की छात्रा हैं। 

    अरीबा की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता को भोपाल के लिए भी गर्व की उपलब्धि माना जा रहा है. उनकी उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि भोपाल की प्रतिभाएं वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बनाने का हुनर रखती है। 

  • CG मंत्री नेताम का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- कांग्रेस का काम सिर्फ राग अलापना

    CG मंत्री नेताम का कांग्रेस पर पलटवार, बोले- कांग्रेस का काम सिर्फ राग अलापना

    रायपुर.

    कांग्रेस ने भाजपा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन कार्यक्रम को सरकारीकरण करने का आरोप लगाया है। इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम ही कुछ न कुछ राग अलापना है। कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद की गरिमा समझनी चाहिए।

    नेताम ने कहा कि नरेंद्र मोदी विशेष पद पर बैठकर पिछले 25 वर्षों से देश और प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा देशभर में सेवा संकल्प अभियान चला रही है और आम लोगों तक पहुंच रही है। इस अभियान में सभी का सहयोग लिया जा रहा है और आमजन को भी इससे जोड़ा जा रहा है।

    कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर साधा निशाना
    15 सितंबर से अंबिकापुर में होने वाले कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मंत्री रामविचार नेताम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम करती रहती है, लेकिन वह किस बात का प्रशिक्षण करती है, यह लगातार सामने आता रहता है। नेताम ने कांग्रेस में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर जूतमपैजार की स्थिति है। देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नीचे धकेल दिया है और इससे उबरना कांग्रेस के लिए बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे अभियानों के जरिए अपने जनाधार को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसमें वह सफल नहीं होगी।

    नए प्रदेश प्रभारी के दौरे पर कसा तंज
    कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी के आगामी छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी रामविचार नेताम ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इससे पहले भी कई सुरमावीर आते रहे हैं, उनका क्या हुआ, यह सभी ने देखा है। कांग्रेस में किसी के आने से कुछ नहीं होने वाला है। भाजपा द्वारा कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए जारी किए गए रैप वीडियो को लेकर भी मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया। पिछली सरकार की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं। भाजपा इसी को जनता के सामने रख रही है।

  • बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों पर आवागमन में नागरिकों को न हो परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों पर आवागमन में नागरिकों को न हो परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का  मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान:  कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश

    बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों पर आवागमन में नागरिकों को न हो परेशानी : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश – स्वयं मौका मुआयना करें, मानसून में भी सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें

    वर्षा ऋतु के बाद निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों में लाएं तेजी, समयबद्ध रूप से पूर्ण हों सड़क निर्माण के कार्य – मुख्यमंत्री साय

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को हो रही परेशानी की वाईरल वीडियो का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए।

    मुख्यमंत्री साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें।

    मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

    मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करें।

    मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर सड़क निर्माण एवं स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण लोगों को लंबे समय तक असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

  • FATF बैठक से पहले पाकिस्तान का नया पैंतरा, मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम घोषित; उठे सवाल

    FATF बैठक से पहले पाकिस्तान का नया पैंतरा, मसूद अजहर पर 70 लाख का इनाम घोषित; उठे सवाल

    इस्लामाबाद

    पाकिस्तान ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख और संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित वैश्विक आतंकवादी मसूद अजहर के खिलाफ एक बार फिर कार्रवाई का दिखावा किया है. पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की मोस्ट वांटेड लिस्ट में मसूद अजहर के नाम के साथ अब 70 लाख रुपये के इनाम का ऐलान किया गया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अक्टूबर में फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की अहम बैठक होने वाली है। 

    रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने इससे पहले भी मसूद अजहर को लेकर कार्रवाई का दावा किया था. साल 2021 में FIA की रेड बुक में उसके सिर पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था. वहीं, अब करीब पांच साल बाद इस राशि में 20 लाख रुपये की बढ़ोतरी की गई है। 

    कहां है मसूद अजहर?
    पाकिस्तान का दावा है कि मसूद अजहर पाकिस्तान से गायब है और अफगानिस्तान में है. हालांकि, भारतीय खुफिया एजेंसियों की तकनीकी निगरानी से जुड़े इनपुट में उसके पाकिस्तान में ही छिपे होने की बात सामने आई है। 

    रिपोर्ट में भारतीय खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि पिछले करीब छह महीनों के तकनीकी जांच में मसूद अजहर के पाकिस्तान के सिंध प्रांत के नवाबशाह में छिपे होने की जानकारी सामने आई है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगर वह पाकिस्तान में ही मौजूद है तो उसके खिलाफ केवल इनाम घोषित करने की कार्रवाई कितनी प्रभावी है। 

    पाकिस्तान की लिस्ट में और भी कई नाम शामिल
    FIA की नई मोस्ट वांटेड लिस्ट में केवल मसूद अजहर ही नहीं, बल्कि मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमले से जुड़े कई संदिग्धों के नाम भी शामिल किए गए हैं. लिस्ट में 19 आतंकियों के नाम बताए गए हैं, जिनमें से कई पर हमले के लिए आर्थिक मदद करने, आतंकियों को समुद्री रास्ते से मुंबई पहुंचाने और लॉजिस्टिक सहायता देने के आरोप हैं. FIA ने कुछ नामों के साथ पहले मौजूद तस्वीर और आतंकी संगठन से जुड़े विवरण को भी हटा दिया है। 

    भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने लगाए ये आरोप
    भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि पाकिस्तान की ऐसी कार्रवाई वास्तविक कदम से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने की कोशिश हो सकती है. गौर करने वाली बात यह भी है कि पाकिस्तान की मोस्ट वांटेड लिस्ट में आतंकियों की संख्या पिछले कुछ सालों में बढ़ी है. 2021 में FIA की रेड बुक में करीब 1,330 मोस्ट वांटेड आतंकी थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 1,804 हो गई है। 

    FIA की नई लिस्ट में 26/11 से जुड़े 19 आतंकी
    पाकिस्तान की फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) ने मोस्ट वांटेड आतंकियों की अपनी अपडेटेड लिस्ट जारी की है. इसमें मुंबई के 26/11 आतंकी हमले से जुड़े 19 आतंकियों के नाम शामिल हैं. इनमें कुछ पर हमलावरों को आर्थिक मदद देने, जबकि कुछ पर आतंकियों को समुद्री रास्ते से मुंबई पहुंचाने में सहयोग करने का आरोप है. लिस्ट में शामिल 17 आतंकियों की तस्वीर के साथ 26/11 हमले में उनकी भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। 

    हालांकि, लिस्ट में दो आतंकियों के मामले में अहम जानकारियां हटा दी गई हैं. उनके नाम तो मौजूद हैं, लेकिन तस्वीर, लश्कर-ए-तैयबा से संबंध और मुंबई हमले में उनकी भूमिका से जुड़ी जानकारी अब लिस्ट में नहीं है. साल 2021 में जारी FIA की लिस्ट में इन दोनों आतंकियों के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी। 

    2021 में भी किया था इनाम का ऐलान
    पाकिस्तान ने साल 2021 में भी मसूद अजहर पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। अब करीब पांच साल बाद इस रकम में 20 लाख रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 70 लाख रुपये कर दिया गया है। पाकिस्तान लंबे समय से दावा करता रहा है कि मसूद अजहर उसके देश में नहीं है और वह अफगानिस्तान में छिपा हुआ है। हालांकि, भारतीय खुफिया एजेंसियों की तकनीकी निगरानी के मुताबिक मसूद अजहर पाकिस्तान में ही छिपा हो सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले करीब छह महीनों से उसके सिंध प्रांत के नवाबशाह में होने के इनपुट सामने आ रहे हैं।

    26/11 के 19 आतंकियों के नाम भी सूची में
    FIA की नई अपडेटेड मोस्ट वांटेड सूची में मुंबई के 26/11 आतंकी हमले से जुड़े 19 आतंकियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें से 17 आतंकियों की तस्वीर और 26/11 हमले में उनकी भूमिका का विवरण दिया गया है। हालांकि, दो आतंकियों के मामले में तस्वीर, लश्कर-ए-तैयबा से संबंध और हमले में उनकी भूमिका का विवरण हटा दिया गया है। सिर्फ उनके नाम सूची में रखे गए हैं। तुर्बत के मोहम्मद खान का नाम भी सूची में है। आरोप है कि उसने आतंकियों को मुंबई पहुंचाने के लिए ‘अल-हुसैनी’ नाव उपलब्ध कराई थी। 2021 की सूची में उसकी तस्वीर और भूमिका का भी उल्लेख था, लेकिन नई सूची से ये विवरण हटा दिए गए हैं। इसी तरह बहावलनगर के अब्दुल रहमान की तस्वीर और लश्कर-ए-तैयबा से उसके संबंध का विवरण भी नई सूची में नहीं है।

    दो संदिग्धों की तस्वीर और जानकारी हटाई
    तुर्बत निवासी मोहम्मद खान का नाम नई लिस्ट में शामिल किया गया है. आरोप है कि उसने आतंकियों को मुंबई तक पहुंचाने के लिए ‘अल-हुसैनी’ नाव उपलब्ध कराई थी. लेकिन इस बार FIA ने उसकी तस्वीर के साथ-साथ लश्कर-ए-तैयबा से उसके संबंध और हमले में उसकी भूमिका का विवरण हटा दिया है। 

    इसी तरह बहावलनगर निवासी लश्कर-ए-तैयबा आतंकी अब्दुल रहमान का नाम भी लिस्ट में है, लेकिन उसकी फोटो और आतंकी संगठन से जुड़े होने की जानकारी हटा दी गई है. 2021 की लिस्ट में दोनों के नाम के साथ उनकी तस्वीर और 26/11 हमले में उनकी भूमिका की जानकारी दी गई थी। 

    दो नावों से आतंकियों को समुद्र के रास्ते पहुंचाया
    FIA की मौजूदा लिस्ट में उन 11 आतंकियों के नाम भी हैं, जिन पर 26/11 के हमलावरों को समुद्र के रास्ते आगे बढ़ाने में मदद करने का आरोप है. बताया गया है कि आतंकियों को ‘अल-हुसैनी’ और ‘अल-फौज’ नाम की दो नावों के जरिए समुद्र पार कराया गया था। 

    इन 11 लोगों में मुल्तान के मोहम्मद अमजद खान, बहावलपुर के शाहिद गफूर, साहीवाल के मोहम्मद उस्मान, लाहौर के अतीक उर रहमान, हाफिजाबाद के रियाज अहमद, गुजरांवाला के मोहम्मद मुश्ताक, डेरा गाजी खान के मोहम्मद नईम, कराची के अब्दुल शकूर, मुल्तान के मोहम्मद साबिर सल्फी, लोधरान के मोहम्मद उस्मान और रहीम यार खान के शकील अहमद शामिल हैं। 

    हमले की फंडिंग में भी कई नाम सामने आए
    लिस्ट में ऐसे छह आतंकियों के नाम भी दर्ज हैं, जिन पर 26/11 हमले के लिए लश्कर-ए-तैयबा को आर्थिक मदद देने का आरोप है. इनमें फैसलाबाद निवासी मोहम्मद इफ्तिखार अली का नाम शामिल है. उस पर आरोप है कि उसने हमलावरों और उनके आकाओं के बीच बातचीत के लिए VOIP कनेक्शन की व्यवस्था में 70 हजार पाकिस्तानी रुपये खर्च किए थे। 

    इसके अलावा रावलपिंडी के मोहम्मद जिया पर 80 हजार रुपये, खानेवाल के मोहम्मद अब्बास नासिर पर 2 लाख 53 हजार रुपये, कसूर के जावेद इकबाल पर 1 लाख 86 हजार 430 रुपये, मंडी बहाउद्दीन के मुख्तार अहमद पर 2 लाख 98 हजार 47 रुपये और बटग्राम के अहमद सईद पर 21 लाख रुपये आतंकी हमले के लिए देने का आरोप है। 

    बता दें कि मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति ने मई 2019 में वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था. उसके संगठन जैश-ए-मोहम्मद पर भी लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों के आरोप लगते रहे हैं। 

  • चांदी का मुकुट लौटाते हुए बोले राजनाथ सिंह- ‘गरीब बेटी को पायल बनवाकर दे देना’, वीडियो वायरल

    चांदी का मुकुट लौटाते हुए बोले राजनाथ सिंह- ‘गरीब बेटी को पायल बनवाकर दे देना’, वीडियो वायरल

     आगरा

    उत्तर प्रदेश के आगरा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अपने प्रवास के दौरान 'खटीक गर्जना सम्मेलन' में हुए स्वागत के दौरान उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया. दरअसल, समाज की ओर से राजनाथ सिंह को चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया. सम्मान स्वीकार करने के बाद रक्षा मंत्री ने मुकुट अपने पास रखने के बजाय उसे समाज को वापस लौटा दिया. चांदी का मुकुट वापस लौटाते समय उन्होंने कहा कि मैं सब कुछ स्वीकार कर लेता हूं, लेकिन चांदी का यह मुकुट आपके हवाले करता हूं. किसी गरीब मां-बाप की बेटी शादी के बाद विदा हो रही हो और उसके पैरों में चांदी की पायल न हो, तो इस मुकुट को तुड़वाकर उसके लिए पायल बनवाकर दे देना. राजनाथ सिंह की इस बात ने पूरे कार्यक्रम में मौजूद लोगों का दिल जीत लिया। 

    'समाज को बांटने की कोशिश में नहीं आएंगे'
    सम्मेलन में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हित साधने के लिए समाज को भड़काने की कोशिश करते हैं. कभी जाति के नाम पर तो कभी धर्म के नाम पर समाज में दरार पैदा करने का प्रयास किया जाता है। 

    उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि हम किसी के बहकावे में नहीं आएंगे और समाज को बंटने नहीं देंगे. समाज में प्रेम हो, सहयोग हो और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होने की भावना हो, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा. राजनाथ सिंह ने कहा- 'याद रखिए, टूटने से बिखरेंगे और जुड़ने से निखरेंगे। 

    'सनातन और हिंदू धर्म को जाति के चश्मे से देखने वाले मूल भाव नहीं समझते'

    रक्षा मंत्री ने कहा कि सनातन और हिंदू धर्म को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसके मूल भाव को समझ नहीं पाते हैं. उन्होंने कहा कि हमारी व्यवस्था कर्म आधारित है. इसमें एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई लोगों का एक ही कर्तव्य हो सकता है. उन्होंने कहा कि वह साझा कर्तव्य धर्म की रक्षा करना और राष्ट्र की रक्षा करना है। 

    'खटीक समाज ने अत्याचार सहे, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया'
    राजनाथ सिंह ने खटीक समाज के इतिहास और योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि समाज ने लंबे समय तक अत्याचार सहे, लेकिन अपने धर्म और आस्था को नहीं छोड़ा. उन्होंने कहा कि खटीक समाज ने अत्याचार सहे, लेकिन धर्म परिवर्तन नहीं किया. यह उसके धैर्य, संघर्ष और अपनी संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

    रक्षा मंत्री ने समाज से एकजुट रहने और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि समाज की ताकत उसके एकजुट रहने में है और किसी भी राजनीतिक स्वार्थ के लिए समाज को बांटने की कोशिशों से बचना होगा। 

    सबका लक्ष्य एक—धर्म और राष्ट्र की रक्षा
    हिंदू धर्म को केवल जाति के चश्मे से देखने वाले लोग उसके मूल भाव को नहीं समझ पाते हैं। हमारी व्यवस्था कर्म-आधारित है। इसमें एक ही व्यक्ति के कई कर्तव्य हो सकते हैं और कई लोगों का एक ही कर्तव्य भी हो सकता है। लेकिन सबका लक्ष्य एक ही है—धर्म और राष्ट्र की रक्षा करना।

    खटीक समाज की तारीफ
    1946 में जब डायरेक्ट एक्शन डे की घोषणा की गई और बंगाल में हिंदुओं को निशाना बनाया जाने लगा, तब गोपाल पाठा के नेतृत्व में खटीक समाज के कई लोगों ने मोर्चा संभाला था। उन्होंने हिंदुओं की रक्षा करने का काम किया था।

    खटीक वो, जो खौफ को भी डरा दे
    समय चाहे कोई भी रहा हो, चुनौती कैसी भी रही हो और शत्रु कितना भी शक्तिशाली रहा हो, खटीक समाज ने धर्म और देश के स्वाभिमान की रक्षा से कभी पीछे हटना स्वीकार नहीं किया। ऐसा भी कहा जा सकता है कि खटीक वो है, जो खौफ को भी डरा दे। खटीक वो है, जो खतरे में सबसे आगे खड़ा रहे। खटीक वो है, जो खुद कठिनाई सहकर भी दूसरों की रक्षा करे।

    यूपी तेजी से विकास कर रहा
    आज उत्तर प्रदेश भी डबल इंजन की सरकार के साथ तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है। आप याद कीजिए, एक समय था जब उत्तर प्रदेश में माफिया राज चलता था। ऊबड़-खाबड़ सड़कें होती थीं। असुरक्षा का माहौल था। लोग भय में जी रहे थे और आए दिन दंगे होते थे।

    अपराधियों के लिए सुर्खियों में रहता था यूपी
    उत्तर प्रदेश आज विकास के लिए जाना जा रहा है। विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जा रहा है। जो प्रदेश कभी अपराधियों के लिए सुर्खियों में रहता था, आज औद्योगिक कॉरिडोर बना रहा है। मेट्रो रेल का नेटवर्क फैला रहा है। अब तो आगरा मेट्रो के विस्तार का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

  • भोपाल के 10 बड़े होटल-रेस्टोरेंट की रसोई में छापा, सड़े आलू-एक्सपायरी मांस और कीड़े मिले

    भोपाल के 10 बड़े होटल-रेस्टोरेंट की रसोई में छापा, सड़े आलू-एक्सपायरी मांस और कीड़े मिले

    भोपाल 

    आप जिन महंगे और नामी होटलों में स्वादिष्ट खाने की उम्मीद लेकर जाते हैं, उनकी रसोई का सच आपको हैरान कर सकता है। भोपाल के खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के 10 बड़े होटलों और रेस्टोरेंट की किचन में जब अचानक दबिश दी, तो वहां भारी अनियमितताएं सामने आईं।

    रिपोर्ट के अनुसार, जांच टीम को कहीं एक्सपायरी डेट का मांस मिला, तो कहीं दाल में कीड़े रेंगते नजर आए। मशहूर होटल रेडीसन में 50 किलो सड़े हुए आलू बरामद हुए, जिन्हें टीम ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया। वहीं, कुछ गिने-चुने प्रतिष्ठानों में ही साफ-सफाई की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। विभाग ने तीन जगहों से संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल भी जांच के लिए भेजे हैं।

    रेडीसन और टर्क्वाइज हॉस्पिटैलिटी में मिलीं गंभीर खामियां
        शहर के प्रतिष्ठित होटल रेडीसन की रसोई में टीम को करीब 50 किलो सड़े आलू मिले। हालांकि, प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि इन्हें वेंडर को वापस लौटाने के लिए रखा गया था। इसके अलावा यहां हनी ब्रेड के 4 पैकेट मिस-ब्रांडेड पाए गए, जबकि फ्रोजन मीट के पैकेट पर खून के साक्ष्य और 'बेस्ट बिफोर' (इस्तेमाल की अंतिम तिथि) की अधूरी जानकारी मिली।

        वहीं, टर्क्वाइज हॉस्पिटैलिटी में हालात और भी चिंताजनक थे। यहां मूंग दाल और राजमा में कीड़े पाए गए, जिन्हें टीम ने तुरंत नष्ट कराया। किचन में साफ-सफाई नदारद थी, खुले डस्टबिन, काली पड़ चुकी गंदी कड़ाही और कीड़ों (पेस्ट) के संकेत भी मिले। यहां पेस्ट कंट्रोल पर्याप्त नहीं था और लाइसेंस भी नहीं लगाया गया था।

    वेज-नॉनवेज के रखरखाव में लापरवाही
        होटल लिमिटेड में टीम को एक्सपायरी डेट की मछली और चिकन मिला। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि वेज और नॉनवेज की प्रोसेसिंग और स्टोरेज के लिए कोई अलग व्यवस्था नहीं थी। पानी की शुद्धता (पोटेबिलिटी) की रिपोर्ट भी संस्थान के पास नहीं थी, जिसके बाद उन्हें सुधार का नोटिस थमाया गया।

        दूसरी तरफ, सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत मिली थी कि साक्षी ढाबा में चिकन या बकरे की जगह किसी अन्य मांस का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस गंभीर शिकायत के आधार पर टीम ने वहां से मटन और पनीर के सैंपल जांच के लिए हैं।

    महादेव भोजनालय और आदित्य ग्रैंड में नियमों की अनदेखी

        महादेव भोजनालय में न तो रजिस्ट्रेशन प्रदर्शित किया गया था और न ही पेस्ट कंट्रोल का कोई सर्टिफिकेट मिला। कर्मचारियों के पास मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी नहीं थे, जिन्हें बनवाने के निर्देश दिए गए हैं। कम फैट के शक में यहां से पनीर-उत्तपम का सैंपल लिया गया है।

        आदित्य ग्रैंड में भी कर्मचारियों के पास मेडिकल सर्टिफिकेट नहीं थे और वे बिना हेयर कवर के काम कर रहे थे। यहां आधा पैकेट एक्सपायरी ब्रेड मिली, साथ ही संदेह के आधार पर पनीर का नमूना भी लिया गया। उधर, होटल ताज में दो तरह के पनीर मिलने पर टीम को शक हुआ था, लेकिन शुरुआती जांच और बिल देखने के बाद वह सही पाया गया। ताज प्रबंधन को फ्राइंग और वेज-नॉनवेज स्टोरेज व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए हैं।

    इन प्रतिष्ठानों ने पास किया स्वच्छता का टेस्ट
        एक तरफ जहां कई होटलों की रसोई ने निराश किया, वहीं जहानुमा रिट्रीट और द क्राउन 1909 की व्यवस्थाएं जांच टीम को पूरी तरह संतोषजनक मिलीं। जहानुमा रिट्रीट में वेज और नॉनवेज के लिए अलग-अलग डीप फ्रीजर और किचन की व्यवस्था थी।

        वहां लाइसेंस भी लगा था और साफ-सफाई भी उम्दा थी। इसी तरह द क्राउन 1909 में भी किचन, बर्तन और स्टोरेज एरिया पूरी तरह साफ-सुथरे पाए गए और वेज-नॉनवेज का भंडारण उचित मानकों के तहत किया गया था।

     

  • विश्वभूषण मिश्र का तबादला, काशी विश्वनाथ मंदिर के नए CEO की तलाश तेज

    विश्वभूषण मिश्र का तबादला, काशी विश्वनाथ मंदिर के नए CEO की तलाश तेज

    वनारस 

    श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्र का तबादला कर दिया गया। उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उप सचिव बनाया गया है। उन्होंने फरवरी 2024 में पदभार संभाला था। उनके कार्यकाल में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धाम परिसर में एयर फिल्टर लगाने की पहल हुई।
    श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र का रविवार देर रात तबादला कर दिया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में उप सचिव की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विश्वभूषण मिश्र ने 2 फरवरी 2024 को मंदिर के सीईओ का पदभार संभाला था। उन्होंने ढाई साल से अधिक समय तक इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी संभाली।
    अपने कार्यकाल के दौरान, विश्वभूषण मिश्र ने काशी विश्वनाथ धाम में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया। उनके नेतृत्व में वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धाम परिसर में एयर फिल्टर लगाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। वर्तमान में धाम परिसर में ये एयर फिल्टर सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं।
    मंदिर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कई अन्य कार्यों को लेकर भी उनके कार्यकाल में महत्वपूर्ण पहल की गई थी। इसी तबादला सूची में एक और महत्वपूर्ण नियुक्ति हुई है। पीसीएस अधिकारी वरखा सिंह को वाराणसी का अपर नगर आयुक्त बनाया गया है। इससे पहले, वरखा सिंह उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में प्रधान प्रबंधक के पद पर तैनात थीं। उनके स्थानांतरण के बाद, वह अब वाराणसी नगर निगम में अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी।

    विश्वभूषण मिश्र का कार्यकाल और उपलब्धियां
    विश्वभूषण मिश्र ने 2 फरवरी 2024 को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी का पदभार ग्रहण किया था। उन्होंने ढाई साल से अधिक समय तक मंदिर प्रशासन की बागडोर संभाली। उनके कार्यकाल में काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया। वायु प्रदूषण से बचाव के लिए धाम परिसर में एयर फिल्टर स्थापित करने का निर्णय भी उनके कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इन एयर फिल्टरों के लगने से धाम परिसर में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है। उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए कई पहल कीं।

    बरखा सिंह की नई जिम्मेदारी
    तबादला सूची में पीसीएस अधिकारी बरखा सिंह को वाराणसी में एक अहम पद दिया गया है। उन्हें वाराणसी का अपर नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है। इस नई जिम्मेदारी से पहले, वरखा सिंह उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ में प्रधान प्रबंधक के पद पर कार्यरत थीं। अब वह वाराणसी नगर निगम में अपनी नई भूमिका निभाएंगी। यह स्थानांतरण वाराणसी के स्थानीय प्रशासन में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।
    विश्वभूषण मिश्र के तबादले के बाद, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंदिर प्रशासन में सीईओ का पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ऐसे में मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से बनाए रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है। नए अधिकारी के सामने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने की चुनौती होगी। उन्हें मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं और धाम में चल रहे विकास कार्यों को आगे बढ़ाना होगा।

  • दिवाली पर यात्रियों को बड़ी राहत, तत्काल कोटे की सीटें 6500 से बढ़कर होंगी 12000 से ज्यादा

    दिवाली पर यात्रियों को बड़ी राहत, तत्काल कोटे की सीटें 6500 से बढ़कर होंगी 12000 से ज्यादा

    लखनऊ
    दिवाली पर अभी से ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट से परेशान यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर रेलवे प्रशासन ने त्यौहार में तत्काल कोटे की सीटें बढ़ाने का फैसला लिया है। रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजकर अनुमति मांगी गई है। मंजूरी मिलते ही लखनऊ से दिल्ली, मुंबई और हावड़ा रूट की ट्रेनों में तत्काल कोटे की सीटें 6,500 से बढ़ाकर 12,000 से अधिक कर दी जाएंगी। यह बढ़ोतरी पूरी तरह अस्थायी होगी। फिलहाल लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, गोमती और वैशाली एक्सप्रेस, तथा मुंबई जाने वाली पुष्पक, अवध व कुशीनगर एक्सप्रेस में भारी वेटिंग चल रही है। हावड़ा रूट की ट्रेनों का भी यही हाल है।

    दशहरा, दिवाली और छठ पर स्पेशल ट्रेन
    दशहरा, दीपावली और छठ पर्वों पर यात्रियों की भीड़ के मद्देनजर दरभंगा से अहमदाबाद तक पूजा विशेष गाड़ी चलेगी। यह गाड़ी वाराणसी जंक्शन (कैंट) होकर गुजरेगी। पूर्वोत्तर रेलवे के सीपीआरओ सुमित कुमार ने बताया कि गाड़ी संख्या- 09465 स्पेशल 18, 25 सितम्बर, 2, 9, 16, 23, 30 अक्तूबर, 6, 13, 20 और 27 नवम्बर को हर शुक्रवार अहमदाबाद से रात 8.25 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन रात 11.20 बजे कैंट आएगी।

    यहां से तीसरे दिन सुबह 10.30 बजे दरभंगा पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या-09466 विशेष गाड़ी 21, 28 सितम्बर, 5, 12, 19, 26 अक्तूबर, 2, 9, 16, 23, 30 नवम्बर तथा 2 दिसम्बर को हर सोमवार दरभंगा से भोर में 3 बजे प्रस्थान कर दिन में 1.35 बजे कैंट आएगी। यहां से अहमदाबाद प्रस्थान करेगी।

    त्योहारों पर इन स्पेशल ट्रेनों का भी होगा संचालन
    वहीं, उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज से भी दुर्गापूजा, दशहरा, दिवाली और छठ पूजा पर ट्रेनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए स्पेशल ट्रेनों का संचालन होगा। प्रयागराज जंक्शन से उधना के लिए ट्रेन नंबर 04105/04106 विशेष ट्रेन को एक अक्तूबर से 30 नवंबर चलेगी।गुरुवार और रविवार को प्रयागराज से रवाना होगी। प्रयागराज से साबरमती के लिए गाड़ी संख्या 04179/04180 (गाड़ी संख्या 04111/04112 के स्थान पर) तीन अक्तूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार और मंगलवार को संचालित होगी।प्रयागराज से दादर के लिए गाड़ी संख्या 04139/04140 साप्ताहिक विशेष गाड़ी दो अक्तूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी।

    प्रयागराज से वेरावल के लिए गाड़ी संख्या 04173/04174 एक अक्तूबर से 27 नवंबर तक प्रत्येक गुरुवार को संचालित होगी।सूबेदारगंज से वलसाड के लिए गाड़ी संख्या 04119/04120 साप्ताहिक विशेष ट्रेन तीन अक्तूबर से 29 नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को चलाई जाएगी।इसी रूट की एक अन्य गाड़ी संख्या 04177/04178 का संचालन छह अक्तूबर से 25 नवंबर के बीच प्रत्येक मंगलवार को होगा।

    सूबेदारगंज से उधना के बीच द्वि-साप्ताहिक विशेष गाड़ी संख्या 04155/04156 आगामी 19 अक्तूबर से 27 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को उपलब्ध रहेगी।इसके अलावा सूबेदारगंज से दादर के लिए गाड़ी संख्या 04175/04176 साप्ताहिक विशेष गाड़ी चार अक्तूबर से 24 नवंबर के बीच प्रत्येक रविवार को तथा सूबेदारगंज से इंदौर के लिए गाड़ी संख्या 04169/04170 – साप्ताहिक विशेष गाड़ी दो अक्तूबर से 28 नवंबर तक प्रत्येक शुक्रवार और सोमवार को यात्रियों की सेवा के लिए पटरी पर उतरेगी। यह जानकारी उत्तर मध्य रेलवे के वरिष्ठ जनसम्पर्क अधिकारी अमित मालवीय ने दी।

    हरिहर, केवी-जनता एक्स.बदले रास्ते से जाएगी
    वहीं, उत्तर रेलवे के लखनऊ जंक्शन (चारबाग) स्टेशन पर कॉनकोर्स निर्माण के लिए लिये गए ब्लॉक की अवधि 15 सितम्बर तक बढ़ा दी गई है। इससे आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनें बदले मार्गों से चलेंगी, जबकि एक गाड़ी को शॉर्ट टर्मिनेट और शॉर्ट ओरिजिनेट किया जाएगा।

    पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी (सीपीआरओ) सुमित कुमार ने बताया कि 14 और 15 सितम्बर को बनारस-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस उतरेटिया में यात्रा समाप्त करेगी और यहीं से चलाई जाएगी। वहीं, 14 सितम्बर को अप और डाउन साइड की बरौनी-अम्बाला हरिहर एक्सप्रेस, 14 और 15 सितम्बर को बनारस-नई दिल्ली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस (केवी) और इन्हीं तिथियों में बनारस-देहरादून जनता एक्सप्रेस बदले मार्ग उतरेटिया-ट्रांसपोर्ट नगर-आलमनगर के रास्ते चलाई जाएंगी। 14 सितम्बर को गुवाहाटी-ओखा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग बाराबंकी-मल्हौर-ऐशबाग-कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जायेगी।

  • घर में इन 5 जगहों पर रखें नमक, वास्तु के अनुसार दूर हो सकती है नेगेटिविटी

    घर में इन 5 जगहों पर रखें नमक, वास्तु के अनुसार दूर हो सकती है नेगेटिविटी

     नमक हर किचन में आसानी से मिल जाता है. खाने में इसका इस्तेमाल तो रोज होता ही है, लेकिन वास्तु और पुरानी मान्यताओं में भी नमक को खास माना गया है. ऐसा माना जाता है कि नमक घर के माहौल से नेगेटिव चीजों को कम करने में मदद कर सकता है. वास्तु विशेषज्ञ बाबा बिमलेश के अनुसार, घर में नमक रखने की जगह को लेकर कई तरह की मान्यताएं हैं. कुछ लोग इन्हें घर में पॉजिटिव माहौल और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखते हैं.

    मुख्य दरवाजे के पास रख सकते हैं नमक
    वास्तु की कुछ मान्यताओं में घर के मुख्य दरवाजे के पास नमक रखने की बात कही गई है. इसके लिए कांच की छोटी कटोरी में थोड़ा सेंधा नमक रखा जा सकता है. माना जाता है कि इससे बाहर से घर में आने वाली नेगेटिव चीजों को कम करने में मदद मिल सकती है. नमक की कटोरी ऐसी जगह रखें जहां किसी का पैर न लगे और वह आसानी से गिरे भी नहीं.

    बाथरूम में नमक रखने की भी मान्यता
    बाथरूम में पानी और नमी ज्यादा होती है. वास्तु के कुछ उपायों में यहां नमक रखने की बात भी कही जाती है. इसके लिए एक छोटी कांच की कटोरी में थोड़ा नमक रख सकते हैं. अगर नमक गीला हो जाए तो उसे बदल दें. कटोरी में रखा नमक लंबे समय तक छोड़ने के बजाय समय-समय पर नया नमक रखना बेहतर माना जाता है.

    लिविंग रूम में भी रख सकते हैं नमक
    लिविंग रूम में परिवार के लोग साथ बैठते हैं और मेहमान भी आते हैं. वास्तु की कुछ मान्यताओं के अनुसार यहां नमक रखने से घर का माहौल पॉजिटिव रखने में मदद मिल सकती है. इसके लिए छोटी कटोरी में थोड़ा नमक रख सकते हैं. कटोरी को साफ जगह पर रखें और नमक को समय-समय पर बदलते रहें.

    उत्तर-पूर्व दिशा में नमक रखना
    वास्तु में उत्तर-पूर्व दिशा को खास माना जाता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में नमक रखने से घर में पॉजिटिव माहौल और सुख-समृद्धि बनाए रखने में मदद मिल सकती है. अगर आप यह उपाय करना चाहती हैं तो नमक को साफ कांच के बर्तन में रख सकती हैं. जगह भी साफ और सूखी होनी चाहिए.

    बेडरूम में नमक रखने का उपाय
    से कमरे में मौजूद नेगेटिव माहौल को कम करने में मदद मिल सकती है. अगर आप यह उपाय करती हैं तो नमक को खुले में रखने के बजाय छोटी कटोरी या किसी साफ बर्तन में रखें.

    किचन में नमक कहां रखें?
    नमक का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किचन में ही होता है. इसलिए इसे ऐसी जगह रखना चाहिए जहां पानी और भाप कम पहुंचे. नमक को हमेशा साफ और सूखे डिब्बे में बंद करके रखना बेहतर है. वास्तु की मान्यताओं में भी किचन में नमक को साफ और सही तरीके से रखने की बात कही जाती है. गीली जगह पर नमक रखने से वह जल्दी गीला हो सकता है.

    खिड़की के पास नमक रखने की मान्यता
    कुछ वास्तु उपायों में खिड़की के पास नमक रखने की बात भी कही जाती है. मान्यता है कि इससे बाहर से आने वाली नेगेटिव चीजों को कम करने में मदद मिल सकती है. हालांकि, खिड़की के पास नमक रखते समय बारिश और नमी का ध्यान रखें. अगर नमक गीला हो जाए तो उसे बदल दें.

    पोछे के पानी में नमक डालने का उपाय
    घर की सफाई से जुड़ा एक वास्तु उपाय पोछे के पानी में थोड़ा नमक मिलाना भी है. इसे घर के माहौल से नेगेटिव चीजों को कम करने से जोड़कर देखा जाता है. लेकिन ऐसा करने से पहले फर्श की सतह जरूर देख लें. हर तरह के फर्श पर नमक डालकर सफाई करना सही नहीं होता.

    ऑफिस डेस्क पर भी रख सकते हैं नमक
    कुछ वास्तु मान्यताओं में ऑफिस या काम करने वाली जगह पर नमक रखने की बात भी कही जाती है. इसके लिए डेस्क पर छोटी कटोरी में थोड़ा नमक रखा जा सकता है. इसे ऐसी जगह रखें जहां काम करते समय हाथ न लगे और नमक गिरे नहीं. कटोरी में रखा नमक भी समय-समय पर बदलते रहें.

    नमक रखते समय इन बातों का रखें ध्यान
    नमक को हमेशा साफ और सूखी जगह पर रखना बेहतर होता है. अगर किसी कटोरी में रखा नमक गीला हो गया है तो उसे बदल दें. नमक को गंदी या बहुत ज्यादा नमी वाली जगह पर रखने से बचें.

    सबसे जरूरी बात यह है कि नमक से जुड़े इन उपायों को सिर्फ वास्तु और पारंपरिक मान्यता के तौर पर ही देखें. नमक रखने से पैसा टिकेगा या घर की नेगेटिव चीजें पूरी तरह खत्म हो जाएंगी, ऐसा कोई पक्का दावा नहीं किया जा सकता.