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  • महंगे केराटिन-प्रोटीन ट्रीटमेंट छोड़िए! अंडे से बनाएं 5 होममेड हेयर मास्क, बाल होंगे मुलायम

    महंगे केराटिन-प्रोटीन ट्रीटमेंट छोड़िए! अंडे से बनाएं 5 होममेड हेयर मास्क, बाल होंगे मुलायम

     क्या आपने भी पार्लर में केराटिन और प्रोटीन ट्रीटमेंट पर हजारों रुपये खर्च किए हैं, फिर भी बाल रूखे और बेजान बने रहते हैं? अगर हां, तो इसका सबसे सस्ता और 100 प्रतिशत प्राकृतिक इलाज आपके किचन में ही मौजूद है. बालों के लिए अंडा बेस्ट माना जाता है और दादी-नानी के जमाने से ही लोग इसे बालों पर हेयर मास्क की तरह लगाते आ रहे हैं.

    प्रोटीन और बायोटिन से भरपूर अंडा बालों को जड़ों से मजबूत बनाता है और झड़ने की समस्या को कम करता है. अक्सर लड़कियां महंगे एग-बेस्ड शैंपू तो खरीद लेती हैं, लेकिन घर पर ताजा अंडा लगाने से कतराती हैं. हालांकि, करीब 80 प्रतिशत महिलाएं अंडे की तेज बदबू की वजह से इसे लगाने से बचती हैं.

    ब्यूटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, अंडे को अकेले लगाने से स्मेल आती है. लेकिन इसमें कुछ घरेलू चीजें मिला ली जाएं, तो बदबू पूरी तरह खत्म हो जाती है और बालों को दोगुना पोषण मिलता है. आइए हम आपको ऐसे 5 आसान और असरदार होममेड एग हेयर मास्क के बारे में बताते हैं, जो बिना किसी बदबू के 30 मिनट में आपके बालों को सैलून जैसी चमक और मजबूती देंगे.

    शहद, दही और अंडे का मास्क
    अगर आपके बालों में स्प्लिट्स एंड्स और ड्राईनेस है, तो यह मास्क सबसे अच्छा ऑप्शन है. 1 अंडे में 2 चम्मच घर का गाढ़ा दही और 1 चम्मच शहद मिलाकर अच्छे से फेंट लें. दही इस मास्क को क्रीमी बनाता है जिससे अं

    डा बालों में चिपकता नहीं है, वहीं शहद नमी को अंदर तक लॉक करने का काम करता है. इसे सिर्फ बालों की लेंथ पर लगाएं और 25 मिनट बाद ठंडे पानी से धो लें.

    नारियल तेल, एलोवेरा और अंडे का मास्क
    कई लोगों के बाल धोने के तुरंत बाद बहुत रूखे हो जाते हैं. इसके लिए 1 अंडे में 2 चम्मच एलोवेरा जेल और आधा चम्मच नारियल तेल मिलाएं. एलोवेरा हल्का और फिसलन भरा होता है जो बालों को सॉफ्ट बनाता है, जबकि नारियल तेल हल्की चमक देता है. ध्यान रहे कि नारियल तेल आधा चम्मच से ज्यादा न डालें, वरना बाल ऑयली लगेंगे.

    केला, दही और अंडे का मास्क
    अगर आपके बाल मैनेज नहीं होते और बार-बार उलझते हैं, तो यह मास्क कमाल का काम करेगा. 1 पके केले को मिक्सी में बारीक पीस लें, फिर इसमें 1 अंडा और 1 चम्मच दही मिलाएं. केले की मीठी खुशबू अंडे की बदबू को पूरी तरह खत्म कर देती है और बालों को स्मूथ बनाती है.

    एवोकाडो और अंडे का मास्क
    मोटे और कर्ली हेयर्स के लिए एवोकाडो सबसे बेस्ट माना जाता है. आधा पका एवोकाडो और 1 अंडा मिलाकर अच्छे से मैश करके पेस्ट बना लें. एवोकाडो में मौजूद नेचुरल फैट बालों को डीप मॉइश्चर और कंडीशनिंग देता है. पतले या बारीक बालों वाले लोग इस मास्क का इस्तेमाल न करें.

    कॉफी और अंडे का मास्क
    अगर आपको सिर्फ अंडे की स्मेल से प्रॉब्लम है, तो यह तरीका आपके लिए ही है. 1 अंडे में 1 चम्मच कॉफी पाउडर मिलाएं. कॉफी की स्ट्रॉन्ग खुशबू अंडे की स्मेल पर पूरी तरह भारी पड़ती है और यह स्कैल्प के ब्लड सर्कुलेशन को भी बढ़ाती है. इसे स्कैल्प पर रगड़ें नहीं, सिर्फ 5 मिनट हल्के हाथों से मसाज करें और 30 मिनट बाद धो लें.

    अंडे की बदबू से बचने के 3 गोल्डन रूल्स
    ठंडे पानी का इस्तेमाल: एग मास्क को हमेशा नॉर्मल या ठंडे पानी से ही धोएं. गर्म पानी से अंडा बालों में जम सकता है और बदबू बढ़ जाती है.

    लास्ट रिंस: बाल धोने के बाद आखिरी बार रिंस करते समय पानी में 2 बूंद नींबू का रस या गुलाब जल मिला लें.

    कितने समय तक लगाएं: किसी भी एग हेयर मास्क को 30 मिनट से ज्यादा समय तक बालों में रखना चाहिए.

  • भारत-पाक तनाव के बीच बड़ा फैसला, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी खेलने पंजाब आएगी पाकिस्तान की हॉकी टीम

    भारत-पाक तनाव के बीच बड़ा फैसला, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी खेलने पंजाब आएगी पाकिस्तान की हॉकी टीम

     नई दिल्ली
     भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध इस समय अच्छे नहीं हैं। इसका असर खेल के मैदान पर भी नजर आता है। क्रिकेट में तो दोनों टीमें एक-दूसरे से हाथ तक नहीं मिलती हैं। बीती रात एशिया कप के फाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के मोहसिन नकवी से ट्रॉफी तक नहीं ली। दोनों टीमें एक-दूसरे का दौरा नहीं करती हैं, लेकिन अगले महीने होने वाले एक टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तानी टीम भारत आएगी।

    ये कोई क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं है बल्कि हॉकी का बड़ा टूर्नामेंट एशियन चैंपियंस ट्रॉफी है। मेंस एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन पंजाब में होना है। ये टूर्नामेंट अगले महीने खेला जाना है। सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तानी टीम भारत आएगी।

    पॉलिसी का दिया हवाला
    भगवंत मान ने कहा कि केंद्र सरकार की पॉलिसी के तहत इसे मंजूरी दी गई है। मान ने कहा, "मल्टी नेशनल टूर्नामेंट में कोई परेशानी नहीं है। संभवतः द्विपक्षीय सीरीज में हो।"

    केंद्रीय खेल नीति के मुताबिक भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलेंगी। हालांकि, ओलंपिक के नियमों को ध्यान में रखते हुए खेल मंत्रालय ने कहा था कि दोनों टीमें मल्टी टीम इवेंट्स में एक-दूसरे के खिलाफ खेल सकती हैं और भारत, सीमा पार के खिलाड़ियों को इस तरह के टूर्नामेंट्स में अपने यहां खेलने से नहीं रोकेगा। हालांकि, इसके बाद भी पाकिस्तान ने पिछले साल जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस ले लिया था जो तमिलनाडु में खेला गया था।

    ऐसा है कार्यक्रम
    एशियन चैंपियंस ट्ऱॉफी की शुरुआत 27 अक्टूबर से होगी और ये टूर्नामेंट पांच नवंबर तक चलेगा। लीग स्टेज के मैच जालंधर में खेले जाएंगे और सेमीफाइनल, फाइनल मैच मोहाली में होंगे। टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, चीन, जापान, मलेशिया और कोरिया की टीमें हिस्सा लेंगी। ओमान और बांग्लादेश के तौर पर दो रिजर्व टीमों का भी ऐलान किया गया है। अगर कोई टीम नाम वापस लेती है तो इनको जगह दी जाएगी।

     

  • गणेश चतुर्थी पर कैसी मूर्ति लाएं? जानें बप्पा की सूंड किस दिशा में होना माना जाता है शुभ

    गणेश चतुर्थी पर कैसी मूर्ति लाएं? जानें बप्पा की सूंड किस दिशा में होना माना जाता है शुभ

     गणेश चतुर्थी पर घर में गणपति बप्पा की मूर्ति लाने की तैयारी कर रहे हैं, तो मूर्ति खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है. खासकर गणेश जी की सूंड किस तरफ होनी चाहिए, इसे लेकर अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है. वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मूर्ति का स्वरूप और उसकी दिशा घर के माहौल से जुड़ी मानी जाती है. ऐसे में बप्पा की मूर्ति खरीदने से पहले इन बातों को जान लेना आपके काम आ सकता है.

    किस दिशा में होनी चाहिए गणेश जी की सूंड?
    वास्तु से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, घर में गणेश जी की बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली मूर्ति (Ganesh Idol Trunk Direction) रखना शुभ माना जाता है. इसे सामान्य गृहस्थ जीवन के लिए उपयुक्त माना जाता है. मान्यता है कि बाईं ओर मुड़ी सूंड वाला स्वरूप सौम्यता और शांति से जुड़ा होता है.

    मूर्ति खरीदते समय यह जरूर देखें कि सूंड साफ और सही आकार में हो. केवल सूंड की दिशा देखकर ही मूर्ति को शुभ या अशुभ मानना जरूरी नहीं है, क्योंकि अलग-अलग परंपराओं में इसके अलग अर्थ बताए गए हैं.

    दाईं ओर मुड़ी सूंड वाले गणेश जी को लेकर क्या मान्यता है?
    अगर गणेश जी की सूंड उनकी दाईं ओर मुड़ी हुई है, तो इसे दक्षिणाभिमुखी गणेश कहा जाता है. वास्तु और धार्मिक मान्यताओं में इस स्वरूप को विशेष (Ganesh Idol Trunk Direction) माना जाता है. ऐसी प्रतिमा के साथ पूजा के कुछ खास नियमों का पालन करने की बात कही जाती है. इसलिए सामान्य घर की पूजा के लिए लोग अक्सर बाईं ओर मुड़ी सूंड वाली प्रतिमा को प्राथमिकता देते हैं.

    बैठी हुई गणेश जी की मूर्ति क्यों मानी जाती है शुभ?
    वास्तु की मान्यताओं में घर के लिए बैठे हुए गणेश जी की मूर्ति को अच्छा माना जाता है. इसे स्थिरता और शांति का प्रतीक माना जाता है. खासकर अगर मूर्ति घर के पूजा स्थान के लिए ली जा रही है, तो बैठे हुए गणेश जी की प्रतिमा एक सामान्य विकल्प हो सकती है. मूर्ति खरीदते समय यह भी देखें कि गणेश जी का चेहरा प्रसन्न और शांत दिखाई दे.

    गणेश जी की मूर्ति किस दिशा में रखें?
    वास्तु की मान्यताओं के अनुसार, घर में गणेश जी की मूर्ति को उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण में रखना शुभ माना जाता है. अगर वहां पूजा स्थान बनाना संभव न हो, तो घर की स्थिति के अनुसार किसी साफ और शांत जगह पर पूजा स्थान बनाया जा सकता है. गणेश जी की मूर्ति को सीधे जमीन पर रखने के बजाय किसी साफ चौकी या पूजा स्थान पर रखना बेहतर माना जाता है.

  • लंदन के टेम्स किनारे पहली बार गूंजे मंत्र और शंख, दिखा गंगा आरती का अद्भुत नजारा

    लंदन के टेम्स किनारे पहली बार गूंजे मंत्र और शंख, दिखा गंगा आरती का अद्भुत नजारा

    भारत में गंगा आरती का नाम आते ही वाराणसी, हरिद्वार और ऋषिकेश के घाट याद आते हैं. लेकिन रविवार को हजारों किलोमीटर दूर लंदन में भी ऐसा ही आध्यात्मिक नजारा देखने को मिला. यहां पहली बार टेम्स नदी के किनारे गंगा आरती की गई. मंत्रों, संगीत, शंख और दीपों के बीच पूरा माहौल भक्तिमय हो गया.

    यह आयोजन लंदन के ग्रीनविच में स्थित ओल्ड रॉयल नेवल कॉलेज में हुआ. चिन्मय मिशन यूके ने इसे 'टोटली टेम्स' फेस्टिवल के साथ मिलकर आयोजित किया था. इस कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए.

    दीप, मंत्र और प्रार्थना से सजा किनारा
    गंगा आरती में बड़े बहु-स्तरीय तेल के दीप जलाए गए. इसके साथ प्रार्थना, संगीत और मंत्रों का जाप हुआ. भारत में होने वाली गंगा आरती की तरह यहां भी नदी के प्रति सम्मान और आभार जताया गया.

    आयोजकों के मुताबिक, गंगा आरती सिर्फ एक धार्मिक रस्म नहीं है. यह प्रकृति और जीवन को बनाए रखने वाली चीजों के प्रति आभार जताने का एक तरीका भी है.

    गंगा सिर्फ नदी नहीं, ज्ञान का भी प्रतीक
    इस आयोजन का एक खास पहलू गंगा से जुड़ा आध्यात्मिक अर्थ भी रहा. चिन्मय मिशन यूके की रेजिडेंट टीचर ब्रह्मचारिणी श्रीप्रिया चैतन्य ने बताया कि चिन्मय मिशन की परंपरा में गंगा ज्ञान के प्रवाह का भी प्रतीक है.  बता दें कि चिन्मय मिशन एक ऐसा संगठन है जो भारतीय आध्यात्मिक ज्ञान और वेदांत की शिक्षाओं को भारत के साथ-साथ विदेशों में भी लोगों तक पहुंचाता है.

    75 साल पूरे होने का जश्न भी
    चिन्मय मिशन के संस्थापक स्वामी चिन्मयानंद ने वेदांत के ज्ञान को लोगों तक पहुंचाने के लिए अपना जीवन समर्पित किया था. इसलिए मिशन के 75 साल पूरे होने के मौके पर हुआ यह आयोजन ज्ञान, सेवा और कृतज्ञता की परंपरा से भी जोड़ा गया. मिशन की ओर से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इस मौके पर कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं.

    सिर्फ भारतीयों के लिए नहीं था कार्यक्रम
    यह आयोजन ब्रिटेन के हिंदू और दक्षिण एशियाई समुदाय के साथ-साथ सभी पृष्ठभूमि के लोगों के लिए खुला था. यानी जो लोग भारतीय परंपराओं को समझना चाहते हैं, वे भी इसमें शामिल हुए.

    इससे गंगा आरती को सिर्फ एक धार्मिक कार्यक्रम के बजाय लोगों को साथ जोड़ने वाले आयोजन के रूप में भी पेश किया गया.

    टेम्स में नहीं डाली गई पूजा सामग्री
    आयोजन की एक खास बात पर्यावरण को लेकर भी रही. पूरी आरती नदी के किनारे जमीन पर हुई. कार्यक्रम से जुड़ी कोई भी चीज नदी में नहीं डाली गई और दीपों को पानी में बहाने के बजाय नदी किनारे ही रखा गया. इसका मकसद परंपरा की भावना को बनाए रखते हुए टेम्स नदी को साफ और सुरक्षित रखना था.

    भारतीय संस्कृति की भी दिखी झलक
    मुख्य आरती से पहले कार्यक्रम में भारतीय संगीत, डांस, खाने और दूसरी सांस्कृतिक गतिविधियां भी हुईं. बच्चों के लिए भी कार्यक्रम रखे गए थे. इससे यह आयोजन सिर्फ पूजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय संस्कृति और समुदाय को जोड़ने वाला एक बड़ा कार्यक्रम बन गया.

    लंदन में पहली बार हुई यह गंगा आरती इस मायने में खास रही कि भारत की सदियों पुरानी नदी पूजा की परंपरा को एक नए देश और नई नदी के किनारे पेश किया गया. गंगा और थेम्स के किनारे हुए इस आयोजन में धर्म के साथ प्रकृति, संस्कृति, ज्ञान और भारतीय समुदाय से जुड़ाव का संदेश भी देखने को मिला.

  • खाना खाने के बाद मुंह का स्वाद बदलना है? घर पर झटपट बनाएं खट्टी-मीठी जीरा पाचक गोली

    खाना खाने के बाद मुंह का स्वाद बदलना है? घर पर झटपट बनाएं खट्टी-मीठी जीरा पाचक गोली

    खाना खाने के बाद अगर आपका भी कुछ खट्ठा-मीठा या चटपटा खाने का मन करता है तो इस बार बाजार से पाचक गोली खरीदने के बजाय इसे घर पर बनाकर देखें. जीरा पाचक गोली स्वाद में खट्टी-मीठी और हल्की मसालेदार होती है, जिसे खाने के बाद मुंह का स्वाद भी बदल जाता है. इसे बनाने के लिए आपको जीरा, आमचूर पाउडर, काला नमक, सेंधा नमक, नींबू और कुछ सामान्य चीजों की जरूरत होगी. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा समय और मेहनत भी नहीं लगती. आप इन गोलियों को बनाकर एयरटाइट डिब्बे में स्टोर कर सकते हैं और जब मन करे तब खा सकते हैं. तो आइए जानते हैं घर पर टेस्टी जीरा पाचक गोली बनाने की आसान रेसिपी.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    ¼ कप जीरा
    1 बड़ा चम्मच काली मिर्च पाउडर
    2 बड़े चम्मच आमचूर पाउडर
    1 बड़ा चम्मच सेंधा नमक
    ½ बड़ा चम्मच काला नमक
    5 बड़े चम्मच नींबू का रस
    1 कप पिसी हुई चीनी
    चुटकीभर हींग

    जीरा पाचक गोली घर पर बनाएं कैसे?

    • जीरा पाचक गोली बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही गर्म करें और उसमें जीरा डालकर धीमी आंच पर अच्छी तरह भून लें. जीरा हल्का भुन जाए और उसमें से खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें. इसे ठंडा होने दें. इसके बाद भुने हुए जीरे को मिक्सर में डालकर बारीक पीस लें.
    • अब एक बड़े बाउल में पिसा हुआ जीरा, काली मिर्च पाउडर, सेंधा नमक, काला नमक, आमचूर पाउडर, हींग और पिसी हुई चीनी डालकर अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद इसमें धीरे-धीरे नींबू का रस डालते हुए मिश्रण को मिलाएं. ध्यान रखें कि मिश्रण बहुत ज्यादा गीला न हो. इसे इस तरह तैयार करें कि इससे आसानी से छोटी-छोटी गोलियां बनाई जा सकें.
    • अब तैयार मिश्रण से छोटी-छोटी गोलियां बना लें. इन गोलियों को पिसी हुई चीनी में हल्का सा लपेट दें. इसके बाद इन्हें कुछ समय के लिए सूखने दें. आपकी घर पर बनी जीरा पाचक गोलियां तैयार हैं.
    • आप इन्हें खाने के बाद कभी-कभी मुंह का स्वाद बदलने के लिए ले सकते हैं. गोलियों को पूरी तरह सूखने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखकर स्टोर करें.

     

  • बच्चों के बीच पहुंचे मंत्री जायसवाल, सुविधाओं का लिया जायजा कहा, विद्यार्थियों की सुविधा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    बच्चों के बीच पहुंचे मंत्री जायसवाल, सुविधाओं का लिया जायजा कहा, विद्यार्थियों की सुविधा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    बच्चों के बीच पहुंचे मंत्री जायसवाल, सुविधाओं का लिया जायजा कहा, विद्यार्थियों की सुविधा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर जाना भोजन, स्वच्छता और व्यवस्थाओं का हाल, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    मनेन्द्रगढ़/एमसीबी

    स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अपने दौरा कार्यक्रम के दौरान ग्राम जरौंधा स्थित छात्रावास पहुंचे। मंत्री के छात्रावास पहुंचने पर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया और छात्रावास में उन्हें मिल रही सुविधाओं का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया।
    मंत्री जायसवाल ने विद्यार्थियों से भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, रहने की व्यवस्था सहित दैनिक आवश्यकताओं से जुड़ी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया। छात्रावास की व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
    उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में यहां रहने वाले बच्चों को बेहतर वातावरण, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जिम्मेदार अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए।
    मंत्री ने अधिकारियों को छात्रावास की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने तथा भोजन और स्वच्छता में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
    मंत्री का यह अंदाज विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी समस्याओं को सीधे सुनने की पहल के रूप में देखा गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह संदेश भी स्पष्ट रूप से दिया गया कि सरकारी छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुविधा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

  • भिलाई के सूर्या मॉल स्थित स्पा सेंटर पर पुलिस की रेड, युवतियों से भरवाया बाउंड ओवर

    भिलाई के सूर्या मॉल स्थित स्पा सेंटर पर पुलिस की रेड, युवतियों से भरवाया बाउंड ओवर

    दुर्ग.

    भिलाई के सूर्या मॉल स्थित सेंशेसन स्पा सेंटर में अवैध गतिविधियों की शिकायत मिलने के बाद पुलिस रेड कार्रवाई की, लेकिन यहां कोई अनैतिक कार्य करते नहीं पाया गया। वहीं गुंडा-बदमाशों की तरह स्पा सेंटर के मालिक और लड़कियों से पुलिस ने बाउंड ओवर भरवाया है, ताकि अनैतिक कार्य होने पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

    मॉल प्रबंधन के अनुसार, जहां स्पा सेंटर है, वो सोल्ड प्रॉपर्टी है. वहां की लाइट और पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इसके बावजूद अंदर युवतियां और अन्य लोग मौजूद मिले, जिन्हें पुलिस ने बाहर निकाला। रेड के दौरान मिली युवतियों/लड़कियों के संलिप्तता की जांच के बाद पुलिस ने युवतियों पर ‘बाउंड ओवर’ (मुचलका पाबंद) की कार्रवाई की है, ताकि भविष्य में ऐसी गतिविधियों में दोबारा शामिल न हों।
    भिलाई नगर सीएसपी निशांत पाठक ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि शहर में स्पा सेंटर्स की आड़ में चल रहे अवैध कार्यों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तमाम ठिकानों पर लगातार सख्त चेकिंग व वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

    फिलहाल सेंशेसन स्पा सेंटर में किसी भी प्रकार का अनैतिक कार्य की पुष्टि नहीं हुई। ASP सिटी शोभराज अग्रवाल के निर्देश पर इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में CSP निशांत पाठक, डीएसपी (IUCAW) भारती मरकाम की टीम भी विशेष रूप से शामिल थी। सुपेला थाना प्रभारी एसएन सिंह, स्मृति नगर चौकी प्रभारी अमित अंडानी भी मौजूद रहें थे।

  • MP के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पश्चिमी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव; इंदौर संभाग भी भीगा

    MP के 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पश्चिमी हिस्से में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव; इंदौर संभाग भी भीगा

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पश्चिमी हिस्से में बने मौसम तंत्र के असर से रविवार को कई जिलों में तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई इलाकों में बारिश का दौर चला। बड़वानी में नदी-नाले और तालाब उफान पर आ गए, जबकि रतलाम, मुरैना, शाजापुर, झाबुआ, खरगोन और खंडवा में भी तेज बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में निम्न दाब क्षेत्र के साथ द्रोणिका सक्रिय है। इसके असर से पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। जिन इलाकों में पिछले दिनों बारिश की कमी बनी हुई थी, वहां भी अब बारिश का दौर पहुंचा है। सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, विदिशा, धार, झाबुआ, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, रीवा, सतना, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।

     नदी-नाले उफने, बांध के गेट खुले
    रविवार को बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। कई नदी-नालों और तालाबों का जलस्तर बढ़ गया। रलावती का बड़ा तालाब भी ओवरफ्लो हो गया।टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोलने पड़े। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर रही। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद, खंडवा, महू, ओंकारेश्वर और रतलाम में भी तेज बारिश हुई। भोपाल में भी बारिश के असर से जलाशयों में पानी बढ़ा। रविवार रात कलियासोत डैम के तीन गेट खोले गए।

    15 सितंबर से बारिश की रफ्तार घटने के संकेत
    मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, 14 सितंबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। निम्न दाब क्षेत्र के राजस्थान-गुजरात की ओर बढ़ने के दौरान पश्चिमी जिलों में इसका असर बना रहेगा। हालांकि 15 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता और दायरा धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। अगले सात दिनों में पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूबे रविवार को भोपाल समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई। बड़वानी के सेंधवा में नदी-नाले और तालाब उफान पर रहे। रलावती में जिले का सबसे बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया।

    मुरैना में चंबल नदी में नहाते समय पिता-पुत्र डूब गए। दोनों बाबू महाराज मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद और खंडवा में भी मूसलधार बारिश हुई।

    टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के 4 गेट खोल दिए गए। हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर रही। महू, ओंकारेश्वर, रतलाम समेत कई जिलों में तेज बारिश हुई।

    32 जिलों में अब भी बारिश की कमी
    प्रदेश के 32 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में स्थिति पिछले सप्ताह की तुलना में सुधरी है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 25 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। पश्चिमी हिस्से में कमी ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। 

    झोंकेदार हवा से सावधान
    मौसम विभाग ने आगे बताया कि प्रदेश के शेष जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. वहीं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवा चलेगी. इस दौरान खुले में, टिन शेड, हल्की नुकीली या धारदार वस्तुओं आदि के आसपास न खड़े हों। 

    MP में क्यों बदला मौसम का मिजाज?
    मौसम विभाग की ओर से बताया जा रहा है कि दक्षिण छत्तीसगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो साइक्लोनिक सर्कुलेशन के साथ पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. मानसून ट्रफ इस वक्त मध्य प्रदेश के बीच से गुजर रहा है. इसी के चलते प्रदेश में अभी भी बारिश का माहौल बना हुआ है. माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक मानसून राज्य से विदा हो सकता है। 

  • बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट मामले में 12 अफसर STF के रडार पर, मास्टरमाइंड रियाल के 4 पासपोर्ट मिले

    बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट मामले में 12 अफसर STF के रडार पर, मास्टरमाइंड रियाल के 4 पासपोर्ट मिले

     ग्वालियर
    प्रदेश में बांग्लादेशी नागरिकों के फर्जी भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट तैयार करने वाले अंतरराज्यीय रैकेट के खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की जांच में भोपाल, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बैतूल के 12 पुलिस अधिकारियों व अन्य विभागों के कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जो अब STF की रडार पर हैं। साल 2021 में बांग्लादेशियों के फर्जी पासपोर्ट बनाने का यह खेल ग्वालियर के डबरा से शुरू हुआ था।

    17 फर्जी पासपोर्ट्स पर एक ही गवाह, एक ही पता और एक ही मोबाइल नंबर होने के बावजूद पुलिस को भनक तक नहीं लगी, जिससे पुलिस तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उस समय ग्वालियर डबरा थाना प्रभारी के रूप में विनायक शुक्ला व थाना पर पासपोर्ट वैरीफिकेशन सेल का इंचार्ज प्रधान आरक्षक भूपेन्द्र गुर्जर हुआ करता था। इन दोनों से एसटीएफ जल्द तलब कर पूछताछ करेगी।

    विदेश मंत्रालय ने 3 साल पहले (2023 में) PHQ को चेताया था
    रैकेट की पैठ भोपाल से डबरा तक फैली हुई थी। विदेश मंत्रालय ने 2023 में ही मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) को रिपोर्ट भेजकर फर्जी पासपोर्ट बनाए जाने के प्रति आगाह किया था। इसके बाद भी पीएचक्यू से कोई ठोस संदेश जारी नहीं किया गया। जिसका नतीजा यह रहा कि आज इन 70 बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेज व पासपोर्ट ने पूरे देश की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है।

    100 के पार पहुंच सकती है संख्या
    प्रदेश में फर्जी पासपोर्ट की संख्या 100 के पार जाने की आशंका है। क्योंकि एसटीएफ को कुछ और भी संदिग्ध पासपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही साल 2021-22 और उसके बाद के दो साल में डबरा सहित इन शहरों से जितने पासपोर्ट बने हैं उनमें कई संदिग्ध की श्रेणी में आ रहे हैं।
    एसटीएफ की पांच टीम मध्य प्रदेश के बाहर दबिश दे रही हैं।
    रैकेट का मुख्य नेटवर्क ग्वालियर और भोपाल में सक्रिय था। भोपाल के गोविंदपुरा के एक ही पते पर 40 फर्जी पासपोर्ट के आवेदन तैयार कर अलग-अलग जिलों के पासपोर्ट सेल में वेरिफिकेशन के लिए भेजे जाते रहे और पासपोर्ट बनते रहे। इसी तरह दूसरा सबसे बड़ा गढ़ ग्वालियर का डबरा रहा था। यहां से एक ही पते पर 17 बांग्लादेशियों के भारतीय दस्तावेज बने और पासपोर्ट तैयार हुए।

    आवेदन आने से पहले ही थाने में बजती थी घंटी- 'अर्जेंट है, जल्दी निकालो'
    स्पेशल टास्क फोर्स की जांच में खुलासा हुआ है कि संदिग्ध पासपोर्ट आवेदन वेरिफिकेशन के लिए डबरा थाने पहुंचने से पहले ही वहां फोन आ जाता था। थाने में कहा जाता था आवेदन अर्जेंट है, इसे जल्दी क्लियर करके निकालो। एक फोन कॉल पर पासपोर्ट आनन-फानन में वैरिफिकेशन कर निकाल दिया जाता था।

    अब तक यह चार पकड़े गए
    बांग्लादेशियों के मध्य प्रदेश से फर्जी पासपोर्ट कांड में मास्टर माइंड रियाल चौधरी, जाय चौधरी बरुआ, महाराष्ट्र के उल्लासनगर से पकड़ा गया प्रियान राय और विप्लव अधिकारी को साउथ दिल्ली से पकड़ा था। अब तक यह चार पकड़े गए हैं। जबकि 08 की तलाश में एसटीएफ की अलग-अलग टीम दबिश दे रही हैं।

    जांच के घेरे में तत्कालीन TI व आरक्षक
    जिस अवधि (2021) में डबरा से ये फर्जी पासपोर्ट वेरीफाई हुए, उस दौरान विनायक शुक्ला (वर्तमान में दतिया में DSP) डबरा थाना प्रभारी थे, जबकि पासपोर्ट वेरिफिकेशन सेल का जिम्मा प्रधान आरक्षक भूपेंद्र गुर्जर के पास था। कुछ समय के लिए सुरेंद्र सिंह भी थाना प्रभारी रहे। STF यह पता लगा रही है कि थाने में पहले से फोन कौन करता था और उसे आवेदनों की गुप्त जानकारी कैसे मिलती थी।

    मास्टरमाइंड रियाल चौधरी के खुद के बने थे 4 फर्जी पासपोर्ट
    एसटीएफ और पुलिस की पूछताछ में रैकेट के मास्टरमाइंड रियाल चौधरी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। रियाल चौधरी के खुद के 4 पासपोर्ट बने हैं और चारों में ही फर्जी दस्तावेज लगाए गए थे। उसने डबरा के दो स्थानीय दलालों के जरिए फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे। एसपी राजेश भदौरिया के अनुसार, रियाल से पूछताछ के आधार पर 5 अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी के लिए भेजी गई हैं।

    बौद्ध विहार के एक भिक्षु के तीन अलग-अलग नाम आए थे सामने
    बांग्लादेशियों के फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनाने के मामले में खुलासा हुआ है। डबरा के जिस बुद्ध विहार के पते से 17 बांग्लादेशियों के भारतीय पासपोर्ट बने, वहां के भिक्षु के ही तीन अलग-अलग नाम सामने आए हैं। आधार कार्ड में नाम रामेश्वर जाटव, वोटर आईडी में भंते संघप्रिय और मठ की दीवार पर रांघप्रिय महाथेरो लिखा है। आधार में रामेश्वर जाटव के पिता का नाम नारायण जाटव और पता दतिया का है। वहीं वोटर आईडी में उनका नाम भंते संघप्रिय और पिता का नाम नारायण दर्ज है। इस पर उनका कहना है कि कुछ दिन पहले ही बौद्ध धर्म अपनाया है। धर्म अपनाने के बाद नाम संघप्रिय रखा गया। इस पर कुछ नहीं कहा कि नया नाम मिलने पर क्या दस्तावेज भी बदल जाते हैं।

    मठों में कौन आया और कौन गया…
    बौद्ध मठ का कोई रिकॉर्ड ही नहीं, इसलिए अब वह जांच के घेरे में हैं। STF की जांच में एक और गंभीर बात सामने आई है। बुद्ध मठों में आने-जाने वाले लोगों का कोई व्यवस्थित रिकॉर्ड नहीं मिला है। मठ में कौन आया, कहां से आया, कितने दिन रुका और कब चला गया, इसका हिसाब नहीं है। संदेह के आधार पर मठों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

    एमपी के बाहर दबिश दे रहीं पांच टीम
    इस मामले में एसटीएफ एसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि फर्जी पासपोर्ट मामले में हमारी पांच टीम मध्यप्रदेश के बाहर दबिश दे रही हैं। साथ ही पांच साल में फर्जी तरीके से भारतीय दस्तावेज बनाने से लेकर पासपोर्ट वैरीफिकेशन तक कई विभागों और पुलिस थानों तक यह फाइल पहुंचीं। इनसे जुड़े पुलिस अफसर, पुलिसकर्मी व अन्य विभाग के कर्मचारियों की सूची बनाई है। सभी हमारी जांच के दायरे में हैं और उनसे पूछताछ की जाएगी। कई आरोपियों के दो से तीन दस्तावेज भी मिले हैं।

  • स्मृति मंधाना ने रोहित शर्मा को छोड़ा पीछे, विराट कोहली का रिकॉर्ड खतरे में

    स्मृति मंधाना ने रोहित शर्मा को छोड़ा पीछे, विराट कोहली का रिकॉर्ड खतरे में

    नई दिल्ली
    हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने महिला एशिया कप 2026 अपने नाम किया। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से धूल चटाई। हरमन ब्रिगेड ने दुबई के मैदान पर 183/5 का स्कोर खड़ा किया। स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने अर्धशतक जमाया। मंधाना ने 39 गेंदों में पांच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 59 रन बनाए। शेफाली ने 39 गेंदों में 68 रन जुटाए, जिसमें 9 चौके और दो सिक्स हैं। श्रीलंकाई टीम जवाब में 111 रनों पर ढेर हो गई और भारत ने रिकॉर्ड आठवीं बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। यह टूर्नामेंट का दसवां संस्करण था।

    रोहित शर्मा से आगे निकलीं स्मृति मंधाना
    30 वर्षीय स्मृति मंधाना टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वाले भारतीयों की लिस्ट में दूसरे पायदान पर पहुंच गई हैं। वह दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा से आगे निकली हैं। मंधाना ने अब तक 176 T20I मैचों में 4751 रन बनाए हैं, जिसमें दो शतकीय और 38 अर्धशतकीय पारियां हैं। उन्होंने महिला एशिया कप में एक शतक लगाया। 'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित ने सबसे छोटे फॉर्मेट में भारत के लिए 159 मुकाबले खेले और 4231 रन बटोरे। उन्होंने पांच शतक और 32 अर्धशतक ठोके।

    मंधाना ने खतरे में डाला कोहली का रिकॉर्ड
    मंधाना ने विराट कोहली का रिकॉर्ड खतरे में डाला दिया है। सुपरस्टार बल्लेबाज कोहली ने T20I में भारत की ओर से सबसे ज्यादा पचास प्लस पारियां खेलने का कारनामा अंजाम दिया है। उन्होंने 125 मैचों में 4188 रन जोड़े, जिसमें एक शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं। मंधाना आने वाले समय में दो पचास प्लस स्कोर बनाते ही कोहली का रिकॉर्ड ध्वस्त कर देंगे। कोहली और रोहित टी20 इंटरेशनल के अलावा टेस्ट से भी संन्यास ले चुके हैं। दोनों भारत के लिए सिर्फ वनडे क्रिकेट खेलते हैं।

    T20I में सबसे ज्यादा 50+ स्कोर बनाने वाले भारतीय
    39 – विराट कोहली

    38 – स्मृति मंधाना

    37 – रोहित शर्मा

    29 – सूर्यकुमार यादव

    24 – केएल राहुल

    21 – शेफाली वर्मा

    19 – हरमनप्रीत कौर

    गौरतलब है कि स्मृति मंधाना और शेफाली की शानदार बल्लेबाजी के बाद श्री चरणी ने की अगुआई में भारतीय गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन किया। स्पिनर चरणी ने 20 रन देकर चार विकेट चटकाए। दीप्ति शर्मा ने तीन जबकि क्रांति गौड़ और शेफाली वर्मा ने एक-एक शिकार किया। फाइनल में शेफाली को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। इस धमाकेदार जीत के साथ भारत ने पिछले संस्करण के फाइनल में श्रीलंका से मिली हार का बदला लिया।