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  • दिल्ली में छात्रों के लिए बनेगा 10 हजार बेड वाला हॉस्टल, CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान

    दिल्ली में छात्रों के लिए बनेगा 10 हजार बेड वाला हॉस्टल, CM रेखा गुप्ता का बड़ा ऐलान

    नई दिल्ली
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छात्रों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि दिल्ली सरकार 10,000 छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने की योजना पर काम कर रही है। इन हॉस्टलों में छात्र और छात्राएं दोनों रह सकेंगे। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराना है।

    संबंधित विभागों के साथ बैठकें की गई
    सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी करते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन हॉस्टल सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इस योजना को लागू करने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठकें की गई हैं। सरकार ने हॉस्टल निर्माण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान भी शुरू कर दी है और इसके लिए ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    चिंता मुक्त रहेंगे अभिभावक, छात्रों को मिलेगा सुरक्षित और बेहतर माहौल
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने हॉस्टलों में छात्रों की जरूरतों और उन्हें उपलब्ध कराई जाने वाली जरूरी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए योजना तैयार की है। उनका लक्ष्य ऐसे हॉस्टल तैयार करना है, जहां देशभर से दिल्ली पढ़ने आने वाले छात्रों को सुरक्षित और बेहतर माहौल मिल सके। रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया कि इन हॉस्टलों के निर्माण के बाद अभिभावक अपने बच्चों को दिल्ली में बिना किसी चिंता के छोड़ सकेंगे। वहीं, छात्रों को रहने और खाने की परेशानियों से राहत मिलेगी और वे पूरी तरह अपनी पढ़ाई तथा अपने भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने छात्रों की ज़रूरतों और इन हॉस्टलों में ज़रूरी सुविधाओं पर अच्छी तरह से विचार किया है। मैं आपको भरोसा दिलाती हूँ कि हम ऐसे हॉस्टल बनाएँगे जहाँ देश भर के माता-पिता पूरी निश्चिंतता के साथ अपने बच्चों को भेज सकें, और जहाँ छात्र—खाने-पीने या रहने की चिंता से मुक्त होकर—पूरी तरह से अपने सपनों को पूरा करने पर ध्यान दे सकें। सत्य निकेतन में इमारत गिरने से सात लोगों की मौत के बाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार इमारतों की जांच बढ़ाएगी, सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करेगी और पूरी राजधानी में पेइंग गेस्ट (PG) आवासों से जुड़े नियमों की समीक्षा करेगी।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि उन्होंने दिल्ली में इमारत की सुरक्षा, छात्रों के रहने की व्यवस्था और PG नियमों पर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई एक संयुक्त समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि बैठक में सख्त सुरक्षा जांच, ज़िम्मेदारी तय करने और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल पर ज़ोर दिया गया। मुख्यमंत्री गुप्ता ने घोषणा की कि शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता वाली एक समिति मौजूदा PG नियमों की समीक्षा करेगी। यह समिति विश्वविद्यालयों, दिल्ली नगर निगम (MCD) और दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के माध्यम से छात्रों के लिए आवास की सुविधा बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार करेगी। 

    सत्य निकेतन में सात लोगों की मौत
    गौरतलब है कि, मुख्यमंत्री का यह ऐलान दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए हादसे के बाद आया है। बता दें कि यहां एक पांच मंजिला इमारत के अचानक ढह जाने से सात लोगों की मौत हो गई है। इस इमारत में लड़कों का पीजी चलता था। इस घटना के बाद MCD के कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया और जर्जर पीजी, मकानों, हॉसटल और घरों का सर्वे कर उन्हें सील करने के निर्देश भी लगातार दिए जा रहे हैं।

  • ‘मोदी की गारंटी पर देश को भरोसा’, यूसीसी पर अमित शाह के बयान का भूपेंद्र चौधरी ने किया स्वागत

    ‘मोदी की गारंटी पर देश को भरोसा’, यूसीसी पर अमित शाह के बयान का भूपेंद्र चौधरी ने किया स्वागत

    'मोदी की गारंटी पर देश को भरोसा', यूसीसी पर अमित शाह के बयान का भूपेंद्र चौधरी ने किया स्वागत

    महिलाओं के अधिकारों की ढाल बनेगा यूसीसी, भूपेंद्र चौधरी ने किया बड़ा दावा

    यूसीसी से मजबूत होंगे महिलाओं के अधिकार, भूपेंद्र चौधरी का बड़ा दावा

    लखनऊ
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के बयान का स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही अपने संकल्प पत्र में समान नागरिक संहिता को प्रमुखता से शामिल किया था और इसे लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की थी।

    भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा का संकल्प पत्र 14 अप्रैल 2024 को जारी किया गया था। पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में स्पष्ट रूप से समान नागरिक संहिता को शामिल किया था और संविधान के अनुच्छेद 44 के अनुरूप इसे राज्य के नीति निर्देशक तत्वों के तहत लागू करने की बात कही थी।

    महिलाओं की समानता की दिशा में मजबूत कदम 'यूसीसी'

    उन्होंने कहा कि भाजपा का मानना है कि जब तक समान नागरिक संहिता लागू नहीं होती, तब तक महिलाओं को उनके अधिकारों की पूर्ण सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित नहीं किया जा सकता। समान नागरिक संहिता महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने और समाज में समानता स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि केंद्र सरकार देश में एक आधुनिक, प्रभावी और सभी नागरिकों को समान सुरक्षा प्रदान करने वाला कानून लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह का हालिया बयान इसी दिशा में सरकार की मंशा और संकल्प को दर्शाता है।

    पीएम मोदी की गांरटी पर देश को विश्वास

    भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि वह गृह मंत्री अमित शाह के इस वक्तव्य का स्वागत करते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जो गारंटी है, उस पर देश को विश्वास है और केंद्र सरकार अपने संकल्पों को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जो वादे देश की जनता से किए हैं, उन्हें पूरा करने का काम लगातार किया जा रहा है और समान नागरिक संहिता भी उसी संकल्प का हिस्सा है।

    गौरतलब है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा और एनडीए शासित सभी 21 राज्यों में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उनके इस बयान के बाद यूसीसी को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने भी पार्टी के रुख को दोहराते हुए इसे महिलाओं के अधिकारों और समान न्याय से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है।

  • योगी सरकार का बड़ा कदम, प्रदेश की सेवा में जुटे कर्मियों के परिवारों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच

    योगी सरकार का बड़ा कदम, प्रदेश की सेवा में जुटे कर्मियों के परिवारों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच

    जो प्रदेश की सेवा में जुटे, योगी सरकार ने उनके परिवारों को दिया स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच

    31 हजार से अधिक पीआरडी जवानों को परिवार सहित पांच लाख तक का इलाज

    रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को भी मिला दोहरा लाभ

    मानदेय से साथ परिवार की सेहत और आर्थिक सुरक्षा पर जोर

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने समाज के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले पीआरडी स्वयंसेवकों, विद्यालयों की रसोइयों और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं के कल्याण को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने इन सेवा वर्गों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ उनके और उनके परिवारों के लिए पांच लाख रुपये तक की सालाना कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। इससे बीमारी की स्थिति में इलाज का खर्च परिवार की आर्थिक स्थिति पर भारी पड़ने से रोकने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि सरकार ने कर्मचारी के साथ उसके आश्रित परिवार को भी स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में रखा है।

    31 हजार से अधिक पीआरडी जवानों को परिवार सहित पांच लाख तक का इलाज

    प्रदेश की सुरक्षा, यातायात, आपदा और प्रशासनिक कार्यों में सहयोग करने वाले 31 हजार से अधिक पीआरडी स्वयंसेवकों और उनके परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की गई है। सरकारी और सूचीबद्ध अस्पतालों में उपचार का लाभ मिलेगा। इससे पीआरडी स्वयंसेवकों के परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में बड़ी रकम जुटाने की चिंता से राहत मिलेगी।

    रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा

    परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली रसोइयों के लिए भी सरकार ने आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा को एक साथ जोड़ा है। उनके मानदेय में प्रतिमाह एक हजार रुपये की वृद्धि के साथ परिवार सहित पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय लिया गया है। सीमित आय वाले परिवारों के लिए यह सुविधा बीमारी के समय बड़ा आर्थिक सहारा साबित हो सकती है।

    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं-सहायिकाओं को भी मिला दोहरा लाभ

    बाल विकास, पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी सरकार ने मानदेय बढ़ाया है। कार्यकर्ताओं का मानदेय आठ हजार से बढ़ाकर 12 हजार और सहायिकाओं का चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये किया गया है। साथ ही दोनों के परिवारों को पांच लाख रुपये तक की सालाना कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया गया है।

    मानदेय से साथ परिवार की सेहत और आर्थिक सुरक्षा पर जोर

    इन फैसलों में योगी सरकार की नीति का एक स्पष्ट पक्ष दिखाई देता है, सेवा करने वाले व्यक्ति के साथ उसके परिवार की भी चिंता। बीमारी में इलाज के लिए बड़ी रकम की व्यवस्था करना निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा सीधे परिवार की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ती है। पीआरडी जवानों से लेकर रसोइयों और आंगनवाड़ी कर्मियों तक, सरकार ने मानदेय बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा जोड़कर इन सेवा वर्गों के लिए आर्थिक और स्वास्थ्य सुरक्षा का दोहरा कवच तैयार किया है।

  • यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, आज से प्रशासनिक कार्यों से हुईं पूरी तरह मुक्त

    यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, आज से प्रशासनिक कार्यों से हुईं पूरी तरह मुक्त

    लखनऊ
    यूपी कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल आज से प्रशासनिक कार्यों से पूरी तरह मुक्त हो गई हैं। उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या का इस्तीफा केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय ने स्वीकार्य करते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उनका इस्तीफा आज 15 सितंबर 2026 से प्रभावी माना जाएगा। दिव्या ने 30 अगस्त 2026 को व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए स्वेच्छा से प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा दिया था। अब उनके अगले कदम पर अटकलें लगाई जा रही हैं।

    राज्य सरकार ने इसे केंद्र सरकार को भेजा था। इसके बाद केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के पास पहुंचा था। दिव्या के पति गगनदीप सिंह ढिल्लों ने भी चार साल पहले 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दे दिया था। गगनदीप सिंह 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (आईटीएस) अधिकारी थे।

    यूपी कॉडर की वर्ष 2013 बैच की आईएएस दिव्या मित्तल ने इस्तीफा दिए जाने की जानकारी अपने फेसबुक और एक्स एकाउंट के माध्यम से दी थी। दिव्या को मई 2026 में देवरिया के डीएम के पद से हटाकर राजस्व विभाग में अपेक्षाकृत कम महत्व के विशेष सचिव के पद पर तैनात किया गया था। वे तभी से असहज बताई जा रही थीं।

    मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर पहली तैनाती
    आईएएस बनने के बाद मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर पहली तैनाती मिली थी। इसके बाद गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) और कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात रहीं। बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष भी रहीं। संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया में जिलाधिकारी के रूप में काम किया। बीच में उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास एजेंसी में मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभाली।

    आईआईटी और आईआईएम की पढ़ाई, लाखों की नौकरी छोड़ी
    दिव्या मित्तल का जन्म हरियाणा के रेवाड़ी में 23 नवंबर 1983 को हुआ था। शुरुआती पढ़ाई के बाद आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग की। इसके बाद आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री हासिल की। गगनदीप के साथ शादी के बाद दोनों लंदन चले गए। जहां एक कंपनी की जॉब की। बाद में लाखों की सैलरी वाली नौकरी छोड़ देश सेवा के लिए दोनों भारत आ गए और यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। 2021 में पति गगनदीप और 2013 में दिव्या मित्तल ने सिविल सर्विस की परीक्षा पास की।

    मिर्जापुर से लड़ेंगी चुनाव?
    दिव्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। एक चर्चा उनके मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ने की भी है। इस्तीफा देते समय भी उन्होंने मिर्जापुर को ही याद किया था। यहां की एक बुजुर्ग मां को याद किया था। उन्होंने अपनी पोस्ट लिखा था कि आज आभार से आंखें नम हैं। बस एक दृश्य इनमें बसा है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध मां, जो अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचता देख कुछ नहीं बोलीं, बस कांपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई। पद तो आज छूट गया, पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा। और वह सपना भी नहीं छूटेगा, जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है।?

  • श्रीलंका के भाला फेंक एथलीट रुमेश थरंगा के भाले एयरलाइन की लापरवाही के कारण टूटे

    श्रीलंका के भाला फेंक एथलीट रुमेश थरंगा के भाले एयरलाइन की लापरवाही के कारण टूटे

    नई दिल्ली
    श्रीलंकाई भाला फेंक एथलीट रुमेश थरंगा के साथ हाल ही में एक ऐसी घटना घटी जिसने खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर अपने देश लौट रहे 23 वर्षीय थरंगा के भाले एयरलाइन की लापरवाही के चलते टूट गए। इस घटना के सामने आने के बाद खेल प्रेमियों और उनके फैंस में काफी नाराजगी देखने को मिली, क्योंकि ये भाले किसी भी एथलीट की सफलता का सबसे अहम हिस्सा होते हैं।

    थरंगा को हुआ भारी नुकसान
    हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में आयोजित वर्ल्ड अल्टीमेट चैंपियनशिप में 91.09 मीटर थ्रो के साथ गोल्ड मेडल हासिल करने के बाद जब वह वापस श्रीलंका लौट रहे थे तब ट्रांजिट के दौरान टर्किश एयरलाइंस के विमान में उनके भालों को भारी नुकसान पहुंचा। थरंगा ने इंस्टाग्राम पर टूटे हुए भालों की तस्वीर शेयर करते हुए एयरलाइन के प्रति अपना असंतोष जताया। उन्होंने इस स्थिति पर तंज कसते हुए फोटो पर बैड लक और फिर थैंक यू टर्किश एयरलाइंस लिखा।

    श्रीलंका के खेल मंत्री का बयान
    श्रीलंका के खेल मंत्री सुनील कुमारा गमागे ने भी इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने जानकारी दी कि यात्रा के दौरान थरंगा के कुल पांच भालों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आगे कहा, 'हमारी सरकार अपने एथलेटिक्स स्टार और उनके ओलंपिक के सपने के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।' खेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि एथलीट को नए और बेहतर उपकरण उपलब्ध कराने के लिए सरकार भालों के नुकसान का पूरा खर्च खुद उठाएगी।

    शानदार रहा थरंगा के लिए 2026
    रुमेश थरंगा इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं और साल 2026 में लगातार बड़ी सफलताएं हासिल कर रहे हैं। जून 2026 में रोम में आयोजित गोल्डन गाला के दौरान 92.62 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड थ्रो करके वह दुनिया में पहले नंबर पर पहुंचे थे। इसके अलावा उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स और डायमंड लीग जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में भी भारत और अन्य देशों के मजबूत दावेदारों को पछाड़कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

    इस घटना के बावजूद थरंगा का अगला लक्ष्य आगामी एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करना है। उनका सबसे बड़ा सपना 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलंपिक में श्रीलंका के लिए पहला ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतना है

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को इंदौर में इंफोसिस के नए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को इंदौर में इंफोसिस के नए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक का करेंगे शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को इंदौर में इंफोसिस के नए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक का करेंगे शुभारंभ

    प्रदेश में उन्नत तकनीकी क्षमताओं और टैलेंट इको सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

    इंदौर

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 16 सितंबर को इंदौर के सुपर कॉरिडोर स्थित इंफोसिस परिसर में नए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट ब्लॉक-2 (SDB-2) का शुभारंभ करेंगे। यह ब्लॉक 3 लाख 30 हजार वर्गफीट क्षेत्रफल में विकसित किया गया है जो प्रदेश में उन्नत तकनीकी क्षमताओं तथा रोजगारपरक टैलेंट इको सिस्टम को और सशक्त करेगा।

    इंफोसिस मध्यप्रदेश के बढ़ते टैलेंट पूल का लाभ लेने के साथ प्रदेश के शैक्षणिक एवं तकनीकी इको सिस्टम के साथ अपना जुड़ाव भी मजबूत करेगी। इसके अंतर्गत स्किलिंग कार्यक्रमों एवं संस्थागत साझेदारियों के माध्यम से आईआईटी इंदौर, आईआईएम इंदौर और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के साथ सहभागिता को विस्तार दिया जाएगा।

    इंफोसिस इंदौर में वर्तमान में 3 हजार 300 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जो बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा, हेल्थकेयर, रिटेल, फार्मा एवं लाइफ साइंसेज तथा मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में वैश्विक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। विस्तारित केंद्र से क्लाउड, एप्लीकेशन डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में कंपनी की क्षमताओं का विस्तार होगा। इससे प्रदेश में उन्नत तकनीकी सेवाओं और कौशल विकास के अवसरों को गति मिलेगी।

    इंफोसिस इंदौर में नया भवन पर्यावरण अनुकूल एवं ऊर्जा दक्ष बनाया गया है और ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है। इसमें कम ऊर्जा वाली कूलिंग, स्मार्ट बिल्डिंग ऑटोमेशन, वर्षा जल संचयन और अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण जैसी सुविधाओं के साथ प्रशिक्षण एवं वेलनेस सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

     

  • उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई की उल्टी गिनती शुरू, 19 सितंबर से पश्चिमी यूपी में मौसम होगा शुष्क

    उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई की उल्टी गिनती शुरू, 19 सितंबर से पश्चिमी यूपी में मौसम होगा शुष्क

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में इस सीजन मानसून की झमाझम बारिश के बाद अब इसकी विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। लखनऊ के अमौसी स्थित यूपी-उत्तराखंड के मौसम मुख्यालय के अनुसार 19 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाने की संभावना है। इससे पहले पश्चिमी यूपी में 17 सितंबर को एक बार फिर झमाझमा बारिशकी हो सकती है। अब पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक वापसी शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं।

    48 घंटे आंशिक तेजी के बाद थमेगी बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान में प्रदेश में कोई बहुत बड़ा सक्रिय मौसम तंत्र मौजूद नहीं है। हालांकि अरब सागर से आ रही नमी के असर से आगामी 48 घंटों के दौरान राज्य में बारिश की गतिविधियों में हल्की आंशिक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसके बाद मानसूनी बारिश में उत्तरोत्तर कमी आएगी और 19 सितंबर से पश्चिमी यूपी का मौसम शुष्क होने लगेगा।

    मौसम विभाग ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र पिछले 72 घंटों में मध्य भारत से गुजरते हुए वर्तमान में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे गुजरात के ऊपर केंद्रित है। मानसून की ट्रफलाइन अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकी हुई है लेकिन इसका पूर्वी छोर सामान्य स्थिति के निकट है। कोई बड़ा सिस्टम न होने के बावजूद केवल नमी के प्रभाव से सीमित और छिटपुट बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं।

    सामान्य से तीन फीसदी का अंतर रहा इस बार
    मौसम विभाग के अनुसार इस सीजन के दौरान यूपी में अब तक 666 मिलीमीटर वर्षा हुई है। यह सामान्य (685.7 मिमी) से केवल 3 प्रतिशत कम है। वेस्ट यूपी में छह फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। वेस्ट यूपी में इस सीजन मानसून ने खूब भिगोया है। यहां सामान्य 628 मिमी की तुलना में 663.9 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। यानी सामान्य से 6 फीसदी अधिक वर्षा हुई। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 667.5 मिलीमीटर वर्षा हुई जो सामान्य (726.9 मिमी) के मुकाबले 8 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

    विदाई से पहले वेस्ट यूपी को भिगो सकता है मानसून
    मेरठ सहित वेस्ट यूपी में विदाई से पहले मानसून एक बार फिर से भिगो सकता है। 17 सितंबर तक पूरे क्षेत्र में अच्छी बारिश के आसार बन रहे हैं। आज देर रात से बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसे पहले भी वेस्ट यूपी में कुछ हिस्सों में बौछारें और हल्की बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। 19 सितंबर के बाद राजस्थान से मानसून वापसी की प्रक्रिया भी शुरू होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को इसकी घोषणा कर दी।

    मौसम विभाग के अनुसार सोमवार केा मेरठ में दिन-रात का तापमान क्रमश: 34.1 एवं 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। रविवार के सापेक्ष दिन में 0.9 और रात में 0.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। बावजूद इसके दिन-रात के तापमान सामान्य से 0.2 एवं 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड हुए। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सामान्य के आसपास ही तापमान बने रहने के आसार हैं। सोमवार को मेरठ का एक्यूआई 61 दर्ज हुआ जो संतोषजनक श्रेणी में है।

  • CGPSC घोटाले में चेतन के खाते में 66.64 लाख जमा, ED को मिले 170 ट्रांजेक्शन; मैरिज पैलेस में बांटे प्रश्नपत्र

    CGPSC घोटाले में चेतन के खाते में 66.64 लाख जमा, ED को मिले 170 ट्रांजेक्शन; मैरिज पैलेस में बांटे प्रश्नपत्र

    रायपुर 
    छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) पेपर लीक मामले में पूर्व CM भूपेश बघेल के तत्कालीन OSD चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया गया था। ED ने चेतन बोरघारिया से पूछताछ की है। ED के अनुसार चेतन के बैंक खाते में 170 ट्रांजेक्शन के जरिए 66.64 लाख कैश जमा हुए। चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच कई वित्तीय लेन-देन भी सामने आए हैं।

    ED के मुताबिक, CGPSC परीक्षा 2021 में कुछ अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले ही लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया था। प्रिलिम्स एग्जाम से पहले रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र बांटा गया। इसके बाद बरनवापारा अभयारण्य के एक रिसॉर्ट में ठहराकर मुख्य परीक्षा के लीक प्रश्नपत्र के आधार पर कथित तौर पर कोचिंग दी गई।

    3 करोड़ से ज्यादा की अवैध रकम लेने का आरोप
    ED की जांच के मुताबिक, उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डॉ. विकास चंद्राकर ने CGPSC राज्य सेवा परीक्षा 2021 के अलग-अलग अभ्यर्थियों से 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की कथित अवैध रकम जुटाई।

    आरोप है कि अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और उनका चयन कराने का भरोसा दिया गया था। इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में अपने कथित संपर्क और प्रभाव का इस्तेमाल करने की बात कही गई।

    जांच में यह भी सामने आया कि ऐसे आश्वासनों के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय में OSD रहे चेतन बोरघरिया के नाम और उनके आधिकारिक पद का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया।

    मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में बातचीत सामने आई
    ED के मुताबिक, जब्त डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच में चेतन बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई बातचीत सामने आई। इनमें वित्तीय लेन-देन और रकम वापस करने या भुगतान की मांग से संबंधित बातचीत भी शामिल थी।

    जांच में M/s Figurecave E-Com (OPC) Private Limited से जुड़े कई वित्तीय लेन-देन भी सामने आए हैं। ED को संदेह है कि इस कंपनी का इस्तेमाल रकम को अलग-अलग स्तर पर घुमाने और फंड की लेयरिंग के लिए किया गया।

    11 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी
    ED ने कहा कि जांच के दौरान जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग लेन-देन और PMLA के तहत दर्ज बयानों से चेतन बोरघरिया की अपराध से अर्जित रकम से जुड़े कामों में कथित संलिप्तता सामने आई है। इनमें रकम हासिल करना, अपने कब्जे में रखना, छिपाना और उसका इस्तेमाल करना शामिल है।

    इसके आधार पर चेतन बोरघरिया को PMLA की धारा 19 के तहत 11 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। ED के अनुसार, चेतन बोरघरिया वर्तमान में बलरामपुर-रामानुजगंज में अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं।

    जानिए क्या है CGPSC घोटाला
    यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया।

    इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं।

    वसूली गई रकम कहां से आई, जांच जारी
    इस घोटाले में सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उप परीक्षा नियंत्रक, चार चयनित अभ्यर्थियों और एक निजी व्यक्ति को पहले ही गिरफ्तार किया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच में जुटी है।

    एजेंसी ने कथित कैश सिंडिकेट की पड़ताल के लिए करीब 30 लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था। इनमें विवादित अभ्यर्थियों के साथ एनजीओ, एक बड़ी कंपनी और रिसार्ट संचालकों से जुड़े लोग भी शामिल हैं। ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर अभ्यर्थियों से वसूली गई रकम कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई।

  • वास्तु शास्त्र में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, सही दिशा में रखने से आती है सुख-समृद्धि

    वास्तु शास्त्र में झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, सही दिशा में रखने से आती है सुख-समृद्धि

     वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का साधन ही नहीं, बल्कि धन की देवी मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर में झाड़ू का आदर किया जाता है और उसे सही स्थान पर रखा जाता है, वहां सदैव सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है. इसके विपरीत, यदि झाड़ू को घर में गलत दिशा या अनुचित स्थान पर रखा जाए, तो यह भयंकर वास्तु दोष का कारण बनता है, जिससे घर की बरकत रुक जाती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है. जानें घर में झाड़ू रखने के मुख्य वास्तु नियम और किन-किन स्थानों पर झाड़ू बिल्कुल नहीं रखनी चाहिए.

    घर में इन स्थानों पर भूलकर भी न रखें झाड़ू
    ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा): यह कोण देवी-देवताओं और सकारात्मक ऊर्जा का स्थान माना जाता है. यहां झाड़ू रखने से घर की सुख-शांति भंग होती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है.

    रसोई घर (Kitchen): रसोई घर में अन्नपूर्णा का वास होता है. यहां झाड़ू रखने से अन्न और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं और घर के सदस्यों में बीमारी का कारण बन सकता है.

    बेडरूम (शयनकक्ष): बेडरूम में या पलंग के नीचे झाड़ू रखने से पति-पत्नी के रिश्तों में तनाव, अनबन और नकारात्मकता बढ़ती है.

    पूजा घर: मंदिर या पूजा स्थल के पास झाड़ू रखना बेहद अशुभ माना गया है. इससे घर की बरकत रुक जाती है.

    मुख्य द्वार के सामने: घर के मेन गेट के ठीक सामने झाड़ू कभी न रखें, जिससे आने-जाने वालों की नजर उस पर सीधे पड़े. इससे घर में आने वाली लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा बाधित होती है.

    तिजोरी या अलमारी के पास: जहां धन, गहने या पैसे रखे जाते हों, उस स्थान के पास झाड़ू रखने से धन का अपव्यय (फालतू खर्च) बढ़ता है.

    झाड़ू रखने की सही दिशा और नियम
    सही दिशा (दक्षिण-पश्चिम): वास्तु के अनुसार झाड़ू रखने के लिए सबसे शुभ दिशा दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम मानी जाती है.

    झाड़ू को छुपाकर रखें: झाड़ू को हमेशा ऐसे स्थान पर रखें जहां बाहर से आने वाले किसी मेहमान या घर के सदस्यों की नजर उस पर सीधे न पड़े.

    झाड़ू को लिटाकर रखें: झाड़ू को कभी भी खड़ा करके न रखें. खड़ी झाड़ू रखने से घर में धन की हानि और दरिद्रता आती है. झाड़ू को हमेशा जमीन पर लिटाकर रखना चाहिए.

    झाड़ू से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण वास्तु नियम
    – झाड़ू पर कभी भी पैर नहीं लगाना चाहिए और न ही इसे लांघना चाहिए. इसे लक्ष्मी जी का अनादर माना जाता है.

    – घर में टूटी हुई या बहुत पुरानी झाड़ू का उपयोग करने से वास्तु दोष बनता है.

    – सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाने या कचरा बाहर फेंकने से घर की लक्ष्मी बाहर चली जाती है.

    – पुरानी झाड़ू को बदलने के लिए शनिवार या अमावस्या का दिन सबसे शुभ माना गया है.

  • रायपुर में 33°C तक पहुंचेगा तापमान, अगले 2 दिन बारिश के आसार; प्रदेश में तीन मौसमी सिस्टम एक्टिव

    रायपुर में 33°C तक पहुंचेगा तापमान, अगले 2 दिन बारिश के आसार; प्रदेश में तीन मौसमी सिस्टम एक्टिव

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर फिलहाल बना हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके पीछे एक साथ तीन मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। मानसून ट्रफ, कम दबाव के क्षेत्र से जुड़ी ट्रफ और बंगाल की खाड़ी के पास बना चक्रवाती घेरा प्रदेश में नमी पहुंचा रहे हैं। इन्हीं मौसमी परिस्थितियों के प्रभाव से अगले दो दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

    पिछले 24 घंटे में कई जगह बारिश
    पिछले 24 घंटे के दौरान छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान माना में सबसे अधिक 33.2°C अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं, प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान पेंड्रा रोड में 20°C दर्ज हुआ।

    रायपुर में बादल और बारिश के आसार
    राजधानी रायपुर में 15 सितंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।रायपुर में आज अधिकतम तापमान करीब 33°C और न्यूनतम तापमान करीब 25°C रहने का अनुमान है।

    82 दिन पहले छत्तीसगढ़ पहुंचा था मानसून
    छत्तीसगढ़ में मानसून को आए 82 दिन हो चुके हैं। 23 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करने के बाद से अब तक अच्छी बारिश दर्ज की गई है। 12 सितंबर तक प्रदेश में 1001 मिमी बारिश हो चुकी है। यह इस अवधि के औसत 1041.1 मिमी से करीब 4% कम है।

    46 जलाशयों में 91% से ज्यादा औसत जलभराव
    लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। 46 प्रमुख और मध्यम जलाशयों में औसत जलभराव 91.10% तक पहुंच गया है।

    7 जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं।

    18 जलाशयों में 90% से ज्यादा पानी है।

    कई जलाशयों का जलस्तर बढ़ने के कारण पानी की निकासी करनी पड़ी है।

    धमतरी के रविशंकर सागर समेत कई जलाशयों के गेट खोले गए हैं।

    इससे साफ है कि प्रदेश में मानसून के दौरान हुई बारिश ने जलाशयों की स्थिति मजबूत की है।

    अगले दो दिन मौसम का हाल
    अगले दो दिनों में छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए विशेषकर खुले क्षेत्रों और खेतों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

    46 जलाशयों में 90 फीसदी से ज्यादा पानी
    मानसून को प्रदेश में पहुंचे 82 दिन हो चुके हैं। 23 जून को दंतेवाड़ा के रास्ते दाखिल हुए मानसून से अब तक अच्छी बारिश हुई। 12 सितंबर तक प्रदेश में 1001 मिमी पानी बरस चुका है। यह इस अवधि के औसत 1041.1 मिमी से केवल 4% कम है।

    लगातार बारिश से बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रदेश के 46 प्रमुख और मध्यम जलाशयों में औसत जलभराव 91.10% पहुंच गया है। इनमें सात जलाशय पूरी तरह भर चुके हैं, जबकि 18 अन्य में 90% से ज्यादा पानी है। धमतरी के रविशंकर सागर समेत कई जलाशयों के गेट खोलने पड़े हैं।