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  • OLA-Uber की छुट्टी! दिल्ली में लॉन्च हुआ ‘भारत टैक्सी’ ऐप, जानें कैसे होगी बुकिंग

    OLA-Uber की छुट्टी! दिल्ली में लॉन्च हुआ ‘भारत टैक्सी’ ऐप, जानें कैसे होगी बुकिंग

    नई दिल्ली

    ओला, उबर और इनड्राइव जैसी मौजूदा कैब सेवाओं के बीच अब एक नई कैब सर्विस भारत टैक्सी की ऑफिशल एंट्री होने जा रही है. दरअसल, भारत की पहली को-ऑपरेटिव कैब सर्विस भारत टैक्सी को दिल्ली में ऑफिशियल तौर पर लॉन्च कर दिया गया है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में इस ऐप का शुभारंभ किया. लंबे समय से दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट के तहत तौर पर चल रही इस सेवा को अब आम लोगों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है.

    लॉन्च के साथ ही कई यूजर्स ने ऐप डाउनलोड किया, लेकिन शुरुआती घंटों में कुछ लोगों को बुकिंग और ऐप एक्सेस से जुड़ी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा है. हालांकि सरकार और प्लेटफार्म से जुड़े लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में सिस्टम को और बेहतर किया जाएगा. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि भारत टैक्सी ऐप पर बुकिंग का पूरा तरीका क्या है.

    ड्राइवर नहीं अब कहलाएंगे सारथी

    भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत इसका ड्राइवर ओनरशिप मॉडल है. इस प्लेटफार्म से जुड़ने वाले ड्राइवरों को अब ड्राइवर नहीं बल्कि सारथी कहा जाएगा. सरकार के अनुसार, इस ऐप पर काम करने वाले सारथी ही इसके असली मालिक होंगे. वहीं हर राइड का पूरा किराया सीधे सारथी के बैंक अकाउंट में जाएगा और ओला, उबर की तरह कोई कमीशन नहीं काटा जाएगा. इसके अलावा भारत टैक्सी किसी प्राइवेट कंपनी की ओर से नहीं बल्कि को-ऑपरेटिव मॉडल पर शुरू की गई है. इसे सहकारिता मंत्रालय और नेशनल ई गवर्नेंस डिवीजन ने मिलकर तैयार किया है. इसका संचालन सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड करेगा. इसके लिए एक विशेष काउंसलिंग बनाई गई है, जिसकी जिम्मेदारी पूरे सिस्टम की निगरानी करना है.

    यूजर्स कैसे कर सकते हैं भारत टैक्सी का इस्तेमाल?

    भारत टैक्सी का इस्तेमाल ओला या उबर की तरह ही किया जा सकता है. इसके लिए एंड्राइड यूजर गूगल प्ले स्टोर से और आईफोन यूजर एप्पल ऐप स्टोर से भारत टैक्सी ऐप डाउनलोड कर सकते हैं. यह ऐप हिंदी और अंग्रेजी के अलावा गुजराती और मराठी भाषा में भी उपलब्ध है. ऐप डाउनलोड करने के बाद मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करना होगा और ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद यूजर राइड बुक कर सकते हैं.

    ऐसे कर सकते हैं राइड बुक

    भारत टैक्सी ऐप से राइड बुक करने के लिए सबसे पहले ऐप ओपन करें. इसके बाद पिकअप और ड्रॉप लोकेशन डालें, फिर बाइक, ऑटो या कार में से ऑप्शन सेलेक्ट करें. अब दिखाई गई किराया राशि को कंफर्म करते ही राइड बुक हो जाएगी. वहीं राइट बुक होते ही लाइव ट्रैकिंग भी शुरू हो जाएगी.

    किराया और सर्ज प्राइसिंग से राहत

    भारत टैक्सी में यात्रियों को सर्ज प्राइसिंग की समस्या नहीं होगी. यानी पीक हावर्स, बारिश या ट्रैफिक के समय किराया नहीं बढ़ेगा. दावा किया जा रहा है कि इसका किराया बाजार में मौजूद दूसरी कैब सेवाओं से कम हो सकता है, जिससे आम यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा. वहीं यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐप में कई फीचर दिए गए हैं. सभी साथियों का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाएगा. इसके अलावा लाइव लोकेशन शेयरिंग, इमरजेंसी, एसओएस बटन और ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट जोड़ने जैसे सुविधा भी दी गई है.

  • यूपी की पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में होगी ‘मॉम-2’ की शूटिंग

    यूपी की पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में होगी ‘मॉम-2’ की शूटिंग

    यूपी की पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में होगी ‘मॉम-2’ की शूटिंग

    सेट के लिए शुरू हुई लैंड मैपिंग, 20 दिन में तैयार होगा शूटिंग सेट

    फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में शुरू होगी फिल्म की शूटिंग

    सीएम योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है इंटरनेशनल फिल्म सिटी

    गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी

    उत्तर प्रदेश को फिल्म, ओटीटी, वेब सीरीज समेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना है सीएम योगी का विजन

    लखनऊ/ग्रेटर नोएडा
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘इंटरनेशनल फिल्म सिटी’ ने अब जमीनी रफ्तार पकड़ ली है। गौतमबुद्ध नगर के जेवर क्षेत्र में विकसित की जा रही उत्तर प्रदेश की इस पहली इंटरनेशनल फिल्म सिटी में पहली फिल्म शूटिंग के रूप में ‘मॉम-2’ का फिल्मांकन होने जा रहा है। फिल्म सिटी परिसर में शूटिंग को लेकर प्रारंभिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। परियोजना का निर्माण कर रहे बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप के ज्वाइंट वेंचर ‘बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्राइवेट लिमिटेड’ ने जमीन की मैपिंग का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, मैपिंग पूरी होने के बाद करीब 20 दिनों के भीतर शूटिंग सेट तैयार कर लिया जाएगा, जिसके बाद फिल्म की शूटिंग शुरू होने की संभावना है।

    उल्लेखनीय है कि इंटरनेशनल फिल्म सिटी प्रोजेक्ट का कार्य बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक बोनी कपूर व भूटानी ग्रुप को संयुक्त रूप से मिला है। इस कंपनी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के साथ एग्रीमेंट साइन किया है। यीडा द्वारा लेआउट प्लान को मंजूरी दिए जाने के बाद परियोजना के पहले चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

    बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्रोजेक्ट के जीएम राजीव अरोड़ा ने बताया कि शूटिंग की तैयारियों के साथ-साथ फिल्म सिटी के निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। जमीन की मैपिंग पूरी होने के बाद करीब 20 दिनों के भीतर शूटिंग सेट तैयार कर लिया जाएगा, जिससे फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। इसके साथ ही फिल्म सिटी के निर्माण का कार्य भी शुरू हो जाएगा और जल्द ही सीएम योगी व पीएम मोदी के कर कमलों से इसका विधिवत शुभारंभ होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि बोनी कपूर की कंपनी ने ही 2017 में रिलीज हुई बॉलीवुड फिल्म ‘मॉम’ को प्रोड्यूस किया था और अब उन्होंने इसके दूसरे पार्ट की शूटिंग को यूपी में करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। 

    इंटरनेशनल फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 में विकसित की जा रही है। यह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश को फिल्म, ओटीटी, वेब सीरीज़ समेत एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाना है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकट विकसित हो रही यह फिल्म सिटी आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, बेहतर कनेक्टिविटी और वर्ल्ड-क्लास सुविधाओं के साथ प्रदेश को एक एंटरटेनमेंट और एवियेशन हब के रूप में स्थापित करेगी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म सिटी की औपचारिक शुरुआत से पहले ‘मॉम-2’ जैसी फिल्म की शूटिंग इस बात का संकेत है कि यूपी की फिल्म पॉलिसी और इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर फिल्म इंडस्ट्री का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। यह परियोजना आने वाले समय में मुंबई समेत देश के अन्य फिल्म निर्माण केंद्रों का एक सशक्त विकल्प बन सकती है।

  • हिला डाला Anthropic AI ने! US में दूसरे दिन भी कोहराम, बड़ी कंपनियों के होश उड़ गए

    हिला डाला Anthropic AI ने! US में दूसरे दिन भी कोहराम, बड़ी कंपनियों के होश उड़ गए

    नई दिल्ली

    Anthropic के नए AI टूल्स ने दुनिया को हिला दिया है. खासकर, अमेरिका पर सबसे तगड़ी आर्थिक चोट पहुंचाई है. क्योंकि मौजूदा समय अमेरिका टेक्नोलॉजी में सबसे आगे है, इसके साथ ही Anthropic AI टूल ने ये संकेत भी दे दिया है, कि जो अभी बाहशाह है, आगे भी वही रहेगा इसकी कोई गारंटी है. क्योंकि टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और हर नई खोज के साथ कॉम्पिटिशन भी बढ़ता जा रहा है.

    दरअसल, अमेरिकी शेयर बाजार (Share Market) में टेक्नोलॉजी शेयरों का दबदबा रखने वाला Nasdaq लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. बुधवार को नैस्डैक 350 अंक गिरकर 22904 पर अंक पर बंद हुआ, यानी डेढ़ फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. इससे पहले मंगलवार को भी करीब 1.50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.

    नैस्डैक में दूसरे दिन भी दबाव

     भारतीय बाजार पर भी इसका असर देखने को मिला था, भारतीय बाजार कारोबार के अंत में हरे निशान के साथ बंद हुए थे. लेकिन आईटी शेयरों में भारी बिकवाली का माहौल था, हालांकि गुरुवार को आईटी स्टॉक्स रिकवरी के मोड में हैं. मंगलवार को आईटी शेयरों में गिरावट की बजट आईटी इंडेक्स के मार्केट कैप में करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई थी. 

    इन सबके बीच Anthropic AI की चोट से अमेरिकी शेयर बाजार उबर नहीं पा रहा है. बुधवार को भी NVIDIA, Alphabet, Amazon और Meta के शेयरों में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली. इस गिरावट की बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं. खासतौर पर Anthropic के नए AI टूल को लेकर. निवेशकों को डर है कि तेजी से बदलती AI तकनीक से मौजूदा बड़ी टेक कंपनियों का बिजनेस मॉडल प्रभावित हो सकता है. 

    बता दें, Anthropic एक AI स्टार्टअप है, जिसे OpenAI का बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जा रहा है. कंपनी ने हाल ही में अपने नए और ज्यादा ताकतवर AI टूल्स पेश किए हैं. इन टूल्स के बाद बाजार में यह चर्चा तेज हो गई कि आने वाले समय में AI सेक्टर में कॉम्पिटिशन और ज्यादा बढ़ेगा. इसका असर उन बड़ी टेक कंपनियों पर पड़ सकता है, जो अभी AI से मोटा मुनाफा कमा रही हैं.

    बड़ी कंपनियों की बढ़ी टेशन

    इसी चिंता के चलते निवेशकों ने टेक शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी. Nvidia, Microsoft, Alphabet, Meta और Amazon जैसे दिग्गज शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिल रही है. Nvidia जैसे शेयर, जो हाल के महीनों में AI बूम की वजह से तेजी से चढ़े थे, उनमें सबसे ज्यादा दबाव है. 

    एक्सपर्ट्स की मानें तो निवेशक यह सोचने लगे हैं कि क्या AI को लेकर उम्मीदें जरूरत से ज्यादा तो नहीं बढ़ा दी गई हैं. Anthropic जैसे नए खिलाड़ियों की एंट्री से AI सेक्टर में मुकाबला बढ़ेगा, जिससे कंपनियों के मुनाफे और वैल्यूएशन पर असर पड़ सकता है.  

    हालांकि, कुछ एक्सपर्ट्स ये भी कह रहे हैं कि ये गिरावट किसी बड़े क्रैश की शुरुआत नहीं है, बल्कि एक हेल्दी करेक्शन हो सकता है. AI सेक्टर में लंबे समय में ग्रोथ की संभावनाएं अब भी मजबूत हैं, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. 

    Anthropic AI टूल क्या है?

    Anthropic AI आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के ऐसे टूल और मॉडल बनाता है, जो इंसानों की तरह सोच-समझकर जवाब दे सकें. इसका प्रमुख AI मॉडल Claude है, जो कंटेंट लिखने, डेटा एनालिसिस, कोडिंग, रिसर्च और बिजनेस फैसलों में मदद करता है. यह टूल कई कामों में इंसानी दखल को कम कर सकता है. हालांकि इस बीच Anthropic बड़े कॉपीराइट और डेटा-उपयोग विवादों का सामना भी कर रहा है.

  • चाइनीज मांझे से मृत्यु हत्या जैसी: सीएम योगी

    चाइनीज मांझे से मृत्यु हत्या जैसी: सीएम योगी

    लखनऊ.

     प्रदेश में चाइनीज मांझे से होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अपनाया है। उनका मानना है कि किसी व्यक्ति की चाइनीज मांझे की वजह से होने वाली मृत्यु हत्या की तरह है। इस तरह के मामलों में संबंधित के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि चाइनीज मांझा पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके बावजूद इसकी उपलब्धता गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिस को प्रदेशव्यापी सघन छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान चाइनीज मांझे की बिक्री ही नहीं, बल्कि भंडारण व परिवहन पर भी कठोर नजर रखी जाएगी।

    जन-सुरक्षा से कोई समझौता नहीं: योगी

    सीएम योगी ने प्रदेश भर में विशेष अभियान चलाकर चाइनीज मांझे की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने इस अभियान की प्रगति और कार्रवाई की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा करने का भी निर्देश दिया है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। चाइनीज मांझा न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, बच्चों और पशु-पक्षियों के लिए जानलेवा खतरा भी है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश को इस खतरनाक मांझे से पूरी तरह मुक्त किया जाए।

  • पशुपालकों को सस्ती दर पर उपलब्ध होंगी दवाएं

    पशुपालकों को सस्ती दर पर उपलब्ध होंगी दवाएं

    लखनऊ.

    प्रदेश में पशुपालकों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पशु औषधि केन्द्र स्थापित किए जाएंगे। यह केंद्र प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र की तर्ज पर स्थापित होंगे। जनपद के प्रत्येक विकास खण्ड में एक पशु औषधि केन्द्र खोला जाएगा, जिससे पशुओं के उपचार  के लिए सस्ती दरों पर दवाएं सुलभ हो सकें।

    यह प्रपत्र होगा अनिवार्य

    लखनऊ के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि पशु औषधि केन्द्र खोलने के लिए आवेदक को फार्मासिस्ट का नाम एवं उसका वैध पंजीकरण विवरण, दुकान के लिए न्यूनतम 120 वर्ग फुट स्थान का प्रमाण पत्र तथा ड्रग सेल लाइसेंस का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

    ऐसे करना होगा आवेदन 

    पशु औषधि केन्द्र स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों को 5000 रुपये शुल्क अदा करना होगा। आवेदन की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन होगी, इसके लिए इच्छुक अभ्यर्थी http://pashuaushadhi. dahd.gov.in पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

    पशुपालकों को उपलब्ध होंगी सस्ती दवाएं

    डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केन्द्र एवं सहकारी समितियों से जुड़े योग्य लाभार्थियों को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। यह योजना भारत सरकार की पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के अंतर्गत संचालित की जाएगी। पशु औषधि केन्द्रों की स्थापना से पशुपालकों को समय पर सस्ती दवाएं उपलब्ध होंगी, जिससे पशुपालन को और अधिक लाभकारी बनाया जा सकेगा।

  • ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    रायपुर.

    ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित होगा मयाली – मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से क्रियान्वित इस परियोजना के तहत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत (विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग) तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में विभिन्न पर्यटन सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

    यह परियोजना क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक एवं जनजातीय विरासत के संरक्षण के साथ-साथ समुदाय आधारित पर्यटन को सशक्त बनाएगी। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और जशपुर जिले को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में नई पहचान मिलेगी।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि मयाली-बगीचा विकास परियोजना जशपुर जिले के पर्यटन विकास के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। आज मयाली के विकास की मजबूत नींव रखी गई है। मयाली अब पर्यटन मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है और आने वाले समय में यह एक वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित होगा।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग माना जाता है। इस विकास परियोजना के माध्यम से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत मयाली डेम के समीप पर्यटक रिसोर्ट एवं स्किल डेवलपमेंट सेंटर का निर्माण किया जाएगा।
     उन्होंने कहा कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।  साय ने कहा इसी उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा होम-स्टे नीति लागू की गई है, जिससे ग्रामीण परिवार पर्यटन गतिविधियों से सीधे जुड़कर आय अर्जित कर सकेंगे और पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।  

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आई है। स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प एवं डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे न केवल पर्यटन बल्कि जशपुर की सामाजिक और सांस्कृतिक विविधताओं को भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

    विकास कार्यों से बदलेगी मयाली की तस्वीर, उभरेगा नया पर्यटन केंद्र

    मयाली क्षेत्र को प्राकृतिक, धार्मिक एवं ग्रामीण पर्यटन के समग्र गंतव्य के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का निर्माण किया जाएगा। इन सुविधाओं से पर्यटकों के ठहराव एवं विभिन्न आयोजनों की बेहतर व्यवस्था होगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

    धार्मिक पर्यटन को सशक्त करने के लिए शिव मंदिर क्षेत्र में प्रवेश द्वार, टॉयलेट सुविधा, लैंडस्केपिंग एवं पाथवे का विकास किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, पाथवे तथा सीढ़ियों एवं रेलिंग का जीर्णाेद्धार किया जाएगा, जिससे पर्यटकों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक अनुभव मिलेगा।
        यह समस्त कार्य भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत मयाली-बगीचा विकास परियोजना के माध्यम से किए जाएंगे। परियोजना के पूर्ण होने से पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक-प्राकृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय की धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं पत्थलगांव विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के अध्यक्ष  नीलू शर्मा, विभिन्न बोर्ड-निगमों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • हाईकोर्ट ने रद्द की धारा 500 की कार्रवाई, कहा- कानूनी अधिकार के तहत की गई शिकायत मानहानि नहीं

    हाईकोर्ट ने रद्द की धारा 500 की कार्रवाई, कहा- कानूनी अधिकार के तहत की गई शिकायत मानहानि नहीं

    जबलपुर 

    हाईकोर्ट ने अपने अहम आदेश में कहा है कि कानूनी अधिकार के तहत आपराधिक शिकायत सक्षम प्राधिकरण के समक्ष करना मानहानि की श्रेणी में नहीं आता है। हाईकोर्ट जस्टिस बी पी शर्मा ने अपने आदेश में कहा है कि यह धारा 498 अपवाद 8 के सुरक्षा कवच के अंदर आता है। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ तलाश पूर्व पत्नी की शिकायत पर भोपाल न्यायालय द्वारा मानहानि तहत धारा 500 के तहत प्रारंभ की गयी आपराधिक कार्रवाई को रद्द करने के आदेश जारी किये हैं। 

    भोपाल निवासी सैयद राशिद अली की तरफ से तलाकशुदा पत्नी की तरफ से दायर आवेदन पर भोपाल न्यायालय द्वारा मानहानि के तहत प्रारंभ किये गये आपराधिक प्रकरण को निरस्त किये जाने की राहत चाही गयी थी। याचिका में कहा गया था कि शादी के बाद झगड़ा होने पर पत्नी ने उसके खिलाफ धारा 498 ए के तहत प्रकरण दर्ज करवाया था। न्यायालय ने उसे एक साल की सजा से दंडित किया था परंतु अपीलीय न्यायालय ने उसे दोषमुक्त कर दिया था। दोषमुक्ति के खिलाफ अनावेदिका ने हाईकोर्ट के अपील की है, जो लंबित है।

    शिकायतकर्ता अनावेदिका का कहना है कि धारा 498 ए के तहत प्रकरण दर्ज करवाने के बाद आवेदक ने मुस्लिम कानून के तहत लिखित तलाक-ए-बैन दिया। इसके बाद आवेदन ने शिकायतकर्ता तलाकशुदा पत्नी तथा उसके रिश्तेदारों के खिलाफ धारा खिलाफ धारा 420, 467, 468, 471, 477, 494 और 149 के तहत अपराधिक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसकी सुनवाई करते हुए न्यायालय ने 14 अक्टूबर 2023 को उसकी तलाकशुदा पत्नी और अन्य को दोषमुक्त कर दिया था।

    तलाकशुदा पत्नी ने उसके खिलाफ धारा 499 और 500 के तहत यह शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उसके तथा रिश्तेदारों के खिलाफ झूठे और मनगढ़ंत आरोपों लगाते हुए अपराधिक कार्रवाई प्रारंभ की थी, जिसके उसके मानसिक तकलीफ हो। इसके अलावा समाज में उसकी बदनामी करना और लंबित अपराधिक प्रकरण वापस लेने के दबाव बनाना है। तलाकशुदा पत्नी तथा उसके पिता के बयान के आधार पर भोपाल जिला न्यायालय के जेएफएमसी ने उसके खिलाफ धारा 500 के तहत अपराधिक कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश जारी किये हैं, जिसमें सजा का प्रावधान है।

    याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि उसने आपराधिक शिकायत कानूनी अधिकार रखने वाली प्राधिकरण के समक्ष की थी। धारा 499 के सेक्शन 8 के तहत कानूनी अधिकार रखने वाले किसी व्यक्ति के द्वारा अच्छी नीयत से आपराधिक शिकायत में आरोप लगाना मानहानि नहीं है। एकलपीठ ने मामला धारा 499 के सेक्शन 8 के तहत आता है, इसलिए याचिकाकर्ता के खिलाफ मानहानि का कोई अपराध नहीं बनता है। याचिकाकर्ता के खिलाफ धारा 500 के तहत भोपाल की अदालत में चल रही आपराधिक कार्रवाई को रद्द किया जाता है।

     

  • दौड़ते हुए विधायक जी के किस्से सुनाने वाले जतिन ने इंदौर सांसद से मांगी माफी

    दौड़ते हुए विधायक जी के किस्से सुनाने वाले जतिन ने इंदौर सांसद से मांगी माफी

     इंदौर

    दौड़ते हुए 'विधायक जी संग युवा नेता के किस्से' सुनाने वाले जतिन शुक्ला के खिलाफ इंदौर में केस दर्ज होने के बाद उनका माफी मांगने का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया इंफ्लुएंशर ने वीडियो में कहा- "मेरे शब्दों से माननीय सांसद जी की भावना आहत हुई, इसके लिए मैं सांसद जी और आप सब से माफी मांगता हूं।" दरअसल सांसद शंकर लालवानी के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए जतिन का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी।

    मैंने भूलवश माननीय सांसद जी…

    नए वीडियो में उन्होंने सफाई देते हुए माफी मांगी है। वीडियो में कहा- “कुछ दिन पहले मैंने इंदौर की घटना पर वीडियो बनाया था। इसमें जानकारी के अभाव में मैंने भूलवश माननीय सांसद इंदौर जी के प्रति कुछ अपशब्दों का प्रयोग कर दिया था। मेरा मकसद माननीय सांसद जी की छवि धूमिल करने या उनका अपमान करने का नहीं था। मेरे शब्दों से माननीय सांसद जी की भावना आहत हुई, इसके लिए मैं सांसद जी और आप सब से माफी मांगता हूं।”
    इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ था केस

    एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक- सांसद के प्रतिनिधि ने क्राइम ब्रांच थाने में जतिन ऑफिशियल नामक इंस्टाग्राम से एक गलत और झूठा वीडियो वायरल करने की बात कही गई थी। वीडियो में अशोभनीय, आपत्तिजनक, भ्रामक और झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने जतिन शुक्ला के खिलाफ बीएनएस की धारा 200, 223 और 352 के तहत केस दर्ज कर लिया गया था। इसी मामले में अब जतिन ने नई वीडियो शेयर करते हुए माफी मांगी है।
    इंदौर में पानी से मौत पर की थी टिपप्णी

    शिकायतकर्ता ने शिकायत में कहा था- जतिन ने वीडियो में इंदौर के सांसद के साथ बातचीत का दावा करते हुए उनके हवाले से कई ऐसी बातें कहीं हैं, जो पूरी तरह असत्य हैं। शिकायतकर्ता ने आगे कहा- सांसद कभी जतिन से नहीं मिले हैं। वीडियो में जतिन इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों पर भी सांसद पर कटाक्ष करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखाई दे रहे थे।

  • 550 किसानों को फिर मिला धान बेचने का मौका, धान खरीदी तिथि दो दिन और बढ़ाई

    550 किसानों को फिर मिला धान बेचने का मौका, धान खरीदी तिथि दो दिन और बढ़ाई

    बिलासपुर.

    सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए दो दिन और बढ़ाने का निर्णय लेने के बाद जिले के 550 किसानों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। इनमें से ज्यादातर किसान ऐसे थे, जिनका टोकन कटने के बाद भौतिक सत्यापन भी किया जा चुका था, लेकिन धान खरीदी का नंबर ही नहीं लग सका। जिले में बढ़ाई गई दो तिथियों में करीब 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी और होने का अनुमान है।

    सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पाने का मलाल अब जिले के 550 किसानों को नहीं रहेगा। सरकार के द्वारा धान विक्रय के लिए दी जाने वाली दो अतिरिक्त तिथियों 6 एवं 7 फरवरी को वे अपना धान उपार्जन केंद्रों में बेच सकेंगे। धान खरीदी के लिए तय अंतिम तीन दिनों 27, 28 एवं 29 जनवरी के लिए जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों के 414 किसानों ने न केवल टोकन प्राप्त कर लिया था, बल्कि उनके भौतिक सत्यापन भी किए जा चुके थे, लेकिन इनके द्वारा धान नहीं बेचा जा सका। इसी तरह करीब 136 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने व्धान बेचने के लिए टोकन कटवाने का रिक्वेस्ट डाला था। कुल मिलाकर धान बेचने से रह गए जिले के 550 किसानों से ही अब अगली दो तिथियों में धान खरीदा जाना है। इन किसानों से अनुमानित तौर पर 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी होने की बात कही जा रही है।

    निर्धारित अवधि तक ही चली धान की खरीदी :
    धान खरीदी को लेकर दो दिन की बढ़ोतरी की बात भले ही कही जा रही है, लेकिन किसानों के अनुसार समयसीमा में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। किसानों द्वारा यह बात कही जा रही है कि धान खरीदी प्रारंभ करने के लिए तय की गई तिथि दिनांक 15 नवंबर को शनिवार था, जिससे उस दिन खरीदी नहीं की गई थी। इसी तरह धान खरीदी के लिए तय अंतिम तिथि 31 जनवरी को भी शनिवार का अवकाश था। प्रारंभ और अंत के जिन दो दिनों में अवकाश के कारण खरीदी नहीं हो सकी थी, वही दो दिन अब और किसानों को धान विक्रय के लिए दिए गए हैं, जिसमें तिथि में बढ़ोतरी जैसी कोई बात ही नहीं है।

  • स्पीकर ओम बिरला का बड़ा बयान, ‘पीएम मोदी के साथ कुछ भी हो सकता था’

    स्पीकर ओम बिरला का बड़ा बयान, ‘पीएम मोदी के साथ कुछ भी हो सकता था’

    नई दिल्ली
     संसद के इतिहास में शायद यह पहली बार हुआ है जब लोकसभा अध्यक्ष ने खुद यह स्वीकार किया है कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा और सम्मान को सदन के भीतर ही खतरा था. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने गुरुवार को एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उन्होंने ही कल (बुधवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने से रोका था. बिरला ने आशंका जताई कि अगर पीएम मोदी कल सदन में आते, तो उनके साथ कोई “अप्रत्याशित और अप्रिय घटना” घट सकती थी.

    स्पीकर ओम बिरला ने बताया कि उन्हें खुफिया जानकारी और सदन के भीतर के हालात से यह इनपुट मिला था कि कांग्रेस के सांसद प्रधानमंत्री के आसन (कुर्सी) तक जाकर हंगामा करने और किसी अनहोनी को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं. उन्होंने कहा, “मेरे पास जानकारी आई कि कांग्रेस के सांसद पीएम के आसन पर जाकर अप्रत्याशित घटना कर सकते थे. मुझे डर था कि प्रधानमंत्री के साथ कुछ भी हो सकता है. अगर वह घटना हो जाती, तो वह बेहद अप्रिय होती और लोकतंत्र के लिए काला दिन साबित होती.”

    ‘मैंने पीएम से आग्रह किया: आप मत आइए’
    ओम बिरला ने बताया कि स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने तुरंत हस्तक्षेप किया. उन्होंने कहा, “इस संभावित खतरे और टकराव को टालने के लिए मैंने खुद पीएम से आग्रह किया कि वो सदन में न आएं.” बता दें क‍ि बुधवार शाम को विपक्ष की महिला सांसदों ने पीएम मोदी की खाली कुर्सी को घेर लिया था, जिसके बाद बीजेपी ने आरोप लगाया था कि विपक्ष पीएम पर ‘हमला’ करना चाहता था. अब स्पीकर के इस बयान ने बीजेपी के उन आरोपों की पुष्टि कर दी है कि कल सदन के भीतर का माहौल प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिहाज से सामान्य नहीं था.

    बीजेपी ने पूछा- क्‍या पीएम पर हमला करने का इरादा था ?

    बीजेपी सांसद मनोज तिवारी और बृजमोहन अग्रवाल ने विपक्ष पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में सेंध लगाने और उन पर ‘हमला’ करने की साजिश का बेहद गंभीर आरोप लगाया था. मनोज तिवारी ने तीखा सवाल किया कि विपक्षी सांसद हार की बौखलाहट में पीएम की कुर्सी तक क्यों आए? क्या इनका इरादा पीएम पर हमला करना था? वहीं, बृजमोहन अग्रवाल ने इसे कांग्रेस की ‘प्री-प्लान’ साजिश करार दिया. उन्होंने कहा कि महिला सांसदों को ढाल बनाकर पीएम को घेरना और भाषण से रोकना न केवल सुरक्षा से खिलवाड़ है, बल्कि पूरे सदन की अवमानना है, जिस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.