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  • श्रीअन्न से आत्मनिर्भर किसान की ओर अग्रसर है मध्यप्रदेश : कृषि मंत्री  कंषाना

    श्रीअन्न से आत्मनिर्भर किसान की ओर अग्रसर है मध्यप्रदेश : कृषि मंत्री कंषाना

    भोपाल.

    कृषक कल्याण वर्ष-2026

    किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि मिलेट केवल फसल नहीं, बल्कि स्वस्थ भविष्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि जिसे कभी मोटा अनाज कहा जाता था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वही अनाज “श्रीअन्न” के रूप में विश्वभर में सम्मान पा रहा है। श्रीअन्न से मध्यप्रदेश आत्मनिर्भर किसान की ओर अग्रसर है। मंत्री कंषाना दशहरा मैदान, टीटी नगर भोपाल में श्रीअन्न मिलेट प्रोत्साहन एवं आत्मा योजनांतर्गत कृषि विज्ञान मेला के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।

    कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि श्रीअन्न आयरन, कैल्शियम एवं फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है तथा कुपोषण के विरुद्ध हमारी लड़ाई में मजबूती से सहायक सिद्ध हो रहा है। साथ ही मिलेट कम पानी, कम खाद एवं प्रतिकूल जलवायु में भी बेहतर उत्पादन देता है। इससे जल संरक्षण के साथ ही किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश कृषि क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है।

    मंत्री कंषाना ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसान वैज्ञानिक खेती, कम लागत, अधिक उत्पादन और अधिक आय की ओर अग्रसर हों। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि यंत्रों एवं नवीन तकनीकों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे श्रम की बचत होगी, उत्पादन बढ़ेगा और युवा भी खेती से जुड़ेंगे।

    कृषि मंत्री कंषाना ने किसानों को प्रदर्शित उन्नत कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक सलाह का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट किसान भाई-बहनों को नगद पुरस्कार और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।कृषि मंत्री कंषाना ने विश्वास व्यक्त किया कि यह कृषि विज्ञान एवं मिलेट मेला किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा तथा कृषक कल्याण वर्ष-2026 को ऐतिहासिक बनाएगा। उन्होंने श्रीअन्न को बढ़ावा देने का संकल्प लेने का आह्वान किया। वैज्ञानिक खेती अपनाएंगे और किसान को आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बनाएंगे।

    कृषि के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 9 किसान पुरस्कृत

    कृषि मंत्री कंषाना ने ग्राम जूनापानी के कृषक जीवन सिंह को पशुपालन के क्षेत्र में जिला स्तरीय सर्वोत्तम कृषक पुरस्कार के रूप में 25 हजार रुपए एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया। विकासखंड स्तरीय पुरस्कार के रूप में 8 किसानों को 10 -10 हजार रुपए और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इनमें ग्राम दोजयाई के किशन सिंह को पशुपालन के क्षेत्र में, ग्राम सेवनिया ओंकारा की सुनीता रैकवार एवं कोलूखेड़ी के हर्ष दांगी को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में, ग्राम भैरोंपुरा के राम मोहन मीणा को उद्यानिकी, ग्राम मुगालिया छाप के महेश मीणा एवं जमुसर कला की संगीता जाटव को कृषि अभियांत्रिकी, ग्राम टीला खेड़ी के रमेश सिंह और नामदापुरा के दीपक मीणा को कृषि के क्षेत्र में सराहनीय उत्कृष्ट योगदान के लिए विकास खंड स्तरीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

    कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट, जनपद अध्यक्ष बैरसिया कुबेर सिंह गुर्जर सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

     

  • भारत को हिंदुत्व पर गर्व है और हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भारत को हिंदुत्व पर गर्व है और हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल.

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सनातन संस्कृति को नए आयाम तक पहुंचाने में आदि शंकराचार्य का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मध्यप्रदेश की धरा से आदि शंकराचार्य जी का विशेष संबंध रहा है। वैचारिक स्तर पर भारत को हिंदुत्व पर गर्व है, हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व है। सनातन की धारा शाश्वत रूप से बहती रहे, इस उद्देश्य से संतवृंद और सरकार समन्वित रूप से प्रयासरत है। हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा स्थापित भारत माता मंदिर समाज और राष्ट्र में ऊर्जा का संचार कर रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को हरिद्वार में समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित गुरुदेव समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना समारोह के अंतर्गत संत सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

    संत महात्माओं को दिया सिंहस्थ-2028 का निमंत्रण

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आदि शंकराचार्य जी की परंपरा के संवाहक, वैदिक सनातन संस्कृति के उन्नायक, देश के प्रथम भारत माता मंदिर के संस्थापक पद्मभूषण स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भव्य और दिव्य सिंहस्थ के आयोजन के लिए सभी व्यवस्थाओं और विकास कार्यों पर ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संत महात्माओं को सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन पधारने के लिए निमंत्रण दिया।

    जम्मू कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि संतवृंद के आशीर्वाद से देश में पिछले वर्षों में हुआ बदलाव अद्भुत है। भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गया है और तेजी से एक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, वॉटरवेज, हाई स्पीड रेल, हाईवेज से देश की युवा शक्ति और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिली है। देश की बहनें, किसान, युवा सभी समावेशी विकास के मार्ग पर अग्रसर हैं। सांस्कृतिक समृद्धि, विरासत संरक्षण और धार्मिक पर्यटन में भी पूरे राष्ट्र में एक नई चेतना जागृत हुई है।

    बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संसार के दुखों का शमन केवल सत्संग से ही संभव है। हमारे प्राचीन ग्रंथ और संतों का साथ व्यक्ति को नया जीवन और दृष्टि देने में सक्षम है। संतगण वे आत्माएं हैं जिनके चरित्र शांत और उदार हैं। दूसरों का भला करने के उद्देश्य से ही संतगण की सभी गतिविधियों का संचालन होता है। भारत की पहचान सनातन से है, भारतीय संस्कृति ने मानवता का दिव्यकरण और दिव्यता का मानवीयकरण किया है। उन्होंने आदि शंकराचार्य के दर्शन पर भी अपने विचार रखें।

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत, महात्मा और धर्मगुरु सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक हैं। उन्होंने संतवृंद का उत्तराखंड की भूमि पर स्वागत करते हुए कहा कि संत स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने देश की एकता और सांस्कृतिक समृद्धता के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके विचार नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का आधार बनेंगे। मंचीय कार्यक्रम राष्ट्रगान जन-गण-मन के सामूहिक गान के साथ का सम्पन्न हुआ।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरू स्वामी रामदेव जी के साथ किया योगाभ्यास

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार में योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में योग आज भारत की प्राचीन परंपरा से निकलकर वैश्विक जन-आंदोलन बन चुका है। हम सभी योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और स्वस्थ, संतुलित व ऊर्जावान जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पतंजलि योगपीठ के वातावरण से प्रभावित होकर कहा कि योगपीठ का संस्कार, साधना और आत्मबल से परिपूर्ण वातावरण मन को अपार शांति प्रदान करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने योगगुरु स्वामी रामदेव जी के साथ हरिद्वार में भारत माता मंदिर में दर्शन, पूजन और यज्ञ में शामिल होकर सभी के मंगल एवं कल्याण की कामना की।

     

  • महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रहा रानी करुणा का परिवार, अब तक मिली 24 हजार रुपये की सहायता

    महतारी वंदन योजना से सशक्त हो रहा रानी करुणा का परिवार, अब तक मिली 24 हजार रुपये की सहायता

    रायपुर.
    महतारी वंदन योजना

    छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से संचालित महतारी वंदन योजना राज्य की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है। इस योजना से बलौदा बाजार भाटापारा जिले के ग्राम देवरी निवासी रानी करुणा गायकवाड़ का घर-परिवार भी सुदृढ़ हो रहा है।

    रानी करुणा  को योजना के अंतर्गत प्रति माह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हो रही है, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति सुगमता से हो पा रही है। उनके पति शैलेश गायकवाड एक निजी प्लांट में कार्यरत हैं। सीमित आय के कारण परिवार का भरण-पोषण एवं दो छोटे बच्चों की देखभाल एक चुनौती थी। उनकी बड़ी पुत्री केजी-2 में अध्ययनरत है, जबकि छोटा पुत्र 18 माह का है।
    हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना की 24वीं किश्त के रूप में महिलाओं के बैंक खातों में 1,000 रुपये की राशि अंतरित की गई। रानी करुणा गायकवाड को भी योजना का निरंतर लाभ मिल रहा है और अब तक उन्हें कुल 24,000 रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। वे इस राशि का उपयोग घरेलू जरूरतों, बच्चों की आवश्यकताओं तथा भविष्य की आकस्मिक जरूरतों के लिए बचत के रूप में कर रही हैं।

    रानी करुणा ने योजना के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिलने वाली यह सहायता मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी एवं आत्मनिर्भर बनाने की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। यह योजना महिलाओं के आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान को भी सुदृढ़ कर रही है।

  • समाज कल्याण विभाग की योजनाएं बनीं सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का आधार

    समाज कल्याण विभाग की योजनाएं बनीं सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का आधार

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग द्वारा समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता की भावना के साथ संचालित योजनाओं से वृद्धजनों, दिव्यांगजनों, विधवाओं, निराश्रितों एवं वरिष्ठ नागरिकों के जीवन में उल्लेखनीय सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

    सूरजपुर जिले में सामाजिक सहायता पेंशन योजना के अंतर्गत 70,014 हितग्राहियों को नियमित रूप से पेंशन का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया जा रहा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के माध्यम से पेंशन वितरण में पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता सुनिश्चित हुई है।

    दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए जिले में अब तक 5,230 विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके साथ ही 546 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए गए हैं, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियों में आत्मनिर्भरता बढ़ी है। विशेष विद्यालयों एवं पुनर्वास केंद्रों के विस्तार से शिक्षा एवं पुनर्वास की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    जिले में वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। वहीं सियान हेल्पलाइन केंद्र के माध्यम से बुजुर्गों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है। वृद्धाश्रम एवं नशामुक्ति देखभाल गृहों के माध्यम से निराश्रित एवं उपेक्षित व्यक्तियों को आश्रय, पहचान और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

  • पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स से युवाओं को मिल रहे रोजगार के अवसर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद

    मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज अलग अंदाज़ में नजर आए और उन्होंने 10 रूपए का टिकट कटाकर जिले के लोकप्रिय पर्यटन स्थल मयाली नेचर कैंप में साहसिक खेल गतिविधियों का आनंद लिया और कई नए एडवेंचर स्पोर्ट्स की औपचारिक शुरुआत भी की। मुख्यमंत्री ने प्रवेश शुल्क अदा कर नेचर कैंप में प्रवेश करते हुए आम नागरिकों को नियमों के पालन और समानता का एक सशक्त संदेश दिया। 

    मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद

    इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मती कौशल्या साय, विधायक मती गोमती साय, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक  विवेक आचार्य सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।    

    मुख्यमंत्री ने 10 रूपए की टिकट कटाकर मयाली नेचर कैंप में लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद 

    मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान नेचर कैंप में विकसित अधोसंरचनाओं, सुरक्षा व्यवस्था, पर्यटकों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रकृति-आधारित पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियां न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती हैं, बल्कि स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करती हैं।

     मुख्यमंत्री ने 4 नए एडवेंचर स्पोर्ट्स का किया शुभारंभ   

    मुख्यमंत्री  साय ने मयाली नेचर कैंप में संचालित स्पोर्ट्स मोटर बाइक (एटीवी) को स्वयं चलाकर साहसिक पर्यटन का आनंद लिया। इसके साथ ही उन्होंने बंदूक से सटीक निशाना साधते हुए बैलून शूटिंग का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने आर्चरी शूटिंग में तीर चलाकर निशाना साधा और इस खेल की भी शुरुआत की। साथ ही उन्होंने माउंटेन साइक्लिंग का शुभारंभ करते हुए स्वयं साइकिल चलाकर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। नेचर कैंप में वॉल क्लाइंबिंग बोर्ड का उद्घाटन भी मुख्यमंत्री के द्वारा किया गया।   

     इस दौरान वॉल क्लाइंबर तेज सिंह एवं तेजल भगत ने मुख्यमंत्री के समक्ष वॉल क्लाइंबिंग कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री  साय बॉक्स क्रिकेट में भी हाथ आजमाते हुए नजर आए और स्टेट ड्राइव व ऑफ साइड पर आकर्षक शॉट लगाए। मुख्यमंत्री ने मयाली नेचर कैंप स्थित कैक्टस गार्डन का अवलोकन किया, जहां विभिन्न प्रजातियों के कैक्टस लगाए गए हैं वनमंडलाधिकारी  शशि कुमार ने कैक्टस के औषधीय महत्व की जानकारी दी।

  • ग्राम हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये

    ग्राम हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक ने विकास निर्माण कार्य का भूमि पूजन किये

    बिलासपुर

    उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्रवाह में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ने विकास कार्यों का भूमि पूजन किये। एवं भूमि पूजन करते हुए कार्यक्रम को संबोधित भी किया। विकास निर्माण कार्यक्रम में लाड़ली बहनों के ऊपर पुष्प वर्षा भी बांधवगढ़ विधायक शिव नारायण सिंह ने किये। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बांधवगढ़ विधायक श्री शिव नारायण सिंह ने कहे कि अब महात्मा गांधी रोजगार गारंटी जो चल रही थी।अब उसकी जगह में जी राम जी योजना के तहत  सभी लोगों को 100 दिन से बढ़ाकर के 125 दिन का काम आपके पंचायत में दिया जाएगा। केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार की चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में सभी ग्रामीण जनों को जानकारी भी दिए। कार्यक्रम में बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह ग्राम पंचायत हर्रवाह के सरपंच सोनू गुप्ता भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष कमलेश गुप्ता भाजपा मंडल बिलासपुर के अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी मंडल महामंत्री सोहन कोल मंडल उपाध्यक्ष राकेश तिवारी,रामपाल सिंह,सत्यनारायण गुप्ता,शिव प्रकाश द्विवेदी, द्वारिका द्विवेदी एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे

  • यूपी के गांव हो रहे हाईटेक, प्लास्टिक कचरे से बनाई 75 किलोमीटर लंबी सड़क

    यूपी के गांव हो रहे हाईटेक, प्लास्टिक कचरे से बनाई 75 किलोमीटर लंबी सड़क

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश के गांव अब स्वच्छता और नवाचार की नई पहचान गढ़ रहे हैं। प्लास्टिक कचरे से सड़क निर्माण, घर-घर कूड़ा संग्रहण कर उससे खाद निर्माण और आय सृजन के अभिनव प्रयोगों ने प्रदेश के ग्रामीण परिदृश्य को हाईटेक बना दिया है। राजधानी लखनऊ समेत रामपुर, अमेठी, ललितपुर और एटा में प्लास्टिक कचरे से अब तक 75 किलोमीटर लंबी सड़कें तैयार की जा चुकी हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास का नया मॉडल पेश कर रही हैं। 

    ’वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल पर काम

    पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में वेस्ट मैनेजमेंट का मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत ग्राम पंचायतों में घर-घर से कूड़ा संग्रहण शुरू कर वर्मी खाद का उत्पादन किया जा रहा है। इस पहल से अब तक 3 करोड़ रुपये से अधिक की आय सृजित हो चुकी है। वहीं प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों से 29 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई की गई है। इस योजना के तहत पंचायतीराज विभाग प्रदेश में ‘वेस्ट टू वेल्थ’ मॉडल पर काम कर रहा है।

    प्रदेश के हर गांव में किया जाएगा अभिनव प्रयोग

    पंचायती राज विभाग द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छ गांव महाभियान के तहत कूड़े को संसाधन में बदला जा रहा है। प्लास्टिक कचरे का सदुपयोग कर सड़क निर्माण, जैविक कचरे से खाद उत्पादन और पंचायतों की आय बढ़ाने के ये प्रयोग प्रदेश के हर गांव को स्वच्छ, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। इस योजना के जरिए प्रदेश के हर गांव में अभिनव प्रयोग किए जाएंगे।

    प्लास्टिक वेस्ट का यूटिलाइजेशन

    पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह के अनुसार, विभाग ग्राम पंचायतों को नवाचार के माध्यम से मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। गांव-गांव स्वच्छता अभियान के साथ प्लास्टिक वेस्ट के यूटिलाइजेशन से न केवल पर्यावरण सुरक्षित हो रहा है, बल्कि करोड़ों रुपये की आय भी सृजित हो रही है।

  • किसानों को अब 5 मिनट में ई-केसीसी से ऋण: सीएम योगी

    किसानों को अब 5 मिनट में ई-केसीसी से ऋण: सीएम योगी

    किसानों को अब 5 मिनट में ई-केसीसी से ऋण: सीएम योगी

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन

    डिजिटल गवर्नेंस से किसानों को राहत, एफपीओ, सहकारिता व एमएसएमई से मजबूत हुई उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था: सीएम योगी

    लघु-सीमांत किसानों को कम ब्याज पर ऋण से मिला संबल, सहकारिता के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता व जवाबदेही

    मुख्यमंत्री ने बैंकों से की अन्नदाता किसानों के लिए ऋण शर्तों को सरल बनाने की अपील

    तकनीक, ट्रेनिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए उत्तर प्रदेश अपने अनलिमिटेड पोटेंशियल को कर रहा साकार

    लखनऊ
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस ने उत्तर प्रदेश में ऋण स्वीकृति की तस्वीर ही बदल दी है। अन्नदाता किसान जब पहले किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से ऋण लेने जाता था, तो 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन आज वही किसान ई-केसीसी के माध्यम से मात्र पांच मिनट में ऋण सुविधा प्राप्त कर रहा है। वर्ष 2026-27 के लिए जो हमारा कृषि ऋण 3 लाख करोड़ है, यह पहले की तुलना में 13 फीसदी बढ़ा है। यही सुशासन है और इसी दिशा में हमें और मजबूती से आगे बढ़ना होगा।

    मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी एवं राज्य फोकस पेपर 2026-27 के विमोचन के अवसर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज सरकार और अन्नदाता किसान मिलकर सोच रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग खेती में कैसे किया जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में एआई एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है और उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई एफपीओ (फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन) को मंच पर सम्मानित भी किया।

    दिव्यांग और महिला नेतृत्व वाले एफपीओ बने प्रदेश के लिए रोल मॉडल
    मुख्यमंत्री ने कहा कि संगोष्ठी में जो मॉडल प्रस्तुत किए गए, वे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा हैं। दिव्यांगजनों द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर एफपीओ, जिसमें 1,005 सदस्य हैं, इसका जीवंत उदाहरण है। पूर्वी उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों में, जिन्हें पहले कमजोर माना जाता था, दिव्यांगजनों ने अपनी मेहनत और क्षमता से नया उदाहरण प्रस्तुत किया है। यह आंखें खोलने वाला काम है और इसके लिए वे सभी अभिनंदन के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने मथुरा की 750 महिलाओं वाली सरसों उत्पादन कंपनी का उल्लेख करते हुए कहा कि मैंने स्वयं उनकी प्रदर्शनी देखी है। किस तरह मस्टर्ड ऑयल को प्रोसेसिंग से जोड़कर महिलाओं ने बेहतर मुनाफा कमाया, यह पूरे प्रदेश के लिए सीख है। सरकार इस तरह के प्रयासों को हर स्तर पर सहयोग देगी।

    एमएसएमई को नई जान, ओडीओपी बना यूपी की पहचान
    सीएम योगी ने कहा कि आज सहकारिता क्षेत्र भी बदल रहा है। “सहकार से समृद्धि की ओर” के विजन के तहत डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों से सहकारी संस्थाओं में सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो विश्व बैंक के साथ एग्री-टेक के क्षेत्र में काम कर रहा है। कृषि, एमएसएमई, महिला, एग्री-टेक और युवा उद्यमिता आज सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति को याद करते हुए कहा कि सहकारिता क्षेत्र में माफिया हावी था। रिजर्व बैंक ने 16 जिला सरकारी बैंकों को डिफाल्टर घोषित कर बंदी का आदेश कर दिया था। आज हमारी सरकार में इन्हीं 16 में से 15 बैंक प्रॉफिट में आ चुके हैं और 16वें को भी प्रॉफिट में लाया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर में भी एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश से बड़े पैमाने पर पलायन हो चुका था। हस्तशिल्प और निर्यात लगभग ठप थे और एमएसएमई सेक्टर बंदी की कगार पर खड़ा था। हमारी सरकार ने इसे एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) के रूप में आगे बढ़ाया। आज उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो एमएसएमई सेक्टर को ₹5 लाख का सुरक्षा बीमा दे रहा है। आज प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं और लगभग 3 करोड़ परिवार इसी सेक्टर पर निर्भर हैं। टेक्नोलॉजी, मार्केट, पैकेजिंग और डिजाइनिंग से जोड़कर ओडीओपी को एक ब्रांड बनाया गया है। परिणाम यह है कि प्रदेश का निर्यात ₹84 हजार करोड़ से बढ़कर ₹1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा है। प्रधानमंत्री जब विदेश जाते हैं, तो राष्ट्राध्यक्षों को ओडीओपी प्रोडक्ट्स उपहार में देते हैं।

    एफपीओ की मजबूती से बदली यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था
    उत्तर प्रदेश के एफपीओज की ताकत को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में आयोजित इस ट्रेड शो में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन एफपीओ और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर का रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश का क्रेडिट-डेबिट रेशियो (सीडी रेशियो) 9 वर्षों में 43 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत हो गया है। लक्ष्य है कि इसी साल 31 मार्च तक इसे 62 प्रतिशत और 2026-27 में 65 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लघु और सीमांत किसानों को सशक्त करने के लिए सहकारिता के माध्यम से ठोस कदम उठाए गए हैं। पहले किसानों को 11 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था, जिससे किसानों पर बोझ पड़ता था और बैंक भी घाटे में थे, क्योंकि उनका पैसा डूब जाता था। हमारी सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लघु र सीमांत किसानों को 5 से 6 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाए, शेष सहयोग सरकार करेगी। जब किसानों को आसान ब्याज दर और सरल किस्तों पर ऋण मिलेगा तो वे खेती में निवेश करेंगे, तकनीक अपनाएंगे और उनकी आय में स्वाभाविक रूप से वृद्धि होगी।

    अनलिमिटेड पोटेंशियल को साकार कर रहा यूपी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी देश ही नहीं, दुनिया का पहला राज्य है, जहां 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है, नहरों से सिंचाई मुफ्त है और एक लाख किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं। एक समय उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य कहा जाता था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला राज्य बन चुका है। 10 वर्ष पहले देश की अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान मात्र 8 प्रतिशत था, जबकि आज यह बढ़कर 9.5 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। 2016 में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगभग 11.7 लाख करोड़ रुपये की थी, जो इस वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचेगी। यह परिवर्तन अपने आप में एक बड़ा ब्रेकथ्रू है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब केवल रेवेन्यू सरप्लस स्टेट ही नहीं है, बल्कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन का उदाहरण बन चुका है। 2016 में यूपी में प्रति व्यक्ति आय ₹43 हजार थी, जो आज बढ़कर ₹1.20 लाख हो चुकी है। हमारा फिस्कल डेफिसिट 3 प्रतिशत से भी कम है। कई वर्षों से प्रदेश ने कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। देश में डीजल-पेट्रोल सबसे कम दाम पर यूपी में मिलता है। कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत से अधिक हो गई है। देश की आबदी का 17 प्रतिशत हिस्सा यूपी में निवास करता है, लेकिन कृषि योग्य भूमि मात्र 11 प्रतिशत है। इसके बावजूद हमारा अन्नदाता किसान भारत के कुल खाद्यान्न उत्पादन का 21 फीसदी उत्पादन कर रहा है। एथेनॉल व चीनी उत्पादन में उत्तर प्रदेश देश में नंबर एक है। वर्ष 2000 से 2017 के बीच यानी 17 सालों में प्रदेश के गन्ना किसानों को मात्र 2 लाख 14 हजार करोड़ का भुगतान किया गया, जबकि हमने पिछले नौ वर्षों में ही किसानों के खाते में 3 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया है, यानी 86 हजार करोड़ ज्यादा। आज यूपी नंबर 8 से उठकर देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आया है।

    ऋण वितरण शर्तों को सरल बनाएं बैंक
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैंकरों से अपील करते हुए कहा कि वे ऋण वितरण में शर्तों को यथासंभव सरल करें और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और सहकारिता से जुड़े लोगों को सहयोग दें। सिर्फ नीति बनाना पर्याप्त नहीं है, जमीन पर उसका असर दिखना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि छोटे-छोटे समूह बनाकर लक्षित प्रशिक्षण दिया जाए, मास्टर ट्रेनर्स तैयार किए जाएं और उन्हें सीधे उन लोगों के बीच भेजा जाए, जो एफपीओ, एमएसएमई, सर्विस सेक्टर, लखपति दीदी के लिए प्रस्तावित शी-मार्ट मॉडल या सहकारी संस्थाओं के माध्यम से आगे बढ़ना चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंक, नाबार्ड और अन्य वित्तीय संस्थान अगर ट्रेनिंग और क्रेडिट को साथ लेकर चलें, तो प्रदेश में रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता की रफ्तार कई गुना तेज हो सकती है। तकनीक, ट्रेनिंग और वैल्यू एडिशन के जरिए उत्तर प्रदेश अपने अनलिमिटेड पोटेंशियल को साकार कर रहा है और यही प्रयास प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।

    इस अवसर पर प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, नाबार्ड के महाप्रबंधक पंकज कुमार और रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय महाप्रबंधक पंकज कुमार उपस्थित रहे।

  • मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव  जैन

    मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव जैन

    मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव  जैन

    राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति
    राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की हुई बैठक
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की उपलब्धियों और वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना की हुई समीक्षा

    भोपाल

    मुख्य सचिव  अनुराग जैन की अध्यक्षता में मंत्रालय में  राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव  जैन ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं डिजिटल पहलों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं।

    अनमोल 2.0 से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी से एमएमआर और आईएमआर में हुआ है सुधार

    मुख्य सचिव  जैन ने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण के समन्वित प्रयास करें। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बताया गया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य के 51 जिलों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए 228 बर्थ वेटिंग रूम क्रियाशील हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं की शंकाओं के समाधान हेतु सुमन सखी चैटबॉट को गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया गया है। गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी अनमोल 2.0 के माध्यम से की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एवं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में कमी दर्ज की गई है। बैठक में मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना ने लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों और वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

    आरबीएसके के अंतर्गत 33 हज़ार से अधिक निःशुल्क सर्जरी

    ई-शिशु मॉडल के अंतर्गत एमजीएम इंदौर में वन-हब एवं 16 स्पोक्स के माध्यम से अब तक 947 नवजात शिशुओं को टेली-कंसल्टेशन सेवाएँ प्रदान की गई हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 33,075 नि:शुल्क शल्य क्रियाएँ की गईं, साथ ही 1,026 नि:शुल्क जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) सर्जरी भी की गई हैं।

    वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतें हुई टीबी-मुक्त

    टीबी (क्षय रोग) के नोटिफिकेशन एवं उपचार सफलता दर में सुधार के परिणामस्वरूप डीआर-टीबी मृत्यु दर 3.9 से घटकर 3.0 हुई है। वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतों को टीबी-मुक्त पंचायत घोषित किया गया। सिकल सेल प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 28,541 मरीजों को नि:शुल्क उपचार प्रदान किया गया और एक करोड़ 13 लाख 59 हजार 76 नागरिकों को सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं।

    स्वस्थ यकृत मिशन में 1 करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग

    ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ (एनएएफएलडी स्क्रीनिंग अभियान) के अंतर्गत एक करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग की गई हैं। फाइब्रोस्कैन सेवाएँ 13 जिलों में प्रारंभ की गई हैं, जिनमें अब तक 2,032 स्कैन पूर्ण किए जा चुके हैं। उच्च रक्तचाप के उपचार हेतु 1.77 करोड़ नागरिक की स्क्रीनिंग एवं 10.40 लाख नागरिक उपचाराधीन, इसी प्रकार मधुमेह के लिए 1.80 करोड़ स्क्रीनिंग एवं 7.21 लाख उपचाराधीन रोगी हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ‘मिशन मधुमेह’ के अंतर्गत 537 टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे उपचाराधीन हैं।

    ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच करने के निर्देश

    राज्य में 4,03,401 मोतियाबिंद शल्य क्रियाएँ की गईं। इसमें 48,816 स्कूली बच्चों एवं 1,03,944 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 2,235 कॉर्निया नेत्रदान के माध्यम से एकत्र किए गए। होप (होम बेस्ड केयर प्रोग्राम फॉर एल्डर्ली) योजना के अंतर्गत 6 शहरी क्षेत्रों में 1,214 अशक्त वृद्धजनों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई हैं। मुख्य सचिव  जैन ने ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच कराने के निर्देश दिए।

    मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी करें

    मुख्य सचिव  जैन ने उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी किए जाने के निर्देश दिए। बताया गया कि राज्य में 3,756 शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू-मुक्त प्रमाणित किया गया है। टेली-मानस सेवा (टोल-फ्री नंबर 14416 / 1800-891-4416) के माध्यम से 55,711 उपयोगकर्ताओं को नि:शुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया। आत्महत्या रोकथाम के लिये गेट-कीपर कार्यक्रम के अंतर्गत 2,385 आत्म-हानि एवं 1,593 आत्मघाती विचारों से संबंधित मामलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) के माध्यम से परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना निर्माण प्रक्रिया में बॉटम-अप दृष्टिकोण अपनाया गया है और शून्य-आधारित बजटिंग सिद्धांतों पर संसाधन आवंटन किया गया है, जिससे वर्तमान स्वास्थ्य आवश्यकताओं एवं जिला-स्तरीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएँ तैयार की जा सकें। परिणाम-आधारित योजना एवं बजटिंग के अंतर्गत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, टीकाकरण कवरेज में सुधार और संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों के नियंत्रण जैसे मापनीय स्वास्थ्य लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एसएनए-स्पर्श के माध्यम से निगरानी की जाएगी। जिला स्वास्थ्य कार्ययोजना की तैयारी, राज्य स्तरीय समीक्षा, कार्यकारी समिति की बैठक एवं राज्य स्वास्थ्य समिति की स्वीकृति की सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई गई है, जो विकेंद्रीकरण, अभिसरण, लक्ष्य निर्धारण एवं प्राथमिकता निर्धारण के सिद्धांतों पर आधारित है। यह दृष्टिकोण "विकसित मध्यप्रदेश@2047" एवं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है। बैठक में लगभग 5 हज़ार करोड़ रुपए की वार्षिक कार्य योजना भारत सरकार को प्रेषित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आयुक्त, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय, आयुष, स्कूल शिक्षा, वित्त विभाग, आयुक्त महिला बाल विकास, मनरेगा विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

     

  • 28 को बोत्सवाना से आ रहे चीते, एमपी में बढ़ेगा चीता कुनबा

    28 को बोत्सवाना से आ रहे चीते, एमपी में बढ़ेगा चीता कुनबा

    भोपाल 
    40 महीने पहले देश में चीतों को बसाने का शुरू हुआ सिलसिला अब और बढऩे जा रहा है। 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीतों के साथ शुरू हुए प्रोजेक्ट में अब 28 फरवरी को बोत्सवाना से 8 और चीते लाए जाएंगे। उन्हें कूनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा। इससे पहले 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को दिल्ली में मीडिया से बातचीत में 28 फरवरी को 8 चीतों को लाने की बात कही।

    गांधी सागर है चीतों का दूसरा घर

    40 माह पहले देश में चीतों का इकलौता घर एमपी का कूनो था। 20 अप्रेल 2025 को मंदसौर जिले के गांधीसागर में चीतों का दूसरा घर बनाया गया। यहां कूनो से शिफ्ट तीन चीते हैं, इनमें नर प्रभास, पावक तो मादा धीरा है। 

    असम का जंगली भैंसा भी आएगा मध्यप्रदेश

    सीएम डॉ मोहन यादव ने बताया कि असम से जंगली भैंसा को मध्यप्रदेश लाने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है. नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों और केंद्र सरकार के बीच तंत्रगत प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जैव विविधता को सुरक्षित करते हुए वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा दी जा रही है.

    बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी महीने 28 फरवरी के आसपास बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। चीतों के पुनर्स्थापन के लिए केंद्रीय मंत्री यादव से आवश्यक सहयोग और व्यवस्थाओं पर भी विस्तृत रूप से बात की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नई दिल्ली में यह जानकारी दी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चीता प्रोजेक्ट , असम से गैंडे और जंगली भैंसे सहित अन्य वन्य प्राणियों को लाने के प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहे हैं। बोत्सवाना से 8 चीते लाने की प्रक्रिया पूरी कराने सहित प्रोजेक्ट की मंजूरी सहित अन्य कार्यों को लेकर वे दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से विभिन्न विषयों पर विस्तार से बातचीत की गई है।

    सीएम यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली में ने बताया कि कि मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र के विकास, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और वन्यजीव संरक्षण की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य सरकार वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।

    कूनो में 27 चीते, इनमें से 19 यहीं जन्मे

    – 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते लाए गए।

    – 18 फरवरी 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए।

     अभी कूनो में 27 चीते हैं।

    – इनमें से विदेशों में जन्मे 8 चीते हैं।

    – भारत में जन्मे चीतों की संख्या 19 है। यह कूनो में ही हैं।