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  • नव निर्माण के नौ वर्ष : एमएसएमई से हथकरघा और खादी तक, रोजगार व आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार देता बजट 2026-27

    नव निर्माण के नौ वर्ष : एमएसएमई से हथकरघा और खादी तक, रोजगार व आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार देता बजट 2026-27

    • एमएसएमई को 3,822 करोड़ का संबल, 3.11 करोड़ रोजगार वाले क्षेत्र को और मजबूती
    • वस्त्रोद्योग में 5,041 करोड़ का प्रावधान, 30,000 नए रोजगार और मेगा टेक्सटाइल पार्क की तैयारी

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम, हथकरघा वस्त्र उद्योग और खादी ग्रामोद्योग क्षेत्रों को केंद्र में रखकर रोजगार और औद्योगिक विस्तार की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इन क्षेत्रों के लिए बढ़े हुए बजटीय प्रावधानों के साथ नई योजनाओं और लक्ष्यों की घोषणा की गई है, जिनका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी दोनों स्तरों पर रोजगार सृजन, परंपरागत उद्योगों का आधुनिकीकरण और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को गति देना है। 

    सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम
    सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिए 3,822 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव किया गया है। जो वर्ष 2025-26 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र से लगभग 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। उत्तर प्रदेश एमएसएमई के मामले में सभी राज्यों में अग्रणी बना हुआ है। एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सरदार वल्लभभाई पटेल इम्प्लायमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की नई योजना प्रस्तावित की गई है, जिसके लिए 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान है, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 1 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य रखा गया है और आवश्यकता अनुसार इसे बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के लिए 225 करोड़ रुपये तथा एक जनपद एक व्यंजन योजना के लिए 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

    हथकरघा एवं वस्त्र उद्योग  
    हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग क्षेत्र के लिए लगभग 5,041 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो वर्ष 2025-26 की तुलना में पांच गुने से अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में वस्त्रोद्योग क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में गारमेंटिंग हब विकसित करने के लिए पीएम मित्र पार्क योजना के अंतर्गत विश्वस्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जाएगी। हथकरघा बुनकरों के साथ पावरलूम बुनकरों के उत्थान के लिए अटल बिहारी बाजपेयी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना हेतु 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं गारमेंटिंग नीति 2022 के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

  • मध्यप्रदेश की 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में इंडिया स्टोन मार्ट में की सहभागिता

    मध्यप्रदेश की 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में इंडिया स्टोन मार्ट में की सहभागिता

    मध्यप्रदेश की 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने जयपुर में इंडिया स्टोन मार्ट में की सहभागिता

    भोपाल

    मध्यप्रदेश की 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने इंडिया स्टोन मार्ट, 2026 जयपुर में सहभागिता कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। यह प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय स्टोन आधारित प्रदर्शनी 5 से 8 फरवरी तक जयपुर में आयोजित की गई थी।

    प्रदर्शनी में मध्यप्रदेश की कुल 9 स्टोन आधारित एमएसएमई इकाइयों ने सहभागिता की, जिसमे ग्वालियर से 6 इकाईयों (तंवर स्टोर इंडस्ट्रीज, जैन स्टोन इंडस्ट्रीज, के.आर. स्टोन इंडस्ट्रीज, महाकाय इंडस्ट्रीज, अभ्युदय इंटरप्राइजेज,  साईं राम स्टोन) , कटनी से दो इकाईयों (एमके ग्रेनाइट एवं मार्बल कंपनी तथा  राम मार्बल्स) एवं इंदौर (द राईट एंगल्स) से एक इकाई शामिल है।

    सभी चयनित इकाइयों को एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा विभागीय सहयोग प्रदान किया गया।इकाइयों को निःशुल्क स्टॉल उपलब्ध कराए गए एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई।

    प्रदर्शनी में भाग लेने के लिए इकाइयों का चयन एमएसएमई विभाग के माध्यम से मुख्यालय स्तर पर किया गया। स्टोन इंडस्ट्रीज के उत्पादों का वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट में शामिल होने के साथ उनकी गुणवत्ता, नवाचार क्षमता एवं बाजार संभावनाओं को चयन का आधार बनाया गया। प्रदर्शनी के दौरान उद्यमियों ने अपने उत्पादों का प्रभावी प्रदर्शन किया एवं देश-विदेश से आए क्रेताओं एवं व्यापारिक प्रतिनिधियों से सार्थक व्यावसायिक संवाद किया।इस सहभागिता से स्टोन जगत के हितधारकों का परिचय मध्यप्रदेश की विशाल स्टोन धरोहर से हो सका एवं सभी ने मध्यप्रदेश के उत्पादों को सराहा। विजिट स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने, निर्यात संभावनाओं के विस्तार तथा महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। माना जा रहा है कि एमएसएमई विभाग की यह पहल प्रदेश में उद्यमिता, रोजगार सृजन एवं आर्थिक विकास को सशक्त रूप से आगे बढ़ाएगी।

     

  • एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनेगी पावर ग्रिड

    एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनेगी पावर ग्रिड

    एमपी ट्रांसको के साथ कदम से कदम मिलाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनेगी पावर ग्रिड

    पॉवर ग्रिड के प्रतिनिधि मंडल के साथ एमपी ट्रांसको की उच्च स्तरीय बैठक

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन परियोजनाओं के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको), भारत सरकार के उद्यम, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेगी। इस संबंध में आपसी सहमति जबलपुर शक्ति भवन में आयोजित एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक  सुनील तिवारी तथा पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, वेस्टर्न रीजन–2 के मुख्य महाप्रबंधक एवं रीजनल हेड  आर.के. गुप्ता की उपस्थिति मे हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में बनी।

    वर्तमान स्थिति में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार चुनौती पूर्ण

    प्रबंध संचालक  तिवारी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) तथा फॉरेस्ट अप्रूवल से जुड़ी चुनौतियों के कारण अत्यंत कठिन हो गया है। इसके बावजूद एमपी ट्रांसको, पॉवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ समन्वय एवं सहयोग बनाए रखते हुए कार्य करेगी, ताकि राष्ट्र निर्माण में दोनों ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।

    सहयोग के लिए एम पी ट्रांसको का आभार व्यक्त किया पावर ग्रिड ने

    पॉवर ग्रिड के सीजीएम  गुप्ता ने मध्यप्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क विस्तार के लिए एमपी ट्रांसको से मिल रहे सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पॉवर ग्रिड भी राज्य में संचालित सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे देश में तेजी से बढ़ रहे बिजली उत्पादन का समयबद्ध ट्रांसमिशन सुनिश्चित किया जा सके।

    बैठक में पॉवर ग्रिड द्वारा किए जा रहे विभिन्न ट्रांसमिशन निर्माण कार्यों तथा भविष्य की योजनाओं पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। 

  • इंदौर नगर निगम में बड़ा एक्शन: पूर्व अधिकारी करोड़पति निकला, ED ने कुर्क की संपत्ति

    इंदौर नगर निगम में बड़ा एक्शन: पूर्व अधिकारी करोड़पति निकला, ED ने कुर्क की संपत्ति

    इंदौर
     प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगर निगम के पूर्व सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज 1 करोड़ 6 लाख रुपये की अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में एक आवासीय मकान, एक प्लॉट, एक फ्लैट और कृषि भूमि शामिल है।

    ईओडब्ल्यू ने दर्ज की एफआईआर
    ईडी ने बताया कि यह जांच भोपाल की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ईओडब्ल्यू ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत राजेश परमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि उन्होंने अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अपने और परिवार के नाम पर अर्जित की।

    घोषित आय से 175 प्रतिशत अधिक संपत्ति
    जांच में सामने आया कि वर्ष 2007 से 2022 के बीच परमार ने करीब 1 करोड़ 66 लाख रुपये की संपत्ति जुटाई। यह राशि उनकी घोषित आय से लगभग 175 प्रतिशत अधिक बताई गई है। ईडी ने अपनी जांच में करीब 1 करोड़ 21 लाख रुपये को संदिग्ध और अवैध आय माना है।

    दस्तावेज पेश नहीं कर सके परमार
    जांच एजेंसी के अनुसार परमार और उनके परिवार के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में नकद जमा किया गया। यह राशि अलग-अलग खातों के माध्यम से जमा कर बाद में संपत्तियों की खरीद में उपयोग की गई। ईडी का कहना है कि पूछताछ के दौरान परमार इन संपत्तियों के लिए इस्तेमाल किए गए धन के वैध स्रोत से जुड़े ठोस दस्तावेज पेश नहीं कर सके।

  • योगी सरकार का श्रमिकों पर बड़ा फोकस, उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन समिति के गठन हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान

    योगी सरकार का श्रमिकों पर बड़ा फोकस, उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन समिति के गठन हेतु 200 करोड़ रुपये का प्रावधान

    लखनऊ
    योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में 2026-27 का बजट प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बजट में राज्य में रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन समिति को संस्थागत मजबूती दी गई है। इसके गठन हेतु 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसके माध्यम से श्रमिकों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। अपने घर और गांव से दूर शहरों में कार्यरत मजदूरों के लिए लेबर अड्डों के निर्माण की घोषणा कर श्रमिकों को संगठित, सुरक्षित और व्यवस्थित कार्यस्थल उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की गई है। यह कदम प्रवासी श्रमिकों के श्रम प्रबंधन और सुविधा विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य के माध्यम से श्रमिक परिवारों का सशक्तिकरण
    बजट 2026-27 में श्रमिक परिवारों के सामाजिक उत्थान को भी प्राथमिकता दी गई है। अटल आवासीय विद्यालयों के माध्यम से कक्षा 6 से 12 तक निःशुल्क आदर्श शिक्षा प्रदान की जा रही है। वर्तमान में इन विद्यालयों में श्रमिकों के 10,876 बच्चे अध्ययनरत हैं। इस योजना हेतु बजट में 70 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि निर्माण श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान करने के लिए पहली बार मोबाइल हेल्थ वैन का संचालन पायलट प्रोजेक्ट के रूप में किया गया है। एक्स-ग्रेशिया अनुदान व्यवस्था के तहत पंजीकृत असंगठित श्रमिकों के दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में 2 लाख रुपये तथा आंशिक दिव्यांगता पर 1 लाख रुपये के भुगतान का प्रावधान जारी रखा गया है। 

    8.41 करोड़ कामगारों को फैमिली आईडी
    वित्त मंत्री ने कहा कि कामगारों को मुख्यधारा की योजनाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। वर्तमान में ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत 8.41 करोड़ कामगारों के सापेक्ष फैमिली आईडी उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य योजनाओं का लक्षित क्रियान्वयन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है। डिजिटल पहचान के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़ाने का संकेत बजट में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

  • ईरान पर हमले की योजना: सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

    ईरान पर हमले की योजना: सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ खुलासा

    न्यूयॉर्क

    मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अमेरिकी सैन्य अड्डों पर लड़ाकू विमानों, टैंकरों और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की संख्या तेजी से बढ़ रही है. प्लैनेट लैब्स और रॉयटर्स की तस्वीरों में कतर, जॉर्डन और सऊदी अरब के अड्डों पर बदलाव साफ दिख रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि यह ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर हमले की तैयारी या जवाबी कार्रवाई से बचाव का संकेत हो सकता है.  

    अमेरिका-ईरान के बीच तनाव 

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से न्यूक्लियर डील चाहते हैं, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर भी रोक की मांग कर रहे हैं. ईरान ने साफ मना कर दिया है. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर डील नहीं हुई तो अगला हमला बहुत बुरा होगा. पिछले साल अमेरिका ने ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले किए थे. अब फिर तनाव बढ़ रहा है. ईरान अपनी न्यूक्लियर साइट्स को मिट्टी से ढक रहा है. टनल बंद कर रहा है, जो हमले की आशंका दिखाता है.

    सैटेलाइट तस्वीरों में क्या दिख रहा है?
    अल उदेद एयर बेस, कतर: अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्यालय. 17 जनवरी से 1 फरवरी के बीच विमानों की संख्या बढ़ी है. मोबाइल पैट्रियट मिसाइल लॉन्चर्स तैनात किए गए है, जो ईरान की मिसाइलों से बचाव के लिए हैं. 

    मुवाफक साल्टी एयर बेस, जॉर्डन: 25 जनवरी से 2 फरवरी के बीच दर्जनों F-15E फाइटर जेट्स, A-10 ग्राउंड अटैक विमान और MQ-9 ड्रोन आए. यह ईरान के करीब है. 

    प्रिंस सुल्तान एयर बेस, सऊदी अरब: C-5 गैलेक्सी और C-17 ट्रांसपोर्ट विमान दिखे, जो भारी सामान ले जाते हैं.

    अन्य जगहों जैसे ओमान और डिएगो गार्सिया में भी विमान बढ़े हैं. कुल मिलाकर फाइटर जेट्स, टैंकर और डिफेंस सिस्टम की तैनाती बढ़ी है.

    इसका मतलब क्या है?

        ट्रंप प्रशासन साफ संदेश दे रहा है कि वह तैयार है.
        यह हमले की तैयारी हो सकती है, क्योंकि इतनी तैनाती महंगी है.
        या ईरान की जवाबी मिसाइलों से बचाव, क्योंकि ईरान ने पहले अल उदेद पर हमला किया था.
        ईरान भी अपनी न्यूक्लियर साइट्स (जैसे इस्फहान) को मजबूत कर रहा है, टनल मिट्टी से भर रहा है.

    आगे क्या?

    बातचीत चल रही है, लेकिन दोनों तरफ तैयारी जोरों पर है. अगर हमला हुआ तो क्षेत्रीय युद्ध हो सकता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि यह डिप्लोमेसी को मजबूत करने का दबाव भी हो सकता है. 

  • हाईटेक जापान की हकीकत: तकनीक भले आगे, लेकिन गरीबी में जी रहे लोग

    हाईटेक जापान की हकीकत: तकनीक भले आगे, लेकिन गरीबी में जी रहे लोग

    टोक्यो

     यह खबर तो आपको भी पता चल गई होगी कि जापान में संपन्‍न हुए हालिया चुनाव में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता सनाए तकाची ने 75.7 फीसदी सीटों पर कब्‍जा जमाकर जीत हासिल की है. यह दूसरे विश्‍व युद्ध के बाद किसी भी जापानी नेता को मिला सबसे बड़ा समर्थन है. इस चुनाव ने न सिर्फ जापान की सत्‍ता को ग्‍लोबल चर्चा का विषय बना दिया, बल्कि दुनिया के सामने जापान की ऐसी तस्‍वीर भी पेश की जिसके बारे में ज्‍यादातर लोगों को पता ही नहीं है. हमें आपको यही लगता होगा कि विकसित देशों की सूची में शामिल जापान आर्थिक प्रगति का रोल मॉडल है, लेकिन इस बार के चुनाव में की गई घोषणाओं ने जापान की पिछड़ी तस्‍वीर भी दुनिया के सामने रखी.

    दूसरा विश्‍व युद्ध समाप्‍त होने के बाद जापान साल 1960 से 1980 के बीच इकनॉमिक सुपरपॉवर बनकर उभरा. 90 के दशक तक जापान की जीडीपी ग्रोथ जी-7 में शामिल अन्‍य देशों के मुकाबले काफी तेज रही थी. इसके बाद से ही जापान की अर्थव्यवस्‍था पर दबाव बढ़ने लगा और आज तो यह भयंकर आर्थिक संकट में घिर चुका है. 60 से 70 और 70 से 80 के दशक में जापान की जीडीपी ग्रोथ 16.4 फीसदी और 17.9 फीसदी रही थी. साल 2010 से 2024 तक जापान की जीडीपी ग्रोथ शून्‍य से भी 2.4 फीसदी नीचे रही यानी फिलहाल वहां मंदी चल रही है.

    दुनिया में सबसे ज्‍यादा सरकारी कर्ज
    जापान इस समय आगे कुआं और पीछे खाई वाली स्थिति में है. एक तो उसकी जीडीपी ग्रोथ माइनस में चल रही है, जबकि सरकारी कर्ज जीडीपी के मुकाबले 230 फीसदी पहुंच गया है. यह दशकों से चले आ रहे घाटे वाले खर्चों का नतीजा है. जापान की नई प्रधानमंत्री सनाए तकाची ने अपने चुनावी वादों में अतिरिक्‍त खर्चों को घटाने और टैक्‍स कम करने का ऐलान किया था. इसके बाद से ही जापान के बॉन्‍ड मार्केट में हलचल बढ़ गई है. फिलहाल बॉन्‍ड यील्‍ड 3.56 फीसदी के साथ रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया है. इसे जापान के लिए डेट क्राइसिस की शुरुआत माना जा रहा है, जो ग्‍लोबल इकनॉमी के लिए जोखिम पैदा कर सकता है.

    कमजोर मुद्रा बन रही परेशानी
    जापान की मुद्रा येन भी लगातार कमजोर हो रही है, जो फिलहाल डॉलर के मुकाबले कई साल के निचले स्‍तर पर पहुंच गई है. जापान ने ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की है, जिससे आयात महंगा हो रहा है और महंगाई भी बढ़ रही है. अमेरिका के साथ टैरिफ वॉर की वजह से निर्यात में कमी आ रही और निवेश भी कमजोर पड़ा है. फिलहाल सबकुछ बैंक ऑफ जापान पर निर्भर करता है, जो आने वाले समय के लिए नीतियां निर्धारित करेगा और जापान को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है.

    गरीबों के लिए चुनावी वादे
    प्रधानमंत्री सनाए तकाची ने चुनावी वादों में गरीबों और निम्‍न आय वर्ग के लिए कई घोषणाएं की हैं. उनका कदम महंगाई से निपटने और स्थिर मजदूरी और बढ़ते खर्च से निपटने के लिए है. इस कड़ी में पीएम ने खाद्य उत्‍पादों पर 8 फीसदी का कंजप्‍शन टैक्‍स भी दो साल के लिए खत्‍म कर दिया है. इससे गरीब परिवारों के लिए भोजन की लागत कम होगी और उनके जीवन यापन में सुधार आएगा. साथ ही टैक्‍स छूट का दायरा भी बढ़ाए जाने की तैयारी है, ताकि निम्‍न आय वर्ग वालों की बचत को बढ़ाया जा सके.

     

  • योगी सरकार-2026 में पूरे प्रदेश में लगाएगी 35 करोड़ पौधे

    योगी सरकार-2026 में पूरे प्रदेश में लगाएगी 35 करोड़ पौधे

    लखनऊ
    योगी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में वन-पर्यावरण क्षेत्र का भी विशेष ध्यान रखा। वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार ने 2017 से प्रदेश में अब तक 242.13 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया। आगामी वर्षाकाल-2026 में भी 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य प्रस्तावित है। वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार में किए गए कार्यों की बदौलत उत्तर प्रदेश वनावरण व वृक्षादन में वृद्धि के मामले में देश में द्वितीय स्थान पर रहा है। योगी सरकार द्वारा चलाए जा रहे पौधरोपण अभियान के कारण राज्य को यह गौरव प्राप्त होने का श्रेय है। 

    वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट में वन एवं पर्यावरण विभाग का भी जिक्र किया और बताया कि बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। उन्होंने बताया कि पौधशाला प्रबंधन योजना के लिए 220 करोड़ रुपये तथा राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित है। 

    वित्त मंत्री ने बताया कि लखनऊ स्थित कुकरैल वन क्षेत्र में नाइट सफारी पार्क की स्थापना के लिए लगभग 207 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। वहीं रानीपुर बांध फाउंडेशन, चित्रकूट के कॉर्पस फंड के गठन के लिए 50 करोड़ रुपये की भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। 

    परिसंकटमय अपशिष्ट निस्तारण सुविधा, सामूहिक जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण सुविधा एवं ई. वेस्ट रिसाइकिलिंग एंडे ट्रीटमेंट सुविधा की स्थापना कराए जाने की कार्यवाही करायी जा रही है। उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट वर्ष 2025-2026 से 2030-2031 तक क्रियान्वित होना है। यह विश्व बैंक सहायतित मल्टीसेक्टोरल योजना है। इसके लिए 194 करोड़ रुपये की व्यवस्था बजट में प्रस्तावित की गई है।

  • 400 सौ से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने दी एक साथ दबिश

    400 सौ से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने दी एक साथ दबिश

    • निशातपुरा की अमन कॉलोनी से 8 महिलाएं और 31 पुरुष अपराधी गिरफ्तार
    • 17 दोपहिया और 39 मोबाइल समेत लाखों के जेवरात बरामद
    • भोपाल के अलावा दूसरे राज्यों के अपराधी भी लिए हुए थे पनाह

    भोपाल
    पुलिस आयुक्त संजय कुमार के निर्देश पर डीसीपी जोन 4 मयूर खंडेलवाल के मार्गदर्शन में बीती रात 400 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों एक बार फिर निशातपुरा की अमन कालोनी में एकसाथ दबिश दी। इस दौरान 8 महिलाएं और 31 पुरुष अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 17 दोपहिया वाहन, 39 मोबाइल फोन समेत लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। पकड़े गए बदमाशों ने भोपाल के अलावा दूसरे राज्यों के अपराधी भी शामिल हैं, जो यहां आकर पनाह लिए हुए थे।  जानकारी के अनुसार राजधानी की अमन कालोनी निशातपुरा अपराधियों का गढ़ बना हुआ था। पिछले दिनों पुलिस ने इस इलाके से आधा सैकड़ा बदमाशों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये का चोरी का माल बरामद किया था। पिछले दिनों सूचना मिली कि उक्त कार्रवाई के बाद से यहां फिर से स्थानीय और बाहरी राज्यों के बदमाश आकर ठहरे हुए हैं। 

    पुलिस की टीम जब भी इलाके में बदमाशों की तलाश में पहुंची तो स्थानीय रहवासी एकजुट होकर पुलिस कार्रवाई का विरोध करते थे। जिसके चलते पुलिस टीम को मजबूरन वापस लौटना पड़ता था। पिछले दिनों पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने इलाके में पहुंचकर स्थानीय लोगों से संवाद किया था, जिसके बाद एकसाथ काम्बिंग गश्त करते हुए कार्रवाई की योजना तैयार की गई। बीती रात डीसीपी मयूर खंडेलवाल के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त मलकीत सिंह एवं अनिल शर्मा, सहायक पुलिस उपायुक्त अक्षय चौधरी के साथ ही 8 अन्य सहायक पुलिस आयुक्त, 16 पुलिस निरीक्षकों के साथ ही 400 पुलिस कर्मचारियों का बल तैयार कर एकसाथ कार्रवाई की गई।

    बदमाशों से जब्त हुआ लाखों रुपये कीमत का माल
    पुलिस टीमों ने बीती रात एकसाथ पूरी कॉलोनी को चारों तरफ से घेर लिया, जिसके बाद गंभीर किस्म के आपराधिक मामलों में फरार चल रहे बदमाशों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ दूसरे राज्यों के भी है, जो यहां कर शरण लिए हुए थे। इन बदमाशों की दूसरे राज्यों की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही थी, जिनमें से कईयों पर इनाम भी घोषित था। पकड़े गए बदमाश में 5 स्थाई वारंटी भी पकड़े गए हैं। 

    गिरफ्तार हुए बदमाशों के कब्जे से चोरी के संदेह में 17 दोपहिया वाहन, 39 मोबाइल फोन, 640 ग्राम सोने एवं 240 ग्राम चांदी के जेवरात और नकदी 1 लाख 35 हजार रुपये जब्त किए गए हैं।इसके साथ ही एक महिला नाजमा के कब्जे से 1 किलो 700 ग्राम गांजा भी जब्त हुआ है, जिसके खिलाफ अलग से एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। बदमाशों से बरामद हुए माल की कुल कीमत करीब सवा करोड़ रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तार पुरुष आरोपियों की विवरण कार्रवाई के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी सादिक अली, काजी बाबू खान, रहमान इमदाद, गुलाब नबी, मोहम्मद अली उर्फ साविर हुसैन, सरु उर्फ यूसूफ अली, मुख्तार खान उर्फ मुकद्दर मिर्जा, बाकर अली, वसीम खान, शब्बीर अली, सज्जाद हुसैन, मिर्जा उर्फ पिल्लू, जावेद अली उर्फ ईशा, शब्बीर अली, जाकिर हुसैन, शब्बीर अली उर्फ एपी, जहीर अली, रायत अली, हसनैन अली, जाफर अली उर्फ मिच्चा, नबी हसन उर्फ नबलू, अब्बास अली उर्फ अब्बासी, सफदर अली उर्फ सबदर अली, हसन अली, मोहम्मद अली उर्फ टिड्डा, शहादत हुसैन उर्फ शादाब, फतेह उल्ला, हैदर अली, शब्बीर खान उर्फ शब्बे, अमजद अली उर्फ गब्बर, मुजायद उर्फ मुजाहिद और जाकिर हुसैन शामिल है। आठ महिलाओं को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार अमन कालोनी से पुलिस ने आठ महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है।

    गिरफ्तार महिलाओं में जायदा बी, मरीयम, फतीम बी, बानो अली, खुशनूर, राबिया, मरियम अली और नाजमा शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त मनीष भारद्वाज, रजनीश कश्यप, आदित्यराज ठाकुर,देवेंद्र यादव, उमेश तिवारी, सुजीत तिवारी, हेमंत श्रीवास्तव, दिव्या झारिया, निरीक्षक मनोज पटवा, मनीषराज भदौरिया, अवधेश भदौरिया, अवधेश तोमर, अमित सोनी, जितेंद्र गढ़वाल, सरस्वती तिवारी, बृजेंद्र मर्सकोले, निरुपा राय, पल्लवी पांडे, सरिता बर्मन, नीतू कुनसारिया, नीरज वर्मा और एसआई इंदर सिह मुजाल्दे का सराहनीय योगदान रहा है।

  • Epstein Files पर राहुल गांधी के आरोपों पर भड़के हरदीप पुरी, बोले– बेबुनियाद हैं सभी दावे

    Epstein Files पर राहुल गांधी के आरोपों पर भड़के हरदीप पुरी, बोले– बेबुनियाद हैं सभी दावे

    नई दिल्ली

    लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान आज कांग्रेस संसद राहुल गांधी ने Epstein Files का जिक्र करते हुए सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि अमेरिका के जस्टिस डिपार्टमेंट के पास मौजूद इन दस्तावेजों में एक केंद्रीय मंत्री और एक प्रमुख उद्योगपति का नाम शामिल है।

    सदन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि एक खास उद्योगपति अभी तक जेल से बाहर क्यों है, जबकि उसका नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित फाइलों में है। उन्होंने सीधे तौर पर केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम लेते हुए पूछा, "मंत्री जी बताएं कि उस उद्योगपति को एपस्टीन से किसने मिलवाया था?" सदन के बाहर भी राहुल ने दोहराया कि भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता खतरे में है और सरकार बाहरी दबाव में काम कर रही है।

    इन आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि राहुल गांधी का हमला पूरी तरह से बेबुनियाद है। उन्होंने बताया कि साल 2014 में जब वे एक अंतरराष्ट्रीय संस्था (IPI) से जुड़े थे और न्यूयॉर्क में थे, तब एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में उनकी जेफरी एपस्टीन से दो-तीन बार औपचारिक मुलाकात हुई थी।

    जेफरी एपस्टीन अमेरिका का एक बदनाम फाइनेंसर था, जिस पर नाबालिगों के यौन शोषण और मानव तस्करी के आरोप थे। उसकी मृत्यु के बाद जारी की गई फाइलों में दुनिया भर की कई नामचीन हस्तियों, राजनेताओं और वैज्ञानिकों के नाम शामिल हैं, जो कभी न कभी उसके संपर्क में रहे थे।