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  • फेडरर के टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के समारोह के टिकट दो मिनट में बिके

    फेडरर के टेनिस हॉल ऑफ फेम में शामिल होने के समारोह के टिकट दो मिनट में बिके

    न्यूपोर्ट (अमेरिका)
    रोजर फेडरर ने भले ही टेनिस को अलविदा कह दिया हो लेकिन उनका जादू अब भी प्रशंसकों पर सर चढ़कर बोलता है जिसकी बानगी यहां उन्हें अंतरराष्ट्रीय टेनिस हॉल ऑफ़ फेम में शामिल करने के समारोह के टिकटों की भारी मांग में देखने में मिली।

    फेडरर से जुड़े इस समारोह के सभी टिकट दो मिनट में बिक गए। आयोजकों ने आउटडोर पार्टी के लिए अलग से अतिरिक्त टिकट जारी किए जो हाथों हाथ बिक गए। आखिर में आयोजकों को कहना पड़ा कि उनकी क्षमता सीमित है और वह अधिक टिकट जारी नहीं कर सकते हैं।

    आयोजक हॉल ऑफ़ फेम ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘एक छोटा लेकिन ऐतिहासिक स्थल होने के कारण हमारी क्षमता सीमित है।’’ हॉल ने कहा कि उसे पहले से ही इस बात का अंदाज़ा था कि 20 ग्रैंड स्लैम एकल खिताब जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी फेडरर को लेकर कितना उत्साह होगा। इस दिग्गज टेनिस खिलाड़ी को 29 अगस्त को प्रसारक मैरी कैरिलो के साथ हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया जाएगा।

    न्यूपोर्ट स्थित इस प्रतिष्ठित हॉल में होने वाले मुख्य समारोह के लिए पहले से उपलब्ध 900 टिकटों के अलावा हॉल अपने 3,600 सीटों वाले स्टेडियम को एक विशेष कार्यक्रम के लिए खोलेगा। इसके बावजूद हॉल की प्रवक्ता मेगन एर्ब्स ने कहा कि 4,500 टिकट दो मिनट के भीतर ही बिक गए।

     

  • मीना बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बलरामपुर

    मीना बनीं महिला सशक्तिकरण की मिसाल बलरामपुर

    बलरामपुर

     जिले के रामचन्द्रपुर जनपद पंचायत के ग्राम मरमा की मीना रवि स्व-सहायता समूह से जुड़ कर अपने व परिवार के भविष्य को नई दिशा दी है। कभी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करने वाली मीना आज आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बन चुकी हैं।

    कुछ वर्ष पूर्व तक मीना रवि का जीवन अभावों से घिरा हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर थी। घर का खर्च चलाने के लिए उन्हें मजदूरी करनी पड़ती थी, तब कहीं जाकर घर में खाने की पूर्ति हो पाती थी। सीमित आय के कारण बच्चों के पढ़ाई-लिखाई और बेहतर भविष्य की कल्पना भी मुश्किल लगती थी। हर दिन उनके लिए एक नई चुनौती लेकर आता था।

    इस दौरान महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला मीना के जीवन में बदलाव लेकर आया। इससे उन्हें नियमित आय का साधन मिला। साथ ही उन्होंने गांव में कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) का कार्य भी संभाला। धीरे-धीरे उनकी मासिक आय 1,500 से बढ़कर 2000 तक पहुंच गई।

    समूह से मिले सहयोग के साथ मीना ने स्व-सहायता समूह से चार किश्तों में कुल 60,000 का ऋण लिया और अपने पति के साथ मिलकर एक राशन दुकान शुरू किया। और आज उनकी दुकान से सालाना लगभग 1,50,000 की आय हो रही है। उन्होंने अपनी मेहनत और समूह से मिले ऋण की सहायता से 5 डिसमिल जमीन खरीदा और उसी जमीन पर अपना दुकान स्थापित किया। जो आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुई। अब मीना रवि आत्मनिर्भर बन लाखों रुपए आय अर्जित कर लखपति दीदी के रूप में जानी जा रही है। वे बच्चों की शिक्षा , परिवार संबंधित सभी आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं। वे कहती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिले तो वे स्वयं सशक्त बन पूरे परिवार और समाज की दिशा बदल सकती हैं।

     

     

  • भूपेश बघेल के ‘ऑफर’ बयान पर केदार कश्यप का तीखा जवाब, बोले— छत्तीसगढ़ और भाजपा दोनों को नहीं है उनकी जरूरत

    भूपेश बघेल के ‘ऑफर’ बयान पर केदार कश्यप का तीखा जवाब, बोले— छत्तीसगढ़ और भाजपा दोनों को नहीं है उनकी जरूरत

     रायपुर

    भूपेश बघेल के बीजेपी में शामिल होने के ऑफर पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी जरूरत न छत्तीसगढ़ को है, और न ही भाजपा को है. वो सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं.

    कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने आज अपने विभाग का लेखा-जोखा मीडिया के सामने पेश किया. इस दौरान पत्रकारों के सवालों का दवाब देते हुए कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब भी दिया. उन्होंने पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के पीडीएस दुकान के खाली होने के आरोप पर कहा कि जिन लोगों ने पूरे प्रदेश को लूटने का काम किया, जिनके ऊपर केस चल रहा हैं, वो बता रहे हैं कि हमारी पीडीएस की दुकानें खाली हो गई हैं. जिन लोगों ने खाली किया आज वे विपक्ष में हैं.

    वहीं अमरजीत भगत के नक्सली कमांडर हिडमा को सपोर्ट वाले बयान पर कहा मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस हमेशा नक्सलियों के साथ में रही है. झीरम घाटी के नाम पर ये घड़ियाली आंसू बहाते हैं. इस बात को साबित करता है कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह हो या यहाँ के लोग हों. ये कहते हैं कि झीरम के सबूत इनके पास है. जब सबूत है तो स्वाभाविक है, आपसी गुटबाजी के कारण झीरम कांड हुआ है.

    दरअसल, कांग्रेस पार्टी को इस बात का दुख है कि नक्सलवाद खत्म हो रहा है, और कांग्रेस के समर्थक खत्म हो रहे हैं. कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं ने हमेशा मंचों से कहा है कि वे नक्सलियों के साथ खड़े हैं.

    वहीं बीजापुर विधायक के सुरक्षा वाले मामले में केदार कश्यप ने कहा कि कहीं किसी को जाने के लिए नहीं रोका जा रहा है. वो बिना सुरक्षा के अंदरूनी क्षेत्र में चले जाते थे. उनको सुरक्षा की क्या आवश्यकता है. वो बिना सुरक्षा और बिना पुलिसकर्मी के नक्सल क्षेत्र में घूमते थे, उन्हें क्या सुरक्षा की आवश्यकता है. अब बस्तर नक्सल मुक्त हो रहा है.

    असम में कांग्रेस नेता चुनाव में गए हैं, क्या बीजेपी नेता भी जाएंगे? इस पर केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि असम में हमारे नेता प्रचार करने जा रहे है. फिर तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस में लोग किसलिए जा रहे, ये बाद में पता चलेगा. पिछले बार तो यहां लाकर बकरा और सूअर खिलाए थे. इस बात क्या खिलाएंगे ये देखना होगा.

    वहीं बस्तर में स्वास्थ्य की स्थिति पर मंत्री कश्यप ने कहा कि हमारी सरकार में 3 मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई. स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐसी स्थिति निर्मित ना हो, इसे लेकर हमारी सरकार काम कर रही है. चिकित्सा के क्षेत्र में और भी विस्तार हो रहा है. अंदुरूनी क्षेत्र में भी चिकित्सा का जाल बिछ रहा है. वहीं युवा कांग्रेस की महापंचायत का केदार कश्यप ने स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है कि वो वास्तविक लोगों को लेकर आएंगे, मरे हुए लोगों को न लाए.

    2 सालों में परिवहन विभाग के कार्यों को लेकर कहा कि सीएम ग्रामीण बस योजना से लोगों को लाभ मिला. 425 नए गांव तक पहली बार बस पहुंचे. सड़क दुर्घटना में रायपुर जिले को सड़क दुर्घटना में शून्य मृत्यु जिले के रूप में शामिल किया जा रहा है. इलेक्ट्रिक वाहन नीति में वाहन मूल्य का 10% या अधिकतम 1 लाख रुपए छूट दी जा रही है. आटो एक्सपो के माध्यम से 133.4 करोड़ के RTO टैक्स का छूट मिला.

    बस संगवारी एप की सुविधा लोगों को दी गई है. वाहन 4.0 और सारथी 4.0 ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से हो रहे है. आरसी/डीएल की घर पहुंच सेवा के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र को डाक के माध्यम से भेजा जा रहा है. ई-चालान के माध्यम से अनफिट वाहनों पर कार्रवाई हो रही है. वर्तमान में 20 टोल नाकों से गुजरने वाले बिना फिटनेस और टैक्स के वाहनों पर ई-चालान की कार्रवाई की जा रही है. सड़क दुर्घटना में घायलों को कैशलेश उपचार की व्यवस्था की जा रही है.

    वन विभाग की दो साल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि 355 हाथियों का विचरण हो रहा है. हाथी-मानव द्वंद कम हो, इस पर काम हो रहा है. प्रभावित इलाकों में एलिफेंट ट्रेकिंग मेसेज के माध्यम से जानकारी दी जाती है. दो सालों में छत्तीसगढ़ ने नया कीर्तिमान रचा है. सघन वनों में 70% घनत्व बढ़ा है. 7 करोड़ से अधिक वृक्षारोपण का कार्य हुआ है. भूमि स्वामी को वृक्षारोपण के लिए योजना बनाकर प्रेरित किया जा रहा है.

    उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले देवगुड़ियों का निर्माण कराया गया. 463 पदों में भर्ती की गई, 1500 में और भी करना है. वर्तमान में बाघों की संख्या 35 है. बाघों के संरक्षण में काम किया जा रहा है. वन भैंसा, पहाड़ी मैना के संरक्षण में काम किया जा रहा है.

    वहीं सहकारिता विभाग में किए गए कार्यों का जिक्र करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री के संकल्प से विभाग लोगों के हित में काम कर रहा है. 515 नई पैक्स समितियों का गठन किया गया है. 2739 उपार्जन केंद्रों में 25.49 किसानों से 139 मिट्रिक टन धान खरीदी हुई है, 1.45 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड दिया गया. उच्च शक्कर कारखाने लगाए गए है.

  • वन मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता : दिनांक 12 फरवरी 2026 वन मंत्री केदार कश्यप

    वन मंत्री केदार कश्यप की पत्रकार वार्ता : दिनांक 12 फरवरी 2026 वन मंत्री केदार कश्यप

    रायपुर.

    वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने आज छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में वन संरक्षण, हरित आवरण विस्तार, वन्यजीव संवर्धन, इको-टूरिज्म विकास तथा वनवासियों की आजीविका सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास, जैव विविधता संरक्षण और वनवासियों की आजीविका सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

    वन आवरण में वृद्धि
             
    प्रेस वार्ता में मंत्री कश्यप ने बताया कि भारतीय वन सर्वेक्षण संस्थान द्वारा दिसंबर 2024 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ के वन एवं वृक्ष आवरण में लगभग 683 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। राज्य के कुल भौगोलिक क्षेत्र का लगभग 44 प्रतिशत भाग वन क्षेत्र है। अत्यंत सघन वनों (Very Dense Forest) में 348 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि दर्ज होना वनों की गुणवत्ता और पारिस्थितिक संतुलन में सुधार का प्रमाण है।

    हरित छत्तीसगढ़ अभियान
         
    कश्यप ने बताया कि राज्य में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के तहत वर्ष 2024 में 4 करोड़ 20 लाख से अधिक तथा वर्ष 2025 में 2 करोड़ 79 लाख से अधिक पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया है।

    किसान वृक्ष मित्र योजना
             
    उन्होंने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित किसान वृक्ष मित्र योजना के अंतर्गत निजी भूमि पर वाणिज्यिक वृक्षारोपण को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। पात्र हितग्राहियों को पांच एकड़ तक 100 प्रतिशत तथा उससे अधिक क्षेत्र में 50 प्रतिशत वित्तीय अनुदान दिया जाता है। विगत दो वर्षों में 36 हजार 896 हितग्राहियों की 62 हजार 441 एकड़ भूमि में 3 करोड़ 67 लाख से अधिक पौधे लगाए गए।

    देव स्थलों का संरक्षण
           
    प्रेस वार्ता में मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुरूप आदिवासी देव स्थलों के संरक्षण के लिए “मोदी की गारंटी” के तहत पिछले दो वर्षों में 435 देवगुड़ियों का निर्माण किया गया, जिस पर लगभग 16.17 करोड़ रुपये व्यय किए गए।

    वन विभाग में भर्ती
           
    उन्होंने बताया कि वन विभाग में पिछले दो वर्षों में तृतीय श्रेणी के 313 पदों पर भर्ती की गई है। इसके अलावा 150 आश्रितों को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की गई है। वनरक्षक के 1484 पदों की शारीरिक परीक्षा पूर्ण हो चुकी है तथा आगे की प्रक्रिया जारी है।

    बाघ संरक्षण में सफलता
             
    कश्यप ने बताया कि राज्य में बाघ संरक्षण के लिए गुरू घासी दास- तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व का गठन किया गया है। वर्ष 2022 में प्रदेश में 17 बाघ थे, जो अब बढ़कर 35 हो गए हैं। बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए अन्य टाइगर रिजर्व से बाघों के स्थानांतरण की अनुमति भी प्राप्त हुई है।

    वनभैंसा और पहाड़ी मैना संरक्षण
             
    प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वन मंत्री कश्यप ने कहा कि राजकीय पशु वनभैंसा के संरक्षण के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। इन्द्रावती टाइगर रिजर्व में 14 से 17 वनभैंसे देखे गए हैं। राज्य पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण के लिए स्थानीय युवाओं को ‘मैना मित्र’ के रूप में जोड़ा गया है, जिसके परिणामस्वरूप अब लगभग 600 से 700 पहाड़ी मैना देखे जा रहे हैं।

    बर्ड सफारी और रामसर साइट
               
    उन्होंने बताया कि गिधवा- परसदा में बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर और बर्ड सफारी का शुभारंभ किया गया है, जहां 270 से अधिक पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं। बिलासपुर का कोपरा जलाशय राज्य का पहला और देश का 96 वां रामसर स्थल घोषित हुआ है, जिससे इको- टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

    इको-टूरिज्म और अधोसंरचना विकास
       

    मंत्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश में 240 नैसर्गिक पर्यटन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से 50 से अधिक स्वावलंबी बन चुके हैं। वनवासियों की सुविधा के लिए 96 रपटा-पुलिया का निर्माण किया गया है।

    मानव-हाथी द्वंद नियंत्रण
         
    प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ‘गज संकेत’ ऐप के माध्यम से हाथियों की निगरानी कर ग्रामीणों को समय पर सूचना दी जा रही है। राज्य में 90 हाथी मित्र दल गठित किए गए हैं। वर्तमान में प्रदेश में कुल 355 हाथी दर्ज किए गए हैं।

    औषधीय पौध रोपण और महिला सशक्तिकरण
              
    उन्होंने कहा कि औषधि पादप बोर्ड के माध्यम से महिलाओं की आय बढ़ाने हेतु विभिन्न जिलों में औषधीय पौधों का रोपण कराया गया है। हजारों महिलाओं को इससे रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं तथा पारंपरिक वैद्यों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।

    वन विकास निगम की उपलब्धियां

    वन मंत्री केदार कश्यप ने प्रेस वार्ता में राज्य वन विकास निगम की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य वन विकास निगम द्वारा सतत वानिकी सिद्धांतों के तहत काष्ठ उत्पादन, वृक्षारोपण, अवैध अतिक्रमण हटाने तथा ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने जैसे कार्य किए गए हैं। काष्ठिय वनोपज की बिक्री ई-ऑक्शन के माध्यम से प्रारंभ की गई है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। इसके अतिरिक्त वन संरक्षण के साथ साथ विकास कार्य भी लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत आदिवासी क्षेत्रों में सड़क, विद्यालय, स्वास्थ्य सुविधा, पेयजल एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए 1165 प्रकरणों में वनभूमि उपयोग की स्वीकृति प्रदान की गई है।

    सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क

    वन मंत्री कश्यप ने बताया कि मनेन्द्रगढ-चिरमिरी- भरतपुर जिला का मरीन फ़ासिल पार्क एशिया महाद्वीप का सबसे बड़ा समुद्रीय जीवाश्म पार्क है l यह जीवाश्म हसदेव नदी के किनारे लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है l यहां 29 करोड़ वर्ष पूर्व के जीवाश्म मिले हैं l देश में ऐसे 4 जगह समुद्रीय जीवाश्म मिले हैं l

  • वास्तु दोष दूर करने का आसान उपाय: चावल के डिब्बे में रखें यह चमत्कारी वस्तु

    वास्तु दोष दूर करने का आसान उपाय: चावल के डिब्बे में रखें यह चमत्कारी वस्तु

    वास्तु शास्त्र की मानें तो कई बार हमारे घर में मौजूद छोटे-छोटे वास्तु दोष जीवन की बड़ी बाधाओं का कारण बन जाते हैं। इन दोषों को दूर करने के लिए हमेशा तोड़-फोड़ की जरूरत नहीं होती, बल्कि रसोई में रखे मसालों और अनाज के सही रख-रखाव से भी सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। रसोई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है चावल का डिब्बा। शास्त्रों में चावल को संपन्नता और अखंडता का प्रतीक माना गया है। वास्तु जानकारों के अनुसार, यदि चावल के पात्र में कुछ खास शुभ वस्तुएं सही विधि से छिपाकर रखी जाएं, तो न केवल घर की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है, बल्कि धन की देवी लक्ष्मी और अन्नपूर्णा का आशीर्वाद भी सदैव बना रहता है। तो आइए जानते हैं आपके भंडार को खुशियों से भर के लिए चावल के डिब्बे में क्या रखना चाहिए।

    चांदी का सिक्का
    चावल का संबंध चंद्रमा और शुक्र ग्रह से है। शुक्र धन और वैभव का कारक है। चावल के डिब्बे के अंदर एक साफ चांदी का सिक्का नीचे की ओर छिपा कर रख दें। ऐसा करने से घर में शुक्र ग्रह मजबूत होता है और धन के नए स्रोत खुलते हैं। यदि चांदी का सिक्का न हो, तो आप साधारण सिक्का भी रख सकते हैं, लेकिन चांदी सर्वोत्तम है।

    साबुत हल्दी की गांठ
    हल्दी को शुभता और शुद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसका संबंध बृहस्पति ग्रह से है। चावल के डिब्बे में हल्दी की एक साबुत गांठ रख दें। यह उपाय घर से वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है। यह परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ाता है और कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करता है।

    लाल रेशमी कपड़े में पांच इलायची
    हरी इलायची बुध ग्रह और शुक्र दोनों को प्रभावित करती है। पांच छोटी इलायची को एक छोटे से लाल रेशमी कपड़े में बांधकर चावल के ढेर के बीच में दबा दें। यह बरकत का टोटका माना जाता है। इससे घर में फिजूलखर्ची रुकती है और अन्नपूर्णा माता का आशीर्वाद सदैव बना रहता है।

    चावल से जुड़े कुछ खास वास्तु नियम
    चावल का डिब्बा कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए। इसे खत्म होने से पहले ही दोबारा भर दें। खाली डिब्बा दुर्भाग्य का संकेत माना जाता है।

    चावल के डिब्बे को हमेशा उत्तर-पूर्व या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना शुभ होता है। डिब्बे के आसपास गंदगी न रहने दें।

    पूजा में हमेशा साबुत चावल (अक्षत) का ही प्रयोग करें, टूटे हुए चावल वास्तु दोष बढ़ाते हैं।

  • धन-धान्य से पुष्पित-पल्लवित धरा को सुंदर, समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय

    धन-धान्य से पुष्पित-पल्लवित धरा को सुंदर, समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही हमारी सरकार : मुख्यमंत्री श्री साय

    रायपुर

    सिक्किम से अध्ययन भ्रमण पर आए पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से की मुलाकात

    छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर प्रदेश है और धन-धान्य से पुष्पित-पल्लवित इस धरा को हमारी सरकार सुंदर, समृद्ध, सुरक्षित और विकसित बनाने के लिए संकल्पित होकर काम कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज अपने निवास कार्यालय में सिक्किम राज्य से अध्ययन भ्रमण पर पहुंचे पत्रकारों के दल से मुलाकात कर आत्मीय संवाद किया और उनसे छत्तीसगढ़ को लेकर ढेर सारी बातें साझा की। उन्होंने सभी अतिथियों को राजकीय गमछा भेंट कर छत्तीसगढ़ में स्वागत और अभिवादन किया। मुख्यमंत्री की सहृदयता और आतिथ्य पाकर  सभी पत्रकार अभिभूत हुए और उन्हें सिक्किम आने का निमंत्रण भी दिया। 

                 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ 44 प्रतिशत वन क्षेत्र से आच्छादित है तथा यहां 31 प्रतिशत आदिवासी समुदाय निवासरत है। वनोपज संग्रहण और मूल्य संवर्धन के माध्यम से जनजातीय समुदाय आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। जशपुर जिले में स्व-सहायता समूह की महिलाएं ‘जशप्योर’ ब्रांड के अंतर्गत उत्पाद तैयार कर आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए सरकार द्वारा 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा चरण पादुका योजना के तहत निःशुल्क चप्पल प्रदान की जा रही है।

                   
    मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह की चिंता को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2005 में इस योजना की शुरुआत की गई थी। हाल ही छह हजार से अधिक जोड़े इस योजना के अंतर्गत विवाह बंधन में बंधे, जिसे गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत नवदंपतियों को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता एवं 15 हजार रुपये का सामग्री सहयोग प्रदान किया जाता है।

                      
    नक्सलवाद के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सफल नेतृत्व और दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते प्रदेश में नक्सलवाद अब अपने अंतिम चरण में है। राज्य सरकार की आकर्षक पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50 हजार रुपये की सहायता तथा तीन वर्षों तक प्रति माह 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 2,500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार से जोड़ने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। श्री साय ने बताया कि जगदलपुर में आत्मसमर्पित नक्सलियों द्वारा ‘बस्तर पंडुम’ कैफे का सफल संचालन इसका सशक्त उदाहरण है।

              
    मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के अंतर्गत 17 शासकीय योजनाओं को दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचाया गया है, जिससे सड़क, बिजली, पानी, राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की पहुंच सुदृढ़ हुई है। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ रहे हैं। पर्यटन की संभावनाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है। चित्रकोट जलप्रपात, कुटुम्बसर गुफाएं, अबूझमाड़ के वन और धुड़मारास जैसे स्थल प्रदेश की पहचान हैं। ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु होम स्टे को उद्योग का दर्जा दिया गया है, जिसके तहत ग्रामीणों को पांच कमरों तक निर्माण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं औद्योगिक विकास के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि नवा रायपुर में 100 एकड़ क्षेत्र में मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है, जहां निम्न आय वर्ग के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने प्रदेश की आकर्षक नवीन औद्योगिक नीति का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसके तहत राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। साथ ही चित्रोत्पला फिल्म सिटी की स्थापना से प्रदेश में फिल्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। 

    “छत्तीसगढ़ ने भारतीय होने का गर्व कराया” –  अर्चना प्रधान

    सिक्किम की पत्रकार  अर्चना प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ‘मेक इन इंडिया’ का प्रभावी स्वरूप देखने को मिला। भिलाई स्टील प्लांट में रेल पटरियों सहित विभिन्न इस्पात उत्पादों का निर्माण प्रदेश के औद्योगिक सामर्थ्य को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इकाइयों को हमें करीब से देखने का मौका मिला और हम जान पाए है कि इस प्रदेश का देश के विकास में कितना महत्वपूर्ण योगदान है। 

    सिक्किम के पत्रकारों को भाया छत्तीसगढ़

    मुख्यमंत्री से भ्रमण उपरांत मिलने पहुंचे पत्रकारों ने  कहा कि छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और लोगों का आत्मीय व्यवहार अत्यंत प्रभावित करने वाला है। उन्होंने भ्रमण के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा करते हुए स्थानीय खान-पान और सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। सिक्किम से आए पत्रकारों ने अपने पांच दिवसीय भ्रमण के दौरान भिलाई स्टील प्लांट, गेवरा ओपन माइंस, नवा रायपुर तथा जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन किया। पत्रकारों ने बताया कि छत्तीसगढ़ भ्रमण की सुंदर स्मृतियों को अपने साथ लेकर जा रहे हैं, जो उन्हें आजीवन याद रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, किसानों के हित में की गई घोषणाओं, स्वच्छ वातावरण तथा पुनर्वास नीति की सराहना की।

    मुख्यमंत्री को भेंट किया सिक्किम का स्मृति चिन्ह ‘थांका’

    पत्रकारों के दल ने मुख्यमंत्री को सिक्किम की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक ‘थांका’ पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री ने इस उपहार के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे स्नेह और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का प्रतीक बताया।

            
    पत्रकारों ने बताया कि सिक्किम का थांका पेंटिंग एक पवित्र स्मृति चिन्ह है, जो सूती या रेशमी कपड़े पर बौद्ध देवताओं, मंडलों और बुद्ध के जीवन दृश्यों को दर्शाता है। यह हस्तनिर्मित कला सिक्किम की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जिसे अक्सर घर की सजावट और सकारात्मक ऊर्जा के लिए लाया जाता है। इन्हें रोल करके आसानी से ले जाया जा सकता है, जो यात्रियों के लिए एक बेहतरीन सोवेनियर है। यह पारंपरिक कलाकृति सिक्किम के निवासियों के लिए धार्मिक विश्वास और आस्था का प्रतीक है। 

     इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार श्री पंकज झा, मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह, पीआईबी गंगटोक के सहायक निदेशक श्री मानस प्रतिम शर्मा, पीआईबी रायपुर के सहायक निदेशक श्री सुदीप्तो कर, श्री पुरुषोत्तम झा और श्री सरद बसनेत,पत्रकार श्री बेनु प्रकाश तिवारी, श्री विकास क्षेत्री, श्री होमनाथ दाबरी, श्री ईश्वर,  अर्चना प्रधान,  अनुशीला शर्मा, श्री प्रकाश अधिकारी, श्री ललित दहल, श्री विनोद तमंग, श्री मोहन कुमार कार्की, श्री नार बहादुर क्षेत्री उपस्थित थे।

  • होली से पहले गन्ना किसानों को बड़ी सौगात, भोरमदेव शक्कर कारखाने ने जारी किए ₹4.73 करोड़

    होली से पहले गन्ना किसानों को बड़ी सौगात, भोरमदेव शक्कर कारखाने ने जारी किए ₹4.73 करोड़

    कवर्धा

    होली से पहले भोरमदेव शक्कर कारखाने से जुड़े गन्ना किसानों के लिए राहतभरी खबर है। कारखाने ने किसानों के खातों में 4 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि जारी की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उत्साह का माहौल बन गया है।

    चालू पेराई सत्र में अब तक 14,518 किसानों को कुल 51 करोड़ 51 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। समयबद्ध भुगतान से किसानों में भरोसा मजबूत हुआ है और खेती-किसानी के साथ त्योहारी तैयारियों को भी बल मिला है। प्रशासनिक मार्गदर्शन में भुगतान प्रक्रिया निरंतर जारी रहने की जानकारी कारखाना प्रबंधन ने दी है।

    उत्पादन के मोर्चे पर भी कारखाना बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अब तक 2 लाख 42 हजार 990 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की जा चुकी है, जिससे 2 लाख 86 हजार 743 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। प्रबंधन का मानना है कि किसानों के सहयोग और सुव्यवस्थित संचालन से इस वर्ष बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं।

    कारखाना प्रशासन ने सदस्य और गैर-सदस्य किसानों से सर्वे के अनुरूप अधिक से अधिक गन्ना आपूर्ति करने की अपील की है, ताकि पेराई लक्ष्य समय पर पूरा हो सके और सहकारी व्यवस्था मजबूत बनी रहे। किसानों को एफआरपी के अतिरिक्त रिकवरी राशि, बोनस, रियायती दर पर शक्कर वितरण, उन्नत बीज और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी दी जा रही है। साथ ही श्रमिकों और किसानों के लिए सस्ती भोजन व्यवस्था जैसी पहलें सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती हैं।

  • मैदान पर भड़के अफगानी क्रिकेटर! अंपायर से बहस पड़ी भारी, लगा तगड़ा जुर्माना

    मैदान पर भड़के अफगानी क्रिकेटर! अंपायर से बहस पड़ी भारी, लगा तगड़ा जुर्माना

    नई दिल्ली
    अफगानिस्तान के दिग्गज क्रिकेटर मोहम्मद नबी पर बुधवार (11 फरवरी) को अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 के ग्रुप डी मुकाबले के दौरान आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए जुर्माना लगाया गया है। उन्हें उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना देने का निर्देश दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्हें आईसीसी की आचार संहिता के स्तर 1 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। नबी पर यह कार्रवाई विशेष रूप से संहिता के अनुच्छेद 2.4 के तहत की गई है, जो किसी अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान अंपायर के निर्देशों की अवहेलना करने या उनके आदेशों को न मानने से संबंधित है। जुर्माने के अलावा, नबी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है, जो पिछले 24 महीनों के भीतर उनका पहला आधिकारिक अपराध दर्ज किया गया है।

    यह घटना अफगानिस्तान की पारी के 14वें ओवर की शुरुआत में हुई, जब मैदान पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। नबी दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज लुंगी एनगिडी के हाथ में बंधे रिस्ट बैंड यानी कलाई की पट्टी को लेकर मैदानी अंपायरों के साथ लंबी और तीखी बहस करने लगे। अंपायरों द्वारा दिए गए निर्देशों को नजरअंदाज करना और बहस को लंबा खींचना आईसीसी के नियमों के खिलाफ माना गया। इस मामले में मैदानी अंपायर जयरामन मदनगोपाल और शरफुद्दौला इब्ने शाहिद के साथ-साथ तीसरे अंपायर नितिन मेनन और चौथे अंपायर के.एन. अनंतपद्मनाभन ने आधिकारिक रूप से उन पर यह चार्ज लगाया था।

    मोहम्मद नबी ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है और एमिरेट्स आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ मैच रेफरी के डेविड गिल्बर्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को बिना किसी विरोध के मान लिया है। खिलाड़ी द्वारा स्वेच्छा से अपराध स्वीकार किए जाने के कारण इस मामले में किसी औपचारिक सुनवाई (फॉर्मल हियरिंग) की आवश्यकता नहीं पड़ी और मैच रेफरी के फैसले को अंतिम माना गया। आईसीसी के नियमों के अनुसार, स्तर 1 के उल्लंघनों के लिए सजा का दायरा एक आधिकारिक फटकार से लेकर मैच फीस के अधिकतम 50 प्रतिशत तक की कटौती और एक या दो डिमेरिट अंक जोड़ने तक हो सकता है। नबी के मामले में, उनके व्यवहार को देखते हुए मैच फीस में कटौती का यह फैसला लिया गया।

    आईसीसी की सख्त नीतियों के अनुसार, ये डिमेरिट अंक खिलाड़ी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड पर पूरे 24 महीनों तक बने रहते हैं और उसके बाद ही उन्हें हटाया जाता है। यदि कोई खिलाड़ी इस 24 महीने की अवधि के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक प्राप्त कर लेता है, तो उन्हें निलंबन अंकों (सस्पेंशन पॉइंट्स) में बदल दिया जाता है, जिससे खिलाड़ी पर मैचों के लिए प्रतिबंध लग जाता है। उदाहरण के लिए, दो निलंबन अंक एक टेस्ट मैच या दो वनडे या फिर दो टी20 मैचों के प्रतिबंध के बराबर होते हैं, जो भी पहले हो। हालांकि नबी के लिए यह इस अवधि का पहला अपराध है, लेकिन भविष्य में और अधिक डिमेरिट अंक उन्हें आगामी महत्वपूर्ण टूर्नामेंटों से बाहर कर सकते हैं।

  • केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री  कृष्णा गौर ने की भेंट

    केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने की भेंट

    भोपाल/नई दिल्ली 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री  जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने  कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK) के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा।

    राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा।

    राज्यमंत्री  गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का अभियान

    वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का अभियान

    वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन का अभियान

    26 हज़ार गाँवो में वन अधिकार समितियों का प्रशिक्षण

    भोपाल 

    वन अधिकार अधिनियम 2006 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में विभिन्न स्तरों पर प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण-सत्रों की शुरुआत की गई है। प्रथम चरण में 21 जिला मुख्यालयों पर उपखण्ड स्तरीय वन अधिकार समिति के शासकीय एवं अशासकीय सदस्यों सहित जिला स्तर पर नामांकित मास्टर ट्रेनर्स के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

    प्रदेश में सामुदायिक वन संसाधन के अधिकार के लिए 26 हजार से अधिक ग्रामों को चिंहित किया गया है। इन अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पिछले वर्ष से अभियान शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में इसका संचालन किया जा रहा है। उपखंड स्तरीय समितियों को वन अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के साथ विशेष रूप से सामुदायिक वन संसाधन के अधिकारों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    जनजातीय कार्य विभाग ने विशेष पहल करते हुए, टास्क फोर्स के विशेषज्ञों की मदद से राज्य स्तर पर 35 ‘’राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स’’ की टीम तैयार की है। यह टीम अनुसूचित क्षेत्र के 20 जिलों की उपखंड स्तरीय समितियों के 828 सदस्यों का प्रशिक्षण पूरा करेगी। साथ ही जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स का भी प्रशिक्षण हो रहा है। ये मास्टर ट्रेनर ग्राम स्तर की वन अधिकार समितियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्थान अभियान’ के अंतर्गत किए जा रहे हैं।

    जनजातीय कार्य विभाग की ओर से इन समितियों के शासकीय सदस्यों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभागीय अधिकारी (वन) और जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं समिति में नामांकित जनपद पंचायत सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया। इन समितियों को सामुदायिक वन संसाधन दावों के तैयार कराने, इनका निराकरण तथा मान्यता प्रदान कराये जाने की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण दिया गया।

    वन अधिकार अधिनियम 2006 में वन निवासियों के मान्य किए वन अधिकारों में सामुदायिक वन संसाधन अधिकारों का विशेष स्थान है। ये ग्राम सभाओं को अपने जंगलों के संरक्षण, प्रबंधन का अधिकार प्रदान करता है और अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासियों को वन प्रबंधन में प्रमुख स्थान देता हैं।