Author: Admin

  • निपाह वायरस से देश में पहली मौत, टेस्ट निगेटिव के बाद नर्स की हार्ट अटैक से गई जान

    निपाह वायरस से देश में पहली मौत, टेस्ट निगेटिव के बाद नर्स की हार्ट अटैक से गई जान

    पश्चिम बंगाल

    पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में निपाह वायरस इंफेक्शन से जूझ रही 25 साल की एक नर्स की गुरुवार को मौत हो गई। हाल के इतिहास में पश्चिम बंगाल में इस वायरस से यह पहली मौत है।

    निपाह वायरस से देश में पहली मौत, टेस्ट निगेटिव के बावजूद नर्स की हार्ट अटैक से चली गई जान

    निपाह वायरस से देश में पहली मौत का मामला सामने आया है। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के एक प्राइवेट अस्पताल में निपाह वायरस इंफेक्शन से जूझ रही 25 साल की एक नर्स की गुरुवार (12 फरवरी) को मौत हो गई। हाल के इतिहास में पश्चिम बंगाल में इस वायरस से यह पहली मौत है। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि नर्स, उन दो लोगों में एक थीं, जो निपाह वायरस से संक्रमित हुए थे और कई हफ़्तों से इलाज करा रही थी। हालांकि, हाल ही में उसका वायरस टेस्ट नेगेटिव आया था, बावजूद इसके उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी और गुरुवार को हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई।

    राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि नर्स को जनवरी के अंत में जीवन-रक्षक प्रणाली से हटाया गया था। उन्होंने कहा, ''आज दोपहर हृदयगति रुकने से उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि वह निपाह संक्रमण से उबर चुकी थीं, लेकिन वह कई जटिलताओं से ग्रस्त थीं।''

    अधिकारी ने बताया कि नर्स लंबे समय तक कोमा में थीं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई और बाद में उन्हें फेफड़ों का संक्रमण हो गया था। उन्होंने बताया कि वह उन दो लोगों में से एक थीं जिनके पिछले महीने निपाह से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी। दूसरा संक्रमित व्यक्ति पुरुष नर्स है और ठीक हो चुका है।

  • ‘धर्म की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार’ — वंदे मातरम् अनिवार्य करने के फैसले पर मदनी का तीखा विरोध

    ‘धर्म की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार’ — वंदे मातरम् अनिवार्य करने के फैसले पर मदनी का तीखा विरोध

    नई दिल्ली
    वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत के रूप में बजाने को अनिवार्य घोषित किए जाने के फैसले को जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने धर्म की स्वतंत्रता पर खुला हमला बताया है। केंद्र सरकार ने सभी सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों में इसके सभी अंशों की धुन बजाने को अनिवार्य कर दिया है। मदनी ने केंद्र सरकार के इस फैसले को अत्यंत दुखद तथा नागरिकों पर जबरन थोपा गया बताया है।

    धार्मिक स्वतंत्रता पर गहरी चोट करने का प्रयास
    मदनी ने कहा कि यह न केवल एक पक्षपातपूर्ण फैसला है बल्कि नागरिकों की उस धार्मिक स्वतंत्रता पर गहरी चोट करने का प्रयास है जो देश के संविधान ने उन्हें प्रदान की है। उन्होंने कहा कि अब यह दुखद सच्चाई पूरी तरह सामने आ गई है कि इन लोगों को देश की प्रगति और जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है, वे हर समय चुनावी मोड में रहते हैं। उनका हर काम और हर फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि उससे चुनाव में कितना लाभ मिल सकता है।
    हम केवल एक अल्लाह की इबादत करते हैं

    मौलाना मदनी ने कहा कि वंदे मातरम् का विवाद बहुत पुराना है। इससे पहले दिसंबर 2025 में जब इसे लेकर संसद में चर्चा हुई थी तब भी हमने अपने एक बयान के माध्यम से अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। हमें किसी के वंदे मातरम् गाने या किसी समारोह में इसकी धुन बजाने पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन हम मुसलमान इस गीत को इसलिए नहीं गा सकते क्योंकि हम केवल एक अल्लाह की इबादत करते हैं और अपनी इस इबादत में किसी और को शामिल नहीं कर सकते।

    हर धर्म के अपने आदेश और नियम होते हैं
    उन्होंने यह भी कहा कि वंदे मातरम् की विषयवस्तु शिर्क से संबंधित मान्यताओं पर आधारित है और इसके एक अंतरे में देश को दुर्गा माता से उपमा देकर उसकी उपासना के लिए शब्दों का प्रयोग किया गया है। हर धर्म के अपने आदेश और नियम होते हैं जिन पर अमल करने से उन्हें कोई नहीं रोक सकता और इसी कारण हमारे संविधान में भी अनुच्छेद 25 के तहत प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता दी गई है। ऐसे में किसी विशेष नागरिक या नागरिकों पर किसी विशेष विचारधारा को अपनाने, उसका उच्चारण करने या उसे मानने के लिए मजबूर करना संविधान के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।

    किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं
    मौलाना मदनी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट का भी यह निर्णय है कि किसी भी नागरिक को राष्ट्रगान या किसी ऐसे गीत को गाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जो उसके धार्मिक विश्वास के विरुद्ध हो। उन्होंने कहा कि देश से प्रेम एक अलग बात है और उसकी पूजा दूसरी बात। मुसलमानों को इस देश से कितनी मोहब्बत है, इसके लिए उन्हें किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।

    देशभक्ति का संबंध दिल की निष्ठा और कर्म से
    मदनी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में मुसलमानों और जमीयत उलमा-ए-हिंद के बुजुर्गों की बेमिसाल कुर्बानियां और विशेष रूप से देश के विभाजन के विरोध में जमीयत की कोशिशें दिन के उजाले की तरह स्पष्ट हैं। आजादी के बाद भी देश की एकता और अखंडता के लिए उनकी जद्दोजहद को भुलाया नहीं जा सकता। हमने हमेशा कहा है कि देशभक्ति का संबंध दिल की निष्ठा और कर्म से है, न कि नारों से।

    टैगोर ने नेहरू को सलाह दी थी
    आजादी से पहले का ऐतिहासिक रिकॉर्ड मौजूद है कि 26 अक्टूबर 1937 को रवीन्द्रनाथ टैगोर ने पंडित जवाहरलाल नेहरू को एक पत्र में सलाह दी थी कि वंदे मातरम् के प्रारंभिक दो बंदों को ही राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया जाए क्योंकि शेष पंक्तियां एकेश्वरवादी धर्मों की मान्यताओं से टकराती हैं। फलस्वरूप 19 अक्टूबर 1937 को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी ने निर्णय लिया कि इसके केवल दो बंदों को ही राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया जाए।

    पूरे गीत को थोपने की कोशिश
    संसद में हुई पूरे दिन की चर्चा में भी कांग्रेस सहित अन्य दलों के सदस्यों ने इसी बात पर जोर दिया था, लेकिन अब एक आदेश के माध्यम से पूरे गीत को नागरिकों पर थोपने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके पीछे देशभक्ति की भावना नहीं बल्कि राजनीति काम कर रही है। वर्तमान सरकार जब भी किसी मुद्दे पर घिरती है तो जानबूझकर कोई न कोई विवाद खड़ा करने की कोशिश करती है ताकि जनता का ध्यान मूल समस्याओं से हटाया जा सके, वंदे मातरम् संबंधी अधिसूचना इसका ताजा उदाहरण है। उन्होंने अंत में कहा कि यह देश को बांटने वाली राजनीति है। हर हाल में सत्ता बनाए रखने का यह जुनून देश की शांति और एकता को नष्ट करने वाला ही नहीं है बल्कि उस संविधान को भी पैरों तले रौंदता है जिस पर हमारे देश के महान लोकतंत्र की नींव टिकी हुई है।

     

  • खेतों में छिपाकर रखी थी 21 करोड़ की ड्रग्स, नशे का बड़ा सौदागर गिरफ्तार

    खेतों में छिपाकर रखी थी 21 करोड़ की ड्रग्स, नशे का बड़ा सौदागर गिरफ्तार

    राजगढ़

    राजगढ़ जिले में नशे की फैक्ट्री व कारोबार चलाने वाले इस कार्य में संलिप्त पांच सौदागरों को पुलिस ने अंतत: धर दबोचा। उनमें से गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले व अभयपुर में ड्रग्स फिंकवाने वाले दोनों मुख्य आरोपितों के पास से पुलिस ने 21 किलो एमडी ड्रग्स भी जब्त किया है। जो खेतों में छिपा रखी थी। इसकी कीमत 21 करोड़ आंकी है। मामले का पर्दाफाश करते हुए एसपी अमित कुमार तोलानी ने बताया कि एमडी ड्रग्स केस में कुल पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

    उल्लेखनीय है कि 3 फरवरी रात को राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम झालावाड़ जिले में वाहनों की चेकिंग कर रही थी।उसी दौरान एक पिकअप को रोककर तलाशी ली।

    इसमें ड्रग्स बनाने में उपयोग होने वाला करीब 320 किलो केमिकल मिला।पिकअप सवारों ने बताया कि वह इसे मप्र के आगरा मालवा जिले की और लेकर जा रहे थे।दस्तावेज मांगने पर कुछ नहीं दिखा सके। उसी से इनपुट मिला था कि राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव में ड्रग्स की अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही है।

    इसके बाद राजस्थान व माचलपुर की पुलिस ने 4 फरवरी को संयुक्त रूप से गोघटपुर में रघुनंदन पाटीदार के मकान पर दबिश दी, जहां कैमिकल से ड्रग्स बनाने की फैक्टी काे पकड़ा।

    जहां से करीब 4 करोड़ के कैमिकल बरामद किया था। इसके बाद 07-08 फ़रवरी को ग्राम आदमपुरा के जंगल क्षेत्र में खेत में बनी खंती में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा अवैध मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्स) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल ड्रमों में छिपाकर फेंका गया है।पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर तलाशी ली गई।

    तलाशी के दौरान खंती में 05 नीले रंग के ड्रम मिले। जिनमें प्लास्टिक की पन्नियों में भरा हुआ सफेद रंग का क्रिस्टल जैसा कैमिकल पाउडर पाया गया।उक्त पदार्थ एमडी ड्रग्स (मादक पदार्थ) निर्माण में प्रयुक्त कैमिकल होना पाया गया।

    कुल वजन 266.9 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 05 करोड़ रुपये है। इसके बाद से ही आरोपितों की तलाश में पुलिस जुटी थी।पुलिस ने 5 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।दो मुख्य आरोपितों से 21 करोड़ की ड्रग्स जब्त की है।

    आदमपुरा केस से मिले सुराग, ऐसे खुला रहस्य

    7-8 फरवरी की रात को आदमपुरा के जंगल में 5 करोड़ का कैमिकल मिलने के बाद पुलिस टीम द्वारा ग्राम आदमपुरा क्षेत्र में विवेचना के दौरान स्थानीय व्यक्तियों से पूछताछ की गई।पूछताछ में 07 फरवरी 2026 को एक सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार द्वारा संदिग्ध नीले रंग के केमिकल ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने संबंधी जानकारी प्राप्त हुई।जांच के दौरान ग्राम रामगढ़ स्थित एक दुकान के सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए। फुटेज में 07 फरवरी को सिल्वर कलर की मारुति वैगनआर कार आरजे-02, सीएफ-2543 को आते-जाते देखा गया।उक्त कार ललित कुमार गुर्जर निवासी बरखेड़ा खुर्द, जिला झालावाड़ के नाम पर पंजीबद्ध होना पाया गया।वाहन की तलाश के दौरान मुखबिर सूचना पर ब्राह्मणगांव क्षेत्र में संदिग्ध वाहन को घेराबंदी कर रोका गया।वाहन में सवार तीन व्यक्ति दिनेश गुर्जर पिता कालूलाल गुर्जर, उम्र 30 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, ललित गुर्जर पिता भगवान सिंह गुर्जर, उम्र 26 वर्ष, निवासी बरखेड़ा खुर्द थाना बकानी, रामेश्वर गुर्जर पिता कैलाश गुर्जर, उम्र 35 वर्ष, निवासी कोटरा राड़ी थाना बकानी सवार थे।जिन्हें पुलिस टीम द्वारा तत्परता से पकड़ लिया गया।घटना में प्रयुक्त कार आरजे-02, सीएफ-2543 को जब्त किया।पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों द्वारा बताया गया कि दीपक पिता भगवान गुर्जर ने उन्हें उक्त ड्रम जंगल क्षेत्र में फेंकने के लिए कहा था।आरोपितों ने यह भी बताया कि वे ड्रम दीपक के अरनिया स्थित स्थान से लेकर आए थे।इसके बाद

    कार सवारों की सूचना पर पकड़ा दीपक, फिर रघुनंदन पाटीदार

    कार सवार तीनों अारोपितों द्वारा जैसे ही दीपक का नाम बताया तो पुलिस ने मुखबिर सूचना पर ग्राम माणा के पास से आरोपित दीपक गुर्जर (29 वर्ष) निवासी ग्राम अरनिया को पकड़ा गया।पूछताछ में आरोपित द्वारा अपने घर ग्राम अरनिया में एमडी ड्रग्स छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।आरोपित के घर की तलाशी ली गई, जहां किचन में रखे कार्टून से 10.160 किलोग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई।विधिवत तौल, सीलिंग एवं जब्ती की कार्यवाही की गई तथा आरोपित को मौके से गिरफ्तार किया गया।आरोपित दीपक के पकड़े जाने के बाद पुलिस को गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन की तलाश थी।पुलिस ने फिर दीपक की निशानदेही पर संदेही रघुनंदन पाटीदार (34 वर्ष) निवासी ग्राम गोघटपुर को बरखेड़ा खुर्द (राजस्थान) से हिरासत में लिया गया।पूछताछ में उसके द्वारा बाबाजी वाले सरसों के खेत में मादक पदार्थ छिपाकर रखने की जानकारी दी गई।खेत से हरे रंग के कार्टून में रखी 11.350 किलोग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की गई।विधिवत तौल, सीलबंदी एवं जप्ती उपरांत आरोपी को गिरफ्तार किया गया।कुल मिलाकर 11 फरवरी को मुख्य गोघटपुर में फैक्ट्री चलाने वाले रघुनंदन पाटीदार व आदमपुरा के जंगल में कैमिकल फेंकने वाले दीपक गुर्जर के कब्जे से 21 करोड़ की एमडी ड्रग्स जब्त की है।जो कि खेतों में व अलग-अलग स्थानों पर छिपा रखी थी।जबकि गोघटपुर, अादमपुरा के जंगल सहित सभी दूर से मिलाकर कुल एमडी ड्रग्स एवं 309 किलोग्राम से अधिक रॉ मटेरियल जब्त किया है।जिसकी कुल अनुमानित कीमत ₹30 करोड़ आंकी है।

  • खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़ : राज्य में 10,796 हेक्टेयर क्षेत्रों में ऑयल पाम की खेती

    खाद्य तेल में आत्मनिर्भरता की ओर छत्तीसगढ़ : राज्य में 10,796 हेक्टेयर क्षेत्रों में ऑयल पाम की खेती

    रायपुर.

    खाद्य तेल में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ में ऑयल पाम की खेती को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में अब तक 10,796 हेक्टयर क्षेत्रों में ऑयल पाम की खेती हो रही है। जिसमें 7,315 किसान लाभान्वित हो रहे हैं। जिला प्रशासन भी ऑयल पाम के लिए जमीन चिहांकित कर रकबा बढ़ाने प्रयासरत हैं। 

    इसी क्रम में संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश कुमार ने दुर्ग एवं बेमेतरा जिलों के किसानों के खेतों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिक क्षेत्र में ऑयल पाम लगाने के लिए किसानों को प्रेरित किया।

    उद्यानिकी संचालक श्री लोकेश कुमार ने निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय बागवानी मिशन, समेकित उद्यानिकी विकास कार्यक्रम तथा नेशनल मिशन ऑन ऑयल पाम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया।

    गौरतलब है कि राज्य में ऑयल पाम की खेती वर्ष 2012-13 से की जा रही है। वर्तमान में राज्य के समस्त जिलों में लगभग 10,796 हेक्टेयर क्षेत्र में रोपण किया जा चुका है, जिससे 7,315 किसान लाभान्वित हुए हैं। अब तक लगभग 1,394.88 टन फ्रेश फ्रूट बंच का उत्पादन हुआ है। भारत सरकार द्वारा फ्रेश फ्रूट बंच का न्यूनतम मूल्य 16,460.46 रुपये प्रति टन निर्धारित कया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ में किसानों से 22,000 रुपये प्रति टन की दर से सीधी खरीदी की जा रही है।

    संचालक श्री लोकेश कुमार ने दुर्ग जिले के ग्राम ढाबा में श्रीमती सुनिती देवी मढरिया के एक हेक्टेयर में लगाए गए ऑयल पाम के साथ टमाटर की अंतरवर्ती फसल तथा श्री प्रवीण मढरिया के एक हेक्टेयर क्षेत्र में ऑयल पाम के साथ केले की खेती का अवलोकन किया। यहां किसानों से सब्सिडी और अनुदान से जुड़ी जानकारी साझा की। इसके पश्चात दुर्ग जिले के ही परसदापार, चिखला एवं राजपुर तथा बेमेतरा जिले के डोंगीतराई गांव में चयनित और लाभान्वित किसानों के खेतों में रोपित ऑयल पाम, केला, आम, फेंसिंग और अंतरवर्ती फसलों का अवलोकन किया। 

    संचालक श्री लोकेश कुमार ने किसानों को योजना के अंतर्गत ऑयल पाम पौध, फेंसिंग, ट्यूबवेल, ड्रिप सिंचाई तथा अंतरवर्ती फसलों पर मिलने वाली आर्थिक सहायता और उत्पाद की बाजार व्यवस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ऑयल पाम की खेती किसानों की आय बढ़ाने का बेहतर विकल्प बन रही है। राजपुर स्थित शासकीय बीज प्रगुणन प्रक्षेत्र में प्लग टाइप सीडलिंग यूनिट का निरीक्षण कर इसे शीघ्र दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए, ताकि आगामी मौसम में किसानों को गुणवत्तायुक्त पौध उपलब्ध कराई जा सके।

  • पोलियो से जंग, पैरालंपिक में पदक तक का सफर: वरुण सिंह भाटी की प्रेरक कहानी

    पोलियो से जंग, पैरालंपिक में पदक तक का सफर: वरुण सिंह भाटी की प्रेरक कहानी

    नई दिल्ली
    वरुण सिंह भाटी का नाम देश के श्रेष्ठ पैरा एथलीटों में लिया जाता है। वह ऊंची कूद में देश को पैरालंपिक में पदक दिला चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता का सफर वरुण के लिए आसान नहीं था, लेकिन अपनी मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए और कड़ी मेहनत के बल पर उन्होंने अपना रास्ता बनाया है।

    वरुण सिंह भाटी का जन्म 13 फरवरी 1995 को नोएडा में हुआ था। महज छह महीने की उम्र में पोलियोमाइलाइटिस का शिकार होने के बाद उनके एक पैर में स्थायी विकलांगता आ गई। गलत दवा की वजह से उनकी परेशानी और बढ़ गई। बचपन में शारीरिक रूप से मिले इस झटके के बावजूद वरुण के परिवार ने उन्हें कभी कमजोर और हतोत्साहित नहीं होने दिया और हमेशा उन्हें कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित किया।

    बचपन से ही वरुण को खेलों में रुचि थी। बास्केटबॉल उनका पसंदीदा खेल था, लेकिन बाद में उन्होंने ऊंची कूद में बेहतर करने का लक्ष्य बनाया। उन्होंने सामान्य एथलीटों के साथ अभ्यास करना शुरू किया ताकि उन्हें बेहतर करने की प्रेरणा मिल सके। पूर्व राष्ट्रीय एथलीट सत्यनारायण की कोचिंग में उनके करियर को नई उड़ान मिली। गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन के पैरा चैंपियंस प्रोग्राम से मिले समर्थन ने भी उनके सफर को मजबूती दी।

    टी42 श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने वाले वरुण ने 2012 में 1.60 मीटर की छलांग के साथ लंदन पैरालिंपिक के लिए ‘ए’ क्वालिफिकेशन मार्क हासिल किया था, हालांकि सीमित स्लॉट के कारण वे उस संस्करण में हिस्सा नहीं ले सके। इसके बाद उन्होंने 2014 एशियन पैरा गेम्स में भाग लिया और उसी साल चाइना ओपन में स्वर्ण पदक जीता।

    2016 उनके करियर के लिए शानदार था। आईपीसी एशिया-ओशिनिया चैंपियनशिप में 1.82 मीटर की छलांग लगाकर उन्होंने स्वर्ण और एशियन रिकॉर्ड अपने नाम किया। रियो पैरालिंपिक 2016 में 1.86 मीटर की व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ उन्होंने कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। 2017 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने कांस्य पदक जीता। 2018 एशियन पैरा गेम्स में 1.82 मीटर के साथ रजत पदक हासिल किया। उनके बेहतरीन खेल और सफलता को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 29 अगस्त 2018 को अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।

     

  • T20 वर्ल्ड कप में इतिहास: इटली ने नेपाल को 10 विकेट से रौंदा

    T20 वर्ल्ड कप में इतिहास: इटली ने नेपाल को 10 विकेट से रौंदा

    मुंबई (महाराष्ट्र)
    इटली ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में ग्रुप C मैच में नेपाल को 10 विकेट से हराकर ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की। इटली ने पूरे मैच में अपनी ऑलराउंड कोशिशें दिखाईं जिसमें नेपाल को टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार खेलने वाली टीम ने हराया और वानखेड़े में यादगार जीत हासिल की।

    124 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ओपनर और भाई जस्टिन मोस्का और एंथनी मोस्का ने इटली को अच्छी शुरुआत दिलाई और पहले 2 ओवर में 16 रन बनाए। एंथनी ने शुरुआती ओवरों में कुछ बाउंड्री लगाईं। अगले ही ओवर में नेपाल के बॉलर करण केसी को जस्टिन ने एक छक्के और दो चौकों की मदद से 14 रन ठोके जिससे इटली का स्कोर 30/0 हो गया। यूरोपियन नेशन ने एक और महंगे ओवर के बाद सिर्फ चार ओवर में अपनी फिफ्टी पूरी की, जब ओपनर्स ने ललित राजबंशी को 20 रन ठोके। वर्ल्ड कप में डेब्यू करने वाली टीम ने पावरप्ले का अंत 68/0 के जबरदस्त स्कोर के साथ किया।

    इटली के 10वें ओवर में 97/0 के मजबूत स्कोर पर पहुंचने के बाद दोनों ओपनर्स ने राइनोज के खिलाफ अपना अटैक जारी रखा। दोनों भाइयों ने 11वें ओवर में अपनी-अपनी हाफ-सेंचुरी पूरी की जिसमें जस्टिन ने 37 गेंदों में और एंथनी ने 28 गेंदों में यह माइलस्टोन पूरा किया। इटली की बैटिंग का यह शानदार प्रदर्शन था क्योंकि उन्होंने सिर्फ 12.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। उन्होंने नेपाल को 10 विकेट से हराया और इटली ने ICC टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत दर्ज की।

    इससे पहले टॉस जीतकर पहले गेंदाबाजी चुनने वाले इटैलियन बॉलर्स ने शानदार परफॉर्मेंस दी और ग्रुप C मैच में नेपाल को सिर्फ 123 रनों पर रोक दिया। दूसरे ओवर में अली हसन की गेंद पर कुशाल भुर्टेल (5) के आउट होने के बाद राइनोज की शुरुआत खराब रही और नेपाल का स्कोर 8/1 हो गया। आसिफ शेख और कप्तान रोहित पौडेल ने दूसरे विकेट के लिए 41 रन की पार्टनरशिप की, लेकिन दो विकेट जल्दी गिर गए। पौडेल का विकेट कलुगामागे की गेंद पर गिर गया और आसिफ को बेन मानेंटी ने आउट किया जिससे आठवें ओवर में नेपाल का स्कोर 49/3 हो गया।

    इसके बाद दीपेंद्र सिंह ऐरी और आरिफ शेख के बीच चौथे विकेट के लिए 43 रन की अहम पार्टनरशिप हुई जिसके बाद एक और विकेट गिर गया। हालांकि, इटली की शानदार बॉलिंग के बाद अचानक विकेट गिरे। दीपेंद्र सिंह ऐरी 17 रन बनाकर आउट हो गए, आरिफ ने 27, लोकेश बाम (3), गुलसन झा (3), और नादान यादव (0) ने 17वें ओवर में नेपाल का स्कोर 8/102 कर दिया।

    नेपाल ने सिर्फ 9 रन पर 5 विकेट खो दिए। आखिर में नेपाल 19.3 ओवर में 123 रन के मामूली स्कोर पर आउट हो गया। इटली के लिए बेन मानेंटी (2/9), अली हसन (1/34), जेजे स्मट्स (1/22), कलुगामागे (3/18) और जसप्रीत सिंह (1/8) ने विकेट लिए।

  • एम.पी. ट्रांसको के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर हुई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला

    एम.पी. ट्रांसको के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर हुई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला

    एम.पी. ट्रांसको के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर हुई सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यशाला

    भोपाल

    मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत विदिशा जिले के 220 केवी विदिशा सबस्टेशन पर सुरक्षा एवं सबस्टेशन संचालन से संबंधित प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान अधीक्षण अभियंता श्री शेखर फटाले एवं कार्यपालन अभियंता श्री संजय श्रीवास्तव ने सबस्टेशन मेंटेनेंस एवं आपरेशन कार्यों के दौरान अपनाई जाने वाली आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाओं को बिंदुवार समझाया।

    सुरक्षित एवं व्यवहारिक कार्य प्रणाली पर दिया जोर

    कार्यशाला में कार्यस्थल पर लापरवाही रोकने के महत्व पर विशेष जोर देते हुए दुर्घटनाओं से बचाव के लिये व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी, जिससे कार्मिकों एवं उपकरणों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। एम.पी. ट्रांसको की जीरो एक्सीडेंट पॉलिसी के अंतर्गत निर्धारित स्टेंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर(एसओपी) एवं सेफ्टी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करने पर बल दिया गया।

    इस कार्यशाला में सबस्टेशन के अभियंता एवं नियमित व आउटसोर्स तकनीकी कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों को सुरक्षित कार्य पद्धतियों, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा निर्बाध एवं सुरक्षित विद्युत पारेषण बनाए रखने के लिये समन्वित टीमवर्क के प्रति जागरूक भी किया गया।

     

  • श्रम विभाग की लंबी समीक्षा बैठक में मंत्री देवांगन ने तय की कार्ययोजना

    श्रम विभाग की लंबी समीक्षा बैठक में मंत्री देवांगन ने तय की कार्ययोजना

    रायपुर.

    श्रम मंत्री  लखन लाल देवांगन ने आज गुरुवार को नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में श्रम विभाग की दो चरणों में मैराथन समीक्षा बैठक ली। प्रथम चरण की बैठक में श्रम विभाग के अंतर्गत आने वाले तीनों मंडलों की योजनाओं और कारखानों में श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा की गई। मंत्री  देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए की कारखाने की नियमित तौर पर निरीक्षण करें। श्रमिकों की हितों की सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें। कमी मिलने पर संबंधित उद्योग को निर्देशित करें। हर महीने किए जाने वाले निरीक्षण की भी समीक्षा करने की निर्देश दिए गए।       

    बैठक में उपस्थित अधिकारियों को श्रम मंत्री ने कहा कि श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, उनके हितों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की मंशा अनुरूप श्रमिक भाई बहनों को योजनाओं के ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलवाए, सुरक्षा के मानको का पूरा ख्याल रखने का प्रयास करें। श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, और योजनाओ का क्रियान्वयन समय अवधि में पूर्ण करें। बैठक में श्रम विभाग के सचिव  हिमशिखर गुप्ता, उप सचिव  विपुल गुप्ता, अपर श्रमायुक्त एस. एल. जांगड़े, मती सविता मिश्रा, बीओसी सचिव गिरीश रामटेके सहित जिलो से आए मैदानी अधिकारी उपस्थित रहे।

    कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम पर विशेष फोकस करें 

    बैठक में श्रम मंत्री  देवांगन ने कॉन्ट्रैक्ट श्रमिक अधिनियम को लेकर विशेष निर्देश दिए गए। इस अधिनियम के तहत पंजीकृत श्रमिकों को ईएसआईसी और पीएफ का लाभ सुनिश्चित करने साथ ही श्रमिकों की संख्या का मिलान करने के भी निर्देश दिए गए। ठेकेदार को जितने श्रमिकों का लाइसेंस प्राप्त है, उतने ही श्रमिक कार्यरत है की नहीं यह सुनिश्चित करने कहा गया।

    इसके साथ-साथ निजी कंपनिययों से सेवानिवृत हो चुके कर्मियों के उपादन भुगतान संबंधी मामले के जल्द निराकरण, विभिन्न माध्यमों से आने वाले शिकायतों का समय अवधि में निराकरण, करने के निर्देश दिए गए।

    सात जिलों में शहीद वीर नारायण श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने की निर्देश 

    बैठक में मुख्यमंत्री की घोषणा शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत किफायती दर पर भोजन केंद्र की भी समीक्षा की गई। प्रदेश के साथ जिलों में जल्द ही श्रम अन्न केंद्र प्रारंभ करने निर्देश दिए गए। इनमें मुंगेली, सक्ति, जगदलपुर, कांकेर, खैरागढ़ छुई खदान गंडई, जशपुर और जगदलपुर में केंद्र शुरू करने कहा गया है।
       
    श्रमिकों के स्वास्थ्य के नियमित जांच करने की निर्देश       

    दूसरे चरण की बैठक में मंत्री  लखनलाल देवांगन ने कर्मचारी राज्य बीमा सेवाएं और औद्योगिक स्वास्थ्य सुरक्षा के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। श्रम मंत्री  देवांगन ने सभी जिलों के डिस्पेंसरी की समीक्षा की। ओपीडी की संख्या को और बढ़ाने और श्रमिकों के गुणवत्तापूर्ण इलाज के निर्देश दिए गए। डिस्पेंसरी के स्टाफ की रोजाना हाजिरी बायोमेट्रिक के आधार पर करने के निर्देश दिए। प्रमुख डिस्पेंसरी में सुविधा और बढ़ाने कार्य योजना बनाने कहां गया है। मंत्री  देवांगन ने उद्योगों में नजदीकी डिस्पेंसरी का पता चस्पा करने के भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कारखाने की नियमित जांच कर उनमें आवश्यक कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए।

  • किम जोंग उन की छुट्टी तय? बेटी को सत्ता सौंपने की अटकलों से गरमाया नॉर्थ कोरिया

    किम जोंग उन की छुट्टी तय? बेटी को सत्ता सौंपने की अटकलों से गरमाया नॉर्थ कोरिया

    उत्तर कोरिया
    उत्तर कोरिया के तानाशह किम जोंग उन अपनी बेटी किम जू ऐ को उत्तराधिकारी के रूप में नामित करने की प्रक्रिया में बहुत आगे बढ़ चुका है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (एनआईएस) ने गुरुवार को संसद की एक बंद कमरे की ब्रीफिंग में इस बात की जानकारी दी है। एनआईएस ने बताया कि किम जू ऐ अब 'उत्तराधिकारी के रूप में नामित होने के चरण' में पहुंच चुकी हैं। एजेंसी के अनुसार, पहले उन्हें 'उत्तराधिकारी प्रशिक्षण में' बताया जाता था, लेकिन अब भाषा में बदलाव आया है, जो प्रक्रिया के अधिक ठोस और सुनियोजित होने का संकेत देता है।

    सांसद ली सियोंग-क्वेउन ने ब्रीफिंग के बाद पत्रकारों से कहा कि एनआईएस ने कहा कि किम जू ऐ विभिन्न प्रमुख सैन्य और प्रतीकात्मक कार्यक्रमों में अपने पिता के साथ दिखाई दी हैं, जैसे कोरियन पीपुल्स आर्मी की स्थापना वर्षगांठ, कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन का दौरा और वायु सेना दिवस समारोह। साथ ही, निरीक्षण के दौरान नीतिगत मुद्दों पर उनके विचार व्यक्त करने के संकेत मिले हैं। एजेंसी ने किम की बेटी की सार्वजनिक उपस्थिति, पिता के ठीक बगल में प्रमुख स्थिति, सरकारी मीडिया कॉवरेज और व्यवहार को उत्तराधिकार की तैयारी का प्रमाण बताया है। दरअसल, पिछले दो वर्षों में सरकारी मीडिया ने इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च, सैन्य परेड और वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों की बैठकों में बार-बार दिखाया है।

    एनआईएस का मानना है कि किम जू ऐ अब डी फैक्टो दूसरे सबसे उच्च पद पर हैं और नीतिगत मामलों पर इनपुट दे रही हैं। एजेंसी इस महीने के अंत में होने वाली वर्कर्स पार्टी कांग्रेस पर नजर रखेगी, जहां उनकी भागीदारी, प्रोटोकॉल स्तर, कोई आधिकारिक उपाधि या पार्टी नियमों में संशोधन उत्तराधिकार की पुष्टि कर सकता है।

    बता दें कि किम जू ऐ की पहली अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति पिछले साल चीन की यात्रा में देखी गई थी, जहां वह अपने पिता के साथ बुलेटप्रूफ ट्रेन से बीजिंग पहुंचीं और एक सैन्य परेड में शामिल हुई थी। गौरतलब है कि उत्तर कोरिया में 1940 के दशक से किम परिवार का वंशानुगत शासन है। किम जोंग उन को 2011 में उनके पिता किम जोंग इल की मृत्यु से पहले उत्तराधिकारी घोषित किया गया था। किम जू ऐ को माना जाता है कि वह किम जोंग उन और उनकी पत्नी री सोल जू की संतान हैं, जिनमें दो या तीन बच्चे हो सकते हैं, लेकिन प्योंगयांग ने अन्य बच्चों की सार्वजनिक पुष्टि नहीं की है।

     

  • लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव, BJP सांसद ने सदस्यता रद्द करने और चुनाव पर रोक की मांग की

    लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव, BJP सांसद ने सदस्यता रद्द करने और चुनाव पर रोक की मांग की

    नई दिल्ली

    भाजपा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने लोकसभा में एक मोशन पेश किया है, जिसमें विपक्षी नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और भविष्य में चुनाव लड़ने पर पाबंदी लगाने की मांग की गई। डॉ. दुबे ने कहा सोरोस फाउंडेशन और देश को टुकड़े करने वाले ताक़तों के साथ मिलकर राहुल गांधी भारत का विभाजन करना चाहते हैं। इसलिए मैंने लोकसभा के नियम 352(5) और 353 के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने और भविष्य में चुनाव नहीं लड़ने की पाबंदी का मोशन पेश किया।

    सोरोस फाउंडेशन व देश को टुकड़े करने वाले ताक़तों के साथ मिलकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी भारत का विभाजन करना चाहते हैं। मैंने लोकसभा के नियम 352(5) और नियम 353 के तहत उनकी सदस्यता रद्द करने व भविष्य में चुनाव नहीं लड़ने की पाबंदी का मोशन पेश किया।

    क्या है लोकसभा नियम 352(5) और 353
    लोकसभा नियम 352(5) और 353 के तहत संसद किसी सदस्य की सदस्यता रद्द करने या भविष्य के चुनावों में भाग लेने पर रोक लगाने की प्रक्रिया को अपनाती है यदि उसके कार्य संविधान और राष्ट्रीय एकता के खिलाफ हों। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मोशन राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और संसद में इस पर बहस और निर्णय का असर विपक्ष और राजनीतिक माहौल पर पड़ सकता है।

    भाजपा नेता ने दी राहुल गांधी को राष्ट्रीय सुरक्षा पर राजनीति न करने की नसीहत
    इसके अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता वानाथी श्रीनिवासन ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से अपील की कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति करना बंद करें और इसके बजाय रचनात्मक राजनीति पर ध्यान दें। वानाथी श्रीनिवासन ने लोकसभा में कथित रूप से एक पूर्व सेना प्रमुख की आत्मकथा को लेकर उत्पन्न हंगामे की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता जानबूझकर देश की सुरक्षा के साथ राजनीति कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा राहुल गांधी, जिन्हें जनता ने नकार दिया है, लोकसभा में अराजकता पैदा कर रहे हैं। राजनीति में करने के लिए हजारों काम हैं, लेकिन वे अनावश्यक रूप से देश की सुरक्षा को राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं। इससे उनका विपक्षी नेता का पद भी खतरे में पड़ सकता है।