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  • T20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका का धमाका! ओमान को 105 रनों से कुचला, टूर्नामेंट की सबसे बड़ी जीत

    T20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका का धमाका! ओमान को 105 रनों से कुचला, टूर्नामेंट की सबसे बड़ी जीत

    नई दिल्ली
    पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में आज आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप-B मुकाबले में श्रीलंका और ओमान आमने-सामने हुईं. जहां श्रीलंका ने पहले खेलते हुए 225 का स्कोर बनाया. जवाब में खेलने उतरी ओमान की टीम 120/9 रन ही बना सकी. इस तरह वो टारगेट से 105 रन पीछे रह गई. जो इस वर्ल्ड कप में रनों के ल‍िहाज से अब तक की सबसे बड़ी जीत रही. वहीं श्रीलंका का बनाया हुआ यह स्कोर भी इस टी20 वर्ल्ड कप का सबसे बड़ा स्कोर रहा. श्रीलंका ने टी20 वर्ल्ड कप में ओमान को 105 रनों से हराया. वह अपने दोनों मैच जीत चुकी है.

    पवन रत्नाएके को उनकी मैच विनिंग पारी के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच का पुरस्कार दिया गया| तो क्रिकेट फैन्स इस मुकाबले से महज़ इतना ही| अब हम रुख करते हैं आज के दूसरे मैच की तरफ जो नेपाल और इटली के बीच मुंबई में शुरू होने जा रहा है| आइये अब वहां होगी आपसे मुलाकात|

    गेंदबाजी में इस दौरान ओमान टीम के लिए जीतेन रामानंदी को 2 जबकि जय ओडेड्रा, सुफ्यान महमूद को 1-1 सफलता हाथ लगी थी| 226 रनों के लक्ष्य का पीछा करने जब ओमान की टीम उतरी तो उन्हें अच्छी शुरुआत नहीं मिली| महज 36 रनों पर टीम ने तीन विकेट गंवा दिए| वहां से चौथे विकेट के लिए मुहम्मद नदीम और वसीम अली (27) ने कुछ झुझारुपन दिखाया लेकिन फिर श्रीलंकाई कसी हुई गेंदबाजी के सामने बढ़ते रन रेट को वो पकड़ में नहीं ला सके| इन दोनों के अलावा और कोई भी बल्लेबाज दस रन क आंकड़े तक को पार नहीं कर पाया जिसकी वजह से श्रीलंकाई टीम को 105 रनों की बड़ी जीत हाथ लग गई|

    वहीँ अगर पहली पारी की बात करें तो श्रीलंका की तरफ से आज बल्लेबाजी में शुरुआत अच्छी नहीं रही रही| महज 15 के स्कोर पर टीम को पहला बड़ा झटका लगा| दोनों सलामी बल्लेबाज आज नहीं चल सके और ओमान के गेंदबाजों का शिकार बन गए| कुसल मेंडिस (23) और पवन रत्नाएके (60) ने शानदार बल्लेबाजी करते तीसरे विकेट के लिए 94 रनों की साझेदारी निभाई और स्कोर को तेजी के साथ आगे बढ़ा दिया| लोअर ऑर्डर में दसुन शनाक के बल्ले से महज 20 गेंदों पर 50 रनों की तेज तर्रार पारी आई जिसकी वजह से टीम इस मुकाबले में विशाल स्कोर तक पहुँच पाई| इस बीच श्रीलंकाई मध्य क्रम ने शानदार तरीके से ओमानी गेंदबाजों पर काउंटर अटैक किया|

    आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप के 16वें मुकाबले में श्रीलंका ने ओमान को 105 रन से मात दी है| इस जीत के साथ श्रीलंकाई टीम ने इस प्रतियोगिता में अपनी दूसरी जीत दर्ज की है| टॉस आज ओमान के कप्तान ने जीता था और अपनी तगड़ी बल्लेबाजी को मद्देनजर रखते हुए उन्होंने रन चेज करने का फैसला किया था जो ग़लत साबित हुआ| श्रीलंका द्वारा बोर्ड पर लगाए गए 225 रनों के जवाब में ओमान की टीम की बल्लेबाजी आज उम्मीद अनुसार नहीं चली| ओमान टीम के लिए इस रन चेज में मुहम्मद नदीम ने सबसे अधिक 53 रनों की पारी खेली|

    मोहम्मद नदीम को मथीशा पथिराना, डॉट बॉल के साथ ओवर और पारी की हुई समाप्ति| 105 रन से श्रीलंका ने इस मुकाबले में ओमान को हरा दिया है| कमाल का प्रदर्शन आज गेंद और बल्ले दोनों से इस टीम ने किया है| इस बार जड़ में डाली गई गेंद| लेग साइड पर फ्लिक किया और क्रीज से थोड़ा आगे आये| शॉर्ट मिड विकेट की तरफ गई गेंद| फील्डर ने उसे फील्ड करते हुए बल्लेबाजी एंड पर थ्रो किया जो विकटों के पास से निकल गया| अगर लग जाता तो शायद बल्लेबाज क्रीज के बाहर रह जाते|

  • ग्वालियर हाईकोर्ट नाराज: NDPS केस में 62 सैंपल बैग गायब, शिवपुरी TI समेत पांच अफसर लाइन अटैच

    ग्वालियर हाईकोर्ट नाराज: NDPS केस में 62 सैंपल बैग गायब, शिवपुरी TI समेत पांच अफसर लाइन अटैच

    ग्वालियर

    ग्वालियर हाईकोर्ट की युगल पीठ ने बुधवार को शिवपुरी के एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिले के देहात थाना प्रभारी, एक निरीक्षक सहित तीन उप निरीक्षक को लाइन अटैच कर दिया है।

    डिवीजन बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि पुलिस की जांच सच्चाई सामने लाने के बजाय उसे छिपाने वाली प्रतीत होती है। कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पुलिस अक्सर केवल ड्राइवर या कैरियर को पकड़कर जांच बंद कर देती है, जबकि असली सरगना तक पहुंचने की कोशिश नहीं की जाती।

    1209 किलो पोस्त भूसी तस्करी का मामला

    मामला 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी की तस्करी से जुड़ा है, जो इंदौर से चंडीगढ़ भेजी जा रही थी। कोर्ट ने पाया कि न तो माल भेजने वालों की जांच हुई और न ही प्राप्त करने वालों की। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए थे।

    न्यायालय ने यह भी पाया कि जब्त मादक पदार्थ ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। पुलिस ने 17 जनवरी 2025 को सामग्री के निस्तारण की बात कही, जबकि सैंपल बैग गायब पाए गए। कोर्ट ने इसे लापरवाही और संदिग्ध जांच का स्पष्ट संकेत माना।

    विभागीय जांच के निर्देश

    हाईकोर्ट ने शिवपुरी एसपी को निर्देश दिए हैं कि उस समय पदस्थ थाना प्रभारी और जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें थाने का प्रभार न दिया जाए। कोर्ट ने तीन माह में शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

    साथ ही प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी भोपाल और एडीजी नारकोटिक्स इंदौर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में अपराध के मुख्य सरगना (Apex Perpetrators) की जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिपत्र जारी किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को होगी।

    दोषसिद्धि और सजा

    विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8/15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपए जुर्माना लगाया था। आरोपी की सजा स्थगन की अर्जी बाद में वापस ले ली गई।

    इन अधिकारियों पर कार्रवाई

    एसपी अमन सिंह राठौड़ ने देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई, उप निरीक्षक राघवेंद्र यादव (गोवर्धन) और हरिशंकर शर्मा (जेएसआई कोतवाली) को लाइन अटैच किया है। इसके अलावा बालाघाट में पदस्थ उनि अंकित उपाध्याय और राजगढ़ में पदस्थ निरीक्षक मनीष शर्मा को भी लाइन अटैच किया गया है। दो अधिकारी एसएस जादौन और चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सभी के खिलाफ अब विभागीय जांच चलेगी।

  • गाजियाबाद होटल सेक्स रैकेट: 500 लड़कियां शामिल, विदेशी महिलाएं भी पकड़ में आईं

    गाजियाबाद होटल सेक्स रैकेट: 500 लड़कियां शामिल, विदेशी महिलाएं भी पकड़ में आईं

    गाजियाबाद

    गाजियाबाद के वैशाली में बुधवार को एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ जिसे महागुन सरोवर पोर्टिगो नाम के होटल से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ आरोपी फरार हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने होटल से 11 लड़कियों को बरामद किया गया, जो देश के अलग-अलग राज्यों की रहने वाली हैं। मैनेजर के फोन से 500 लड़कियों की तस्वीरें मिलने की बात सामने आई है, जिससे पता चलता है कि यह रैकेट कितना बड़ा है। ग्राहकों को वॉट्सऐप पर लड़कियों की तस्वीरें और रेट भेजकर जिस्म का सौदा किया जाता था।

    जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें होटल का मैनेजर राहुल शर्मा (46) भी शामिल है, जिसे रैकेट का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इसके अलावा वेटर सुनील सिंह (39) और अंकित चौहान (19) को गिरफ्तार किया गया है। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने सूचना के आधार पर पुलिस टीमों के साथ सेक्टर तीन एफ वैशाली स्थित होटल पर छापेमारी की। पुलिस के होटल में पहुंचते ही अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने होटल के अलग अलग कमरों से देह व्यापार के लिए लाई गईं 11 युवतियों को रेस्क्यू किया। इस दौरान कुछ लोग फरार भी हो गए।
    चार आरोपी अब भी फरार

    एसीपी ने बताया कि टीम ने मौके से होटल मैनेजर राहुल शर्मा, अंकित चौहान निवासी कासिमपुर पावर हाउस थाना जवा जिला अलीगढ़ और सुनील निवासी ग्राम दभी थाना अकराबाद जिला अलीगढ़ को गिरफ्तार किया है। इस धंधे में शामिल सुमित रावत निवासी कोटद्वार उत्तराखंड , राहुल, निर्दोष और अफजल फरार हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। निर्दोष का संबंध एक राजनीतिक दल से भी बताया जा रहा है।
    21 से 31साल की लड़कियां, कई राज्यों से आईं

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि गोपनीय सूचना के बाद दोपहर करीब 2 बजे होटल पर छापेमारी की गई। उन्होंने कहा, 'होटल से रेस्क्यू की गईं लड़कियां 21 से 31 साल की हैं। ये गुजरात, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और ओडिसा की रहने वाली हैं।' पूछताछ के दौरान लड़कियों ने बताया कि राहुल रोजगार के नाम पर उन्हें होटल लाया था और दबाव डालकर गंदे धंधे में धकेल दिया।
    होटल में आती थीं विदेशी लड़कियां, ग्राहकों से लेते थे 15-20 हजार

    एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक महिलाओं ने पूछताछ के दौरान बताया कि ग्राहकों से 15 से 20 हजार रुपये लिए जाते थे, जबकि उन्हें एक रात के लिए 5 हजार रुपये मिलते थे। कुछ महिलाओं ने यह भी बताया कि होटल में विदेशी लड़कियां भी सेक्स वर्कर्स के रूप में आती थीं। राहुल के मुताबिक वह ग्राहकों को वॉट्सऐप पर लड़कियों की तस्वीरें भेजता था, जिसके बाद वे होटल में आते थे। इसके अलावा लड़कियों को ग्राहकों के साथ दूसरे होटलो में भी भेजा जाता था। उनके लिए रूम की बुकिंग ऑनलाइन की जाती थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को मैनेजर के फोन से 500 से ज्यादा लड़कियों की तस्वीरें और 100 से ज्यादा ग्राहकों के फोन नंबर मिले हैं।

  • केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट

    केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट

    केंद्रीय राज्यमंत्री कुरियन से राज्यमंत्री श्रीमती कृष्णा गौर ने की भेंट

    “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का सौंपा प्रस्ताव

    प्रदेश के पहले स्पेस सेंटर से युवाओं को मिलेगी अंतरिक्ष विज्ञान की ट्रेनिंग

    भोपाल 

    पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री श्री जॉर्ज कुरियन से मुलाकात की। उन्होंने केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुरियन को प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत भोपाल में “डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिम्युलेटरी स्पेस सेंटर” की स्थापना का प्रस्ताव भी सौंपा।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित पीएमजेवीके योजना अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आधारभूत संरचना को सशक्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को बढ़ावा देने तथा विद्यार्थियों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से यह सेंटर स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध है।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान, खगोल विज्ञान, उपग्रह तकनीक और आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान से परिचित कराया जाएगा। यह केंद्र युवाओं को भविष्य में अंतरिक्ष एवं तकनीकी क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा और विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देगा।

    राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने केंद्र सरकार से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया, ताकि योजना का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में विज्ञान आधारित सशक्त युवा शक्ति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

     

  • राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के ससम्मान गायन को मध्यप्रदेश में लागू करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    वंदे मातरम् के छह छंदों का गायन लागू करना प्रधानमंत्री  मोदी की अभूतपूर्व पहल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रगान जन- गण-मन से पहले सभी कार्यालयों और स्कूलों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के छह छंदों के गायन का निर्णय लिया है। यह अत्यंत सराहनीय एवं अभूतपूर्व पहल है। इसके जरिए पूरा देश अमर शहीदों के बलिदान को स्मरण करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में हमारे वीर सेनानियों ने वंदे मातरम् गाते हुए स्वयं को देश के लिए बलिदान कर दिया। मध्यप्रदेश सरकार, केंद्र सरकार के इस निर्णय के साथ खड़ी है और वंदे मातरम् गायन के निर्णय को त्वरित रूप से प्रदेश में लागू कर रही है। 

  • Rafale डील फाइनल: भारत ने 114 राफेल और 6 P8I एयरक्राफ्ट के लिए मुहर लगाई

    Rafale डील फाइनल: भारत ने 114 राफेल और 6 P8I एयरक्राफ्ट के लिए मुहर लगाई

    नई दिल्ली

    भारत की ताकत में और इजाफा होने जा रहा है. इंडियन एयरफोर्स के बेड़े में राफेल जेट की संख्या बढ़ने जा रही है. जी हां, जिसका इंतजार था, वह घड़ी आ गई है. रक्षा मंत्रालय की रक्षा खरीद परिषद ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की एक बड़ी डील को मंजूरी दे दी है. इतना ही नहीं, अमेरिकी टोही एयरक्राफ्ट P-8I डील को भी हरी झंडी मिल गई है. रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद की बैठक में यह फैसला हुआ. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा से ठीक पहले यह फैसला आया है, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे.

    रक्षा मंत्रालय की डीएसी यानी रक्षा खरीद परिषद ने फाइटर जेट राफेल की खरीद को आज यानी गुरुवार को मंजूरी दी. इतना ही नहीं, भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त P-8I विमानों की खरीद को भी मंज़ूरी मिली है.  राफेल डील करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये की है, जो भारत की अब तक का सबसे बड़ा रक्षा सौदे बन जाएगा. डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) की मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया, जो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसके बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी से भी मंजूरी लेनी होगी.

    एयरफोर्स के लिए बेहद अहम है यह डील
    यह डील इंडियन एयर फोर्स के बेड़े में फाइटर जेट्स की कमी को दूर करने के लिए बहुत जरूरी थी. अभी भारतीय वायुसेना के पास सिर्फ 29 स्क्वाड्रन हैं, जबकि जरूरत 42 की है. पुराने एयरक्राफ्ट रिटायर हो रहे हैं, इसलिए नए और आधुनिक फाइटर जेट्स की जरूरत थी. राफेल जेट्स फ्रांस की कंपनी दासो एविएशन से लिए जाएंगे.  इनमें से 18 जेट्स तैयार हालत में (फ्लाई-अवे कंडीशन) आएंगे, जबकि बाकी 96 भारत में ही बनाए जाएंगे. इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बूस्ट मिलेगा और हजारों नौकरियां पैदा होंगी.

    अब जानते हैं कि राफेल जेट्स की खासियत क्या है?
    राफेल मल्टी-रोल फाइटर हैं. यानी हवा से हवा, हवा से जमीन और समुद्री हमलों में इस्तेमाल हो सकते हैं. पाकिस्तान इसकी ताकत देख चुका है. राफेल फाइटर जेट्स पहले ही ऑपरेशन सिंदूर में अपना दमखम दिखा चुके हैं. वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल नागेश कपूर ने कहा है कि राफेल जैसे नए जेट्स से एयर फोर्स की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. ये जेट्स लंबी दूरी तक उड़ सकते हैं, तेज रफ्तार और आधुनिक हथियारों से लैस हैं. इससे चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से खतरे का मुकाबला करना आसान होगा.

    पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट

    अब बात पी-8आई पॉसिडॉन एयरक्राफ्ट की. ये 6 अतिरिक्त एयरक्राफ्ट इंडियन नेवी के लिए हैं. पी-8आई बोइंग कंपनी का बनाया हुआ है और समुद्री निगरानी के लिए इस्तेमाल होता है. ये दुश्मन की सबमरीन, जहाजों और एयरक्राफ्ट को दूर से ही पकड़ सकता है. भारत के पास पहले से 12 पी-8आई हैं, और ये नए 6 और ताकत बढ़ाएंगे. समुद्री सीमाओं की सुरक्षा के लिए ये बहुत महत्वपूर्ण हैं, खासकर हिंद महासागर में जहां चीन की गतिविधियां बढ़ रही हैं.

    यह डील क्यों इतनी बड़ी है?
    फ्रांस से गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट डील है, इसलिए पारदर्शिता ज्यादा है. पहले 36 राफेल की डील में भी ऐसा ही हुआ था, जो 2016 में साइन हुई. अब 114 की डील से IAF की स्क्वाड्रन संख्या बढ़कर 35-36 के करीब पहुंच जाएगी.

    राफेल डील की खास बातें
        इस डील के अनुसार, भारत फ्रांस की कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल विमान सीधे खरीदेगा. बाकी 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे. इनमें से कुछ विमान दो सीट वाले होंगे, जिनका उपयोग पायलटों को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा. इस डील में आधुनिक तकनीक भारत को देने और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने की बात भी शामिल है.

        भारतीय वायुसेना के के बेड़े में पहले से ही दो स्क्वाड्रनों में 36 राफेल विमान शामिल हैं, जिनमें से ‘सी’ वेरिएंट की अंतिम डिलीवरी दिसंबर 2024 में हुई थी.

        राफेल विमानों का इस्तेमाल भारत ने पिछले साल मई में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में किया था, जिसमें पाकिस्तान के ठिकानों पर सटीक हमले किए गए थे.

        राफेल विमानों का इस्तेमाल स्कैल्प (एससीएएलपी) मिसाइल को लॉन्च करने के लिए किया गया था, जो 250 किलोमीटर से ज्यादा दूर तक बहुत सटीक हमला कर सकती है. इसके अलावा यह मेटियोर हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हैमर हथियार, स्पेक्ट्रा इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और आधुनिक रडार से भी लैस है.

        पिछले साल जून में भारत और फ्रांस ने डसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के बीच चार बड़े समझौतों की घोषणा की थी, जिससे भारत को राफेल विमानों की डिलीवरी तेजी से मिलने में मदद मिलेगी.

     

  • महाशिवरात्रि विशेष: राशि अनुसार ये अर्पण करें, भोलेनाथ होंगे तुरंत प्रसन्न

    महाशिवरात्रि विशेष: राशि अनुसार ये अर्पण करें, भोलेनाथ होंगे तुरंत प्रसन्न

    महाशिवरात्रि का पावन पर्व शिव भक्तों के लिए सबसे बड़ा दिन होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जाएगी. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था.शास्त्रों के अनुसार, यदि इस दिन भक्त अपनी राशि के अनुसार भोलेनाथ का पूजन और अभिषेक करें, तो उनकी मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर अपनी राशि के अनुसार आपको किन चीजों से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए.

    महाशिवरात्रि पर राशि अनुसार क्या चढ़ाएं

    मेष राशि
    मेष राशि के जातकों को भगवान शिव को लाल चंदन, शहद और गुड़ अर्पित करना चाहिए. इससे आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्यों में सफलता मिलती है.

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के लोगों को शिवलिंग पर कच्चा दूध, दही और सफेद फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है. इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातक भगवान शिव को दूर्वा, हरी इलायची और बेलपत्र अर्पित करें. इससे बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है.

    कर्क राशि
    कर्क राशि वालों को शिवलिंग पर दूध, चावल और सफेद मिठाई चढ़ानी चाहिए. इससे मानसिक शांति और पारिवारिक सुख प्राप्त होता है.

    सिंह राशि
    सिंह राशि के जातकों को भगवान शिव को गुड़, गेहूं और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. इससे सम्मान और पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है.

    कन्या राशि
    कन्या राशि के लोगों को शिवलिंग पर शहद, घी और हरे फल चढ़ाने चाहिए. इससे स्वास्थ्य अच्छा रहता है और जीवन में स्थिरता आती है.

    तुला राशि
    तुला राशि के जातकों को भगवान शिव को इत्र, सफेद फूल और मिश्री अर्पित करनी चाहिए. इससे वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और रिश्ते मजबूत होते हैं.

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि वालों को शिवलिंग पर जल, शहद और लाल चंदन चढ़ाना लाभकारी माना जाता है. इससे साहस और ऊर्जा में वृद्धि होती है.

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों को भगवान शिव को हल्दी, पीले फूल और बेसन के लड्डू अर्पित करने चाहिए. इससे भाग्य मजबूत होता है और बाधाएं दूर होती हैं.

    मकर राशि
    मकर राशि के लोगों को शिवलिंग पर काले तिल, जल और नीले फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है. इससे कार्यक्षेत्र में सफलता और शनि दोष से राहत मिलती है.

    कुंभ राशि
    कुंभ राशि के जातकों को भगवान शिव को नीले फूल, काले तिल और दूध अर्पित करना चाहिए. इससे जीवन में स्थिरता और तरक्की के योग बनते हैं.

    मीन राशि
    मीन राशि वालों को शिवलिंग पर केसर मिला दूध, पीले फूल और चंदन अर्पित करना चाहिए. इससे आध्यात्मिक उन्नति और मन की शांति मिलती है.

    महाशिवरात्रि पूजा का विशेष महत्व
    धार्मिक मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करने से सभी प्रकार के दोष दूर होते हैं. इस दिन व्रत रखने, रुद्राभिषेक करने और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करने से विशेष फल मिलता है. इसके अलावा रात्रि जागरण और शिव पुराण का पाठ करना भी बेहद शुभ माना जाता है. ऐसा करने से भगवान शिव भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं.

  • ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म पर SC का रोक आदेश, नाम बदलकर ही होगी रिलीज

    ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म पर SC का रोक आदेश, नाम बदलकर ही होगी रिलीज

    नई दिल्ली
     नेटफ्लिक्स की अगली फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ का प्रोमो आने के बाद फिल्म विवादों में घिर गई. मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म के टाइटल पर इतना हंगामा मचा कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा गया. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फिल्ममेकर नीरज पांडे की फिल्म के टाइटल को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है और इस टाइटल से फिल्म के रिलीज पर रोक लगा दी. कोर्ट ने दो टूक कहा कि किसी समाज के एक वर्ग को इस तरह के नाम से क्यों बदनाम किया जा रहा है? इस टाइटल से फिल्म रिलीज नहीं होगी. हाईकोर्ट से भी मेकर्स को झटका लग चुका है.

    मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने फिल्म निर्माता नीरज पांडे को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि हलफनामे में स्पष्ट रूप से यह बताया जाए कि फिल्म किसी भी समाज या समुदाय के किसी वर्ग का अपमान या अवमानना नहीं करती है.

    CBFC की भूमिका पर जताई नाराजगी
    सुप्रीम कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि फिल्म की सामग्री को लेकर जो आपत्तियां सामने आई हैं, उन पर निर्माता पक्ष को अपनी स्थिति पारदर्शी ढंग से रखनी होगी. सुनवाई के दौरान अदालत ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) की भूमिका पर भी नाराजगी जताई. जजों ने सवाल किया कि जब फिल्म को प्रमाणपत्र दिया गया, तब क्या संभावित विवादित पहलुओं पर पर्याप्त विचार किया गया था. कोर्ट की टिप्पणी से यह संकेत मिला कि वह प्रमाणन प्रक्रिया की गंभीरता और जवाबदेही को लेकर संतुष्ट नहीं है.

    समुदाय विशेष का किया टारगेट
    याचिकाकर्ताओं का कहना है कि फिल्म का शीर्षक और कुछ हिस्से विशेष समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं. वहीं निर्माता पक्ष का तर्क है कि फिल्म का उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं, बल्कि एक सामाजिक व्यंग्य प्रस्तुत करना है.

    19 फरवरी को होगी अगली सुनवाई
    अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जो 19 फरवरी को निर्धारित की गई है. माना जा रहा है कि तब तक निर्माता द्वारा दाखिल किया जाने वाला हलफनामा इस पूरे विवाद की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा.

  • भारतीय वायुसेना को बड़ी ताकत: 114 नए राफेल से 6 नए स्क्वॉड्रन

    भारतीय वायुसेना को बड़ी ताकत: 114 नए राफेल से 6 नए स्क्वॉड्रन

     नई दिल्ली

    भारतीय वायुसेना (IAF) अपनी लड़ाकू ताकत बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा रही है. हाल ही में रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 114 और राफेल फाइटर जेट्स की खरीद को मंजूरी दी है, जो फ्रांस से आएंगे. इससे वायुसेना की स्क्वॉड्रन संख्या में सीधा इजाफा होगा.

    साथ ही, स्वदेशी विमान LCA Mk1A, LCA Mk2 और AMCA के साथ यह एक शक्तिशाली कॉम्बो बनेगा. वर्तमान में वायुसेना के पास करीब 20 स्क्वॉड्रन हैं, जबकि  42 होने चाहिए. समझते हैं कि 114 राफेल से कितनी ताकत बढ़ेगी, स्वदेशी विमानों का क्या रोल है और कुल मिलाकर वायुसेना कैसे मजबूत होगी. 

    वायुसेना की मौजूदा स्थिति: स्क्वॉड्रन की कमी

    भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल 29 लड़ाकू स्क्वॉड्रन हैं, जिसमें Su-30MKI (12-13 स्क्वाड्रन), राफेल (2), मिराज 2000 (3), मिग-29 (3), तेजस Mk1 (2) और जगुआर (6) शामिल हैं. 42 स्क्वॉड्रन की जरूरत है, लेकिन पुराने विमान रिटायर हो रहे हैं. अगले 10 सालों में 8-10 स्क्वाड्रन और रिटायर हो सकते हैं, जिससे स्थिति और खराब हो सकती है. 

    चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से खतरे को देखते हुए स्क्वाड्रन बढ़ाना जरूरी है। वायुसेना का लक्ष्य 2035 तक 42 स्क्वाड्रन पहुंचना है, लेकिन देरी हो रही है.  एक स्क्वॉड्रन में आमतौर पर 16-18 लड़ाकू विमान होते हैं. राफेल जैसे आधुनिक विमान एक स्क्वॉड्रन में 18 रखे जाते हैं.

    114 राफेल से कितनी ताकत बढ़ेगी?

    वायुसेना के पास पहले से 36 राफेल हैं, जो 2 स्क्वॉड्रन में हैं. 114 और राफेल आने से कुल राफेल 150 हो जाएंगे. यह करीब 6 नए स्क्वॉड्रन जोड़ेंगे. इससे वायुसेना की स्क्वॉड्रन संख्या 29 से बढ़कर 35 हो जाएगी, जो कमी को काफी हद तक पूरा करेगी.

    राफेल 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर है, जो हवा से हवा, हवा से जमीन हमले और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में माहिर है. इसकी लागत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें 18 तैयार हालत में आएंगे और बाकी भारत में बनेंगे.

    यह 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देगा. राफेल की रेंज, रडार और मिसाइलें वायुसेना को चीन-पाकिस्तान के खिलाफ बढ़त देंगी. हालांकि, यह स्टॉपगैप (अस्थायी) समाधान है, क्योंकि स्वदेशी विमान लंबे समय के लिए हैं. 

    स्वदेशी विमानों का रोल: LCA Mk1A, Mk2 और AMCA
    राफेल के साथ स्वदेशी विमान LCA Mk1A, LCA Mk2 और AMCA का कॉम्बो वायुसेना को आत्मनिर्भर बनाएगा. ये 'मेक इन इंडिया' के तहत बन रहे हैं और कुल 400 से ज्यादा स्वदेशी फाइटर्स का प्लान है.

    LCA Mk1A (तेजस Mk1A): यह तेजस का एडवांस वर्जन है. 180 विमान ऑर्डर हो चुके हैं (83 + 97), जो 10 स्क्वॉड्रन बनाएंगे. यह पुराने मिग-21 को रिप्लेस करेगा. Mk1A में बेहतर रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और मिसाइलें हैं. डिलीवरी 2024-2029 तक होगी. इससे स्क्वाड्रन में 10 का इजाफा.

    LCA Mk2 (तेजस Mk2): यह मध्यम वजन का फाइटर है, जो राफेल जैसा शक्तिशाली होगा. 120-130 विमान प्लान हैं (6-7 स्क्वॉड्रन), जो 200 तक बढ़ सकते हैं. इसमें ज्यादा पावरफुल इंजन, पेलोड और रेंज है. पहली उड़ान 2026 में संभव है. यह हाई-ऐल्टीट्यूड (चीन सीमा) पर बेहतर काम करेगा. 

    AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट): यह 5वीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर है. शुरुआत में 126 विमान (7 स्क्वॉड्रन) प्लान हैं, जो Mk1 और Mk2 वैरिएंट में बंटेंगे. AMCA में स्टेल्थ, सुपरक्रूज और AI जैसी तकनीकें होंगी. इंडक्शन 2030 के मध्य से शुरू होगा. यह चीन के J-20 जैसे विमानों से मुकाबला करेगा.

    राफेल + स्वदेशी कॉम्बो से कुल इजाफा

    114 राफेल से 6 स्क्वॉड्रन बढ़ेंगे. स्वदेशी से Mk1A से 10, Mk2 से 6-7, AMCA से 7 – कुल 23-24 स्क्वॉड्रन. इससे वायुसेना 30 से बढ़कर 50+ स्क्वॉड्रन तक पहुंच सकती है, जो तीन मोर्चों (चीन, पाकिस्तान, अन्य) पर लड़ने के लिए काफी होगी. यह कॉम्बो मिश्रित फ्लीट देगा – राफेल हाई-एंड हमलों के लिए, तेजस मीडियम रोल के लिए और AMCA स्टेल्थ ऑपरेशंस के लिए.

    चुनौतियां और भविष्य

    देरी एक समस्या है – Mk1A की डिलीवरी लेट है, Mk2 और AMCA विकास में हैं. लेकिन राफेल जैसे आयात तुरंत ताकत बढ़ाएंगे. विशेषज्ञ कहते हैं कि स्वदेशी पर फोकस से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी. अगर प्लान सफल रहा, तो 2035 तक वायुसेना दुनिया की मजबूत सेनाओं में शुमार होगी.

  • AIMIM नेता शौकत अली का विवादित बयान: ‘हिंदू भाई 4 नहीं, 14 बच्चे पैदा करें’

    AIMIM नेता शौकत अली का विवादित बयान: ‘हिंदू भाई 4 नहीं, 14 बच्चे पैदा करें’

    मुजफ्फरनगर
    एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली मुजफ्फरनगर पहुंचे, जहां उन्होंने दो नुक्कड़ सभाओं को संबोधित किया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के मुद्दे पर कहा कि देश की आबादी बढ़ने से राष्ट्र मजबूत होता है. शौकत अली ने हिंदू संगठनों के चार बच्चे पैदा करने वाले बयानों पर तंज कसते हुए कहा कि हिंदू भाइयों को 4 नहीं बल्कि 14 बच्चे पैदा करने चाहिए. उन्होंने चीन का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि चीन अपनी विशाल आबादी के कारण ही हमसे अधिक मजबूत है, इसलिए भारत को भी अपनी जनसंख्या बढ़ानी चाहिए.

    बाबरी मस्जिद और नामकरण पर तीखे तेवर

    मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम से हो रहे निर्माण पर शौकत अली ने कहा कि संविधान किसी भी नाम से धार्मिक स्थल बनाने की अनुमति देता है. उन्होंने सवाल किया कि यदि कोई अपने बेटे का नाम बाबर रखकर काम शुरू करे, तो क्या उसे लाइसेंस नहीं मिलेगा?

    शौकत ने आरोप लगाया कि देश में दाढ़ी, टोपी और गोश्त के नाम पर मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है और मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं. उनके अनुसार, यदि सरकार को जनसंख्या से आपत्ति है, तो वह 'हम दो हमारे दो' का कानून लेकर आए.

    चुनावों और बजट पर भी रखी अपनी बात

    शौकत अली ने आगामी जिला पंचायत और विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों का जिक्र किया. उन्होंने स्वीकार किया कि 2022 के चुनाव में पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली, इसलिए अब संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दिया जा रहा है. बजट पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें आम जनता के लिए राहत की उम्मीद बेहद कम है. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान परिस्थितियों में मुसलमानों के साथ अन्याय हो रहा है, जिसे लेकर उनकी पार्टी आवाज उठाती रहेगी.