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  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऊर्जा मंत्री  तोमर के सुपुत्र रिपुदमन के विवाह समारोह में शामिल हुए वर-वधु को दिया आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ऊर्जा मंत्री तोमर के सुपुत्र रिपुदमन के विवाह समारोह में शामिल हुए वर-वधु को दिया आशीर्वाद

    भोपाल .

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर के सुपुत्र रिपुदमन सिंह (सागर) के विवाह समारोह में शामिल होकर वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान किया।

    ग्वालियर में ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर के सुपुत्र रिपुदमन सिंह का विवाह कनिका (सिमरन) सुपुत्री मती सीमा-स्व. सूर्यवीर सिंह सिसौदिया के साथ हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर-वधु को आशीर्वाद प्रदान कर राधाकृष्ण की मूर्ति भेंट की। उन्होंने मंत्री  तोमर एवं उनके परिजन को शुभकामनाएँ एवं बधाई दी।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव दमोह जिले के नोहटा में आयोजित नोहलेश्वर महोत्सव में होंगे शामिल

    भोपाल.

    नोहटा स्थित ऐतिहासिक नोहलेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित दस दिवसीय नोहलेश्वर महोत्सव में शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र सिंह लोधी के मार्गदर्शन में चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को ही छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम में महाशिव रात्रि के उपलक्ष्य में आयोजित गरीब परिवारों की कन्याओं के सामुहिक विवाह समारोह में भी शामिल होंगे।

    नोहलेश्वर मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

    नोहटा में स्थित नोहलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली रहा है। यह मंदिर कलचुरी कालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। कहा जाता है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण 10वीं–11वीं शताब्दी के दौरान हुआ था। मंदिर की शिल्पकला, अलंकृत स्तंभ, विशाल गर्भगृह एवं कलात्मक नक्काशी आज भी दर्शकों को उस युग की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराती है।

    पुरातत्वविदों के अनुसार नोहलेश्वर मंदिर मध्य भारत के प्रमुख शिव मंदिरों में से एक है, जहां प्राचीन काल से ही श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते आ रहे हैं। यह स्थल धार्मिक आस्था के साथ ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।

    महोत्सव की विशेषताएं

    महोत्सव के दौरान देशभर के ख्यातिप्राप्त कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समा बॉध रहे है। साथ ही, धार्मिक, सांस्कृतिक संध्याएं, कार्यशालाएं, महिला सम्मेलन, किसान गोष्ठी और पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों में खासा उत्साह है।

     

  • ‘सिर्फ हिस्सा नहीं, 2027 में तिरंगा लहराना लक्ष्य’ – रोहित शर्मा का बड़ा बयान

    ‘सिर्फ हिस्सा नहीं, 2027 में तिरंगा लहराना लक्ष्य’ – रोहित शर्मा का बड़ा बयान

    नई दिल्ली
    भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने अपनी कप्तानी में टीम इंडिया को टी20 विश्व कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब दिलाया, लेकिन उनके दिल में विश्व कप 2023 का खिताब न जीत पाने का गम अभी भी जिंदा है। रोहित उस कसक को मिटाने के लिए अगला वनडे विश्व कप खेलने और जीतने के प्रति दृढ़संकल्पित हैं।

    रोहित शर्मा ने बुधवार को एक आईसीसी इवेंट में कहा, “वह सिर्फ वनडे विश्व कप 2027 खेलना नहीं चाहते हैं, बल्कि 2023 में अहमदाबाद में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हारने वाली ट्रॉफी उठाने के लिए बेताब हैं।

    पूर्व कप्तान ने कहा, “मैं 50-ओवर का विश्व कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं। उस समय कोई टी20 विश्व कप नहीं था, कोई आईपीएल नहीं था। वह क्रिकेट का सबसे ऊंचा स्तर था, जो हर चार साल में होता था। इसलिए, बेताबी थी। उस एक ट्रॉफी का इतना ज्यादा बोझ था। मैं सच में वह ट्रॉफी चाहता हूं, इसलिए मैं कड़ी मेहनत करने और उसे पाने के लिए अपनी पूरी ताकत और काबिलियत से सब कुछ करने की कोशिश करूंगा। मैं वहां जाकर अपने देश के लिए विश्व कप जीतना चाहता हूं।”

    टी20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके रोहित शर्मा की उम्र और फिटनेस की वजह से 2027 विश्व कप में खेलने को लेकर सवाल था। पिछले 6 महीने में रोहित ने अपनी फिटनेस पर काम किया और अपना वजन कम किया है। साथ ही उनकी बल्लेबाजी में भी जोरदार बदलाव दिखा है। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उनका बल्ला बेशक नहीं चला था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रोहित ने अपनी बल्लेबाजी से रोमांचित किया था। फिटनेस और फॉर्म के प्रति रोहित की सजगता देखते हुए विश्व कप 2027 को लेकर उनके समर्पण का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    मौजूदा समय में वनडे फॉर्मेट के बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों में से रोहित शर्मा ने 282 वनडे की 274 पारियों में 33 शतक और 61 अर्धशतक की मदद से 11,577 रन बनाए हैं।

     

  • शोध ऐसा हो, जो बदल दें सबकी सोच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    शोध ऐसा हो, जो बदल दें सबकी सोच: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    संस्थान द्वारा प्रकाशित 7 पुस्तकों का किया गया विमोचन
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) में की सहभागिता

    भोपाल
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शोध अकादमिक गतिविधि मात्र नहीं, यह समाज और राष्ट्र की दिशा बदलने वाली शक्ति है। कोई भी शोध इतना उच्च कोटि का होना चाहिए जो हम सबकी सोच को एक नई दृष्टि, नई दिशा भी दे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी शोधार्थियों से आह्वान किया कि वे देश के विकास के लिए अपनी जिज्ञासा और रुचि के अनुसंधान क्षेत्रों में निर्भीक होकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आवश्यकता आविष्कार की जननी है, वैसे ही शोध विज्ञान और सभी वैज्ञानिक पद्धतियों का जनक है। मानवीय प्रज्ञा में जब वैज्ञानिक ज्ञान का समावेश हो जाता है, तब वह ‘प्रज्ञान’ का रूप ले लेती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को मप्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् के विज्ञान भवन में श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम (नेशनल रिसर्चर्स मीट) 2026 को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विज्ञान के विकास में ही देश का समग्र विकास निहित है। मध्यप्रदेश को शोध और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शोध समाज के विकास का आधार है और इसे आधुनिक, परिष्कृत तथा परिमार्जित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे परंपरागत धारणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि नवीन विचारों और वैज्ञानिक दृष्टि के साथ ऐसे शोध प्रस्तुत करें, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शोध सिर्फ़ एक शैक्षणिक आवश्यकता नहीं, सामाजिक परिवर्तन और विकास का सशक्त माध्यम भी है। दुनिया के ज्ञान पर पश्चिम का प्रभाव पड़ा है। भारतीय संस्कृति भी इससे प्रभावित हुई। हमारी संस्कृति में एकल शोध की परंपरा कभी नहीं रही। शोध समाज आधारित होना चाहिए, जिसमें राष्ट्र के कल्याण की बात कही जाए। दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान राष्ट्रीय शोधार्थी समागम के माध्यम से देश के शोधार्थियों को नई दिशा प्रदान कर रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने "Mahakal: The master of time" वेबसाइट का शुभारंभ, महाकाल ब्रोशर सहित मैपकास्ट द्वारा आयोजित होने वाले "41वें मध्यप्रदेश युवा वैज्ञानिक सम्मेलन एवं विज्ञान उत्सव" के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान द्वारा अनुसंधान परक लेखन पर आधारित सात पुस्तकों का भी विमोचन भी किया। राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर से आए शोधार्थियों, शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की सहभागिता रही। आगामी 14 फरवरी तक चलने वाले इस समागम में शोध, विज्ञान और नवाचार के विविध आयामों पर विमर्श होगा।

    पूज्य आचार्य श्री मिथलेशनन्दिनीशरण महाराज ने कहा कि मध्यप्रदेश ने महाकाल की प्रतिष्ठा से विश्व को अवगत कराया है। हम दुनिया को सर्वस्व दे रहे हैं, क्योंकि हमारे पास महाकाल हैं। शोधार्थी एक प्रकार से बोधार्थी भी हैं, जो शोध हमें बोध तक न ले जाए, वो व्यर्थ है। मनुष्य का ज्ञान चिंतन आधारित है, न कि डाटा आधारित। डाटा का विश्लेषण करना तो मशीनों का काम है। हम पश्चिमी देशों से क्यों डरते हैं। पश्चिम की केवल आलोचना करने से कुछ नहीं होने वाला। हमें समग्र रूप से सभी दिशाओं में सोचते हुए शोध करना है। हमारे शोध को भारतीय संस्कृति और चरित्र मूलक होना चाहिए, प्रतिक्रिया पराणय न हो। कोई भी नया विचार नवाचार नहीं होता है। परंपराओं को अंगीकार करते हुए नया काम करना ही नवाचार है।

    वरिष्ठ लेखक एवं चिंतक श्री सुरेश सोनी ने बीज वक्तव्य में कहा कि भारत के भौगोलिक स्वरूप में वेद आधारित सांस्कृतिक परिदृश्य नजर आता है। भारत के पुनरोत्थान के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कहा था कि इसमें विदेशी मूल्यों का प्रकटीकरण नहीं होना चाहिए। भारत में पिछले 150 से 200 सालों में यूरोप आधारित अकादमिक शिक्षा व्यवस्थाएं लागू की गईं। अब हमारे शोधार्थी कला, संस्कृति, न्याय, अर्थव्यवस्था जैसे अन्य विषयों पर भारतीय शिक्षा पद्धति आधारित शोध पर कार्य करें। इसमें भारतीय समग्रता को भी ध्यान में रखा जाए। अभी हमारी चिकित्सा पद्धति भौतिक है। आयुर्वेद शास्त्र में महर्षि चरक कहते हैं कि किसी पदार्थ के 5 स्तर- स्थूल, स्वरूप, सूक्ष्म, अवयव और अर्थत्व होते हैं। भारतीय दृष्टि के आधार पर हमें अध्ययन करना है और पूर्व की व्यवस्थाओं को वर्तमान मे कैसे नवाचारों के साथ उसे उपयोग करें। शोध करते समय इसी पर ध्यान देना है।

    भारतीय समाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष और भगवान बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मधुकर एस पड़वी ने कहा कि भारत के पुनरोत्थान के लिए हमारी सभ्यता और ज्ञान की पुन: प्रतिष्ठा करने की आवश्यकता है। हम अपने शोध कार्यों में किसी दूसरे देश की दृष्टि का अनुसरण न करें और स्वदेशी दृष्टि को अपनाएंगे। अनुसंधान व्यक्तिगत न होकर सहयोगात्मक होना चाहिए।

    उच्च शिक्षा एवं आयुष मंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि दत्तोपंत ठेंगड़ी शोध संस्थान ने इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोधार्थी समागम में देशभर के शोधार्थी शामिल हुए हैं। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में भारत केंद्रित परंपरा, संस्कृति और विरासत के शोध को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 का संकल्प लिया गया है। भारत केंद्रित शोध और शिक्षा के माध्यम से हम पुन: विश्व गुरू बनेंगे।
     

  • आधुनिक शतरंज में जीत की कुंजी है गहरी समझ, सिर्फ चालें नहीं: विश्वनाथन आनंद

    आधुनिक शतरंज में जीत की कुंजी है गहरी समझ, सिर्फ चालें नहीं: विश्वनाथन आनंद

    मदुरै (तमिलनाडु)
    पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने गुरुवार को यहां कहा कि ऐसे युग में जहां खिलाड़ी कंप्यूटर से मिलने वाली सहायता से अभिभूत हैं तब खेल की गहरी समझ आधुनिक शतरंज में एकमात्र असली निर्णायक कारक बन गई है।

    आनंद ने तीन दिवसीय शतरंज कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘‘दिलचस्प बात यह है कि आपको जितना अधिक ज्ञान उपलब्ध कराया जाता है, उतना ही कम आप जान पाते हैं। यदि हर दिन आपको 20-30 नए निष्कर्ष मिलते हैं तो आप उन्हें कैसे समझ पाएंगे। मेरा मानना है कि आज के शतरंज खिलाड़ियों को अलग करने वाली एकमात्र चीज गहरी समझ है।’’

    कई साल पहले जब आनंद ने कंप्यूटर का उपयोग करना सीखा था, तब का उदाहरण देते हुए इस ग्रैंडमास्टर ने कहा कि नए विचारों के प्रति खुला रहना मददगार होता है, लेकिन बारीकियों को समझना एक खिलाड़ी को नए स्तर पर ले जाता है।

    आनंद ने इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि शतरंज में महारत हासिल करना रटने के बजाय पैटर्न को पहचानने पर आधारित है।

    उन्होंने कहा, ‘‘हमारा दिमाग हमारी क्षमता से कहीं अधिक पैटर्न बनाता है। किसी का खेल देखने के हफ्तों बाद अक्सर खिलाड़ियों के दिमाग में नए विचार आ जाते हैं। उन्हें इसका अहसास नहीं होता है कि वे कहीं और से कुछ नकल कर रहे हैं।’’

     

  • टीम इंडिया का तूफानी प्रदर्शन, दूसरे मैच में नामीबिया के सामने 210 रनों की चुनौती

    टीम इंडिया का तूफानी प्रदर्शन, दूसरे मैच में नामीबिया के सामने 210 रनों की चुनौती

    नई दिल्ली
    दिल्ली के अरुण जेलटी स्टेडियम में भारत और नामीबिया के बीच खेले जा रहे विश्व कप के मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 209 रन बनाए हैं। नामीबिया को अब निर्धारित 20 ओवरों में 210 रनों का विशाल स्कोर बनाना है।

    नामीबिया ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया लेकिन उसका यह फैसला सही साबित नहीं हुआ। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शानदार शुरुआत की। संजू सैमसन ने आते ही 3 गगनचुंबी छक्के लगाए। वे 8 गेंदों में 22 रन बनाकर आउट हुए। उसके बाद ईशान किशन ने मोर्चा संभाला जिन्होंने 20 गेंदों में ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़ा। वे 61 रन बनाकर आउट हुए। भारत की ओर से हार्दिक पांड्या ने 28 गेंदों में 52 रनों की पारी खेली। तिलक वर्मा ने 25 रन बनाए वहीं, सूर्यकुमार यादव 12 रन बनाकर आउट हुए। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर 209 रन बनाए हैं। नामीबिया ने आखिरी दो ओवरों में शानदार गेंदबाजी की और भारत के एक के बाद एक विकेट लिए जिससे भारतीय टीम 209 रनों पर ही रुक गई। अब क्या 210 रनों के स्कोर का नामीबिया पीछा कर पाएगी जानने के लिए बने रहिए हमारे साथ।
     
    पिछले मैच में कठिन पिच पर संघर्ष करने के बाद, भारतीय बल्लेबाज दिल्ली के छोटे मैदान पर अपनी छक्के लगाने की लय वापस पाने के लिए बेताब होंगे। संजू सैमसन को आज ओपनिंग का मौका मिल सकता है क्योंकि अभिषेक शर्मा पेट की बीमारी के कारण शायद न खेलें। वहीं, दूसरी ओर नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने अपनी टीम को बिना किसी डर के नामीबियाई अंदाज में लड़ने का आह्वान किया है। दर्शकों को एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंटरनेशनल पैरा स्विमर श्री सत्येन्द्र सिंह लोहिया को दी बधाई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंटरनेशनल पैरा स्विमर श्री सत्येन्द्र सिंह लोहिया को दी बधाई

    भोपाल.

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश के इंटरनेशनल पैरा स्विमर श्री सत्येन्द्र सिंह लोहिया को दुनिया के सबसे मुश्किल समुद्री चैनलों में से एक, न्यूज़ीलैंड के कुक स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार करने पर बधाई और शुभकामनाएं दीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पद्मश्री और तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवार्ड जीतने वाले श्री सत्येन्द्र सिंह लोहिया ने इतिहास रच दिया है। इस शानदार कामयाबी के साथ, वे कुक स्ट्रेट को जीतने वाले एशिया के पहले पैरा स्विमर बन गए हैं। उनकी यह असाधारण कामयाबी देश और मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। श्री सत्येन्द्र सिंह लोहिया के ज़बरदस्त जज़्बा और पक्का इरादा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहेगा।

     

  • पुलिस अधिकारियों की विधिक दक्षता बढ़ाने के लिये मध्‍यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में 2 दिवसीय सेमिनार संपन्न

    पुलिस अधिकारियों की विधिक दक्षता बढ़ाने के लिये मध्‍यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में 2 दिवसीय सेमिनार संपन्न

    भोपाल.

    मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी, भौंरी भोपाल में विगत दिनों अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा सूचना का अधिकार अधिनियम विषयों पर आयोजित 2 दिवसीय सेमिनार का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

    इस सेमिनार का मुख्‍य उद्देश्य अधिकारियों की विधिक समझ को सुदृढ़ करना, संवेदनशील प्रकरणों में विधि अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करना तथा सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी पालन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

    सेमिनार में मध्यप्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाइयों से आए अधिकारियों को अधिनियमों के नवीनतम संशोधनों और माननीय न्यायालयों द्वारा दी गई कानूनी व्याख्याओं से अवगत कराया गया।साथ ही केस स्टडीज के माध्यम से जटिल प्रकरणों के प्रभावी क्रियान्वयन और विधिक प्रक्रियाओं के व्यावहारिक पक्षों पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

    कार्यक्रम के समापन अवसर पर मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के उप निदेशक डॉ.  संजय कुमार अग्रवाल ने प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

     

  • मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थ के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थ के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

    भोपाल.

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, तस्करी एवं खेती के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है। इसी कार्यवाही के परिणामस्वरूप राजगढ़ एवं नीमच जिले में की गई दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयों में पुलिस ने 21 करोड़ 97 लाख रूपए से अधिक के मादक पदार्थ (एमडी ड्रग्‍स एवं अफीम के पौधे) जब्‍त किए है।

    नीमच- 9.76 क्विंटल अवैध अफीम के हरे पौधे जब्‍त — कीमत लगभग 97 लाख 60 हजार रूपए

    जिले की पुलिस चौकी जाट को 11 फरवरी को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्रामलुहारिया जाटमें कपास की फसल की आड़ में अवैध अफीम की खेती की जा रही है। सूचना पर पुलिस द्वारा तकनीकी साधनों एवं ड्रोन सर्चिंग के माध्यम से पुष्टि कर कार्रवाई की गई।पुलिस टीम द्वारा मौके से 11,600 नग हरे पौधे (कुल वजन 09 क्विंटल 76 किलोग्राम) अफीम के पौधे जब्‍त किए गए। कुल बरामद किए गए है। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 97 लाख 60 हजार रुपयेहै। आरोपी के विरूद्ध एनडीपीएस एक्‍ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। 

  • भारत आ रहे ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, एआई इम्पैक्ट समिट में करेंगे शिरकत

    भारत आ रहे ब्राजील के राष्ट्रपति लूला, एआई इम्पैक्ट समिट में करेंगे शिरकत

    नई दिल्ली
    विदेश मंत्रालय ने प्रेस ब्रीफिंग में जानकारी दी कि ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इंसियो लूला दा सिल्वा भारत के दौरे पर पहुंचेंगे। इस दौरान वे एआई-इम्पेक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर राष्ट्रपति लूला यहां पहुंचने वाले हैं। 19-20 फरवरी को एआई इम्पेक्ट समिट का आयोजन होगा, जिसमें ब्राजील के राष्ट्रपति शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय वार्ता 21 फरवरी को होगी। ब्राजील के राष्ट्रपति 21 फरवरी को भारत की प्रथम नागरिक और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, भारत के उपराष्ट्रपति समेत अन्य अधिकारियों से भी उनकी मुलाकात होगी। राष्ट्रपति लूला अपने बिजनेस डेलिगेशन समेत अन्य अधिकारियों के साथ भारत पहुंचेंगे।
    इससे पहले एमईए ने जानकारी दी थी कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी भारत पहुंचने वाले हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों तीन दिवसीय दौरे पर भारत आएंगे। विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मैक्रों 17 से 19 फरवरी तक भारत में रहेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस दौरे के दौरान पीएम मोदी और मैक्रों हॉरिजोन 2047 रोडमैप में बताए गए कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, नेता आपसी फायदे के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे, जिसमें इंडो-पैसिफिक में भी सहयोग शामिल है।
    दोनों नेता भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन का उद्घाटन करने के लिए मुंबई में उपस्थित होंगे। इस इवेंट को दोनों देशों में पूरे साल 2026 तक मनाया जाएगा। राष्ट्रपति मैक्रों 19 फरवरी को नई दिल्ली में एआई इम्पेक्ट समिट में हिस्सा लेंगे।
    एमईए प्रवक्ता ने बताया कि अभी और भी कई अन्य नेता इस समिट में शामिल होने वाले हैं, जिनके बारे में बाद में जानकारी साझा की जाएगी। इसमें दुनिया भर के नेता, नीति बनाने वाले, इंडस्ट्री और एक्सपर्ट शामिल होंगे, ताकि गवर्नेस, नवाचार और स्थिर विकास के लिए एआई की क्षमता को दिखाया जा सके और उस पर चर्चा की जा सके।