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  • भारत ने रचा इतिहास: विश्व कप में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर, चौथी बार 200+ पार

    भारत ने रचा इतिहास: विश्व कप में तीसरा सबसे बड़ा स्कोर, चौथी बार 200+ पार

    नई दिल्ली

    दिल्ली में नामीबिया के खिलाफ भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है।

    भारत ने रचा इतिहास, बनाया विश्व कप का अपना तीसरा सबसे बड़ा स्कोर, चौथी बार छुआ 200+ का आंकड़ा

    टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप ए मैच में भारत ने नामीबिया के खिलाफ रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेलते हुए भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 209/9 का विशाल स्कोर बनाया। यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में मात्र चौथा अवसर है जब भारतीय टीम ने 200 रनों की सीमा को पार किया है। इसी के साथ आज का यह स्कोर (209 रन) इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का तीसरा सबसे बड़ा स्कोर बन गया है। भारतीय बल्लेबाजों ने मैदान के हर कोने में शॉट लगाए और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारतीय टीम इस विश्व कप में कितनी मजबूत स्थिति में है।

    इस मैच में भारत की शुरुआत और अंत दोनों ही धमाकेदार रहे। सलामी बल्लेबाज ईशान किशन ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए मात्र 20 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया और कुल 61 रनों की बेहतरीन पारी खेली। उनके बाद मध्यक्रम में हार्दिक पांड्या ने भी नामीबियाई गेंदबाजों की जमकर खबर ली और 52 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया। हालांकि, नामीबिया के कप्तान गेरहार्ड इरास्मस ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और भारत के 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। भारत की पारी आखिरी के दो ओवरों में लड़खड़ाती हुई नजर आई वरना यहां आंकड़े कुछ और होते और भारतीय टीम और विशाल स्कोर खड़ा करती।

    भारत ने पहली बार 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में 200 से अधिक रन बनाए थे। डरबन के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए उस ऐतिहासिक मैच में भारत ने 218/4 का विशाल स्कोर खड़ा किया था। यह आज भी टी20 वर्ल्ड कप में भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। इसके बाद साल 2021 में अबू धाबी में अफगानिस्तान के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों का बल्ला जमकर बोला था। उस मुकाबले में भारत ने मात्र 2 विकेट खोकर 210 रन बनाए थे, जो इस सूची में दूसरे स्थान पर है। इन दोनों ही मैचों में भारतीय टीम ने विपक्षी गेंदबाजों पर पूरी तरह से दबाव बनाए रखा था और बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी।

    तीसरी बार 200 का आंकड़ा छूने का कारनामा भारत ने पिछले 2024 के वर्ल्ड कप में किया था। ग्रॉस आइलेट में ऑस्ट्रेलिया जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ भारत ने 205/5 रनों का मजबूत स्कोर बनाया था। आज नामीबिया के खिलाफ 209 रन बनाकर भारत चौथी बार 200 का स्कोर बनाने का कारनामा किया है और अपने पिछले उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है। अरुण जेटली स्टेडियम की सपाट पिच और छोटी बाउंड्री का भारतीय बल्लेबाजों ने पूरा फायदा उठाया। संजू सैमसन और सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी ने टीम को और मजबूती प्रदान की।
    टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत के 4 सबसे बड़े स्कोर

    1. 218/4 बनाम इंग्लैंड (डरबन, 2007): यह टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत का अब तक का उच्चतम स्कोर है।

    2. 210/2 बनाम अफगानिस्तान (अबू धाबी, 2021): भारत ने इस मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 200+ का आंकड़ा छुआ था।

    3. 209/9 बनाम नामीबिया (दिल्ली, 2026): आज के मैच में ईशान किशन (61) और हार्दिक पांड्या (52) के अर्धशतकों की बदौलत भारत ने यह स्कोर बनाया।

    4. 205/5 बनाम ऑस्ट्रेलिया (ग्रॉस आइलेट, 2024): पिछले विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने यह धमाकेदार प्रदर्शन किया थ

  • अमेरिका की सख्त चेतावनी: पेरू को चीन के ‘सस्ते कर्ज़’ से सावधान रहने की सलाह, छिपा है बड़ा खतरा

    अमेरिका की सख्त चेतावनी: पेरू को चीन के ‘सस्ते कर्ज़’ से सावधान रहने की सलाह, छिपा है बड़ा खतरा

    वाशिंगटन
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने चिंता जताई है कि चीन लातिन अमेरिकी देश पेरू के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर अपना नियंत्रण मजबूत करके उसकी संप्रभुता को नुकसान पहुंचा रहा है। अमेरिकी की यह चेतावनी पेरू की एक अदालत के उस फैसले के बाद आई है जिसमें एक स्थानीय नियामक ने चीन द्वारा बनाए गए विशाल बंदरगाह की निगरानी को सीमित कर दिया है। पेरू की राजधानी लीमा के उत्तर में चांकाय में स्थित 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर की लागत से स्थापित गहरे पानी का बंदरगाह लातिन अमेरिका में चीन की पकड़ का प्रतीक बन गया है।

    यह बंदरगाह अमेरिका के साथ तनाव का केंद्र बिंदु भी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के पश्चिमी गोलार्ध मामलों के ब्यूरो ने सोशल मीडिया मंच पर कहा कि वह ''उन नवीनतम खबरों से चिंतित है कि पेरू अपने सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक, चांकाय पर नजर रखने में असहाय हो सकता है, जो लालची चीनी मालिकों के अधिकार क्षेत्र में है।'' अमेरिका ने कहा, ''हम पेरू के उसके क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की देखरेख करने के संप्रभु अधिकार का समर्थन करते हैं। इसे इस क्षेत्र और दुनिया के लिए एक सबक के रूप में लें, सस्ते चीनी ऋण की कीमत संप्रभुता से चुकानी पड़ती है।''

    यह चिंता ऐसे समय में सामने आई है जब ट्रंप प्रशासन पश्चिमी गोलार्ध पर अपना वर्चस्व स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। वहीं, चीन लंबे समय से बड़े पैमाने पर ऋण और व्यापार के माध्यम से अपना प्रभाव स्थापित कर रहा है। चीन की सरकार ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी टिप्पणियों को सिरे से खारिज कर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने बृहस्पतिवार को अपनी दैनिक प्रेस वार्ता में कहा, ''चीन चांकाय बंदरगाह के बारे में अमेरिका द्वारा फैलाई जा रही अफवाहों और दुष्प्रचार का कड़ा विरोध करता है और इसकी कड़ी निंदा करता है।''

     

  • 9000 फीट की ऊंचाई पर राजिम कुंभ कल्प का प्रचार

    9000 फीट की ऊंचाई पर राजिम कुंभ कल्प का प्रचार

    रायपुर.

    पर्वतारोहण एवं ट्रैकिंग के क्षेत्र में सक्रिय ग्राम पोंड़, जिला गरियाबंद के युवा खेमराज साहू ने हिमाचल प्रदेश की बर्फीली वादियों में राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार कर जिले एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कुल्लू जिले की सोलंग वैली से पतालसू पीक ट्रैक के दौरान लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर माइनस 6 डिग्री तापमान में तिरंगा एवं छत्तीसगढ़ महतारी की छायाप्रति के साथ मेले का संदेश प्रदर्शित किया।

    उल्लेखनीय है कि पतालसू पीक की कुल ऊंचाई लगभग 13,900 फीट है। 03 फरवरी 2026 को अत्यधिक बर्फबारी एवं प्रतिकूल मौसम के कारण कुल्लू जिला प्रशासन द्वारा ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। निर्धारित मार्ग पर 8 से 10 फीट तक बर्फ जमी होने के बावजूद खेमराज साहू एवं उनके साथियों ने एडवेंचर वैली के प्रशिक्षु माउंटेनियर के मार्गदर्शन में सोलंग वैली से शगाडुग के जंगलों के रास्ते ट्रैकिंग का प्रयास किया।

    सीने तक जमी बर्फ को हटाते हुए एवं कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए लगभग 9000 फीट की ऊंचाई पर उन्होंने सफलतापूर्वक तिरंगा लहराते हुए राजिम कुंभ कल्प मेला 2026 का प्रचार किया। इस अभियान में छत्तीसगढ़ के नितेश अग्रवाल, राजनांदगांव तथा ओड़िशा की प्रवासिनी सहित अन्य साथी शामिल रहे। पूर्व में वर्ष 2023 में खेमराज साहू केदारकंठा (12,500 फीट), उत्तराखंड में भी जिले का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा उनका नाम वर्ल्ड वाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।

  • जिले के अंतिम छोर बोड़ेगाँव पहुँचा ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ सेवा रथ, 137 हितग्राहियों को मिला लाभ

    जिले के अंतिम छोर बोड़ेगाँव पहुँचा ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ सेवा रथ, 137 हितग्राहियों को मिला लाभ

    रायपुर.

    जिले के अंतिम छोर बोड़ेगाँव पहुँचा ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ सेवा रथ, 137 हितग्राहियों को मिला लाभ

    मोहला-मानपुर-चौकी जिले में संचालित ‘सर्विस ऑन व्हील्स’ (दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सेवा रथ) बुधवार को जिले के अंतिम छोर, महाराष्ट्र सीमा से लगे दूरस्थ एवं सीमावर्ती ग्राम बोड़ेगाँव पहुँचा। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से ग्रामीणों में उत्साह का वातावरण देखा गया। पूर्व में जहां शासकीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु ग्रामीणों को दूरस्थ मुख्यालय तक जाना पड़ता था, वहीं अब सेवाएं सीधे गाँव तक पहुँच रही हैं।

    सेवा रथ के माध्यम से दिव्यांगजन एवं वृद्धजनों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। इस दौरान 48 डीएलसी भौतिक सत्यापन, 34 आधार सीडिंग, 32 वय वंदन योजना पंजीयन तथा 23 हितग्राहियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। इस प्रकार कुल 137 हितग्राही लाभान्वित हुए। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे दूरस्थ क्षेत्र के लिए उपयोगी एवं राहतकारी कदम बताया। 

  • पाक खिलाड़ियों की विदेशी जमीन पर किरकिरी! होटल बिल न चुकाने पर सड़क पर भटकते रहे घंटों

    पाक खिलाड़ियों की विदेशी जमीन पर किरकिरी! होटल बिल न चुकाने पर सड़क पर भटकते रहे घंटों

    कैनबरा
    पाकिस्तान हॉकी टीम के सदस्यों को कैनबरा पहुंचने पर कई घंटे सड़क पर ही बिताने पड़े क्योंकि पैसे के अभाव में पाकिस्तान हॉकी महासंघ होटल के बिल का भुगतान नहीं कर सका, जिससे होटल बुकिंग रद्द हो गई। पाकिस्तानी टीम होबर्ट में एफआईएच प्रो लीग के दूसरे चरण के मैच खेलने आस्ट्रेलिया में है। टीम के सूत्रों के अनुसार खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों को घंटों तक सड़क पर रहकर धूल फांकनी पड़ी। एक सूत्र ने बताया ,''खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिये कैनबरा में एक चार सितारा होटल में कमरे बुक किये गए थे । उन्हें बताया गया था कि पाकिस्तान खेल बोर्ड और पीएचएफ ने कैनबरा में उनके रहने के लिये सारे भुगतान कर दिये हैं ।''

    सूत्र ने कहा , ''लेकिन पिछले सप्ताह कैनबरा पहुंचने पर पता चला कि उस होटल में कोई बुकिंग थी ही नहीं । टीम के मुख्य कोच ताहिर जमान टाइम जोन अलग होने के कारण पीएसबी और पीएचएफ अधिकारियों से संपर्क नहीं कर सके ।'' सू्त्र ने कहा ,''ताहिर ने उन्हें इस स्थिति के बारे में बताया कि लाहौर से लंबा सफर करके आये खिलाड़ियों के पास आराम करने की कोई जगह नहीं है ।''

    हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल
    बता दें कि हॉकी पाकिस्तान का राष्ट्रीय खेल है और टीम प्रो लीग में आस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसी शीर्ष टीमों से खेल रही है । सूत्र ने बताया कि कई घंटे बाहर इंतजार करने के बाद होटल प्रबंधन ने खिलाड़ियों को कुछ कमरे दिये । सूत्र ने कहा ,''कमरे उपलब्ध नहीं थे लिहाजा एक ही कमरे में दो तीन खिलाड़ी रूके और अगले दिन आस्ट्रेलिया से मैच खेलने स्टेडियम गए जिसमें 2-3 से पराजय मिली ।''इससे पहले अर्जेंटीना में प्रो लीग के पहले चरण में खिलाड़ियों को दैनिक भत्ते नहीं मिले थे जिससे विदेश में उन्हें पैसों की किल्लत हो गई ।

    सुरक्षा अधिकारियों से झड़प
    कैनबरा में टीम मैनेजर के बिना गई है क्योंकि नियमित मैनेजर और पूर्व ओलंपियन अंजुम सईद को पीएचएफ ने निकाल दिया है ।उन्हें वापिस लौटते समय फ्लाइट में सिगरेट पीते पाया गया और हवाई अड्डे पर सुरक्षा अधिकारियों से उनकी झड़प भी हुई । सूत्र ने बताया कि कैनबरा में कुछ स्थानीय पाकिस्तानी लोगों से संपर्क किया गया जिन्होंने आकर उनकी मदद की । पाकिस्तान प्रो लीग के सभी छह मैच हार चुका है ।

  • उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने दी शुभकामनाएं, उन्नत डेयरी मॉडल अपनाने का आह्वान

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने दी शुभकामनाएं, उन्नत डेयरी मॉडल अपनाने का आह्वान

    रायपुर.

    उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा और वन मंत्री  केदार कश्यप ने दी शुभकामनाएं, उन्नत डेयरी मॉडल अपनाने का आह्वान

    उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप ने आज नया रायपुर स्थित निवास में गुजरात के बनासकांठा जिले के शैक्षणिक भ्रमण पर जा रहे बस्तर संभाग के पशुपालकों और बिहान समूह की दीदियों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने प्रतिभागियों से संवाद कर भ्रमण के उद्देश्य और उससे मिलने वाली संभावित सीख पर चर्चा की।
           
    उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने कहा कि यह भ्रमण केवल देखने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सीखने और उसे अपने क्षेत्र में लागू करने का अवसर है। उन्होंने प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे बनासकांठा के सफल डेयरी सहकारी मॉडल, प्रबंधन प्रणाली और तकनीकी नवाचारों का गंभीर अध्ययन कर बस्तर में दुग्ध उत्पादन एवं आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाने में योगदान दें।
          
    वन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण से उन्नत पशुपालन तकनीक, संतुलित चारा विकास, दुग्ध संकलन एवं प्रसंस्करण प्रणाली, गुणवत्ता नियंत्रण, डेयरी उत्पाद निर्माण और विपणन व्यवस्था का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। सहकारी मॉडल के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण है।
        
    उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से प्रतिभागी गुजरात में बनास डेयरी, अमूल डेयरी तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड सहित विभिन्न डेयरी संस्थानों का अवलोकन करेंगे। बनासकांठा अपनी उत्कृष्ट दुग्ध उत्पादन प्रणाली और मजबूत सहकारी ढांचे के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है।

  • ट्रेड डील पर बदली अमेरिकी शर्तें! ‘साझा समझ’ के बीच क्या हुआ, विदेश मंत्रालय ने खोला राज

    ट्रेड डील पर बदली अमेरिकी शर्तें! ‘साझा समझ’ के बीच क्या हुआ, विदेश मंत्रालय ने खोला राज

    नई दिल्ली
    भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील की चर्चा इन दिनों सभी जगह है। इस डील की फैक्टशीट पर हाल ही में वाइट हाउस द्वारा कुछ बदलाव किए गए थे। अब इन बदलावों पर जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह संशोधन दोनों देशों की आपसी सहमति के बाद हुए हैं। यह दोनों देशों की साझा समझ को भी प्रदर्शित करते हैं।

    मीडिया से बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले पर सरकार का मत सामने रखा। उन्होंने कहा, "दोनों देशों के बीच में पारस्परिक लाभ और व्यापारिक लाभ को ध्यान में रखकर एक अंतरिम समझौते पर सहमति बनी थी। इसे एक संयुक्त बयान के रूप में पेश किया गया था। यही बयान (फैक्टशीट) इस मामले में हमारी समझ का आधार बना हुआ है। अमेरिका की तरफ से इसमें जो भी संशोधन किए गए हैं, वह पूरी तरह से आपसी समझ को प्रदर्शित करते हैं।

    क्या है पूरा मामला?
    लंबी बातचीत और कई दौर की मीटिंग के बाद आखिरकार भारत और अमेरिका के बीच एक समझौते पर मुहर लगी थी। हालांकि, अभी भी इस पर बातचीत जारी है, लेकिन एक संयुक्त बयान जारी कर दिया गया था। यह एक बार 10 फरवरी को फिर चर्चा में आया, जब वाइट हाउस ने इस बयान की फैक्टशीट में बदलाव कर दिया। इस बदलाव के मुताबिक भारत द्वारा जिन अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ कम करने या समाप्त करने की बात पहले कही गई थी, उनमें से कुछ दालों को हटा दिया गया।

    इस संशोधन के पहले वाइट हाउस की आधिकारिक बेवसाइट पर उपलब्ध बयान के मुताबिक कहा गया था कि भारत सभी प्रकार की औद्योगिक वस्तुओं और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर से टैरिफ हटाने या कम करने के लिए सहमत हुआ है।

    इसके अलावा अमेरिका की तरफ से पहले 500 बिलियन डॉलर की खरीद को लेकर भारत के प्रतिबद्ध होने की बात कही गई थी, इसे बाद में संशोधित करके 'इरादा रखता है' वाली बात जोड़ी गई। यानी यह बात भारत के लिए बाध्यकारी न होकर एक आपसी सहमति पर आधारित होगी।

    भारत और अमेरिका व्यापारिक समझौता
    ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से लगातार भारत और अमेरिका के बीच में तनाव बना हुआ था। यह तनाव इतना बढ़ गया कि ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को भी खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दी। अमेरिकी ट्रंप, प्रशासन द्वारा लगातार बनाए गए दबाव के बाद भी सरकार ने किसानों के हितों को ताक पर नहीं रखा। महीनों की वार्ता के बाद आखिरकार दोनों देश एक समझौते पर पहुंचे।

    इस समझौते की तरफ सबसे पहले अमेरिकी राजदूत सर्गियो गोर ने इशारा किया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इसकी जानकारी साझा कर दी। इसके बाद भारत सरकार की तरफ से भी इस पर जानकारी साझा की गई।

  • भारतीय घुड़सवारी महासंघ को आयकर विभाग का झटका, 4.62 करोड़ रुपये का नोटिस जारी

    भारतीय घुड़सवारी महासंघ को आयकर विभाग का झटका, 4.62 करोड़ रुपये का नोटिस जारी

    नई दिल्ली
    आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 156 के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) को पहली बार 4.62 करोड़ रुपये का मांग नोटिस जारी किया है। आधिकारिक दस्तावेजों में यह जानकारी दी गई है।

    ईएफआई को नौ फरवरी, 2026 के नोटिस में कहा गया है कि इस खेल महासंघ को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4,62,18,102 रुपये की राशि भुगतान करनी होगी। ईएफआई के चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा महासंघ के पदाधिकारियों को लिखे गए पत्र के अनुसार, कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करना और उन्हें आयकर विभाग के समक्ष पेश करना जरूरी था।

    इस मामले के संबंध में एक अंतिम संचय प्रमाण पत्र भी तैयार किया गया है, लेकिन ईएफआई के महासचिव कर्नल जयवीर सिंह ने बताया कि ईएफआई कार्यकारी समिति ने दस्तावेज तैयार करने में देरी की जिससे उसे इस स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

    उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों द्वारा विधिवत हस्ताक्षरित यह संचय प्रमाण पत्र आयकर विभाग के पास जमा करना जरूरी था। इस दस्तावेज़ को प्रस्तुत न करने के कारण यह पत्र जारी किया गया है। आयकर नियमों के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार महासंघ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’’

    ‘संचय प्रमाणपत्र’ से तात्पर्य आम तौर पर उस दस्तावेज़ से है जिसे कोई संगठन चालू वर्ष में कर लगाए बिना भविष्य में उपयोग के लिए आय अलग रखने के लिए दाखिल करता है।

    ईएफआई सूत्रों ने यह भी कहा कि कर्नल जगत सिंह के नेतृत्व वाले महासंघ ने अधिनियम की धारा 11 से संबंधित प्रावधानों के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से अनुमोदन हासिल नहीं किया था, जो कुछ विदेशी लेन देन से जुड़े मामलों में जरूरी होता है।

    ईएफआई अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध होने के कारण राष्ट्रीय खेल महासंघ के रूप में संबद्धता शुल्क, भागीदारी राशि और संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के लिए विदेशों में धन भेजता है।

    नोटिस में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर भुगतान न करने पर अधिनियम की धारा 220(2) के तहत प्रत्येक माह एक प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज लगेगा।

    विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि भुगतान न करने पर धारा 221 के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जा सकती है जो सुनवाई का अवसर प्रदान करने के बाद बकाया कर की राशि तक हो सकती है।

    यदि बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जाता है तो अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत वसूली की कार्यवाही भी शुरू की जा सकती है। ईएफआई युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, भारतीय ओलंपिक संघ और अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी निकाय से संबद्ध है।

     

  • छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का 22वां स्थापना दिवस, योजनाओं की समीक्षा और गुणवत्ता पर जोर

    छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का 22वां स्थापना दिवस, योजनाओं की समीक्षा और गुणवत्ता पर जोर

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल ने आज अपना 22वां स्थापना दिवस उत्साहपूर्वक मनाया। राज्य गठन के बाद 12 फरवरी 2004 को मंडल का पुनर्गठन किया गया था। पुनर्गठन के पश्चात अब तक मंडल द्वारा निर्मित लगभग एक लाख आवासों एवं संपत्तियों में से करीब 75 प्रतिशत आवास कमजोर एवं निम्न आय वर्ग के हितग्राहियों के लिए तैयार किए गए हैं।

    स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव और आयुक्त  अवनीश शरण  ने सभी शाखाओं के अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा बैठक ली। अध्यक्ष  सिंह देव ने हाउसिंग बोर्ड परिवार को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए बेहतर कार्य संस्कृति और हितग्राहियों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण आवास उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने सभी संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए उनके प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए।  बैठक में उन्होंने “रिव्यू, रिफॉर्म और रिवोल्यूशन” की कार्यसंस्कृति अपनाने पर बल दिया।

    अध्यक्ष ने बताया कि वर्षों से रिक्त पड़ी संपत्तियों में से 70 प्रतिशत का विक्रय किया जा चुका है। शेष 30 प्रतिशत संपत्तियों के शीघ्र विक्रय के लिए नई नीति तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य भी शामिल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित कॉलोनियों में ऐसे भूखंड, जो मंडल के उपयोग में नहीं हैं या अतिरिक्त रूप में आबंटित किए जा सकते हैं, उनका त्वरित निराकरण किया जाए।

    नई आवासीय योजनाओं के तहत विक्रय हो रहे मकानों की साइट पर एक टिन शेड कार्यालय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, जहां परियोजना से संबंधित सभी जानकारी और ब्रोशर उपलब्ध कराए जाएं।

    मंडल द्वारा हाल ही में 2060 करोड़ रुपये की नई आवासीय योजनाओं का शुभारंभ किया गया है। वर्ष 2025 में 1023.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया, वहीं चालू वर्ष के मात्र 40 दिनों में ही लगभग 200 करोड़ रुपये की संपत्तियों का विक्रय किया जा चुका है।

    आयुक्त  अवनीश शरण ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और समयबद्ध प्रगति बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी शाखाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए, ताकि योजनाओं का लाभ शीघ्रता से आम जनता तक पहुंच सके।

    आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने स्थापना दिवस के अवसर पर मंडल द्वारा कार्यों की समीक्षा को सकारात्मक पहल बताते हुए अध्यक्ष, आयुक्त और पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    समीक्षा बैठक में तकनीकी, विद्युत, लेखा, प्रशासन, संपदा, वास्तु, मार्केटिंग और आईटी शाखाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में अपर आयुक्त  हर्ष कुमार जोशी,  अजीत सिंह पटेल,  एम.डी. पनारिया,  आर.के. राठौर,  एस.के. भगत,  एच.के. वर्मा, मुख्य संपदा अधिकारी  सुनील कुमार सिंह सहित समस्त अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

  • RBI बदलेगा क्रेडिट कार्ड नियम, 4% ब्याज पर बड़े लोन की सुविधा में बदलाव संभव

    RBI बदलेगा क्रेडिट कार्ड नियम, 4% ब्याज पर बड़े लोन की सुविधा में बदलाव संभव

    नई दिल्ली 

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के दिशा-निर्देशों में बदलाव के लिए ड्राफ्ट जारी किया है। इसका मकसद कवरेज का विस्तार, परिचालन प्रक्रियाओं का सरलीकरण और कृषि क्षेत्र की उभरती जरूरतों का ध्यान रखना है। इस ड्राफ्ट पर आम लोग और अन्य हितधारक छह मार्च 2026 तक टिप्पणियां और सुझाव दे सकते हैं।
    होने वाले हैं ये बदलाव

    आरबीआई ने केसीसी लोन की मंजूरी और री-पेमेंट प्रोग्राम में एकरूपता लाने के लिए फसल सत्रों की अवधि को मानकीकृत करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कम अवधि में तैयार होने वाली फसलों को 12 माह के चक्र और लंबी अवधि वाली फसलों को 18 माह के चक्र के रूप में परिभाषित किया गया है। लंबी अवधि की फसलों के चक्र के अनुरूप लोन अवधि तय करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की कुल अवधि छह वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया है। ड्राफ्ट में केसीसी के तहत निकासी सीमा को प्रत्येक फसल सत्र के लिए फसल की अनुमानित लागत के साथ समायोजित करने का सुझाव दिया गया है, ताकि किसानों को वास्तविक खेती लागत के अनुरूप पर्याप्त लोन मिल सके। इसके अलावा, मिट्टी की जांच, वास्तविक समय में मौसम पूर्वानुमान, जैविक एवं उत्तम कृषि पद्धतियों के सर्टिफिकेशन जैसे तकनीकी खर्चों को भी पात्र मद में शामिल किया गया है। ये खर्च कृषि परिसंपत्तियों के मेंटेनेंस के लिए वर्तमान में स्वीकृत 20 प्रतिशत अतिरिक्त के भीतर रखे जाएंगे।
    किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में

    बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड सिर्फ सरकारी बैंक ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय ग्रामीण और कुछ निजी बैंकों से भी मिलता है। इस कार्ड के लिए जमीन का मालिक होना जरूरी नहीं, किरायेदार और शेयरफार्मर भी पात्र हैं। इसके लिए जरूरी दस्तावेज में दो पासपोर्ट साइज के फोटो, राजस्व अधिकारियों द्वारा विधिवत प्रमाणित भूमि जोत का प्रमाण, रकबे के साथ फसल पैटर्न (उगाई जाने वाली फसलें) आदि शामिल हैं।
    शॉर्ट टर्म के लिए कितना लोन

    किसान क्रेडिट कार्ड योजना, किसानों को उनकी विविध वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त और समय पर लोन प्रोवाइड करने के लिए बनाई गई है। यह किसानों को संस्थागत लोन तक आसान पहुंच प्राप्त करने मदद करती है। इसके जरिए कृषि और फसल के बाद के खर्चों के लिए पैसे की उपलब्धता सुनिश्चित किया जा सकता है। संशोधित ब्याज अनुदान योजना (एमआईएसएस) के तहत किसानों को फसल और संबद्ध गतिविधियों के लिए रियायती शॉर्ट टर्म एग्री लोन प्रोवाइड किया जाता है। योजना में 3 लाख रुपये तक के लोन पर 7 प्रतिशत ब्याज दर है। वहीं, समय पर री-पेमेंट के लिए अतिरिक्त 3 प्रतिशत अनुदान के साथ प्रभावी दर को घटकर 4 प्रतिशत हो जाता है। एमआईएसएस में किसान क्रेडिट कार्ड वाले छोटे किसानों के लिए नेगोशिएबल वेयरहाउस रसीदों यानी एनडब्ल्यूआर पर फसल के बाद के लोन भी शामिल हैं।