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  • बांग्लादेश में तारिक रहमान की ताजपोशी: भारत के लिए खतरा या मौका?

    बांग्लादेश में तारिक रहमान की ताजपोशी: भारत के लिए खतरा या मौका?

    ढाका
    पड़ोसी देश की कमान संभालने जा रहे नए नेतृत्व ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' नीति की बात कही है, जो काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से प्रेरित बताई जा रही है। पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक दिन पहले (12 फरवरी को) हुए संसदीय चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारी बहुमत हासिल की है। कुल 299 में से 200 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की है। इन नतीजों से स्पष्ट है कि तारिक रहमान अब बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। तारिक रहमान ने इन चुनावों में जमात-ए-इस्लामी और छात्रों की पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी के गठबंधन को करारी शिकस्त दी है। इस राजनीतिक बदलाव का असर केवल बांग्लादेश तक सीमित नहीं होगा, बल्कि पड़ोसी भारत और क्षेत्रीय भू-राजनीति पर भी इसका साफ असर पड़ सकता है।

    भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद
    भारत ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही बांग्लादेश के नए नेतृत्व को बधाई देकर यह संकेत दिया कि वह संबंधों को फिर से मजबूत करना चाहता है। यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में ठंडापन आ गया था। भारत की नजर में BNP को अक्सर कट्टरपंथी विचारधारा वाली जमात-ए-इस्लामी के मुकाबले ज्यादा लोकतांत्रिक विकल्प माना जाता रहा है।

    बांग्लादेश फर्स्ट नीति और संतुलन की रणनीति
    पड़ोसी देश की कमान संभालने जा रहे नए नेतृत्व ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' नीति की बात कही है, जो काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से प्रेरित बताई जा रही है। इसका मतलब यह हो सकता है कि बांग्लादेश भारत, चीन और पाकिस्तान, तीनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश करेगा। यह भारत के लिए राहत की बात हो सकती है क्योंकि अंतरिम सरकार के दौरान मोहम्मद यूनुस प्रशासन का जोर पाकिस्तान और चीन के साथ नजदीकी बढ़ाने पर रहा था।

    ऐतिहासिक तनाव बनाम व्यावहारिक मजबूरी
    भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 4000 किलोमीटर लंबी सीमा, व्यापार, बिजली आपूर्ति और कनेक्टिविटी जैसे मजबूत संबंध हैं। इसलिए दोनों देशों के लिए सहयोग जरूरी माना जाता है, चाहे दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद क्यों न हों। हालांकि बांग्लादेश की नई युवा पीढ़ी में भारत को लेकर संदेह भी बढ़ा है, खासकर तब से जब शेख हसीना भारत में शरण लेकर रह रही हैं।

    भारत की कूटनीतिक सक्रियता
    दूसरी तरफ, भारत ने पिछले एक साल में BNP नेतृत्व के साथ संबंध सुधारने की कोशिश तेज की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बीमारी के समय समर्थन जताया था। पिछले साल, जब तारिक की मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया हेल्थ प्रॉब्लम से जूझ रही थीं, तो प्रधानमंत्री मोदी ने सबके सामने चिंता जताई और भारत का सपोर्ट ऑफर किया। BNP ने तुरंत शुक्रिया अदा करते हुए इसका जवाब दिया था। कुछ दिनों बाद, खालिदा ज़िया की मौत के बाद, विदेश मंत्री एस जयशंकर 2024 की अशांति के बाद ढाका जाने वाले पहले भारतीय नेता बने और तारिक रहमान से मिले। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पर्सनल लेटर भी उन्हें सौंपा था।

    PM मोदी ने भेजा बधाई संदेश
    शुक्रवार को PM मोदी तारिक रहमान को बधाई देने वाले पहले नेताओं में से एक थे। उन्होंने ट्वीट किया, "मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मज़बूत करने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूँ।" साफ है कि पीएम मोदी ने पुराने कड़वे अतीत को पीछे छोड़ते हुए, सावधानी से द्विपक्षीय संबंधों को तेजी से आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

    बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए क्या संकेत?
    हाल के वर्षों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाओं को लेकर चिंता रही है। ऐसे में ये अटलें लगना स्वाभाविक है कि नए नेतृत्व को लेकर हिन्दुओं के लिए क्या संकेत हैं। दरअसल, रहमान ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि धर्म व्यक्तिगत है लेकिन राज्य सभी नागरिकों का है। अगर तारिक रहमान की यह नीति जमीन पर लागू होती है, तो बांग्लादेश के लगभग 8% हिंदू समुदाय के लिए सुरक्षा और भरोसा बढ़ सकता है।

  • बस्तर की शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध- उपमुख्यमंत्री  शर्मा

    बस्तर की शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध- उपमुख्यमंत्री शर्मा

    रायपुर.

    बस्तर की शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध- उपमुख्यमंत्री  शर्मा

    उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री  विजय शर्मा ने आज गृह एवं जेल विभाग की उपलब्धियों के संबंध में नया रायपुर स्थित संवाद ऑडिटोरियम में पत्रकारों से चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के साथ ही हम एक नई सोच को लेकर कार्य कर रहे हैं। राज्य की क्षमता में विस्तार के लिए नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन अन्तर्गत आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है। दुर्ग एवं बिलासपुर जिले पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर पांचों पिलर्स को एकीकृत कर एक मॉडल जिले के रूप में उभर कर सामने आये हैं। पहले पुलिस को साक्ष्यों को लेकर कई बार समास्याओं का सामना करना पड़ता था अब ई- साक्ष्य के आने से तुरंत साक्ष्य उपलब्ध हो रहे हैं। जिससे पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ा है।

    8 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई
                    
    गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि पुलिस कार्यों के आधुनिकीकरण के लिए सीसीटीएनएस द्वारा मेडलीपार, ई- साक्ष्य, ई -सम्मन, ऑनलाइन एफआईआर, ई- साइन, ई- कोर्ट, ई- श्रुति के द्वारा कार्यों को त्वरित और आसान बनाया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों को न्याय प्राप्ति में आसानी होगी। पुलिस कर्मियों के लिए अब तक किसी प्रकार की बीमा की व्यवस्था नहीं थी, जिस पर ध्यान देते हुए सरकार द्वारा 08 बैंकों के साथ एमओयू कर बिना किसी प्रीमियम के सैलरी अकाउंट पर बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, इसका लाभ छत्तीसगढ़ पुलिस के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है। यह पुलिस कर्मियों के लिये कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके तहत अब तक 15 शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को 16 करोड़ रुपए से अधिक की राशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

    शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण  

    गृह मंत्री ने बताया कि पहले अपराध समीक्षा हाथ से लिखकर उपलब्ध कराया जाता था जो पुलिस विवेचना में देरी होती थी, अब राज्य की अभिनव पहल के रूप में अपराध समीक्षा एप्लीकेशन से पूरे राज्य में दर्ज एफआईआर की निगरानी, समीक्षा एवं विश्लेषण की जा रही है। जहां समय-सीमा में अपराधों का विवेचना के साथ वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित रूप इसका पर्यवेक्षण किया जा रहा है जिससे जवाबदेहिता सुनिश्चित हो रही है और हर स्तर पर उसकी निगरानी की जा रही है।  उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय में विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु ऑनलाईन कम्पलेंट मैंनेजमेंट पोर्टल का निर्माण किया गया है। पूर्व में  शिकायतों को संबंधित जिलों में डाक के माध्यम से प्रेषित किया जाता था और जिलों के द्वारा भी संबंधित शिकायतों का जांच प्रतिवेदन डाक के माध्यम से ही मुख्यालय को प्राप्त होता था। इस पोर्टल के निर्माण से इस प्रक्रिया को ऑनलाईन किया गया है, जिससे संसाधनों व समय की बचत के साथ-साथ शिकायतों का निराकरण किया जा रहा है। शिकायतों के त्वरित निराकरण से पुलिस की छवि में सुधार तथा पीड़ितों को राहत मिल रहा है।

    अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन

    गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अवैध प्रवासियों की पहचान कर विशेष टास्क फोर्स का गठन द्वारा उनकी गिरफ्तारी एवं विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत उन पर कार्रवाई करते हुए 34 लोगों को देश से निष्कासित करने का भी कार्य किया गया है। विचाराधीन लोगों के लिए होल्डिंग सेंटर भी बनाये गए हैं जहां उनकी जांच कर नियमानुसार प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा एंटी टेरीरिस्ट स्क्वाड को भी क्रियाशील करने का कार्य किया है जहां बनने के बाद से अब तक इसमें कोई केस दर्ज नहीं हुआ था वर्ष 2025 में इसके द्वारा पहली बार कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि धर्मांतरण के मामलों पर सरकार विशेष ध्यान देते हुए इन्हें रोकने के लिए संलग्न लोगों पर कार्रवाई कर रही है सरकार बनने के 23 वर्षों में जितने मामले दर्ज हुए थे उससे दोगुने मामले पिछले 2 वर्षों में दर्ज किए गए हैं।

    गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम

    गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि प्रदेश में गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार की रोकथाम हेतु पुलिस द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है, जिसमें गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के प्रकरण दर्ज कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इनमें प्रयुक्त वाहनों को जप्त कर 142 वाहनों को राजसात कर 27 वाहनों की नीलामी भी की जा चुकी है। देश में पहली बार गौवंश वध, परिवहन एवं व्यापार के आदतन आरोपियों की सूची बनाई गई है और उनपर गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 19 पर निगरानी भी खोलकर सतत् निगरानी की जा रही है।

    राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध सख्त कार्रवाई 

    शर्मा ने बताया कि राज्य में नशे के व्यापार के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए एनडीपीएस एक्ट के तहत लगातार कार्य किया जा रहा है। आदतन आरोपी के विरूद्ध निरोधक आदेश जारी कर एनडीपीएसए के वित्तीय जांच कर नशे के व्यापारियों की वित्तीय आधार खत्म करने के लिए उनकी सम्पत्ति जब्त कर उसे नीलाम करने का भी कार्य किया जा रहा है। इसके साथ ही गांजा, नशीली दवाइयों, एमडीएमए, हेरोईन, ब्राउन शुगर, डोडा को नष्टीकरण करने का कार्य किया गया है एवं संलग्न वाहनों की नीलामी भी की जा रही है।

    अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग को रोकने का भी कार्य        

    गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि साइबर अपराधियों के विरूद्ध तीव्र गति से कार्रवाई के करते हुए ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों के खातों को सीज करने के साथ फर्जी सिम जारी करने वाले पीओएस पर भी अपराध पंजीबद्ध कर 165 संचालको की गिरफ्तारी की कार्यवाही की गई है साथ ही म्यूल खातों पर कार्यवाही करते हुये अपराध पंजीबद्ध कर बैंक कर्मचारियों की गिरफ्तारी भी की गई है। राज्य में संचालित अनाधिकृत ऑनलाईन गैम्बलिंग प्लेटफार्म पर पहली बार कार्रवाई करते हुए 255 ऑनलाइन लिंक्स और पोर्टल्स को रोकने का भी कार्य किया गया है। साइबर सुरक्षा के लिए रायगढ़, कोरबा, राजनांदगाँव, कबीरधाम, महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, जशपुर एवं धमतरी में साइबर थानों का संचालन प्रारंभ किया गया।

    लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों के लिए कोई स्थान नही

    नक्सलवाद के अंत के संबंध में उपमुख्यमंत्री  शर्मा ने स्पष्ट किया की शासन बस्तर में शांति के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 का दिन निर्धारित है, जिस पर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार अडिग है। लोकतंत्र में बंदूक दिखा कर भय और हिंसा फैलाने वालों का कोई स्थान नहीं है। शासन का प्रयास है अधिक से अधिक माओवादियों का पुनर्वास कराया जाए, इसका प्रभाव है कि राज्य में नक्सल ऑपरेशन में न्यूट्रलाइसड किए गए माओवादियों की संख्या से कई गुना अधिक लोगों ने पुनर्वास का रास्ता चुना है। इसके लिए लगातार सरकार द्वारा रेडियो एवं अन्य माध्यमों से पुनर्वास हेतु संदेश जारी किए थे, इसमें बस्तर के पत्रकार साथियों एवं समाज प्रमुखों का भी बहुत सहयोग प्राप्त हुआ है जो सराहनीय है। उन्होंने बस्तर के समाज प्रमुख गणेश माड़वी के योगदान की विशेषतः रेखांकित किया।

    दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त किया घोषित

    शर्मा ने बताया कि पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं, इसमें उन्हें आजीविका मूलक प्रशिक्षण देने के साथ उन्हें शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। उन्हें 5जी मोबाइल फोन, विभिन्न स्थानों पर शैक्षणिक भ्रमण भी कराया जा रहा है। जेल में नक्सल प्रकरण में निरुद्ध लोगों के पुनर्वास के लिए उनके परिजनों के माध्यम से उन्हें जेल से पुनर्वास करने की अपील की जा रही है उन्हें पे रोल पर ले जा कर पुनर्वास केंद्रों का भ्रमण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे पुनर्वासित युवा जिनका विवाह नहीं हुआ था, उनका भी सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलवद पंचायत योजना के तहत अब तक दो पंचायतों ने स्वयं को नक्सल मुक्त घोषित भी किया है। पिछले 2 वर्षों में कई पोलित ब्यूरो सदस्य, केंद्रीय कमेटी सदस्य, स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य के द्वारा पुनर्वास के साथ कई नक्सल नेताओं को न्यूट्रलाइस भी किया गया है।

    बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन       
    गृह मंत्री  शर्मा ने बताया कि जेलों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर राज्य की चार केन्द्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आई.एस.ओ. प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है। युवा बंदियों को सकारात्मक रचनात्मक रूझान प्रदान करने के लिए केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में सरगुजा स्कूल ऑफ ऑर्ट्स की स्थापना की गई है। इसमें युवा बंदियों को ड्राईंग, पेंटिंग, योग इत्यादि कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बंदियों को मनोरंजन तथा सकारात्मक शिक्षा प्रदान करने हेतु केन्द्रीय जेल रायपुर में उमंग-तरंग नाम से रेडियो स्टेशन का संचालन किया जा रहा है। बंदियों के कौशल विकास एवं पुनर्वास हेतु जेलों में नवीन उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिसमें मसाला उद्योग, ऑयल एक्सट्रेक्शन उद्योग, एलईडी बल्ब, पेट्रोल पंप का संचालन सम्मिलित हैं। इस अवसर पर एसीएस गृह  मनोज पिंगुआ, डीजी जेल  हिमांशु गुप्ता, सचिव  हिमशिखर गुप्ता, एडीजी  अमित कुमार, एडीजी  एसआरपी कल्लूरी, एडीजी  विवेकानंद, एडीजी  प्रदीप गुप्ता, आईजी  ध्रुव गुप्ता उपस्थित रहे।

  • हिमाचल में पंचायत-निकाय चुनाव टालना अब नामुमकिन, सुप्रीम कोर्ट ने तय की सख्त डेडलाइन

    हिमाचल में पंचायत-निकाय चुनाव टालना अब नामुमकिन, सुप्रीम कोर्ट ने तय की सख्त डेडलाइन

    हिमाचल
    सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश सरकार को आंशिक राहत देते हुए राज्य में पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की अंतिम समय-सीमा 31 मई 2026 तय कर दी है। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि संशोधित कार्यक्रम के अनुसार पूरी चुनाव प्रक्रिया हर हाल में 31 मई तक पूरी की जाए और इसमें किसी तरह की अनिश्चित देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

    मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। राज्य सरकार ने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी थी। इसमें 30 अप्रैल 2026 तक चुनाव संपन्न कराने की समय-सीमा तय की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए चुनाव की अंतिम तारीख 31 मई कर दी, लेकिन यह भी साफ किया कि आरक्षण रोस्टर 31 मार्च 2026 तक हर हाल में अंतिम रूप देकर लागू किया जाए। अदालत ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अनिश्चित काल तक टाला नहीं जा सकता और प्रशासनिक कठिनाइयों के बावजूद तय समय-सीमा के भीतर चुनाव कराना राज्य की जिम्मेदारी है।

    राज्य सरकार ने क्या दलील दीं?
    सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने दलील दी कि इस बार कड़ी सर्दी, भारी बर्फबारी, कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क टूटने और दूरदराज जनजातीय इलाकों में आवागमन बाधित रहने के कारण जमीनी स्तर पर चुनाव की तैयारियां समय पर पूरी करना मुश्किल हो रहा था। सरकार ने यह भी कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा तय समय-सीमा में आरक्षण की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध नहीं था।

    राज्य सरकार ने यह भी प्रश्न उठाया कि आपदा जैसी परिस्थितियों में आपदा प्रबंधन कानून के प्रावधानों के तहत चुनाव प्रक्रिया को सीमित अवधि के लिए स्थगित करने की कितनी अनुमति है। हालांकि अदालत ने राज्य की दलीलों को सीमित रूप से स्वीकार करते हुए स्पष्ट किया कि संवैधानिक संस्थाओं के चुनाव तय समय के भीतर कराना अनिवार्य है और इन्हें अनिश्चित काल तक टालना उचित नहीं है।अदालत के इस आदेश के बाद अब ध्यान राज्य निर्वाचन आयोग पर रहेगा, जिसे संशोधित कार्यक्रम के अनुसार 31 मार्च तक आरक्षण प्रक्रिया पूरी करनी होगी और 31 मई 2026 तक पंचायत और नगर निकाय चुनाव संपन्न कराने होंगे।

    जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपी
    गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद प्रदेश की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दी गई है। राज्य सरकार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके अनुसार एक फरवरी से पंचायतों की सभी शक्तियां प्रशासकों के पास हैं।

    कार्यकाल पूरा हो चुका है
    सरकार की अधिसूचना के अनुसार अधिकांश पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल पूरा हो गया है, हालांकि लाहौल-स्पीति जिले के केलांग उपमंडल की पंचायतों, चंबा जिले के पांगी उपमंडल की पंचायतों और कुल्लू जिले की चार ग्राम पंचायतों को फिलहाल इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। समय पर चुनाव न हो पाने के कारण यह अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई है।

    समितियों का गठन किया गया है
    राज्य सरकार ने पंचायतों के संचालन के लिए समितियों का गठन किया है। इनमें ग्राम पंचायत स्तर पर खंड विकास अधिकारी को अध्यक्ष और पंचायत सचिव को सदस्य सचिव बनाया गया है। पंचायत समितियों और जिला परिषदों में भी संबंधित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों को सदस्य और सदस्य सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे प्रशासनिक और वित्तीय कार्य बिना बाधा जारी रह सकें।

  • राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने ग्राम बैहाटोला में 25 लाख लागत के मंगल भवन का किया भूमिपूजन

    राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने ग्राम बैहाटोला में 25 लाख लागत के मंगल भवन का किया भूमिपूजन

    अनूपपुर. 

    मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  दिलीप जायसवाल ने आज जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत बैहाटोला में 25 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले मंगल भवन का भूमिपूजन किया।

    इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सामाजिक, सांस्कृतिक, वैवाहिक तथा सामुदायिक आयोजनों के लिए एक सुलभ, सुव्यवस्थित एवं सर्वसुविधायुक्त स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस भवन का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कहा कि यह मंगल भवन विशेष रूप से कम आय वर्ग के नागरिकों को कम खर्च में आयोजन की सुविधा प्रदान करेगा। इससे सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी। ऐसे सामुदायिक भवन समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए समारोहों को अधिक सुविधाजनक, किफायती एवं व्यवस्थित बनाकर जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होंगे।

    राज्यमंत्री  जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक पात्र हितग्राही को सीधे लाभान्वित कर रही है। किसानों के कल्याण हेतु बिना ब्याज के ऋण उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा रही है। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि स्थानीय मांगों की पूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

    इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मती ममता मिश्रा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

     

  • आयुष्मान कार्ड योजना गरीबों के लिए वरदान- राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल

    आयुष्मान कार्ड योजना गरीबों के लिए वरदान- राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल

    अनूपपुर.

    मध्य प्रदेश शासन की कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर एवं संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत एवं मध्य प्रदेश को विकसित बनाने का सपना प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा देखा गया है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए नागरिकों का स्वस्थ होना अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से आयुष्मान कार्ड योजना लागू की गई है, जो गरीब एवं जरूरतमंद वर्ग के लिए वरदान साबित हो रही है। योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में उपलब्ध कराया जाता है। राज्यमंत्री श्री जायसवाल कोतमा में निजी स्वास्थ्य संस्थान द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर को संबोधित कर रहे थे।

    राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मानवता की सेवा ही सच्ची सेवा है। केंद्र एवं राज्य सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर का परम कर्तव्य है कि मरीज अपनी पीड़ा लेकर आए और उपचार के पश्चात स्वस्थ एवं संतुष्ट होकर वापस जाए, यही चिकित्सक की वास्तविक उपलब्धि होती है।

    राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एयर एम्बुलेंस योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का लाभ डॉक्टर की अनुशंसा एवं कलेक्टर के प्रतिवेदन के आधार पर पात्र हितग्राहियों को सरलता से उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि कोतमा के विश्वनाथ गोस्वामी सहित अन्य हितग्राही भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।

    राज्यमंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि शहडोल संभाग में वर्तमान समय में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। संभाग में मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, जहां 24 घंटे चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, सभी इन सेवाओं का लाभ लें और स्वस्थ रहें।

    स्वास्थ्य शिविर में 518 मरीजों ने लिया निःशुल्क उपचार का लाभ* 

    राज्य मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने स्वास्थ्य शिविर के दौरान दंत चिकित्सा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, नेत्र परीक्षण एवं जनरल चेकअप सहित विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं उपचार व्यवस्थाओं की जानकारी ली और व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। प्रभारी मंत्री ने स्वयं भी बीपी एवं शुगर का भी जांच कराया। शिविर में लगभग 518 लोगों ने पंजीयन कराकर निःशुल्क परीक्षण एवं उपचार का लाभ प्राप्त किया।

    शिविर में उपाध्यक्ष जनपद पंचायत कोतमा श्री अभिषेक सिंह, नगर पालिका परिषद कोतमा के पार्षद राजेंद्र सोनी सहित श्री पुष्पेंद्र जैन, श्री  हनुमान गर्ग सहित जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय जन उपस्थित थे।

  • 20 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत

    20 हजार से अधिक किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये कराया पंजीयन : मंत्री राजपूत

    भोपाल
    रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 20 हजार 98 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। किसान 7 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन अवश्य करा लें। उन्होंने बताया है कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। कुल 3186 पंजीयन केन्द्र बनाये गए हैं। केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो गत वर्ष से 160 रूपये अधिक है।

    मंत्री राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 4084, उज्जैन में 9524, ग्वालियर में 476, चम्बल में 123, जबलपुर में 788, नर्मदापुरम में 900, भोपाल में 3602, रीवा में 68, शहडोल में 83 और सागर में 450 किसानों ने पंजीयन कराया है।

    पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था
    पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्र पर की गई है।

    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था
    पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है।

    किसानों को करें एसएमएस
    खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया है कि विगत रबी एवं खरीफ के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में डोंडी पिटवाकर ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर पंजीयन सूचना प्रदर्शित कराने तथा समिति/ मंडी स्तर पर बैनर लगवाने के निर्देश भी दिये गये हैं।

     

  • PM ऑफिस का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखने के प्रस्ताव पर AAP का तंज, कहा– लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर पूजा करें

    PM ऑफिस का नाम ‘सेवा तीर्थ’ रखने के प्रस्ताव पर AAP का तंज, कहा– लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर पूजा करें

    नई दिल्ली 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ करने पर आप नेता संजय सिंह ने तंज कसा है। कहा कि नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 साल में कोई काम तो नहीं किया है, लेकिन अब अपने कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखकर बता दिया कि वह भगवान का अवतार हैं। लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर आएं और उनकी पूजा करें।

    लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर उनकी पूजा करें, PM ऑफिस का नाम सेवा तीर्थ करने पर AAP नेता का तंज

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ करने पर आप नेता संजय सिंह ने तंज कसा है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने पिछले 12 साल में कोई काम तो नहीं किया है, लेकिन अब अपने कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखकर उन्होंने बता दिया कि वह भगवान का अवतार हैं। लोग नारियल-अगरबत्ती लेकर आएं और उनकी पूजा करें। आप सांसद ने कहा कि पिछले 12 साल में देश की जनता को ना महंगाई से राहत मिली और ना ही युवाओं को रोजगार मिला है। मोदी जी सिर्फ इमारतें बनवा रहे हैं, लेकिन उन इमारतों में कोई काम नहीं हो रहा है।
    वो जहां बैठेंगे वहां लोग तीर्थ के रूप में जाएंगे

    आप नेता ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि सेवा तीर्थ का मतलब है कि वे भगवान का अवतार हैं, आम इंसान तो हैं नहीं। वो जहां बैठेंगे वहां लोग तीर्थ के रूप में जाएंगे। काम-धाम तो कुछ होना नहीं है। 12 साल हो गया ना 24 करोड़ रोजगार मिला नौजवानों को, ना काला धन आया, ना 15 लाख मिला और ना 15 अगस्त 2022 तक सबको पक्का मकान मिला।

    आप सांसद ने कहा कि मोदी जी किस प्रकार से देश की सेवा कर रहे हैं, यह एक बड़ा सवालिया निशान है। बाकी वो अपने आप को अवतार मानते हैं। नॉन बाइलॉजिकल हैं। जहां वो बैठेंगे वह तीर्थ स्थान ही माना जाएगा। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। मैं तो समझता हूं कि लोग नारियल लेकर जाएं उनके पास।
    12 साल में तो हमें कुछ दिखता नहीं

    सारे मंत्रालयों के लिए एक ही कर्तव्य भवन बनाने के सवाल पर संजय सिंह ने कहा कि कर्तव्य क्या हो रहा है। कर्तव्य भवन बना लीजिए, सेवा तीर्थ बना लीजिए, लोगों से कहिए कि नारियल-अगरबत्ती लेकर आएं, लेकिन काम क्या हो रहा है। काम तो बताइए। आपने हर साल 2 करोड़ नौकरी देने को कहा था, किसानों की आमदनी दोगुनी करने की बात कही थी, काला धन आएगा और 15 लाख मिलेगा, आपने कहा था कि 15 अगस्त 2022 तक सबको पक्का मकान मिलेगा।

    आप नेता ने कहा कि काम क्या हो रहा है। सेवा क्या हो रहा है आपके माध्यम से। क्या कर रहे हैं आप। आप पूंजीपतियों की सेवा कर रहे हैं। बड़े-बड़े लोगों को, अंबानी और अडाणी को करोड़ों कमवा रहे हैं। इमारते बनवाने से थोड़े ही न काम होगा। 12 साल में तो हमें कुछ दिखता नहीं है कि काम हो रहा है।
    वंदे मातरम् से इनका कोई लेना-देना नहीं

    वंदे मातरम् पर उन्होंने कहा कि इससे उनका लेना-देना क्या है। क्या इनके पुरखों ने कभी वंदे मातरम् गाकर जेल काटी है। क्या अंग्रेजों ने कभी उन पर धारा लगाई है। मैंने आरएसएस के चार लोगों के नाम पूछे थे जो वंदे मातरम् गाकर जेल गए थे, आज तक वे नहीं बता सके। वंदे मातरम् से इनका कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल, एक नई चीज परोसी जा रही है, ताकि लोग पुरानी चीजें भूल जाएं। वंदे मातरम् आप दिनभर गाते रहिए, हमें कोई परेशानी नहीं है।

    आप नेता ने सवाल किया कि वंदे मातरम् देश के कितने लोगों को आती है। उन्होंने कहा कि इस देश के 99 प्रतिशत लोगों को पूरा वंदे मातरम् नहीं आती, तो क्या वे देशभक्त नहीं हैं। जो हमारा मजदूर है, रिक्शे वाला है, ऑटो वाला है, क्या वो देशभक्त नहीं है।
    ये सब सिर्फ बंगाल के चुनाव के लिए हो रहा

    संजय सिंह ने कहा कि भाजपा का एक काला इतिहास है जो देश के लोगों को जानना चाहिए। भाजपा ने नागपुर के मुख्यालय पर 52 साल तक तिरंगा झंडा नहीं फहराया, जो इनकी मातृ संस्था है आरएसएस। दूसरा इनका काला इतिहास है कि 28 दिसंबर 1949 में पांचजन्य में एक लेख छपा है जिसमें राष्ट्र गान जन-मन-गण को मनोरंजन का एक चीज बताया गया है। तो क्या भाजपा अपने पूर्वजों के इन गुनाहों के लिए देश से माफी मांगेगी। आप नेता ने कहा कि ये सब सिर्फ बंगाल के चुनाव के लिए हो रहा है, जिसे देश की जनता को समझ जाना चाहिए।

  • महाराष्ट्र से मोटरसाइकिल पर गांजा ला रहा तस्कर गिरफ्तार, गांव ले जाते समय पुलिस ने दबोचा

    महाराष्ट्र से मोटरसाइकिल पर गांजा ला रहा तस्कर गिरफ्तार, गांव ले जाते समय पुलिस ने दबोचा

    पखांजूर

    पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा का अवैध परिवहन कर रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में “नशा मुक्त अभियान” के तहत की गई.

    थाना पखांजूर पुलिस को गुरुवार को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पीव्ही 21 दुर्गापुर निवासी गुरूपद विश्वास (33 वर्ष) बिना नंबर की लाल-काले रंग की एचएफ डिलक्स मोटरसाइकिल में गांजा छुपाकर महाराष्ट्र की ओर से ग्राम पेनकोडों मार्ग होते हुए अपने गांव की ओर आ रहा है. एएसआई बिन्दुलता देवांगन के नेतृत्व में गठित टीम ने ग्राम पीव्ही 37 रूपनगर चौक तिराहा मेन रोड पर घेराबंदी कर संदेही को रोका.

    तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल की डिक्की में एक पिंक रंग के फूलदार झोले के अंदर प्लास्टिक में पैक 885 ग्राम गांजा, एक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन तथा एक मोबाइल फोन बरामद किया गया. आरोपी के विरुद्ध NDPS Act की धारा 20(b)(ii)(A) के तहत अपराध क्रमांक 34/2026 पंजीबद्ध कर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आरोपी को न्यायिक रिमांड पर कांकेर जेल भेज दिया गया.

  • अयोध्या कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी, हड़कंप; सर्च ऑपरेशन जारी

    अयोध्या कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी, हड़कंप; सर्च ऑपरेशन जारी

    अयोध्या  
    राम नगरी अयोध्या में कचहरी को बम से उड़ाए जाने की धमकी से शुक्रवार की दोपहर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोपहर पौने एक बजे सूचना पर मौके पर बड़ी संख्या में फोर्स पहुंच गई। कचहरी को खाली कर कर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बमरोधी दस्ते, स्नेफर डॉग्स के साथ सर्च अभियान में शामिल है।वरिष्ठ अफसर ने मौके पर पहुंचकर सभी अदालतों एवं अधिवक्ताओं के के बस्ते को खाली करा लिया।लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल किसी तरह की कोई अप्रिय सूचना नहीं मिली है। एक फोटो स्टेट की दुकान के पास लावारिस झोले को भी चेक किया गया।

     

  • बिजली दरों पर निर्णय से पहले जनता की सुनेगा विद्युत नियामक आयोग, 17–18 फरवरी को जनसुनवाई

    बिजली दरों पर निर्णय से पहले जनता की सुनेगा विद्युत नियामक आयोग, 17–18 फरवरी को जनसुनवाई

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने राज्य की बिजली कंपनियों की ओर से दायर याचिकाओं पर जनसुनवाई का कार्यक्रम जारी किया है। आयोग से प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत पारेषण कंपनी लिमिटेड, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड एवं छत्तीसगढ़ राज्य भार पोषण केंद्र द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के ट्रूअप, वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR), टैरिफ निर्धारण और पूंजीगत निवेश योजना के अनुमोदन से संबंधित याचिकाओं पर क्षेत्रीय स्तर पर दो दिन ऑनलाइन जनसुनवाई आयोजित की जाएगी।

    आयोग ने बताया कि याचिकाओं का सारांश पूर्व में समाचार पत्रों और आयोग की वेबसाइट www.cserc.gov. in पर प्रकाशित किया जा चुका है। इच्छुक उपभोक्ता और हितधारक निर्धारित तिथियों पर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से सुनवाई में भाग ले सकते हैं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 17 फरवरी को दुर्ग (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), बिलासपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और राजनांदगांव (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जनसुनवाई होगी।

    वहीं 18 फरवरी को अंबिकापुर (प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक), जगदलपुर (दोपहर 12:00 से 01:30 बजे तक) और रायगढ़ (दोपहर 03:00 से 04:30 बजे तक) में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। आयोग ने उपभोक्ताओं, जन-प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से जनसुनवाई में सक्रिय भागीदारी की अपील की है, ताकि टैरिफ निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।