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  • जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनगणना प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ-साथ भविष्य की दिशा तय करने का है अभियान
    प्रधानमंत्री मोदी ने लिया डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला
    कलेक्टर-कमिश्नर्स समय-सीमा में पूर्ण करें जनगणना कार्य
    जनगणना में मजरों-टोलों का भी किया जाए आंकलन
    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डाटा प्रक्रिया है। जनगणना के आधार पर सरकार की योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण तय होता है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति तैयार होती है। आज भारत विश्व का सर्वाधिक आबादी वाला राष्ट्र है। यह जनगणना केवल राष्ट्रीय नहीं बल्कि वैश्विक महत्व की भी है। जनगणना का कार्य केवल प्रशासनिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं है बल्कि यह भारत के भविष्य की दिशा तय करने वाला सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनगणना-2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सम्मेलन में जनगणना-2027 की प्रक्रिया पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सत्र में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, रजिस्ट्रॉर जनरल तथा जनगणना आयुक्त श्री मृत्युंजय कुमार नारायण, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे। सम्मेलन में प्रदेश के सभी संभागायुक्त, कलेक्टर्स, नगर निगम आयुक्त तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी सम्मिलित हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने डिजिटल जनगणना कराने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। देश में आखिरी बार वर्ष 1931 में सामाजिक स्तर की जनगणना की गई थी। उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया में गांवों, मजरों-टोलों के साथ-साथ बेचिराग गांवों की स्थिति के आंकलन की व्यवस्था करने की भी आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क, अस्पताल, स्कूल एवं अन्य कार्यों की योजनाएं जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही बनाई जाती हैं। जनगणना केवल संख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं है, यह राज्य की संवेदनशीलता, प्रशासन की विश्वसनीयता, प्रतिबद्धता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है। प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की चुनौतियां भिन्न हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष रणनीति अपनाते हुए समयबद्ध रूप से जनगणना की जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया की सफलता का केन्द्र मैदानी प्रशासनिक अधिकारी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स और कमिश्नर्स से जनगणना कार्य को रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करते हुए जनगणना के सभी उद्देश्यों की समय सीमा में पूर्ति करने का आह्वान किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मेलन में उपस्थित प्रदेश के सभी कमिश्नर-कलेक्टरों से कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से प्रारंभ होकर 6 मार्च तक चलेगा। उन्होंने आगामी महाशिवरात्रि और होली जैसे त्यौहारों के दृष्टिगत शांति समितियों के साथ बैठक कर अन्य आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने में जन भावनाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। नागरिकों के स्वास्थ्य की दृष्टि से मिलावटी मिठाई, रंगों में मिलावट एवं अन्य खाद्य पदार्थों की जांच के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। होली के त्यौहार में सामाजिक समरसता सुनिश्चित हो। प्रदेश में जल संरचनाओं के निर्माण में मुआवजे के प्रकरणों का निराकरण संवेदनशीलता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें विकास के साथ-साथ जनभावनाओं का ध्यान भी रखना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावांतर योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी-रामजी योजना के क्रियान्वयन के लिए बेहतर प्रबंध किए जाएं। राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में घोषित किया है। किसानों से जुड़ी सभी योजनाओं और कार्यों के लिए उचित प्रबंध किए जाएं। ग्रीष्मकालीन फसलों में राज्य सरकार उड़द और मूंगफली के उत्पादन को प्रोत्साहित करने की योजना बना रही है। मक्का की फसलों से भी किसान लाभान्वित हो रहे हैं। नरवाई जलाने की घटनाओं को शून्य करने में विभिन्न जिले स्वस्थ प्रतिस्पर्धा रखें। प्रदेश में दलहन-तिलहन उत्पादन को बढ़ाने के लिए कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनिज, पंजीयन, आबकारी के अंतर्गत राजस्व संग्रहण लक्ष्यों को प्राप्त करना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि चुनाव और जनगणना को प्रशासनिक व्यवस्था का सबसे कठिन कार्य माना जाता है। देश में हर 10 साल में जनगणना होती है। प्रशासनिक अधिकारियों के लिए जनगणना, अपनी प्रबंधन दक्षता को सिद्ध करने और अपने अनुभवों का समृद्ध करने का श्रेष्ठ अवसर है। इस बार तकनीक के बेहतर उपयोग से जनगणना के आंकड़े डिजिटल व्यवस्था के परिणामस्वरूप जल्दी आएंगे। मध्यप्रदेश विविधता से समृद्ध राज्य है। यहां करीब 1 लाख 27 हजार मजरे-टोले हैं, अगर मकानों की गणना के पत्रक में एक कॉलम मजरे टोले का रखा जाए, तो इससे राज्य सरकार को भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी। जीआईएस सिस्टम से महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी। अगर आंकड़े सही तरीके से फीड किए जाएंगे तो जनगणना का परिणाम बेहतर मिलेगा। यह नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे अपनी सही जानकारियां फील्ड अधिकारियों को उपलब्ध कराएं। 

  • कल है साल का पहला शनि प्रदोष व्रत, इन उपायों से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव होगा कम

    कल है साल का पहला शनि प्रदोष व्रत, इन उपायों से साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव होगा कम

    सनातन धर्म में प्रदोष का व्रत बहुत विशेष महत्व माना जाता है. ये व्रत हर माह में दो बार कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन पड़ता है. प्रदोष का व्रत देवों के देव महादेव को समर्पित किया गया है. प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है. इस दिन व्रत और पूजन से महादेव की विशेष कृपा मिलती है.

    प्रदोष व्रत जिस दिन होता है, उस दिन जो वार पड़ता है उसी के नाम से प्रदोष व्रत जाना जाता है. जब शनिवार को प्रदोष व्रत होता है, तो इसे शनि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाता है. शनि प्रदोष को शनि त्रयोदशी भी कहा जाता है. कल यानी 14 फरवरी को साल का पहला शनि प्रदोष व्रत रखा जाएगा. इस दिन महादेव के साथ-साथ शनि देव की भी पूजा की जाती है. साथ ही शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं.

    शनि प्रदोष व्रत पर साढ़ेसाती और ढैय्या के उपाय

        वैदिक ज्योतिष के अनुसार, काले और गहरे नीले रंग की वस्तुओं और पदार्थों को शनि देव से संबंधित माना गया है. ज्योतिषियों के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत के दिन या कहें कि शनि त्रयोदशी पर शनि देव को उड़द की दाल और लोहे की कील चढ़ाएं. इससे साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में कमी आती है.
        इस दिन शनिदेव के बीज मन्त्र ॐ शं शनिश्चराय नमः का जप करें. कम से कम 30 माला का जप करें. इससे शीघ्र ही जीवन के दुखों का नाश होगा.
        इस दिन लोहे का पात्र लें और उसमें सरसों तेल भरें. इसके बाद उसमें एक लाल रंग का फूल रखें. इस पात्र को घर के मध्य भाग यानी ब्रह्म स्थान पर रखें. इससे घर में सकारात्मक उर्जा बढ़ती है.
        इस दिन पीपल के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं. शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं.
        शनिवार को हनुमान जी की विशेष पूजा-आराधना करें. ऐसा करने से हर प्रकार का शनि दोष दूर होता है.

     

  • एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में ऐश्वर्य का जलवा, 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में जीता गोल्ड

    एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में ऐश्वर्य का जलवा, 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में जीता गोल्ड

    नई दिल्ली
    ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने फाइनल में अपना अनुभव दिखाते हुए आखिरी शॉट में 10.7 का स्कोर किया, जिसके साथ टीम के साथी नीरज कुमार को पीछे छोड़ते हुए 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में गोल्ड मेडल जीता। भारत ने गुरुवार को डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप में अखिल शेरॉन के ब्रॉन्ज मेडल जीतने के साथ क्लीन स्वीप किया।

    पहला व्यक्तिगत अंतरराष्ट्रीय पदक जीतने वाले नीरज कुमार 35वें और आखिरी शॉट में ऐश्वर्य से 0.2 प्वाइंट की बढ़त के साथ उतरे। उन्होंने पहला शॉट 10.3 का लगाया, जिससे ऐश्वर्य को गोल्ड जीतने के लिए 10.6 का टारगेट मिला।

    वर्ल्ड चैंपियनशिप के सिल्वर मेडलिस्ट ने हिम्मत नहीं हारी और शानदार 10.7 का स्कोर करके नीरज को पीछे छोड़कर गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने कुल 362.0 का स्कोर किया, जबकि नीरज ने 361.8 का स्कोर किया। अखिल शेरॉन ने 343.5 के फाइनल स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।

    जूनियर मेंस के फाइनल में एड्रियन कर्माकर ने 353.2 का स्कोर बनाकर आसान जीत के साथ चैंपियनशिप का अपना दूसरा गोल्ड मेडल हासिल किया, जो कजाकिस्तान के सिल्वर मेडलिस्ट दिमित्री किम से 4.7 ज्यादा था। भारत के मानवेंद्र सिंह शेखावत ने 338.6 के फाइनल स्कोर के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

    इससे पहले क्वालिफिकेशन में, नीरज कुमार ने 593-34x के स्कोर के साथ पहले स्थान पर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया, उसके बाद ऐश्वर्य (588-40x) और अखिल (588-32x) रहे। 10 मीटर एयर राइफल गोल्ड मेडलिस्ट रुद्रांक्ष पाटिल ने 591-33x का स्कोर किया, जो क्वालिफिकेशन में दूसरा सबसे बेहतरीन स्कोर था, लेकिन वह सिर्फ रैंकिंग प्वाइंट्स के लिए शूटिंग कर रहे थे।

    रैंकिंग प्वाइंट्स के लिए शूटिंग कर निखिल तंवर ने 587-29x स्कोर किया। ऐश्वर्य, नीरज और अखिल की तिकड़ी ने भी टीम गोल्ड जीता, जबकि जापान और कजाकिस्तान ने क्रमशः सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल पर निशाने साधे।

    जूनियर फाइनल में, एड्रियन ने आठ मेन फील्ड में गोल्ड जीता। फाइनल में छठे शॉट से लीड लेने के बाद, एड्रियन ने अपनी बड़ी लीड बनाए रखी और चैंपियनशिप में दूसरा गोल्ड मेडल हासिल किया। मानवेंद्र सिंह शेखावत ने 338.6 की शूटिंग करके ब्रॉन्ज जीता। फाइनल में तीसरे भारतीय, हेमंत बर्मन, शूट-ऑफ में हारकर पांचवें स्थान पर रहे।

     

  • सेवा तीर्थ से PM मोदी का पहला फैसला: महिलाओं-युवाओं के लिए बड़ी सौगात

    सेवा तीर्थ से PM मोदी का पहला फैसला: महिलाओं-युवाओं के लिए बड़ी सौगात

    नई दिल्ली
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में महिलाओं, युवाओं और संवेदनशील नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों की फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में महिलाओं, युवाओं और संवेदनशील नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण निर्णयों की फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में पीएम राहत योजना, लखपति दीदी की संख्या बढ़ाकर छह करोड़ करने के लक्ष्य से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि अवसंरचना निधि दोगुनी बढ़ाकर दो लाख करोड़ रुपए करने से संबंधित फाइलों पर हस्ताक्षर किए।

    एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नए पीएमओ परिसर सेवातीर्थ में सेवा की भावना को दर्शाने वाले निर्णयों से संबंधित महत्वपूर्ण फाइलों पर हस्ताक्षर किए। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली में सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया। इसमें प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय स्थित हैं। सेवा तीर्थ परिसर की दीवार पर ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य अंकित है। केंद्र सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि नई इमारतें भारत की प्रशासनिक शासन संरचना को दर्शाती हैं।

     

  • उमरिया के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता, तत्परता और सेवा का जीवंत उदाहरण

    उमरिया के डायल 112 हीरोज: संवेदनशीलता, तत्परता और सेवा का जीवंत उदाहरण

    भोपाल.

    डायल-112 केवल आपात सेवा नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में जीवन रक्षक संबल है। एक पिकअप वाहन के दुर्घटनाग्रस्‍त होने से घायल हुए 12 लोगों को समय पर अस्‍पताल पहुंचाकर डायल-112 ने त्वरितप्रतिक्रिया, मानवीय संवेदनशीलता और जन-सुरक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश किया है।

    दिनांक 13 फरवरी 2026 को प्रातः 08 बजे विलइत घाट स्थित नायरा पेट्रोल पंप के समीप एक पिकअप वाहन के अनियंत्रित होकर पलट जाने से महिला व बच्चों सहित कुल 12 व्यक्ति घायल हो गए। यह सभी लोग पतरहटा से बारहो कार्यक्रम में शामिल होकर अपने गांव अखड़ार लौट रहे थे।इस दुर्घटना की सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए थाना चंदिया क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया। कुछ ही समय में डायल-112 स्टाफ आरक्षक सुनील सिकरवार एवं पायलट विजय कुमार यादव घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेकर त्वरित राहत कार्य प्रारंभ किया।

    मौके पर पहुँचकर डायल-112 जवानों ने गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को प्राथमिक सहायता प्रदान की और बिना समय गंवाए एफआरव्ही वाहन तथा चिकित्सा वाहन की सहायता से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदिया पहुंचाया। उनकी तत्परता, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता के चलते सभी घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका, जिससे संभावित गंभीर परिणामों को टाला जा सका।

    डायल 112 हीरोजने विषम परिस्थितियों में भी जिस समर्पण और तेजी से अपनी जिम्मेदारी निभाई, वह न केवल प्रशंसनीय है बल्कि समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और सुदृढ़ करता है।यही सच्चे अर्थों में “हीरोज” हैं — जो बिना किसी अपेक्षा के, केवल मानवता के नाते अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। इस सराहनीय कार्य के लिए डायल-112 जवानों को मुख्‍यालयस्‍तर से पुरस्‍कृत किया जा रहा है।

     

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव नोहलेश्वर महोत्सव मेले के अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव नोहलेश्वर महोत्सव मेले के अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन में हुए शामिल

    भोपाल.

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नोहलेश्वर महादेव की महिमा ऐसी है जो यहाँ एक बार आता है, उसका मन बार-बार यहां आने को करता है। कृपावंत, कृपाशंकर भगवान नोहलेश्वर महादेव के आशीर्वाद से हम प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए पूरी ऊर्जा और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ रहे हैं। नोहलेश्वर महोत्सव आस्था ही नहीं, स्थानीय संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का भी उत्सव है। हमारी सरकार आस्था के स्थलों के संरक्षण और पर्यटन विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को दमोह जिले के ग्राम नोहटा में नोहलेश्वर महोत्सव मेले के अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेले का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। साथ ही नोहलेश्वर मंदिर परिसर और मेला परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने क्षेत्रीय जनता की मांग पर नोहटा को परीक्षण के उपरांत नगर परिषद बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में 2 करोड़ रूपए की लागत से गीता भवन का निर्माण किया जाएगा। दमोह जिले में बांदकपुर-सेमरखो जलाशय की क्षमता में वृद्धि कर 600 करोड़ रूपए की नई सिंचाई परियोजना विकसित की जाएगी। इससे जिले के 33 गांवों के खेतों को सिंचाई के लिये भरपूर पानी मिलेगा। दमोह में 10 करोड़ रूपए की लागत से वॉटर स्पोर्ट्स, बोट क्लब सहित अन्य पर्यटन गतिविधियों का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेंदूखेड़ा और हटा में खेल गतिविधियों के प्रोत्साहन के लिए नए स्टेडियम बनाए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सुप्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर का अभिनंदन भी किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार दमोह के साथ पूरे बुंदेलखंड के विकास के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। दमोह के तेंदूखेड़ा में 165 करोड़ की नई योजना को स्वीकृति दी गई है। दमोह के लिए नया फोर लेन भी मंजूर किया गया है। दमोह में पर्यटन के साथ उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहित सभी क्षेत्रों में समान रूप से प्रयास कर रही है। दमोह जिले में जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए जैविक हाट लगाए जा रहे हैं। अब तक जिले में 69 जैविक हाटों में 28 लाख रुपए के उत्पादों की बिक्री हुई है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा किसानों को खाद वितरण के लिए की गई ई-टोकन की व्यवस्था की सराहना की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं। उनकी खुशहाली और समृद्धि से ही देश खुशहाल बनेगा। उन्होंने कहा कि हम खेती के साथ पशुपालन को भी प्रोत्साहन दे रहे हैं। कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण बढ़ाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पशुपालन से दूध उत्पादन बढ़ेगा। हमने प्रदेश का दूध उत्पादन 9 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। हमारी सरकार पशुपालन, गौपालन और गौ-संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसी भी देश के साथ रिश्तों में किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं किया। खेतों में किसान और सीमा पर जवान, दोनों हमारे लिए बराबर सम्मान रखते हैं। राज्य सरकार किसानों के स्वास्थ्य का भी विशेष ध्यान रख रही है। विकास कार्यों को गति देने में हमारी सरकार सदैव जनता के साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माताओं-बहनों का स्थान सर्वोपरि है। हम अपने देश को भी माता का दर्जा देते हुए भारत माता कहकर सम्मान देते हैं। माताएं-बहनें हमारे परिवार की गरिमा हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार हमेशा लाड़ली बहनों के साथ है। लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सहायता राशि दी जा रही है। वे अपनी मेहनत और निष्ठा से पूरे कुल, खानदान, परिवार का लालन-पालन करती हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दमोह में औद्योगिक प्रक्षेत्र के विकास के साथ क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। सूखे खेत को पानी मिल जाए, तो फसल सोने जैसी हो जाती है। दमोह जिले को देश की पहली नदी जोड़ो केन-बेतवा लिंक परियोजना से सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार श्रीकृष्ण जन्माष्ठमी और गीता जयंती को भव्यता के साथ मनाने की शुरुआत की। मध्यप्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जो विकास के साथ विरासत का भी संरक्षण कर रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नोहटा का नोहलेश्वर मंदिर 1100 साल से अधिक प्राचीन है, जिसे कलचुरी साम्राज्य में महारानी नोहला ने बनवाया था। नोहलेश्वर महोत्सव के आयोजन से इस क्षेत्र के पर्यटन को नई ऊर्जा मिल रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर चीतों के पुनर्स्थापन से नया चमत्कार हुआ है। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में विदेश से 20 चीता लाए गए थे, अब 35 चीते प्रदेश की धरती पर दौड़ लगा रहे हैं, चीतों का परिवार बढ़ रहा है। कुछ दिन पहले मादा चीता आशा ने 5 शावकों को जन्म दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी साल जून में नौंरादेही अभयारण्य में चीतों को छोड़ा जाएगा। मध्यप्रदेश टाइगर, चीता, गिद्ध और घड़ियाल के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने कहा कि वन्य जीव पर्यटन को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने होम-स्टे योजना बनाई है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और वे पर्यटकों को अपने घरों में होम-स्टे बनाकर ठहरा सकेंगे। होम-स्टे तैयार करने वाले हितग्राहियों को शासकीय अनुदान भी दिया जा रहा है। उन्होंने होम-स्टे संचालनकर्ताओं से कहा कि जब पर्यटक आएं, तो उनकी अच्छी तरह मेहमाननवाज़ी करे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन पर्यटन क्षेत्रों में होम-स्टे चल रहे हैं, वहाँ होम-स्टे से ग्रामीणों की आय तेजी से बढ़ रही है।

    संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर है। मध्यप्रदेश ने ऊर्जा के क्षेत्र में प्रगति करते हुए आज 26 हजार मेगावॉट से अधिक बिजली उपलब्धता सुनिश्चित की है। मध्यप्रदेश में किसानों को ब्याज रहित ऋण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 'मैन ऑफ आइडियाज' हैं। उन्होंने अनेक जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारा है।

    दमोह सांसद श्री राहुल सिंह लोधी ने कहा कि दमोह में मेडिकल कॉलेज बनकर तैयार हो रहा है। बुंदेलखंड में सबसे बड़ी समस्या पानी की थी, जो अब दूर होती जा रही है। देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक से दमोह जिले के 300 से अधिक गांवों को सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के गरीब, किसान, युवा और नारी, हर वर्ग को सरकार की जनहितैषी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। श्री श्याम शिवहरे ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 100 करोड़ की लागत से जागेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्य की घोषणा की थी, जिसका काम जारी है।

    किसान सम्मेलन में पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, पूर्व मंत्री एवं दमोह विधायक श्री जयंत मलैया, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रंजीता गौरव पटैल, उपाध्यक्ष श्रीमती मंजु धर्मेन्द्र कटारे, विधायक हटा श्रीमती उमा खटीक, पूर्व मंत्री श्री दशरथ सिंह लोधी, पूर्व सांसद चन्द्रभान सिंह, वरिष्ठ नेता श्री विद्यासागर पांडे, श्री भावसिंह लोधी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, लाड़ली बहनें, युवा और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान बंधु उपस्थित थे।

     

  • 8वें वेतन आयोग में 60% DA पर बनेगा नया वेतन स्ट्रक्चर? जानिए पूरा फॉर्मूला

    8वें वेतन आयोग में 60% DA पर बनेगा नया वेतन स्ट्रक्चर? जानिए पूरा फॉर्मूला

    नई दिल्ली
    केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। दरअसल, वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में 18 से 20 महीने तक लग जाएंगे लेकिन इससे पहले केंद्रीय कर्मचारी सैलरी और महंगाई भत्ते का कैल्कुलेशन करने लगे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि 8वां वेतन आयोग, 7वें वेतन आयोग की तरह ही फिटमेंट फैक्टर आधारित फॉर्मूले को अपनाएगा या नहीं। लेकिन अगर वही पैटर्न दोहराया जाता है तो महंगाई भत्ते (DA) की दर एक बार फिर फिटमेंट फैक्टर तय करने का आधार बन सकती है। आइए समझते हैं कि अब तक का क्या पैटर्न रहा है।

    क्या है पैटर्न?
    7वें आयोग ने न्यूनतम वेतन को 18,000 रुपये तय किया, जो 6वें वेतन आयोग के समय 1 जनवरी 2006 को लागू न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये (पे बैंड-1 और ग्रेड पे 1,800 रुपये सहित) से 2.57 गुना अधिक था। इस 2.57 के फिटमेंट फैक्टर में लगभग 2.25 का हिस्सा केवल डीए यानी महंगाई भत्ते के न्यूट्रलाइजेशन के लिए रखा गया था। बाकी हिस्सा वास्तविक वेतन वृद्धि और संरचनात्मक बदलावों से जुड़ा था। अब यदि यही तर्क 8वें वेतन आयोग में अपनाया जाता है, तो 1 जनवरी 2026 को संभावित 60 प्रतिशत DA को आधार बनाकर नया फिटमेंट फैक्टर तय किया जा सकता है।

    मौजूदा अनुमानों के अनुसार, जनवरी से जून की छमाही के लिए केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि, सरकार ने इसका फैसला नहीं लिया है लेकिन AICPI-IW के 2025 के आंकड़ों के आधार पर काफी हद तक ऐसा ही होने की संभावना है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि फिटमेंट फैक्टर कितना होगा या न्यूनतम वेतन कितने रुपये तय किया जाएगा। लेकिन इतना तय है कि DA को आधार मानने की पुरानी परंपरा अगर जारी रहती है, तो 60 प्रतिशत डीए 8वें वेतन आयोग के वेतन निर्धारण में अहम भूमिका निभा सकता है।

    वेतन आयोग ने मांगे हैं सुझाव
    केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए वेतन आयोन ने एक वेबसाइट को लॉन्च किया है। इस वेबसाइट पर कर्मचारियों, पेंशनर्स तथा अन्य हितधारकों से सुझाव भी मांगे हैं। हालांकि, वेतन और पेंशन संशोधन से जुड़ी सिफारिशें आने में अभी समय लगेगा। बता दें कि सरकार ने पिछले साल जनवरी महीने में वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। इस वेतन आयोग की टीम का गठन नवंबर महीने में किया गया। यह भी अहम है कि 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को ही खत्म हो चुका है।

     

  • 31 मई तक नियमों के सरलीकरण के प्रस्ताव प्रस्तुत करें: मुख्य सचिव  जैन

    31 मई तक नियमों के सरलीकरण के प्रस्ताव प्रस्तुत करें: मुख्य सचिव जैन

    भोपाल.

    मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने विकसित भारत 2047 और सुदृढ़ अर्थव्यवस्था के दृष्टिगत मध्यप्रदेश में व्यवसाय और उद्योगों सहित जनमानस से जुडे 28 प्राथमिक क्षेत्रों के नियम-कायदों को सरलीकरण करने के लिए संबंधित विभागों से 31 मई तक अनुशंसाएं और आवश्यक परिवर्तन प्रस्तुत करने की अपेक्षा की है। मुख्य सचिव  जैन और वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की सचिव एवं ईज ऑफ डूईगं बिजनेस टास्क फोर्स की चेयरपर्सन  नीलम शमी राव की उपस्थिति में शुक्रवार को मंत्रालय में टास्क फोर्स की बैठक हुई।

    मुख्य सचिव  जैन ने कहा कि मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और अन्य तरह के रिफार्म में अग्रणी है। सीएस कॉन्फ्रेंस में भी मध्यप्रदेश की बेस्ट प्रेक्टिस की तारीफ की गई। उन्होंने कहा कि देश में मध्यप्रदेश सर्वश्रेष्ठ 5 राज्यों में शामिल हैं। विकसित भारत 2047 और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्राथमिकता क्षेत्र के नियमों और कानूनों को आसान बनाने के लिए अंतर्राराष्ट्रीय बैंच मार्क के हिसाब से बदलाव प्रास्तावित करें। भारत सरकार के संभावित विभागों से समन्वय करने के साथ ही उच्च अधिकार समिति से भी मार्गदर्शन लिया जा सकता है।

    मुख्य सचिव  जैन ने टास्क फोर्स की अध्यक्ष को सुझाव दिया कि पी.एम.प्रगति पोर्टल से परिवेश पोर्टल को जोड़ने से सभी राज्यों में अपनाई जाने वाली बेस्ट प्रैक्टिस और वहां के रिफार्म से सभी को जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने स्कूल शिक्षा के लिए सी.बी.एस.सी और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए यू.जी.सी से एक जैसे नियम कानून बनाने की सलाह भी दी। मुख्य सचिव  जैन ने बताया कि मध्यप्रदेश ने म.प्र. जन विश्वास संशोधन और प्रावधान एक्ट 2024 और 2025 के माध्यम से प्रदेश में रिफार्म और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए राज्य के 26 कानूनों में 108 प्रावधान किए हैं। इससे उद्योग और व्यवसाय लगाना और संचालन आसान हुआ है।

    मध्यप्रदेश बना लीडर, मिली दूसरी रैंक :  राव

    टास्क फोर्स की अध्यक्ष  राव ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के प्रथम चरण में 23 प्राथमिकता क्षेत्र में मध्यप्रदेश के देश में दूसरी रैंक अर्जित करने पर अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में 5 और प्राथमिकता क्षेत्रों को शामिल किया गया है। उन्होंने पूर्व के 23 क्षेत्रों के अलावा ऊर्जा, पर्यटन, पर्यावरण शिक्षा और हेल्थ केयर को भी प्राथमिकता क्षेत्र में शामिल होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अपने राज्यों की बेस्ट प्रेक्टिस को पोर्टल पर दर्ज करें। टास्क फोर्स ने सभी राज्यों के नियमों के सरलीकरण और रिफार्म के लिए 30 जून 2026 तिथि तय की है।

    इससे पहले वन, उच्च शिक्षा, नगरीय प्रशासन एवं विकास, उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, पर्यटन आदि विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों ने आगामी समय में नियम-कानूनों में किए जाने वाले सरलीकरण की जानकारी दी। प्रमुख सचिव उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन  राघवेन्द्र सिंह ने मध्यप्रदेश में जन विश्वास अधिनियम और नियम-कानूनों के सरलीकरण के बाद उद्योग और व्यवसाय आदि में हुई सुगमता का प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर भारत सरकार और राज्य शासन के अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • CG पुलिस का बड़ा एक्शन: हथियार लहराकर दहशत फैलाने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल व देशी कट्टे जब्त

    CG पुलिस का बड़ा एक्शन: हथियार लहराकर दहशत फैलाने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार, पिस्टल व देशी कट्टे जब्त

    राजनांदगांव

    राजनांदगांव पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। देशी कट्टा और पिस्टल दिखाकर लोगों को डराने-धमकाने वाले 7 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 देशी कट्टा, 2 पिस्टल और 1 जिंदा कारतूस बरामद किया गया है। इस मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने पुलिस कंट्रोल रूम, राजनांदगांव में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान किया।

    जानकारी के अनुसार, शहर के पटरी पार क्षेत्र के शंकरपुर वार्ड क्रमांक 9 स्थित कब्रिस्तान के पास गुरुवार को शाम करीब 7 बजे चीखली थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग पिस्तौल व देशी कट्टा लेकर लोगों को लहराकर डरा-धमका रहे हैं। तभी पुलिस ने घेराबंदी कर मौके से 7 लोगों को हिरासत में लिया। पकड़े गए आरोपियों की तलाशी में पुलिस को दो नग देशी कट्टा, दो नग पिस्टल और एक जिंदा कारतूस मिला है। पुलिस ने आगे बताया कि हिरासत में आए आरोपियों के खिलाफ पूर्व से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

    आगे बताया गया कि जिस तरह से तमंचे लेकर आरोपी लहरा रहे थे, उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे।

    मध्यप्रदेश से लाए थे हथियार

    राजनांदगांव एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि सात आरोपियों को दुर्ग, धमतरी और राजनांदगांव से गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से दो पिस्टल और दो देशी कट्टा, यानी कुल चार फायर आर्म्स बरामद किए गए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 111 बीएनएस तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी ये हथियार मध्यप्रदेश के धार जिले से लेकर आए थे। वे भोपाल तक ट्रेन से गए थे और उसके बाद बस के माध्यम से हथियार लेकर वापस लौटे।

    एसपी ने बताया कि इन सभी आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। कुछ आरोपियों के खिलाफ हत्या, कुछ के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307 आईपीसी), धारा 354, मारपीट और अन्य मामलों में अपराध पंजीबद्ध हैं। इसके अलावा इनके विरुद्ध कई बार प्रिवेंटिव एक्शन की कार्रवाई भी की जा चुकी है। सभी आरोपियों का आपराधिक बैकग्राउंड है।

  • सक्ती वन परिक्षेत्र एवं उड़नदस्ता की संयुक्त कार्रवाई

    सक्ती वन परिक्षेत्र एवं उड़नदस्ता की संयुक्त कार्रवाई

    रायपुर.

    जैजैपुर क्षेत्र के दो आरा मिल सीलबंद

    वन संरक्षण एवं अवैध लकड़ी परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से वन विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की गई। वनमण्डलाधिकारी के मार्गदर्शन में सक्ती वन परिक्षेत्र की टीम एवं उड़नदस्ता दल ने संयुक्त रूप से जैजैपुर क्षेत्र में संचालित आरा मिलों पर छापामार कार्रवाई करते हुए दो आरा मिलों को सीलबंद कर दिया।

    वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार हलेश्वर कुमार साहू, तुषार तथा गोपाल प्रसाद चंद्रा जैजैपुर द्वारा संचालित आरा मिलों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान आवश्यक अभिलेखों एवं वैधानिक प्रावधानों की जांच की गई। जांच उपरांत अनियमितताएं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए संबंधित आरा मिलों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वन विभाग की इस कार्रवाई से अवैध कटाई एवं लकड़ी के अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने में सहायता मिलेगी। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वन अपराधों के विरुद्ध आगे भी सतत अभियान जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग ने सभी आरा मिल संचालकों से अपील की है कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन सुनिश्चित करें, अन्यथा विधिसम्मत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।