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  • महाशिवरात्रि पर भोपाल में इतिहास रचा गया, देश की पहली किन्नर शंकराचार्य का पट्टाभिषेक

    महाशिवरात्रि पर भोपाल में इतिहास रचा गया, देश की पहली किन्नर शंकराचार्य का पट्टाभिषेक

     भोपाल

    महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजधानी भोपाल में आयोजित किन्नर धर्म सम्मेलन में एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया। इस भव्य आयोजन में हिमांगी सखी को देश की पहली किन्नर शंकराचार्य के रूप में घोषित कर उनका पट्टाभिषेक किया गया।

    पुष्कर पीठ से संभालेंगी कमान

    किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यह ऐतिहासिक घोषणा की गई। हिमांगी सखी राजस्थान के पुष्कर पीठ को देश की पहली किन्नर शंकराचार्य पीठ के रूप में संभालेंगी। मूल रूप से मुंबई निवासी हिमांगी सखी 'मां वैष्णो किन्नर अखाड़ा' की प्रमुख हैं और वे पहली किन्नर भागवत कथा वाचक भी हैं।

    60 किन्नरों की हिंदू धर्म में वापसी

    सम्मेलन के दौरान एक बड़ा दावा किया गया कि विभिन्न कारणों से धर्म परिवर्तन कर चुके 60 किन्नरों की 'घर वापसी' कराई गई है। आयोजकों ने बताया कि मुस्लिम धर्म अपना चुके इन किन्नरों ने शुद्धिकरण की प्रक्रिया के बाद पुनः हिंदू धर्म स्वीकार किया है।

    नए जगद्गुरु और महामंडलेश्वरों की नियुक्ति

    सम्मेलन में किन्नर समुदाय के धार्मिक नेतृत्व को मजबूती देने के लिए महत्वपूर्ण नियुक्तियां भी की गईं…

        घोषित जगद्गुरु: काजल ठाकुर (भोपाल), तनीषा (राजस्थान), संजना (भोपाल), संचिता (महाराष्ट्र)।

        घोषित महामंडलेश्वर: सरिता भार्गव, मंजू, पलपल, रानी ठाकुर, सागर।

    यह सम्मेलन किन्नर समुदाय के भीतर चल रहे गद्दी विवाद और धर्म परिवर्तन के आरोपों के बीच आयोजित किया गया, जिसे काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • भारत ए महिला टीम का धमाका, पाकिस्तान ए को 8 विकेट से हराया; 59 गेंद पहले ही जीत

    भारत ए महिला टीम का धमाका, पाकिस्तान ए को 8 विकेट से हराया; 59 गेंद पहले ही जीत

    नई दिल्ली
    महिला राइजिंग स्टार्स एशिया कप 2026 के ग्रुप ए के छठे मैच में भारत ए महिला ने पाकिस्तान ए महिला को बुरी तरह हराया। बैंकॉक में खेले गए मुकाबले में भारत ने 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। भारत ए महिला टीम ने रविवार को महिला एशिया कप 2026 राइजिंग स्टार्स के छठे मुकाबले में पाकिस्तान को 59 गेंदे शेष रहते आठ विकेट से रौंद दिया। दिनेश वृंदा ने नाबाद 55 रन की दमदार पारी खेली। पाकिस्तान ए महिला टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 18.5 ओवर में 93 रन ही बना सकी। इसके जवाब में भारत ए महिला टीम ने वृंदा दिनेश की बेहतरीन बैटिंग की बदौलत 11वें ओवर में ही मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत ने 10.1 ओवर में दो विकेट खोकर 97 रन बनाए। दिनेश वृंदा को उनके इस प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

    पाकिस्तान ए महिला टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तान की टीम भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के आगे अधिक देर तक सामना नहीं कर सकी और 18.5 ओवर में 93 रन के स्कोर पर सिमट गई। शवाल जुल्फिकार (23), गुल रुख (21) और अनोशा नासिर 17 रन बनाकर आउट हुईं। शेष आठ बल्लेबाज दहाई आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सकीं।

    भारत ए महिला टीम के लिए साइमा ठाकोर, राधा यादव और प्रेमा रावत ने दो-दो विकेट लिये। जिंतिमनी कलिता, मिन्नू मनी ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं हुई और उसे पहले ही ओवर में हुमैरा काजी (शून्य) के रूप में पहली ही गेंद पर झटका लगा। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आयी अनुष्का शर्मा ने दिनेश वृंदा साथ पारी को संभाला और दूसरे विकेट के लिए 79 रन जोड़े।

    नौंवें ओवर में मोमिना रियासत ने अनुष्का शर्मा (24) को आउटकर पवेलियन भेज दिया। भारत ए महिला टीम ने 10.1 ओवर में दो विकेट पर 97 रन बनाकर मुकाबला आठ विकेट से अपने नाम किया। दिनेश वृंदा ने 29 गेंदों में 12 चौके लगाते हुए नाबाद 55 रनों की पारी खेली। तेजल हसबनीस 12 रन बनाकर नाबाद रही। पाकिस्तान के लिए वाहिदा अख्तर और मोमिना रियासत ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया।

     

  • हंगरी के प्रधानमंत्री पर जेलेंस्की का तीखा तंज, ‘वह केवल पेट बढ़ा रहे हैं’

    हंगरी के प्रधानमंत्री पर जेलेंस्की का तीखा तंज, ‘वह केवल पेट बढ़ा रहे हैं’

    वाशिंगटन.

    रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लगभग तीन साल पूरे हो गए हैं। जेलेंस्की लगातार यूरोपीय देशों को रूस के प्रति आगाह करते हुए अपनी सैन्य क्षमता बढ़ाने के लिए चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने चेतावनी नजर अंदाज करने के लिए हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन पर तीखा हमला बोला है। जेलेंस्की ने कहा कि विक्टर क्षेत्रीय सुरक्षा पर ध्यान देने की बजाय घरेलू राजनीति को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं।

    'वह केवल अपना पेट बढ़ा रहे हैं, सेना नहीं।' जेलेंस्की का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हंगरी की तरफ से यूक्रेन की मदद करने की अनिच्छा व्यक्त की गई है। तीन साल से जारी यूक्रेन और रूस के युद्ध ने यूरोपीय संघ के देशों के भीतर भी कलह को बढ़ा दिया है। ज्यादातर देश रूस के खिलाफ यूक्रेन को राहत पैकेज देने और मॉस्को पर प्रतिबंध का समर्थन करते हैं, लेकिन हंगरी बार-बार इन उपायों को किसी न किसी वजह से या बातचीत के बहाने से धीमा करता हुआ नजर आता है। हंगरी लगातार इस युद्ध को आगे न बढ़ाने के लिए भी चेतावनी देता हुआ नजर आता है। दरअसल, विक्टर ओर्बन को रूसी राष्ट्रपति पुतिन का करीबी माना जाता है, जिसकी वजह से उन्हें कीव समेत कई यूरोपीय देशों से आलोचना का सामना करना पड़ता है।

    यूक्रेन युद्ध में किसके साथ हंगरी?
    हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन ने शुरुआत से ही यूरोपीय देशों द्वारा यूक्रेन को दिए जा रहे अतिरिक्त फंडिंग का विरोध किया है। इतना ही नहीं उन्होंने सीधे हथियारों की आपूर्ति का भी विरोध किया है। ओर्बान ने हंगरी के हथियारों को यूक्रेन को देने से इनकार करते हुए कहा था कि बुडापेस्ट को अपनी आर्थिक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा को ज्यादा प्राथमिकता देनी है। इसके अलावा उन्होंने पश्चिमी यूक्रेन में रहने वाले हंगेरियाई मूल के लोगों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को लेकर भी यूक्रेनी सरकार पर सवाल उठाया था। हालांकि, यूक्रेन और हंगरी के बीच यह खींचतान पिछले काफी समय से चली आ रही है। हालिया विवाद उस समय सामने आया, जब यूरोपीय संघ के देशों की तरफ से यूक्रेन के लिए एक दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी और रूस के ऊपर आर्थिक प्रतिबंधों पर विचार कर रहे हैं। हंगरी ने इन प्रस्तावों का खुले तौर पर विरोध किया है।

    गौरलतब है कि रूस और यूक्रेन युद्ध पिछले तीन साल से जारी है। अमेरिका समेत तमाम देश इसे खत्म करवाने के लिए कोशिश कर चुके हैं, लेकिन यह बदस्तूर जारी है। दोनों देशों की तरफ से कई लाख सैनिक इस युद्ध में अपनी जान गंवा चुके हैं। युद्ध के पहले यूक्रेन जिस नाटो की सदस्यता लेने की जिद किए बैठा था, अब वह भी उससे दूर जा चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा साफ कह दिया गया है कि यूक्रेन को नाटो की सदस्यता नहीं मिलेगी। अभी रूस और यूक्रेन के बीच में विवाद जमीन को लेकर फंसा हुआ है। रूस युद्ध में कब्जाई जमीन को छोड़ने के लिए राजी नहीं है, ऐसे में युद्ध लगातार जारी है।

  • मुंगेली की बेटी सुप्रिया बनी प्रदेश की शान, भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन

    मुंगेली की बेटी सुप्रिया बनी प्रदेश की शान, भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयन

    बिलासपुर

    मुंगेली जिले के ग्राम टेढ़ाधौरा की रहने वाली सुप्रिया ठाकुर का चयन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद के लिए हुआ है. सुप्रिया का चयन SSC (W) Tech-66 Entry के माध्यम से हुआ है. उन्हें 17 एसएसबी बोर्ड, बेंगलुरु से रिकमेंडेशन मिला है. खास बात यह है कि सुप्रिया ने इलेक्ट्रॉनिक्स वैकेंसी में ऑल इंडिया रैंक-4 हासिल कर देशभर में शानदार प्रदर्शन किया है.

    सुप्रिया ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट जोसेफ कॉन्वेंट हायर सेकेंड्री स्कूल, तारबहार, बिलासपुर से पूरी की. इसके बाद उन्होंने चौकसे इंजीनियरिंग कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की. सुप्रिया एनसीसी ‘C’ सर्टिफिकेट भी प्राप्त कर चुकी हैं, और इसी दौरान उन्हें भारतीय सेना का एक्सपोजर मिला, जिससे उनके भीतर देशसेवा का सपना और मजबूत हुआ.

    सुप्रिया ने बताया कि बचपन से ही उनके मन में सेना में ऑफिसर बनकर देश की सेवा करने की इच्छा थी. इस सफलता में उनके माता-पिता और भाई का बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया. सुप्रिया के पिता वैदेही शरण सिंह श्रीनेत और माता संतोषी सिंह श्रीनेत हैं. परिवार मूल रूप से मुंगेली जिले के ग्राम टेढ़ाधौरा का निवासी है, जबकि सुप्रिया की पढ़ाई बिलासपुर में हुई.

    सुप्रिया की इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है. वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने भी सुप्रिया ठाकुर को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित होने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं. मुंगेली की यह बेटी अब ट्रेनिंग एकेडमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में देशसेवा का संकल्प पूरा करेंगी. उन्होंने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और सपने बड़े हों, तो गांव से निकलकर भी देश की शान बना जा सकता है.

  • ट्रंप का नया नहीं है नोबेल शांति पुरस्कार प्रेम, एपस्टीन फाइलों में भी इसका जिक्र

    ट्रंप का नया नहीं है नोबेल शांति पुरस्कार प्रेम, एपस्टीन फाइलों में भी इसका जिक्र

    वाशिंगटन.

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर दिखाया गया प्रेम दुनिया में किसी से छिपा नहीं है। ट्रंप ने हर तरीके से प्रयास करके आखिरकार वेनेजुएला की मचाडो से नोबेल शांति पुरस्कार ले ही लिया। इन सब के बीच अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की जा रही एपस्टीन फाइल्स में भी डोनाल्ड ट्रंप के नोबेल पुरस्कार के प्रति प्रेम का जिक्र किया गया है।

    यहां पर एक ईमेल में एपस्टीन ट्रंप के सहयोगी को लिखता है कि डोनाल्ड को अगर इस बात का पता चलेगा कि नोबेल समिति का चेयरमैन यहां रुका हुआ है तो उसका सिर फट जाएगा। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई बदनाम फाइनेंशर जेफ्री एपस्टीन की फाइलों में सामने आया है कि उसने नोबेल शांति पुरस्कार समिति के चैयरमेन रहे थॉरबोर्न यागलैंड के साथ अपने संबंधों के जरिए बिल गेट्स और स्टीव बैनन जैसे कई प्रभावशाली लोगों के साथ दोस्ती की थी। गौरतलब है कि यागलैंड 2009 से लेकर 2015 तक नोबेल समिति के प्रमुख रहे थे। फाइल्स से मिली जानकारी के मुताबिक यागलैंड से एपस्टीन की मुलाकात करवाने वाले नॉर्वेजियन राजनयिक थे, जो कि इजरायल और फिलिस्तीन के बीच ओसलो अकॉर्ड साइन करवाने के लिए जाने जाते हैं।

    यॉगलैंड का कई बार जिक्र
    यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइलों में यागलैंड का नाम कई हजार बार सामने आता है। हालांकि अभी तक जितनी भी फाइलें सामने आई हैं, उसमें पुरस्कार के लिए किसी के नाम पर लॉबिंग की बात सामने नहीं आई है, लेकिन इतना साफ है कि एपस्टीन ने यागलैंड से अपनी दोस्ती के चलते कई बड़े नामों से अपनी दोस्ती मजबूत की। रिपोर्ट्स के मुताबिक एपस्टीन ने एक मेल में इस बात की जानकारी दी है कि 2010 में उसने यागलैंड को न्यूयॉर्क और पेरिस स्थिति अपनी संपत्तियों में ठहरने की मदद की थी।

    डोनाल्ड ट्रंप के करीबी को किया मैसेज
    यागलैंड का जिक्र करते हुए एपस्टीन ने 2018 में डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी स्टीव बैनन को भी एक मेल किया था, जिसमें उसने ट्रंप के शांति पुरस्कार के प्रति प्रेम का जिक्र किया था। एक मेल में एपस्टीन ने लिखा, "डोनाल्ड का सिर फट जाएगा अगर उसे पता चले कि तुम अब उस व्यक्ति के दोस्त हो जो सोमवार को नोबेल शांति पुरस्कार का फैसला करेगा।”

    कई लोगों को नोबेल समिति के अध्यक्ष के नाम पर फंसाने की कोशिश
    एपस्टीन ने यागलैंड के नाम पर कई लोगों के साथ दोस्ती स्थापित करने की कोशिश की थी। एपस्टीन ने यागलैंड का नाम लेकर वाइट हाउस की पूर्व कानूनी सलाहकार कैथी रूमलर को भी एक मेल भेजा था, जिसमें उसने लिखा, "नोबेल शांति पुरस्कार के प्रमुख मिलने के लिए आ रहे हैं, क्या आप जुड़ना चाहेंगी?" इसके अलावा एपस्टीन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी लैरी समर्स को भी मेल किया था, जिसमें उसने लिखा, “नोबेल शांति पुरस्कार के प्रमुख मेरे यहां ठहरे हुए हैं, अगर आपकी रुचि हो।”2014 में एपस्टीन ने बिल गेट्स को लिखे एक ईमेल में बताया कि यागलैंड को काउंसिल ऑफ यूरोप के प्रमुख के रूप में दोबारा चुना गया है। इसके जवाब में गेट्स ने लिखा, “मेरा ख्याल है कि उनकी शांति पुरस्कार समिति की भूमिका भी अब अनिश्चित होगी?”

    गौरतलब है कि यागलैंड के नोबेल पुरस्कार समिति के अध्यक्ष के तौर पर रहते 2009 में बराक ओबामा और 2012 में यूरोपीय संघ को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था। एपस्टीन फाइ्ल्स में नाम आने के बाद यागलैंड को ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इसके बाद नार्वे की आर्थिक अपराध इकाई इन मामलों की जांच कर रही है।

  • अमेरिका ने AI के जरिए मादुरो को पकड़ा, रिपोर्ट में किया इस्तेमाल का दावा

    अमेरिका ने AI के जरिए मादुरो को पकड़ा, रिपोर्ट में किया इस्तेमाल का दावा

    वाशिंगटन.

    अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए एआई का इस्तेमाल किया था। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है। एंथ्रॉपिक पहला एआई मॉडल डेवलपर था जो गुप्त संचालन के लिए पेंटागन में इस्तेमाल किया गया। सेना द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल, एआई कंपनियों के लिए बड़ी साख बढ़ाने वाला माना जाता है।

    हालांकि एंथ्रॉपिक के दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हिंसा को बढ़ावा देने, हथियार विकसित करने या निगरानी करने में इसका इस्तेमाल न किया जाए। इसके बावजूद इस ऑपरेशन में उपयोग किया गया। गौरतलब है कि मादुरो और उनकी पत्नी को कराकस से गिरफ्तार किया गया था। इस ऑपरेशन कई जगहों पर बमबारी के बाद अंजाम दिया गया। एंथ्रॉपिक के प्रवक्ता ने बताया कि ‘क्लॉड का कोई भी इस्तेमाल, चाहे वह निजी क्षेत्र में हो या सरकार द्वारा हो, हमारी नीतियों के अनुसार होना चाहिए। हमारी नीतियां स्पष्ट हैं कि क्लॉड का उपयोग कैसे किया जा सकता है। हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए काम करते हैं।’

    क्लॉड को तैनात किया गया क्योंकि पेंटागन द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की डेटा कंपनी पेलान्टिर टेक्नोलॉजीज का एंथ्रॉपिक के साथ साझेदारी है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक क्लॉड के उपयोग को लेकर एंथ्रॉपिक की चिंताओं के बाद अमेरिकी अधिकारी बड़ा फैसला ले सकते हैं। एंथ्रॉपिक के बयान के बाद अमेरिकी अधिकारी 200 मिलियन डॉलर तक के अनुबंध रद्द करने पर विचार कर रहे हैं। एंथ्रॉपिक के चीफ एग्जीक्यूटिव डारिओ अमोडेई ने कहाकि एआई के इस्तेमाल में नियम-निर्देशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। ताकि एआई से किसी तरह का नुकसान न हो।

    एंथ्रॉपिक कंपनी के अधिकारियों द्वारा जारी बयानों ने पेंटागन के साथ कांट्रैक्ट की राह में बाधा खड़ी कर दी है। रक्षा सचिव पीट हेगसेठ ने जनवरी में कहा था कि पेंटागन उन एआई मॉडल्स के साथ कोलैबोरेट नहीं करेगा, जो युद्ध लड़ने की अनुमति नहीं देते। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने एंथ्रॉपिक की चर्चाओं का हवाला देते हुए यह बात कही थी। एंथ्रॉपिक ने पिछली गर्मियों में 200 मिलियन डॉलर की डील साइन की थी।
    बता दें कि कई एआई कंपनियां अमेरिकी सेना के लिए कस्टम टूल बना रही हैं। इनमें से कई अनक्लासीफाइड नेटवर्क्स पर उपलब्ध हैं। यह आमतौर पर सैन्य प्रशासन के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। एंथ्रोपिक एकमात्र ऐसी कंपनी है जो थर्ड पार्टी के जरिए क्लासीफाइड सेटिंग्स में उपलब्ध है। लेकिन सरकार अभी भी कंपनी की यूजर पाॉलिसी के तहत बंधी हुई है।

  • नेपाल के पशुपतिनाथ से भी अनोखी है मंदसौर की अष्टमुखी पशुपतिनाथ प्रतिमा

    नेपाल के पशुपतिनाथ से भी अनोखी है मंदसौर की अष्टमुखी पशुपतिनाथ प्रतिमा

     मंदसौर

    मंदसौर में शिवना तट पर विराजे अष्टमुखी श्री पशुपतिनाथ महादेव की प्रतिमा का सौंदर्य अपने-आप में अनूठा है। नेपाल के पशुपतिनाथ में चार मुख की मूर्ति है, जबकि मंदसौर में मूर्ति अष्टमुखी है और अभी तक ज्ञात इतिहास में यह विश्व की एकमात्र अष्टमुखी मूर्ति है। पशुपतिनाथ महादेव की मूर्ति लगभग 1500 वर्ष पुरानी है। और 85 बरस पहले शिवना नदी से ही निकली थी।

    19 जून 1940 को शिवना नदी से बाहर आने के बाद 21 साल तक भगवान पशुपतिनाथ की मूर्ति नदी के तट पर ही रखी रही। मूर्ति को नदी से बाहर निकलने के बाद चैतन्य आश्रम के स्वामी प्रत्यक्षानंदजी महाराज ने 23 नवंबर 1961 को प्राण प्रतिष्ठा की। 27 नवंबर को मूर्ति का नामकरण श्री पशुपतिनाथ महादेव किया गया।

    इसके बाद मंदिर निर्माण हुआ। सावन में यहां डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु आते हैं। मुख्य आकर्षण श्रावण में पूरे माह होने वाला मनोकामना अभिषेक है। और अब तो यहां पशुपतिनाथ लोक बनने से पूरा परिसर आकर्षक बन गया है। 101 फीट ऊंचे मंदिर शिखर पर 100 किलो वजनी कलश स्थापित है जिस पर 51 तोला सोने की परत चढ़ाई गई है।

    शैव धर्म की 6 प्रमुख परंपराओं में से एक
    मंदसौर का पशुपतिनाथ महादेव मंदिर भगवान शिव को समर्पित हिंदू मंदिर है। यह पशुपतिनाथ परंपरा से संबंधित है जो शैव धर्म के भीतर 6 प्रमुख परंपराओं में से एक है। शिलालेखों के आधार पर मंदिर की मूर्ति 5वीं या 6ठी शताब्दी की है। प्राचीन समय में इस स्थल को दशपुर कहते थे।

    यह मालवा के ऐतिहासिक क्षेत्र में राजस्थान की सीमा के पास इंदौर से लगभग 200 किमी, उदयगिरि गुफाओं से लगभग 340 किमी पश्चिम में और शामलाजी प्राचीन स्थलों से लगभग 220 किलोमीटर पूर्व में है। दोनों ही गुप्त साम्राज्य युग की पुरातात्विक खोजों के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

    शिवना से प्रकटे अष्टमुखी महादेव
    माना जाता है कि प्रतिमा का निर्माण विक्रम संवत 575 ई. में सम्राट यशोधर्मन की हूणों पर विजय के आसपास का है। संभवत: मूर्ति भंजकों से रक्षा के लिए इसे शिवना नदी में दबा दिया गया था। अनुमान के अनुसार अज्ञात कलाकार ने प्रतिमा के ऊपर के चार मुख पूरी तरह बना दिए थे, जबकि नीचे के चार मुख निर्माणाधीन थे।

    श्री पशुपतिनाथ महादेव मूर्ति की तुलना नेपाल के काठमांडू स्थित श्री पशुपतिनाथ से की जाती है। मंदसौर स्थित पशुपतिनाथ मूर्ति अष्टमुखी है। जबकि नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मूर्ति चार मुखी है। मूर्ति में बाल्यावस्था, युवावस्था, अधेड़ावस्था व वृद्धावस्था के दर्शन होते हैं। इसमें चारों दिशाओं में एक के ऊपर एक दो शीर्ष हैं। प्रतिमा में गंगावतरण जैसी दिखाई देने वाली सफेद धारियां हैं।

    प्रतिमा की विशेषता
    मुख 8, ऊंचाई 7.3 फीट, गोलाई 11.3 फीट, वजन 6 क्विंटल अष्टमुख की विशेषता प्रतिमा के आठों मुखों का नामकरण भगवान शिव के अष्ट तत्व के अनुसार है। हर मुख के भाव व जीवन काल भी अलग-अलग हैं। 1 – शर्व, 2 – भव, 3 – रुद्र, 4 – उग्र, 5 – भीम, 6 – पशुपति, 7 – ईशान और 8 – महादेव।

    कैसे पहुंचें मंदसौर
    रेल सेवाएं – जयपुर-इंदौर रेलमार्ग पर मंदसौर प्रमुख स्टेशन है। और मुंबई, इंदौर, दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, बड़ौदा, सूरत, हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, उदयपुर, मथुरा, भोपाल, नागपुर, हिसार, जोधपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों से सीधी रेल सेवा उपलब्ध है।

    बस सेवाएं – मंदसौर महू-नसीराबाद राजमार्ग पर स्थित है। मंदसौर से महज 30 किमी दूर से मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस वे भी निकल रहा है। सभी प्रमुख शहरों से सीधी बस सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

    निकटतम हवाई अड्डा – इंदौर (220 किमी), उदयपुर (190 किमी)

    मंदसौर में 25 करोड़ से 'पशुपतिनाथ लोक' तैयार
    श्री पशुपतिनाथ मंदिर परिसर में पशुपतिनाथ लोक का प्रथम चरण पूरा हो चुका है। मंदिर के सभा हाल से लेकर पुराने पार्किंग स्थल तक पूरे परिसर में 25 करोड़ रुपये में पर्यटन विकास निगम ने कायाकल्प कर दिया है। मंदिर परिसर में पुराने खंभों पर भी लाल पत्थर का कार्य हो चुका है। माली धर्मशाला व उसके आस-पास बने भवन भी तोड़कर यहां ओपन थियेटर बना दिया गया है। मंदिर के आसपास दीवारों पर लगे लाल पत्थरों पर शिव लीलाएं उकेरी गई हैं।

  • इमरान खान की सेहत की बढ़ी अटकलें, परिवार को बिना बताए अस्पताल में किया शिफ्ट

    इमरान खान की सेहत की बढ़ी अटकलें, परिवार को बिना बताए अस्पताल में किया शिफ्ट

    इस्लामाबाद.

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर नई चिंताएं सामने आई हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने आरोप लगाया कि इमरान को जेल से गुप्त रूप से अस्पताल में भेजा जा रहा है। पार्टी का दावा है कि इस कदम से उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हो रहा है और उनकी जान को खतरा पैदा हो सकता है।

    इमरान खान की फैमिली को इस ट्रांसफर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। पीटीआई ने मांग की है कि कोई भी मेडिकल जांच या इलाज उनके निजी डॉक्टरों की मौजूदगी में और कम से कम एक परिवार के सदस्य के साथ होना चाहिए। जेल नियमों के अनुसार भी परिवार और डॉक्टरों को पहले सूचित करना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इमरान खान 73 वर्ष के हैं। वह अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उन्हें लाहौर में उनके घर से गिरफ्तार किया गया था और भ्रष्टाचार के आरोपों में अदियाला जेल में रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जेल में रहते हुए उनकी सेहत बिगड़ गई है, खासकर दाहिने आंख में लगभग 85 प्रतिशत विजन लॉस हो चुका है। परिवार और लीगल टीम का आरोप है कि जेल अथॉरिटीज ने उन्हें उचित मेडिकल केयर नहीं दिया, जिससे यह स्थिति बनी। जनवरी 2026 के अंत में उन्हें आंख की समस्या के लिए अस्पताल ले जाया गया था, जहां एक छोटी प्रक्रिया हुई, लेकिन फैमिली को पहले सूचित नहीं किया गया था।

    पीटीआई ने लगाए गंभीर आरोप
    पीटीआई ने बयान जारी कर गंभीर चिंता जताई है कि इमरान खान को बिना परिवार की जानकारी के अस्पताल शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। पार्टी ने कहा, 'ऐसा कदम मौलिक मानवाधिकारों और कानूनी प्रावधानों का खुला उल्लंघन है।' उन्होंने इसे इमरान खान की सेहत और जान के साथ छेड़छाड़ करार दिया और इलाज में देरी को अमानवीय बताया। पार्टी ने तत्काल इलाज शुरू करने की मांग की है, बिना किसी समझौते के। पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने भी विजन लॉस की रिपोर्ट्स पर ध्यान देते हुए मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया है, ताकि उनकी आंखों की जांच हो सके।

    इमरान खान की सेहत को लेकर गरमाई राजनीति
    इस मुद्दे पर राजनीतिक विरोध बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को पाकिस्तान के विपक्षी गठबंधन ने संसद के पास धरना दिया और इमरान खान को तुरंत अल-शिफा अस्पताल में भर्ती करने की मांग की। प्रदर्शनकारी तब तक प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं। सरकार की ओर से जानकारी मंत्री ने कहा कि इमरान खान को स्पेशलाइज्ड आंखों के इलाज के लिए ले जाया जा रहा है और स्पेकुलेशन से बचने की अपील की है। हालांकि, परिवार और पीटीआई का कहना है कि बिना उनकी सहमति के कोई कदम नहीं उठाया जाए। यह घटनाक्रम पाकिस्तान की राजनीति में तनाव को और बढ़ा रहा है।

  • सुपर-8 में वेस्टइंडीज की धमाकेदार एंट्री, नेपाल का टूर्नामेंट खत्म

    सुपर-8 में वेस्टइंडीज की धमाकेदार एंट्री, नेपाल का टूर्नामेंट खत्म

    मुंबई
    मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में वेस्टइंडीज ने नेपाल को हराकर सुपर 8 में अपनी जगह पक्की कर ली है। वेस्टइंडीज के अब तीन मैचों में लगातार तीन जीत हो गई है और वह अगले राउंड में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में वेस्टइंडीज ने नेपाल को एकतरफा मैच में 9 विकेट से करारी शिकस्त दी।

    मैच में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जो सही साबित हुआ। कैरेबियाई टीम ने नेपाल को मात्र 133 रनों पर रोक दिया। इस मैच में नेपाल के लिए 'करो या मरो' की स्थिति थी, लेकिन कैरेबियाई टीम के शानदार प्रदर्शन ने उनके विश्व कप के सफर को यहीं समाप्त कर दिया। वेस्टइंडीज ने इस बड़ी जीत के साथ शान से सुपर एट में अपनी जगह पक्की कर ली है।

    नेपाल की बल्लेबाजी आज पूरी तरह लड़खड़ा गई, जहां केवल दीपेंद्र सिंह ऐरी ने 47 गेंदों पर 58 रनों की जुझारू पारी खेली और मैदान पर संघर्ष किया। वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही सटीक लाइन और लेंथ बनाए रखी। जेसन होल्डर सबसे घातक साबित हुए। होल्डर ने अपने 4 ओवरों के कोटे में मात्र 27 रन देकर 4 विकेट झटके और नेपाल के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। मैथ्यू फोर्ड ने भी बेहद किफायती गेंदबाजी की और 4 ओवर में केवल 10 रन देकर एक सफलता हासिल की, जिससे नेपाल की टीम 20 ओवरों में 8 विकेट पर 133 रन ही बना सकी।

    134 रनों के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और मात्र 15.2 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया। कप्तान शाई होप ने जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 44 गेंदों पर 61 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें उन्होंने 3 छक्के और 5 चौके लगाए। उनका साथ शिमरन हेटमायर ने बखूबी निभाया। उन्होंने 32 गेंदों पर 46 रनों की तेजतर्रार पारी खेली और दूसरे विकेट के लिए होप के साथ 91 रनों की अटूट साझेदारी की। नेपाल के स्टार स्पिनर संदीप लामिछाने आज काफी महंगे रहे और उन्होंने 3 ओवरों में बिना कोई विकेट लिए 38 रन लुटा दिए।

    इस मैच में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स बने और टूटे, जिसमें वेस्टइंडीज ने वानखेड़े स्टेडियम में अपने कभी न हारने वाले टी20 रिकॉर्ड को बरकरार रखा। जेसन होल्डर को उनके शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। इस हार के साथ नेपाल आधिकारिक तौर पर आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 से बाहर हो गया है। कैरेबियाई टीम के बल्लेबाजों और गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे इस टूर्नामेंट में खिताब के प्रबल दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहे हैं। विश्व कप से अब तक दो टीमें बाहर हो चुकी हैं, जबकि एक टीम ने सुपर में एट में अपनी दाबेदारी पेश कर दी है। आज के मैच में भारत और पाकिस्तान में से भी जो जीतेगा वह सुपर-8 में अपनी जगह पक्की कर लेगा।

  • ‘फिल्म रिलीज होने दें’— यश की टॉक्सिक विवाद पर कर्नाटक फिल्म चैंबर अध्यक्ष का बयान

    ‘फिल्म रिलीज होने दें’— यश की टॉक्सिक विवाद पर कर्नाटक फिल्म चैंबर अध्यक्ष का बयान

    कर्नाटक

    साउथ सुपरस्टार यश की आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ अपनी रिलीज से पहले ही विवादों में घिरी है। फिल्म के टीजर में अत्यधिक उत्तेजक सीन को लेकर जहां महिला संगठनों ने विरोध जताया है। वहीं ईसाई समुदाय ने भी फिल्म के कुछ सीन पर आपत्ति जताते हुए उन्हें हटाने की मांग की है। इन विवादों पर अब कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स की अध्यक्ष का बयान सामने आया है।

    टीजर के बाद ही राय बनाना जल्दबाजी
    मीडिया से बात करते हुए कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स की अध्यक्ष जयमाला का कहना है कि जनता को केवल टीजर के आधार पर निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा, 'टॉक्सिक' के टीजर को लेकर शिकायतें आई हैं, लेकिन मुझे ठीक से नहीं पता कि इसमें क्या गड़बड़ है। टीजर तो सिर्फ एक झलक होती है, जिसका मकसद दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाना होता है। सेंसर बोर्ड द्वारा समीक्षा किए जाने से पहले फिल्म पर चर्चा करना जल्दबाजी होगी। फिल्म निर्माता अपने काम में करोड़ों रुपये लगाते हैं और दर्शकों को अपनी राय बनाने से पहले पूरी फिल्म देखनी चाहिए।’

    मेकर्स ने आरोपों से किया इनकार
    जयमाला ने आगे बताया कि फिल्म के निर्माताओं ने अपमानजनक या अश्लील सामग्री के आरोपों से इनकार किया है। फिल्म की रिलीज से पहले समीक्षा और प्रमाणन होना बाकी है। इसलिए शिकायतों का निपटारा उचित नियामक प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

    टीजर के बाद उठे ये विवाद
    यह विवाद तब शुरू हुआ जब ‘टॉक्सिक’ के टीजर में कब्रिस्तान के बाहर खड़ी एक कार में यश का एक महिला के साथ अत्यधिक उत्तेजक यौन दृश्य दिखाया गया। इसके बाद कब्रिस्तान में हिंसक गोलीबारी का दृश्य आता है। वहां पर कई धार्मिक मूर्तियां हैं, जिनमें एंजल माइकल की प्रतिमा भी शामिल है।

    नेशनल क्रिश्चियन फेडरेशन ने फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के साथ-साथ राज्य सरकार के मुख्य सचिव, गृह सचिव और सीबीएफसी से भी 'टॉक्सिक' के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। वहीं महिला संगठनों ने भी फिल्म के मेकर्स के खिलाफ इस सीन के माध्यम से महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
     
    ‘धुरंधर: द रिवेंज’ से होगा ‘टॉक्सिक’ का मुकाबला
    गीतु मोहनदास द्वारा निर्देशित 'टॉक्सिक' में यश राया के किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा फिल्म कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, नयनतारा, रुक्मिणी वसंत, तारा सुतारिया, अक्षय ओबेरॉय और सुदेव नायर भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म की कहानी भी यश और गीतू ने मिलकर लिखी है। यह फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ‘टॉक्सिक’ का मुकाबला बॉक्स ऑफिस पर रणवीर सिंह की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'धुरंधर 2' से होगा।