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  • नोएडा मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर को केंद्र की मंजूरी

    नोएडा मेट्रो एक्सटेंशन कॉरिडोर को केंद्र की मंजूरी

    सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किमी विस्तार को हरी झंडी

    परी चौक से बॉटनिकल गार्डन का सफर भी होगा आसान, यात्रा समय घटेगा

    योगी सरकार की शहरी कनेक्टिविटी रणनीति को मिलेगा बल, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में सक्रिय मेट्रो नेटवर्क 61.62 किमी तक पहुंचेगा

    लखनऊ,

     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नोएडा मेट्रो रेल परियोजना के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे एक्सटेंशन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इस नए एलिवेटेड कॉरिडोर में कुल 8 स्टेशन होंगे। इसके संचालन में आने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क की कुल लंबाई बढ़कर 61.62 किलोमीटर हो जाएगी। यह कॉरिडोर नोएडा से ग्रेटर नोएडा की यात्रा भी सुगम बनाएगा। इस फैसले को उत्तर प्रदेश में शहरीकरण और औद्योगिक विकास के अनुरूप सार्वजनिक परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है।
    योगी आदित्यनाथ सरकार के शहरी विकास और निवेश प्रोत्साहन मॉडल में मजबूत कनेक्टिविटी को आधार स्तंभ माना गया है और यह परियोजना उसी रणनीति का विस्तार मानी जा रही है। यह नया कॉरिडोर नोएडा के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक जाएगा, जहां दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और मैजेंटा लाइन से इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। इससे नोएडा व ग्रेटर नोएडा के निवासियों को सीधे दिल्ली और अन्य प्रमुख ट्रांजिट हब से जुड़ने का लाभ मिलेगा। इससे दिल्ली एयरपोर्ट, प्रमुख रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों तक पहुंच और सुगम होगी।

    एक्सटेंशन कॉरिडोर से नोएडा के कई प्रमुख व्यावसायिक, औद्योगिक और शैक्षणिक क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। सेक्टर-142 स्थित एडवांट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 का स्काईमार्क वन मॉल, सेक्टर-93 का मॉल ऑफ नोएडा, सेक्टर-145 में माइक्रोसॉफ्ट, सेक्टर-157 में टीसीएस, सेक्टर-126 में हैवेल्स, सेक्टर-132 में इंफोसिस और एडोबी, सेक्टर-135 में कॉग्निजेंट तथा सेक्टर-127 में ओरेकल जैसे बड़े संस्थानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र भी इस विस्तार से जुड़ेंगे। सेक्टर-125 स्थित एमिटी विश्वविद्यालय, सेक्टर-91 का पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर-44 का महामाया बालिका इंटर कॉलेज और सेक्टर-128 का मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल अब मेट्रो नेटवर्क से बेहतर तरीके से कनेक्ट होंगे। इसके अलावा बॉटनिकल गार्डन और सेक्टर-93 पार्क जैसे प्रमुख सार्वजनिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी।

    इस विस्तार से सड़क यातायात का दबाव कम होगा और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी। मेट्रो को सड़क परिवहन का प्रभावी विकल्प बताते हुए अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रैफिक जाम में कमी, सड़क सुरक्षा में सुधार और ईंधन की बचत होगी। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से जीवाश्म ईंधन आधारित परिवहन पर निर्भरता घटेगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

    “बुनियादी ढांचे के विकास में बेहतर कनेक्टिविटी की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। जिस तरह से नोएडा व ग्रेटर नोएडा विभिन्न औद्योगिक गतिविधियों का हब बन रहे हैं, यह नया मेट्रो रूट दिल्ली व नोएडा/ग्रेटर नोएडा के बीच कनेक्टिविटी को सुगम कर नए निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियों को भी बल देगा। योगी सरकार का लक्ष्य नोएडा और ग्रेटर नोएडा को राष्ट्रीय और वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थान दिलाना है। यह परियोजना उसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा है, जो उत्तर प्रदेश को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सतत शहरी विकास की दिशा में आगे बढ़ा रही है।”
    –    शरद कोहली, आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ

  • भोपाल में भीषण आग का तांडव: फर्नीचर फैक्ट्री धधकी, 7 किमी दूर तक छाया धुएं का गुबार

    भोपाल में भीषण आग का तांडव: फर्नीचर फैक्ट्री धधकी, 7 किमी दूर तक छाया धुएं का गुबार

    भोपाल
    राजधानी के कस्तूरबा नगर स्थित चेतक ब्रिज के पास रविवार दोपहर करीब सवा चार बजे एक फर्नीचर की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में उसने विकराल रूप ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया, जो करीब सात से आठ किलोमीटर दूर से भी साफ दिखाई दे रहा था। उस धुंए का देखकर हर किसी के मन में यही बात उठ रही थी कि इतनी भीषण आग कहां लग गई।

    फायर कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार आग पर काबू पाने के लिए दमकल की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच चुकी हैं और आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत कर रही है।

    दमकल कर्मियों के सामने खड़ी हो गई चुनौती
    चूंकि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में लकड़ी और फर्नीचर का सामान रखा था, इसलिए आग की ऊंची लपटों ने दमकल कर्मियों के सामने चुनौती खड़ी कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक फैक्ट्री से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया, जिसके बाद आग ने तेजी से पूरे कारखाने को अपनी चपेट में ले लिया।

    सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने आसपास के क्षेत्र को खाली करा दिया है। फिलहाल हादसे में किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है और निगम की दमकलें एक के बाद एक मौके पर पहुंच रही हैं।

  • श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण कार्य में तेजी

    श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण कार्य में तेजी

    ₹382 करोड़ की योजना में ₹251.82 करोड़ की पहली किस्त जारी

     लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक का किया जा रहा निर्माण

    प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 की होगी, कुल 4,000 महिलाओं को मिलेगा लाभ

    लखनऊ

     शहरी क्षेत्रों में रोजगार की तलाश में आने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से योगी सरकार ने आठ श्रमजीवी महिला छात्रावासों के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी है। कुल स्वीकृत धनराशि का 66 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में जारी किया जा चुका है। इससे निर्माण कार्य को गति मिली है। भारत सरकार की एसएएससीआई योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में यह परियोजना संचालित की जा रही है, जिसके लिए कुल ₹382 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

    सीएंडडीएस को दी गई जिम्मेदारी
    प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2025 में सीएंडडीएस को इस परियोजना का कार्यदायी संस्थान नामित किया है। विभागीय स्तर पर भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। लखनऊ में तीन, गौतमबुद्धनगर में चार और गाजियाबाद में एक समेत कुल आठ छात्रावासों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है। प्रत्येक छात्रावास की क्षमता 500 महिलाओं की होगी। इस प्रकार कुल 4,000 कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

    सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर
    इन छात्रावासों में सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, स्वच्छ शौचालय, भोजनालय, सामान्य बैठक कक्ष तथा अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उद्देश्य यह है कि रोजगार के लिए शहरों में आने वाली महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण मिल सके।

    महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम
    गाजियाबाद के सूर्यनगर क्षेत्र में प्रस्तावित छात्रावास के लिए आवश्यक अनुमति के लिए प्रक्रिया जारी है। संबंधित प्राधिकरणों से स्वीकृति प्राप्त होते ही वहां भी निर्माण कार्य पूर्ण गति से शुरू किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में महिलाएं विभिन्न उद्योगों, सेवा क्षेत्रों, निजी संस्थानों और असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं। आवास की कमी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उनके सामने बड़ी समस्या बनती हैं। इस परियोजना के माध्यम से सरकार न केवल सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करा रही है, बल्कि महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम भी उठा रही है।

    महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर
    यह योजना केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। योगी सरकार का फोकस स्पष्ट है कि आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और उन्हें कार्यस्थल के साथ-साथ आवासीय सुरक्षा भी सुनिश्चित हो। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से समयसीमा के अंदर पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। निर्माण कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि गुणवत्ता और तय समयसीमा का पालन सुनिश्चित हो सके।
    विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के शहरी श्रमबल को मजबूती मिलेगी और कामकाजी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी। सुरक्षित और किफायती छात्रावास व्यवस्था महिलाओं को रोजगार के अवसरों से जुड़ने में सहायक सिद्ध होगी।

  • यूपी की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी ढाई गुना से ऊपर पहुंची

    यूपी की अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी ढाई गुना से ऊपर पहुंची

    लखनऊ,

    उत्तर प्रदेश की तेज रफ्तार अर्थव्यवस्था के पीछे महिलाओं की बढ़ती भागीदारी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते नौ वर्षों में राज्य में महिला श्रम बल भागीदारी दर 13 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जिससे उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिल रही है। इसी अवधि में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2017 में करीब 13 लाख करोड़ रुपये तक सीमित रही  जीएसडीपी  2026-27 में बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये की ओर अग्रसर है।

    महिला श्रम बल भागीदारी दर में हर 1 प्रतिशत की वृद्धि से सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 0.5 से 1 प्रतिशत तक अतिरिक्त उछाल आता है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में  अर्थशास्त्र का यह सिद्धांत व्यवहार में साबित होता दिख रहा है। यही नहीं, महिला कार्यबल बढ़ने से उत्पादन क्षमता, श्रम उत्पादकता और राज्य के टैक्स बेस तीनों में समानांतर विस्तार हुआ है।

    महिलाएं बनीं ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’
    महिलाओं की आय बढ़ने से घरेलू उपभोग में वृद्धि हुई है, जिससे एमएसएमई गतिविधियों और सेवा क्षेत्र को लगातार गति मिल रही है। ग्रामीण स्वयं सहायता समूह,  डेयरी और कृषि आधारित उद्योगों से लेकर शहरी सेवा क्षेत्र तक महिलाएं अब ‘ग्रोथ मल्टीप्लायर’ की भूमिका निभा रही हैं।

    ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह आसान करेंगी महिलाएं
    नीतिगत स्तर पर महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए उत्तर प्रदेश में आर्थिक भागीदारी का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की राह में महिलाओं की भूमिका निर्णायक रहेगी।

  • मोहसिन नकवी की मौजूदगी में होगा भारत-पाक मुकाबला, ICC से करेंगे अहम बातचीत

    मोहसिन नकवी की मौजूदगी में होगा भारत-पाक मुकाबला, ICC से करेंगे अहम बातचीत

    कोलंबो
    पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड अध्यक्ष मोहसिन नकवी रविवार को कोलंबो में भारत और पाकिस्तान के बीच टी20 विश्व कप का मैच देखेंगे और आईसीसी अधिकारियों से बात भी कर सकते हैं। एक सूत्र ने बताया कि नकवी के साथ पाकिस्तान सुपर लीग के सीईओ सलमान नसीर और मुख्य परिचालन अधिकारी सुमैर अहमद समेत पीसीबी के सीनियर अधिकारी भी श्रीलंका जायेंगे।

    सूत्र ने कहा ,'' श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने दूसरे बोर्ड के अधिकारियों को न्योता दिया है लेकिन नकवी आईसीसी अध्यक्ष जय शाह और अन्य अधिकारियों से बात करने जा रहे हैं ताकि बहिष्कार प्रकरण के बाद पैदा हुई कड़वाहट कम हो।''

    पाकिस्तान सरकार के इस मैच को खेलने की टीम को अनुमति नहीं देने के फैसले के बाद आईसीसी और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव आया था। सुरक्षा कारणों से भारत में खेलने के बांग्लादेश के इनकार के बाद बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर किये जाने के मद्देनजर पाकिस्तान ने उसके प्रति एकजुटता दिखाते हुए भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार का ऐलान किया था। बाद में हालांकि 'यू टर्न' लेकर यह मैच खेलने का फैसला किया।

    सूत्र ने बताया कि भारत और बांग्लादेश बोर्ड के शीर्ष अधिकारी भी कोलंबो में होंगे और यह संभव है कि आईसीसी अध्यक्ष और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हो जाये। सूत्र ने बताया कि कोलंबो जाने से पहले नकवी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ से मुलाकात करेंगे।

    बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार करने पर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने घोषणा की थी कि उसकी राष्ट्रीय टीम 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले टी20 विश्व कप के ग्रुप मैच में भारत के खिलाफ मैदान में नहीं उतरेगी। पीसीबी, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के बीच हुई बातचीत के बाद पाकिस्तान सरकार ने सोमवार देर रात बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया।

    नकवी ने भारत के खिलाफ प्रस्तावित बहिष्कार को लेकर बने गतिरोध को सुलझाने के लिए बांग्लादेश के अपने समकक्ष अमीनुल इस्लाम और आईसीसी के उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा से मुलाकात की थी। पाकिस्तान सरकार ने सोमवार को जारी बयान में कहा, "बहुपक्षीय बैठकों में मिले सकारात्मक नतीजों और मित्र देशों के अनुरोध को देखते हुए पाकिस्तान सरकार निर्देश देती है कि पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम 15 फरवरी 2026 को आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप के निर्धारित मैच में हिस्सा लेगी।"

     

  • महाशिवरात्रि 2026: नेपाल-भारत में गूंजा हर हर महादेव, पशुपतिनाथ धाम में 3 KM लंबी भक्तों की कतार

    महाशिवरात्रि 2026: नेपाल-भारत में गूंजा हर हर महादेव, पशुपतिनाथ धाम में 3 KM लंबी भक्तों की कतार

    काठमांडू

    नेपाल की राजधानी काठमांडू में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों हिंदू श्रद्धालु श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ पहुंचे। फल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाने वाला यह पर्व शिवभक्ति के सबसे पावन दिनों में गिना जाता है। शिव पुराण के अनुसार, यह वही रात्रि है जब शिव तत्व का प्रकटीकरण हुआ। इसे कालरात्रि, मोहरात्रि, सुखरात्रि और शिवरात्रि इन चार महत्त्वपूर्ण रात्रियों में शामिल किया गया है।

    मान्यता है कि यह दिन आध्यात्मिक जागरण देता है और दुख-संताप से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। श्रद्धालु उत्सव कटुवाल ने बताया कि गौशाला से पशुपति तक दो–तीन किलोमीटर लंबी कतारें लगी थीं और लोग घंटों धैर्यपूर्वक दर्शन के लिए खड़े रहे। सुबह से ही नदी-तालाबों और मंदिरों में स्नान, पूजा, ध्यान और मंत्रोच्चार का सिलसिला जारी रहा।भक्त शांति भक्त ने कहा कि शिवरात्रि पर पूरा दिन पूजा, ध्यान और जप में बिताया जाता है।

    वहीं, अनीता सिंह ने बताया कि मंदिर में अनुष्ठान के बाद वे घर जाकर पूजा और उपवास रखेंगी।महाशिवरात्रि, “शिव की रात्रि”, नेपाल और भारत सहित कई देशों में व्यापक श्रद्धा से मनाई जाती है। स्कंद पुराण में भी इस पर्व के महत्व का उल्लेख है। मान्यता है कि इस अवधि में उत्तरी गोलार्ध में तारों की स्थिति आध्यात्मिक ऊर्जा को उन्नत करती है और शिव तत्व सर्वाधिक सक्रिय रहता है।

  • घर की दीवारों पर लगाएं ये शुभ तस्वीरें, वास्तु के अनुसार बदल सकती है आपकी किस्मत

    घर की दीवारों पर लगाएं ये शुभ तस्वीरें, वास्तु के अनुसार बदल सकती है आपकी किस्मत

    अक्सर हम घर को सजाने के लिए दीवारों पर सुंदर पेंटिंग्स या तस्वीरें लगा देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वे केवल सजावट की वस्तु नहीं हैं? वास्तु शास्त्र के अनुसार, हर तस्वीर एक विशिष्ट ऊर्जा पैदा करती है, जो आपके मानसिक स्वास्थ्य, रिश्तों और आर्थिक स्थिति पर गहरा असर डालती है। एक घर सिर्फ ईंट, पेंट और फर्नीचर से नहीं बनता।

    यह एक जीवंत स्थान है जो हमारी भावनाओं, यादों और प्राण-ऊर्जा से जुड़ा होता है। इस ऊर्जा को सबसे खामोश, लेकिन सबसे प्रभावशाली तरीके से प्रभावित करती हैं हमारी दीवारों पर लगी तस्वीरें और पेंटिंग्स।

    अक्सर हम सजावट अनजाने में करते हैं। किसी गैलरी से पसंद आई पेंटिंग ले आए, सीढ़ियों के बगल वाली दीवार को एस्थेटिक लुक देने के लिए परिवार-दोस्तों के साथ बिताए खुशनुमा पलों का कोलाज बना दिया या पूर्वजों की तस्वीरों को सहेज दिया। ये फ्रेम घर के खालीपन को तो भर देते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये तस्वीरें आपके घर की ऊर्जा और आपके जीवन को किस दिशा में मोड़ रही हैं!

    मूक संवाद हैं तस्वीरें
    वास्तु शास्त्र के अनुसार, दृश्य कभी भी निष्पक्ष नहीं होते। हमारा मस्तिष्क उन प्रतीकों और मानसिक संदेशों को लगातार ग्रहण करता रहता है।तस्वीरें मूक संवाद होती हैं। जब हम उन्हें सचेत रूप से देखना बंद भी कर देते हैं, तब भी वे हमारे अवचेतन मन से बातें करती रहती हैं।

    उदाहरण के लिए, डूबते हुए सूरज की पेंटिंग को लें। कलात्मक रूप से यह कितनी भी सुंदर और रंगों से भरपूर क्यों न हो, लेकिन यह अंत, ठहराव और अवसान का प्रतीक है। यदि इसे लिविंग रूम जैसे सक्रिय स्थान पर लगाया जाए, तो यह आलस्य या भावनात्मक भारीपन पैदा कर सकती है। इसके विपरीत, उगता हुआ सूरज साहस, नवीनीकरण और प्रगति का प्रतीक है ऐसी ऊर्जा जो संवाद और विकास को बढ़ावा देती है।

    मनोविज्ञान और दृश्यों का प्रभाव
    मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इसे समझना आसान है। मानव मस्तिष्क लगातार दृश्यों को प्रोसेस करता है। किसी तरह की तस्वीर के सामने बार-बार रहने से हमारे विचार और भावनाएं वैसी ही होने लगती हैं। संघर्ष, दुख या अकेलेपन को दर्शाने वाली तस्वीर अनजाने में मन को उन्हीं भावनाओं से बांध देती है। समय के साथ इसका असर हमारे आत्मविश्वास, प्रेरणा और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ने लगता है।

    पूर्वजों की तस्वीरें और सही दिशा
    पूर्वजों की तस्वीरें भावनात्मक रूप से बहुत गहराई से जुड़ी होती हैं। वास्तु के अनुसार, इन्हें लगाने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे उपयुक्त है। यह दिशा स्थिरता और मार्गदर्शन से जुड़ी है। यहां गरिमा के साथ लगाई गई तस्वीरें आशीर्वाद और शक्ति प्रदान करती हैं। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि पूर्वजों की तस्वीरें बेडरूम या पूजा घर में लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये शांति के बजाय भावनात्मक बेचैनी पैदा कर सकती हैं। दीवारें सिर्फ फ्रेम थामने के लिए नहीं होतीं, वे आपके इरादों को बुलंद करती हैं। हम हर दिन जिन तस्वीरों के साथ रहते हैं, वे हमारे आंतरिक संसार पर एक गहरी छाप छोड़ती हैं। कला का चुनाव केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि जागरूकता के साथ होना चाहिए। जब घर की दीवारें सही ऊर्जा से सजी होती हैं, तो वहां रहने वाले लोग भी स्पष्टता, स्थिरता और शांति के साथ जीवन में आगे बढ़ते हैं।

    हर कमरे की अपनी जरूरत
    बैठक: उगते हुए सूरज की तस्वीर, दौड़ते हुए सात सफेद घोड़ों की तस्वीर (तरक्की के लिए), या हरे-भरे जंगल के दृश्य लगाएं। यहां युद्ध, जंगली जानवरों, या उदासी वाली पेंटिंग्स न लगाएं।
    स्टडी रूम: मां सरस्वती, भगवान गणेश, या महान विद्वानों/प्रेरणादायक महापुरुषों की तस्वीरें। उगते सूरज या उड़ते हुए पक्षी भी सकारात्मकता देते हैं।
    शयनकक्ष: यहां शांति और प्रेम की आवश्यकता होती है। सुखद परिदृश्य, कोमल रंग या जोड़े (जैसे हंसों का जोड़ा) की तस्वीरें आपसी तालमेल बढ़ाती हैं।
    कार्यक्षेत्र : अगर आप घर से ही काम करते हैं या कोई ऐसा कोना है जहां आप काम करते हैं तो यहां के लिए आपको एकाग्रता और प्रेरणा चाहिए। इस स्थान पर दौड़ते हुए घोड़े, ऊंचे पर्वत या उगते सूरज की तस्वीरें फोकस और कार्यक्षमता बढ़ाती हैं।

    बिना तोड़-फोड़ के वास्तु उपाय
    आजकल के फ्लैट्स और अपार्टमेंट्स में तोड़-फोड़ करना संभव नहीं होता, ऐसे में पेंटिंग्स एक ‘रेमेडी’ की तरह भी काम कर सकती हैं:
    उत्तर दिशा: करियर में प्रगति के लिए जल तत्व वाली पेंटिंग।
    दक्षिण-पश्चिम: स्थिरता के लिए पहाड़ों के चित्र।
    पूर्व दिशा: स्वास्थ्य और सामाजिक संबंधों के लिए उगता सूरज।

    वास्तु के अनुसार क्या न लगाएं?
    वास्तु शास्त्र में कुछ विषयों को घर के भीतर रखने की सख्त मनाही है, चाहे उनका कलात्मक मूल्य कितना भी अधिक क्यों न हो, मगर ये दृश्य असंतोष, अनिश्चितता और जड़ता को आमंत्रित करते हैं:
    हिंसक दृश्य: युद्ध के दृश्य, शिकारी जानवर या अशांत समुद्र।
    नकारात्मक प्रतीक: डूबती हुई नाव, खंडहर, बिना पत्तियों वाले सूखे पेड़ या दुख से भरे चेहरे।

     

  • कप्तान बनते ही छाए एडेन मार्करम, सबसे तेज फिफ्टी ठोककर रोहित शर्मा के खास क्लब में एंट्री

    कप्तान बनते ही छाए एडेन मार्करम, सबसे तेज फिफ्टी ठोककर रोहित शर्मा के खास क्लब में एंट्री

    नई दिल्ली
    एडेन मार्करम ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ शानदार अंदाज में साउथ अफ्रीका की जीत की नैया पार लगाई। साउथ अफ्रीका के कप्तान मार्करन ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 44 गेंदों में नाबाद 88 रनों की पारी खेली और न्यूजीलैंड को सात विकेट से रौंदा। बतौर ओपनर उतरे मार्करम ने आठ चौके और चार छक्के जड़े। साउथ अफ्रीका ने ग्रुप डी मैच में 176 रनों का लक्ष्य 17 गेंद बाकी रहते हासिल किया।

    मार्करम ने टी20 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान संयुक्त रूप से सबसे तेज फिफ्टी जड़ने कारानामा अंजाम दिया है। उन्होंने न्यूजीलैंड बनाम साउथ अफ्रीका मैच में महज 19 गेंदों में फिफ्टी कंप्लीट कर ली थी। यह टी20 वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के लिए सबसे तेज अर्धशतक है। उन्होंने रोहित शर्मा के धाकड़ क्लब में एंट्री मारी है। रोहित ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में बतौर कप्तान ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध 19 गेंदों में अर्धशतक जमाया था।

    'हिटमैन' के नाम से मशहूर रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 41 गेंदों में 92 रनों की पारी खेली, जिसमें सात चौके और आठ छक्के शामिल हैं। भारत ने 205/5 का स्कोर खड़ा करने के बाद ऑस्ट्रेलिया को 24 रनों से शिकस्त दी थी। रोहित ने पिछले संस्करण में भारत को ट्रॉफी जिताने के बाद टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। श्रीलंकाई कप्तान दासुन शनाका मौजूदा टू्र्नामेंट में 19 गेंदों में फिफ्टी मार चुके हैं।

    टी20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज फिफ्टी ठोकने वाले कप्तान
    19 गेंद – रोहित शर्मा (बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2024)
    19 गेंद – दासुन शनाका (बनाम ओमान, 2026)
    19 गेंद – एडेन मार्करम (बनाम न्यूजीलैंड, 2026)
    20 गेंद – मोहम्मद अशरफुल (बनाम वेस्टइंडीज, 2007)
    21 गेंद – महेला जयवर्धने (बनाम केन्या, 2007)

    साउथ अफ्रीका के कप्तान मार्क्रम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ बड़ी जीत के बाद कहा कि उनकी टीम टी20 वर्ल्ड कप में अपनी पूरी क्षमता के साथ खेलने के काफी करीब पहुंच गई है। उन्होंने मैच के बाद कहा, ''हम अपनी पूरी क्षमता के काफी करीब पहुंच गए। मुझे लगता है कि हमने सभी क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया। इस पिच पर माना जा रहा था कि 200 रन से अधिक का स्कोर बनेगा। ऐसे में उन्हें कम स्कोर पर रोकना बहुत अच्छा प्रयास था। पिच वास्तव में बहुत अच्छी थी और खेल आगे बढ़ने के साथ-साथ बेहतर होती गई।''

  • उड़ान भरते ही हिलने लगा सीएम मोहन यादव का हेलीकॉप्टर, मचा हड़कंप

    उड़ान भरते ही हिलने लगा सीएम मोहन यादव का हेलीकॉप्टर, मचा हड़कंप

    खंडवा
    मध्य प्रदेश के खंडवा में मुख्यमंत्री मोहन यादव के हेलीकॉप्टर की उड़ान के दौरान कुल पल के लिए तब लोगों की सांसें थम गईं जब टेक ऑफ के तुरंत बाद यह आगे बढ़ने की बजाए पीछे हटने लगा। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोग सीएम की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए थे। यह घटना हाल ही में तब हुई जब CM मोहन यादव खंडवा जिले के पंधाना में लाड़ली बहना योजना के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।

    खंडवा के पंधाना में उड़ान भरने के दौरान अचानक मुख्यमंत्री मोहन यादव का हेलीकॉप्टर आगे जाने के बजाय पीछे और नीचे की ओर झुकने लगा। यह सीन देखकर वहां मौजूद लोग और सुरक्षाकर्मी घबरा गए लेकिन पायलट ने सूझबूझ से हेलीकॉप्टर को संभाल लिया। आखिरकार हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से हवा में संतुलित कर जब आगे अपने सफर के लिए रवाना हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली।

  • नशे के नेटवर्क पर करारा वार: 50 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

    नशे के नेटवर्क पर करारा वार: 50 किलो गांजा जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार

    धमतरी

    एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट तथा थाना सिविल लाईन पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कार से गांजा की तस्करी करते दो तस्करों को पकड़ने में कामयाबी पाई है. तस्करों के पास से 50.94 किलोग्राम गांजा के साथ 2 लाख रुपए नगदी, कार और मोबाइल सहित कुल 32,67,000 रुपए का माल जब्त किया है.

    जानकारी के अनुसार, एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट की टीम को 14 फरवरी को मुखबिर से सूचना मिली की सिविल लाइन थाना क्षेत्रांतर्गत केनाल रोड स्थित दुर्गा मंच के पीछे खाली मैदान में एक चारपहिया वाहन में सवार दो व्यक्ति अवैध रूप से गांजा रखकर बिक्री के उद्देश्य से ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं.

    सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एण्ड साइबर) स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों एवं प्रभारियों को सूचना की तस्दीक कर आरोपियों को मादक पदार्थ सहित गिरफ्तार करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए.

    वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट तथा थाना सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर वाहन में सवार दो लोगों से पूछताछ की. जिस पर कार में बैठे लोगों ने अपना परिचय हृषिकेश उर्फ ऋषिकेश उर्फ ऋषि सरोज एवं हिमांशु दामले बताया. टीम के सदस्यों द्वारा वाहन की तलाशी लेने पर वाहन में अलग – अलग पैकेटों में गांजा रखा होना पाया गया.

    आरोपियों के कब्जे से कुल 50 किलो 94 ग्राम गांजा, नगदी रकम 2 लाख रूपये, 2 मोबाइल फोन, टोयोटा कार सहित लगभग 32,67,000 रूपये जप्त कर आरोपियों के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 88/26 धारा 20(सी), 29 नारकोटिक एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई.