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  • MP के वकील आज कोर्ट में हाजिर नहीं होंगे, शिवपुरी मर्डर पर नाराजगी, एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट की मांग

    MP के वकील आज कोर्ट में हाजिर नहीं होंगे, शिवपुरी मर्डर पर नाराजगी, एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट की मांग

    जबलपुर 

    मध्य प्रदेश के वकील आज सोमवार को न्यायालयीन कार्य से अलग रहेंगे। 14 फरवरी शिवपुरी जिले में एडवोकेट संजय कुमार सक्सेना की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात उस समय हुई, जब अधिवक्ता यूनिफॉर्म में कोर्ट जा रहे थे।

    इससे आक्रोशित वकीलों ने विरोध स्वरूप प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया है। यह फैसला रविवार को मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल की बैठक में लिया गया है। इससे पहले मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जिला बार और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार ने भी संयुक्त रूप से सोमवार को पैरवी न करने का निर्णय लिया था।

    मप्र स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता ने कहा कि अधिवक्ताओं पर लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए अब एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। रविवार दोपहर सभी सदस्यों की ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया है।

    7 दिन का अल्टीमेटम, फिर मुख्यमंत्री निवास घेराव

    बैठक में यह भी तय किया गया कि राज्य सरकार को 7 दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इस दौरान कलेक्टर और तहसील स्तर पर अधिवक्ता, तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। यदि इसके बाद भी सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाया, तो काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के करीब सवा लाख अधिवक्ता भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। बैठक के अंत में मृत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि भी दी गई।

    एक करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग

    स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई।

    बैठक में निर्णय लिया है कि संजय कुमार सक्सेना के परिवार को एक करोड़ रुपए का मुआवजा, एक आश्रित को सरकारी नौकरी और आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग सरकार से की जाएगी। साथ ही एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को शीघ्र लागू करने पर जोर दिया गया।

    चीफ जस्टिस को पत्र, मुकदमे खारिज न करने का आग्रह

    तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को पत्र के माध्यम से दी है। पत्र में आग्रह किया है कि वकीलों की गैरहाजिरी में मामलों को खारिज न किया जाए। सोमवार को दोपहर 12:30 बजे वकील मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे।

    वर्षों से लंबित है एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट

    मप्र हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा कि वकीलों की सुरक्षा के लिए कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की जा रही है। भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत आयोजित कर सरकार ने भरोसा भी दिलाया था, लेकिन अब तक इसका कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।

  • असम कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने दिया इस्तीफा

    असम कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने दिया इस्तीफा

    गुवाहाटी

    असम में अगले कुछ महीनों में ही चुनाव होने वाले हैं और उससे ठीक पहले कांग्रेस को करारा झटका लगा है। पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रिपुन बोरा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सभी पदों के साथ ही प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। रिपुन बोरा ने 2021 में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से तब इस्तीफा दे दिया था, जब कांग्रेस की करारी हार हुई थी। वह राज्यसभा के भी सदस्य रह चुके थे। तरुण गोगोई सरकार के दो कार्यकालों में वह लगातार मंत्री रहे और पहली बार 2001 में विधायक चुने गए थे।

    वह असम कांग्रेस के करीब 5 सालों तक प्रदेश अध्यक्ष रहे थे। 2016 में उन्हें पार्टी की कमान मिली थी। इसी साल वह राज्यसभा के लिए भी चुने गए थे, जिसका कार्यकाल 2022 में समाप्त हुआ था। उन्होंने 2022 में कांग्रेस छोड़ दी थी और टीएमसी का हिस्सा बन गए थे। हालांकि 2024 में वह फिर से कांग्रेस में लौट आए। कांग्रेस में वापसी के बाद भी वह ज्यादा चर्चा में नहीं थे। ऐसे में उनका इस्तीफा अहम है और माना जा रहा है कि कांग्रेस को इसका नुकसान हो सकता है। राज्य में चुनाव प्रचार अगले कुछ दिनों में जोर पकड़ सकता है, जबकि हिमंत बिस्वा सरमा काफी ऐक्टिव हैं। उनका एक वीडियो भी इन दिनों चर्चा में है।

  • MP विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत, राज्यपाल ने मोहन सरकार के विकास कार्यों का किया विवरण, बजट की मुख्य बातें

    MP विधानसभा बजट सत्र की शुरुआत, राज्यपाल ने मोहन सरकार के विकास कार्यों का किया विवरण, बजट की मुख्य बातें

    भोपाल 
    मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से शुरुआत हो गई। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपना अभिभाषण दिया।

    अपने संबोधन में राज्यपाल ने सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। साथ ही संकल्प पत्र 2023 में किए गए वादों पर अब तक हुए कार्य और आगामी लक्ष्यों की जानकारी भी दी। सदन में विभिन्न हस्तियों और नेताओं के निधन पर पक्ष-विपक्ष के सदस्यों द्वारा श्रद्धांजलि दी जाएगी।

    इससे पहले विधानसभा पहुंचने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यपाल का स्वागत किया।

    6 मार्च तक चलेगा सत्र

    सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। पहले दिन राज्यपाल का अभिभाषण और कृतज्ञता प्रस्ताव होगा। सत्र के लिए कुल 3478 प्रश्नों की विधानसभा को सूचनाएं, 236 ध्यानाकर्षण, 10 स्थगन प्रस्ताव, 41 अशासकीय संकल्प पेश होंगे। शून्य काल में विधानसभा में 83 सवाल होंगे।

    जानिए बजट में क्या मिलने वाला है

    मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है और सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा।

    सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट सिर्फ एक साल का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि भविष्य की एक विस्तृत वित्तीय योजना होगी, जिसमें पूंजीगत व्यय बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 10% की औसत वार्षिक वृद्धि दर हुई है।

    इसे देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट का आकार 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, पोषण, किसान, युवा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।

    बजट में करीब 1.40 करोड़ बच्चों को मिड डे मील में टेट्रा पैक दूध देने से लेकर, किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और 'सीएम केयर' योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा देने जैसी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। पढ़िए, इस बजट में क्या खास रहने वाला है…

    स्वास्थ्य: 'सीएम केयर' से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार इस बजट में सरकार 'सीएम केयर' योजना की घोषणा कर सकती है, जिसका मकसद प्रदेश में सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है।

        स्टेट कार्डियक सेंटर और अंग प्रत्यारोपण संस्थान: बजट में एक अत्याधुनिक स्टेट कार्डियक सेंटर और एक अंग प्रत्यारोपण संस्थान बनाने की घोषणा हो सकती है, जहां लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़े और कॉर्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध होगी।

        मेडिकल कॉलेजों में इलाज: इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर के मेडिकल कॉलेजों में ऑन्कोलॉजी (कैंसर), ऑन्को-सर्जरी, कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी जैसे सुपर-स्पेशलिटी विभाग शुरू किए जा सकते हैं।

        बजट और लागत: इस महत्वाकांक्षी योजना पर अगले पांच सालों में 2,000 करोड़ रुपए खर्च होने का प्रारंभिक अनुमान है, जो परियोजना के आगे बढ़ने पर और बढ़ सकता है।

        नए मेडिकल कॉलेज: सीहोर (बुधनी), दमोह और छतरपुर में केंद्र सरकार के सहयोग से नए मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए भी बजट में राशि का प्रावधान किया जा सकता है।

    वेलनेस टूरिज्म: 12 आस्था स्थल बनेंगे, पर्यटन और आरोग्य का संगम मध्य प्रदेश अब वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। प्रदेश के 12 स्थलों को आस्था, पर्यटन और आरोग्य के संगम के रूप में विकसित किया जा सकता है।

        चयनित स्थल: उज्जैन, ओंकारेश्वर, खजुराहो, पचमढ़ी, सिंगरौली, चित्रकूट, चंदेरी, मंदसौर, आलीराजपुर, ओरछा, आगर मालवा और दतिया।

        सुविधाएं: इन स्थलों पर 10-10 बेड के झोपड़ीनुमा डीलक्स अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां पर्यटक पंचकर्म, योग और ध्यान जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियों से उपचार करा सकेंगे।

        आयुष वीजा: सबसे खास बात यह है कि मध्य प्रदेश, केरल के बाद देश का दूसरा राज्य बनने जा रहा है जो वेलनेस टूरिज्म को आयुष वीजा से जोड़ेगा। इससे विदेशी पर्यटक सीधे वेलनेस के लिए वीजा लेकर यहां आ सकेंगे।

        उज्जैन में आयुर्वेदिक एम्स: देश के तीन प्रस्तावित आयुर्वेद AIIMS में से एक उज्जैन में स्थापित किए जाने की कोशिश है, यदि ऐसा हुआ तो ये प्रदेश को आयुर्वेदिक चिकित्सा और शोध के क्षेत्र में एक नई पहचान देगा।

    पोषण एवं शिक्षा: बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध पहली से आठवीं तक के 98.37 लाख बच्चे और आंगनवाड़ियों में 3 से 6 साल की उम्र के 48 लाख बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब मध्यान्ह भोजन के साथ इस भी बच्चों को ट्रेटा पैक दूध भी दिए जाने की योजना है। इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत विभाग मप्र दुग्ध महासंघ के साथ एमओयू साइन करेगा।

        टेट्रा पैक दूध की खासियत: यह दूध अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर (UHT) तकनीक से कीटाणु रहित किया जाता है और इसे 6-परतों वाली एयर-टाइट पैकेजिंग में सील किया जाता है। इससे यह बिना फ्रिज के 6-9 महीने तक सुरक्षित और ताजा रहता है, जो इसे दूर-दराज के इलाकों में वितरण के लिए आदर्श बनाता है।

        शिक्षा: शिक्षा के क्षेत्र में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने की घोषणा हो सकती है। साथ ही, जबलपुर स्थित धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के दूसरे चरण के निर्माण के लिए 197 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा सकता है।

    किसानों के लिए: सिंचाई से लेकर भावांतर तक किसानों को साधने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है।

        सिंचाई: सिंचाई क्षमता को साढ़े सात लाख हेक्टेयर बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सिंचाई बजट को 17,214 करोड़ से बढ़ाकर 19-20 हजार करोड़ रुपये किया जा सकता है। राजगढ़ की सुल्तानपुर और बरेली की बारना जैसी नई सिंचाई परियोजनाओं के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है।
        भावांतर और जैविक खेती: सोयाबीन के साथ अन्य नकदी फसलों पर भी भावांतर योजना की घोषणा हो सकती है। जैविक खेती करने वाले किसानों को शुरुआती नुकसान की भरपाई के लिए प्रोत्साहन राशि और जैविक उत्पादों के लिए विशेष मंडियां विकसित करने की भी घोषणा की जा सकती है।
        WINDS कार्यक्रम: फसल बीमा योजना को और प्रभावी बनाने के लिए WINDS (वेदर इंफॉर्मेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम) कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए 434 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे मौसम के सटीक आंकड़े उपलब्ध होंगे।

    इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और शहरों का कायाकल्प

        मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना: इस योजना को 2026-27 तक जारी रखने के लिए अतिरिक्त 500 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जा सकती है।
        बड़वाह-धामनोद 4-लेन: इस महत्वपूर्ण सड़क के निर्माण के लिए भू-अर्जन सहित 2,508 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है।
        ग्रामीण सड़कें: ग्रामीण सड़कों के नवीनीकरण और उन्नयन के लिए अगले पांच साल तक 10,196 करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया जा सकता है। इसमें विशेष जनजातीय क्षेत्रों के लिए भी सड़कें और पुल शामिल हैं।
        अमृत योजना: शहरों में सीवेज और पाइपलाइन नेटवर्क के लिए केंद्र और राज्य मिलकर 5,000 करोड़ रुपए खर्च कर सकते हैं।
        मेट्रोपोलिटन रीजन: भोपाल और इंदौर को मेट्रोपोलिटन रीजन के तौर पर विकसित करने के लिए 300 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मिलने की संभावना है।

    कर्मचारी और युवा: वेतन वृद्धि से लेकर 50 हजार नौकरियों तक

        कर्मचारियों के लिए: सरकार ने वेतन, भत्ते और स्थायी व्यय की गणना के लिए एक नया फॉर्मूला तैयार किया है, जिसमें 3% वार्षिक वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते की गणना 74%, 84% और 94% के हिसाब से होगी। 50 साल पुराने पेंशन नियम में संशोधन कर 25 वर्ष से अधिक आयु की अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा बेटियों को भी परिवार पेंशन का पात्र बनाया गया है।

        युवाओं के लिए: सरकार अगले एक साल में 50,000 नई नौकरियों का ऐलान कर सकती है। विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) के लिए बजट में 30% से अधिक की वृद्धि की जा रही है।

    पहली बार 'रोलिंग बजट': एक बजट, तीन साल की योजना इस बार मध्य प्रदेश सरकार एक नई पहल करते हुए विधानसभा में पहली बार रोलिंग बजट पेश करेगी। यह एक क्रांतिकारी कदम है, जिसमें सरकार एक साथ तीन वित्तीय वर्षों (2026-27 से 2028-29) की वित्तीय योजना पेश करेगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे अगले विधानसभा चुनाव की अभी से तैयारी के तौर पर देख रहे हैं।

    हालांकि, सरकार का तर्क है कि इस व्यवस्था से योजनाओं पर होने वाले खर्च पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा और उनकी लगातार समीक्षा संभव होगी, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा।

    एक छत के नीचे आएंगी समान प्रकृति की योजनाएं बजट में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब हर योजना के लिए यह स्पष्ट करना होगा कि उस पर खर्च क्यों किया जा रहा है, उसका लाभ किसे मिलेगा और उसका सामाजिक व आर्थिक प्रभाव क्या होगा। इस प्रक्रिया में, कई गैर-प्रभावी योजनाओं को समाप्त किया जा रहा है और समान प्रकृति की योजनाओं को एकीकृत किया जा रहा है।

    किसानों, महिलाओं, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक ही छतरी के नीचे लाकर बजट का प्रावधान किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक बिना किसी बाधा के और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

  • बजट पर आर्थिक विशषज्ञों की राय

    बजट पर आर्थिक विशषज्ञों की राय

    बजट पर आर्थिक विशषज्ञों की राय 

    लखनऊ 

    बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 3,822 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यह बीते साल से 19 प्रतिशत अधिक है। इससे उत्तर प्रदेश के नए उद्यमियों को काफी संबल मिलेगा। बजट में ऋण गारंटी को लेकर बैंकों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इससे बड़ी जमानत के बिना भी छोटे उद्यमियों को ऋण लेने में आसानी होगी।

    शरद कोहली, आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ 
    उत्तर प्रदेश के बजट में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास योजनाओं के लिए इस बार पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक धनराशि है। अब ₹27,103 करोड़ तय किए गए हैं। औद्योगिक क्लस्टर, लॉजिस्टिक्स हब और डेटा सेंटर के जरिये सरकार लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार अवसरों का सृजन कर रही है।

    प्रो मेनका सिंह, अर्थशास्त्री, दिल्ली यूनिवर्सिटी  
    देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाइयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इस बार के बजट में इस क्षेत्र को बढ़ाना देने के ज्यादा धन दिया गया है।

    प्रो दीप्ति तनेजा, अर्थशास्त्री, दिल्ली यूनिवर्सिटी

  • मुख्यमंत्री ने रुद्राभिषेक-जलाभिषेक कर की प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना

    मुख्यमंत्री ने रुद्राभिषेक-जलाभिषेक कर की प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना

    मुख्यमंत्री ने रुद्राभिषेक-जलाभिषेक कर की प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना

    महाशिवरात्रि पर गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में सीएम योगी ने किया देवाधिदेव महादेव का रुद्राभिषेक

    मानसरोवर और भरोहिया स्थित पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में दर्शन-पूजन कर किया दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक

    गोरखपुर
     देवाधिदेव महादेव भोले शंकर की उपासना के पावन पर्व महाशिवरात्रि पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने सुबह गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने अंधियारी बाग स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर और भरोहिया के पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी दर्शन, पूजन व दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक किया और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।  

    रविवार सुबह जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में भगवान भोले शंकर का दुग्ध, दही, घी, मधु और शर्करा से पंच स्नान कराया। इसके बाद विधि विधान से रुद्राभिषेक किया। मठ के पुरोहित एवं वेदपाठी ब्राह्मणों ने शुक्ल यजुर्वेद संहिता के रुद्राष्टाध्यायी के महामंत्रों द्वारा रुद्राभिषेक का अनुष्ठान पूर्ण कराया। रुद्राभिषेक के बाद मुख्यमंत्री ने महादेव भगवान शिव से चराचर जगत के मंगल की प्रार्थना की। 

    गोरक्षपीठ में रुद्राभिषेक करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंधियारी बाग के प्राचीन मानसरोवर मंदिर भी गए। यहां उन्होंने भोलेनाथ का दर्शन पूजन किया। भगवान शिव को पूजन सामग्री अर्पित कर, पंचस्नान कराकर दूध और जल से उनका अभिषेक किया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए पूजन, अभिषेक का अनुष्ठान हवन और आरती के साथ पूर्ण हुआ। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, कालीबाड़ी के महंत रविंद्रदास आदि भी उपस्थित रहे। 

    इसी क्रम में महाशिवरात्रि पर सीएम योगी रविवार दोपहर बाद भरोहिया स्थित पितेश्वरनाथ शिव मंदिर पहुंचे। यहां बाबा पितेश्वरनाथ का दर्शन, पूजन व विधि विधान से जलाभिषेक कर संपूर्ण मानव जाति के कल्याण, सुख-समृद्धि एवं शांति की प्रार्थना की। पांडवकालीन मान्यता वाले पितेश्वरनाथ मंदिर का गोरक्षपीठ से गहरा नाता है। गोरक्षपीठाधीश्वर हर महाशिवरात्रि यहां जलाभिषेक करने आते हैं। जलाभिषेक करने के बाद मुख्यमंत्री ने भरोहिया में शिव मंदिर के सामने स्थित गुरु गोरखनाथ विद्यापीठ के परिसर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और लोगों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। बच्चों से बातचीत कर उन्हें आशीर्वाद दिया। स्थानीय खिलाड़ियों के साथ फोटो खिंचवाई और उनका उत्साहवर्धन किया। भरोहिया में मुख्यमंत्री के आगमन पर विधायक फतेह बहादुर सिंह, भरोहिया के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संजय सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे।

  • IPO Alert: इस हफ्ते लॉन्च हो रहे हैं 3 बड़े IPO, निवेशकों के लिए जानें पूरी डिटेल

    IPO Alert: इस हफ्ते लॉन्च हो रहे हैं 3 बड़े IPO, निवेशकों के लिए जानें पूरी डिटेल

      नई दिल्ली

    अगर आप आईपीओ में निवेश (IPO Investment) का प्लान बना रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए खास है. दरअसल, इस हफ्ते तीन कंपनियां अपने आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन करने जा रही है. इनमें एक मैनबोर्ड, जबकि दो एसएमई आईपीओ शामिल हैं, ये दोनों ही SME IPO  मिलकर प्राइमरी मार्केट से 137 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने के लिए उतरेंगे. आइए जानते हैं इनके प्राइस बैंड, इश्यू साइज से लेकर लॉट तक के बारे में फुल डिटेल.

    हफ्ते के पहले दिन ये IPO 
    सप्ताह के पहले कारोबारी दिन आज 16 फरवरी को ओपन होने वाला आईपीओ एसएमई कैटेगरी का है. फुल-सर्विस गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन कंपनी फ्रैक्टल इंडस्ट्रीज अपना इश्यू (Fractal Industries IPO) ओपन करने वाली है. इसका साइज 49 करोड़ रुपये है और निवेशक इसमें 18 फरवरी तक बोलियां लगा सकेंगे. आईपीओ के तहत कंपनी 22,68,600 शेयर जारी करेगी, जो 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले होंगे. 

    Myntra, Ajio और Flipkart जैसे प्लेटफॉर्मों को सर्विस देने वाली गारमेंट्स डिजाइन और मैन्युफैक्चर कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 205-216 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयरों का है और रिटेल इन्वेस्टर्स को कम से कम दो लॉट के लिए बोली लगानी होगी. ऐसे में अपर प्राइस बैंड के हिसाब से किसी भी निवेशक को इस SME IPO में 1200 शेयरों के लिए 2,59,200 रुपये लगाने होंगे. इसकी लिस्टिंग 23 फरवरी को BSE SME में होगी. 

    ये है हफ्ते का दूसरा आईपीओ
    अगला आईपीओ 18 फरवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन होने वाला है और इसमें निवेशक 20 फरवरी तक पैसे लगा सकेंगे. ये इश्यू 2018 में स्थापित यशतेज इंडस्ट्रीज (इंडिया) लिमिटेड ला रही है, जो सोयाबीन ऑयल बनाने के बिजनेस से जुड़ी हुई है. कंपनी B2B सेगमेंट में काम करती है, यानी इसके द्वारा तैयार किया गया ऑयल रिफाइनिंग करने वाले ग्राहकों को बेचा जाता है. इसका एसएमई कैटेगरी के Yashhtej Industries (India) IPO का साइज 88.88 करोड़ रुपये है और कंपनी 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 80,79,600 शेयरों के बोलियां आमंत्रित करेगी. 

    प्राइस बैंड की बात करें, तो ये 110 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1200 शेयरों का है. रिटेल निवेशकों को 2 लॉट यानी 2400 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी और इसके लिए कुल 2,64,000 रुपये का निवेश करना होगा. इसकी लिस्टिंग भी BSE SME पर होगी और संभावित लिस्टिंग डेट 25 फरवरी है. 

    तीसरा IPO होगा मैनबोर्ड 
    अगले हफ्ते ओपन होने वाले तीन आईपीओ में से आखिरी मैनबोर्ड कैटेगरी का इश्यू है. देश में IVF उपचार में काम करने वाली कंपनी गौडियम आईवीएफ एंड वुमन हेल्थ लिमिटेड का इश्यू (Gaudium IVF IPO) 20 फरवरी को ओपन होने जा रहा है और इसमें 24 फरवरी तक पैसे लगाए जा सकेंगे. इससे पहले 18 फरवरी को इसे Anchor Investors के लिए ओपन किया जाएगा. इसके प्राइस बैंक और लॉट साइज का खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है. 

    मौजूदा डिटेल पर गौर करें, तो कंपनी आईपीओ के तहत 5 रुपये की फेस वैल्यू वाले 2,08,86,200 शेयर जारी करेगी. इनमें से 1,13,92,500 शेयर फ्रेश होंगे, जबकि बारी शेयरों को ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए बेचा जाएगा. 2015 में स्थापित इस कंपनी के शेयरों की BSE-NSE पर लिस्टिंग 27 फरवरी को होगी. 

  • MP के चर्चित IAS अवि प्रसाद ने की तीसरी शादी, दो पत्नियां कलेक्टर और डिप्टी सेक्रेटरी

    MP के चर्चित IAS अवि प्रसाद ने की तीसरी शादी, दो पत्नियां कलेक्टर और डिप्टी सेक्रेटरी

     भोपाल
       
    मध्य प्रदेश की प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक नाम फिर चर्चा के केंद्र में है अवि प्रसाद. वजह इस बार कोई तबादला, सख्त कार्रवाई या विकास मॉडल नहीं, बल्कि उनकी निजी जिंदगी है. अवि प्रसाद ने तीसरी शादी कर ली है, हालांकि दोनों से उनका तलाक हो चुका है और खास बात यह है दोनों भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी है और वर्तमान में जिले की कलेक्टर के रूप में काम कर रही हैं. तीसरी पत्नी राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी हैं. 

    अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर शुरुआत से ही उल्लेखनीय रहा है. वर्ष 2013 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ था, लेकिन उन्होंने दोबारा प्रयास किया और वर्ष 2014 की यूपीएससी परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में स्थान बनाया. उनकी यह उपलब्धि उन्हें अपने बैच के प्रतिभाशाली अधिकारियों में शुमार करती है. वे मूलतः उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले से ताल्लुक रखते हैं. राजनीति और सार्वजनिक जीवन का माहौल उन्होंने बचपन से देखा. उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद उर्फ बच्चा बाबू चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रहे थे. ऐसे में शासन-प्रशासन की समझ उन्हें विरासत में मिली, ऐसा उनके करीबी बताते हैं.

    पहली शादी: तैयारी के दिनों का रिश्ता

    दिल्ली में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान उनकी मुलाकात रिजु बाफना से हुई थी. दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और बाद में विवाह हुआ. रिजु बाफना वर्तमान में मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं और राज्य में एक सक्षम व सख्त प्रशासक के रूप में जानी जाती हैं. हालांकि यह रिश्ता लंबा नहीं चला. कुछ वर्षों बाद दोनों ने आपसी सहमति से अलग होने का निर्णय लिया और तलाक हो गया. 

    दूसरी शादी: मिशा सिंह के साथ
    पहले रिश्ते के समाप्त होने के बाद अवि प्रसाद ने दूसरी शादी आंध्र प्रदेश की 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से की. विवाह के बाद मिशा सिंह ने मध्य प्रदेश कैडर ले लिया. वर्तमान में वे रतलाम की कलेक्टर हैं और 2025 में उन्होंने जिले का कार्यभार संभाला. रतलाम में उनका कार्यकाल सक्रिय प्रशासनिक शैली के लिए जाना जा रहा है. विकास कार्यों के औचक निरीक्षण और योजनाओं की समीक्षा को लेकर वे अक्सर चर्चा में रहती हैं. हालांकि अवि प्रसाद और मिशा सिंह का यह रिश्ता भी ज्यादा समय तक नहीं चल पाया. करीब चार वर्षों बाद दोनों ने अलग होने का निर्णय लिया.

    तीसरी शादी: कूनो में सादे समारोह में फेरे
    अब अवि प्रसाद ने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे से विवाह किया है. अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर काम कर रही हैं. जानकारी के अनुसार, 11 फरवरी को दोनों ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में सादगीपूर्ण समारोह में विवाह किया. कूनो, जो हाल के वर्षों में अपने वन्यजीव संरक्षण प्रयासों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है, इस निजी आयोजन का साक्षी बना. शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई. कुछ लोगों ने इसे निजी निर्णय बताते हुए सम्मान की बात कही, तो कुछ ने लगातार वैवाहिक बदलावों पर सवाल उठाए.

    प्रशासनिक पहचान और सख्त कार्यशैली
    अवि प्रसाद की पहचान केवल उनकी निजी जिंदगी तक सीमित नहीं है. वे मध्य प्रदेश शासन में एक भरोसेमंद और तेजतर्रार अधिकारी माने जाते हैं. फिलहाल वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले वे कई जिलों में जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर रह चुके हैं. कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया था. उस समय जिले में बढ़ते कुपोषण के आंकड़ों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी थी.

    अवि प्रसाद ने आंगनवाड़ी नेटवर्क की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने जैसे कदम उठाए. उनके इस अभियान की राज्य स्तर पर सराहना हुई थी. कई बार उन्हें प्रशासनिक नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सम्मानित भी किया जा चुका है. उनके समर्थक कहते हैं कि वे निर्णय लेने में देरी नहीं करते और फील्ड विजिट को प्राथमिकता देते हैं. तीसरी शादी को लेकर अवि प्रसाद की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. न ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कोई प्रतिक्रिया दी है.

  • Ahmedabad के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस अलर्ट पर, शहर में दहशत

    Ahmedabad के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, पुलिस अलर्ट पर, शहर में दहशत

    अहमदाबाद 

    अहमदाबाद के तीन स्कूलों को एक धमकी भरा ईमेल मिला है, जिसमें परिसर को बम से उड़ाने की बात कही गई है. स्कूल को प्राप्त हुए ईमेल में स्कूल को 1:11 बजे बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई है. पुलिस ने मामला गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और स्कूलों में डॉग स्क्वाड, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड (बॉम्ब स्क्वाड) की टीमों के साथ व्यापक जांच शुरू की गई है.

    पुलिस-प्रशासन ने बताया कि कुछ स्कूलों ने धमकी भरे ईमेल मिलने की शिकायत मिली है. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन शुरू कर दिया गया है और सतर्कता बरतते हुए स्कूल प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी कर दी है और बच्चों को सुरक्षित घर भेजना शुरू कर दिया है.

    पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की तलाशी ले रही हैं. अभी तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन जांच जारी है. अधिकारी ये पता लगाने में जुटे हैं कि ईमेल किसने और कहां से भेजा गया. विशेषज्ञों का मानना है कि ये धमकी होक्स (झूठी) हो सकती है, जैसा कि पिछले कुछ महीनों में दिल्ली-एनसीआर, नोएडा और अहमदाबाद में कई बार हुआ है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर कोई रिस्क नहीं लिया जा रहा.

     

  • नकवी की रणनीति फेल, ‘तारिक’ दांव भी बेअसर… हार के बाद PAK पर बरसे आफरीदी, शाहीन-बाबर पर साधा निशाना

    नकवी की रणनीति फेल, ‘तारिक’ दांव भी बेअसर… हार के बाद PAK पर बरसे आफरीदी, शाहीन-बाबर पर साधा निशाना

     नई दिल्ली/ इस्लामाबाद   

    भारतीय टीम के खिलाफ करारी हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल आ गया है. रविवार (15 फरवरी) को कोलंबो में खेले गए आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अहम मुकाबले में 61 रनों से मिली शिकस्त के बाद पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद आफरीदी ने अपनी टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर खुलकर निशाना साधा है. आफरीदी ने अपने दामाद शाहीन आफरीदी को भी नहीं बख्शा. 

    शाहिद आफरीदी ने साफ तौर पर कहा कि अब बार-बार नाकाम हो रहे वरिष्ठ खिलाड़ियों को आराम देकर युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए. उन्होंने बाबर आजम, शाहीन आफरीदी और शादाब खान को बेंच पर बैठाने की बात कही. शाहिद का मानना है कि इन खिलाड़ियों को लगातार मौके मिले हैं, लेकिन बड़े मैचों में ये नाकाम हो जाते हैं.

    शाहिद आफरीदी ने समा टीवी पर कहा, 'अगर फैसला मुझे लेना हो तो मैं शाहीन, बाबर और शादाब तीनों को बैठा दूं. नए लड़कों को मौका दूं, उन पर भरोसा दिखाऊं. नामीबिया के खिलाफ मैच में युवाओं को खिलाकर आत्मविश्वास देना चाहिए. हम इतने अरसे से इन खिलाड़ियों को मौके देते आ रहे हैं. जहां उम्मीद रहती है कि वो इस टीम के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करेंगे. अगर सीनियर खिलाड़ी डिलीवर नहीं कर रहे, तो बेंच पर बैठे जूनियर खिलाड़ियों को क्यों नहीं आजमाया जाए.'

      मैदान पर शिकस्त के साथ PAK का घमंड भी हुआ चकनाचूर 

    टीम इंडिया ने एक बार फिर वर्ल्ड कप के मुकाबले में पाकिस्तान को आसानी से पटखनी दे दी. इस जीत के साथ ही भारत ने पाकिस्तान को ये भी बता दिया कि मैदान पर जवाब प्रदर्शन से दिया जाता है. कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया ने हर विभाग में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया. लेकिन ये हार केवल पाकिस्तान के लिए एक मैच की हार तक सीमित नहीं है. बल्कि इस जीत से भारत ने पाकिस्तान की तमाम रणनीतियों, ड्रामेबाजी और प्लान की धज्जियां उड़ा दी.  

    दरअसल, इस मैच से पहले माहौल कुछ और था. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चीफ और गृहमंत्री  मोहसिन नकवी की ओर से इस मैच का बायकॉट किया गया. पाकिस्तानी सरकार ने इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और बांग्लादेश को मोहरा बनाया. बीसीसीआई को बदनाम करने की नापाक साजिश रची.

    करीब दो हफ्ते तक पाकिस्तान ने ड्रामेबाजी की. लगातार बयानबाजी की. हालांकि, बाद में पाकिस्तान ने पलटी मारी और मैच खेलने के लिए राजी हो गया.  

    इसके साथ ही पाकिस्तान ने उस्मान तारिक की मिस्ट्री स्पिन को लेकर भी बड़ा हाइप बनाया. कप्तान सलमान आगा ने उन्हें टीम का ‘ट्रंप कार्ड’ बताया था. लेकिन मैदान पर कहानी अलग निकली.
    नकवी ने अपनी ड्रामेबाजी के जरिए इस मैच को सियासी संग्राम बनाया. कई देशों को साधने की कोशिश की. लेकिन नकवी की एक न चली और आखिरकार मेदान पर जब पाकिस्तान भारत के सामने आया तो हर बार की तरह एक बार फिर उसे धूल चाटनी पड़ी.

    सूर्या की कप्तानी, भारत की समझदारी

    भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने मैच को शांत दिमाग से संभाला. शुरुआती झटके के बाद भारतीय बल्लेबाजों ने जल्दबाजी नहीं की. जोखिम भरे शॉट्स से बचते हुए टीम ने मजबूत स्कोर खड़ा किया.

    जिस उस्मान तारिक को लेकर इतनी चर्चा थी, वह असर छोड़ने में नाकाम रहे. भारतीय बल्लेबाजों ने उन्हें संभलकर खेला और कोई बड़ा मौका नहीं दिया. उनकी मिस्ट्री गेंदबाजी भारत के खिलाफ बेअसर साबित हुई.

    गेंदबाजी में भी भारत भारी
    जब पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा करने उतरा तो भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा. पावरप्ले में विकेट गिरे और पाकिस्तान संभल नहीं सका. बड़े शॉट खेलने की कोशिश में बल्लेबाज लगातार आउट होते गए.

    भारत ने दिखाया कि बड़े मैच सिर्फ बयानबाजी से नहीं, बल्कि संयम और रणनीति से जीते जाते हैं. पाकिस्तान की तरफ से बनाए गए माइंडगेम मैदान पर टिक नहीं सके.

    बयान बनाम प्रदर्शन

    मैच से पहले जो शोर था, वह मैदान पर शांत हो गया. न तो बायकॉट की चर्चा काम आई और न ही मिस्ट्री स्पिन का दांव. भारत ने एक बार फिर साबित किया कि दबाव में खेलने का अनुभव और मैच की समझ ही असली ताकत है. इस जीत के साथ टीम इंडिया ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली, जबकि पाकिस्तान के लिए यह हार कई सवाल छोड़ गई.

    भारत-पाकिस्तान मुकाबला हमेशा खास होता है, लेकिन इस बार संदेश साफ था-ड्रामा नहीं, प्रदर्शन मायने रखता है.

    शाहीन की जमकर हुई धुनाई, बाबर-शादाब फेल
    भारत के खिलाफ मुकाबले में शाहीन आफरीदी सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए. उन्होंने सिर्फ दो ओवर में 31 रन लुटाए. इनिंग्स के आखिरी ओवर में शाहीन ने 16 रन खर्च किए, जिससे भारत को 170 प्लस स्कोर बनाने का मौका मिला. बता दें कि शाहीन का निकाह 3 फरवरी 2023 को पूर्व ऑलराउंडर शाहिद आफरीदी की बेटी अंशा से हुआ था. शादाब खान का भी दिन खराब रहा. गेंदबाजी में एक ओवर में 17 रन दिए और बल्लेबाजी में 14 रन बनाकर आउट हो गए. कप्तान बाबर आजम भी टीम को संभालने में नाकाम रहे.

    कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान पर अपना दबदबा साबित किया. इस जीत के साथ टी20 वर्ल्ड कप में भारत का पाकिस्तान पर हेड टू हेड रिकॉर्ड 8-1 हो गया है. भारत की जीत के हीरो 'प्लेयर ऑफ द मैच' ईशान किशन रहे, जिन्होंने 40 गेंदों पर 77 रनों की तूफानी पारी खेली. गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान को 114 रनों पर समेट दिया.

    इस शर्मनाक हार के बाद पाकिस्तान में सीनियर खिलाड़ियों को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं. शाहिद आफरीदी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि अब टीम चयन को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है…

     

  • भारतीय पासपोर्ट की ताकत में जबरदस्त उछाल, 10 पायदान चढ़कर 75वें स्थान पर पहुँचा, इन दो देशों से बढ़ी टेंशन

    भारतीय पासपोर्ट की ताकत में जबरदस्त उछाल, 10 पायदान चढ़कर 75वें स्थान पर पहुँचा, इन दो देशों से बढ़ी टेंशन

     नई दिल्ली

    अंतरराष्ट्रीय यात्रा के शौकीनों के लिए एक अच्छी और एक थोड़ी चौंकाने वाली खबर है। हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2026 की ताजा रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पासपोर्ट पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो गया है। भारत ने वैश्विक रैंकिंग में 10 अंकों का सुधार किया है और अब वह 75वें स्थान पर काबिज है लेकिन इस बढ़ती ताकत के बीच दो देशों ईरान और बोलीविया ने भारतीयों के लिए एंट्री के नियम कड़े कर दिए हैं।

    रैंकिंग में सुधार, पर दो रास्तों पर लगा ब्रेक
    भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग सुधरने का मतलब है कि दुनिया के देशों के बीच भारत की साख बढ़ी है। हालांकि रैंकिंग में ऊपर चढ़ने के बावजूद यात्रियों के लिए एक झटका भी लगा है। भारत ने ईरान और बोलीविया में मिलने वाली वीजा-फ्री (बिना वीजा एंट्री) की सुविधा खो दी है।

    ईरान: सुरक्षा और मानव तस्करी बनी वजह
    ईरान ने नवंबर 2025 में भारतीयों के लिए वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा को खत्म कर दिया था। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार ईरान में मानव तस्करी और धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे थे। कई भारतीयों को फर्जी नौकरी के बहाने ईरान बुलाया जा रहा था। अब भारतीयों को ईरान जाने से पहले अनिवार्य रूप से वीजा लेना होगा।

    बोलीविया: ई-वीजा का नया चक्कर
    दक्षिण अमेरिकी देश बोलीविया ने भी अपने नियमों में बदलाव किया है।