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  • हर महीने लाख तक कमाने लगीं हैं लखपति दीदियां

    हर महीने लाख तक कमाने लगीं हैं लखपति दीदियां

    संडे स्पेशल

    हर महीने लाख तक कमाने लगीं हैं लखपति दीदियां

    33 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने की दिशा में अग्रसर

    सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को बनाया आत्मनिर्भर, लखपति दीदी परिवार का बनीं सहारा

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में महिलाएं अब आर्थिक स्वावलंबन के माध्यम से सफलता की नई कहानियां गढ़ रहीं हैं। लखपति दीदी योजना से कई महिलाएं हर महीने एक लाख रुपये तक की कमाई कर रहीं हैं। पिछले नौ साल में महिला सशक्तीकरण के लिए प्रदेश सरकार ने तत्परता से योजनाओं का क्रियान्वयन किया है जिससे यह उपलब्धि हासिल हो पायी। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 33 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने की दिशा में अग्रसर हैं।

    बढ़ी कमाई, परिवार का बनीं सहारा
    आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल हैं आजमगढ़ जिले की हुस्नआरा खातून जो तैबा स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं । वे रेशमी साड़ी निर्माण के काम से जुड़ीं हैं। लखपति दीदी योजना के माध्यम से जब एक लाख 15 हजार रुपये की सहायता मिली तो जैसे ठहरी हुई रफ्तार को पंख लग गए। आज वे प्रतिमाह लगभग एक लाख रुपये तक कमा रहीं हैं। वे कहती हैं कि अब उनका कारोबार बारह गुना तक बढ़ चुका है। उनका परिवार सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जीवनयापन कर रहा है।

    आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन को मिला बल
    प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संसाधन, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने का जो व्यापक ढांचा तैयार हुआ, उसने हजारों परिवारों की तकदीर बदल दी। लखपति दीदी योजना के अंतर्गत ही आजमगढ़ की शशिकला राजभर ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर ऋण प्राप्त किया। इससे अदिति फास्ट फूड के नाम से अपना स्टॉल शुरू किया। आज वे प्रतिदिन लगभग 2000 रुपये का कारोबार कर रही हैं। वे बताती हैं कि पहले रोजगार की तलाश में थी, आज वे दूसरों के लिए प्रेरणा बन चुकीं हैं। यह परिवर्तन दर्शाता है कि योजनाएं जब सही दिशा और निगरानी के साथ लागू होती हैं तो परिणाम समाज की संरचना को बदल देते हैं।

    लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का लेनदेन
    महिला सशक्तीकरण का सबसे मजबूत स्तंभ वित्तीय सहायता है जिसमें प्रदेश सरकार ने खासी प्रगति हासिल की है। आजमगढ़ की सरोज मौर्या इसकी जीवंत तस्वीर हैं। पढ़ाई के साथ वे बीसी सखी के रूप में कार्य कर रहीं हैं और गांवों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचा रही हैं। उनके बताया कि पहले ग्रामीण महिलाएं बैंक जाने से हिचकतीं थीं। अब वे घर के पास ही जमा-निकासी, पेंशन वितरण और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाएं पा रहीं हैं। इस पहल ने महिलाओं को न केवल रोजगार दिया बल्कि उन्हें आर्थिक निर्णयों में सहभागी भी बनाया। बीसी सखियों ने प्रदेश में अब तक लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय लेनदेन किया है और 107 करोड़ रुपये से अधिक का लाभांश अर्जित किया है। यह आंकड़ा बताता है कि महिलाएं अब आर्थिक गतिविधियों की मुख्य धुरी बन चुकी हैं।

    नौ लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन
    प्रदेश में नौ लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। 63,519 ग्राम संगठन और 3272 संकुल स्तरीय संघ सक्रिय हैं जिनसे 99 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। लखपति महिला योजना के तहत 18 लाख से अधिक महिलाएं लखपति श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। यह केवल सरकारी उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का प्रमाण है। 

    कारोबार शुरू करने के लिए मिलती है पूंजी
    लखपति दीदी योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को लघु उद्योग और स्वरोजगार शुरू करने के लिए आसान, ब्याज मुक्त और चरणबद्ध पूंजी उपलब्ध कराया जाता है। इससे महिलाओं को छोटे स्तर पर कारोबार शुरू करने में सहायता मिलती है।

  • नर्मेदश्वर महादेव का नया मंदिर बना,धूम धाम से समारोह हुआ

    नर्मेदश्वर महादेव का नया मंदिर बना,धूम धाम से समारोह हुआ

    रायपुर 
     शहर की प्रमुख कालोनी
    जैनम विहार में महाशिवरात्रि के अवसर पर नव निर्मित नर्मदेश्वर शिव मंदिर का लोकार्पण और प्राण प्रतिष्ठा समारोह संपन्न हुआ । जैनम विहार मंदिर निर्माण समिति द्वारा इस मंदिर का निर्माण कार्य करीब दो वर्ष पूर्व शुरू हुआ था जो आज महाशिवरात्रि पर पूर्ण हुआ । 
            लालपुर स्थित जैनम विहार में बने इस मंदिर में शिव परिवार जिसमें भगवान गणेश,कार्तिकेय और पार्वती माँ विराजित हैं । साथ ही बजरंग बली की मूर्ति स्थापना भी की गई है । कालोनी वासियों के सहयोग से निर्मित इस मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर सभी अत्यंत उत्साहित थे।

  • कोलार पुलिस ने 2 नाबालिग बालकों को सकुशल किया बरामद

    कोलार पुलिस ने 2 नाबालिग बालकों को सकुशल किया बरामद

    कोलार पुलिस ने 2 नाबालिग बालकों को सकुशल किया बरामद 

     कजलीखेड़ा इलाके से लापता हुए थे बच्चे

    भोपाल
     राजधानी की कोलार पुलिस ने रविवार को बगैर बताए लापता हुए 2 नाबालिगों को कुछ ही घंटों के भीतर सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया। पुलिस की इस कार्रवाई से संभावित अनहोनी की घटना घटित होने से बच गई। जानकारी के अनुसार थाना कोलार रोड अंतर्गत पुलिस चौकी कजलीखेड़ा क्षेत्र के ग्राम सतगढ़ी बोरदा से 2 नाबालिग बालकों के गुम होने संबंधी सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस ने तत्काल ही गुम इंसान कायम कर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी मयूर खंडेलवाल ने नाबालिक बच्चों को शीघ्र दस्तयाब कर वैधानिक कार्यवाही करने हेतु समुचित निर्देश दिये थे। उक्त तारतम्य में चौकी प्रभारी कजलीखेड़ा एसआई केशांत शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर बालकों की पतारसी प्रारंभ की गयी।

    पतारसी के दौरान संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्यवाही करते हुए दोनों बालकों के सब्जी बाजार बंजारी के पास दिखने की सूचना प्राप्त होने पर तत्काल टीम को मौके पर रवाना किया गया, जहां पर उक्त गुमशुदा बच्चे मिल गए। बालकों को चौकी कजलीखेड़ा लाकर गुमशुदा बच्चों से पूछताछ की गयी, जिन्होंने अपने साथ कोई घटना होना नही बताया। उसके बाद दोनों बच्चों को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया। उक्त कार्यवाही में चौकी प्रभारी एसआई केशांत शर्मा, एएसआई रुपेश नर्रे, संतोष कुमार, हेड कांस्टेबल रणजीत सिंह कलम, आरक्षक राजेश जाटव, प्रदीप यदुवंशी और महिला आरक्षक राधिका की सराहनीय भूमिका रही है।

  • बहन-बेटी की लड़ाई में फंसा उत्तर कोरिया का तानाशाह, किम जोंग उन 13 साल की पुत्री को दे सकते हैं सत्ता

    बहन-बेटी की लड़ाई में फंसा उत्तर कोरिया का तानाशाह, किम जोंग उन 13 साल की पुत्री को दे सकते हैं सत्ता

    सोल

    दुनिया के सबसे क्रूर तानाशाहों में से एक किम जोंग उन के परिवार में ही फिलहाल झगड़ा होता दिख रहा है। साउथ कोरिया की खुफिया एजेंसी का कहना है कि किम जोंग उन की बेटी किम जू ऐ का नाम अगले नेता के तौर पर घोषित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में किम जोंग उन की बेटी का मुकाबला पावरफुल बुआ किम यो जोंग से हो सकता है। भविष्य में देश पर कंट्रोल करने की लड़ाई दोनों के बीच तेज हो सकती है। किम जू ऐ की उम्र महज 13 साल है और चर्चा है कि उसे 14 साल का होते ही किम जोंग उन की ओर से अपना उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। उन की बहन भी खुद को एक पावर सेंटर मानती रही हैं। ऐसे में संभव है कि यह संघर्ष बढ़ सकता है।

    साउथ कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने बीते सप्ताह बताया कि किम जू ऐ की उम्र 13 साल की हो गई हैं। अब उन्हें औपचारिक तौर पर उत्तराधिकारी घोषित किया जा सकता है। यह समय अहम है क्योंकि उत्तर कोरिया में इसी महीने एक बड़ा राजनीतिक आयोजन होने वाला है। इसमें किम जोंग उन बताएंगे कि देश के लिए भविष्य में क्या लक्ष्य तय किए गए हैं। इसके अलावा वह देश की सत्ता पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए भी कुछ कदमों का ऐलान कर सकते हैं। इस दौरान किम जोंग उन की बेटी भी मंच पर हो सकती हैं। हाल ही में एक मीटिंग में वह अपने पिता का हाथ थामे हुए पहुंची थीं।

    किम जू ऐ को किसी सार्वजनिक आयोजन में पहली बार नवंबर 2022 में देखा गया था। तब वह एक लॉन्ग रेंज मिसाइल के परीक्षण में पहुंची थीं। इसके बाद वह लगातार कई आयोजनों में पिता के साथ नजर आई हैं। उन्होंने हथियार फैक्ट्रियों के दौरे किए हैं तो वहीं सैन्य परेडों में भी हिस्सा लिया है। यही नहीं बीते साल सितंबर में वह चीन की राजधानी बीजिंग भी पहुंची थीं। आमतौर पर उत्तर कोरिया की राजनीति में पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है, लेकिन पहली बार किम जोंग उन बेटी को कमान दे सकते हैं। इसी उद्देश्य से उन्हें चीन ले जाया गया था ताकि उन्हें स्थापित किया जा सके और दुनिया भर में एक संदेश जाए।
    क्यों इतनी पावरफुल मानी जाती हैं किम जोंग उन की बहन

    किम जोंग उन की बेटी के लिए देश में कोई चुनौती नहीं है, लेकिन बुआ से ही चैलेंज मिल सकता है। दरअसल 38 वर्षीय किम यो जोंग को उन के बाद देश की दूसरी सबसे पावरफुल शख्सियत माना जाता है। उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत है तो वहीं सैन्य हलकों में भी उनकी ताकत कम नहीं है। फिलहाल वह कोरिया की वर्कर्स पार्टी की सेंट्रल कमेटी में सीनियर पद पर हैं। इसके अलावा भाई की राय को भी वह काफी हद तक प्रभावित करती रही हैं। ऐसे में अब यदि किम जोंग उन की बेटी मजबूत हुई तो फिर चीजें बदल सकती हैं।
    किम जोंग के परिवार में बर्बर रहा है सत्ता का संघर्ष

    उत्तर कोरिया पूरी दुनिया के उनके मुल्कों में शुमार किया जाता है, जो सूचना से कटे हुए हैं। यहां के आम नागरिकों को दुनिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। इसके अलावा दुनिया के मीडिया या लोगों की एंट्री पर भी काफी पाबंदियां हैं। मीडिया पर इस सेंसरशिप के चलते ही उत्तर कोरिया के लोग पूरी दुनिया से एक तरह से कटे हुए हैं। बता दें कि देश में सत्ता संघर्ष भी बहुत क्रूर रहा है। किम जोंग उन ने 2011 में सत्ता संभालने के बाद अपने अंकल और मेंटर रहे जांग सॉन्ग थाएक को गोलियां मरवाकर जान ले ली थी। इसके अलावा किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नाम की भी 2017 में हत्या करा दी गई थी।

  • फाल्गुन अमावस्या की रात इन भूलों से रहें दूर, नहीं तो जीवन में आ सकती हैं बड़ी परेशानियाँ

    फाल्गुन अमावस्या की रात इन भूलों से रहें दूर, नहीं तो जीवन में आ सकती हैं बड़ी परेशानियाँ

    हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. खासतौर पर फाल्गुन अमावस्या को पितरों की शांति, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या की रात कुछ ऐसे काम होते हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इन गलतियों से जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. आइए जानते हैं फाल्गुन अमावस्या की रात किन कामों से बचना चाहिए.

    सुनसान जगहों पर जाने से बचें
    अमावस्या की रात को सबसे अधिक भारी माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस रात नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि रात के समय किसी सुनसान रास्ते, श्मशान घाट या खंडहरों के पास न जाएं.

    तामसिक भोजन का त्याग करें
    फाल्गुन अमावस्या पर शुद्धता का पालन करना अनिवार्य है. इस दिन और रात में मांस, मदिरा या लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पितृ दोष लग सकता है और घर की बरकत रुक सकती है.

    देर रात तक न जागें
    अमावस्या की रात को जल्दी सोना बेहतर माना जाता है. बिना वजह देर रात तक बाहर घूमना या जागना आपकी सेहत और मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल सकता है. इस रात मन को शांत रखें और ईश्वर का ध्यान करें.

    लड़ाई-झगड़े से रहें दूर
    जिस घर में अमावस्या के दिन क्लेश या वाद-विवाद होता है, वहां दरिद्रता का वास होने लगता है. इस रात विशेष रूप से बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें, क्योंकि अमावस्या पितरों को समर्पित होती है और उनकी नाराजगी परिवार पर भारी पड़ सकती है.

    ब्रह्मचर्य का पालन
    शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या की तिथि पर संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस दिन शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए, ताकि मन की एकाग्रता और आध्यात्मिक शक्ति बनी रहे.

    शुभ फल के लिए क्या करें?
        पीपल के नीचे दीया: शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे पितृ प्रसन्न होते हैं.
        दान पुण्य: अगले दिन सुबह किसी जरूरतमंद को अन्न या काले तिल का दान करें.
        हनुमान चालीसा का पाठ: चूंकि इस बार अमावस्या मंगलवार को है, इसलिए हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी होगा और सभी नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करेगा.

     

  • क्या है रिंग ऑफ फायर? जानिए साल के पहले सूर्य ग्रहण की खासियत

    क्या है रिंग ऑफ फायर? जानिए साल के पहले सूर्य ग्रहण की खासियत

    सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर लगता है. कल यानी 17 फरवरी को फाल्गुन माह की अमावस्या मानाई जाएगी. साथ ही कल साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. सूर्य को ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगेगा. ये वलयाकार सूर्य ग्रहण रहने वाला है. इसे विज्ञान अपनी भाषा में रिंग ऑफ फायर कहता है. ये सूर्य ग्रहण बहुत ही विशेष है.

    ये सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आने वाला है और न ही इसका सूतक काल भारत में माना जाएगा, लेकिन लोगों के मन में सवाल है कि ये रिंग ऑफ फायर क्या है और ये सूर्य ग्रहण विशेष क्यों हैं?

    क्या है रिंग ऑफ फायर?
    NASA के अनुसार, जब धरती से चंद्रमा की दूरी सबसे अधिक होती है और उस दौरान सूर्य ग्रहण लगता है, तो चंद्रमा दूर होने की वजह से सूर्य को पूरी तरह से ढक पाने में असफल रहता है. इसलिए आकार में छोटा नजर आता है. ऐसे में सूर्य का बीच वाला भाग काला दिखता है और उसके चारों ओर रौशनी की पतली चमकदार घेरा बन जाता है. ये चमकदार घेरा आग की अंगूठी जैसा नजर आता है. इसे ही रिंग ऑफ फायर कहते हैं.

    दूसरा, वलयाकार या कुंडलाकार सूर्य ग्रहण के समय सूर्य, चंद्रमा और धरती एक सीध में होते हैं और चंद्रमा सूर्य के मध्य भाग को ढक लेता है. इस स्थिति में सूर्य एक रिंग जैसा दिखने लगता है.

    सूर्य ग्रहण क्यों है विशेष?
    साल 2026 का ये सूर्य ग्रहण इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि ये शनि देव की राशि कुंभ में और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है. सूर्य के साथ-साथ इस राशि में राहु, बुध, शुक्र और चंद्रमा भी मौजूद रहने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि सूर्य और राहु के एक साथ किसी राशि में रहने पर ग्रहण योग निर्मित होता है. कुंभ राशि में राहु और सूर्य की युति को परंपरागत तौर पर अशुभ माना जाता है.

    कितने बजे लगेगा सूर्य ग्रहण
    भारतीय समय के अनुसार, सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर लगेगा और शाम 7 बजकर 57 मिनट पर ये खत्म होगा. ये सूर्य ग्रहण कुल 04 घंटे 32 मिनट तक रहेगा.

  • प्रतियोगी परीक्षाओ का निशुल्क प्रशिक्षण, तैयारी के लिए 20 तक युवा करें आवेदन

    प्रतियोगी परीक्षाओ का निशुल्क प्रशिक्षण, तैयारी के लिए 20 तक युवा करें आवेदन

    जशपुर.

    नवसंकल्प जशपुर में प्रतियोगी परीक्षाओ जैसे CGPSC 2027, छग सहायक शिक्षक भर्ती , छग व्यापम एवम द्वारा आयोजित एवम अन्य भर्ती परीक्षाओ (जैसे सब इंस्पेक्टर , मंडी उपनिरीक्षक ,फायरमैन , परिवहन आरक्षक , वन रक्षक ) की तैयारी के लिए निःशुल्क (आवासीय + डे-स्कॉलर ) प्रशिक्षण दिया जाना है. 3 नए बैच प्रारंभ किया जाना है.

    3 नए बैच के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 10 फरवरी 2026 से 20 फरवरी 2026 तक है, जिसके लिए प्रवेश परीक्षा 23 फ़रवरी 2026 को लिया जायेगा , प्रवेश परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 25 फ़रवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक लिया. प्रवेश परीक्षा एवम इंटरव्यू के आधार पर 50 ( 24 छात्र + 26 छात्राओ) को हॉस्टल में प्रवेश दिया जायेगा व अन्य छात्र डे स्कॉलर निःशुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे. नीचे लिंक पर क्लिक करके फॉर्म भरें https://forms.gle/sBuLT2UVyqGPa1LG9

  • चांदी की कीमतें भारी गिरावट के साथ ₹1.84 लाख सस्ती, आज 8,000 रुपये फिसली – सोना भी गिरावट में

    चांदी की कीमतें भारी गिरावट के साथ ₹1.84 लाख सस्ती, आज 8,000 रुपये फिसली – सोना भी गिरावट में

     नई दिल्ली
    सोना-चांदी की कीमतों के क्रैश (Gold-Silver Price Crash) होने का सिलसिला जारी है. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर ओपनिंग के साथ ही दोनों कीमती धातुएं धड़ाम नजर आईं. बीते सप्ताह मामूली उछाल के बाद कारोबार की शुरुआत में ही 1 Kg Silver Price 8,000 रुपये से ज्यादा फिसल गया और अपने हाई से अब तक चांदी के भाव में गिरावट को देखें, तो ये 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा सस्ती हो चुकी है. वहीं Gold Rate भी चांदी की तरह ही गिर गया है. एक झटके में सोना 1700 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा सस्ता हो गया. 

    अब कितना रह गया 1Kg चांदी का भाव? 
    सोमवार को एमसीएक्स पर कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही 5 मार्च की एक्सपायरी वाली वायदा चांदी पिछले बंद के मुकाबले अचानक 8,857 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई. बता दें कि बीते शुक्रवार को MCX Silver Price 2,44,360 रुपये पर क्लोज हुआ था और इसकी तुलना में ये गिरकर 2,35,503 रुपये के लेवल पर आ गया. 

    अपने हाई से कितनी सस्ती मिल रही Silver?
    बात अगर चांदी के हाई लेवल से करें, तो अब चांदी काफी सस्ती हो चुकी है. बता दें कि बीते 29 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत रॉकेट सी रफ्तार से भागते हुए पहली बार 4 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आंकड़े के पार निकली थी और कारोबार के अंत में 4,20,048 रुपये का लाइफ टाइम हाई रिकॉर्ड बना दिया था. इस स्तर पर पहुंचने के बाद Silver Price Crash होने का सिलसिला शुरू हुआ और एक-दो दिनों को छोड़कर ये तेजी से फिसली है. चांदी फिलहाल अपने हाई लेवल से 1,84,545 रुपये प्रति किलोग्राम तक टूट चुकी है. ये तगड़ी गिरावट चांदी के हाई छूने के बाद महज 17 दिन में देखने को मिली है. 

    Gold Rate भी अचानक फिसला 
    चांदी के साथ-साथ गोल्ड रेट भी सोमवार को खुलने के साथ ही बुरी तरह फिसला है. MCX पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाले सोने का भाव बीते शुक्रवार को 1,55,895 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था और इसकी तुलना में ये खुलते ही गिरते हुए 1,54,191 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से देखें, तो 10 Gram 24 Karat Gold 1,704 रुपये सस्ता हो गया है. 

    सोना अपने हाई लेवल से इतना सस्ता 
    अब सोने के हाई लेवल से अब तक आई गिरावट की बात करें, तो चांदी की तरह ही Gold Rate भी बीते 29 जनवरी को ही अपने लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंचा था. सोने का वायदा भाव तेज रफ्तार के भागते हुए 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया था और यहां से इसमें तेज गिरावट देखने को मिली है. सोमवार की ओपनिंग गिरावट को देखें, तो अब तक Gold Price 38,905 रुपये प्रति 10 ग्राम कम हुआ है. 

  • महाशिवरात्रि पर प्रयागराज में माघ मेले का समापन, 44 दिनों में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

    महाशिवरात्रि पर प्रयागराज में माघ मेले का समापन, 44 दिनों में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

    महाशिवरात्रि पर प्रयागराज में माघ मेले का समापन, 44 दिनों में 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

    गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी ने भगवान शिव का किया रुद्राभिषेक, प्रदेशवासियों के लिए की मगंलकामना

    काशी विश्वनाथ धाम में पुष्प वर्षा से किया गया शिवभक्तों का स्वागत

    लखनऊ
    प्रयागराज के पावन संगम तट पर लगे धर्म-कर्म, त्याग और समर्पण के माघ मेले का समापन रविवार को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुआ। हर हर महादेव के जयघोष और ऊं नम: शिवाय के मंत्रोच्चार से संगम नगरी गूंज उठी। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी ने रुद्राभिषेक-जलाभिषेक कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। काशी विश्वनाथ धाम में पुष्पवर्षा से शिवभक्तों का स्वागत हुआ। देश-विदेश के 63 मंदिरों से आई भेंट को भगवान श्री विश्वेश्वर को अर्पित किया गया। 

    माघ मेले में 22 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी
    प्रयागराज में माघ मेले में महाशिवरात्रि स्नान पर्व पर 40 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी लगाई। 44 दिन चले माघ मेले में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 22 करोड़ को पार कर गई। ये अब तक किसी भी माघ मेले का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ माघ मेले के आयोजन और तैयारियों पर नजर रखे हुए थे और महाशिवरात्रि पर भी लगातार खबर ले रहे थे।

    गोरखपुर में मुख्यमंत्री ने भगवान शिव का किया रुद्राभिषेक
    गोरखपुर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने रविवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर प्रदेशवासियों के आरोग्यमय, सुखमय, समृद्धमय व शांतिमय जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री ने अंधियारी बाग स्थित प्राचीन मानसरोवर मंदिर और भरोहिया के पितेश्वरनाथ शिव मंदिर में भी दर्शन, पूजन व दुग्धाभिषेक-जलाभिषेक किया और चराचर जगत के कल्याण की प्रार्थना की।  

    काशी में गूंजा “हर-हर महादेव” और “बोल बम” का जयघोष
    महाशिवरात्रि पर काशी आस्था, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रही। श्रद्धा की डोर से बंधे लाखों शिवभक्त भगवान भोलेनाथ के विवाहोत्सव के साक्षी बनने उमड़े। भक्तों ने श्रद्धापूर्वक बेलपत्र, गंगाजल और दूध बाबा पर अर्पित किया। काशी “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान रही। श्री विश्वेश्वर के लिए देश-विदेश के कुल 63 मंदिरों से भेंट आई। यह भेंट भगवान श्री विश्वेश्वर की मध्याह्न भोग आरती में अर्पित कर श्रद्धालुओं के मध्य वितरित की गई। शाम छह बजे तक 5,20,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दरबार में हाज़िरी लगाई। 

    रामनगरी में शिवभक्तों का लगा तांता  
    महाशिवरात्रि के अवसर पर अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्राचीन नागेश्वर नाथ मंदिर और क्षीरेश्वर नाथ मंदिर सहित अन्य प्रमुख शिवालयों पर शिवभक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे अयोध्या धाम को पांच जोन और 12 सेक्टर में बांटा गया। प्रत्येक जोन और सेक्टर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

  • कैब ड्राइवर से मोबाइल लूटने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार,लूट के मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद

    कैब ड्राइवर से मोबाइल लूटने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार,लूट के मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद

    कैब ड्राइवर से मोबाइल लूटने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपी गिरफ्तार,लूट के मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद

    भोपाल
     हबीबगंज इलाके में कैब ड्राइवर से मोबाइल फोन लूटकर फरार होने वाले स्कॉर्पियो सवार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।इलाके में लगे करीब एक सैकड़ा सीसीटीवी कैमरे देखने के बाद आरोपियों का सुराग मिला था। दोनों आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार भी बरामद कर ली गई है। जानकारी के अनुसार पीयूष मालवीय (23) शिवनगर फेस-2 नीलबड़ में रहते हैं और किराए पर औरा कार चलाते हैं। पिछले दिनों वह रानी कमलापति स्टेशन से सवारी लेकर ईश्वर नगर के पास ड्राप करने पहुंचे थे। देर रात सवारी छोडऩे के बाद वह कार लेकर वापस लौट रहे थे, तभी दानापानी रोड पर शालीमार काम्पलेक्स के पास स्कॉर्पियो सवार दो लड़कों ने उसे ओवरटेक कर रोक लिया और दो मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। लूटे गए मोबाइल की कीमत डेढ़ लाख रुपये बताई गई।

    पुलिस ने इस मामले में अज्ञात स्कॉर्पियो सवार युवकों के खिलाफ लूट का मामला दर्ज किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम बनाकर आरोपियों की तलाश में लगाया गया। टीम ने घटनास्थल समेत आसपास के इलाके के करीब सौ से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए और मुखबिरों को सक्रिय किया गया।  रेलवे कॉलोनी में खड़ी मिली स्कॉर्पियो जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वारदात में उपयोग की गई काले रंग की स्कॉर्पियो कार रेलवे कॉलोनी में खड़ी देखी गई है।सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने संदिग्ध स्कॉर्पियो के साथ ही दो संदेहियों को हिरासत में लिया।

    थाने लाकर पूछताछ करने पर उन्होंने एक कैब ड्रायवर के साथ झूमाझटकी कर मोबाइल फोन लूटने की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घटना वाली रात वह दोनों तफरीह करने के लिए  निकले थे। इसी दौरान योजना बनाकर कैब ड्राइवर के मोबाइल फोन छीनकर भाग निकले। गिरफ्तार आरोपियों के नाम अर्जुन कुमार शर्मा (25) निवासी शिवाय कुंज रेलवे कालोनी शाहपुरा बताया, जबकि दूसरा साथी नाबालिग है। आरोपियों को गिरफ्तार करने में थाना प्रभारी संजीव चौसके, एसआई अखिलेश त्रिपाठी, अजय दुबे, हेड कांस्टेबल राघवेन्द्र भास्कर, नागेन्द्र सिंह,  आरक्षक राकेश भारद्वाज, अरविन्द यादव, कंचन यादव, रामनरेश, पुष्पेन्द्र भदौरिया और शिवशंकर की सराहनीय भूमिका रही है।