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  • होली पर रेलवे का सख्त एक्शन: बिना टिकट यात्रा पर लगेगा दोगुना किराया और भारी जुर्माना

    होली पर रेलवे का सख्त एक्शन: बिना टिकट यात्रा पर लगेगा दोगुना किराया और भारी जुर्माना

     भोपाल

    कुछ ही दिनों में होली का सीजन शुरू होने वाला है और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ना तय है। हर साल त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग बिना टिकट या अनियमित तरीके से यात्रा करते पकड़े जाते हैं। भोपाल मंडल के पिछले दो वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि अप्रैल-मई, अक्टूबर-नवंबर और जनवरी में सबसे ज्यादा मामले सामने आए। पिछले वर्ष त्योहारों में रिकॉर्ड वसूली हुई थी। इसी को देखते हुए रेलवे ने होली से पहले सख्त जांच अभियान चलाने की तैयारी की है। बिना टिकट यात्रा करने वालों से दोगुना किराया व जुर्माना वसूला जाएगा और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

    जनवरी महीने में हुई सबसे ज्यादा कार्यवाही

    रेलवे के अनुसार वर्ष 2025-26 (जनवरी तक) में 5,19,949 मामलों में कार्रवाई की गई और 33.19 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली हुई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में 4.56 प्रतिशत अधिक है। इनमें करीब 2.56 लाख मामले बिना टिकट यात्रा के और 2.61 लाख मामले अनियमित यात्रा (गलत श्रेणी या दूरी से अधिक सफर) के शामिल हैं। इसके अलावा 2,414 बिना बुकिंग सामान (यूबीएल) के मामले भी दर्ज किए गए। जनवरी महीने में सबसे अधिक कार्रवाई दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि सीजनल भीड़ के समय नियम उल्लंघन बढ़ जाता है।

    होली के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने गृह नगर लौटते हैं। कई बार सीट कंफर्म न होने या भीड़ के कारण यात्री बिना टिकट या सामान्य टिकट लेकर स्लीपर-एसी कोच में चढ़ जाते हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं। भीड़ बढ़ने पर टीटीई और फ्लाइंग स्क्वाड की तैनाती बढ़ा दी जाती है, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। भोपाल मंडल के अधिकारियों के अनुसार बिना टिकट और अनियमित यात्रा के अधिकतर मामले लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों में सामने आते हैं, जहां त्योहारों के दौरान भीड़ अधिक रहती है।

    स्पेशल ट्रेनों पर निगरानी और रेलवे के सख्त दिशा-निर्देश
    होली और अन्य पर्वों पर चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों में भी विशेष निगरानी रखी जाती है। इन ट्रेनों में टीटीई और फ्लाइंग स्क्वाड की अतिरिक्त तैनाती कर सघन जांच अभियान चलाया जाता है। रेलवे ने कहा है कि बिना टिकट या गलत श्रेणी में यात्रा दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर तय दूरी का किराया, अतिरिक्त जुर्माना या दोगुना किराया वसूला जाएगा। भुगतान न करने पर कानूनी कार्रवाई होगी। बिना बुकिंग सामान पर अलग पेनल्टी लगेगी।

    यात्रियों से वैध टिकट लेकर नियमों का पालन करने की अपील की गई है। होली के सीजन में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भोपाल मंडल में बिना टिकट और अनियमित यात्रा के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। – नवल अग्रवाल, पीआरओ, भोपाल मंडल

  • FASTag यूजर्स सावधान: नकली वेबसाइट और फर्जी QR कोड को लेकर NHAI की बड़ी चेतावनी

    FASTag यूजर्स सावधान: नकली वेबसाइट और फर्जी QR कोड को लेकर NHAI की बड़ी चेतावनी

     नई दिल्ली

    देशभर में FASTag (फास्टैग) इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों को इन दिनों फर्जी वेबसाइटों और नकली QR (क्यूआर) कोड के जरिये साइबर ठगी का सामना करना पड़ रहा है। डिजिटल टोल भुगतान के बढ़ते चलन का फायदा उठाकर ठग फास्टैग यूजर्स से बैंक और पर्सनल डिटेल्स चुरा रहे हैं। इसे देखते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने वाहन चालकों को सतर्क रहने और केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

    असली घटना ने खतरे की गंभीरता कैसे दिखाई?
    कल्पना कीजिए, आप हाईवे पर ड्राइव कर रहे हैं और अचानक आपके मोबाइल पर एक मैसेज आता है कि आपका फास्टैग बैलेंस कम है या जल्द ब्लॉक होने वाला है। मैसेज में तुरंत रिचार्ज करने के लिए QR कोड स्कैन करने या लिंक खोलने को कहा जाता है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में दिल्ली के एक सेल्स प्रोफेशनल के साथ ऐसा ही हुआ। टोल प्लाजा के पास लगे QR कोड को उन्होंने आधिकारिक समझकर स्कैन किया। कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से 5,000 रुपये निकल गए। ऐसे मामले अब देश के कई हिस्सों से सामने आ रहे हैं।

    FASTag स्कैम काम कैसे करता है?
    साइबर अपराधी कई तरीकों से लोगों को फंसाते हैं। वे फर्जी एसएमएस या व्हाट्सएप मैसेज भेजते हैं, जो फास्टैग नोटिफिकेशन जैसे दिखते हैं। इनमें कम बैलेंस, KYC (केवाईसी) अपडेट या सस्ते वार्षिक फास्टैग पास जैसे लालच दिए जाते हैं।

    लिंक पर क्लिक करने या QR कोड स्कैन करने पर यूज़र को नकली वेबसाइट पर ले जाया जाता है, जो दिखने में बिल्कुल असली पोर्टल जैसी होती है। वहां FASTag ID, वाहन नंबर, मोबाइल नंबर और OTP जैसी जानकारियां मांगी जाती हैं। जैसे ही यूज़र ये डिटेल्स डालता है, ठग उसके खाते से पैसे निकाल लेते हैं।

    टोल प्लाजा पर भी कैसे हो रही है ठगी?
    कुछ मामलों में अपराधी टोल प्लाजा के साइनबोर्ड पर फर्जी QR कोड के स्टिकर चिपका देते हैं। ड्राइवर इन्हें असली समझकर स्कैन कर लेते हैं और अनजाने में अपनी निजी और वित्तीय जानकारी खतरे में डाल देते हैं।

    FASTag फ्रॉड के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
    2025 के आखिर से फास्टैग से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में तेजी देखी गई है। डिजिटल टोल सिस्टम ने जहां सुविधा बढ़ाई है, वहीं ठगों के लिए नए मौके भी पैदा किए हैं। ऐसे मामलों में न सिर्फ पैसे का नुकसान होता है, बल्कि पहचान की चोरी और फास्टैग अकाउंट के दुरुपयोग का खतरा भी रहता है।

    फर्जी FASTag वेबसाइट की पहचान कैसे करें?
    धोखाधड़ी से बचने का सबसे आसान तरीका है वेबसाइट का पता (URL) ध्यान से जांचना। फास्टैग से जुड़ी सेवाएं सिर्फ अधिकृत सरकारी पोर्टल या रजिस्टर्ड बैंक ऐप्स पर ही उपलब्ध होती हैं।
    नकली वेबसाइट अक्सर नाम में थोड़ा बदलाव, अजीब डोमेन या अतिरिक्त शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। याद रखें, कोई भी आधिकारिक एजेंसी ओटीपी, पिन या पासवर्ड कभी मैसेज या कॉल पर नहीं मांगती।
    FASTag फ्रॉड से बचने के लिए जरूरी सावधानियां क्या हैं?

        फास्टैग रिचार्ज हमेशा आधिकारिक बैंक ऐप, सरकारी पोर्टल या भरोसेमंद ऐप से ही करें।

        OTP, PIN या बैंक डिटेल्स किसी से साझा न करें।

        सार्वजनिक जगहों या अनजान मैसेज से मिले QR कोड स्कैन करने से बचें।

        किसी भी मैसेज या लिंक पर कार्रवाई से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचें।

        बैंक और फास्टैग ट्रांजैक्शन के लिए SMS/ईमेल अलर्ट चालू रखें।

    ठगी का शक हो तो तुरंत क्या करें?
    अगर आपको लगता है कि आप ठगी का शिकार हो गए हैं, तो तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर फास्टैग वॉलेट या अकाउंट ब्लॉक करवाएं। इसके साथ ही राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और स्थानीय पुलिस को सूचना दें।

    मदद के लिए फास्टैग हेल्पलाइन नंबर 1033 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

     

  • भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग: कहां स्थित हैं और क्या है उनका आध्यात्मिक महत्व?

    भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग: कहां स्थित हैं और क्या है उनका आध्यात्मिक महत्व?

    भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग भारत के सबसे पवित्र तीर्थ माने जाते हैं। शिव पुराण के अनुसार, ये वे स्थान हैं जहां. भगवान शिव ने स्वयं को तेजस्वी प्रकाश‑स्तंभ के रूप में प्रकट किया था. हर ज्योतिर्लिंग शिव के अलग‑अलग रूप और शक्ति का प्रतीक है.

    1. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग — गुजरात (सौराष्ट्र)
    भारत का पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है. यह समुद्र किनारे स्थित है और कई बार पुनर्निर्मित हुआ.

    2. मल्लिकार्जुन — श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश)
    यह शिव और शक्ति, दोनों का संयुक्त पवित्र धाम माना जाता है. महाशिवरात्रि यहां बेहद भव्य होती है.

    3. महाकालेश्वर — उज्जैन (मध्य प्रदेश)
    इसे समय (काल) के स्वामी का रूप माना जाता है. यहां की भस्म आरती विश्वप्रसिद्ध है.

    4. ओंकारेश्वर — खंडवा (मध्य प्रदेश)
    नर्मदा नदी के बीच ॐ आकार वाले द्वीप पर स्थित, इसलिए इसका नाम “ओंकारेश्वर” पड़ा.

    5. वैद्यनाथ (बैद्यनाथ) — देवघर (झारखंड)
    शिव के वैद्य रूप की पूजा होती है, माना जाता है कि यहां रोगों से मुक्ति मिलती है.

    6. भीमाशंकर — पुणे (महाराष्ट्र)
    कहते हैं यहां शिव ने राक्षस भीम का वध किया था. यह पश्चिमी घाट के घने जंगलों में स्थित है.

    7. रामेश्वरम — तमिलनाडु
    यहां भगवान राम ने स्वयं शिवलिंग की स्थापना की थी, इसलिए रामेश्वरम बहुत पवित्र माना जाता है.

    8. नागेश्वर — द्वारका (गुजरात)
    यह नागों के स्वामी शिव का स्वरूप है. पुराणों में इसे “दारुकावन” कहा गया है.

    9. काशी विश्वनाथ — काशी/वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
    “मोक्ष की नगरी” काशी में स्थित, जहां शिव स्वयं अपने भक्तों को मुक्तिदान देते हैं.

    10. त्र्यंबकेश्वर — नाशिक (महाराष्ट्र)
    यहां गोदावरी नदी का उद्गम है. शिव के त्रिनेत्र स्वरूप की पूजा होती है.

    11. केदारनाथ — रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड)
    हिमालय की गोद में स्थित, अत्यंत दिव्य स्थान. यह चार धाम में भी शामिल है.

    12. घृ‍ष्णेश्वर (गृह्णेश्वर) — औरंगाबाद/एलोरा (महाराष्ट्र)
    यह सबसे अंतिम (12वां) ज्योतिर्लिंग माना जाता है और एलोरा गुफाओं के पास स्थित है.

    ज्योतिर्लिंगों की खासियत क्या है?
    ये शिव के स्वयं‑प्रकट स्वरूप माने जाते हैं, अर्थात स्वयम्भू.
    यहां की यात्रा मोक्ष, पाप‑नाश, मानसिक शांति और आत्मिक शक्ति देती है.
    हर ज्योतिर्लिंग एक अलग रूप, जैसे काल, प्रकाश, शक्ति, करुणा, रक्षक का प्रतीक है.

  • MP में मौसम का कहर: आंधी-तूफान संग भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दी चेतावनी

    MP में मौसम का कहर: आंधी-तूफान संग भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दी चेतावनी

    भोपाल

    मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट ले सकता है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के प्रभाव से 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल ने उत्तरी मध्य प्रदेश के 8 जिलों में वर्षा का अलर्ट जारी किया है।

    इन जिलों में हो सकती है बारिश
    मौसम विभाग (IMD) के अनुसार ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग के ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में बारिश हो सकती है। इन जिलों और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। यदि यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो फरवरी महीने में यह तीसरी बार बारिश का दौर होगा। इससे पहले माह की शुरुआत में प्रदेश के कई हिस्सों में ओलावृष्टि, बारिश और आंधी से फसलों को भारी नुकसान हुआ था। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में फसलों का सर्वे भी कराया था।

    पश्चिम विक्षोभ के कारण MP में बदलेगा मौसम…
    मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि फिलहाल एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है, लेकिन उसका असर मुख्य रूप से पहाड़ी राज्यों में दिखाई दे रहा है, जहां बर्फबारी हो रही है। 16 फरवरी से एक नया सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। वर्तमान में प्रदेश में हल्की सर्दी का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंड महसूस हो रही है, जबकि दिन में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अधिकांश शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है।

    न्यूनतम तापमान पचमढ़ी का..
    ताजा आंकड़ों के अनुसार पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 14.2 डिग्री, इंदौर में 13.6 डिग्री, ग्वालियर में 12.8 डिग्री, उज्जैन में 15.7 डिग्री और जबलपुर में 14.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। कटनी, सतना, शहडोल, छतरपुर और रीवा के कुछ इलाकों में पारा 10 से 11 डिग्री के बीच रहा।

    अगले दो दिन का पूर्वानुमान
    16 फरवरी को कुछ जिलों में हल्का कोहरा रहेगा। बारिश का अलर्ट नहीं है, लेकिन दिन में बादल छा सकते हैं। 17 फरवरी को हल्का कोहरा रहेगा। बारिश की संभावना नहीं, हालांकि बादल छाए रहेंगे।

  • शहरी विकास को रफ्तार: भोपाल-इंदौर मेट्रो और मेट्रोपॉलिटन प्रोजेक्ट्स को मिलेगा बड़ा बजट

    शहरी विकास को रफ्तार: भोपाल-इंदौर मेट्रो और मेट्रोपॉलिटन प्रोजेक्ट्स को मिलेगा बड़ा बजट

    भोपाल
    मध्य प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट 18 फरवरी को प्रस्तुत होगा। यह चार लाख, 70 हजार करोड़ रुपये के आसपास रह सकता है। इसमें कृषि के साथ नगरीय और ग्रामीण विकास पर फोकस रहेगा। अधोसंरचना के कामों की गति बढ़ाई जाएगी। भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन, मेट्रो ट्रेन, प्रधानमंत्री आवास शहरी सहित अन्य योजनाओं के लिए प्रविधान रखे जाएंगे। वहीं, ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर भी फोकस रहेगा। विकसित भारत-जी राम जी, प्रधानमंत्री आवास, पंचायत एवं सामुदायिक भवन, जल संरचना आदि कार्यों के लिए राशि आवंटित की जाएगी।
     
    शहरी क्षेत्र में 10 लाख आवास बनाने का लक्ष्य मिला है
    प्रदेश को अगले पांच साल में शहरी क्षेत्र में 10 लाख आवास बनाने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से राशि का प्रविधान होगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्र और राज्यांश मिलाकर पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक राशि रखी जा सकती है। भोपाल और इंदौर मेट्रोपालिटन क्षेत्र घोषित हो चुके हैं। इसका काम आगे बढ़ाने के साथ मेट्रो ट्रेन के संचालन और आगे का काम पूरा करने के लिए प्रविधान किया जाएगा।

    अमृत मिशन में नगरीय निकायों को राशि दी जाएगी
    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित जल से लोगों की मौत की घटना सामने आने के बाद पूरे प्रदेश में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था में सुधार की कवायद प्रारंभ हो गई है। इसके लिए अमृत मिशन में नगरीय निकायों को राशि दी जाएगी ताकि काम तेजी से पूरा हो सके। अधोसंरचना विकास के कामों के लिए भारत सरकार से मिलने वाली राशि को मिलाकर प्रविधान किया जाएगा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र में भी अधोसंरचना विकास पर जोर रहेगा।

    इन योजनाओं पर भी सरकार खर्च करेगी राशि
    प्रधानमंत्री आवास, ग्रामीण सड़क, पंचायत एवं सामुदायिक भवन के साथ जल संरचनाओं के विकास, मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम, प्रधानमंत्री जनमन योजना, मध्याह्न भोजन, मुख्यमंत्री आवास मिशन के लिए राशि दी जाएगी। विकसित भारत जी राम जी योजना के लिए अब 40 प्रतिशत अंशदान के साथ प्रविधान करना होगा। योजना में चार हजार करोड़ रुपये से अधिक रखे जा सकते हैं।

  • शिवपुरी हत्याकांड पर उबाल: पूरे मध्य प्रदेश में वकीलों का ब्लैक आउट, सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम

    शिवपुरी हत्याकांड पर उबाल: पूरे मध्य प्रदेश में वकीलों का ब्लैक आउट, सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम

    जबलपुर
    शिवपुरी में शनिवार को एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या से समूचे राज्य के वकील आक्रोशित हो गए हैं। सोमवार को पूरे प्रदेश के वकील न्यायिक कार्य से विरत रहकर प्रतिवाद दिवस मनाएंगे। यह निर्णय रविवार को एमपी स्टेट बार काउंसिल ने सर्वसम्मति से लिया है। इससे पहले रविवार को ही मप्र हाई कोर्ट बार, जिला बार और हाई कोर्ट एडवोकेट्स बार ने संयुक्त रूप से सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय लिया था। दरअसल, करेरा तहसील के वकील संजय सक्सेना की शनिवार, 14 फरवरी की दोपहर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त संजय सक्सेना काले कोट में अपने घर से कोर्ट जा रहे थे। घटना के बाद शिवपुरी पुलिस ने हत्याकांड में शामिल तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया था।
     
    सात दिनों का अल्टीमेटम, वरना सीएम हाउस का होगा घेराव
    स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता और वाइस चेयरमैन आरके सिंह सैनी ने कहा है कि एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने अब निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी। गुप्ता के अनुसार रविवार को दोपहर को सभी सदस्यों की आनलाइन मीटिंग बुलाकर सोमवार को प्रतिवाद दिवस मनाने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से तय किया गया कि पूरे राज्य में वकीलों की सुरक्षा से जुड़े एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू कराने राज्य सरकार को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया जाएगा। इसके बाद भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठाती तो फिर काउंसिल के नेतृत्व में प्रदेश के सवा लाख वकील भोपाल जाकर मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे। काउंसिल के वाईस चैयरमेन आरके सिंह सैनी ने बताया कि ऑनलाइन मीटिंग के अंत में सभी सदस्यों ने मृत अधिवक्ता संजय सक्सेना को शोक श्रद्धांजलि भी दी।

    वकीलों ने की ये मांगें
    स्टेट बार काउंसिल की बैठक से पहले रविवार को ही हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डीके जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, जिला बार के अध्यक्ष मनीष मिश्रा, सचिव ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी और हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार के सचिव निखिल तिवारी की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया है कि अधिवक्ता स्व. संजय सक्सेना के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा, उनके आश्रित को सरकारी नौकरी, हत्या के आरोपितों पर कठोर कार्रवाई के साथ एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट जल्द से जल्द लागूकिया जाए।

    चीफ जस्टिस को भेजी गई सूचना
    तीनों बार एसोसिएशनों ने सोमवार को मनाए जाने वाले प्रतिवाद दिवस की जानकारी हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भेजी है। एसोसिएशनों ने चीफ जस्टिस से आग्रह किया है कि उनकी ये मांगें जायज हैं। ऐसे में सोमवार को सुनवाई पर लगे मुकदमों को वकीलों की गैरहाजिरी में खारिज न किया जाए। वकील सोमवार को दोपहर साढ़े 12 बजे मुख्यमंत्री के नाम पर एक ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपेंगे।
     
    वर्षों से की जा रही मांग, मिला सिर्फ आश्वासन
    इस सम्बन्ध में हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष डीके जैन ने कहा है कि वकीलों की सुरक्षा के लिए पिछले कई वर्षों से एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने की मांग वकीलों द्वारा की जा रही है। एक बार तो भोपाल में वकीलों की महा-पंचायत बुलाकर एडवोकेट्स प्रोटेक्शन को जल्द से जल्द लागू करने का भरोसा भी दिलाया गया, लेकिन अभी तक नतीजा शून्य ही रहा है।

  • 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ, सरकार ने दूर किया बड़ा भ्रम

    31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ, सरकार ने दूर किया बड़ा भ्रम

    नई दिल्ली
    8वें वेतन आयोग के गठन के बाद लाखों केंद्रीय पेंशनभोगियों के मन में उपजी चिंताओं पर सरकार ने विराम लगा दिया है। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 31 दिसंबर, 2025 तक रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी नए वेतन आयोग के लाभों के दायरे में रखा जाएगा।

    वित्त मंत्रालय ने संसद में किया साफ
    केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th CPC) के लाभार्थियों को लेकर चल रहे संशय को दूर कर दिया है। वित्त मंत्रालय ने संसद में साफ किया है कि वेतन आयोग की सिफारिशें केवल मौजूदा कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि उन लाखों पेंशनभोगियों के लिए भी होंगी जो 31 दिसंबर, 2025 या उससे पहले सेवानिवृत्त (Retire) हो चुके हैं।

    लोकसभा में सरकार का स्पष्टीकरण
    पेंशन नियमों में बदलाव और पुराने बनाम नए पेंशनभोगियों के बीच संभावित भेदभाव की खबरों के बीच वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में स्थिति साफ की। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि 8वें वेतन आयोग को विशेष रूप से केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन (Pay), भत्ते (Allowances) और पेंशन (Pension) पर अपनी सिफारिशें देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
     
    पेंशनर्स के लिए क्यों था संशय?
    दरअसल, 'फाइनेंस एक्ट 2025' द्वारा मौजूदा पेंशन नियमों के वैधीकरण के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि क्या नए रिवीजन का लाभ केवल उन लोगों को मिलेगा जो 1 जनवरी 2026 के बाद रिटायर होंगे। हालांकि, सरकार के ताजा बयान ने यह साफ कर दिया है कि…

        पेंशन में बदलाव केंद्र सरकार द्वारा जारी 'जनरल ऑर्डर्स' के माध्यम से किया जाता है।
        8th CPC की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद, ये आदेश सभी पात्र पेंशनभोगियों पर लागू होंगे।
        यह प्रक्रिया सेंट्रल सिविल सर्विसेज़ (पेंशन) रूल्स, 2021 के तहत संचालित होती है।

  • बांग्लादेश में शपथ समारोह से पीएम मोदी दूर, लोकसभा स्पीकर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

    बांग्लादेश में शपथ समारोह से पीएम मोदी दूर, लोकसभा स्पीकर करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व

    नई दिल्ली
    बांग्लादेश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी नहीं जाएंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भारत बांग्लादेश भेज रहा है। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी होंगे। यह समारोह 17 फरवरी को ढाका के राष्ट्रीय संसद भवन के साउथ प्लाजा में आयोजित होगा। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल भारत-बांग्लादेश के गहरे और स्थायी दोस्ती को रेखांकित करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रण मिला था, लेकिन वे मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता और दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट की तैयारी के कारण नहीं जा पा रहे।

     

  • होली पर रेल यात्रियों की परेशानी: भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में कंफर्म सीट का संकट

    होली पर रेल यात्रियों की परेशानी: भोपाल से गुजरने वाली ट्रेनों में कंफर्म सीट का संकट

    भोपाल
    होली का त्योहार नजदीक आते ही घर लौटने की चाह हर दिल में जाग उठती है। लोग अपनों के साथ रंगों की खुशियां बांटना चाहते हैं, लेकिन इस बार सफर आसान नहीं है। भोपाल से दिल्ली, मुंबई, बिहार और उत्तर प्रदेश जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है।

    इंदौर–पटना, कर्नाटका और हमसफर एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट और रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है। सीट न मिलने से यात्रियों को वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी पड़ रही है, जिससे खर्च और परेशानी दोनों बढ़ गए हैं।
     
    हर बार त्योहारों पर वही समस्या, कंफर्म सीट का संकट
    होली हो या दिवाली, बड़े त्योहारों के दौरान ट्रेनों में कंफर्म सीट न मिलना अब आम समस्या बन गई है। यात्रा की तारीख से करीब एक महीने पहले ही अधिकांश ट्रेनों में 'नो रूम' की स्थिति दिखाई देने लगती है। वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है और कंफर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि हर साल त्योहारों के समय यही स्थिति बनती है।

    मजबूरी में लोगों को तत्काल टिकट का सहारा लेना पड़ता है, जहां भीड़ और अधिक रहती है। कई यात्रियों को घर पहुंचने के लिए बस, फ्लाइट या निजी वाहन जैसे महंगे विकल्प चुनने पड़ते हैं। यात्रियों की मांग है कि त्योहारों से पहले रेलवे को अतिरिक्त या स्पेशल ट्रेनों की घोषणा करनी चाहिए, ताकि भीड़ का दबाव कम हो सके और लोगों को समय पर कंफर्म सीट मिल सके।

    होली स्पेशल : भोपाल मंडल से चलेंगी 4 जोड़ी विशेष ट्रेनें
    होली पर्व पर यात्रियों की सुविधा हेतु भारतीय रेलवे ने देशभर में 1410 विशेष ट्रेनों का संचालन किया है, जिनमें पश्चिम मध्य रेल से 43 ट्रेनें शामिल हैं। भोपाल मंडल से रीवा-रानी कमलापति (02192/02191, 02186/02185), भोपाल–रीवा (01704/01703) तथा रानी कमलापति–दानापुर (01667/01668) स्पेशल ट्रेनें निर्धारित तिथियों पर चलाई जाएंगी। इन ट्रेनों के संचालन से त्योहार के दौरान अतिरिक्त भीड़ कम होगी और यात्रियों को सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी।

    इन ट्रेनों में 'रिग्रेट व नो रूम' की स्थिति
        श्रीनगर-शिरड़ी-कालका सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22455) 28 फरवरी से 5 मार्च तक इस ट्रेन में कंफर्म टिकट उपलब्ध नहीं है। यात्रियों को 'नो रूम' की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
        कर्नाटका एक्सप्रेस (12627) 28 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में कंफर्म टिकट नहीं मिल रहे हैं।
        अहमदाबाद-सहरसा एक्सप्रेस (19483) 25 फरवरी से 2 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी श्रेणियों में 'रिग्रेट' की स्थिति है।
        इंदौर-पटना एक्सप्रेस (19321) 25 फरवरी से 1 मार्च तक स्लीपर, 2एसी और 3एसी में सीटें फुल हैं और रिग्रेट दिखा रहा है।
        अहमदाबाद-आसनसोल एक्सप्रेस (19435) 25 फरवरी से 5 मार्च तक सभी प्रमुख श्रेणियों में टिकट उपलब्ध नहीं है।
        मंगला लक्षद्वीप सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12618) 26 फरवरी से 2 मार्च तक रिग्रेट की स्थिति बनी हुई है।
        हमसफर एक्सप्रेस (19092) 25 फरवरी से 5 मार्च तक टिकट बुकिंग में 'रिग्रेट' स्थिति दर्शाई जा रही है।

  • करोड़ों की संपत्ति के मालिक बड़े पुलिस अफसर, दिल्ली में महंगे फ्लैट और मोटी किराया आय का खुलासा

    करोड़ों की संपत्ति के मालिक बड़े पुलिस अफसर, दिल्ली में महंगे फ्लैट और मोटी किराया आय का खुलासा

    भोपाल
    मध्य प्रदेश कैडर के एडीजी स्तर के कई अधिकारियों ने भोपाल में कृषि भूमि खरीदी है। कुछ अधिकारियों के पास दिल्ली में फ्लैट भी हैं, जिनसे उन्हें हर साल लाखों रुपये की आय हो रही है। यह जानकारी अधिकारियों द्वारा केंद्र सरकार को दिए गए अचल संपत्ति के ब्योरे में सामने आई है।

    किसके पास कितनी संपत्ति
    एडीजी एसएएफ चंचल शेखर के पास भोपाल में 11 हजार 325 वर्गफीट कृषि भूमि है। यह जमीन उन्होंने वर्ष 2009 में 10 लाख रुपये में अपने और पत्नी के नाम से खरीदी थी, जिसकी वर्तमान कीमत एक करोड़ 80 लाख रुपये है। दिल्ली के साउथ वेस्ट क्षेत्र में उनका एक फ्लैट है, जिसे वर्ष 2011 में 17 लाख रुपये में खरीदा गया था और जिसकी वर्तमान कीमत 65 लाख रुपये है। इस फ्लैट से उन्हें प्रतिवर्ष छह लाख 60 हजार रुपये की आय हो रही है।
     
    इसके अलावा वर्ष 2017 में उन्होंने दिल्ली में ही एक करोड़ 70 लाख रुपये का एक और फ्लैट खरीदा, जिसकी वर्तमान कीमत भी उतनी ही है। यह फ्लैट उनके और पत्नी के नाम पर है और इससे उन्हें सालाना एक लाख 80 हजार रुपये की आय होती है।

    ए साई मनोहर के पास केवल एक संपत्ति
    एडीजी इंटेलिजेंस ए साई मनोहर के पास केवल एक संपत्ति है, जो दिल्ली में फ्लैट के रूप में है। उन्होंने वर्ष 2024 में यह फ्लैट तीन करोड़ 60 लाख रुपये में खरीदा था और इसकी वर्तमान कीमत भी उतनी ही है। इस संपत्ति से उन्हें प्रतिवर्ष 17 लाख 13 हजार रुपये की आय हो रही है।

    स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव के पास तीन अचल संपत्तियां हैं। इनमें उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक फ्लैट शामिल है, जिसे वर्ष 2012 में 40 लाख रुपये में अपने और पत्नी के नाम पर खरीदा गया था। इसकी वर्तमान कीमत सवा करोड़ रुपये है और इससे उन्हें प्रतिवर्ष एक लाख 75 हजार रुपये की आय होती है।

    संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया
    भारतीय प्रशासनिक सेवा के मध्य प्रदेश कैडर के अधिकारियों ने भी 31 जनवरी की स्थिति में अपनी संपत्ति का ब्योरा जमा कर दिया है, लेकिन इसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इनकी संख्या लगभग 365 बताई गई है। संभावना है कि एक सप्ताह के भीतर इनकी अचल संपत्ति की जानकारी भी सार्वजनिक की जाएगी।