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  • साल का पहला सूर्य ग्रहण: किन राशियों पर पड़ेगा भारी असर? जानिए शुभ-अशुभ संकेत

    साल का पहला सूर्य ग्रहण: किन राशियों पर पड़ेगा भारी असर? जानिए शुभ-अशुभ संकेत

    कुंभ राशि में लगने वाला साल का पहला ग्रहण सामूहिक चेतना, नवाचार और भविष्य की योजनाओं में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है. भले ही यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का गोचर और उनकी स्थिति प्रत्येक जातक के लिए महत्वपूर्ण होती है. आइए विस्तार से समझते हैं कि इस ग्रहण का विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने की संभावना है.

    राशियों पर ग्रहण का प्रभाव

    मेष राशि
    यह ग्रहण आपके सामाजिक जीवन और बड़े सपनों को प्रभावित कर सकता है. देखा जाए तो आप अपनी दोस्ती और काम-काज के रिश्तों को नए नजरिए से देख सकते हैं. पैसों को लेकर थोड़ी अस्थिरता महसूस हो सकती है, इसलिए निवेश या खर्च का कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें.

    वृषभ राशि
    करियर को लेकर यह समय थोड़ा संभलकर चलने का है. हो सकता है ऑफिस में काम का दबाव बढ़े या मेहनत का फल मिलने में थोड़ी देरी हो. अधिकारियों से उलझने के बजाय धैर्य रखें. ध्यान रहे, धीरे-धीरे ही सही लेकिन आपकी निरंतरता आपको बड़ी सफलता दिलाएगी.

    मिथुन राशि
    आपकी पढ़ाई, लंबी यात्राओं और भविष्य की सोच में कुछ बदलाव आ सकते हैं. मुमकिन है कि बनी-बनाई योजनाओं में फेरबदल करना पड़े. विशेष रूप से, इस दौरान आपकी आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी, जो आपको खुद को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगी.

    कर्क राशि
    ग्रहण के प्रभाव से आपकी भावनाएं काफी गहरी हो सकती हैं. पैसों के लेन-देन, लोन या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें. बेमतलब की चिंताओं में न उलझें और मुश्किल समय में परिवार के साथ पर भरोसा रखें.

    सिंह राशि
    आपके रिश्तों और पार्टनरशिप के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा जैसा है. अगर बातचीत में अहंकार आया, तो गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. दूसरों की बातों को ध्यान से सुनें और शांति से जवाब दें; यही आपकी समझदारी होगी.

    कन्या राशि
    अपनी सेहत और रोजमर्रा के काम पर ध्यान दें. काम के बोझ को खुद पर हावी न होने दें, नहीं तो तनाव बढ़ सकता है. अनुशासन बनाए रखें और काम के साथ-साथ आराम के लिए भी वक्त निकालें. सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है.

    तुला राशि
    आपका मन रचनात्मक कामों में लगेगा, लेकिन भावनात्मक रूप से ध्यान भटक सकता है. प्रेम संबंधों में एक-दूसरे से बहुत ज्यादा उम्मीदें न पालें. अपनी बात को साफ और स्पष्ट रखें ताकि किसी भी तरह के भ्रम की गुंजाइश न रहे.

    वृश्चिक राशि
    यह समय आपके घर और परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. घर की चर्चाओं में धैर्य बनाए रखें, क्योंकि पुरानी बातें फिर से उभर सकती हैं. कड़वी भाषा का प्रयोग करने से बचें और घर के माहौल को शांत रखने की कोशिश करें.

    धनु राशि
    बातचीत करने और नई चीजें सीखने के मामले में सावधानी जरूरी है. किसी को कुछ भी बोलने से पहले सोच लें ताकि गलतफहमी न हो. छोटे भाई-बहनों या पड़ोसियों के साथ व्यवहार में नरमी बरतें और सकारात्मक रहें.

    मकर राशि
    पैसों के मामले में अनुशासन बनाए रखना ही आपके लिए सबसे बड़ा मंत्र है. फिजूलखर्ची या रिस्की निवेश से फिलहाल दूर रहें. यह ग्रहण आपको अपनी बचत और खर्च करने के तरीकों को सुधारने का एक अच्छा मौका दे रहा है.

    कुंभ राशि
    यह ग्रहण आपकी ही राशि में है इसलिए यह समय ‘खुद को पहचानने’ का है. आप अपने स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों को लेकर दोबारा सोच सकते हैं. मन थोड़ा अशांत रह सकता है, इसलिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव न करें और खुद को समय दें.

    मीन राशि
    आपका झुकाव अध्यात्म की ओर ज्यादा रहेगा. आप अकेलापन महसूस कर सकते हैं, लेकिन इसे नकारात्मक न होने दें. यह पुराने जख्मों को भरने और प्रार्थना व ध्यान के जरिए खुद को शांत करने का बहुत अच्छा समय है.

    ग्रहण के दौरान नकारात्मक प्रभाव कम करने के उपाय
    शास्त्रों में ग्रहण के प्रभाव को संतुलित करने के लिए कुछ विशेष मार्गदर्शन दिए गए हैं, जो सभी जातकों के लिए लाभकारी हैं:

        मंत्रों का आलंबन: स्पष्टता और सुरक्षा के लिए गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप करें.
        दान और सेवा: चावल, दूध, तिल, पीले वस्त्र या अन्य वस्तुओं का दान करना सकारात्मकता लाता है.
        आध्यात्मिक साधना: ध्यान, मौन और प्रार्थना को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.
        संयम: अनावश्यक विवादों से बचें और मानसिक शांति बनाए रखने का प्रयास करें.

     

  • CM साय ने झुमका में 27 लाख के ओपन थिएटर का किया लोकार्पण, पर्यटन विकास पर दिया जोर

    CM साय ने झुमका में 27 लाख के ओपन थिएटर का किया लोकार्पण, पर्यटन विकास पर दिया जोर

    रायपुर 
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया।

    मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा। 

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

  • रातापानी में बनेंगे चार एनीमल ओवरपास, 10 साल में मिडघाट में 10 तेंदुए और 9 बाघ हुए मृत

    रातापानी में बनेंगे चार एनीमल ओवरपास, 10 साल में मिडघाट में 10 तेंदुए और 9 बाघ हुए मृत

    नर्मदापुरम

    वन्य प्राणियों के जीवन की सुरक्षा के लिए पश्चिम मध्य रेलवे रातापानी के जंगल में पहाड़ियों के बीच से निकली रेल लाइन के ऊपर 4 एनीमल ओवरपास बना रहा है। बुदनी से बरखेड़ा के बीच 26 किमी के रेलवे ट्रैक पर 4 ऐसे  स्थान हैं जहां से वन्य प्राणियों की टेरेटरी है। 

    जंगली जानवर शिकार और पहाड़ी नाले में पानी की तलाश के लिए रेलवे ट्रैक पार करते हैं। लेकिन इसी बीच ट्रेन आ जाने पर तेज आवाज के कारण दो पहाडों के बीच में फंस जाते हैं। घबराहट में वे ट्रैक पर दौड़ने लगते हैं और ट्रेन की चपेट में आकर मर जाते हैं। जिन स्थानों पर एनीमल ओवरपास बना रहे हैं वे स्थान वन विभाग ने रेलवे को चिन्हित करके दिए हैं, क्योंकि जंगली जानवर उन्हीं रास्ते अक्सर निकलते हैं। अभी चौका रेलवे स्टेशन (केविन) के पास 2 एनीमल ओवरपास बनकर तैयार हो चुके हैं। वहीं 2 पर काम चल रहा है।

    जानकारी के अनुसार पिछले 10 वर्षों में पहाडों के बीच फंसकर 10 तेंदुआ और 9 बाघों की मौत ट्रेन की चपेट आकर हो चुकी है। आवीएनएल के सीपीएम राघवेंद्र सारस्वत ने बताया कि 2 लगभग कंप्लीट हो चुके हैं, 2 पर काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य मानसून आने से पूर्व कम्पलीट करने का है।

    ईको फ्रेंडली ओवरपास बन रहे

    एक ओवरपास का निर्माण लगभग 2 करोड़ रुपए से हो रहा है। 4 एनीमल ओवरपास बुदनी से मिडघाट के बीच 1, चौका- मिडघाट के बीच 2, चौका बरखेड़ा के बीच 1 एनीमल ओवरपास का निर्माण हो रहा है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर है जबकि पहाड़ी के बीच गेप 18 मीटर का है। एनीमल ओवरपास जिन स्थानों पर बनाए गए हैं वहां रेलवे ट्रैक के दोनों और 100-100 मीटर की 3.5 मीटर ऊंची चैनलिंग फेंसिंग लगाई जाएगी ताकि वे एनीमल ओवरपास से होकर रेल लाइन का क्रॉस करें। यह ईको फ्रेंडली रहेंगे ताकि जंगली जानवर आसानी से इस पार से उस पास आ जा सकें।

    ट्रैक और पहाड़ के बीच 3-5 फीट की दूरी मिडघाट सेक्शन में चौका के पास रेलवे ट्रैक और पहाड़ी के बीच में 3-5 फीट का गेप बचता है। जब ट्रेन गुजरती है तो दोनो ओर ड्रेन बनी होने के कारण वन्य प्राणी दोनों पहाड़ के बीच स्थित ट्रैक भागने लगते हैं और निकल नहीं पाता।

  • धार में महिला नसबंदी कैंप विवादित: हर 2 मिनट में ऑपरेशन, 180 महिलाएं जमीन पर लिटाई गईं

    धार में महिला नसबंदी कैंप विवादित: हर 2 मिनट में ऑपरेशन, 180 महिलाएं जमीन पर लिटाई गईं

    धार

    मध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्र धार जिले में महिला नसबंदी कैंप की शर्मनाक तस्वीर आई सामने आई है। यहां करीब 180 महिलाओं का बुनियादी सुविधाओं के बिना नसबंदी ऑपरेशन कर दिया गया। ऐसा बताया जा रहा है कि यहां डॉक्टर द्वारा हर 2 मिनट में एक महिला की नसबंदी कर दी गई। लापरवाही सामने आने के बाद 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर जांच शुरू कर दी गई है। ऑपरेशन के बाद कैंप में जमीन पर लेटी महिलाओं के वीडियो भी सामने आए हैं।

    धार जिले के आदिवासी क्षेत्र बाग में नसबंदी कैंप में महिलाओं के साथ हुई लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां 180 आदिवासी महिलाएं अपने छोटे-छोटे बच्चों और परिजनों के साथ बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के नसबंदी कैंप में पहुंची थीं। महिलाओं को उम्मीद थी कि सरकारी शिविर में उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक चिकित्सा सुविधा मिलेगी, लेकिन यहां का नजारा बेहद शर्मनाक और चिंताजनक नजर आया। कैंप में न पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी और ना ही बैठने की उचित इंतजाम। कैंप में जिन महिलाओं की नसबंदी की गई, उन्हें भी ऑपरेशन के बाद खुले आसमान के नीचे धूप में जमीन पर ही लिटा दिया गया। इस दौरान ऑपरेशन कराने वाली महिलाएं गर्मी और दर्द से बेचैन और परेशान नजर आईं, जबकि उनके परिजन कपड़ों से हवा कर उन्हें राहत देने की कोशिश करते दिखाई दिए।

    वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि नसबंदी केंद्र के बाहर कुछ महिलाएं और पुरुष छोटे-छोटे बच्चों को कपड़े की झोली लगाकर झूला झूल रहे थे, जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक नसबंदी नहीं हो पाई। लिहाजा भूखे-प्यासे परेशान होकर बाहर बैठे रहे। उन्होंने सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं में सुधार किए जाने की मांग की।
    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे

    स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी डॉ. वीर बहादुर सिंह मुवेल कैंप के दौरान मौके पर मौजूद नहीं थे। स्टाफ द्वारा जानकारी देने के बाद वह मौके पर पहुंचे और बैठक में होने की बात कही, जबकि उनके ही क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 180 से अधिक महिलाओं की नसबंदी की जा रही थी। अब इस मामले में 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है और जांच जा जारी है।

    जानकारी के अनुसार, पता चला है कि स्वास्थ्य केंद्र पर एक ही प्राइवेट डॉक्टर है, जिसके जिम्मे करीब 180 ऑपरेशन सौंप दिए गए थे। प्राइवेट डॉक्टर डॉ. राकेश डावर द्वारा तेजी से ऑपरेशन किए जा रहे थे। वहीं अस्पताल के मैनेजर बसंत अजनार ने दावा किया कि वे मात्र 2 मिनट में एक नसबंदी कर देते हैं। सभी ऑपरेशन इतनी तेजी से किए गए कि अब सुरक्षा और मेडिकल प्रोटोकॉल पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
    अस्पताल में सिर्फ एक परमानेंट डॉक्टर

    बता दें कि, बाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक ही परमानेंट डॉक्टर डॉ. हरिसिंह के भरोसे संचालित हो रहा है। यहां दो डॉक्टर कॉन्ट्रैक्ट बॉन्ड पर हैं और दो डॉक्टर संविदा पर नियुक्त किए गए। एक ही डॉक्टर के भरोसे इतना बड़ा स्वास्थ्य केंद्र संचालित होने से अब इस पर सवाल उठना लाजिमी है। सीएमओ डॉ. वीरभद्र सिंह मुवेल का कहना है डॉक्टर्स की कमी की बात जिला मुख्यालय के अधिकारियों को बता दी गई है।

    स्वास्थ्य केंद्र के स्टोर-कीपर बसंत अजनार ने बताया कि कैंप 180 से अधिक मरीज पहुंचे हैं और बेड्स की कमी के कारण ऑपरेशन के बाद महिलाओं को जमीन पर ही लिटाना पड़ा। उनका कहना था कि डॉक्टर विशेषज्ञ हैं और समय की कोई समस्या नहीं है, लेकिन व्यवस्थाओं की यह कमी खुद स्वास्थ्य तंत्र की तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।

  • रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी का कार्ड लीक, डेट और वेन्यू की पूरी जानकारी सामने

    रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी का कार्ड लीक, डेट और वेन्यू की पूरी जानकारी सामने

    मुंबई 

     रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा एक बार फिर अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं. यह जोड़ी जल्द ही शादी करने वाले हैं. हालांकि, उनके फैंस यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि कपल कब शादी कर रहा है. अब, सोशल मीडिया पर एक वेडिंग कार्ड वायरल हो गया है जिसमें विजय और रश्मिका की शादी का इनविटेशन होने का दावा किया गया है.

    रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी की तारीख की अफवाह ने एक बार फिर इंटरनेट पर धूम मचा दी है. इस महीने की शुरुआत में सोशल मीडिया पर शादी की चर्चा चरम पर थी, जब उदयपुर के सिटी पैलेस के वीडियो वायरल हुए, जिसमें शानदार सजावट दिख रही थी.

    एक सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि पैलेस एक स्टार वेडिंग के लिए तैयार हो रहा है. उस यूजर ने बताया था कि विजय और रश्मिका 2 फरवरी को शादी करने वाले हैं. हालांकि, यह खबर झूठी निकली. लेकिन एक बार फिर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना अपनी शादी के कयासों को लेकर चर्चा में आए है. उनका शादी का कार्ड सोशल मीडिया पर सामने आया.

    इंटरनेट पर चल रहे वेडिंग कार्ड के मुताबिक, कपल 26 फरवरी को एक छोटे से वेडिंग सेरेमनी में शादी करेंगे, और वेडिंग रिसेप्शन 4 मार्च को हैदराबाद में होगा. रश्मिका और विजय के इस अटकल वाले वेडिंग कार्ड पर लिखा है, 'मैं कुछ खास खबरें शेयर करने और आपको हमारी ज़िंदगी के एक बड़े पल का हिस्सा बनने के लिए इनवाइट करने के लिए लिख रहा हूं. हमारे परिवारों के प्यार और आशीर्वाद से, रश्मिका और मैं 26.02.26 को एक छोटी और छोटी सी सेरेमनी में शादी करेंगे.'

    इसमें आगे लिखा है, 'जैसा कि हम इस नए चैप्टर की शुरुआत कर रहे हैं और अपने इस मिलन का जश्न मना रहे हैं. साथ ही खूबसूरत यादें बना रहे हैं. हमारे लिए उन लोगों के साथ जश्न मनाना सच में बहुत मायने रखेगा जो हमारी यात्रा का हिस्सा रहे हैं. आपकी मौजूदगी और आशीर्वाद इस मौके को हमारे लिए और भी खास बना देंगे.'

    कुछ समय से अफवाहें चल रही हैं कि विजय और रश्मिका उदयपुर में एक शानदार सेरेमनी में शादी करेंगे. माना जा रहा है कि यह जोड़ी पिछले कई सालों से रिलेशनशिप में हैं, लेकिन दोनों में से किसी ने भी अपने रिलेशनशिप स्टेटस के बारे में खुलकर बात नहीं की है.

    शादी की उड़ती अफवाहों के बीच, रश्मिका और विजय को रविवार रात मुंबई आते हुए देखा गया. हालांकि एक्टर्स की अलग-अलग तस्वीरें ली गईं, लेकिन बाद में उन्हें एक ही कार में बैठते हुए देखा गया था.

  • लारा दत्ता ने बताया महेश भूपति के साथ रिश्ता, कहा – ‘आग और हवा का संगम’

    लारा दत्ता ने बताया महेश भूपति के साथ रिश्ता, कहा – ‘आग और हवा का संगम’

    मुंबई 
     अभिनेत्री लारा दत्ता पूर्व टेनिस प्लेयर महेश भूपति के साथ खुशहाल वैवाहिक जीवन जी रही हैं।  कपल ने शादी के 15 साल पूरे कर लिए हैं। इस खास मौके पर लारा ने इंस्टाग्राम के जरिए पति महेश को शुभकामनाएं दीं। लारा ने महेश के साथ कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। इन तस्वीरों में दोनों एक दूसरे के साथ बहुत खुश और रोमांटिक नजर आ रहे हैं। लारा ने लिखा, "15 साल, मैं आग और वो हवा। मैं चिंगारी लगाती हूं, तो वे उसे और भड़का देते हैं, और हैरानी की बात ये है कि अब तक हमने घर नहीं जलाया।" अभिनेत्री ने आगे लिखा कि इतने सालों में दोनों ने एक-दूसरे को प्रोफेशनल तरीके से परेशान करना, ऐसे लड़ना जैसे कोई खेल हो, यह दिखाना कि हम बिल्कुल भी प्रतिस्पर्धी नहीं हैं, और फिर भी हर दिन एक-दूसरे को ही चुनना सीखा है।

    अभिनेत्री की पोस्ट फैंस और उनके दोस्तों को काफी पसंद आ रही है। कई यूजर्स उनके मजाकिया अंदाज को काफी पसंद कर रहे हैं। अभिनेता गजराव ने हार्ट इमोजी के साथ शानदार प्रतिक्रिया दी।

    अभिनेत्री लारा दत्ता और महेश भूपति की पहली मुलाकात एंटरटेन्मेंट और स्पोर्ट्स को लेकर एक बिजनेस मीटिंग के दौरान हुई थी। काम के सिलसिले में दोनों के बीच दोस्ती हुई थी और धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। 9 साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद दोनों ने पहले 16 फरवरी 2011 को सिविल मैरिज की और उसके बाद गोवा में क्रिश्चियन रस्मों के साथ शादी की। इस जोड़े की एक बेटी सायरा भूपति है।
    अभिनेत्री लारा जल्द ही फिल्म 'वेलकम' के तीसरे पार्ट 'वेलकम टू द जंगल' में नजर आएंगी। फिल्म में उनके साथ अक्षय कुमार, दिशा पटानी, रवीना टंडन, फरदीन खान समेत अन्य स्टार्स प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे।

  • रीवा में पत्नी का 13 मिनट का प्राइवेट वीडियो वायरल करने वाला गिरफ्तार, दहेज विवाद में कट्टा लेकर पहुंचा था ससुराल

    रीवा में पत्नी का 13 मिनट का प्राइवेट वीडियो वायरल करने वाला गिरफ्तार, दहेज विवाद में कट्टा लेकर पहुंचा था ससुराल

    रीवा 

     मध्यप्रदेश के रीवा जिले में पत्नी का निजी वीडियो वायरल करने वाले आरोपी पति शिवम साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपनी पत्नी का अश्लील वीडियो बनाकर उसे पोर्न साइट्स और सोशल मीडिया पर अपलोड करने का गंभीर आरोप है। मंगलवार को पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

    पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करता था। आर्थिक तंगी के कारण जब पीड़िता ने मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। आरोप है कि दहेज न मिलने की खुन्नस में शिवम ने पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स व रिश्तेदारों को भेज दिया। 

    पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 10 मई 2025 को झूला निवासी शिवम साहू से हुआ था। शादी के बाद से ही आरोपी दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा। जब पीड़िता ने आर्थिक तंगी के चलते मांग पूरी करने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे बदनाम करने की धमकी दी। उसने दहेज न मिलने की खुन्नस में पत्नी का 13 मिनट 14 सेकंड का निजी वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया व रिश्तेदारों को भेज दिया।

    पोर्न स्टार बनने की सनक में की करतूत

    पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को 'स्टार' बनाना चाहता था। जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है ताकि लोग उसे पहचानें। पीड़िता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे। बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था।

    हथियार लेकर ससुराल पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा

    वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था। 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक (MP 17 ZH 8856) से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा। वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया।

    पोर्न स्टार बनने की सनक

    पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. आरोपी शिवम लंबे समय से पोर्न साइट्स देखने का आदी था और खुद को स्टार बनाना चाहता था. जब पत्नी ने वीडियो का विरोध किया, तो उसने बिना किसी पछतावे के कहा कि उसने यह पॉपुलर होने के लिए किया है, ताकि लोग उसे पहचानें. पीडि़ता के भाई ने बताया कि शादी के समय 3 लाख रुपए मांगे गए थे, जिसमें से 2 लाख दे दिए थे. बाकी पैसों के लिए वह लगातार बहन को परेशान कर रहा था.

    पुलिस ने दबोचा

    वीडियो वायरल करने के बाद आरोपी मुंबई भाग गया था. 12 फरवरी को वह अपनी पल्सर बाइक से मऊगंज जिले के तिलैया गांव स्थित अपनी ससुराल पहुंचा. वहां वह धारदार हथियार लेकर परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा. परिजनों की सूचना पर पुलिस ने सर्चिंग ऑपरेशन चलाया और मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया.

    सीएसपी बोले- परिवार को डरने की जरूरत नहीं

    सीएसपी राजीव पाठक ने बताया, “आरोपी गिरफ्तार है और उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। परिवार को डरने की जरूरत नहीं है, पुलिस पूरी सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

  • तुलसी लगाने का शुभ दिन: जिस दिन लगाई, मां लक्ष्मी करेंगी धनवर्षा

    तुलसी लगाने का शुभ दिन: जिस दिन लगाई, मां लक्ष्मी करेंगी धनवर्षा

    सनातन धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी की पूजा-अर्चना करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। साथ ही सुख-शांति की प्राप्ति होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिन या गलत दिशा में तुलसी को लगाने से जीवन में वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है और मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि तुलसी लगाने के लिए कौन-सा दिन है शुभ?

    किस दिन लगाएं तुलसी?
        अगर आप घर में तुलसी लगाना चाहते हैं, तो इसके लिए गुरुवार का दिन शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरुवार के दिन तुलसी लगाने से परिवार के सदस्यों को जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहती है।
        इसके अलावा तुलसी लगाने के लिए शुक्रवार का दिन शुभ माना जाता है। इस दिनमां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन घर में तुलसी लगाने से आर्थिक तंगी की समस्या से मुक्ति मिलती है और घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।
        तुलसी लगाने के लिए कार्तिक माह को बेहद शुभ माना जाता है। इस माह में तुलसी पूजा करने का विशेष महत्व है। इसलिए इस माह में तुलसी लगाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही घर में खुशियों का आगमन होता है।

    किस दिशा में लगाएं तुलसी?
        घर में तुलसी का पौधा उत्तर या उत्तर-पूर्व में लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, इस दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इसलिए इस दिशा में तुलसी लगाने से शुभ परिणाम मिलते हैं।
        इसके अलावा पूर्व दिशा में भी तुलसी का पौधा लगा सकते हैं।
        एक बात का विशेष ध्यान रखें कि तुलसी को भूलकर भी दक्षिण दिशा में न लगाएं। इस दिशा को यम की दिशा मानी जाती है। इससे घर में वास्तु दोष की समस्या बन सकती है।

    तुलसी के नियम
        तुलसी के पास भूलकर भी जूते-चप्पल या झाड़ू नहीं रखनी चाहिए।
        इसके अलावा पौधे के पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।
        रोजाना सुबह और शाम पौधे के देसी घी का दीपक जलाएं।
        गंदे हाथों से तुसली को स्पर्श न करें।

     

  • बड़वानी में शिक्षा की दुर्दशा:गाय-बकरियों के तबेले में ठूंसे गए 40 आदिवासी बच्चे!

    बड़वानी में शिक्षा की दुर्दशा:गाय-बकरियों के तबेले में ठूंसे गए 40 आदिवासी बच्चे!

    बड़वानी
    नरेश रायक सरकार करोड़ों रुपये शिक्षा पर खर्च करने के दावे करती है, मगर हकीकत यह है कि जिले में 40 आदिवासी बच्चों का भविष्य पशुबाड़े में दम तोड़ रहा है। जिस जगह गाय-बकरियां बांधी जाती हैं, वहीं बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं। गोबर की बदबू, गंदगी से भरी जमीन और संक्रमण का खतरा—यही है इस ‘तबेला स्कूल’ की असली तस्वीर।

    क्या यही है “शिक्षा का अधिकार”?

    बच्चे जमीन पर ठूंसे हुए बैठते हैं। बरसात में कीचड़, गर्मी में असहनीय दुर्गंध। सवाल सीधा है—
     क्या आदिवासी बच्चों की शिक्षा की कीमत इतनी सस्ती है?
    क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी अपने बच्चों को ऐसे माहौल में पढ़ने भेजेंगे?

    जिम्मेदार कौन?
    जर्जर/अपर्याप्त भवन की आड़ में पशुबाड़े में स्कूल चलाना किसकी अनुमति से?
    शिक्षा विभाग और प्रशासन की निगरानी कहां है?
    क्या स्वास्थ्य विभाग ने इस पर कोई आपत्ति दर्ज की?
    ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद सिर्फ “अस्थायी व्यवस्था” का बहाना दिया गया। मगर यह अस्थायी इंतजाम कब तक चलेगा? महीनों से बच्चे तबेले में बैठकर पढ़ रहे हैं।
    यह सिर्फ लापरवाही नहीं, यह भविष्य के साथ खिलवाड़ है
    बड़वानी जैसे आदिवासी बहुल जिले में यदि बच्चों को सम्मानजनक कक्षा कक्ष भी नसीब न हो, तो विकास के दावे खोखले साबित होते हैं।
    अब देखना है—
     क्या प्रशासन तुरंत वैकल्पिक भवन की व्यवस्था करेगा? या फिर ‘तबेला स्कूल’ ही जिले की शिक्षा व्यवस्था का स्थायी प्रतीक बन जाएगा?
    बच्चों की पढ़ाई पशुबाड़े में और भाषण स्मार्ट क्लास के—यह दोहरी तस्वीर आखिर कब बदलेगी?

  • पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री साय

    पर्यटन स्थलों के विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार प्रतिबद्ध — मुख्यमंत्री साय

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया प्रवास के दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बैकुंठपुर स्थित प्रसिद्ध झुमका पर्यटन स्थल में निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने झुमका जलाशय में बोटिंग करते हुए क्षेत्र के मनोहारी प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया तथा यहां विकसित की गई पर्यटन सुविधाओं का अवलोकन किया।

    मुख्यमंत्री साय ने झुमका जलाशय में शिकारा पर सवार होकर नौका विहार किया। चारों ओर हरियाली, शांत जलराशि और कमल के फूलों से सजा यह रमणीय स्थल अब एक आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री ने यहां बोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स सहित विकसित पर्यटन गतिविधियों की जानकारी ली और व्यवस्थाओं की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने लगभग 27 लाख रुपए की लागत से निर्मित ओपन थिएटर का लोकार्पण किया।500 दर्शकों की बैठक क्षमता वाला यह ओपन थिएटर सांस्कृतिक आयोजनों के लिए नया केंद्र बनेगा।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि झुमका जलाशय केवल कोरिया जिले की पहचान ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में पर्यटन की अपार संभावनाओं का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छता और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा स्थानीय युवाओं को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक भैयालाल राजवाड़े, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक रवि कुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।