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  • पाकिस्तान बॉर्डर पर अमेरिकी दूत का दौरा, वेस्टर्न कमांड पहुंचने से क्यों मची हलचल?

    पाकिस्तान बॉर्डर पर अमेरिकी दूत का दौरा, वेस्टर्न कमांड पहुंचने से क्यों मची हलचल?

      नई दिल्ली
    अमेरिका के विशेष दूत सर्जियो गोर और अमेरिकी इंडो-पैसिफिक कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पापारो ने भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड (चंडीगढ़) का दौरा किया. यह दौरा पाकिस्तान बॉर्डर के बहुत करीब था. पिछले साल हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद किसी विदेशी डेलिगेशन का यह पहला ऐसा हाई-प्रोफाइल विजिट है. इसकी वजह से राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और बवाल हो गया.

    वेस्टर्न कमांड इतना महत्वपूर्ण क्यों?

        मुख्यालय: चंडीगढ़

        क्षेत्र: जम्मू-कश्मीर के अखनूर से पंजाब के फाजिल्का तक पाकिस्तान बॉर्डर.
        200 से ज्यादा सैन्य बेस देखता है.

        पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के आतंकी कैंप और एयर बेस पर हमला करने में यह कमांड सबसे आगे था.

        इसलिए इस जगह का दौरा सिर्फ औपचारिक नहीं, बहुत संवेदनशील माना जा रहा है.

    क्या हुआ विजिट में?

    भारतीय सेना ने उन्हें वेस्टर्न फ्रंट (पाकिस्तान बॉर्डर) की पूरी तैयारियों, ऑपरेशन सिंदूर और क्षेत्रीय स्थिरता में भारतीय सेना की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी. एडमिरल पापारो ने पहले ही पत्रकारों से कहा था कि भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर बहुत सटीक और शानदार था. लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार ने डेलिगेशन का स्वागत किया. 

    विपक्ष ने क्यों उठाए सवाल?

    कांग्रेस और राजयसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत अब अपनी रणनीतिक नीतियां अमेरिका के हिसाब से बना रहा है. उन्होंने ट्रंप के 'मैंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाया' वाले बयान का जिक्र किया. कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा कि सरकार पाकिस्तान के ISI को भी पठानकोट एयरबेस दिखा चुकी है, अब अमेरिका को संवेदनशील जगह दिखा रही है.

    लेकिन सच्चाई क्या है?

    ऐसे विजिट बिल्कुल नई बात नहीं हैं. भारत और अमेरिका के बीच मिलिट्री-टू-मिलिट्री एक्सचेंज का पुराना कार्यक्रम है. पहले भी विदेशी राजनयिक कमांड हेडक्वार्टर विजिट कर चुके हैं. भारतीय राजनयिक भी अमेरिका के पेंटागन और CIA हेडक्वार्टर जाते रहे हैं.

    असली मैसेज क्या है?

    यह विजिट सिर्फ फोटो खिंचवाने के लिए नहीं थी. इसका बड़ा संदेश है…

        अमेरिका भारत के साथ रक्षा संबंध और मजबूत करना चाहता है. 
        चीन के खिलाफ इंडो-पैसिफिक में भारत को काउंटर-बैलेंस के रूप में देखता है.
        पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं रहा (ट्रंप की नई नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटजी में पाकिस्तान का नाम तक नहीं).
        भारत को रूस से हथियार खरीदने से धीरे-धीरे दूर करना चाहता है (अमेरिका भारत का तीसरा सबसे बड़ा हथियार सप्लायर है, फ्रांस के बाद).
        अभी हाल ही में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद संबंधों में नया रीसेट हुआ है. एडमिरल पापारो ने कहा – भारत-अमेरिका रक्षा संबंध तेजी से ऊपर जा रहे हैं. 

    विजिट के पीछे राजनीतिक बवाल तो है, लेकिन रणनीतिक रूप से यह भारत-अमेरिका के बढ़ते विश्वास और साझेदारी का संकेत है. भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है, लेकिन चीन जैसे बड़े खतरे के सामने मजबूत साथी ढूंढ रहा है. 

  • मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी

    मुद्रा लोन से साकार हुआ सपना, बुढाडांड की प्रीति गुप्ता बनीं लखपति दीदी

    रायपुर.

    अपने दुकान में सौंदर्य प्रसाधन से लेकर घरेलू सामान का विक्रय करती प्रीति गुप्ता महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। उनके चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास झलकता है। वह उत्साह से बताती है कि मुद्रा लोन की मदद से वह अपना व्यापार खड़ा कर पाई है। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति ने बताया कि उन्हें 01 लाख रुपए मुद्रा लोन के रूप में मिला था। आज वह अपने व्यापार से सालाना लगभग 2.50 लाख रुपए तक कमाई कर पाती है। 

    जशपुर जिला के विकासखंड बगीचा के ग्राम बुढाडांड की रहने वाली प्रीति गुप्ता ने मुद्रा लोन लेकर दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान की शुरुआत की। प्रारंभ में छोटे स्तर पर दुकान संचालित करने वाली प्रीति ने धीरे-धीरे ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए दुकान का विस्तार किया। आज उनकी दुकान गांव की प्रमुख दुकानों में गिनी जाती है। सौंदर्य प्रसाधन से लेकर हर जरूरत का सामान उनकी दुकान में उपलब्ध है। मुद्रा लोन से मिली आर्थिक सहायता एवं मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि आज वे प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख का शुद्ध लाभ कमा रही हैं। उन्होंने अपने आत्मविश्वास, परिश्रम और बिहान योजना के सहयोग से लखपति दीदी बनने का सपना साकार किया है।

    प्रीति गुप्ता, मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं की सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे कार्यों की वजह से आज मेरे जैसी कितनी महिलाएं  आत्मनिर्भर हो पाई हैं। उन्होंने कहा कि बिहान ने मुझे अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। प्रीति गुप्ता आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं, जो अपनी मेहनत और संकल्प से आर्थिक स्वतंत्रता की नई मिसाल कायम कर रही हैं।

     

  • कर्मचारी का इस्तीफा नामंजूर करना बंधुआ मजदूरी के समान, HC ने आर्टिकल 23 का उल्लंघन बताया  हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इस्तीफा नामंजूर करना कानून के खिलाफ, बंधुआ मजदूरी की तरह माना  HC ने कहा—कर्मचारी का इस्तीफा रोकना आर्टिकल 23 का उल्लंघन, बंधुआ मजदूरी जैसा है व्यवहार

    कर्मचारी का इस्तीफा नामंजूर करना बंधुआ मजदूरी के समान, HC ने आर्टिकल 23 का उल्लंघन बताया हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: इस्तीफा नामंजूर करना कानून के खिलाफ, बंधुआ मजदूरी की तरह माना HC ने कहा—कर्मचारी का इस्तीफा रोकना आर्टिकल 23 का उल्लंघन, बंधुआ मजदूरी जैसा है व्यवहार

    तिरुवनंतपुरम

    केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई स्पष्ट किया है कि किसी कर्मचारी द्वारा इस्तीफा देने की स्थिति में कंपनी को उसे स्वीकार करना ही होगा। हाईकोर्ट ने इस दौरान कहा है कि अगर कोई एंप्लॉयर कर्मचारी का इस्तीफा स्वीकार करने से इनकार करता है तो यह ‘बंधुआ मजदूरी’ के समान माना जाएगा।

    बार एंड बेंच की की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में अहम टिप्पणी करते हुए जस्टिस एन नागरेश ने कहा कि जब कोई कर्मचारी सेवा शर्तों के अनुसार इस्तीफा देता है तो नियोक्ता का कर्तव्य है कि वह उसे स्वीकार करे, बशर्ते अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन ना हुआ हो।

    अदालत ने साफ किया कि इस्तीफा सिर्फ कुछ खास हालात में ही रोका जा सकता है, जैसे नोटिस पीरियड पूरा ना होना, गुस्से में दिया गया इस्तीफा जिसे वापस लिया जा सकता हो, गंभीर अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित हो या संस्था को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ हो। कोर्ट ने कहा कि मौजूदा मामले में ऐसी कोई स्थिति नहीं थी। कंपनी द्वारा वित्तीय संकट का हवाला देकर कंपनी सेक्रेटरी का इस्तीफा ना मानना कानूनी रूप से सही नहीं है।
    क्या था मामला?

    दरअसल यह मामला ट्राको केबल कंपनी लिमिटेड नाम की एक संस्था से जुड़ा था। याचिकाकर्ता ग्रीवस जॉब पनक्कल कंपनी में सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2022 से उनका वेतन नियमित नहीं मिल रहा था, जिससे वे अपना और अपनी बीमार मां का खर्च नहीं उठा पा रहे थे। उन्होंने मार्च 2024 में इस्तीफा देकर सेवा से मुक्त करने का अनुरोध किया। हालांकि कंपनी बोर्ड ने यह कहकर इस्तीफा खारिज कर दिया कि उनकी भूमिका जरूरी है और कंपनी आर्थिक संकट में है। प्रबंधन ने उन्हें ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

    अंत में पनक्कल ने इन नोटिस को रद्द करने और इस्तीफा स्वीकार करने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने पाया कि कंपनी सेक्रेटरी की नियुक्ति कंपनी अधिनियम 2013 के तहत रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में दर्ज होती है। जब तक कंपनी जरूरी फॉर्म दाखिल नहीं करती, तब तक कर्मचारी दूसरी जगह नौकरी नहीं कर सकता। इससे याचिकाकर्ता के रोजगार के अवसर बाधित हो रहे थे।
    अनुच्छेद 23 का उल्लंघन

    कोर्ट ने इस्तीफा अस्वीकार करने और अनुशासनात्मक नोटिस को रद्द कर दिया। साथ ही कंपनी को दो महीने के भीतर इस्तीफा स्वीकार कर सेवा से मुक्त करने और वेतन बकाया, अवकाश समर्पण लाभ तथा अन्य देय राशि का भुगतान जल्द करने का निर्देश दिया। जस्टिस नागरेश ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा, “वित्तीय समस्या या आपात स्थिति के नाम पर किसी कंपनी सेक्रेटरी को उसकी इच्छा और सहमति के खिलाफ काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।” अदालत ने यह भी कहा कि कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देना उसके इस्तीफा देने के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस्तीफा स्वीकार ना करना संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत प्रतिबंधित बंधुआ मजदूरी जैसा है।

  • उज्ज्वला गैस, पिंक ई-रिक्शा और गार्बेज रिक्शा वितरण से आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार

    उज्ज्वला गैस, पिंक ई-रिक्शा और गार्बेज रिक्शा वितरण से आत्मनिर्भरता को नई रफ्तार

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज कोरिया प्रवास के दौरान कोरिया महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण कर लाभान्वित किया।

    मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम में 105 पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किए। उन्होंने कहा कि इस योजना से अब इन परिवारों को धुएं से मुक्ति मिलने के साथ सुरक्षित, स्वच्छ और स्वास्थ्य के अनुकूल ईंधन की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।

    मुख्यमंत्री ने हितग्राहीमूलक सामग्रियों का किया वितरण

    इस अवसर पर स्व-रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 6 आजीविका दीदियों को पिंक ई-रिक्शा (ग्रामीण आजीविका एक्सप्रेस) प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल महिलाओं की आय बढ़ाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी।

    मुख्यमंत्री  साय ने जिले की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 14 स्वच्छता दीदियों को गार्बेज रिक्शा भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल व्यवस्था नहीं बल्कि जनभागीदारी का अभियान है, और इस दिशा में महिलाओं की भागीदारी सराहनीय है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि समाज का प्रत्येक वर्ग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि सरकार जनकल्याण और आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

  • मुख्यमंत्री  साय ने कुम्हार के चाक पर गढ़ा दीया, पारंपरिक शिल्पकारों से किया आत्मीय संवाद:

    मुख्यमंत्री साय ने कुम्हार के चाक पर गढ़ा दीया, पारंपरिक शिल्पकारों से किया आत्मीय संवाद:

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का एक आत्मीय और सहज रूप उस समय देखने को मिला, जब उन्होंने कुम्हार के चाक पर स्वयं मिट्टी का दीया और कलश गढ़कर पारंपरिक शिल्प के प्रति सम्मान और जुड़ाव का सशक्त संदेश दिया। 

    अवसर था सरगुजा विकास प्राधिकरण की बैठक का, जिसमें शामिल होने वे कोरिया जिला मुख्यालय बैकुंठपुर पहुंचे थे। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के साथ परिसर में स्व-सहायता समूहों एवं स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसी प्रदर्शनी में सोनहत विकासखंड निवासी शिल्पकार  देवी दयाल प्रजापति इलेक्ट्रिक चाक पर मिट्टी से दीया और कलश बनाने का सजीव प्रदर्शन कर रहे थे। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  साय उनके स्टॉल पर पहुंचे और कुछ देर तक उनकी शिल्पकला का बारीकी से अवलोकन किया। कला के प्रति उत्सुकता बढ़ने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं चाक पर हाथ आजमाने की इच्छा व्यक्त की। शिल्पकार की सहमति से उन्होंने घूमते हुए चाक पर रखी गीली मिट्टी को हाथों से साधा और देखते ही देखते उसे सुंदर दीये का आकार दे दिया। मुख्यमंत्री की सहज कुशलता देखकर स्वयं शिल्पकार भी आश्चर्यचकित रह गए, वहीं उपस्थित जनसमूह ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस क्षण का स्वागत किया।

    मुख्यमंत्री  साय ने इस दौरान शिल्पकार देवी दयाल प्रजापति से उनके व्यवसाय, आय और परिवार की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार एवं कारीगर हितैषी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारंपरिक शिल्प, कारीगरों और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि स्थानीय कला और हुनर को नई पहचान और बाजार मिल सके।

    इस अवसर पर कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य मंत्री  दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायक  भैयालाल राजवाड़े, कलेक्टर  चंदन त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक  रविकुमार कुर्रे सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।

  • रिपेयरिंग के लिए गई OLA बाइक गायब, CEO भाविश अग्रवाल पर अरेस्ट वारंट जारी

    रिपेयरिंग के लिए गई OLA बाइक गायब, CEO भाविश अग्रवाल पर अरेस्ट वारंट जारी

     नई दिल्ली

    देश की प्रमुख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी Ola Electric की मुश्किलें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. अब तक अपने इलेक्ट्रिक स्कूटरों में लग रही आग से जूझ रहे कंपनी के सीईओ और फाउंडर भाविश अग्रवाल के खिलाफ एक और मामला सामने आया है. गोवा की उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग यानी कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने ओला इलेक्ट्रिक से जुड़े एक मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए गिरफ्तारी (Arrest Warrant) जारी किया है.

    यह मामला प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी की शिकायत से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी गई इलेक्ट्रिक बाइक मरम्मत के लिए ओला को दी गई थी, लेकिन अब उसका कोई अता पता नहीं है. हैरानी की बात यह है कि बाइक की पूरी कीमत पहले ही ओला को चुका दी गई थी, इसके बावजूद यूजर को न तो बाइक मिली और न ही कोई संतोषजनक जवाब.
    क्या है पूरा मामला

    इस मामले में शिकायतकर्ता प्रीतिश चंद्रकांत घाड़ी ने बताया कि उन्होंने ओला इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से इलेक्ट्रिक बाइक खरीदी थी. कुछ समय बाद बाइक में तकनीकी दिक्कत सामने आने लगी. जिसके बाद उन्होंने बाइक की रिपेयरिंग के लिए उसे ओला को सौंप दिया गया. लंबा समय बीत जाने के बाद भी बाइक न तो ठीक होकर लौटी और न ही कंपनी यह बता पाई कि बाइक फिलहाल कहां है.

    गोवा की कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन ने 4 फरवरी 2026 को जारी अपने आदेश में कहा कि ओला ने उपभोक्ता से पूरी कीमत वसूलने के बाद बेहद लापरवाह रवैया अपनाया है. आयोग ने माना कि कंपनी का उपभोक्ता के प्रति व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना और उदासीन है. इसी वजह से आयोग ने ओला इलेक्ट्रिक के CEO और फाउंडर भाविश अग्रवाल (Bhavish Aggarwal) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया, ताकि वह बाइक के बारे में स्पष्ट जानकारी दे सकें और यह भी बताएं कि इतनी देर से बाइक की मरम्मत और डिलीवरी क्यों नहीं की गई.

    पेश न होने पर अरेस्ट वारंट
    आयोग के आदेश के बावजूद जब भाविश अग्रवाल पेश नहीं हुए, तो आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए बेंगलुरु पुलिस को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का निर्देश दिया है. आदेश के अनुसार, 1,47,499 रुपये की राशि का जमानती वारंट एक समान जमानत के साथ जारी किया गया है. यह वारंट कोरमंगला, बेंगलुरु स्थित पते पर संबंधित पुलिस थाने के जरिए तामील कराने को कहा गया है.

    आयोग ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए 23 फरवरी 2026 को सुबह 10.30 बजे तय किया है. इस दिन CEO और फाउंडर भाविष अग्रवाल को खुद हाजिर होना होगा. जिसके बाद आयोग उनका स्पष्टीकरण और मौखिक अंतिम दलीलें सुनेगा. यह मामला अब न सिर्फ उपभोक्ता अधिकारों बल्कि बड़ी कंपनियों की जवाबदेही को लेकर भी अहम माना जा रहा है.

  • MP की राजनीति में बड़ा झटका: BJP नेता की बेटी ने कांग्रेस जॉइन कर सियासत गरमाई

    MP की राजनीति में बड़ा झटका: BJP नेता की बेटी ने कांग्रेस जॉइन कर सियासत गरमाई

    इंदौर 
    मध्य प्रदेश के इंदौर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और मध्य प्रदेश खाद एवं ग्रामोद्योग निगम के पूर्व अध्यक्ष सत्यनारायण सत्तन की बेटी कनुप्रिया सत्तन कांग्रेस में शामिल हो गई है। कनुप्रिया ने आज भोपाल में कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक और महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष अर्चना जायसवाल की उपस्थिति में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

    कांग्रेस कार्यालय में हुआ सदस्यता ग्रहण

    भोपाल स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कनुप्रिया सत्तन को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई। इस अवसर पर पार्टी पदाधिकारियों ने उनका स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत करने की बात कही। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा के वरिष्ठ नेता के परिवार से जुड़ी यह एंट्री इंदौर और प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है।

    सियासी हलकों में चर्चा तेज
    कनुप्रिया सत्तन का कांग्रेस में शामिल होना कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, खासकर तब जब प्रदेश में आगामी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। अब देखना होगा कि इस घटनाक्रम पर भाजपा की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और कनुप्रिया सत्तन कांग्रेस संगठन में किस भूमिका में नजर आती हैं।

  • सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनजातीय समाज का सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

    सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और जनजातीय समाज का सशक्तिकरण हमारी सरकार की प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में सरगुजा संभाग के जिलों में संचालित विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर नई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार ने सरगुजा और बस्तर क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता में रखा है।प्राधिकरण के माध्यम से पिछड़े एवं वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरगुजा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, जनजातीय समाज के सशक्तिकरण और क्षेत्र की समृद्धि के लिए सरकार पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और सभी के सहयोग से इस क्षेत्र को प्रगति के नए शिखर पर पहुंचाया जाएगा।

    बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्राधिकरण हेतु 50 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को स्वीकृति प्रदान की गई। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों के आधार पर 543 विकास कार्यों के लिए 4905.58 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई, जबकि वर्ष 2024-25 में स्वीकृत 606 कार्यों को भी औपचारिक अनुमोदन प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री  साय ने सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने तथा लंबित कार्यों को मार्च तक पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सोनहत विकासखंड में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री  साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ सीधे जनजातीय एवं वनांचल क्षेत्रों के लोगों तक पहुंच सके।

    बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में हाईमास्ट सोलर लाइट लगाने, किसानों की समस्याओं के समाधान, बिजली बिल त्रुटियों को दूर करने तथा गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्राधिकरण की पिछली बैठक जशपुर जिले के मयाली में आयोजित हुई थी, जिसके बाद मयाली की पहचान पर्यटन केंद्र के रूप में बढ़ी है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में विश्व के बड़े शिवलिंग को स्थान मिला तथा स्वदेश दर्शन योजना के तहत राशि स्वीकृत हुई। उन्होंने कहा कि बैकुंठपुर में आयोजित इस बैठक से भी जिले की पहचान और पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि झुमका जलाशय सहित यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और इस प्रकार विभिन्न जिलों में बैठक आयोजित करने से स्थानीय विकास को गति मिलती है।

    बैठक में कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष मती गोमती साय, खाद्य मंत्री  दयालदास बघेल, स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री मती लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री  गजेन्द्र यादव, उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, सांसद  चिंतामणि महाराज, विधायकगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

  • T20 वर्ल्ड कप में किस टीम पर बरसे सबसे ज्यादा शतक? 19 साल बाद न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड ध्वस्त

    T20 वर्ल्ड कप में किस टीम पर बरसे सबसे ज्यादा शतक? 19 साल बाद न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड ध्वस्त

    नई दिल्ली
    न्यूजीलैंड ने मंगलवार को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कनाडा को 8 विकेट से रौंदकर सुपर-8 राउंड का टिकट कटाया। ग्रुप डी का यह मैच चेन्नई के चेपॉक स्टेडियम में खेला गया। न्यूजीलैंड ने भले ही धमाकेदार जीत हासिल की लेकिन उसका 19 सालों से चला आ रहा एक तिलिस्म टूट गया। दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ कभी शतक नहीं लगा था लेकिन कनाडा के युवराज सिंह सामरा ने तिलिस्म तोड़ दिया। सलामी बल्लेबाज सामरा ने चेपॉक में 65 गेंदों में 110 रनों की ऐतिहासिक शतकीय पारी खेली। उन्होंने 11 चौके और 6 छक्के लगाए। ग्रुप डी का हिस्सा कनाडा ने 173/4 का स्कोर खड़ा करने के बाद टूर्नामेंट लगातार तीसरी हार झेली।

    किस देश के खिलाफ लगे सबसे ज्यादा शतक?
    टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत साल 2007 में हुई थी। टूर्नामेंट में अब तक 13 शतक लग चुके हैं। टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा शतक बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ लगे हैं। न्यूजीलैंड के पूर्व विकेटकीपर ब्रेंडन मैकुलम ने 2012 टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के विरुद्ध सेंचुरी जमाई। पाकिस्तान के अहमद शहजाद ने 2014 जबकि साउथ अफ्रीका के राइली रोसोउ ने 2022 में आयोजित टूर्नामेंट में बांग्लादेश के सामने शतक जड़ा। वहीं, इंग्लैंड के एलेक्स हेल्स ने 2014 और जोस बटलर ने 2021 में श्रीलंका के खिलाफ सेंचुरी ठोकी। न्यूजीलैंड के ग्लेन फिलिप्स ने 2022 टी20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के सामने सेंचुरी लगाई।

    T20 वर्ल्ड कप इतिहास में अब तक लगे शतक
    2026 – युवराज सिंह सामरा (110 बनाम न्यूजीलैंड)
    2026 – पथुम निस्सांका (100* बनाम ऑस्ट्रेलिया)
    2022 – ग्लेन फिलिप्स (104 बनाम श्रीलंका)
    2022 – राइली रोसोउ (109 बनाम बांग्लादेश)
    2021 – जोस बटलर (101* बनाम श्रीलंका)
    2016 – क्रिस गेल (100* बनाम इंग्लैंड)
    2016 – तमीम इकबाल (103* बनाम ओमान)
    2014 – अहमद शहजाद (111* बनाम बांग्लादेश)
    2014 – एलेक्स हेल्स (116* बनाम श्रीलंका)
    2012 – ब्रेंडन मैकुलम (123 बनाम बांग्लादेश)
    2010 – महेला जयवर्धने (100 बनाम जिम्बाब्वे)
    2010 – सुरेश रैना (101 बनाम साउथ अफ्रीका)
    2007 – क्रिस गेल (117 बनाम साउथ अफ्रीका)

    T20 वर्ल्ड कप में सबसे कम उम्र में शतक
    कनाडा के भारतीय मूल के 19 साल के बल्लेबाज युवराज समरा ने टी20 वर्ल्ड कप इतिहास में शतक जमाने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। समरा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ करियर की सर्वश्रेष्ठ 110 रन की पारी खेली। क्रिकेट के शौकिन पिता बलजीत समरा ने उनका नाम धाकड़ भारतीय बल्लेबाज युवराज सिंह के नाम पर रखा था। पिछले साल मार्च में पदार्पण करने वाले समरा ने अपने 19वें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में यह उपलब्धि हासिल की। समरा अंतिम ओवर में जैकब डफी पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हुए। उनकी यह पारी टी20 विश्व कप में किसी एसोसिएट टीम के बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी है। इससे पहले टी20 विश्व कप में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का रिकॉर्ड पाकिस्तान के अहमद शहजाद के नाम था, जिन्होंने 2014 में 22 वर्ष की आयु में यह उपलब्धि हासिल की थी।

  • प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को किया मजबूत तो बीमारू से बना उत्तम प्रदेश

    प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को किया मजबूत तो बीमारू से बना उत्तम प्रदेश

    प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को किया मजबूत तो बीमारू से बना उत्तम प्रदेश 

    पिछले नौ वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में हुआ व्यापक विस्तार, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में सीएचसी व पीएचसी की संख्या में हुई वृद्धि

    पीएचसी पर 24 घंटे प्रसव, पैथोलॉजी और एक्स-रे की मिल रही सुविधा, आधुनिक मशीनों, दवाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता से बढ़ी संस्थागत प्रसव दर

    डिजिटल सर्विलांस से संचारी रोगों में आई कमी, डेंगू, मलेरिया, एईएस और जेई की रोकथाम के लिए लैब नेटवर्क को किया मजबूत

    लखनऊ
     योगी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यापक सुधार किए हैं। प्रदेश के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। साथ ही इन केंद्रों को आधुनिक उपकरणों, पर्याप्त दवाओं और विशेषज्ञ चिकित्सकों से सुसज्जित किया गया है।

    प्राथमिक स्वास्थ केंद्रों पर 24 घंटे मिल रही प्रसव, पैथोलॉजी, एक्स-रे की सुविधा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 में कमान संभालने के बाद प्रदेश में सैकड़ों नए स्वास्थ्य उपकेंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के साथ उच्चीकृत भी किए हैं। जहां पहले कई पीएचसी में नाममात्र की सुविधाएं थीं, वहीं अब उनमें 24 घंटे प्रसव सुविधा, पैथोलॉजी जांच, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और आवश्यक जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष प्राथमिकता देते हुए संस्थागत प्रसव दर में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। योगी सरकार की प्राथमिकता “सबका साथ, सबका विकास” के मूल मंत्र के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग के ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत किया गया। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया जिससे लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरा जा सका। साथ ही संविदा और नियमित नियुक्तियों के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता भी बढ़ाई गई।

    संचारी रोगों की रोकथाम के लिए मजबूत किया डिजिटल सर्विलांस सिस्टम
    प्रदेश में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए डिजिटल सर्विलांस सिस्टम को मजबूत किया गया है। डेंगू, मलेरिया, एईएस और जेई जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्राथमिक स्तर पर ही जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जांच प्रयोगशालाओं की संख्या में कई गुना वृद्धि की गई है, जिससे रोगों की शीघ्र पहचान और समय पर उपचार संभव हो पाया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले वर्षों में कई जिलों में मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी आई है। आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से लाखों पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्वास्थ्य कार्ड वितरण और लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया को भी डिजिटल माध्यम से पारदर्शी बनाया गया है।

    टीकाकरण में देश में अग्रणी स्थान किया प्राप्त
    प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा पर भी जोर दिया है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण से विशेषज्ञ सेवाओं का दायरा बढ़ा है। इससे प्राथमिक स्तर पर मरीजों की स्क्रीनिंग के बाद उन्हें उच्च संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवाओं 102 और 108 को सशक्त किया गया है, जिससे आपात स्थिति में मरीजों को शीघ्र उपचार मिल सके। कोविड-19 महामारी के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। गांव-गांव में स्वास्थ्य टीमों ने स्क्रीनिंग, जांच और टीकाकरण अभियान चलाया। प्रदेश ने टीकाकरण के मामले में देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया। इस दौरान ऑक्सीजन प्लांट, आईसीयू बेड और वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं का भी विस्तार किया गया, जिनका लाभ आज भी सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं में मिल रहा है। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में गिरावट, संस्थागत प्रसव में वृद्धि, टीकाकरण कवरेज में सुधार और संचारी रोगों पर नियंत्रण जैसे संकेतक इस परिवर्तन की पुष्टि करते हैं। सरकार द्वारा स्वास्थ्य बजट में लगातार वृद्धि कर प्राथमिक स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

    ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से आमजन को राहत मिली
    स्वास्थ्य केंद्रों में टेलीमेडिसिन सेवाओं की शुरुआत से दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध हो रहा है। ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से हजारों मरीज घर बैठे चिकित्सकीय सलाह प्राप्त कर रहे हैं। इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत हुई है, बल्कि ग्रामीण आबादी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा भी सुलभ हुई है। योगी सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत कर स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने का जो संकल्प लिया गया था, वह अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। आधुनिक मशीनों की उपलब्धता, प्रशिक्षित स्टाफ, दवा आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था और डिजिटल निगरानी प्रणाली ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी है। ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ने से आमजन को राहत मिली है और प्रदेश एक सशक्त, स्वस्थ और विकसित राज्य की दिशा में अग्रसर हो रहा है।

    विशेषज्ञ की राय
    पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में प्राथमिक स्वास्थ्य ढांचे में जो परिवर्तन हुए हैं, वे जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं। सीएचसी और पीएचसी को 24 घंटे प्रसव, पैथोलॉजी और एक्स-रे जैसी सुविधाओं से सुसज्जित करना ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। डिजिटल सर्विलांस और लैब नेटवर्क के विस्तार से संचारी रोगों की समय पर पहचान और नियंत्रण संभव हुआ है। टेलीमेडिसिन और ई-संजीवनी जैसी पहल ने दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ सेवाओं से जोड़ा है। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में गिरावट और टीकाकरण कवरेज में सुधार इस बात का संकेत है कि प्राथमिक स्वास्थ्य को दी गई प्राथमिकता सकारात्मक परिणाम दे रही है।
    डॉ. लिली सिंह, पूर्व डीजी, स्वास्थ्य विभाग