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  • एक क्लिक, एक कत्ल: Blinkit से मंगाया गया हथियार, हत्या के बाद दर्ज हुआ केस

    एक क्लिक, एक कत्ल: Blinkit से मंगाया गया हथियार, हत्या के बाद दर्ज हुआ केस

    नई दिल्ली

    ऑनलाइन ऑर्डर, ऑफलाइन कत्ल…जी हां ये कहानी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की है। यहां अपराधियों ने ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स Blinkit पर जाकर ऑनलाइन ऑर्डर करके धारदार हथियार खरीदे। इसके बाद उन चाकूओं से ऑफलाइन कत्ल कर डाला। दिल्ली पुलिस की जांच में मामले का खुलासा होने के बाद कंपनी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं आर्म्स एक्ट के उल्लंघन के आरोप में FIR दर्ज कर कंपनी को नोटिस भेजने की तैयारी दिल्ली पुलिस कर रही है।

    दरअसल मामला पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके से जुड़ा है। य़हां जहां अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। जांच के दौरान जब पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ।

    आरोपियों ने बताया कि वारदात में इस्तेमाल किए गए चाकू उन्होंने ऑनलाइन ऑर्डर किए थे। जांच की कड़ियां आगे बढ़ीं तो खरीद का स्रोत ब्लिंकिट प्लेटफॉर्म तक जा पहुंचा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बटनदार (स्विचब्लेड) चाकू की बिक्री कानूनन प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। ऐसे हथियारों की खुली बिक्री आर्म्स एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन मानी जाती है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म पर इन्हें सामान्य किचन टूल्स की तरह सूचीबद्ध कर डिलीवर किया जा रहा था।

    पुलिस ने खुद ग्राहक बनकर ऑर्डर दिया
    संदेह की पुष्टि के लिए पुलिस ने खुद ग्राहक बनकर ऑर्डर देने की रणनीति अपनाई। अधिकारियों ने बताया कि टेस्ट खरीद के दौरान बटनदार चाकू डिलीवर हुआ, जिससे प्राथमिक तौर पर नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। इसके बाद कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच यहीं नहीं रुकी। पुलिस टीमों ने दिल्ली के कई डार्क स्टोर्स और वेयरहाउस पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कई दर्जन बटनदार चाकू बरामद किए।

    पुलिस का कहना है कि कंपनी को जल्द नोटिस भेजा जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और यदि लापरवाही या नियमों की अनदेखी साबित होती है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। ख्याला की दो हत्याओं से शुरू हुई यह कड़ी अब ऑनलाइन बाजार की जवाबदेही तक पहुंच गई है, जहां एक क्लिक की आसानी के साथ कानून का पालन भी उतना ही जरूरी है।

  • कृषि, शिक्षा, खेल और लाड़ली योजनाओं में मोहन सरकार की बड़ी सौगात, हर सेक्टर में क्या बदलाव?

    कृषि, शिक्षा, खेल और लाड़ली योजनाओं में मोहन सरकार की बड़ी सौगात, हर सेक्टर में क्या बदलाव?

    भोपाल 

    मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 लाख सोलर पंप, श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण कनेक्टिविटी, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1.27 लाख करोड़ से अधिक के प्रावधान की घोषणा की। बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण पर विशेष फोकस दिखाई दिया। 

    देवड़ा ने कहा- एमपी में यह पहला रोलिंग बजट है। 2028 में होने वाले सिंहस्थ के लिए 3600 करोड़ का विशेष प्रावधान किया गया है। विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर विपक्ष ने हंगामा कर दिया।

    स्व-सहायता समूह, उज्ज्वला योजना समेत नारी कल्याण की विविध योजनाओं के लिए 1 लाख 27 हजार 555 करोड़ के प्रावधान किए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास के लिए 40062 करोड़ रुपए की घोषणा की। लाड़ली बहनों के लिए 23,882 करोड़ के प्रावधान का ऐलान किया। युवाओं के लिए 15 हजार शिक्षकों की भर्ती का ऐलान किया। 8वीं तक के बच्चों को फ्री टेट्रा पैक दूध देने की घोषणा की। प्रदेश में कोई नया टैक्स नहीं लगेगा।

    वित्त मंत्री देवड़ा ने जी राम जी के लिए 10428 करोड़ और पीएम जनमन के लिए 900 करोड़ रुपए के प्रावधान का ऐलान किया। वहीं, 1 लाख किसानों को सोलर पंप देने की घोषणा की।

    इसके अलावा श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। सड़कों की मरम्मत के लिए 12690 करोड़, जल जीवन मिशन के लिए 4 हजार 454 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है।

    वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि ये पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। हर नारी को न्याय हमारी सरकार का उद्देश्य है। हम देश के तीसरे युवा प्रदेश हैं। युवाओं के हाथ को काम मिले ये हमारा संकल्प है।

    वित्त मंत्री देवड़ा ने शायरी भी पढ़ी…

    “हर हाथ को काम, हर उपज को दाम। नारी को निर्णय का अधिकार, युवाओं के हौसलों का प्रसार। अब संरचना का विस्तार, हर घर जल आपके द्वार। स्वास्थ्य-सेवाओं में सुधार, जनकल्याण सुदृढ़।” “मौकों के घोड़े के इरादे, जो साहस पर एक बार चढ़ते हैं, वो लोग कभी अपनी मंजिल से नहीं उतरते हैं।”

    प्रजासुखे सुखम् राजः, प्रजानाम् च हितम् हितम्"

    अर्थात

    “प्रजा के सुख में ही राजा का सुख है, प्रजा के हित में ही राजा का हित है।”

    किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे
    3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है।

    वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं तिलहन में द्वितीय स्थान रखता है। प्रदेश का संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है। खेतों में उत्पादन से विक्रय तक में किसानों को सहायता दी जा रही है।

    •     पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
    •     सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
    •     किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
    •     वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।
    •     6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।
    •     1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
    • श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान
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    • वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। 
    • इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।
      कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट
      सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।
       

      महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को सौगात
      इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

      आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में ‘सखी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि यह बजट महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

      7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता
      वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है।

      सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी बड़े स्तर पर बजट का प्रावधान किया गया है। पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ समुदायों के विकास के लिए 1,651 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कनेक्टिविटी सुधार पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके तहत 21,630 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी गई है।

      सड़कों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़
      फाइनेंस मिनिस्टर देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री माजरा टोला के तहत 20,900 किलोमीटर सड़क बनाने का स्टेटस दिया गया है। सड़क रिपेयर के लिए ₹12,690 करोड़ का प्रोविजन किया गया है। युवा परिवारों के मेट्रोपॉलिटन एरिया में बढ़ते माइग्रेशन के असर को कम करने के लिए "संध्या छाया" प्रोग्राम शुरू किया गया है।
      खेल के लिए 815 करोड़ रूपए का प्रावधान
      मंत्री देवड़ा ने कहा कि युवाओं की खेल योजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
      पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान

      वित्त मंत्री ने कहा कि 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।
      पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ का प्रावधान

      देवड़ा ने कहा कि कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
      मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़

      वित्त मंत्री ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।

      पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए डिजिटल वर्किंग को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसके तहत अब तक 14 लाख से अधिक ई-समन और वारंट जारी किए जा चुके हैं। साथ ही, पुलिसकर्मियों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ने के लिए 25 हजार टैबलेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता लाई जा सकेगी।

      राज्य सरकार ने आगामी सिंहस्थ आयोजन की तैयारियों के लिए अब तक 13 हजार 851 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपए का विशेष प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे अधोसंरचना, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा।

      पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती
      वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा कि पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पुलिसकर्मियों के लिए 11000 नए आवास बनाए गए हैं। 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के अंतर्गत तलाक शुदा पुत्री को भी परिवार पेंशन देने का फैसला लिया गया है।

      सिंहस्थ महापर्व के लिए बड़ा एलान
      सरकार ने सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों को लेकर बड़ा एलान किया। बजट भाषण में कहा गया कि भारतीय संस्कृति और हिंदू आस्था के इस वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार समयबद्ध कार्ययोजना पर काम कर रही है।

      मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन और अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

      बजट में बताया गया कि इंदौर-उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन चौड़ीकरण के लिए 1 हजार 164 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत स्वीकृत की गई है। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण के लिए 1 हजार 370 करोड़ रुपये तथा उज्जैन बायपास मार्ग के लिए 701 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं से सिंहस्थ के दौरान आवागमन को सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

      वित्तीय वर्ष 2026-27 में सिंहस्थ से संबंधित कार्यों के लिए 3 हजार 60 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। सरकार ने कहा कि आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसके साथ ही नगरीय विकास को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है। वर्ष 2026-27 के लिए नगरीय विकास मद में 21 हजार 561 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है, जिससे शहरों में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

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      विधायक निधि बढ़ोतरी नहीं किए जाने पर कांग्रेस विधायकों का हंगामा

      बजट भाषण के दौरान सदन में कांग्रेस विधायकों ने विधायक निधि बढ़ोतरी नहीं किए जाने के कारण बजट भाषण के दौरान हंगामा किया। बजट भाषण पर सवाल उठाए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों को शांत होकर अपनी सीट पर बैठने के निर्देश दिए।

      वहीं, कांग्रेस विधायक सरकार पर कर्ज के विरोध में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है। विरोध के दौरान कांग्रेस नेताओं ने तख्तियां पकड़ी हुई थीं, जिन पर लिखा था कि कर्ज बजट से ज्यादा है, फिर आप कहते हैं कि सब ठीक है।

      क्या होता है रोलिंग बजट रोलिंग बजट प्रणाली में हर साल या तय अवधि के बाद आगे की अवधि को जोड़ते हुए बजट लगातार अपडेट किया जाता है। बजट एक बार बनाकर छोड़ नहीं दिया जाता, बल्कि हर साल नई परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार उसमें बदलाव किया जाता है। आगे के वर्ष जोड़े जाते रहते हैं।

      उदाहरण के तौर पर, यदि सरकार ने 2026–27, 2027–28 और 2028–29 का तीन साल का बजट बनाया है, तो 2027–28 आते ही 2026–27 की अवधि बजट से हट जाएगी। उसकी जगह नया वर्ष 2029–30 जोड़ दिया जाएगा। इस तरह बजट हमेशा आने वाले तीन वर्षों के लिए तैयार रहता है।

       

     

  • $550 अरब की मेगा डील! US-जापान समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान

    $550 अरब की मेगा डील! US-जापान समझौते पर ट्रंप का बड़ा बयान

    वाशिंगटन 

    अमेरिका और जापान (US-Japan Trade Deal) में बात बन गई है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जापान के साथ हमारी बहुत बड़ी ट्रेड डील अभी शुरू हुई है और Japan अब आधिकारिक और वित्तीय रूप से अमेरिका में निवेश करने के अपने 550 अरब डॉलर के कमिटमेंट के तहत पहले सेट के साथ आगे बढ़ रहा है.

    जापान-अमेरिका के लिए ऐतिहासिक समय
    Donald Trump ने जापान द्वारा किए जाने वाले इस भारी-भरकम निवेश का ऐलान करते हुए इसे US-Japan के बीच हिस्टोरिक ट्रेड डील का हिस्सा बताया है. उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकन इंडस्ट्रियल बेस को फिर से पुनर्जीवित करने, लाखों ग्रेट अमेरिकन जॉब्स बनाने और हमारी नेशनल और इकोनॉमिक सिक्योरिटी को पहले से कहीं ज्यादा मज़बूत किया जा सकेगा. ट्रंप के मुताबिक, यह यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका और जापान के लिए ऐतिहासिक समय है.

    'टैरिफ के बिना ये संभव नहीं था…'
    आज, मुझे ग्रेट स्टेट ऑफ टेक्सास में ऑयल और गैस, ग्रेट स्टेट ऑफ ओहायो में पावर जेनरेशन के साथ ही ग्रेट स्टेट ऑफ जॉर्जिया में क्रिटिकल मिनरल्स के स्ट्रेटेजिक एरिया में तीन जबर्दस्त प्रोजेक्ट्स की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है. इन प्रोजेक्ट्स का स्केल बहुत बड़ा है और एक बहुत ही खास शब्द Tariffs के बिना ऐसा नहीं हो सकता था. 

    ट्रंप ने गिनाए जापान से डील के फायदे
    ट्रंप ने सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पने अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में लिखा, 'ओहायो एक ऐसा राज्य जिसे मैंने 3 बार जीता है, वहां गैस पावर प्लांट इतिहास का सबसे बड़ा होगा, गल्फ ऑफ अमेरिका में LNG फैसिलिटी एक्सपोर्ट को बढ़ावा देगी और हमारे देश के एनर्जी दबदबे को बढ़ाने का काम करेगी. इसके अलावा हमारी क्रिटिकल मिनरल्स फैसिलिटी विदेशी सोर्स पर हमारी निर्भरता को खत्म कर देगी.

     

  • समृद्ध, सुखद और सम्पन्न मध्यप्रदेश के सपने को पूरा करेगा बजट 2026-27 : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    समृद्ध, सुखद और सम्पन्न मध्यप्रदेश के सपने को पूरा करेगा बजट 2026-27 : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल.

    मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के ज्ञान (GYAN) के संकल्प में हमारी सरकार ने अब इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के आई (I) को भी शामिल किया है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का यह बजट ज्ञानी (GYANII) के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर तैयार किया गया है। जिसमें गरीब कल्याण, युवा शक्ति के कौशल विकास एवं रोज़गारोन्मुखी प्रशिक्षण, अन्नदाता की आय में वृद्धि, नारी सशक्तिकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास एवं प्रदेश में औद्योगिक निवेश के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करने का संकल्प है। वर्ष 2026-27 के 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट में विकास के लिए पर्याप्त धन राशि रखी गई है, यह विकास और जनकल्याण के संकल्प की पूर्ति का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह बजट ''समृद्ध मध्‍यप्रदेश, सम्‍पन्‍न मध्‍यप्रदेश, सुखद मध्‍यप्रदेश, सांस्‍कृतिक मध्‍यप्रदेश'' के सपने को साकार करने वाला है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश की जनता पर किसी नए कर बोझ नहीं डाला गया है। सुशासन और सुप्रबंधन के लिए निरंतर नवाचार और विकास के सभी पैमानों को पूरा करता यह बजट अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद यह विचार व्यक्त किए।

    प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने रोलिंग बजट को अपनाते हुए वार्षिक बजट को दीर्घकालिक दृष्टि से जोड़ा गया है। रोलिंग बजट प्रस्तुत करने वाला संभवतः मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। इस बजट से अगले तीन वर्ष के विकास का खाका खीचा जाएगा और यह बजट विकास के लिए सतत् रूप से पर्याप्त धन राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा। यह बजट अमृतकाल 2047 के लिए विकास का पैमाना सिद्ध होगा। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलु उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो वर्ष 2025-26 के अनुमान में 10.69 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 में पूंजीगत परिव्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है।

    कृषि वर्ष में किसान कल्याण के लिए किया गया 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता वृद्धि के लिए 28 हजार 158 करोड़ रूपए, आदान व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए 64 हजार 995 करोड़ रूपए, उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए 8 हजार 91 करोड़ रूपए, सुरक्षा चक्र के लिए 13 हजार 769 करोड़ रूपए सहित कृषि कल्याण के लिए कुल 1 लाख 15 हजार 13 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित है, जो किसान कल्याण वर्ष के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि बहुआयामी गरीबी सूचकांक आधारित बजट व्यवस्था राज्य की एक अभिनव और दूरदर्शी पहल है।

    प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास के लिए एक लाख करोड़ रूपए से अधिक का प्रावधान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार अधोसंरचना विकास में बजट अनुमान 2026-27 का पूंजीगत परिव्यय रुपये 1 लाख करोड़ रूपये से अधिक है। राज्य सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के समुचित प्रावधान किए हैं। प्रदेश के गठन के बाद पहली बार इतनी बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारा फोकस सर्वस्‍पर्शी, समावेशी विकास, सुशासन, पर्यावरण, पर्यटन एवं सांस्‍कृतिक पुनर्उत्‍थान पर है। सभी क्षेत्रों में विकास के लिए पर्याप्त प्रावधान है। राज्य सरकार ने विकसित भारत के लक्ष्य के साथ समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के लक्ष्‍य तय किए हैं और यह बजट इसे पूर्ण करने की ओर प्रभावी कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्‍यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना के लिए 21 हजार 630 करोड़ की स्‍वीकृति के बाद वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के लिए रूपये 800 करोड़ का प्रावधान है। राज्य में क्षतिग्रस्त पुलों का पुर्ननिर्माण योजना'' में  4 हजार 572 करोड़ की स्‍वीकृति के बाद वित्‍तीय वर्ष 2026-27 के लिए रूपये 900 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।

    शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए 'द्वारका योजना'

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्‍थ महापर्व से संबंधित 13 हजार 851 करोड़ के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं, जिसके अंतर्गत वर्ष 2026-27 के लिए 3 हजार 60 करोड़ रूपये का प्रावधान है। शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए ''द्धारका योजना'' में आगामी तीन वर्षों में 5 हजार करोड़ रूपये का निवेश संभावित है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में आबादी भूमि पर मालिकाना अधिकार की योजना है, जिसमें मुद्रांक एवं पंजीयन का समस्‍त शुल्‍क राज्‍य शासन वहन करेगा। यह देश में अपने तरह का पहला नवाचार है। इसके लिए 3 हजार 800 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है।

       बच्चों को बेहतर पोषण के लिए यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना में 700 करोड़ रूपए का प्रावधान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों को बेहतर पोषण मिले, इसके लिए यशोदा दुग्‍ध प्रदाय योजना के लिए 700 करोड़ रूपये का प्रावधान है। इस योजनातंर्गत आगामी पांच वर्षों में 6 हजार 600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए 23 हजार 883 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। किसी भी लाड़ली बहना को उसके अधिकार से वंचित नहीं किया जाएगा और सरकार निर्धारित समय-सीमा में लाड़ली बहनाओं को दी जाने वाली राशि का लक्ष्य प्राप्त करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत-गांरटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए 10 हजार 428  करोड़ रुपये का प्रावधान है।

    युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना के लिए पर्याप्त धनराशि दी जा रही है। मध्यप्रदेश देश के सबसे युवा तीन प्रदेशों में से एक है। युवा कल्याण के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय, पीएम  महाविद्यालय, चिकित्सा महाविद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है। राज्य में औद्योगिक विकास के साथ हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए जोर दिया जा रहा है। पर्यटकों के लिए प्रदेश में पहली बार पीएम हेली सर्विस शुरू की गई है, जिसमें पर्यटकों से सामान्य किराये का मात्र 1/10वां हिस्सा ही लिया जा रहा है। शेष खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। गरीब एवं जरूरतमंदों को एयर एम्बुलेंस की मदद से समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में हवाई सेवाओं के विकास के लिए बजट में उचित प्रावधान किए गए हैं। मध्यप्रदेश में सर्वाधिक 13.5 करोड़ पर्यटक आए हैं, धार्मिक पर्यटकों के आगमन का भी रिकार्ड बना है। इनमें डेढ़ लाख विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। राज्य में पर्यटकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए टेंट सिटी, होम-स्टे जैसे नवाचारों को बढ़ाया जा रहा है।

    वित्तीय संसाधनों के बेहतर प्रबंधन से बढ़ रही है बजट की राशि

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश वन संपदा एवं वन्यजीवों से समृद्ध है। प्रदेश की धरती पर चीतों का पुनर्स्थापन किया गया है। श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में नए शावकों के आगमन से स्वदेशी चीतों की संख्या में वृद्धि हो रही है। यहां चीतों की संख्या अब 38 पहुंच गई है। इसी माह 8 व्यस्क चीते बोत्सवाना से लाए जाएंगे। असम से जंगली भेंसा मध्यप्रदेश के वनों में जल्द लाए जाएंगे। वन्य जीवों के संरक्षण के साथ अभ्यारणों के बफर जोन में नागरिकों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग का प्रावधान किया जा रहा है। नागरिकों की सुरक्षा के लिए आकाशवाणी के माध्यम से चेतावनी जारी कर उन्हें जंगली जानवरों के हमले से सुरक्षित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अपने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए लगातार बजट की राशि बढ़ा रही है और यह क्रम निरंतर जारी रहेगा। 

  • एआई समिट में भाग लेने दिल्ली पहुंचे ब्राजील के राष्ट्रपति, विदेश राज्य मंत्री ने किया औपचारिक स्वागत

    एआई समिट में भाग लेने दिल्ली पहुंचे ब्राजील के राष्ट्रपति, विदेश राज्य मंत्री ने किया औपचारिक स्वागत

    नई दिल्ली

    ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा पांच दिवसीय भारत दौरे पर बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने किया।विदेश विभाग ने आधिकारिक एक्स पोस्ट में इसकी जानकारी दी। बताया ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा, राजकीय दौरे पर नई दिल्ली आए हैं। उनका विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने स्वागत किया।

    एमईए ने उनकी यात्रा के दौरान होने वाली अहम बैठक का भी जिक्र किया। आगे लिखा कि इस दौरे के दौरान राष्ट्रपति लूला इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे और फिर पीएम नरेंद्र मोदी संग द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

    18 से 22 फरवरी तक भारत में रहेंगे लूला डा सिल्वा
    मंत्रालय ने इस दौरे को दोनों देशों की साझेदारी को मजबूत करने वाला करार दिया है। इस एक्स पोस्ट में आगे लिखा है, "भारत और ब्राजील के बीच करीबी और कई तरह के रिश्ते हैं। ये रिश्ते, जो रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचे हैं, दरअसल, एक समान ग्लोबल विजन, लोकतांत्रिक मूल्यों और समावेशी विकास की प्रतिबद्धता में ही निहित हैं। राष्ट्रपति लूला की यात्रा से भारत-ब्राजील साझेदारी को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी।

    ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा 18 से 22 फरवरी तक भारत में रहेंगे। यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रहा है। इस बार राष्ट्रपति लूला अपने साथ सैकड़ों कंपनियों के मालिकों और अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल लेकर पहुंचे हैं।

    भारत पहुंचने के बाद राष्ट्रपति लूला 19 और 20 फरवरी को नई दिल्ली में हो रहे दूसरे एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे। उन्होंने भारत रवाना होते समय पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे इस समिट में भाग लेंगे और भारत के साथ नए अवसरों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि 2025 में भारत और ब्राजील के बीच व्यापार 15 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा रहा है।

    राष्ट्रपति मुर्मू से भी होगी मुलाकात
    भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा "दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं का समीक्षा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी दोपहर के भोज का आयोजन करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, जिनमें बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग, बहुपक्षवाद, वैश्विक शासन और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।" राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी ब्राजील के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगी और उनके सम्मान में एक भोज का आयोजन करेंगी। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी ब्राजील के राष्ट्रपति से मुलाकात करेंगे।

  • हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम, जल अधोसंरचना को मिला अभूतपूर्व बल: मंत्री उइके

    हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम, जल अधोसंरचना को मिला अभूतपूर्व बल: मंत्री उइके

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त  मंत्री  जगदीश देवड़ा द्वारा प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री  संपतिया उइके ने जनस्वास्थ्य और जल सुरक्षा की दृष्टि से मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जल जीवन मिशन के संकल्प को राज्य सरकार ने गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया है, जिसका स्पष्ट प्रतिबिंब इस बजट में दिखाई देता है।

    मंत्री  उइके ने बताया कि जल जीवन मिशन के लिए 4454 करोड़ रु. का प्रावधान हर घर तक सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम है। ग्रामीण नल जल प्रदाय योजनाओं के संधारण के लिये 290 करोड़ रु. तथा जल प्रदाय गृहों की स्थापना एवं संधारण के लिए 229 करोड़ रु. का प्रावधान यह सुनिश्चित करेगा कि जल आपूर्ति व्यवस्थाएं केवल निर्मित ही नहीं हों, बल्कि दीर्घकाल तक सुचारु रूप से संचालित भी रहें। ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना, नलकूप अनुरक्षण, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा सिंचाई एवं पेयजल योजनाओं के सौर ऊर्जा करण के लिए किए गए प्रावधान जल प्रबंधन को अधिक टिकाऊ और परिणामकारी बनाएंगे।

    मंत्री  उइके ने कहा कि यह बजट गरीब कल्याण, अन्नदाता, युवा और नारी शक्ति के साथ अधोसंरचना विकास को समन्वित करते हुए संतुलित और यथार्थवादी विकास की दिशा तय करता है। सिंहस्थ की तैयारियों, ग्रामीण अधोसंरचना और पूंजीगत निवेश पर विशेष ध्यान प्रदेश को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सशक्त बनाएगा। मंत्री  उइके ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट समृद्ध, स्वस्थ और आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण को नई गति देगा।

  • एमपी बजट 2026: हर विधानसभा में स्टेडियम का ऐलान, श्रमिक और महिला सुरक्षा पर हजारों करोड़ खर्च

    एमपी बजट 2026: हर विधानसभा में स्टेडियम का ऐलान, श्रमिक और महिला सुरक्षा पर हजारों करोड़ खर्च

    भोपाल 

    प्रदेश सरकार ने बजट 2026 युवाओं और महिलाओं के साथ ही मजदूरों पर फोकस नजर आया है। सीएम युवा शक्ति योजना के तहत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में सर्वसुलभ स्टेडियम विकसित करने की तैयारी है। ताकि ग्रामीण और शहरी युवाओं को स्थानीय स्तर पर खेल सुविधाएं मिल सकें। वहीं महिलाओं, श्रमिकों को आर्थिक सुरक्षा के लिए बड़ा सहारा बनकर आया है। इसके साथ ही बजट में जन-धन योजना और बीमा योजनाओं को लेकर जमीनी विस्तार भी दिखा।

    कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट

    कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। सरकार का कहना है कि यह राशि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार में खर्च की जाएगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में लाड़ली लक्ष्मी योजना का दायरा लगातार बढ़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 52 लाख 29 हजार बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

    वित्त मंत्री देवड़ा ने बताया कि श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपए का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है। इसका मकसद गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना है। ताकि उन्हें बीमा, पेंशन और अन्य सुविधाएं मिल सकें।

    प्रदेश में बढ़ी है केंद्र सरकार की भागीदारी बढ़ी

    केंद्र सरकार की योजनाओं में भी प्रदेश की भागीदारी बढ़ी है। प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत राज्य में अब तक 4 करोड़ 61 लाख से अधिक बैंक खाते खोले जा चुके हैं। जिससे बड़ी आबादी औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी है। इसी तरह प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख का पंजीयन हो चुका है। दुर्घटना की स्थिति में यह योजना बीमा सुरक्षा प्रदान करती है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोग नामांकन करवा चुके हैं। इससे उनके परिवारों को आर्थिक सहायता और सुरक्षा का आधार है।

    सरकार का दावा है कि यह बजट युवाओं के खेल, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ महिलाओं और श्रमिक वर्ग को सुरक्षा कवच देने की दिशा में अहम कदम है।

  • MP Budget 2026: लाड़ली बहना योजना पर 23,882 करोड़ का बड़ा खर्च, जानिए क्या बदला

    MP Budget 2026: लाड़ली बहना योजना पर 23,882 करोड़ का बड़ा खर्च, जानिए क्या बदला

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विधानसभा में फाइनेंशियल ईयर 2026-27 का बजट (Madhya Pradesh Budget 2026) पेश किया जा रहा है। डॉ. मोहन यादव सरकार का ये तीसरा और बतौर वित्त मंत्री देवड़ा का सातवां बजट है। देवड़ा ने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य हर हाथ को काम देना है। युवाओं को रोजगार देना है। पीएम के सपने को साकार करने वाला बजट है। बजट में लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना का भी जिक्र किया गया है।

    लाड़ली बहनों के लिए क्या कहा…

    2026-27 के बजट में मंत्री देवड़ा ने कहा कि लाड़ली बहना योजना में एक करोड़ 25 लाख महिलाएं रजिस्टर्ड है। इसमें 23 हजार 882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। साथ ही बजट में लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए भी बड़ा ऐलान किया गया है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभ दिया जा रहा है, जबकि 14 लाख 12 हजार को छात्रवृत्ति मिल चुकी है। सरकार की तरफ से लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 1800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जा रहा है।

    MP Budget में लाड़ली बहना और लक्ष्मी योजना की बड़ी बातें

        नारी को केंद्र में रखकर बजट बनाया
        हर हाथ को काम और हर उपज को दाम देने वाला बजट
        हर नारी को काम देने पर सरकार का फोकस
        औद्योगिकीकरण और अधोसंरचना पर ध्यान दिया गया
        सभी वर्गों के लिए विकास के लिए सरकार संकल्पित

  • पांडुलिपियों, दुर्लभ ग्रंथों को सहेजकर डिजिटल रूप देगी योगी सरकार

    पांडुलिपियों, दुर्लभ ग्रंथों को सहेजकर डिजिटल रूप देगी योगी सरकार

    गोरखपुर

    वर्तमान और भावी पीढ़यां विरासत पर गर्व की अनुभूति कर सकें, इसके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार ने हमेशा प्रतिबद्धता जताई है। इसी क्रम में भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और बौद्धिक विरासत को पुनर्जीवित करने के महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय अभियान ‘ज्ञान भारतम मिशन’ में प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। पांडुलिपियों और दुर्लभ ग्रंथों को सहेजकर विश्व पटल पर डिजिटल रूप देने के लिए प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में जिला स्तर पर पांडुलिपियों को चिन्हित व संग्रहीत करने के आदेश जारी किए हैं। इसके पर्यवेक्षण के लिए हर जिले में वहां के मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। 

    विरासत के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के अंतर्गत हर जिले में उपलब्ध भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ी पांडुलिपियों एवं दुर्लभ ग्रंथों का वैज्ञानिक संरक्षण, डिजिटलीकरण और अभिलेखीकरण किया जा रहा है ताकि यह धरोहर शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सके। उत्तर प्रदेश के लिए यह अभियान और भी विशेष है क्योंकि उत्तर प्रदेश को प्राचीन ज्ञान दर्शन, साहित्य और संस्कृति की भूमि माना जाता है। 

    गोरखपुर के उप निदेशक संस्कृति यशवंत सिंह राठौर ने बताया कि ‘ज्ञान भारतम मिशन’ के अंतर्गत सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, मठों, मंदिरों, शैक्षणिक संस्थानों, निजी एवं सार्वजनिक पुस्तकालयों, व्यक्तियों के पास उपलब्ध पांडुलिपियों, हस्तलिखित ग्रंथों, ताड़पत्रों, भोजपत्रों और अन्य दस्तावेजों की पहचान, सर्वेक्षण, कैटलॉगिंग, संरक्षण तथा डिजिटलीकरण का कार्य किया जाना है। पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण होने से यह ज्ञान भारतम पोर्टल के माध्यम से आमजन को आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी।

    रखरखाव के अभाव में व्यक्तियों या संस्थाओं के पास उपलब्ध कई ग्रंथ नष्ट होने की कगार पर हैं। अब जिला स्तर पर इन ग्रंथों को चिन्हित करने और उनके संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला स्तर पर अभियान चलाकर पांडुलिपियों का संग्रह करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं से संपर्क कर उन्हें सूचीबद्ध किया जाएगा। इसमें हाथ से लिखे उन ग्रंथों को शामिल किया जाएगा जो 75 वर्ष से अधिक प्राचीन हों। जिला स्तर पर तैयार सूची संस्कृति विभाग के जरिये प्रदेश के राजकीय अभिलेखागार को प्रेषित की जाएगी। जहां उच्च गुणवत्ता की स्कैनिंग के बाद इसका डिजिटल रूप तैयार हो जाएगा। इस मिशन की विशेषता यह है कि इसमें पांडुलिपियां संबंधित संग्रहकर्ता संस्था या व्यक्ति के ही अधिकार में रहेंगी।

  • सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां बनेंगी ‘सुनीता विलियम्स’

    सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां बनेंगी ‘सुनीता विलियम्स’

    लखनऊ

    उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा और वैज्ञानिक सोच को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियां भी अंतरिक्ष विज्ञान की बारीकियां सीख रहीं हैं। बागपत जनपद के छपरौली ब्लॉक में स्थापित अत्याधुनिक एस्ट्रोनॉमी लैब से ग्रामीण छात्राओं के सपनों को उड़ान मिलेगी।
    ब्लॉक संसाधन केंद्र परिसर में बनाई गई इस हाईटेक खगोलशास्त्र प्रयोगशाला के माध्यम से छपरौली ब्लॉक की लगभग 100 बालिकाओं को आधुनिक विज्ञान को समझने का अवसर मिल रहा है। प्रयोगशाला में 45 प्रकार के प्रयोगों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे छात्राएं अंतरिक्ष से जुड़े जटिल सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझ रहीं हैं।

    योगी सरकार के इस प्रयास से अब ग्रामीण पृष्ठभूमि की छात्राएं भी टेलिस्कोप संचालित करने से लेकर नाइट-स्काई ऑब्जर्वेशन तक की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर रही हैं।

    आकाशीय पिंडों की स्थिति, गति और संरचना को डिजिटल माध्यम से समझ रहीं हैं बेटियां

    सीएम योगी की इस दूरदर्शी पहल से विज्ञान शिक्षा को नई गति मिल रही है। ब्लॉक संसाधन केंद्र छपरौली में स्थापित एस्ट्रोनॉमी लैब को हाईटेक टेक्नोलॉजी से विकसित किया गया है।
    बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि प्रयोगशाला में आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ छात्राओं को एस्ट्रोनॉमी सॉफ्टवेयर के उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इससे वे आकाशीय पिंडों की स्थिति, गति और संरचना को डिजिटल माध्यम से समझ रहीं हैं। इस तरह का व्यावहारिक प्रशिक्षण छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में बेहद सहायक होगा।

    टेलिस्कोप से चंद्रमा देख बढ़ रहा आत्मविश्वास

    इस पहल की सबसे खास बात यह है कि अब छात्राएं स्वयं टेलिस्कोप के माध्यम से चंद्रमा और अन्य आकाशीय पिंडों का प्रत्यक्ष अवलोकन कर रही हैं। जब एक बालिका अपने हाथों से टेलिस्कोप चलाकर चंद्रमा देखती है, तो उसके भीतर आत्मविश्वास और जिज्ञासा दोनों का विकास होता है।

    अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े करियर के बारे में गंभीरता से समझ रहीं बालिकाएं

    कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय छपरौली की सभी छात्राएं इस लैब में नियमित रूप से प्रशिक्षण ले रही हैं। नाइट-स्काई प्रेक्षण जैसी गतिविधियां उनके लिए रोमांचक अनुभव साबित हो रही हैं। शिक्षकों का कहना है कि  इससे बालिकाओं की विज्ञान के प्रति रुचि तेजी से बढ़ी है और वे अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े करियर के बारे में गंभीरता से सोचने लगी हैं।

    एआई-संचालित स्मार्ट क्लास से मिल रही आधुनिक शिक्षा

    जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि बागपत में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिले के 25 सरकारी विद्यालयों में एआई-संचालित स्मार्ट क्लास शुरू की गई हैं। इनके माध्यम से बच्चों को इंटरैक्टिव और तकनीक आधारित शिक्षा मिल रही है, जिससे सीखने की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखा जा रहा है।