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  • हिमंत सरमा और भूपेन बोरा की यारी, असम में कांग्रेस पर पड़ सकता है बड़ा असर

    हिमंत सरमा और भूपेन बोरा की यारी, असम में कांग्रेस पर पड़ सकता है बड़ा असर

    गुवाहाटी 

    असम विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी के बीच कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और कद्दावर नेता भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया. यह खबर आते ही कांग्रेस में भूचाल मच गया. पार्टी आलाकमान के एक्टिव होने और मान-मनौव्वल के बाद भूपेन बोरा ने अपना इस्तीफा वापस नहीं लिया, लेकिन कांग्रेस प्रभारी जितेंद्र सिंह ने जरूर कहा कि उन्हें मना लिया गया है और मामले को सुलझा लेंगे, लेकिन लगता है कि बात नहीं बन सकी है. यही वजह है कि अब भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने जा रहे है.

    मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को भपेन बोरा के घर जाकर मुलाकात किया. इसके बाद हिमंत ने मीडिया से कहा कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे.उन्होंने कहा कि बोरा को बीजेपी में लेने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हरी झंडी दे दी है. बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया इस मामले में भूपेन बोरा से बात करेंगे. बीजेपी में शामिल होना उनके लिए घर वापसी जैसा होगा. 

    असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने की बात मीडिया से कह रहे थे, तो उनके बगल में भूपेन बोरा बैठे हुए थे. कांग्रेस को झटका ऐसे समय लगा है, जब प्रियंका गांधी असम के दो दिवसीय दौरे पर पहुंच रही है. ऐसे में सवाल उठता है कि हेमंत सरमा और भूपेंद्र बोरा की यारी, असम में कितना पड़ेगी कांग्रेस पर भारी? 

    प्रियंका के दौरे से पहले कांग्रेस को लगा झटका

    कांग्रेस दस साल से असम की सत्ता से बाहर है और बीजेपी को जीत की हैट्रिक लगाने के रोकने के लिए हरसंभव कोशिश में कर ही थी. कांग्रेस अपनी वापसी के लिए असम चुनाव की कमान प्रियंका गांधी के हाथों में सौंप रही है. प्रियंका असम चुनाव के लिए कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष हैं. प्रियंका असम के दो दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंचेंगी. 

    प्रियंका गांधी अपने दो दिवसीय दौरा पर संगठन को सियासी धार देने की है. दोनों दिन प्रदेश नेताओं, जिला अध्यक्षों और फ्रंटल संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बंद कमरे में बैठकों करेंगी. मकसद साफ है, पार्टी के अंदर चल रहे मतभेद सुलझाना,आपसी तालमेल बेहतर करना और उम्मीदवारों के चयन से पहले एकजुट ढांचा तैयार करना. इन कवायद के बीच भूपेन बोरा का कांग्रेस से इस्तीफा और अब बीजेपी के दामन थामने से प्रियंका गांधी के जरिए माहौल बनाने की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है. 

    भूपेन बोरा और हिमंता सरमा से सियासी यारी

    भूपेन बोरा से कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद दूसरे दिन ही असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को उनके घर जाकर मुलाकात की. इसके बाद बोरा के साथ मीडिया के सामने आए उन्होंने कहा कि भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे. हिमंत सरमा ने कहा कि दिलीप सैकिया भूपेन बोरा के बीजेपी में शामिल होने से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करेंगे. उनके साथ गुवाहाटी और उत्तर लखीमपुर में कई कांग्रेस नेता भी बीजेपी में शामिल होंगे. वे कांग्रेस में आखिरी मान्यता प्राप्त हिंदू नेता हैं.

    मुख्यमंत्री हिमंत सरमा ने कहा कि भूपेन बोरा को पूरा सम्मान और गरिमा दी जाएगी. बीजेपी में शामिल होना उनके लिए घर वापसी जैसा होगा क्योंकि यह एक ऐसी पार्टी है जिसमें उनके जैसे कई लोग हैं, जिनके पिता किसी उच्च पद पर नहीं रहे. कांग्रेस अब मुख्यधारा के असमिया लोगों की पार्टी नहीं रह गई है. उन्होंने कहा कि एक सच्चा कांग्रेसी नेता इस बात से दुखी होगा कि उसकी पार्टी चुनाव जीतने के लिए संघर्ष नहीं कर रही है. 

    हिमंत सरमा ने कहा कि मैंने भी यही पीड़ा झेली थी.जब मैं बीजेपी में शामिल होने गया, तब मुझे भी ऐसे फोन आए थे.ये लोग सामंतों की तरह जीते हैं. उन्हें लगता है कि एक फोन करने से फैसला बदल जाएगा. भूपेन बोरा बीजेपी में शामिल होते हैं तो फिर उनकी और हिमंत की सियासी जोड़ी का मुकाबला कांग्रेस को असम में करना होगा? 

    भूपेन बोरा कौन है और क्या है सियासी आधार

    भूपेन बोरा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और असम की राजनीति में एक जाना-पहचाना नाम हैं. 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं और संगठनात्मक राजनीति में मजबूत पकड़ के लिए पहचाने जाते हैं. भूपेन बोरा ऐसे नेता हैं, जिन्होनें जमीनी कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर तय करने वाला नेता माना जाता है.

    भूपेन बोरा का जन्म असम में हुआ और उन्होंने छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और कांग्रेस विचारधारा से जुड़े और धीरे-धीरे पार्टी संगठन में अहम भूमिकाएं निभाते गए. वे चार बार विधायक रहे और आक्रामक राजनीति के लिए पहचाने जाते हैं. एक संगठनकर्ता के रूप में बोरा की पहचान अनुशासित कार्यशैली, कैडर-बेस्ड राजनीति और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति के लिए होती है. 

    कांग्रेस को दोबारा से खड़े करने में रोल अदा किया

    5 साल पहले 2021 में जब असम में लगातार दूसरी बार कांग्रेस को बीजेपी से करारी हार का सामना करना पड़ा था. विधानसभा चुनाव के फौरन बाद जुलाई में दो बार के विधायक रह चुके भूपेन बोरा को असम प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. करीब चार साल साल तक बोरा ने पूरी मेहनत की. उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा की तर्ज पर पूरे असम में पदयात्रा भी की और हिमंत बिस्वा सरमा सरकार के ख़िलाफ़ सड़कों पर नज़र आए.प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने कांग्रेस को दोबारा खड़ा करने, बूथ-स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और युवाओं व अल्पसंख्यकों को पार्टी से जोड़ने पर खास जोर दिया.

    2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जनवरी में राहुल गांधी ने मणिपुर से मुंबई तक भारत जोड़ो न्याय यात्रा निकाली थी. यात्रा जब गुवाहाटी पहुंची तो प्रशासन ने राहुल गांधी को शहर के अंदर से गुजरने से रोक दिया और बाहर से निकालने को कहा.इससे नाराज कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेड पर आक्रामक प्रदर्शन किया जिसकी अगुवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा कर रहे थे. उस समय भूपेन बोरा महज प्रदर्शन की औपचारिकता नहीं कर रहे थे बल्कि वाक़ई में आरपार में मूड में थे. 

    भूपेन बोरा ks बीजेपी में जाने से क्या होगा नुकसान

    असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हिमंता सरकार के खिलाफ़ मुहिम चला रही कांग्रेस की रणनीतियों को बड़ा झटका तो लग ही गया है.भूपेन बोरा की पहचान जमीन से जुड़े हुए नेता के साथ प्रभावशाली वक्ता की भी है. ख़ास तौर पर उनमें असम की संस्कृति का जानकार माना जाता है. कांग्रेस के साथ 32 साल तक जुड़े रहे हैं, इतना ही नहीं एक कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक का सफर तय किया है. भूपेन बोरा बीजेपी और असम सरकार की नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं.

    भूपेन बोरा ने बेरोज़गारी, महंगाई, बाढ़, नागरिकता से जुड़े मुद्दों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के कथित दुरुपयोग पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं. वो साफ छवि, संगठनात्मक अनुभव और आक्रामक विपक्षी तेवर के नेता माने जाते हैं. असम में कांग्रेस के सबसे अहम चेहरों में उन्हें गिना जाता है. ऐसे में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाना पार्टी के लिए सियासी तौर पर बड़ा झटका है. 

    भूपेन बोरा असम के लखीमपुर से ताल्लुक रखते हैं. वह 2006 से 2016 तक असम विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं. भूपेन बोरा ने ऐसे समय में कांग्रेस का साथ छोड़ रहे हैं, जब पार्टी अपनी वापसी के लिए बेताब है. 

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी से लिया आशीर्वाद, आध्यात्मिक विषयों पर संवाद

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी से लिया आशीर्वाद, आध्यात्मिक विषयों पर संवाद

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्ण भूमि स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पहुँचकर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल के कई सदस्य, सांसद और विधायक भी इस आध्यात्मिक समागम का हिस्सा बने. मुख्यमंत्री साय शाम साढ़े सात बजे से रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तक स्वामी जी के सानिध्य में रहे और विभिन्न विषयों पर चर्चा की.

    स्वामी जी का 50वां जन्मदिन और स्वर्ण जयंती वैवाहिक वर्षगांठ

    यह अवसर बेहद खास रहा क्योंकि कल महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी का 50वां जन्म दिवस था. साथ ही, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल और श्रीमती अंगूरी देवी अग्रवाल की 50वीं वैवाहिक वर्षगांठ भी थी. मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित अतिथियों ने स्वामी जी को जन्मदिन की बधाई दी और अग्रवाल दंपत्ति को उनकी वैवाहिक स्वर्ण जयंती पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं.

    “माता कौशल्या की पवित्र धरा पर आना सौभाग्य” : स्वामी कैलाशानंद

    भक्ति और अध्यात्म के रस में डूबी स्वर्ण भूमि में अपने अनमोल वचनों में स्वामी जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ वासियों का यह परम सौभाग्य है कि उनका जन्म मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरा पर हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि नितिन अग्रवाल के आग्रह पर इस पवित्र भूमि पर आने और प्रभु श्री राम के दर्शन करने का अवसर मिलना उनके लिए भी सौभाग्य की बात है.

    दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी

    स्वामी जी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने वालों में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित अनेक सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल रहे. पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.

  • बिलासपुर में सराफा कारोबारी से 3.35 करोड़ की लूट, VIDEO में कार टक्कर, पिस्टल और हथौड़े से हमला, 2KG सोना-कैश लेकर फरार

    बिलासपुर में सराफा कारोबारी से 3.35 करोड़ की लूट, VIDEO में कार टक्कर, पिस्टल और हथौड़े से हमला, 2KG सोना-कैश लेकर फरार

    बिलासपुर
     बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में  रात एक बड़ी लूट की वारदात सामने आई है। बदमाशों ने सराफा कारोबारी संतोष तिवारी पर हमला कर उनकी कार समेत करीब 3 करोड़ 35 लाख रुपए का सोना और नकद लूट लिया।

    घटना कैसे हुई

    राजकिशोर नगर निवासी संतोष तिवारी की वसंत विहार चौक में महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप है। वे रोज की तरह दुकान बंद कर सोने के जेवर कार में रखकर घर जा रहे थे। रात करीब 8.30 बजे जब वे बीएसएनएल ऑफिस गली के तिराहे पर पहुंचे, तभी एक सफेद कार ने जानबूझकर उनकी कार को टक्कर मार दी।

    कार से उतरते ही बदमाशों ने उनसे झगड़ा शुरू किया और अचानक पिस्टल निकाल ली। इसी दौरान बाइक से उनके अन्य साथी भी वहां पहुंच गए। बदमाशों ने पिस्टल के बट और हथौड़े से संतोष तिवारी के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए और बदमाश उनकी कार लेकर फरार हो गए।

    कितना माल लूटा गया

    लुटेरे कारोबारी की कार में रखे: 2 किलो 200 ग्राम सोना, 3 लाख 50 हजार रुपए नकद इस तरह लूट का कुल मूल्य लगभग 3 करोड़ 35 लाख रुपए बताया जा रहा है।

    CCTV में कैद हुई वारदात

    घटना का CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें बदमाश कारोबारी पर हमला करते नजर आ रहे हैं। एक आरोपी बाइक से उतरकर फायर करते हुए भी दिख रहा है। हालांकि पुलिस ने फायरिंग की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मौके से एक मैगजीन और बुलेट बरामद हुई है।

    जानिए क्या है पूरा मामला ?

    दरअसल, शहर के अरपापार स्थित पॉश कॉलोनी राजकिशोर नगर निवासी संतोष तिवारी की राजकिशोर नगर वसंत विहार चौक में महालक्ष्मी ज्वेलरी शॉप है। सराफा कारोबारी संतोष बिक्री के लिए दुकान में रखे सोने के जेवरों को रोज कार से लाना-ले जाना करते हैं।

    मंगलवार रात करीब 8.30 बजे वो दुकान बंद कर अपनी कार में गहनों को रखकर घर जा रहे थे। अभी वो राजकिशोर नगर कॉलोनी के बीएसएनल ऑफिस गली के तिराहे पर पहुंचे। उसी समय सामने एक सफेद रंग की कार (सीजी 10 बीजे 8147) खड़ी थी।

    उनकी कार आते देखकर सामने कार में सवार ड्राइवर ने टक्कर मार दी, जिससे सराफा कारोबारी की कार पर डैश लगा। जिसके बाद वो कार से बाहर निकले।

    प्लानिंग के तहत विवाद और हमला

    इस दौरान कार सवार बदमाशों ने प्लानिंग के तहत सराफा कारोबारी से विवाद शुरू किया, जिसके बाद पिस्टल निकालकर मारपीट करने लगे। इस बीच लुटेरों के बाइक सवार साथी भी वहां पहुंच गए। लुटेरों ने पिस्टल तान दिया।

    झूमाझटकी के दौरान पिस्टल से मैग्जीन नीचे गिर गया, जिसके बाद लुटेरों ने पिस्टल के बट और हथौड़े से कारोबारी के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में संतोष तिवारी खून से लथपथ होकर बुरी तरह से घायल हो गए। उन्हें छोड़कर लुटेरे उनकी कार लेकर फरार हो गए।

    घर से रिश्तेदार को बुलाया, खून से लथपथ थाना पहुंचे

    खून से लथपथ घायल सराफा कारोबारी संतोष दौड़ते हुए अपने घर गए, जहां अपने साले के साथ सरकंडा थाना पहुंचे और लूट की जानकारी दी। जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया।

    वहीं, लूट की खबर मिलते ही टीआई प्रदीप आर्य सहित पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। सीएसपी निमितेश सिंह, एडिशनल एसपी पंकज पटेल भी घटनास्थल पहुंचे।

    IG भी पहुंच गए घटनास्थल, पुलिस अफसरों को दिए दिशा निर्देश

    शहर में हुई लूट की बड़ी वारदात की खबर मिलते ही IG रामगोपाल गर्ग भी घटनास्थल पहुंचे। उनकी मौजूदगी में मौके को सील कर बारीकी से जांच की गई। जांच के लिए सर्च डॉग, फोरेंसिक टीम और फिंगर एक्सपर्ट को भी बुलाया गया।

    आईजी ने शहर के साथ ही जिले और पड़ोसी जिलों में भी नाकेबंदी कराने के निर्देश दिए। एएसपी पंकज पटेल ने बताया कि लूट की वारदात के बाद पूरा शहर हाई अलर्ट पर है। पुलिस सभी एक्जिट पाइंट पर नाकेबंदी कर कार की तालाश कर रही है। देर रात तक सभी संभावित ठिकानों में भी पुलिस दबिश दे रही।

    पुलिस को चकमा देने चोरी की कार और बाइक का इस्तेमाल

    वारदात के बाद लुटेरे अपनी बाइक और कार मौके पर छोड़ गए हैं। पुलिस को उम्मीद थी कि कार और बाइक के जरिए बदमाशों की पहचान आसानी से की जा सकती है।

    लेकिन, जब पुलिस ने कार और बाइक की जानकारी जुटाई, तब पता चला कि लुटेरों ने चोरी की वाहनों को वारदात में इस्तेमाल किया है।

    आउटर में मिली सराफा कारोबारी की कार

    इस वारदात के बाद से पुलिस टीम लगातार लुटेरों की तलाश में जुट गई है। शहर के आउटर इलाकों की तलाशी ली गई। खुद आईजी गर्ग सीपत क्षेत्र में घूमते रहे। इस दौरान शहर के आउटर में उरतुम के पास सराफा कारोबारी की कार बरामद हुई है।

    इससे अब आशंका है कि लुटेरों की संख्या करीब आधा दर्जन रही होगी। उनके गिरोह का सदस्य दूसरी गाड़ी से आउटर में उनका इंतजार कर रहा था। प्लानिंग के तहत लुटेरों ने आउटर में कार छोड़कर दूसरी गाड़ी से फरार हो गए।

    घायल कारोबारी की हालत

    संतोष तिवारी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके सिर पर गंभीर चोट आई है जिसके चलते उन्हे करीब 50 टांके लगे हैं फिल्हाल उनकी हालत नाजुक होने पर उन्हें ICU में रखा गया है

    पुलिस की कार्रवाई

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। IG रामगोपाल गर्ग, CSP और ASP ने जांच का नेतृत्व किया। वही फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगर एक्सपर्ट को बुलाया गया। जिसके बाद पूरे शहर और आसपास के जिलों में नाकेबंदी कर दी गई है।

    कारोबारी की कार बरामद

    पुलिस को शहर के आउटर इलाके उरतुम (सीपत क्षेत्र) में कारोबारी की कार मिली है। इससे आशंका है कि बदमाशों ने वहां कार छोड़कर दूसरी गाड़ी से फरार होने की योजना बनाई थी।

    चोरी की गाड़ियों से वारदात

    जांच में सामने आया है कि बदमाशों ने वारदात में जिन कार और बाइक का इस्तेमाल किया, वे चोरी की थीं। वही पुलिस को शक है कि बदमाशों ने पहले से कारोबारी की रैकी (निगरानी) की थी।

    उन्हें यह जानकारी थी कि कारोबारी किस समय दुकान बंद करता है, कौन सा रास्ता रोज इस्तेमाल करता है। इसके साथ ही CCTV फुटेज में बदमाशों को पहले से उनका पीछा करते हुए देखा गया है।

    बाहरी गैंग और स्थानीय बदमाश शामिल होने की आशंका

    पुलिस को शक है कि इस वारदात में: कोई बाहरी गैंग शामिल है साथ ही कुछ स्थानीय युवक भी जुड़े हो सकते हैं, जिन्हें कारोबारी की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी

    IG का बयान

    IG रामगोपाल गर्ग ने कहा: “लूट की गंभीर घटना हुई है। नाकेबंदी और तकनीकी इनपुट के जरिए आरोपियों की तलाश की जा रही है। मौके से मैगजीन और राउंड मिले हैं। जल्द आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।”

  • मुख्यमंत्री ने ‘सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का किया शुभारंभ, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

    मुख्यमंत्री ने ‘सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का किया शुभारंभ, प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया. उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.

    मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी. साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है. पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी.

    कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है. उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया. उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी.

    कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे.

    गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा. पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है. इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए.

  • 67 साल के इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर रणजी फाइनल में, बंगाल को 6 विकेट से हराया

    67 साल के इंतजार के बाद जम्मू-कश्मीर रणजी फाइनल में, बंगाल को 6 विकेट से हराया

      कल्याणी
    भारतीय घरेलू क्रिकेट में बड़ा उलटफेर करते हुए जम्मू-कश्मीर ने इतिहास रच दिया. 1959-60 में पहली बार रणजी खेलने वाली इस टीम ने 67 साल में पहली बार रणजी ट्रॉफी के फाइनल में जगह बना ली. सेमीफाइनल में दो बार की पूर्व चैम्पियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर जम्मू-कश्मीर ने अपने सफर का सबसे सुनहरा अध्याय लिख दिया.

    आकिब नबी का कहर, बंगाल 99 पर ढेर

    मैच की असली पटकथा तेज गेंदबाज आकिब नबी ने लिखी. उन्होंने दोनों पारियों में मिलाकर 9 विकेट झटके और बंगाल की दूसरी पारी को 25.1 ओवरों में 99 रन पर समेट दिया. पहली पारी में 328 रन बनाने वाली बंगाल टीम दूसरी पारी में पूरी तरह बिखर गई.

    जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 302 रन बनाए थे, जिससे मुकाबला संतुलन में था. लेकिन नबी की घातक गेंदबाज़ी ने लक्ष्य को 126 तक सीमित कर दिया.

    126 रनों का लक्ष्य, चौथे दिन संयमित पीछा
    तीसरे दिन के खेल समाप्ति तक जम्मू-कश्मीर 43/2 था. चौथे दिन सुबह शुभम पुंडीर (27) और कप्तान परस डोगरा (9) जल्दी आउट हो गए, जिससे थोड़ी घबराहट जरूर हुई.

    लेकिन इसके बाद वंशज शर्मा और अब्दुल समद ने मोर्चा संभाला. दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 55 रन की अहम साझेदारी की.

    वंशज शर्मा (43*) ने धैर्य और तकनीक का बेहतरीन मिश्रण दिखाया. अब्दुल समद (30*) ने आक्रामक अंदाज में मैच खत्म किया. जम्मू-कश्मीर ने 34.4 ओवरों में 126/4 बनाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की.

    लंबा सफर, अब फाइनल की दहलीज
    जम्मू-कश्मीर 2013-14 सीजन में एक दशक बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंचा था, लेकिन तब भी खिताबी रेस दूर थी. इस बार टीम ने न सिर्फ नॉकआउट पार किया, बल्कि फाइनल में प्रवेश कर यह साबित कर दिया कि अब उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता.

    संक्षिप्त स्कोर:
    बंगाल: 328 और 99

    जम्मू-कश्मीर: 302 और 126/4

    जम्मू-कश्मीर की यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, धैर्य और विश्वास की जीत है. अब सबकी नज़रें फाइनल पर टिकी हैं, जहां टीम इतिहास को और भी यादगार बनाने उतरेगी.

  • UP में अकेले चुनाव लड़ेगी BSP, टाइप-8 बंगला मिलने पर भी मायावती ने जताई अपनी राय

    UP में अकेले चुनाव लड़ेगी BSP, टाइप-8 बंगला मिलने पर भी मायावती ने जताई अपनी राय

     लखनऊ
    बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने गठबंधन को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं को पूरी तरह भ्रामक और निराधार करार दिया है. मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे गठबंधन से जुड़ी 'उल्टी खबरों' पर ध्यान न दें और 'हाथी की मस्त चाल' चलते हुए चुनावी तैयारियों में जुट जाएं. 

    मायावती का टार्गेट 2007 की तरह ही प्रदेश में बीएसपी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाना है. इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में खुद को आवंटित हुए टाइप-8 बंगले को लेकर भी सफाई दी और कहा कि यह सुरक्षा की दृष्टि से आवंटित किया गया है. 

    मायावती ने विरोधियों को नसीहत दी है कि बंगले को लेकर कोई भी गलत सूचना न फैलाएं.

    गठबंधन की अटकलों पर विराम

    मायावती ने कहा कि बीएसपी के किसी अन्य दल के साथ हाथ मिलाने की खबरें सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश हैं. उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाएं जानबूझकर चलाई जा रही हैं, जिससे कार्यकर्ताओं का ध्यान भटकाया जा सके. उन्होंने साफ लहजे में कहा कि पार्टी अपनी ताकत पर भरोसा करती है और बिना किसी बैसाखी के चुनाव लड़ेगी.

    कार्यकर्ताओं से 'हाथी की मस्त चाल' चलने की अपील

    मायावती ने कैडर में जोश भरते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को विरोधियों के दुष्प्रचार से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने नारा दिया कि पार्टी को 2007 वाला इतिहास दोहराना है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर जाकर जनता को बीएसपी की नीतियों से जोड़ने और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के संकल्प के साथ काम करने को कहा है.

    दिल्ली में बंगले के आवंटन पर दी सफाई

    दिल्ली में मिले नए सरकारी बंगले को लेकर हो रही चर्चाओं पर मायावती ने कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने बताया कि उन्हें सुरक्षा कारणों और प्रोटोकॉल के तहत टाइप-8 बंगला आवंटित किया गया है. उन्होंने साफ किया कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है और इसे लेकर किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी फैलाना गलत है.

  • परिवार की अनदेखी कर अरबाज से जोड़ा रिश्ता, झगड़े में इमोशनल हुईं निक्की — क्या है प्यार का पछतावा?

    परिवार की अनदेखी कर अरबाज से जोड़ा रिश्ता, झगड़े में इमोशनल हुईं निक्की — क्या है प्यार का पछतावा?

    मुंबई 

    अरबाज पटेल और निक्की तंबोली इन दिनों द 50 शो में नजर आ रहे हैं. रियलिटी शो में दोनों में कभी प्यार होता है, कभी तकरार.एक टास्क के दौरान दोनों में फिर झगड़ा देखने को मिला. झगड़े के दौरान निक्की इमोशनल हो गईं और अरबाज को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिससे फैन्स परेशान हो गए हैं. 

    इमोशनल हुईं निक्की 
    द 50 के लेटेस्ट एपिसोड में निक्की तंबोली की टीम अच्छे से टास्क परफॉर्म नहीं कर पाई और हार का सामना करना पड़ा. लेकिन अरबाज की टीम ने अच्छा परफॉर्म और टास्क जीत गए. अरबाज ने जीत को गर्लफ्रेंड निक्की के साथ सेलिब्रेट नहीं किया. निक्की को अरबाज की इस हरकत पर काफी गुस्सा आया, जिसे उन्होंने बॉयफ्रेंड से जाहिर किया. 

    अरबाज ने भी निक्की को जवाब दिया और कहा कि वो हमेशा उनसे लड़ती रहती हैं. टास्क के दौरान अरबाज को चोट भी पहुंची थी. बॉयफ्रेंड का गुस्सा देखकर निक्की इमोशनल हो जाती हैं. वो दिव्या से कहती हैं कि मैंने इसके लिए परिवार से झगड़ा किया और ये अब भी मुझे बुरा महसूस करा रहा है. हालांकि, बाद में अरबाज ने निक्की से अपनी गलती की माफी मांगी और दोनों का पैचअप हो जाता है. 

    टूटेगा रिश्ता?
    रियलिटी में अकसर कपल का रिश्ता या तो पहले से ज्यादा मजबूत हो जाता है या फिर टूट जाता है. निक्की और अरबाज के बीच झगड़े देखकर फैन्स परेशान हैं, क्योंकि कई दफा ऐसा हुआ जब रियलिटी शो पर जाकर सेलेब्स के रिश्ते टूटे हैं और बाद में उन्हें इस चीज का पछतावा हुआ है. अरबाज और निक्की की लवस्टोरी बिग बॉस मराठी सीजन 5 में शुरू हुई थी. बिग बॉस मराठी के बाद द 50 दूसरा ऐसा रियलिटी शो है, जिसमें दोनों ने साथ में हिस्सा लिया है.

    निक्की के पापा दोनों के रिश्ते के लिए राजी नहीं हैं. लेकिन निक्की ने परिवार के खिलाफ जाकर उनके साथ लिवइन में रहने का फैसला किया. देखते हैं कि शो खत्म होने के बाद दोनों के रिश्ते पहले से बेहतर हो जाते हैं या फिर बिखर जाते हैं. 

  • ब्लू लाइन मेट्रो के लिए जमीन अधिग्रहण, सैकड़ों मकान और दुकानें तोड़ने का फैसला तय

    ब्लू लाइन मेट्रो के लिए जमीन अधिग्रहण, सैकड़ों मकान और दुकानें तोड़ने का फैसला तय

    भोपाल 

    मेट्रो ट्रेन की ब्लू लाइन के लिए जिला प्रशासन ने  भदभदा डिपो चौराहा से रत्नागिरी करोंद तक 9 हेक्टेयर जमीन को अधिसूचित कर दिया है। इसमें बाधक निर्माण पहले ही चिह्नित कर लिए गए थे। इन्हें नोटिस देने, मुआवजा देने की प्रक्रिया की जा रही थी। हालांकि बीते एक साल में 40% को ही खाली कराया जा सका है। छह हेक्टेयर जमीन रेकॉर्ड में सरकारी दर्ज है। हालांकि मौके पर बाजार, आबादी है। अब इसे हटाने बड़ी कार्रवाई शुरू होगी।

    की थी अंडरग्राउंड मेट्रो की मांग

    बता दें, इसी लाइन के डिपो चौराहा से लिली टॉकीज तक के क्षेत्र में सांसद आलोक शर्मा ने अंडरग्राउंड की मांग की थी। हालांकि अधिसूचना पर में इसका जिक्र नहीं था। 

    14 किमी की लाइन, पुल बोगदा पर करेगी क्रॉस

    भोपाल के भदभदा से रत्नागिरी तक 14 किमी की एलीवेटेड लाइन बनाई जाएगी। पियर्स यानी मेट्रो एलीवेटेड लाइन के खंभों के लिए जमीन की टेस्टिंग हो चुकी है। अप्रेल तक काम दिखना शुरू हो जाएगा इस लाइन का काम वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।

  • CG की दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव 16 मार्च को, नतीजे भी उसी दिन; 2 अप्रैल को KTS तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल समाप्त

    CG की दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव 16 मार्च को, नतीजे भी उसी दिन; 2 अप्रैल को KTS तुलसी और फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल समाप्त

    रायपुर 

    छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटें अप्रैल में खाली हो रही हैं, जिनके लिए चुनाव का ऐलान हो गया है. 16 मार्च 2026 को देश के अलग-अलग राज्यों से खाली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की भी दो सीटें हैं, जिन पर चुनाव होगा. राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ में सुगबुगाहट पहले से ही शुरू हो चुकी थी. बता दें कि बीजेपी और कांग्रेस विधायकों की संख्या को देखते हुए एक-एक राज्यसभा सीट बीजेपी और कांग्रेस को मिल सकती है. इसके लिए अब सुगबुगाहट और तेज होने वाली है. 

    इन नेताओं का कार्यकाल पूरा 

    छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. दोनों नेताओं का कार्यकाल अप्रैल में ही खत्म हो रहा है, ऐसे में मार्च में सीटों को भरने के लिए राज्यसभा चुनाव होंगे. दोनों नेताओं का कार्यकाल खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ में नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं, क्योंकि अब एक सीट बीजेपी के खातें में जाने वाली है, ऐसे में बीजेपी के नेता भी सक्रिए हो रहे हैं, जबकि कांग्रेस के नेता भी एक सीट के लिए एक्टिव हो रहे हैं. क्योंकि यह देखना भी दिलचस्प होगा कि बीजेपी और कांग्रेस स्थानीय नेताओं को राज्यसभा भेजेगी या बाहरी नेताओं को भी मौका मिलेगा. 

    छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 5 सीटें

    राजीव शुक्ला (कांग्रेस) कार्यकाल: 2022–2028

    रंजीत रंजन (कांग्रेस) कार्यकाल: 2022–2028

    फूलो देवी नेताम (कांग्रेस) कार्यकाल: 2020–2026

    केटीएस तुलसी (आईएनसी) कार्यकाल: 2020–2026

    देवेन्द्र प्रताप सिंह (भाजपा) कार्यकाल: 2024–2030

    केटीएस तुलसी का कार्यकाल 2 अप्रैल को होगा समाप्त

    केटीएस तुलसी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। संसद में संवैधानिक और कानूनी मामलों पर उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा।

    फूलो देवी नेताम का कार्यकाल भी 2 अप्रैल को होगा पूरा

    फूलो देवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आने वाली आदिवासी नेता हैं। वह छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। सामाजिक और जनजातीय मुद्दों पर उनकी मजबूत आवाज रही है। वह भी वर्ष 2020 में राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं। उनका कार्यकाल भी 2 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा।

    कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नई सदस्यता 3 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।

    देशभर की 37 सीटों पर चुनाव होंगे

    चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इन सीटों में छत्तीसगढ़ की दो सीटें भी हैं, जो अप्रैल 2026 में रिक्त हो रही हैं। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 20 मार्च तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।

    छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की पांच सीटें 

    बता दें कि छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की पांच सीटें आती है. वर्तमान में कांग्रेस के पास चार और बीजेपी के पास एक सीट है. कांग्रेस से केटीएस तुलसी, फूलोदेवी नेताम, राजीव शुक्ला, रंजीता रंजन हैं, जबकि बीजेपी से देवेंद्र प्रताप सिंह राज्यसभा सांसद हैं. 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की वापसी के बाद अब राज्यसभा के समीकरण भी बदलते दिख रहे हैं, जहां छत्तीसगढ़ में बीजेपी के राज्यसभा सांसदों की संख्या बढ़ सकती है. क्योंकि बीजेपी के पास 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं, इसके अलावा एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से हैं, ऐसे में अब बीजेपी के राज्यसभा सांसदों की संख्या 3 हो सकती है, जबकि कांग्रेस के सांसदों की संख्या 2 हो सकती है. 

    किन राज्यों में कितनी सीटें खाली?

    राज्यसभा की इन 37 सीटों में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से सात सीटें खाली हो रही हैं. इसके अलावा तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच सीटें रिक्त होंगी. ओडिशा से चार और असम से तीन सीटों पर चुनाव होंगे. हरियाणा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से दो-दो सीटों, जबकि हिमाचल प्रदेश से एक सीट पर मतदान होगा. 

    इन सीटों का प्रतिनिधित्व कर रहे सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच पूरा हो रहा है. उनके रिटायरमेंट के बाद नए सांसद शपथ लेंगे.

    बिहार के इन दिग्गजों का कार्यकाल खत्म

    बिहार की 5 राज्यसभा सीटें भी अप्रैल में खाली हो रही हैं. रिटायर होने वाले प्रमुख चेहरों में राज्यसभा के उपसभापति और जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं. इसके साथ ही, मोदी कैबिनेट के मंत्री रामनाथ ठाकुर का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है. आरएलएम अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, आरजेडी से अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता भी इसी लिस्ट में हैं. बिहार की इन महत्वपूर्ण सीटों पर नए चेहरों के आने या पुराने सांसदों की वापसी पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं.

    देश के बड़े चेहरे जो होंगे रिटायर

    महाराष्ट्र से शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी और रामदास आठवले जैसे बड़े नेता रिटायर हो रहे हैं. तमिलनाडु से एम तंबीदुरै, तिरुचि शिवा और कनिमोझी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. पश्चिम बंगाल से साकेत गोखले और ऋतब्रत बनर्जी जबकि असम से रामेश्वर तेली विदा होंगे. छत्तीसगढ़ से केटीएस तुलसी, हरियाणा से रामचंद्र जांगड़ा और किरण चौधरी का नाम भी शामिल है. तेलंगाना से कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी भी रिटायर हो रहे हैं. इन सभी के स्थान पर अब नए सांसदों का चुनाव होगा.

  • कूनो में खुशखबरी: ‘गामिनी’ ने दिया 3 शावकों को जन्म, चीतों का कुनबा बढ़कर हुआ 38

    कूनो में खुशखबरी: ‘गामिनी’ ने दिया 3 शावकों को जन्म, चीतों का कुनबा बढ़कर हुआ 38

    श्योपुर

    मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर सुखद खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। शावकों के आगमन के साथ ही कूनो में चीतों का कुनबा और बढ़ गया है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता गामिनी द्वारा तीन शावकों को जन्म देना प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूर्ण होने के साथ ही यह नौवां सफल प्रसव है।

    सीएम मोहन यादव ने दी जानकारी

    भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 38 हो गई है. सीएम ने कहा कि गामिनी ने 3 शावकों को जन्म दिया है. पार्क चीतों के आने के बाद से नवां सफल प्रसव है.श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों के 3 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही 9वां सफल प्रसव है। सीएम ने आगे लिखा है कि भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। यह पूरे देश के लिए वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है।

    कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ ने आजतक को फोन कॉल पर बताया कि कूनो पार्क में चीता गामनी ने 3 आज तीन शावकों को जन्म दिया है,सभी शावक स्वस्थ्य हैं. कूनों के डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है.

    गामिनी ने दूसरी बार मां बनकर कूनो के कुनबे में वृद्धि की है। इन तीन नए सदस्यों के शामिल होने के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, कूनो में अब तक भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 पहुंच गई है। सरकार इसे वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मान रही है।