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  • राज्यपाल  रमेन डेका से राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष  चौरड़िया ने की सौजन्य भेंट

    राज्यपाल रमेन डेका से राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष चौरड़िया ने की सौजन्य भेंट

    रायपुर

    राज्यपाल  रमेन डेका से आज यहां लोेकभवन में छत्तीसगढ़ राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति  गौतम चौरड़िया ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने आयोग के कार्याे एवं गतिविधियों की जानकारी राज्यपाल को दी।  डेका ने इस संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश एवं मार्गदर्शन दिया।

    चौरड़िया ने 21 एवं 22 फरवरी 2026 को रायपुर में उपभोक्ता संरक्षण पर आयोजित हो रहे दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला हेतु बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल को आमंत्रित भी किया।

  • मुंबई ATS बनकर साइबर ठगी, RTO एजेंट से 17.15 लाख ऐंठे

    मुंबई ATS बनकर साइबर ठगी, RTO एजेंट से 17.15 लाख ऐंठे

    रायपुर

    राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों ने एक बार फिर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देकर बड़ी ठगी को अंजाम दिया है। आरोपियों ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताकर एक आरटीओ एजेंट और उसके पूरे परिवार को 24 घंटे तक वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट में रखा और 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। मामला रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। पीड़ित आरटीओ एजेंट शरद कुमार तिवारी की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, शरद कुमार तिवारी को अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई एटीएस का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार और बैंक खाते का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में हुआ है। गिरफ्तारी से बचने और जांच में सहयोग करने के नाम पर उन्हें वीडियो कॉल पर रहने के निर्देश दिए गए।

    आरोपियों ने पीड़ित को डराते हुए कहा कि यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसके बाद उन्हें और उनके परिवार को 24 घंटे तक डिजिटल निगरानी में रखा गया। इस दौरान बैंक खातों की जानकारी लेकर अलग-अलग किस्तों में कुल 17 लाख 15 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए गए।

    परिवार को भी रखा दबाव में
    साइबर ठगों ने परिवार के सदस्यों को भी वीडियो कॉल पर शामिल कर मानसिक दबाव बनाया। किसी को फोन न करने और घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दी गई। लगातार निगरानी और धमकी के चलते परिवार पूरी तरह सहम गया और आरोपियों के निर्देशों का पालन करता रहा।

    शिकायत के बाद मामला दर्ज
    जब ठगी का अहसास हुआ तो शरद कुमार तिवारी ने टिकरापारा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों और कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    पुलिस की अपील
    पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल पर खुद को पुलिस, सीबीआई, एटीएस या किसी केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताने वाले व्यक्तियों से सावधान रहें। किसी भी जांच एजेंसी द्वारा फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं किया जाता और न ही बैंक खातों की जानकारी मांगी जाती है। किसी भी संदिग्ध कॉल की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने में दें।

  • युद्ध के संकेत तेज! खामेनेई की अमेरिका को खुली चेतावनी — ‘समंदर में डुबो देंगे बेड़ा’

    युद्ध के संकेत तेज! खामेनेई की अमेरिका को खुली चेतावनी — ‘समंदर में डुबो देंगे बेड़ा’

      तेहारन
    अमेरिका और ईरान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास ऐसे हथियार हैं जो अमेरिकी जंगी बेड़ा तो तबाह कर सकते हैं. वहीं, ईरान के इस बयान से सप्ष्ट हो गया है कि वो भी युद्ध की तैयारी कर रहा है और अगर अमेरिका ने हमला किया तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा.

    दरअसल, अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी अचानक बढ़ते हुए पिछले 24 घंटे में 50 से अधिक लड़ाकू विमानों की तैनाती की.

    डिपेंडेंट फ़्लाइट-ट्रैकिंग डेटा और मिलिट्री एविएशन मॉनिटर्स के अनुसार, एफ-22, एफ-35 और एफ-16 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान मध्य पूर्व की ओर बढ़ते देखे गए हैं. इनके साथ कई हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर भी भेजे गए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी सेना लंबे वक्त तक सैन्य अभियान चलाने की तैयारी कर रही है. इससे पहले ट्रंप ने ऐलान किया था कि उन्होंने अमेरिकी सेना के कई उन्नत युद्धपोतों को मिडिल ईस्ट भेज दिया है.

    खामेनेई की अमेरिका को चेतावनी
    ट्रंप के इसी बयान पर पलटवार करते हुए खामेनेई ने सोशल मीडिया हैंडल पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें अमेरिका के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford को पानी के नीचे डूबा हुआ दिखाया गया है. साथ में एक कब्र का प्रतीक चिह्न लगा हुआ है.

    'युद्धपोत से ज्यादा खतरनाक होता है हथियार'
    खामेनेई ने अपनी पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों पर तंज कसते हुए लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार कहते हैं कि उन्होंने ईरान की ओर एक युद्धपोत भेजा है. बेशक, युद्धपोत एक खतरनाक सैन्य हार्डवेयर है, लेकिन उस युद्धपोत से भी अधिक खतरनाक वह हथियार है जो उस जहाज को समुद्र में डुबो सकता है. खामनेई का ये बयान ईरान की रक्षा क्षमताओं और उसकी जवाबी कार्रवाई की तैयारी को दिखा रहा है.

    वहीं, तेहरान और वॉशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस तरह की बयानबाजी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान ने इशारों में अपनी एंटी-शिप मिसाइल प्रणालियों की ताकत का जिक्र किया है. अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों की तैनाती को ईरान एक बड़ी चुनौती के रूप में देख रहा है, जिसके जवाब में उसने अब सार्वजनिक रूप से युद्धपोतों को नष्ट करने का डर दिखाया है. फिलहाल दोनों ओर से तनाव चरम पर है.

    ईरान नहीं मान रहा, बन सकती हैं जंग की वजह

    तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका-ईरान के बीच जिनेवा में हुई अप्रत्यक्ष वार्ताओं कुछ समझौतों पर सहमति बनी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं. इस वार्ता पर टिप्पणी करते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है, पर राष्ट्रपति द्वारा तय की गई कुछ रेड लाइन्स को ईरान स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है.

    दरअसल, जिनेवा में वार्ता के बाद ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने राज्य टेलीविजन को दिए बयान में कहा, 'अंततः हम कुछ मार्गदर्शक सिद्धांतों पर व्यापक सहमति बनाने में सफल रहे, जिनके आधार पर हम आगे बढ़ेंगे और संभावित समझौते पर काम शुरू करेंगे.'

    उन्होंने वार्ता को पिछले दौर से अधिक रचनात्मक बताया और कहा कि दोनों पक्ष अब ड्राफ्ट तैयार करेंगे, जिन्हें आदान-प्रदान करने के बाद तीसरे दौर की तारीख तय की जाएगी. विदेश मंत्री अराघची ने स्वीकार किया कि ट्रंप के करीबियों और दूतों के साथ बातचीत में मतभेदों को दूर करने में अभी समय लगेगा.

    'रेड लाइन्स'

    अराघची के इस बयान के बाद अमेरिका उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि कुछ मामलों में वार्ता अच्छी रही, उन्होंने बाद में मिलने पर सहमति जताई है. लेकिन अन्य मामलों में स्पष्ट था कि राष्ट्रपति ने कुछ रेड लाइन्स तय की हैं, जिन्हें ईरानी अभी स्वीकार करने और उन पर काम करने को तैयार नहीं हैं.

    वेंस ने बताया, 'अमेरिका चाहता है कि ईरान न केवल परमाणु कार्यक्रम बल्कि अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन देना भी बंद करे.'

    जिनेवा में दूसरे दौर की वार्ता

    आपको बता दें कि ओमान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच मंगलवार को तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में दूसरे दौर की वार्ता हुई, इस वार्ता को ईरानी विदेश मंत्री ने सकारात्म बताया और कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है और आगे की बैठक को लेकर भी बातचीत हुई है. हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बनी है, पर राष्ट्रपति द्वारा तय की गई कुछ रेड लाइन्स को ईरान स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है.

    'राष्ट्रपति के पास खुले हैं विल्कप'

    उन्होंने जोर दिया कि अमेरिका कूटनीति से समाधान चाहता है, लेकिन ट्रंप के पास सभी विकल्प खुले हैं. वेंस ने कहा, 'राष्ट्रपति ने कहा है कि हम बातचीत और कूटनीतिक वार्ता से इसे सुलझाना चाहते हैं, लेकिन राष्ट्रपति के पास सभी विकल्प टेबल पर हैं.'

    उन्होंने आगे कहा कि कूटनीति कब समाप्त होगी, ये फैसला ट्रंप का होगा. 'हम इसे जारी रखेंगे, लेकिन राष्ट्रपति ये कहने का अधिकार रखते हैं कि कूटनीति अपनी प्राकृतिक सीमा पर पहुंच गई है. हम उम्मीद करते हैं कि ऐसा नहीं होगा, लेकिन अगर हुआ तो ये राष्ट्रपति का फैसला होगा.'

    खामेनेई की चुनौती

    उधर, वार्ता के दौरान ही ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को सीधी चुनौती दी. उन्होंने कहा कि ईरान के पास क्षेत्र में तैनात अमेरिकी युद्धपोतों को डुबाने की क्षमता है. इसके तुरंत बाद ईरानी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लाइव-फायर ड्रिल के लिए कुछ घंटों के लिए बंद कर दिया गया था. ये कदम ऐसे वक्त में उठाया गया, जब अमेरिका ने क्षेत्र में दो विमानवाहक पोत तैनात किए हैं, जिनमें 'USS अब्राहम लिंकन' ईरानी तट से महज 700 किलोमीटर की दूरी पर है.

    प्रतिबंधों से राहत चाता है ईरान

    वहीं, ईरान लंबे वक्त से अमेरिका द्वारा लगाए गए व्यापक प्रतिबंधों से राहत चाहता है, जिसमें अन्य देशों द्वारा ईरानी तेल खरीद पर प्रतिबंध शामिल है. तेहरान ने जोर दिया है कि वार्ता केवल परमाणु मुद्दे तक सीमित रहे, जबकि अमेरिका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को समर्थन जैसे अन्य मुद्दों को भी शामिल करना चाहता है.

    इस अलावा ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने दोहराया कि उनका देश परमाणु हथियार नहीं चाहता और वे सत्यापन के लिए तैयार हैं. अगर कोई इसकी पुष्टि करना चाहता है, तो हम ऐसी पुष्टि के लिए तैयार हैं.

    ओमान की मध्यस्ता में हुई वार्ता के बाद विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी ने कहा कि दोनों पक्षों ने अच्छी प्रगति की है, लेकिन साथ ही उन्होंने ये भी आगाह किया कि अभी बहुत काम करना बाकी है.

    आपको बता दें कि पिछले साल जून में इजरायल ने ईरान पर आश्चर्यजनक हमले किए थे, जिसके बाद दोनों के बीच 12 दिनों तक भीषण संघर्ष चला. इसके बाद अमेरिका ने ईरानी परमाणु साइट्स पर बमबारी की थी. पश्चिमी देशों को आशंका है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम बम बनाने का है, जिसे तेहरान नकारता है.

  • मुख्यमंत्री  साय से छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात, 80 वॉ महा- अधिवेशन का दिया न्यौता

    मुख्यमंत्री साय से छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात, 80 वॉ महा- अधिवेशन का दिया न्यौता

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज महानदी भवन में छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।

    इस दौरान समाज के पदाधिकारियों ने 21 व 22 फरवरी 2026 को बलौदाबाजार -भाटापारा जिले के ग्राम चाँपा (सैंहा)में आयोजित हो रहे 80 वॉ छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज महा-अधिवेशन के लिए निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

    इस अवसर पर राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा,केन्द्रीय महामंत्री यशवंत सिंह वर्मा, कोषाध्यक्ष जागेश्वर बघेल, राज प्रधान बलौदाबाजार मती सुनीता वर्मा,चन्दखुरी चिन्ता राम वर्मा, रायपुर जगेश्वर प्रसाद वर्मा अर्जुन राज हरी राम वर्मा ,हरिश्चंद्र वर्मा, रघुनंदन वर्मा सहित समाज के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी गण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

  • बजट 2026-27 “समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” के लक्ष्य की प्राप्ति में सशक्त कदम: राज्यमंत्री  पटेल

    बजट 2026-27 “समृद्ध मध्यप्रदेश @2047” के लक्ष्य की प्राप्ति में सशक्त कदम: राज्यमंत्री पटेल

    भोपाल

    लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को दूरदर्शी, समावेशी और जनकल्याणकारी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के सशक्तिकरण के साथ औद्योगिकीकरण और अधोसंरचना विकास को गति देने वाला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त, नेतृत्व में यह बजट "समृद्ध मध्यप्रदेश @2047" के लक्ष्य की प्राप्ति में यह सशक्त कदम है। उन्होंने सर्वस्पर्शी भविष्योन्मुख बजट के लिए उप मुख्यमंत्री  देवड़ा का आभार व्यक्त किया है।

    राज्यमंत्री  पटेल ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वर्ष 2026-27 के लिए 23,747 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक प्रावधान किए गए है। राज्यमंत्री  पटेल ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त कर वर्ष-2047 तक मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने में सहायक होगा।

     

  • लीलाटोला में शराब दुकान हटाने को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन, ग्रामीणों में आक्रोश

    लीलाटोला में शराब दुकान हटाने को लेकर जोरदार धरना प्रदर्शन, ग्रामीणों में आक्रोश

    राजेन्द्रग्राम.

    थाना करनपठार क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लीलाटोला में संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर बुधवार, 18 फरवरी 2026 को ग्रामीणों ने जोरदार धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और युवा इस आंदोलन में शामिल हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

    धरना प्रदर्शन का नेतृत्व पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि गांव में शराब दुकान संचालित होने से सामाजिक वातावरण प्रभावित हो रहा है और हाल ही में सामने आए छेड़छाड़ एवं मारपीट के आरोपों ने ग्रामीणों में आक्रोश और बढ़ा दिया है।

    धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि 13 फरवरी की रात आदिवासी युवतियों के साथ कथित अभद्रता और उनके परिजनों के साथ मारपीट की घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। मामले में थाने में शिकायत भी दी गई है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है । प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, शराब दुकान की जांच और उसे तत्काल हटाने की मांग की। आंदोलन के दौरान “नशा मुक्त गांव” और “शराब दुकान हटाओ” जैसे नारे गूंजते रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उचित कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

  • मुख्यमंत्री साय बोले— जनगणना 2027 राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव

    मुख्यमंत्री साय बोले— जनगणना 2027 राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव

    रायपुर

     भारत की जनगणना-2027 के सफल संचालन के लिए आयोजित राज्य एवं संभाग स्तरीय अधिकारियों के प्रशिक्षण सम्मेलन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है. उन्होंने प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व को पूरी गंभीरता, सटीकता और संवेदनशीलता के साथ निभाने का आह्वान किया.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2027 की जनगणना स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना प्रशासन की विश्वसनीयता और शासन की पारदर्शिता की परीक्षा है. यदि आंकड़े अधूरे या त्रुटिपूर्ण होंगे तो विकास योजनाओं का लक्ष्य प्रभावित होगा. एक भी व्यक्ति या परिवार छूटना नहीं चाहिए, क्योंकि इससे विकास की प्रक्रिया अधूरी रह सकती है.

    उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी. मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल के माध्यम से डेटा संकलन किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी होगी. छत्तीसगढ़ में प्रथम चरण अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 1 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा. यह कार्य प्रदेश के 33 जिलों, 252 तहसीलों और 19,978 गाँवों में संपन्न किया जाएगा.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-गणना की सुविधा से जनभागीदारी बढ़ेगी और जनता का विश्वास ही जनगणना की सफलता का आधार है. यह कार्य विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत-2047 की नींव रखने वाला सिद्ध होगा.

    प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव विकासशील ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसमें तथ्यों का व्यवस्थित एवं प्रमाणिक संकलन किया जाता है. उन्होंने अधिकारियों से सभी निर्धारित कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए.

    मुख्य सचिव ने प्रगणकों के प्रशिक्षण में सपोर्टिव सुपरविजन की तकनीक अपनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों को निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग मिलना चाहिए, जिससे त्रुटियों की संभावना न्यूनतम हो.

    उन्होंने नई भवन अनुज्ञाओं को पूर्व से ही ट्रेस करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि मकान सूचीकरण के दौरान कोई संरचना छूट न जाए. साथ ही सीमावर्ती जिलों के संदर्भ में उन्होंने वर्ष 2001 के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में चले गए व्यक्तियों की गणना में दोहराव से बचने के लिए विशेष सावधानी बरती जाए.

    मुख्य सचिव ने कहा कि जनगणना की सफलता सूक्ष्म योजना, समन्वय और सटीक क्रियान्वयन पर निर्भर करती है, इसलिए सभी अधिकारी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ इस राष्ट्रीय दायित्व का निर्वहन करे.

    इस अवसर पर भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक एवं सांख्यिकीय कार्यों में से एक है. यह हमारे लोकतंत्र की आधारशिला है और नीति-निर्माण व विकास योजनाओं की दिशा तय करती है. उन्होंने बताया कि भारत में पहली संगठित जनगणना वर्ष 1872 में प्रारंभ हुई थी और आगामी जनगणना देश की 16वीं तथा स्वतंत्रता के बाद की 8वीं जनगणना होगी.

    उन्होंने कहा कि 150 वर्षों की परंपरा वाली भारतीय जनगणना गाँव, कस्बा और वार्ड स्तर तक प्राथमिक आँकड़ों का सबसे बड़ा स्रोत है. इसमें मकानों की स्थिति, सुविधाएँ, परिसंपत्तियाँ, जनसांख्यिकीय विवरण, धर्म, अनुसूचित जाति-जनजाति, भाषा, शिक्षा, आर्थिक गतिविधि, प्रव्रजन एवं प्रजनन से संबंधित सूक्ष्म एवं विश्वसनीय आँकड़े संकलित किए जाते हैं.

    गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज पिंगुआ ने कलेक्टरों को जनगणना-2027 से संबंधित कार्यों के बारे में विस्तार से दिशा-निर्देश दिए. राज्य स्तरीय संभागायुक्त-कलेक्टर सम्मेलन में राज्य शासन के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, सभी संभागायुक्त, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

  • कोच माइक हेसन से नाराज़गी, पाक कप्तान ने गुस्से में पटकी बोतल—बाबर आजम दिखे असहज

    कोच माइक हेसन से नाराज़गी, पाक कप्तान ने गुस्से में पटकी बोतल—बाबर आजम दिखे असहज

    कोलंबो

    नामीबिया के खिलाफ पाकिस्तान करो या मरो का मैच कोलंबो में खेल रहा है। इस मैच में पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा को कोच पर गुस्सा करते और बोतल फेंकते देखा गया है। इस घटना के दौरान बाबर आजम बीच में फंस गए और काफी असहज दिखाई दिए।

    पाकिस्तान खेमे में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। बुधवार को कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में नामीबिया के खिलाफ टीम के करो या मरो वाले ग्रुप ए टी20 विश्व कप 2026 मैच के दौरान डगआउट में तनाव साफ महसूस किया जा रहा था। रविवार को भारत से 61 रनों से हारने के बाद, पाकिस्तान के लिए नामीबिया के खिलाफ करो या मरो का मैच था, क्योंकि हार का मतलब टूर्नामेंट से एक बार फिर बाहर होना था। गेरहारद इरास्मस की टीम के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत पाकिस्तान के लिए अच्छी रही, क्योंकि कप्तान सलमान अली आगा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

    पाकिस्तान ने पारी की शुरुआत कुछ सतर्कता से की। साहिबजादा फरहान और साइम अयूब ने शुरू से ही आक्रामक बल्लेबाजी करने से परहेज किया। बाएं हाथ के बल्लेबाज अयूब एक बार फिर सस्ते में आउट हो गए, उन्होंने 12 गेंदों में 14 रन बनाए, लेकिन फरहान और कप्तान आगा ने सुनिश्चित किया कि पाकिस्तान मैच में बना रहे। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 42 गेंदों में 67 रन जोड़े, लेकिन आगा 23 गेंदों में 38 रन बनाकर आउट हो गए।

    विकेट गिरने के तुरंत बाद, टीवी कैमरों ने आगा और मुख्य कोच माइक हेसन के बीच गरमा-गरम बहस को कैद कर लिया। जब हेसन ने बोलना शुरू किया, तो ऐसा लगा कि पाकिस्तानी कप्तान खुश नहीं थे और उन्होंने गुस्से में पानी की बोतल फेंक दी। इस घटना को देखकर हेसन थोड़ा हैरान रह गए। उन्होंने कुछ कहा, जिस पर आगा ने बस सिर हिला दिया। बाबर आजम इस बहस के बीच फंस गए। उन्होंने कुछ नहीं कहा, बस शर्मिंदा से नजर आए।

    पाकिस्तान और नामीबिया के बीच हुए मैच में बाबर को बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेज दिया गया, क्योंकि उन्हें चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। अच्छी शुरुआत के बाद, पाकिस्तान प्रबंधन ने ख्वाजा नफे और शादाब खान को उनसे पहले बल्लेबाजी के लिए भेजने का फैसला किया। बाबर टूर्नामेंट में नीदरलैंड के खिलाफ पहले मैच से ही संघर्ष कर रहे हैं। 31 वर्षीय दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने नीदरलैंड और भारत के खिलाफ कई बार ढीले शॉट खेले हैं।

    भारत के खिलाफ खराब प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान ने शाहीन शाह अफरीदी को भी टीम से बाहर कर दिया। उस मैच में बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने दो ओवरों में 31 रन लुटा दिए थे।

    पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लेने के बाद पाकिस्तान ने साहिबजादा फरहान के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक की बदौलत 20 ओवरों में 199 रन बनाकर 3 विकेट गंवा दिए। फरहान 100 रन बनाकर नाबाद रहे और उन्हें शादाब खान का भी भरपूर साथ मिला। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 81 रनों की साझेदारी की। नामीबिया की ओर से इरास्मस ने एक विकेट लिया, जबकि जैक ब्रासेल ने 2 विकेट लेकर 48 रन दिए।

  • मध्यप्रदेश के नगरों के युगांतकारी परिवर्तन और आधुनिक अधोसंरचना का मार्ग प्रशस्त करेगा यह बजट : मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय

    मध्यप्रदेश के नगरों के युगांतकारी परिवर्तन और आधुनिक अधोसंरचना का मार्ग प्रशस्त करेगा यह बजट : मंत्री कैलाश विजयवर्गीय

    भोपाल 

    नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में प्रस्तुत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के शहरी परिदृश्य में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने वाला एक दूरदर्शी रोडमैप बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मध्यप्रदेश के नगरों के सुनियोजित विकास हेतु पूर्णतः संकल्पित है, जिसकी स्पष्ट झलक विभागीय बजट प्रावधानों में परिलक्षित होती है। यह बजट न केवल नगरीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की गुणवत्ता को संवर्धित करेगा, बल्कि विकास की उपलब्धता को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाकर नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करेगा।

    मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि आगामी 'सिंहस्थ-2028' को वैश्विक भव्यता और दिव्यता प्रदान करने के लिए बजट में 3060 करोड़ रूपये का ऐतिहासिक प्रावधान किया गया है, जो हमारी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक पर्यटन के प्रति शासन की अटूट आस्था को दर्शाता है। नगरीय निकायों को वित्तीय रूप से स्वावलंबी और प्रशासनिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रवेश कर के हस्तांतरण हेतु 3600 करोड़ रूपये तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के अनुरूप स्थानीय निकायों हेतु 2057 करोड़ रूपये के अनुदान का प्रावधान किया गया है, जिससे स्थानीय स्वशासन की नींव और अधिक सुदृढ़ होगी।

    अधोसंरचना विकास और जन-कल्याणकारी योजनाओं के मध्य अनूठे समन्वय पर बल देते हुए मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (अर्बन) बी.एल.सी. के अंतर्गत आवंटित 2000 करोड़ रूपये शहरी निर्धनों के 'निज निवास' के स्वप्न को साकार करने में निर्णायक सिद्ध होगी। साथ ही, अमृत 2.0 (मिलियन प्लस शहरों हेतु) 1418 करोड़ रूपये और स्थानीय निकायों को मूलभूत सेवाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 1058 करोड़ रूपये के विशेष अनुदान की व्यवस्था की गई है। महानगरों में त्वरित, सुगम एवं प्रदूषण मुक्त यातायात सुनिश्चित करने हेतु मेट्रो रेल परियोजना के लिए 656 करोड़ रूपये तथा सांस्कृतिक-आध्यात्मिक केंद्रों के उत्थान हेतु गीता भवन योजना के अंतर्गत 60 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। मंत्री  विजयवर्गीय ने विश्वास जताया कि यह बजट प्रदेश के 'सर्वस्पर्शी समावेशी विकास' का आधार स्तंभ बनेगा और 'समृद्ध मध्यप्रदेश @2047' के दूरगामी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक सशक्त एवं निर्णायक कदम सिद्ध होगा।

     

  • विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप, प्रदेश के समग्र विकास को गति देगा बजट : मंत्री सिंह

    विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप, प्रदेश के समग्र विकास को गति देगा बजट : मंत्री सिंह

    भोपाल.

    स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि उसे डॉ. मोहन यादव जैसे संवेदनशील मुख्यमंत्री मिले हैं। उनके नेतृत्व में वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह बजट समाज के हर वर्ग का कल्याण करने वाला बजट है। चाहे किसान हो, युवा हो, महिलाएं हों, सभी के विकास पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।  सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश के विजनरी मुख्यमंत्री  डॉ. मोहन यादव ने स्कूल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट 11 फीसदी बढ़ा दिया है। यह बजट न केवल स्कूली विद्यार्थियों का भविष्य सुनहरा बनाएगा, प्रदेश और देश के विकास के लिए बच्चों को तैयार करेगा। यह छात्रों के बेहतर भविष्य और मध्यप्रदेश के समग्र विकास की नींव को मजबूती देने वाला बजट है। मध्यप्रदेश के स्कूली बच्चों को भविष्य में नई दिशा मिलेगी। सरकार उनकी हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर है और उन्हें प्रदेश-देश के विकास के लिए तैयार करेगी।

    मंत्री  सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्कूल शिक्षा बजट में जो प्रावधान किए हैं, उनसे स्कूलों के नए भवन, सांदीपनि विद्यालय, खेलखूद भवन, प्रयोगशालाओं सहित कई नए निर्माण किए जाएंगे। इन नवाचारों से विद्यार्थियों को स्कूल में पढ़ाई में तो मदद मिलेगी ही, साथ ही उनका व्यक्तित्व विकास भी होगा। मध्यप्रदेश सरकार ने प्राथमिक शालाओं के लिए 11 हजार 444 करोड़ रुपये का बजट दिया है। यह बजट छात्रों की नींव मजबूत करेगा। इसी तरह माध्यमिक शालाओं के लिए 7 हजार 129 करोड़ रुपये का बजट है।

     सिंह ने कहा कि भविष्य में सांदीपनि विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यही कारण है कि इन विद्यालयों के लिए बजट में 3 हजार करोड़ से ज्यादा का बजट दिया गया है। अशासकीय विद्यालयों की ट्यूशन फीस भी सरकार देगी। इसके लिए सरकार ने 546 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। उन्होंने बताया कि पीएम  योजना के लिए सरकार ने विभाग को 530 करोड़ रुपये दिए हैं। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को 250 करोड़ रुपये के लैपटॉप दिए जाएंगे। इसी तरह मध्यप्रदेश सरकार जनजातीय छात्राओं को 210 करोड़ की साइकिलें देगी।

    मंत्री  सिंह ने कहा कि बच्चों की शिक्षा को बेहतर करने के लिए 101 करोड़ की पाठ्य सामग्री दी जाएगी। हमारी सरकार मेधावी छात्रों को 100 करोड़ रूपये की स्कूटी प्रदान करेगी। सरकार 5 हजार 649 करोड़ रुपये से समग्र शिक्षा अभियान को और गति प्रदान करेगी। 4 हजार 233 करोड़ रुपये से शासकीय हाई-हायर सेकेण्डरी शालाओं का निर्माण और विकास किया जाएगा।  सिंह ने कहा कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों का भी पूरा ध्यान रखा है। उनके मानदेय के लिए 1141 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है।

    गौरतलब है कि सरकार ने धरती आबा जन जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के लिए 208 करोड़ रुपये, शासकीय स्कूल-छात्रावास-पुस्तकालय-आवासीय खेलकूद भवनों के निर्माण-विस्तार के लिए 200 करोड़, हाई-हायर सेकेण्डरी स्कूलों में पढ़ने-लिखने की बैठक व्यवस्था एवं प्रयोगशाला के लिए 200 करोड़, पंचायती राज संस्थाओं के अध्यापक-संविदा शाला शिक्षकों को वेतन-मानदेय के लिए 146 करोड़, अशासकीय शालाओं को अनुदान देने के लिए 120 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान किया है।

    परि‍वहन व्‍यवस्‍था पर विशेष जोर

     सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने परिवहन के लिए भी विशेष प्रावधान किए हैं। वर्ष 2026-27 के लिए 230 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के लिए 54 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।