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  • भारत में हमेशा से “कौशल” की परम्परा रही है : तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार

    भारत में हमेशा से “कौशल” की परम्परा रही है : तकनीकी शिक्षा मंत्री परमार

    भोपाल

    उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री  इन्दर सिंह परमार ने कहा कि भारत हमेशा से "कौशल" का देश रहा है। भारत में, कौशल परम्परागत रूप से विद्यमान रहा है और यही कौशल अतीत में भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ भी रहा है। आज भी ग्रामीण भारत में, कौशल पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित हो रहा है। ग्रामीण भारत के इस परंपरागत कौशल को वर्तमान परिदृश्य की आवश्यकता अनुरूप, आधुनिक तकनीकों के साथ जोड़कर युगानुकुल परिप्रेक्ष्य में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मंत्री  परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में, राज्य सरकार युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।  परमार ने कहा कि उद्योगजगत एवं शैक्षणिक संस्थानों के मध्य खाई को पाटने के लिए सतत् कार्य कर रहे हैं। इसके लिए तकनीकी शिक्षा में, उद्योगजगत की आवश्यकता अनुरूप पाठ्यक्रम निर्माण किए जा रहे हैं। उद्योगों को इंडस्ट्री रेडी दक्ष मानव बल तैयार करने के लिए इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक संस्थानों में एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

    तकनीकी शिक्षा मंत्री  परमार गुरुवार को भोपाल स्थित क्रिस्प संस्थान (सेंटर फॉर रिसर्च एंडइंडस्ट्रियल स्टॉफ परफॉर्मेंस) में, बीपीसीएल (भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के सीएसआर अंतर्गत प्रशिक्षण शिविर परियोजना "स्वावलंबन" के समापन समारोह में, प्रशिक्षित युवाओं को सम्बोधित कर रहे थे।

    मंत्री  परमार ने कहा कि भारत को पुनः विश्वमंच पर अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए, युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण अपनाना होगा।  परमार ने कहा कि रोजगार प्राप्त करने वाले भी तैयार हों और रोजगार देने वाले भी तैयार हों, इसके लिए स्टार्टअप संस्कृति और स्किल आधारित रोजगार ही भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा।  परमार ने ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रिस्प संस्थान के प्रयासों की सराहना की।  परमार ने कहा कि ग्रामीण भारत में आज भी स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की संस्कृति प्रचलन में हैं। स्वदेशी के भाव को आत्मसात करने से, आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना साकार होगी।  परमार ने कहा कि स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष 2047 तक भारत को पुनः विश्वमंच पर सिरमौर बनाने के लिए सभी के संकल्पित प्रयासों एवं पुरुषार्थ की आवश्यकता है।

    समारोह में मंत्री  परमार ने प्रशिक्षित युवाओं को प्रमाण पत्र एवं चयनित युवाओं को जॉब ऑफर पत्र वितरित किए। साथ ही महाराष्ट्र के पुणे में जॉइनिंग के लिए चयनित युवाओं की बस को शुभकामनाओं सहित हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया।

    कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए, प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। संस्थान ने इसे युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    ज्ञातव्य है कि "स्वावलंबन" परियोजना के प्रथम चरण में भोपाल में 95 प्रशिक्षणार्थियों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, इनमें सभी 95 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ है, जो 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का प्रत्यक्ष प्रमाण है। इनमें से 80 प्रशिक्षित युवाओं ने समारोह उपरांत जॉब जॉइन करने के लिए पुणे के लिए प्रस्थान किया है।

    इस अवसर पर संचालक क्रिस्प  अमोल वैद्य, बीपीसीएल बीना रिफाइनरी के मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन)  शिरीष चंदेकर एवं मुख्य महाप्रबंधक (वित्त) बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी)  अय्तोदा किरण. एस सहित बीपीसीएल (बीना रिफाइनरी) एवं क्रिस्प संस्थान के विभिन्न पदाधिकारीगण, प्रशिक्षित एवं चयनित युवा उपस्थित थे।

     

  • भारत से हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल, पूर्व क्रिकेटर बोले—‘पहले हमसे डरता था भारत’

    भारत से हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल, पूर्व क्रिकेटर बोले—‘पहले हमसे डरता था भारत’

    नई दिल्ली
    टी20 विश्व कप में भारत से हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में रार मची हुई है। पहले पूर्व क्रिकेटरों ने मौजूदा टीम और मौजूदा क्रिकेटरों की आलोचना की। उन्हें कमतर बताया। जवाब में मौजूदा टीम के अहम सदस्य शादाब खान ने शेखी बघारी कि हमने तो कम से कम एक बार वर्ल्ड कप में भारत को हराया भी है, आप तो एक बार भी नहीं जीते। अब पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने शादाब को नसीहत देते हुए पूर्व क्रिकेटरों के कद का अपने अंदाज में जिक्र किया है। वहीं वर्ल्ड कप में भारत के हाथों हार के बाद मोहम्मद आमिर ने कहा है कि एक दौर था जब भारत हमसे खौफ खाता था। अब तो वे हमें गंभीरता से लेते तक नहीं। मोहम्मद आमिर ने हाल ही में पाकिस्तान की मौजूदा क्रिकेट टीम और 1990 के दशक की टीम से तुलना की। उन्होंने दावा किया कि एक दौर में पाकिस्तानी टीम को जो इज्जत मिलती थी, अब वह कम हो गई है।

    तब भारत हमसे खौफ खाता था: आमिर
    आमिर ने एक टीवी शो पर कहा, '90 के दशक की पाकिस्तान टीम और मौजूदा टीम में फर्क है। भारत तब हमसे खौफ खाता था, अब तो वे हमें गंभीरता से लेते तक नहीं। अब वे हमारे विकेट लेने और यहां तक कि मैच जीतने के बाद भी जश्न तक नहीं मनाते।'

    आमिर ने ये बातें टी20 वर्ल्ड कप में भारत के हाथों पाकिस्तान को 61 रनों से मिली हार के बाद कही थी। उस मैच के बाद पाकिस्तान के पूर्व ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी तो इतना भड़क गए थे कि टीम में बदाव की मांग कर दी। उन्होंने अपने दामाद शाहीन शाह अफरीदी तक को नहीं बख्शा। अफरीदी ने शाहीन, बाबर आजम और शादाब को टीम से बाहर करने की मांग कर दी। उन्होंने कहा कि अगर उनके हाथ में होता तो वे इन तीनों को ड्रॉप कर देते।

    सकलैन मुश्ताक की जेब में 10 शादाब खान आ जाएं: बासित
    शाहिद अफरीदी के बयान पर शादाब खान का पलटवार पूर्व क्रिकेटर बासित अली को तनिक भी रास नहीं आया। उन्होंने खान को नसीहत देते हुए कहा है, 'मेरी राय में शादाब खान को इस तरह की बातें नहीं करनी चाहिए। सकलैन मुश्ताक तो ऐसा गेंदबाज था कि उनकी जेब में 10 शादाब आ जाएं।'

    बासित अली ने उसके बाद एक घटना का जिक्र करते हुए शादाब के 'बचकानेपन' का किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा, ‘मैं अब एक ऐसी चीज का खुलासा करने जा रहा हूं जिसके बारे में कोई नहीं जानता है। मैं पाकिस्तान ए टीम को लेकर इंग्लैंड गया था। वह (शादाब) हर समय फोन पर ही लगा रहता था। मुझे उसके दोनों फोन छीनने पड़े थे।’

    शादाब खान ने आखिर कहा क्या था?
    शाहिद अफरीदी की तल्ख टिप्पणी से शादाब खान को मिर्ची तो बहुत लगी लेकिन उन्होंने तत्काल कोई जवाब नहीं दिया। बाद में बुधवार को नामीबिया के खिलाफ मैच में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अफरीदी को बहुत ही तीखा जवाब दिया। मैच में पाकिस्तान ने नामीबिया को एकतरफा हराया। शादाब खान ने बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया। 36 रन बनाए और तीन विकेट भी झटके।

    नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद शादाब खान ने शाहिद अफरीदी को टारगेट करते हुए कहा, ‘हमारे पूर्व क्रिकेटरों की अपनी राय है। उन्होंने पाकिस्तान के लिए अच्छा किया और यह भी सही है कि आखिरकार उन्होंने भारत को विश्व कप में कभी नहीं हराया।’ शादाब खान ने आगे कहा था, 'हम ही थे जिन्होंने 2021 के वर्ल्ड कप में भारत को हराया था। वर्ल्ड कप में हमने भारत को सिर्फ एक बार ही हराया है। हां, वे (पूर्व क्रिकेटर) दिग्गज हैं लेकिन उन्होंने वर्ल्ड कप में भारत के खिलाफ कुछ भी खास नहीं किया है।'

  • उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने 1.58 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन व लोकार्पण

    उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने 1.58 करोड़ के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन व लोकार्पण

    रायपुर

    मंगल भवन व सामुदायिक भवन, दादर बस्ती में सड़क का होगा कायाकल्प

    प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रममंत्री  लखनलाल देवांगन ने आज नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्र. 17 में मंगल भवन एवं 19 में सामुदायिक भवन एवं दादरखुर्द बस्ती के सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। वहीं वार्ड क्र. 19 मंे बनने जा रहे सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का शुभारंभ नारियल तोड़कर किया। इस मौके पर महापौर मती संजू देवी राजपूत, सभापति  नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद  नरेन्द्र देवांगन सहित वार्ड के पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। 

    नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 17 ढोढ़ीपारा भैंसखटाल में काली मंदिर के समीप 20 लाख रूपये की लागत से मंगल भवन का निर्माण कराया जाएगा, इसी प्रकार वार्ड क्र. 19 ढोढ़ीपारा के सामने स्थिता बस्ती में 20 लाख रूपये की लागत से क्षत्रिय राठौर समाज की मांग के अनुरूप 20 लाख रूपये की लागत से सामुदायिक भवन का निर्माण किया जाना हैं, जिसका विधिवत शुभारंभ आज उनके करकमलों से किया गया। निगम द्वारा वार्ड क्र. 34 दादर के कंकालिन मंदिर के सामने से जगन्नाथ मंदिर होते हुए मुख्य द्वार तक सड़क डामरीकरण का कार्य 01 करोड़ 18 लाख रूपये की लागत से निगम द्वारा कराया जाना हैं।

    इस अवसर पर उद्योग मंत्री  देवांगन ने संबोधित करते हुए कहा कि मैं आप सबके परिवार का एक छोटा सा सदस्य हूॅं, मेरे ऊपर आप सबका पूरा अधिकार है, आपकी विकास संबंधी जो भी आवश्यकताएं होंगी, उन्हें पूरा करना, मेरा प्रथम लक्ष्य है, उन्हें अवश्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां पर मंगल भवन व सामुदायिक भवन का निर्माण होने से बस्तीवासियों के अपने पारिवारिक, सामाजिक व सार्वजनिक कार्यक्रमों हेतु सुविधायुक्त स्थल उपलब्ध हो सकेगा, बस्तीवासियों की यह पुरानी मांग थी, जो आप सब के आशीर्वाद से आज पूरी हो रही है। 

     देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री  मोदी की गारंटी को समय-सीमा में पूरा किया है तथा  साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार समाज के सभी वर्गाे के हितों के लियेे, प्रदेश के सर्वागीण विकास के लिये लगातार कार्य कर रही है। आज मुख्यमंत्री  साय ने इन जनहितैषी योजनाओं को पुनः संचालित कराया है, जिससे प्रदेश के गरीब, निर्धन, किसान, मजदूर, युवा, महिला सहित सभी वर्ग के लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 

     इस मौके पर अपने उद्बोधन में महापौर मती संजूदेवी राजपूत ने कहा कि उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन के मार्गदर्शन में कोरबा का तेजी से विकास हो रहा है, उन्होने अपने महापौर कार्यकाल में ऐतिहासिक रूप से विकास कार्य कराये थे, जो आज भी हम सबको दिखाई दे रहे हैं, अब पुनः कोरबा विकास के उसी रास्ते में चल रहा है, वर्षों की समस्याएं दूर हो रही हैं तथा निगम के सभी वार्ड, बस्तियों में वहॉं के रहवासियों की मांग, आवश्यकता व इच्छा के अनुरूप बडे़ पैमाने पर विकास कार्य कराये जा रहे हैं।
     
    इस अवसर पर पार्षद लक्ष्मण वास, मुकेश राठौर, सुनीता चौहान, ममता यादव, अजय गोंड़, रामकुमार साहू, मंडल अध्यक्ष मनोज लहरे, डॉ.राजेश राठौर, मिलाप बरेठ, जगदीश वास, सुनीता राठौर, कृष्णा द्विवेदी, प्रफुल्ल तिवारी, ईश्वर साहू, नारायण सिंह ठाकुर, पुनीराम देवांगन, नरेन्द्र पाटनवार, अनिल यादव, धनसाय साहू, संजय कुमवंशी, हारबाई यादव, आशीष द्विवेदी, सुरेन्द्र राजवाड़े, गिरधारी रजक, हरनारायण विश्वकर्मा, जितेन्द्र साहू सहित बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। 

  • सरप्राइज गिफ्ट के बहाने बुलाया, फिर दरिंदगी की हद पार—इंदौर का ‘पिशाच’ पीयूष गिरफ्तार

    सरप्राइज गिफ्ट के बहाने बुलाया, फिर दरिंदगी की हद पार—इंदौर का ‘पिशाच’ पीयूष गिरफ्तार

    इंदौर
    इंदौर में एमबीए छात्रा की निर्मम हत्या के मामले में रूह कंपा देने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी पीयूष ने जिस तरह से प्रेमिका की जान ली, उसने सनसनी फैला दी है। पुलिस ने घटनास्थल का रीक्रिएशन किया है। इसमें नई चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पीयूष ने सरप्राइज गिफ्ट के बहाने उसे बुलाया और फिर हैवानियत की सारी हदें पार कर दी। सीने पर चाकू टूटने तक वार करता रहा।

    'गिफ्ट' के बहाने बांधे हाथ-पैर और फिर कर दी हत्या
    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पीयूष ने वारदात वाले दिन छात्रा को कमरे में बुलाया था। वहां उसने छात्रा से कहा कि वह उसे एक सरप्राइज गिफ्ट देना चाहता है। इसी 'गिफ्ट' का झांसा देकर उसने छात्रा की आंखों पर पट्टी बांध दी और कमरे में पहले से मौजूद रस्सी और टेप की मदद से उसके हाथ-पैर बांध दिए। जब छात्रा ने खुद को बंधा हुआ पाया और विरोध किया, तो पीयूष अपनी असलियत पर उतर आया। उसने छात्रा का मुंह कपड़े से बंद कर दिया और उसके सीने पर बैठकर तब तक गला घोंटा और बेहोश कर दिया।

    हत्या के बाद दरिंदगी, लाश के पास बैठकर पी शराब
    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी की क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई। हत्या करने के बाद भी वह नहीं रुका। उसने पक्का करने के लिए छात्रा के सीने पर चाकू से जोरदार वार किया। प्रहार इतना तेज था कि चाकू का ब्लेड टूटकर शरीर में ही फंस गया। इसके बाद आरोपी कमरे से बाहर गया, शराब खरीदी और वापस आकर शव के पास बैठकर शराब पी। आरोपी ने कबूल किया कि उसने शव के साथ दुष्कर्म भी किया और फिर उसे निर्वस्त्र हालत में छोड़कर फरार हो गया।

    जांच में बड़े खुलासे
    पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल से कई अहम सबूत जुटाए हैं। हत्या में इस्तेमाल टूटा हुआ चाकू, रस्सी, चिपकाने वाला टेप और खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं। प्राथमिक जांच के अनुसार, आरोपी छात्रा के मोबाइल चैट्स को लेकर उस पर शक करता था। इसी वजह से उसने उसे खत्म करने की योजना बनाई। छात्रा के लापता होने के बाद 13 फरवरी को उसका शव किराए के कमरे से मिला था। आरोपी पीयूष वारदात के बाद मुंबई भाग गया था, जिसे पुलिस ने 14 फरवरी को अंधेरी इलाके से गिरफ्तार किया। फिलहाल आरोपी पुलिस कस्टडी में है और मामले की आगे की जांच जारी है।

    शक ने छात्रा की जान ले ली
    पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस जघन्य हत्याकांड के पीछे मोबाइल चैट्स को लेकर उपजा शक एक बड़ी वजह हो सकता है। पीयूष ने छात्रा के सहपाठियों के साथ हुई बातचीत को पढ़ लिया था। घटना वाले दिन छात्रा यह कहकर घर से निकली थी कि वह अपना आधार कार्ड ठीक कराने जा रही है, जिसके बाद उसके पिता ने उसे कलेक्ट्रेट के पास छोड़ा था, लेकिन बाद में उसने अपनी छोटी बहन को बताया कि वह पीयूष के साथ एक बर्थडे पार्टी में जा रही है और रात 11 बजे तक लौट आएगी। जब वह वापस नहीं आई, तो परिजनों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके कुछ दिनों बाद किराए के एक कमरे से उसका शव बरामद हुआ।

  • पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने लखनपुर क्षेत्र में 259.68 लाख रू. के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने लखनपुर क्षेत्र में 259.68 लाख रू. के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

    रायपुर

    धान उपार्जन केन्द्रों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, किसानों को मिलेगा सुव्यवस्थित और सुविधाजनक उपार्जन तंत्र

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने आज सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम केवरा, जमगला, पुहपुटरा, निम्हा, लहपटरा, खैरबार, केशवपुर, रामपुर एवं सुखरी के धान उपार्जन केन्द्रों में विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत भूमिपूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों की सुविधा और समृद्धि के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। इन धान उपार्जन केन्द्रों में बाउण्ड्री वाल निर्माण, कवर्ड प्लेटफार्म निर्माण तथा अन्य आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन सभी कार्यों पर कुल 259.68 लाख रू. की लागत से निर्माण कराया जाएगा।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले और उपार्जन प्रक्रिया पूरी तरह सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी हो। धान उपार्जन केन्द्रों में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ होने से किसानों को सुरक्षित भंडारण, सुगम परिवहन और व्यवस्थित व्यवस्था का लाभ मिलेगा। इससे उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता आएगी, जिससे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिक्री का पूरा लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसान हित सर्वाेपरि है। धान उपार्जन व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ ग्रामीण अधोसंरचना के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि गांवों में ही बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।

    धान उपार्जन केन्द्रों में आधारभूत संरचना सुदृढ़ होगी, किसानों को मिलेगा सुव्यवस्थित और सुविधाजनक उपार्जन तंत्र

    मंत्री  अग्रवाल ने आगे कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से धान खरीदी व्यवस्था और अधिक सुचारू होगी, जिससे किसानों को अनावश्यक असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही क्षेत्र में आधारभूत संरचनाएँ मजबूत होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने की दिशा में निरंतर 

    राज्य सरकार ने धान खरीदी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ले जाकर रजिस्ट्रेशन और भुगतान प्रक्रिया को तेज किया है। सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सड़क, भंडारण और बिजली सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। मंत्री अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि ये विकास कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे और छत्तीसगढ़ को किसान कल्याण का मॉडल राज्य बनाएंगे।

    पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड, बीमा योजनाओं और जैविक खेती प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया है। इन पहलों से किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य साकार हो रहा है। लखनपुर विकासखंड के इन ग्रामों में होने वाले कार्य पूर्ण होने पर न केवल उपार्जन केंद्र आधुनिक बनेंगे, बल्कि स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। 

    कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, कृषकों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति रही। उपस्थित किसानों ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए इसे किसान हित में महत्वपूर्ण पहल बताया।

  • कुमार सानू ने हिंदी फिल्म “दीप दुर्गा” के लिए दिल को छू लेने वाला गाना रिकॉर्ड किया

    कुमार सानू ने हिंदी फिल्म “दीप दुर्गा” के लिए दिल को छू लेने वाला गाना रिकॉर्ड किया

    मुंबई,

     बॉलीवुड के जानेमाने पार्श्वगायक कुमार सानू ने आने वाली हिंदी फिल्म "दीप दुर्गा" के लिए एक दिल को छू लेने वाला गाना रिकॉर्ड किया है। प्रिंस अब्दुल सिद्दीकी और आरके ठाकुर निर्मित इस फिल्म में यजुर मारवाह और तान्या मिश्रा जैसे शानदार कलाकार हैं, जो अहम रोल में हैं।

    रंगलाल आर निषाद के निर्देशन में बन रही फिल्म "दीप दुर्गा" एक सोचने पर मजबूर करने वाले धार्मिक और सामाजिक मुद्दे को दिखाती है, जिसे एक नए और रोमांचक तरीके से पेश किया गया है। फिल्म में प्रहवी पाठक, मुस्ताक खान, अजीत पंडित, हेमंत चौधरी, समिधा किरण, खुशबू कमल, साधना गुप्ता, करण ठाकोर, इरफान रजाक खान और राम विश्वकर्मा जैसे कलाकार भी हैं।
    जेपी बाबा के बनाये गए फिल्म के संगीत के बोल एसके सचिन ने लिखे हैं। कुमार सानू की इमोशनल आवाज़ गाने में जान डाल देती है, और कहानी में गहराई और बारीकियां जोड़ती है।

    "दीप दुर्गा" के निर्देशक रंगलाल आर निषाद ने कहा, "हमें बहुत खुशी है कि कुमार सानू ने हमारी फिल्म में अपनी आवाज़ दी है।" "यह गाना फिल्म की थीम के लिए एकदम सही है, और हमें यकीन है कि यह दर्शकों को पसंद आएगा।"

     

  • 13.6 किमी की 3 नई सड़कें बनने से गांवों का शहर से संपर्क होगा मजबूत

    13.6 किमी की 3 नई सड़कें बनने से गांवों का शहर से संपर्क होगा मजबूत

    रायपुर

    उप मुख्यमंत्री ने बैहरसरी में 25 लाख रुपए की सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा

    कवर्धा क्षेत्र में गांवों को शहर से जोड़ने के लिए 12 करोड़ 63 लाख 55 हजार रुपये की लागत से कुल 13.6 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे ग्रामीणों का आवागमन आसान होगा और उन्हें शहर तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक  विजय शर्मा ने आज तीन सड़कों के निर्माण, मजबूती और उन्नयन कार्य का भूमिपूजन किया।

    भूमिपूजन किए गए कार्यों में मेन रोड से बैहरसरी तक 6.05 करोड़ रुपए लागत की 8.80 किलोमीटर लंबी सड़क, मदनपुर से बटुराकछार तक 2.69 करोड़ रुपए लागत की 1.40 किलोमीटर लंबी सड़क एवं खड़ौदा से मदनपुर तक 3.87 करोड़ रुपए लागत की 3.40 किमी लंबी सड़क शामिल है। इन सड़कों के बनने से क्षेत्र के कई गांवों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी और लोगों की आवाजाही पहले से अधिक सुगम हो जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने ग्राम बैहरसरी में 25 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा भी की।

    उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हर गांव का विकास किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें अच्छी सड़कों के माध्यम से शहरों से जोड़ा जा रहा है। सड़क बनने से लोगों का आना-जाना आसान होगा और किसानों, विद्यार्थियों, मरीजों तथा आम लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। अच्छी सड़क होने से किसान अपनी फसल आसानी से बाजार तक पहुंचा सकेंगे, खर्च कम होगा और समय की बचत होगी। साथ ही बच्चों को स्कूल-कॉलेज जाने, मरीजों को अस्पताल पहुंचने में भी सुविधा मिलेगी। इससे पूरे क्षेत्र के विकास को बढ़ावा मिलेगा और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। 

    उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने विकसित भारत जी राम जी योजना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना के तहत अब प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पहले के 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। यदि निर्धारित समय में काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो संबंधित परिवार को बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी रखा गया है। उन्होंने कहा कि गांव के विकास की प्राथमिकताएं अब ग्राम पंचायत स्वयं तय करेगी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्य किए जा सकेंगे। इस योजना के माध्यम से जल संरक्षण, तालाब निर्माण, नाली-सड़क जैसी मूलभूत ग्रामीण अधोसंरचना, भूमि सुधार, पौधारोपण तथा अन्य विकास कार्य मनरेगा के तहत व्यापक रूप से कराए जा सकेंगे। इससे गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

    उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नई सरकार बनने के बाद गांव में प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुए हैं, जिससे पात्र परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवास प्लस 2024 सर्वे के माध्यम से ऐसे परिवारों की पहचान की गई है जो वास्तव में आवास के पात्र हैं। सर्वे सूची को ग्राम सभा में प्रस्तुत किया जाएगा और ग्राम सभा के प्रस्ताव के बाद सभी पात्र हितग्राहियों को क्रमवार आवास प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार कच्चे मकान में न रहे और सभी को सम्मानजनक एवं सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी, पूर्व अध्यक्ष जिला पंचायत  विदेशी राम धुर्वे,  विजय पटेल,  मनीराम साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।

  • “मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 979 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण का लाभ

    “मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना” के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 979 युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण का लाभ

    भोपाल

    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना "मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना" के तहत पंजीयन कराकर मध्‍यप्रदेश के 979 युवाओं को ऑन द जॉब ट्रैनिंग के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कराएगी। इसके लिए कंपनी द्वारा अलग-अलग 10 ट्रेडों में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान करने के उदृदेश्‍य से विभिन्‍न विषयों के इच्‍छुक युवाओं से MMSKY पोर्टल के माध्‍यम से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। कंपनी ने बताया है कि ‘’मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना’’ के तहत आवेदन करने के लिए इच्‍छुक अभ्‍यर्थी प्रशिक्षण से संबंधित अर्हताओें, रिक्‍त स्‍थानों के विवरण तथा अन्‍य आवश्‍यक जानकारी MMSKY पोर्टल पर देख सकते हैं।

    गौरतलब है कि "मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना" के तहत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन पास बेरोजगार युवाओं को इलेक्ट्रिशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर, लाइनमैन, स्टेनोग्राफर (हिंदी/अंग्रेजी),इंजीनियरिंग (सिविल/ इलेक्ट्रिकल),एग्जीक्यूटिव (एच आर/ आकाउंट) आदि पदों पर 979 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जायेगा।

    मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक  ऋषि गर्ग ने कहा है कि "मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना" के तहत व्यापक स्तर पर औपचारिक शिक्षा प्राप्त युवाओं को कंपनी में छात्र प्रशिक्षणार्थी के रूप में ऑन द जॉब ट्रैनिंग की सुविधा मिलेगी, जिससे एक ओर जहां युवाओं को औद्योगिक एवं व्यवसायिक प्रशिक्षण मिलेगा वहीं दूसरी ओर उन्हें काम के बदले स्टाइपेंड भी मिलेगा।

  • AI दिग्गजों की जंग नहीं थमी, पीएम मोदी की मौजूदगी में भी हाथ मिलाने से इनकार

    AI दिग्गजों की जंग नहीं थमी, पीएम मोदी की मौजूदगी में भी हाथ मिलाने से इनकार

    नई दिल्ली
    नई दिल्ली में आयोजित की जा रही एआई समिट की चर्चा दुनियाभर में हो रही है। एआई के क्षेत्र के तमाम दिग्गज इस समय भारत में मौजूद है। पीएम मोदी समेत इन नेताओं और एआई दिग्गजों में भारत मंडपम के मंच पर एक साथ खड़े होकर फोटो भी खिंचवाई, लेकिन इसी फोटो को खिंचवाते समय कुछ ऐसा हुआ जिसने सभी लोगों का ध्यान अपनी तरफ खींचा। दरअसल, सत्र के अंत में पीएम मोदी ने पारंपरिक फोटो सेशन के लिए सभी दिग्गजों को एक साथ मंच पर बुलाया। इस दौरान ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन और एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई पास में खड़े हुए थे, पीएम मोदी ने जैसे ही सभी को आपस में हाथ पकड़कर फोटो खिंचवाने की कोशिश की। इन दोनों ने आपस में हाथ नहीं मिलाया और बिना पकड़े ही हाथ खड़े कर दिए।

    एआई के क्षेत्र में प्रतिद्वंदिता की वजह से व्यवहार
    सैम ऑल्टमैन और डारियो के बीच हुए एक व्यवहार की वजह से दुनिया की नजर एआई के क्षेत्र में बढ़ती प्रतिद्वंदिता के ऊपर भी पड़ी है। दरअसल, एंथ्रोपिक की स्थापना ओपन एआई के ही पूर्व अधिकारियों द्वारा 2021 में की गई थी। जिनमें डारियो अमोदेई भी शामिल थे, जो पहले ओपनएआई के रिसर्च वाइस प्रेसिडेंट के रूप में कार्यरत थे। ऐसे में दोनों एक दूसरे को अच्छे से जानते हैं। एंथ्रोपिक के आने के बाद से दोनों के बीच बातचीत तो होती है, लेकिन साथ ही एक प्रतिद्वंदी की भावना भी है।

    दोनों ही पक्ष एक-दूसरे को अपना कड़ा प्रतिद्वंदी मानते हैं। सैम ऑल्टमैन को जहां ओपन एआई और चैटजीपीटी के लिए जाना जाता है, तो वहीं एंथ्रोपिक को क्लॉड के लिए जाना जाता है। एआई के क्षेत्र में दोनों टेक्नोलॉजी और मार्केट रणनीति को लेकर बार-बार आपस में उलझे हुए नजर आते हैं। इसी वजह से एआई इम्पैक्ट समिट में भी इन दोनों का आपस में हाथ न मिलाना भी एक कंपटीशन के तौर पर ही देखा गया है।

    एआई को लेकर भी सैम और डारियो के मतभेद हैं। उदाहरण के तौर पर सैम एआई मॉडल पर विज्ञापन दिखाने के पक्षधर हैं, तो वहीं डारियो इसके सख्त खिलाफ हैं। इसके अलावा एंथ्रोपिक खुद को एक सुरक्षा-केंद्रित एआई प्रयोगशाला के रूप में स्थापित करती है, जो अपने क्लाउड मॉडल परिवार के माध्यम से समन्वय और जिम्मेदार विकास पर जोर देती है। जबकि ओपनएआई सुरक्षा अनुसंधान के साथ-साथ तेजी से उत्पाद विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। इसी वजह से उसने चैटजीपीटी जैसे तमाम एआई उपकरणों को बड़े पैमाने पर बाजार में उतारा है। हालांकि दोनों के बीच में कोई आधिकारिक विवाद तो नहीं है, लेकिन एक ही फील्ड में होने की वजह से दोनों पक्षों की तरफ से लगातार एक-दूसरे के विरुद्ध रणनीतियां बनाई जाती रहती हैं।

     

  • शॉट पुट में जैस्मीन कौर का धमाकेदार प्रदर्शन, पहला स्थान किया अपने नाम

    शॉट पुट में जैस्मीन कौर का धमाकेदार प्रदर्शन, पहला स्थान किया अपने नाम

    नई दिल्ली
    लुधियाना में खेले जा रहे किला रायपुर स्पोर्ट्स गेम्स में फतेहगढ़ साहिब की जैस्मीन कौर का जलवा देखने को मिला। 15 साल की लड़कियों के बीच खेले गए मुकाबले में जैस्मीन ने शॉर्ट पुट एथलेटिक में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया। जैस्मीन अंडर-14 नेशनल गेम्स में भी अपना दमखम दिखा चुकी हैं, लेकिन यहां वह शॉर्ट पुट गेम्स में हिस्सा लेने पहुंची थीं। जीत के बाद जैस्मीन ने बताया कि उन्हें पहला स्थान हासिल करने के लिए बाकी खिलाड़ियों से जबरदस्त टक्कर मिली।

    पहले स्थान पर रहने के बाद जैस्मीन अपने प्रदर्शन से काफी खुश नजर आईं। जैस्मीन ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि यहां पर मुकाबला इतना मुश्किल होगा। उन्होंने बाकी खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। जैस्मीन ने बताया कि वह राज्य स्तर पर सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। इसके साथ ही वह जिला स्तर पर कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं। अंडर-14 स्तर पर जैस्मीन इससे पहले कई बड़ी उपलब्धियों को अपने नाम कर चुकी हैं।

    किला रायपुर स्पोर्ट्स गेम्स की शुरुआत 17 फरवरी से हुई है और यह टूर्नामेंट 19 फरवरी तक खेला जाना है। पहले दिन हॉकी और एथलेटिक्स के मुकाबले खेले गए। इस बार टूर्नामेंट में बैलगाड़ी की रेस भी कराई जा रही है, जो विशेष रूप से चर्चा का विषय बनी हुई है। दूसरे दिन शॉट पुट के अलावा 100 मीटर की रेस, लंबी कूद और कबड्डी के मैचों का भी आयोजन किया गया, जिसमें खिलाड़ियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

    टूर्नामेंट के आखिरी दिन की शुरुआत अंडर-17 कैटेगरी में लड़कियों के बीच कबड्डी मुकाबले के साथ होगी। इसके बाद शॉट पुट, हाई जंप, साइकिल रेस और 200 मीटर की दौड़ का आयोजन किया जाएगा। आखिरी दिन वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्पेशल रेस भी आयोजित की जाएगी। रायपुर स्पोर्ट्स गेम्स के तीनों ही दिन कई मशहूर कलाकार अपनी प्रस्तुति से समां बांधते हुए नजर आएंगे।