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  • एमपी से झारखंड के लिए नई ट्रेन को मंजूरी, सिंगरौली-चोपन-रांची रूट से सफर होगा आसान

    एमपी से झारखंड के लिए नई ट्रेन को मंजूरी, सिंगरौली-चोपन-रांची रूट से सफर होगा आसान

    भोपाल
    यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार करते हुए रेलवे मंत्रालय ने रांची रोड, टोरी और गढ़वा रोड के रास्ते एक जोड़ी नई ट्रेन के परिचालन को हरी झंडी दे दी है। आगामी 27 फरवरी से भोपाल-धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 11631/11632) का नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा। धनबाद मंडल के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि यह ट्रेन सप्ताह में तीन दिन चलाई जाएगी, जिससे मध्य प्रदेश और झारखंड के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

    आधुनिक कोचों से लैस होगी ट्रेन और संचालन का शेड्यूल
    यह नई ट्रेन अत्याधुनिक 22 एलएचबी (HLB) कोचों के साथ पटरी पर उतरेगी। इसमें वातानुकूलित प्रथम श्रेणी का एक, वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के दो, वातानुकूलित तृतीय श्रेणी के कोचों के साथ शयनयान श्रेणी और साधारण श्रेणी के चार कोच शामिल होंगे। शेड्यूल के अनुसार, गाड़ी संख्या 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस 27 फरवरी से प्रत्येक शुक्रवार, सोमवार और गुरुवार को भोपाल से संचालित होगी। वहीं, गाड़ी संख्या 11632 धनबाद-भोपाल एक्सप्रेस का परिचालन 1 मार्च से प्रत्येक बुधवार, शनिवार और रविवार को किया जाएगा।

    समय सारणी और प्रमुख ठहराव
    गाड़ी संख्या 11631 भोपाल से रात 20:55 बजे रवाना होगी। यह बीना, दमोह और कटनी मुरवाड़ा के रास्ते अगले दिन सुबह 8:45 बजे सिंगरौली, 10:20 बजे चोपन, 11:20 बजे रेणुकूट, 12:35 बजे गढ़वा और 13:20 बजे डालटेनगंज पहुंचेगी। इसके बाद दोपहर 14:52 बजे टोरी, शाम 17:05 बजे रांची रोड और अन्य स्टेशनों पर रुकते हुए रात 20:20 बजे धनबाद पहुंचेगी।

    वापसी का रूट और समय
    वापसी में गाड़ी संख्या 11632 धनबाद से सुबह 7:20 बजे प्रस्थान करेगी। यह सुबह 9:45 बजे रांची रोड, 11:20 बजे तोरी, दोपहर 12:46 बजे डालटेनगंज, 12:35 बजे गढ़वा, 12:08 बजे रेणुकूट, शाम 16:05 बजे चोपन और 18:50 बजे सिंगरौली स्टेशन पर रुकते हुए अगले दिन सुबह 7:00 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस नई रेल सेवा के शुरू होने से इन क्षेत्रों के रेल यात्रियों को आवागमन में काफी सुगमता होगी।

  • यह बजट छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है – राजेश अग्रवाल

    यह बजट छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है – राजेश अग्रवाल

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री  ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 राज्य के पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व विभागों के लिए व्यापक और दूरदर्शी प्रावधानों के साथ सामने आया है। छत्तीसगढ सरकार पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में स्थापित करने के संकल्प पर आगे बढ़ रही है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह बजट ‘सुरक्षित, सक्षम, और खुशहाल छत्तीसगढ़‘  के संकल्प को सिद्ध करने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के विजन और मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में यह बजट जन-आकांक्षाओं की पूर्ति रोजगार सृजन, किसानो के कल्याण, नारी शक्ति के सम्मान और प्रदेश की समृद्ध संस्कृति व पर्यटन के संवर्धन को नई गति प्रदान करेगा। 

    उन्होने आगे कहा कि यह बजट छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि बस्तर और सरगुजा की प्राकृतिक सुंदरता, मेलों-मड़इयों, उत्सवों और धार्मिक स्थलों को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए देश के प्रतिष्ठित टूर ऑपरेटरों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले एक वर्ष में बुनियादी ढांचे के विकास, होम-स्टे नीति, शक्तिपीठ सर्किट और सिरपुर परियोजना के माध्यम से पर्यटन और संस्कृति राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देंगे।

    भय और असुरक्षा की छवि से बाहर निकलकर आज बस्तर तेजी से पर्यटन हब के रूप में उभर रहा है। एक समय जिस बस्तर में जाने से लोग परहेज करते थे, आज वहीं के चित्रकोट, तीरथगढ़, धुड़मारास, टाटामारी और दोड़कल जैसे स्थल देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने से बस्तर और सरगुजा में होटल एवं आतिथ्य क्षेत्र में निवेश को औद्योगिक नीति के तहत अतिरिक्त लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिले, इसके लिए निवेश की पात्रता शर्तों को भी सरल बनाया गया है।

    पिछले बजट में घोषित छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति को लागू करते हुए इस वर्ष इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के ग्रामीण परिवारों को आय के नए अवसर मिलेंगे। स्थानीय संस्कृति, खान-पान और पारंपरिक जीवन शैली को अनुभव करने के इच्छुक पर्यटकों के लिए यह योजना आकर्षण का केंद्र बनेगी।

    सरगुजा अंचल के ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ कहे जाने वाले मैनपाट के विकास हेतु 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जशपुर के कोतेबिरा में धार्मिक पर्यटन विकास के लिए भी बजटीय व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही राज्य की धार्मिक आस्था को सशक्त करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ आस्था पथ (शक्तिपीठ भ्रमण) योजना’ प्रारंभ की जा रही है, जिसके लिए 5 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। कुदरगढ़, डोंगरगढ़, रतनपुर, चंद्रपुर और दंतेवाड़ा को शक्तिपीठ सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा। धार्मिक एवं ऐतिहासिक धरोहर सिरपुर के समग्र विकास के लिए 42.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर, संग्रहालय, महानदी तट पर रिवर फ्रंट, जनसुविधाओं का विस्तार और सड़क निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।

    जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच देने के लिए ‘जनजातीय सुर-गुड़ी स्टूडियो’ की स्थापना का निर्णय लिया गया है। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन हेतु संस्कृति विभाग के अंतर्गत 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद के निवास (डे-भवन) को राष्ट्रीय स्मारक के रूप में विकसित करने हेतु 5 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

    बस्तर और सरगुजा क्षेत्र में पर्यटन को गति देने के लिए व्यापक सड़क नेटवर्क विस्तार की योजना भी बजट में शामिल है। नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, सुकमा, जशपुर, कोरिया और बलरामपुर-रामानुजगंज सहित अनेक मार्गों के निर्माण एवं उन्नयन हेतु अलग-अलग मदों में करोड़ों रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दूरस्थ और प्राकृतिक स्थलों तक सुगम पहुंच सुनिश्चित होगी, जो पर्यटन वृद्धि में सहायक होगी।

    चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्रायबल कल्चरल कन्वेंशन सेंटर को 350 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित छत्तीसगढ़ टूरिज्म रोड शो के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। केंद्र की स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत कबीरधाम के भोरमदेव मंदिर परिसर के विकास हेतु 146 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी मिली है। बजट 2026-27 छत्तीसगढ़ में पर्यटन, संस्कृति और धर्मस्व को विकास के केंद्रीय स्तंभ के रूप में स्थापित करता है।

  • सुनेत्रा पवार की जगह पार्थ की एंट्री तय! आधी रात मुहर, BJP की लिस्ट में कौन शामिल?

    सुनेत्रा पवार की जगह पार्थ की एंट्री तय! आधी रात मुहर, BJP की लिस्ट में कौन शामिल?

    मुंबई
    महाराष्ट्र की सात राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है। महायुति की सरकार में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने इस संबंध में अपने उम्मीदवार को लेकर बड़ा फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार,सोमवार की रात प्रफुल्ल पटेल के आवास पर पार्टी की कोर कमेटी की हुई बैठक में पार्थ पवार को राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाने पर सहमति बनी है। इस अहम बैठक मुंबई में प्रफुल्ल पटेल के अलावा उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में केवल राज्यसभा उम्मीदवार ही नहीं, बल्कि पार्टी की आगामी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। 26 फरवरी को होने वाली इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर मुहर लग सकती है, जहां सुनेत्रा पवार का नाम सबसे आगे माना जा रहा है। यह बैठक मुंबई के वर्ली डोम में आयोजित होने की संभावना है।

    दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। ABP माझा के मुताबिक, इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निवास पर मंगलवार की रात करीब 10 बजे कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई है। पार्टी इस बार राज्यसभा की चार सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। इनमें रामदास अठावले का नाम लगभग तय माना जा रहा है, जबकि विनोद तावड़े, विजया रहाटकर और धैर्यशील पाटिल के नामों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।

    महाराष्ट्र में इस बार राज्यसभा की 7 सीटें खाली हैं और 286 विधायकों के आधार पर एक उम्मीदवार को जीत के लिए 37 वोटों की जरूरत होगी। आंकड़ों के अनुसार, सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के पास स्पष्ट बढ़त है। अकेले BJP के पास एक निर्दलीय को मिलाकर कुल (131+1) यानी 132 विधायकों का समर्थन है, जिससे वह 3 से 4 सांसद आसानी से भेज सकती है। वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) अपने 58 विधायकों के साथ एक सीट सुरक्षित कर सकती है, जबकि NCP (अजित पवार गुट) भी एक सीट जीतने की स्थिति में है क्योंकि अजित पवार की मौत के बाद उसके पास 40 विधायक हैं।

    इसके मुकाबले महाविकास अघाड़ी (MVA), जिसमें कांग्रेस, NCP (शरद पवार गुट) और शिवसेना (ठाकरे गुट) शामिल हैं, के पास कुल मिलाकर लगभग 49 विधायकों का समर्थन है। इस संख्या के आधार पर MVA केवल एक सीट ही सुरक्षित कर सकती है। राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से महायुति गठबंधन 6 सीटों पर मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन को सीमित सफलता मिलने की संभावना है। ऐसे में राज्यसभा चुनाव 2026 में सत्ता पक्ष का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है, लेकिन उम्मीदवारों के चयन और अंतिम रणनीति पर सबकी नजरें टिकी हैं।

  • बजट 2026-27 राज्य के लिए लाभदायक, हर वर्ग के लिए बेहतर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    बजट 2026-27 राज्य के लिए लाभदायक, हर वर्ग के लिए बेहतर: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ के बजट 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र को मिली ऐतिहासिक प्राथमिकता पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय एवं वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

    उन्होंने कहा कि यह इस सरकार का तीसरा बजट है, जो प्रदेश की 3 करोड़ जनता के सामाजिक तथा आर्थिक विकास के लिए समर्पित है। पिछले दो वर्षो में हासिल विकास की गति को यह बजट और तेज करने तथा छत्तीसगढ़ अंजोर, 2047 के लक्ष्यो की दिशा में आगे बढने के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है। यह बजट छत्तीसगढ़ को समृद्ध एवं खुशहाल बनाने का SANKALP है। 

    स्वास्थ्य मंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह बजट प्रदेश के लिए लाभदायक और हर वर्ग के लिए बेहतर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व और वित्त मंत्री की वित्तीय प्रतिबद्धता के परिणामस्वरूप स्वास्थ्य विभाग को व्यापक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के शासकीय कर्मचारियों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय ऐतिहासिक है।

    मंत्री  जायसवाल ने बताया कि बजट में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान भारत योजना के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अंबिकापुर एवं धमतरी में जिला अस्पताल भवन निर्माण, रायपुर (कालीबाड़ी) में 200 बिस्तरों वाले एमसीएच की स्थापना तथा चिरमिरी में जिला अस्पताल निर्माण जैसी महत्वपूर्ण घोषणाएं स्वास्थ्य अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगी।

    उन्होंने कहा कि दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में GNM प्रशिक्षण केंद्र, दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, कवर्धा, जांजगीर-चांपा एवं कुनकुरी में मेडिकल कॉलेज तथा कांकेर, कोरबा, मनेन्द्रगढ़, सरिया और महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना से चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। राजनांदगांव में फिजियोथेरेपी कॉलेज और रायपुर में उन्नत कार्डियक इंस्टिट्यूट की स्थापना से विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।

    इसके साथ ही 25 डायलिसिस केंद्र, 50 जन औषधि केंद्र तथा 25 से अधिक PHC, SHC एवं CHC भवन निर्माण का प्रावधान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को और व्यापक बनाएगा। बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट तथा रायपुर में राज्य के पहले होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना को भी मंत्री ने ऐतिहासिक निर्णय बताया।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विस्तार हेतु 25 करोड़ रुपये का प्रावधान गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

    मंत्री  जायसवाल ने कहा, “यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता के बेहतर स्वास्थ्य, समग्र विकास और सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री  ओ. पी. चौधरी के प्रति मैं प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बजट 2026-27 के ये प्रावधान छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

  • उड़ान के कुछ मिनट बाद समंदर में गिरा पवन हंस हेलिकॉप्टर, 7 लोग थे सवार—जानिए सबकी हालत

    उड़ान के कुछ मिनट बाद समंदर में गिरा पवन हंस हेलिकॉप्टर, 7 लोग थे सवार—जानिए सबकी हालत

    नई दिल्ली
    अंडमान में पवन हंस हेलिकॉप्टर क्रैश हो गया। जानकारी के मुताबिक उड़ान भरत ही यह समंदर में गिर गया। हेलिकॉप्टर में कम से कम सात लोग सवार थे जिन्हें सुरक्षित बचा लिया गया है। जानकारी के मुताबिक हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी की वजह से समंदर में इसकी क्रैश लैंडिंग करवानी पड़ी। घटना अंडमान सागर में हुई जहां पायलट ने सूझबूझ दिखाई और समंदर में इसकी क्रैश लैंडिंग करवा दी। हेलिकॉप्टर में दो क्रू मेंबर्स समेत कुल सात लोग थे।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत बचाव दल मौके पर पहुंचा और क्रू मेंबर्स व पैसेंजर्स को बाहर निकाला गया। जानकारी के मतुाबिक यह हेलिकॉप्टर पोर्ट ब्लेयर से मायाबंदर जा रहा था। उड़ान के बाद ही पायलट को तकनीकी खामी के बारे में पता चला। ऐसे में उसके पास समंदर में क्रैश लैंडिंग कराने का अच्छा विकल्प भी था। पवन हंस के प्रवक्ता ने बताया कि घटना सुबह 9.30 बजे करीब की है। यह हेलिकॉप्टर शॉर्ट लैंडिंग का शिकार हुआ है। घटना में यात्रियों और क्रू मेंबर्स को छोटी-मोटी चोटें आई हैं। कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है।

    बता दें कि पवन हंस देश की सबसे बड़ी सरकारी हेलिकॉप्टर कंपनी है। दुर्गम इलाकों में जाने के लिए इसके बनाए हेलिकॉप्टर्स का इस्तेमाल किया जाता है। बड़े नेता भी पवन हंस की सेवा का इस्तेमाल करते हैं। 1985 में इस कंपनी की स्थापना की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश के दुर्गम स्थानों को जोड़ना है।

    चतरा में एक दिन पहले ही विमान हादसा
    झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया थाना के खसियातु करम टांड जंगल में रांची से दिल्ली जा रहा एक एयर एंबुलेंस सोमवार को क्रैश हो गया था। इस विमान में कुल 7 लोग मारे गए। इनमें दो पायलट,एक डॉक्टर, एक नर्स और एक मरीज के साथ उनके दो सहयोगी शामिल थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बीचक्राफ्ट (बीई9एल) विमान वीटीएजेवी ने रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के कुछ ही समय बाद उससे संपर्क टूट गया।

    बारामती विमान हादसे में चली गई थी अजित पवार की जान
    बीते महीने 28 तारीख को बारामती में एक विमान हादसा हुआ था जिसमें महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और पायलट्स की जान चली गई थी। इस हादसे को लेकर कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं। एनसीपी नेताओं का कहना है कि घटना की जांच गहराई से होनी चाहिए क्योंकि इस घटना के बीछे साजिश की बू आ रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी घटना की सीबीआई जांच की मांग की है।

     

  • जुबिन नौटियाल को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने AI प्लेटफॉर्म्स पर लगाया पर्सनैलिटी राइट्स का पहरा

    जुबिन नौटियाल को बड़ी राहत: दिल्ली हाईकोर्ट ने AI प्लेटफॉर्म्स पर लगाया पर्सनैलिटी राइट्स का पहरा

    नई दिल्ली
    मशहूर गायक जुबिन नौटियाल की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उनकी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए एआई प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन माध्यमों पर सख्त रोक लगाने का अंतरिम आदेश दिया है। यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ ने पारित किया, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस तुषार राव गेडेला ने की। कोर्ट ने कहा, "जुबिन नौटियाल एक प्रसिद्ध और लोकप्रिय कलाकार हैं और पहली नजर में उनका मामला मजबूत है। अगर इस पर रोक नहीं लगाई जाती, तो उनकी छवि और पहचान को ऐसा नुकसान होगा, जिसकी भरपाई नहीं की जा सकती।" जुबिन नौटियाल ने अपनी याचिका में बताया कि उनका नाम, आवाज, गाने का खास अंदाज, स्वर और गायिकी की तकनीक, हाव-भाव, तस्वीरें, हस्ताक्षर और पूरी पहचान उनके व्यक्तित्व अधिकारों का हिस्सा हैं।
    उनका कहना था कि इन सभी चीजों का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना किसी भी तरह से करना कानून के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ एआई प्लेटफॉर्म्स उनकी आवाज और चेहरे की नकल करके फर्जी ऑडियो और विजुअल कंटेंट बना रहे हैं। मशीन लर्निंग और जनरेटिव एआई की मदद से ऐसे कंटेंट तैयार किए जा रहे हैं, जो बिल्कुल असली जैसे लगते हैं और इससे आम दर्शक या श्रोता आसानी से धोखा खा सकता है और यकीन कर सकता है कि खुद जुबिन नौटियाल उस कंटेंट से जुड़े हैं, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है।
    इसके अलावा, जुबिन ने कोर्ट को बताया कि कई ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर उनके नाम और तस्वीर वाले पोस्टर, डिजिटल आर्टवर्क और अन्य सामान बेचे जा रहे हैं। इन उत्पादों को मेरा समर्थन दिखाते हुए पेश किया जा रहा है। इस तरह का झूठा प्रचार उनकी छवि और विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।
    इन सभी तथ्यों पर विचार करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि कोई भी एआई प्लेटफॉर्म, वेबसाइट या अन्य संस्था सीधे या परोक्ष रूप से जुबिन नौटियाल के व्यक्तित्व अधिकारों का इस्तेमाल नहीं करेगी। इसमें विज्ञापन, डोमेन नेम, एआई वॉयस मॉडल, सिंथेटिक वॉयस, डिजिटल अवतार, डीपफेक या फेस मॉर्फिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं। यह रोक सोशल मीडिया, वेबसाइट्स और मेटावर्स जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होगी।
    कोर्ट ने ऑनलाइन इंटरमीडियरीज और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को यह निर्देश भी दिया कि वे ऐसे सभी लिंक, पोस्ट, वीडियो और ऐप्स को तुरंत हटाएं या ब्लॉक करें, जो जुबिन नौटियाल के अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। साथ ही, इन प्लेटफॉर्म्स को उन लोगों या संस्थाओं की उपलब्ध जानकारी साझा करने को कहा है, जो इस तरह का कंटेंट चला रहे हैं।
    इस आदेश को सही तरीके से लागू करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और दूरसंचार विभाग को भी मामले में शामिल किया गया है। कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को समन जारी करते हुए उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
    अब यह मामला सर्विस और प्लीडिंग्स पूरी करने के लिए 28 अप्रैल को जॉइंट रजिस्ट्रार के सामने लिस्ट किया गया है और दिल्ली हाई कोर्ट 25 अगस्त को इस पर सुनवाई करेगा।

  • सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रखने के लिए टीम इंडिया में बड़ा बदलाव जरूरी, इस खिलाड़ी की होगी छुट्टी?

    सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रखने के लिए टीम इंडिया में बड़ा बदलाव जरूरी, इस खिलाड़ी की होगी छुट्टी?

    नई दिल्ली
    साउथ अफ्रीका से भारत को मिली बड़ी हार के बाद टीम इंडिया की सेमीफाइनल की उम्मीदों को झटका लगा है। इस जख्म पर नमक वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच 100 से अधिक रनों से जीतकर छिड़का है। सुपर-8 के ग्रुप-1 में भारत सेमीफाइनल की रेस में काफी पिछड़ गया है, अगर टीम इंडिया को वापसी करनी है तो उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करनी होगी। इसके लिए भारत को अपनी बैटिंग पर काम करना होगा, जो साउथ अफ्रीका के खिलाफ बुरी तरह फेल हुई थी। ऐसे में पूर्व क्रिकेटर और मौजूदा एक्सपर्ट इरफान पठान ने सूर्यकुमार यादव और गौतम गंभीर को बैटिंग ऑर्डर में बदलाव करने का सुझाव दिया है।

    इरफान पठान का कहना है कि भारत को नंबर-3 और 4 की पोजिशन में बदलाव की जरूरत है। चोट के बाद वापसी कर रहे तिलक वर्मा उस रंग में नजर नहीं आ रहे, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। वहीं उनके नंबर-3 पर होने की वजह से टॉप-3 में तीनों लेफ्टी हो रहे हैं क्योंकि ईशान किशन और अभिषेक शर्मा ओपनिंग करते हैं। ऐसे में इरफान पठान ने सूर्यकुमार यादव को एक बार फिर नंबर-3 पर खेलने की सलाह दी है।

    ऐसे में तिलक वर्मा को नंबर-3 के पायदान के लिए कुर्बानी देनी होगी। तिलक ने साउथ अफ्रीका दौरे पर कप्तान सूर्यकुमार यादव से मांगकर नंबर-3 की पोजिशन ली थी और उस दौरे पर उन्होंने बैक टू बैक दो शतक जड़े थे। तिलक ने नंबर-3 पर तगड़ा प्रदर्शन किया है, मगर टी20 वर्ल्ड कप में उनका बल्ला रंग में नहीं दिख रहा है। इरफान पठान ने ब्रॉडकास्टर्स से कहा, "शायद सूर्या को नंबर 3 पर बैटिंग करनी चाहिए। असल में उन तीन लेफ्ट-हैंडर्स को एक के बाद एक आने से हटाने के लिए और बस उस मोनोटोनी को बदलने के लिए।"

    नंबर-3 पर सूर्यकुमार यादव के आंकड़े
    सूर्यकुमार ने T20I में भारत के लिए नंबर 3 पर बैटिंग करते हुए 32 मैचों में 32 की औसत और 158.53 के स्ट्राइक-रेट से 864 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने एक शतक और छह अर्द्धशतक बनाए हैं।

  • उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का किया शुभारंभ

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का किया शुभारंभ

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने इंदौर में महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और महर्षि डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का फीता काटकर शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि उक्त सेंटर उच्च और आधुनिक तकनीक से लैस है, जहां सफेद दाग का संपूर्ण उपचार होने के साथ-साथ पैर के अल्सर घाव का बेहतर तरीके से उपचार होगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने महर्षि विटीलिगो रिसर्च सेंटर और डायबिटीज एण्ड फुट केयर सेंटर का अवलोकन किया और चिकित्सकों से विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सेंटर के संचालक सफेद दाग विशेषज्ञ डॉ. संजय दुबे और मधुमेह विशेषज्ञ डॉ.अनुपमा दुबे को शुभकामना दी। कार्यक्रम में भारतीय जल सेना प्रमुख एडमिरल  दिनेश कुमार त्रिपाठी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया सहित चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

  • डीजीपी कैलाश मकवाणा ने किया 19वीं अखिल भारतीय पुलिस शूटिंग चैंपियनशिप–2025 का शुभारंभ

    डीजीपी कैलाश मकवाणा ने किया 19वीं अखिल भारतीय पुलिस शूटिंग चैंपियनशिप–2025 का शुभारंभ

    भोपाल

    इंदौर स्थित बीएसएफ के केंद्रीय आयुध एव युद्ध कौशल विद्यालय (सीएसडब्लूटी) द्वारा आयोजित 19वीं अखिल भारतीय पुलिस शूटिंग (खेल) चैंपियनशिप–2025 का उद्घाटन आज 24 फरवरी को इंदौर की रेवती रेंज में संपन्न हुआ। प्रतियोगिता का शुभारंभ मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा किया गया।

    पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन हेतु बीएसएफ एवं सीएसडब्ल्यूटी को बधाई देते हुए कहा कि ऐसी प्रतिस्पर्धाएँ बलों के बीच स्वस्थ खेल भावना, अनुशासन, एकाग्रता एवं पेशेवर दक्षता को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएँ दीं तथा खेल संस्कृति को पुलिसिंग के समग्र विकास का अभिन्न अंग बताया।

    उद्घाटन समारोह में बीएसएफ ब्रास बैंड द्वारा प्रस्तुत लयबद्ध संगीत के बीच केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों एवं विभिन्न राज्य पुलिस टीमों द्वारा आकर्षक परेड का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, 1,500 से अधिक बल एवं पुलिसकर्मी, उनके परिजन तथा बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

    यह प्रतियोगिता 24 फरवरी से 1 मार्च तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर की सीएपीएफ, राज्य पुलिस एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 600 से अधिक पुरुष एवं महिला निशानेबाज भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता का आयोजन अखिल भारतीय पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड के तत्वावधान में, गृह मंत्रालय, भारत सरकार के पर्यवेक्षण तथा भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ के तकनीकी सहयोग से किया जा रहा है।

    चैंपियनशिप में खेल हथियारों की कुल 17 स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं, जिनमें प्रतिभागी 204 पदकों (68 स्वर्ण, 68 रजत एवं 68 कांस्य) के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे। यह आयोजन राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं हेतु उभरती प्रतिभाओं की पहचान का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।

    उद्घाटन समारोह के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया जिसमें वेदांश इंटरनेशनल स्कूल कैंपस 2 के बच्चों द्वारा नृत्य एवं बीएसएफ जवानों द्वारा भांगड़ा का प्रदर्शन किया गया। इसके उपरांत पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा द्वारा पुराने और आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें बीएसएफ के प्रशिक्षण कार्यों को प्रदर्शित किया गया।

     

  • धर्म पर सवाल उठाने वाले को HC की सख्त टिप्पणी—पहले हिंदू धर्म त्यागो

    धर्म पर सवाल उठाने वाले को HC की सख्त टिप्पणी—पहले हिंदू धर्म त्यागो

    मद्रास
    यदि कोई व्यक्ति 'जाति और पंथ' का उल्लेख किसी प्रमाण पत्र में नहीं चाहता है तो फिर उसे अपना धर्म त्यागना होगा। इसके बाद ही उसे 'नो कास्ट, नो रिलीजन' वाला प्रमाण पत्र मिल पाएगा। मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने एक केस की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। जस्टिस कृष्णन रामस्वामी ने कहा कि हिंदू परंपरा के अनुसार जब तक कोई धर्म त्याग नहीं करता है, तब तक जाति और पंथ के उल्लेख के बिना प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता। ऐसी मांग को भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। यही नहीं जस्टिस रामस्वामी ने यह भी कहा कि जब कोई इस प्रकार धर्म का त्याग कर देगा तो फिर ऐसे किसी प्रमाण पत्र की जरूरत ही नहीं रहेगी।

    इस मामले में एक शख्स ने अर्जी दाखिल की थी। उसका कहना था कि तमिलनाडु के तिरुपत्तूर तालुक के तहसीलदार ने ऐसा प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर दिया है, जिसमें धर्म और जाति का उल्लेखन न हो। तहसीलदार के आदेश को उसने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। याची का कहना था कि भले ही मेरे माता-पिता हिंदू धर्म से ताल्लुक रखते थे। लेकिन मुझे ऐसा प्रमाण पत्र चाहिए, जिसमें जाति और धर्म का उल्लेख न हो। उसकी इस मांग को तहसीलदार ने यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ऐसे प्रमाण पत्र बनाने के संबंध में कोई सरकारी आदेश नहीं है।

    याचिका की सुनवाई करते हुए बेंच ने शख्स से पूछा था कि क्या आपने अपना वह धर्म त्याग दिया, जिसमें आपका जन्म हुआ था। इस पर याची ने कहा कि उसने अपना धर्मत्याग नहीं किया है। जस्टिस रामस्वामी ने कहा कि याची जब तक हिंदू धर्म के अनुसार अपना पंथ नहीं त्यागता है, तब तक उसकी अर्जी पर विचार नहीं किया जाएगा। अदालत ने यह भी कहा कि शख्स ने अपना धर्म त्यागने के संबंध में कोई प्रमाण भी प्रस्तुत नहीं किया है। ऐसी स्थिति में अदालत की ओर से तहसीलदार के आदेश को बरकरार रखा जाता है। बेंच ने अर्जी को खारिज कर दिया।

    अदालत बोली- धर्म छोड़ने का सबूत लाओ, फिर मिलेगा प्रमाण पत्र
    इसके साथ ही अदालत ने शख्स को यह राहत भी दी कि वह अपना धर्म छोड़ सकता है और उसका सबूत अथॉरिटी को सौंप सकता है। यदि ऐसे सबूत देते हुए आवेदन किया गया तो फिर विचार किया जा सकता है कि इस संबंध में प्रमाण पत्र जारी किया जाए। यह अपने आप में दिलचस्प मामला था, जिसके तहत शख्स सर्टिफिकेट में जाति और धर्म का उल्लेख नहीं चाहता था।