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  • डोपिंग टेस्ट से बचना पड़ा भारी: धाविका पूजा आत्माराम पर AIU का 3 साल का बैन

    डोपिंग टेस्ट से बचना पड़ा भारी: धाविका पूजा आत्माराम पर AIU का 3 साल का बैन

    नई दिल्ली
    एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (एआईयू) ने खुलासा किया है कि भारत की लंबी दूरी की धाविका पूजा आत्माराम पिछले साल प्रतियोगिता के दौरान होने वाले डोप परीक्षण से पहले घबराकर भाग गई थीं और यह अपराध स्वीकार करने के बाद उन पर चार के बजाय तीन साल का प्रतिबंध लगाया गया है।

    तीस वर्षीय पूजा 5000 मीटर और 10,000 मीटर स्पर्धाओं में भाग लेती हैं। उन्होंने 2024 में राजस्थान की तरफ से इंडियन ग्रां प्री दो में तीसरा स्थान हासिल किया था, जो उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। पिछले साल 23 नवंबर को मुंबई में इंडियन ऑयल डब्ल्यूएनसी नेवी हाफ मैराथन जीतने के बाद उन्हें डोप टेस्ट के लिए चुना गया था।

    एआईयू ने अपने फैसले में कहा, ‘‘दौड़ समाप्त होने के तुरंत बाद एक डोपिंग कंट्रोल ऑफिसर (डीसीओ) और एक लीड डीसीओ ने इस एथलीट को मौखिक रूप से डोपिंग टेस्ट के लिए चुने जाने की सूचना दी थी। सूचना मिलने के बाद इस एथलीट ने डोपिंग कंट्रोल फॉर्म (डीसीएफ) पर हस्ताक्षर नहीं किए।’’

    मौखिक सूचना मिलने के बाद एथलीट को फिनिश लाइन से डोपिंग कंट्रोल स्टेशन (डीसीएस) तक ले जाने के लिए एक सहायक साथ में था। इसी दौरान एथलीट सहायक से अलग होकर भीड़ में भाग गई।

    इसमें कहा गया है, ‘‘पर्यवेक्षक ने एथलीट का पता लगाने की कोशिश की और तुरंत सूचित किया कि परीक्षण के लिए चुने जाने की मौखिक सूचना डीसीओ को दिए जाने के बाद एथलीट भाग गई। उन्होंने इस संबंध में दौड़ के निदेशक को भी जानकारी दी।’’

    निदेशक ने उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी भी कॉल का जवाब नहीं दिया। पूजा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई इसी वर्ष तीन फरवरी को शुरू की गई थी। आरोप की सूचना मिलने के एक सप्ताह के भीतर ही उन्होंने अपने अपराध के लिए माफी मांग ली थी। इसके बाद एआईयू ने उसके चार साल के प्रतिबंध में से एक साल की छूट दी।

     

  • होली से पहले कर लें इंतजाम! मार्च में कई दिन बंद रहेंगे शराब के ठेके

    होली से पहले कर लें इंतजाम! मार्च में कई दिन बंद रहेंगे शराब के ठेके

    नई दिल्ली

    मार्च त्योहारों का महीना है, यह महिना होली से राम नवमी और ईद-उल-फितर के साथ पूरा होगा। लेकिन, शराब प्रेमीयों के लिए यह महीना थोड़ा सख्त होने वाला है। अगर आप त्योहारों पर शराब के साथ जश्न मनाने का प्लान बना रहे हैं, तो तैयार रहिए इस बार ऐसे मौके काफी सीमित हैं।

    ड्राई डे क्या है?

    'ड्राई डे' का मतलब सिर्फ शराब की बिक्री पर रोक है। रेस्टोरेंट, लग्जरी बार, होटल या कोई भी लाइसेंस्ड दुकान ग्राहकों को शराब नहीं परोस सकती। हालांकि, घर पर पहले से रखी शराब पीना पूरी तरह वैध रहता है। देशभर में होली, दिवाली, गांधी जयंती, अंबेडकर जयंती जैसे बड़े त्योहारों और चुनावी दिनों को ड्राई डे घोषित किया जाता है।

    इस साल मार्च में कुल पांच दिन शराब नहीं बिकेगी। इनमें प्रमुख त्योहार शामिल हैं:

    4 मार्च (बुधवार): होली
    21 मार्च (शुक्रवार): ईद-उल-फितर
    23 मार्च (सोमवार): शहीद दिवस (केवल महाराष्ट्र में)
    26 मार्च (शुक्रवार): राम नवमी
    31 मार्च (मंगलवार): महावीर जयंती
    2026 के बाकी 'ड्राई डे'

    मार्च के बाद सालभर में और कई मौके हैं जहां शराब प्रेमियों को इंतजार करना पड़ेगा।
    2026 में ड्राई डे की सूची

    अप्रैल:
    गुड फ्राइडे (3 अप्रैल)
    अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल)

    मई:
    बुद्ध पूर्णिमा व महाराष्ट्र दिवस (1 मई)
    बकरीद (27 मई)

    जुलाई:
    आषाढ़ी एकादशी (25 जुलाई)
    गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई)

    अगस्त:
    स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)
    ईद-ए-मिलाद

    सितंबर:
    जन्माष्टमी
    गणेश चतुर्थी
    अनंत चतुर्दशी

    अक्टूबर:
    गांधी जयंती
    दशहरा

    नवंबर:
    दिवाली (दिल्ली-एनसीआर में)

    दिसंबर:
    क्रिसमस (25 दिसंबर)
    महाराष्ट्र सरकार की सफाई

    हाल ही में कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि महाराष्ट्र सरकार ने होली, मुहर्रम और गांधी जयंती पर शराब दुकानें खोलने की अनुमति दे दी है। लेकिन राज्य सरकार ने तुरंत सफाई जारी कर इन खबरों को खारिज कर दिया। महाराष्ट्र एक्साइज डिपार्टमेंट ने साफ कहा कि किसी भी त्योहार पर शराब बिक्री की रोक में कोई ढील नहीं दी गई है।

     

  • होली पर छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री पर रोक, आबकारी विभाग का आदेश जारी

    होली पर छत्तीसगढ़ में शराब बिक्री पर रोक, आबकारी विभाग का आदेश जारी

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में होली पर्व को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। होली के दिन प्रदेशभर में सभी शराब दुकानें बंद रहेंगी। इस संबंध में छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश के अनुसार 4 मार्च 2026 को होली त्योहार के अवसर पर पूरे राज्य में शुष्क दिवस (ड्राई डे) घोषित किया गया है। इस दिन देशी-विदेशी मदिरा की सभी फुटकर दुकानें, बार और शराब से संबंधित अन्य प्रतिष्ठान पूर्ण रूप से बंद रहेंगे।

    आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। किसी भी दुकान के खुले पाए जाने या अवैध रूप से शराब बिक्री करने पर संबंधित संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिला आबकारी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाएं और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करें।

    होली के मद्देनजर यह कदम सामाजिक शांति और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि त्योहार सौहार्द और सुरक्षित वातावरण में मनाया जा सके। प्रदेशवासियों से भी अपील की गई है कि वे नियमों का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और जिम्मेदारी के साथ होली मनाएं।

  • कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर भड़के राहुल गांधी, बोले— ‘बब्बर शेर साथियों पर है गर्व’

    कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर भड़के राहुल गांधी, बोले— ‘बब्बर शेर साथियों पर है गर्व’

    नई दिल्ली
    एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान 20 फरवरी को भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन के मामल में दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत कुल 8 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पुलिसिया कार्रवाई की आलोचना की है और भारतीय युवा कांग्रेस के साथ एकजुटता जताई है। सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने युवा कांग्रेस के सदस्यों को निडर बताया और उनके शांतिपूर्ण विरोध की सराहना की है।

    एक्स पर राहुल गांधी ने लिखा कि शांतिपूर्ण विरोध हमारी ऐतिहासिक धरोहर है। यह हमारे खून में है और हर भारतीय का लोकतांत्रिक अधिकार है। मुझे युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने ‘COMPROMISED PM’ के खिलाफ निडर होकर देश के हित में आवाज उठाई है।

    उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका के साथ हुए ट्रेड डील में देश के हितों से समझौता किया गया है। यह समझौता हमारे किसानों और टेक्सटाइल उद्योग को नुकसान पहुंचाएगा तथा हमारे डेटा को अमेरिका के हाथों में सौंप देगा। इस सच्चाई को देश के सामने रखने के लिए युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब और IYC के अन्य साथियों की गिरफ्तारी तानाशाही प्रवृत्ति और कायरता का प्रमाण है।

    कांग्रेस पार्टी और मैं अपने बब्बर शेर साथियों के साथ मजबूती से खड़े हैं। सत्ता को सच का आईना दिखाना अपराध नहीं, बल्कि देशभक्ति है। राहुल गांधी ने कहा कि डरो मत, सच और संविधान हमारे साथ हैं।

    क्या बोले मल्लिकार्जुन खरगे?
    दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि युवा आज नौकरी के लिए तड़प रहे हैं और देश का माहौल इतना खराब हो चुका है, उसके कारण मोदी जी के प्रति लोगों में भारी रोष है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए तथा उनकी सारी शर्तों को मान लिया, जिससे पूरा देश शर्मिंदा हो गया। खरगे ने कहा कि जो काम हमारे किसानों की भलाई और मदद के लिए किया जाना चाहिए था, उसकी बजाय किसानों का नुकसान करने की बातचीत की गई।

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इससे यह भी साफ हो गया कि लोग समझते थे कि मोदी जी देश के हित में ट्रंप से बात कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में ट्रंप हमें गुलाम बना रहा है और हमें बंधुआ मजदूर बनाने की दिशा में धकेला जा रहा है। यह काम मोदी जी कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस डरने वाली नहीं है और न ही डरपोक है।

    खरगे ने दावा किया कि मोदी साहब खुद डरपोक हैं। डर के कारण वह संसद में आकर अपनी नीतियों का बचाव भी नहीं कर पाते। इसलिए वह हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं, हमारे युवाओं को, हमारे युवा नेताओं को डराने की कोशिश कर रहे हैं। यह नहीं चलेगा। मैं इसकी निंदा करता हूं। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमारे देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए जो भी त्याग करना पड़ेगा, हम करेंगे। हम लड़ते रहेंगे और देश को गिरवी रखने वाले लोगों के खिलाफ संघर्ष जारी रखेंगे।

     

  • खरगोन में नाकाबंदी तोड़कर भागा शराब तस्कर, घिरते ही कार छोड़ फरार

    खरगोन में नाकाबंदी तोड़कर भागा शराब तस्कर, घिरते ही कार छोड़ फरार

    खरगोन,गोगावां

    शराब के अवैध परिवहन में कारों का उपयोग आम हो चुका है। ऐसे ही एक मामले में जिले की गोगावां पुलिस को सोमवार रात मुखबीर से सूचना मिली कि मोहम्मदपुर नहर किनारे के कच्चे रास्ते से एक कार से शराब का अवैध परिवहन किया जा रहा है।

    पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित मार्ग पर नाकाबंदी की। कुछ देर बाद जब कार आई तो चालक ने पुलिस को देख कार की स्पीड बढ़ा ली और नाकाबंदी तोड़ते हुए भाग निकला। जब पुलिस कार का पीछा करने लगी तो कार चालक नहर किनारे कार खड़ी कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।

    जांच करने पर कार से अवैध देशी-विदेशी शराब की कुल 38 पेटियां जब्त की गई। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपित द्वारा नहर किनारे के कच्चे रास्ते का उपयोग किया जा रहा था। वहीं आरोपित द्वारा कार की मूल नंबर प्लेट हटाकर फर्जी नंबर प्लेट लगाई होना पाया गया है।

    गोगावां थाना प्रभारी दीपक यादव ने बताया कि शराब के अवैध परिवहन की सूचना मिलते ही उच्चाधिकारियों को सूचित किया। एसपी रविंद्र वर्मा के निर्देश पर टीम का गठन कर मुखबीर द्वारा बताए रास्ते पर भेजा गया। मोहम्मदपुर नहर किनारे के कच्चे रास्ते पर कार को रोकने के लिए नाकाबंदी भी की गई।

    लेकिन कार चालक नाकाबंदी तोड़कर फरार हो गया। पुलिस वाहन ने कार का पीछा किया तो चालक मोहम्मदपुर पेट्रोल पंप के पास नहर किनारे कार छोड़ भाग गया।

    थाना प्रभारी यादव ने बताया कि कार पर लगी नंबर प्लेट पर एमपी 04 सीझेड 1926 लिखा था। इस आधार पर जांच की गई तो नंबर प्लेट फर्जी पाई गई है। कार के चेचिस नंबर से ज्ञात हुआ है कि कार इंदौर पासिंग है। आगे विवेचना में कार मालिक की जानकारी निकाली जा रही है।
    पीछे की सीट व डिक्की में भरी थी पेटियां

    पुलिस टीम द्वारा बैलेनो कार को चेक करने पर उसमें पीछे की सीट व डिक्की में शराब की पेटियां रखी होना पाई गई। इसमें 16 पेटी देशी शराब, 15 पेटी बीयर व 7 पेटी अंग्रेजी शराब की पाई गई। 38 पेटी में कुल 385.344 लीटर शराब जब्त की गई। कार व शराब को जब्त कर आबकारी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि फरार आरोपित, कार मालिक व नेटवर्क की जानकारी निकाली जा रही है।
    स्कूटी से हो रहा था शराब का अवैध परिवहन

    •     गोगावां पुलिस ने ही एक अन्य मामले में स्कूटी से हो रहे शराब के अवैध परिवहन पर कार्रवाई की है।
    •     थाना प्रभारी यादव ने बताया कि पेट्रोलिंग टीम को मुखबिर ने सूचना दी कि एक स्कूटी पर ग्राम लाखी की ओर से हम्मदपुर        की ओर अवैध  शराब परिवहन किया जा रहा है।
    •     इस पर मोहम्मदपुर लाखी बायपास रोड पुल के पास टीम को भेजा गया।
    •     पुलिस को देख आरोपित स्कूटी छोड़कर भाग गया।
    •     चेक करने पर स्कूटी में आगे रखी बोरी व डिक्की में कुल 56 लीटर कच्ची शराब भरी पाई गई।
    •     स्कूटी के नंबर के आधार पर आगे की विवेचना की जा रही है।

     

  • जाग उठा नेट रन रेट का जिन्न! टीम इंडिया को जिम्बाब्वे के खिलाफ चाहिए ये शानदार जीत

    जाग उठा नेट रन रेट का जिन्न! टीम इंडिया को जिम्बाब्वे के खिलाफ चाहिए ये शानदार जीत

    नई दिल्ली
    टीम इंडिया ने जब जिम्बाब्वे के खिलाफ वेस्टइंडीज की जीत को देखा होगा तो उसकी हालत खराब जरूर हुई होगी, क्योंकि साउथ अफ्रीका का नेट रन रेट टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर 8 के ग्रुप 1 में पहले से ही प्लस में 3.8 था। वहीं, जब वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को हराया तो साउथ अफ्रीका भी दूसरे नंबर पर खिसक गई, क्योंकि वेस्टइंडीज का नेट रन रेट प्लस में 5.350 का था। अब टीम इंडिया को अगर पॉइंट्स टेबल में फिलहाल के लिए टॉप 2 में जगह बनानी है तो फिर जिम्बाब्वे को बुरी तरह हराना होगा, जो कि बहुत मुश्किल लग रहा है। पूरा समीकरण क्या है? ये जान लीजिए।

    दरअसल, टीम इंडिया का पहला लक्ष्य तो ये होगा कि अपने नेगेटिव नेट रन रेट को पॉजिटिव किया जाए। इसके लिए भी राह आसान नहीं है। साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज को नेट रन रेट में पछाड़ने के बारे में तो भारत को सोचना ही बंद कर देना चाहिए। इसके पीछे का कारण ये है कि टीम इंडिया को अपना नेट रन रेट पॉजिटिव में करने के लिए जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए कम से कम 77 रनों की जीत चाहिए। अगर भारतीय टीम रन चेज करती है तो उदाहरण के तौर पर 101 रन उन्हें 7.1 ओवर में चेज करने होंगे। वहीं, 11.3 ओवर में 161 रन और 12.5 ओवर में 181 रनों का टारगेट चेज करना होगा।

    अगर भारतीय टीम इस चीज में सफल होती है तो सिर्फ टीम का नेट रन रेट प्लस में होगा। टीम पॉइंट्स टेबल में अभी भी तीसरे स्थान पर है, क्योंकि भारतीय टीम का नेट रन रेट माइनस में 3.800 का है। जिम्बाब्वे का -5.350 है। भारतीय टीम जीतकर भी टॉप 2 में नहीं जा पाएगी। भारतीय टीम को दूसरे स्थान पर इस मैच के बाद पहुंचना है तो जिम्बाब्वे को 150 से ज्यादा रनों से हराना होगा। इसके बाद ही नंबर दो की कुर्सी उन्हें मिल सकती है, जो कि टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में बहुत कठिन है।

    हालांकि, अच्छी बात ये है कि भारत दो बार 150 या इससे ज्यादा रनों से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में मैच जीत चुका है। एक बार न्यूजीलैंड को भारत ने 168 रनों के विशाल अंतर से हराया हुआ है, जबकि इंग्लैंड को 150 रनों से मात दी हुई है। हालांकि, टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में भारत को एक भी बार 100 रनों से भी जीत नहीं मिली है। मुश्किल काम इस बार इसलिए भी है, क्योंकि चेन्नई में हाई स्कोर नहीं बनते हैं।

  • प्राग शतरंज महोत्सव में गुकेश का जलवा, साल की पहली जीत पर टिकी निगाह

    प्राग शतरंज महोत्सव में गुकेश का जलवा, साल की पहली जीत पर टिकी निगाह

    नई दिल्ली
    विश्व चैंपियन डी गुकेश विश्व कप से जल्दी बाहर होने और टाटा स्टील मास्टर्स में निराशाजनक प्रदर्शन को भुलाकर बुधवार से यहां शुरू होने वाले प्राग अंतरराष्ट्रीय शतरंज महोत्सव में साल का अपना पहला खिताब जीतने की कोशिश करेंगे।

    दूसरी वरीयता प्राप्त गुकेश को शीर्ष वरीयता प्राप्त जर्मन खिलाड़ी विंसेंट कीमर और उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा, जिनका हाल का प्रदर्शन अच्छा रहा है।

    कीमर लाइव रेटिंग में चौथे स्थान जबकि अब्दुसत्तोरोव पांचवें स्थान पर हैं। गुकेश 10वें स्थान पर हैं और इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों में रेटिंग के मामले में सबसे आगे हैं। पिछले कुछ समय तक लाइव रेटिंग में शीर्ष 10 में तीन भारतीय खिलाड़ी हुआ करते थे, लेकिन अर्जुन एरिगैसी और आर प्रज्ञाननंदा खराब प्रदर्शन के कारण नीचे खिसक गए हैं।

    गुकेश के साथ इस प्रतियोगिता में एक अन्य भारतीय खिलाड़ी मौजूदा चैंपियन अरविंद चिदंबरम भी अपनी चुनौती पेश करेंगे। यही वह प्रतियोगिता है जिसने चेन्नई के इस खिलाड़ी को पहली बड़ी सफलता दिलाई थी।

    अमेरिका के हैंस नीमन एक और ऐसे खिलाड़ी हैं जिन पर सभी की नजर रहेगी। ईरान के परहम मगसूदलू भी प्रतियोगिता में अपनी चुनौती पेश करेंगे जबकि नीदरलैंड के ग्रैंडमास्टर जॉर्डन वैन फोरस्ट ने अपने प्रदर्शन में निरंतरता दिखाई है जिससे वह भी दावेदारों में शामिल हो गए हैं।

    सातवीं वरीयता प्राप्त चिदंबरम टाटा टूर्नामेंट में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद 2700 रेटिंग क्लब में वापसी करने की उम्मीद कर रहे होंगे। चिदंबरम के लिए यहां पिछली बार के प्रदर्शन को दोहराना एक कठिन चुनौती होगी।

    उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक याकुब्बोएव, स्पेन के डेविड एंटोन गुज्जारो और स्थानीय स्टार डेविड नवरा नौ दौर की मास्टर्स प्रतियोगिता के लिए 10 खिलाड़ियों की सूची में शामिल हैं। चैलेंजर्स वर्ग में सूर्य शेखर गांगुली और महिला विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख भारतीय चुनौती पेश करेंगे।

     

  • स्कूल के लिए तैयार होकर घर से निकलकर रास्ता भटकी दो बालिकाओं को डायल-112 जवानों ने परिजनों से मिलाया

    स्कूल के लिए तैयार होकर घर से निकलकर रास्ता भटकी दो बालिकाओं को डायल-112 जवानों ने परिजनों से मिलाया

    भोपाल

    डायल-112 केवल आपात स्थितियों में सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों, महिलाओं और नागरिकों की सुरक्षा में मानवीय संवेदनशीलता का भरोसेमंद सहारा है। इंदौर जिले में डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ से रास्ता भटकी दो मासूम बालिकाओं को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाकर जन-सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

    दिनांक 24 फरवरी को इंदौर के थाना एरोड्रम क्षेत्र अंतर्गत सेंट्रल वेयर हाउस के सामने दो बालिकाएँ मिलने की सूचना डायल-112 राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम भोपाल को प्राप्त हुई। सूचना में बताया गया कि दोनों बालिकाएँ घर का रास्ता भटक गई हैं तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही थाना एरोड्रम क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।

    मौके पर पहुँचकर डायल-112 स्टाफ सउनि  कैलाश मेडा, आरक्षक  पुष्पेंद्र शर्मा एवं पायलट  अजय प्रजापति ने दोनों बालिकाओं को अपने संरक्षण में लिया। बालिकाएँ स्कूल की यूनिफॉर्म में थीं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वे विद्यालय जाने की तैयारी में थीं।

    डायल-112 जवानों ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए संबंधित स्कूल से संपर्क किया, जहाँ से बालिकाओं के परिजनों की जानकारी प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही परिजन चौकी पहुँचे, जहाँ पहचान एवं सत्यापन उपरांत दोनों बालिकाओं को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, बालिकाओं की माता उन्हें स्कूल के लिए तैयार कर बैग एवं टिफिन लेने घर के भीतर गई थीं, इसी दौरान बालिकाएँ खेलते-खेलते घर से बाहर निकल गईं और रास्ता भटक गईं। अपने बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों ने डायल-112 जवानों का आभार व्यक्त किया।

    डायल-112 हीरोज द्वारा प्रदर्शित यह मानवीय कार्य पुलिस के प्रति समाज के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करता है। 

  • नॉर्थ कोरिया में सियासी हलचल: किम जोंग उन की बहन का बढ़ता प्रभाव, क्या बदल रहा है सत्ता समीकरण?

    नॉर्थ कोरिया में सियासी हलचल: किम जोंग उन की बहन का बढ़ता प्रभाव, क्या बदल रहा है सत्ता समीकरण?

    उत्तर कोरिया
    उत्तर कोरिया में किम परिवार की सत्ता और मजबूत हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया में बड़ी पदोन्नति मिली है। यूं कहें तो उनका कद और पावर बढ़ गया है। अब उन्हें उप-विभाग निदेशक से पूर्ण विभाग निदेशक (Department Director) बनाया गया है, जो मिनिस्टीरियल स्तर का पद माना जाता है। यह फैसला हाल ही में हुई पार्टी की नौवीं कांग्रेस के दौरान लिया गया, जहां किम जोंग उन को एक बार फिर पार्टी महासचिव चुना गया।

    कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने मंगलवार को रिपोर्ट किया कि किम यो जोंग, जो पहले सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी ऑफ कोरिया की केंद्रीय समिति में डिप्टी डिपार्टमेंट डायरेक्टर थीं, अब एक विभाग की डिपार्टमेंट डायरेक्टर नियुक्त कर दी गई हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उन्हें किस विभाग का नेतृत्व सौंपा गया है। उत्तर कोरिया में पांच वर्षों बाद हो रही इस पार्टी कांग्रेस के दौरान यह पदोन्नति हुई है। प्योंगयांग में चल रहे इस बहुचर्चित सम्मेलन में लगभग 5000 प्रतिनिधि शामिल हैं। यह सम्मेलन गुरुवार को शुरू हुआ था और इसमें किम जोंग उन को पार्टी के महासचिव के रूप में दोबारा चुना गया। माना जा रहा है कि यह किम राजवंश के शासन के निरंतर बने रहने का एक और संकेत है।

    वहीं, दक्षिण कोरिया की जासूसी एजेंसी के इस महीने के आकलन के अनुसार, उत्तर कोरिया पर 1940 के दशक से किम परिवार का ही शासन है। साथ ही, नेता किम की नाबालिग बेटी किम जू ऐ को संभावित उत्तराधिकारी के रूप में तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। किम यो जोंग शासन की प्रमुख आवाज बन चुकी हैं और दक्षिण कोरिया के खिलाफ धमकियों व उकसावे वाली बयानबाजी की एक श्रृंखला का नेतृत्व कर रही हैं।

    हालांकि, हाल ही में सीमा पार ड्रोन हमलों पर सियोल द्वारा खेद व्यक्त करने के संदर्भ में उनकी टिप्पणी में दुर्लभ सकारात्मकता दिखी थी। वह किम परिवार के उन चुनिंदा सदस्यों में से हैं जिन्होंने प्रमुख स्थान बनाए रखा है। राज्य मीडिया में उनका जिक्र होता रहता है, जबकि उत्तर कोरिया जैसे देश में नेता के भाई-बहनों का प्रदर्शन अक्सर अच्छा नहीं रहा है।

    गौरतलब है कि किम जोंग उन पर 2017 में अपने सौतेले बड़े भाई किम जोंग नाम की हत्या का आदेश देने का आरोप लगा था, जो उनका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी माना जाता था। पूर्व नेता किम जोंग इल के एक भाई की बचपन में डूबने से मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य सौतेले भाई को दशकों तक निर्वासित रखा गया।

     

  • राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन

    राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान समारोह 2026 का भव्य आयोजन

     वरिष्ठ कथाकार मृदुला गर्ग (दिल्ली), अलका सरावगी (कोलकाता) सहित सात रचनाकार हुए सम्मानित

    भोपाल

    सुप्रतिष्ठित कथाकार, शिक्षाविद् तथा विचारक  जगन्नाथ प्रसाद चौबे ‘वनमाली जी’ के रचनात्मक योगदान और स्मृति को समर्पित संस्थान 'वनमाली सृजन पीठ' के प्रतिष्ठा आयोजन 'राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान समारोह–2026 का भव्य शुभारंभ 24 फरवरी को स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, भोपाल के मुक्ताकाश मंच पर  सुप्रसिद्ध लोकगायक पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपाणिया के कबीर गायन से किया गया।

    वनमाली कथा सम्मान के अंतर्गत आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध कबीर गायक प्रह्लाद सिंह टिपाणिया एवं उनके साथियों ने निर्गुण भक्ति की सशक्त प्रस्तुति देकर श्रोताओं को आध्यात्मिक भाव से सराबोर कर दिया। कबीर के दोहों और पदों से सजी इस प्रस्तुति ने सभागार में एक आत्मीय और ध्यानमग्न वातावरण निर्मित किया, जहाँ संगीत और दर्शन का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रस्तुति के दौरान प्रह्लाद सिंह टिपाणिया ने अपनी विशिष्ट लोक शैली में “जग में मांगण हारा, गुरु सम दाता कोई नहीं…”, “तन राम का मंदिर, काया राम का मंदिर…”, “गुरुजी के चरणों में रहना भाई संतो…”, तथा “जरा धीरे गाड़ी हांकों मेरे राम गाड़ी वाले…” जैसे लोकप्रिय कबीर दोहों और भजनों का गायन किया। उनके स्वर में सहजता, गहराई और आध्यात्मिक अनुभूति का ऐसा समन्वय था कि श्रोता पूरे समय भाव-विभोर होकर प्रस्तुति से जुड़े रहे। मुख्य गायक प्रह्लाद सिंह टिपाणिया ने तंबूरा और करताल पर स्वयं संगत करते हुए कबीर की वाणी को जीवंत बनाया। उनके साथ संगत में ढोलक पर अजय टिपाणिया, वायलिन पर देव नारायण सरोलिया, हार्मोनियम पर धर्मेंद्र टिपाणिया, मंजीरे पर मयंक टिपाणिया तथा टिमकी पर मंगलेश मांगरोलिया ने सधे हुए तालमेल के साथ प्रस्तुति को और प्रभावी बनाया। वाद्ययंत्रों की मधुर संगत ने कबीर के निर्गुण संदेश को और अधिक आत्मीयता से दर्शकों तक पहुँचाया।

    यह सम्मान समारोह ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ उड़िया कथाकार प्रतिभा राय के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया।

    वरिष्ठ और युवा रचनाकार हुए सम्मानित

     सम्मान समारोह में ‘वनमाली कथाशीर्ष सम्मान’ से सुप्रसिद्ध वरिष्ठ रचनाकार मृदुला गर्ग को एवं ‘ राष्ट्रीय वनमाली कथा सम्मान’ से वरिष्ठ कथाकार अलका सरावगी को सम्मानित किया गया।
    दोनों ही रचनाकारों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं एक-एक लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया गया।

    इस अवसर पर ‘वनमाली कथा आलोचना सम्मान’  महेश दर्पण को, ‘वनमाली कथा मध्यप्रदेश सम्मान’ वरिष्ठ कथाकार उर्मिला शिरीष (भोपाल) को, ‘वनमाली युवा कथा सम्मान’ युवा कथाकार कुणाल सिंह को, वनमाली कथेतर सम्मान’ अयोध्या के यतीन्द्र मिश्र को प्रदान किये गए। साहित्य के क्षेत्र में डिजिटल माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान के लिए पहला 'वनमाली डिजिटल साहित्य अवदान सम्मान' अंजूम शर्मा को प्रदान किया गया। इन सभी सम्मानित रचनाकारों को शॉल-श्रीफल प्रशस्ति पत्र एवं इक्यावन-इक्यावन हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया।

    वनमाली सृजन पीठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरिष्ठ कवि कथाकार श्री संतोष चौबे ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि ‘विश्व रंग’ के अंतर्गत वनमाली सृजन पीठ द्वारा प्रदान किए गये ‘वनमाली कथा सम्मान’ समकालीन कथा परिदृश्य में लोकतान्त्रिक एवं मानवीय मूल्यों की तलाश में जुटे कथा साहित्य की पुनःप्रतिष्ठा करने एवं उसे समुचित सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित द्विवार्षिक पुरस्कार है। इस सम्मान समारोह के पूर्व अब तक वनमाली कथा सम्मान से भारत के सुप्रतिष्ठित रचनाकारों में शुमार ममता कालिया, चित्र मुद्गल, शशांक, स्वयं प्रकाश, अखिलेश, असगर वजाहत, उदय प्रकाश, मैत्रेयी पुष्पा, प्रभु जोशी, प्रियंवद, गीतांजलि श्री, मनोज रूपड़ा आदि रचनाकारों को अलंकृत किया जा चुका है।

    इस अवसर पर वरिष्ठ लेखिका एवं इलेक्ट्रॉनिकी आपके लिए की कार्यकारी संपादक डॉ. विनीता चौबे, वरिष्ठ कथाकार एवं वनमाली सृजन पीठ, भोपाल के अध्यक्ष मुकेश वर्मा, एस.जी.एस.यू. के कुलगुरु डॉ. विजय सिंह ने भी विचार व्यक्त किए।

    'वनमाली कथा’ पत्रिका एवं 'वनमाली वार्ता' हुई लोकार्पित

    नई सदी की नई रचनाशीलता को सम्यक एवं समुचित स्थान देने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई लोकतान्त्रिक मूल्यों की समावेशी पत्रिका ‘वनमाली कथा’ ने अपने प्रवेशांक से ही साहित्य जगत में रचनात्मक उपस्थिति दर्ज कराई है। पत्रिका का फरवरी अंक और वनमाली सृजन पीठ के मुखपत्र 'वनमाली वार्ता' का लोकार्पण भी इस अवसर पर अतिथियों द्वारा किया गया।

    इस अवसर पर वनमाली जी के कृतित्व और व्यक्तित्व पर केंद्रित और वनमाली सम्मान समारोह पर केंद्रित लघु फिल्म तथा 'विश्व रंग' के सात वैश्विक आयोजनों पर केंद्रित फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

    समारोह का संचालन टैगोर विश्व कला एवं संस्कृति केंद्र के निदेशक विनय उपाध्याय द्वारा किया गया। सम्मानित रचनाकारों की प्रशस्ति का वाचन डॉ. संगीता पाठक द्वारा किया गया। आभार डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी, कुलाधिपति, स्कोप ग्लोबल स्किल्स विश्वविद्यालय, भोपाल दे व्यक्त किया। अतिथियों का स्वागत डॉ. नितिन वत्स, डॉ. संगीता जौहरी, डॉ. सितेश सिन्हा, संजय सिंह राठौर द्वारा किया गया।

    सम्मान समारोह का संयोजन वनमाली सृजन पीठ की राष्ट्रीय संयोजक ज्योति रघुवंशी द्वारा किया गया।

    इस अवसर पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय किया कुलगुरु डॉ. जैन, आर.एन.टी.यू. के कुलगुरु डॉ. आथ.पी. दुबे, वरिष्ठ रचनाकार शशांक,  लीलाधर मंडलोई, बलराम गुमास्ता, राजेन्द्र प्रसाद मिश्र, रामकुमार तिवारी, सविता भार्गव, डॉ. रेखा कस्तवार, डॉ. जवाहर कर्नावट, संजय शेफर्ड, अरुणेश शुक्ल, मोहन सगोरिया, कैलाश मांडलेकर,  नीलेश रघुवंशी, निरंजन श्रोत्रिय, घनश्याम मैथिल, सुरेश पटवा, देवीलाल पाटीदार, करुणा राजुरकर, वामनराव, सुदर्शन सोनी आदि सहित सैकड़ों की संख्या में युवा साहित्यप्रेमियों, विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक उपस्थिति दर्ज कराई।