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  • भोपाल के वल्लभ भवन-सतपुड़ा और विंध्याचल में हाजिरी पर सख्ती, CM के निर्देश पर शुरू हुई मॉनिटरिंग

    भोपाल के वल्लभ भवन-सतपुड़ा और विंध्याचल में हाजिरी पर सख्ती, CM के निर्देश पर शुरू हुई मॉनिटरिंग

    भोपाल

    मुख्यमंत्री ने सरकारी कार्यालयों में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने वल्लभ भवन सहित प्रमुख मंत्रालयीन परिसरों में छापामार कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। आदेश के तहत अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति, कार्यालय में आने-जाने का समय तथा अनधिकृत अनुपस्थिति की विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली में अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करना है।
    सुबह 10 से शाम 6 बजे तक होगी विशेष निगरानी

    निर्देशों के अनुसार आज सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक वल्लभ भवन, विंध्याचल और सतपुड़ा—तीनों कार्यालय परिसरों में विशेष मॉनिटरिंग की जाएगी। मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव भले ही भोपाल से बाहर दौरे पर रहेंगे, लेकिन मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि निर्धारित समयावधि में उपस्थिति से जुड़ी हर जानकारी संकलित की जाए। कर्मचारियों की हाजिरी, देरी से आने या समय से पहले जाने जैसी गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
    सामान्य प्रशासन विभाग की टीमें तैनात

    सामान्य प्रशासन विभाग ने इस अभियान के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी हैं, जिन्हें तीनों भवनों में तैनात किया गया है। ये टीमें मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगी और अपनी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगी। साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस संबंध में पूर्व सूचना दे दी गई है, ताकि निरीक्षण प्रक्रिया पारदर्शी और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।
    अनुशासन और जवाबदेही पर सरकार का फोकस

    सरकार का मानना है कि समयपालन और नियमित उपस्थिति से प्रशासनिक कार्यों की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा। इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले समय में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रह सकते हैं, जिससे शासकीय तंत्र में कार्यसंस्कृति को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

    सीएम और मुख्य सचिव दौरे पर, फिर भी सख्ती

    बताया गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन वर्तमान में भोपाल से बाहर दौरे पर हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्यमंत्री सचिवालय और सामान्य प्रशासन विभाग को सभी संबंधित दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति, आने-जाने का समय और अनाधिकृत अनुपस्थिति की जानकारी एकत्र करने के आदेश दिए गए हैं।

    सामान्य प्रशासन विभाग की टीमें तीनों भवनों में तैनात होकर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    समय पालन पर मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

    मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि जनकल्याणकारी योजनाओं और आम जनता से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सभी अधिकारी और कर्मचारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

    उन्होंने संदेश दिया है कि यदि समय पालन में कोताही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

    पारदर्शी प्रशासन पर जोर

    राज्य सरकार का कहना है कि जनता की सुविधा और पारदर्शी प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।

    टार्गेट क्या है?

    इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल हाजिरी लगाना नहीं, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों के आने-जाने का सटीक समय नोट करना और अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वालों की जानकारी संकलित करना है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए खास टीमों का गठन किया है, जो पूरे दिन इन दफ्तरों में उपस्थिति और काम की निगरानी करेंगी।

    पहले भी सीएम ने दी है वार्निंग
    यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को समय की पाबंदी को लेकर हिदायत दी है। इससे पहले भी वे सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि राज्य में हफ्ते में पांच दिन ही दफ्तर खुलने के बावजूद, कई अधिकारी निर्धारित समय पर दफ्तर नहीं पहुंचते हैं। सीएम का मानना है कि अधिकारियों की देरी से आने की आदत प्रशासनिक काम में बड़ी परेशानी पैदा करते हैं और आम जनता के काम रोकते हैं।

  • हाईवे पर सब कुछ एक जगह: Rajmarg Pravesh पोर्टल से पेट्रोल पंप, फूड कोर्ट और रास्ते की जानकारी एक क्लिक में

    हाईवे पर सब कुछ एक जगह: Rajmarg Pravesh पोर्टल से पेट्रोल पंप, फूड कोर्ट और रास्ते की जानकारी एक क्लिक में

    नई दिल्ली

    Rajmarg Pravesh Portal launch: देश के नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का काम करना अब पहले से ज्यादा आसान होने जा रहा है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राजमार्ग प्रवेश (Rajmarg Pravesh) वेब पोर्टल का अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च किया है. यह पोर्टल नेशनल हाईवे से जुड़े नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी NOC और अन्य जरूरी अप्रूवल्स के प्रोसेस को एक ही जगह पर उपलब्ध कराएगा. इस नए पोर्टल का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने किया. इस मौके पर मंत्रालय, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

    किसके लिए है यह पोर्टल

    राजमार्ग प्रवेशन पोर्टल उन सभी लोगों और संस्थाओं के लिए बनाया गया है, जिन्हें नेशनल हाईवे से जुड़ी जमीन या रास्ते से संबंधित अप्रूवल चाहिए. इसमें आम नागरिक, निजी कंपनियां और सरकारी विभाग सभी शामिल हैं. जैसे ही देश में नेशनल हाईवे नेटवर्क तेजी से बढ़ा है, वैसे ही इन मंजूरियों के लिए आने वाले आवेदनों की संख्या भी बढ़ गई है. इसी दबाव को कम करने के लिए यह डिजिटल व्यवस्था लाई गई है.

    इस पोर्टल के जरिए कई तरह के अप्रूवल्स के लिए आवेदन किया जा सकता है. कोई व्यक्ति अपने निजी प्लॉट या इंडस्ट्री के लिए हाईवे से रास्ता लेना चाहता है तो वह भी इसी प्लेटफॉर्म से होगा. पेट्रोल पंप, ढाबा, रेस्ट एरिया, वेसाइड अमेनिटी या कनेक्टिंग रोड के लिए भी आवेदन किया जा सकेगा. इसके अलावा पानी की पाइपलाइन, गैस पाइपलाइन, ऑप्टिकल फाइबर केबल, बिजली लाइन जैसी सुविधाओं को हाईवे के किनारे या नीचे से ले जाने की अनुमति भी इसी पोर्टल से मिलेगी.

    पहले इन सभी अनुमतियों के लिए अलग-अलग दफ्तरों और प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था. कई बार फाइलें हाथ से चलती थीं और रिजनल ऑफिसेज के चक्कर लगाने पड़ते थे. अब राजमार्ग प्रवेश पोर्टल इन सभी कैटेगरी को एक ही सिस्टम में लाता है. आवेदक अपने एप्लीकेशन का स्टेट्स भी ऑनलाइन देख सकते हैं और तय समय में जवाब पा सकते हैं.
    इन्हें होगा फायदा

    इस पोर्टल से छोटे व्यापारियों से लेकर बड़ी कंपनियों तक को फायदा होगा. हाईवे के किनारे सुविधा केंद्र खोलने वाले छोटे कारोबारी, टेलीकॉम कंपनियां जो फाइबर बिछाना चाहती हैं, और राज्य सरकारें जो अपने प्रोजेक्ट के लिए यूटिलिटी क्रॉसिंग चाहती हैं, सभी के लिए अब प्रोसेस ज्यादा आसान और बेहतर होगा.

    सरकार लंबे समय से कारोबार और आम लोगों के लिए प्रक्रियाएं आसान बनाने पर जोर दे रही है. कागजी कामकाज को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की दिशा में कई मंत्रालय काम कर रहे हैं. 

    मंत्रालय के मुताबिक इस पोर्टल से पूरी प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी होगी. आवेदक यह देख सकेंगे कि उनका आवेदन किस स्तर पर है और कब तक फैसला आने की उम्मीद है. यह इन्वेस्टमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए बेहद अहम है, क्योंकि मंजूरी में देरी से प्रोजेक्ट की लागत और समय दोनों बढ़ जाते हैं. यह पोर्टल पूरी तरह वेब पर बेस्ड है. इसके लिए किसी सरकारी दफ्तर में जाने की जरूरत नहीं होगी. जरूरी दस्तावेज अपलोड किए जा सकते हैं, फीस ऑनलाइन जमा होगी और जवाब भी पोर्टल पर ही मिलेगा. इससे आवेदक और विभाग के बीच बेवजह की आवाजाही कम होगी.

     भारत का नेशनल हाईवे नेटवर्क अब 1.45 लाख किलोमीटर से ज्यादा का हो चुका है. इसके साथ ही हाईवे के आसपास व्यापार, रिहायशी इलाके और सुविधाएं तेजी से बढ़ी हैं. ऐसे में नए प्रोजेक्टस और बिजनेस के लिए अप्रूवल्स की संख्या भी बढ़ना स्वाभाविक है. डिजिटल सिस्टम को मजबूत करना इसी बढ़ते नेटवर्क के साथ तालमेल बैठाने की कोशिश है. आज नेशनल हाईवे केवल सड़क नहीं, बल्कि लॉजिस्टिक्स, रिटेल, फ्यूल और हॉस्पिटैलिटी का बड़ा हब बनते जा रहे हैं. ऐसे में राजमार्ग पोर्टल एक सही समाधान उपलब्ध कराएगा. 

  • होलिका दहन की राख का चमत्कारी उपाय: मिनटों में दूर होगा वास्तु दोष, बदलेगी किस्मत

    होलिका दहन की राख का चमत्कारी उपाय: मिनटों में दूर होगा वास्तु दोष, बदलेगी किस्मत

    होलिका दहन का पर्व सिर्फ बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक दृष्टि से इसे 'शुद्धि' का पर्व भी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, होलिका की अग्नि में नकारात्मकता जलकर भस्म हो जाती है और पीछे एक अत्यंत पवित्र 'भस्म' या राख छोड़ जाती है।

    अगर आप आर्थिक तंगी, वास्तु दोष या नजर दोष  से परेशान हैं, तो होलिका की राख के ये छोटे लेकिन अचूक उपाय आपके जीवन की दिशा बदल सकते हैं।

    1. वास्तु दोष से मुक्ति के लिए
    अक्सर घर में बिना वजह क्लेश रहता है या भारीपन महसूस होता है, जो वास्तु दोष का संकेत हो सकता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, होलिका दहन के अगले दिन सुबह जल्दी जाकर ठंडी राख ले आएं। इस राख को घर के चारों कोनों में छिड़कने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।

    अगर संभव हो, तो इस राख में थोड़ा राई और नमक मिलाकर घर के मुख्य द्वार पर एक छोटी पोटली में बांधकर लटका दें। इससे घर में सकारात्मकता का संचार होता है।

    2. आर्थिक तंगी दूर करने का उपाय
    अगर पैसा आता है पर टिकता नहीं, तो यह उपाय आपके लिए है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलिका की राख को एक लाल कपड़े में बांधकर उसमें एक चांदी का सिक्का रखें और इसे अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। माना जाता है कि ऐसा करने से अनावश्यक खर्चे रुकते हैं और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

    3. ग्रह बाधा और नजर दोष
    अगर किसी बच्चे या बड़े को बार-बार नजर लगती है या राहु-केतु की दशा परेशान कर रही है, तो प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, होलिका की राख का तिलक माथे पर लगाना अत्यंत शुभ होता है। विभूति के रूप में इसे शरीर पर मलने से मानसिक शांति मिलती है और स्वास्थ्य में सुधार आता है।

     

  • टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका का फैसला, वेस्टइंडीज करेगी पहले बल्लेबाजी

    टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका का फैसला, वेस्टइंडीज करेगी पहले बल्लेबाजी

    अहमदाबाद
    आज अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में सुपर 8 के अहम मैच में दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज की टीमें आमने-सामने हैं। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी है। वेस्टइंडीज बैटिंग करेगी। यह मैच सेमीफाइनल के समीकरणों के लिहाज से भी बहुत अहम है। एडेन मार्कराम की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने अब तक अपने पांचों मैच जीते हैं और पिछले मैच में इसी मैदान पर भारत को हराकर वे आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। यदि आज प्रोटियाज टीम जीत दर्ज करती है, तो वे सेमीफाइनल में अपनी जगह लगभग पक्की कर लेंगे। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी है। वेस्टइंडीज बैटिंग करेगी।
    दूसरी ओर, वेस्टइंडीज की टीम भी टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही है और उनके खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं। शिमरॉन हेटमायर रनों का अंबार लगा रहे हैं, जबकि गेंदबाजी में गुडाकेश मोती और मैथ्यू फोर्ड किफायती रहने के साथ-साथ विकेट भी चटका रहे हैं। अहमदाबाद की लाल मिट्टी वाली पिच आज तेज गेंदबाजों को मदद दे सकती है, जिससे गेंद बल्ले पर तेजी से आएगी। वेस्टइंडीज के पास जहां बड़े हिटर मौजूद हैं, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने टूर्नामेंट में अब तक जबरदस्त जुझारूपन और अनुशासन दिखाया है। दोपहर के इस मुकाबले में ओस का कोई प्रभाव नहीं होगा, जिससे टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी का फैसला पूरी तरह से टीम की रणनीति पर निर्भर करेगा। क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह सुपर 8 चरण का सबसे कड़ा और दिलचस्प मुकाबला होने की उम्मीद है।

    दोनों टीमों की प्लेइंग XI (Playing XI)
    दक्षिण अफ्रीका प्लेइंग XI: एडेन मार्कराम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकलटन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को जानसन, कॉर्बिन बॉश, कैगिसो रबाडा, केशव महाराज और लुंगी एनगिडी।

    वेस्टइंडीज प्लेइंग XI: ब्रैंडन किंग, शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेस, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती और शमार जोसेफ।

    दोनों टीमों की प्लेइंग 11 और किए गए बदलाव
    अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी है और उन्होंने अपनी प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं किया है, जिसमें एडेन मार्कराम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकलटन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को जानसन, कॉर्बिन बॉश, कैगिसो रबाडा, केशव महाराज और लुंगी एनगिडी मैदान पर उतरेंगे। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन में एक रणनीतिक बदलाव किया है, जिसमें शानदार प्रदर्शन के बावजूद अकील होसेन की जगह रोस्टन चेस को टीम में शामिल किया गया है। वेस्टइंडीज की अंतिम एकादश में ब्रैंडन किंग, शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), शिमरॉन हेटमायर, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेस, रोमारियो शेफर्ड, जेसन होल्डर, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती और शमार जोसेफ को जगह मिली है।

     

  • विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना की शादी की खबरें वायरल, जानें किस रिवाज से शुरू हुई रस्में

    विजय देवरकोंडा-रश्मिका मंदाना की शादी की खबरें वायरल, जानें किस रिवाज से शुरू हुई रस्में

    नई दिल्ली
    साउथ के सुपरस्टार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी का इंतजार कर रहे फैंस का इंतजार खत्म हो गया है। आज यानी 26 फरवरी को रश्मिका और विजय शादी के बंधन में बंध गए हैं। विजय और रश्मिका की शादी उदयपुर में हुई। फैंस को दोनों की शादी की पहली तस्वीर का इंतजार है। रश्मिका और विजय की अभी शादी तेलुगु रीति-रिवाजों से हुई है। शाम को कोडवा रीति-रिवाजों से दोनों की शादी होगी।

    पैप्स को बांटी गईं मिठाइयां
    रश्मिका और विजय की शादी उदयपुर के मेंमेटोज बाई आईटीसी होटल्स में हुई। सोशल मीडिया पर वेन्यु के बाहर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में रश्मिका और विजय की शादी में पहुंचे कुछ गेस्ट पैप्स को मिठाइयां बांटते नजर आए।

    चार मार्च को होगा हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन
    रश्मिका मंदाना और विजय की आज शादी के बाद चार मार्च को हैदराबाद में ग्रैंड रिसेप्शन होगा।इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, रश्मिका को कोरियन पॉप कल्चर पसंद है तो वेडिंग फेस्टिविटीज की शुरुआत के-ड्रामा थीम से हुई। विजय ने रश्मिका के लिए PSY का गैंगनम स्टाइल डांस किया। इस दौरान अंताक्षरी खेली गई। रूल ये था कि इसमें बॉलीवुड गानों की बजाय सिर्फ विजय और रश्मिका की फिल्मों के गाने ही गाने होंगे। जीतने वाली टीम को लग्जरी गिफ्ट हैम्पर दिया गया।

    कैसे हुई थी दोनों की मुलाकात
    रश्मिका और विजय की लव स्टोरी की बात करें तो दोनों की मुलाकात एक फिल्म के सेट पर हुई थी।ये फिल्म दोनों की साथ में पहली फिल्म थी। इस फिल्म का नाम था गीता गोविंदम। फिल्म साल 2018 में रिलीज हुई थी। दोनों की ऑन-स्क्रीन कैमिस्ट्री को खूब पसंद किया गया था। इसके बाद से ही दोनों की डेटिंग की चर्चा होने लगी थी। साल 2019 में दोनों की फिल्म डियर कॉमरेड आई। फैंस के बीच दोनों की रिलेशनशिप की बातें होनें लगीं, लेकिन कपल ने कभी भी इस चीज पर आधिकारिक जानकारी नहीं दी। इस फिल्म के बाद रश्मिका और विजय को काफी इवेंट्स वेकेशन और पार्टियों में एक साथ देखा गया।

  • बजट में कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा, CM साय का कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने किया अभिनन्दन

    बजट में कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा, CM साय का कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने किया अभिनन्दन

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आज यहां छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने राज्य बजट में कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा शामिल किए जाने पर अभिनंदन करते हुए आभार व्यक्त किया.

    मुख्यमंत्री साय से छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि यह निर्णय कर्मचारी वर्ग एवं उनके परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है. गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक चिंता से मुक्ति मिलना एक ऐतिहासिक एवं कर्मचारी हितैषी कदम है. उन्होंने कहा कि फेडरेशन सरकार के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत करता है और आशा करता है कि भविष्य में भी कर्मचारी हितों को इसी प्रकार प्राथमिकता दी जाती रहेगी.

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार अधिकारियों-कर्मचारियों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है. कैशलैस चिकित्सा सुविधा का लाभ शासकीय कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलेगा. मेडिकल लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के सरलीकरण से कर्मचारीगण अपने और अपने परिवार की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर निश्चिंत रहेंगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी कार्य गुणवत्ता पर भी पड़ेगा.

    प्रतिनिधिमंडल में कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक), सुनील उपाध्याय, जय कुमार साहू, राजेश सिंघी, संतोष कुमार वर्मा, संजीत शर्मा, देवाशीष दास, लोकेश वर्मा, अमित शर्मा, सोनाली तिडके, आकाश त्रिपाठी, जगेश्वर भट्ट, दीपक सोनकर, प्रवीण सिंह और निशा यादव उपस्थित रहे.

  • 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर CM योगी का रोमांचक सफर, जापान की हवा में चलने वाली ट्रेन में मुस्कुराए मुख्यमंत्री

    600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर CM योगी का रोमांचक सफर, जापान की हवा में चलने वाली ट्रेन में मुस्कुराए मुख्यमंत्री

    लखनऊ / टोक्यो  

    सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी जापान यात्रा के आखिरी दिन यामानाशी में हाई स्पीड मैग्लेव ट्रेन का सफर किया. हाइड्रोजन ग्रीन एनर्जी प्लांट के बाद 600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हाई स्पीड मैगलेव ट्रेन का अनुभव योगी आदित्यनाथ के लिए रोमांच भरा रहा. लीनियर मैग्लेव ट्रेन 500 किमी की स्पीड से चलती है. अभी जापान की बुलेट ट्रेन 300 किमी की स्पीड से दौड़ती है.

    लीनियर मोटर कार 500 की स्पीड से चलती है. अभी की जो जापान की बुलेट ट्रेन है, उसकी स्पीड 300 किलोमीटर प्रतिघंटा है. वहीं यह लीनियर मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय बल से चलती है या कहें हवा में 500 की स्पीड में उड़ती है. सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ इस रोमांचक ट्रेन पर सफर तय किया. 

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान यात्रा के दूसरे दिन यामानाशी प्रांत में ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का दौरा किया. इस दौरान योगी ने पानी से हाइड्रोजन और बिजली बनाने की तकनीक को समझा. टोक्यो से यामनाशी जाते हुए तुलसी नाम की एक साध्वी तुलसी अपने साथियों से योगी से मिलीं.

    साध्वी तुलसी ने बताया कि वे जापान में हिंदू और जैन धर्म का प्रचार कर रही हैं. उनके साथ मौजूद एक छोटे बच्चे ने योगी आदित्यनाथ के चरण स्पर्श करके संस्कृत में मंत्र भी सुनाया. योगी को यह दृश्य देखकर प्रसन्नता हुई और उन्होंने जापानी भक्तों को प्रसाद रूप में चॉकलेट दी. सीएम योगी आदित्यनाथ यामानाशी प्रांत पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में स्कूल के बच्चों ने उनका स्वागत किया. हाथों में भारत-जापान का झंडा पकड़े बच्चों के साथ योगी ने कुछ समय बिताया.

    इसके अलावा यामानाशी में रहने वाले स्थानीय लोगों ने योगी को एक खास पेंटिंग भी भेंट की. यामानाशी जापान में आधुनिक खेती और तकनीक के लिए जाना जाता है. यहां हाइड्रोजन एनर्जी, रोबोटिक सेंटर और हाई स्पीड ट्रेन का सेंटर है. इसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध माउंट फ्यूजी पहाड़ भी आकर्षण का केंद्र है.

    मैग्लेव ट्रेन का सफर न सिर्फ रोमांचक रहा, बल्कि भविष्य की परिवहन तकनीक की झलक भी लेकर आया. जापान की अत्याधुनिक मैग्लेव ट्रेन चुंबकीय शक्ति पर आधारित है, जो इसे पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग बनाती है. यह ट्रेन पटरियों से ऊपर उठकर चलती है, यानी घर्षण लगभग खत्म हो जाता है और यही वजह है कि इसकी रफ्तार 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाती है. यामानाशी टेस्ट ट्रैक पर इस ट्रेन ने अपनी उच्चतम क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर मुख्यमंत्री भी प्रभावित नजर आए.

    वर्तमान में जापान की बुलेट ट्रेन लगभग 300 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है, लेकिन मैग्लेव तकनीक इस गति को दोगुना करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. शिंकानसेन पहले ही दुनिया में तेज और सुरक्षित यात्रा का प्रतीक बन चुकी है, और अब मैग्लेव इसे और आगे ले जाने की तैयारी में है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने हाइड्रोजन आधारित ग्रीन एनर्जी प्लांट का भी अवलोकन किया. 

    मैग्लेव ट्रेन का सफर पूरी तरह से स्मूद और झटकों से मुक्त होता है. ट्रेन के अंदर बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई विमान जमीन के बेहद करीब उड़ रहा हो. इस अनुभव को साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे भविष्य की यात्रा बताया.

    9 साल के कार्यकाल में सीएम योगी का दूसरा विदेश दौरा

    जिस हाई-स्पीड मैग्लेव ट्रेन में योगी आदित्यनाथ ने सफर किया, वह पारंपरिक ट्रेनों से बिल्कुल अलग है. यह ट्रेन पटरी को छूती नहीं, बल्कि चुंबकीय तकनीक के सहारे ट्रैक से ऊपर हवा में तैरते हुए तेज रफ्तार से दौड़ती है.

    बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से सिंगापुर और जापान के दौरे पर हैं, जो उनके नौ साल के कार्यकाल की दूसरी विदेश यात्रा है. इससे पहले 2017 में उन्होंने म्यांमार का सीमित दौरा किया था. लंबे अंतराल के बाद यह विदेश दौरा खास माना जा रहा है, क्योंकि इसका उद्देश्य प्रदेश में निवेश आकर्षित करना और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति देना है.

     

  • Natasa Stankovic बिकिनी में ग्लैमरस अंदाज में छाईं, समुद्र किनारे किया चिलिंग

    Natasa Stankovic बिकिनी में ग्लैमरस अंदाज में छाईं, समुद्र किनारे किया चिलिंग

    मुंबई 
    नताशा स्टेनकोविक ने अपने करियर की शुरूआत सर्बिया में डांस और मॉडलिंग से की थी. 2012 में वो मुंबई आईं और बॉलीवुड में काम करना शुरू कर दिया.नताशा का फिल्मी करियर उतना शानदार नहीं रहा है, जितनी उम्मीद की जा रही थी. उन्हें असली लाइमलाइट भारतीय क्रिकेटर हार्दिक पंड्या संग शादी के बाद मिली. 

    हार्दिक और नताशा की शादी चार साल चली और 2024 में दोनों तलाक लेकर अलग हो गए. नताशा और हार्दिक बेटे अगस्त्य की को-पेरेंटिंग कर रहे हैं. तलाक के बाद नताशा लाइफ में आगे बढ़ रही हैं. उन्होंने इंस्टाग्राम पर नई तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वो गोवा में समंदर किनारे चिल करती दिख रही हैं.  वेकेशन फोटोज में नताशा बिकिनी में नजर आ रही हैं, उन्होंने अपनी खूबसूरती और अदाओं से लोगों का दिल जीत लिया. नताशा गोवा में लग्जूरियस लाइफस्टाइल को एंजॉय करती दिखीं. उन्होंने वहां का फूड और मौसम दोनों एंजॉय किया.      
         
    एक फोटो में उन्होंने बेडरूम की झलक भी दिखाई, जिसमें वो मिरर सेल्फी लेती नजर आ रही हैं. शॉर्ट ड्रेस में नताशा को खिलखिलाते देखा गया. उनके चेहरे की खुशी बता रही है कि उन्होंने गोवा में क्वालिटी टाइम बिताया है. नताशा को खुश देखकर इनके चाहने वाले भी बेहद खुश नजर आ रहे हैं. 

  • रहंगी में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां तेज, कलेक्टर-एसएसपी ने किया स्थल निरीक्षण

    रहंगी में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां तेज, कलेक्टर-एसएसपी ने किया स्थल निरीक्षण

    रहंगी में मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां तेज, कलेक्टर-एसएसपी ने किया स्थल निरीक्षण
     

    बिलासपुर
    बिल्हा विकासखंड के ग्राम रहंगी में 28 फरवरी को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर तेज कर दी गई हैं। कार्यक्रम स्थल का कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं एसएसपी रजनेश सिंह ने संयुक्त रूप से निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

         मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रहंगी के खेल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में कृषक उन्नति योजना के तहत किसानों को धान खरीदी के अंतर की प्रोत्साहन राशि वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। साथ ही विभिन्न विभागों के करोड़ों रुपए के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण तथा भूमिपूजन भी किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मुख्य सभामंच, सांस्कृतिक मंच, विभागीय स्टॉल, बैठक व्यवस्था, पेयजल, विद्युत, पार्किंग, हेलीपैड एवं सुरक्षा व्यवस्था के लिए स्थल चिन्हांकित करते हुए सभी तैयारियां समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। खेल मैदान के समीप ही हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा।

    अधिकारियों ने प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का भी अवलोकन कर यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने की रूपरेखा तय की। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संभावित जनसमूह को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, ट्रैफिक नियंत्रण एवं प्रवेश-निकास व्यवस्था की विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल सहित लोक निर्माण विभाग, कृषि विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है।

  • 25 हजार लाड़ली बहनों की किस्त अटकी, 27 महीनों में 6 लाख महिलाएं योजना से बाहर, जानें वजह

    25 हजार लाड़ली बहनों की किस्त अटकी, 27 महीनों में 6 लाख महिलाएं योजना से बाहर, जानें वजह

    भोपाल 

     मध्य प्रदेश की चर्चित लाड़ली बहना योजना में लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। सितंबर 2023 में प्रदेश में 1.31 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इस योजना से जुड़ी थीं, जो जनवरी 2026 तक घटकर करीब 1.24 करोड़ रह गई हैं। यानी बीते 27 महीनों में 6.28 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो चुकी हैं।

    सरकार के मुताबिक योजना से बाहर हुई अधिकतर महिलाएं 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं, जिसके बाद उन्हें इस योजना का लाभ मिलना बंद हो जाता है। इसी बीच एक और बड़ी वजह सामने आई है। प्रदेश में 25 हजार से ज्यादा लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया गया है क्योंकि उनकी समग्र आईडी डिलीट हो चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही समग्र आईडी रिकवर होगी, इन महिलाओं की रुकी हुई किस्त फिर से जारी कर दी जाएगी।

    विधानसभा में इस मुद्दे पर सियासी बहस भी देखने को मिली। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल उठाया कि जब नए रजिस्ट्रेशन बंद थे, तो आंकड़ों में बढ़ोतरी कैसे हुई? इस पर मंत्री ने लिखित जवाब देने से इनकार कर दिया। 

    27 महीने कम गईं 6 लाख से अधिक महिलाएं

    जब लाड़ली बहना योजना की शुरूआत हुई तो 1.31 करोड़ से अधिक महिलाएं रजिस्टर्ड थीं। जिनकी संख्या पिछले 27 महीने में घटकर केवल 1.25 से अधिक रह गई हैं। यानी करीब 6 लाख से अधिक महिलाएं योजना से बाहर हो गईं। सरकार के द्वारा जानकारी दी गई कि इसमें अधिकतम वह महिलाएं हैं। जिनकी आयु 60 वर्ष से अधिक है।
    25 हजार से अधिक महिलाएं का भुगतान बंद

    प्रदेश में 25 हजार से अधिक लाड़ली बहनों का भुगतान इसलिए रोक दिया है क्योंकि इनकी समग्र आईडी डिलीट हो गई है। जैसे ही दोबारा समग्र आईडी रिकवर हो जाएंगी। भुगतान शुरू कर दिया जाएगा।
    कांग्रेस विधायक ने उठाए सवाल

    कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने देवास और शाजापुर जिलों में जून से अगस्त 2024 के बीच लाभार्थियों की संख्या बढ़ने का दावा करते हुए सवाल पेश किया कि जब नए रजिस्ट्रेशन नहीं हुए तो संख्या में बढ़ोत्तरी कैसे हो गई। इसका मंत्री ने लिखित में देने से मना कर दिया।

    क्या तकनीकी गड़बड़ी और उम्र सीमा की वजह से हजारों जरूरतमंद महिलाएं योजना से बाहर हो रही हैं? और क्या सरकार इस डेटा गड़बड़ी पर ठोस कदम उठाएगी?