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  • उत्तर बस्तर के अंतागढ़ में हुआ श्रमिक सम्मेलन, 7930 श्रमिकों को किया लाभान्वित

    उत्तर बस्तर के अंतागढ़ में हुआ श्रमिक सम्मेलन, 7930 श्रमिकों को किया लाभान्वित

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ शासन श्रम विभाग के निर्देशानुसार श्रमिक सम्मेलन-2026 का आयोजन उत्तर बस्तर कांकेर जिले के सामुदायिक भवन अंतागढ़ में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद भोजराज नाग उपस्थित थे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पंचायत अंतागढ़ के अध्यक्ष राधेलाल नाग द्वारा की गई।

    कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल एवं छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल के अन्तर्गत विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से जिले के श्रमिक व उनके परिवार के सदस्यों को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से राशि हस्तांतरित कर लाभान्वित किया गया। श्रमिक सम्मेलन में उपस्थित सांसद नाग ने सभी उपस्थित श्रमिकों और उनके परिजनों को विभाग में संचालित योजनाओं का लाभ लेने की अपील की। साथ ही योजनाओं के संबंध में जागरूक होने की बात कही। नगर पंचायत अध्यक्ष नाग ने भी श्रमिकों को संबोधित करते हुए शासन द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों के द्वारा लाभार्थी श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के तहत चेक वितरित किए गए।

    श्रम पदाधिकारी ने जानकारी दी है कि श्रमिक सम्मेलन में जिले के कुल 7930 श्रमिकों को कुल 02 करोड़ 29 लाख 17 हजार 100 रूपये से लाभान्वित किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल अंतर्गत मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना में 101 हितग्राहियों को 20 लाख 20 हजार रूपए, मिनीमाता महतारी जतन योजनांतर्गत 89 महिला हितग्राहियों को 17 लाख 80 हजार रूपए, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना में 50 हितग्राहियों को 02 लाख 59 हजार 100 रूपये, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजनांतर्गत 28 हितग्राहियों को 05 लाख 60 हजार रूपये, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत 19 श्रमिकों के उत्तराधिकारियों को 01 करोड़ 90 लाख रूपये एवं मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजनांतर्गत 04 श्रमिकों को 04 लाख रूपए, दीदी ई-रिक्शा सहायता योजनांतर्गत 01 महिला हितग्राही को 01 लाख रूपये डायरेक्ट बेनीफिट ट्रान्सफर (डी.बी.टी.) के माध्यम से प्रदाय किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधिगण एवं अतिथिगण तथा श्रम पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रमिकगण मौजूद थे।

  • चौंकाने वाला खुलासा: इस राज्य में सफाईकर्मी कमा रहे ₹2 लाख महीना, गवर्नर-IAS से भी आगे

    चौंकाने वाला खुलासा: इस राज्य में सफाईकर्मी कमा रहे ₹2 लाख महीना, गवर्नर-IAS से भी आगे

    तेलंगाना
    दक्षिणी राज्य तेलंगाना में सफाईकर्मियों की तन्ख्वाह जानकर आप दंग रह जाएंगे। बार-बार होने वाले वेतन बढ़ोत्तरी के बाद अब इस राज्य के सीनियर सफाईकर्मी दो लाख रुपये प्रति महीना वेतन उठा रहे हैं, जबकि चीफ इंजीनियर की सैलरी बढ़ते-बढ़ते 7 लाख प्रति माह हो चुकी है। राज्य के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने खुलासा किया है कि तेलंगाना में पिछले एक दशक के दौरान सरकारी वेतन और पेंशन का बोझ तेजी से बढ़ा है। यह खर्च 2014 में राज्य गठन के समय लगभग 1,500 करोड़ रुपये प्रतिमाह था, जो अब बढ़कर करीब 6,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यानी यह खर्च 2014 के मुकाबले अब लगभग चार गुना हो गया है।

    राव ने सेंटर फॉर इकोनॉमिक एंड सोशल स्टडीज द्वारा आयोजित 16वें फाइनेंस कमीशन की सिफारिशों पर एक कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जब 2014 में आंध्र प्रदेश से तेलंगाना अलग हुआ था, तब राज्य का खर्च 1,500 करोड़ रुपये था। उन्होंने कहा कि तब से, सैलरी और पेंशन का खर्च 300% बढ़ गया है, क्योंकि चुनाव के समय लगातार पे रिवीजन हुए, जिससे फिक्स्ड खर्च में भारी उछाल आया है।

    गवर्नर से भी ज्यादा सैलरी
    बकौल राव, स्थिति यह है कि कुछ सार्वजनिक उपक्रमों में वेतन संरचना इतनी ऊंची हो गई है कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों और यहां तक कि राज्यपाल के वेतन से भी अधिक हो गई है। उदाहरण के तौर पर, बिजली विभाग के मुख्य अभियंता का वेतन 7 लाख रुपये तक पहुंच रहा है, जबकि लंबे समय से कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी करीब 2 लाख रुपये मासिक तक कमा रहे हैं। नगर निगम स्तर पर भी वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। जहां नए कर्मचारियों का शुरुआती वेतन लगभग 28,000 रुपये है, वहीं 30 वर्षों की सेवा के बाद ड्राइवर या सफाईकर्मी 1 लाख रुपये से अधिक मासिक वेतन पा सकते हैं। ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम में नियमित किए गए कुछ सफाईकर्मियों का औसत वेतन 70,000 रुपये प्रतिमाह से अधिक है।

    सरकारी नौकरी के लिए भीड़ बढ़ी
    TOI को मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि वेतन निर्धारण सरकार द्वारा गठित वेतन संशोधन आयोगों के माध्यम से किया जाता है, जिसमें “फिटमेंट” प्रतिशत लागू कर मूल वेतन और महंगाई भत्ते में वृद्धि की जाती है। उच्च वेतन के कारण सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा भी बेहद बढ़ गई है। हाल ही में ग्रुप-1 की 563 नौकरियों के लिए लगभग 799 उम्मीदवार प्रति पद के हिसाब से आवेदन आए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि युवाओं में सरकारी नौकरी को लेकर आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।

    तेलंगाना की विकास दर लगभग 11%
    हालांकि, राज्य ने इस बढ़ते खर्च को अपनी मजबूत आर्थिक वृद्धि के बल पर संभाला है। तेलंगाना ने लगभग 11% की विकास दर दर्ज की है और राजस्व स्रोतों में भी स्थिर वृद्धि हुई है। सरकार ने डिजिटल सिस्टम के जरिए सब्सिडी वितरण को भी बेहतर बनाया है और ‘रायथु बंधु’ योजना के तहत 7,000 करोड़ रुपये वितरित किए हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य गठन के बाद पहले 10 वर्षों में कुल 15 लाख करोड़ रुपये का खर्च हुआ, जिसमें से करीब 12 लाख करोड़ रुपये वेतन, पेंशन और कर्ज चुकाने में खर्च हुए, जबकि केवल 3 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय पर खर्च किए गए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि राज्य की वित्तीय प्राथमिकताएं मुख्यतः राजस्व खर्च पर केंद्रित रही हैं, जिससे भविष्य में वित्तीय संतुलन बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

  • इंदौर में होली से पहले बड़ा निरीक्षण, मिठाई-डेयरी दुकानों से 38 सैंपल लिए गए

    इंदौर में होली से पहले बड़ा निरीक्षण, मिठाई-डेयरी दुकानों से 38 सैंपल लिए गए

    इंदौर 

    सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर कुल 38 खाद्य नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित डेयरी, नमकीन और मिठाई प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया और मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि होली तक यह विशेष अभियान लगातार जारी रखा जाए। अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए जाएं, ताकि मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।

    किस संस्थान पर क्या कार्रवाई की गई

        नंदलालपुरा स्थित शिवशक्ति दूध दही भंडार से दूध और दही के 2 नमूने लिए गए। जवाहर मार्ग, नंदलालपुरा सब्जी मंडी के जैन नमकीन भंडार से लौंग सेव का 1 नमूना लिया गया। सपना स्वीट्स (इमली बाजार) से मिठाई के 2 तथा अजय स्वीट्स (सादर बाजार) से दूध कतली और मिल्क केक के 2 नमूने जांच के लिए भेजे गए।

        इमली बाजार स्थित किशनलाल मायाराम पुरोहित प्रतिष्ठान से मिल्क केक, मावा, मावा पेड़ा, बेसन चक्की और पनीर सहित 5 नमूने लिए गए। यहां साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिलने पर सुधार सूचना पत्र जारी करने की कार्रवाई की जा रही है। पिपलियाहाना के फार्मर्स मिल्क कार्ट से पनीर, दही और मावा के 3 नमूने लिए गए।

        विधाता स्वीट्स एंड डेयरी (इमली बाजार) से मावा, मिल्क केक, मावा कतली और मावा टिकिया के 4 नमूने, अग्रवाल स्वीट्स प्रोडक्ट प्रा. लि. (स्कीम नंबर 140) से पेड़ा, बेसन लड्डू और काजू कतली के 3 नमूने लिए गए।

        ममता डेरी फार्म (148 सादर बाजार) से दही, पनीर और घी के 3 नमूने, आनंद श्री नमकीन एंड स्वीट्स (मरीमाता चौराहा) से मिल्क केक और मलाई टिकिया के 2 नमूने लिए गए। ओम नमकीन (दिलपसंद ग्रीन, स्कीम नंबर 140) से ड्राई फ्रूट चक्की, रतलामी सेव और खट्टा-मीठा नमकीन के 3 नमूने एकत्र किए गए।

        गुरु कृपा मिल्क एंड फूड (ब्रह्मबाग कॉलोनी, मरीमाता चौराहा) से घी, पनीर और दही के 3 नमूने लिए गए। राजेश दूध दही भंडार से दूध और दही के 2 तथा जैन मिठाई भंडार (ग्रेटर बृजेश्वरी, पिपलियाहाना) से मिल्क केक, बेसन चक्की और काजू कतली के 3 नमूने जांच हेतु भेजे गए।

    प्रशासन की सबसे बड़ी कार्रवाई इमली बाजार और नंदलालपुरा क्षेत्र में देखी गई। किशनलाल मायाराम पुरोहित के यहाँ जांच दल को न केवल मावा और पनीर के संदिग्ध नमूने मिले, बल्कि वहां फैली गंदगी देख अधिकारी भड़क गए, जिसके बाद संचालक को तत्काल सुधार का नोटिस थमाया गया। इमली बाजार की ही विधाता स्वीट्स और सपना स्वीट्स से भी मावे की कतली और मिठाइयों के सैंपल लिए गए। वहीं, नंदलालपुरा की शिवशक्ति डेयरी और जैन नमकीन भंडार पर भी जांच टीम ने औचक निरीक्षण कर शुद्धता की पड़ताल की।

    :: शहर के पॉश इलाकों में भी प्रशासन की धमक; जेएमबी और अग्रवाल स्वीट्स रडार पर ::
    मिलावट के विरुद्ध यह अभियान केवल पुराने शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पॉश कॉलोनियों में भी प्रशासन की धमक सुनाई दी। टीम ने अग्रवाल स्वीट्स प्रोडक्ट (स्कीम 140), जेएमबी (ग्रेटर बृजेश्वरी) और ओम नमकीन जैसे बड़े आउटलेट्स पर भी दस्तक दी। यहाँ से काजू कतली, बेसन चक्की और रतलामी सेव जैसे उत्पादों के नमूने लिए गए। सदर बाजार की अजय स्वीट्स और ममता डेयरी से घी व मावे के सैंपल लिए गए, जबकि मरीमाता चौराहे पर आनंद श्री और गुरु कृपा मिल्क पार्लर पर भी प्रशासनिक कड़ाई देखने को मिली। इन सभी नमूनों को पूरी पारदर्शिता के साथ सील कर विस्तृत जांच की प्रक्रिया में शामिल किया गया है।

    :: रिपोर्ट आते ही होगी सख्त जेल; मिलावटखोरों को कलेक्टर की सीधी चेतावनी ::
    कलेक्टर शिवम वर्मा ने साफ कर दिया है कि नागरिकों की सेहत के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा। लिए गए सभी 38 नमूनों को विशेष माध्यम से राज्य खाद्य प्रयोगशाला, भोपाल भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यदि रिपोर्ट में मिसब्रांडेड या अनसेफ सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित संचालकों पर भारी जुर्माने के साथ-साथ सीधे वैधानिक कार्रवाई यानी एफआईआर भी की जाएगी। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे खरीदारी करते समय पैकेट पर निर्माण तिथि, एफएसएसएआई नंबर और शुद्धता का विशेष ध्यान रखें ताकि त्योहारों का आनंद सुरक्षित बना रहे।

    कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए निर्देश

    कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट किया कि अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभिन्न विभागों के संयुक्त दल गठित कर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाएगी।

    आगामी त्योहारों को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जाएगा। एफएसएसएआई के रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम (RBIS) के तहत हाई-रिस्क प्रतिष्ठानों का प्राथमिकता से निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक दर्ज मामलों के अलावा आगे भी दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।

    बैठक में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

    शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर

    खाद्य सामग्री की गुणवत्ता या मिलावट संबंधी शिकायतों के लिए उपभोक्ता 0731-181 तथा 0755-2840621 पर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

  • प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जीवन हुआ आसान, महिलाओं को धुएँ से मिली मुक्ति

    प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जीवन हुआ आसान, महिलाओं को धुएँ से मिली मुक्ति

    रायपुर.

    प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन के संकल्प के साथ प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुँचे और उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन आए।

    इसी उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब एवं जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए जा रहे हैं। इस योजना से महिलाओं को रसोई में धुएँ से मुक्ति मिल रही है तथा उनका जीवन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बन रहा है। जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा में हाल ही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पात्र महिलाओं को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। इस अवसर पर लाभार्थियों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। विकासखंड बगीचा निवासी क्रांति यादव ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों गैस सिलेंडर प्राप्त कर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि अब उन्हें पारंपरिक चूल्हे के धुएँ से छुटकारा मिलेगा।

    पहले रसोई में धुएँ के कारण आँखों में जलन और सांस लेने में परेशानी होती थी, लेकिन अब गैस कनेक्शन मिलने से वे स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में आसानी से भोजन बना सकेंगी। इसी प्रकार ग्राम मड़िया निवासी श्रीमती फूलमती नगेसिया ने बताया कि वे अब तक लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाती थीं। धुएँ के कारण घर का वातावरण खराब हो जाता था और उन्हें काफी असुविधा होती थी। निःशुल्क गैस कनेक्शन मिलने से अब खाना जल्दी और साफ-सुथरे तरीके से बन सकेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना उनके लिए बहुत राहत लेकर आई है।

    प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है, बल्कि समय और श्रम की भी बचत हो रही है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से जिले की महिलाओं के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहा है। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।

  • ICC Men’s T20 World Cup में इरफान पठान की सलाह – रन रेट नहीं, जीत पर फोकस करे टीम इंडिया

    ICC Men’s T20 World Cup में इरफान पठान की सलाह – रन रेट नहीं, जीत पर फोकस करे टीम इंडिया

    नई दिल्ली
    पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने टीम इंडिया को साफ संदेश दिया है कि नेट रन-रेट की गणित में उलझने के बजाय पहले मैच जीतने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि अगर भारत शुरुआत से ही नेट रन-रेट का पीछा करने की सोच रखेगा, तो दबाव और बढ़ेगा। वेस्टइंडीज का नेट रन-रेट +5 से ऊपर और साउथ अफ्रीका का +3 से ज्यादा है, जबकि भारत फिलहाल निगेटिव में है। ऐसे में बड़े अंतर से जीत दर्ज करना आसान नहीं होगा। पठान के मुताबिक, 'पहली प्राथमिकता मैच जीतना होना चाहिए। अगर जीत मिलती है, तभी रन-रेट की बात करें।'

    भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए:
    साउथ अफ्रीका का बाकी मैच जीतना जरूरी है
    भारत को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज दोनों के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी
    अगर ऐसा नहीं हुआ तो फैसला नेट रन-रेट से हो सकता है, जो भारत के लिए फिलहाल बड़ी चुनौती है।

    टीम कॉम्बिनेशन पर उठे सवाल
    हार के बाद टीम संयोजन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
    टॉप ऑर्डर में तीन लेफ्ट हैंडर — अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा
    अभिषेक चार पारियों में सिर्फ 15 रन बना सके हैं, जिसमें तीन बार शून्य पर आउट हुए
    तिलक वर्मा ने 107 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 118 के आसपास रहा
    ईशान और अभिषेक ऑफ स्पिन के खिलाफ असहज दिखे

    सूर्यकुमार यादव का स्ट्राइक रेट भी मिड-130s में रहा, जिससे संकेत मिलता है कि कप्तान ने आक्रामक खेलने के बजाय पारी संभालने की कोशिश की।

    क्या नंबर 3 पर उतरेंगे सूर्या?
    इरफान पठान का मानना है कि बल्लेबाजी में संतुलन के लिए सूर्यकुमार यादव को नंबर 3 पर उतारने पर विचार किया जा सकता है। इससे टॉप ऑर्डर में तीन लेफ्ट हैंडर का पैटर्न टूटेगा और टीम को लचीलापन मिलेगा। हालांकि, नई गेंद के खतरे को देखते हुए टीम मैनेजमेंट अब तक उन्हें मिडिल ओवर्स के लिए बचाकर रख रहा है। भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 का मुकाबला 26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच भारत के लिए करो या मरो जैसा साबित हो सकता है।

     

  • कलेक्टर ऑफिस में नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख की ठगी, जांच के घेरे में रसूखदार चेहरे

    कलेक्टर ऑफिस में नौकरी दिलाने के नाम पर 11 लाख की ठगी, जांच के घेरे में रसूखदार चेहरे

    डोंगरगढ़.

    कलेक्टर कार्यालय खैरागढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर पांच लोगों से 11 लाख रुपये की ठगी का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है. इस प्रकरण में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, लेकिन जांच में राजनीतिक संरक्षण और रसूखदार लोगों की भूमिका सामने आने की चर्चा ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है.

    पीड़ित धीरज साहू की शिकायत पर डोंगरगढ़ थाना में अपराध क्रमांक 97/2026 धारा 420 और 34 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया. आरोप है कि बेरोजगार युवाओं और उनके परिजनों को कलेक्टर कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर की सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया गया और उनसे अलग-अलग किस्तों में बड़ी रकम वसूली गई. कुल मिलाकर पांच लोगों से 11 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया. हालांकि जांच यहीं नहीं रुकी है और अब इस ठगी के नेटवर्क के पीछे छिपे प्रभावशाली लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी गई है.

    सूत्रों की मानें तो इस पूरे खेल में कुछ राजनीतिक दलों से जुड़े नेताओं और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है. बताया जा रहा है कि भोले-भाले युवाओं को भरोसे में लेने और नौकरी का विश्वास दिलाने में इन प्रभावशाली चेहरों की भूमिका अहम रही. यही कारण है कि अब तक इस मामले के कई कथित सूत्रधार पुलिस कार्रवाई से दूर बने हुए हैं. पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव अंकिता शर्मा ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल अन्य रसूखदार आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की प्रक्रिया चल रही है.

    उन्होंने कहा कि जल्द ही और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा. यह मामला एक बार फिर बेरोजगारी के नाम पर सक्रिय ठगी गिरोहों और उनके कथित राजनीतिक संरक्षण पर सवाल खड़े कर रहा है. पुलिस की आगामी कार्रवाई पर अब पीड़ितों समेत पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं.

  • अनिल अंबानी ED के सामने पेश, 40,000 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई

    अनिल अंबानी ED के सामने पेश, 40,000 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में बड़ी कार्रवाई

    नई दिल्ली
     उद्योगपति और रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी की कानूनी मुश्किलें लगातार गहराती जा रही हैं. गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को अनिल अंबानी दिल्ली स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुख्यालय पहुंचे, जहाँ उन्होंने रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCOM) और उससे जुड़ी कंपनियों द्वारा किए गए कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपना बयान दर्ज कराया.

    अंबानी सुबह करीब 11 बजे केंद्रीय जांच एजेंसी के दफ्तर पहुंचे. सूत्रों के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की स्पेशल टास्क फोर्स (मुख्यालय) ने उनसे कई घंटों तक पूछताछ की. यह पूछताछ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत की गई है.

    ₹3,716 करोड़ का निजी आवास 'अबोड' कुर्क
    अनिल अंबानी की यह पेशी उस बड़ी कार्रवाई के ठीक बाद हुई है, जिसमें ED ने मुंबई के पॉश इलाके पाली हिल स्थित उनके आलीशान निजी आवास 'अबोड' (Abode) को अस्थायी रूप से कुर्क (Attach) कर लिया है. इस संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 3,716.83 करोड़ रुपये है. इससे पहले भी इस संपत्ति के एक हिस्से को कुर्क किया गया था, लेकिन अब पूरी इमारत जांच एजेंसी के घेरे में है.

    इस ताज़ा कार्रवाई के साथ ही, रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप की अब तक कुर्क की गई कुल संपत्तियों का मूल्य 15,700 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. पिछले साल भी एजेंसी ने नवी मुंबई स्थित 'धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी' (DAKC) की 132 एकड़ जमीन कुर्क की थी, जिसकी कीमत 4,462 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई थी.

    क्या है पूरा मामला?
    यह पूरा मामला सीबीआई (CBI) द्वारा दर्ज की गई उस एफआईआर (FIR) पर आधारित है, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस, अनिल अंबानी और अन्य पर आपराधिक साजिश (120-B), अमानत में खयानत (406) और धोखाधड़ी (420) के आरोप लगाए गए हैं.

    ED की जांच के अनुसार, RCOM और उसकी सहयोगी कंपनियों ने घरेलू और विदेशी बैंकों से भारी-भरकम कर्ज लिया था. वर्तमान में समूह पर बैंकों का कुल बकाया 40,185 करोड़ रुपये है. जांच एजेंसी का आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल उसी काम के लिए नहीं किया गया जिसके लिए कर्ज लिया गया था. इसके बजाय, फंड को अन्य समूह कंपनियों के कर्ज चुकाने (एवरग्रीनिंग), संबंधित पक्षों को ट्रांसफर करने या म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए डाइवर्ट किया गया.

    SBI ने घोषित किया 'फ्रॉड'
    संसद में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने पुष्टि की थी कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार रिलायंस कम्युनिकेशंस और इसके प्रमोटर अनिल अंबानी के खातों को 'फ्रॉड' (धोखाधड़ी) के रूप में वर्गीकृत किया है. केवल SBI ही नहीं, केनरा बैंक ने भी आरोप लगाया है कि RCOM ने उनके साथ 1,050 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है. कुल मिलाकर पांच बड़े बैंकों ने समूह के खातों को संदिग्ध माना है.

    शेल कंपनियों और विदेशी संपत्तियों की जांच
    जांच का दायरा केवल घरेलू बैंकों तक सीमित नहीं है. ED उन "अघोषित विदेशी बैंक खातों" और विदेशी संपत्तियों की भी जांच कर रही है, जिनका लिंक अंबानी परिवार से होने का संदेह है. इसके अलावा, यस बैंक (Yes Bank) के साथ हुए संदिग्ध लेनदेन भी रडार पर हैं, जहाँ रिलायंस म्यूचुअल फंड ने कथित तौर पर 'क्विड प्रो को' (Quid Pro Quo) के तहत यस बैंक के AT-1 बॉन्ड में 2,850 करोड़ रुपये का निवेश किया था.

    रिलायंस इंफ्रा में भी बड़ी गड़बड़ी का शक
    जांच में यह भी सामने आया है कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने सेबी (SEBI) के नियमों को ताक पर रखकर एक अघोषित संबंधित पार्टी (C-Company) के माध्यम से करोड़ों रुपये डाइवर्ट किए. एजेंसी का मानना है कि लोन डाइवर्जन का यह आंकड़ा 10,000 करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है.

  • प्राकृतिक रंगों से चमकेगी होली, स्व सहायता समूह की महिलाएं बना रहीं प्राकृतिक गुलाल

    प्राकृतिक रंगों से चमकेगी होली, स्व सहायता समूह की महिलाएं बना रहीं प्राकृतिक गुलाल

    रायपुर.

    रंगों के त्योहार होली को स्वसहायता समूह की महिलाएं इस बार और खास बना रही है। होली के त्योहार को प्राकृतिक रंगों से मनाने के लिए महिलाएं हर्बल गुलाल बना रही है। गरियाबंद जिले के ग्राम सढ़ौली की राखी महिला ग्राम संगठन की 10 सक्रिय महिलाएँ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के तहत हर्बल गुलाल का निर्माण कर आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही हैं।

    समूह की महिलाएं पलाश से पीला, चुंकदर से लाल और पालक के पत्तों से हरा रंग निकालकर मक्के की सूखी डंठल से प्राप्त अरारोट पाउडर में मिलाकर प्राकृतिक गुलाल का निर्माण कर रही है। इसमें हानिकारक रसायनिक तत्वों का बिल्कुल भी उपयोग नहीं किया जाता। जिससे हर्बल गुलाल त्वचा एवं सेहत के लिए सुरक्षित रहता है। राखी महिला ग्राम संगठन की ये महिलाएँ न केवल होली के त्योहार को प्राकृतिक और सुरक्षित बना रही हैं, बल्कि अपनी आजीविका को भी मजबूत कर रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएँ आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन की नई कहानी लिख रही हैं।

    यह पहल प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रही है। कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इन महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज महिलाएं स्वरोजगार सृजित कर आत्मनिर्भर बन रही है और समाज में अपनी अलग पहचान बना रही है। पीआरपी मीना साहू ने बताया कि पिछले वर्ष भी बिहान समुह के दीदियों द्वारा कुल 30 हजार रूपये से अधिक की बिक्री कर लगभग 10 हजार रूपये से अधिक की शुद्ध मुनाफा अर्जित की थी।

    समूह की महिलाओं से चर्चा के फलस्वरूप पारंपरिक तरीकों से बनाए गए प्राकृतिक गुलाल से न केवल सेहत स्वस्थ रहेगा, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल रहेगा। साथ ही महिलाओं के लिए आमदनी का नया स्रोत भी बन रहा है। पिछले वर्ष हर्बल गुलाल की मांग अधिक रही, जिसे देखते हुए इस बार महिलाओं ने रंग बनाना शुरू कर दिया है।

    महिलाओं ने बताया कि गुलाल बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह प्राकृतिक है। इसे तैयार करने में फूलों और पत्तियों का उपयोग किया जाता है, जिससे यह त्वचा के लिए सुरक्षित होता है। विभिन्न रंग बनाने के लिए प्राकृतिक सामग्रियों का उपयोग किया जाता है गुलाबी रंग के लिए चुकंदर और गुलाब की पंखुड़ियां, पीला रंग के लिए हल्दी और गेंदे के फूल, हरा रंग के लिए पालक व मेंहदी के पत्ते, नीला रंग के लिए अपराजिता के फूल और लाल रंग के लिए टेसू के फूलों का इस्तेमाल कर रही है।

  • किसानों की मांग पर सरकार ने झुकाव दिखाया, इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड रोड अब जमीनी स्तर पर बनेगा

    किसानों की मांग पर सरकार ने झुकाव दिखाया, इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड रोड अब जमीनी स्तर पर बनेगा

    इंदौर

     इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को लेकर किसान विरोध कर रहे थे। किसानों के विरोध को देखते हुए सरकार झुक गई है। सीएम मोहन यादव ने कहा कि मेट्रो पॉलिटन सिटी इंदौर-उज्जैन भविष्य की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होगा। इस नाते इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड फोर लेन प्रोजेक्ट भी किसानों के हित में उनके सुझाव के अनुरूप एलिवेटेड नहीं जमीनी स्तर पर बनाया जाएगा।

    किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा
    सीएम मोहन यादव ने कहा कि जिन किसानों की भूमि प्रभावित होगी, उन्हें उचित मुआवजा देने के लिये शासन-प्रशासन प्रतिबद्ध है। उन्होंने   इंदौर और उज्जैन जिलों के विभिन्न गांवों से आए किसान प्रतिनिधियों से चर्चा की है। सरकार के फैसले का किसानों ने आभार जताया है।

    फोर लेन का हो रहा है निर्माण
    मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के माध्यम से 2935.15 करोड़ रुपये की परियोजना के अंतर्गत क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए 2 जिलों के 28 ग्रामों को नया स्वरूप और जनसुविधा देने के लिये फोर लेन मार्ग निर्मित किया जा रहा है। उन्नत संरचना के अंतर्गत इंदौर-उज्जैन के मध्य 2 स्थानों वेस्टर्न रिंग रोड और उज्जैन बदनावर मार्ग क्रॉसिंग पर वृहद जंक्शन का प्रावधान है। परिवहन तेज और सुरक्षित रहे इसके लिये प्रत्येक टोल प्लाजा पर आवश्यक प्रबंध भी होंगे।

    सिंहस्थ को देखते हुए निर्माण
    मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-उज्जैन के इस पुराने मार्ग से जानापाव आने-जाने के लिये भी परिवहन होता रहा है। पूर्व के वर्षों में मार्ग के संकुचित होते जाने से जो दुर्घटनाएं होती रही हैं, वह सिलसिला अब थम जायेगा। किसानों से विचार विमर्श के पश्चात इस ग्रीन फील्ड फोर लेन मार्ग परियोजना के कार्यों को गति दी जा रही है। गत 20 फरवरी को अनुबंध निष्पादन के पश्चात अन्य कार्यवाही प्रचलन में है। आगामी सिंहस्थ को देखते हुए यह परियोजना बड़ी जनसंख्या को लाभान्वित करेगी। प्रदेश में सड़क अधोसंरचना को सशक्त करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।

    गौरतलब है कि इसे लेकर आसपास के किसानों ने विरोध शुरू कर दिया था। बड़े पैमाने पर किसान अनिश्चितकालीन धरना पर बैठने वाले थे। इसके बाद किसानों को भोपाल बुलाया गया और उनसे बातचीत के बाद सीएम मोहन यादव ने समस्या का हल निकाला है।

  • अधोसंरचना और अवसरों बढाकर खेल संस्कृति को कर रहे मजबूत: मुख्यमंत्री विष्णु देव

    अधोसंरचना और अवसरों बढाकर खेल संस्कृति को कर रहे मजबूत: मुख्यमंत्री विष्णु देव

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नया रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कपिल देव को बेल मेटल से बनी प्रतिकृति, पुण्यभूमि छत्तीसगढ़ कॉफी टेबल बुक भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

    मुलाकात के दौरान दोनों के बीच प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने, आधुनिक खेल अधोसंरचना के विकास, अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह  उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार द्वारा खेलों के प्रोत्साहन और खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए अधोसंरचना, प्रशिक्षण और अवसरों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। पूर्व कप्तान कपिल देव ने छत्तीसगढ़ में हो रहे सकारात्मक परिवर्तनों की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास के इस माहौल में प्रदेश की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट मंच प्राप्त होगा तथा छत्तीसगढ़ सुरक्षित, समृद्ध और विकसित राज्य के रूप में आगे बढ़ेगा।