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  • राज्यपाल  डेका ने वीर विनायक दामोदर सावरकर को श्रद्धांजलि दी

    राज्यपाल डेका ने वीर विनायक दामोदर सावरकर को श्रद्धांजलि दी

    रायपुर

    राज्यपाल  डेका ने वीर विनायक दामोदर सावरकर को श्रद्धांजलि दी

    राज्यपाल  रमेन डेका ने आज महान सेनानी, विचारक और क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर  “वीर सावरकर” जी  की पुण्यतिथि पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने राष्ट्रनिर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि वीर सावरकर भारत माता के उन वीर सपूतों में से एक हैं जिनकी बौद्धिक क्षमता, क्रांतिकारी उत्साह और भारत के भविष्य के प्रति अटूट प्रतिबद्धता अतुलनीय रही। वीर सावरकर जी महज एक क्रांतिकारी से कहीं अधिक थे, वे एक गहन विचारक थे जिनके बौद्धिक योगदान को देश भूल नहीं सकता।

    इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार  भीष्म प्रसाद पाण्डेय, उप सचिव सु निधि साहू एवं अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी सावरकर जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।

  • कांकेर में माओवादियों को बड़ा झटका: DVCM सहित तीन नक्सलियों का आत्मसमर्पण, नेटवर्क कमजोर

    कांकेर में माओवादियों को बड़ा झटका: DVCM सहित तीन नक्सलियों का आत्मसमर्पण, नेटवर्क कमजोर

    कांकेर

    छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त करने की डेड लाइन में अब केवल महीनेभर का वक्त बचा है. जंगलों में भटक रहे नक्सली मुख्याधारा में लौट रहे हैं. 3 दिन में 25 लाख रुपये के 3 नक्सली AK-47 हथियार के साथ आत्मसमर्पण चुके हैं. उत्तर बस्तर के जंगल में अभी भी 21 नक्सली शेष हैं. पुलिस का अनुमान है कि जल्द ये नक्सली भी आत्मसमर्पण कर उत्तर बस्तर इलाके को नक्सल मुक्त करने में अपनी अहम रोल अदा करेंगे. नक्सलियों के लिए पुलिस ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है. AK-47 हथियार के साथ लौटे नक्सली, 25 लाख के इनामी उग्रवादियों ने छोड़ी हिंसा

    दशकों से उत्तर बस्तर का इलाका नक्सलवाद का दंश झेलता आ रहा है. नक्सलियों के दहशत के कारण आज भी अंदरूनी इलाके विकास से कोसो दूर है. केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलवाद की समाप्ति के लिए मार्च 2026 की डेडलाइन तय की है. तय डेडलाइन के आधार पर चलाये जा रहे ऑपरेशन में पुलिस और सुरक्षा बल के जवानों को सफलता मिलती जा रही है. नक्सली मारे जा रहे हैं. बड़ी संख्या में नक्सली हथियारों के साथ मुख्यधारा में लौटकर आत्मसमर्पण कर रहे हैं.

    कांकेर में बचे हैं करीब 60 लाख के 21 इनामी नक्सली
    बीते 3 दिनों में दो डिवीसीएम व एक पार्टी सदस्य सहित 25 लाख रुपये के 3 नक्सलियों ने AK-47 हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया है. उत्तर बस्तर के भिहड़ में अभी भी 21 नक्सली बचे हैं. पुलिस को उम्मीद है कि ये भी जल्द आत्मसमर्पण कर सकते हैं. पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए बताया कि उत्तर बस्तर कांकेर में 60 लाख रुपये के आसपास के लगभग 21 नक्सली शेष बचे हुए हैं. बीते कुछ दिनों में कुछ नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं. बड़े कैडर के आत्मसमर्पण के बाद अब बचे हुए नक्सलियों के पास कोई आधार नहीं बचा है. उम्मीद है कि बचे हुए नक्सली भी जल्द आत्मसमर्पण कर सकते हैं.

    नक्सलियों के लिए हेल्पलाइन जारी
    पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि शेष बचे हुए नक्सलियों के लिए मोबाइल नंबर 9479194119 जारी किया गया है, जिससे वह बिना किसी भय के संपर्क कर सकते हैं. उन्हें सुरक्षित मुख्यधारा में लाने प्रयास किया जाएगा. सूत्र बताते हैं कि आगमी समय में उत्तर बस्तर के इलाके में शेष बचे 21 नक्सली भी जल्द आत्मसमर्पण कर सकते हैं. इससे यह कयास लगाए जा रहे हैं सरकार की डेड लाइन के पूर्व ही उत्तर बस्तर कांकेर जिला जल्द नक्सल मुक्त हो जाएगा, जो सरकार और पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी. इससे आम लोगों के लिए विकास की राह आसान होगा.

     

  • एपस्टीन फाइल में सामने आई नई तस्वीर, स्टीफन हॉकिंग को लेकर बढ़ी चर्चा

    एपस्टीन फाइल में सामने आई नई तस्वीर, स्टीफन हॉकिंग को लेकर बढ़ी चर्चा

    वाशिंगटन

    जब से एपस्टीन फाइल जारी हुई हैं, तब से अमेरिका समेत दुनियाभर में हड़कंप मचा हुआ है। कई नामी-गिरामी लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। अब स्टीफन हॉकिंग की एक तस्वीर सामने आई है, जिसने हंगामा खड़ा कर दिया है। जेफरी एपस्टीन की फाइलों से सामने आई इस फोटो में स्टीफन हॉकिंग दो बिकिनी पहनी महिलाओं के बीच में हैं। हॉकिंग के बगल में लेटीं दोनों महिलाओं की पहचान उजागर नहीं हुई है। एक महिला हॉकिंग के दाएं ओर है, तो दूसरी बाएं ओर लेटी है। तीनों के हाथों में पेय पदार्थ है और स्टीफन हॉकिंग वाला ग्लास उनके अलावा महिला ने भी पकड़ रखा है। दोनो महिलाओं के चेहरे को काले रंग से ढक दिया गया है, ताकि पहचान सामने न आए। दोनों ने ब्लैक कलर की बिकिनी पहन रखी है।

    जेफरी एपस्टीन की फाइलों के नए बैच से सामने आई इस तस्वीर के बारे में यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो सका कि तस्वीर कब और कहां ली गई थी, लेकिन इसका खुलासा होने के बाद यह सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलने लगी। स्टीफन के परिवार ने द पोस्ट को एक बयान में बताया, “प्रोफेसर हॉकिंग ने 20वीं सदी में फिजिक्स में सबसे बड़ा योगदान दिया, साथ ही वे मोटर न्यूरॉन बीमारी से सबसे लंबे समय तक बचने वाले व्यक्ति भी थे। यह एक ऐसी बीमारी थी जो उन्हें कमजोर कर देती थी और जिसके कारण उन्हें वेंटिलेटर, वॉइस सिंथेसाइज़र, व्हीलचेयर और चौबीसों घंटे मेडिकल केयर पर निर्भर रहना पड़ता था।”
    साल 2018 में हुई थी हॉकिंग की मौत

    बयान में आगे कहा कि उनकी तरफ से गलत व्यवहार का कोई भी इशारा गलत और बहुत दूर की कौड़ी है। हॉकिंग की 50 साल तक बीमारी से लड़ने के बाद साल 2018 में 76 साल की उम्र में मौत हो गई। वह दुनिया भर में मशहूर साइंटिस्ट्स के एक ग्रुप में शामिल थे, जिन्होंने मार्च 2006 में एपस्टीन द्वारा फंडेड और होस्ट किए गए एक कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था- यह उस बदनाम फाइनेंसर पर फ्लोरिडा में प्रॉस्टिट्यूशन के लिए लालच देने का आरोप लगने से पांच महीने पहले की बात है।
    कैरिबियन आइलैंड सेंट थॉमस पर हुई थी कॉन्फ्रेंस

    यह कॉन्फ्रेंस कैरिबियन आइलैंड सेंट थॉमस पर हुई थी, जो एपस्टीन के बदनाम प्राइवेट आइलैंड के पास है। बता दें कि हॉकिंग का नाम एपस्टीन की फाइलों में तब भी आया था, जब वर्जीनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि साइंटिस्ट ने एक बार वर्जिन आइलैंड्स में एक नाबालिग ग्रुप पार्टी में हिस्सा लिया था। फाइलों में मौजूद ईमेल के मुताबिक, एपस्टीन ने गिफ्रे के दोस्तों को कैश इनाम देने की पेशकश की थी, अगर वे उसके दावे को गलत साबित करने में मदद कर सकें। हालांकि, हॉकिंग पर कभी भी किसी गलत काम का ऑफिशियली आरोप नहीं लगाया गया और उनकी मौत 2019 में एपस्टीन के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार होने से पहले हुई थी।

  • वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर CM विष्णुदेव साय का नमन, कहा– राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा रहेंगे अमर

    वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर CM विष्णुदेव साय का नमन, कहा– राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा रहेंगे अमर

    रायपुर

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महान क्रांतिकारी, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वीर सावरकर केवल एक स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि दूरदर्शी विचारक, समाज सुधारक, ओजस्वी लेखक-कवि और प्रखर इतिहासकार भी थे। उन्होंने भारतीय स्वाधीनता संग्राम को नई वैचारिक ऊर्जा प्रदान की तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए सावरकर जी का त्याग, संघर्ष और अदम्य साहस भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। कालापानी की अमानवीय यातनाओं के बावजूद उनका राष्ट्र के प्रति समर्पण अडिग रहा। उनका संपूर्ण जीवन देशसेवा, आत्मबल और राष्ट्र गौरव का प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वीर सावरकर के विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते हैं। हमें उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए।

    इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष  सौरभ सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  भूपेंद्र सवन्नी,  मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी  आलोक सिंह,  राम गर्ग सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

  • श्रीलंका के बाहर होते ही छलका दर्द, कुमार संगाकारा बोले– ‘अब हमारी जरूरत नहीं रहेगी’

    श्रीलंका के बाहर होते ही छलका दर्द, कुमार संगाकारा बोले– ‘अब हमारी जरूरत नहीं रहेगी’

    कोलंबो
    टी20 विश्व कप 2026 की सह-मेजबान श्रीलंका टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। बुधवार को कोलंबो में खेले गए सुपर-8 के अपने दूसरे मुकाबले में श्रीलंका को न्यूजीलैंड के खिलाफ 61 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही श्रीलंका विश्व कप से बाहर हो गई। सुपर-8 के पहले मैच में भी श्रीलंका को इंग्लैंड के हाथों 51 रन से हार का सामना करना पड़ा था।

    श्रीलंका के विश्व कप से बाहर होने के बाद पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा निराश नजर आए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी निराशा व्यक्त की। संगकारा ने कहा कि 2014 में टी20 विश्व कप जीतने के बाद से श्रीलंका का लगातार पांचवीं बार सेमीफाइनल में न पहुंच पाना बेहद निराशाजनक है।

    कुमार संगाकारा ने एक्स पर लिखा, “हर तरफ बहुत दुख है। फैंस दुखी, निराश और गुस्से में हैं। खिलाड़ी भी बहुत दुखी हैं। मैं भी ऐसे ही ड्रेसिंग रूम में रहा हूं। यह आसान नहीं है, लेकिन यह जिम्मेदारी मैदान के साथ आती है। अपने देश और अपने लोगों का प्रतिनिधित्व करना एक बोझ के साथ ही बहुत बड़ा सौभाग्य है। सही रास्ते पर आने के लिए हर स्तर पर बहुत काम करना है। हम एक ही चीज बार-बार नहीं कर सकते और अलग नतीजों की उम्मीद नहीं कर सकते, जब हमारे आस-पास क्रिकेट की दुनिया इतनी तेजी से बदल गई है। हमने खुद को नहीं बदला है और खतरा यह है कि हम बेकार हो जाएंगे।”

    श्रीलंका टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 स्टेज से बाहर होने वाली पहली टीम बनी है। 2014 में विजेता बनने के बाद यह लगातार पांचवां मौका है, जब श्रीलंका सेमीफाइनल में नहीं पहुंची है। 2014 में भारत को हराकर टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली टीम का संगाकारा हिस्सा थे। वे 2009 से 2014 के बीच टीम के स्वर्णिम दौर का हिस्सा रहे, जब श्रीलंका चार लगातार संस्करणों में कम से कम सेमीफाइनल तक पहुंचा, 2009 और 2012 में फाइनल खेला, और 2014 में खिताब जीता।

     

  • ‘द केरला स्टोरी 2’ की रिलीज टली, केरल हाईकोर्ट के फैसले से मेकर्स को झटका

    ‘द केरला स्टोरी 2’ की रिलीज टली, केरल हाईकोर्ट के फैसले से मेकर्स को झटका

    तिरुवनंतपुरम

    केरल स्टोरी 2 टीजर रिलीज के बाद से ही काफी विवादों में घिरी हुई है. फिल्म 27 फरवरी को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली थी, लेकिन केरल हाईकोर्ट फिल्म की रिलीज पर ब्रेक लगा दिया है. केरल हाई कोर्ट ने विवादित फिल्म केरल स्टोरी 2 की स्क्रीनिंग पर 15 दिनों की अंतरिम रोक लगा दी है. जानकारी के मुताबिक, केरल हाईकोर्ट ने एक याचिका के बाद रिलीज पर रोक लगा दी है और कहा है कि फिल्म में राज्य को गलत तरीके से दर्शाया गया है.

    केरल हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की डिटेल्ड दलीलें सुनने के बाद ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ की रिलीज अपना फैसला सुनाया है. बुधवार को फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की अर्जी पर सुनवाई की थी. सुनवाई के दौरान, पिटीशनर, फिल्ममेकर्स और केंद्र सरकार के बीच तीखी बहस हुई थी.
    ‘कोर्ट को घेरने’ की कोशिश न करें

    कोर्ट ने साफ कर दिया है कि लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इस मामे में मेकर्स में अर्जेंट रूलिंग की रिक्वेस्ट की थी, क्योंकि फिल्म 27 फरवरी को दुनियाभर में रिलीज होनी थी. कोर्ट ने कल (25 फरवरी) हुई सुनवाई में भी चेतावनी दी कि वे जल्दबाजी में फैसला देने के लिए ‘कोर्ट को घेरने’ की कोशिश न करें. कोर्ट ने साफ कहा था कि सभी दलीलें पूरी तरह सुना जाएगा और ऑर्डर पास करने से पहले कोर्ट जरूरी समय लेगा.
    CBFC पर खड़े किए सवाल

    कोर्ट ने फिल्म को दिए गए क्लासिफिकेशन को लेकर सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) पर भी सवाल उठाए थे. बेंच ने सर्टिफिकेशन के फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा, ‘आपने फिल्म को ‘A’ सर्टिफिकेट भी नहीं दिया. आपने U/A दिया है.’
    फिल्म को लेकर क्यों हुआ विवाद

    ‘द केरल स्टोरी 2’ साल 2023 में आई फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ का सीक्वल है. ‘द केरल स्टोरी’ को सुदीप्तो सेन ने डायरेक्ट किया था. उस वक्त भी इस फिल्म को लेकर काफी बवाल मचा था. अब सीक्वल के निर्देशन की कमान कामाख्या नारायण सिंह ने संभाली है. इस बार कहानी में जबरदस्ती धर्म बदलने और हिंदू लड़कियों को प्यार के नाम पर फंसाने जैसे मुद्दों को दिखाया जा रहा है. इसी के चलते सियासी और सामाजिक बहस छिड़ गई है कि जैसा फिल्म में दिखाया जा रहा है, वैसा कुछ नहीं है. सीएम पिनाराई विजयन ने सीक्वल को ‘झूठा प्रोपेगैंडा’ और ‘जहरीला’ बताया था.

  • अल्बानिया में सुजीत कलकल का जलवा, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग रैंकिंग सीरीज में जीता गोल्ड

    अल्बानिया में सुजीत कलकल का जलवा, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग रैंकिंग सीरीज में जीता गोल्ड

    तिराना
    अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत कलकल ने मुहामेट मालो 2026 कुश्ती टूर्नामेंट में पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता। 23 साल के भारतीय पहलवान ने फाइनल में अजरबैजान के राशिद बाबाजादे को 10-0 से हराया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में जॉर्जिया के नीका जकाशविली को 10-0 से हराने और अल्बानिया के एंड्रियो अवदली पर 16-4 की जीत के साथ अपने कैंपेन की शुरुआत करने के बाद सेमीफाइनल में अमेरिका के दो बार के पैन अमेरिकन चैंपियन जोसेफ मैककेना पर 11-0 से शानदार जीत हासिल की। इस महीने की शुरुआत में क्रोएशिया में जाग्रेब ओपन जीतने के बाद, यह 2026 यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग रैंकिंग सीरीज में उनका लगातार दूसरा स्वर्ण पदक है।

    सुजीत ने एंड्रियो अवदली पर 16-4 से जीत के साथ वार्म अप किया, जिन्होंने बाउट की शुरुआत में भारतीय खिलाड़ी को चार अंक पर पटक दिया था। नीका जकाशविली (जॉर्जिया) अगले 10-0 से हार गए, इससे पहले सुजीत ने जोसेफ मैककेना (अमेरिका) को 11-0 से हराया, यह स्कोर जाग्रेब ओपन के सेमीफाइनल जैसा ही था।

    राशिद, जिन्होंने सेमीफाइनल में विटाली अरुजाउ (अमेरिका) के खिलाफ 16-13 से जीत हासिल की थी, वे फाइनल में मुकाबला नहीं कर पाए। सुजीत ने उन्हें 10-0 से हराकर लगातार दूसरा रैंकिंग सीरीज स्वर्ण पदक जीता।

    कुल मिलाकर, यह यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग रैंकिंग सीरीज सर्किट में सुजीत का चौथा स्वर्ण पदक था। इससे पहले उन्होंने 2022 जैहैर शघायर और 2025 पोलाक इमरे और वर्गा जानोस मेमोरियल में टॉप स्थान हासिल किया था। इसी कैटेगरी में हिस्सा ले रहे भारत के मोहित कुमार क्वालिफाइंग राउंड से आगे नहीं बढ़ पाए।

    57 किग्रा श्रेणी में अंकुश और आतिश टोडकर ने कांस्य पदक तक पहुंचने के लिए रेपेचेज में मुकाबला किया, लेकिन अपने-अपने मैचों में हार गए। इस बीच, सुमित (57 किग्रा), राहुल (61 किग्रा), सिद्धार्थ (70 किग्रा), परविंदर (74 किग्रा), और आर्यन (86 किग्रा) अपने-अपने वेट डिवीजन में मेडल राउंड तक पहुंचने में नाकाम रहे।

    भारत ने मुहामेट मालो 2026 के लिए 48 सदस्यों की कुश्ती टीम भेजी थी, जिसमें पुरुषों की फ्रीस्टाइल, महिलाओं की डिवीजन और ग्रीको-रोमन कैटेगरी में 16-16 लोग शामिल थे।

     

  • रायगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 11 अधिकारियों के तबादले की सूची जारी

    रायगढ़ पुलिस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, 11 अधिकारियों के तबादले की सूची जारी

    रायगढ़
    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक के आदेश पर एक साथ 11 थाना प्रभारियों का तबादला कर दिया गया है। इस बड़े कदम को जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

    पुलिस विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, हाल के दिनों में जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और संवेदनशील मामलों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि नए थाना प्रभारियों की तैनाती से अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं मिलेंगी।

    तबादला किए गए थाना प्रभारियों की लिस्ट

    इस बड़े फेरबदल में जिन अधिकारियों के नाम शामिल हैं –
    राम किंकर यादव, प्रशांत राव आहेर, मोहन भारद्वाज, अभिनव कांत सिंह, राकेश मिश्रा, कमला पुसाम, नसीरुद्दीन खान, त्रिनाथ त्रिपाठी, अमित तिवारी, कुसुम तैवर्त और दीपिका निर्मलकर।

    जनता को क्या मिलेगा फायदा?

    स्थानीय लोगों का कहना है कि थाना प्रभारियों के बदलने से

    अपराध पर लगाम लगेगी

    मामलों की जांच में तेजी आएगी

    थानों में आम जनता की सुनवाई बेहतर होगी

    हालांकि कुछ इलाकों में नए अधिकारियों के आने से शुरुआती दिनों में व्यवस्थागत बदलाव के कारण थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन प्रशासन को उम्मीद है कि जल्द ही हालात बेहतर होंगे।

    बड़ा सवाल: क्या इस बड़े फेरबदल के बाद रायगढ़ जिले में अपराध पर सच में लगेगी लगाम? जवाब आने वाले दिनों में सामने आएगा।

  • कर्नाटक संकट में, मयंक अग्रवाल का शतक बना टीम की ढाल

    कर्नाटक संकट में, मयंक अग्रवाल का शतक बना टीम की ढाल

    नई दिल्ली
    कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर के बीच रणजी ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी जम्मू-कश्मीर की टीम ने कर्नाटक के गेंदबाजों को खूब परेशान किया। दो दिन से अधिक बल्लेबाजी करने के बाद जम्मू-कश्मीर की टीम 584 रनों पर सिमटी। तीसरे सेशन का खेल जारी है।

    कर्नाटक ने 49 ओवरों में पांच विकेट खोकर 169 रन बनाए हैं। सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल (नाबाद 102) शतक जड़कर क्रीज पर डटे हैं। कृतिक कृष्ण 1 रन बनाकर क्रीज पर हैं। कर्नाटक की शुरुआत काफी खराब रही थी और उसने मात्र 57 रनों पर ही अपने 4 शीर्ष विकेट गंवा दिए थे। ऐसे में मयंक और श्रेयस गोपाल (27) ने पांचवें विकेट के लिए 105 रनों की साझेदारी की। जम्मू-कश्मीर के लिए शुभम पुंडीर ने शतक जड़ 121 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं उनके अलावा 5 बल्लेबाजों ने अर्धशतक जड़े। कर्नाटक के लिए सबसे सफल गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा रहे, जिन्होंने 5 विकेट हॉल लिया।

    जम्मू-कश्मीर ने रणजी ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन खराब रोशनी के कारण खेल जल्दी खत्म होने से पहले आठ बार की चैंपियन कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में छह विकेट पर 527 रन बना लिए। जम्मू-कश्मीर ने सुबह दो विकेट पर 284 रन से आगे खेलते हुए अच्छी पिच का फायदा उठाया जिसमें कन्हैया वधावन और कप्तान पारस डोगरा ने 70-70 रन बनाए। शुभम पुंडीर ने 121 रन बनाकर पहले ही लय बना दी थी जबकि यावर हसन (88) और अब्दुल समद (61) ने अर्धशतक बनाए। साहिल लोत्रा ​​ने सातवें नंबर पर नाबाद 57 रन बनाकर 50 रन का आंकड़ा पार करने वाले छठे बल्लेबाज बने। उनके साथ आबिद मुश्ताक 20 रन बनाकर खेल रहे हैं। कर्नाटक के लिए तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने 90 रन देकर तीन विकेट लिए।

  • भोपाल धर्मांतरण मामला: अमरीन के घर से चलता था पूरा नेटवर्क, ब्लैकमेल और दबाव की साजिश उजागर

    भोपाल धर्मांतरण मामला: अमरीन के घर से चलता था पूरा नेटवर्क, ब्लैकमेल और दबाव की साजिश उजागर

    भोपाल 

    राजधानी भोपाल में दो सगी बहनें अमरीन और आफरीन घर से अनैतिक गतिविधियों का संगठित गिरोह संचालित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस जांच और जिला अदालत में दर्ज पीड़िताओं के बयानों के आधार पर सामने आया है कि आरोपित बहनें युवतियों को नौकरी, आर्थिक सहायता या पारिवारिक सहयोग का झांसा देकर अपने संपर्क में लाती थीं। बताया गया है कि वे कभी स्वयं को ननद-भाभी, कभी सहेली, तो कभी सहकर्मी बताकर युवतियों का विश्वास जीतती थीं। जो युवतियां उनके संपर्क में आकर उनके ठिकाने पर रहने लगती थीं, उन्हें कथित रूप से मुस्लिम युवकों से मिलवाया जाता था और उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया जाता था।

    पीड़िताओं के अनुसार, यदि कोई युवती विरोध करती थी तो उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो दिखाकर बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। शुरुआती घटनाएं नर्मदापुरम रोड स्थित सागर रॉयल विला के एक डुप्लेक्स से जुड़ी बताई गई हैं, जहां से पूरे नेटवर्क का संचालन होने का आरोप है। आरोप है कि इसी स्थान पर युवतियों का पहला शोषण कराया जाता था और बाद में उन्हें कथित रूप से हाईप्रोफाइल पार्टियों में भेजा जाता था।

    धार्मिक दबाव के भी आरोप
    अदालत में दर्ज बयानों में कुछ पीड़िताओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें अपनी पहचान छिपाने के लिए बुर्का पहनने के लिए कहा जाता था। साथ ही मुस्लिम रीति-रिवाजों का पालन करने और बाद में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था। उन्हें बेहतर जीवन और सुरक्षा का भरोसा दिलाया जाता था। पीड़िताओं ने यह भी कहा कि उन्हें केवल धार्मिक आधार पर नहीं, बल्कि आर्थिक शोषण के उद्देश्य से भी दबाव में रखा जाता था। आरोप है कि देह व्यापार में धकेले जाने के बाद उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा आरोपित बहनें अपने पास रख लेती थीं।

    युवकों को भी बनाया निशाना
    जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कई युवकों को भी ब्लैकमेल किया गया। पीड़िताओं के अनुसार, जिन युवकों ने मोटी रकम देने से इनकार किया, उनके खिलाफ अन्य शहरों में दुष्कर्म या अन्य गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज कराए गए। इनमें अहमदाबाद सहित अन्य शहरों के नाम सामने आए हैं। बाद में समझौते के नाम पर पैसे लेकर मामले शांत किए जाते थे। बताया गया है कि ब्लैकमेल किए गए अधिकांश युवक उसी नेटवर्क के ग्राहक थे, जो बदनामी के डर से चुप्पी साधे रहे। पुलिस ऐसे मामलों की जानकारी एकत्र कर रही है और दर्ज एफआईआर की कड़ियां खंगाल रही है।

    कोर्ट में बयानों से खुला नेटवर्क
    जिला अदालत में दर्ज बयानों में पीड़िताओं ने कहा है कि वे अकेली नहीं हैं। इस गिरोह के जाल में कई कॉलेज छात्राएं, शादीशुदा महिलाएं और वे महिलाएं भी फंसीं, जो पति की मृत्यु या अलगाव के बाद नौकरी की तलाश में थीं। गिरोह पहले ग्राहकों से सौदा तय करता था, फिर तय समय पर युवतियों को अपने घर बुलाया जाता था। वाट्सएप के जरिए कथित ग्राहकों को युवतियों की तस्वीरें भेजी जाती थीं। पुलिस ने मोबाइल से कई तस्वीरें जब्त की हैं, हालांकि अभी अन्य संभावित पीड़िताओं ने औपचारिक बयान दर्ज नहीं कराए हैं।

    पुलिस कार्रवाई और रिमांड
    बागसेवनिया थाना पुलिस ने मुख्य आरोपित अमरीन और एक अन्य आरोपी चंदन को अतिरिक्त रिमांड पर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि सागर रॉयल विला स्थित डुप्लेक्स चार वर्ष पूर्व किराये पर लिया गया था। मकान मालिक की भूमिका की भी जांच की जा रही है और उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने की तैयारी है। पुलिस मुख्यालय भी सक्रिय हो गया है। डीएसबी और इंटेलिजेंस शाखा के अधिकारियों ने थाने पहुंचकर विस्तृत जानकारी ली। एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम अन्य राज्य में डेरा डाले हुए है, जबकि सह-आरोपी न्यायिक हिरासत में है।

    जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी
    मामले की गंभीरता और संभावित पीड़ितों की संख्या को देखते हुए पुलिस आयुक्त संजय कुमार द्वारा पूरे प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की तैयारी की जा रही है। हाल ही में पुलिस टीम आरोपित को लेकर सागर रॉयल विला स्थित ठिकाने पर पहुंची और तलाशी ली, जहां से बुर्का और कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है।

    धमकी और प्रभाव का आरोप
    पीड़िताओं ने पुलिस को दिए बयान में यह भी कहा है कि विरोध करने पर आरोपित महिलाएं राजनीतिक और प्रशासनिक संपर्कों का हवाला देकर डराती थीं। वे कथित रूप से कहती थीं कि वीडियो वायरल कर बदनाम कर देंगी या उल्टा ब्लैकमेल का मामला दर्ज करा देंगी। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, दर्ज प्रकरणों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। मामले में आगे और खुलासों की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।