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  • “स्व से सृष्टि” तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    “स्व से सृष्टि” तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    "स्व से सृष्टि" तक मंगल ही हमारा संकल्प, सेवा ही हमारा परम धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जो सबके मंगल की कामना करे, ऐसी महान है हमारी भारतीय संस्कृति
    सिंहस्थ महाकुंभ-2028 में सभी साधु-संतों को किया आमंत्रित
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव भीलवाड़ा में सनातन मंगल महोत्सव, संत समागम एवं दीक्षा महोत्सव में हुए शामिल

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार को राजस्थान के भीलवाड़ा में हरिशेवा उदासीन आश्रम के स्थानापति परमपूज्य  महामण्डलेश्वर स्वामी हंसरामजी महाराज की मौजूदगी में हुए सनातन मंगल महोत्सव, संत समागम एवं दीक्षा महोत्सव में शामिल हुए। राजा भलराज भील की नगरी भीलवाड़ा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वामी हंसरामजी महाराज से भेंटकर उनका सानिध्य और आशीर्वाद भी प्राप्त किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगल महोत्सव एवं संत समागम में देश-विदेश से आये विद्वतजनों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबके मंगल की कामना करने वाली महान और गौरवशाली भारतीय संस्कृति के संवाहक हैं। हमारी संस्कृति का सूत्र वाक्य ही 'वसुधैव कुटुंबकम्' है। हमारा यही जीवन मूल्य हमें "स्व के साथ पूरी सृष्टि" के कल्याण की प्रेरणा देता है। सनातन मंगल महोत्सव का आयोजन हमारी सर्व कल्याणकारी भावना की ही जीवंत अभिव्यक्ति है। खुद के लिए तो सब जीते हैं, संसार के सभी प्राणियों, जीव-जंतुओं, पेड़-पौधों-वनस्पतियों के कल्याण के जीवोमूल लक्ष्य के लिए जीना ही हम सबका परम सेवाधर्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें सेवा, समर्पण, विश्व बंधुत्व और सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की परोपकारी भावना में निहित हैं। सेवाभाव ही हमारी संस्कृति का प्राण है और जीवमात्र की सेवा ही हरि की सेवा है, सम्पूर्ण मानवता की सेवा है। उन्होंने कहा कि 'रा' से राजस्थान और 'म' से मध्यप्रदेश मिलकर 'राम' की महिमा बढ़ा रहे हैं। हमारी सरकार राम और कृष्ण के जहां-जहां चरण पड़े, उन स्थानों को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित कर रही है। हम रामचन्द्र गमन पथ और  कृष्ण पाथेय तैयार कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामाजिक जीवन में नैतिक मूल्यों, करुणा, सद्भाव और समरसता के प्रसार में संतजनों की भूमिका निरापद रूप से अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। पूज्य हंसरामजी महाराज धर्म के सभी मूल्यों, भक्ति, सेवा, सत्य, अहिंसा को जीवंत रख रहे हैं। आश्रम के माध्यम से आपने हजारों असहायों को सहारा दिया। उन्होंने कहा कि मानव कल्याण के पुनीत उद्देश्य से हो रहे इस मंगल आयोजन में आकर वे बेहद गौरवान्वित हैं। संस्कृति से ही हमारी पहचान है। हमारी सरकारें जीवन मूल्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवा, पर्यावरण पर एकजुट होकर काम कर रही हैं। हमें संकल्प लेना होगा कि हम अपने बच्चों को वेद-पुराण पढ़ाएं, संस्कार दें, सेवा में लगाएं और धर्म की रक्षा करें। धर्म केवल पूजा नहीं, हमारी जीवन पद्धति है। सेवा से हरि मिलते हैं। भक्ति से मुक्ति मिलती है। इसलिए हम सब मिलकर संकल्प लें कि समाज में एकता लाएंगे, युवाओं को अच्छे संस्कार देंगे और भारत को एक बार पुन: विश्व गुरु बनाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धर्म का मंगल तभी संभव है, जब हम संतजनों के उपदेशों को अपने जीवन में भी उतारें। उन्होंने कहा कि धर्म हमारे जीवन का सार है, जो हमें बताता है कि हम कौन हैं, हमारा उद्देश्य क्या है और इस उद्देश्य के लिए हम किस दिशा में आगे बढ़ें। भगवान राम का गुरु वशिष्ठ से तथा कृष्ण का गुरु सांदीपनि से शिक्षा गृहण करना हमें गुरु-शिष्य परंपरा सिखाता है। आज हमें इन्हीं जीवन मूल्यों को पुन: स्थापित करने की जरूरत है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि सिंहस्थ कुंभ के माध्यम से उज्जैन को देशभर के साधु-संतों का आशीर्वाद मिलता रहा है। सनातन संस्कृति में हमारे बच्चे परिवार को अमरता प्रदान करते हैं। "यत्र पिंडे-तत्र ब्रह्मांडे", जैसा हमारे पिंड में है वैसा ही ब्रह्मांड में है। संतों के माध्यम से करोड़ों साल से ज्ञान की गंगा प्रवाहित होती रही है। साधु-संतों के जरिए हमें देवताओं के दर्शन होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. ने कहा कि जब बृहस्पति ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करते हैं, तब सिंहस्थ होता है। उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ का भव्य आयोजन होने वाला है। मुख्यमंत्री ने सभी साधु-महात्माओं और संत-वृंदों को सिंहंस्थ में आकर सबको आशीष रूपी अमृत देने के लिए आमंत्रित भी किया।

    सनातन मंगल महोत्सव एवं संत समागम में 3 युवा संतों  ईशानराम जी महाराज,  केशवराम जी महाराज और  सुमज्ञराम जी महाराज को सन्यास की दीक्षा दिलाई गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तीनों युवा सन्यासियों का माल्यार्पण एवं नमन करते हुए उनका अभिनंदन किया।

    राजस्थान सरकार के सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम कुमार दक ने कहा कि भीलवाड़ा एक धार्मिक नगरी है। यह हरि और हर के मिलन केंद्र जैसा है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सनातन मंगल महोत्सव में भीलवाड़ा आकर हम सबका मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के संकल्प से आज अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। हमारा 500 साल पुराना सपना अब साकार हो गया है।

    मध्यप्रदेश से राज्यसभा सदस्य  बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज ने हरिशेवा धाम में आयोजित सनातन मंगल महोत्सव और संत समागम में पधारने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना। उन्होंने बताया कि स्वामी हंसरामजी महाराज हंसगंगा यात्रा निकाल रहे हैं, यह एक बेहद अनुकरणीय पहल है। उन्होंने कहा कि कलियुग में मनुष्य में जैसा सोचता है, वैसा हो जाता है। यह सामाजिक समरसता का समय है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने इसी भाव के अनुरूप सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि हमारी भारतीय संस्कृति में दीक्षा संस्कार गुरु-शिष्य की प्राचीन परंपरा को आगे ले जाता है। हमें अपने बच्चों को बाल्यकाल से ही संतों की शरण में जरूर भेजना चाहिए, ताकि वे बचपन से ही अपनी धर्म परम्पराओं और संस्कारों से जुड़ें।

    संत समागम को भीलवाड़ा के सांसद  दामोदर अग्रवाल, महामंडलेश्वर स्वामी हंसराम जी महाराज और पूज्य ज्ञानेश्वरी दीदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर  हितेश्वरानंदजी,  हरेरामजी,  अरूणदासजी,  सुखदेवानंदजी, कई प्रमुख आश्रमों के महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, महंत, अधिपति सहित बड़ी संख्या में साधु-संत एवं धर्म श्रद्धालु उपस्थित थे।

     

  • सरकार का नया नियम: 1 मार्च से WhatsApp बिना SIM के नहीं चलेगा, नंबर बदलने पर अकाउंट बंद

    सरकार का नया नियम: 1 मार्च से WhatsApp बिना SIM के नहीं चलेगा, नंबर बदलने पर अकाउंट बंद

    नई दिल्ली

    अगर आप WhatsApp यूजर हैं, तो यह खबर आपके काम की है। दरअसल केंद्र सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि SIM-Binding नियम में कोई बदलाव या ढील नहीं दी जाएगी। यह नियम WhatsApp, Telegram, Signal मैसेजिंग ऐप्स लागू होते हैं, और इसका लक्ष्य डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाना है। यानी 1 मार्च से यह नियम लागू रहेगा और कंपनियों को इसे मानना ही होगा। सरकार के अनुसार, इन ऐप्स को एक्टिव SIM कार्ड से लगातार जुड़े रहना होगा, जिससे यह कन्फर्म किया जा सके कि व्हाट्सऐप उपयोग होने वाला नंबर असली और एक्टिव है। अगर SIM हटाई जाती है या इनएक्टिव होती है, तो ऐप की सेवाएं उस डिवाइस पर काम नहीं करेंगी।
    SIM-Binding क्या है?

    जिस मोबाइल नंबर से आपने WhatsApp अकाउंट बनाया है, वही SIM आपके फोन में एक्टिव रहनी चाहिए। अगर वह SIM आपके फोन में नहीं है या बंद हो गई है, तो WhatsApp ठीक से काम नहीं करेगा। अब तक मैसेजिंग ऐप्स में 6-डिजिट OTP डालकर एक बार लॉगिन होने के बाद SIM की मौजूदगी लगातार नहीं चेक होती थी। नया नियम यह बदलने वाला है अब हर समय SIM को एक्टिव और फोन में मौजूद होना जरूरी होगा। सरकार ने यह बदलाव इसलिए किया है क्योंकि वह डिजिटल धोखाधड़ी, फर्जी नंबरों का दुरुपयोग और साइबर अपराध को रोकने पर जोर दे रही है। जब हर अकाउंट एक वेरिफाइड SIM से जुड़ा होगा, तो फ्रॉड और फेक अकाउंट्स को पहचानना आसान हो जाएगा।
    1 मार्च 2026 के बाद कोई ढील नहीं

    डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्यूनिकेशंस (DoT) ने SIM-Binding नियम को 28 नवंबर 2025 को जारी किया था और कंपनियों को इसे पूरा करने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि 1 मार्च 2026 तक सभी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को इस सिस्टम को लागू करना पड़ेगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि अलग-अलग डिवाइस पर लॉगिन किए गए Web या Desktop के लिए भी छह घंटे का ऑटो लॉग-आउट नियम भी लागू रहेगा। इसका यह मतलब है कि अगर आप कंप्यूटर या वेब पर WhatsApp चला रहे हैं, तो हर छह घंटे में आपको QR कोड से फिर से लॉगिन करना पड़ेगा।
    आम लोगों पर पड़ेगा ये असर

    अगर आपका नंबर एक्टिव है और वही SIM आपके फोन में लगी है, तो आपको ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। आपका WhatsApp सामान्य तरीके से चलता रहेगा।लेकिन अगर आपने फोन से SIM निकाल दी या वहीं SIM दूसरे फोन में डाल दी तो आपका व्हट्सऐप टेम्पररी इनएक्टिव हो जाएगा। साथ ही आपका नंबर बंद हो गया (रिचार्ज न होने की वजह से) तो WhatsApp दोबारा वेरिफिकेशन मांग सकता है या बंद भी हो सकता है। दरअसल केंद्र सरकार का मानना है कि अगर हर अकाउंट एक एक्टिव SIM से जुड़ा होगा, तो फर्जी नंबर, स्कैम और साइबर अपराधों के खिलाफ लड़ाई और मजबूती से लड़ी जा सकती है।

  • मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 188 जोड़े बधे मंगल सूत्र में

    मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत 188 जोड़े बधे मंगल सूत्र में

    राजेन्द्रग्राम

    अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के बिजली ग्राऊण्ड में मुख्यमंत्री कन्या सामुहिक विवाह के तहत गुरूवार को सामुहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इस भव्य कार्यक्रम में कुल 188 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे, शहडोल संसदीय क्षेत्र के सांसद हिमाद्री 

     सिंह ने समारोह में भाग लिया। उन्होंने नवदंपतियों को उनके भावी दांपत्य जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं और आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर पुष्पराजगढ़ विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को,भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम, जिला पंचायत सदस्य भुनेश्वरी धुर्वे,जिला पंचायत सदस्य दरोगा सिंह मरावी,जनपद अध्यक्ष मिथिलेश सिंह मराबी पूर्व विधायक सुदमा सिंह सिंग्राम,नगर परिषद  अमरकंटक अध्यक्ष पार्वती सिंह, नगर परिषद कोतमा व नगर परिषद बिजुरी अध्यक्ष सम्मिलित रहे। अधिकारी व जनप्रतिनिधि,नागरिक काफी संख्या मे उपस्थित रहे। सांसद हिमाद्री सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में देश और प्रदेश में विकास के साथ-साथ जनकल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा अनेक जनहितैषी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों का पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है, जबकि पात्र परिवारों को निशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से नागरिकों को अच्छे अस्पतालों में निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है, और उज्ज्वला योजना महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिला रही है।
    महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनमें लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना, और मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। पुष्पराजगढ़ सीईओ गणेश पांडे के द्वारा बताया गया कि 49000 की राशि पहले चेक के माध्यम से दिया जाता था लेकिन अब यह राशि 15 दिनों के अंदर वधु के खाते में भेजा जाएगा।

  • मेहनत की चमक, सरकारी सहारे से उड़ान: श्रमिक की बेटी डिंपल कश्यप का संस्कार सिटी स्कूल में सुनहरा भविष्य

    मेहनत की चमक, सरकारी सहारे से उड़ान: श्रमिक की बेटी डिंपल कश्यप का संस्कार सिटी स्कूल में सुनहरा भविष्य

    रायपुर

    छत्तीसगढ़ में शिक्षा के क्षेत्र में आई क्रांति अब सुदूर अंचलों के गरीब और श्रमिक परिवारों के आंगन तक पहुँचकर उनके बच्चों के सपनों को हकीकत में बदल रही है। शासन की अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के माध्यम से प्रदेश के होनहार विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय शिक्षा दिलाने का संकल्प अब धरातल पर जीवंत होता दिख रहा है। इसी कड़ी में  आदिवासी बहुल बस्तर जिले के जगदलपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बिलौरी के एक पंजीकृत श्रमिक नंदकिशोर कश्यप की सुपुत्री डिंपल कश्यप ने अपनी मेधा और कड़ी मेहनत के दम पर सफलता का अध्याय लिख दिया है। डिंपल का चयन राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) के आधार पर राजनांदगांव के प्रतिष्ठित संस्कार सिटी स्कूल के लिए हुआ है, जो उनके परिवार के लिए किसी सुखद चमत्कार से कम नहीं है। यहां डिंपल कक्षा छठवीं में अध्ययन कर रही है और बारहवीं तक निःशुल्क शिक्षा ग्रहण करेगी।
          
    इस गौरवपूर्ण उपलब्धि की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी यह है कि छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल ने डिंपल की माध्यमिक शिक्षा से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की पूरी पढ़ाई का सारा खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली है। इस निःशुल्क और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के प्रावधान ने परिवार के सिर से आर्थिक चिंता का बोझ पूरी तरह हटा दिया है, जिससे अब डिंपल की प्रगति की राह में कोई बाधा नहीं आएगी। अपनी बेटी की इस अभूतपूर्व सफलता पर पिता नंदकिशोर कश्यप भावुक स्वर में कहते हैं कि एक श्रमिक के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा है। वे दिन-रात कड़ी मेहनत ही इसलिए करते हैं ताकि उनके बच्चों का भविष्य उनके अपने संघर्षपूर्ण जीवन से कहीं बेहतर और सुगम हो सके। आज सरकार की इस कल्याणकारी योजना ने उनके उन धुंधले सपनों को हकीकत के पंख दे दिए हैं।
          
    माता-पिता के रूप में कश्यप दंपत्ति आज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्हें अब यह अटूट विश्वास हो चला है कि उनकी बेटी का भविष्य न केवल सुरक्षित है, बल्कि वह अपनी अटूट लगन से सफलता के उस आसमान को भी छू सकेगी जिसका उन्होंने कभी केवल कल्पनाओं में विचार किया था। ग्राम बिलौरी-2 से निकलकर एक प्रतिष्ठित स्कूल तक का डिंपल का यह सफर समाज के उस हर वर्ग के लिए प्रेरणा है, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को दबाए बैठे हैं। शासन की यह पहल स्पष्ट संदेश देती है कि यदि बच्चे में प्रतिभा और आगे बढ़ने की ललक हो, तो सरकार की योजनाएं एक मजबूत सेतु बनकर उन्हें सफलता के उच्चतम शिखर तक पहुँचाने में पूरी मदद करती हैं।

  • Paris Saint-Germain की दमदार जीत, AS Monaco को हराकर चैंपियंस लीग के अंतिम-16 में एंट्री

    Paris Saint-Germain की दमदार जीत, AS Monaco को हराकर चैंपियंस लीग के अंतिम-16 में एंट्री

    पेरिस
    पेरिस सेंट जर्मन (पीएसजी) ने यूईएफए चैंपियंस लीग प्ले-ऑफ के दूसरे लेग में एएस मोनाको के साथ 2-2 से ड्रॉ खेलते हुए कुल 5-4 की बढ़त के साथ अंतिम-16 में जगह बना ली। पेरिस के घरेलू मैदान पार्क डेस प्रिंसेस में खेले गए इस मुकाबले में रोमांच आखिरी मिनट तक बना रहा। पहले हाफ में मोनाको ने आक्रामक शुरुआत की और हाफ-टाइम से ठीक पहले मैग्नेस अक्लिउचे के शानदार गोल से बढ़त हासिल कर ली। दूसरे हाफ में मैच का रुख तब बदला जब मोनाको के मामादौ कूलिबली को दूसरी बार पीला कार्ड मिलने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा। दस खिलाड़ियों के साथ खेल रही मेहमान टीम पर दबाव बढ़ गया।

    इसके बाद पीएसजी के कप्तान मार्क्विनहोस ने डेसिरे डूए के क्रॉस पर गोल कर बराबरी दिलाई। कुछ ही मिनटों में ख्विचा क्वारात्सखेलिया ने रिबाउंड पर गोल दागकर टीम को बढ़त दिला दी। हालांकि, सब्स्टीट्यूट जॉर्डन टेजे ने अतिरिक्त समय में गोल कर मुकाबले को फिर रोमांचक बना दिया। अंततः पीएसजी ने बढ़त बचाए रखते हुए अगले दौर में प्रवेश कर लिया।

    पीएसजी के कोच लुइस एनरिक ने कहा, “हम क्वालीफाई करने के लायक थे, लेकिन हमें पूरे समय परेशानी झेलनी पड़ी। अगर कोई एक टीम है जिसे मुश्किलों का सामना करने की आदत है, तो वह हम हैं। हमारा ग्रुप सबसे खराब था। हमें काराबाग या मोनाको के खिलाफ खेलना था, और वह बेशक मोनाको था, और अब चेल्सी और बार्सिलोना के बीच, दोनों ही बेहतरीन टीमें हैं। हम तैयार हैं, और हमें इस तरह के मैच खेलने की आदत है।”

    इस बीच, गैलाटसराय ने जुवेंटस की शानदार वापसी को रोक दिया और 7-5 के एग्रीगेट स्कोर से राउंड ऑफ 16 में जगह पक्की कर ली। गैलाटसराय एस.के. ने जबरदस्त जज्बा दिखाते हुए जुवेंटस एफसी को रोमांचक मुकाबले में एक्स्ट्रा टाइम में हराकर शानदार जीत दर्ज की। पहले लेग के बाद तीन गोल से पिछड़ने के बावजूद मेजबान टीम ने हार नहीं मानी और मुकाबले को अतिरिक्त समय तक खींच लिया।

    इंटरवल के तीन मिनट बाद जुवेंटस को बड़ा झटका लगा जब लॉयड केली को मैदान छोड़ना पड़ा। हालांकि, इसके बावजूद मैनुअल लोकाटेली ने पेनल्टी पर गोल कर टीम को मुकाबले में बनाए रखा। फेडेरिको गैटी ने भी गोल दागकर बियानकोनेरी की उम्मीदें जिंदा रखीं। केनान यिलडिज का शॉट पोस्ट से टकराया, लेकिन वेस्टन मैककेनी ने मौके का फायदा उठाकर स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया, जिससे मुकाबला और रोमांचक हो गया।

    जेरेमी बोगा के पास इटैलियन टीम को कुल बढ़त दिलाने का बेहतरीन मौका था, लेकिन वे उसे गोल में नहीं बदल सके। इसका फायदा उठाते हुए गैलाटसराय ने अतिरिक्त समय में दमदार खेल दिखाया। विक्टर ओसिमेन और बारिस अल्पर यिलमाज ने निर्णायक गोल कर टीम को यादगार जीत दिलाई।

     

  • 7 दिन गायब? नौकरी जाएगी! शिक्षा विभाग का सख्त फरमान, मंत्री बोले– लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    7 दिन गायब? नौकरी जाएगी! शिक्षा विभाग का सख्त फरमान, मंत्री बोले– लापरवाही बर्दाश्त नहीं

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में अब स्कूलों से गायब रहने वाले शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है। लोक शिक्षण संस्थान विभाग के नए निर्देश के मुताबिक यदि कोई शिक्षक लगातार 7 दिन तक बिना सूचना के अनुपस्थित रहता है, तो उसकी सेवा सीधे समाप्त की जा सकती है। इस फैसले ने शिक्षा महकमे में हलचल मचा दी है। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप ने दो टूक कहा कि विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है। “हर सिस्टम की अपनी मर्यादा होती है। अगर शिक्षक ही जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तो बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा?” मंत्री ने साफ कर दिया कि शिक्षा व्यवस्था में ढिलाई या मनमानी अब किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी। 

    क्या है नया आदेश?

    • लगातार 7 दिन बिना सूचना गैरहाजिरी पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई
    • संबंधित अधिकारी को अनुपस्थिति की रिपोर्ट अनिवार्य
    • विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने पर जवाबदेही तय

    क्यों लिया गया फैसला?
    सूत्रों के अनुसार, कई जिलों से शिक्षकों की लगातार गैरहाजिरी की शिकायतें मिल रही थीं। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ रही थी। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है।सख्ती या सख्त संदेश?मंत्री राव उदय प्रताप ने कहा कि यह कदम किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए है। “बच्चों के भविष्य से कोई समझौता नहीं होगा। जो जिम्मेदारी निभाएगा, उसे पूरा सम्मान मिलेगा; लेकिन लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी। अब देखना होगा कि इस सख्त आदेश के बाद शिक्षा व्यवस्था में कितना सुधार आता है और गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है ड्यूटी से गायब रहना अब महंगा पड़ेगा। 

  • सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, नक्सली डंप से भारी मात्रा में हथियार बरामद

    सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, नक्सली डंप से भारी मात्रा में हथियार बरामद

    नारायणपुर

    नारायणपुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है. सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा डंप किए गए भारी मात्रा में हथियार के साथ दैनिक उपयोग की सामग्री तथा मेडिकल वस्तुएं बरामद की है.

    नारायणपुर एसपी रॉबिंसन विकास गुड़िया ने बताया कि विश्वसनीय सूचना पर त्वरित एवं एवं सुनियोजित एडीपी ऑपरेशन संचालित करने के दौरान ग्राम कुमुराडी क्षेत्र में नक्सली ठिकाना से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, आधुनिक एवं इंप्रोवाइज्ड हथियार तथा मेडिकल सामग्री एवं अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुए हैं.

    25 फरवरी को विश्वसनीय सूचना प्राप्त होने पर कार्रवाई करते हुए सीओबी मंदोडा, 53 वीं बटालियन आईटीबीपी और पुलिस बल के जवानों की एरिया डॉमिनेशन पेट्रोलिंग पार्टी ग्राम कुमुराडी के जंगल पहाड़ की ओर रवाना हुई थी. इस दौरान सघन सर्च ऑपरेशन में जवानों ने नक्सलियों के एक ठिकाने में छिपाकर रखे गए डंप को बरामद किया.

    नक्सलियों के डंप में मिली सामग्रियां
    जप्त सामग्रियों में प्राइमा कॉर्ड, सेफ्टी फ्यूज, ऑरेंज फ्यूज, लगभग 35 किलोग्राम सुतली बम, 38 किलोग्राम उर्वरक पाउडर (भूरा), 18 किलोग्राम इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक, 2.5 किलोग्राम चारकोल, 5 एएमएन पाउच, 1 इम्प्रोवाइज्ड रॉकेट लॉन्चर, 13 रॉकेट लॉन्चर सेल, 19 मोर्टार सेल (भारी), 11 मोर्टार सेल (हल्का), 1 बीजीएल लॉन्चर (इम्प्रोवाइज्ड – बड़ा), 1 बीजीएल लॉन्चर (इम्प्रोवाइज्ड – छोटा), 8 बीजीएल कारतूस (मध्यम), 15 बीजीएल कारतूस (छोटा), 12 बीजीएल कारतूस (बड़ा), 70 लंबी दूरी बीजीएल राउंड, 55 छोटी दूरी बीजीएल राउंड, 2 इम्प्रोवाइज्ड हैंड ग्रेनेड और चिकित्सकीय सामग्री एवं दवाइयां शामिल है.

  • रंगों से बदलते जीवन के रंग: खुशियों, उम्मीदों और नई शुरुआत की कहानी

    रंगों से बदलते जीवन के रंग: खुशियों, उम्मीदों और नई शुरुआत की कहानी

    रायपुर

    विशेष लेख : रंगों से बदलते जीवन के रंग

    होली का त्यौहार रंगों की उमंग और खुशियों का संदेश लेकर आता है। इस बार छत्तीसगढ़ की बिहान दीदियां प्राकृतिक रंगों से न केवल होली को सुरक्षित बना रही हैं, बल्कि अपने जीवन में खुशहाली के नए रंग भी भर रही हैं।

    छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हर्बल गुलाल तैयार कर रही हैं। प्राकृतिक फूलों, सब्जियों से बने ये रंग पूरी तरह सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल हैं। सुगंध के लिए गुलाबजल और प्राकृतिक इत्र का उपयोग किया जाता है, जिससे रंगों की महक भी मन को भा जाती है।     
    कांकेर जिले में आत्मसमर्पित माओवादियों के समूह ने भी पुनर्वास नीति के तहत हर्बल गुलाल निर्माण का कार्य शुरू किया है। पुनर्वास शिविर में मानकी नेताम, सामको नुरूटी और डाली सलाम जैसे सदस्य पूरे उत्साह से गुलाल तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कार्य उन्हें आत्मसम्मान और स्थायी आजीविका दोनों दे रहा है। शासन की पुनर्वास नीति से भटके युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह सराहनीय पहल है।      

    प्रदेश के रायपुर, कबीरधाम, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, नारायणपुर और कांकेर सहित अनेक जिलों में स्व-सहायता समूह हर्बल गुलाल का उत्पादन कर रहे हैं। कई समूह मंदिरों में अर्पित फूलों को एकत्र कर सुगंधित गुलाल बना रहे हैं। अबुझमाड़ जैसे आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं ने इसे अपनी पहचान बना ली है। बिहान योजना के तहत महिलाएं सरस मेला एवं क्षेत्रीय मेलों में स्टॉल लगाकर उत्पादों की बिक्री कर रही हैं। इससे उन्हें 40 से 60 हजार रुपये तक का सीधा लाभ मिल रहा है। कई महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल गढ़ रही हैं।  

    हर्बल गुलाल के अनेक लाभ हैं। यह त्वचा और आंखों के लिए सुरक्षित है, एलर्जी या जलन की आशंका नहीं होती। यह बायोडिग्रेडेबल है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाता। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण और पलाश में रक्त-शोधक विशेषताएं होती हैं, जो इसे और भी उपयोगी बनाती हैं। बाजार में इसकी कीमत 80 से 250 रुपये प्रति किलो तक है, जिससे यह आमजन के लिए भी सुलभ है।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार वर्ष 2026 को महिला गौरव वर्ष के रूप में मना रही है। राज्य सरकार के प्रयास से 5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना से लगभग 69 लाख से अधिक महिलाओं को हर माह एक-एक हजार रूपए की राशि भी दी जा रही है। चालू बजट में लखपति दीदीयों को एक्सपोजर विजिट के लिए नई योजना भी लाई गई है। महिलाओं के सशक्तिकरण का यह प्रयास विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को पूरा करने में सार्थक भूमिका निभाएगा। 

  • ‘भूत बंगला’ का पहला गाना रिलीज: ‘राम जी आके भला करेंगे’ में दिखा अक्षय कुमार का क्लासिक अंदाज़

    ‘भूत बंगला’ का पहला गाना रिलीज: ‘राम जी आके भला करेंगे’ में दिखा अक्षय कुमार का क्लासिक अंदाज़

    मुंबई

    एक्टर अक्षय कुमार 14 साल बाद अब जल्द ही हॉरर-कॉमेडी के बादशाह डायरेक्टर प्रियदर्शन के साथ फिर से काम कर रहे हैं. इस OG बॉलीवुड जोड़ी की अपकमिंग फिल्म भूत बंगला ​10 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. हाल ही में मेकर्स ने इस फिल्म का पहला गाना ‘राम जी आके भला करेंगे’ रिलीज कर दिया है.

    बता दें कि बालाजी मोशन पिक्चर्स द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म का ये गाना एक हाई-स्पिरिटेड ट्रैक है. जिसमें अक्षय कुमार को फिर से उनके क्लासिक अवतार को दिखा रहा है. कॉमिक एनर्जी से भरपूर यह एक स्पिरिटेड और पेपी ट्रैक है, ‘राम जी आके भला करेंगे’ फिल्म के सार को बखूबी कैप्चर कर रहा है. इसके इन्फेक्शियस हाई-ऑक्टेन बीट्स और प्लेफुल विजुअल्स हंसी से भरी सवारी के लिए मूड सेट कर देते हैं, जो भूत बंगला ​को एक फुल-थ्रॉटल एंटरटेनर के रूप में मजबूती से एस्टेब्लिश करते हैं.

    ​प्रीतम द्वारा कंपोज किए गए और अक्षय कुमार के लिखे लिरिक्स के साथ गाना ‘राम जी आके भला करेंगे’ को अरमान मलिक और आरवन (देव अरिजीत) ने गाया है. फिल्म भूत बंगला में अक्षय कुमार के अलावा वामीका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव लीड रोल में नजर आएंगे. प्रियदर्शन द्वारा डायरेक्टेड इस फिल्म को अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर कपूर ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म को फारा शेख और वेदांत बाली द्वारा को- प्रोड्यूस किया है.

  • फतेहपुर हादसा: चार भाई बाइक पर जा रहे थे शादी में, तीन की मौत

    फतेहपुर हादसा: चार भाई बाइक पर जा रहे थे शादी में, तीन की मौत

     फतेहपुर 

    यूपी के फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया. ऐरायां मशायक गांव के पास स्थित एक कोल्ड स्टोर के समीप दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई. इस भीषण भिड़ंत में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं. हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और गांव में मातम पसर गया.

    खुशी के सफर का अंत मातम में

    जानकारी के अनुसार हुसैनगंज थाना क्षेत्र के पतरहा गांव निवासी श्याम सिंह (45) अपने भाई मनथाल सिंह (40), गोरेलाल (32) और चचेरे भाई राजेंद्र सिंह (30) के साथ एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर सुल्तानपुर घोष क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे. परिवार में उत्सव का माहौल था. शाम ढल रही थी और वे समय से पहुंचने की जल्दी में थे. इसी दौरान ऐरायां मशायक गांव के पास सामने से आ रही दूसरी मोटरसाइकिल से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई. दूसरी बाइक पर मोतीलाल पासवान (50) निवासी गौती, थाना सुल्तानपुर घोष सवार थे. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकों के परखच्चे उड़ गए और सवार कई फीट दूर जा गिरे.

    मौके पर बिखरा खून और चीख-पुकार
    टक्कर के बाद कुछ पल के लिए सड़क पर सन्नाटा छा गया, फिर चीख-पुकार मच गई. आसपास के ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे. दृश्य बेहद भयावह था. तीन लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हालत में तड़प रहे थे. ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी. पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हथगांव भिजवाया. प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उनका इलाज जारी है.

    मृतकों की पहचान और गांव में शोक
    हादसे में जिन तीन लोगों की मौत हुई, वे ए
    क ही परिवार से थे. श्याम सिंह, मनथाल सिंह और गोरेलाल की मौके पर ही जान चली गई. राजेंद्र सिंह और मोतीलाल पासवान गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. जैसे ही यह खबर पतरहा गांव पहुंची, घरों से रोने की आवाजें आने लगीं. शादी में शामिल होने की तैयारी कर रहे परिवार को अचानक अंतिम संस्कार की तैयारी करनी पड़ी. 

    पुलिस की प्रारंभिक जांच
    पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग का प्रतीत होता है. एक मोटरसाइकिल पर चार लोग सवार थे, जिससे संतुलन बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि सड़क पर मोड़ या दृश्यता की कोई समस्या तो नहीं थी. थाना प्रभारी ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. दुर्घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगी.

    सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
    यह हादसा एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करता है. अक्सर लोग छोटी दूरी समझकर हेलमेट नहीं पहनते और एक ही बाइक पर तीन-चार लोग सवार हो जाते हैं. तेज रफ्तार और लापरवाही मिलकर जानलेवा साबित होती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐरायां मशायक के पास वाली सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही रहती है और शाम के समय दृश्यता भी कम हो जाती है. ऐसे में थोड़ी सी चूक बड़ा हादसा बन जाती है.

    परिजनों की आंखों में सवाल
    मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. घर के आंगन में जहां शादी में जाने की तैयारी थी, वहां अब शोक की चादर बिछी है. महिलाएं बेसुध हैं और बच्चे सहमे हुए. परिवार के एक सदस्य ने बताया कि हम लोग खुशी में जा रहे थे, किसे पता था रास्ते में ऐसा हो जाएगा.  घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है. डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है. परिजन जिला अस्पताल के बाहर दुआ कर रहे हैं कि कम से कम बाकी दो जिंदगियां बच जाएं.

    प्रशासन की अपील
    हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यातायात नियमों का पालन करें, बाइक पर निर्धारित संख्या से अधिक सवारी न बैठाएं और हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें. पुलिस ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं अक्सर छोटी लापरवाही के कारण होती हैं, जिनकी कीमत पूरी जिंदगी चुकानी पड़ती है.