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  • तमिलनाडु में 63 करोड़ का तूफान: रॉकिंग स्टार यश की टॉक्सिक ने रचा नया ट्रेड इतिहास

    तमिलनाडु में 63 करोड़ का तूफान: रॉकिंग स्टार यश की टॉक्सिक ने रचा नया ट्रेड इतिहास

    मुंबई,

    रॉकिंग स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स की तमिलनाडु डिस्ट्रीब्यूशन डील 63 करोड़ एडवांस पर कमीशन बेसिस में लॉक हो चुकी है। हाल के सालों में यह इस टेरीटरी की सबसे बड़ी डील्स में से एक मानी जा रही है। फिल्म को लेकर जबरदस्त उम्मीदें पहले से ही थीं, और अब यह डील इसे राज्य की सबसे बड़ी आने वाली रिलीज में शुमार कर रहा है।

    पूरे तमिलनाडु में फिल्म को दमदार मल्टी-डिस्ट्रीब्यूटर स्ट्रैटेजी के साथ रिलीज किया जाएगा, जिससे हर सर्किट में मजबूत पकड़ बनाई जा सके। चेन्नई सिटी को थिंक स्टूडियोज के स्वरूप रेड्डी संभालेंगे, जबकि चेंगलपट्टू एरिया व्हाइट नाइट्स के ट्राइडेंट रवि के जिम्मे रहेंगे। कोयंबटूर, नॉर्थ और साउथ आर्कोट, तिरुनेलवेली और कन्याकुमारी सर्किट की कमान एस पिक्चर श्रीनिवासन के हाथ में होगी। वहीं मदुरै और रामनाड, त्रिची और तंजावुर, और सलेम जैसे अहम सर्किट 5 स्टार सेंथिल मैनेज करेंगे। यह सुनियोजित टेरिटोरियल मॉडल सिंगल स्क्रीन से लेकर मल्टीप्लेक्स चेन तक हर जगह मजबूत शोकेसिंग सुनिश्चित करेगा।

    डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स ने इस साझेदारी को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि टॉक्सिक आज के समय की सबसे बहुप्रतीक्षित भारतीय फिल्मों में से एक है और तमिलनाडु में इसे लेकर जो प्यार और उत्साह दिख रहा है, वह अद्भुत है। सालों से यहां के दर्शकों ने यश को जिस अपनत्व और जोश के साथ अपनाया है, वह बेहद खास है। इतनी बड़ी और महत्वाकांक्षी फिल्म का हिस्सा बनना हमारे लिए सिर्फ बिज़नेस डील नहीं, बल्कि एक गर्व का पल है।

    ट्रेड एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस डील के पीछे केजीएफ चैप्टर 2 की ऐतिहासिक सफलता और तमिलनाडु में यश की जबरदस्त लोकप्रियता बड़ी वजह है। यहां के दर्शकों ने उनकी दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और खास अंदाज़ को खुले दिल से अपनाया है। यह सीमा से परे गतिविधि आज भी थिएट्रिकल मार्केट में मजबूत तालमेल में बदल रहा है।

    63 करोड़ की एडवांस डील और मजबूत टेरिटोरियल नेटवर्क के साथ टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स तमिलनाडु में ग्रैंड ओपनिंग के लिए पूरी तरह तैयार है।
    फिल्म की कहानी यश और गीतू मोहनदास ने लिखी है, और डायरेक्ट भी गीतू मोहनदास ने किया है। टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन अप्स को कन्नड़ और इंग्लिश में साथ-साथ शूट किया गया है, जबकि हिंदी, तेलुगु, तमिल, मलयालम समेत कई भाषाओं में डब वर्जन भी रिलीज होंगे। केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स के बैनर तले बनी यह फिल्म 19 मार्च 2026 को ग्लोबल के सिनेमा में रिलीज होगी। फिल्म में नयनतारा, कियारा आडवाणी, हुमा कुरैशी, रुक्मिणी वसंत और तारा सुतारिया अहम किरदार में नजर आएंगी।

     

  • रचिन रविंद्र का बड़ा बयान: मिचेल सैंटनर जैसा कप्तान टीम को बनाता है अजेय

    रचिन रविंद्र का बड़ा बयान: मिचेल सैंटनर जैसा कप्तान टीम को बनाता है अजेय

    कोलंबो
    न्यूजीलैंड के आलराउंडर रचिन रविंद्र ने टी20 विश्व कप के सुपर आठ मैच में अपनी टीम की श्रीलंका पर 61 रन से जीत के बाद अपने कप्तान मिचेल सैंटनर की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि वह अपने साथी खिलाड़ियों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह हैं और उन्हें दमदार महसूस कराने का तरीका ढूंढ लेते हैं।

    रविंद्र ने इस मैच में 32 रन बनाए और 19 रन देकर चार विकेट भी लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। कप्तान सैंटनर की 26 गेंदों पर खेली गई 47 रन की पारी से न्यूजीलैंड 84 रन पर छह विकेट गंवाने के बावजूद सात विकेट पर 168 रन बनाने में सफल रहा। इसके जवाब में श्रीलंका आठ विकेट पर 107 रन ही बना सका।

    रविंद्र ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम सभी जानते हैं कि सैंटनर कितने शांत स्वभाव के हैं, लेकिन उनका सोचने का तरीका भी कमाल का है, जैसे कि किस छोर से कौन सी गेंद फेंकनी है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि वह अच्छा प्रदर्शन करके आगे बढ़कर नेतृत्व करते हैं।’’

    उन्होंने कहा, ‘‘वह हमेशा आपके साथ खड़े रहते हैं और आपका हौसला बढ़ाते हैं। मुझे लगता है कि उनके जैसा कप्तान होना टीम के लिए बहुत अच्छा है। उनके नेतृत्व में मैदान पर उतरते ही आपको ऐसा अहसास होता है जैसे आप 10 फीट लंबे हों और आप अभेद्य महसूस करते हैं। टीम में उनकी मौजूदगी से बहुत फायदा मिलता है।’’

    यह केवल खिलाड़ियों को प्रेरित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उपमहाद्वीप की पिचों पर गेंदबाजी करने का सैंटनर का अनुभव भी स्पिन गेंदबाजी इकाई के लिए मददगार साबित होता है। रविंद्र ने कहा, ‘‘हमारे पास सैंटनर हैं, जो सीमित ओवरों की क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ स्पिनरों में से एक हैं। वह हमें बताते हैं कि कैसी गेंदबाजी करनी है। इससे मदद मिलती है और हमारे पास काफी अनुभवी खिलाड़ी हैं।’’

     

  • पीएम के सामने मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट, काम और असर का होगा पूरा हिसाब

    पीएम के सामने मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट, काम और असर का होगा पूरा हिसाब

    नई दिल्ली
    केंद्र की मोदी सरकार के सभी मंत्री कैबिनेट मीटिंग में प्रजेंटेशन देंगे। इस दौरान वे बताएंगे कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में उनके मंत्रालय ने किन सुधारों को लागू किया और उनके क्या असर हुए हैं। जून 2024 के बाद लागू सुधारों के बारे में मंत्री जब बता रहे होंगे तो उस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी भी सामने बैठे होंगे और वह सबकी समीक्षा करेंगे। सूत्रों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि किसी भी बदलाव को लागू करना आसान हो जाए। ऐसी स्थिति में मंत्री खुद ही इस बात के लिए चिंतित होंगे कि जरूरी सुधारों को लागू किया जाए क्योंकि उनकी कभी भी समीक्षा हो सकती है और उनकी जवाबदेही भी तय होगी।

    प्रधानमंत्री कार्यालय को अब सेवातीर्थ के नाम से जाना जाता है। यहां मंगलवार को पहली बार कैबिनेट मीटिंग हुई थी और इसके तुरंत बाद ही ऐसा आदेश दिया गया। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने सभी मंत्रियों को बताया है कि प्रधानमंत्री चाहते हैं कि हर मंत्रालय की ओर से प्रजेंटेशन दी जाए। कैबिनेट सचिव ने बताया कि अगली कैबिनेट बैठक में सभी लोग कुछ चीजें लेकर आएं कि वे क्या प्रजेंट करेंगे। इसके बाद उनकी प्रजेंटेशन की तारीख तय की जाएगी। माना जा रहा है कि अलग-अलग कैबिनेट मीटिंग्स में मंत्रालयों की ओर से प्रजेंटेशन दी जाएगी। इसका अर्थ हुआ कि किसी एक ही दिन सारे प्रजेंटेशन नहीं होंगे।

    जानकारी मिल रही है कि मंगलवार की शाम को मंत्रालयों को प्रजेंटेशन के बारे में बताया गया था। इसके बाद से ही सभी विभागों में हलचल मची है। मंत्रियों और उनके मातहत अधिकारी फिलहाल इस चीज में बिजी हैं कि आखिर किन सुधारों को प्रजेंटेशन में दिखाया जाए। खासतौर पर ऐसी चीजें निकाली जा रही हैं, जो जनता से जुड़ी रही हैं और उन बदलावों से लोगों पर सीधा असर पड़ा हो। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार सभी मंत्रालयों से कहा गया है कि वे 2 मार्च तक एक सारांश भेज दें। इसमें यह जानकारी रहेगी कि किन बदलावों को लागू किया गया है और उनके क्या प्रभाव रहे हैं।

    कैबिनेट सचिव ने सभी मंत्रालयों को भेजा फॉर्मेट
    मंत्रियों में भी इस बात की चिंता है कि उनका प्रजेंटेशन अच्छा रहे क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी खुद सामने बैठे होंगे। ऐसी स्थिति में वे प्रजेंटेशन में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते और उसे खुद मंत्रालयों में तैयार कराने में जुटे हैं। जानकारी मिल रही है कि कैबिनेट सचिव की ओर से सभी विभागों को एक डिटेल फॉर्मेट दिया गया है। इसमें भरकर तीन से 4 कैटेगरीज में बताना होगा कि हमने क्या सुधार किए हैं और उनका क्या असर हुआ है।

     

  • भारत ने UN में खुली पाकिस्तान की पोल, कहा– हमारा कश्मीर बजट IMF कर्ज से भी दोगुना

    भारत ने UN में खुली पाकिस्तान की पोल, कहा– हमारा कश्मीर बजट IMF कर्ज से भी दोगुना

    नई दिल्ली

    संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी अनुपमा सिंह ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) में पाकिस्तान और ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों का करारा जवाब दिया है। 'राइट टू रिप्लाई' का इस्तेमाल करते हुए भारत ने स्पष्ट शब्दों में पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा की धज्जियां उड़ा दीं।
    OIC और पाकिस्तान के 'जलन' भरे प्रोपेगेंडा पर प्रहार

    अनुपमा सिंह ने कहा कि भारत पाकिस्तान और OIC के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करता है। उन्होंने OIC को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह संगठन केवल पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा को तोते की तरह दोहरा रहा है। यह इस बात का सबूत है कि OIC ने खुद को एक देश (पाकिस्तान) की राजनीतिक मजबूरियों का 'इको चैंबर' बनने दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का यह लगातार किया जाने वाला दुष्प्रचार अब केवल उसकी 'ईर्ष्या' को दर्शाता है, जिसे भारत तवज्जो देना भी सही नहीं समझता, लेकिन तथ्यों को स्पष्ट करना जरूरी है।
    जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग और PoK खाली करने की मांग

    भारतीय राजनयिक ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर स्पष्ट किया कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। उन्होंने कहा कि 1947 के भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कश्मीर का भारत में विलय पूरी तरह से कानूनी और अपरिवर्तनीय था। पाकिस्तान की कोई भी बयानबाजी इस तथ्य को नहीं बदल सकती। भारत ने सख्त लहजे में कहा कि इस क्षेत्र में एकमात्र विवादित मुद्दा पाकिस्तान द्वारा भारतीय क्षेत्र (PoK) पर किया गया अवैध कब्जा है और पाकिस्तान को इन क्षेत्रों को तुरंत खाली कर देना चाहिए।
    लोकतंत्र पर पाकिस्तान को आईना

    अनुपमा सिंह ने पाकिस्तान के लोकतंत्र पर लेक्चर देने को हास्यास्पद बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक ऐसा देश जहां नागरिक सरकारें मुश्किल से ही अपना कार्यकाल पूरा कर पाती हैं, उसका लोकतंत्र पर बोलना खोखला लगता है। इसके विपरीत, उन्होंने जम्मू-कश्मीर के आम चुनावों और विधानसभा चुनावों में हुई रिकॉर्ड वोटिंग का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि जम्मू-कश्मीर के लोगों ने पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद और हिंसा की विचारधारा को नकार दिया है और विकास व लोकतंत्र का रास्ता चुना है।
    'ला-ला लैंड' का तंज और IMF बेलआउट पैकेज से तुलना

    भारत ने विकास के मोर्चे पर भी पाकिस्तान को आईना दिखाया। जम्मू-कश्मीर में बने दुनिया के सबसे ऊंचे 'चिनाब रेल ब्रिज' का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तान इसे नकली समझता है, तो वह 'ला-ला लैंड' (भ्रम की दुनिया) में जी रहा है। पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था की खस्ताहाली पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह जानकर हैरानी होगी कि जम्मू-कश्मीर का विकास बजट पाकिस्तान द्वारा हाल ही में IMF से मांगे गए बेलआउट पैकेज (राहत पैकेज) के दोगुने से भी अधिक है।
    अपने आंतरिक संकटों पर ध्यान दे पाकिस्तान

    अपने बयान का समापन करते हुए भारत ने कहा कि पाकिस्तान की 'स्टेट-स्पॉन्सर्ड टेररिज्म' के जरिए क्षेत्र को अस्थिर करने की तमाम कोशिशों के बावजूद, जम्मू-कश्मीर राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत ने पाकिस्तान को नसीहत दी कि वह इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नाटक करने के बजाय अपने देश के भीतर गहराते आंतरिक संकटों को सुलझाने पर ध्यान दे। पूरी दुनिया पाकिस्तान के इस 'ढोंग' की असलियत अच्छी तरह देख सकती है।

  • PM Narendra Modi इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स के साथ वर्ल्ड लीडर बने, यात्रा 2014 में हुई शुरू

    PM Narendra Modi इंस्टाग्राम पर 10 करोड़ फॉलोअर्स के साथ वर्ल्ड लीडर बने, यात्रा 2014 में हुई शुरू

    नई दिल्ली

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल दुनिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन (10 करोड़) फॉलोअर्स का आंकड़ा पार करने वाले दुनिया के पहले राष्ट्राध्यक्ष बन गए हैं। यह मील का पत्थर न केवल उनकी व्यक्तिगत लोकप्रियता को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर उनके बढ़ते प्रभाव का भी प्रतीक है।

    पीएम मोदी, जो 2014 से इंस्टाग्राम पर सक्रिय हैं, ने पिछले एक दशक में अपने अकाउंट को विश्व नेताओं के बीच सबसे प्रभावशाली प्लेटफार्मों में से एक बना लिया है। उनकी यह उपलब्धि तब सामने आई जब वह हाल ही में इजरायल दौरे के लिए रवाना हुए। यह डिजिटल जुड़ाव का एक ऐसा स्तर है जहां दुनिया के बड़े-बड़े नेता भी उनके करीब नहीं हैं।

    जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी साल 2014 में इंस्टाग्राम से जुड़े थे. इंस्टाग्राम पर उनके फॉलोअर्स अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दोगुने से भी ज्यादा हैं. दुनिया के अगले पांच बड़े नेताओं के फॉलोअर्स की कुल संख्या पीएम मोदी के अकेले फॉलोअर्स की संख्या से भी कम है. उनकी यह उपलब्धि सोशल मीडिया पर उनके प्रभावशाली व्यक्तित्व को प्रदर्शित करता है.

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर मचाया तहलका 

    इंस्टाग्राम पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 43.2 मिलियन फॉलोअर्स के साथ दूसरे नंबर पर हैं. उनके बाद इंडोनेशिया के प्रेसिडेंट प्रबोवो सुबियांतो 15 मिलियन फॉलोअर्स के साथ तीसरे, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला 14.4 मिलियन फॉलोअर्स के साथ चौथे, तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन 11.6 मिलियन फॉलोअर्स के साथ पांचवे और अर्जेंटीना के प्रेसिडेंट जेवियर माइली 6.4 मिलियन फॉलोअर्स के छठे स्थान पर हैं.

    वहीं, इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पीएम दूसरे भारतीय नेताओं से भी बहुत आगे हैं. दूसरे नंबर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं जिनके करीब 16.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं, और तीसरे नंबर पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी हैं, जिनके करीब 12.6 मिलियन फॉलोअर्स हैं. फिलहाल, पीएम मोदी दो दिन की आधिकारिक दौरे पर इजराइल गए हुए हैं.

    वैश्विक नेताओं से मीलों आगे PM मोदी

    अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो पीएम मोदी और अन्य वैश्विक नेताओं के बीच एक बहुत बड़ा फासला नजर आता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो खुद सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय माने जाते हैं, के इंस्टाग्राम पर 43.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं — यह संख्या पीएम मोदी के फॉलोअर्स की तुलना में आधे से भी कम है।

    दिलचस्प बात यह है कि दुनिया के अगले पांच सबसे लोकप्रिय नेताओं के कुल फॉलोअर्स को भी मिला दिया जाए, तो भी यह संख्या पीएम मोदी के अकेले के फॉलोअर्स से कम है। इनमें इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (15 मिलियन), ब्राजील के राष्ट्रपति (14.4 मिलियन), तुर्किये के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन (11.6 मिलियन) और अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर मिलेई (6.4 मिलियन) शामिल हैं। ये आंकड़े युवाओं और वैश्विक दर्शकों के बीच पीएम मोदी की असाधारण अपील को उजागर करते हैं।
    भारत में भी कोई नहीं है टक्कर में

    भारत की राजनीति में भी प्रधानमंत्री मोदी का सोशल मीडिया पर दबदबा कायम है। उनके और अन्य भारतीय नेताओं के फॉलोअर्स में एक बड़ा अंतर है। इस सूची में दूसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, जिनके 16.1 मिलियन फॉलोअर्स हैं। वहीं, कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगभग 12.6 मिलियन फॉलोअर्स के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
    सिर्फ फॉलोअर्स ही नहीं, अप्रूवल रेटिंग में भी अव्वल

    पीएम मोदी की लोकप्रियता सिर्फ सोशल मीडिया फॉलोअर्स तक ही सीमित नहीं है। वैश्विक अप्रूवल रेटिंग्स में भी वह लगातार शीर्ष पर बने हुए हैं। एक अमेरिकी बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म, मॉर्निंग कंसल्ट द्वारा जारी हालिया आंकड़ों (2 से 8 फरवरी) के अनुसार, पीएम मोदी 67% की अप्रूवल रेटिंग के साथ पहले स्थान पर थे। इस सूची में चेक रिपब्लिक के आंद्रेज बाबिस (59%) दूसरे स्थान पर थे, जबकि डोनाल्ड ट्रंप 40% रेटिंग के साथ 11वें स्थान पर थे।

    इससे पहले के सर्वेक्षणों में भी यही रुझान देखने को मिला है। स्टेटिस्टा के दिसंबर के आंकड़ों के मुताबिक, चुनिंदा विश्व नेताओं में पीएम मोदी की अप्रूवल रेटिंग 70% थी, जो दुनिया में सबसे ज्यादा थी। उस समय भी ट्रंप 43% रेटिंग के साथ 11वें पायदान पर थे। यह दिखाता है कि वैश्विक स्तर पर उनकी नेतृत्व क्षमता को लगातार सराहा जा रहा है।

    पीएम मोदी ने जब से सोशल मीडिया पर अपनी यात्रा शुरू की, तब से लेकर आज तक उनकी एक्टिविटी लगातार बढ़ती ही जा रही है. पीएम मोदी ने जब से देश की सत्ता संभाली है, तब से वे डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने का काम कर रहे हैं. जो जानकारी मिली है उसके अनुसार पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर अभी तक कुल 1200 से ज्यादा पोस्ट किए हैं. इससे इतर वे यहां पर किसी को भी फॉलो नहीं करते, लेकिन उनको फॉलो करने वालों की संख्या 10 करोड़ के पार पहुंच चुकी है.

    बता दें, इजरायली संसद ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल' से सम्मानित किया. यह नेसेट का सबसे बड़ा सम्मान है. यह अवॉर्ड भारत और इजराइल के बीच स्ट्रेटेजिक रिश्तों को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी के 'अपनी पर्सनल लीडरशिप के जरिए असाधारण योगदान' के लिए दिया गया. यह मेडल इजराइली पार्लियामेंट में पीएम मोदी के भाषण के बाद दिया गया.

  • दक्षिण अफ्रीका की जीत से सेमीफाइनल की राह आसान, भारत को बड़ा फायदा

    दक्षिण अफ्रीका की जीत से सेमीफाइनल की राह आसान, भारत को बड़ा फायदा

    अहमदाबाद 

    कप्तान एडेन मार्करम की नाबाद अर्धशतकीय पारी के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने वेस्टइंडीज को नौ विकेट से हराया। दक्षिण अफ्रीका ने इसके साथ ही टी20 विश्व कप के सुपर आठ चरण में लगातार दूसरी जीत दर्ज की है और सेमीफाइनल के लिए दावा मजबूत कर लिया है। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में आठ विकेट पर 176 रन बनाए। जवाब में मार्करम ने दमदार बल्लेबाजी की जिससे दक्षिण अफ्रीका ने 16.1 ओवर में एक विकेट पर 177 रन बनाकर मैच अपने नाम कर लिया।

    दक्षिण अफ्रीका ने इस तरह भारत के लिए राह आसान कर दी है। अब भारत को अगले दो मुकाबले जीतने हैं जिससे वह सेमीफाइनल में जगह बना सकता है। भारत का सामना जिम्बाब्वे से है और इसके बाद टीम को वेस्टइंडीज का सामना करना है।

    लक्ष्य का पीछा करते हुए मार्करम ने क्विंटन डिकॉक के साथ मिलकर दक्षिण अफ्रीका को मजबूत शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 95 रन जोड़े। डिकॉक अर्धशतक की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन रोस्टन चेज ने उन्हें आउट कर दिया। डिकॉक 24 गेंदों पर चार चौकों और चार छक्कों की मदद से 47 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद मार्करम ने रेयान रिकेल्टन के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया। दोनों बल्लेबाजों ने दमदार बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज पर दबाव बढ़ाया।

    दक्षिण अफ्रीका की कोशिश मैच को जल्द से जल्द अपने नाम करने की थी जिससे नेट रन रेट और बेहतर किया जा सके। दक्षिण अफ्रीका इसमें सफल रहा क्योंकि उसने 23 गेंद शेष रहते हुए मुकाबला अपने नाम किया। दक्षिण अफ्रीका के लिए मार्करम ने 46 गेंदों पर सात चौकों और चार छक्कों की मदद से नाबाद 82 रन बनाए, जबकि रिकेल्टन 28 गेंदों पर चार चौकों और दो छक्कों की मदद से 45 रन बनाकर नाबाद रहे।

     

  • मैं खुद को इसलिए स्टाइल करता हूं क्योंकि यह मुझे स्वाभाविक और मज़ेदार लगता है : गुलशन देवैया

    मैं खुद को इसलिए स्टाइल करता हूं क्योंकि यह मुझे स्वाभाविक और मज़ेदार लगता है : गुलशन देवैया

    मुंबई,

     अभिनेता गुलशन देवैया का कहना है कि वह खुद को इसलिए स्टाइल करते हैं क्योंकि यह उन्हें स्वाभाविक और मज़ेदार लगता है। अपनी बेहतरीन और सराही गई अदाकारी के अलावा, गुलशन देवैया इंडस्ट्री में एक अलग और मौलिक स्टाइल आइकन के रूप में उभरे हैं। फैशन के ज़रिए पर्सनल ब्रांडिंग का ट्रेंड शुरू होने से बहुत पहले ही वह अपनी अलग पहचान बना चुके थे। सिनेमा में 15 साल से ज़्यादा का सफर तय कर चुके गुलशन उन चुनिंदा अभिनेताओं में से हैं, जिन्होंने अपने करियर के ज़्यादातर समय खुद को खुद ही स्टाइल किया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ़्ट) से पढ़ाई करने वाले गुलशन फैशन जगत से गहराई से जुड़े रहे हैं और उन्होंने हमेशा ट्रेंड, लोगो या ब्रांड के दबाव के बजाय अपनी सोच और समझ पर भरोसा किया है।

    अपने अनोखे, हटकर और अलग फैशन चुनाव के लिए पहचाने जाने वाले गुलशन का स्टाइल बेहद निजी, सच्चा और उनकी शख्सियत को दर्शाने वाला है। वह इंडस्ट्री की उम्मीदों के हिसाब से नहीं, बल्कि अपनी पसंद के अनुसार कपड़े पहनते हैं। जहां ज़्यादातर कलाकार हर पब्लिक अपीयरेंस के लिए स्टाइलिस्ट की टीम पर निर्भर रहते हैं, वहीं गुलशन आज भी इस बात की पूरी ज़िम्मेदारी खुद लेते हैं कि वह कैसे दिखना चाहते हैं। वह अपनी फैशन की पढ़ाई और रचनात्मक आज़ादी को खूबसूरती से साथ लेकर चलते हैं।

    आज के दौर में जहां कलाकारों पर हर बार “यादगार लुक” देने का दबाव होता है, बदलते फैशन ट्रेंड्स के साथ कदम मिलाना पड़ता है और स्टाइलिंग पर भारी खर्च करना आम बात है, वहां गुलशन अलग नज़र आते हैं। फैशन की पढ़ाई ने उन्हें एक समझदार और गहरी सोच दी है, जहां दिखावे से ज़्यादा अभिव्यक्ति और शोर-शराबे से ज्यादा मौलिकता को महत्व दिया जाता है। वह वायरल होने या ट्रेंड फॉलो करने के लिए कपड़े नहीं पहनते, बल्कि फैशन को अपनी पहचान जाहिर करने की भाषा मानते हैं। वह साबित करते हैं कि मज़बूत पर्सनल स्टाइल के लिए महंगे कपड़े नहीं, बल्कि साफ सोच और आत्मविश्वास जरूरी है।

    अपने नज़रिए पर बात करते हुए गुलशन देवैया ने कहा “फैशन मेरी जिंदगी में एक्टिंग से पहले आया। मैंने निफ़्ट से फैशन की पढ़ाई की है, इसलिए मेरे लिए कपड़े हमेशा अपनी पहचान दिखाने का ज़रिया रहे हैं, न कि ट्रेंड के पीछे भागने का। मुझे कभी भी किसी तय ढांचे में फिट होने या किसी पल को खुश करने के लिए कपड़े पहनना सहज नहीं लगा। मैं खुद को इसलिए स्टाइल करता हूं क्योंकि यह मुझे स्वाभाविक लगता है। मुझे पता है मुझे क्या पसंद है, मैं किसमें सहज हूं और मैं खुद को कैसे व्यक्त करना चाहता हूं। ट्रेंड आते-जाते रहते हैं, ब्रांड ऊपर-नीचे होते रहते हैं, लेकिन पर्सनल स्टाइल जिंदगी और अनुभव के साथ बदलता और निखरता है। मुझे प्रयोग करना, थोड़ा अलग होना पसंद है, क्योंकि यह उसी प्रक्रिया का हिस्सा है। जब तक यह ईमानदार, मज़ेदार और मेरी सच्ची पहचान के करीब है, मैं खुश हूं।”

    जैसे वह पर्दे पर अपने किरदारों का चुनाव निडरता और अलग सोच के साथ करते हैं, वैसे ही गुलशन देवैया का फैशन भी बेखौफ, परंपराओं से अलग और आत्म-अभिव्यक्ति पर आधारित है।

     

  • स्टार प्लस का बहुप्रतीक्षित शो ‘तारा’ 10 मार्च से होगा प्रसारित

    स्टार प्लस का बहुप्रतीक्षित शो ‘तारा’ 10 मार्च से होगा प्रसारित

    मुंबई,
     

    स्टार प्लस का बहुप्रतीक्षित शो ‘तारा’ 10 मार्च से प्रसारितहोगा। स्टार प्लस ने अपने नए शो 'तारा' की प्रीमियर डेट का खुलासा कर दिया है। यह रोमांटिक ड्रामा 10 मार्च से रात आठ बजे लॉन्च होने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो दर्शकों को दिल छू लेने वाले पलों और गहरे पारिवारिक ड्रामे से भरी एक इमोशनल प्रेम कहानी का वादा करता है।

    इस शो में कुशाल आहूजा 'युवराज' के रूप में और कनिका कपूर 'तारा' के रूप में दो अलग-अलग दुनिया के किरदारों को साथ ला रहे हैं। कहानी तारा के इर्द-गिर्द घूमती है, जो युवराज के घर में हाउस हेल्प (मददगार) के रूप में काम करती है। जहाँ किस्मत उन्हें करीब लाती है और उनके बीच धीरे-धीरे प्यार पनपता है, वहीं युवराज का परिवार इस रिश्ते का विरोध करता है, जिससे कहानी में इमोशनल टकराव और ड्रामा पैदा होता है।

    शुरुआती प्रोमोज़ ने तारा और युवराज की दुनिया की एक झलक दिखाई है, एक ऐसी कहानी जहाँ सामाजिक दूरियों और अनकही बाधाओं के बीच लगाव बढ़ता है। युवराज अपनी भावनाओं और परिवार की उम्मीदों के बीच फँसा हुआ नज़र आता है, जबकि तारा मजबूती, गरिमा और खामोश सहनशीलता की मिसाल बनी हुई है। उनका यह सफर रोमांस, बलिदान और जबरदस्त टकराव का वादा करता है जो दर्शकों को बांधे रखेगा।

    प्राइम-टाइम स्लॉट और एक ताज़ा नैरेटिव के साथ, 'तारा' प्यार की एक ऐसी चलती-फिरती कहानी पेश करना चाहता है जो सामाजिक मानदंडों और सीमाओं को चुनौती देती है। लीड जोड़ी के बीच की केमिस्ट्री और प्रोमोज़ में दिखाई गई इमोशनल गहराई ने पहले ही दर्शकों में उत्सुकता जगा दी है।

     

  • मुरैना पुलिस ने ब्लैकमेलर यूट्यूबर सपन सिंह जादौन को गिरफ्तार, आरटीओ अर्चना परिहार की शिकायत पर कार्रवाई

    मुरैना पुलिस ने ब्लैकमेलर यूट्यूबर सपन सिंह जादौन को गिरफ्तार, आरटीओ अर्चना परिहार की शिकायत पर कार्रवाई

    मुरैना

    अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से ब्लैकमेलिंग करके वसूली करने वाले एक यूट्यूबर को मुरैना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले सपन सिंह जादौन नाम के युवक ने मुरैना की आरटीओ अर्चना परिहार से संबंधित खबरें सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी। इसके साथ ही मुरैना के ही सबलगढ़ के नगर पालिका अध्यक्ष सोनेराम धाकड़ से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे।

    दोनों से कर रहा था पैसे की मांग
    वहीं, यूट्यूबर सपन सिंह जादौन दोनों अधिकारियों से पैसे की मांग कर रहा था। मुरैना के दोनों अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसके बाद पुलिस यूट्यूबर सपन सिंह जादौन को गिरफ्तार किया है। अब आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    प्राइवेसी का कर रहा है उल्लंघन
    मुरैना के सिटी कोतवाली के टीआई अमित भदौरिया ने बताया कि आरटीओ अर्चना परिहार ने पुलिस में शिकायत की थी कि सपन सिंह जादौन नाम का एक यूट्यूबर सोशल मीडिया पर उनकी निजता का उल्लंघन कर रहा है और सोशल मीडिया पर ही उनके बारे में अनर्गल बातें कर रहा है। आरटीओ की शिकायत मिलने पर पुलिस ने सपन सिंह के खिलाफ एक्सटॉर्शन समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली।

    नगर पालिका अध्यक्ष को भी कर रहा था ब्लैकमेल
    टीआई ने यह भी जानकारी दी की सबलगढ़ के नगर पालिका अध्यक्ष से भी सपन सिंह जादौन द्वारा इसी तरह ब्लैकमेलिंग की जा रही थी। नगर पालिका अध्यक्ष सोनेराम धाकड़ ने इस बात की शिकायत संबंधित थाने में की थी। जिसके बाद सबलगढ़ थाने में भी सपन सिंह जादौन पर एफआईआर दर्ज हुई है। सपन सिंह जादौन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद मुरैना पुलिस ने सपन सिंह जादौन को गिरफ्तार कर लिया है।

    टीआई ने जानकारी देते हुए बताया कि सपन सिंह जादौन सोशल मीडिया पर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ पोस्ट डालता था और उन्हें ब्लैकमेल करता था। यही उसका काम था। इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। सपन सिंह जादौन के कुछ साथियों के बारे में भी जानकारी मिली है। पुलिस तथ्यात्मक विवेचना कर रही है और उसके साथ जो भी सहयोगी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ भी पुलिस द्वारा कार्रवाई की जाए

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रेस क्लब प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किया आमंत्रित

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रेस क्लब प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किया आमंत्रित

    रायपुर

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने आज सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष  मोहन तिवारी, महासचिव  गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष  दिलीप साहू सहित पत्रकार  सौरभ सिंह परिहार शामिल थे।

    प्रतिनिधिमंडल ने प्रेस क्लब द्वारा आयोजित किए जाने वाले रंगोत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय को औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही पत्रकार हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए सकारात्मक पहल की अपेक्षा व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना तथा सभी विषयों पर समुचित पहल करने का आश्वासन दिया।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  आर. कृष्णा दास  तथा मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।