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  • सिंगाजी ताप विद्युत गृहखंडवा ने ड्राई ऐश निष्पादन का स्थापित नया कीर्तिमान : मंत्री  तोमर

    सिंगाजी ताप विद्युत गृहखंडवा ने ड्राई ऐश निष्पादन का स्थापित नया कीर्तिमान : मंत्री तोमर

    भोपाल

    ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के खंडवा जिले में स्थापित  सिंगाजी ताप विद्युत गृह ने कुल 210 बल्कर ट्रक ड्राई निजी कंपनियों को भेजकर ड्राई ऐश निष्पादन का नया रिकार्ड कायम किया। विद्युत गृह की 600 मेगावाट क्षमता की दो एवं 660 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयों से उत्पन्न ड्राई ऐश को प्रभावी प्रबंधन करते हुए कुल 210 बल्कर ट्रक के माध्यम से 7793 मीट्रिक टन ड्राई ऐश निष्पादित की गई। यह मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी की फ्लाई ऐश के सदुपयोग,रि-साईकिल व निबटारा करने की प्रतिबद्धता का परिचायक है।पर्यावरण संबंधी बढ़ती चिंता और समस्या की बढ़ती गंभीरता के कारण फ्लाई ड्राई ऐश का प्रबंधन करना अनिवार्य हो गया है।

    पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा ड्राई ऐश का निष्पादन

    पॉवर प्लांट के फेज-1 से 143 बल्कर ट्रक द्वारा 5229 मीट्रिक टन ड्राई ऐश निष्पादित की गई जो कि पिछले वर्ष में निष्पादित 131 बल्कर ट्रक की तुलना में अधिक है। इसी प्रकार फेज-2 से 67 बल्कर ट्रक द्वारा 2563 मीट्रिक टन ड्राई ऐश सफलतापूर्वक निष्पादित की गई।

    क्या होता है ड्राई ऐश और क्या है उपयोग

    ड्राई ऐश ताप विद्युत गृहों में कोयले के दहन से उत्पन्न उप-उत्पाद है, जिसका उपयोग निर्माण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से किया जाता है। यह पोर्टलैंड सीमेंट के आंशिक विकल्प के रूप में कंक्रीट निर्माण में प्रयुक्त होती है, जिससे मजबूती, टिकाऊपन, जल अवशोषण में कमी एवं कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त इसका उपयोग ईंट, टाइल, सड़क, तथा औद्योगिक पेंट एवं कोटिंग्स बनाने में भी किया जाता है। विशेष रूप से क्लास-एफ फ्लाई ऐश का उपयोग एंटी-कोरोज़िव एवं वाटरप्रूफ कोटिंग्स में किया जाता है, जिससे लागत में कमी के साथ गुणवत्ता में वृद्धि सुनिश्चित होती है।

    कंपनी की फ्लाई ऐश उपयोग के प्रति प्रतिबद्धता पहले से अधिक सशक्त हुई है और यह पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हाल ही में स्थापित सीमेंट क्लिंकर संयंत्र इस दिशा में कंपनी की पर्यावरण हितैषी सोच एवं सतत विकास के संकल्प का प्रमाण है। यह उपलब्धि कंपनी के प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए बनाई गई नीतियों तथा उनके सुचारु एवं सफल निष्पादन का उत्कृष्ट उदाहरण है।

     

  • नाबालिग बटुकों के शोषण केस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें, मेडिकल रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

    नाबालिग बटुकों के शोषण केस में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ीं मुश्किलें, मेडिकल रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

    प्रयागराज
    नाबालिग बटुकों से कथित यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस द्वारा कराई गई मेडिकल जांच रिपोर्ट में पीड़ित दोनों नाबालिग बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि होने की बात सामने आई है। बुधवार को पुलिस ने दोनों बच्चों का मेडिकल परीक्षण कराया था। शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने भी दावा किया है कि रिपोर्ट में यौन शोषण के संकेत स्पष्ट रूप से दर्ज हैं।

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की बढ़ेंगी मुश्किलें
    मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट को अहम साक्ष्य के तौर पर केस डायरी में शामिल किया जा रहा है। यदि जांच में आरोप पुष्ट होते हैं तो स्वामी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

    हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की
    गिरफ्तारी की आशंका के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इस याचिका पर कल जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ में सुनवाई होनी है। अदालत में पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और अब तक जुटाए गए साक्ष्यों को प्रस्तुत कर सकती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली तो पुलिस उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार कर सकती है।

    अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज
    यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज है। स्वामी और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी सहित अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया है कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देश और जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

    अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पर्याप्त सबूत- आशुतोष ब्रह्मचारी
    वहीं पॉक्सो कोर्ट के आदेश पर अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण का मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया है कि उनके पास आरोपों से संबंधित पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने यह बात कही। इस दौरान उन्होंने एक लैपटॉप दिखाते हुए बताया कि इसमें नाबालिगों से यौन शोषण की फोटो और वीडियो सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने इस मामले में दो अन्य नाम का खुलासा करते हुए राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं व वीआईपी के शामिल होने का भी दावा किया।

    उन्होने कहा कि दोनों पीड़ितों ने कोर्ट में कलमबद्ध गवाही दी और इनकी मेडिकल जांच पूरी हो चुकी है। कहा कि पीड़ितों में करीब 20 लड़के व महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने इस मामले में साक्ष्य (स्वीमिंग पुल आदि) को मिटाने और आश्रम में करीब तीन से चार करोड़ रुपये का घोटाला करने का भी आरोप लगाया।

     

  • म.प्र. राज्य निर्वाचन आयोग की टीम ने जाना बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के नवाचार

    म.प्र. राज्य निर्वाचन आयोग की टीम ने जाना बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के नवाचार

    भोपाल

    स्थानीय निकाय निर्वाचनों में राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा किए गए तकनीकी नवाचारों एवं संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के आधुनिकीकरण का अध्ययन करने के लिये राज्य निर्वाचन आयोग, मध्यप्रदेश के उप सचिव डॉ. सुतेश शाक्या, अवर सचिव  एन. के. लच्छवानी, विधिक सलाहकार  प्रदीप शुक्ला एवं आईटी कंसल्टेंट  राकेश शुक्ला ने बिहार का दौरा किया।

    बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार के सचिव  मुकेश कुमार सिन्हा, विशेष कार्य पदाधिकारी  संजय कुमार सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने बिहार में निर्वाचन प्रक्रिया में किए गए तकनीकी विस्तार और सुधारों का विस्तृत अध्ययन किया। अध्ययन के दौरान संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया के पूर्ण डिजिटलीकरण, बायोमेट्रिक/एफ.आर.एस. के माध्यम से मतदाता सत्यापन, ईवीएम द्वारा मतदान, मतदान केंद्र एवं मतगणना केंद्रों की वेबकास्टिंग द्वारा लाइव मॉनिटरिंग, वज्रगृह में डिजिटल लॉक की व्यवस्था, ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकॉग्निशन) के माध्यम से मतगणना, जीआईएस मैपिंग, ई-वोटिंग प्रणाली तथा व्यापक जन-जागरुकता एवं प्रचार-प्रसार अभियान की जानकारी प्राप्त की गई।

    राज्य निर्वाचन आयोग, मध्यप्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने यह समझने का प्रयास किया कि किस प्रकार तकनीक के प्रभावी उपयोग से निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग, मध्यप्रदेश ने बिहार में लागू विभिन्न चुनावी नवाचारों एवं आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि "हम AI SUMMIT में राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार द्वारा प्रस्तुत ई-वोटिंग के प्रयासों की प्रशंसा से प्रेरित होकर इसके सफल क्रियान्वयन को देखने बिहार आए थे। यहाँ चुनाव सुधारों की दिशा में तकनीकी नवाचार अत्यंत प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से लागू किए गए हैं। प्रत्येक चरण में कार्य सफलतापूर्वक संपादित किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग, बिहार ने न केवल ई-वोटिंग को अपनाया है, बल्कि संपूर्ण निर्वाचन प्रक्रिया को डिजिटाइज कर एआई के माध्यम से सुदृढ़ बनाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि मध्यप्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों में इस प्रकार तकनीक प्रक्रियाओं एवं नवाचारों को अपनाने पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जायेगा।

     

  • किम जोंग उन की परमाणु चेतावनी: खतरा हुआ तो पूरी दुनिया को मिटा देंगे

    किम जोंग उन की परमाणु चेतावनी: खतरा हुआ तो पूरी दुनिया को मिटा देंगे

    उत्तर कोरिया
    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने चेतावनी दी कि अगर उनकी सुरक्षा को खतरा हुआ तो परमाणु-संपन्न देश दक्षिण कोरिया को 'पूरी तरह से मिटा' सकता है। उन्होंने सियोल के साथ बातचीत करने से एक बार फिर इनकार कर दिया। सरकारी मीडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हालांकि, सत्तारूढ़ पार्टी की एक बैठक के समापन के दौरान उन्होंने अगले पांच वर्षों के लिए अपने नीतिगत लक्ष्यों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए वॉशिंगटन से बातचीत के लिए अपने रास्ते खुले रखे।

    हाल के वर्षों में किम ने सियोल के प्रति अपनी बयानबाजी को और तीखा कर दिया है और उसके साथ कूटनीति के प्रति अपनी अस्वीकृति पर जोर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे सैन्य संघर्ष की आशंका नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य एक व्यापक रणनीति को आगे बढ़ाना है। इसके तहत किम के परमाणु हथियारों और मॉस्को तथा बीजिंग के साथ संबंधों के बल पर उत्तर कोरिया की अधिक मजबूत और प्रभावशाली भूमिका स्थापित करना है।

    आधिकारिक न्यूज एजेंसी ने कहा कि किम ने अपनी परमाणु-संपन्न सेना को मजबूत करने के लिए नई हथियार प्रणालियों को विकसित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में उनके परमाणु और मिसाइल के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास ने देश को परमाणु हथियार संपन्न देश के रूप में उभारा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका लंबे समय से रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करना चाहता है तो उसे उत्तर कोरिया के प्रति अपनी कथित "शत्रुतापूर्ण" नीतियों को छोड़ना होगा।

    दक्षिण कोरिया ने क्या कहा
    दक्षिण कोरिया के एकीकरण मंत्रालय ने कहा कि उत्तर कोरिया का अंतर-कोरियाई संबंधों को शत्रुतापूर्ण रूप में परिभाषित किया जाना खेदजनक है और सियोल शांति के प्रयासों को 'धैर्यपूर्वक' जारी रखेगा।

    ठप है अमेरिका से बातचीत
    विशेषज्ञों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि किम दक्षिण कोरिया के प्रति अपने कड़े रुख को और संस्थागत रूप दे सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 2019 में वार्ता विफल होने के बाद से उत्तर कोरिया का अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ कूटनीतिक संवाद ठप है। किम ने दक्षिण कोरिया को 2024 में स्थायी दुश्मन घोषित कर संबंधों को और तनावपूर्ण बना दिया था।

    किम जोंग उन फिर बने नेता
    उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन को सोमवार को सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के शीर्ष पद पर फिर से निर्वाचित किया गया था। उत्तर कोरिया की आधिकारिक कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने बताया कि हजारों प्रतिनिधियों की 'एकमत इच्छा' से किम को पार्टी का महासचिव चुना गया। वर्ष 2016 से हर पांच वर्ष में आयोजित इस कांग्रेस में शीर्ष नेता का चुनाव होता है।

     

  • चुनावी मौसम में ‘टूलकिट गैंग’ सक्रिय: मुख्यमंत्री धामी का कांग्रेस पर तीखा हमला

    चुनावी मौसम में ‘टूलकिट गैंग’ सक्रिय: मुख्यमंत्री धामी का कांग्रेस पर तीखा हमला

    सतपुली (पौड़ी)
    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव का समय निकट आ रहा है, कांग्रेस के अर्बन नक्सल और टूल किट गैंग सक्रिय हो गए हैं। एआइ के माध्यम से सरकार की छवि को खराब करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, लेकिन जनता कांग्रेस के इस झांसे में नहीं आएगी। उन्होंने कांग्रेस पर राज्य की डेमोग्राफी बिगाड़ने का भी आरोप लगाया। कहा कि प्रदेश में सत्तासीन भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश में विभिन्न कानूनों को इसलिए लागू किया है, ताकि उत्तराखंड की भावी पीढ़ी भविष्य में स्वयं को सुरक्षित महसूस करे।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को बिलखेत (सतपुली) में तीन-दिवसीय नयार घाटी एडवेंचर फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हित में सरकार जो भी फैसले लेती है, कांग्रेस को उन तमाम फैसलों में एतराज होता है। कहा कि कांग्रेस कार्यकाल में राज्य की पूरी डेमोग्राफी बदल गई और कांग्रेस सरकार आंखों पर पट्टी बांधे बैठी रही। वर्तमान सरकार ने जहां घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई की, वहीं अवैध रूप से कब्जाई जमीनों को भी अतिक्रमण मुक्त करवाया। कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की भावी पीढ़ी स्वयं को सुरक्षित महसूस करे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा विकास की राजनीति कर रही है, जबकि कांग्रेस झूठ और षडयंत्र कर सत्ता तक पहुंचना चाहती है।

    नयार घाटी की सुंदरता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संपूर्ण क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और साहसिक संभावनाओं के कारण अत्यंत अद्वितीय है। प्रकृति ने इस क्षेत्र को सौंदर्य व रोमांच का अनुपम संगम प्रदान किया है, जिससे यह साहसिक पर्यटन व युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए आदर्श स्थल बन रहा है। कहा कि यहां के विकास के लिए सरकार सकारात्मक रूप से कार्य करेगी, ताकि स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।

    मुख्यमंत्री ने जिले में हुए विभिन्न विकास कार्यों का भी जिक्र किया। कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास शासन-प्रशासन को जन-जन तक पहुंचाकर जनसमस्याओं का निराकरण करना है। कहा कि राज्य का समग्र सामाजिक विकास सरकार का प्रमुख लक्ष्य व संकल्प है।

    उन्होंने कहा कि विकास के साथ-साथ राज्य की सामाजिक व सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाए रखना, लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करना, सांस्कृतिक विरासतों का संरक्षण करना भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

    पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि सरकार प्रदेश को पर्यटन व एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि नयार घाटी एडवेंचर फेस्टिवल नयार घाटी की अपार प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध संस्कृति और साहसिक पर्यटन की असीम संभावनाओं का सशक्त परिचय है। कहा कि यह महोत्सव स्थानीय स्तर पर रोजगार के द्वार खोलेगा। विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि यह महोत्सव जनपद पौड़ी को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा।

    इस मौके पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं.राजेद्र अणथ्वाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, कल्जीखाल की ब्लाक प्रमुख गीता देवी, द्वारीखाल की ब्लाक प्रमुख बीना राणा, जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, डीएसटीओ रामसलोने, भाजपा पौड़ी के जिलाध्यक्ष कमल किशोर रावत, कोटद्वार के जिलाध्यक्ष राजगौरव नौटियाल सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जन मौजूद रहा।

    सतपुली में बनेगा पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र
    गुरुवार को सतपुली पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नयार घाटी में पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने की घोषणा की। उन्होंने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विकासखंड पोखड़ा में रसल्वांण दीवा मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड बीरोंखाल में कालिंका मंदिर स्थलीय कार्य, विकासखंड एकेश्वर में एकेश्वर महादेव मंदिर स्थलीय कार्य व विकासखंड पाबौ में चंपेश्वर महादेव मंदिर से जुड़े विकास कार्यों की घोषणा की।

     

  • पात्र को योजनाओं का लाभ मिले, तभी साकार होगा विकसित भारत: राज्यपाल पटेल

    पात्र को योजनाओं का लाभ मिले, तभी साकार होगा विकसित भारत: राज्यपाल पटेल

    भोपाल 

    राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि पात्र व्यक्तियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाकर ही विकसित भारत का संकल्प पूरा किया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गरीब और जरूरतमंदों को प्राथमिकता से योजनाओं से जोड़ें तथा उन्हें मुख्यधारा में शामिल कराए। राज्यपाल सीधी जिले के मझौली जनपद अंतर्गत वनांचल ग्राम परसिली में गुरुवार को आयोजित जनजातीय संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    राज्यपाल  पटेल ने कहा कि स्व-सहायता समूहों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाया है। महिलाएं निर्भीक होकर मंच से अपने अनुभव साझा कर रही हैं। परिवार की आर्थिक उन्नति में भागीदारी कर रही हैं। आधुनिक तकनीक को अपनाने में भी वह तेजी से आगे बढ़ रही है। देश में एक करोड़ ड्रोन दीदी है। आने वाले समय में यह संख्या दो करोड़ हो जाएगी। उन्होंने बताया कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान में जनजातीय समुदाय के लिए 80 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। पीएम जनमन योजना के तहत 24 हजार करोड़ रुपये से विभिन्न विभागों की योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। सिकल सेल एनीमिया मरीजों से नियमित दवा लेने और खान-पान का ध्यान रखने का आग्रह किया।

    सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा कि वनांचल में राज्यपाल  पटेल के आगमन से उत्साह का माहौल है, वे गुजरात से ही सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं, उनका यह संकल्प प्रदेश में जारी है। स्वागत उद्बोधन में विधायक धौहनी  कुंवर सिंह टेकाम ने कहा कि अंचल में जनजातीय वर्ग को शासन की सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने सभी से सिकल सेल एनीमिया की जांच कराने के लिए कहा है।

    इससे पूर्व कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर राज्यपाल  पटेल का जनजातीय परंपरागत नृत्य से स्वागत किया गया। राज्यपाल ने कन्या-पूजन और मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन किया।  राज्यपाल  पटेल को परंपरागत जनजातीय कैप पहनाई गई और प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।

    राज्यपाल ने महिला स्व-सहायता समूह और हितग्राही परिजनों से की चर्चा

    राज्यपाल  पटेल को रमाबाई अंबेडकर स्व-सहायता समूह की सदस्य मती साधना ने बताया कि समूह से जुड़कर सिलाई का कार्य प्रारंभ किया। कृषि एवं बीमा कार्य कर वे प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपए कमा रही हैं। वार्षिक आय एक लाख से अधिक है। आस्था स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष मती ललिता ने बताया कि उनकी पहले आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। अब वे लखपति दीदी है। राज्यपाल ने ओम प्रकाश बैगा के बच्चों शिवानी, शिवम और पुष्पेन्द्र को शिक्षा के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षित होकर ही सपने साकार होते हैं। उन्होंने माता-पिता की सेवा और नैतिक मूल्यों के पालन पर बल देते हुए जीवन में बड़े लक्ष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। परिवार ने बताया कि उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल रहा है।

    हितलाभ वितरण और प्रदर्शनी का अवलोकन

     राज्यपाल  पटेल ने जनजातीय संवाद कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। मध्यप्रदेश डे-आजीविका मिशन के तहत ऋण वितरण किए। कार्यक्रम स्थल में मध्य प्रदेश डे-आजीविका मिशन द्वारा लगाई गई हर्बल अबीर, गुलाल, महुआ के लड्डू आदि उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

    राज्यपाल ने पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

    राज्यपाल  पटेल ने परसिली स्थित सत्यसाई आश्रम में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। साथ ही प्रत्येक नागरिक को जीवन के विशेष अवसरों पर कम से कम एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने आश्रम में उपस्थित बच्चों और स्थानीय नागरिकों से सीधा संवाद किया। जनजातीय और ग्रामीण संस्कृति के संरक्षण पर बल देते हुए पारंपरिक कला और पेंटिंग की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और आजीविका का माध्यम बनाने के लिए प्रेरित किया।

     

  • पाकिस्तानी बताकर पकड़ा गया शख्स निकला भारतीय, पासपोर्ट दिखाते ही कोर्ट में मचा हड़कंप

    पाकिस्तानी बताकर पकड़ा गया शख्स निकला भारतीय, पासपोर्ट दिखाते ही कोर्ट में मचा हड़कंप

    हैदराबाद
    तेलंगाना हाई कोर्ट ने बुधवार को एक 33 वर्षीय व्यक्ति को अपनी रिट अपील वापस लेने की अनुमति दे दी। इस व्यक्ति को पहले पाकिस्तानी नागरिक घोषित किया जा चुका था, लेकिन अदालत में उसने अचानक अपना एक भारतीय पासपोर्ट पेश कर दिया, जिसके बारे में उसका दावा था कि यह उसे 2022 में जारी किया गया था।

    क्या है पूरा मामला?
    रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद के याकूतपुरा निवासी सैयद अली हुसैन रिजवी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उसने अदालत से मांग की थी कि हैदराबाद पुलिस की स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों द्वारा उसके घर पर की जा रही पूछताछ और दौरों पर रोक लगाई जाए। रिजवी का आरोप था कि पुलिस उसे देश में रहने के लिए लंबी अवधि के वीजा के लिए आवेदन करने को मजबूर कर रही है, जबकि वह हैदराबाद में ही पैदा हुआ, वहीं पला-बढ़ा और उसकी शादी भी एक भारतीय नागरिक से हुई है।

    सरकार और पुलिस की दलीलें
    गृह विभाग के सरकारी वकील महेश राजे ने अदालत के सामने कई अहम तथ्य रखे। पाकिस्तानी रिकॉर्ड: रिजवी का जन्म कराची में हुआ था। उसकी मां गोहर फातिमा के पाकिस्तानी पासपोर्ट में उसका नाम 'इमरान आबिद उर्फ इमरान हुसैन' दर्ज था। वे रिजवी के जन्म के तीन साल बाद फरवरी 1994 में भारत आए थे।

    पासपोर्ट का कोई रिकॉर्ड नहीं: सरकारी वकील ने बताया कि रिजवी को कभी कोई भारतीय पासपोर्ट जारी नहीं किया गया। यहां तक कि खुद रिजवी ने अपने हलफनामे में यह बात मानी थी कि उसने कभी भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन नहीं किया है। वीजा के लिए खुद किया था आवेदन: सरकार ने बताया कि रिजवी ने 5 जुलाई 2025 को खुद को पाकिस्तानी नागरिक घोषित करते हुए लॉन्ग-टर्म वीजा (LTV) के लिए आवेदन किया था।

    अदालत में क्या हुआ?
    बुधवार को सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी. एम. मोहिउद्दीन की डिवीजन बेंच के सामने रिजवी के वकील एस. श्रीधर ने अचानक अपने मुवक्किल का भारतीय पासपोर्ट पेश कर दिया। इस पर सरकारी अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास इस पासपोर्ट का कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।

    जब सरकार ने वीजा आवेदन की बात उठाई, तो रिजवी के वकील ने कहा कि पुलिस ने जबरन उनके मुवक्किल से उस आवेदन पर हस्ताक्षर करवाए थे। बेंच ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि क्या यह 'अहम बात' (जबरन हस्ताक्षर वाली) कभी हलफनामे में बताई गई थी? वकील के पास इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।

    अदालत ने मौखिक रूप से कहा- अगर उसके पास पासपोर्ट था, तो पुलिस के घर आने पर उसने उन्हें क्यों नहीं दिखाया? वह अब भी उन्हें दिखा सकता है… अगर आप उन्हें पासपोर्ट दिखाते हैं और वे संतुष्ट हो जाते हैं, तो मामला यहीं खत्म हो जाता है। हर दिन नया तथ्य सामने आ रहा है… आप जो पासपोर्ट दिखा रहे हैं, उसमें नाम उसकी मां के पासपोर्ट में दर्ज नाम से अलग है। क्या आप उम्मीद करते हैं कि हम इन सबमें पड़ें और कोई टिप्पणी करें?

    कोर्ट का अंतिम फैसला
    अदालत के तीखे सवालों के बाद, याचिकाकर्ता के वकील ने रिट अपील वापस लेने की बात कही। बेंच ने अपने अंतिम आदेश में कहा कि अदालत इस पासपोर्ट की प्रामाणिकता की जांच नहीं कर सकती। इसके साथ ही, अदालत ने अधिकारियों को कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने की छूट दे दी। इससे पहले, पिछले महीने एक सिंगल-जज बेंच ने भी यह कहते हुए मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था कि पुलिस के दौरे वीजा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए थे और इन्हें दंडात्मक कार्रवाई नहीं माना जा सकता।

     

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज बचाने उतरेगा भारत, बल्लेबाजी में सुधार सबसे बड़ी चुनौती

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज बचाने उतरेगा भारत, बल्लेबाजी में सुधार सबसे बड़ी चुनौती

    होबार्ट
    मौजूदा विश्व चैंपियन भारत को पहले मैच में बुरी तरह हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की वनडे श्रृंखला को अगर जीवंत रखना है तो उसे शुक्रवार को यहां होने वाले दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में बल्लेबाजी में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

    टी20 श्रृंखला 2-1 से जीतने के बाद भारतीय टीम वनडे श्रृंखला की अच्छी शुरुआत नहीं कर पाई और ब्रिस्बेन में खेले गए पहले मैच में छह विकेट से हार गई। भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कभी भी द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं जीती है।

    इस प्रारूप में इन दोनों देशों के बीच खेली गई श्रृंखलाओं में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहा है। दोनों टीमों के बीच अभी तक 11 द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला खेली गई हैं जिनमें सभी में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की। इनमें 2024 में 3-0 से और सितंबर 2025 में 2-1 से जीत भी शामिल है।

    लेकिन भारत 2025 में महिला वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर मिली पांच विकेट की जीत से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगा। वर्तमान श्रृंखला के पहले मैच में भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की चुनौती का सामना करने में नाकाम रहे और पूरी टीम केवल 214 रन पर आउट हो गई।

    उप-कप्तान स्मृति मंधाना (58), कप्तान हरमनप्रीत कौर (53) और कासवी गौतम (43) को छोड़कर कोई भी अन्य भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारियां नहीं खेल सका। वे ऑस्ट्रेलिया की अनुशासित गेंदबाजी के सामने संघर्ष करते हुए नजर आए।

    प्रतिका रावल पारी की शुरुआत करते हुए खाता भी नहीं खोल पाई। शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। भारत को शुक्रवार को इन चारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। बड़े शॉट लगाने में माहिर विकेटकीपर ऋचा घोष को भी संघर्ष करना पड़ा और वह केवल 23 रन ही बना सकी। टीम को उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

    गेंदबाजों में बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपने नौ ओवर में 41 रन देकर दो विकेट लिए लेकिन उन्हें बीच के ओवरों में दीप्ति शर्मा और कासवी जैसी गेंदबाजों से मदद की जरूरत है। लेकिन शुरुआती ओवरों में विरोधी टीम को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदारी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह और क्रांति गौड़ पर होगी, जो पहले मैच में असफल रहीं। भारतीय टीम प्रबंधन ऑलराउंडर अमनजोत कौर और स्नेह राणा को टीम में शामिल करने पर भी विचार कर सकता है। भारत की सीनियर ऑलराउंडर दीप्ति को उम्मीद है कि टीम दूसरे वनडे में वापसी करके श्रृंखला बराबर करने में सफल रहेगी।

    उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन परिणाम हमारे अनुकूल नहीं रहा। हम अगले मैच में मजबूत वापसी करेंगे। हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं और अपने मजबूत पक्षों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’

    दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की निगाह दूसरे मैच में ही श्रृंखला अपना नाम करके कप्तान एलिसा हीली को शानदार विदाई देने पर होगी। हीली अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में खेल रही हैं। उन्होंने पिछले मैच में अर्धशतक लगाया था।

    हीली और फोबे लिचफील्ड ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की और वे इसी लय को जारी रखना चाहेंगी। ऑस्ट्रेलिया के लिए लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान रहा। बेथ मूनी (76) और एनाबेल सदरलैंड (48 नाबाद) ने चौथे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी करके टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया था।

    ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी भी शानदार रही है, जिसमें मेगन शट, एशले गार्डनर, अलाना किंग, ताहिला मैकग्रा और सोफी मोलिनक्स सभी ने किफायती गेंदबाजी करते हुए विकेट भी हासिल किए।

    इन दोनों टीम के बीच वनडे श्रृंखला के बाद पर्थ में एक दिन रात्रि टेस्ट मैच खेला जाएगा। इन तीनों प्रारूप के प्रदर्शन को मिलाकर श्रृंखला की ट्रॉफी का फैसला अंकों के आधार पर किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक टी20 और 50 ओवर की जीत के लिए दो अंक और टेस्ट में जीत के लिए चार अंक होंगे।

    टीम इस प्रकार हैं:
    भारत:
    हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, काशवी गौतम, हरलीन देयोल, प्रतिका रावल।

    ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनी (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फोबे लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिस पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम।

    मैच सुबह 9.20 बजे शुरू होगा।

     

  • NCERT किताब विवाद पर केंद्र की बिना शर्त माफी, CJI की सख्त टिप्पणी—‘मामला हल्का नहीं’

    NCERT किताब विवाद पर केंद्र की बिना शर्त माफी, CJI की सख्त टिप्पणी—‘मामला हल्का नहीं’

    नई दिल्ली
    राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) की कक्षा 8वीं की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में 'न्यायपालिका में भ्रष्टाचार' को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गुरुवार को भी सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बिना शर्त और पूर्ण माफी मांगी है। आपको बता दें कि यह विवाद 24 फरवरी, 2026 को जारी की गई नई सिलेबस के बाद शुरू हुआ, जिसने न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने वाले अंशों के कारण कोर्ट को नाराज कर दिया।

    भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने इस मामले पर बेहद सख्त रुख अपनाया। न्यूज के अनुसार, सीजेआई ने कहा, "ऐसा लगता है कि न्यायपालिका को बदनाम करने के लिए यह एक गहरी और सुनियोजित साजिश रची गई है।" उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए शिक्षा सचिव और NCERT के निदेशक से जवाब तलब किया है कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों न की जाए। साथ ही केंद्र सरकार से ऑनउलब्ध पीडीएफ फाइल को जल्द से जल्द हटाने का आदेश दिया है।

    क्या था विवादित अध्याय?
    विवाद की जड़ कक्षा 8वीं की पुस्तक "एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड, वॉल्यूम II" का अध्याय नंबर 4 है। जिसका शीर्षक है 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका'। इस अध्याय में न्यायपालिका के भीतर भ्रष्टाचार पर कुछ ऐसी बातें शामिल की गई थी, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने आपत्तिजनक और अनुचित पाया। चौतरफा आलोचना और कानूनी दबाव के बाद NCERT ने एक आधिकारिक बयान जारी कर माफी मांगी है। परिषद ने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका का वे सर्वोच्च सम्मान करते हैं और उसे संविधान का रक्षक मानते हैं।

    38 बिकी हुई कॉपियों को ढूंढ रहा है मंत्रालय
    मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस विवादित पुस्तक की कुल 2.25 लाख प्रतियां छपी थीं। गनीमत यह रही कि भारी संख्या में वितरण से पहले ही विवाद सामने आ गया। कुल 2,24,962 प्रतियां अभी भी गोदामों में सुरक्षित हैं जिन्हें वापस मंगा लिया गया है। सिर्फ 38 प्रतियां बाजार में बिक चुकी हैं। शिक्षा मंत्रालय और NCERT अब उन्हें ट्रैक करके वापस लेने की कोशिश कर रहे हैं। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया है कि अगली सूचना तक इन पुस्तकों का वितरण पूरी तरह से बंद रहेगा। सरकार अब इस बात की जांच कर रही है कि संवेदनशील विषयों पर पाठ्यसामग्री तैयार करने वाली विशेषज्ञ समिति से इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।

     

  • खंडवा में आंगनवाड़ी सुपरवाइजर 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

    खंडवा में आंगनवाड़ी सुपरवाइजर 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

    खंडवा, खालवा

    विकासखंड मुख्यालय खालवा में महिला एवं बाल विकास विभाग की एक संविदा पर्यवेक्षक को लोकायुक्त की टीम ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पर्यवेक्षक ने पहले सहायिका पद पर नियुक्ति के लिए पांच हजार रुपये और बाद में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पद पर पदस्थापना के लिए दो लाख रुपये की मांग की थी।

    शिकायतकर्ता 27 वर्षीय सलिता पालवी निवासी ग्राम मोजवाड़ी वर्तमान में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-एक मोजवाड़ी में सहायिका के पद पर पदस्थ हैं। उनकी नियुक्ति अक्टूबर 2025 में हुई थी। मोजवाड़ी स्थित आंगनवाड़ी केंद्र-3 में कार्यकर्ता का पद रिक्त होने पर उन्होंने नियमानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग, खालवा में आवेदन प्रस्तुत किया था।

    नियुक्ति दिलाने पांच, पदास्थापना के लिए दो लाख मांगे

    आरोप है कि महिला एवं बाल विकास परियोजना खालवा के सेक्टर सांवलीखेड़ा की संविदा पर्यवेक्षक 55 वर्षीय अंजिला मोहे निवासी ग्राम मलगांव ने आवेदिका से पहले सहायिका पद पर नियुक्ति दिलाने के नाम पर पांच हजार रुपये तथा कार्यकर्ता पद पर पदस्थापना के लिए दो लाख रुपए की मांग की। इस प्रकार कुल दो लाख पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।

    शिकायत के बाद बिछाया जाल

    पीड़िता ने मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) इंदौर विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त) इंदौर राजेश सहाय से की। शिकायत का सत्यापन सही पाए जाने पर ट्रैप दल का गठन किया गया। योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को आरोपित अंजिला मोहे को आवेदिका से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
    मामले की जांच जारी

    आरोपित के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त इंस्पेक्टर प्रतिभा तोमर, आशुतोष मिठास सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप की स्थिति है। मामले की आगे की जांच जारी है।

    रुपये लेते हुए ऐसे हुई ट्रैप

    फरियादिया सलिता पालवी ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों का जनपद पंचायत खालवा सभाकक्ष में प्रशिक्षण चल रहा था। इसी दौरान मैडम ने परियोजना कार्यालय में बुलाया। पूर्व से नियत योजना के तहत लोकायुक्त अधिकारियों ने तैयारी करके रखी थी, जैसे ही परियोजना आफिस में रिश्वत की राशि मैडम को दी, अधिकारियों में पकड़ लिया।