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  • पारंपरिक ईंधन की जगह लेंगे स्वच्छ विकल्प, ऊर्जा सचिव ने ग्रीन हाइड्रोजन पर दिया जोर

    पारंपरिक ईंधन की जगह लेंगे स्वच्छ विकल्प, ऊर्जा सचिव ने ग्रीन हाइड्रोजन पर दिया जोर

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) द्वारा आज छत्तीसगढ़ को ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने तथा ग्लोबल क्लीन एनर्जी के विस्तार के उद्देश्य से अर्धदिवसीय सेमिनार का आयोजन कोर्टयार्ड बाय मैरियट में किया गया. कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के ऊर्जा विभाग के सचिव रोहित यादव (आईएएस) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे.

    सचिव रोहित यादव ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक परिवेश में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देना तथा पारंपरिक औद्योगिक ईंधनों के स्थान पर स्वच्छ विकल्पों को अपनाने की दिशा में कार्य करना है. उन्होंने बताया कि बायोमास आधारित ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन की संभावनाओं को देखते हुए इसे प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि हो सकेगी. सेमिनार में चर्चा के दौरान बताया गया कि छत्तीसगढ़ में कृषि अवशेष, डेयरी उद्योग से उत्पन्न अपशिष्ट, फल एवं सब्जी मंडियों का जैविक कचरा तथा गोबर प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. उपयुक्त तकनीक के माध्यम से इनके प्रसंस्करण द्वारा बड़े पैमाने पर ग्रीन

    हाइड्रोजन उत्पादन की व्यापक संभावनाएँ मौजूद हैं.
    राज्य में स्टील एवं स्पंज आयरन उद्योग का मजबूत आधार रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्र जैसे उरला, सिलतरा, भिलाई तथा रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्रों में है. इसके अतिरिक्त जगदलपुर एवं बस्तर में भी औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित हैं. इन क्षेत्रों में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग से औद्योगिक डिकार्बोनाइजेशन को बढ़ावा मिलेगा तथा राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित पर्यावरणीय लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायता मिलेगी.

    ग्रीन हाइड्रोजन को औद्योगिक ईंधन के रूप में अपनाने से दोहरे लाभ होंगे—एक ओर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, वहीं बायोमास के मूल्य संवर्धन से किसानों की आय में वृद्धि होगी. यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा, अपशिष्ट से आय सृजन तथा नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होगी. ऊर्जा विभाग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित सरकार ने कहा कि सेमिनार का उद्देश्य राज्य के औद्योगिक इकोसिस्टम में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग को बढ़ावा देना, भविष्य के अनुसंधान की दिशा तय करना, संभावित बाधाओं की पहचान करना तथा इसके व्यापक क्रियान्वयन के लिए मार्ग प्रशस्त करना है.

    सेमिनार में उपस्थित विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए. “Hydrogen Economy: Innovation-Led Growth in Industrial Clusters in Chhattisgarh” विषय पर भाभा परमाणु अनुसंधान रिसर्च संस्थान (बार्क) के वरिष्ठ वैज्ञानिक सयाजी मैहत्रे ने बायोमास आधारित ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन पर प्रस्तुतीकरण दिया. “Accelerating Green Hydrogen Adoption in Chhattisgarh” विषय पर Ministry of New and Renewable Energy, भारत सरकार के विषय विशेषज्ञ श्री धर्मेन्द्र कुमार पंचार्या, भिलाई स्टील प्लांट के प्रतिनिधियों एवं अन्य उद्यमियों ने पैनल चर्चा में भाग लिया. सेमिनार में वित्तीय संस्थानों जैसे एसबीआई एवं नाबार्ड के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही.इसके अतिरिक्त नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन से डॉ. धर्मेन्द्र कुमार, शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. सचिन कुमार, बार्क, सीएसएमसीआरआई भावनगर, आईआईटी भिलाई के वरिष्ठ वैज्ञानिक, विभिन्न निजी औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि तथा सीबीडीए के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

  • निकायों को बड़ी वित्तीय राहत, कर्मचारियों के वेतन पूर्ति के 51.71 करोड़ आवंटित

    निकायों को बड़ी वित्तीय राहत, कर्मचारियों के वेतन पूर्ति के 51.71 करोड़ आवंटित

    रायपुर.

    प्रदेश के नगरीय निकायों में कार्यरत कर्मचारियों को होली के पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने आज चुंगी क्षतिपूर्ति मद से कुल 62.85 करोड़ रुपये का आबंटन जारी किया। इसमें वेतन भुगतान के लिए 51.71 करोड़ रुपये और नियमित मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़ रुपये शामिल हैं।

    फरवरी 2026 की स्थिति के अनुसार लंबित वेतन और देयकों को ध्यान में रखते हुए यह आबंटन किया गया है ताकि नगरीय निकायों में वित्तीय संतुलन कायम रहे और कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके। प्रदेश के 11 नगर निगमों को वेतन भुगतान के लिए कुल 25.05 करोड़ रुपये प्रदान किए गए हैं। इसमें प्रमुख नगर निगमों का विवरण इस प्रकार है:

        नगर निगम भिलाई – 4 करोड़
        नगर निगम बिलासपुर – 5 करोड़
        नगर निगम दुर्ग – 1.65 करोड़
        नगर निगम राजनांदगांव – 3 करोड़
        नगर निगम जगदलपुर – 1.50 करोड़
        नगर निगम अंबिकापुर – 3 करोड़
        नगर निगम चिरमिरी – 2 करोड़
        नगर निगम रिसाली – 2 करोड़
        नगर निगम बीरगांव – 0.54 करोड़
        नगर निगम धमतरी – 1.07 करोड़
        नगर निगम भिलाई-चरोदा – 1.27 करोड़

    इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से नियमित कर्मचारियों, स्वच्छता कर्मियों और संविदा कर्मचारियों के वेतन भुगतान तथा चुंगी समाप्त होने से उत्पन्न राजस्व अंतर की भरपाई के लिए किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी 14 नगर निगमों को चुंगी क्षतिपूर्ति के अंतर्गत 7.51 करोड़ रुपये और आबंटित किए गए हैं।

    वेतन के लिए नगर पालिकाओं को 16.48 करोड़ व नगर पंचायतों को 10.17 करोड़
    नगरीय प्रशासन विभाग ने प्रदेश के 38 नगर पालिका परिषदों में 16 करोड़ 48 लाख की राशि और 85 नगर पंचायतों को कुल 10 करोड़ 17 लाख रुपये से अधिक की राशि होली के पूर्व निकाय कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए आबंटित की है। छोटे एवं मध्यम नगरीय निकायों के लिए यह वित्तीय सहायता अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदेश के सभी 54 नगर पालिकाओं को भी चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि दी गई है। इसके लिए 2 करोड़ 8 लाख 52 हजार 17 रुपए का आबंटन जारी किया गया है। इसके अलावा सभी 124 नगर पंचायतों को एक करोड़ 54 लाख 31 हजार 55 रुपए की मासिक चुंगी क्षतिपूर्ति राशि दी गई है। गौरतलब है कि है कि राज्य में चुंगी समाप्त होने के बाद नगरीय निकायों को राजस्व में कमी का सामना करना पड़ा था। इस स्थिति में राज्य सरकार द्वारा चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को नियमित अंतराल पर राशि प्रदान की जाती है, ताकि वे अपने प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी दायित्वों का निर्वहन सुचारू रूप से कर सकें। यह मद विशेष रूप से वेतन भुगतान, स्वच्छता व्यवस्था, जल प्रदाय सेवाओं एवं दैनिक संचालन व्यय को संतुलित करने में सहायक होती है।

    विभाग द्वारा आज आबंटित राशि से नगरीय निकायों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को होली के पूर्व वेतन प्राप्त होगा। इससे निकायों में स्वच्छता, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य शहरी सेवाओं में निरंतरता बनी रहेगी। नगरीय प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आबंटित राशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाएगा। सभी निकायों को वित्तीय नियमों का पालन करते हुए व्यय विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।

    चुंगी क्षतिपूर्ति मद से वेतन के लिए 51.71 करोड़ एवं नियमित चुंगी क्षतिपूर्ति के रूप में 11.14 करोड़, इस प्रकार कुल 62.85 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का होली के पहले आबंटन नगरीय निकायों के लिए बड़ी राहत है। चुंगी क्षतिपूर्ति मद के माध्यम से निकायों को समस्त कर्मचारियों के वेतन भुगतान करने में स्थिरता आएगी और शहरी प्रशासन को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार की यह पहल शहरी सेवाओं को निरंतर और प्रभावी बनाए रखने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

  • महाराष्ट्र दौरे से लौटे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, ‘छत्तीसगढ़ में शुरू होगा प्रशिक्षण महाअभियान’

    महाराष्ट्र दौरे से लौटे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, ‘छत्तीसगढ़ में शुरू होगा प्रशिक्षण महाअभियान’

    रायपुर.

    भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह और सांसद संतोष पांडे महाराष्ट्र से लौटकर रायपुर पहुंचे। दोनों नेता महाराष्ट्र में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए थे। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यशाला छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और संगठनात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

    इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार के बजट “संकल्प” और राज्यसभा प्रत्याशी के संबंध को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी।
    पत्रकारों से चर्चा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने कहा कि, “छत्तीसगढ़ से हमारा प्रशिक्षण महाअभियान अब शुरू हो रहा है। इसके तहत हमारे छह राज्यों के वरिष्ठ नेताओं ने छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं के लिए मुंबई में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की। इस कार्यशाला में हमारे राष्ट्रीय महामंत्री, संगठन के वरिष्ठ नेता और सभी कार्यकर्ताओं ने अपनी महत्वपूर्ण बातें साझा कीं, ताकि हम सभी प्रशिक्षित हो सकें।

    प्रशिक्षण महाअभियान को लेकर किरण देव सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण अभियान मंडल स्तर पर शुरू होगा। सभी मंडलों में वरिष्ठ वक्ता प्रशिक्षण देंगे, इसके बाद मंडल प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत की जाएगी। यह महाअभियान राज्य भर में भाजपा कार्यकर्ताओं के संगठनात्मक कौशल को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा।

    बजट को लेकर BJP प्रदेश अध्यक्ष ने दी ये प्रतिक्रिया
    किरण देव सिंह ने राज्य सरकार के बजट “संकल्प” पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा, “हम मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प को और वित्त मंत्री ओ.पी चौधरी को बधाई देते हैं। निश्चित रूप से हमारी सरकार का पहला बजट ज्ञान को समर्पित था, दूसरा बजट गति को और अब तीसरा बजट संकल्प को समर्पित है। यह संकल्प बजट अत्यंत बेहतरीन है

    ज्ञान और गति के बाद अब संकल्प के माध्यम से हमारे राज्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण दिशा निर्धारित की गई है। सर्वव्यापी छत्तीसगढ़ के विकास की दृष्टि से यह बजट अनेक कल्याणकारी योजनाओं का पिटारा खोलता है, जिससे जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।” किरण देव सिंह ने कहा बस्तर से लेकर सरगुजा तक जनता के लिए कई योजनाओं का पिटारा खुला है। 2047 तक प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप यह बजट पूरी तरह विकास बजट है।

    राज्यसभा प्रत्याशी पर टिप्पणी
    राज्यसभा प्रत्याशी के संबंध में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि निश्चिंत रहिए, निश्चित समय पर राज्यसभा में किसे भेजना है, सबके सामने स्पष्ट रूप से आएगा।”

  • जिम्बाब्वे के खिलाफ ‘करो या मरो’ मैच, भारत के टॉप ऑर्डर पर जीत की जिम्मेदारी

    जिम्बाब्वे के खिलाफ ‘करो या मरो’ मैच, भारत के टॉप ऑर्डर पर जीत की जिम्मेदारी

    चेन्नई
    शीर्षक्रम की नाकामी और पिछली हार के बाद भारी दबाव से जूझ रही गत चैम्पियन भारतीय टीम को ‘जाइंट किलर’ जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 विश्व कप सुपर आठ चरण के ‘करो या मरो’ के मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। दक्षिण अफ्रीका से रविवार को 76 रन से हार के बाद भारत का नेट रनरेट (माइनस 3.80) खराब हो गया है जिससे सेमीफाइनल की उम्मीद बनाये रखने के लिये यह मुकाबला हर हालत में बड़े अंतर से जीतना होगा। इसके लिये पारी की शुरूआत और तीसरे नंबर की समस्या से पार पाना होगा। विश्व कप से पहले सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा और ईशान किशन शानदार फॉर्म में थे जिन्होंने दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ उम्दा प्रदर्शन किया था। लेकिन पेट के संक्रमण के बाद से अभिषेक की लय खो गई है। सपाट पिचों पर आफ स्पिनरों के सामने वह अपने पसंदीदा शॉट नहीं खेल पा रहे हैं जिसका भारत को नुकसान हो रहा है।

    इस टूर्नामेंट में चार मैचों में वह 15 रन ही बना सके हैं जबकि उनका स्ट्राइक रेट 75 और औसत 3.75 रहा। सवाल यह है कि आक्रामक बल्लेबाजी की स्वाभाविक शैली को तिलांजलि देकर क्या वह कुछ रन बना सकेंगे। अभिषेक की शैली में ही खेलने वाले इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने अपने खेल में बदलाव किया और पाल्लेकेल में पाकिस्तान के खिलाफ शतक जमाया। उनकी पारी देखकर ही शायद अभिषेक को ऐसा कुछ करने की प्रेरणा मिले। ब्रूक कभी भी स्पिनरों के सामने सहज नहीं रहे लेकिन उन्होंने पाकिस्तानी स्पिन आक्रमण की बखिया उधेड़ दी। उन्होंने रक्षात्मक और आक्रामक बल्लेबाजी का अच्छा तालमेल पेश किया।तिलक वर्मा को भी अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। अभिषेक के खराब फॉर्म के कारण तिलक को ईशान का बखूबी साथ देना चाहिये था लेकिन ऐसा हुआ नहीं। ईशान 193 के स्ट्राइक रेट से रन बना रहे हैं लेकिन दूसरे छोर से उन्हें साथ नहीं मिल पा रहा।

    सूर्यकुमार यादव ने 180 रन बनाये हैं लेकिन उनका स्ट्राइक रेट 127 रहा है जो उनके टी20 कैरियर के 161 के स्ट्राइक रेट से काफी कम है जिससे ईशान पर काफी दबाव बन गया है। शिवम दुबे और हार्दिक पंड्या निचले क्रम पर आक्रामक पारियां नहीं खेलते तो कुछ मैचों में तो भारत का स्कोर सम्मानजनक भी नहीं रहता। बायें हाथ के तीन बल्लेबाजों ईशान, अभिषेक और तिलक के सामने विरोधी टीमों ने पावरप्ले में आफ स्पिनरों का उपयोग किया है। शीर्ष तीन में दाहिने हाथ के बल्लेबाज संजू सैमसन को शामिल करने की संभावना है हालांकि वह खुद बहुत अच्छे फॉर्म में नहीं हैं।

    ऐसे में टीम प्रबंधन सूर्यकुमार को तीसरे और तिलक को चौथे नंबर पर उतार सकता है। वैसे चेपॉक की पिच से उन्हें काफी मदद मिल सकती है। जिम्बाब्वे के पास उतना खतरनाक स्पिन आक्रमण भी नहीं है जिसका अभी तक भारत ने सामना किया है। तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी , रिचर्ड एनगारावा और ब्राड इवांस से कड़ी चुनौती मिल सकती है। गेंदबाजी में भारत को चिंता करने की जरूरत नहीं है लेकिन पिछले मैच में दक्षिण अफ्रीका के तीन विकेट 20 रन पर चटकाने के बाद उसे सात विकेट पर 187 रन बनाने का मौका दे दिया जिस पर विचार करना होगा।

    टीमें :
    भारत:
    सुयकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, संजू सैमसन (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह।

    जिम्बाब्वे: सिकंदर रजा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ग्रीम क्रेमर, बेन कुरेन, ब्रैड इवांस, क्लाइव मदांडे, टिनोटेंडा मापोसा, तदिवानाशे मारुमनी, वेलिंगटन मसाकाद्जा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, डायोन मायर्स, रिचर्ड एनगारवा।

    मैच का समय : शाम सात बजे से।

     

  • बीजापुर में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर, कई हथियार बरामद

    बीजापुर में सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में दो वर्दीधारी नक्सली ढेर, कई हथियार बरामद

    बीजापुर.

    छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां इंद्रावती नदी क्षेत्र में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने दो नक्सलियों को ढेर किया है। वहीं घटनास्थल से हथियार, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री भी जब्त की गई है। इलाके में फिलहाल सर्च अभियान जारी है।

    जानकारी के अनुसार, थाना जांगला क्षेत्र अंतर्गत इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने पर सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम माओवादी विरोधी अभियान पर रवाना हुई थी। इसी दौरान आज सुबह सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई। दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसके बाद माओवादी जंगल की ओर भाग निकले।

    मुठभेड़ के बाद चलाए गए सर्च अभियान में सुरक्षाबलों को दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए हैं। साथ ही घटनास्थल से एक एसएलआर राइफल, एक इंसास राइफल, एक 12 बोर राइफल, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान भी जब्त किया गया है। इस मुठभेड़ की पुष्टि पुलिस अधीक्षक बीजापुर डॉ. जितेन्द्र यादव ने की है। वहीं बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने कहा कि क्षेत्र में सर्च अभियान जारी है और मुठभेड़ से जुड़ी विस्तृत जानकारी अलग से साझा की जाएगी।

    6 फरवरी को 7 नक्सली मारे

    इससे पहले 6 फरवरी को छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र बॉर्डर पर पुलिस और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 7 नक्सली ढेर हुए थे। इनमें 3 महिला नक्सली शामिल थे। वहीं महाराष्ट्र का एक जवान शहीद हो गया था, 1 अन्य जवान घायल था।

    नक्सलियों की ओर से फायरिंग में गोली कॉन्स्टेबल दीपक चिन्ना मदावी (38 साल) को जा लगी। उन्हें तुरंत एयरलिफ्ट कर भामरागड़ के अस्पताल लाया गया था। जहां ऑपरेशन के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था।

    माओवादियों का पूरा सामान बरामद
    बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने बताया है कि इंद्रावती नदी इलाके में माओवादियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर एक जॉइंट टीम ने माओवादियों के खिलाफ ऑपरेशन शुरू किया। ऑपरेशन के दौरान आज सुबह इंद्रावती नदी इलाके में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद सर्च के दौरान, 2 वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद किए गए और मुठभेड़ वाली जगह से एक SLR राइफल, एक INSAS राइफल और एक 12-बोर राइफल जैसे हथियार, विस्फोटक और माओवादियों का दूसरा सामान बरामद किया गया।

    बीजापुर में रहा है नक्सलियों का दबदबा
    दरअससल, बीजापुर कभी छत्तीसगढ़ में लाल आतंक का गढ़ रहा है। बीजापुर के अधिकांश इलाकों से नक्सलियों का खात्मा हो गया है। वहीं, कुछ खूंखार नक्सलियों ने सरेंडर भी कर दिया है। नक्सलियों के जमा होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों के जवान कार्रवाई करते हैं। मुठभेड़ के बाद इंद्रावती नदी के किनारे सर्च ऑपरेशन लगातार चलाया जा रहा है।

    गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के कुछ बड़े कमांडर ढेर हो गए हैं तो कुछ ने हथियार डाल दिए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 की तारीख तय कर दी है कि हम नक्सलवाद को खत्म कर देंगे। पिछले दिनों उन्होंने इस मोर्च पर चल रही लड़ाई का छत्तीसगढ़ पहुंचकर रिव्यू भी किया था।

  • कैश कांड की जांच तेज: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ बनी कमेटी में बदलाव, जानिए नए 3 सदस्य कौन

    कैश कांड की जांच तेज: जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ बनी कमेटी में बदलाव, जानिए नए 3 सदस्य कौन

    नई दिल्ली

    कैश कांड में घिरे जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच कमेटी में बड़ा बदलाव हुआ है. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जस्टिस यशवंत वर्मा को हटाने के कारणों की जांच के लिए बनाई गई तीन सदस्यों वाली कमेटी का पुर्नगठन किया है. यह कैश कांड वाला यह मामला पिछले साल मार्च में जस्टिस यशवंत वर्मा के राजधानी स्थित आवास से जली हुई नकदी मिलने से जुड़ा है. तब जस्टिस यशवंत वर्मा दिल्ली हाईकोर्ट में तैनात थे.

    दरअसल, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बुधवार को जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ जांच करने वाली तीन सदस्यों वाली कमेटी में बदलाव किया है. यह कमेटी ‘कैश कांड’ के आरोपों की जांच कर रही है, जिसमें जस्टिस वर्मा के दिल्ली आवास से जले हुए नोटों के बंडल मिलने का मामला है. मूल कमेटी पिछले साल अगस्त में बनी थी. मगर अब इसमें एक नए सदस्य की एंट्री हुई है. यह बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि पुरानी कमेटी के एक सदस्य जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव 6 मार्च को रिटायर हो रहे हैं. अब नई कमेटी ही इस कांड की जांच आगे बढ़ाएगी और रिपोर्ट देगी.

    कमेटी में कौन-कौन?

    यह कमेटी पिछले साल मार्च में जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से जले हुए कैश के बंडल मिलने के बाद उन्हें हटाने की मांग के तहत की गई थी. इस कमेटी में ये तीन सदस्य हैं- जस्टिस अरविंद कुमार, सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया; जस्टिस चंद्रशेखर, चीफ जस्टिस ऑफ द बॉम्बे हाईकोर्ट; और बी.वी. आचार्य, सीनियर एडवोकेट, कर्नाटक हाईकोर्ट. जस्टिस अरविंद कुमार और आचार्य पिछली कमेटी का भी हिस्सा थे, लेकिन जस्टिस चंद्रशेखर नए सदस्य हैं. उन्होंने मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह ली है.

    कैसे बनी थी यह कमेटी
    यह कमेटी जजेस (इंक्वायरी) एक्ट 1968 के तहत बनी है. इसका काम जस्टिस वर्मा को हटाने के आधारों की जांच करना है. पिछले साल 152 सांसदों ने मिलकर इम्पीचमेंट मोशन दिया था, जिसमें विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों के सदस्य शामिल थे. स्पीकर ओम बिरला ने इसे मंजूर किया और कमेटी बनाई. अब पुनर्गठन के बाद कमेटी के सदस्य इस प्रकार हैं:

        जस्टिस अरविंद कुमार: जस्टिस अरविंद कुमार सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के जज हैं. वे मूल कमेटी में भी थे और जांच की अगुवाई कर रहे हैं. जस्टिस अरविंद कुमार अनुभवी हैं और कई बड़े मामलों में फैसले दे चुके हैं. उनकी मौजूदगी से जांच निष्पक्ष रहेगी.

        जस्टिस श्री चंद्रशेखर: जस्टिस अरविंद कुमार बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस हैं. यशवंत वर्मा मामले की जांच कमेटी में वे नए सदस्य हैं और जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह ले रहे हैं. जस्टिस चंद्रशेखर मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं और कानूनी मामलों में विशेषज्ञ हैं. उनका आना कमेटी को और मजबूत बनाएगा.

        बी.वी. आचार्य: बी.वी. आचार्य कर्नाटक हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट हैं. वे भी मूल कमेटी के सदस्य हैं. आचार्य सीनियर वकील हैं और कई हाई-प्रोफाइल मामलों में शामिल रहे हैं. उनकी कानूनी समझ जांच में मदद करेगी.

    क्या है जस्टिस वर्मा कैश कांड?
    कैश कांड मार्च 2025 की घटना है. होली के मौके पर जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लगी थी. फायर ब्रिगेड ने आग बुझाते समय जले हुए और आंशिक रूप से जले नोटों के बंडल पाए थे.  यह कैश लाखों या करोड़ों का बताया गया, लेकिन इसका कोई रिकॉर्ड नहीं था. जस्टिस यशवंत वर्मा उस समय भोपाल में थे और उन्होंने कहा कि यह कैश उनका नहीं है. इसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें काम से हटा दिया और जांच शुरू हुई. बाद में उनका ट्रांसफर इलाहाबाद हाईकोर्ट कर दिया गया. यह कांड भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है और न्यायपालिका में पारदर्शिता पर सवाल उठाता है. फिलहाल, इसकी जांच जारी है.

  • आपसे नाराजगी नहीं’ — Knesset में विपक्ष का वॉकआउट, लौटकर PM Narendra Modi से की खास बातचीत

    आपसे नाराजगी नहीं’ — Knesset में विपक्ष का वॉकआउट, लौटकर PM Narendra Modi से की खास बातचीत

    यरुशलम/नई दिल्ली

    इजरायल की संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक संबोधन से ठीक पहले एक हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामा देखने को मिला. इजरायली विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया, जिससे एक पल के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई. हालांकि, विपक्ष ने तुरंत साफ कर दिया कि उनकी यह नाराजगी पीएम मोदी से नहीं, बल्कि इजरायल की सत्ताधारी सरकार और संसद के स्पीकर से है.

    विपक्षी सांसदों ने प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के दौरान सदन में वापसी की और नेता प्रतिपक्ष यायर लैपिड ने व्यक्तिगत रूप से पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा, आज यहां जो कुछ भी हुआ, उसका आपसे कोई लेना-देना नहीं है.

    आखिर विपक्ष ने क्यों किया वॉकआउट?
    इजरायली अखबार ‘हारेत्ज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह पूरा विवाद नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना के एक फैसले की वजह से हुआ. स्पीकर ने इस विशेष सत्र में इजरायल के सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष आइजैक अमित को आमंत्रित नहीं किया था. इजरायल में यह परंपरा रही है कि ऐसे विशेष मौकों पर सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष को बुलाया जाता है. स्पीकर के इस फैसले को न्यायपालिका के अपमान के तौर पर देखते हुए विपक्षी दलों ने स्पीकर और सरकार के खिलाफ सदन का बहिष्कार करने का फैसला किया.

    नेतन्याहू का बहिष्कार, लेकिन पीएम मोदी का किया स्वागत
    विपक्षी दलों येश अतिद , यिसराइल बेइतेनु और द डेमोक्रेट्स ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण का पूरी तरह से बहिष्कार किया. लेकिन इन पार्टियों ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि वे भारतीय प्रधानमंत्री के भाषण का बहिष्कार किसी भी कीमत पर नहीं करेंगे. विपक्षी दलों ने एक साझा संदेश में पीएम मोदी को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय नेताओं में से एक और इजरायल का सच्चा मित्र करार दिया.

    लैपिड ने पीएम मोदी से मिलाया हाथ
    जैसे ही पीएम नेतन्याहू का भाषण समाप्त हुआ, इजरायल के विपक्षी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री यायर लैपिड सदन में वापस लौट आए. उन्होंने सीधे पीएम मोदी के पास जाकर उनसे हाथ मिलाया और संसद में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया ताकि भारत को कोई गलत संदेश न जाए. लैपिड ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा, मिस्टर प्राइम मिनिस्टर (प्रधानमंत्री जी), मैं आपका केवल एक पल लेना चाहता हूं ताकि आपको यह बता सकूं कि आज यहां जो कुछ भी हुआ, उसका आपसे कोई लेना-देना नहीं है.लैपिड की इस टिप्पणी पर जब सत्ताधारी गठबंधन के सांसदों ने हूटिंग शुरू कर दी, तो लैपिड ने सत्ता पक्ष को शांत कराते हुए कहा, आइए चीजों को और खराब करने की कोशिश न करें.

    ‘संकट के समय भारत हमारे साथ खड़ा रहा’
    नेता प्रतिपक्ष यायर लैपिड ने सदन के पटल पर पीएम मोदी की लीडरशिप और भारत-इजरायल की दोस्ती की जमकर तारीफ की. उन्होंने मोदी से कहा, पूरा इजरायल राज्य आपके नेतृत्व, आपकी दोस्ती और इस बात के लिए प्रशंसा से भरा है कि आप हमारी मुसीबत के समय में हमारे लिए यहां खड़े रहे. हमारे दोनों देशों के बीच यह एक शाश्वत गठबंधन है. यहां आने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. हम सभी, चाहे हम सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के, आपके भाषण को सुनने के लिए उत्सुक हैं.

    सोशल मीडिया पर भी लैपिड ने जाहिर की खुशी
    संसद में स्वागत करने के बाद, यायर लैपिड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर भी पीएम मोदी के लिए एक खास संदेश लिखा. उन्होंने पोस्ट किया, “भारत के प्रधानमंत्री मोदी, इजरायल का पूरा देश आपके नेतृत्व, आपकी दोस्ती और मुश्किल समय में हमारे साथ खड़े रहने के लिए आपकी सराहना करता है. यहां आने के लिए आपका धन्यवाद.

  • ईडी की बड़ी कार्रवाई: अनिल अंबानी का ‘अबोड’ अटैच, 3716 करोड़ की संपत्ति पर शिकंजा

    ईडी की बड़ी कार्रवाई: अनिल अंबानी का ‘अबोड’ अटैच, 3716 करोड़ की संपत्ति पर शिकंजा

    मुंबई 

    अनिल अंबानी को प्रतर्वतन निदेशालय (ईडी) ने बड़ा झटका दिया है। ईडी ने एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अनिल अंबानी के घर ‘अबोड’ को कुर्क किया है। इसका मूल्‍य 3,716 करोड़ रुपये है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

    ऑफिशियल सूत्रों ने बुधवार को बताया कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी के मुंबई वाले घर 'अबोड' को एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अटैच कर लिया है। इसकी कीमत 3,716 करोड़ रुपये है।

    जारी हुए हैं अस्‍थायी ऑर्डर
    यह शानदार घर 66 मीटर ऊंचा है। इसमें 17 मंजिलें हैं। यह मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित है। सूत्रों के मुताबिक, प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत एक प्रोविजनल ऑर्डर जारी किया गया है ताकि उनकी ग्रुप कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCOM) की ओर से बैंक फ्रॉड से जुड़े मामले में मल्टी-स्टोरी घर को अटैच किया जा सके।

    अब तक 15700 करोड़ अटैच

    ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानून (PMLA) के तहत की है। एजेंसी का कहना है कि अनिल अंबानी और उनके ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ अब तक 15,700 करोड़ रुपए (Anil Ambani total attachment 15700 crore) से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं। 'अबोड' पर कब्जा इसी बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है।
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    23 फरवरी को सामने आया बड़ा मामला

    मामले में एक और बड़ा घटनाक्रम 23 फरवरी को सामने आया, जब बॉम्बे हाईकोर्ट ने अनिल अंबानी को राहत देने वाला पुराना अंतरिम आदेश रद्द कर दिया। इससे पहले एकल न्यायाधीश पीठ ने उनके और रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड के बैंक खातों को धोखाधड़ी घोषित करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी।

    अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज

    मुख्य न्यायाधीश आलोक चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम ए अंखड की खंडपीठ ने बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और ऑडिटर बीडीओ इंडिया एलएलपी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए उस अंतरिम आदेश को गैर-कानूनी और प्रक्रिया में गड़बड़ी वाला बताया।

    कोर्ट ने साफ कहा कि ऐसे आदेश पर रोक जारी रखना गैर-कानूनी स्थिति को जारी रखने जैसा होगा। इसलिए अंबानी की रोक लगाने की मांग खारिज कर दी गई।

    दिसंबर 2025 में एकल पीठ ने बैंकों को कारण बताओ नोटिस और धोखाधड़ी वर्गीकरण की कार्रवाई से रोका था। लेकिन अब खंडपीठ के फैसले के बाद बैंकों को आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

    आरबीआई के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, वाणिज्यिक बैंक किसी खाते को धोखाधड़ी की श्रेणी में वर्गीकृत कर सकते हैं। ऐसे में अनिल अंबानी और 'अबोड' पर ED की कार्रवाई ने कारोबारी और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

    कुल 15700 करोड़ की हो चुकी है कुर्की
    सूत्रों ने बताया क‍ि अटैच की गई संपत्ति की कीमत 3,716.83 करोड़ रुपये है। 66 साल के अंबानी के दूसरे राउंड की पूछताछ के लिए यहां फेडरल जांच एजेंसी के सामने पेश होने की उम्मीद है। उन्होंने पहली बार अगस्त 2025 में ईडी के सामने गवाही दी थी। प्रि‍वेंशन ऑफ मनी लॉन्‍ड्र‍िंंग एक्‍ट (PMLA) के तहत उनका बयान दर्ज किया गया था। नए ऑर्डर के साथ इस मामले में अटैच की कुल कीमत लगभग 15,700 करोड़ रुपये हो गई है।

    अन‍िल अंबानी के ल‍िए यह बहुत बड़ा झटका है। पिछले कई सालों से वह कारोबार में संघर्ष करते रहे हैं। ईडी का यह एक्‍शन आगे उनकी मुसीबत को और बढ़ा सकता है। 

  • CRPF की K9 यूनिट बनी आतंकियों का खौफ, टॉयसन जैसे सैकड़ों डॉग कमांडो तैयार

    CRPF की K9 यूनिट बनी आतंकियों का खौफ, टॉयसन जैसे सैकड़ों डॉग कमांडो तैयार

    नई दिल्ली
    भारत की सुरक्षा में तैनात जवानों की बहादुरी की कहानियां अक्सर सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन कई बार असली हीरो वो होते हैं जो बोल नहीं सकते, फिर भी देश के लिए जान जोखिम में डाल देते हैं. ऐसी ही एक इंस्‍पायरिंग स्‍टोरी है टायसन की, जो भारतीय सेना की एलीट यूनिट 2 पैरा स्‍पेशल फोर्सेस का हाईली ट्रेंड के9 सोल्‍जर है. जम्‍मू-कश्‍मीर के हॉस्‍टाइल टेरेन में हुए एक हाई-रिस्‍क काउंटर-टेरर ऑपरेशन के दौरान टायसन ने जो साहस दिखाया, उसने साबित कर दिया कि बैटलफील्‍ड में करेज किसी इंसान या जानवर की पहचान से नहीं, बल्कि उसकी ट्रेनिंग और डेडिकेशन से तय होता है.

    क्‍यों मिसाल बनी ऑपरेशन में टायसन की बहादुरी?

        जम्‍मू-कश्‍मीर में इंटेलिजेंस इनपुट्स के आधार पर 2 पैरा एसएफ को एक टेररिस्‍ट हाइडआउट की जानकारी मिली थी. इलाके का टेरेन बेहद चैलेंजिंग था. ऊंचे पहाड़, घने जंगल और खराब मौसम ने इस ऑपरेशन को बेहद मुश्किल बना दिया था. .

        आतंकियों के पास मॉर्डन वैपेंस की मौजूदगी ने इस ऑपरेशन को बेहद हाई-रिस्‍क ऑपरेशन बना दिया था. स्‍पेशल फोर्सेस ने हाइडआउट को कॉर्डन किया और टायगर को आगे बढ़ने का इशारा दिया गया. मिलिट्री के9 को अक्सर फर्स्‍ट कॉन्‍टैक्‍ट रोल में डिप्‍लॉय किया जाता है क्योंकि उनकी सेंसिंग एबिलिटी इंसानों से कई गुना तेज होती है.

        टायसन बिना किसी हेजिटेशन के हाइडआउट की ओर चार्ज कर गया. उसी दौरान आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. गोलियों की आवाज और एक्‍सप्‍लोजन के बीच भी टायसन पीछे नहीं हटा. ऑपरेशन के दौरान टायसन को गोली लग गई, बावजूद इसके उसने मिशन नहीं छोड़ा.

        उसकी मौजूदगी और ट्रैकिंग कैपेबिलिटी ने कमांडोज को आतंकियों की एक्‍जैक्‍ट पोजिशन पहचानने में मदद की. इसके बाद 2 पैरा एसएफ ने डिसाइसिव असॉल्‍ट किया और तीन आतंकियों को मार गिराया, जिनमें आतंकी सैफुल्‍लाह भी शामिल था.
        ऑपरेशन पूरा होने के बाद टायसन को तुरंत एयरलिफ्ट किया गया और एडवांस्‍ड मेडिकल केयर दी गई. अब उसकी कंडीशन स्‍टेबल है.

    तरालु से शुरू हुई थी टायसन की ट्रेनिंग जर्नी

        टायसन की जांबाजी के पीछे कई महीनों की इंटेंस ट्रेनिंग है, जो उसने सीआरपीएफ के डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल में हासिल की थी.
        कर्नाटक के तरालु में स्थित इस प्रीमियर इंस्‍टीट्यूशन में टायसन ने 7 फरवरी 2022 से 22 दिसंबर 2022 तक ट्रेनिंग ली. यहां डॉग्स को सिर्फ कमांड्स ही नहीं, बल्कि कॉम्‍बैट बिहेवियर भी सिखाया जाता है.

        यहां के9 टीम्स को मल्‍टी-टास्किंग रोल्‍स के लिए तैयार किया जाता है, जिसमें इन्‍फैंट्री पेट्रोल, एक्‍सप्‍लोसिव डिटेक्‍शन, असॉल्‍ट ऑपरेशंस, ट्रैकिंग एंड सर्च मिशन शामिल हैं.

        सीआरपीएफ के इस डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल की शुरूआत 27 अगस्‍त 2011 को सिर्फ 15 पप्‍स और 6 ब्रीडिंग डॉग्स से हुई थी. बेंगलुरु सिटी सेंटर से लगभग 25 किलोमीटर दूर यह कैंपस मॉडर्न फैसिलिटीज से लैस है.

        यहां बेल्जियन शेफर्ड मलिनोइस और डच शेफर्ड जैसी एलीट ब्रीड्स को पुलिस सर्विस के9 के तौर पर प्र‍िशिक्षत किया जाता है. आरपीएफ अब तक अपने इस सेंटर में 1377 से अधिक के9 टीम्स ट्रेंड कर ऑपरेशन एरिया में डिप्‍लॉय कर चुकी है.

    सीआरपीएफ ने खड़ी की K9 सोल्‍जर्स और हैंडलर्स की फौज

        सीआरपीएफ के अनुसार, दिसंबर 2025 तक डीबीटीएस ने 1377 K9 सोल्‍जर्स की फौज खड़ी कर ऑपरेशन एरिया में तैनात कर दिया है. साथ ही, 824 डॉग हैंडलर्स और 183 मास्‍टर ट्रेनर्स को भी प्रशिक्षित किया गया है.

        बेंगलुरु स्थित इस डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग स्‍कूल में अब तक 1431 पप्‍स ब्रीड किए गए हैं. इन के9 सोल्‍जर्स ने देशभर में ऑपरेशंस (Operations) के दौरान 6207 किलो से अधिक एक्‍सप्‍लोसिव्स रिकवर करने में मदद की है.

        ऑल इंडिया पुलिस कंपटीशन (AIPDM) 2018 के दौरान सीआरपीएफ के डीबीटीएस में ट्रेंड के9 बैशा डॉग ने नारकोटिक डिटेक्‍शन ब्रॉन्‍ज मेडल मेडल जीता था.

        के9 जुबान डॉग ने नेशनल काउंटर-IED एक्‍सरसाइज में फर्स्‍ट पोजिशन हासिल किया था. इसके अलावा, के9 रेमो डॉग ने एक्‍सप्‍लोसिव डिटेक्‍शन में ब्रॉन्‍ज मेडल हासिल किया था.

        सीआरपीएफ के9 डैनबी और के9 वास्‍ट डॉग को पेरिस ओलंपिक्‍स 2024 सिक्‍योरिटी फ्रेमवर्क में शामिल किया गया था. वहीं, के9 बैशा ने ऑल इंडिया पुलिस कंपटीशन (AIPDM) 2025 में गोल्‍ड मेडल जीता था.

    क्या डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर में भारतीय ब्रीड के डॉग्‍स को भी ट्रेंड किया जाता है?
    डॉग ब्रीडिंग एंड ट्रेनिंग सेंटर में फॉरेन ब्रीड्स के साथ-साथ अब इंडिजिनस यानी भारतीय डॉग ब्रीड्स को भी ऑपरेशनल रोल्स के लिए तैयार किया जा रहा है. पायलट प्रोजेक्ट्स के तहत मुधोल हाउंड, कोंबाई, मोंग्रेल और पंडिकोना जैसी भारतीय नस्लों के डॉग्‍स को ट्रेन किया जा रहा है. इन डॉग्स की खासियत यह है कि ये भारतीय मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों में आसानी से एडॉप्ट हो जाते हैं. इन्हें ट्रैकिंग, सर्विलांस और सिक्योरिटी ऑपरेशन्स जैसे ऑपरेशंस के लिए तैयार किया जा रहा है, जिससे ये फोर्स मल्टिप्लायर्स के रूप में उभर रहे हैं.

    सेना या फोर्स से रिटायर होने वाले डॉग्‍स का क्‍या होता है?
    ओपेरा — सीनियर के9 केयर सेंटर एक विशेष फैसिलिटी है, जिसे नवंबर 2024 में शुरू किया गया ताकि सर्विस डॉग्स को रिटायरमेंट के बाद सम्मानजनक जीवन मिल सके. ये डॉग्स अपने करियर के दौरान कई हाई-रिस्क मिशंस और ऑपरेशन्स का हिस्सा रहते हैं, इसलिए उनकी रिटायरमेंट लाइफ की देखभाल बेहद जरूरी होती है. इस सेंटर में उन्हें सुरक्षित शेल्टर, नियमित मेडिकल केयर और वेटरनरी सपोर्ट दिया जाता है.

  • आमलकी एकादशी 2026: शुभ योगों का महासंयोग, जानें क्यों की जाती है आंवले के पेड़ की पूजा

    आमलकी एकादशी 2026: शुभ योगों का महासंयोग, जानें क्यों की जाती है आंवले के पेड़ की पूजा

    रंगभरी एकादशी को आमलकी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। फाल्गुन मास की शुक्ल एकादशी को आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है। इस साल पुण्य नक्षत्र में व्रत रखा जाएगा। इस बार 27 फरवरी को रंगभरी एकादशी है। मान्यता है कि इस एकादशी पर जो व्रत करते हैं, उन्हें साल में पड़ने वाले 24 एकादशी के बराबर लाभ मिलता है। आमलकी एकादशी का महत्व अक्षय नवमी के समान है। इस एकादशी व्रत पर अमला के पेड़ की पूजा के साथ ही अन्नपूर्णा के दर्शन से विशेष लाभ मिलता है।
    आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी पर बनेंगे कई शुभ योग

    इस साल की रंगभरी एकादशी पर चार शुभ योगों का संयोग बन रहा है। आमलकी एकादशी के दिन रवि योग, आयुष्मान योग, सौभाग्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इन योग में किए गए पूजन, दान और जप-तप का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है। इस शुभ संयोग में विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा और आंवला वृक्ष की आराधना अत्यंत शुभ मानी जाती है।

    कब है रंगभरी या आमलकी एकादशी?
    हिन्दू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी का आरंभ 26 फरवरी की रात 08:03 बजे से होगा और 27 फरवरी की शाम 06:02 बजे पर समापन होगा।

    रंगभरी एकादशी का महत्व: पुराणों के अनुसार, भगवान विष्णु ने कहा है कि जो प्राणी स्वर्ग और मोक्ष प्राप्ति की कामना रखते हैं, उनके लिए आमलकी एकादशी का व्रत अत्यंत श्रेष्ठ है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव, माता पार्वती से विवाह के बाद पहली बार अपनी प्रिय काशी नगरी आए थे। वहां आकर शिव ने देवी पार्वती के साथ होली खेली थी।

    जानें क्यों होती है इस दिन आंवले की पूजा
    आमलकी एकादशी का महत्व अक्षय नवमी के समान है। पुरोहित अरुण त्रिपाठी के अनुसार, इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा का खास विधान है, क्योंकि इसी दिन सृष्टि के आरंभ में सबसे पहले आंवला वृक्ष की उत्पति हुई थी। आंवला वृक्ष भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है। इसके स्मरण मात्र से गौ दान का फल मिलता है, स्पर्श करने से दोगुना और फल भक्षण करने से तिगुना फल प्राप्त होता है। इसके मूल में विष्णु, उसके ऊपर ब्रह्मा, तने में रुद्र, शाखाओं में मुनिगण, टहनियों में देवता, पत्तों में वसु, फूलों में मरुदगण और फलों में समस्त प्रजापति वास करते हैं।