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  • प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाकाल पर बलौदाबाजार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य आगाज

    प्रधानमंत्री के 25 वर्षों के सेवाकाल पर बलौदाबाजार में ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य आगाज

    ​रायपुर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के अथक जनसेवा और समर्पण काल के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर को बलौदाबाजार जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' का ऐतिहासिक शुभारंभ हुआ। इस खास अवसर पर आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे जिले भर में एक साथ लगभग 11 लाख दीपक जलाकर जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। जिला मुख्यालय स्थित चौपाटी में आयोजित मुख्य समारोह के मुख्य अतिथि राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर इस महाअभियान की विधिवत शुरुआत की।    

    ​दीप प्रज्वलन के मुख्य कार्यक्रम से पहले राजस्व मंत्री और जनप्रतिनिधियों ने शहीद वीर नारायण सिंह चौक पर उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए माल्यार्पण किया। इसके पश्चात ढोल-नगाड़ों की गूंज और भारी जनउत्साह के साथ चौक से चौपाटी तक एक भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम का सबसे प्रमुख और मनमोहक केंद्र बिंदु विवेकानंद सरोवर बना, जहां सवा लाख दीयों की स्वर्णिम रोशनी और वृक्षों पर सजी रंग-बिरंगी लाइटों ने पूरे वातावरण को दिव्य और अलौकिक स्वरूप प्रदान कर दिया। सरोवर के शांत जल पर तैरती दीपों की परछाई को देखने के लिए शहरवासी उमड़ पड़े।      

    ​समारोह में सांस्कृतिक छटा उस समय और भी निखर आई जब आर्केस्ट्रा टीम के देशभक्ति भजनों के बीच राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने अपने चिरपरिचित अंदाज में खुद एक मनमोहक गीत गाकर उपस्थित जनसमुदाय को झूमने पर मजबूर कर दिया। उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री वर्मा ने कहा कि यह 'आशीर्वाद का दीया' केवल प्रकाश का प्रतीक नहीं है, बल्कि हर नागरिक के मन में सेवा भावना, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण की प्रतिबद्धता को जगाने का एक पवित्र प्रयास है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को प्रगति के शिखर पर ले जाने और विकसित भारत के सपने को साकार करने का आह्वान किया।
         

    ​जनभागीदारी, सेवा और संकल्प के इस भव्य उत्सव में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, कलेक्टर, एसपी, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा और जिला पंचायत सीईओ सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और नगरवासी मौजूद रहे।

  • UP 2027 की तैयारी तेज, अवध से पूर्वांचल तक संगठन की नब्ज टटोलेंगे विनोद तावड़े

    UP 2027 की तैयारी तेज, अवध से पूर्वांचल तक संगठन की नब्ज टटोलेंगे विनोद तावड़े

     लखनऊ
    उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की फतह की स्क्रिप्ट लिखने में आरएसएस और बीजेपी जुट गई हैं. बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के यूपी प्रवास और दौरों के बीच आरएसएस के साथ तीन स्थानों पर बैठकों की रूपरेखा बनाई गई है. संघ-भाजपा के बीच समन्वय बनाने का दायित्व निभाने वाले राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह अरुण कुमार इन बैठकों में मौजूद रहेंगे. इस तरह यूपी में जो इलाके कमजोर हैं, उन्हें बीजेपी-आरएसएस मिलकर दुरुस्त करने का प्लान बनाएंगे। 

    मिशन-2027 को लेकर बीएल संतोष और विनोद तावड़े लखनऊ के दौरे पर पहुंचे हैं. इस बार वे राजधानी के दायरे से बाहर निकलकर यूपी के अलग-अलग इलाकों में जाकर सियासी नब्ज टटोलेंगे, जिसके लिए लखनऊ-उन्नाव रोड पर बीजेपी और संघ की समन्वय बैठक चल रही है. इस बैठक में बीजेपी की सत्ता की हैट्रिक का खाका खींचा जा रहा है। 

    विनोद तावड़े लखनऊ में हैं और अगले कुछ दिनों तक यूपी में डेरा डाले रखेंगे. इस दौरान वे सबसे पहले गोरक्ष क्षेत्र के गोरखपुर और काशी क्षेत्र के प्रयागराज में बैठक करेंगे. इसके बाद अवध क्षेत्र के अयोध्या में बैठक करने के बाद दूसरे राउंड में कानपुर, ब्रज और पश्चिम क्षेत्र की सियासी नब्ज समझने के लिए महामंथन करेंगे। 

    संघ-बीजेपी मिलकर लिख रहे 2027 की स्क्रिप्ट
    2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी और आरएसएस दोनों ही एक्टिव हो गए हैं. लखनऊ-उन्नाव रोड पर संघ-बीजेपी और सरकार की समन्वय बैठक चल रही है, जिसमें बीएल संतोष और विनोद तावड़े सहित संघ के राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह अरुण कुमार मौजूद हैं. इसके अलावा बीजेपी के सभी छह क्षेत्रीय अध्यक्ष और योगी सरकार के दो मंत्री भी मौजूद हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह भी पहुंचे हैं। 

    संघ-बीजेपी की यह ब्रेनस्टॉर्मिंग मीटिंग 2027 चुनाव की जमीनी तैयारी को लेकर है. संघ, सरकार और संगठन जमीनी स्तर पर किस तरीके से समन्वय के साथ काम करें, जमीनी मुद्दे और खासकर जो नाराजगी इस वक्त उपजी हुई है, उससे निपटने की रणनीति को लेकर यह बैठक है। 

    यूपी में बीजेपी के सामने फिलहाल, जहां जनप्रतिनिधियों, पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन के बीच आंतरिक विरोध खत्म करने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ धार्मिक कार्यक्रमों, जनसंख्या असंतुलन, घुसपैठ, हिंदुत्व, पीडीए और ध्रुवीकरण समेत कई विषयों पर पार्टी नए सिरे से एजेंडा तय करने की तैयारी में है. बैठकों में संघ से विभाग, प्रांत व क्षेत्र प्रचारक भी रहेंगे। 

    अवध से पूर्वांचल तक समझेंगे सियासी नब्ज
    बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को 18 अगस्त को उत्तर प्रदेश के प्रभारी की कमान सौंपी गई थी. उसके बाद से उनका यह प्रदेश का तीसरा दौरा है. पहली बार उन्होंने लखनऊ में पदाधिकारियों संग बैठक कर फीडबैक लिया था. दूसरी बार राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष संग लखनऊ आए थे और कानपुर का भी दौरा किया था. इस बार वह अवध और पूर्वांचल में सियासी माहौल परखने का काम करेंगे। 

    विनोद तावड़े अब यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा करेंगे. इस दौरान वे क्षेत्र से लेकर जिला स्तर तक के कार्यकर्ताओं संग बैठकें करेंगे. साथ ही वे पार्टी की चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे और नाराजगी दूर करने की कवायद करेंगे. तावड़े यूपी में प्रयागराज से लेकर गोरखपुर और अयोध्या तक मंथन करेंगे. इस फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। 

    गोरखपुर से अयोध्या तक तावड़े करेंगे मंथन
    विनोद तावड़े यूपी में अपने अभियान का आगाज गोरखपुर क्षेत्र से कर रहे हैं. 17 और 18 सितंबर तक तावड़े गोरखपुर में रहेंगे, जहां वे गोरखपुर क्षेत्र की बैठक करेंगे. उसके बाद अवध क्षेत्र की बैठक के लिए 19 और 20 सितंबर को अयोध्या जाएंगे. इसके बाद वे काशी क्षेत्र की बैठक प्रयागराज में 21 और 22 सितंबर के बीच करेंगे। 

    विनोद तावड़े के इस दौरे का मुख्य मकसद है कि प्रदेश के सियासी माहौल को समझकर आगे की दिशा तय की जाए. इसमें अपनी पार्टी के साथ ही विपक्षियों के कमजोर और मजबूत पक्ष को भी समझने की कोशिश होगी. संगठन, सरकार के कामकाज, प्रत्याशियों की स्थिति और संभावित प्रत्याशियों को लेकर लोगों की राय लेंगे. इस राय के आधार पर वह आगे की चुनावी रणनीति तैयार करेंगे. इससे चुनाव के लिए बेहतर रोडमैप तैयार किया जा सकेगा। 

    संघ, सरकार और संगठन का तालमेल

    यूपी में इन तीनों ही जगहों पर अब संघ और भाजपा के बीच समन्वय बैठकें भी साथ चलेंगी. रणनीतिकारों का कहना है कि चुनाव से पहले संघ और भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी साथ बैठकर अनुकूल वातावरण बनाने का प्रयास करेंगे. विनोद तावड़े और संघ की तरफ से अरुण कुमार क्षेत्रीय पदाधिकारियों के अलावा जिलाध्यक्षों और प्रभारियों के साथ भी बैठकें करेंगे। 

    क्षेत्रीय बैठकों में निचले स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर उनका जोर होगा. क्षेत्र की विभिन्न विधानसभा सीटों पर पार्टी के मजबूत और कमजोर पक्ष पर फीडबैक लेंगे. मौजूदा विधायकों के कामकाज के साथ ही संभावित प्रत्याशियों पर भी चर्चा करेंगे. कई विधायकों, मंत्रियों व सांसदों को लेकर संघ के पास नकारात्मक फीडबैक है, जिसे समन्वय बैठकों में उठाया जाएगा। 

    पश्चिम और काशी क्षेत्र में 71-71, ब्रज में 65, अवध में 82, कानपुर में 52 और गोरखपुर क्षेत्र में 62 विधानसभा सीटें हैं, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में 2022 की तुलना में बीजेपी की सीटें घटी हैं. अयोध्या और काशी के बाद अब पार्टी मथुरा-वृंदावन और संभल से हिंदुत्व के एजेंडे को रणनीति पर धार दे रही है. वहीं जातिवाद, क्षेत्रवाद, मतांतरण व ध्रुवीकरण के साइड इफेक्ट से बचने के लिए संघ द्वारा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाने का। खाका खींचा जा रहा है.

     

     

  • ₹2,000 से ₹50,000 तक UPI पर कितना लगेगा चार्ज? 15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

    ₹2,000 से ₹50,000 तक UPI पर कितना लगेगा चार्ज? 15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम

    नई दिल्‍ली

    केंद्र सरकार ने यूपीआई पेमेंट प्राप्‍त करने पर MDR चार्ज लागू कर दिया है. यह चार्ज चुनिंदा व्‍यापारियों पर लागू किया गया है. आम आदमी या ग्राहक और छोटे व्‍यापारियों पर यह चार्ज नहीं लगेगा. सर्कुलर के अनुसार, जिन कारोबारियों की मंथली यूपीआई से पेमेंट 1 लाख रुपये से ज्‍यादा का है, उनपर ये चार्ज लागू किया जाएगा. यूपीआई चार्ज का ये नया नियम 15 अक्‍टूबर से प्रभावी माना जाएगा। 

    सर्कुलर में कहा गया है कि अगर आप एक बड़े कारोबारी हैं तो आपको अधिकतम 300 रुपये का मर्चेंट डिस्‍काउंट रेट (MDR) देना होगा. इससे ज्‍यादा का एमडीआर नहीं वसूला जाएगा. यहां आपको एक कैलकुलेशन के माध्‍यम से समझाया जा रहा है कि कितने रुपये के पेमेंट पर कितना MDR चार्ज देना होगा? 

    2000 रुपये का पेमेंट
    सरकार ने 2000 रुपये तक का पेमेंट हासिल करने पर किसी भी तरह का कोई भी MDR चार्ज नहीं लागू किया है. अगर आप इससे ज्‍यादा का पेमेंट प्राप्‍त करते हैं तो आपको एमडीआर देना पड़ेगा, जो आपके पेमेंट का 0.4 फीसदी होगा। 

    मान लीजिए आपने 2001 रुपये का पेमेंट रिसीव किया और आपकी मंथली QR कोड से पेमेंट 1 लाख रुपये से ज्‍यादा है तो आपको 8 रुपये का चार्ज देना होगा। 

    3000 रुपये के पेमेंट पर कितना चार्ज? 
    अगर आपको मंथली UPI पेमेंट 1 लाख रुपये से ज्‍यादा का मिला है और इस दौरान आपको 3000 रुपये का पेमेंट मिला है तो आपके 3000 रुपये के UPI पर MDR 12 रुपये का चार्ज देना होगा।  

    10 हजार रुपये के UPI पर चार्ज
    MDR नियमों के तहत आने वाले किसी व्‍यापारी को 10 हजार रुपये का ट्रांजेक्‍शन मिला है तो उसे 40 रुपये का चार्ज देना होगा। 

    50,000 रुपये के UPI पर चार्ज
    अगर आपकी भी QR कोड से पेमेंट 1 लाख रुपये से ज्‍यादा की होती है तो आप पर MDR चार्ज लागू होगा. यानी अगर आपको 50,000 रुपये का पेमेंट हासिल हुआ है तो उसपर एमडीआर चार्ज पर 200 रुपये लागू होगा। 

    ₹ 75,000 और उससे ज्‍यादा के पेमेंट पर चार्ज 
    अगर आपको 75000 रुपये का ट्रांजेक्‍शन हासिल हुआ है या उससे ज्‍यादा का ट्रांजेक्‍शन मिला है तो आपको अधिकतम 300 रुपये का एमडीआर चार्ज देना होगा. सरकार इससे ज्‍यादा का एमडीआर चार्ज नहीं लागू करेगी। 

  • मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के अवैध कारोबार एवं तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत तीन दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 96 लाख 41 हजार रुपये से अधिक कीमत का अवैध मादक पदार्थ, तस्करी में प्रयुक्त वाहन एवं अन्य सामग्री भी जब्त की है।

    मंदसौर

    थाना भानपुरा की चौकी भैसोदामंडी पुलिस ने दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर 160 ग्राम एमडी, 6 किलो 800 ग्राम डोडाचूरा एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग  16 लाख 83 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है। वहीं थाना शामगढ़ पुलिस ने बोलेरो पिकअप वाहन से 100 किलोग्राम डोडाचूरा सहित लगभग 10 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। इसके अतिरिक्त थाना नई आबादी पुलिस ने एमडी ड्रग एवं डोडाचूरा जब्त कर लगभग 10 लाख 90 हजार रुपये की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार तीनों कार्यवाही में पुलिस ने लगभग 37 लाख 73 हजार रुपये से अधिक का मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्‍त की  है।

    नीमच

    पुलिस ने थाना रतनगढ़ क्षेत्र में मादक पदार्थ तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 1 क्विंटल 41 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा, जिसकी कीमत 21 लाख 27 हजार रुपये है, जब्त कर 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है। 

    देवास

    पुलिस ने थाना खातेगांव क्षेत्र में ऑपरेशन प्रहार के तहत अनाज मंडी स्थित गोदाम पर दबिश देकर 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2 लाख 40 हजार रुपये कीमत की 24 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की है।

    गुना

    थाना मृगवास क्षेत्र में राजस्थान की ओर से स्मैक की तस्करी कर रहे 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 50.86 ग्राम स्मैक तथा तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 6 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है।

    सिंगरौली

    पुलिस में थाना चितरंगी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए घर की बाउंड्री में अवैध रूप से उगाए गए गांजे के 11 हरे पौधे, कुल वजन 8 किलो 200 ग्राम अनुमानित कीमत 1 लाख 20 हजार रुपये, जब्त किए ।

    रीवा

    पुलिस ने थाना चोरहटा क्षेत्र में ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत कार्रवाई करते हुए 62.388 किलोग्राम गांजा जब्त कर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में बोलेरो, टाटा बोल्ट कार एवं 7 मोबाइल सहित लगभग  22 लाख 73 हजार रुपये की संपति जब्त की है।

    जबलपुर

    क्राइम ब्रांच एवं थाना मदनमहल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गांजे के अवैध कारोबार में लिप्त 1 आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 10 किलो 168 ग्राम गांजा, एक एंड्रॉयड मोबाइल एवं दो बैग सहित लगभग 5 लाख 8 हजार 400 रुपये की संपत्ति जब्त की है।

    मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत निरंतर कार्रवाई करते हुए तस्करी से जुड़े पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

     

  • विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से कामगारों को नई उड़ान, स्वरोजगार के लिए मिली आर्थिक मदद

    विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना से कामगारों को नई उड़ान, स्वरोजगार के लिए मिली आर्थिक मदद

    लखनऊ

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित विश्वकर्मा स्वरोजगार एवं स्वदेशी मेला 2026 तथा टूलकिट एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के लाभार्थियों को स्वरोजगार के लिए चेक और विभिन्न जिलों के कामगारों को टूलकिट वितरित किए। मुख्यमंत्री के हाथों आर्थिक सहायता और कामकाज के उपकरण पाकर लाभार्थियों के चेहरे खिल उठे। कामगारों ने योगी सरकार की योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि इनसे उन्हें अपना काम आगे बढ़ाने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिल रही है।

    लखनऊ के आलमबाग निवासी मोहम्मद मुश्ताक को सैलून के काम के लिए दो लाख रुपये का चेक मिला। वह पिछले 25 वर्षों से सैलून का काम कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। मुश्ताक ने कहा कि पिछली सरकारों में उन्हें कभी इस तरह की टूलकिट नहीं मिली थी। आज मुख्यमंत्री के हाथों सहायता पाकर उन्हें बेहद खुशी हो रही है।
    कानपुर निवासी अवधेश को सुनार की टूलकिट मिली। करीब 20 वर्षों से सोने के आभूषण बनाने का काम कर रहे अवधेश ने मुख्यमंत्री से टूलकिट पाकर प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि वह खुद को धन्य मानते हैं।

    महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का सहारा

    बाराबंकी की वंदना और रमा जायसवाल को सिलाई मशीन मिली। सिलाई का कोर्स कर चुकीं वंदना ने बताया कि वह सिलाई के जरिए अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं। मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें बहुत प्रसन्नता हुई। वहीं रमा जायसवाल ने बताया कि उन्होंने टूलकिट के लिए आवेदन किया था। सिलाई का काम करने के साथ वह घर की जिम्मेदारियां भी संभालती हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। पिछली सरकार और वर्तमान सरकार में काफी अंतर है। 

    युवाओं को रोजगार से जोड़ रहीं योजनाएं

    कारपेंटर का काम करने वाले राहुल शर्मा को एक लाख रुपये का चेक मिला। वह पिछले आठ वर्षों से इस पेशे में काम कर रहे हैं। राहुल ने कहा कि योगी सरकार आने के बाद से उन्हें कई बार आर्थिक सहायता, टूलकिट और प्रशिक्षण का लाभ मिल चुका है। एक लाख रुपये से उन्हें अपने काम के लिए जरूरी औजार खरीदने में मदद मिलेगी। उन्होंने ऐसी योजनाएं आगे भी जारी रखने की अपील की, ताकि युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।

    उन्नाव निवासी आनंद कुमार को भी बढ़ई के काम के लिए एक लाख रुपये का चेक मिला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। पिछली सरकारों में निम्न आय वर्ग के लोगों तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच पाता था, जबकि अब उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

    कुम्हारों को भी मिला संबल

    कार्यक्रम में अयोध्या निवासी राम को कुम्हार के काम के लिए टूलकिट प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय उन्हें किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला था, लेकिन अब उन्हें योजनाओं का लाभ मिल रहा है। राम ने योगी सरकार की सराहना करते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से भाजपा से जुड़े हैं और आगे भी जुड़े रहेंगे।

  • छत्तीसगढ़ में देश का पहला राज्य स्तरीय ‘AI Conclave’ आयोजित

    छत्तीसगढ़ में देश का पहला राज्य स्तरीय ‘AI Conclave’ आयोजित

    रायपुर

    स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समग्र शिक्षा के अंतर्गत विद्यालयीन शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यार्थियों के समग्र विकास के उद्देश्य से आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय AI Conclave (ए.आई. कॉन्क्लेव) का भव्य आयोजन किया गया। विद्यालयीन शिक्षा के स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सार्थक एवं प्रभावी उपयोग करने वाला छत्तीसगढ़ देश का प्रथम राज्य बन गया है।

    ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का विमोचन

     कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, स्कूल शिक्षा मंत्री माननीय श्री गजेंद्र यादव ने शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) बच्चों को पुनः स्कूल से जोड़ने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विकसित ‘लाईका चिन्हारी’ ऐप का आधिकारिक विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने विश्वकर्मा जयंती और प्रधानमंत्री के जन्मदिवस की बधाई देते हुए कहा कि इस कॉन्क्लेव से प्राप्त निष्कर्ष शिक्षकों के लिए एक सशक्त सहायक के रूप में कार्य करेंगे और विद्यार्थियों में कौशल विकास को बढ़ावा देंगे।

    शिक्षा में AI: शिक्षक का विकल्प नहीं, बल्कि मददगार साथी

    डॉ. कमलजीत सिंह (सचिव, स्कूल शिक्षा): उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि हम तकनीकी युग में अनजाने ही AI का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय आवश्यकताओं और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर तालमेल से शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि AI शिक्षकों का स्थान नहीं लेगा, बल्कि उनके सहायक साथी के रूप में काम करेगा।

    डॉ. किरण कौशल (आयुक्त, समग्र शिक्षा): उन्होंने स्वागत उद्बोधन में कहा कि इस कॉन्क्लेव से प्रदेश में स्मार्ट क्लास और ICT लैब का AI की मदद से और अधिक प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा, जिससे सरल और सुगम शिक्षा हर बच्चे तक पहुँचेगी।

    देश-विदेश के दिग्गजों की सहभागिता

    इस कॉन्क्लेव में देश और दुनिया के कई प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों और कंपनियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में गूगल, वाधवानी एआई, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट, एडोब, खान एकेडमी, फिजिक्स वाला, आईआईटी भिलाई, आईआईएम रायपुर, एनआईटी रायपुर और चिप्स सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने विचार और प्रस्तुतियां दीं।

    तैयार होगा व्यापक रोडमैप

     कार्यक्रम के अंत में यह रेखांकित किया गया कि कॉन्क्लेव के दौरान आए नवाचारों और तकनीकी समाधानों का अध्ययन कर छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के लिए एक व्यापक AI रोडमैप तैयार किया जाएगा। यह रोडमैप शिक्षकों के लिए सहायक संसाधन विकसित करने और शिक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक मजबूत बनाने का मुख्य आधार बनेगा।

  • राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की बैठक नवा रायपुर में संपन्न

    राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की बैठक नवा रायपुर में संपन्न

    रायपुर

     राज्य निर्वाचन आयोग, छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर अटल नगर स्थित कार्यालय में आज राज्य निर्वाचन आयुक्तों की स्थायी समिति की अहम बैठक संपन्न हुई। 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन के तहत आयोजित इस बैठक में विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने स्थानीय निकाय चुनावों को और अधिक सुगम, निष्पक्ष, आधुनिक तकनीक से लैस एवं समय पर कराने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। 

    बैठक में स्थायी समिति द्वारा बनाई गई तीन उप-समितियों के कामकाज की प्रगति पर चर्चा की गई। इसमें राज्यों में लागू तकनीकी पहलों और ऑनलाइन व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई, ताकि दूसरे राज्य भी इन्हें अपने यहां लागू कर चुनावी कामकाज को बेहतर बना सकें। इसी तरह जरूरत पड़ने पर राज्यों के बीच ईवीएम साझा करने के लिए एक 'ईवीएम प्रबंधन प्रणाली सॉफ्टवेयर' तैयार करने पर विमर्श हुआ, जिसकी जिम्मेदारी बिहार राज्य निर्वाचन आयोग संभाल रहा है। इसके साथ ही चुनावों के सफल संचालन के लिए अपनाए गए अच्छे तौर-तरीकों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) के आदान-प्रदान और तय समय पर चुनाव कराने में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने पर भी बात हुई।

    चुनावी डेटाबेस और M-3 मॉडल EVM पर सहमति

     बैठक में राज्यों के बीच चुनावी डेटाबेस साझा करने पर विचार हुआ, जिसका सुझाव गुजरात और महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने दिया था। इसके साथ ही जरूरत के समय राज्यों को M-3 मॉडल ईवीएम उपलब्ध कराने और उनके मिलकर इस्तेमाल करने की व्यवस्था पर भी सहमति बनी, जिसे पश्चिम बंगाल राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रस्तावित किया था। अन्य राज्यों की चुनाव व्यवस्था और नवाचारों को समझने के लिए चुनाव कार्यक्रमों की जानकारी साझा करने और एक-दूसरे के यहां अध्ययन दौरे करने पर भी जोर दिया गया।

     बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्तों के ‘कोऑपरेटिव फेडरलिज्म और मल्टीलेवल गवर्नेंस’ विषय पर होने वाले आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के लिए पुणे को संभावित स्थल तय किया गया। वहीं नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार ने नवा रायपुर के विकास और आधुनिक स्वरूप पर एक प्रस्तुति दी।

    नवीन विधानसभा और नवा रायपुर की सराहना

    बैठक के बाद विभिन्न राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों ने सपरिवार नवा रायपुर के सेक्टर-19 स्थित छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा भवन का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सदन के भीतर जाकर विधायी कामकाज और सदन चलाने की व्यवस्था की जानकारी ली। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस नए विधानसभा भवन का लोकार्पण किया था। उन्होंने नवा रायपुर के प्रमुख सेक्टरों का भी जायजा लिया। आयुक्तों ने यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और नई तकनीक के क्षेत्र में तेजी से तैयार हो रही विश्वस्तरीय सुविधाओं को देखा तथा एक आधुनिक और सुनियोजित स्मार्ट शहर के रूप में नवा रायपुर के विकास मॉडल की सराहना की।

    डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम में देखी छत्तीसगढ़ के जनजातीय संघर्षों की झलक

     भ्रमण के अंत में निर्वाचन आयुक्तों ने नवा रायपुर स्थित देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूजियम शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का सपरिवार अवलोकन किया। आयुक्तों ने संग्रहालय के 14 अलग-अलग सेक्टरों में डिजिटल तकनीक और स्क्रीन के जरिए दिखाए गए छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक आदिवासी आंदोलनों और आजादी की लड़ाई की प्रेरक गाथाओं को करीब से देखा और समझा। उन्होंने हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह जैसे ऐतिहासिक संघर्षों की जीवंत प्रस्तुतियों की जमकर तारीफ की। इसके पश्चात उन्होंने ट्राइबल म्यूजियम में आयोजित संध्याकालीन सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया।

  • सुल्तानपुर के परियोजना निदेशक सस्पेंड, डिप्टी CM केशव मौर्य ने विभागीय जांच के दिए आदेश

    सुल्तानपुर के परियोजना निदेशक सस्पेंड, डिप्टी CM केशव मौर्य ने विभागीय जांच के दिए आदेश

    लखनऊ
     यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लापरवाह अफसरों पर ऐक्शन शुरू कर दिया है। डिप्टी सीएम ने गुरुवार को सुल्तानपुर के परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं। यह कार्रवाई शासकीय पद की गरिमा के विपरीत आचरण, अधीनस्थ कार्मिकों के साथ आपत्तिजनक व्यवहार के चलते की गई है।

    डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अशोक कुमार सिंह के विरुद्ध उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली, 1999 के नियम-7 के अंतर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनहित एवं जनसेवा है। शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तथा जनता को समयबद्ध एवं पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

    लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध जारी रहेगी कार्रवाई
    उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जनसेवा से विमुखता, शासकीय कार्यों में लापरवाही और अनुशासनहीनता करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। सुलतानपुर के परियोजना निदेशक का निलंबन इसी नीति के तहत की गई कार्रवाई का एक उदाहरण है। डिप्टी सीएम ने कहा, शासकीय कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता तथा पदीय दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

    अपनी हंसी न उड़वाएं अखिलेश यादव
    वहीं दूसरी ओर आजमगढ़ पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, सपा अध्यक्ष कानून व्यवस्था पर बात न करें। वह कानून व्यवस्था पर सवाल उठाएंगे तो प्रदेश की जनता उन पर हंसेगी। उनकी सरकार में नकल, भू माफिया और अपराधियों को संरक्षण दिया जाता था। भाजपा के गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय के बरदह थाना क्षेत्र के जिवली स्थित आवास पर बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश की जनता को यह बताने की जरूरत नहीं है कि अखिलेश यादव और उनके परिवार के लोग क्या करते थे। ऐसे में सपा अध्यक्ष को अपनी हंसी उड़ाने का काम नहीं करना चाहिए। वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई कर रही है। जो भी अपराध करेगा, कानून अपना काम करेगा।

     

  • ग्वालियर सड़क घोटाले में बड़ा खुलासा: हाई कोर्ट की रिपोर्ट में फर्जी लैब टेस्ट उजागर, नगर निगम को नोटिस

    ग्वालियर सड़क घोटाले में बड़ा खुलासा: हाई कोर्ट की रिपोर्ट में फर्जी लैब टेस्ट उजागर, नगर निगम को नोटिस

    ग्वालियर

     ग्वालियर में सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए हाई कोर्ट द्वारा गठित आयोग की रिपोर्ट में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। आयोग ने कोर्ट को बताया कि श्मशान से गुड़ा तिराहा, कस्तूरबा चौक और गुड़ा-गुड़ी का नाका से बेटी बचाओ होते हुए हनुमान टाकीज तक की सड़कों से लिए गए नमूनों की जांच में गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।

    जांच के दौरान संबंधित सड़कों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में ऐसी प्रयोगशाला रिपोर्ट भी मिलीं, जिन्हें जांच आयोग ने कथित तौर पर फर्जी पाया है। आयोग ने 17 सितंबर को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के समक्ष अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।

    रिपोर्ट के अनुसार डीपीआर में लगी प्रयोगशाला रिपोर्टों की तुलना संबंधित प्रयोगशाला के मूल वर्षवार रजिस्टर और अभिलेखों से कराई गई। जांच में रिपोर्टों में दर्ज प्रयोगशाला क्रमांक मूल अभिलेखों से मेल नहीं पाए गए। मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को होगी। इस दिन कुलदीप नर्सरी से फूलबाग चौराहे तक लिए गए सड़क नमूनों की रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा।
    लैब प्रभारी का शपथपत्र भी रिपोर्ट में शामिल

    आयोग ने रिपोर्ट में बताया कि जोनल रिसर्च लैबोरेटरी, लोक निर्माण विभाग, ग्वालियर के प्रभारी ने 29 अगस्त 2026 को शपथपत्र दिया। इसमें उन्होंने कहा कि डीपीआर में लगी प्रयोगशाला रिपोर्टों पर दर्ज क्रमांक 165/02-2020, 551/02-2020 और 500/01-2015 मूल प्रयोगशाला रिपोर्ट या रजिस्टर की प्रविष्टियों से संबंधित नहीं हैं। लैब प्रभारी के अनुसार ये रिपोर्टें जोनल रिसर्च लैबोरेटरी द्वारा तैयार, जारी या प्रमाणित नहीं की गईं और न ही मूल प्रयोगशाला अभिलेखों का हिस्सा हैं। आयोग ने मूल वर्षवार प्रयोगशाला रजिस्टर के संबंधित पृष्ठों की प्रमाणित प्रतियां भी रिपोर्ट के साथ संलग्न की हैं।
    माप पुस्तिका भी गायब मिली

    जांच आयोग को एक सड़क की डीपीआर के साथ संबंधित माप पुस्तिका भी नहीं मिली। आयोग ने नगर निगम से माप पुस्तिका मांगी तो निगम ने बताया कि संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ 24 अगस्त 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस माप पुस्तिका उपलब्ध नहीं कराने या प्रस्तुत नहीं किए जाने के संबंध में है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि संबंधित सड़क की पुरानी डीपीआर में पूर्णता प्रमाण पत्र जारी नहीं हुआ था।

    बाद में नगर निगम ने संबंधित ठेकेदार को गारंटी अवधि में सड़क की मरम्मत कराने के लिए नोटिस जारी किया था। जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया कि एक ही सड़क से संबंधित अलग-अलग डीपीआर में पुराने प्रयोगशाला प्रतिवेदन लगाए गए थे।

    हाई कोर्ट ने रिपोर्ट की प्रति नगर निगम के अधिवक्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम आयुक्त के शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पर जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है।
    कोर्ट ने कहा- शहरवासियों के साथ भी धोखा!

    रिपोर्ट सामने आने पर हाई कोर्ट ने टिप्पणी की कि ग्वालियर के लोग खराब सड़कों की वजह से परेशान हैं, लेकिन अब ऐसा प्रतीत होता है कि भुगतान हासिल करने के लिए कथित फर्जी प्रयोगशाला रिपोर्ट लगाकर उनके साथ भी धोखा किया गया। हालांकि, कोर्ट ने नगर निगम को जांच आयोग की रिपोर्ट पर जवाब देने का अवसर दिया है। निगम की ओर से अधिवक्ता गौरव मिश्रा ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि जवाब नगर निगम आयुक्त के शपथपत्र के साथ ही दाखिल किया जाए।
    एनएचएआई ने कोर्ट की सख्ती के बाद दिए दस्तावेज

    सुनवाई के दौरान जांच आयोग के अध्यक्ष गौरव समाधिया ने बताया कि 15 सितंबर को हाई कोर्ट ने कड़ा आदेश दिया था। इसमें निर्देशों की अवहेलना होने पर एनएचएआई के परियोजना निदेशक भरत सिंह जौया के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की संभावना जताई गई थी। इसके बाद एनएचएआई ने 16 सितंबर को आयोग द्वारा मांगे गए सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए।

    आयोग ने बताया कि कुलदीप नर्सरी से फूलबाग चौराहे तक लिए गए नमूनों की रिपोर्ट 18 सितंबर को पेश की जाएगी। वहीं एनएचएआई के अधीन अन्य सड़कों से संबंधित लोक निर्माण विभाग की रिपोर्ट और अंतिम एनएसवी रिपोर्ट 21 सितंबर को प्रस्तुत की जाएगी।

     

  • प्रदेश में 1.50 करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्ज्वलित

    प्रदेश में 1.50 करोड़ से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्ज्वलित

    रायपुर

     प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आज छत्तीसगढ़ में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया। प्रदेशभर में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए 1.50 करोड़ से अधिक दीये प्रज्वलित किए। गांव से लेकर शहर तक विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन के माध्यम से प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के दीर्घ सार्वजनिक जीवन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के प्रति जनभावनाएं व्यक्त की गईं।

    ‘आशीर्वाद के दीये’ कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने सामूहिक रूप से दीये जलाकर प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दीं। अनेक स्थानों पर दीपों से आकर्षक आकृतियां एवं संदेश भी बनाए गए।

    प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में सेवा और जनभागीदारी का विशेष वातावरण देखने को मिला। मंदिरों, चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मैदानों में बड़ी संख्या में नागरिक एकत्रित हुए और दीप प्रज्वलित किए। कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और सकारात्मक बदलाव के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।

    ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न जनसेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान का उद्देश्य सेवा और सुशासन की भावना को जन-जन तक पहुंचाना तथा समाज के विभिन्न वर्गों को रचनात्मक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों से जोड़ना है।

    प्रदेशभर में ‘आशीर्वाद के दीये’ का यह आयोजन जनभागीदारी और सामूहिक उत्साह का प्रतीक बना। हजारों स्थानों पर एक साथ प्रज्वलित हुए दीपों ने सेवा और संकल्प के संदेश को व्यापक स्वरूप दिया।