Author: Admin

  • धोती पहन महाकाल के दरबार पहुंचे नितिन नबीन, 2 घंटे बैठकर देखी बाबा की आरती

    धोती पहन महाकाल के दरबार पहुंचे नितिन नबीन, 2 घंटे बैठकर देखी बाबा की आरती

     उज्जैन

    विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक भगवान श्री महाकालेश्वर के आंगन में शुक्रवार तड़के भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने महाकाल मंदिर में आयोजित भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के दर्शन किए।

    नंदी हॉल में बैठ शिव भक्ति में लीन नितिन नबीन
    भाजपा राष्ट्रीय नितिन नबीन, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल व अन्य बाबा महाकाल के दरबार में अल सुबह 04 बजे पहुंचे. जहां उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर 2 घण्टे तक भस्म आरती के दर्शन लाभ लिए. भगवान का आशीर्वाद लिया और पूजन अर्चन आरती की. वे नंदी हॉल में बैठ शिव भक्ति में लीन नजर आए. बाबा का भी इस दौरान राजा स्वरूप में श्रृंगार हुआ. नितिन नबीन मंदिर के ही पास सम्राट विक्रमादित्य हेरीटेज होटल में ही रात रुके. अब इंदौर एयरपोर्ट और वहां से पंजाब निकलने का कार्यकम है। 

    भस्म आरती में लीन दिखे भाजपा अध्यक्ष
    बाबा महाकाल की भस्म आरती के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन शिवभक्ति में लीन नजर आए। नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने पूरे समय हाथ जोड़कर भगवान शिव का ध्यान किया और महाकाल के जाप में डूबे रहे। आरती के दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ तालियां बजाकर शिवभक्ति की लय में सहभागिता की।

    उज्जैन आगमन पर भस्म आरती में शामिल होने का यह अनुभव उनके लिए खास रहा। महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान नितिन नबीन पारंपरिक सोला-पारिधान में नजर आए। उन्होंने पीले रंग की धोती पहनी हुई थी। मंदिर की परंपरा के अनुसार भस्म आरती में शामिल होने के दौरान निर्धारित पारंपरिक परिधान धारण किया जाता है।

    देश की यश-कीर्ति और प्रधानमंत्री के लिए की प्रार्थना
    भस्म आरती के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए नितिन नबीन ने कहा कि यह बाबा महाकाल की पवित्र नगरी है और यहां पहली बार आने का सौभाग्य पाकर वे अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि बाबा महाकाल पूरे विश्व का ध्यान रखते हैं। 

    अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पहुंचे उज्जैन
    नितिन नबीन ने कहा, ''बाबा महाकाल की भूमि पर आकर जो खुशी हो रही है उसे शब्दों में बयान नहीं कर सकता. मैंने बाबा महाकाल से देश की सुख समृद्धि की मनोकामना की है.'' उन्होंने बताया कि, ''अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार उज्जैन आया हूं. आज जो कुछ हूं बाबा के आशीर्वाद से हूं. इसलिए तय कर रखा था बाबा का आशीर्वाद लेना है. बाबा का बुलावा आया और मैं चला आया. कल हमने पीएम मोदी का जन्मदिवस मनाया है. बाबा से प्रार्थना की है कि पीएम नरेंद्र मोदी की आयु लंबी हो और वे ऐसे ही विकास कार्य करते रहे. बाबा का आशीर्वाद प्रधानमंत्री पर बना रहे. यश कीर्ति वैभव उन्हें मिले। 

    पारंपरिक सोला-पारिधान में दिखा राष्ट्रीय अध्यक्ष
    सबसे खास बात यह रही ही महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान नितिन नबीन पारंपरिक सोला-पारिधान में नजर आए. उन्होंने पीले रंग की धोती पहनी हुई थी. दर्शन के बाद मंदिर में कलेक्टर एवं मंदिर समिति अध्यक्ष रोशन कुमार सिंह, प्रशासक प्रथम कौशिक द्वारा नितिन नबीन एवं हेमंत खंडेलवाल को बाबा महाकाल का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया. उन्हें लड्डू प्रासद दिया गया. साथ ही प्रभारी मंत्री, सांसद व अन्य नेताओं ने भी दोनों पार्टी अध्यक्षों का स्वागत सम्मान किया। 

    'आशीर्वाद दीप' प्रोग्राम में शामिल हुए नितिन नबीन
    इससे पहले नितिन नबीन बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के मशहूर राम घाट पर महाकाल के भक्तों के साथ 'आशीर्वाद दीप' प्रोग्राम में शामिल हुए. इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की प्रार्थना की. नितिन नबीन ने अपने X हैंडल पर ट्वीट करते हुए लिखा कि, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ता रहे यही कामना है। 

  • मूडीज का बड़ा अनुमान, भारत की GDP ग्रोथ 1% बढ़कर 7% होने की उम्मीद

    मूडीज का बड़ा अनुमान, भारत की GDP ग्रोथ 1% बढ़कर 7% होने की उम्मीद

    नईदिल्ली 
    मूडीज रेटिंग्स ने भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अपना अनुमान बड़े पैमाने पर बढ़ा दिया है। पहले जहां 2026-27 में 6% वृद्धि का अनुमान था, अब उसे बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। इसकी वजह यह है कि मिडिल ईस्ट के संघर्ष के झटके को भारत ने जितनी अच्छी तरह झेला है, उतना मूडीज को उम्मीद नहीं थी।

    आज 18 सितंबर यानी शुक्रवार को मूडीज की नियमित समीक्षा में यह अपग्रेड सामने आया। इसके पीछे मजबूत निजी खपत, अच्छा ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन, लगातार सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, निजी निवेश में सुधार के संकेत और सेवाओं की मजबूती जैसे कारण बताए गए हैं।

    पहले छह महीनों में 8.2% की वृद्धि
    मूडीज के मुताबिक, 2026 के पहले 6 महीनों में भारत की रियल GDP वृद्धि 8.2% रही, जबकि 2025 में पूरे साल की वृद्धि 7.3% थी। मूडीज ने कहा, "मिडिल ईस्ट के संघर्ष से पैदा हुए वैश्विक झटके को अर्थव्यवस्था ने जिस तरह झेला है, उसी वजह से हमने वित्त वर्ष 2026-27 (मार्च 2027 में खत्म) के लिए अपना अनुमान 6% से बढ़ाकर 7% किया है।"

    आधिकारिक आंकड़े भी मजबूत
    मूडीज का संशोधित अनुमान ऐसे समय आया है जब आधिकारिक वृद्धि आंकड़े भी मजबूत हैं। FY26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.7% बढ़ी, जबकि एक साल पहले 7.1% थी। चौथी तिमाही की वृद्धि 7.8% रही।

    IMF, S&P और RBI से आगे निकला मूडीज
    मूडीज का यह संशोधित अनुमान इस साल की शुरुआत में दूसरी बड़ी संस्थाओं के अनुमानों से काफी ऊपर है।

        अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने जुलाई की अपनी वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में वित्तवर्ष 2027 के लिए 6.4% वृद्धि का अनुमान लगाया था। IMF ने कहा था, "भारत सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है, निजी खपत और सेवाओं की मजबूत रफ्तार के सहारे 6.4% वृद्धि का अनुमान है।"

        S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने जून में 6.6% वृद्धि का अनुमान दिया था। S&P ने जून में ऊर्जा कीमतों, मिडिल ईस्ट संघर्ष, कमजोर मानसून और धीमी वैश्विक वृद्धि के जोखिमों के चलते FY27 का अनुमान 7.1% से घटाकर 6.6% किया था। उसे FY28 में 7.2% की वापसी की उम्मीद थी।

        भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भी जून में FY27 का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% कर दिया था। RBI ने भी पश्चिम एशिया संघर्ष, ऊंची ऊर्जा कीमतों, सप्लाई में बाधा और मौसम से जुड़ी अनिश्चितताओं के चलते FY27 का अनुमान 6.9% से घटाकर 6.6% किया था।

    मूडीज का 7% अनुमान IMF से 0.6 प्रतिशत अंक और S&P तथा RBI दोनों से 0.4 प्रतिशत अंक ज्यादा है।

    घरेलू मांग है रियल ताकत
    मूडीज का मानना है कि इस उम्मीद भरे अनुमान की मुख्य वजह घरेलू मांग है। निजी खपत मजबूत हुई है और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च के सहारे ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन भी अच्छा बना हुआ है।

    एजेंसी को उम्मीद है कि निजी क्षेत्र का निवेश भी फिर से शुरू होगा, जो वृद्धि की एक और वजह बनेगा। सेवाओं का कामकाज भी मजबूत बना हुआ है। इन सबने मिलकर भारत को मिडिल ईस्ट संघर्ष का असर सहने में मदद की, जिससे साल की शुरुआत में ऊर्जा कीमतों, व्यापार और विदेशी संतुलन को लेकर चिंताएं थीं।

  • अभिषेक शर्मा ने वैभव सूर्यवंशी को छोड़ा पीछे, 2026 में छक्कों की रेस में बनाई 10 सिक्स की बढ़त

    अभिषेक शर्मा ने वैभव सूर्यवंशी को छोड़ा पीछे, 2026 में छक्कों की रेस में बनाई 10 सिक्स की बढ़त

    नई दिल्ली
    साल 2026 में भारतीय बल्लेबाजों अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी के बीच एक खास रेस देखने को मिली है. वो रेस टी20 क्रिकेट में छक्के लगाने की है. हालांकि गुरुवार (17 सितंबर) को अफगानिस्तान के खिलाफ अभिषेक की तूफानी पारी ने समीकरण थोड़े बदल दिए हैं. अभिषेक इस साल टी20 क्रिकेट में कुल 96 छक्के लगा चुके हैं, जबकि 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के नाम पर 86 छक्के हैं. इस तरह अभिषेक ने वैभव पर 10 छक्कों की बढ़त बना ली है.

    अभिषेक शर्मा ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में सीरीज के तीसरे और आखिरी टी20I मुकाबले में अफगानी गेंदबाजों की जमकर खबर ली. उन्होंने सिर्फ 34 गेंदों में 108 रन बनाए, जिसमें 11 छक्के के अलावा 9 चौके शामिल थे. इस पारी के दौरान उन्होंने 16 गेंदों में पचास रनों का आंकड़ा टच किया. फिर अभिषेक ने देखते ही देखते सिर्फ 30 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया. भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में किसी बैटर का ये का सबसे तेज शतक रहा. साथ ही यह किसी फुल मेम्बर टीम के बल्लेबाज का दूसरी फुल मेम्बर टीम के खिलाफ सबसे तेज टी20I शतक भी रहा.

    बता दें कि अभिषेक शर्मा एक कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा टी20 सिक्स लगाने वाले भारतीय बल्लेबाज हैं. अभिषेक ने 2025 में टी20 क्रिकेट में कुल 108 छक्के लगाए थे. इस साल अभिषेक 96 छक्के लगा चुके हैं और अपना ही रिकॉर्ड बेहतर करने की स्थिति में पहुंच गए हैं. 2024 में उनके बल्ले से 87 छक्के निकले थे. जबकि वैभव सूर्यवंशी 86 छक्कों के साथ चौथे स्थान पर हैं.

    दिलचस्प बात यह है कि कुल छक्कों की संख्या में अभिषेक शर्मा भले ही वैभव सूर्यवंशी से आगे निकल गए हों, लेकिन छक्का लगाने की आवृत्ति में युवा बल्लेबाज का आंकड़ा बेहतर है. 2026 में वैभव ने औसतन हर 4.99 गेंद पर एक छक्का लगाया है, जबकि अभिषेक के लिए यह आंकड़ा 6.64 है.

    एक कैलेंडर ईयर में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले भारतीय (टी20 क्रिकेट)
    108- अभिषेक शर्मा, 2025
    96- अभिषेक शर्मा, 2026
    87- अभिषेक शर्मा, 2024
    86- वैभव सूर्यवंशी, 2026
    85- सूर्यकुमार यादव, 2022

    अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी20I में 11 छक्के लगाने के साथ ही अभिषेक शर्मा ने एक और उपलब्धि हासिल की. अभिषेक बतौर भारतीय बल्लेबाज एक टी20 इंटरनेशनल पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर पहुंच गए हैं. इस सूची में सबसे ऊपर भी उनका ही नाम है. अभिषेक ने 2025 में मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ एक पारी में 13 छक्के लगाए थे.

    टी20I पारी में भारत के लिए सबसे अधिक छक्के
    13- अभिषेक शर्मा बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2025
    11- अभिषेक शर्मा बनाम अफगानिस्तान, दिल्ली, 2026
    10- रोहित शर्मा बनाम श्रीलंका, इंदौर, 2017
    10- संजू सैमसन बनाम साउथ अफ्रीका, डरबन, 2024
    10- तिलक वर्मा बनाम साउथ अफ्रीका, जोहानिसबर्ग, 2024
    10- ईशान किशन बनाम न्यूजीलैंड, तिरुवनंतपुरम, 2026

  • एशियन गेम्स में भारत की धमाकेदार एंट्री, जापान को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में पहुंची टीम

    एशियन गेम्स में भारत की धमाकेदार एंट्री, जापान को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में पहुंची टीम

    नई दिल्ली
    एशियन गेम्स 2026 के वुमेंस क्रिकेट कंप्टीशन का आखिरी क्वार्टर फाइनल मैच आज इंडिया और जापान के बीच खेला गया। इस मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने बड़ी जीत जापान के खिलाफ दर्ज की और सेमीफाइनल में शान से एंट्री कर ली। सिर्फ 57 रन पर जापान की टीम ढेर हो गई थी। भारत ने 5 ओवर में 58 रनों के लक्ष्य को 8 विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। शेफाली वर्मा ने 15 गेंदों में 40 रन बनाकर मैच को पावरप्ले में ही खत्म कर दिया। हालांकि, प्लेयर ऑफ द मैच श्री चरणी को मिला, जिन्होंने 4 विकेट निकाले।

    कप्तान हरमनप्रीत कौर ने इस मैच में टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी। जापान की महिला क्रिकेट टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए धीमी शुरुआत की। पावरप्ले में मेजबान टीम ने सिर्फ 24 रन बना सकी, लेकिन कोई विकेट उन्होंने नहीं गंवाया था। हालांकि, पूरी टीम बाद में 57 रन पर ढेर हो गई। भारत ने जल्दी इस मैच को खत्म किया और सेमीफाइनल का टिकट हासिल किया। बांग्लादेश से अब भारत को 20 सितंबर को भिड़ना है, जबकि 22 को फिर मेडल मैच खेले जाएंगे।

    ये टीमें पहुंची हैं सेमीफाइनल में
    बांग्लादेश और चीन के बीच पहला क्वार्टर फाइनल शेड्यूल था, जो बारिश और गीले मैदान के कारण आयोजित नहीं हुआ। ऐसे में सीडिंग के आधार पर बांग्लादेश ने सेमीफाइनल में एंट्री कर ली, जबकि पाकिस्तान ने करीबी मैच में थाइलैंड को हराकर टॉप 4 का टिकट कटा लिया है। वहीं, आज सुबह श्रीलंका ने मलेशिया को हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। अब भारत ने जापान को रौंदकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई किया है। पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान की टक्कर श्रीलंका से होगी और दूसरे सेमीफाइनल में भारत के सामने बांग्लादेश की टीम होगी।

    भारत पहुंचा सेमीफाइनल में
    टीम इंडिया ने एशियन गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में एंट्री कर ली है। क्वार्टर फाइनल मैच में भारत ने जापान को 8 विकेट से हराया। भारत के सामने 58 रनों का लक्ष्य था, जिसे शेफाली वर्मा की तूफानी 40 रनों की पारी के दम पर भारत ने 5 ओवर में हासिल कर लिया।

    जापान की महिला क्रिकेट टीम भारत के खिलाफ इस क्वार्टर फाइनल मैच में पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी। पावरप्ले में 24 रन बनाए थे और कोई विकेट नहीं गंवाया था। हालांकि, 20वें ओवर तक टीम 57 रन ही बना सकी और सभी विकेट खो दिए। भारत के लिए 4 विकेट श्री चरणी ने लिए और 2 विकेट श्रेयंका पाटिल ने अपने नाम किए। सबसे ज्यादा स्कोर जापान के लिए ओपनर आयका काटो स्टैफर्ड ने बनाया। वे 25 रन बनाकर आउट हुईं।

    टीम इंडिया की प्लेइंग XI: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी कमलिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेट कीपर), दीप्ति शर्मा, श्री चरणी, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़ और नंदनी शर्मा

    जापान की महिला टीम की प्लेइंग XI: हारुना इवासाकी, अकारी निशिमुरा कानो (विकेट कीपर), माई यानागिडा (कप्तान), एरिका ओडा, अहिल्या चंदेल, शिमाको काटो, अयाका काटो-स्टैफ़ोर्ड, आयुमी फ़ुजिकावा, हिनासे गोटो, एरिका तोगुची क्विन और नोनोहा यासुमोटो

  • घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने और आशीर्वाद का दीया जलाने पर मचेगा हल्ला: ओम प्रकाश राजभर

    घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने और आशीर्वाद का दीया जलाने पर मचेगा हल्ला: ओम प्रकाश राजभर

    घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने और आशीर्वाद का दीया जलाने पर मचेगा हल्ला: ओम प्रकाश राजभर

    कैबिनेट मंत्री बोले- तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया का शोर मचाने का टूलकिट तैयार

    कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों पर साधा निशाना, कहा- सबसे ज्यादा यही लोग मचाएंगे हल्ला

    वामपंथी नेतृत्व की सामाजिक पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल, बोले- ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखिए

    मार्क्स-लेनिन से अंबेडकर और लोहिया-जेपी से जय भीम तक की राजनीति पर कसा तंज

    कहा- पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया, जितना बांटने की कोशिश करेंगे उतना ही जुड़ता जाएगा

     लखनऊ
     प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया जलाए जाने को लेकर कांग्रेस, सपा और वामपंथियों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक-दो दिन रुकिए, हो-हल्ला होने वाला है। हल्ला होगा कि तेल जल गया, त्राहि-त्राहि हो गई। इसका टूलकिट भी तैयार है, बस हल्ले का इंतजार कीजिए।

    राजभर ने कहा कि पूरे देश ने घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों ने सेवा संकल्प अभियान से खुद को खुशी-खुशी जोड़ा। जनता से आशीर्वाद मांगा और हर्षोल्लास के साथ आशीर्वाद का दीया जलाया।

    सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी और सपाई मचाएंगे

    राजभर ने सवाल किया कि इससे बुरा किसे लगा? उन्होंने कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों का नाम लेते हुए कहा कि अब यही लोग चिल्लाएंगे कि इतना तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि देख लीजिएगा, सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी सवर्ण और सपाई मचाएंगे।

    उन्होंने कहा कि वामपंथी सवर्णों को छोड़ दिया जाए तो पूरा सवर्ण समाज उनके साथ है। सबसे ज्यादा दिक्कत उस खास जमात को है, जो वर्षों से समाज में अपना वैचारिक जहर बो रही है।

    वामपंथ की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, यह भी देखिए

    कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अति पिछड़ों, दलितों और बहुजनों को एक बार उन वामपंथी नेताओं की जाति भी देखनी चाहिए, जो दिन-रात उन्हें जाति और ब्राह्मणवाद समझाते हैं। वामपंथी विचार की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि सभी वामपंथी अगड़े मिलेंगे।

    उन्होंने कहा कि ब्राह्मणवाद के नाम पर गाली किसे दिलाई जाती है और विचार की दुकान किसके हाथ में है, तस्वीर अपने आप साफ हो जाएगी।

    गरीब और सामान्य परिवार से निकला व्यक्ति पसंद नहीं

    राजभर ने कहा कि वास्तव में ये राजा और राज परिवारों के इर्द-गिर्द जीने वाले लोग हैं। गरीब और सामान्य परिवार से निकलकर कोई व्यक्ति अपने दम पर ऊपर पहुंचे, यह इन्हें कतई पसंद नहीं आता। चाहे वह मोदी हों, राजभर हों, निषाद हों या किसी अन्य दलित या अति पिछड़े समाज से निकला कोई व्यक्ति।

    मार्क्स-लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए

    राजभर ने वामपंथी और समाजवादी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि कल तक मार्क्स और लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए। लोहिया और जेपी के नाम पर पार्टी चलाने वाले अचानक रंग बदलकर जय भीम करने लगे। इतनी जल्दी विचार, नारे और महापुरुष बदल जाएं तो यह सोचने वाली बात है।

    उन्होंने कहा कि अति पिछड़ों और दलितों को वर्षों से अपने विचारों के जाल में फंसाने की कोशिश एक खास जमात ने की। उन्होंने इसे आइडेंटिटी क्राइसिस से जूझ रही जमात बताते हुए कहा कि इसे सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब अति पिछड़ा, दलित और बहुजन इनके बताए रास्ते के बजाय अपना रास्ता खुद चुनने लगता है। घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इन्हें यही परेशानी है।

    भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला

    राजभर ने कहा कि वास्तव में भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला है, जहां देश और समाज को बांटकर कुछ परिवारों की गुलामी करने की ट्रेनिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि सारे वामपंथी अंत में वहीं नौकरी करते हैं।

    पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया

    पोस्ट के आखिर में राजभर ने कहा कि पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया है। आपके चेहरे पर लगा नकाब उतर चुका है। आप जितना पिछड़ों-दलितों को बांटने की कोशिश करेंगे, वे उतना ही जुड़ते जाएंगे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा, बस देखते जाइए।

  • मंगल का नीच गोचर आज से, 12 नवंबर तक इन राशियों की चमकेगी किस्मत

    मंगल का नीच गोचर आज से, 12 नवंबर तक इन राशियों की चमकेगी किस्मत

    वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के सेनापति और ऊर्जा, साहस व पराक्रम के कारक मंगल ग्रह का गोचर बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. ग्रहों की चाल बदलते ही सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 18 सितंबर 2026 को शाम 04:44 बजे मंगल ग्रह अपनी नीच राशि यानी चंद्रमा के स्वामित्व वाली कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. कर्क राशि में मंगल को कमजोर (नीच का) माना जाता है, हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि इसके परिणाम पूरी तरह नकारात्मक ही होंगे. यह गोचर 12 नवंबर 2026 तक रहेगा. इस दौरान कुछ राशियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी, तो वहीं कुछ राशि के जातकों को करियर और कारोबार में जबरदस्त लाभ के योग बनेंगे. आइए विस्तार से जानते हैं कि मंगल का यह नीच गोचर सभी 12 राशियों के जीवन पर कैसा प्रभाव डालेगा.

    मंगल गोचर का मुख्य प्रभाव और क्या करें-क्या न करें?
    गुस्से पर नियंत्रण रखें: चूंकि मंगल उग्रता और एक्शन के प्रतीक हैं, इसलिए कर्क राशि में जाकर इनके प्रभाव से लोगों में जल्दबाजी या आक्रामक निर्णय लेने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है. ऐसे में अपने गुस्से और वाणी पर संयम रखना बेहद जरूरी है.

    आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें: इस अवधि में बड़े निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें या पूरी गणना कर लें.

    रुके हुए कार्यों को गति मिलेगी: हालांकि यह गोचर कुछ मामलों में देरी ला सकता है, लेकिन यह आपके लंबे समय से अटके हुए साहसिक कार्यों को पूरा करने की प्रेरणा भी देगा.

    12 राशियों पर मंगल गोचर का विस्तृत राशिफल:
    मेष राशि:
    संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें. पारिवारिक जीवन में संबंधों के बीच तनाव उत्पन्न हो सकता है. माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता बनी रह सकती है.

    वृषभ राशि:
    छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है. कार्यक्षेत्र में कड़ा संघर्ष करना पड़ेगा, जिसके बाद ही आपको सफलता और तरक्की के योग मिलेंगे.

    मिथुन राशि:
    महत्वपूर्ण कार्यों में अचानक रुकावटें आ सकती हैं. स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. कोई भी गलत फैसला आपको आर्थिक नुकसान दे सकता है, इसलिए वाहन चलाते समय और हर कदम पर सतर्क रहें.

    कर्क राशि:
    चूंकि मंगल इसी राशि में गोचर कर रहे हैं, इसलिए सेहत और रिश्तों के मामले में बाधाएं आ सकती हैं. गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें. घर की मरम्मत या नई खरीदारी पर धन खर्च हो सकता है, लेकिन साथ ही आर्थिक लाभ के भी योग हैं.

    सिंह राशि:
    नजदीकी मित्रों और संबंधियों के साथ वैचारिक मतभेद उभर सकते हैं. खर्चों की अधिकता से बजट बिगड़ सकता है. पारिवारिक अशांति से बचने का प्रयास करें और यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं से सावधान रहें.

    कन्या राशि:
    इस राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर बेहद शुभ परिणाम लेकर आ रहा है. आपके रुके हुए सारे काम तेजी से पूरे होंगे. करियर में तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे, मान-सम्मान में वृद्धि होगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे.

    तुला राशि:
    आर्थिक दृष्टि से लाभ तो मिलेगा, लेकिन साथ ही खर्चों का ग्राफ भी काफी ऊंचा रहेगा. मन में थोड़ी अशांति बनी रह सकती है. निवास स्थान या कार्यस्थल में परिवर्तन की संभावना बन रही है.

    वृश्चिक राशि:
    पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है. महत्वपूर्ण कार्यों में अड़चनें आने से मानसिक तनाव हो सकता है. सेहत को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें.

    धनु राशि:
    स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां आपको घेर सकती हैं. परिवार में किसी सदस्य की सर्जरी या स्वास्थ्य दुर्घटना की स्थिति बन सकती है. विरोधी वर्ग आप पर हावी होने की कोशिश करेंगे, हालांकि कुछ गुप्त लाभ भी मिल सकते हैं.

    मकर राशि:
    नए लोगों से मेल-जोल बढ़ेगा और नए व्यावसायिक संपर्क बनेंगे. नया कार्य शुरू करने या पूंजी निवेश करने के लिए समय अच्छा है, हालांकि किसी भी तरह की नई साझेदारी या कानूनी विवाद में बेहद सतर्क रहें.

    कुंभ राशि:
    संघर्ष के बाद अंततः आपको सफलता हासिल होगी. लंबे समय से चली आ रही किसी पुरानी स्वास्थ्य समस्या से राहत मिल सकती है. कुछ पुराने कर्जों या देनदारियों का निपटारा संभव है. घर या कार्यक्षेत्र में बदलाव आ सकता है.

    मीन राशि:
    कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग लाएगी और तरक्की के योग बनेंगे. आय के नए स्रोत हाथ लग सकते हैं. पुराने किए गए अच्छे कार्यों के लिए आपको सम्मान मिल सकता है. हालांकि, कार्यस्थल पर जल्दबाजी या गुस्से में कोई गलत निर्णय लेने से बचें, अन्यथा हानि उठानी पड़ सकती है.

  • अमेरिका-हूती के बीच गुप्त डील की चर्चा, लाल सागर में बढ़त से सऊदी अरब की बढ़ी चिंता

    अमेरिका-हूती के बीच गुप्त डील की चर्चा, लाल सागर में बढ़त से सऊदी अरब की बढ़ी चिंता

    दुबई 
    यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ जूझ रहे सऊदी अरब के सामने अब नई मुश्किल खड़ी होती दिख रही है. सऊदी अरब के सबसे बड़े सहयोगी अमेरिका और ईरान समर्थित हूतियों के बीच सीधे संपर्क की खबर सामने आई है. दोनों पक्षों के बीच ओमान में बातचीत हुई है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका और हूतियों के बीच कोई औपचारिक डील हुई है या नहीं। 

    मामला इसलिए अहम है क्योंकि हूतियों ने पिछले हफ्ते यमन के लाल सागर वाले इलाके में तेजी से बढ़त बनाई और बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के पास कई द्वीपों पर कब्जा कर लिया. यह रास्ता सऊदी अरब के तेल निर्यात के लिए बेहद अहम है. इसी दौरान हूती ड्रोन और मिसाइल सऊदी शहरों और तेल से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बना रहे हैं. यहां तक कि मक्का में भी हूती ड्रोन को लेकर अलर्ट जारी हुआ। 

    अमेरिका-हूती के बीच ओमान में बातचीत
    रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के अधिकारियों और हूती प्रतिनिधियों के बीच पिछले वीकेंड ओमान की राजधानी मस्कट में मुलाकात हुई. यह बैठक ओमान की मध्यस्थता में हुई बताई गई है। 

    हूती प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद अब्दुलसलाम और अब्देलमलिक अल-अजीरी जैसे वरिष्ठ नेता शामिल थे. रिपोर्टों के मुताबिक, हूतियों ने अमेरिका को भरोसा दिया कि वे अमेरिकी जहाजों को निशाना नहीं बनाएंगे और 2025 में हुए सीजफायर का पालन करेंगे। 

    बताया गया है कि हूतियों ने इजरायली जहाजों को निशाना बनाने की बात कही, लेकिन सऊदी जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को निशाना बनाने की धमकी जारी रखी. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि अमेरिका हूतियों के साथ सीधे बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका को लगता है कि वह हालात पर नजर बनाए हुए है। 

    क्या अमेरिका ने हूतियों से डील कर ली?
    अभी तक अमेरिका या हूतियों की तरफ से किसी औपचारिक समझौते की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच किसी तरह की समझ बनने के संकेत जरूर मिले हैं। 

    पूर्व अमेरिकी राजनयिक नबील खौरी ने इसे एक तरह की अनौपचारिक समझ बताया है. उनके मुताबिक, हूती अमेरिकी प्रशासन को यह भरोसा दे सकते हैं कि लाल सागर में अमेरिकी और दूसरे अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. खतरा मुख्य रूप से सऊदी जहाजों और सऊदी तेल ले जाने वाले जहाजों को रहेगा। 

    अमेरिका के लिए भी यह समझ अहम हो सकती है. ईरान के साथ जंग में उलझे अमेरिका के पास हूतियों के खिलाफ लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने के लिए पहले जैसी क्षमता नहीं है. ऐसे में लाल सागर में जहाजों की आवाजाही बनी रहे और अमेरिकी जहाज सुरक्षित रहें, तो वॉशिंगटन के लिए हूतियों से सीधी जंग से बचना अहम हो सकता है। 

    सऊदी अरब पर बढ़ा दबाव
    इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा दबाव सऊदी अरब पर पड़ता दिख रहा है. सऊदी समर्थित यमनी लड़ाके हूतियों को रोकने में अब तक कामयाब नहीं हुए हैं. सऊदी अरब के कई हवाई हमले भी हूतियों की पकड़ को निर्णायक रूप से खत्म नहीं कर पाए। 

    दूसरी तरफ पाकिस्तान और तुर्की ने भी यमन में सीधे लड़ाकू अभियान चलाने से इनकार किया है. अमेरिका और ब्रिटेन ने भी हूती ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की सऊदी मांग को स्वीकार नहीं किया है. यहां तक कि रिपोर्टों में दावा किया गया है कि सऊदी ने खुफिया मदद के लिए इजरायल से भी संपर्क किया है। 

    ऐसे में अगर अमेरिका और हूतियों के बीच किसी तरह की समझ बनती है और हूती अमेरिकी या दूसरे अंतरराष्ट्रीय जहाजों को छोड़कर सऊदी जहाजों को निशाना बनाते रहते हैं, तो सऊदी अरब पर दबाव और बढ़ सकता है। 

    यानी फिलहाल यह औपचारिक डील है या सिर्फ एक अनौपचारिक समझ, यह साफ नहीं है. लेकिन इतना जरूर है कि हूतियों के खिलाफ जंग में सऊदी अरब को अपने सबसे बड़े सहयोगियों से अपेक्षित सैन्य मदद नहीं मिल रही है और उसे बढ़ते खतरे का सामना ज्यादा अकेले करना पड़ सकता है। 

  • सहारनपुर में नकली सिक्कों की फैक्ट्री का बड़ा खुलासा, 6 मशीनें और 59 डाई बरामद; अब सप्लायरों की तलाश

    सहारनपुर में नकली सिक्कों की फैक्ट्री का बड़ा खुलासा, 6 मशीनें और 59 डाई बरामद; अब सप्लायरों की तलाश

    लखनऊ
    यूपी के सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री से बरामद छह मशीनों और 59 डाई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटेगी कि 70 करोड़ के नकली सिक्के बनाने में इस्तेमाल मशीन, डाई और अन्य सामान कहां से खरीदा गया। सप्लायरों की कड़ी खुलने पर नकली सिक्कों के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

    पुलिस ने फैक्ट्री से छह मशीनों के साथ 59 डाई बरामद की थी। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई की पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन समेत अन्य सामान भी मिला था। अब जांच में इन सभी सामान के स्रोत को खंगालने की तैयारी है।

    पुलिस के मुताबिक फैक्ट्री में तैयार नकली 20 रुपये के 6,400 सिक्के बरामद हुए थे, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये थी। करीब पांच लाख कीमत के अधबने सिक्के भी मिले थे। आरोपियों के मुताबिक एक सिक्का तैयार करने में पांच से छह रुपये खर्च होते थे और उसे एजेंटों को 12 से 15 रुपये में बेचा जाता था। शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों तक इनकी खेप पहुंचने की बात सामने आई थी।

    मशीन से डाई तक बड़ा सेटअप
    फैक्ट्री में नकली सिक्के तैयार करने के लिए छह मशीनें और 59 डाई लगी थीं। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन भी मिला था। इतनी बड़ी मात्रा में मिले सामान के स्रोत की पड़ताल अब जांच का अहम हिस्सा होगी।

    पांच आरोपी जेल भेजे जा चुके
    नकली सिक्के बनाने के मामले में पुलिस ने उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को गिरफ्तार किया था। पांचों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के सामने अब फैक्ट्री तक मशीन और डाई समेत अन्य सामान पहुंचाने वालों की पहचान करने की चुनौती है। सप्लायरों की जानकारी मिलने पर जांच आगे बढ़ेगी।

    मशीन और सामानों की कहीं और भी हुई है सप्लाई
    अब यह भी आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह से मशीन यहां भेजी गई, उसी तरह कहीं और भी तो मशीन देकर सिक्कों का निर्माण नहीं हो रहा है। सप्लायर तक पहुंचने के बाद कई और नकली सिक्कों की फैक्ट्री का खुलासा हो सकता है।

  • पूर्व हाईकोर्ट जस्टिस का बड़ा ऐलान, PM फंड में देंगे ₹1 करोड़; पत्नी संग करेंगे देहदान

    पूर्व हाईकोर्ट जस्टिस का बड़ा ऐलान, PM फंड में देंगे ₹1 करोड़; पत्नी संग करेंगे देहदान

    जबलपुर
     मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने रिटायरमेंट के दिन अपने फैसले से सभी को भावुक कर दिया है। फेयरवेल स्पीच के दौरान उन्होंने मंच से घोषणा की है कि जीपीएफ के एक करोड़ एक लाख रुपए पीएम केयर्स फंड में डोनेट करेंगे। साथ ही मृत्यु के बाद समाज के लिए हमारा देह दान कर दें।

    36 सालों की सेवा के बाद हुए रिटायर
    जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह 36 सालों की सेवा के बाद न्यायिक सेवा से रिटायर हुए हैं। वह देश में अलग-अलग जगहों पर जज की भूमिका में रहे हैं। कई अहम केसों में फैसले भी सुनाए हैं। रिटायरमेंट के दिन अपने फैसले से वह चर्चा में आ गए हैं।

    जीवन की कमाई और देहदान का लिया फैसला
    रिटायरमेंट के दिन फेयरवेल स्पीच में जस्टिस अवीनंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मैं अपने जीवन की कमाई और निधन के बाद देह को समाज को समर्पित करना चाहता हूं। साथ ही कहा कि अपने लिए जिए तो क्या जिए। उनकी बातों को सुनकर फेयरवेल में मौजूद लोग भावुक हो गए।

    पति-पत्नी ने काराया पंजीयन
    रिटायरमेंट के दिन जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज में दो दिन पहले ही देहदान के लिए पंजीयन करवाया है। इस शरीर ने जीवन भर न्यायिक दायित्व को निभाया है। अब यह शरीर किसी भावी चिकित्सक के ज्ञान का माध्यम बने।

    1.01 करोड़ रुपए दान करने की घोषणा
    देहदान के संकल्प के साथ जस्टिस सिंह ने अपनी जीवनभर की कमाई से जुड़ा एक और बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपने जीपीएफ की 1 करोड़ 1 लाख रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीवनभर की न्यायिक सेवा से अर्जित धन का उपयोग जरूरतमंदों और समाज के लिए होना चाहिए। रिटायरमेंट के दिन फेयरवेल कार्यक्रम में उनके इस फैसले की खास तौर चर्चा पर रही।

    36 साल का रहा न्यायिक सफर
    जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1990 में सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं और कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसले सुनाए। मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली थी। करीब तीन साल तक हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं देने के बाद 17 सितंबर 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए। उनके रिटायरमेंट के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या 38 रह गई है।

    पीएम केयर्स फंड में दी राशि
    देहदान के साथ ही उन्होंने एक और बड़ा फैसला लिया है। एक करोड़ एक लाख रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की है। जीवनभर की न्यायिक सेवा से अर्जित धन जरूरतमंदों और समाज के लिए समर्पित है।

    कौन हैं जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह
    जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह का लंबा न्यायिक अनुभव रहा है। 1990 में उन्होंने सिविल जज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। 1990 से उनका यह सफर जारी रहा। मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जज के रूप में शपथ ली। 17 सितंबर 2026 को वह एमपी हाईकोर्ट से रिटायर हो गए। उन्हें दोपहर साढ़े तीन बजे फुल कोर्ट फेयरवेल दिया गया। उनके रिटायरमेंट के बाद एमपी हाईकोर्ट में जजों की संख्या 38 रह गई है।

     

  • सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ पर जीपीएम में प्रज्वलित हुए आशीर्वाद के दो लाख दीप

    सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ पर जीपीएम में प्रज्वलित हुए आशीर्वाद के दो लाख दीप

    सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ पर जीपीएम में प्रज्वलित हुए आशीर्वाद के दो लाख दीप

    जिला स्तरीय कार्यक्रम में 11 हजार दीपों से जगमगाया मल्टीपर्पस स्कूल मैदान

    विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के मुख्य आतिथ्य में हुआ मंचीय कार्यक्रम

    रायपुर
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा, समर्पण और संघर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत दो लाख दीप प्रज्वलित किए गए। जिला स्तरीय कार्यक्रम मल्टीपर्पस स्कूल मैदान, पेंड्रा में आयोजित हुआ, जहां 11 हजार दीपों के सामूहिक प्रज्वलन से पूरा परिसर जगमगा उठा। दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद व्यक्त किया गया।

    जिले में दीप प्रज्वलन का यह आयोजन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। दुर्गा सरोवर पेंड्रा सहित सभी अमृत सरोवरों, ग्राम पंचायतों, ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूहों, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा विभिन्न शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं में भी दीप प्रज्वलित किए गए। जिलेभर में आयोजित सामूहिक दीप प्रज्वलन से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी का संदेश प्रसारित हुआ।

    विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के मुख्य आतिथ्य में हुआ मंचीय कार्यक्रम

    दीप प्रज्वलन के उपरांत मल्टीपर्पस स्कूल पेंड्रा के असेम्बली हॉल में जिला प्रशासन द्वारा मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 25 वर्षों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सेवा, समर्पण एवं संघर्ष के साथ देश की सेवा कर रहे हैं। मोदी जनकल्याण और राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वे जिस कार्य को ठान लेते हैं, उसे मिशन मोड में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं।

    विधायक मरपच्ची ने कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आशीर्वाद के दीप प्रज्वलित कर उन्हें शुभकामनाएं दे रहा है। यह आयोजन उनके सार्वजनिक जीवन की सेवा यात्रा के प्रति जनभावनाओं की अभिव्यक्ति है।

    नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रदर्शित की गईं 25 वर्षों की उपलब्धियां

    कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के विगत 25 वर्षों में किए गए विभिन्न कार्यों एवं महत्वपूर्ण पहलों को रचनात्मक रूप में प्रदर्शित किया गया। अंतरिक्ष मिशन, सर्जिकल स्ट्राइक, डिजिटल इंडिया सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और पहलों को प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जनसहभागिता का संदेश दिया।

    जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं जिलेवासियों की सहभागिता

    कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक मनोज खिलाड़ी, डीएफओ कुमार निशांत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं जिलेवासी उपस्थित रहे।

    जिलेभर में आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, हितग्राहियों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सामूहिक रूप से प्रज्वलित दो लाख दीपों ने जिले में सेवा, समर्पण, सहभागिता और शुभकामनाओं का संदेश दिया।