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  • CG में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    CG में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

    धमतरी.

    मंत्रालय में नौकरी और आवास दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को धमतरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने गृह मंडल का पारिजात भवन दिलाने का झांसा देकर पीड़ित से 9 लाख से अधिक रुपए के अधिक की रकम ली थी.

    मामले में शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी शशि प्रभा साहू और अमित देवांगन गिरफ्तार किया है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भानपुरी, थाना गुरूर, जिला बालोद निवासी प्रार्थी मनीष साहू (27 वर्ष) ने धमतरी सिटी कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. प्रार्थी के अनुसार, फरवरी 2024 में उसकी मुलाकात रुद्री रोड स्थित एक होटल में शशि प्रभा साहू एवं अमित कुमार देवांगन से हुई थी. दोनों ने उसे अपने झांसे में लेते हुए स्वयं को मंत्रालय में कार्यरत बताया और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा पारिजात भवन (आवास) का आबंटन कराने का प्रलोभन दिया.

    आरोपियों ने प्रार्थी को विश्वास में लेने के लिए बाकायदा मंत्रालय (महानदी भवन) में ले जाकर बाहर खड़ा किया और भवन की कुल कीमत 14,12,000 रुपये बताई. प्रार्थी से विभिन्न बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और नकद माध्यमों से किश्तों में कुल 9,08,000 रुपये ऐंठ लिए. इसके अलावा प्रार्थी से बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टेट बैंक के दो खाली हस्ताक्षरित चेक भी ले लिए गए. जब प्रार्थी को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ और उसने रकम वापस मांगी, तो केवल 2,98,999 रुपये लौटाए गए तथा शेष रकम हड़प ली. प्रार्थी की रिपोर्ट पर धमतरी सिटी कोतवाली में धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया.

    मामले में धमतरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और सूचना के आधार पर शशि प्रभा साहू पति प्रीतम साहू, (50 वर्ष) और अमित कुमार देवांगन पिता स्व. सुखराम देवांगन (38 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की. आरोपियों के जुर्म स्वीकार करने पर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया. 

  • छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

    छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

    "सेवा_संकल्प_अभियान"

    छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा की नई भोर: हुनर, शोध और स्वावलंबन से गढ़ा जा रहा युवाओं का भविष्य

     रायपुर

     ​छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा अब केवल किताबों और कक्षाओं के पारंपरिक दायरे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के लाखों युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की मूल भावना को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार युवाओं को केवल डिग्री देने के बजाय उन्हें आत्मनिर्भर, हुनरमंद और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का अभूतपूर्व कार्य कर रही है।

    ​सेवा का संकल्प: गुणवत्ता और समावेशी विकास का 'मिशन मोड'

          ​राज्य सरकार ने 'सेवा का संकल्प' निभाते हुए शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 'छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा मिशन' की शुरुआत की है। इस मिशन के तहत महाविद्यालयों के ढांचागत और शैक्षणिक उन्नयन के लिए विशेष बजटीय संबल दिया जा रहा है। पारदर्शी और सख्त मॉनिटरिंग तंत्र यह सुनिश्चित कर रहा है कि सरकारी सहायता का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे।
          ​शैक्षणिक गुणवत्ता को शीर्ष पर ले जाने के लिए 3,000 से अधिक छात्र संख्या वाले उत्कृष्ट कॉलेजों को चिन्हित कर 36 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही, अध्यापन व्यवस्था को मजबूती देने के लिए प्राध्यापकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया तेज कर दी गई है और उद्योग जगत के व्यावहारिक विशेषज्ञों को 'प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस' के रूप में परिसरों से जोड़ा जा रहा है।

    ​सेवा आपके द्वार: वनांचल से शहरों तक उच्च शिक्षा की आसान पहुँच

           ​'सेवा आपके द्वार' की भावना को चरितार्थ करते हुए राज्य के अंतिम छोर पर स्थित आदिवासी और दूरस्थ वनांचल अंचलों में नए महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। अब बस्तर और सरगुजा जैसे दूरदराज क्षेत्रों के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ रहा है, बल्कि आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा उनके अपने अंचल में ही उपलब्ध हो रही है। चार वर्षीय बी.एड. (ITEP) और बी.पी.एड. जैसे एकीकृत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

    ​कहानी बदलाव की: आधुनिक तकनीक और स्वावलंबन से युवाओं का सशक्तीकरण

            ​यह बदलाव केवल व्यवस्थागत नहीं, बल्कि हर उस युवा की 'कहानी बदलाव की' है जो कल तक केवल पारंपरिक विषयों तक सीमित था। स्वावित्तीय पाठ्यक्रम नीति के तहत अब स्थानीय और वैश्विक मांग के अनुसार युवाओं को तैयार किया जा रहा है।
    ​   भविष्य में उपयोगी विभिन्न तकनीकों और कौशल को ध्यान में रखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सिक्योरिटी, वेब डिजाइनिंग जैसे विषयों को प्रमुखता से उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी तरह ​स्थानीय व कृषि-आधारित उद्योग के तहत रेशम कीट पालन, टसर टेक्नोलॉजी, फिशरीज, फूड प्रोसेसिंग, मशरूम कल्टीवेशन, फ्लोरीकल्चर और हर्बल कल्टीवेशन की शिक्षा युवाओ को आर्थिक रूप से मजबूत करेंगे।
           ​इन व्यावहारिक विषयों के लिए राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग जगत के साथ MoU किए गए हैं, जिससे युवाओं को सीधी इंटर्नशिप, व्यावहारिक अनुभव और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा मिल रही है।
            रिसर्च, कौशल विकास, उद्योग समन्वय और वनांचल तक शिक्षा के विस्तार के इस संगम से छत्तीसगढ़ तेजी से देश के अग्रणी 'एजुकेशन हब' के रूप में स्थापित हो रहा है।

    विष्णु प्रसाद वर्मा
    सहायक संचालक

  • छोटी घटनाएं बड़ी न बनें, डीएम-एसपी रखें नजरः मुख्यमंत्री

    छोटी घटनाएं बड़ी न बनें, डीएम-एसपी रखें नजरः मुख्यमंत्री

    जनता दर्शन 

    छोटी घटनाएं बड़ी न बनें, डीएम-एसपी रखें नजरः मुख्यमंत्री 

    छोटी-छोटी घटनाओं में उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगीः सीएम योगी

    सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचें प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारीः मुख्यमंत्री

    पुलिस से जुड़ी शिकायतों पर सीएम का सख्त रुख, कहा- पीड़ितों की संतुष्टि सरकार की शीर्ष प्राथमिकता

    लखनऊ,
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ में विभिन्न जिलों से आए लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। प्रार्थना पत्रों का अवलोकन करने के उपरांत मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले लोग मामूली घटनाओं को बड़ा बनाना चाहते हैं। ऐसे में जनपदों में हर छोटी से छोटी घटना पर जिलाधिकारी व एसपी स्वयं नजर रखें। तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ितों की सुनवाई करें और दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई कर मामलों का पटाक्षेप कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि छोटी-छोटी घटनाओं में भी उदासीनता व लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। 

    हर पीड़ित से मिले सीएम, समयबद्ध निस्तारण का दिया निर्देश
    मुख्यमंत्री ‘जनता दर्शन’ में कुर्सियों पर बैठे हर पीड़ित से मिले। उनकी समस्याओं व शिकायतों को सुना। मुख्यमंत्री ने प्रशासन, पुलिस, राजस्व, विद्युत आदि से जुड़ी शिकायतों का प्रार्थना पत्र लेते हुए कहा कि सरकार साढ़े 9 वर्ष से बिना भेदभाव हर पीड़ित की उचित समस्या का समाधान करा रही है। अधिकारी संवेदनशील होकर जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। पात्र व्यक्ति को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाएं, मरीजों के इलाज की व्यवस्था कराएं और भूमाफिया/दबंगों पर कठोरतम कार्रवाई करें। 

    पुलिस से संबंधित शिकायतों पर हुए सख्त 
    सीएम योगी आदित्यनाथ के समक्ष पुलिस व राजस्व से जुड़ीं शिकायतें अधिक रहीं। इस पर मुख्यमंत्री सख्त हो गए। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर, एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसएसपी स्तर के अधिकारी नियमित रूप से जनसमस्याओं का जनपदों में निराकरण कराएं। यदि किसी मातहत द्वारा लापरवाही की शिकायत मिले तो उस पर भी कार्रवाई करें। सीएम ने राजस्व और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। 

    बच्चे से पूछा- कैसे हो, कहां पढ़ते हो 
     ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आए नन्हे बच्चे से मुख्यमंत्री ने हालचाल पूछा। फिर पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने उसकी तरफ चॉकलेट बढ़ाई तो उसने झट से चॉकलेट ले ली। फिर सीएम ने चॉकलेट वापस मांगी तो बच्चे ने मना कर दिया। इस पर पूरा हॉल खिलखिला उठा। मुख्यमंत्री ने सुखद भविष्य का आशीर्वाद देते हुए बच्चे से मन लगाकर पढ़ाई करने को कहा।

  • दिल्ली के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

    दिल्ली के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप

    नई दिल्ली

    दिल्ली के कम से कम छह स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सोमवार सुबह इन स्कूल प्रशासनों को बम की धमकी वाला ईमेल मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य एजेंसियां सक्रिय हो गईं। स्कूलों को खाली कराया गया। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड स्कूल परिसरों की जांच कर रहे हैं। धमकी में दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात कही गई है।

    धमकी वाले लेटर में क्या लिखा
    धमकी भरे इमेल में कथित तौर पर दिल्ली को खालिस्तान बनाने की बात कही गई है। ईमेल में दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। 21 से 29 सितंबर के दौरान दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों में सफर न करने की सलाह दी गई है। ईमेल में दावा किया गया है कि पंजाब से दिल्ली आने वाली रेलवे पटरियों पर आईईडी ब्लास्ट किए जाएंगे।

    जानकारी के अनुसार, दिल्ली के चाणक्यपुरी इलाके के संस्कृत‍ि स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और नेवी चिल्ड्रन स्कूल समेत चार स्कूलों को सुबह करीब 9:30 बजे धमकी वाला ईमेल मिला। स्कूल प्रशासन ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा के जरूरी कदम उठाए गए।
    पुलिस ने क्या बताया

    दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार, उसे बम की धमकी से जुड़े 5 कॉल मिले। सुबह 9.41 बजे से 11.11 बजे के बीच स्कूलों में बम की धमकी से संबंधित पांच कॉल प्राप्त हुए। इनमें से पहला कॉल सुबह 9.41 बजे हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल स्कूल से आया। परिसर में तलाशी अभियान के बाद धमकी झूठी पाई गई।

    चाणक्यपुरी स्थित नेवी चिल्ड्रन्स स्कूल के संबंध में सुबह 10:34 बजे दूसरी कॉल आई, जबकि तीसरी कॉल सुबह 10:50 बजे रोहिणी के सेक्टर 14 स्थित बाल भारती स्कूल से आई।

    राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले स्प्रिंगडेल्स स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और बाल भारती पब्लिक स्कूल तथा करोल बाग पुलिस स्टेशन क्षेत्रांर्गत आने वाले सेंट थॉमस स्कूल और जूनियर्स स्कूल से भी कॉल रिसीव हुईं। कमला मार्केट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले सिविक सेंटर में भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ।

    धमकी भरे ईमेल में दिल्ली के स्कूलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। ईमेल में 21 से 29 सितंबर के बीच दिल्ली आने-जाने वाली ट्रेनों में सफर से बचने की चेतावनी भी दी गई। इसमें पंजाब से दिल्ली आने वाली रेलवे पटरियों को लेकर भी धमकी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, चाणक्यपुरी इलाके के संस्कृति स्कूल, द ब्रिटिश स्कूल और नेवी चिल्ड्रन स्कूल समेत चार स्कूलों को सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे धमकी वाला ईमेल मिला। ईमेल मिलते ही स्कूल प्रशासन ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए। स्कूल परिसरों की जांच के लिए बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और डॉग स्क्वॉड को तैनात किया गया।

    पुलिस ने क्या बताया?
    दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, सोमवार सुबह स्कूलों में बम की धमकी से जुड़े पांच कॉल मिले। ये कॉल सुबह 9:41 बजे से 11:11 बजे के बीच प्राप्त हुए। पहला कॉल सुबह 9:41 बजे हौज खास स्थित मदर इंटरनेशनल स्कूल से आया। परिसर में तलाशी अभियान चलाने के बाद धमकी को फर्जी पाया गया। इसके बाद सुबह 10:34 बजे चाणक्यपुरी स्थित नेवी चिल्ड्रन्स स्कूल से बम की धमकी को लेकर कॉल मिली। तीसरी कॉल सुबह 10:50 बजे रोहिणी सेक्टर-14 स्थित बाल भारती स्कूल से आई।

    पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र के स्प्रिंगडेल्स स्कूल, सलवान पब्लिक स्कूल और बाल भारती पब्लिक स्कूल तथा करोल बाग थाना क्षेत्र के सेंट थॉमस स्कूल और जूनियर्स स्कूल से भी धमकी से संबंधित सूचनाएं मिलीं। इसके अलावा कमला मार्केट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिविक सेंटर को भी इसी तरह का धमकी भरा ईमेल मिलने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियां सभी स्थानों पर जांच और तलाशी अभियान चला रही हैं।

    बम की धमकी से हड़कंप, एजेंसियां सतर्क
    धमकी की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और कर्मचारी मौके पर भेजे गए। पुलिस की कई टीमें भी संबंधित स्कूलों में पहुंचीं। बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने स्कूल परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। पुलिस को शुरुआती जांच के आधार पर आशंका है कि धमकी वाले ईमेल फर्जी हो सकते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा को देखते हुए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं और ईमेल के स्रोत का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    इस महीने कई फर्जी धमकियां मिल चुकीं
    दिल्ली में स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को धमकी भरे ईमेल मिलने का सिलसिला नया नहीं है। इसी महीने भी कई संस्थानों को इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। 15 सितंबर को सरदार पटेल विद्यालय, द ब्रिटिश स्कूल, एयर फोर्स बाल भारती स्कूल और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल समेत कई प्रमुख स्कूलों को बम धमाके की धमकी वाले ईमेल मिले थे। वहीं, महीने की शुरुआत में दिल्ली विधानसभा, सिविक सेंटर और मेयर कार्यालय समेत कई स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे।

    बम की धमकी से हड़कंप, एजेंसियां सतर्क
    सूचना के बाद दमकल की गाड़ियां और कर्मचारी मौके पर भेजे गए। पुलिस की कई टीमें भी स्कूलों में पहुंचीं। बम निरोधक दस्ते, खोजी कुत्तों और अन्य एजेंसियों ने स्कूलों की जांच की, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं नजर आया। पुलिस को आशंका है कि ये धमकी भरे ईमेल फर्जी हो सकते हैं।

    इस महीने कई फर्जी धमकियां मिल चुकीं
    धमकियों का यह सिलसिला नया नहीं है। इसी महीने इसी तरह की कई धमकियां मिल चुकी हैं। 15 सितंबर को सरदार पटेल विद्यालया, द ब्रिटिश स्कूल, एयर फोर्स बाल भारती स्कूल और कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल सहित कई प्रमुख स्कूलों को बम धमाकों की धमकियों वाले ईमेल मिले थे। इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली विधानसभा, सिविक सेंटर और मेयर कार्यालय सहित कई स्कूलों और सरकारी प्रतिष्ठानों को भी बम से उड़ाने की धमकी वाले ईमेल प्राप्त हुए थे।

  • यूपी में पैक्ड फूड पर अब असली निर्माण तारीख लिखना अनिवार्य, बदले नियम

    यूपी में पैक्ड फूड पर अब असली निर्माण तारीख लिखना अनिवार्य, बदले नियम

     लखनऊ
     अब पैक्ड खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को यह साफ पता चलेगा कि वह उत्पाद वास्तव में कब बनाया या तैयार किया गया था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उत्तर प्रदेश में पैक किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के पैकेट पर वास्तविक निर्माण तिथि लिखना अनिवार्य कर दिया है।

    केवल जिस दिन खाद्य पदार्थ को पैकेट में भरा या दोबारा पैक किया गया है, उस तारीख को निर्माण तिथि के रूप में लिखने की अनुमति नहीं होगी।विभाग के निरीक्षण में सामने आया कि कुछ कारोबारी खाद्य पदार्थ तैयार करने के बाद उसे लंबे समय तक गोदाम में रखते थे। बाद में छोटे पैकेटों में भरकर उस दिन की तारीख को ही निर्माण तिथि के रूप में लिख देते थे।

    कुछ रीलेबलर और रीपैकर भी ऐसा कर रहे थे। इससे उपभोक्ता को उत्पाद के वास्तविक पुराने होने की जानकारी नहीं मिल पाती थी और वह उसे नया उत्पाद समझ सकता था। विभाग के अनुसार हर खाद्य पदार्थ की एक तय उपयोग अवधि यानी शेल्फ लाइफ होती है।

    खाद्य कारोबारियों को निर्देशों का हर हाल में करना होगा पालन
    यह अवधि उसके वास्तविक निर्माण या प्रसंस्करण की तारीख से शुरू होती है। लंबे समय तक रखे रहने से खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में कई महीने पुराने उत्पाद को नए पैकेट में भरकर उस दिन की तारीख लिखना उपभोक्ता को भ्रमित कर सकता है।

    खाद्य सुरक्षा आयुक्त के निर्देश के बाद अब खाद्य कारोबारियों को पैकेट पर उत्पाद की वास्तविक निर्माण या प्रसंस्करण तिथि स्पष्ट रूप से लिखनी होगी। बाद में की गई पैकिंग की तारीख को निर्माण तिथि बताना स्वीकार नहीं किया जाएगा। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

  • IIT कानपुर से जापान क्रिकेट टीम तक पहुंचा बिहारी, वायरल हुआ ‘बिहारी कहां नहीं है भाई’ वाला जवाब

    IIT कानपुर से जापान क्रिकेट टीम तक पहुंचा बिहारी, वायरल हुआ ‘बिहारी कहां नहीं है भाई’ वाला जवाब

    पटना
    बिहार के रोहतास से निकलकर IIT कानपुर में पढ़ाई करने वाले अभिषेक आनंद ने जापान की क्रिकेट टीम तक का सफर तय किया है. भारत और जापान के बीच 22 सितंबर (मंगलवार) को होने वाले ऐतिहासिक टी20I मुकाबले से पहले उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में अभिषेक से जब उनके बिहारी होने और जापान के लिए क्रिकेट खेलने को लेकर सवाल किया गया, तो उनका जवाब 'बिहारी कहां नहीं है भाई' खूब चर्चा में आ गया.

    हालांकि, भारत के खिलाफ तोचिगी प्रांत के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में होने वाले इस मुकाबले का हिस्सा अभिषेक आनंद नहीं होंगे. जापान ने मैच के लिए जो 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया, उसमें अभिषेक आनंद का नाम शामिल नहीं है. यानी फैन्स उन्हें भारत के खिलाफ मैदान पर उतरते नहीं देखेंगे.

    अभिषेक आनंद का क्रिकेट से जुड़ाव जापान पहुंचने के बाद नहीं हुआ. IIT कानपुर में केमिस्ट्री की पढ़ाई के दौरान भी उन्होंने क्रिकेट खेलना जारी रखा और इस संस्थान की टीम की कप्तानी की. पढ़ाई पूरी करने के बाद वह नौकरी के लिए टोक्यो चले गए. जापान में भी उन्होंने क्रिकेट को अपने जीवन से अलग नहीं होने दिया. नौकरी के साथ क्लब क्रिकेट खेलते रहे और स्थानीय स्तर पर उनके प्रदर्शन ने उन्हें जापान की नेशनल क्रिकेट टीम तक पहुंचा दिया.

    अभिषेक का ऐसा रहा है इंटरनेशनल करियर
    28 साल के अभिषेक आनंद ने 9 मई 2025 को कुक आइलैंड्स के खिलाफ जापान के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था. इसके बाद वह जापान की टीम का नियमित हिस्सा बने. उन्होंने अब तक 18 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके नाम पर 275 रन दर्ज हैं. उनका सर्वोच्च स्कोर 55 रन रहा है, जबकि गेंदबाजी में उन्होंने एक विकेट लिया है.

    उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने क्रिकेट को करियर का मुख्य रास्ता बनाए बिना भी खेल में अपनी जगह बनाई. नौकरी और क्रिकेट को साथ लेकर चलने के बाद वह जापान की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचे.

    भारत और जापान के बीच पहली बार कोई इंटरनेशनल क्रिकेट मुकाबला होने जा रहा है. यह मैच भारत-जापान राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है और एशियन गेम्स से पहले दोनों टीमों के लिए तैयारी का भी हिस्सा है.

    जापान की 15 सदस्यीय टीम: केंडेल काडोवाकी-फ्लेमिंग (कप्तान) चार्ली हारा-हिंज, बेंजामिन इतो-डेविस, एलेस्टर काडोवाकी-फ्लेमिंग, कोहेई कुबोटा, जेक कुसुदा-नायरन, वतरू मियाउची, रेओ सकुरानो-थॉमस, एलेक्स शिराई-पटमोर, शोमा सुगया-स्लेटर, डेक्लान सुजुकी, त्सुयोशी तकादा, इब्राहिम ताकाहाशी, मकोतो तानियामा और लाचलान यामामोटो-लेक.

  • AI को लेकर बराक ओबामा की चिंता, बोले- अब खुद सीख रहे AI सिस्टम

    AI को लेकर बराक ओबामा की चिंता, बोले- अब खुद सीख रहे AI सिस्टम

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनियाभर में बहस चल रही है. कोई इसे फ्यूचर की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी बता रहा है, तो कोई इससे जॉब्स और इंसानों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित है. इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama ने AI को लेकर अपनी चिंता बताई है. ओबामा का कहना है कि एआई कंपनियों के मार्केट वैल्यूएशन में हाइप हो सकता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि एआई की टेक्नोलॉजी भी ओवरहाइप्ड है. आइए जानते हैं इसके बारे में. उन्होंने AI से ह्यूमैनिटी खत्म होने की बात से भी इनकार नहीं किया है और ये बेहद डरावना है.

    Obama के समय में ही बनी थी AI पर रिपोर्ट
    ओबामा ने बताया कि उनके राष्ट्रपति रहते 2015-16 के आसपास उनकी एडमिनिस्ट्रेशन ने एआई के सोशल, इकोनॉमिक और एथिकल इम्पैक्ट को समझने के लिए एक कमीशन बनाया था. इस कमीशन ने AI को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट भी तैयार की थी.

    ओबामा के मुताबिक इसके बाद आई एडमिनिस्ट्रेशन ने इस रिपोर्ट को ज्यादा आगे नहीं बढ़ाया. यानी AI को लेकर जिन सवालों पर उस समय चर्चा शुरू हुई थी, वो अब और ज्यादा बड़े हो चुके हैं.

    अब AI खुद सीख रहा है
    एआई के तेजी से आगे बढ़ने की सबसे बड़ी वजहों में से एक रिसर्सिव लर्निंग है. आसान भाषा में समझें तो AI अब सिर्फ इंसानों से ट्रेनिंग लेकर आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि खुद भी सीखने लगा है.

    ओबामा के मुताबिक कुछ समय पहले तक एआई मॉडल्स की लर्निंग में करीब 90 फीसदी हिस्सा इंसानों के इनपुट का था. लेकिन कुछ ही महीनों में तस्वीर बदल गई और यह बैलेंस करीब 50-50 तक पहुंच गया. यानी अब AI को आगे बढ़ाने में ह्यूमन ट्रेनिंग के साथ उसका खुद से सीखना भी बड़ी भूमिका निभा रहा है.

    आने वाले समय में 90% खुद सीखेगा AI?
    ओबामा का अनुमान है कि आने वाले समय में एआई की लर्निंग में करीब 90 फीसदी हिस्सा सेल्फ-लर्निंग का हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो AI डेवलपमेंट की स्पीड आज के मुकाबले काफी ज्यादा तेज हो सकती है.

    उन्होंने एआई की इस ग्रोथ को हॉकी स्टिक जैसी ग्रोथ बताया. इसका मतलब है कि शुरुआत में ग्रोथ धीरे होती है, लेकिन एक पॉइंट के बाद इसकी स्पीड अचानक बहुत ज्यादा बढ़ने लगती है.

    किलर रोबोट नहीं, ये है असली डर
    एआई के खतरे की बात होते ही किलर रोबोट्स और इंसानों को खत्म करने वाली मशीनों की चर्चा शुरू हो जाती है. ओबामा के मुताबिक ऐसा खतरा पूरी तरह जीरो नहीं है, लेकिन इसकी संभावना कम है.उनकी असली चिंता AI मिसअलाइनमेंट को लेकर है. यानी एआई सिस्टम ऐसा गोल तय कर ले जो इंसानों के इरादों से अलग हो.

    इसके लिए AI का कॉन्शियस होना या इंसानों से नफरत करना जरूरी नहीं है. अगर एआई खुद से फैसले लेने लगे और उसके गोल्स इंसानों के गोल्स से अलग हो जाएं, तो बड़ी समस्या पैदा हो सकती है. यही वजह है कि एआई के तेज विकास के साथ यह सवाल भी जरूरी होता जा रहा है कि आखिर इसे इंसानों के कंट्रोल और गोल्स के साथ कैसे जोड़ा जाए.

  • बुध का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश, इन 3 राशियों को 1 अक्टूबर तक रहना होगा सावधान

    बुध का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश, इन 3 राशियों को 1 अक्टूबर तक रहना होगा सावधान

    वैदिक ज्योतिष में बुध देव को बुद्धि, तर्क, वाणी, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है. वहीं, मंगल के स्वामित्व वाला चित्रा नक्षत्र ऊर्जा, कला, तीक्ष्णता और त्वरित फैसलों का प्रतीक है. आज ग्रहों के राजकुमार बुध मंगल के नक्षत्र चित्रा में प्रवेश करने जा रहे हैं और वे 1 अक्टूबर की सुबह तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे.

    बुध और मंगल के बीच सम संबंध होने के बावजूद, बुध (शांत बुद्धि) का मंगल (आक्रामक ऊर्जा) के नक्षत्र में जाना कई बार विचारों में उथल-पुथल, जल्दबाज़ी में गलत फैसले और वाणी में कटुता पैदा कर सकता है. आज से 1 अक्टूबर के दौरान बुध का यह नक्षत्र परिवर्तन जहां कुछ राशियों के लिए शुभ रहेगा, वहीं 3 राशियों के जातकों को विशेष सावधानी और सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी. आइए जानते हैं कि किन राशियों को इस दौरान संभलकर चलने की सलाह दी जाती है.

    मेष राशि (Aries)
    अशुभ प्रभाव: बुध का यह गोचर आपके छठे (रोग, ऋण व शत्रु) और सातवें (साझेदारी व दांपत्य) भाव को प्रभावित करेगा.

    रखें ये सावधानियां: व्यापारिक साझेदार (Business Partner) या जीवनसाथी के साथ संवादहीनता के कारण मतभेद हो सकते हैं. जल्दबाजी में कोई भी नया अनुबंध (Contract) साइन न करें. अपनी सेहत का ध्यान रखें और काम के तनाव को खुद पर हावी न होने दें.

    वृश्चिक राशि (Scorpio)
    अशुभ प्रभाव: आपकी राशि के स्वामी मंगल के ही नक्षत्र में बुध का जाना आपके खर्चों और मानसिक तनाव को बढ़ा सकता है.

    रखें ये सावधानियां: आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी बरतें; बिना सोचे-समझे किया गया बड़ा निवेश नुकसान पहुंचा सकता है. गुप्त शत्रु आपके खिलाफ साजिश रच सकते हैं, इसलिए अपनी गुप्त बातें किसी से साझा न करें. वाणी पर नियंत्रण रखें, अन्यथा बनते हुए काम बिगड़ सकते हैं.

    मीन राशि (Pisces)
    अशुभ प्रभाव: बुध आपके सातवें और आठवें (अष्टम – रुकावटें व अचानक उतार-चढ़ाव) भाव के स्वामी होकर चित्रा नक्षत्र से गुजरेंगे.

    रखें ये सावधानियां: कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों या सहकर्मियों के साथ बातचीत करते समय संयम बनाए रखें. इस दौरान पैसों के लेन-देन में लापरवाही न बरतें. अचानक कुछ अप्रत्याशित खर्चे सामने आ सकते हैं, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है. वाहन चलाते समय सावधानी रखें.

    बुध के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
    – प्रतिदिन या विशेषकर बुधवार के दिन भगवान श्री गणेश को दूर्वा (दूब घास) अर्पित करें और गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ करें.

    – इस अवधि के दौरान बहसबाजी से दूर रहें और कोई भी बड़ा निर्णय सोच-समझकर लें.

    – बुधवार के दिन किसी जरूरतमंद को हरी मूंग की दाल, हरे वस्त्र या पालक का दान करें.

  • बेसन और चावल के आटे से बनाएं बाजार जैसी क्रिस्पी चकली, जानें आसान रेसिपी

    बेसन और चावल के आटे से बनाएं बाजार जैसी क्रिस्पी चकली, जानें आसान रेसिपी

     शाम की चाय के साथ अगर कुछ क्रिस्पी और चटपटा खाने का मन हो तो चकली एक बढ़िया ऑप्शन है. चकली का कुरकुरा स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आता है. बाजार में कई तरह की चकली आसानी से मिल जाती है लेकिन आप इसे घर पर बनाते हैं तो अपने स्वाद के हिसाब से मसाले कम या ज्यादा कर सकते हैं. आज हम आपको बेसन और चावल के आटे से बाजार जैसी क्रिस्पी और चटपटी चकली बनाना बताएंगे, जिससे आप इसे आसानी से घर पर तैयार कर सकते हैं.

    इसे बनाकर आप कई दिनों तक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर भी कर सकते हैं और जब मन करे चाय के साथ इसका आनंद ले सकते हैं. तो अगर आप भी कुछ नया और टेस्टी स्नैक घर पर बनाना चाहते हैं तो बेसन चकली ट्राई कर सकते हैं. आइए जानते हैं बेसन से क्रिस्पी और टेस्टी चकली बनाने की आसान रेसिपी.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    2 कप बेसन
    1 कप चावल का आटा
    1 छोटी चम्मच लाल मिर्च पाउडर
    ¼ छोटी चम्मच हल्दी पाउडर
    ½ छोटी चम्मच अजवाइन
    1 बड़ा चम्मच तिल
    2 बड़े चम्मच घी या तेल (मोयन के लिए)
    नमक स्वादानुसार
    पानी जरूरत के अनुसार
    तेल तलने के लिए

    बेसन चकली बनाएंगे कैसे?

    • बेसन चकली बनाने के लिए सबसे पहले एक बड़े बाउल में बेसन, चावल का आटा, तिल, अजवाइन, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें मोयन के लिए घी या तेल डालें और हाथों से अच्छी तरह मिक्स करें, ताकि घी आटे में अच्छी तरह मिल जाए.
    • इसके बाद इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए नरम आटा गूंध लें. ध्यान रखें कि आटा बहुत ज्यादा नरम न हो, वरना चकली का शेप बनाने में परेशानी हो सकती है. आटा तैयार होने के बाद इसे कुछ देर के लिए ढककर रख दें.
    • अब चकली मेकर में स्टार शेप वाली प्लेट लगाएं और उसमें तैयार आटा भर दें. एक प्लास्टिक शीट या बटर पेपर पर हल्का सा तेल लगाएं. इसके बाद चकली मेकर की मदद से गोल-गोल चकली बनाएं. चकली बनाते समय ध्यान रखें कि इसका आकार एक जैसा रहे और चकली टूटे नहीं.
    • अब एक कड़ाही में तेल डालकर मीडियम आंच पर गर्म करें. तेल ज्यादा तेज गर्म न हो, वरना चकली बाहर से जल्दी ब्राउन हो सकती है और अंदर से कच्ची रह सकती है. तेल गर्म होने पर चकली को सावधानी से कड़ाही में डालें और दोनों तरफ से सुनहरा और क्रिस्पी होने तक तलें.
    • तली हुई चकली को टिश्यू पेपर पर निकाल लें, ताकि जो एक्स्ट्रा तेल हो निकल जाए. चकली को पूरी तरह ठंडा होने दें.
    • इसके बाद इसे एयरटाइट कंटेनर में भरकर रखें. इस तरह आप घर पर आसानी से बेसन की क्रिस्पी और टेस्टी चकली तैयार कर सकते हैं.

     

  • ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, 45वें दिन भी ₹13.75 करोड़ की कमाई

    ‘हनुमान अंश’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, 45वें दिन भी ₹13.75 करोड़ की कमाई

    नीम करोली बाबा वाली फिल्म हनुमान अंश हर दिन रिकॉर्ड बना रही है. बॉक्स ऑफिस पर छह हफ्ते बीत जाने के बावजूद, इसकी कमाई हर दिन और बड़ी होती जा रही है. अभी तक इसके सामने जो फिल्म लगी है, उसका भी सफर लगभग खत्म सा हो चला है. मगर हनुमान अंश रुकने का नाम नहीं ले रही, और इतिहास बनाए जा रही है.

    इस हफ्ते भी हनुमान अंश का दबदबा नजर आया. नई फिल्मों के बावजूद, इसने थिएटर में ज्यादा स्क्रीन्स पर अपना कब्जा जमाया हुआ था. दूसरी तरफ वाइब और दायरा, जो दो नई फिल्में तीन दिन पहले रिलीज हुई हैं उन्हें कम स्क्रीन्स के साथ काम चलाना पड़ रहा है. हालांकि इसके बावजूद, वो फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर टिकती हुई नजर आई हैं.

    हनुमान अंश के नाम एक और रिकॉर्ड
    सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, हनुमान अंश अपने 45वें दिन भी डबल डिजिट में कमाई करके गई. संडे को इसने 13.75 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड तोड़ नेट कलेक्शन किया, और अपनी कुल नेट कमाई 271.88 करोड़ रुपये तक पहुंचाई. वहीं, वर्ल्डवाइड फिल्म की कमाई 347 करोड़ के आसपास पहुंच चुकी है. आज ये ऑफिशियली 350 करोड़ के क्लब में एंट्री मार लेगी. देशभर में हनुमान अंश के करीब 7628 शोज लगे थे, जहां 40% की एवरेज ऑक्यूपेंसी नेट की गई. लोग अब भी नीम करोली बाबा की फिल्म देखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

    वाइब-दायरा भी जुटा रही ऑडियंस
    वहीं दूसरी ओर, दायरा और वाइब जिन्होंने रिलीज के बाद बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत की थी अब वो भी अपनी रफ्तार पकड़ते नजर आ रहे हैं. सबसे पहले कुणाल खेमू की फिल्म वाइब की बात करें, तो उनकी ये कॉमेडी फिल्म ने संडे को अच्छा जंप देखा और 3 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन करने में कामयाब हुई. शनिवार के मुकाबले, रविवार को इसके शोज कम थे. मगर तब भी ऑडियंस इसे देखने पहुंची. पहला वीकेंड खत्म होने तक, फिल्म कुल 7.45 करोड़ रुपये कमा चुकी है. कुणाल की फिल्म ने हनुमान अंश जैसी ब्लॉकबस्टर के सामने टिकने का काम किया है.

    दूसरी तरफ करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन की फिल्म दायरा भी अपना दम दिखा रही है. इसे बाकी दोनों फिल्मों के मुकाबले कम शोज मिल रहे हैं, लेकिन तब भी फिल्म ने अपने तीसरे दिन 1.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया. पहले वीकेंड तक करीना की फिल्म कुल 4.50 करोड़ रुपये कमा पाई. वाइब और दायरा के शोज की अगर बात करें, तो दोनों मिलकर भी हनुमान अंश के आधे शोज की बराबरी पर नहीं हैं. अगर आने वाले दिनों में इन दो नई फिल्मों को और शोज मिलते हैं, तो इनकी कमाई में भी अच्छा जंप देखने मिल सकता है.