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  • CG में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल 7 दिन के लिए टली

    CG में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल 7 दिन के लिए टली

    रायपुर.

    छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में जूनियर डॉक्टर की हड़ताल को 7 दिन के लिए टाल दिया है। रविवार को JDA के प्रतिनिधिमंडल की स्वास्थ्य मंत्री के साथ डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टरों की विभिन्न मांगों को लेकर बातचीत हुई।

    मंत्री ने मांगों के समाधान के लिए 7 दिन का समय मांगा है। JDA ने मंत्री के आश्वासन के बाद हड़ताल फिलहाल स्थगित करने का फैसला लिया है। इस दौरान डॉक्टर अपनी नियमित ड्यूटी और चिकित्सा सेवाएं जारी रखेंगे।

    7 दिन में समाधान की उम्मीद
    JDA ने बताया कि बातचीत में संगठन की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने इन मांगों के निराकरण की दिशा में जरूरी कार्रवाई के लिए 7 दिन का समय मांगा है। संगठन का कहना है कि वह सरकार के साथ बातचीत के जरिए मांगों का समाधान चाहता है। साथ ही मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा।

    हड़ताल टली, विरोध जारी रहेगा
    अनिश्चितकालीन हड़ताल भले ही 7 दिन के लिए टाल दी गई है, लेकिन JDA शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाता रहेगा। इस दौरान डॉक्टरों की ओर से अलग-अलग विरोध कार्यक्रम किए जाएंगे।इनमें ब्लैक रिबन प्रोटेस्ट ,कैंडल मार्च रैली और शांतिपूर्ण प्रदर्शन अन्य लोकतांत्रिक विरोध कार्यक्रम शामिल हैं।

    7 दिन बाद फिर तय होगी रणनीति
    JDA ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि 7 दिन के भीतर सरकार की ओर से मांगों के समाधान को लेकर ठोस फैसला लिया जाएगा। अगर तय समय में मांगों का अपेक्षित समाधान नहीं होता है तो JDA की जनरल बॉडी आगे की रणनीति तय करेगी। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल समेत अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाने का फैसला भी लिया जा सकता है। संगठन ने कहा कि डॉक्टरों की मांगों के साथ-साथ मरीजों के हित और चिकित्सा सेवाओं की निरंतरता उसकी प्राथमिकता बनी रहेगी।

  • MP में 24 सितंबर से बारिश का आखिरी दौर, 20 जिले अब भी प्यासे

    MP में 24 सितंबर से बारिश का आखिरी दौर, 20 जिले अब भी प्यासे

    भोपाल
     देश में मानसून की पश्चिमी राजस्थान से विदाई शुरू हो गई है. मध्य प्रदेश में 30 सितंबर तक प्रदेश के उत्तर पश्चिमी क्षेत्रों से मानसून की विदाई शुरू हो जाएगी. प्रदेश में 22 जून को मानसून के आगमन हुआ था. मानसून सीजन के दौरान प्रदेश में करीब 20 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका. प्रदेश में अलीराजपुर जिले में सबसे कम बारिश हुई है. यहां बारिश का आधा कोटा ही पूरा हो सका। 

    हालांकि, मानसून की विदाई के पहले एक बार मानसून पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के एक दर्जन जिलों को तरबतर करेगा. अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्र के ऊपर बन रहे निम्न दबाव का क्षेत्र लगातार आगे बढ़ रहा है। 

    इन जिलों को भिगोने के बाद शुरू होगी विदाई
    अलनीनो की वजह से इस बार बारिश में कमी की आशंका जताई गई थी, इसका प्रदेश के कई हिस्सों में असर दिखाई दिया है. प्रदेश में औसतन 6 फीसदी कम बारिश हुई है. प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में औसत से 2 फीसदी कम और पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से 10 फीसदी कम बारिश हुई है. देश में मानसून की विदाई 19 सितंबर से शुरू हो गई है. पश्चिमी राजस्थान से मानसून ने विदा लेना शुरू कर दिया है. मध्य प्रदेश में 30 सितंबर से बारिश की विदाई शुरू होने जा रही है. हालांकि, विदाई के पहले प्रदेश में झमाझम बारिश होने की उम्मीद है। 

    मौसम वैज्ञानिक अरूण शर्मा के मुताबिक "अंडमान सागर और आसमान क्षेत्र के ऊपर स्थित निम्न दवाब का क्षेत्र आगे बढ़ रहा है. इसके चलते 23 और 24 सितंबर को प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र के जिलों में अच्छी बारिश होगी. इसके चलते जिन जिलों में कम बारिश हुई है, वहां भी बारिश के कोटे में सुधार की उम्मीद है। 

    दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले मध्य प्रदेश में बारिश का दौर रहेगा। मौसम विभाग ने 24 सितंबर से कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे पहले रिमझिम जारी रहेगी। प्रदेश में अब तक औसत 33.9 इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार तक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) उत्तर अंडमान सागर एवं आसपास के क्षेत्र के ऊपर स्थित था। रविवार को यह आगे बढ़ गया। इसके आगे बढ़ने और 21 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन और 22 सितंबर को डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। ऐसा होने से 24 सितंबर से कई जिलों में तेज बारिश शुरू होगी। इस दिन प्रदेश के छतरपुर, सतना, दमोह, डिंडौरी, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    इससे पहले रविवार रात को भोपाल के कई इलाकों में तेज पानी गिरा। नर्मदापुरम में हवा चलने के बाद करीब पौन घंटे बारिश हुई। फेफरताल में 33 केवी लाइन पर पेड़ गिर गया। बिजली गुल होने से शहर का करीब 40 फीसदी हिस्सा अंधेरे में डूबा रहा। रसूलिया, आशुतोष नगर और हरदा रोड स्थित महाराणा प्रताप मार्केट में गणेश पंडालों को नुकसान पहुंचा।

    32 जिलों में 5% से 49% तक कम बारिश
    प्रदेश के पूर्वी हिस्से- जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में 1% तक कम बारिश हुई है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर, सिवनी में 5% से 24% तक कम बारिश हुई है। पिछले एक सप्ताह में यह आंकड़ा काफी सुधरा है। रविवार तक आंकड़ा माइनस में 2 प्रतिशत रहा।

    वहीं, पश्चिमी हिस्से के आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में औसत से 5% से 49% कम पानी गिरा है।

    मध्य प्रदेश के 20 जिले रह गए प्यासे
    मध्य प्रदेश में 1 जून से 20 सितंबर तक के आंकड़ों को देखा जाए तो मध्य प्रदेश के 20 जिलों में 10 फीसदी से लेकर 49 फीसदी तक कम बारिश हुई है. प्रदेश में सबसे कम बारिश अलीराजपुर जिले में हुई है. यहां बारिश का कोटा आधा ही पूरा हो सका. अलीराजपुर के अलावा कई जिले हैं जहां बारिश का कोटा पूरा नहीं हो सका. इसके अलावा विदिशा, नर्मदापुरम, रायसेन जैसे जिलों में भी कम बारिश हुई है, जहां बड़े पैमाने पर गेहूं और धान की फसल होती है. कम बारिश से यह फसलें प्रभावित होंगी। 

    इसके अलावा इंदौर, उज्जैन में भी सामान्य से कम बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि राजधानी भोपाल में सामान्य से 12 फीसदी ज्यादा बारिश हुई और भोपाल का बड़ा तालाब भरने से भदभदा और फिर कलियासोत डैम के गेट भी खोलने पड़े हैं। 

    मध्य प्रदेश के बांधों में पहुंचा भरपूर पानी
    हालांकि, मध्य प्रदेश के कई जिलों में सामान्य से कम बारिश के बाद भी प्रदेश में गर्मी के सीजन में पानी की किल्लत का सामना नहीं करना होगा. प्रदेश के बांधों में भरपूत पानी पहुंचा है. प्रदेश के बड़े बांध 80 फीसदी और उससे ज्यादा भर चुके हैं. मंदसौर जिले में आने वाला गांधी सागर बांध 79.35 फीसदी भर चुका है, जबकि तवा बांध 87.26 फीसदी भर चुका है. जबलपुर के बरगी बांध का बारिश में कई बार गेट खोलना पड़ा है. यह बांध पूरी तरह से लबालब हो चुका है। 

    यही स्थिति बाणसागर डैम की है. प्रदेश के 45 प्रमुख बांधों में से 34 बांध 80 फीसदी से ज्यादा भर चुके हैं, इनमें प्रदेश के सभी बड़े बांध शामिल हैं. प्रदेश में ऐसा कोई बांध नहीं है, जो 50 फीसदी से कम भरा हो. सबसे कम जल भराव वाला बांध ओंकारेश्वर है, वह भी 69.84 फीसदी पानी भर चुका है। 

    इन 23 जिलों में ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में ही औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई।

    जून में सूखा, जुलाई-अगस्त में अच्छी बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, जून में 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई के शुरुआती दिनों में तेज बारिश होने से यह बढ़ गया। इसके बाद मानसून दो बार ब्रेक हुआ और कई दिन तक बारिश नहीं हुई।

    आखिरी सप्ताह में फिर से स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। बावजूद इसके 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है। हालांकि, जुलाई और फिर अगस्त का भी फुल हो गया, लेकिन जून की भरपाई नहीं हो पाई। यही वजह से अब तक भी प्रदेश में 6 प्रतिशत कम पानी गिरा है।

    प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है।

    भोपाल में 4 साल से कोटे से ज्यादा बारिश
    भोपाल में सितंबर महीने की औसत बारिश 7 इंच है, लेकिन पिछले 5 साल से कोटे से ज्यादा पानी बरस रहा है। ओवरऑल रिकॉर्ड की बात करें तो साल 1961 में पूरे सितंबर माह में 30 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, 24 घंटे में सर्वाधिक 9.2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 2 सितंबर 1947 को बना था।

    इस महीने औसत 8 से 10 दिन बारिश होती है। वहीं, दिन में तापमान 31.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

  • माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने की यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने की यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने की यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 की तैयारियों की समीक्षा, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

    प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर और उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करेगा यूपीआईटीएस-2026

    ओडीओपी स्टॉल्स, स्थानीय कलाकारों और युवाओं की भागीदारी पर जोर

    युवाओं को प्रत्यक्ष अनुभव और उद्यमिता के अवसर प्रदान करने का महत्वपूर्ण मंच होगा ट्रेड शोः मा0 मुख्यमंत्री

    उत्तर प्रदेश के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था लक्ष्य को गति देने के लिए चौथे संस्करण में शामिल होंगे 06 भागीदार देश, 600 अंतर्राष्ट्रीय खरीदार और 20 से अधिक उच्च-प्रभाव वाले नॉलेज सेशन

    गौतमबुद्धनगर
          उत्तर प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के सभागार में प्रशासनिक, प्राधिकरण एवं पुलिस अधिकारियों के साथ आगामी उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (UPITS-2026) की तैयारियों की समीक्षा की। मा0 मुख्यमंत्री जी ने आयोजन की सफलता, सुरक्षा, व्यवस्थापन, विदेशी मेहमानों एवं आगंतुकों की सुविधा तथा सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो प्रदेश की समृद्ध परंपरा, हुनर, स्थानीय उत्पादों एवं औद्योगिक क्षमताओं को वैश्विक मंच प्रदान करने के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया जैसे अभियानों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

          मा0 मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस संस्करण के लिए अंतर्राष्ट्रीय आउटरीच के बेहतरीन परिणाम सामने आए हैं, जिसके तहत 06 प्रमुख भागीदार देशों- जापान, वियतनाम, रूस, सिंगापुर, ऑस्ट्रिया और बेलारूस के साथ सक्रिय साझेदारी स्थापित की गई है। इन देशों के प्रतिनिधिमंडल समर्पित प्रीमियम फोयर पवेलियन, द्विपक्षीय व्यावसायिक सत्रों और संरचित बी2बी बैठकों के माध्यम से भाग लेंगे। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ और विदेशी भारतीय मिशनों के समन्वित प्रयासों से 72 देशों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग 600 अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के इस आयोजन में भाग लेने की संभावना है। उन्होंने निर्देश दिये कि विदेशी खरीदारों और प्रदर्शकों के लिए उचित आवास की व्यवस्था की जाये। भाग लेने वाले देशों के उच्चायुक्तों के लिए संपर्क अधिकारी (लायजन ऑफिसर) नियुक्त किए जाएं और आगंतुकों तथा प्रतिनिधियों की सहायता के लिए गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय एवं तकनीकी विश्वविद्यालयों के छात्रों को वाॅलिंटियर्स के रूप में तैनात किया जाए। 
          मा0 मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को माननीय केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ उचित रूप से जोड़ा जाना चाहिए और मंत्री, उद्योगों तथा व्यापारिक प्रतिनिधियों के बीच सार्थक बातचीत को सुगम बनाने के लिए अतिरिक्त बैठकें आयोजित की जाये तथा प्रसिद्ध वक्ताओं के साथ नॉलेज सेशन संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि टेक्निकल सेशन में उत्तर प्रदेश शासन के संबंधित विभागों के मंत्रियों एवं प्रमुख सचिवों को आवश्य आमंत्रित किया जाए, ताकि महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श एवं विभागीय समन्वय सुनिश्चित हो सके। नॉलेज सेशन में जनता की भागीदारी को भी प्रोत्साहित और सुनिश्चित किया जाना सुनिश्चित करें। 

          माननीय मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि यूपीआईटीएस 2026 में नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के साथ-साथ अवध, बुंदेलखंड और ब्रज क्षेत्रों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे यह आयोजन उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विविधता का एक सच्चा प्रतिनिधित्व बन सके। इस दृष्टिकोण को साकार करने के लिए 25 सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के स्लॉट तैयार किए गए हैं, जिनमें कथक नृत्य, पखावज और सितार वादन, भोजपुरी और आल्हा लोक गायन, राई और थारू जनजातीय नृत्य तथा स्टार म्यूजिकल नाइट्स शामिल हैं। 
          माननीय मुख्यमंत्री ने आयोजन के दौरान संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात, पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, भोजन और पेयजल की व्यापक व्यवस्था करने की आवश्यकता पर बल दिया। तीनों संबंधित प्राधिकरणों को स्वच्छता, सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए परस्पर समन्वय बनाना होगा। आयोजन स्थल स्वच्छ, व्यवस्थित और प्लास्टिक-मुक्त रहना चाहिए, जिसके प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएं। सभी सरकारी विभागों को 23 सितंबर तक अपने स्टॉल लगाने का काम पूरा करने का निर्देश दिया गया, उन्होंने प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स, पोस्टर और दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाने तथा अतिरिक्त टावर लगाकर नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाने और विश्वसनीय इंटरनेट व वाई-फाई सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए टेलीकॉम कंपनियों से संपर्क करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाये और रील्स या सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय आगंतुकों को मर्यादा बनाए रखने व सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाये। 

          मा0 मुख्यमंत्री जी ने सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियों एवं दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करते हुए सभी तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर अंतिम रूप प्रदान करें। उन्होंने सभी विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अव्यवस्था अथवा कमी न रह जाए। आयोजन की सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, आवास, आगंतुक सुविधाओं एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 का आयोजन सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

          पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने माननीय मुख्यमंत्री को यूपीआईटीएस 2026 के लिए यातायात योजना और व्यवस्थाओं के बारे में अवगत कराया। आगंतुकों, प्रदर्शकों, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों और आम जनता की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए स्थल तक जाने और वहां से आने वाले सभी मार्गों की समीक्षा और अद्यतन किया गया है। सभी प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए फ्रिस्किंग (जांच) और भीड़-प्रबंधन उपायों सहित व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। संभावित फुटफॉल को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए निरंतर निगरानी के साथ प्रमुख प्रवेश और निकास बिंदुओं पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मी तैनात किए जाएंगे। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री को आयोजन स्थल तक आवागमन की सुविधा के साथ-साथ आगंतुकों और प्रदर्शकों के लिए निर्दिष्ट पार्किंग सुविधाओं की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी दी। भीड़भाड़ को कम करने और आगंतुकों के लिए एक सहज अनुभव सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमन, मार्ग प्रबंधन और पार्किंग संचालन का समन्वय किया जाएगा। सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल और भीड़-नियंत्रण उपायों को मजबूत किया गया है, तथा संबंधित टीमों को पूरे आयोजन के दौरान सतर्क और तत्पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। 

          साइट की तैयारी, यातायात प्रबंधन और आगंतुक सुविधाओं के संबंध में स्थानीय प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने व्यापक व्यवस्था की है। पार्किंग क्षेत्रों और प्रदर्शनी स्थल के बीच आगंतुकों के लिए पर्यावरण-अनुकूल और परेशानी मुक्त परिवहन की सुविधा के लिए 500 से अधिक ईवी शटल बसें चलाई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, आने वाले अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों और वीवीआईपी की सहायता के लिए नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक समर्पित यूपीआईटीएस सुविधा काउंटर संचालित किया जा रहा है। एनएमआरसी मेट्रो लाइनों, शहर की बसों के रैप्स, मल्टीप्लेक्स सिनेमा स्क्रीन, रेडियो और डिजिटल चैनलों पर बहु-चैनल प्रचार अभियान चलाए जा रहे हैं, जिन्होंने मेटा प्लेटफॉर्म्स पर पहले ही 1.3 करोड़ (13 मिलियन) से अधिक वीडियो व्यूज हासिल कर लिए हैं। खरीदारों, प्रदर्शकों और मेहमानों की सहायता के लिए सीएम फेलो, उद्यमी मित्र और गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय व अन्य क्षेत्रीय संस्थानों के युवा स्वयंसेवक मौके पर तैनात हैं। 

          जिलाधिकारी ने बताया कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशंस, औद्योगिक संगठनों, जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय स्कूलों और कॉलेजों के प्रशासकों और प्रतिनिधियों के साथ लक्षित समन्वय बैठकें की गई हैं। Gen-Z  और स्कूली छात्रों की भारी भागीदारी को प्रेरित करने के लिए, जिले ने एक डिजिटल रील चैलेंज, एक यंग एंटरप्रेन्योर प्रतियोगिता और युवाओं को जोड़ने तथा यूपीआईटीएस 2026 के दौरान उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन की गई विशेष क्विज सहित संवाद स्थापित करने के लिए युवा पहलों की एक श्रृंखला की योजना बनाई है। 

          इस वर्ष की केंद्रीय थीम ‘अद्वितीय सोर्सिंग का अद्भुत मंच से प्रेरित, यूपीआईटीएस 2026 में वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राफ्ट, सीएम युवा, एमएसएमई, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी, रक्षा और एयरोस्पेस, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक वाहन, फार्मा और हेल्थकेयर, टेक्सटाइल और हथकरघा, टाउन ऑफ एक्सीलेंस एक्सपोर्टर्स, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट (क्रेडाई), तथा पर्यटन और संस्कृति जैसे प्रमुख विकास चालकों का व्यापक प्रदर्शन होगा। मजबूत औद्योगिक गति का प्रदर्शन करते हुए, भूतल और द्वितीय तल के हॉलों में 36,500 वर्ग मीटर प्रदर्शनी स्थान पहले ही बुक किया जा चुका है, जिसमें भाग लेने वाले औद्योगिक विकास प्राधिकरणों और कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए पूर्ण ले-आउट को अंतिम रूप दे दिया गया है, जो उत्तर प्रदेश की क्षमता के वैश्विक प्रदर्शन के लिए पूरी तरह तैयार है।

          इस अवसर पर मा0 मंत्री एम0एस0एम0ई0 भूपेन्द्र सिंह चौधरी, मा0 राज्यमंत्री लोक निर्माण विभाग बृजेश सिंह, मा0 राज्यमंत्री एम0एस0एम0ई0 हंसराज विश्वकर्मा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना एव औद्योगिक विकास दीपक कुमार, आयुक्त अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, ए0डी0जी0 मेरठ जोन भानू भास्कर, मण्डलायुक्त मेरठ भानू चन्द्र गोस्वामी सहित प्रशासन, प्राधिकरण तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहें।
          सौजन्य से सूचना विभाग गौतमबुद्धनगर।

  • ग्वालियर नगर निगम के बेड़े में जुड़ेंगे 29 नए टिपर, 286 होगी वाहनों की संख्या

    ग्वालियर नगर निगम के बेड़े में जुड़ेंगे 29 नए टिपर, 286 होगी वाहनों की संख्या

    ग्वालियर
     दीपावली से पहले शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर करने के लिए नगर निगम के बेड़े में 29 नए टिपर वाहन शामिल होने जा रहे हैं। इनमें पहले चरण के 19 वाहनों में से आठ की डिलीवरी हो चुकी है। बाकी 11 वाहन एक सप्ताह में आने की संभावना है।

    286 हो जाएगी वाहनों की संख्या
    इसके अलावा 10 और टिपर वाहनों का टेंडर जारी किया गया है, जिसे जल्द खोला जाएगा। नए वाहनों के शामिल होने के बाद निगम के टिपर वाहनों की संख्या 257 से बढ़कर 286 हो जाएगी। इससे 66 वार्डों में कचरा संग्रहण के लिए वाहनों की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी है।

    18 प्रतिशत क्षेत्रों में नहीं पहुंच रहे वाहन
    निगम के सर्वे में सामने आया था कि करीब 82 प्रतिशत क्षेत्रों में कचरा संग्रहण वाहन पहुंच रहे हैं, जबकि 18 प्रतिशत क्षेत्रों में अभी वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं।

    चूंकि, दीपावली के दौरान घरों और बाजारों से सामान्य दिनों की तुलना में अधिक कचरा निकलने की संभावना है। ऐसे में निगम का जोर अतिरिक्त वाहनों के माध्यम से संग्रहण व्यवस्था को सुचारू रखने पर है।

     

  • MP में 26 ट्रेनें प्रभावित, श्रीधाम एक्सप्रेस के 19 और राज्यरानी के 7 फेरे रद्द

    MP में 26 ट्रेनें प्रभावित, श्रीधाम एक्सप्रेस के 19 और राज्यरानी के 7 फेरे रद्द

     जबलपुर
    बीना-आगासौद के बीच यार्ड रीमाडलिंग के चलते जबलपुर और आसपास के यात्रियों की कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस के 19 फेरे निरस्त किए गए हैं।

    गाड़ी संख्या 12192 जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन श्रीधाम एक्सप्रेस 26 सितंबर से 14 अक्टूबर तक और ट्रेन 12191 हजरत निजामुद्दीन-जबलपुर श्रीधाम एक्सप्रेस 27 सितंबर से 15 अक्टूबर तक निरस्त रहेगी।

    बीना-कटनी मुड़वारा मेमू के फेरे 15 अक्टूबर तक
    इसी तरह बीना-कटनी मुड़वारा मेमू के दोनों दिशाओं के 19-19 फेरे 21 सितंबर तथा 28 सितंबर से 15 अक्टूबर तक रद रहेंगे। भोपाल-दमोह राज्यरानी एक्सप्रेस के सात-सात फेरे भी नौ से 16 अक्टूबर के बीच प्रभावित होंगे। रानी कमलापति-संतरागाछी हमसफर और भोपाल-खजुराहो महामना एक्सप्रेस का भी एक-एक फेरा निरस्त रहेगा।

    कटनी-बीना मेमू 15 अक्टूबर तक खुरई तक चलेगी
    कटनी-बीना मेमू 29 सितंबर से 15 अक्टूबर तक बीना के बजाय खुरई तक चलेगी और वापसी में खुरई से शुरू होगी। बिलासपुर-भोपाल एक्सप्रेस बीना मालखेड़ी जंक्शन तक शॉर्ट टर्मिनेट होगी। भोपाल-बीना मेमू सहित चार ट्रेनों का संचालन मंडीबमौरा तक सीमित रहेगा।

     

  • एशियन गेम्स 2026: भारत ने पाकिस्तान को 3-0 से रौंदा, टेबल टेनिस में धमाकेदार जीत

    एशियन गेम्स 2026: भारत ने पाकिस्तान को 3-0 से रौंदा, टेबल टेनिस में धमाकेदार जीत

    नई दिल्ली
     भारत और पाकिस्तान के खेल मुकाबले हमेशा से ही फैंस का दिल थामकर देखने वाले होते हैं। जब भी ये दोनों टीमें किसी भी खेल में आमने-सामने आती हैं, तो रोमांच अपने चरम पर होता है। हाल ही में महिला एशिया कप के क्रिकेट मुकाबले में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को बुरी तरह धोया था। अब ठीक वैसा ही नजारा एशियन गेम्स 2026 के टेबल टेनिस कोर्ट पर भी देखने को मिला है। आइची-नागोया में खेले गए महिला टेबल टेनिस टीम मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को एकतरफा अंदाज में 3-0 से हराकर अगले दौर का टिकट कटा लिया है। इस पूरे मुकाबले में पाकिस्तानी पैडलर्स भारतीय खिलाड़ियों के सामने बेबस नजर आईं और पूरी टीम का क्लीन स्वीप हो गया।

    सुतीर्था मुखर्जी ने दिलाई तूफानी शुरुआत
    मुकाबले के पहले मैच से ही भारतीय पैडलर्स ने पाकिस्तान पर दबाव बनाना शुरू कर दिया था। भारत की अनुभवी खिलाड़ी सुतीर्था मुखर्जी ने पहले मैच में पाकिस्तान की अलीना को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया। सुतीर्था ने बिना कोई मौका दिए यह मैच 11-3, 11-3, 11-4 से अपने नाम किया और भारत को 1-0 की मजबूत बढ़त दिला दी।

    सिंड्रेला दास ने 2-0 से आगे किया भारत
    शुरुआती बढ़त मिलने के बाद दूसरे मुकाबले में उतरीं भारत की युवा खिलाड़ी सिंड्रेला दास। सिंड्रेला ने पाकिस्तान की कुलसूम खान के खिलाफ शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने सीधे सेटों में 11-6, 11-7, 11-5 से एकतरफा जीत दर्ज करते हुए भारत की बढ़त को 2-0 कर दिया। इस जीत के साथ ही पाकिस्तान की वापसी की बची-कुची उम्मीदें भी लगभग खत्म हो गई थीं।

    श्रीजा अकुला ने सील की ऐतिहासिक जीत
    3-0 से सूपड़ा साफ करने की जिम्मेदारी भारत की स्टार खिलाड़ी श्रीजा अकुला के कंधों पर थी। श्रीजा ने तीसरे मैच में पाकिस्तान की फातिमा खान को संभलने तक का मौका नहीं दिया। महज कुछ ही मिनटों में श्रीजा ने फातिमा को 11-4, 11-4, 11-5 से धूल चटा दी। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान को 3-0 से मात देकर एशियन गेम्स के अगले राउंड में धमाकेदार अंदाज में अपनी जगह पक्की कर ली।

  • गणपति विसर्जन की तारीख तय, 25 सितंबर को इस विधि से दें बप्पा को विदाई

    गणपति विसर्जन की तारीख तय, 25 सितंबर को इस विधि से दें बप्पा को विदाई

    गणपति भगवान का अपने घर में स्वागत करना यानी उन्हें विधि-विधान से विराजमान करना भक्तों के लिए बेहद शुभ और भावनात्मक अवसर होता है. कोई एक दिन के लिए गणपति जी को विराजमान करता है, तो कोई डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या अपनी सुविधा और परंपरा के अनुसार अधिक दिनों तक उनकी सेवा करता है. लेकिन जितने सम्मान और श्रद्धा के साथ हम गणपति जी को अपने घर बुलाते हैं, उतने ही सम्मान के साथ उनकी विदाई भी करनी चाहिए. गणपति विसर्जन केवल मूर्ति को जल में प्रवाहित करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसके साथ पूजा की एक पूरी विधि जुड़ी होती है.

    तो आखिर गणपति विसर्जन कब किया जाएगा और गणपति जी को विदाई किस तरह दी जाती है? क्या गणपति जी का वास्तव में विसर्जन होता है और विसर्जन के समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए जानते हैं.

    गणेश विसर्जन तिथि (Ganesh Visarjan 2026 Date)
    द्रिक पंचांग के अनुसार, गणेश विसर्जन की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 25 सितंबर को रात 11 बजकर 6 मिनट पर होगी.

    इसी कारण गणेश विसर्जन 25 सितंबर, शुक्रवार को किया जाएगा.

    गणेश विसर्जन के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त
    प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत)- सुबह 06 बजकर 11 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 42 मिनट तक

    अपराह्न मुहूर्त (चर)- शाम 4 बजकर 44 मिनट से लेकर 6 बजकर 14 मिनट तक

    अपराह्न मुहूर्त (शुभ)- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 1 बजकर 43 मिनट तक

    रात्रि मुहूर्त (लाभ)- रात 9 बजकर 14 मिनट से लेकर 10 बजकर 43 मिनट तक.

    रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर)- 12:13 ए एम से 04:42 ए एम, सितम्बर 26

    गणपति विसर्जन से पहले करें उत्तर पूजन
    गणपति जी की स्थापना के दिन से लेकर जितने दिनों तक आपने उनकी सेवा और पूजा की है, विसर्जन के दिन सबसे पहले उत्तर पूजन किया जाता है. उत्तर पूजन का अर्थ है गणपति जी की अंतिम पूजा, जिसके बाद उनकी विधिवत विदाई की जाती है. उत्तर पूजन की प्रक्रिया काफी हद तक उसी तरह होती है, जैसे आपने स्थापना के समय गणपति जी का पूजन किया था.

    सबसे पहले गणपति जी को स्नान कराया जाता है. परंपरा के अनुसार पहले सामान्य जल से स्नान कराया जाता है. इसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से पंचामृत स्नान कराया जा सकता है. इसके बाद दोबारा शुद्ध जल से स्नान कराया जाता है. कुछ लोग गणपति अथर्वशीर्ष के मंत्रों के साथ अभिषेक भी करते हैं. हालांकि, यदि आप अभिषेक नहीं करना चाहते हैं तो सामान्य स्नान और पूजा भी अपनी परंपरा के अनुसार कर सकते हैं.

    स्नान के बाद गणपति जी को पहनाएं वस्त्र
    स्नान के बाद गणपति जी को नए वस्त्र अर्पित किए जाते हैं. पहले उपवस्त्र अर्पित किया जाता है. इसके बाद यज्ञोपवीत धारण कराया जाता है और फिर ऊपर का वस्त्र अर्पित किया जाता है. इसके बाद गणपति जी को चंदन, अक्षत, दूर्वा, सिंदूर और सुगंधित द्रव्य अर्पित करें. फिर धूप और दीप दिखाएं.

    इसके बाद गणपति जी को नैवेद्य अर्पित करें. इसमें मोदक या आपकी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार अन्य प्रसाद रखा जा सकता है. नैवेद्य के बाद आचमन और ऋतु फल अर्पित करें. इसके बाद दक्षिणा और तांबूल यानी पान, सुपारी आदि अर्पित करने की परंपरा भी है. चाहें तो अंत में नारियल भी अर्पित कर सकते हैं. इसके बाद गणपति जी की आरती करें.

    पहले गौरी, फिर कलश और अंत में गणपति जी का पूजन
    यदि आपने गणपति स्थापना के समय मां गौरी और कलश की भी स्थापना की है, तो उत्तर पूजन में इनका भी पूजन किया जाता है. इस क्रम में पहले मां गौरी को अर्पण करें. इसके बाद कलश का पूजन करें और अंत में गणपति जी का पूजन करें. गणपति जी यहां प्रधान देवता माने जाते हैं, इसलिए उनका पूजन अंत में मुख्य रूप से किया जाता है.

    कैसे करें विसर्जन?
    कुछ पूजा परंपराओं में माना जाता है कि विसर्जन से पहले की मुख्य पूजा और आरती घर पर ही पूरी कर लेनी चाहिए. इसके बाद मूर्ति को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाया जाता है. वहां पहुंचकर स्थानीय परंपरा के अनुसार संक्षिप्त प्रार्थना करके विसर्जन किया जा सकता है. नदी या तालाब में प्लास्टिक, कपड़ा, फूल-माला या अन्य ऐसी सामग्री नहीं डालनी चाहिए, जो जल को प्रदूषित करें. आजकल कई जगह प्रशासन की ओर से कृत्रिम विसर्जन कुंड भी बनाए जाते हैं. पर्यावरण की दृष्टि से इनका उपयोग करना उचित विकल्प हो सकता है.

    कलश के जल का क्या करें?
    पूजा पूरी होने के बाद कलश के जल का घर में छिड़काव करने की परंपरा भी है. इसे पवित्रता और मंगल की भावना से किया जाता है. इसके बाद पूजा की सामग्री को सम्मानपूर्वक अलग करें. जो सामग्री विसर्जित करनी हो, उसे निर्धारित और स्वच्छ स्थान पर ही विसर्जित करें.

  • एशियन गेम्स 2026: भारत ने शूटिंग में जीता सिल्वर, 10 मीटर एयर राइफल टीम का कमाल

    एशियन गेम्स 2026: भारत ने शूटिंग में जीता सिल्वर, 10 मीटर एयर राइफल टीम का कमाल

    नई दिल्ली
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 के तीसरे दिन भारत के निशानेबाजों ने देश को बड़ी सफलता दिलाई है। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम इवेंट में हिमांशू ढिल्लों, पार्थ माने और रुद्राक्ष पाटिल की भारतीय तिकड़ी ने मिलकर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाला। आइची प्रेफेक्चरल जनरल शूटिंग गैलरी में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने कुल 1890.1 अंक हासिल किए और दूसरा स्थान प्राप्त किया।

    चीन के नाम रहा गोल्ड
    इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल चीन की टीम ने अपने नाम किया। सेंग लिहाओ, मा सिहान और झांग चांगहोंग की चीनी जोड़ी ने 1899.0 अंकों के कुल स्कोर के साथ नया क्वालीफिकेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। भारत इस इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने से थोड़े से के लिए चूक गया।

    इंडिविजुअल इवेंट के फाइनल में पहुंचे दो भारतीय शूटर
    टीम इवेंट में रजत पदक जीतने के साथ-साथ भारत के दो निशानेबाजों ने इंडिविजुअल 10 मीटर एयर राइफल इवेंट के फाइनल में भी अपनी जगह पक्की कर ली है। क्वालीफिकेशन दौर में भारत के स्टार शूटर रुद्राक्ष पाटिल 631.8 अंकों के स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर रहे, जबकि हिमांशू ढिल्लों ने 630.0 अंक हासिल कर सातवां स्थान हासिल किया और फाइनल का टिकट कटाया। वहीं, टीम के तीसरे सदस्य पार्थ माने 628.3 अंकों के साथ 10वें स्थान पर रहे और फाइनल की दौड़ से बाहर हो गए।

    चीन का दबदबा और दो-शूटर नियम का असर
    चीन के सेंग लिहाओ ने 635.4 अंकों का नया एशियन गेम्स क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाते हुए क्वालीफिकेशन राउंड में शीर्ष स्थान हासिल किया। उनके साथी मा सिहान 633.0 अंकों के साथ दूसरे और झांग चांगहोंग 630.6 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहे। हालांकि, शीर्ष आठ में जगह बनाने के बावजूद चांगहोंग फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके, क्योंकि एशियन गेम्स के नियमों के अनुसार एक देश से केवल दो ही निशानेबाज व्यक्तिगत फाइनल में हिस्सा ले सकते हैं।

  • नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत

    नवा रायपुर में सजेगी तीज उत्सव की रंगत

    विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में होगा आयोजन

    ​रायपुर

             ​छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति, आत्मीयता और पारंपरिक तिहारों की मिठास को सहेजने के उद्देश्य से नवा रायपुर में भव्य ‘तीज मिलन उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा की मेजबानी में यह गरिमामय उत्सव 22 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 12 बजे से संध्या 4 बजे तक एम.-12, सेक्टर-24, अटल नगर, नवा रायपुर में संपन्न होगा।  
            ​छत्तीसगढ़िया अस्मिता और पारंपरिक पर्वों के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में आयोजित इस विशेष समागम में प्रदेश की शीर्ष हस्तियों का जमावड़ा देखने को मिलेगा। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह अपनी धर्मपत्नी श्रीमती वीणा सिंह और  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ  विशेष रूप से उपस्थित रहकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इसके साथ ही राज्य के कई मंत्रीगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी इस सांस्कृतिक संध्या के साक्षी बनेंगे।  
           ​इस आयोजन के संदर्भ में मंत्री टंक राम वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पर्व केवल धार्मिक या सांस्कृतिक अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि ये आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक समरसता की मजबूत बुनियाद हैं। इस तीज मिलन उत्सव का मूल उद्देश्य अपनी समृद्ध परंपराओं और छत्तीसगढ़िया संस्कृति की मिठास को आपस में बांटना तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़कर रखना है। इस अवसर पर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों, लोक-संस्कृति के रंगों और तीजा पर्व के आत्मीय अनुष्ठानों का एक अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

  • बुलाई थी बैठक, हो गई कुश्ती, पीडीए मतलब ‘पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई’: ओम प्रकाश राजभर

    बुलाई थी बैठक, हो गई कुश्ती, पीडीए मतलब ‘पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई’: ओम प्रकाश राजभर

    बुलाई थी बैठक, हो गई कुश्ती, पीडीए मतलब ‘पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई’: ओम प्रकाश राजभर
     
    एटा-कासगंज में सपा नेताओं के विवाद पर ओम प्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव को घेरा
     
    अखिलेश को सलाह, बोले- जीतना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर दीजिए, हाल सब जगह एक सा
     
    बोले- टिकट बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं, सत्ता मिली नहीं और अभी से चढ़ गई ‘पैसे की गर्मी’
     
    कहा- राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने नेता भिड़ जाएं तो पार्टी के अनुशासन का हाल समझा जा सकता है
     
    राजभर का तंज- कार्यकर्ता की जगह अपराधी भरेंगे तो क्या होगा, बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय
     
     लखनऊ

     सुभासपा अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एटा-कासगंज में सपा नेताओं के बीच हुए विवाद को लेकर अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने तंज किया कि अखिलेश यादव ने बैठक चुनावी रणनीति बनाने के लिए बुलाई थी, लेकिन उनके सामने ही नेताओं में कुश्ती हो गई। उन्होंने पीडीए का नया मतलब भी “पैसा, दबंगई और आपसी लड़ाई” बताया।
     
    राजभर ने लिखा, “अखिलेश यादव जी! क्या से क्या हो गया, देखते-देखते। बुलाए थे बैठक और हो गई कुश्ती।” उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी में कार्यकर्ताओं की जगह अपराधियों को भरकर रखा जाएगा तो नतीजा ऐसा ही होगा। इसी के साथ उन्होंने कहावत लिखी, “बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय।”
     
    सत्ता मिली नहीं, अभी से ‘पैसे की गर्मी’
    राजभर ने एटा-कासगंज की बैठक में हुए विवाद और इसके बाद दोनों जिलों की पार्टी इकाइयां भंग किए जाने को लेकर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने अखिलेश की “पैसे की गर्मी” वाली टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि टिकट अभी बंटा नहीं, चुनाव आया नहीं और सत्ता मिली नहीं, लेकिन “पैसे की गर्मी” अभी से चढ़ गई है।
     
    उन्होंने कहा कि जिस पार्टी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने ही नेता आपस में भिड़ जाएं और अध्यक्ष को बैठक छोड़कर जाना पड़े, वहां अनुशासन का हाल समझा जा सकता है। राजभर ने कटाक्ष किया कि “सपा और अनुशासन” एक साथ नहीं आ सकते।
     
    प्रदेश की इकाई भी भंग कर दीजिए
    राजभर ने अखिलेश यादव पर तंज करते हुए कहा कि यदि पार्टी को चुनाव जिताना है तो प्रदेश की पार्टी इकाई भी भंग कर देनी चाहिए। सिर्फ एटा-कासगंज के नेताओं को ही “पैसों की गर्मी” नहीं आई है, बल्कि हाल सब जगह एक जैसा है। पोस्ट के अंत में उन्होंने “जय भारत, जय श्रीराम, जय श्रीकृष्ण, जय महाराजा सुहेलदेव” लिखा।