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  • Bank Holiday: कल 23 सितंबर को भी बंद रहेंगे बैंक, जानें छुट्टी की वजह

    Bank Holiday: कल 23 सितंबर को भी बंद रहेंगे बैंक, जानें छुट्टी की वजह

    नई दिल्ली

     कल बुधवार को बैंक बंद रहने वाले हैं। अगर आप कल 23 सितंबर को बैंक ब्रांच जाकर अपना काम निपटाने का प्लान कर रहे हैं तो पहले जान लीजिए कि आपके राज्य में बैंक खुले हैं या नहीं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कैलेंडर के मुताबिक कल बुधवार को बैंक कुछ राज्यों में बंद रहने वाले हैं। यहां जानिये कल किस राज्य में और क्यों बैंक बंद रहने वाले हैं।

    कल बुधवार 23 सितंबर को क्यों बंद रहेंगे बैंक?
    कल बुधवार 23 सितंबर को बैंक महाराजा हरि के जन्मदिवस के कारण बंद रहेंगे। कल बैंक इसके कारण जम्मू-कश्मीर में नहीं खुलेंगे। यहां सभी सरकारी और प्राइवेट सेक्टर बैंक जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा, एक्सिस, एचडीएफसी, आईसीआईसीआई जैसे तमाम बैंक बंद रहेंगे। जम्मू-कश्मीर के अलावा बैंक देश के बाकी सभी राज्यों में खुले रहेंगे।

    जम्मू-कश्मीर रियासत के अंतिम डोगरा शासक महाराजा हरि सिंह जी का जन्म 23 सितंबर 1895 को जम्मू में हुआ था। उन्हें एक दूरदर्शी और समाज सुधारक राजा के रूप में याद किया जाता है, जिन्होंने अपने शासनकाल के दौरान शिक्षा, बाल विवाह उन्मूलन, अस्पृश्यता विरोधी कानूनों और न्याय व्यवस्था के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव किए। 26 अक्टूबर 1947 को उन्होंने भारत के साथ जम्मू-कश्मीर के विलय पत्र पर हस्ताक्षर कर इस राज्य को भारत का हिस्सा बनाया।

    देश के बाकी राज्यों में कल खुली रहेंगी बैंक ब्रांच?
    कल जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के बाकि सभी राज्यों दिल्ली, यूपी, बिहार, महाराष्ट्र,कर्नाटक,ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, झारखंड, मध्यप्रदेश, तेलांगना आदि में बैंक खुले रहेंगे।

    आज 22 सितंबर को यहां बंद हैं बैंक
    आज मंगलवार 22 सितंबर को झारखंड में करमा पूजा की वजह से बैंक बंद है। झारखंड में करमा पूजा प्रकृति और कृषि से जुड़ा लोकल त्योहार है। इस दिन करम वृक्ष की डाली की पूजा की जाती है। मान्यता है कि करम देवता परिवार को सुख-समृद्धि, खुशहाली और रक्षा करते हैं।

    सितंबर में कब-कब बंद रहेंगे बैंक?

    22 सितंबर – करमा पूजा के कारण रांची में बैंक बंद रहने वाले हैं।

    23 सितंबर – महाराजा हरि सिंह जी के जन्मदिन के कारण जम्मू और श्रीनगर में बैंक बंद रहेंगे।

    25 सितंबर – इंद्रजात्रा के कारण गंगटोक में बैंक बंद रहने वाले हैं।

    26 सितंबर – चौथे शनिवार के कारण बैंक बंद रहेंगे।

    27 सितंबर – रविवार

  • NHAI-PWD की सड़कें जांच में फेल, ग्वालियर HC ने अफसरों की जिम्मेदारी तय की

    NHAI-PWD की सड़कें जांच में फेल, ग्वालियर HC ने अफसरों की जिम्मेदारी तय की

     ग्वालियर
    खराब सड़कों के लिए कुख्यात नगर निगम की सड़कों की गुणवत्ता फेल सामने आई लेकिन अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण(एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) जैसी एजेंसियों की सड़कें भी मानकों पर खरी नहीं उतर पाईं।

    नगर निगम के बाद अब एनएचएआई की मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा तक और पीडब्ल्यूडी की एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री की सड़क के अधिकांश नमूने फेल सामने आए।

    शहर की सड़कों की गुणवत्ता को लेकर दायर जनहित याचिका में सोमवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई।

    सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच के लिए गठित आयोग की रिपोर्ट में एनएचएआई के अधीन मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा मार्ग के अधिकांश नमूने फेल पाए गए हैं।

    आयोग की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि नेटवर्क सर्वे व्हीकल (एनएसवी) की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार भी सड़क निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं मिली।

    इसी तरह पीडब्ल्यूडी के अधीन एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री मार्ग से लिए गए अधिकांश नमूनों का भी यही हाल मिला।

    मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जीएस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने की। कोर्ट ने दोनों रिपोर्ट संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं और जवाब के लिए समय दिया है।

    कोर्ट ने आयोग के पूरे कार्य को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि अब संबंधित अधिकारियों और विभागों को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए ग्वालियर शहर के हित में काम करना चाहिए।

    कोर्ट ने उम्मीद जताई कि अलग-अलग विभागों में पदस्थ अधिकारी भी शहर के हित में काम करने के लिए आगे आएंगे।

    छह माह में होना था सर्वे, दस्तावेज ही नहीं मिला
    एनएचएआई के अधीन सड़क की रिपोर्ट पर सुनवाई के दौरान आयोग की ओर से बताया गया कि एनएचएआई को प्रत्येक छह माह में सड़क का असंयोजित सर्वे कराना आवश्यक है। हालांकि, जांच के दौरान ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे यह प्रमाणित हो सके कि संबंधित सड़क का एनएसवी सर्वे कभी कराया गया था।

    रिपोर्ट में वार्षिकी भुगतान से संबंधित विभिन्न खामियां भी सामने आने की बात कही गई। हाई कोर्ट ने आयोग को रिपोर्ट की प्रति एनएचएआई के अधिवक्ता आशीष सरस्वत को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सरस्वत ने जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।

    सीलबंद लिफाफे में आई मूल जांच रिपोर्ट
    18 सितंबर के आदेश के पालन में सोमवार को राजनंदिनी एंटरप्राइज एंड कंसल्टेंसी की मूल जांच रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश की गई।

    अधिवक्ता गौरव मिश्रा ने सीलबंद लिफाफे में बिटुमिन टेस्ट रिपोर्ट, आरईसी क्रमांक 202409/07/13, दिनांक 11 जुलाई 2024 तथा डिजाइन मिक्स (डीबीएम) टेस्ट रिपोर्ट, आरईसी क्रमांक 202409/16/45, दिनांक 16 सितंबर 2024 पेश की।

    कोर्ट में सीलबंद लिफाफा खोला गया। इसके बाद कार्यालय को निर्देश दिया गया कि दोनों दस्तावेजों की छायाप्रति सड़क जांच आयोग को उपलब्ध कराई जाए और मूल दस्तावेजों को दोबारा सीलबंद कर सुरक्षित रखा जाए। आयोग को इन रिपोर्टों पर अपनी टिप्पणी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

    निगम को पैचवर्क पूरा करने के लिए 24 घंटे
    नगर निगम की ओर से अधिवक्ता ने बताया कि सड़कों पर किए गए पैचवर्क को सही ठहराने का प्रयास किया गया है, लेकिन उन्होंने यह सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे का समय मांगा कि आयोग द्वारा नमूने लेने के लिए सड़क खोदे जाने के कारण जहां पैचवर्क किया गया है, वह निर्धारित मापदंडों के अनुसार हो।

    कोर्ट ने निगम को 24 घंटे का समय देते हुए निर्देश दिया कि आयोग द्वारा नमूने लेने के लिए खोदी गई सड़क के सभी हिस्सों का पैचवर्क निर्धारित विनिर्देशों के अनुसार किया जाए।

    इसमें 150 मिलीमीटर तक की गहराई में पैचवर्क करने संबंधी तकनीकी विनिर्देश का पालन करने को कहा गया। इस निर्देश के साथ संबंधित आवेदन का निराकरण कर दिया गया।

    स्मार्ट सिटी की सड़कों पर भी उठे सवाल
    याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवधेश सिंह तोमर ने स्मार्ट सिटी की सड़कों की खराब स्थिति का मुद्दा उठाते हुए स्मार्ट सिटी ग्वालियर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मामले में पक्षकार बनाए जाने की मांग की। इस संबंध में अंतरिम आवेदन प्रस्तुत किया गया था।

    सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि स्मार्ट सिटी के अधीन सड़कों की स्थिति भी खराब होने का आरोप लगाया गया है, लेकिन अभी तक स्मार्ट सिटी के स्वामित्व और नियंत्रण वाली सड़कों से नमूने नहीं लिए गए हैं।

    इस बिंदु का उल्लेख आवेदन में नहीं होने पर कोर्ट ने तोमर को आवेदन में संशोधन के लिए एक सप्ताह का समय दिया।

    हर सड़क की जांच के लिए जनहित याचिका का दायरा नहीं बढ़ाएंगे
    सचिन तेंदुलकर मार्ग से भगवान सिंह माथुर सिटी एन्क्लेव को जोड़ने वाली संपर्क सड़क की खराब स्थिति को लेकर हस्तक्षेप आवेदन भी प्रस्तुत किया गया था।

    इसमें सड़क की स्थिति पूरी तरह खराब होने का आरोप लगाया गया, कोर्ट ने कहा कि नगर निगम को ग्वालियर शहर की सभी सड़कों के निर्माण और मरम्मत की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है।

    कोर्ट प्रत्येक सड़क को लेकर अलग-अलग जांच कराकर उसका निर्माण कराने की स्थिति में नहीं है। कोर्ट ने हस्तक्षेप आवेदन को खारिज कर दिया।

    आयोग के काम की कोर्ट ने की सराहना
    सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सड़क जांच आयोग के काम की विशेष रूप से सराहना की। बता दें कि इस आयोग में अध्यक्ष गौरव समाधिया, सदस्य पवन रघुवंशी और हिमांशु शर्मा हैं।

    कोर्ट ने कहा कि पहले एक सड़क से नमूने लेने में आयोग को 12 से 13 घंटे तक सड़क पर काम करना पड़ा था।
    बाद में आयोग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों से स्पष्ट हुआ कि सदस्यों ने केवल मौके पर जाकर निर्धारित मानकों के अनुसार नमूने ही नहीं लिए, बल्कि तकनीकी पहलुओं और भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों को समझने के लिए भी काफी मेहनत की। कोर्ट ने कहा कि शहर के हित में आयोग ने जिस स्तर पर मेहनत की है, वह सराहनीय है।

    सिकरौदा में हाईवे से सटी शराब दुकान पर भी सवाल
    सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष गौरव समाधिया ने सिकरौदा चौराहा स्थित शराब दुकान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि नियमानुसार शराब दुकान हाईवे से कम से कम 500 मीटर की दूरी पर होनी चाहिए, लेकिन सिकरौदा चौराहे पर शराब दुकान हाईवे के बिल्कुल पास संचालित हो रही है।

    दुकान पर ‘हर सेलिब्रेशन हमारा है’ टैगलाइन भी प्रदर्शित होने की बात कोर्ट को बताई गई। इस पर शासकीय अधिवक्ता जीके अग्रवाल ने जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा।

    कोर्ट ने उन्हें यह स्पष्ट करने के लिए समय दिया कि हाईवे से 500 मीटर से कम दूरी पर शराब दुकान का लाइसेंस किन परिस्थितियों में जारी किया गया। वहीं स्थानांतरित करने का समय भी पूछा गया।

    एनएसवी की अंतिम रिपोर्ट पर आज सुनवाई
    आयोग के अध्यक्ष ने कोर्ट को बताया कि एनएसवी की अंतिम रिपोर्ट भी प्रस्तुत किया जाना बाकी है। इस पर कोर्ट ने एनएसवी की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए मामले को 22 सितंबर के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। विभिन्न रिपोर्टों पर विचार के लिए मामले की अगली सुनवाई आठ अक्टूबर के लिए निर्धारित की गई है।

     

     

  • एशियन गेम्स 2026: पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 31 रन से हराकर जीता ब्रॉन्ज मेडल

    एशियन गेम्स 2026: पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 31 रन से हराकर जीता ब्रॉन्ज मेडल

    आइची-नागोया
    एशियन गेम्स 2026 के महिला क्रिकेट इवेंट में पाकिस्तान ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमा लिया है। मंगलवार को खेले गए ब्रॉन्ज मेडल मैच में पाकिस्तान की महिला टीम ने बांग्लादेश को 31 रनों से करारी शिकस्त दी। एशियन गेम्स के इतिहास में 12 साल के लंबे इंतजार के बाद यह पहला मौका है जब पाकिस्तान की महिला क्रिकेट टीम ने पदक जीता है। सेमीफाइनल में पाकिस्तान को श्रीलंका से और बांग्लादेश को भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, आज ही भारत और श्रीलंका के बीच गोल्ड मेडल के लिए महामुकाबला खेला जाना है।

    मुश्किल में घिरी टीम को कप्तान फातिमा सना ने उबारा
    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। 12वें ओवर तक महज 67 रन पर उसकी आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। ऐसे नाजुक मोड़ पर कप्तान फातिमा सना ने मोर्चा संभाला और महज 30 गेंदों में 45 रनों की आक्रामक पारी खेलकर टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया। पाकिस्तान ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट पर 145 रन बनाए। फातिमा के अलावा गुल फिरोजा ने 23 गेंदों में 31 रन और आलिया रियाज ने 25 रनों का योगदान दिया। बांग्लादेश की ओर से नाहिदा अख्तर, शोर्ना अख्तर और ऋतु मोनी ने 2-2 विकेट हासिल किए।

    उम-ए-हानी की फिरकी में उलझा बांग्लादेश
    146 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बांग्लादेश की शुरुआत बेहद खराब रही और 20 रन के स्कोर तक उसके 3 मुख्य बल्लेबाज पवेलियन लौट गए। कप्तान निगार सुल्ताना (25) और शर्मीन अख्तर (46) ने पारी संभालने की कोशिश जरूर की, लेकिन बढ़ती रन गति के दबाव के आगे पूरी टीम पस्त हो गई।

    पाकिस्तान की ऑफ-स्पिनर उम-ए-हानी ने घातक गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके और बांग्लादेशी मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में लक्ष्य से 31 रन दूर रह गई। बांग्लादेश की टीम इस मुकाबले में 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 114 रन ही बना सका। आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में यह पाकिस्तान का कुल मिलाकर दूसरा पदक है।

  • चुनाव हुआ नहीं, सपा में बंटने लगे मंत्री पद, राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज

    चुनाव हुआ नहीं, सपा में बंटने लगे मंत्री पद, राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज

    चुनाव हुआ नहीं, सपा में बंटने लगे मंत्री पद, राजभर ने अखिलेश पर कसा तंज

    इंद्रजीत सरोज के मंत्री बनने और बालू खनन वाले बयान को लेकर सुभासपा अध्यक्ष ने सपा प्रमुख को घेरा

    कहा, पहले जनता की अदालत का फैसला तो आने दीजिए, फिर बांटिए विभाग

    बोले, सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी का हिसाब-किताब लगाया जा रहा

    अखिलेश से पूछा, 2027 के लिए किस-किस नेता को कौन-कौन सा विभाग सपने में बांट रखा है

     लखनऊ
     सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के बयान को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में अभी समय है और जनता का फैसला भी नहीं आया है, लेकिन सपा में अभी से मंत्री पद और विभाग बांटने के सपने देखे जाने लगे हैं।

    राजभर ने मंगलवार को एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सपा नेता इंद्रजीत सरोज अभी से बता रहे हैं कि 2027 में सपा की सरकार बनी तो उन्हें मंत्री बनने से कोई नहीं रोक पाएगा। उन्होंने सरोज के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब वह पार्टी के बुरे दिनों के साथी रहे हैं तो बड़े मंत्री भी वही बनेंगे।

    राजभर ने सरोज की जेसीबी, डंपर और बालू खनन को लेकर की गई टिप्पणी पर भी अखिलेश यादव को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि चुनाव होने में अभी समय है, लेकिन सपा में मंत्री कौन बनेगा और कार्यकर्ताओं को जेसीबी-डंपर लगाकर बालू-मिट्टी खोदने की छूट कैसे मिलेगी, इसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है क्या?

    सुभासपा अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा कि ये चुनाव की तैयारी चल रही है या सरकार बनने से पहले ही मंत्री पद और बालू-मिट्टी का हिसाब-किताब लगाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता कोई खाली कुर्सी नहीं है कि किसी ने चाहा और उस पर बैठ गया। पहले जनता की अदालत का फैसला आने देना चाहिए।

    राजभर ने पोस्ट के आखिर में अखिलेश से पूछा कि 2027 के लिए और किस-किस नेता को कौन-कौन सा विभाग सपने में बांट रखा है। उन्होंने तंज किया कि चच्चू भी अपने विभाग का इंतजार कर रहे हैं। सपने में ही सही, लेकिन बता दीजिए कि पीडब्ल्यूडी देंगे या सिंचाई, ताकि नींद अच्छी आए।

  • एशियन गेम्स 2026: भारत ने कोरिया को 63-31 से रौंदा, कबड्डी में लगातार दूसरी बड़ी जीत

    एशियन गेम्स 2026: भारत ने कोरिया को 63-31 से रौंदा, कबड्डी में लगातार दूसरी बड़ी जीत

    आइची-नागोया
    एशियन गेम्स 2026 में अपने गोल्ड मेडल की रक्षा करने उतरी भारतीय मेंस कबड्डी टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। मंगलवार सुबह तोकाई सिटीजन्स जिम्नेजियम में खेले गए ग्रुप-ए के अपने दूसरे मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने साउथ कोरिया को 63-31 के बड़े अंतर से हरा दिया। अपने पहले मैच में मेजबान जापान को मात देने के बाद, भारत की यह प्रतियोगिता में लगातार दूसरी धमाकेदार जीत है।

    कप्तान सुनील कुमार की अगुवाई में उतरी भारतीय टीम ने मैच के पहले मिनट से ही कोरिया पर शिकंजा कस लिया था। भारतीय रेडर्स ने कुल 38 टच/आउट पॉइंट हासिल किए, जबकि डिफेंस ने कोरियाई अटैक को अपने कोर्ट में पकड़ते हुए टैकल पॉइंट्स की बौछार कर दी।

    हाफ-टाइम तक ही पक्की हो गई थी जीत
    मैच की शुरुआत से ही भारतीय रेडर्स और डिफेंडर्स ने तालमेल का बेहतरीन नजारा पेश किया। पहले हाफ में भारत ने दो बार कोरियाई टीम को ऑल-आउट किया। ब्रेक के समय तक भारत ने 34-14 की विशाल 20-पॉइंट्स की बढ़त बना ली थी। दूसरे हाफ में भी कहानी नहीं बदली। हालांकि कोरियाई रेडर्स ने वापसी की कुछ कोशिशें कीं, लेकिन भारतीय डिफेंस के आगे उनकी एक न चली। भारत ने दूसरे हाफ में एक और ऑल-आउट (मैच में कुल 3 ऑल-आउट) थोपते हुए स्कोरबोर्ड पर 63 अंक टांग दिए। मैच के अंत में भारत का बोनस पॉइंट्स का आंकड़ा 17 तक पहुंच गया था।

    अगला मुकाबला बांग्लादेश से
    इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ग्रुप-ए की पॉइंट्स टेबल में शीर्ष पर अपनी स्थिति मजबूत कर चुकी है। पिछले 10 में से 8 एशियन गेम्स गोल्ड मेडल जीत चुकी भारतीय टीम का अगला मुकाबला बुधवार, 23 सितंबर को ग्रुप-ए में बांग्लादेश से होगा। बांग्लादेश की टीम भारत के मुकाबले काफी कमजोर है और इस मैच को भारतीय टीम बड़ी आसानी के साथ अपने नाम करना चाहेगी।

  • छिंदवाड़ा SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, जबलपुर HC ने किया तलब

    छिंदवाड़ा SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट, जबलपुर HC ने किया तलब

    जबलपुर

    जबलपुर हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए छिंदवाड़ा एसपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने जबलपुर रेंज के आईजी को वारंट तामील कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही एसपी को 1 अक्टूबर 2026 को कोर्ट के समक्ष पेश होने का आदेश दिया। 
    मामला एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी के निधन के बाद विभाग द्वारा की गई रिकवरी से जुड़ा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि हाईकोर्ट के रिकवरी पर रोक लगाने और राशि लौटाने के आदेश के बावजूद उसका पालन नहीं किया गया।

    पति की मौत के बाद 2.24 लाख रुपए की रिकवरी
    जबलपुर निवासी सीता तिवारी ने अधिवक्ता सचिन पांडे के माध्यम से अवमानना याचिका दायर की है। याचिका के अनुसार उनके पति संतोष तिवारी छिंदवाड़ा में पुलिस विभाग में पदस्थ थे। सेवाकाल के दौरान 14 अगस्त 2020 को उनका निधन हो गया। इसके बाद विभाग ने उनके खिलाफ 2.24 लाख रुपए की रिकवरी निकाल दी।

    मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक जैन की कोर्ट में हुई थी। कोर्ट ने रिकवरी का आदेश निरस्त करते हुए राशि 8 प्रतिशत ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया था।

    2025 में जारी हुआ था अवमानना नोटिस
    सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2025 में अवमानना नोटिस जारी होने के बाद भी आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश नहीं की गई। कोर्ट को बताया गया कि छिंदवाड़ा एसपी ने 11 फरवरी 2026 को गृह विभाग के अपर सचिव को पत्र लिखकर नोटिस मिलने और आवश्यक मंजूरी के संबंध में जानकारी दी थी, लेकिन इसके बाद भी आदेश के पालन की कार्रवाई नहीं हुई।

    इसी आधार पर हाईकोर्ट ने छिंदवाड़ा एसपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 1 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

     

  • अचलेश्वर न्यास चुनाव को कोर्ट की मंजूरी, 11 अक्टूबर को होगा मतदान

    अचलेश्वर न्यास चुनाव को कोर्ट की मंजूरी, 11 अक्टूबर को होगा मतदान

    ग्वालियर
     श्री अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास, ग्वालियर की कार्यकारिणी के चुनाव की तारीख तय हो गई है। न्यायालय के आदेश के पालन में मतदान 11 अक्टूबर 2026 को ही होगा। जिला न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन ने चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

    शासकीय अधिवक्ता गजेन्द्र साहू द्वारा प्रस्तुत चुनाव समिति, निर्वाचन कार्यक्रम और नियमावली को कोर्ट ने अनुमोदित कर दिया है। मतदान एमएलबी कॉलेज में होगा। मतदाता सूची पर आपत्ति 23 सितंबर को दोपहर तीन बजे तक की जा सकेगी। आपत्ति निराकरण पश्चात उसी दिन अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

    30 सितंबर को जारी होगी अंतिम प्रत्याशी सूची
    24-25 सितंबर को सुबह नौ से शाम पांच बजे तक फार्म वितरण और जमा करने का कार्य होगा। नाम वापसी की अंतिम तारीख 28 सितंबर और अंतिम प्रत्याशी सूची 30 सितंबर को जारी होगी।

    चुनाव कराने के लिए नौ सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें पांच अधिवक्ता-संजय द्विवेदी, राजू शर्मा, अनिल शर्मा, रामाधार चौबे और विशाल त्रिपाठी के साथ-साथ शासकीय अधिवक्ता गजेन्द्र साहू, तहसीलदार मनीष जैन, अपर तहसीलदार दिनेश चौरसिया और वंदना यादव शामिल हैं।

    निर्वाचन कार्यालय श्रीअचलेश्वर महादेव मंदिर के बगल में संत निवास का प्रथम तल का चयन किया गया है तो वहीं एमएलबी कॉलेज को मतदान स्थल बनाया गया है।

    चुनाव के मुख्य नियम एवं शर्तें…
    मतदाता सूची 1100 रुपये में मिलेगी। अध्यक्ष-पदाधिकारी का नामांकन फार्म 5100 रुपये और कार्यकारिणी सदस्य का फॉर्म 2500 रुपये का होगा। फीस वापस नहीं होगी।

    बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और अखबार/टीवी पर प्रचार पूरी तरह प्रतिबंधित है। उल्लंघन पर उम्मीदवारी रद हो सकती है। सिर्फ 10×8 सेमी तक का विजिटिंग कार्ड बांट सकते हैं, उस पर भी देवी-देवताओं के फोटो पर रोक है।

    वोट डालने के लिए न्यास का परिचय पत्र या आधार कार्ड, वोटर आइडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस लाना अनिवार्य है। बिना आईडी के वोट नहीं डालने दिया जाएगा।

    मतदान कक्ष में मोबाइल फोन, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूरी तरह रोक रहेगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी चुनाव अधिकारी कराएंगे और सीसीटीवी से निगरानी होगी।

    महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग मतदान कक्ष होंगे। मतदान स्थल से 100 मीटर तक बेरीकेडिंग रहेगी, इस दायरे में प्रचार और प्रत्याशियों का घूमना प्रतिबंधित रहेगा।

    अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को होगी
    तहसीलदार मनीष जैन ने बताया कि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव की सूचना मंदिर परिसर में दो बड़े फ्लैक्स लगाकर और प्रेस नोट के माध्यम से दी जाएगी, किसी भी सदस्य को व्यक्तिगत सूचना नहीं भेजी जाएगी। अगली सुनवाई 22 अक्टूबर को जिला न्यायालय में होगी, जिसमें चुनाव प्रक्रिया की रिपोर्ट पेश की जाएगी।

    यह नहीं लड़ सकेंगे चुनाव…

    संतोष सिंह राठौर पुत्र रामदुलारे राठौर

    हरिप्रसाद अग्रवाल

    नरेन्द्र कुमार सिंहल पुत्र द्वारिका प्रसाद सिंघल

    उषा चौहान पत्नी यशपाल सिंह चौहान

    प्रदीप कुमार बंसल पुत्र घनश्याम दास बंसल

    नारायणदास बृजवासी पुत्र रामजीदास

    गोविन्दसिंह पाल पुत्र सरमनसिंह

    बीके शिवहरे पुत्र प्रीतमचन्द्र शिवहरे, प्रभात सिंह जादौन पुत्र महाबीर सिंह जादौन।

    हरिबाबू शिवहरे पुत्र मोतीलाल शिवहरे।

     

  • ग्वालियर में छात्राओं से छेड़छाड़, विरोध पर मारपीट; एक आरोपी गिरफ्तार

    ग्वालियर में छात्राओं से छेड़छाड़, विरोध पर मारपीट; एक आरोपी गिरफ्तार

    ग्वालियर
     मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के भितरवार कमला स्कूल रोड पर दिनदहाड़े कोचिंग क्लास जा रही दो छात्राओं को बाइक सवार बदमाशों ने बीच रास्ते में रोक लिया। जब लड़कियों ने विरोध किया, तो मनचलों ने उनके साथ सरेराह मारपीट शुरू कर दी। यह पूरी शर्मनाक वाकया सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

    यह घटना सोमवार दोपहर की है। दोनों छात्राएं जब घर लौट रही थीं, तभी स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और उनके साथ छेड़छाड़ करने लगे। जब छात्राओं ने इस हरकत का विरोध किया, तो युवकों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की।

    सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि जब छात्राएं आगे बढ़ती हैं, तो युवक बाइक से उनका पीछा करते हैं और दोबारा उनके साथ वही हरकत करते हैं। हमले के बाद दोनों आरोपी अपनी बाइक से मौके से फरार हो गए।
    सीसीटीवी फुटेज वायरल होने के बाद पुलिस की जांच शुरू

    सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। भितरवार पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज की मदद से दोनों आरोपियों की पहचान करने और उनकी लोकेशन का पता लगाने में जुटी है। वही, एक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

    एसडीओपी गगन हनमत ने बताया कि पुलिस के पास हमले का सीसीटीवी फुटेज मौजूद है। उन्होंने कहा कि इसी वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी छात्रा या उनके परिवार वाले ने पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

    स्थानीय नेता ने दी विरोध प्रदर्शन की चेतावनी
    भितरवार नगर परिषद के उपाध्यक्ष मन्नू यादव ने छात्राओं के साथ हुई इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भितरवार में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं और छात्राओं के साथ ऐसी घटनाएं होना एक गंभीर चिंता का विषय है।

     

  • टेलीकॉम मेन्यूफैक्चरिंग जोन ग्वालियर में निवेश के लिए दक्षिण भारत से लेंगे सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    टेलीकॉम मेन्यूफैक्चरिंग जोन ग्वालियर में निवेश के लिए दक्षिण भारत से लेंगे सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    टेलीकॉम मेन्यूफैक्चरिंग जोन ग्वालियर में निवेश के लिए दक्षिण भारत से लेंगे सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    ग्वालियर 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आईटी, डीपटेक और टेक्नोलॉजी सहित सभी क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए संकल्पित है। राज्य में टेलीकॉम सेक्टर में भी औद्योगिक गतिविधियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफैक्चरिंग जोन स्थापित करना केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता है। दक्षिण भारत के निवेशकों का सहयोग प्राप्त करने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी प्रतिष्ठान में मीडिया से चर्चा करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि टीएमजेड में निवेश और इस जोन की खूबियों को बताने के लिए पहले नई दिल्ली और मुंबई में इन्वेस्टमेंट टू रोड शो का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए तीसरा कार्यक्रम मंगलवार को कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आयोजित किया जा रहा है। बेंगलुरु में निवेशकों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया है। अन्य क्षेत्रों में निवेश में भी दक्षिण भारत के उद्यामियों का सहयोग प्राप्त हुआ है। टीएमजेड के लिए भी निश्चित ही सहयोग प्राप्त होगा।

    प्रदेश के नगरों के निकट उद्योगों का विस्तार

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब तक टीएमजेड में निवेश को लेकर बेहतर रिस्पांस मिला है। ग्वालियर-चंबल अंचल औद्योगिक क्षेत्र विस्तार के लिए सबसे अनुकूल है। राज्य सरकार द्वारा इंदौर, उज्जैन, भोपाल और उसके बाद जबलपुर के आसपास भी उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में छोटे-बड़े सभी शहरों में भारी उद्योग, लघु उद्योग, एमएसएमई और लघु-कुटीर उद्योगों से प्रदेशवासियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गरीब, युवा, किसान और नारी सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। आज मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने वाला राज्य है। मध्यप्रदेश ने तेज गति से बेरोजगारी दर को नियंत्रित किया है।

     

  • AI की रफ्तार से क्यों चिंतित हुए बराक ओबामा? बताया सबसे बड़ा खतरा

    AI की रफ्तार से क्यों चिंतित हुए बराक ओबामा? बताया सबसे बड़ा खतरा

    वाशिंगटन
    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनियाभर में बहस चल रही है. कोई इसे फ्यूचर की सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी बता रहा है, तो कोई इससे जॉब्स और इंसानों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित है. इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Barack Obama ने AI को लेकर अपनी चिंता बताई है. ओबामा का कहना है कि एआई कंपनियों के मार्केट वैल्यूएशन में हाइप हो सकता है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि एआई की टेक्नोलॉजी भी ओवरहाइप्ड है. आइए जानते हैं इसके बारे में. उन्होंने AI से ह्यूमैनिटी खत्म होने की बात से भी इनकार नहीं किया है और ये बेहद डरावना है। 

    Obama के समय में ही बनी थी AI पर रिपोर्ट
    ओबामा ने बताया कि उनके राष्ट्रपति रहते 2015-16 के आसपास उनकी एडमिनिस्ट्रेशन ने एआई के सोशल, इकोनॉमिक और एथिकल इम्पैक्ट को समझने के लिए एक कमीशन बनाया था. इस कमीशन ने AI को लेकर एक बड़ी रिपोर्ट भी तैयार की थी। 

    ओबामा के मुताबिक इसके बाद आई एडमिनिस्ट्रेशन ने इस रिपोर्ट को ज्यादा आगे नहीं बढ़ाया. यानी AI को लेकर जिन सवालों पर उस समय चर्चा शुरू हुई थी, वो अब और ज्यादा बड़े हो चुके हैं। 

    अब AI खुद सीख रहा है
    एआई के तेजी से आगे बढ़ने की सबसे बड़ी वजहों में से एक रिसर्सिव लर्निंग है. आसान भाषा में समझें तो AI अब सिर्फ इंसानों से ट्रेनिंग लेकर आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि खुद भी सीखने लगा है। 

    ओबामा के मुताबिक कुछ समय पहले तक एआई मॉडल्स की लर्निंग में करीब 90 फीसदी हिस्सा इंसानों के इनपुट का था. लेकिन कुछ ही महीनों में तस्वीर बदल गई और यह बैलेंस करीब 50-50 तक पहुंच गया. यानी अब AI को आगे बढ़ाने में ह्यूमन ट्रेनिंग के साथ उसका खुद से सीखना भी बड़ी भूमिका निभा रहा है। 

    आने वाले समय में 90% खुद सीखेगा AI?
    ओबामा का अनुमान है कि आने वाले समय में एआई की लर्निंग में करीब 90 फीसदी हिस्सा सेल्फ-लर्निंग का हो सकता है. अगर ऐसा होता है तो AI डेवलपमेंट की स्पीड आज के मुकाबले काफी ज्यादा तेज हो सकती है। 

    उन्होंने एआई की इस ग्रोथ को हॉकी स्टिक जैसी ग्रोथ बताया. इसका मतलब है कि शुरुआत में ग्रोथ धीरे होती है, लेकिन एक पॉइंट के बाद इसकी स्पीड अचानक बहुत ज्यादा बढ़ने लगती है। 

    किलर रोबोट नहीं, ये है असली डर
    एआई के खतरे की बात होते ही किलर रोबोट्स और इंसानों को खत्म करने वाली मशीनों की चर्चा शुरू हो जाती है. ओबामा के मुताबिक ऐसा खतरा पूरी तरह जीरो नहीं है, लेकिन इसकी संभावना कम है.उनकी असली चिंता AI मिसअलाइनमेंट को लेकर है. यानी एआई सिस्टम ऐसा गोल तय कर ले जो इंसानों के इरादों से अलग हो। 

    इसके लिए AI का कॉन्शियस होना या इंसानों से नफरत करना जरूरी नहीं है. अगर एआई खुद से फैसले लेने लगे और उसके गोल्स इंसानों के गोल्स से अलग हो जाएं, तो बड़ी समस्या पैदा हो सकती है. यही वजह है कि एआई के तेज विकास के साथ यह सवाल भी जरूरी होता जा रहा है कि आखिर इसे इंसानों के कंट्रोल और गोल्स के साथ कैसे जोड़ा जाए।