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  • बुंदेलखंड की फेमस महेरी बनाएं घर पर, छाछ-चावल से तैयार होती है ये देसी डिश

    बुंदेलखंड की फेमस महेरी बनाएं घर पर, छाछ-चावल से तैयार होती है ये देसी डिश

    खाने के मामले में भारत का कोई तोड़ नहीं है, यहां हर शहर का अपना अलग स्वाद होता है. यूपी, उत्तराखंड से लेकर पंजाब में खाने में अलग-अलग चीजें परोसी जाती हैं और उनका टेस्ट भी हटकर होता है. उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाके बुंदेलखंड के देसी खाने का स्वाद कमाल है, जो स्वाद में तो अच्छा होती है, इसके साथ ही डाइजेशन में भी अच्छा होता है. अगर आप भी कुछ झटपट बनने वाली लंच और डिनर रेसिपी की तलाश में हैं तो यह आप बुंदेलखंड की फेमस डिश महेरी ट्राई कर सकते हैं.

    महेरी एक देसी डिश है, जिसका स्वाद बच्चे और बुजुर्ग दोनों को ही पसंद आता है और यह हल्की भी होती है. इसलिए अगर आप लंच में दाल-चावल और रोटी सब्जी से हटकर कुछ खाना चाहते हैं तो आप महेरी बनाकर सकते हैं, जिसे चावल और मट्ठे से मिलकर बनाया जाता है. इस डिश को बनाने में भी बिल्कुल समय नहीं लगता है और यह आसानी से भी रेडी हो जाती है. आइए आपको महेरी बनाने का आसान तरीका बताते हैं.

    महेरी बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स
        कच्चे चावल -1 कप
        छाछ या मट्ठा -2 कप
        पानी -1 कप
        हल्दी पाउडर -आधा छोटी चम्मच
        नमक -स्वाद के हिसाब से
        देसी घी -जरूरत के हिसाब से
        जीरा -1 छोटी चम्मच
        सूखी लाल मिर्च -1 या 2

    महेरी बनाने का आसान तरीका

    • महेरी बनाने के लिए सबसे पहले कच्चे चावल को पानी में अच्छी तरह से धो लें, उसके बाद इन्हें करीब आधे घंटे के लिए पानी में भिगोकर रख दें. पानी में भिगोने से चावल फूल जाते हैं और पकने में आसानी होती है.
    • गैस पर कहाड़ी रखें और उसमें मट्ठा और पानी मिलाकर गर्म होने के लिए रख दें, इस मिक्सर में हल्दी और नमक मिला लें. अब लगातार इसे हल्के हाथ से चलाते रहना है, ताकि मट्ठा फटे नहीं.
    • जब मिक्चर में उबाल आने लगे तो इसमें भिगोकर रखे हुए चावलों को डालकर मिला दें. चावल डालने के बाद भी लगातार आपको चलाते रहना है.
    • करीबन 8 से 10 मिनट में चावल पक जाएंगे और इसकी कंसिस्टेंसी भी सही हो जाएगी. महेरी ना तो ज्यादा गाढ़ी और न ही ज्यादा पतली होती है.
    • चावल के पक जाने के बाद ढक्कर रखकर 2 से 3 मिनट तक के लिए पका लें और गैस बंद करके महेरी को साइड में रख दीजिए.
    • अब तड़के के लिए एक पैन में देसी घी गर्म करें और उसमें जीरा और सूखी लाल मिर्च डालकर भून लें. अब इस तड़के को सीधे महेरी के ऊपर डालकर मिला दें.

     

  • अंकुरित गेहूं से बनाएं स्वादिष्ट हलवा, स्वाद के साथ मिलेगा पोषण भी

    अंकुरित गेहूं से बनाएं स्वादिष्ट हलवा, स्वाद के साथ मिलेगा पोषण भी

    मीठा खाने का मन हो तो हलवा एक बढ़िया ऑप्शन है. आपने सूजी, आटे और बेसन से बना हलवा तो कई बार खाया होगा लेकिन क्या आपने कभी अंकुरित गेहूं का हलवा ट्राई किया है. अंकुरित गेहूं से बना यह हलवा स्वाद में लाजवाब होने के साथ पोषण से भी भरपूर होता है. इसे बनाने के लिए अंकुरित गेहूं को पीसकर घी में अच्छी तरह भुना जाता है. इसके बाद इसमें दूध, चीनी या गुड़ और इलायची मिलाई जाती है. ऊपर से काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश डालने से इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. तो आइए जानते हैं घर पर अंकुरित गेहूं का हलवा कैसे बना सकते हैं और इसे बनाने के लिए किन-किन चीजों की जरूरत होती है.

    इंग्रेडिएंट्स (Ingredients)
    2 कप अंकुरित गेहूं
    4 से 5 बड़े चम्मच देसी घी
    2 कप दूध
    1 कप चीनी या गुड़
    1 छोटी चम्मच इलायची पाउडर
    10 से 12 काजू
    10 से 12 बादाम
    1 बड़ा चम्मच बारीक कटा हुआ पिस्ता
    1 बड़ा चम्मच किशमिश

    अंकुरित गेहूं का हलवा बनाएं कैसे?

    • अंकुरित गेहूं का हलवा बनाने के लिए सबसे पहले  साबुत गेहूं को 8–10 घंटे भिगो दें. फिर पानी निकालकर कपड़े में बांधकर 1–2 दिन रखें, जब तक उसमें छोटे अंकुर न निकल आएं.
    • जब गेहूं अंकुरित हो जाए तो उसे अच्छी तरह धो लें. अब इसे मिक्सी में थोड़ा पानी डालकर दरदरा पीस लें. ध्यान रखें कि गेहूं को बहुत बारीक न पीसें, क्योंकि हल्का दरदरा पेस्ट रखने से हलवे की बनावट अच्छी रहती है.
    • अब एक भारी तले की कड़ाही में देसी घी गर्म करें. घी गर्म होने पर इसमें काजू, बादाम और किशमिश डालकर हल्का सुनहरा होने तक भून लें. भुने हुए मेवों को निकालकर अलग रख दें.
    • अब उसी कड़ाही में पिसा हुआ अंकुरित गेहूं डालें और मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें. इसे लगभघ 10 से 15 मिनट तक भूनें, जब तक इसका रंग हल्का सुनहरा न हो जाए और अच्छी खुशबू आने न लगे. गेहूं को अच्छी तरह भूनना जरूरी है, तभी हलवे का स्वाद अच्छा आएगा.
    • इसके बाद इसमें दूध डालें और लगातार चलाते रहें, ताकि इसमें गांठें न पड़ें. कुछ देर पकाने के बाद मिश्रण गाढ़ा होने लगेगा. अब इसमें चीनी या गुड़ डालकर अच्छी तरह मिलाएं. अगर आप गुड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे पहले थोड़ा पिघला सकते हैं.
    • हलवे को धीमी आंच पर पकाते रहें. जब यह गाढ़ा होकर कड़ाही छोड़ने लगे, तब इसमें इलायची पाउडर और भुने हुए मेवे डाल दें. सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाकर 2 से 3 मिनट तक और पकाएं.
    • तैयार अंकुरित गेहूं के हलवे को एक बाउल में निकालें. ऊपर से बारीक कटे पिस्ते और बादाम डालकर सजाएं. इसे गरमा-गरम परोस सकते हैं. चाहें तो ठंडा करके भी इसका स्वाद ले सकते हैं. त्योहार या किसी खास मौके पर आप इस हलवे को घर पर आसानी से बना सकते हैं.
    • अंकुरित गेहूं में फाइबर, प्रोटीन समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. हालांकि, हलवे में घी और चीनी या गुड़ की मात्रा भी होती है, इसलिए इसे बैलेंस में खाना बेहतर है.
  • संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नागरिक आपूर्ति निगम के वार्षिक आम सभा की बैठक संपन्न

    संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नागरिक आपूर्ति निगम के वार्षिक आम सभा की बैठक संपन्न

    संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में नागरिक आपूर्ति निगम के
    वार्षिक आम सभा की बैठक संपन्न
    रायपुर 

    नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव की अध्यक्षता में छत्तीसगढ स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पाेरेशन लिमिटेड के वार्षिक आम सभा की बैठक मुख्यालय, नवा रायपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 के अंतिम लेखों को संचालक मंडल की पूर्व आयोजित बैठक में अनुमोदन किए जाने के उपरांत वार्षिक आम सभा की बैठक में अंतिम लेखो पर महालेखाकार नई दिल्ली की टिप्पणीयों पर निगम प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत प्रत्युत्तर का अनुमोदन उपरांत अंगीकार किया गया। बैठक में निगम के वित्तीय वर्ष 2023-24 के अंतिम लेखों पर महालेखकार, नई दिल्ली से अनुमोदन प्राप्त हो चुका है, इसे शीघ्र ही आगामी बैठक में संचालक मंडल से अनुमोदन करा कर  सामान्य सभा में प्रस्तुत किए जाने के संबंध में निगम अध्यक्ष को अवगत कराया गया।
    वार्षिक सामान्य सभा की बैठक में निगम प्रबंध संचालक, भोसकर विलास संदिपान, श्री गजपाल सिंह सिकरवार, संयुक्त सचिव, (खाद्य) श्री सीताराम तिवारी, उप सचिव (वित्त),  श्री मनोज कुमार मिश्रा, उप सचिव, (कृषि) एवं निगम के अंशधारीगण- श्री अमितोष जान, अवर सचिव, खाद्य श्री संतोष ब्रम्हानंद खापर्डे, एजीएम (वित्त), महेन्द साहू, एजीएम (आईटी), श्री मनोज वर्मा, डिप्टी एजीएम (वित्त) एवं श्री राजेश कुमार सिसोदिया, कार्यापालन संचालक (वित्त), श्री दिनेश कुमार नाग, महाप्रबंधक (प्रशासन) विशेष रूप से उपस्थित थे।

  • iPhone Duo को लीड कर रहे भारतीय पीयूष प्रतीक, IIT Delhi से Apple तक का सफर

    iPhone Duo को लीड कर रहे भारतीय पीयूष प्रतीक, IIT Delhi से Apple तक का सफर

    Apple का पहला फोल्डेबल iPhone Duo इस समय टेक की दुनिया में चर्चा का सबसे बड़ा नाम है. करीब 3 लाख रुपये से शुरू होने वाला यह फोन सिर्फ इसलिए खास नहीं है कि यह फोल्ड होता है. इसके पीछे काम करने वाली टीम में एक भारतीय नाम भी अब खास तौर पर चर्चा में है. नाम है पीयूष प्रतीक. IIT Delhi से पढ़े पीयूष अब Apple में iPhone Duo के प्रोडक्ट मैनेजर हैं और उन्होंने खुद LinkedIn पर बताया है कि इस नए iPhone को लीड करना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी रही है.

    Apple ने 9 सितंबर 2026 को अपना पहला फोल्डेबल iPhone पेश किया था. कंपनी ने इसका नाम iPhone Duo रखा. फोन खुलने पर इसमें 7.6 इंच का बड़ा डिस्प्ले मिलता है, जबकि बंद करने पर 5.4 इंच की बाहरी स्क्रीन मिलती है. भारत में इसकी शुरुआती कीमत ₹2,99,900 है और इसकी बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होगी.

    कौन हैं पीयूष प्रतीक?
    लेकिन इस फोन की चर्चा के बीच एक भारतीय प्रोफेशनल का नाम भी तेजी से सामने आया है. यह नाम है Piyush Pratik. उनकी मौजूदा लिंक्डइन प्रोफाइल पर पद प्रोडक्ट मैनेजर, iPhone Duo लिखा है. अपने हालिया पोस्ट में उन्होंने iPhone Duo को लेकर लिखा कि इस प्रोडक्ट को लीड करना उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी और सौभाग्य है. उन्होंने इस काम के पीछे ऐपल की कई टीमों की मेहनत का भी जिक्र किया है.

    यहां एक बात समझना जरूरी है. iPhone Duo किसी एक व्यक्ति ने नहीं बनाया है. ऐपल के ऐसे प्रोडक्ट में हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर, डिजाइन, इंजीनियरिंग, कैमरा, ऑपरेशंस और मार्केटिंग समेत कई टीमें काम करती हैं. इसलिए पीयूष को अकेले 'iPhone Duo बनाने वाला भारतीय' कहना सही नहीं होगा. लेकिन उनकी मौजूदा भूमिका और उनके अपने बयान यह जरूर बताते हैं कि वह इस प्रोडक्ट की लीडिंग टीम का हिस्सा हैं.

    IIT Delhi से शुरू हुआ सफर
    पीयूष प्रतीक की कहानी किसी सामान्य इंजीनियरिंग जॉब से Apple तक पहुंचने वाली कहानी नहीं है. उन्होंने IIT Delhi से बायोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी में B.Tech और M.Tech की डुअल डिग्री की. एवेलेबल प्रोफाइल और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने 2011 में IIT Delhi से पढ़ाई पूरी की और वहां गोल्ड मेडल भी हासिल किया.

    दिलचस्प बात यह है कि इंजीनियरिंग के बाद पीयूष सीधे Apple नहीं पहुंचे. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत Bain & Company में एसोसिएट कंसल्टेंट के तौर पर की. इसके बाद 2013 में वह InMobi से जुड़े. यहां उन्होंने प्रोडक्ट मार्केटिंग में काम किया और आगे चलकर डायरेक्टर की भूमिका तक पहुंचे.

    इसके बाद उनके करियर में एक और बड़ा मोड़ आया. 2017 में उन्होंने स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस में MBA शुरू किया. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें रिलायंस धीरूभाई स्कॉलरशिप मिली थी, जिसके जरिए उनकी स्टैनफोर्ड की पढ़ाई को पूरा समर्थन मिला. 2019 में MBA पूरा करने के बाद पीयूष ने ऐपल जॉइन किया.

    iPhone Duo के अलावा इन iPhone मॉडल्स में बड़ा रोल
    पीयूष का ऐपल के साथ काम iPhone 16 से शुरू नहीं हुआ था. ऐपल में आने के बाद उन्होंने iPhone की प्रोडक्ट मैनेजमेंट टीम में काम किया और iPhone 13 लाइनअप और दूसरी जेनेरेशन के iPhone SE से जुड़े काम में भी उनकी भूमिका रही.  2024 में उनका नाम पहली बार बड़े पैमाने पर लोगों के सामने तब आया, जब Apple के iPhone 16 लॉन्च इवेंट में उन्होंने नए कैमरा कंट्रोल के बारे में जानकारी दी. इस समय भी वो भारत में सुर्खियों में रहे थे.

    यह सिर्फ एक नॉर्मल कैमरा बटन नहीं था. ऐपल ने इसे टच और प्रेशर सेंसर के साथ डिजाइन किया था. इससे कैमरा जल्दी खोला जा सकता था, फोटो क्लिक की जा सकती थी और उंगली को स्लाइड करके कैमरा सेटिंग्स जैसे जूम को कंट्रोल किया जा सकता था. बाद में इसी Camera Control को Visual Intelligence जैसे फीचर्स दिए गए.

    पीयूष ने Apple के इस नए फीचर के पीछे की सोच को भी समझाया था. उनके मुताबिक मकसद सिर्फ iPhone में एक और बटन जोड़ना नहीं था, बल्कि कैमरा इस्तेमाल करने के पूरे अनुभव को तेज और आसान बनाना था. Apple की टीम ने कैमरा कंट्रोल को इस तरह डिजाइन किया कि इसे फोन को पोर्ट्रेट और लैंडस्केप दोनों तरह से पकड़कर इस्तेमाल किया जा सके.

    अब कहानी पहुंची iPhone Duo तक
    2026 में पीयूष की भूमिका और भी ज्यादा चर्चा में आ गई है. ऐपल ने पहली बार iPhone को फोल्डेबल डिजाइन दिया है और इसका नाम iPhone Duo रखा है. पीयूष ने अपने LinkedIn पोस्ट में इस लॉन्च को ओरिजनल आईफोन के बाद सबसे बड़े बदलावों में से एक बताया और लिखा कि वह इस प्रोडक्ट को लीड करने के लिए खुद को भाग्यशाली मानते हैं. उन्होंने खास तौर पर ऐपल की अलग-अलग टीमों की मेहनत और डिटेल पर दिए गए ध्यान को इस प्रोडक्ट की सफलता का हिस्सा बताया.

  • भारत ने जापान को 2 रन से हराया, रचा इतिहास; T20I में 200 जीत दर्ज करने वाली पहली टीम

    भारत ने जापान को 2 रन से हराया, रचा इतिहास; T20I में 200 जीत दर्ज करने वाली पहली टीम

    नई दिल्ली
    भारत ने जापान के खिलाफ एकमात्र टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में महज 2 रनों से जीत हासिल की. 22 सितंबर (मंगलवार) को सानो के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 ओवर में 32/4 का स्कोर बनाया. लक्ष्य का पीछा करने उतरी जापान की टीम भी 5 ओवर में 3 विकेट पर 30 रन ही बना सकी.

    जापान पर इस जीत के साथ भारत मेन्स टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 मैच जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गया. दोनों देशों के बीच सीनियर स्तर पर यह पहला मुकाबला था, लेकिन बारिश और गीली आउटफील्ड मैच का रोमांच और बढ़ा दिया. मुकाबला करीब तीन घंटे की देरी से शुरू हुआ और ओवरों की संख्या घटाकर 5-5 कर दी गई. इतने छोटे मैच में 33 रनों का लक्ष्य भी आसान नहीं रहा और आखिरी गेंद ने मुकाबले का नतीजा तय किया.

    टी20I में भारत की 200 जीत का सफर (सुपर ओवर जीत भी शामिल)
    पहली जीत: बनाम साउथ अफ्रीका, जोहान्सबर्ग, 2006 (6 विकेट)
    50वीं जीत: बनाम श्रीलंका, कोलंबो आरपीएस, 2017 (7 विकेट)
    100वीं जीत: बनाम वेस्ट इंडीज, कोलकाता, 2022 (8 रन)
    150वीं जीत: बनाम ऑस्ट्रेलिया, ग्रोस आइलेट, 2024 (24 रन)
    200वीं जीत: बनाम जापान, सानो, 2026 (2 रन)

    टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को सानो की पिच पर जापानी गेंदबाजों ने खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. टर्न और अतिरिक्त उछाल के कारण भारतीय बल्लेबाजों को रन बनाने में परेशानी हुई. कप्तान श्रेयस अय्यर ने सबसे ज्यादा 16 रन बनाए. उन्होंने 12 गेंदों की अपनी पारी में एक चौका लगाया. संजू सैमसन ने 7 गेंदों पर 9 रन बनाए. जापान के चार्ली हारा-हिंज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो विकेट लिए. उन्होंने अभिषेक शर्मा को खाता खोलने का मौका नहीं दिया, जबकि भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर को भी पवेलियन भेजा.

    जापान के सामने सिर्फ 33 रनों का लक्ष्य था और पांच ओवर में इसे हासिल करना संभव नजर आ रहा था. लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने हर रन के लिए जापानी बल्लेबाजों को तरसा दिया. अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने बेहद कसी हुई गेंदबाजी की. जापान की टीम पूरे पांच ओवर में सिर्फ दो चौके लगा सकी. वॉशिंगटन सुंदर ने 2 विकेट लेकर भारतीय जीत में अहम भूमिका निभाई. जापान को आखिरी ओवर में मुकाबला जीतने के लिए 8 रन बनाने थे, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा. आखिरकार जापान 30/3 तक ही पहुंच सका और भारत ने मैच अपने नाम कर लिया.

    आखिरी ओवर में हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा
    मुकाबले का सबसे दिलचस्प पल आखिरी ओवर में आया. एलेक्स शिराई-पैटमोर ने अक्षर पटेल की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश की. गेंद लेग साइड की ओर निकल गई और मैदानी अंपायर ने उसे वाइड करार दिया. इस फैसले के बाद भारतीय खिलाड़ी असहमत नजर आए. कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्क्वायर लेग अंपायर क्रिस ब्राउन से बातचीत की.

    इसके बाद दोनों मैदानी अंपायरों ने आपस में चर्चा की और वाइड का फैसला बदल दिया गया. इस फैसले से जापानी टीम को अतिरिक्त रन नहीं मिला और भारत को फायदा हुआ.

  • पाकिस्तान में दिनदहाड़े मंत्री का कथित अपहरण, AK-47 से लैस नकाबपोशों ने रोकी गाड़ी

    पाकिस्तान में दिनदहाड़े मंत्री का कथित अपहरण, AK-47 से लैस नकाबपोशों ने रोकी गाड़ी

    खैबर पख्तूनख्वा 

    पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में दिनदहाड़े एक मंत्री के अपहरण से हड़कंप मच गया. पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग मंत्री फजल शकूर खान को सोमवार दोपहर हथियारबंद नकाबपोशों ने कथित तौर पर अगवा कर लिया. बताया जा रहा है कि हमलावरों ने मोटरवे पर उनकी गाड़ी को रोका और पहले उसके टायरों पर गोली चलाई. इसके बाद बंदूकधारी मंत्री को अपने साथ लेकर चले गए। 

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों के पास हथियार थे और उन्होंने नकाब पहन रखा था. सोशल मीडिया पर सामने आए कथित वीडियो में कुछ नकाबपोश लोग मुख्य सड़क पर रास्ता रोकते नजर आ रहे हैं. बताया जा रहा है कि मंत्री की गाड़ी को रोकने के लिए सीधे टायरों पर गोलियां चलाई गईं. अभी तक यह साफ नहीं है कि फजल शकूर खान को किस संगठन या ग्रुप के लोगों ने अगवा किया और इसके पीछे उनकी क्या मांग या वजह है। 

    PTI नेता ने भी लगाया अपहरण की कोशिश का आरोप
    मंत्री फजल शकूर खान के अपहरण के अलावा पीटीआई के नेता और प्रांतीय विधायक शकील अहमद को भी अगवा करने की कोशिश की खबर सामने आई है. बताया गया कि मलाकंद में शकील अहमद को निशाना बनाने की कथित कोशिश के बाद पीटीआई कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया। 

    मलाकंद में बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ताओं ने बट खैला बाईपास को जाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाए और नारेबाजी की. पीटीआई ने आरोप लगाया कि खैबर पख्तूनख्वा में उसके प्रांतीय नेतृत्व को निशाना बनाया जा रहा है और नेताओं को बंदूक की नोक पर अगवा करने की कोशिश की जा रही है। 

    पीटीआई ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
    खैबर पख्तूनख्वा के सूचना मंत्री शफी जान ने इन घटनाओं को संविधान, कानून और जनता के जनादेश पर सीधा हमला बताया. पीटीआई के वरिष्ठ नेताओं ने भी मंत्री और पार्टी नेताओं को निशाना बनाए जाने पर जवाबदेही की मांग की है। 

    पार्टी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर उसके मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई और कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं रुकी, तो पूरे प्रांत में विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे. फिलहाल फजल शकूर खान के अपहरण के पीछे किसका हाथ है और उनका क्या हुआ, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर स्थिति साफ नहीं हुई है। 

  • छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी देने के महाभियान के तहत चार दिन में तीसरा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम

    छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरी देने के महाभियान के तहत चार दिन में तीसरा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम

    लखनऊ
     छह महीने में एक लाख सरकारी नौकरियां देने के लक्ष्य के साथ योगी सरकार का जॉब कैलेंडर ऑन हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महज चार दिन में तीन बड़े नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए 5,297 युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ा है। 19 सितंबर को स्वास्थ्य, आयुष और कौशल विकास विभाग से शुरू हुआ नियुक्तियों का सिलसिला अगले दिन पुलिस और मंगलवार को शिक्षा विभाग तक पहुंचा। तीनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री योगी ने खुद नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
     
    आंकड़े भी जॉब कैलेंडर की रफ्तार बता रहे हैं। 19 सितंबर को 818 नियुक्तियां हुईं। अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र मिले। एक दिन के अंतराल के बाद मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एक साथ 3,567 प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ताओं और सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसके साथ चार दिन में नियुक्तियों का आंकड़ा 5,297 पहुंच गया।
     
    पहले 818, अगले दिन 912 को नियुक्ति
    19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा विभाग के एक्स-रे टेक्नीशियन, आयुष विभाग के होम्योपैथिक फार्मासिस्ट, प्रोफेसर, रीडर और प्रवक्ता के अलावा एमएसएमई और व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित युवा शामिल रहे।
     
    अगले ही दिन पुलिस के मिनिस्टीरियल कैडर में 912 नियुक्तियां हुईं। इनमें 259 पुलिस उपनिरीक्षक गोपनीय, 449 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लिपिक और 204 पुलिस सहायक उपनिरीक्षक लेखा शामिल हैं।
     
    तीसरे कार्यक्रम में 5,297 पहुंचा आंकड़ा
    मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीसरा और चार दिनों का सबसे बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम हुआ। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 अभ्यर्थियों को अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति मिली।
     
    इनमें 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। चयनित अभ्यर्थियों में 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल हैं।
     
    नौकरी के साथ पारदर्शी भर्ती का संदेश
    लगातार हो रहे नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रमों के जरिए सरकार निष्पक्ष, पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती का संदेश भी दे रही है। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि नियुक्ति मिलने के बाद किसी शिक्षक से पैसे मांगने की शिकायत मिली तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर नौकरी मिलनी चाहिए।
     
    5,297 के बाद अब एक लाख पर नजर
    सरकार के मुताबिक पिछले नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। अब अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस और होमगार्ड समेत विभिन्न विभागों की भर्तियां भी इसी रोजगार महाभियान का हिस्सा हैं।
     
    चार दिन में तीन बड़े कार्यक्रम और 5,297 नियुक्तियां जॉब कैलेंडर की शुरुआती तस्वीर हैं। अब अगले छह महीने में अलग-अलग विभागों की भर्तियों और नियुक्ति पत्र वितरण के जरिए एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • सागर में तीन नेत्रदान से चार बुजुर्गों की लौटी रोशनी, BMC में सफल ट्रांसप्लांट

    सागर में तीन नेत्रदान से चार बुजुर्गों की लौटी रोशनी, BMC में सफल ट्रांसप्लांट

    सागर 
    बुंदेलखंड चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र रोग विभाग और आई बैंक ने कॉर्निया प्रत्यारोपण में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पिछले 15 दिनों में मरणोपरांत तीन नेत्रदानों की मदद से नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे और उनकी टीम ने जटिल सर्जरी कर चार बुजुर्ग मरीजों की आंखों की रोशनी वापस लौटाई है।

    इस चिकित्सीय टीम में मुख्य रूप से डॉ. नीलम, डॉ. मानसी, डॉ. शिवानी, डॉ. अजय एवं डॉ. श्रेया शामिल रहीं। रोशनी पाने वाले सभी लाभार्थी सागर शहर व आसपास के ग्रामीण अंचलों के किसान एवं मजदूर वर्ग से ताल्लुक रखते हैं।

    इन मरीजों को मिला नया जीवन (परिवर्तित नाम):
    इमरान खान (73 वर्ष):
    पांच महीने पहले फंगल इन्फेक्शन के कारण कॉर्निया पूरी तरह खराब हो चुका था और दिखना बंद हो गया था। प्रत्यारोपण के बाद अब उनकी रोशनी लौट आई है।

    सीता बाई (70 वर्ष): दो वर्ष पूर्व चोट लगने से पुतली खराब हो गई थी। लगातार दर्द और अंधेपन से जूझ रही महिला का सफल ऑपरेशन कर पुतली बदली गई।

    अशोक (70 वर्ष): बीते पांच वर्षों से पुतली में सफेदी आने के कारण दृष्टिहीनता का शिकार थे। बीएमसी में जांच और प्रत्यारोपण के बाद अब वे देख सकते हैं।

    शिवदयाल (71 वर्ष): आठ महीने पहले मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था, लेकिन कॉर्निया में सूजन व फफोले पड़ने से रोशनी चली गई थी। नया कॉर्निया लगने से उनकी दृष्टि बहाल हो गई है।

    रिसर्च में काम आएंगी शेष दो कॉर्निया
    नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण खरे ने बताया कि हाल ही में तीन दानदाताओं से मरणोपरांत कुल छह कॉर्निया प्राप्त हुई थीं। जांचोपरांत इनमें से चार स्वस्थ कॉर्निया को मरीजों में प्रत्यारोपित किया गया। शेष दो कॉर्निया प्रत्यारोपण के मानकों के अनुकूल नहीं थीं, इसलिए उनका उपयोग विभाग के पीजी डॉक्टर्स शोध और चिकित्सीय अध्ययन के लिए करेंगे।

    सर्जरी और नेत्रदान पूरी तरह निःशुल्क
    बीएमसी डीन डॉ. पीएस ठाकुर ने बताया कि अस्पताल में कॉर्निया प्रत्यारोपण की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध है और यह पूरी प्रक्रिया एवं सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की जाती है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान एक स्वैच्छिक और पुनीत कार्य है, जिसके लिए समाज को बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए।

    आई बैंक की प्रभारी इंचार्ज डॉ. रोशी जैन एवं डॉ. अंजलि वीरानी ने सभी पीजी छात्रों, नर्सिंग स्टाफ (चेतना शुक्ला और रामलखन मीणा) व पैरामेडिकल स्टाफ के साथ मिलकर नेत्रदान प्राप्त करने से लेकर प्रत्यारोपण तक का कार्य बेहतर समन्वय के साथ पूरा किया।

  • शाम की चाय के साथ बनाएं कुरकुरी आटे की पापड़ी, बाजार की नमकीन भूल जाएंगे

    शाम की चाय के साथ बनाएं कुरकुरी आटे की पापड़ी, बाजार की नमकीन भूल जाएंगे

    शाम की चाय के साथ अगर कुछ कुरकुरा और चटपटा खाने का मन हो तो बाजार से नमकीन या बिस्किट खरीदने की जरूरत नहीं है. आप घर पर ही आसानी से पापड़ी बना सकते हैं जो खाने में मजेदार भी लगती है और इसका स्वाद भी बाजार वाली पापड़ी जैसा ही लगता है. सबसे अच्छी बात यह है कि मैदा नहीं बल्कि आप गेहूं के आटे से स्वादिष्ट और कुरकुरी पापड़ी बना सकते हैं, जो चाय के साथ बहुत मजेदार लगती है.

    खास बात यह है कि इसे बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं पड़ती. आटा, सूजी और कुछ बेसिक मसालों से आसानी से पापड़ी तैयार हो जाती है. इसे आप चाय के साथ स्नैक की तरह खा सकते हैं या फिर दही पापड़ी चाट जैसी डिश में भी इस्तेमाल कर सकते हैं. आइए आपको आटे की पापड़ी बनाने का तरीका बताते हैं.

    आटे की पापड़ी बनाने के लिए सामग्री
        2 कप गेहूं का आटा
        4 बड़े चम्मच बारीक सूजी
        ½ छोटा चम्मच जीरा
        1 छोटा चम्मच अजवाइन
        1 छोटा चम्मच कलौंजी
        1 छोटा चम्मच नमक
        3 बड़े चम्मच तेल
        तलने के लिए तेल

    स्वाद के लिए
        1 बड़ा चम्मच मैजिक/नूडल मसाला
        ½ छोटा चम्मच चाट मसाला

    घर पर आटे की पापड़ी बनाने का तरीका

    • सबसे पहले एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा और बारीक सूजी डालें. इसमें जीरा, अजवाइन, कलौंजी और नमक मिला दें.
    • अब 3 बड़े चम्मच तेल डालकर हाथों से अच्छी तरह मिलाएं. आटे को मुट्ठी में दबाकर देखें, अगर मिक्सर बंधने लगे तो समझें कि मोयन सही है.
    • अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें. आटा नरम नहीं होना चाहिए, वरना पापड़ी उतनी कुरकुरी नहीं बनेगी. आटे को करीब 10 मिनट के लिए ढककर रख दें.
    • इसके बाद आटे की छोटी-छोटी लोइयां बना लें. एक लोई को बेलकर पतली पूरी जितनी शेप दें.
    • अब कांटे की मदद से पूरी पर जगह-जगह छोटे छेद कर दें. इससे तलते समय पापड़ी ज्यादा फूलती नहीं है और अच्छी तरह कुरकुरी बनती है.
    • अब किसी गिलास या छोटे गोल कटर की मदद से बेली हुई शीट से छोटी-छोटी गोल पापड़ियां काट लें. बचा हुआ आटा फिर से गूंथकर बेलें और इसी तरह सारी पापड़ियां तैयार कर लें.
    • कड़ाही में तेल गर्म करें और पापड़ियों को स्लो से मिडियम फ्लेम पर तलें. इन्हें धीरे-धीरे पलटते रहें, जब तक कि पापड़ी गोल्डन और कुरकुरी न हो जाए.
    • हाई फ्लेम पर तलने से बाहर से पापड़ी जल्दी रंग पकड़ सकती है, जबकि अंदर से अच्छी तरह कुरकुरी नहीं होती है. इसलिए स्लो-मिडियम फ्लेम पर ही पापड़ी, पूड़ी जैसी चीजों को फ्राई करना चाहिए.
    • तली हुई पापड़ियों को निकालकर उनको प्लेट पर रख दीजिए, उनका एक्स्ट्रा तेल सोखने के लिए प्लेट पर टेश्यू पेपर बिछा दें.
    • जब पापड़ी हल्की गर्म हों, तभी ऊपर से अपनी पसंद का कोई भी नूडल मसाला और चाट मसाला डालकर अच्छी तरह टॉस करें.

    इस तरीके से करें स्टोर
    मसाला मिलाने के बाद पापड़ियों को ठंडा होने के लिए साडइ में रख दीजिए. जब पूरी तरह से ठंडी हो जाए तो उनको एयरटाइट डिब्बे में भरकर रखकर दीजिए. सही तरीके से स्टोर करने पर ये करीब 2 महीने तक इस्तेमाल की जा सकती हैं. बस निकालते समय गीले हाथ ना लगाएं और डिब्बे को टाइट से बंद करके रखें.

  • 2017 से अब तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 48,018 को मिली नियुक्ति

    2017 से अब तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 48,018 को मिली नियुक्ति

    लखनऊ
     प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को मंगलवार को 3,567 नए शिक्षक और संस्था प्रधान मिले। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए। इनमें से 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने मंच पर नियुक्ति पत्र सौंपे।
     
    नियुक्ति पाने वालों में 319 प्रधानाचार्य, 258 प्रधानाध्यापक, 618 प्रवक्ता पीजीटी और 2,372 सहायक अध्यापक टीजीटी हैं। इन सभी का चयन आयोग की ओर से पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए किया गया है।
     
    नौ वर्षों में 48 हजार से अधिक को नियुक्ति
    माध्यमिक शिक्षा विभाग के मुताबिक वर्ष 2017 से 22 सितंबर 2026 तक अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान और शिक्षक के विभिन्न पदों पर 48,018 अभ्यर्थियों का चयन और नियुक्ति हुई है। कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों और माध्यमिक शिक्षा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
     
    इन 12 अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री ने सौंपे नियुक्ति पत्र
    मुख्यमंत्री से मंच पर नियुक्ति पत्र पाने वालों में डीएवी इंटर कॉलेज कानपुर नगर के प्रधानाचार्य राम सिंह और इंटर कॉलेज बीरा पट्टी वाराणसी के प्रधानाध्यापक राघवेंद्र प्रताप सिंह शामिल रहे।
     
    प्रवक्ता पद पर चयनित अग्रसेन कन्या कॉलेज वाराणसी की आंचल शुक्ला, केडीईएम इंटर कॉलेज बरेली के अनुराग श्रीवास्तव, जिला पंचायत इंटर कॉलेज उग्रसेन प्रयागराज की प्रज्ञा सिंह, वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज आजमगढ़ के गोपाल प्रजापति और दीप चंद ग्रेन चैंबर इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर के मोहम्मद शादाब को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिए।
     
    सहायक अध्यापक के पद पर चयनित पंडित दीनदयाल इंटर कॉलेज गोरखपुर की उषा सिंह, जनता राष्ट्रीय इंटर कॉलेज संभल के आकाश कुमार, लाला राम स्वरूप शिक्षण संस्थान लखनऊ की रीना यादव, नगर पालिका कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झांसी की सोनम त्रिपाठी और नेहरू इंटर कॉलेज कुशीनगर के अमन कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त किए।