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  • मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पहुंचीं ग्राम कुंजनगर, महिलाओं से किया आत्मीय संवाद

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पहुंचीं ग्राम कुंजनगर, महिलाओं से किया आत्मीय संवाद

    मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पहुंचीं ग्राम कुंजनगर, महिलाओं से किया आत्मीय संवाद

    सेवा संकल्प अभियान के तहत महतारी वंदन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों से जानी योजनाओं की उपयोगिता

    रायपुर
    सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले रहीं महिलाओं से सीधे संवाद की पहल को आगे बढ़ाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ग्राम कुंजनगर पहुंचीं। उन्होंने महिलाओं और अन्य हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ, उनके अनुभवों और परिवार के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विशेष रूप से महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने जाना कि योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहायता महिलाओं की दैनिक आवश्यकताओं, परिवार के खर्च और मातृत्व से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किस प्रकार सहयोगी बन रही है। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासकीय योजनाओं से उन्हें आर्थिक संबल और आत्मविश्वास मिला है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाएं महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ मातृत्व और परिवार के बेहतर पोषण में भी सहयोग प्रदान कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से इन योजनाओं के वास्तविक लाभ और हितग्राहियों के अनुभवों को सामने लाने के साथ शासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत किया जा रहा है।

    मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ग्रामीण महिलाओं की बातों को गंभीरता से सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े उनके अनुभव जाने। ग्राम कुंजनगर में महिलाओं से हुआ यह संवाद महिला सशक्तिकरण, जनभागीदारी और सेवा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

  • MP में स्टेट हाईवे पर सफर होगा महंगा? नए कानून से लगेगी ‘यूजर फीस’

    MP में स्टेट हाईवे पर सफर होगा महंगा? नए कानून से लगेगी ‘यूजर फीस’

    भोपाल 

    मध्यप्रदेश में स्टेट हाईवे के विकास, रखरखाव और संचालन के लिए नया कानूनी ढांचा लागू हो गया है। राज्य सरकार अब स्टेट हाईवे या उसके किसी हिस्से के उपयोग से मिलने वाली सेवाओं और सुविधाओं के बदले यूजर फीस लगा सकेगी। शुल्क की दर और वसूली की प्रक्रिया नियमों के जरिए तय होगी। इसके साथ ही सरकार हाईवे के विकास और रखरखाव के लिए किसी व्यक्ति या संस्था के साथ समझौता भी कर सकेगी। इसके तहत संबंधित निजी संस्था को तय शर्तों के अनुसार शुल्क वसूलने और उसे अपने पास रखने का अधिकार भी दिया जा सकेगा। यह प्रावधान मप्र राजमार्ग (संशोधन) अधिनियम 2026 में किया गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह तत्काल प्रभावी हो चुका है।

    संशोधन में मूल मप्र राजमार्ग अधिनियम, 2004 की प्रस्तावना में भी बदलाव किया है। इसमें राजमार्गों से अतिक्रमण रोकने और हटाने के साथ यूजर फीस लगाने का प्रावधान जोड़ा गया है। वहीं सड़क सुरक्षा तथा सड़क परिवहन के सभी साधनों की अधिकतम दक्षता सुनिश्चित करने वाली सुविधाओं को भी कानून के दायरे में शामिल किया गया है।

    नए नियम के फायदे
    रखरखाव के लिए अतिरिक्त आयः यूजर फीस से हाईवे के विकास और रखरखाव के लिए अतिरिक्त संसाधन आसानी से जुटाए जा सकेंगे।

    निजी निवेश का रास्ताः विकास और रखरखाव के लिए निजी संस्थाओं के साथ करार होने से पूंजी और तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल भी संभव होगा।

    सुविधाओं में सुधारः अतिरिक्त शुल्क से मिलने वाले संसाधनों का उपयोग सड़क की गुणवत्ता. संचालन, सुरक्षा और संबंधित सुविधाओं में किया जा सकता है।

    जिम्मेदारी तय करने में मददः करार में निर्माण, रखरखाव, प्रबंधन और संचालन की शर्तें स्पष्ट की जा सकेंगी।

    नए नियम को लेकर ये चुनौतियां
    वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझः
    यूजर फीस से नियमित यात्रियों और मालवाहक वाहनों की यात्रा लागत बढ़ सकती है।

    दोहरी फीस की आशंकाःकिसी मार्ग पर पहले से अन्य शुल्क लागू होने की स्थिति में नया शुल्क अतिरिक्त आर्थिक बोझ डॉल सकता है। यह अनिवार्य प्रावधान नहीं, बल्कि संभावित प्रशासनिक चुनौती है।

    निजी एजेंसी की निगरानीःशुल्क वसूली का अधिकार निजी संस्था को मिलने पर दर, सेवा की गुणवत्ता और करार की निगरानी जरूरी होगी।

    कम ट्रैफिक वाले मार्गः कम यातायात वाले हाईवे निजी निवेश के लिए कम आकर्षक होंगे। ऐसे मार्गों के रखरखाव के लिए सरकार को अलग संसाधन जुटाने पड़ सकते हैं।

    सरकार तय करेगी फीस की नई दरें
    अधिनियम में नई धारा 8-ए जोड़ी गई है। इसके तहत राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना जारी कर स्टेट हाईवे के पूरे या किसी हिस्से के उपयोग से संबंधित सेवाओं या लाभों के लिए नियमों में तय दरों पर शुल्क लगा सकेगी। शुल्क की वसूली भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही होगी। हालांकि, किस हाईवे पर कितनी फीस लगेगी और किन वाहनों या उपयोगकर्ताओं पर लागू होगी, यह संबंधित नियमों और अधिसूचनाओं से स्पष्ट होगा।

    वहीं नई धारा 8-बी के तहत सरकार को स्टेट हाईवे के पूरे या किसी हिस्से के विकास और रखरखाव के लिए किसी व्यक्ति या संस्था से समझौता करने का अधिकार मिला है। करार की शर्तों के तहत संबंधित संस्था को सेवाओं या सुविधाओं के बदले शुल्क वसूलने और अपने पास रखने का अधिकार दिया जा सकता है। संशोधन अधिनियम के तहत मध्यप्रदेश राजमार्ग अधिनियम, 1936 और भारतीय टोल (मध्यप्रदेश संशोधन) अधिनियम, 1932 को निरस्त कर दिया गया है। हालांकि पहले जारी अधिसूचनाएं, निर्धारित यूजर फीस. रियायत समझौते, लाइसेंस, प्राधिकरण और शुल्क वसूलने से जुड़े अधिकार तत्काल खत्म नहीं होंगे।

  • GDA जनसुनवाई में हितग्राहियों की समस्याओं का समाधान, सुधीर गुप्ता ने सुनीं शिकायतें

    GDA जनसुनवाई में हितग्राहियों की समस्याओं का समाधान, सुधीर गुप्ता ने सुनीं शिकायतें

    ग्वालियर विकास प्राधिकरण ऑफिस जनसुनवाई में हितग्राहीयो की समस्याओं का समाधान कराया सुधीर गुप्ता वाइस चेयरमैन ग्वालियर विकास प्राधिकरण द्वारा

    ग्वालियर 
     ग्वालियर विकास प्राधिकरण ऑफिस में वाइस चेयरमैन सुधीर गुप्ता द्वारा जनसुनवाई में  समस्याओं का निराकरण किया जनसेवा ही हमारा सर्वोपरि संकल्प है 40 प्रकरणों में 28 का निराकरण किया बाकी प्रकरणों में समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरीत  प्रभावी एवं संतोषजनक निराकरण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जनसुनवाई में ग्वालियर विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी विकास सिंह भदोरिया, श्री बृजेश शर्मा भूअर्जन अधिकारी  ई.ई. देवेंद्र गुप्ता, ए. ई. इंजीनियर सुनील शुक्ला,  अकाउंट ऑफिसर , तकनीक शाखा प्रभारी,वरिष्ठ लेखा अधिकारी, ऑफिस सुपरीटेंडेंट, प्रभारी भूखंड संदीप तिवारी प्रभारी भूखंड मनोज माथुर, अशोक इंग्ले सहित सेक्सन के विभाग  प्रमुख एवं कर्मचारी गण उपस्थित रहे

  • धमतरी के जगदेव की आजीविका डबरी बनी समृद्धि का नया आधार

    धमतरी के जगदेव की आजीविका डबरी बनी समृद्धि का नया आधार

    योजना की बूँदों से खिली आत्मनिर्भरता

    धमतरी के जगदेव की आजीविका डबरी बनी समृद्धि का नया आधार

    ​रायपुर
         जब शासन की नीतियाँ धरातल पर उतरती हैं और ग्रामीणों की मेहनत से जुड़ती हैं, तो वे बदलाव का एक नया इतिहास रचती हैं। ऐसी ही एक सुखद और प्रेरणादायक तस्वीर धमतरी जिले के मगरलोड विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत केकराखोली से सामने आई है। यहाँ सेवा संकल्प अभियान के तहत निर्मित एक आजीविका डबरी ने स्थानीय निवासी श्री जगदेव पिता श्री मंगलू राम के परिवार को आत्मनिर्भरता की नई दिशा दी है।
          ​वर्षों से सीमित संसाधनों और पारंपरिक खेती-किसानी के सहारे अपने परिवार का गुजर-बसर करने वाले जगदेव के लिए दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के बाद बचत कर पाना बेहद कठिन था। उनके पास कोई ऐसा स्थायी साधन नहीं था जिससे वे अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर सकें। परिवार की इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए वित्तीय वर्ष 2026 में वीबी-जी रामजी योजना के अंतर्गत जगदेव के लिए आजीविका डबरी निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया। शासन की इस जनकल्याणकारी पहल ने उनके खेत में न केवल एक स्थायी जल संसाधन तैयार किया, बल्कि भविष्य के लिए आजीविका का एक मजबूत आधार भी खड़ा कर दिया।
             ​वर्तमान में यह डबरी लबालब पानी से भरी हुई है। जल की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए जगदेव ने इसे केवल जल संग्रहण तक सीमित न रखकर इसमें मछली पालन शुरू करने का निर्णय लिया है। जगदेव का मानना है कि यह डबरी उनके लिए सिर्फ पानी जमा करने की संरचना नहीं, बल्कि रोजगार और स्वावलंबन का नया जरिया है। इस पहल में उनके परिवार के सदस्य भी बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। मछली पालन से होने वाली भावी आय से परिवार ने बच्चों की बेहतर शिक्षा, कृषि कार्यों के आधुनिकीकरण और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के लिए बचत करने की योजना बनाई है।
          ​जगदेव की यह कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब शासन की योजनाओं से निर्मित परिसंपत्तियों का सही उपयोग हितग्राही की लगन और मेहनत के साथ होता है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलती है। आज पानी से लबालब भरी यह आजीविका डबरी जगदेव के परिवार के लिए केवल मिट्टी और पानी का ढांचा नहीं, बल्कि उनके उज्ज्वल और समृद्ध कल का प्रतीक बन चुकी है।

  • नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार

    पहले की सरकारों में रद्द हो जाती थीं परीक्षाएं, योगी सरकार में मिला नियुक्त पत्र: ममता मौर्या

    योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव मिल रहे रोजगार के अवसर: आंचल शुक्ला

    पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को योगी सरकार ने किया खत्म: गोपाल प्रजापति

    लखनऊ
     उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर खिल उठे। पारदर्शी और त्वरित चयन प्रक्रिया के लिए उन्होंने योगी सरकार की खुलकर सराहना की। अभ्यर्थियों ने कहा कि निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए युवाओं को यह अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी प्रकट किया।

    आंचल शुक्ला ने बताया कि उनकी नियुक्ति अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज टाउनहॉल वाराणसी में कला विषय, प्रवक्ता (पीजीटी) के पद पर हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र मिलने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनका बड़ा सपना पूरा हुआ है। योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। योगी सरकार ने महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसी सुरक्षा के माहौल से महिलाओं की प्रदेश में भागीदारी बढ़ी है।

    पिछली सरकारों में रद्द हो जाती थी परीक्षाएं
    ममता मौर्या ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। वह 2005 में एमए करने के बाद से इसके लिए प्रयास कर रही थीं। पहले बार-बार परीक्षाएं रद्द हो जाती थीं या लंबे समय तक परिणाम नहीं आता था। आज योगी सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा है कि परीक्षा में सफल होने के साथ ही नियुक्ति-पत्र भी मिल गया। इतने लंबे इंतजार के बाद चयनित होने पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। इसके लिए वह योगी सरकार का आभार व्यक्त करना चाहती हैं।

    टीजीटी गणित के पद पर चयनित मऊ के शिवम बरनवाल ने नियुक्ति-पत्र मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। बिना रिश्वतखोरी, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।

    योगी सरकार ने खत्म की अव्यवस्था
    गोपाल प्रजापति ने बताया कि उनका चयन श्री वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज, आजमगढ़ में प्रवक्ता (पीजीटी) रसायन विज्ञान के पद पर हुआ है। योगी सरकार की त्वरित प्रक्रिया से उनका पूरा परिवार उत्साहित और खुश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को खत्म कर व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से मिल रहे हैं।

    कुमारी ऊषा सिंह ने बताया कि उनका चयन पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज, गोरखपुर में गृह विज्ञान सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सकी है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर वह और उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री की अपेक्षानुसार वह अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी।

    हजारों अभ्यर्थियों को मिला सीधा लाभ
    अमेठी के शिव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। उन्होंने योगी सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की सराहना की। कहा कि चयन प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी हुई, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को सीधे लाभ मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से जिस ईमानदारी की अपेक्षा की है, उसे वह पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे।

  • ब्रह्म मुहूर्त में क्यों उठना चाहिए? प्रेमानंद महाराज ने बताया साधना का सही समय और नियम

    ब्रह्म मुहूर्त में क्यों उठना चाहिए? प्रेमानंद महाराज ने बताया साधना का सही समय और नियम

     हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त बहुत ही शुभ समय माना जाता है. ब्रह्म मुहूर्त को अमृत वेला और अक्षय मुहूर्त के नाम से भी जाना जाता है, जिसे आम भाषा में ईश्वर का समय माना जाता है. ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का बेहद शुभ समय माना जाता है. आमतौर पर यह समय सुबह करीब 4 बजे से 5:30 बजे तक माना जाता है. इस दौरान मंत्र जाप के साथ-साथ कुछ ऐसे उपाय भी किए जा सकते हैं, जिन्हें धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ और लाभकारी माना जाता है.

    ब्रह्म मुहूर्त को लेकर मथुरा वृंदावन के जाने माने बाबा प्रेमानंद महाराज ने भी अपनी राय रखी. प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'कभी-कभी जब नए उपासकों से बातचीत होती है और वे अपनी दिनचर्या बताते हैं कि हम सुबह 6:30 बजे स्नान करते हैं, तब मन में सवाल आता है कि इतनी देर तक सोने के बाद साधना कैसे होगी? अगर कोई साधक सुबह 6:30 बजे तक सोता रहता है, तो उसकी साधना और ब्रह्मचर्य की दिनचर्या पर सवाल उठना स्वाभाविक है.'

    आगे प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'शास्त्रों और महापुरुषों ने ब्रह्म मुहूर्त के समय को साधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है. सामान्य रूप से साधक को सुबह 2 से 4 बजे के बीच उठकर भजन, जप और ध्यान करना चाहिए. हालांकि, अगर कोई व्यक्ति पूरी रात भजन में लगा रहा हो और किसी कारण से सुबह देर से सोया हो, तो उसकी स्थिति अलग है. लेकिन बिना किसी विशेष कारण के देर तक सोते रहना साधक की दिनचर्या के लिए उचित नहीं माना जाता है.'

    केवल सत्संग सुनना पर्याप्त नहीं
    प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'मान लें आप खूब सत्संग सुनते हैं, प्रवचन सुनते हैं और भगवान की चर्चा करते हैं, लेकिन आपकी दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं आ रहा. तब यह विचार करने की जरूरत है कि आखिर साधना का प्रभाव जीवन में क्यों नहीं दिखाई दे रहा है. सत्संग सुनना अच्छी बात है, लेकिन उसके साथ अपनी दिनचर्या को भी सुधारना जरूरी है. सुबह समय पर उठना, जप करना, ध्यान लगाना और अपने नियमों का पालन करना साधना का हिस्सा है.'

    फिर साधना में हमारा अभ्यास इतना कमजोर क्यों हो कि हम सुबह उठकर दोबारा सो जाएं?

    आज से नई दिनचर्या बनाएं
    फिर प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'अगर आपकी पुरानी दिनचर्या ठीक है तो उसे बनाए रखें. अगर उसमें कमी है तो आज से उसमें सुधार करें. अपनी दिनचर्या को लिखिए और स्वयं को उसके नियमों में बांधिए. केवल रजिस्टर में लिख देने से काम नहीं चलेगा कि आज मैं 2 बजे उठ गया या 3 बजे उठ गया. खुद को इसका साक्षी बनाना होगा और अपने नियमों का ईमानदारी से पालन करना होगा. बिना नियम के प्रेम भी स्थिर नहीं हो सकता. साधना में नियम और नियमितता बहुत महत्वपूर्ण हैं.'

    ' किसी भी संत के जीवन को देखिए, उनकी दिनचर्या में अनुशासन दिखाई देगा. हमें महापुरुषों की विशेष अवस्थाओं की नकल करने के बजाय उनके दिए हुए उपदेश और साधना के नियमों को अपने जीवन में उतारना चाहिए.'

    शरीर स्वस्थ है, तभी साधना का अवसर है
    'जीवन बहुत अनमोल है. जब तक शरीर स्वस्थ है, तब तक हमारे पास भजन करने, सत्संग सुनने और भगवान का नाम लेने का अवसर है. जब कोई गंभीर बीमारी सामने आती है, तब मनुष्य को अचानक जीवन की वास्तविकता का एहसास होने लगता है. बीमारी की रिपोर्ट हाथ में आते ही अच्छे-अच्छे लोगों का मन विचलित हो जाता है. तब संसार की दूसरी चीजों से मन हटकर केवल बीमारी और मृत्यु का चिंतन करने लगता है. इसलिए जब शरीर स्वस्थ है, तभी समय का सदुपयोग करना चाहिए. यह नहीं सोचना चाहिए कि भजन बाद में कर लेंगे. भजन कोई साधारण वस्तु नहीं है. संतों ने बार-बार समझाया है कि जब तक शरीर स्वस्थ है और बुढ़ापा दूर है, तब तक भगवान के भजन में मन लगाना चाहिए.'

    भगवान का आश्रय और नाम जप
    फिर, प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, 'साधना की दो बातें बहुत महत्वपूर्ण हैं- भीतर से भगवान का आश्रय और जिह्वा से भगवान का नाम. जब मनुष्य नियमित रूप से भगवान का नाम जपता है और उनका चिंतन करता है, तो धीरे-धीरे उसके भीतर वैराग्य बढ़ने लगता है. संसार की कई चीजों से अपने आप अरुचि होने लगती है. भजन का प्रभाव केवल बाहरी व्यवहार पर नहीं पड़ता, बल्कि मन और अंतःकरण पर भी पड़ता है. बाहरी कर्मों से बाहरी पवित्रता आती है, जबकि अंतःकरण की पवित्रता चिंतन और भजन से होती है. जब बाहरी और आंतरिक दोनों स्तरों पर साधना होने लगती है, तब धीरे-धीरे स्वभाव में परिवर्तन आता है.'

    दिनचर्या मन को बांधने का साधन है
    'दिनचर्या का अर्थ केवल समय बांटना नहीं है. इसका उद्देश्य मन को अनुशासित करना भी है. किस समय जप करना है, किस समय सत्संग सुनना है, किस समय परिक्रमा करनी है, किस समय मौन रहना है और किस समय भोजन करना है – इन सबका एक निश्चित नियम होना चाहिए.'

    'अगर आपने तय किया है कि सुबह एक निश्चित समय पर भजन करेंगे, तो उस समय को लंबे समय तक भजन के लिए सुरक्षित रखें. शुरुआत में अगर केवल 10 मिनट संभव हैं, तो 10 मिनट से शुरू कीजिए, लेकिन उस नियम को लगातार निभाइए. धीरे-धीरे अभ्यास मजबूत होगा और समय भी बढ़ाया जा सकता है.'

  • इंद्रावती टाइगर रिजर्व में अब वैज्ञानिक तरीके से होगी बाघों की निगरानी

    इंद्रावती टाइगर रिजर्व में अब वैज्ञानिक तरीके से होगी बाघों की निगरानी

    बीजापुर.

    इंद्रावती टाइगर रिजर्व में बाघों की निगरानी और अवैध फंदों की रोकथाम को लेकर प्रशिक्षण आयोजित किया गया. एंटी-स्नेयर और टाइगर मॉनिटरिंग विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला में वन अमले को प्रशिक्षण दिया गया.

    रेंज अधिकारी से लेकर बीट और पेट्रोलिंग गार्ड तक के कर्मचारियों ने इसमें हिस्सा लिया. प्रशिक्षण में टाइगर इकोलॉजी के साथ पगमार्क, स्कैट और स्क्रैच की पहचान सिखाई गई. इसके अलावा किल साइट, ट्रेल वॉक और कैमरा ट्रैप के जरिए निगरानी की प्रक्रिया बताई गई. मैदानी स्तर पर डेटा जुटाने और उसके दस्तावेजीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया. एंटी-स्नेयर वॉक के दौरान संभावित फंदों वाले क्षेत्रों की पहचान और सर्च तकनीक समझाई गई. वनकर्मियों को अभियान के दौरान सुरक्षा उपायों और व्यवस्थित निगरानी की जानकारी दी गई.

    प्रशिक्षण का उद्देश्य वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की समय रहते पहचान करना भी है. अधिकारियों के मुताबिक वैज्ञानिक तरीके से जुटाया गया फील्ड डेटा भविष्य की संरक्षण योजनाओं में उपयोगी होगा. इंद्रावती टाइगर रिजर्व में नियमित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया.

  • MP में हर विधानसभा क्षेत्र में बनेंगे स्टेडियम, मोहन कैबिनेट ने दी मंजूरी

    MP में हर विधानसभा क्षेत्र में बनेंगे स्टेडियम, मोहन कैबिनेट ने दी मंजूरी

    भोपाल 
    मोहन कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई, जिसमें कई प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई। कैबिनेट की बैठक की जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कश्यप ने मीडिया को दी।

    जनविश्वास अभियान के तहत हर शुक्रवार के दिन सारे प्रशासनिक अधिकारी किसी बैठक में नहीं रहते हैं, सभी क्षेत्र के अंदर या फील्ड में रहते हैं। जनता की समस्याएं उन्हीं के द्वार पर जाकर सुनते हैं। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का आयोजन है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के कारण झाकियों और आयोजन के कारण उसे 26 सितंबर को जारी रहेगा।

    25 को भोपाल से होगा सुगम बस सेवा का शुभारंभ
    चैतन्य कश्यप ने बताया कि कैबिनेट के अंदर महत्वपूर्ण विषयों को लाया गया। इसमें परिवहन विभाग में रोडवेज बंद होने के बाद मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर को किया जा रहा है। इस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी। इसमें नितिन गडगरी के शामिल होंगे। रूट और आम यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए वर्तमान बसों का उपयोग करते हुए इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। 2030-31 तक 14981 बसों को चलाएंगे। इसका उद्देश्य यह है कि दूरदराज के गांव में इस सेवा से जुड़ सके। सीसीटीवी कैमरे रहे। जीपीएस सिस्टम रहेगा, जिससे यात्रियों को पता चलता रहे कि बस कितना लेट हो रही है या कितनी दूर है। तो व्यवस्थित मॉडल हम बना रहे हैं। सरकार अपनी कोई बस नहीं लगा रही है, सारे के सारे बस ऑपरेटरों की भागीदारी के साथ ही सुविधाओं की मॉनिटरिंग भी हो। एक वैज्ञानिक तरीके से पूरे मॉडल को विकसित कर रहे हैं। सीएम मोहन यादव स्वयं इसके अध्यक्ष भी हैं और पूरे देश में इस तरह का यह पहला मॉडल है।

    230 विधानसभा सीटों पर बनेंगे स्टेडियम
    मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि हर विधानसभा क्षेत्र में एक स्टेडियम बनेगा। यह सिर्फ मैदान वाला स्टेडियम नहीं होगा। इसे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तरह विकसित किया जाएगा। इसमें इनडोर और आउटडोर दोनों तरह के खेल होंगे। जहां 10 एकड़ से ज्यादा जमीन मिलेगी, वहां पूरी सुविधा बनेगी।

    हर कॉम्प्लेक्स की लागत करीब सात करोड़ रुपए होगी। एक कॉम्प्लेक्स में 10 से 12 खेल शामिल किए जाएंगे। इनमें पांच से छह खेल इनडोर होंगे। चार से पांच खेल आउटडोर होंगे। इनका नाम मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स रखा गया है। अगले पांच साल में इस पर 960 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

    अभी 230 में से 140 सीटों पर ऐसी सुविधा नहीं है। इन सभी 140 जगहों पर नए कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। बाकी 90 जगहों की अधूरी सुविधाओं को भी पूरा किया जाएगा। हर जगह ट्रेनिंग के लिए कोच भी रखे जाएंगे।

    स्टेडियम में बनेगा हेलीपैड
    इस योजना में एक नई और खास बात भी जोड़ी गई है। हर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक हेलीपैड भी बनेगा। यह हेलीपैड मैदान के बीच में बनाया जाएगा। इसका मकसद एयर एंबुलेंस सेवा को मजबूत करना है। अभी कई गांवों में तुरंत हेलीपैड बनाना मुश्किल होता है।

    इसमें काफी समय लग जाता है। अब यह हेलीपैड 24 घंटे और सातों दिन तैयार रहेगा। जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को तुरंत एयरलिफ्ट किया जा सकेगा। मंत्री ने कहा कि यह ग्रामीण इलाकों के लिए बड़ी राहत होगी।

    2800 मेगावाट बिजली को मंजूरी
    कैबिनेट ने बिजली से जुड़ा एक बड़ा फैसला भी लिया है। पावर मैनेजमेंट कंपनी की एक रिपोर्ट सामने आई थी। इसके मुताबिक अभी मध्य प्रदेश में बिजली सरप्लस है। लेकिन आने वाले सालों में नए उद्योग तेजी से बढ़ेंगे। सेमीकंडक्टर और टेलीकॉम उद्योगों का विस्तार हो रहा है। शहरों का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है।

    इस वजह से 2037 तक करीब 1900 मेगावाट बिजली की कमी हो सकती है। यह अनुमान एक राष्ट्रीय स्तर की एजेंसी ने लगाया है। थर्मल पावर प्लांट बनने में पांच से सात साल लगते हैं। इसी वजह से सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।

    कैबिनेट ने 1900 मेगावाट नई बिजली खरीदने की मंजूरी दी। इसके साथ ही 900 मेगावाट का पुराना करार भी जोड़ा गया। इस तरह कुल 2800 मेगावाट थर्मल बिजली खरीदी जाएगी। इससे 2037 तक की जरूरत पूरी हो सकेगी।

    961 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी
    इसके अलावा कैबिनेट ने कई पुरानी योजनाओं को भी जारी रखा। इन पर करीब 961 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इनमें राजगढ़ जिले की सुठालिया सिंचाई परियोजना भी शामिल है। इस पर अब तक 1000 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। अब इसमें 262 करोड़ रुपए का नया प्रावधान जोड़ा गया है। इस परियोजना का 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पूरा होने पर इससे 400 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई होगी।

    इसी तरह नीमच-जावद की सिंचाई परियोजना पर भी टेंडर फिर से लगाए गए हैं। इस पर करीब 4197 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विधि विभाग की कई योजनाओं को भी आगे बढ़ाया गया है। ग्राम न्यायालय योजना को 2031 तक बढ़ाया गया है। परिवार न्यायालय और उच्च न्यायालय से जुड़ी योजनाओं को भी निरंतरता मिली है।

    25 सितंबर से शुरू होगी बस सेवा
    बैठक में परिवहन विभाग का भी बड़ा प्रस्ताव रखा गया। मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना 25 सितंबर से शुरू होगी। इसकी शुरुआत भोपाल से की जाएगी। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के आने की संभावना है। उस दिन 350 बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।

    मार्च तक करीब 1000 बसें इस योजना से जुड़ेंगी। ये सभी बसें निजी ऑपरेटरों की होंगी। सरकार खुद कोई बस नहीं खरीदेगी। सरकार सिर्फ रूट तय करेगी और निगरानी करेगी। किराया भी परिवहन विभाग के तय रेट पर ही रहेगा।

    हर बस में सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस सिस्टम लगेंगे। इससे बस की लोकेशन ऑनलाइन पता चलती रहेगी। साल 2030-31 तक कुल 14,981 बसें इस योजना में जुड़ेंगी। मंत्री ने बताया कि यह देश का पहला ऐसा मॉडल है। पहले सिर्फ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार की कोई भागीदारी नहीं थी। अब मध्य प्रदेश में यह व्यवस्था शुरू हो रही है।

    हर विधानसभा क्षेत्र में बनेंगे स्टेडियम, हेलीपेड
    चैतन्य कश्यप ने बताया कि एक और फैसला खेल जगत के लिए हुआ है। मध्यप्रदेश की हर विधानसभा में एक-एक स्टेडियम बनाया जाएगा। यह स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की अवधारणा बनाई गई है, जिसमें इनडोर और आउटडोर स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स होंगे। मल्टीपर्पस काम्पलेक्स होंगे। जमीन की उपलब्धता और रोड की कनेक्टिविटी को देखते हुए इसे डेवलप किया जाएगा। बच्चे यहां अपनी खेल प्रतिभा को निखार पाएंगे। यह पहली बार हो रहा है कि विधानसभा और ब्लाक लेवल पर संसाधनों के साथ खेल परिसर बनाए जा रहे हैं। इसका नाम रखा गया है मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स। इसे अगले 5 सालों में 960 करोड़ की लागत का प्रावधान किया है। 140 विधानसभा ऐसे हैं जहां खेल की सुविधा नहीं है। 90 जगह है, जिसे अपडेट करेंगे। इसमें नई चीज जोड़ रहे हैं, इन काम्पलेक्स के बीच हेलीपेड बनेगा, जिससे एयरएंबुलेंस की सेवा गांव-गांव तक पहुंचाई जा सके। यह मैदान के बीच में बनेगा, जो हमेशा उपलब्ध रहेगा। यह अपने आप में नया प्रयोग है।
    और क्या फैसले हुए

    पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के अंतर एक रिपोर्ट आई है कि 2037 तक आज भी हम ऊर्जा में सरप्लस मानते हैं, औद्योगों का जो जाल बिछा रहे हैं। मध्यप्रदेश ने 2037 की मांग को देखते हुए 1800 + 900 मेगावाट को पर्चेस करने का फैसला लिया है।

    दूरसंचार के क्षेत्र में मिलेगी ऊचाइयां
    सीएम आज बेंगलुरू में आयोजित रोड शो में जा रहे हैं। ग्वालियर में स्थापित दूरसंचार केंद्र के कार्यक्रम के सिलसिले में बेंगलुरू में रहेंगे। टेलिकाम के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को नई ऊंचाइयां मिलेगी। मध्यप्रदेश में ग्रीन फील्ड नए हाईवे बनने जा रहे हैं। इंदौर से जबलपुर के बीच बनने वाले इस हाईवे को औद्योगिक कॉरिडेर के रूप में विकसित किया जाएगा।

    आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम बड़ी उपलब्धि
    चैतन्य कश्यप ने बताया कि तीन करोड़ 88 लाख दीपक मध्यप्रदेश में प्रज्वलित हुए। उज्जैन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन आए थे, उन्होंने 32 लाख से अधिक दीपक प्रज्वलित हुए, यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए प्रधानमंत्री के प्रति भावना प्रकट करने का अवसर रहा है। आशीर्वाद के दीये के साथ ही रक्तदान का भी बडा आयोजन हुआ। पूरे प्रदेश में 1100 स्थानों पर रक्तदान किया गया। उज्जैन में ही 25 हजार रक्तदान यूनिट का आयोजन सफल हुआ। इसी कार्यक्रम की अगली कड़ियों में 24-25 सितंबर को वडनगर से वाराणसी तक मोटरसाइकिल यात्राएं निकल रही हैं और उनको प्रधानमंत्री स्वयं संबोधित करेंगे।

    शिक्षा के क्षेत्र में जीरो ड्रपआउट
    मध्यप्रदेश ने एक उपलब्धि और हासिल की है, वो स्कूल शिक्षा में। इस बार प्राथमिक स्तर पर जीरो ड्रापआउट रहा। उस लक्ष्य को मोहन यादव की सरकार ने प्राप्त कर लिया है। इसी के साथ दो दिन पहले सीएम मोहन यादव ने स्वयं माता चीता राधा को गांधी सागर के बाड़े में छोड़ा था। वहां अब 4 चीतों की संख्या हो गई है। यह वन्य जीव संरक्षण में मध्यप्रदेश की अच्छी उपलब्धि है।

    जनविश्वास अभियान के तहत हर शुक्रवार के दिन सारे प्रशासनिक अधिकारी किसी बैठक में नहीं रहते हैं, सभी क्षेत्र के अंदर या फील्ड में रहते हैं। जनता की समस्याएं उन्हीं के द्वार पर जाकर सुनते हैं। 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का आयोजन है, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के कारण झाकियों और आयोजन के कारण उसे 26 सितंबर को जारी रहेगा।

  • Silver Price Fall: चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, ₹2200 से ज्यादा सस्ती

    Silver Price Fall: चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, ₹2200 से ज्यादा सस्ती

     नई दिल्ली

    सोना-चांदी की कीमतों में अचानक फिर से बड़ी गिरावट (Gold-Silver Rate Fall) आई है. मंगलवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर गोल्ड-सिल्वर रेट तेजी के साथ ओपन हुए, लेकिन फिर अगले ही पल दोनों कीमती धातुओं के दाम गिरने लगे और ये काफी सस्ती हो गईं. एक ओर जहां चांदी का वायदा भाव झटके में 2200 रुपये प्रति किलोग्राम से ज्यादा कम हो गया, तो वहीं सोने का दाम भी तेजी से फिसलने लगे। 

    चांदी अचानक हुई इतनी सस्ता 
    एमसीएक्स पर चांदी की वायदा कीमत बीते कारोबारी दिन सोमवार को कारोबार क्लोज होने पर 4 दिसंबर की एक्सपायरी वाली चांदी 2,39,317 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी और मंगलवार को खुलने के साथ ही ये उछलकर 2.40 लाख रुपये के लेवल पर पहुंच गई. लेकिन कुछ देर के कारोबार में ही बाजी लट गई और 1 Kg Silver Price तेजी से लुढ़कता हुआ 2,37,100 रुपये पर आ गया. इस हिसाब से चांदी 2217 रुपये सस्ती हो गई। 

    हाई से अब इतना टूट गया दाम 
    चांदी की कीमत में मंगलवार को आई इस गिरावट के बाद अब चांदी की वायदा कीमत अपने लाइफ टाइम हाई लेवल से और भी ज्यादा फिसल (Silver Price More Crash From High) गई है. दरअसल, जनवरी महीने में आखिरी हफ्ते में सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए 4,20,048 रुपये के हाई पर पहुंची थी और वर्तमान भाव से तुलना करें, तो ये कीमती धातु यहां से अब 1,82,948 रुपये प्रति किलो सस्ती मिल रही है।

    सोना भी झटके में हुआ इतना सस्ता 
    न सिर्फ चांदी की कीमत में गिरावट आई है, बल्कि सोने का भाव भी Silver Price के जैसा ही ग्रीन से रेड जोन में आया है. 5 अक्टूबर की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold सोमवार को कमोडिटी मार्केट की क्लोजिंग के समय 1,53,094 रुपये पर बंद हुआ था, जबकि मंगलवार को खुलने के साथ ही ये 1,53,497 पर पहुंच गया. हालांकि, इसके बाद चांदी की तरह इसमें गिरावट शुरू हुई और खबर लिखे जाने तक Gold Rate 721 रुपये सस्ता होकर 1,52,373 रुपये प्रति किलो पर आ गया था। 

    बता दें MCX Gold-Silver Rate में गिरावट देखने को मिली है. तो वहीं घरेलू मार्केट में सोना-चांदी की कीमतों पर नजर डालें, तो इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com के मुताबिक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 1,53,337 रुपये था, जबकि 1 किलो चांदी घरेलू बाजार में 2,34,992 रुपये पर मिल रही थी। 

     

  • सेवा की कहानी: सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों को मिला संबल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम

    सेवा की कहानी: सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों को मिला संबल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम

    सेवा की कहानी: सहायक उपकरणों से दिव्यांगजनों को मिला संबल, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम

    लोक अदालत के अवसर पर दिव्यांग हितग्राहियों को वितरित किए गए सहायक उपकरण

    रायपुर
    सेवा संकल्प के तहत जरूरतमंदों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में समाज कल्याण विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में लोक अदालत के अवसर पर समाज कल्याण विभाग, जिला रायपुर द्वारा संविलित कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना के अंतर्गत दिव्यांग हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के साथ उनकी गतिशीलता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।

    कार्यक्रम में कुल 10 सहायक उपकरण वितरित किए गए, जिनमें 06 श्रवण यंत्र, 02 ट्राइसाइकिल और 02 छड़ियां शामिल हैं। सहायक उपकरण मिलने से हितग्राहियों को अपनी दैनिक गतिविधियों में सुविधा के साथ आवागमन और सामाजिक सहभागिता में भी सहूलियत मिलेगी।

     जिला न्यायाधीश बलराम प्रसाद वर्मा ने हितग्राहियों को सहायक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने दिव्यांगजनों तक शासन की कल्याणकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।

    समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांग हितग्राही को उसकी आवश्यकता के अनुरूप सहायता और योजनाओं का लाभ समय पर मिले। सहायक उपकरणों का वितरण इसी सेवा भावना की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो दिव्यांगजनों को सुविधा के साथ सम्मानपूर्वक और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही है।