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  • MP में सिंगल क्लिक से 35.42 लाख लोगों के खाते में पहुंची पेंशन, CM मोहन यादव ने किया ट्रांसफर

    MP में सिंगल क्लिक से 35.42 लाख लोगों के खाते में पहुंची पेंशन, CM मोहन यादव ने किया ट्रांसफर

     देवास
    मध्यप्रदेश में सेवा संकल्प अभियान मनाया जा रहा है। देवास में गुरुवार को कई कार्यक्रम हुए, जिसमें मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने सिंगल क्लिक पर सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण किया, इसी कार्यक्रम के दौरान दिल्ली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्चुअल जुड़े, उन्होंने बाइक राइडर्स से संवाद किया और उनके अनुभव पूछे।

    मध्यप्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गुरुवार को देवास में बाइक राइडर्स के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवाद किया। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन का पैसा सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक पर 35.42 लाख हितग्राहियों के खाते में डाला। यह आयोजन देवास जिले के पुंजापुरा में हुआ। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, बागली विधायक भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवास जिले के पुंजापुरा में "सेवा संकल्प अभियान" अंतर्गत वड़नगर से वाराणसी सेवा यात्रा कार्यक्रम में सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से वर्चुअली संवाद किया। प्रधानमंत्री ने ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ में शामिल देवास के दीपेश गोटी से संवाद किया।

    आपने तो गुजराती और राजस्थानी को पीछे छोड़ दिया
    पीएम नरेंद्र मोदी ने जब बाइक राइडर्स से बात कर रहे थे तो ऐसा वाकया भी हुआ जब जमकर ठहाके लग गए। देवास जिले के पुंजापुरा में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने यात्रा में शामिल शाजापुर जिले के दीपेश गोठी से बात कर रहे थे। मोदी ने दीपेश से पूछा कि यात्रा के दौरान जिनसे मिल रहे हो उनसे कुछ सीखने को मिला क्या? इस पर दीपेश ने कहा कि हम अलग-अलग क्षेत्रों की भाषा सीखने का प्रयास करते हैं। वहीं पीएम मोदी ने पूछा कि आप वडनगर में किसी से पहचान बनाई है कि छोड़ दिया सब। इस पर दीपेश ने कहा कि मैं वहां के व्यापारियों का नंबर लेकर आया हूं, क्योंकि मेरा भी व्यापार है। इस पर पीएम ने दीपेश से कहा कि अच्छा आपने तो सेवा के साथ अपना काम भी कर लिया। इस पर दीपेश के साथ बैठे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा सहित अन्य ठहाके लगाकर हंसे। पीएम ने कहा कि आपने तो गुजराती और राजस्थानी को हरा दिया। अच्छी बात है कि मप्र का मिजाज एंटरप्रेन्योर का बन रहा है। मप्र का जवान भी व्यापार-कारोबार में रुचि ले रहा है।

    मोदी ने हरदा की माहेश्वरी धर्मशाला में भी बाईक राइडर्स से वर्चुअल संवाद किया। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने सहभागिता की। इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री विश्वास सारंग, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रभुराम चौधरी, पूर्व मंत्री कमल पटेल सहित पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    पीएम के लिए क्या बोले मोहन यादव
    इस मौके पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गुजरात भी बदला और देश भी बदला है। हमें गर्व है कि गुजरात से मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार प्रदेश का नेतृत्व करने वाले नरेंद्र मोदी आज तीन बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में भारत को नई दिशा दे रहे हैं। यह वास्तव में एक अनूठा समय है। हमने राम राज्य की कल्पना साहित्य में पढ़ी और सुनी है। आज प्रधानमंत्री जी ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया है और समाज के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाकर राम राज्य की भावना को साकार करने का कार्य किया है। गरीब से गरीब व्यक्ति के पक्के मकान, उसके घर का चूल्हा, रोजगार और बच्चों की शिक्षा की चिंता करते हुए सरकार निरंतर जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ा रही है।

    बस सेवाओं के लिए क्या बोले सीएम
    मोहन यादव ने कहा कि कल पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर मुझे प्रसन्नता है कि 21 वर्ष पहले बंद हुई मध्यप्रदेश सड़क परिवहन निगम की बस सेवाएं पुनः प्रारंभ होने जा रही हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण हो चुका है और गांव-गांव तक सड़क एवं हाई-वे कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है। मध्यप्रदेश देश के मध्य में स्थित है और बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के साथ आवागमन की सुविधाओं को और सुदृढ़ करने के लिए सड़क परिवहन निगम की बसें तीन स्तरों पर संचालित की जाएंगी। नगरीय क्षेत्रों में, प्रदेश के भीतर विभिन्न मार्गों पर तथा अंतरराज्यीय मार्गों पर। इससे प्रदेश के यात्रियों को आवागमन की बेहतर और सुविधाजनक सेवा उपलब्ध होगी।

    पुलिस के 18000 पदों पर भर्ती
    प्रदेश में पुलिस इंस्पेक्टर से लेकर जवान तक 18,000 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसके साथ ही सरकार द्वारा कुल 85,000 नए पदों पर भर्ती का कार्य किया जा रहा है। एमएसएमई के माध्यम से प्रदेश के 1 करोड़ 20 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश के राज्यों में सबसे कम है, यह हमारे लिए गर्व की बात है। हमारे बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने के लिए सरकार लैपटॉप, साइकिल और किताबों के साथ स्कूटी भी प्रदान कर रही है, ताकि वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर आगे बढ़ सकें।

    कांग्रेस ने लोगों को प्यासा रखा
    मोहन यादव ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के लोगों ने वर्षों तक इस क्षेत्र को प्यासा रखा। खेत सूखे रहे और लोग गरीब होते गए। भाजपा के मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती, स्वर्गीय बाबूलाल गौर एवं शिवराज सिंह चौहान के साथ हमारी सरकार में लगातार ₹65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर सबके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। अब किसान भाई – बहन वर्ष में दो से तीन फसल आसानी से ले सकते हैं।

  • यूपीआईटीएस-26 में दिखेगी यूपी की स्मार्ट सिंचाई व्यवस्था, तकनीक से जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण का बना यूपी मॉडल

    यूपीआईटीएस-26 में दिखेगी यूपी की स्मार्ट सिंचाई व्यवस्था, तकनीक से जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण का बना यूपी मॉडल

    यूपीआईटीएस-26 में दिखेगी यूपी की स्मार्ट सिंचाई व्यवस्था, तकनीक से जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण का बना यूपी मॉडल

    – सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के पवेलियन में लाइव इंजीनियरिंग मॉडल, स्काडा और एआई तकनीक का होगा प्रदर्शन

    – बाढ़ नियंत्रण, नदी जोड़ो परियोजनाओं, ड्रेजिंग और सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई की मिलेगी जानकारी

    लखनऊ,
    योगी सरकार द्वारा प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक तकनीक, बेहतर जल प्रबंधन और टिकाऊ इंजीनियरिंग से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) 2026 में देखने को मिलेगी। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित होने वाले यूपीआईटीएस के चौथे संस्करण में उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से हॉल नंबर-6 में पवेलियन लगाया गया है। यहां तकनीकी विशेषज्ञों, इंजीनियरिंग एवं तकनीकी छात्रों, प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों के संकाय सदस्यों, छात्रों और आमजन को विभाग की परियोजनाओं, तकनीकी नवाचारों और पिछले एक दशक की उपलब्धियों से रूबरू कराया जाएगा।

    पिछले साढ़े नौ वर्षों में 19.48 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का हुआ विस्तार
    प्रमुख सचिव, उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं जल संसाधन अनिल गर्ग ने बताया कि पवेलियन में आधुनिक सिंचाई परियोजनाओं के साथ जल प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण में अपनाई जा रही तकनीकों का प्रदर्शन किया जाएगा। विजटर्स को लाइव इंजीनियरिंग मॉडल के माध्यम से प्रमुख परियोजनाओं की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। इनमें बाणसागर नहर परियोजना, पहाड़ी बांध परियोजना, अर्जुन सहायक नहर परियोजना, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना सहित अन्य प्रमुख परियोजनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। विभागीय प्रदर्शनी में नहर नेटवर्क और लिफ्ट कैनाल के कार्यात्मक मॉडलों के साथ बांधों और बैराजों की कार्यप्रणाली को ऑडियो-विजुअल माध्यम से समझाया जाएगा। प्रदर्शनी में पिछले साढ़े नौ वर्षों में पूरी की गई प्रमुख, मध्यम और लघु सिंचाई परियोजनाओं की उपलब्धियों को प्रमुखता दी गई है। बाणसागर नहर परियोजना, पहाड़ी बांध परियोजना, अर्जुन सहायक नहर परियोजना, महुआगांव-चिल्ली स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजना, लहचुरा बांध परियोजना, सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, यूपी वाटर रिस्ट्रक्चरिंग प्रोजेक्ट फेज-2 और जरगो नहर प्रणाली के पुनर्गठन जैसी परियोजनाओं से सिंचाई क्षमता में विस्तार हुआ है। पिछले साढ़े नौ वर्षों में 17.29 लाख हेक्टेयर नया सिंचाई क्षेत्र विकसित हुआ जबकि 2.19 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र को पुनर्स्थापित किया गया। इस तरह कुल 19.48 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र का विस्तार/पुनर्स्थापन हुआ और 44.81 लाख किसान परिवार इससे लाभान्वित हुए हैं।

    स्काडा और एआई से किया जा रहा स्मार्ट जल प्रबंधन
    मुख्य अभियंता यांत्रिक उपेंद्र सिंह ने बताया कि पवेलियन में प्रमुख आकर्षण स्मार्ट सिंचाई प्रणाली होगी। विभाग सिंचाई जल के वितरण, नहर संचालन और सरकारी नलकूपों के संचालन में स्काडा, एआई और आईओटी जैसी तकनीकों का उपयोग कर रहा है। 15 प्रमुख बांधों और बैराजों पर स्काडा सिस्टम स्थापित किए गए हैं, जिसके माध्यम से कंट्रोल रूम से गेटों का इलेक्ट्रॉनिक संचालन और बांध-बैराज से संबंधित रियल-टाइम डेटा ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है। केंद्रीयकृत नियंत्रण प्रणाली के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित बैराजों, सरकारी नलकूपों और पंप नहरों की स्थिति की निगरानी और नियंत्रण भी किया जा रहा है। प्रदर्शनी में बाढ़ नियंत्रण के क्षेत्र में अपनाए जा रहे आधुनिक उपाय भी प्रदर्शित होंगे। विभाग के अनुसार तटबंधों के सुदृढ़ीकरण, संवेदनशील स्थलों की निगरानी और प्रभावी बाढ़ प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कंक्रीट मैट्रेस टेक्नोलॉजी, सिल्ट वेन, बॉटम पैनल्स, शीट पाइल, परमेबल स्ट्रक्चर और टेट्रापॉड जैसी तकनीकों का प्रयोग किया जा रहा है। प्रदेश की गंगा, यमुना, सोलानी, रामगंगा, सुवाओन, खोकरी, मंदाकिनी, केन, बेतवा, बूढ़ी गंगा और टेढ़ी नदियों पर फल्ड प्लेन जोनिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है। इस कार्य में उत्तर प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही नदी के प्रवाह को सुचारु बनाने और तटबंधों पर बाढ़ के दबाव को कम करने के लिए प्रदेश में 58 स्थानों पर ड्रेजिंग का कार्य किया गया है। गंगा, घाघरा, शारदा और रामगंगा जैसी नदियों में ड्रेजिंग के माध्यम से नदी के प्रवाह को व्यवस्थित करने के प्रयास किए गए हैं। महाकुम्भ के दौरान गंगा की तीन धाराओं को ड्रेजिंग के जरिए एक धारा में चैनलाइज किया गया था। वहीं बिजनौर में सेक्टोरल ड्रेजिंग के जरिए गंगा को चैनलाइज कर रिवर ट्रेनिंग का कार्य किया गया।

    'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' पर जोर
    विभाग की ओर से कम पानी वाले क्षेत्रों में जल के अधिकतम उपयोग के लिए प्रेशर इरिगेशन और स्प्रिंकलर आधारित सिंचाई परियोजनाओं को बढ़ावा दिया गया है। हमीरपुर में महुआगांव चिल्ली, महोबा में कुलपहाड़ और ललितपुर में शहजाद बांध स्प्रिंकलर सिंचाई परियोजनाओं का उल्लेख प्रदर्शनी में किया गया है। सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और गोरखपुर में सात प्रेशर सिंचाई प्रणालियां विकसित की गई हैं, जिनसे करीब 4,000 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता और लगभग 15 हजार किसान परिवारों को लाभ मिला है। उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022 के तहत सिंचाई विभाग ने नलकूपों, लिफ्ट नहरों, स्प्रिंकलर और प्रेशर सिंचाई परियोजनाओं, मुख्य नहर प्रणालियों के उपकरणों एवं सेंसरों और कार्यालयों में सौर ऊर्जा के उपयोग की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नहरों के वाटरवेज पर सोलर पावर प्लांट लगाने की संभावनाओं को भी प्रदर्शनी में दिखाया जा रहा है। विभाग की प्रदर्शनी में नहरों की सिल्ट सफाई और अंतिम छोर के किसानों तक सिंचाई जल पहुंचाने की व्यवस्था भी प्रमुखता से प्रदर्शित की जाएगी। नहरों की सिल्ट सफाई का कार्य 27,551 किलोमीटर से बढ़ाकर 55,320 किलोमीटर किया गया है। खरीफ में पानी की पहुंच 9,517 टेल से बढ़कर 10,422 टेल और रबी में 9,376 से बढ़कर 10,932 टेल तक हुई है। इस अवधि में कुल सिंचित क्षेत्र 82.54 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 106.82 लाख हेक्टेयर हुआ है।

  • गुणवत्ता युक्त जलापूर्ति की निरंतरता तथा संचालन निगरानी सुनिश्चित करें – कलेक्टर

    गुणवत्ता युक्त जलापूर्ति की निरंतरता तथा संचालन निगरानी सुनिश्चित करें – कलेक्टर

    गुणवत्ता युक्त जलापूर्ति की निरंतरता तथा संचालन निगरानी सुनिश्चित करें – कलेक्टर

    कलेक्टर ने जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में समीक्षा कर दिए निर्देश

    अनूपपुर
    कलेक्टर श्री रत्नाकर झा की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत व्यक्तिगत शौचालय, सामुदायिक स्वच्छता परिसर, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम- 2026 एवं घर-घर कचरा संग्रहण सहित विभिन्न कार्यों के प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की ग्राम पंचायतवार प्रगति की समीक्षा करते हुए शेष पात्र परिवारों का सर्वे कर उन्हें चिन्हित करने तथा पात्र परिवारों को लाभान्वित करने के  निर्देश दिए।

    कलेक्टर ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम- 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था व्यवस्थित एवं नियमित रूप से संचालित हो। उन्होंने अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत निर्मित संरचनाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, जिन ग्राम पंचायतों में कचरा वाहनों में खराबी के कारण घर-घर कचरा संग्रहण प्रभावित है, उनमें आवश्यक सुधार कराकर कचरा संग्रहण व्यवस्था नियमित रूप से संचालित कराने को कहा। उन्होंने सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के उचित रखरखाव एवं नियमित संचालन पर भी ध्यान देने तथा आवश्यकता वाले स्थानों पर नवीन सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    स्वच्छता व्यवस्थाओं के साथ पेयजल उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल-जल योजनाओं की चालू एवं बंद स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को गुणवत्तायुक्त एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना आवश्यक है। जल की गुणवत्ता में कमी अथवा दूषित जल के सेवन से विभिन्न प्रकार की बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं, इसलिए अधिकारी जल की गुणवत्ता के साथ जलापूर्ति की निरंतरता भी सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मैदानी भ्रमणकर कार्यों का नियमित निरीक्षण कर नल-जल योजनाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करने तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

    बैठक में बताया गया कि ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित की जाने वाली नल-जल योजनाओं में अनूपपुर विकासखंड की 10, कोतमा की 11, जैतहरी की 20 तथा पुष्पराजगढ़ की 44 योजनाएं शामिल हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हस्तांतरण से पूर्व सभी योजनाओं की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक कमियों को दूर किया जाए, ताकि ग्राम पंचायतों को योजनाओं के संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने जैतहरी जनपद की योजनाओं में आवश्यक कार्यवाही पूर्ण करते हुए 7 दिवस के भीतर हस्तांतरण सुनिश्चित करने तथा जिले की शेष सभी नल-जल योजनाओं का हस्तांतरण 31 अक्टूबर तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अर्चना कुमारी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वच्छ भारत मिशन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मेरठ में अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 16,726 संपत्तियां सील करने के आदेश

    मेरठ में अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 16,726 संपत्तियां सील करने के आदेश

     मेरठ
    शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में अवैध निर्माण और आवासीय संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब कार्रवाई पूरे शहर की तरफ बढ़ रही है।

    हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने के बाद शासन ने मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के सचिव अर्पित गुप्ता को पद से हटाकर लखनऊ से संबद्ध कर दिया है।

    सचिव का कार्यकाल करीब तीन महीने ही रहा। सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई में मेरठ में अवैध निर्माण के मामले में जिस तरह सख्त निर्देश दिए गए, उसी दिन शासन स्तर पर हुई इस कार्रवाई से एमडीए में भी खलबली मच गई है।

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जोन-ए में एमडीए द्वारा चिन्हित 16,726 ऐसी संपत्तियों को सील करने के आदेश दिए, जिनमें अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है। कोर्ट ने जोन-बी, सी और डी में भी इसी तरह की संपत्तियों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई नौ दिसंबर को होगी।

    न्यायमूर्ति जेबी पाडीवाला और न्यायमूर्ति के. विश्वनाथन की पीठ के समक्ष हुई सुनवाई में मेरठ में अवैध निर्माण और अवैध कालोनियों को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा गया। हालांकि, सोमवार की सुनवाई का विस्तृत आदेश अभी अपलोड नहीं हुआ है।

    सेंट्रल मार्केट से शुरू हुआ मामला अब हजारों संपत्तियों तक
    शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक इस्तेमाल और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा है। अदालत के निर्देश पर पहले 44 संपत्तियों में कार्रवाई की गई थी।

    आवास एवं विकास परिषद की ओर से पेश अनुपालन रिपोर्ट में बताया गया कि 44 में से 20 संपत्तियों में पूरी तरह अवैध निर्माण हटाया जा चुका है। शेष 24 संपत्तियों में भी अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद सोमवार की सुनवाई में मामला और व्यापक हो गया। एमडीए के अंतर्गत आने वाले शहर का आधे से अधिक हिस्सा अब चपेट में आयेगा।

    जोन-ए में चिन्हित 16,726 संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियों के मामले में सीलिंग के निर्देश दिए गए। अदालत ने दूसरे जोन में भी ऐसी संपत्तियों की पहचान करने को कहा है। इससे एमडीए के सामने अब बड़े पैमाने पर सर्वे, चिन्हांकन और कार्रवाई की चुनौती खड़ी हो गई है। हजारों संपत्तियों से जुड़े इस मामले में कार्रवाई का असर भवन स्वामियों और व्यापारियों पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।

  • योगी सरकार ने नई जेलों के निर्माण और क्षमता विस्तार से ओवरक्राउडिंग पर लगाया ब्रेक

    योगी सरकार ने नई जेलों के निर्माण और क्षमता विस्तार से ओवरक्राउडिंग पर लगाया ब्रेक

    लखनऊ
     योगी सरकार प्रदेश की जेल व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और मानवीय बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बढ़ती बंदी संख्या और जेलों में ओवरक्राउडिंग की समस्या को दूर करने के लिए योगी सरकार ने एक ओर नई जेलों के निर्माण को गति दी है, जिससे जेलों में ओवरक्राउडिंग दर में कमी दर्ज की गई।

    पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर घटकर 1.03 हुई
    वर्तमान में प्रदेश में कुल 77 कारागार संचालित हैं, जिनमें 7 केंद्रीय कारागार, 2 महिला केंद्रीय कारागार, 64 जिला कारागार, 1 विशेष कारागार, 2 उप कारागार तथा 1 किशोर सदन शामिल है। योगी सरकार के पिछले साढ़े नौ वर्षों में जेल अवसंरचना के विस्तार का ही परिणाम है कि प्रदेश की जेल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में प्रदेश की 70 जेलों की कुल बंदी क्षमता 58,400 थी, जबकि वर्ष 2026 तक यह बढ़कर 77,673 हो गई है। इस अवधि में जेलों में ओवरक्राउडिंग दर भी काफी कम हुई है। वर्ष 2017 में जहां ओवरक्राउडिंग दर 1.77 थी, वह वर्ष 2026 में घटकर 1.03 रह गई है। यह कमी योगी सरकार द्वारा जेलों के विस्तार, नई जेलों के निर्माण और अतिरिक्त क्षमता सृजन के लिए किए गए प्रयासों का प्रत्यक्ष परिणाम है। योगी सरकार ने वर्ष 2017 के बाद से अब तक सात नई जेलों का संचालन शुरू किया है। इनमें चित्रकूट, अंबेडकरनगर, संतकबीरनगर, इटावा केंद्रीय कारागार, प्रयागराज, श्रावस्ती तथा पुरानी जिला कारागार बरेली शामिल हैं। इन नई जेलों से कुल 10,495 बंदियों की अतिरिक्त क्षमता विकसित हुई है, जिससे विभिन्न जनपदों की जेलों पर दबाव कम हुआ है।

    योगी सरकार बनाने जा रही 6 और नई जेल
    योगी सरकार छह नई जिला जेलों के निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रही है। इनमें कानपुर नगर (2030 क्षमता), औरैया (1056), शाहजहांपुर (1520), ज्ञानपुर-भदोही (574), मुरादाबाद (2000) तथा ललितपुर (552) शामिल हैं। इन छह नई जेलों के निर्माण से प्रदेश में 7,732 अतिरिक्त बंदियों की क्षमता उपलब्ध होगी। इन परियोजनाओं के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके अलावा प्रदेश में नई निर्माणाधीन जेल परियोजनाओं पर भी तेजी से कार्य चल रहा है। अमेठी और महोबा में बन रही नई जिला जेलों का निर्माण लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अमेठी जेल का कार्य 98 प्रतिशत से अधिक तथा महोबा जेल का कार्य 93 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। इनके अतिरिक्त हाथरस, कुशीनगर, जौनपुर और हापुड़ में भी नई जेलों का निर्माण तेजी से जारी है। इन छह निर्माणाधीन जेलों की कुल क्षमता 6,156 बंदियों की होगी। योगी सरकार का लक्ष्य है कि अधिकांश परियोजनाएं वर्ष 2026 तक पूर्ण कर ली जाएं।

    संभल, बलिया और शामली में जेल के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
    जेल अवसंरचना के विस्तार के साथ-साथ सरकार उन जिलों में भी नई जेलों की स्थापना की तैयारी कर रही है, जहां भूमि क्रय एवं पंजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। संभल, शामली, बलिया, सहारनपुर, अमरोहा और चंदौली में प्रस्तावित जेलों के लिए भूमि अधिग्रहण और पंजीकरण की कार्रवाई प्रगति पर है। इनमें से कई परियोजनाओं के लिए शासन स्तर पर करोड़ों रुपये की धनराशि स्वीकृत की जा चुकी है। मालूम हो कि जेलों में अत्यधिक भीड़ सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को प्रभावित करती है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए योगी सरकार ने जेलों की क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता दी है। नई जेलों के निर्माण से न केवल बंदियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि जेल प्रशासन को भी सुरक्षा व्यवस्था और सुधारात्मक कार्यक्रमों के संचालन में सुविधा होगी। योगी सरकार का प्रयास है कि प्रत्येक बंदी को निर्धारित मानकों के अनुरूप रहने की सुविधा मिले तथा जेलों में भीड़भाड़ के कारण उत्पन्न होने वाली समस्याओं को न्यूनतम किया जा सके। इसके लिए नई जेलों का निर्माण, पुराने कारागारों का उन्नयन, अतिरिक्त बैरकों का निर्माण और आधुनिक सुरक्षा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

  • भारतीय व्यापार मंडल की विचारधारा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’, सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प

    भारतीय व्यापार मंडल की विचारधारा ‘वसुधैव कुटुंबकम्’, सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प

    भोपाल 

    भारतीय व्यापार मण्डल की विचारधारा "वसुधैव कुटुंबकम्" की है…जिसे अपनाकर हम सदैव सभी को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं…भारतीय व्यापार मण्डल व्यापारियों के उत्थान व नवनिर्माण में निरन्तर आगे बढ़ रहा है…

    गठन की इस कड़ी में…जिसमें आज भारतीय व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अंकुर सिंघल जी ने भारतीय व्यापार मण्डल के मध्य प्रदेश प्रदेश महामंत्री एवं महाकौशल प्रांत प्रभारी श्री डॉ. विश्वनाथ प्रसाद अग्रवाल जी की संस्तुति पर श्री रामेश्वर अग्रवाल जी को मध्य प्रदेश का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया…

    मध्य प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व मिलने पर श्री रामेश्वर अग्रवाल जी को ढेर सारी शुभकामनाएं…

    आशा एवं पूर्ण विश्वास है कि श्री रामेश्वर अग्रवाल जी की कार्य प्रणाली से भारतीय व्यापार मण्डल (रजि.) मध्य प्रदेश एवं सम्पूर्ण राष्ट्र में निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसित होने की कामना है…और पूर्ण विश्वास है आप संगठन के इस महत्वपूर्ण दायित्व का सशक्त निर्वहन करेंगे…

     

  • निर्देशिका खुद बनी विद्योतमा

    निर्देशिका खुद बनी विद्योतमा

    निर्देशिका खुद बनी विद्योतमा
    भोपाल 

    शो मस्ट गो ऑन की कहावत कल शाम आपुलकी महाराष्ट्र मंडल के राजीव गांधी कॉलेज,त्रिलंगा के मंच पर तब चरितार्थ हो गई जब नाटिका की मुख्य पात्र राजकुमारी विद्योत्तमा के अचानक चोटिल हो जाने के कारण निर्देशिका ज्योति सावरीकर को स्वयं ही इस पात्र को निभाना पड़ा। दरअसल ये किरदार मूलतः श्रेयसी झोलदेव कर रही थीं।पर एक दिन पहले अचानक उनके  दोनों पैरों में लिगामेंट फ्रैक्चर होने से उनका शो में भाग लेना संभव नहीं हुआ।ऐसे में   निर्देशिका ने स्वयं मंच पर उतर कर अपने मंझे हुए अभिनय से इस किरदार को जीवंत किया। 
    इस नाटिका में कालिदास की भूमिका नीता लोखंडे व राजा विक्रमादित्य की भूमिका स्मिता पागनीस थे। साथी कलाकार में साधना देसाई, स्वाति पाठक, श्वेता केंदुलकर, शैलजा खांडेकर, मनीषा फफूनकर तथा सूत्रधार शोभा भिसे व सपना अलकरी रहे। सभी महिला कलाकारों ने उत्तम प्रस्तुति दी

  • वाराणसी में जायका रेस्टोरेंट पर चला VDA का बुलडोजर, अवैध निर्माण पर कार्रवाई

    वाराणसी में जायका रेस्टोरेंट पर चला VDA का बुलडोजर, अवैध निर्माण पर कार्रवाई

    वाराणसी
    उत्तर प्रदेश के वाराणसी में अवैध निर्माण के खिलाफ VDA ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू की है. कैंट थाना क्षेत्र के कचहरी चौराहे पर स्थित जायका रेस्टोरेंट में यह कार्रवाई की जा रही है. VDA ने रेस्टोरेंट के निर्माण को अवैध बताते हुए पहले ही नोटिस जारी किया था.

    जायका रेस्टोरेंट का आरोप है कि नोटिस के बावजूद निर्माण खुद से नहीं हटाया गया. इसके बाद VDA की टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर से कार्रवाई शुरू की.

    कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. VDA की टीम अवैध बताए जा रहे निर्माण को हटाने में जुटी है. पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की जा रही है. इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है.

    दरअसल, जायका रेस्टोरेंट एक मुस्लिम व्यापारी का बताया जा रहा है. VDA की ओर से पहले ही निर्माण को लेकर नोटिस दिया गया था. नोटिस में निर्माण हटाने के लिए कहा गया था. निर्माण नहीं हटाए जाने के बाद अब प्राधिकरण ने बुलडोजर चलाया है.

    कचहरी से संदहा चौराहे तक होना है चौड़ीकरण
    यह कार्रवाई कचहरी चौराहे के आसपास सड़क चौड़ीकरण की योजना से भी जुड़ी है. कचहरी से संदहा चौराहे तक सड़क का चौड़ीकरण होना है. इसी के तहत रास्ते में आने वाले निर्माण को लेकर कार्रवाई की जा रही है.

    VDA की टीम मौके पर मौजूद है. बुलडोजर की मदद से निर्माण हटाया जा रहा है. कार्रवाई के दौरान किसी तरह की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए पुलिस बल तैनात किया गया है.

    फिलहाल मौके पर VDA की कार्रवाई जारी है. प्राधिकरण की ओर से पहले जारी किए गए नोटिस और उसके बाद की कार्रवाई को लेकर टीम निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी देख रही है. प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद इलाके में हलचल बढ़ गई है.
     

  • सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत शाहपुरा में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

    सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत शाहपुरा में वृक्षारोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

    सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत शाहपुरा में हुआ वृक्षारोपण                 
    भाजपा कार्यकर्ताओं ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प, प्रदेश से आए बाइकर्स ने भी लिया हिस्सा

    शाहपुरा
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे सेवा एवं समर्पण अभियान के अंतर्गत शाहपुरा में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, युवा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने विभिन्न स्थानों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण करने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि एक पौधा केवल वर्तमान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित पर्यावरण की नींव है।
    इस अवसर पर “हर पौधा—भविष्य की हरियाली और आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी” का संदेश देते हुए आमजन से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहभागिता की अपील की गई। साथ ही पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
    कार्यक्रम में प्रदेश से आए बाइकर्स के साथ भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम, जिला उपाध्यक्ष ज्ञानदीप त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष संतोष साहू, जनपद अध्यक्ष प्रियंका आर्मो, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष घनश्याम कछवाहा, चिकित्सा प्रकोष्ठ जिला संयोजक श्वेता जैन, भाजपा मंडल अध्यक्ष भजन चक्रवर्ती, मंडल अध्यक्ष हिरेंद्र मरावी, नगर परिषद अध्यक्ष शालिनी अग्रवाल, उपाध्यक्ष मुकेश साहू, सत्यम मानिकपुरी, हरिहरन रजक, नंद कुमार ठाकुर सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।
    जिला मीडिया प्रभारी राज साहू ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखा जाएगा।

  • समय का सदुपयोग और आत्मअनुशासन से आसान होती है जीवन की राह: जेपी यादव

    समय का सदुपयोग और आत्मअनुशासन से आसान होती है जीवन की राह: जेपी यादव

    समय के सदुपयोग एवं आत्म अनुशासन से आसान होती है जीवन की राह

    संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने विद्यार्थियों से किया प्रेरणा संवाद

    शहडोल
     एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शहडोल में आयोजित प्रेरणा संवाद कार्यक्रम में जनजातीय कार्य विभाग के संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने विद्यार्थियों को समय के सदुपयोग, निरंतर प्रयास, कड़ी मेहनत, आत्म अनुशासन, एकाग्रता एवं सकारात्मक सोच का महत्व बताते हुए जीवन में लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रेरित किया।

    यादव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं है, जिसे कभी न कभी समस्याओं का सामना न करना पड़ा हो। समस्या आने पर उसके आकार को समझते हुए उससे कई गुना बड़े प्रयास के साथ समाधान के लिए तब तक प्रयास करते रहना चाहिए, जब तक समस्या का निराकरण न हो जाए। जो व्यक्ति समस्याओं के सामने डटे रहते हैं, वे सफल होते हैं, जबकि समस्या का आकार देखकर पीछे हटने वाले व्यक्ति अपने लक्ष्य से भटक जाते हैं।

    उन्होंने कहा कि समय की चाल को कोई रोक नहीं पाया है, इसलिए समय की कद्र करना सीखना चाहिए। सही समय पर प्रयास नहीं करने से जीवन में कठिनाइयां बढ़ती हैं और बाद में पछताने से कोई लाभ नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि कितनी भी बार असफलता मिले, हार नहीं माननी चाहिए। सफलता एक दिन में नहीं मिलती, लेकिन निरंतर प्रयास से एक दिन सफलता अवश्य प्राप्त होती है। उन्होंने “लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” कविता विद्यार्थियों के साथ गाकर उन्हें प्रेरित किया।

    संभागीय उपायुक्त ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन का महत्व बताते हुए कहा कि आज का काम कल पर टालने से कार्यों का बोझ बढ़ता जाता है। इसलिए प्रतिदिन का कार्य प्रतिदिन पूरा करने की आदत विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में आत्म अनुशासन का बहुत महत्व है। आत्म अनुशासन के बिना जीवन बिना मांझी की पतवार के समान है। विद्यार्थियों को दूसरों से तुलना करने के बजाय स्वयं से प्रतियोगिता कर निरंतर अपने को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।

    यादव ने कहा कि माता-पिता लगभग सभी के अच्छे होते हैं, लेकिन बच्चों का अच्छा बनना भी उतना ही आवश्यक है। माता-पिता के त्याग का प्रतिफल बच्चों की सफलता पर निर्भर करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता को खुश होने का अवसर देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं कि सभी को नौकरी मिले, लेकिन सकारात्मक प्रयास और मेहनत जारी रखने पर जीवन में कोई न कोई कार्य अवश्य मिलेगा। जीवन में निराश होने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि हौसला बनाए रखने की जरूरत है।

    उन्होंने प्रेरणा संवाद के दौरान उपस्थित शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखें। कमजोर विद्यार्थियों के प्रति सद्भाव रखते हुए उनका हौसला बढ़ाएं और उन्हें निरंतर प्रेरित करते रहें। उन्होंने कहा कि कभी-कभी बहुत पीछे रहने वाला बच्चा भी जीवन में बहुत बड़ी मंजिल हासिल कर लेता है।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। प्रेरणा संवाद से उत्साहित विद्यार्थियों ने इसे हौसला बढ़ाने वाला कार्यक्रम बताते हुए कहा कि वे आगे बढ़कर अपने जीवन को सफल बनाने का निरंतर प्रयास करेंगे।