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  • जम्मू पहुंचे मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने CSIR-IIIM का जाना कामकाज, सुचेतगढ़ बॉर्डर आउटपोस्ट का भी किया दौरा

    जम्मू पहुंचे मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने CSIR-IIIM का जाना कामकाज, सुचेतगढ़ बॉर्डर आउटपोस्ट का भी किया दौरा

    भोपाल 

    पत्र सूचना कार्यालय के  नेतृत्व में भोपाल से जम्मू पहुंचे पत्रकारों के दल ने आज सीएसआईआर- भारतीय समवेत औषध संस्थान, जम्मू (CSIR-IIIM), जम्मू का दौरा किया। इस दौरे का मकसद इस प्रमुख संस्थान के अत्याधुनिक वैज्ञानिक शोध, सामाजिक मिशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स और तेज़ी से बढ़ते बायो-एंटरप्रेन्योरशिप प्रयासों के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी हासिल करना था।

    प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए, डॉ. सौरभ सरन ने कहा कि लुप्तप्राय औषधीय पौधों का संरक्षण CSIR-IIIM की एक अहम ज़िम्मेदारी है।  संस्थान के मज़बूत औद्योगिक संपर्क का ज़िक्र करते हुए, डॉ. सरन ने कहा कि CSIR-IIIM  उद्योग, स्टार्टअप, किसानों, युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी निकायों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर काम करता है। उन्होंने यह भी बताया ?कि संस्थान की फर्मेंटेशन पायलट प्लांट सुविधा ने ही रणनीतिक समझौतों और औद्योगिक इस्तेमाल के ज़रिए ₹50 लाख से ज़्यादा का राजस्व कमाया है। थेराप्यूटिक डेवलपमेंट (इलाज के तरीकों के विकास) के क्षेत्र में, संस्थान पारंपरिक आयुर्वेद के सिद्धांतों को आधुनिक चिकित्सा के साथ जोड़ते हुए अल्जाइमर रोग, ऑस्टियोआर्थराइटिस और कैंसर के दर्द जैसी मुश्किल बीमारियों के लिए असरदार दवाएं खोजने पर सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

    सीएसआईआर की सामाजिक मिशन परियोजनाओं के व्यापक जमीनी प्रभाव का विस्तार से वर्णन करते हुए, सीएसआईआर अरोमा मिशन की वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक और नोडल अधिकारी डॉ. सुफला गुप्ता ने प्रतिनिधियों को अरोमा मिशन, फ्लोरीकल्चर मिशन और जैवसंसाधन संरक्षण एवं अन्वेषण सहित प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी।प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की दवा खोजने की प्रक्रिया और प्रयोगशाला के बुनियादी ढांचे से भी परिचित कराया गया। सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. अमित नारगोत्रा ​​ने पत्रकारों को स्थापित 'प्लांट साइंस लेबोरेटरी' का दौरा कराया और बताया कि औषधीय और सुगंधित पौधों से मिलने वाले अलग-अलग तरह के केमिकल कंपाउंड्स पर लगातार व्यापक और विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।

    सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट इंजीनियर अनिल कुमार कटारे ने दवा बनाने की प्रक्रिया (ड्रग फ़ॉर्मूलेशन) से जुड़े नियमों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि CSIR-IIIM में चल रही रिसर्च के दौरान, दवा की असरदार  गुणवत्ता पक्की करने के लिए सुरक्षा,  प्रभाव आदि  आधार पर दवा के संभावित विकल्पों की कड़ी जांच की जाती है। इनोवेशन और इनक्यूबेशन इकोसिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए, BioNEST IIIM-टेक्नोलॉजी बिज़नेस इनक्यूबेटर (TBI) की बिज़नेस मैनेजर डॉ. विदुषी अब्रोल ने बताया कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। उन्होंने कहा कि उनके इनक्यूबेशन सपोर्ट का मुख्य मकसद टिकाऊ रोज़गार के मौके पैदा करना है – खासकर जम्मू-कश्मीर में – साथ ही पूरे देश में अपनी पहुंच बढ़ाना भी है।

    बाद में, मीडिया  प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सुचेतगढ़ बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) का दौरा किया, जहाँ उन्होंने आउटपोस्ट के कामकाज को देखा और बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के जवानों से विस्तार से बातचीत की।

  • जम्मू पहुंचे मीडिया दल ने किया एक्वेरियम का अवलोकन, मत्स्य पालन की प्रगति से हुए रूबरू

    जम्मू पहुंचे मीडिया दल ने किया एक्वेरियम का अवलोकन, मत्स्य पालन की प्रगति से हुए रूबरू

    भोपाल 

     पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के नेतृत्व में जम्मू यात्रा पर पहुंचे मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने आज जम्मू के बहू किले में स्थित एक्वेरियम-सह-जागरूकता केंद्र का दौरा किया। मत्स्य पालन विभाग के संयुक्त निदेशक श्री मसूद हुसैन ने मीडिया दल के सदस्यों को मत्स्य पालन के क्षेत्र में विकास कार्यों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल को एक्वेरियम  के दूसरे चरण के काम के बारे में जानकारी देते हुए श्री मसूद ने बताया कि इस के तहत उत्तर भारत का पहला और देश का तीसरा मरीन एक्वेरियम; जम्मू एक्वेरियम में बनाया जा रहा है।
     इस नवंबर में शुरू होने वाले इस नए मरीन विंग में 98% पारदर्शिता वाला 50 mm का ऐक्रेलिक ग्लास, 4 लाख लीटर का मरीन वॉटर सिस्टम और समुद्री इकोसिस्टम को बनाए रखने के लिए 18,000 kg खास नमक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    मत्स्य पालन क्षेत्र के व्यापक सेक्टर के बारे में जानकारी देते हुए, संयुक्त निदेशक ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में मछली पालन रोज़गार का एक बड़ा ज़रिया बनकर उभरा है। इसके तहत 28,000 मीट्रिक टन ट्राउट मछली के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, साथ ही कमर्शियल ट्राउट उत्पादन और एंगलिंग टूरिज़्म के ज़रिए सालाना ₹10 करोड़ की कमाई का लक्ष्य भी तय किया गया है।

  • गणेश विसर्जन पर घर से निकलने से पहले जान लें रूट, शहर में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

    गणेश विसर्जन पर घर से निकलने से पहले जान लें रूट, शहर में रहेगा ट्रैफिक डायवर्जन

     भोपाल

     अनंत चतुर्दशी पर शहर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन और चल समारोह के चलते यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। सुबह 9 बजे से अलग-अलग क्षेत्रों से छोटी झांकियों और गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन प्रेमपुरा घाट, कमलापति घाट, बैरागढ़ और हताईखेड़ा डेम पर शुरू होगा। वहीं, मुख्य चल समारोह शाम 7 बजे भारत टाकीज चौराहे से शुरू होगा।

    मुख्य जुलूस भारत टॉकीज से इतवारा, गणेश चौक मंगलवारा, गल्ला मंडी हनुमानगंज, छोटे भैया चौराहा, जनकपुरी, जुमेराती, पुराना पोस्ट आफिस, सिंधी मार्केट, पीरगेट, मोती मस्जिद, रेतघाट और कमला पार्क होते हुए कमलापति घाट पहुंचेगा। जुलूस के आगे बढ़ने के साथ संबंधित मार्गों पर यातायात रोका और डायवर्ट किया जाएगा।

    जुलूस का मुख्य रूट भारत टॉकीज से इतवारा, मंगलवारा, हनुमानगंज, छोटे भैया चौराहा, जनकपुरी, जुमेराती, सिंधी मार्केट, पीरगेट, मोती मस्जिद, रेतघाट, कमला पार्क और कमलापति घाट रहेगा। इसके अलावा कुछ झांकियां पॉलिटेक्निक चौराहा से डिपो चौराहा, 25वीं वाहिनी, भदभदा तिराहा होते हुए प्रेमपुरा घाट जाएंगी।

    सुबह 8 बजे से भारी वाहनों का प्रवेश बंद: इन प्रमुख मार्गों पर रहेगी पूर्ण रोक

    सुबह 8 बजे से आगामी आदेश तक अनुमति प्राप्त और बिना अनुमति वाले सभी भारी वाहनों का शहर के अंदर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। प्रमुख रोक वाले मार्गों में खजूरी सड़क, मुबारकपुर, लाम्बाखेड़ा, इस्लाम नगर, चौपड़ा कला, पटेल नगर, 11 मील, रातीबड़, लालघाटी, नरसिंहगढ़ तिराहा, एयरपोर्ट चौराहा, करोंद चौराहा, भानपुर चौराहा और रत्नागिरी शामिल हैं, जहां से शहर के भीतर वाहनों का आगमन प्रतिबंधित रहेगा।

    शाम 5 बजे से सिटी बसें और यात्री वाहन प्रतिबंधित: जुलूस के साथ इस तरह बदलेंगे रास्ते

    शाम 5 बजे से सिटी बस, मैजिक और अन्य यात्री वाहनों का भारत टाकीज, अल्पना तिराहा, नादरा बस स्टैंड और भोपाल टाकीज की ओर आवागमन बंद रहेगा। जुलूस के आगे बढ़ने के साथ अन्य मार्गों पर भी डायवर्जन लागू होगा। जुलूस के मंगलवारा पहुंचने पर सेंट्रल लाइब्रेरी, छावनी रोड और बुधवारा से इतवारा की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। जुमेराती पहुंचने पर रायल मार्केट से पीरगेट की ओर यातायात बंद रहेगा।

    रेतघाट पहुंचने पर करबला से रेतघाट और पालिटेक्निक से कमला पार्क की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे, साथ ही तलैया से बुधवारा की ओर भी यातायात रोका जाएगा। वैकल्पिक मार्ग के तौर पर रायल मार्केट से तीन मोहरा, शहजहानाबाद थाना, भोपाल टाकीज, हमीदिया रोड और नादरा बस स्टैंड होकर वाहन जा सकेंगे। भारत माता चौराहा की ओर जुलूस आने पर भदभदा नए पुल से सिटी डिपो चौराहे की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। वाहन आइआइएफएम, नेहरू नगर, एमएसीटी चौराहा होकर निकल सकेंगे।

    बैरागढ़, स्टेशन और एयरपोर्ट जाने वालों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

    बैरागढ़ में विसर्जन स्थल सीहोर रोड पर होने के कारण भोपाल से इंदौर-देवास जाने वाले वाहन लालघाटी से नरसिंहगढ़ तिराहा, गांधीनगर, एयरपोर्ट तिराहा, मुबारकपुर बायपास, भौरी और खजूरी सड़क बायपास का उपयोग कर सकेंगे। शहर से इंदौर और सीहोर की ओर जाने वाले वाहन झागरिया, रातीबड़, नीलबड़ और भदभदा चौराहा होकर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।

    भारत टॉकीज क्षेत्र में जुलूस के कारण आवाजाही प्रभावित रहेगी। रेलवे स्टेशन से एमपी नगर और नए शहर की ओर जाने वाले वाहन प्लेटफार्म नंबर-1 क्षेत्र से अशोका गार्डन, 80 फीट रोड, प्रभात चौराहा, सुभाष नगर आरओबी, मैदा मिल और एमपी नगर होकर जा सकेंगे। बोगदा पुल से भारत टाकीज की ओर यातायात बंद रहने पर वाहन प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड और अशोका गार्डन होकर निकलेंगे।

    रात 25-26 सितंबर की मध्य रात्रि करीब 2 बजे के बाद जब जुलूस रेतघाट की ओर पहुंचेगा, तब पालिटेक्निक चौराहा से रेतघाट और वीआइपी रोड की ओर यातायात बंद किया जा सकता है। एयरपोर्ट जाने वाले वाहन लिंक रोड नंबर-1, बोर्ड आफिस, डीबी माल, सुभाष नगर, रेलवे ओवरब्रिज, प्रभात चौराहा, 80 फीट रोड या बोगदा पुल होते हुए भारत टाकीज, रोशनपुरा, तलैया, हमीदिया रोड, रायल मार्केट और लालघाटी होकर एयरपोर्ट की ओर जा सकेंगे।

    यात्री बसों और चौड़े ट्रालों के लिए विशेष दिशा-निर्देश: शहर में प्रवेश रहेगा वर्जित

    इंदौर और सीहोर से आने वाली बसें खजूरी बायपास, मुबारकपुर बायपास, गांधीनगर और लालघाटी होकर हलालपुर बस स्टैंड तक ही आएंगी। विसर्जन के दौरान बसों का शहर में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आइएसबीटी से चलने वाली बसें प्रभात-गोविंदपुरा तिराहा, प्रभात चौराहा और भारत टॉकीज की ओर नहीं जा सकेंगी, इन्हें होशंगाबाद रोड और बायपास से चलाया जाएगा। गुना और ग्वालियर की ओर से आने वाली बसों का संचालन भी हलालपुर बस स्टैंड तक रहेगा।

    बैरसिया की ओर से आने वाली यात्री बसों का समापन बेस्ट प्राइस तिराहा पर किया जाएगा। जिन गणेश प्रतिमाओं के ट्राले की चौड़ाई चार मीटर से अधिक है, उन्हें रोशनपुरा से माता मंदिर चौराहा, पीएनटी चौराहा, भारत माता चौराहा या माता मंदिर-मेनिट चौराहा होते हुए भदभदा और प्रेमपुरा घाट ले जाने की सलाह दी गई है। ऐसे ट्राले संकरे मार्गों और मुख्य जुलूस वाले रूट में प्रवेश न करें।

     

  • एग्री विस्टा–2026 में कृषि नवाचार और उद्यमिता पर जोर

    एग्री विस्टा–2026 में कृषि नवाचार और उद्यमिता पर जोर

    भोपाल 

    उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान (आईईएचई), भोपाल के कृषि विभाग द्वारा ‘एग्री विस्टा–2026’ के अंतर्गत व्याख्यान सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं प्रतिपूरक वनीकरण निधि प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण के विशेषज्ञ सदस्य रमेश कुमारवास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक तकनीक और उद्यमिता की संभावनाओं से परिचित कराते हुए उनके व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक कौशल का विकास करना रहा।

    नवीन विचारों को व्यावहारिक रूप देने विद्यार्थियों को किया प्रेरित

    संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमताओं का उपयोग करते हुए नवीन विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा विकसित ‘फसल केयर’ मोबाइल ऐप की सराहना करते हुए कृषि संबंधी समस्याओं के समाधान में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।

    कार्यक्रम में संपादकीय मंडल एवं स्वामीनाथन क्लब का शुभारंभ भी किया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक, रचनात्मक एवं अनुसंधानपरक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

    दूसरों से नहीं, स्वयं से प्रतिस्पर्धा करें :वास्तव

    मुख्य अतिथि रमेश कुमारवास्तव ने अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों को योग्यता, कौशल, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता के निरंतर विकास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं, बल्कि स्वयं से होनी चाहिए। विद्यार्थियों को आत्ममूल्यांकन, निरंतर अध्ययन और सकारात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से अपनी क्षमताओं को निखारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जीवन में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अनुशासन, परिश्रम और निरंतर प्रयास के महत्व को भी रेखांकित किया।

    कृषि नवाचार के साथ व्यक्तित्व विकास पर भी दिया जोर

    कार्यक्रम में कृषि विभागाध्यक्ष डॉ. बी.के. सिन्हा, डॉ. स्मिता राजन, डॉ. शुभम मिश्रा, डॉ. मुबीन मंसूरी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। ‘एग्री विस्टा–2026’ के माध्यम से विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, आधुनिक तकनीक एवं उद्यमिता की संभावनाओं के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व कौशल के महत्व को समझने का अवसर मिला।

     

     

  • CG कांग्रेस प्रभारी भगत का पहला दौरा 27 से, पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठक

    CG कांग्रेस प्रभारी भगत का पहला दौरा 27 से, पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठक

    रायपुर.

    लोकसभा सांसद सुखदेव भगत छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी नियुक्त किए जाने के बाद पहली बार 27 सितंबर को प्रदेश आ रहे हैं. तीन दिवसीय प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ मैराथन बैठक करेंगे.

    जारी किए गए शेड्यूल के अनुसार, तीन दिवसीय प्रवास के दौरान पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी, ज़िला कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों, संगठनों एवं विभागों प्रमुखों के अलावा कनेक्ट सेंटर टीम के साथ बैठक करेंगे. इसके अलावा वरिष्ठ नेताओं के साथ वन-टू-वन भी बैठक करेंगे. सुखदेव भगत के आगमन को देखते हुए पार्टी पदाधिकारियों ने भव्य स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है.

    धरसीवा ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आशीष वर्मा ने बताया कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी भगत के प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन पर उनके ऐतिहासिक एवं भव्य स्वागत की तैयारी की जा रही हैं.

  • पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के  नेतृत्व में जम्मू गए पत्रकारों के अध्ययन दल ने  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), विजयपुर  का दौरा

    पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के नेतृत्व में जम्मू गए पत्रकारों के अध्ययन दल ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), विजयपुर का दौरा

    भोपाल 

    पत्र सूचना कार्यालय भोपाल के नेतृत्व में जम्मू पहुंचे पत्रकारों के एक अध्ययन दल ने आज  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), विजयपुर, सांबा का दौरा किया। इस दौरे का मकसद इस प्रमुख चिकित्सा संस्थान की अधोसंरचना, चिकित्सकीय प्रगति और मरीज़ों पर केंद्रित  नवाचार के बारे में सीधे जानकारी हासिल करना था। मीडिया प्रतिनिधियों के साथ हुई विस्तृत बातचीत के दौरान, एम्स विजयपुर के  निदेशक  प्रो. (डॉ.) संजीव सिन्हा ने अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के बारे में  विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान को 750 बिस्तरों की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। अस्पताल में आधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, पूरी तरह से सुसज्जित इमरजेंसी मेडिसिन ब्लॉक और एक इंटीग्रेटेड आयुष (AYUSH) सेंटर  उपलब्ध हैं।

    प्रोफेसर सिन्हा ने बताया कि अस्पताल में रोज़ाना 1,000 से 2,000 मरीज़ (औसतन 1,500) आउटपेशेंट डिपार्टमेंट (OPD) में आते हैं। यहाँ न सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोग आते हैं, बल्कि नई दिल्ली से भी  कुछ मरीज़ इलाज के लिए आते हैं। उन्होंने   बताया कि कार्डियोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी समेत 30 ब्रॉड स्पेशलिटी और 14 सुपर-स्पेशलिटी विभाग पूरी तरह से काम कर रहे हैं। इससे मरीज़ों को बिना कहीं और भेजे, यहीं पर पूरा इलाज मिल जाता है, और ज़रूरत पड़ने पर एम्स नई दिल्ली की स्पेशलाइज़्ड टीमें भी मौके पर आकर मदद करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान ने कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। यह इस इलाके का पहला अस्पताल है जिसे NABH एक्रेडिशन मिला है, साथ ही इसे नागपुर में 'बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर अवॉर्ड' और 'नेशनल पेशेंट सेफ्टी अवॉर्ड' भी मिला है।   जल्द ही एडवांस्ड रोबोटिक सर्जरी के लिए भी मंज़ूरी मिलने की उम्मीद है।

    रिसर्च इकोसिस्टम, कैंसर के इलाज में नई तरक्की और  शैक्षणिक प्रगति पर बात करते हुए, रेडियोथेरेपी और ऑन्कोलॉजी विभाग के हेड, डीन (रिसर्च) और प्रोफेसर, प्रो. (डॉ.) शबाब ललित अंगुराना ने बताया कि ट्रांसलेशनल क्लिनिकल रिसर्च संस्थान का एक अहम आधार है। इसे ऊर्जावान युवा फैकल्टी आगे बढ़ा रही है, जो लगभग 12 हाई-इम्पैक्ट रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर सक्रिय रूप से काम कर रही है।  प्रो. (डॉ.) अंगुराना ने यह भी बताया कि संस्थान फैकल्टी की देखरेख में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के सहयोग से लगभग 23 शॉर्ट-टर्म रिसर्च प्रोजेक्ट्स के ज़रिए छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा दे रहा है। भविष्य में इलाज की क्षमताओं के बारे में उन्होंने बताया कि जल्द ही  न्यूक्लियर मेडिसिन सुविधा शुरू की जाएगी। इसमें अत्याधुनिक PET-CT स्कैन इंफ्रास्ट्रक्चर होगा, जिससे आने वाले सालों में डायग्नोस्टिक और कैंसर-केयर सेवाओं को काफी बेहतर बनाया जा सकेगा।

    अध्ययन दल को स्मार्ट हॉस्पिटल टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के बारे में भी जानकारी दी गई। इसमें इंटेलिजेंट पेशेंट नेविगेशन कियोस्क शामिल हैं जो अभी तीन भाषाओं को सपोर्ट करते हैं।

  • मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण

    भोपाल 

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार की शाम गोविंदपुरा, बीएचईएल क्षेत्र में स्थित दशहरा मैदान पहुंचकर शुक्रवार को होने वाली "मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'' के शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लिया। प्रदेश में शहरों-गांवों में डायरेक्ट बस कनेक्टिविटी की शुरुआत के शुभारंभ का कार्यक्रम भव्य रूप में होगा। इस कार्यक्रम की तैयारियां पूर्ण हो गई हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी बसों को हरी झंडी दिखाकर प्रदेशवासियों को सौगात देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर नई बसों की विशेषताओं की जानकारी प्राप्त की और बसों में बैठकर भी आधुनिक तकनीक और यात्रियों के लिए की गई सुविधाओं का जायजा लिया। परिवहन सचिव श्री मनीष सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कार्यक्रम से जुड़ी आवश्यक जानकारियों से अवगत करवाया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के लिए तैयार किए गए मंच, सभा स्थल सहित अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन सहित संबंधित विभागों के  उपस्थित थे।

    7 शहरों की 351 बसों को दिखाई जाएगी हरी झंडी

    मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के शुभारंभ अवसर पर प्रदेश के 7 शहरों की 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को एक साथ हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। इसमें इंदौर, भोपाल, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड शामिल हैं। शुरुआती चरण में इंदौर में 145 बसें जिसमें 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, भोपाल में 106 बसें जिसमें 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी, जबलपुर के लिए 67 बसें जिसमें 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी, रीवा में 18 इंटरसिटी बसें, देवास में 10 इंटरसिटी बसें, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। 

  • प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सेवा भाव को भी किया चरितार्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सेवा भाव को भी किया चरितार्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में सेवा भाव को भी किया चरितार्थ : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा संकल्प बाईक यात्रा के राइडर्स से किया वर्चुअल संवाद
    प्रधानमंत्री मोदी को, प्रदेश के बाइक राइडर दीपेश गोटी ने अपनी यात्रा के साझा अनुभव
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवास जिले के पुंजापुरा में किया सेवा संकल्प बाइक राइडर्स का स्वागत
    सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत वाराणसी से वडनगर तक निकाली जा रही है यात्रा
    सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 35 लाख से अधिक हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से 212 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षों में निरंतर परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्र धर्म की भावना के साथ काम किया है। वर्ष 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी की शुरुआत हुई और आज वे देश के प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग के हर व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास उनकी कार्यशैली में स्पष्ट दिखाई देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर की सौगात दी। इसके साथ ही राम राज्य की संकल्पना को साकार करते हुए हर गरीब को घर, पर्याप्त भोजन और बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत वडनगर से वाराणसी जा रही युवाओं की बाइक यात्रा का देवास जिले के पुंजापुरा में स्वागत करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के प्रदेश के 35 लाख 42 हजार हितग्राहियों को सिंगल क्लिक से 212 करोड़ 57 लाख रुपए की राशि उनके खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने करणावत पुलिस सहायता केंद्र को पुलिस थाना बनाने, पुलिस जवानों के लिए आवास निर्माण करने तथा शासकीय गोदाम के लिए राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में सेवा संकल्प बाइक यात्रा में बाइक राइड भी की। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी प्रदान की। हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। उन्होंने बाइक राइडर्स के साथ पौधरोपण भी किया। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा तथा सांसद वी.डी. शर्मा इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित थे।

    शाजापुर जिले के निवासी हैं दीपेश गोटी

    प्रधानमंत्री मोदी ने वडनगर से वाराणसी के लिए निकाली गई ‘सेवा संकल्प बाइक यात्रा’ में शामिल राइडर्स से अलग-अलग स्थानों से वर्चुअली संवाद किया। देवास जिले के पुंजापुरा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में बाइक राइडर्स दल के सेवा यात्री दीपेश गोटी ने प्रधानमंत्री से संवाद में अब तक की अपनी यात्रा के अनुभव साझा किए। शाजापुर जिले के निवासी गोटी ने बताया कि यात्रा के दौरान अन्य राज्यों के युवाओं से दूसरी भाषाएं सीखने और उनकी संस्कृति से परिचित होने का अवसर मिला है। रास्ते में पीएम आवास के हितग्राहियों से मुलाकात हुई। विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को नमो ऐप से जोड़ा जा रहा है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने मध्यप्रदेश के युवाओं की उद्यमशीलता को सराहा

    प्रधानमंत्री मोदी के वड़नगर में स्थानीय लोगों से संपर्क बढ़ाने के सवाल पर दीपेश गोटी ने बताया कि उन्होंने अपने व्यापार-व्यवसाय की दृष्टि से कुछ स्थानीय लोगों के मोबाइल नंबर लिए हैं। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है। अब मध्यप्रदेश का भी मिजाज बदल रहा है। मध्यप्रदेश के युवा भी जहां जा रहे है, वहां व्यापार के अवसर खोज रहे हैं, उनमें उद्यमशीलता भरी है। मध्यप्रदेश के युवाओं ने सेवा संकल्प यात्रा में 'माय प्रामिस टू मोदी जी' का नवाचार किया है, जिसमें 25 सेवा कार्य लिस्ट किए हैं और हर सेवा यात्री को किसी एक सेवा का संकल्प दिलाया जा रहा है।

    भारतीय संस्कृति में यात्राओं का विशेष महत्व

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि यात्रा के दौरान सेवा, जनसंवाद और राष्ट्रीय एकता से जुड़े संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। हमारी संस्कृति में प्राचीन काल से यात्राओं का विशेष महत्व रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों की सेवा के लिए अपने संकल्प से जीवन का प्रत्येक क्षण और अपना कण-कण राष्ट्र को समर्पित किया है। प्रत्येक नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी लगातार सक्रिय हैं ।

    पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिवस 25 सितंबर से प्रदेशवासियों को मिलेगी सुगम परिवहन सुविधा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देवास का बागली तपोनिष्ठ नेता पूर्व मुख्यमंत्री स्व. कैलाश जोशी का कार्य क्षेत्र रहा है। समर्पित कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम के माध्यम से ही विकास और जनकल्याण की यात्रा निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार सेवा और जनकल्याण की सभी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि 25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मध्यप्रदेश में 20 साल से बंद राज्य परिवहन निगम की बसों के संचालन का फिर श्रीगणेश होने जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है, प्रदेश में हाइवे और एक्सप्रेस-वे भी तेजी से बनाए जा रहे हैं। राज्य परिवहन निगम की बसें नगरीय निकायों, एक शहर से दूसरे शहर और दूसरे राज्यों तक भी चलाई जाएंगी। प्रदेश की ग्रामीण आबादी को भी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा का लाभ मिलेगा।

    राज्य सरकार किसानों, बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए सतत् सक्रिय

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं का विस्तार करने के लिए संकल्पित है। माँ नर्मदा की कृपा से देवास जिले को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त जल मिल रहा है। प्रदेश में अब तक सिंचित कृषि भूमि का रकबा 65 लाख हैक्टेयर तक पहुंच चुका है। वर्ष 2002-03 तक गेहूं का मूल्य 300-400 रुपए प्रति क्विंटल से आगे नहीं बढ़ा, लेकिन अब राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम दे रही है। इस वर्ष एमएसपी पर 40 रुपए बोनस का लाभ देते हुए किसानों से 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा है। दूसरी ओर, लाड़ली बहनों को राशि भी हर माह बैंक खाते में भेजी जा रही है। जिन बहनों को मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, अगले वर्ष पात्रतानुसार उनके नाम भी जोडे जाएंगे। अब तक 55 हजार करोड़ से अधिक राशि लाड़ली बहनों को दी गई है।

    प्रदेश में प्राथमिक शाला स्तर पर शून्य हुई ड्रॉप आउट दर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवाओं और बच्चों को बेहतर शिक्षा और रोजगार देने के लिए सभी प्रयास किए गए हैं। शासकीय स्कूलों के मेधावी बच्चों को लैपटॉप, स्कूटी, साइकिलें, किताबें और स्कॉलरशिप दी जा रही है। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में ड्रॉप आउट दर कभी 16 प्रतिशत थी, लेकिन हमारी सरकार के प्रयासों से अब ड्रॉप आउट दर शून्य हो गई है। राज्य सरकार ने स्कूल शिक्षा का बजट 38 हजार करोड़ तय किया है।

    मध्यप्रदेश में सबसे कम है बेरोजगारी दर

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वड़नगर से वाराणसी और वाराणसी से वड़नगर तक 35 हजार किलोमीटर से अधिक दूरी की बाइक सेवा यात्रा निकाली जा रही है। लगभग 17 हजार किलोमीटर यात्रा अर्थात आधी से अधिक दूरी मध्यप्रदेश की धरती पर तय होगी। प्रदेश का युवा जिम्मेदार और जागरुक बनें उनके आधार पर ही भविष्य का मध्यप्रदेश और देश समृद्ध बनेगा। प्रदेश सरकार ने पुलिस विभाग में 18 हजार पदों पर नई भर्ती की है। एमएसएमई सेक्टर से 1 करोड़ 20 लाख लोगों को रोजगार मिल रहा है। मध्यप्रदेश में बेरोजगारी दर देश में सबसे कम है। देवास के पुंजापुरा में हुए कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।

    कार्यक्रम में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, बागली विधायक मुरली भंवरा, विधायक खातेगांव आशीष शर्मा, विधायक हाटपीपल्या मनोज चौधरी, विधायक सोनकच्छ डॉ. राजेश सोनकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, राय सिंह सेंधव, राजीव खंडेलवाल, बहादुर मुकाती, राजेश यादव, मनीष सोलंकी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारीगण, सेवा संकल्प बाइक यात्रीगण, गणमान्य नागरिकों के साथ बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

     

  • वैश्विक मंच पर सजेगी बिजनौर की दस्तकारी, 10 प्रमुख इकाइयों को मिला अंतरराष्ट्रीय फलक

    वैश्विक मंच पर सजेगी बिजनौर की दस्तकारी, 10 प्रमुख इकाइयों को मिला अंतरराष्ट्रीय फलक

    यूपीआईटीएस-2026: 

    वैश्विक मंच पर सजेगी बिजनौर की दस्तकारी, 10 प्रमुख इकाइयों को मिला अंतरराष्ट्रीय फलक

    नगीना की काष्ठ नक्काशी, विदुर टी, चुकंदर का गुड़ और फैशन विग का दिखेगा जलवा

    इंडिया एक्सपो मार्ट में जुटेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार;  एमएसएमई के लिए खुलेंगे निर्यात के द्वार

    बिजनौर, 
     'उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो' (यूपीआईटीएस-2026) के चौथे संस्करण में बिजनौर का विशिष्ट हुनर पूरी भव्यता के साथ अपनी छाप छोड़ेगा। प्रदेश सरकार के इस प्रतिष्ठित आयोजन के लिए बिजनौर जनपद से विभिन्न क्षेत्रों की कुल 10 प्रमुख औद्योगिक इकाइयों, निर्यातकों और हस्तशिल्पियों का चयन किया गया है। नगीना के ऐतिहासिक काष्ठ शिल्प से लेकर स्टोन कला, टेक्सटाइल, आध्यात्मिक पृष्ठभूमि से जुड़ी हर्बल चाय, प्राकृतिक मिठास और आधुनिक हेयर फैशन से जुड़े उत्पाद इस अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ में विदेशी व घरेलू खरीदारों के समक्ष प्रदर्शित किए जाएंगे। दुनिया भर के आयातकों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों की मौजूदगी वाले इस आयोजन से जिले की कुटीर इकाइयों को सीधे ग्लोबल सप्लाई चेन और बड़े व्यापारिक घरानों से जुड़ने का सीधा अवसर प्राप्त होगा।

    नगीना की विश्वविख्यात काष्ठ कला को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय बाजार
    बिजनौर का नगीना क्षेत्र अपनी बारीक काष्ठ नक्काशी और शीशम की लकड़ी पर उकेरी जाने वाली अनुपम कलाकृतियों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इस ट्रेड शो में वुडन हैंडीक्राफ्ट सेक्टर का प्रतिनिधित्व तीन प्रमुख इकाइयां करेंगी। इसमें उद्यमी रोहित कुमार की इकाई 'आर०के० हैंडीक्राफ्ट' अपने उत्कृष्ट वुड क्राफ्ट उत्पादों की रेंज पेश करेगी। वहीं, विक्रम सिंह चौहान की 'जी क्राफ्ट' तथा तारिक अब्दुल्ला की फर्म 'हैंडओवर इंटरनेशनल' द्वारा नक्काशीदार वुडन हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला का प्रदर्शन किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार इन उत्पादों के प्रदर्शन से स्थानीय काष्ठ कारीगरों को विदेशी बायर्स से सीधे दीर्घकालिक थोक अनुबंध मिलने की उम्मीद है।

    स्टोन क्राफ्ट, टेक्सटाइल और हेयर फैशन में भी दिखेगा बिजनौर का कौशल
    शिल्प और परिधान के क्षेत्र में भी जिले की विविधता प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनेगी। स्टोन हैंडीक्राफ्ट वर्ग में अंकिता राजपूत की इकाई 'मलिहार' और शमीम अख्तर के नेतृत्व वाली 'नगीना क्राफ्ट डेवलपमेन्ट सोसाईटी' द्वारा पत्थर पर हस्तनिर्मित उत्कृष्ट उत्पादों की नुमाइश लगाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, वस्त्र उद्योग के अंतर्गत मो० फैज की फर्म 'ए टू एफ टेक्सटाइल' अपने उच्च गुणवत्ता वाले टेक्सटाइल व हैंडलूम फैब्रिक्स का प्रदर्शन करेगी। वहीं, आधुनिक कॉस्मेटिक व लाइफस्टाइल बाजार की मांग को ध्यान में रखते हुए सलीम अहमद की इकाई 'हेयर फैशन इण्डिया' द्वारा तैयार की गई प्रीमियम हेयर विग की अंतरराष्ट्रीय रेंज पेश की जाएगी।

    विदुर हर्बल टी, बीटरूट गुड़ और पारंपरिक मिठास का सजेगा संसार
    कृषि-आधारित नवाचार और पारंपरिक स्वाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिले के तीन प्रमुख खाद्य प्रसंस्करण उद्यमियों को इस मंच पर जगह मिली है। जिले की पौराणिक व ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी 'विदुर हर्बल टी' का प्रदर्शन वासुदेव सिंह की इकाई 'वीएस ग्रुप' द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही, प्राकृतिक व पौष्टिक मिठास के नवाचार को प्रस्तुत करते हुए विजेन्द्र कुमार की कंपनी 'क्रिएटिव फार्मिंग प्रोड्यूसर कम्पनी लि०' द्वारा व्हाइट बीटरूट जैगरी (चुकंदर से बना गुड़) और साइलेज प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं, स्थानीय मिष्ठान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नवनीत कुमार की फर्म 'चतुर्वेदी फूड प्रा०लि०' द्वारा तैयार बतीसा, सोहनपापड़ी और खस्ता गजक का स्वाद देश-विदेश के आगंतुकों को आकर्षित करेगा।

    सीधी मार्केट लिंकेज से बिजनौर के ग्रामीण व लघु उद्योगों को मिलेगी रफ्तार
    यूपीआईटीएस-2026 जिले के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) की आर्थिकी को मजबूत करने का एक ठोस जरिया बनेगा। इस आयोजन के जरिए बिजनौर के छोटे शिल्पकारों और उद्यमियों को बिना बिचौलियों के सीधे संस्थागत निवेशकों, कॉर्पोरेट बायर्स और विदेशी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के साथ बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) संवाद स्थापित करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल काष्ठ और स्टोन शिल्प से जुड़े पारंपरिक कारीगरों को नियमित काम मिलेगा, बल्कि कृषि-खाद्य प्रसंस्करण और हथकरघा क्षेत्रों में ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

    वैश्विक फलक पर बिजनौर के हुनर को स्थापित करने का स्वर्णिम अवसर: उपायुक्त उद्योग
    जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र, बिजनौर के उपायुक्त उद्योग अमित कुमार ने कहा कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जनपद के पारंपरिक दस्तकारों, आधुनिक उद्यमियों और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए अपनी वैश्विक साख स्थापित करने का एक ऐतिहासिक मंच है। उन्होंने बताया कि नगीना का काष्ठ शिल्प हो या जिले की समृद्ध मिष्ठान व हर्बल उत्पाद, बिजनौर की सभी चयनित 10 इकाइयों में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा करने की पूरी क्षमता है। विभाग का प्राथमिक लक्ष्य इन सभी इकाइयों को बड़े निर्यातकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़कर ठोस व्यापारिक समझौते कराना है।

  • Cockroach Drone: इजरायल की रोबोटिक कीड़ों की रिसर्च, कॉकरोच ड्रोन पर हो रहा काम

    Cockroach Drone: इजरायल की रोबोटिक कीड़ों की रिसर्च, कॉकरोच ड्रोन पर हो रहा काम

    तेल अवीव
     भविष्य में लड़ी जाने वाली लड़ाइयों में जीत उसी की होगी जो टेक्नोलॉजी का अत्यधिक इस्तेमाल करे। शायद फायटर जेट या भारी भरकम हथियार जंग का रूख ना बदलें और छोटे छोटे हथियार दुश्मन के खेमे में तबाही मचा दे। नये युद्ध की शुरूआत ऐसी छोटी मशीनों से हो सकती है जो देखने में कीड़ों जैसी लगती हैं। इजरायल की बायो-इंस्पायर्ड रोबोटिक्स, माइक्रो-ड्रोन, ऑटोनॉमस सिस्टम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बढ़ती दिलचस्पी एक ऐसे युद्धक्षेत्र की ओर इशारा करती है जहां जानकारी जुटाने का काम सिर्फ ऊपर उड़ने वाले विमानों तक ही सीमित नहीं रहेगा।

    भविष्य के मिलिट्री ऑपरेशन में ऐसी छोटी मशीनें शामिल हो सकती हैं जो तंग जगहों से उड़ सकती हैं, मलबे पर रेंग सकती हैं, सुरंगों में जा सकती हैं और ऐसी जगहों पर काम कर सकती हैं जहां आम मशीनें नहीं पहुंच सकतीं।

    'कॉकरोच ड्रोन' का आइडिया भले ही काल्पनिक लगे लेकिन कॉकरोच जैसे रोबोट पर सैन्य रिसर्च शुरू हो चुका है। ये रिसर्च मिलिट्री रिसर्च के एक बहुत बड़े इकोसिस्टम का हिस्सा है जिसमें इजराइल का रक्षा मंत्रालय, अमेरिकी यूनिवर्सिटीज और रक्षा-तकनीक संस्थान शामिल हैं।

    इजरायल कर रहा है कॉकरोच ड्रोन बनाने की कोशिश
    2009 से अब तक इजरायली रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर कम से कम 30 अमेरिकी विश्वविद्यालयों के साथ कम से कम 70 रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया गया है। इन प्रोजेक्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन झुंड जैसी चीजें शामिल हैं। मिसाइल गाइडेंस, क्वांटम सेंसिंग, ऑटोनॉमस सिस्टम और बायो-इंस्पायर्ड रोबोटिक्स। सबसे दिलचस्प क्षेत्रों में से एक है कीड़ों से प्रेरित रोबोटिक सिस्टम का विकास। कॉकरोच का आकर्षण उसके रूप-रंग में नहीं बल्कि उसकी बायोलॉजी में है। कॉकरोच बहुत तंग जगहों से निकल सकते हैं, ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चल सकते हैं और ऐसे माहौल में भी काम करते रह सकते हैं जो पारंपरिक रोबोटिक सिस्टम के लिए मुश्किल साबित हो सकते हैं।

    इजरायल कर रहा है 'माइक्रो-ड्रोन स्वार्म' पर काम
    यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के रिसर्चर्स ने इजरायली रक्षा मंत्रालय के एक वैज्ञानिक के साथ मिलकर इंचवर्म यानि एक तरह का कीड़ा से प्रेरित रेंगने वाले रोबोट पर भी काम किया है। इनके इस्तेमाल के कई और तरीके हो सकते हैं जो सिर्फ युद्ध तक सीमित नहीं हैं। ऐसे रोबोट का इस्तेमाल जासूसी, आपदा के समय मदद, खोज और बचाव, सुरंगों की जांच और गिरी हुई इमारतों के निरीक्षण के लिए किया जा सकता है।

    लेकिन शहरी इलाकों में होने वाली लड़ाई में इनकी सैन्य अहमियत बहुत बढ़ जाएगी क्योंकि वहां इमारतें, जमीन के नीचे बने रास्ते, गुफाएं और मलबे ऐसे हालात पैदा करते हैं जिनमें आम गाड़ियां और बड़े ड्रोन ज्यादा काम नहीं आते। इजरायल के लिए ये अहम इसलिए भी होंगे क्योंकि हमास ने गाजा में सुरंगों का जो नेटवर्क तैयार कर रखा है उसे भेदना अत्यंत मुश्किल है।

    इजरायल के कॉकरोच ड्रोन युद्ध का मैदान बदल देंगे?
    यानि असली इनोवेशन ऐसा रोबोट नहीं है जो कॉकरोच जैसा दिखता हो। बल्कि यह युद्ध की एक नई सोच है जिसमें छोटा आकार, ऑटोनॉमी, नेटवर्किंग, कम लागत और संख्या उतनी ही जरूरी हो जाती है जितनी रफ्तार, रेंज और पेलोड। पारंपरिक ड्रोन ने युद्ध का तरीका बदल दिया था इसने सेनाओं को दुश्मन के इलाके के ऊपर सीधे पायलट भेजे बिना निगरानी करने और हमला करने की क्षमता दी है। माइक्रो-ड्रोन इस बदलाव को ऐसी जगहों तक ले जा सकते हैं जहाँ पारंपरिक ड्रोन काम नहीं कर सकते।

        एर्दोगन की वीटो पावर खत्म करने की मांग खारिज, UNSC सुधार पर रूस का बड़ा बयान, भारत को करता है समर्थन

        तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता और वीटो की व्यवस्था खत्म करने की मांग की है। एर्दोगन की इस मांग को रूस से झटका मिला है। क्रेमलिन UNSC में सुधारों पर बड़ा बयान दिया है।