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  • उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने रखी कवर्धा के नए स्वरूप की नींव, 54 करोड़ से बनेगी 4 लेन सड़क

    उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा ने रखी कवर्धा के नए स्वरूप की नींव, 54 करोड़ से बनेगी 4 लेन सड़क

    रायपुर

    कवर्धा शहर में प्रवेश करते ही अब बदलता हुआ शहर नजर आएगा। 54 करोड़ रुपए की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 7.8 किलोमीटर सड़क को 4 लेन में विकसित करने के साथ रायपुर और बिलासपुर की ओर दोनों प्रवेश मार्गों पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने आज शहर वासियों को बड़ी सौगात देते हुए नया मंडी परिसर, कवर्धा में इस सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया। चंद्रयान हॉस्पिटल से शुरू होकर कवर्धा शहर के प्रमुख हिस्सों से गुजरते हुए जोराताल के आगे तक बनने वाली इस 4 लेन सड़क में डिवाइडर का भी निर्माण किया जाएगा। 

    प्रवेश द्वारों के डिजाइन में धर्मनगरी कवर्धा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता दी जाएगी। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा के विशेष आग्रह पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कवर्धा नगर पालिका में सामुदायिक भवन निर्माण और मटन मार्केट के लिए 3.50 करोड़ रुपए, नगर पंचायत बोड़ला में बाजार विस्थापन के लिए 1.50 करोड़ रुपए, सहसपुर लोहारा में बाधांटोला में गौरव पथ निर्माण के लिए 1.50 करोड़ रुपए और नगर पंचायत पिपरिया के खेल मैदान के लिए 1.50 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की घोषणा की। इसके साथ ही उनकी मांगों पर विभिन्न सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्य की भी घोषणा की।
     
     उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी पूरी होने की गारंटी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने संकल्पों को पूरा करने का कार्य किया है। प्रधानमंत्री आवास, 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, दो वर्ष के पुराने बोनस का भुगतान, महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता पारिश्रमिक में वृद्धि और पीएससी मामले की सीबीआई जांच जैसे महत्वपूर्ण संकल्पों को पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माथे पर नक्सलवाद का जो कलंक था, उसे मिटाने की दिशा में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। जवानों के साहस और परिश्रम से छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि सरकार विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश में सड़क सहित बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है। पिछले ढाई वर्षों में लोक निर्माण विभाग में 12,666 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। अनेक कार्य शुरू हो चुके हैं और कई पूरे भी हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के पास विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कमी नहीं है। जनता का पैसा जनता के विकास पर खर्च किया जा रहा है और छत्तीसगढ़ का खजाना छत्तीसगढ़ की जनता के लिए खोला गया है। इसी का परिणाम है कि गांवों से लेकर शहरों तक विकास कार्यों की गति बढ़ी है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सुशासन, विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कबीरधाम जिला भी विकास की इस यात्रा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जिले की जनता के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता की सहभागिता से विकास की यह गति और मजबूत होगी।

    उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि कवर्धा में लगभग 140 करोड़ रुपए के विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें सड़क, शिक्षा, शहर के विकास और धार्मिक-पर्यटन स्थलों से जुड़े कार्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कवर्धा शहर में 54 करोड़ रुपए की लागत से चार लेन सड़क का निर्माण शुरू होगा। रायपुर और बिलासपुर मार्ग की ओर लगभग 3-3 किलोमीटर सड़क का विकास किया जाएगा। कवर्धा में 4.5 करोड़ रुपए की लागत से नालंदा परिसर बनाया जा रहा है, जहां 24 घंटे पुस्तकालय और डिजिटल पुस्तकालय की सुविधा होगी। नए बस स्टैंड को शुरू करने के लिए 10 करोड़ रुपए की लागत से घोटिया रोड का निर्माण किया गया हैं। भोरमदेव परिसर के विकास के लिए 1.46 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। तालाब परिसर, उद्यान, मेला स्थल, छेरकी महल, रामचुआ और सरोधा क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं।

    उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में अभियान चलाकर नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की है। जवानों के साहस और समर्पण से छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शर्मा ने कहा कि विकास कार्यों को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। गांव-गांव और घर-घर तक प्रधानमंत्री आवास पहुंचाने के साथ सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि जरूरतमंद परिवारों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचे।

     सांसद संतोष पाण्डेय ने कहा कि कवर्धा में बनने वाले दोनों भव्य प्रवेश द्वार केवल शहर की पहचान नहीं, बल्कि विकास के द्वार होंगे। इन द्वारों के साथ 54 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली 4 लेन सड़क से कवर्धा का स्वरूप बदलेगा और आवागमन की नई सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से क्षेत्र में सड़क, रेलवे और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन सहित विभिन्न परियोजनाओं से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि खैरागढ़ से कवर्धा और राजनांदगांव क्षेत्र में सड़क परियोजनाओं से भी आवागमन बेहतर होगा। 

    भूमिपूजन कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, राजेन्द्र चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण के सदस्य भगत पटेल, कलेक्टरमती तुलिका प्रजापति, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव सहित जनप्रतिनिधि हजारों की संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।

  • CM साय ने BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से की मुलाकात, स्वास्थ्य का जाना हाल

    CM साय ने BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण देव से की मुलाकात, स्वास्थ्य का जाना हाल

    रायपुर.

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव के निवास पहुंचकर उनसे आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

    मुख्यमंत्री साय ने किरण सिंह देव के शीघ्र एवं पूर्ण स्वस्थ होने की मंगलकामना करते हुए उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच इस दौरान आत्मीय बातचीत भी हुई। मुलाकात के दौरान विधायक प्रबोध मिंज भी उपस्थित रहे। बता दें कि गुरु पूर्णिमा पर बागेश्वर धाम से वापस आने के दौरान यूपी में सड़क हादसे में किरण सिंह देव घायल हुए थे। उनका इलाज दिल्ली में चल रहा था। करीब 56 दिन बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव इलाज पूरा होने के बाद 23 सितंबर को दिल्ली से छत्तीसगढ़ लौटे। रायपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया था।

    सभी की प्रार्थना से स्वस्थ होकर लौट आया : किरण सिंह देव
    एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए किरण सिंह देव ने कहा था कि छत्तीसगढ़ महतारी की पावन धरा पर वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। बेड रेस्ट के दौरान बहुत से लोगों का साथ और भरपूर प्यार मिला। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से लेकर एक छोटे से कार्यकर्ता ने भरपूर साथ दिया। विपक्ष और अन्य राजनीतिक दलों का भी खूब प्रेम प्राप्त हुआ है। सभी का धन्यवाद ज्ञापित करना चाहता हूं। सभी की प्रार्थना और विश्वास का ही असर है, जिससे मैं स्वस्थ लौट आया हूं।

  • समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रित, एएनसी कवरेज करें शत-प्रतिशत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रित, एएनसी कवरेज करें शत-प्रतिशत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    समन्वित प्रयासों से स्थिति नियंत्रित, एएनसी कवरेज करें शत-प्रतिशत: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण और रोग नियंत्रण की व्यापक कार्यवाही
    बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21
    मलेरिया नियंत्रण के लिए एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर किए गए तैनात
    51 नवीन डॉक्टर्स ने किया जॉइन
    वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से की समीक्षा

    भोपाल 

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने आज मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, खसरा-रूबेला, डायरिया एवं मलेरिया नियंत्रण तथा दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए की जा रही कार्यवाही की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में महिला एवं बाल विकास, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, शिक्षा तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा आपसी समन्वय के साथ स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गंभीरता से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैदानी स्तर पर निरंतर निगरानी, समय पर उपचार, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी रहें।

    बालाघाट को आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि गंभीरता, समर्पण और बेहतर समन्वय के साथ सेवा प्रदाय किया जाए तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत बनाया जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वर्तमान प्रयासों को निरंतर बनाए रखते हुए बालाघाट को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श जिले के रूप में विकसित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जैसे जनजातीय एवं भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए विभागों के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मिलकर काम करें और मैदानी स्तर पर प्रत्येक गतिविधि की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें। बैठक में एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट कलेक्टर कुमार सत्यम तथा जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए।

    सुमन पंचायत के रूप में पंचायतों को विकसित करने के लिए एक वर्ष की अवधि में शून्य मातृ एवं शिशु मृत्यु सुनिश्चित करना प्रमुख मानकों में शामिल है। गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन एवं एएनसी जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी का चिन्हांकन एवं फॉलोअप, संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर एवं नवजात देखभाल और समय पर रेफरल जैसी सेवाओं की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित किया जाना इसका लक्ष्य है। इन मानकों की सतत पूर्ति और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के आधार पर पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि एएनसी चेकअप का कवरेज 90 प्रतिशत तक पहुंचना महत्वपूर्ण प्रगति है। इसे शत-प्रतिशत तक ले जाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं का समय पर चिन्हांकन, नियमित फॉलोअप तथा आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य संस्थान में समय से भर्ती सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बर्थ वेटिंग होम की उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं है। अधिकारी एवं मैदानी अमला पूरी गंभीरता और समर्पण के साथ कार्य करें। इसी गति से प्रयास जारी रहे तो बालाघाट की सभी पंचायतों को सुमन पंचायत के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने बालाघाट में किए जा रहे कार्यों को प्रभावी मॉडल के रूप में विकसित कर पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बनाने पर जोर दिया।

    खसरा-रूबेला नियंत्रण के लिए विशेष निगरानी

    बालाघाट में खसरा नियंत्रण के लिए बुखार एवं दाने वाले मामलों की विशेष निगरानी की जा रही है। ऐसे संदिग्ध मामलों में खसरा-रूबेला की जांच सुनिश्चित की जा रही है। नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें MR वैक्सीन से सुरक्षित करने के लिए कैच-अप राउंड एवं आउटब्रेक रिस्पॉन्स इम्युनाइजेशन (ORI) गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अब तक लगभग 27 हजार बच्चों का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि ORI के अंतर्गत 1 से 10 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 15 हजार बच्चों का टीकाकरण किया गया है। संदिग्ध रोगियों को आवश्यकता अनुसार विटामिन-A की खुराक दी जा रही है तथा फीवर-रैश सर्विलांस लगातार जारी है। दुर्गम एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में दूरस्थ गांवों की मैपिंग कर प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण एवं विशेष सर्विलांस किया जा रहा है। वैक्सीन को दूरस्थ क्षेत्रों तक समय पर पहुंचाने के लिए अल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (AVD) व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है।

    डायरिया नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान

    जिले में दस्त एवं डायरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्तर पर ओआरएस एवं जिंक की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अब तक 1,63,902 परिवारों को ओआरएस तथा 1,60,431 परिवारों को जिंक उपलब्ध कराया गया है। गंभीर स्थिति वाले 734 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कर सफल उपचार किया गया है। जिला अस्पताल में बच्चों के उपचार की क्षमता बढ़ाते हुए बाल रोग बेड की संख्या 50 से बढ़ाकर 150 तथा PICU बेड की संख्या 10 से बढ़ाकर 21 की गई है। दूरस्थ क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को समय पर स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने के लिए मोबिलाइजेशन की व्यवस्था की गई है।

    मलेरिया नियंत्रण के लिए घर-घर स्क्रीनिंग

    बालाघाट के प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम एंडेमिक क्षेत्रों में मलेरिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। घर-घर बुखार की जांच के लिए 15 टीमें लगातार कार्यरत हैं। इन टीमों द्वारा प्रतिदिन औसतन 300 से अधिक जांच की जा रही हैं। 19 जुलाई 2026 से अब तक 26,865 व्यक्तियों की मलेरिया जांच की गई है, जिसमें 980 मलेरिया प्रकरण पाए गए। इनमें 895 प्लाज्मोडियम फ़ाल्सीपैरम तथा 85 प्लाज्मोडियम वाइवैक्स के प्रकरण शामिल हैं। सभी चिन्हित मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया गया है तथा उपचार पूर्ण कराया जा रहा है। मच्छर नियंत्रण के लिए 71 गांवों के 7,065 घरों में कीटनाशक छिड़काव किया गया है। इसके साथ ही 44 गांवों के 8,610 घरों में थर्मल फॉगिंग की गई है। अतिरिक्त मानव संसाधन के रूप में एक सलाहकार, चार मलेरिया टेक्निकल सुपरवाइजर तथा 112 कम्युनिटी हेल्थ वालंटियर तैनात किए गए हैं।

    दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

    बिरसा एवं बैहर विकासखंडों में 6 मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात की गई हैं। इन मोबाइल इकाइयों के माध्यम से बुखार स्क्रीनिंग, ओपीडी, एएनसी/पीएनसी सेवाएं, एनसीडी एवं टीबी स्क्रीनिंग, दवा वितरण और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में स्क्रीनिंग गतिविधियों का विस्तार लगभग 50 गांवों तक किया गया है तथा 10 से अधिक चिकित्सक एवं CHO मैदानी स्तर पर सेवाएं दे रहे हैं। कुंडेकसा विद्यालय में अस्थायी अस्पताल एवं स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था भी की गई है। बिरसा एवं बैहर क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए 600 से अधिक जल स्रोतों को शुद्ध किया गया है। स्कूलों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा समुदाय स्तर पर स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल के संबंध में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

    स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ी

    जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 51 नए बॉन्ड डॉक्टर जॉइन कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त एएनएम, सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर सहित आवश्यक मैदानी मानव संसाधन की तैनाती की गई है।

    बालाघाट इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान से स्वास्थ्य अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती

    उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा बालाघाट इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट प्लान के अंतर्गत ₹332 करोड़ लागत के विशेष प्रावधान किए जा रहे हैं। इसमें विभिन्न विभागों द्वारा बालाघाट में सुविधाओं एवं अधोसंरचनाओं का सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। योजना अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने तथा आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित करने का कार्य भी किया जाएगा। योजना के अंतर्गत 22 उप स्वास्थ्य केंद्रों/आयुष्मान आरोग्य केंद्रों में मरम्मत एवं आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। दुर्गम क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त मोबिलिटी सहायता राशि का प्रावधान किया गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विठती तथा सानमुद्दा को 30-बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन तथा घुम्मूर एवं पाथरी के दो उप स्वास्थ्य केंद्रों को 6-बिस्तरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने की कार्यवाही की जा रही है। इसके साथ ही 2 नई मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वीकृत की गई हैं तथा 10 नवीन उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है। दूरस्थ क्षेत्रों में आवश्यक दवाओं एवं अन्य स्वास्थ्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी प्रोत्साहन आधारित व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं।

    महिला एवं बाल स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

    कलेक्टर बालाघाट कुमार सत्यम ने महिला एवं बाल स्वास्थ्य से जुड़े किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप बढ़कर 90 प्रतिशत हो गया है। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की पहचान कर उनका नियमित फॉलोअप किया जा रहा है तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जा रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसी कारणवश बच्चे आंगनवाड़ी केंद्र तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, तो उनके घरों तक हॉट कुक्ड मील पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और नियमित निगरानी पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

     

  • आज से प्रदेश में प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’

    आज से प्रदेश में प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’

    आज से प्रदेश में प्रारंभ होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केन्द्रीय मंत्री  नितिन गडकरी दिखाएंगे बसों को हरी झंडी

    संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने लिया तैयारियों का जायजा

    मंच, बैठक, ट्रैफिक एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

    भोपाल 

        भोपाल में 25 सितंबर को आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी बीएचईएल दशहरा मैदान से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत नई सार्वजनिक यात्री बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस सेवा का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ सुगम, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।

        राजधानी भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में 25 सितंबर को आयोजित होने जा रहे ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के राज्य स्तरीय शुभारंभ कार्यक्रम की तैयारियों का गुरूवार को संभागायुक्त श्री कर्मवीर शर्मा एवं कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने निरीक्षण कर जायजा लिया। अधिकारियों ने संपूर्ण कार्यक्रम परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, सीटिंग प्लान और नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों के अनुरूप समय-सीमा में उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के निर्देश दिए।

    मंच, बैठक और यातायात व्यवस्था रहे सुचारू

        स्थल निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री शर्मा एवं कलेक्टर श्री मिश्रा ने कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, विशिष्ट अतिथियों एवं आमजनों के बैठने के लिए सुव्यवस्थित बैठक व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, शौचालय चलित प्रसाधन, पार्किंग एवं ट्रैफिक प्रबंधन को उत्कृष्ट करने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने निर्देशित किया कि बीएचईएल दशहरा मैदान की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर ट्रैफिक का सुचारू संचालन रहे, जिससे आम नागरिकों एवं आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

        ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ के अंतर्गत शुरू होने वाली नई बसों का संचालन आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। सड़कों पर दौड़ने वाली इन बसों की कमान एडवांस तकनीक से प्रशिक्षित चालकों के हाथों में होगी। ड्राइवरों को सीएनजी एवं इलेक्ट्रिक बसों की उन्नत तकनीक, सुचारू संचालन और सुरक्षा मानकों से भली-भांति परिचित कराने के लिए विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

    पैनिक बटन और जीपीएस तकनीक से मिलेगी लाइव लोकेशन

        यात्रियों—विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों—की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए सभी सार्वजनिक बसों में पैनिक बटन और जीपीएस (GPS) प्रणाली स्थापित की गई है। जीपीएस के माध्यम से कंट्रोल रूम द्वारा बसों की लाइव लोकेशन पर सतत् निगरानी रखी जाएगी, वहीं किसी भी आपात स्थिति में पैनिक बटन यात्रियों की त्वरित सुरक्षा सुनिश्चित करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।

    वर्ष 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य, ट्रेनिंग सेंटरों का होगा विस्तार

        राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में सार्वजनिक परिवहन का व्यापक विस्तार करते हुए वर्ष 2031 तक प्रदेश में बसों की संख्या 15 हजार तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 2,500 से 3,000 नई बसें बेड़े में जोड़ी जाएंगी। सुरक्षित ड्राइविंग के लिए चालकों को प्रशिक्षण देने हेतु इंदौर और छिंदवाड़ा में 'इन्स्टिट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर' (IDTR) क्रियाशील हैं। इसके अतिरिक्त भोपाल, बैतूल, छतरपुर, उज्जैन एवं ग्वालियर में 5 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर तथा जिला स्तर पर 22 नए ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर जल्द ही स्थापित किए जाएंगे।
     

  • राम-रामायण, लोकधारा और गंगा के रंगों से सजेगा यूपी, तीन प्रमुख कला शिविरों में जुटेंगे देशभर के कलाकार

    राम-रामायण, लोकधारा और गंगा के रंगों से सजेगा यूपी, तीन प्रमुख कला शिविरों में जुटेंगे देशभर के कलाकार

    राम-रामायण, लोकधारा और गंगा के रंगों से सजेगा यूपी, तीन प्रमुख कला शिविरों में जुटेंगे देशभर के कलाकार

    अयोध्या में राम-रामायण से लेकर काशी में गंगा और लखनऊ में लोकधारा तक, यूपी में होंगे तीन बड़े कला आयोजन

    गोंड से मधुबनी और भील से पिथौरा तक, ‘लोकधारा’ में एक मंच पर आएंगी देश की पारंपरिक कला शैलियां

    काशी की गंगा बनेगी कलाकारों की प्रेरणा, ‘काशी फ्लो’ में कला के जरिए दिखेगी जीवंत विरासत

    लखनऊ,
     योगी सरकार उत्तर प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और जीवंत परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ देशभर के कलाकारों को एक मंच पर लाने की विशेष तैयारी कर रही है। इसके लिए अयोध्या, लखनऊ और वाराणसी में तीन प्रमुख कला कार्यशालाओं और शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यक्रमों में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लोक एवं पारंपरिक चित्रकला तथा काशी व गंगा की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत को कला के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ललित कला अकादमी और विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से होने वाले इन आयोजनों में वरिष्ठ कलाकारों के साथ युवा कलाकारों और कला विद्यार्थियों को भी सीखने/संवाद करने का अवसर मिलेगा।

    अयोध्या में 22 से 26 अक्टूबर तक डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के सहयोग से राम की पैड़ी/गुप्तार घाट पर ‘राम, रामायण और अयोध्या’ राष्ट्रीय कार्यशाला एवं व्याख्यान श्रृंखला होगी, जिसमें 25 कलाकारों और 10 विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। कार्यक्रम के माध्यम से राम, रामायण और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे कलाकारों और विशेषज्ञों के साथ नई पीढ़ी भी अयोध्या की जीवंत सांस्कृतिक परंपरा को समझ सके।

    लखनऊ में 18 से 22 नवंबर तक राज्य ललित कला अकादमी की ओर से ‘लोकधारा’ लोक एवं पारंपरिक कला शिविर आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश की लोक और पारंपरिक कला को जीवंत मंच देना है, जहां प्रसिद्ध कलाकार, युवा विद्यार्थी और कला प्रेमी साथ आकर पारंपरिक कलाओं को समझें, उनका अभ्यास करें और उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में काम करें। शिविर में पद्मसम्मानित कलाकारों, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त कलाकारों और पारंपरिक कला के वरिष्ठ कलाकारों के साथ करीब 35 से 40 लोक एवं पारंपरिक कला साधकों की भागीदारी होगी। लखनऊ और आसपास के संस्थानों के 25 चयनित वरिष्ठ कला विद्यार्थी भी इसमें शामिल होंगे। 

    ‘लोकधारा’ में लाइव कला निर्माण और प्रदर्शन, वरिष्ठ कलाकारों के साथ सीधा संवाद, तकनीक सीखने, अभ्यास और मार्गदर्शन पर विशेष जोर रहेगा। प्रस्तावित प्रतिभागियों में गोंड, भील, गोदना, पिथौरा, राजस्थानी, कोहबर और मधुबनी जैसी विभिन्न लोक एवं पारंपरिक कला शैलियों से जुड़े कलाकार शामिल हैं। पद्मदुर्गाबाई, पद्मभूरीबाई, पद्मशिवम पासवान, पद्मपरेश रावुआ, पद्ममहावीर स्वामी व पद्मश्याम शर्मा जैसे वरिष्ठ कलाकारों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों के कलाकारों और उत्तर प्रदेश के युवा कलाकारों की भागीदारी होगी। इस शिविर का फोकस परंपरा को केवल प्रदर्शित करने के बजाय उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समकालीन संदर्भ में उसकी प्रासंगिकता समझाने पर रहेगा।

    पांच दिवसीय ‘लोकधारा’ में 18 नवंबर को उद्घाटन और स्टूडियो की शुरुआत के साथ कलाकारों का परिचय और कला निर्माण शुरू होगा। 19 नवंबर को वरिष्ठ कलाकारों का लाइव प्रदर्शन और तकनीकी संवाद, 20 नवंबर को मास्टरक्लास, रचनात्मक अभ्यास और मार्गदर्शन, 21 नवंबर को पारंपरिक तकनीकों पर प्रदर्शन, सवाल-जवाब और व्यावहारिक सीख का आयोजन होगा। 22 नवंबर को अंतिम कला प्रदर्शन, प्रदर्शनी की झलक और समापन होगा। इस आयोजन के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के ललित कला संकाय, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग, एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ, गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज, टेक्नो इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज और वामसी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स एंड डिजाइन समेत कई संस्थानों का सहयोग होगा। 

    वाराणसी में गंगा तट पर दिसंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में चार दिवसीय ‘काशी फ्लो’ अंतरराष्ट्रीय कला शिविर एवं प्रदर्शनी होगी, जिसे गंगा महासभा और राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत, गंगा, काशी और यहां की जीवंत परंपराओं को कला के माध्यम से अभिव्यक्त और दस्तावेज तैयार करना है। आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से कलाकारों की भागीदारी होगी, जिनमें वाराणसी, वृंदावन, देहरादून, मथुरा, दिल्ली, जयपुर, भोपाल, ओडिशा, लखीमपुर, सिरसा, मऊ, मेरठ और अन्य स्थानों के कलाकार शामिल हैं। 

    ‘काशी फ्लो’ के जरिए देश और विदेश के कलाकारों को उत्तर प्रदेश की विरासत, उसके संरक्षण और सांस्कृतिक समृद्धि को कला की भाषा में समझने और प्रस्तुत करने का अवसर देने की परिकल्पना की गई है। आयोजन में कला, आध्यात्मिकता, विरासत, लोगों और गंगा के बीच संबंध को केंद्र में रखा जाएगा। इसके जरिए अयोध्या के राम मंदिर और राम परंपरा, काशी विश्वनाथ धाम और प्रयागराज की कुंभ परंपरा जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक प्रतीकों से जुड़ी विरासत को रचनात्मक अभिव्यक्ति देने का प्रयास होगा। कार्यक्रम को भविष्य के लिए रचनात्मक संवाद और जीवंत विरासत के संरक्षण का मंच बनाने की परिकल्पना है।

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश की कला और संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमूल्य विरासत है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि इस विरासत को संग्रहालयों और अभिलेखों तक सीमित रखने के बजाय उसे कलाकारों, विद्यार्थियों और आम लोगों के जीवन से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया अयोध्या में राम और रामायण की सांस्कृतिक परंपरा, लखनऊ में लोक एवं पारंपरिक कलाओं और वाराणसी में गंगा तथा काशी की आध्यात्मिक विरासत को केंद्र में रखकर आयोजित होने वाले ये कला शिविर इसी सोच का हिस्सा हैं। हमारा लक्ष्य वरिष्ठ और प्रसिद्ध कलाकारों के अनुभव को युवा प्रतिभाओं तक पहुंचाना, पारंपरिक कला विधाओं को समकालीन संदर्भ में आगे बढ़ाना और उत्तर प्रदेश की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के सामने नई रचनात्मक भाषा में प्रस्तुत करना है। 

    अपर मुख्य सचिव (पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग) अमृत अभिजात ने बताया कि इन तीनों आयोजनों का व्यापक उद्देश्य परंपरा, रचनात्मकता और नई पीढ़ी के बीच निरंतर संवाद तैयार करना है। ‘लोकधारा’ से जहां पारंपरिक कला में नए कलाकारों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, वरिष्ठ कलाकारों से सीधा सीखने और नई कलाकृतियां तैयार करने का अवसर मिलेगा, वहीं कला तकनीकों और प्रक्रियाओं का दस्तावेजीकरण भी किया जाएगा। कलाकारों, शिक्षण संस्थानों और समुदाय के बीच मजबूत सहयोग विकसित करने के साथ इसे भविष्य में वार्षिक आयोजन के रूप में आगे बढ़ाने की संभावना भी रखी गई है। इसी तरह अयोध्या और वाराणसी के आयोजन कला के माध्यम से प्रदेश की जीवंत विरासत को नई पीढ़ी और व्यापक कला समुदाय तक पहुंचाने की दिशा में काम करेंगे। इन पहलों के जरिए उत्तर प्रदेश में कला, विरासत, सीख और रचनात्मकता को जोड़ते हुए ‘हमारी संस्कृति, हमारी ताकत’ की भावना को नई दिशा देने की कोशिश की जाएगी।

  • सुनील पाल का सलमान खान पर हमला, बोले- पहले ‘बिग बॉस’ बंद करिए, ये ‘गटर शो’ है

    सुनील पाल का सलमान खान पर हमला, बोले- पहले ‘बिग बॉस’ बंद करिए, ये ‘गटर शो’ है

    कॉमेडियन सुनील पाल अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं. अब उन्होंने सलमान खान और उनके होस्ट किए जाने वाले रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ पर तीखा हमला बोला है. सुनील पाल ने शो के कंटेंट और इसमें शामिल होने वाले कंटेस्टेंट्स पर सवाल उठाते हुए इसे ‘गटर शो’ तक कह दिया. उन्होंने सलमान खान से कहा कि अगर वो लोगों को सलाह दे रहे हैं, तो पहले उन्हें अपने शो के कंटेंट पर ध्यान देना चाहिए.

    सलमान पर साधा निशाना
    मीडिया से बातचीत के दौरान सुनील पाल ने सलमान खान की हालिया टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी. सलमान ने ‘बिग बॉस 20’ के वीकेंड का वार एपिसोड में सेलिब्रिटीज को सोशल मीडिया पर ट्रोल किए जाने और बॉडी शेमिंग का मुद्दा उठाया था. उन्होंने ट्रोल्स को फटकार लगाते हुए कहा था कि किसी के लुक या काम को लेकर अपमानजनक बातें नहीं करनी चाहिए.

    सलमान की इस बात पर सुनील पाल ने कहा कि सलमान खान को स्टार दर्शकों और देश की जनता ने बनाया है. उनके मुताबिक, लोगों ने सलमान की फिल्में देखीं और उन्हें लगातार प्यार दिया, तभी वह आज इतने बड़े स्टार हैं. सुनील ने सलमान के साथ शाहरुख खान और दूसरे बड़े सितारों को भी नसीहत देते हुए कहा कि अब उन्हें बदलते समय और दर्शकों की पसंद को समझना चाहिए.

    ‘बिग बॉस पहले बंद करिए’
    सुनील पाल ने कहा कि भाईजान, पहले ‘बिग बॉस’ को बंद करिए. उन्होंने शो को ‘गटर शो’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसमें छपरी लोगों को स्टार बना दिया जाता है, जिनका व्यवहार और विवाद समाज के लिए सही उदाहरण नहीं हैं. कॉमेडियन ने ये भी कहा कि शो से जुड़े हर व्यक्ति को आलोचना के लिए तैयार रहना चाहिए. उनके अनुसार, ‘बिग बॉस’ में आने वाले कुछ कंटेस्टेंट्स अपने विवादों और आपत्तिजनक व्यवहार के लिए चर्चा में रहते हैं, लेकिन शो उन्हें बड़े मंच पर पहुंचा देता है.

    सुनील पाल ने कहा कि शो में शामिल कुछ लोग समाज के लिए गलत उदाहरण हैं, फिर भी उन्हें लोकप्रियता और स्टारडम मिल जाता है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि सलमान खान अलग-अलग मुद्दों पर अपनी सुविधानुसार रुख बदलते हैं.

    यह पहली बार नहीं है जब सुनील पाल ने किसी रियलिटी शो या मनोरंजन जगत की बड़ी हस्ती पर टिप्पणी की हो. इससे पहले वह ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में कुछ कॉमेडियंस को बुलाए जाने पर भी सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर शो के मेकर्स और अमिताभ बच्चन पर निशाना साधा था.

  • बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल निर्माण पूर्ण, 8 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

    बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल निर्माण पूर्ण, 8 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

    बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल निर्माण पूर्ण, 8 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

    4.41 करोड़ की लागत से 100 मीटर लंबे पुल का निर्माण हुआ पूरा

    रायपुर.
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क, पुल-पुलिया सहित अधोसंरचना विकास के कार्यों को गति मिल रही है। पहाड़ी एवं पठारी भौगोलिक क्षेत्र वाले जशपुर जिले में नदी-नालों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होने के साथ ही लोगों को वर्षभर आवागमन की सुविधा मिल रही है। इसी क्रम में बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो गया है। करीब 100 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर 4 करोड़ 41 लाख 33 हजार रुपये की लागत आई है। पुल के शुरू होने से क्षेत्र के 8 गांवों के 5 हजार से अधिक ग्रामीणों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलेगी।

    बारिश में आवागमन की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान

    गिरमा नदी पर उच्च स्तरीय पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने पर बोकी-आरा मार्ग पर आवागमन प्रभावित हो जाता था। तेज बारिश के दौरान पानी का बहाव बढ़ने से ग्रामीणों को नदी पार करने और मुख्य मार्ग तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इससे विद्यार्थियों, किसानों, मरीजों, व्यापारियों और आम नागरिकों को परेशानी होती थी। अब पुल का निर्माण पूरा होने से बारिश के दौरान भी आवागमन सुगम और सुरक्षित रहेगा तथा लंबे समय से चली आ रही संपर्क बाधित होने की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिलेगी।

    8 गांवों के 5100 से अधिक ग्रामीणों को सीधा लाभ

    गिरमा नदी पर पुल बनने से बोकी, बालाछपर, कोरमकेरा, बिरोपानी, रनपुर, सालेकेरा, नारायणपुर और झिलमिली सहित 8 गांवों के 5100 से अधिक ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। इन गांवों के लोगों को मुख्य मार्ग से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। स्कूल, बाजार, अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। किसानों एवं व्यापारियों को आवागमन में सुविधा मिलने के साथ ही समय और परिवहन लागत की बचत होगी। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

    रामरेखा धाम की ओर आवागमन होगा सुगम

    बोकी-आरा मार्ग पर गिरमा नदी में पुल बनने से झारखंड के प्रसिद्ध रामरेखा धाम की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी आवागमन सुगम होगा। रामरेखा धाम झारखंड के सिमडेगा क्षेत्र में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सीमावर्ती क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आवागमन आसान होगी।

    उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को मिल रही गति

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में नदी-नालों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। जिले में 22 उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें से 2 पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि अन्य पुलों का निर्माण विभिन्न चरणों में प्रगतिरत है। पुल का निर्माण पूर्ण होने पर क्षेत्रवासियों एवं ग्रामीणों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन जोखिमपूर्ण हो जाता था और कई बार संपर्क भी बाधित हो जाता था। अब पुल के निर्माण से वर्षभर आवागमन की सुविधा मिलेगी, जिससे समय की बचत के साथ लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।

  • छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

    भोपाल

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राज्य शासन के लिए छात्र हित सर्वोपरि है। इसी भावना के साथ शासन ने नर्सिंग विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए माननीय उच्च न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखा है। विद्यार्थियों की शिक्षा और उनके भविष्य की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसके लिए राज्य शासन संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

     उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग के 15 हजार से अधिक विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। साथ ही लगभग 28 हजार विद्यार्थियों की आगामी परीक्षा भी शीघ्र आयोजित की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि छात्र हितों की रक्षा और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शासन सदैव प्रतिबद्ध है। 

      उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय द्वारा बी.एससी. नर्सिंग द्वितीय वर्ष परीक्षा – मार्च 2026, बी.एससी. नर्सिंग तृतीय वर्ष परीक्षा – जनवरी 2026 के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए हैं।

  • झीरम घाटी हत्याकांड: 10 दोषियों की फांसी के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

    झीरम घाटी हत्याकांड: 10 दोषियों की फांसी के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती

    जगदलपुर.

    झीरम घाटी हत्याकांड में एनआईए कोर्ट ने 10 दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ बचाव पक्ष के वकील अरविंद चौधरी ने दोषियों के परिजनों से चर्चा के बाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की है।

    अब बचाव पक्ष को हाईकोर्ट की ओर से आगे की प्रक्रिया के लिए नोटिस का इंतजार है। दरअसल, किसी निचली अदालत के फैसले से असहमति होने पर संबंधित पक्ष ऊपरी अदालत में अपील कर सकता है। इसी कानूनी प्रक्रिया के तहत अब झीरम मामले का फैसला हाईकोर्ट के सामने चुनौती रूप में पहुंचा है।

    हाईकोर्ट पहले अपील की प्रक्रिया पर विचार करेगा और इसके बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना जा सकता है। यानी फिलहाल मामला अपील दाखिल होने के चरण में है, अभी हाईकोर्ट ने इस अपील पर अंतिम फैसला नहीं दिया है। अब हाईकोर्ट के नोटिस का इंतज़ार है।

  • ‘सत्ता में रहते नहीं की लोधी समाज की चिंता, आज वोट के लिए पी रहे हैं चाय’: अखिलेश पर बरसे मंत्री संदीप सिंह

    ‘सत्ता में रहते नहीं की लोधी समाज की चिंता, आज वोट के लिए पी रहे हैं चाय’: अखिलेश पर बरसे मंत्री संदीप सिंह

    ‘सत्ता में रहते नहीं की लोधी समाज की चिंता, आज वोट के लिए पी रहे हैं चाय’: अखिलेश पर बरसे मंत्री संदीप सिंह

    ‘तुष्टीकरण के चलते अखिलेश नहीं देते ‘बाबू जी’ को श्रद्धांजलि’: संदीप सिंह

    ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वह BJP सरकार ने बनाई है’- PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का तीखा प्रहार

    PDA रथ यात्रा पर संदीप सिंह का पलटवार, लोधी समाज और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अखिलेश को घेरा

    लखनऊ, 
     समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रथ यात्रा को लेकर योगी सरकार में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने निशाना साधा है। उन्होंने यूपी की सड़कों, लोधी समाज के प्रति अखिलेश यादव का झुकाव और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सपा प्रमुख पर कई सवाल उठाए।

    मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव जिन सड़कों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं, उन्हीं सड़कों से उनके आलीशान रथ की यात्रा हो रही है और ये सड़कें भाजपा सरकार ने बनवाई हैं।

    ‘जिस सड़क से अखिलेश जाएंगे, वो BJP सरकार ने बनाई है’
    संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अक्सर सवाल उठाते रहे कि यूपी की सड़कों की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। लेकिन जिस सड़क से अखिलेश यादव अपने आलीशान रथ से जाएंगे, वो सड़कें यूपी की भाजपा सरकार द्वारा बनाई गई है और पूरी तरह से गड्ढामुक्त हैं।”

    बता दें कि अखिलेश यादव अपनी PDA रथ यात्रा रायबरेली से शुरू कर रहे हैं। इस दौरान वो सपा विधायक राहुल लोधी के घर चाय पीने जाएंगे। इसे सपा द्वारा लोधी समाज को अपने पक्ष में जोड़ने के तौर पर देखा जा रहा है। जिसको लेकर मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव ने आज लोधी समाज के व्यक्ति के यहां जाने का फैसला किया है।

    उन्होंने कहा कि ये पूरी तरह से बताता है कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव वोट लेने के लिए पिछड़े वर्ग को, लोधी समाज को खासकर चुनाव के समय साधने का प्रयास कर रहे हैं। उन्हें बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव के वक्त अखिलेश यादव और उनके लोग लोधी समाज को लुभाने का प्रयास करते हैं।”

    ‘'बाबू जी'’ के निधन पर अखिलेश यादव श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचे’
    मंत्री संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि आज अखिलेश यादव को लोधी समाज की चिंता है लेकिन हमारे बाबू जी(पूर्व सीएम कल्याण सिंह) का जब देहांत हुआ तो अखिलेश यादव बाबू जी को श्रद्धा सुमन अर्पित करने और अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हुए थे । उन्होंने बाबू जी की पुण्यतिथि पर भी उन्हें कभी याद नहीं किया।”

    संदीप सिंह ने कहा, “अखिलेश यादव अपने वोट बैंक को खुश करने के लिए, तुष्टीकरण की राजनीति करने के लिए बाबू जी को श्रद्धांजलि तक नहीं देते। ऐसा करते तो शायद उनका वोट बैंक नाराज हो जाता। लेकिन आज सिर्फ एक कप चाय पीकर वो लोधी समाज को अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं।”

    मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जब अखिलेश यादव सत्ता में होते हैं तब उन्हें लोधी समाज की चिंता नहीं होती। तब इन्हें लोधी समाज याद नहीं आता। उन्होंने कहा कि लोधी समाज हमेशा भाजपा से जुड़ा रहा है। सपा के झांसे में नहीं आने वाला।

    ‘चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आती है’
    संदीप सिंह ने कहा, “आज फिर से चुनाव नजदीक है तो विपक्षी दलों को पिछड़े वर्ग की याद आ रही है। दशकों तक सपा-कांग्रेस ने यही किया है। पूरे प्रदेश में जाति का जहर घोला है।”

    उन्होंने आरोप लगाया, “अखिलेश यादव ने अपने बड़बोले नेताओं से महिलाओं को, दलितों को, पिछड़े वर्ग के नेताओं को, महापुरुषों को गाली दिलवाने का काम किया है। उनके साथ सबसे बड़ी दिक्कत यही है कि वे समय-समय पर पीसी के जरिए समाज में जहर घोलने का काम करते हैं।”

    संदीप सिंह ने आरोप लगाया कि पिछड़ों को अधिकार दिलाने की बात जब आती है तो अखिलेश यादव उस समय कहीं और नजर आते हैं। सत्ता में रहते अखिलेश यादव पिछड़े वर्ग के साथ नहीं खड़े होते।

    अपराध के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा
    संदीप सिंह ने कहा, “आज देश की जनता जागरूक है, जातिवाद के जहर से खुद को मुक्त करना चाहती है तो अखिलेश यादव फिर से लोगों को भ्रमित करने निकले हैं।”

    यूपी में अपराध को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों पर भी संदीप सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सपा प्रमुख के मुताबिक यूपी में अपराध चरम सीमा पर पहुंच गया है। लेकिन 2017 से पहले यूपी के हालात को भूल गए हैं। आज यूपी में सबसे ज्यादा अपराध कौन कर रहा है इसे वे खुद देख लें।”

    उन्होंने कहा, “आज अपराधी अपने असली ठिकाने पर पहुंचाए जा रहे हैं। आज अपराधियों पर एक्शन होता है तो अखिलेश यादव उसे शहीद बता देते हैं। योगी सरकार में कोई भी अपराधी सुरक्षित नहीं है। उसे उनके ठिकाने तक पहुंचाया जा रहा है।”