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  • Diwali 2026: दिवाली से पहले बनेगा लक्ष्मी नारायण योग, इन राशियों पर खास असर

    Diwali 2026: दिवाली से पहले बनेगा लक्ष्मी नारायण योग, इन राशियों पर खास असर

    दिवाली का त्योहार इस साल 8 नवंबर को मनाया जाएगा, लेकिन इससे पहले ग्रहों की स्थिति में भी महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध और शुक्र की युति से बनने वाला लक्ष्मी नारायण राजयोग धन, करियर और कारोबार के लिहाज से खास माना जाता है.  इस योग का असर दिवाली के आसपास भी देखने को मिलेगा.

    कैसे बनता है लक्ष्मी नारायण राजयोग?
    ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र को सुख-सुविधा, वैभव और समृद्धि से जोड़ा जाता है.  जब दोनों ग्रह एक ही राशि में साथ आते हैं तो इसे लक्ष्मी नारायण योग कहा जाता है.  इस बार बुध और शुक्र की युति तुला राशि में बनने जा रही है.

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 26 सितंबर 2026 से यह युति बनने वाली है.  अलग-अलग ज्योतिषीय गणनाओं में योग की अवधि को लेकर अंतर मिल सकता है, इसलिए इसके प्रभाव को कुंडली में ग्रहों की स्थिति और भाव के आधार पर देखा जाता है.

    कुंडली के किस भाव में क्या असर?
    ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, लक्ष्मी नारायण योग का फल इस बात पर भी निर्भर करता है कि जन्मकुंडली में यह किस भाव में बन रहा है.

    पहले भाव में यह आत्मविश्वास और व्यक्तित्व से जुड़ा लाभ दे सकता है.  दूसरे भाव में धन और वाणी से जुड़े परिणाम मिल सकते हैं.  तीसरे भाव में पराक्रम और सामाजिक संपर्क मजबूत होने की मान्यता है.

    चौथे भाव को सुख-सुविधा और संपत्ति से जोड़ा जाता है, जबकि पांचवें भाव का संबंध शिक्षा, बुद्धि और संतान से माना जाता है.  छठे भाव में यह कर्ज और प्रतिस्पर्धा से जुड़े मामलों में परिणाम दे सकता है.

    सातवें भाव में साझेदारी और वैवाहिक जीवन, आठवें भाव में अचानक लाभ, नौवें भाव में भाग्य और धर्म, जबकि दसवें भाव में करियर और प्रतिष्ठा से जुड़े परिणाम मिलने की ज्योतिषीय मान्यता है.  ग्यारहवें भाव को आय और लाभ तथा बारहवें भाव को विदेश और खर्च से जोड़ा जाता है.

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत दे सकता है.  काम में नए अवसर मिल सकते हैं.  वाणी और संवाद कौशल के कारण फायदा मिलने की संभावना है.  अचानक धन लाभ के मौके भी बन सकते हैं.

    तुला राशि
    तुला राशि में ही बुध-शुक्र की युति बनने से इस राशि के जातकों के लिए यह समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है.  अटका हुआ पैसा मिलने, सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने और करियर में सकारात्मक बदलाव के अवसर बन सकते हैं.  विदेश से जुड़े काम या यात्रा के योग भी बन सकते हैं.

    मकर राशि
    मकर राशि वालों के लिए भी लक्ष्मी नारायण योग आर्थिक मामलों में लाभकारी माना जा रहा है.  आमदनी के नए स्रोत बनने के अवसर मिल सकते हैं.  कारोबार से जुड़े लोगों को नए काम या विस्तार के मौके मिल सकते हैं.  आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर होने की संभावना है.

    दिवाली के समय क्यों खास है यह योग?
    दिवाली को धन और समृद्धि से जुड़ा प्रमुख पर्व माना जाता है.  ऐसे में दिवाली के आसपास बनने वाले ग्रह योगों को ज्योतिष में विशेष महत्व दिया जाता है.  इस बार बुध-शुक्र की युति का समय भी दिवाली के आसपास रहेगा, इसलिए ज्योतिषीय दृष्टि से इसे खास संयोग माना जा रहा है.

    हालांकि, किसी व्यक्ति पर ग्रहों का प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति, भाव और दशा समेत कई बातों पर निर्भर माना जाता है.  इसलिए केवल राशि के आधार पर किसी निश्चित परिणाम का दावा नहीं किया जा सकता.

  • यूपीआईटीएस: आत्मविश्वास की वैश्विक यात्रा

    यूपीआईटीएस: आत्मविश्वास की वैश्विक यात्रा

    यूपीआईटीएस: आत्मविश्वास की वैश्विक यात्रा

    लखनऊ 
    कोई सोच, कोई दृष्टि या विजन की सार्थकता तब है जब वह विचार से निकलकर व्यवहार में आए, संकल्प से निकलकर परिणाम में आए और संभावना से निकलकर सामर्थ्य में बदल जाए। आज जब हम उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) के चौथे संस्करण को साकार रूप में देखते हैं तो इसकी सार्थकता को भी स्वीकार करना होगा। यह इस बात का प्रतीक है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के रूप में भारत की स्थानीय शक्ति को वैश्विक पहचान देने का जो विजन रखा, उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे एक मिशन के रूप में आगे बढ़ाया।

    योगी ने एमएसएमई की उद्यमशीलता, ओडीओपी की स्थानीय विशिष्टता और स्टार्टअप की नवाचार ऊर्जा को एक सूत्र में पिरोकर प्रदेश के आर्थिक सामर्थ्य को एक नई दिशा दी। ग्रेटर नोएडा में शुरू हो रहा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो राज्य की वह यात्रा है, जिसमें एक सरकार अपनी शक्ति को पहचान कर उसे दुनिया के समक्ष रखने जा रही है। यह राज्य के आत्मविश्वास की वैश्विक यात्रा है। 
    कौटिल्य ने लिखा था- ‘कोष मूलो दंडः' अर्थात राज्य की समस्त शक्ति उसके कोष यानी संपदा पर टिकी होती है। संपदा के मूल में व्यापार और उद्यम ही हैं। आज विकास का सूत्र यह है कि राज्य अपनी संपदा को विश्व व्यापार तक पहुंचाने में सक्षम हो। इसी कसौटी पर यूपीआईटीएस का महत्व समझा जाना चाहिए। 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में इसका चौथा संस्करण होने जा रहा है। इसके पहले तीन संस्करणों को देखें तो पहला संस्करण एक प्रयोग था, दूसरा और तीसरा उस प्रयोग की सफलता की पुष्टि और अब चौथा संस्करण उत्तर प्रदेश पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत के भरोसे का प्रतीक है।
     
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ के आह्वान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस गंभीरता से एक शासकीय मिशन में बदला है,  उसकी शाखाओं में सबसे प्रमुख एमएसएमई का विस्तार है। पिछले नौ सालों में किए गए सरकारी प्रयासों का परिणाम है कि आज प्रदेश की लगभग एक करोड़ एमएसएमई इकाइयां चार करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं और विश्व बाजार से सीधे जुड़कर उत्तर प्रदेश की आर्थिकी को मजबूत कर रही हैं। ओडीओपी योजना योगी के मिशन की दूसरी और अत्यंत महत्वपूर्ण शाखा है, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उसने विकास की कहानी को लखनऊ, नोएडा या कानपुर जैसे बड़े केंद्रों तक सीमित नहीं रखा। उसने 75 जिलों की अपनी-अपनी आर्थिक पहचान को सामने रखा।

    बनारस का वस्त्र, मुरादाबाद का पीतल, भदोही का कालीन, कन्नौज का इत्र, फिरोजाबाद का कांच, सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी, आगरा का फुटवियर और लखनऊ की चिकनकारी, अब ये उत्पाद नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक पूंजी हैं। ये वही स्थानीय उद्योग हैं जो एक दशक पहले के परिदृश्य में दम तोड़ते दिखाई देते थे, लेकिन आज वे पूरे गर्व से इंटरनेशनल ट्रेड शो के भागीदार हैं। हर जिले की पहचान को संगठित और वैश्विक ब्रांड में बदलना योगी सरकार के नीतिगत हस्तक्षेप का प्रतिबिंब है। वस्तुतः यह स्वदेशी-चिंतन की अवधारणा का वह विस्तार है, जिसमें सच्ची स्वतंत्रता को गांव की आत्मनिर्भरता से जोड़ा जाता है।

    आंकड़ों की दृष्टि से यूपीआईटीएस की वृद्धि-रेखा स्पष्ट है। 2025 के तीसरे संस्करण में 80 देशों से अंतराष्ट्रीय खरीदार आए थे तो चौथे संस्करण में यह संख्या 85 देशों तक पहुंच चुकी है। यह भी स्वीकार करना आवश्यक है कि स्थानीय उत्पाद को वैश्विक बाज़ार तक पहुंचाना केवल एक प्रदर्शनी-स्थल उपलब्ध कराने भर से पूरा नहीं होता। अंतरराष्ट्रीय व्यापार की अपनी कठोर शर्तें हैं—गुणवत्ता प्रमाणन, पर्यावरणीय व श्रम मानक, वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला में समय पर डिलीवरी की क्षमता, और मुद्रा तथा शुल्क संबंधी जटिलताओं से निपटने की दक्षता। एक कुम्हार या बुनकर, जिसने जीवन भर स्थानीय मंडी के लिए काम किया हो, उसे इन जटिलताओं के लिए तैयार करना आसान नहीं था लेकिन सरकार की दीर्घकालिक, धैर्यपूर्ण और संस्थागत नीतियों ने इसे संभव बनाया।

    ट्रेड शो के आयोजन की संरचना में इसकी गंभीरता झलकती है। यह अब केवल उत्पाद-प्रदर्शनी नहीं रह गया, बल्कि इसमें व्यापारिक संवाद, नीति-गोष्ठियां, बी2बी वार्ताएं और निवेश-समझौतों की प्रक्रिया शामिल है। नीति-निर्माता, उद्योगपति और छोटे उद्यमियों का एक मंच पर आना ही इसकी सबसे बड़ी सार्थकता है। उत्तर प्रदेश ने अपनी आर्थिक नीति में उत्सवधर्मिता से आगे बढ़कर संस्थागत परिपक्वता प्राप्त की है। आने वाले वर्षों में यह आयोजन वास्तविक निर्यात-मूल्य, स्थायी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और एमएसएमई क्षेत्र की संरचनात्मक क्षमता-वृद्धि में और परिणत होता दिखाई देगा, जो 'लोकल टू ग्लोबल' की मूल सोच है। उत्तर प्रदेश की ‘लोकल’ अवधारणा भी बदल रही है। लोकल का मतलब अब केवल हस्तशिल्प या पारंपरिक उत्पाद नहीं है। किसी जिले का टेक स्टार्टअप भी लोकल है, किसी कस्बे की फूड-प्रोसेसिंग यूनिट भी लोकल है, किसी युवा का एग्रीटेक समाधान भी लोकल है और किसी छोटे शहर की इंजीनियरिंग इकाई भी लोकल है।

    अब बड़ा सवाल है कि उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी तक ले जाने में कितना सहायक होगा? सबसे पहले तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य केवल एक आर्थिक आंकड़ा मात्र नहीं है। राज्य की निर्यात संवर्धन नीति 2025-30 में भी एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को व्यापक आर्थिक परिवर्तन से जोड़ा गया है। इसका सीधा अर्थ है कि ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था केवल बड़े निवेश और बड़े उद्योगों से नहीं बनेगी। उसके लिए प्रदेश के लाखों छोटे उद्यमों को अधिक उत्पादक, अधिक प्रतिस्पर्धी और अधिक निर्यातक्षम बनाना होगा। एक करोड़ के आसपास एमएसएमई इकाइयों और उनसे जुड़े करोड़ों रोजगार की क्षमता को वैश्विक मांग से जोड़ दिया जाए तो यह संख्या अपने आप में एक विशाल आर्थिक शक्ति बन जाती है।

    एमएसएमई, ओडीओपी, स्टार्टअप तथा पहली बार निर्यात करने वालों को वैश्विक बाजार से जोड़ना ही होगा, जो ग्रेटर नोएडा में हो रहे ट्रेड शो के रूप में एक बड़े मंच के रूप में सामने है। यूपीआईटीएस अब सिर्फ व्यापार का मंच नहीं है। यह उस विचार का मंच है जिसमें ओडीओपी स्थानीय पहचान को वैश्विक ब्रांड में बदलता है, एमएसएमई रोजगार को आर्थिक शक्ति में बदलता है और वैश्विक बाजार उत्तर प्रदेश की ट्रिलियन डॉलर की आकांक्षा को गति देने का माध्यम बनता है।

    – हरिशंकर मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार

  • भिलाई-दुर्ग में अनफिट बिल्डिंगों पर चलेगा बुलडोजर

    भिलाई-दुर्ग में अनफिट बिल्डिंगों पर चलेगा बुलडोजर

    भिलाई नगर.

    जिले में असामाजिक तत्वों के सुरक्षित ठिकाने और अपराध के केंद्र बन चुके जर्जर व लावारिस भवनों पर अब जिला प्रशासन का जल्द बुलडोजर चलेगा। एसएसपी की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने ऐसे खतरनाक, जर्जर और अनुपयोगी भवनों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं।

    भिलाई-दुर्ग से आसपास के कई स्थानों को चिह्नांकित किया है। जर्जर व असामाजिक गतिविधियों के अड्डे चिन्हित : छावनी थाना क्षेत्र क्वार्टर के बैकुंठधाम, भगत सिंह चौक स्कूल, इस्पात क्लब, सुभाष चौक, मेंटेनेंस ऑफिस, पानी टंकी, रोजगार कार्यालय, शीतला कॉम्प्लेक्स कैंप 2, मदर टेरेसा नगर, पुराना पुलिस क्वार्टर, जवाहर उद्यान (बीएसपी और ननि मिलाई का स्वामित्य), खुर्सीपार थाना क्षेत्र के तेलगु मोहल्ला, जोन 3 स्कूल खंडहर, बापू नगर, उड़िया स्कूल, बापू नगर तीन तालाब परिसर खंडहर (बीएसपी और ननि भिलाई का स्वामित्य), पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के रायपुर नाका रेलवे क्वार्टर, सुलभ शौचालय के पास खंडहर, पीडब्ल्यूडी क्वार्टर आरटीओ व पीएचई ऑफिस के सामने (बीएसपी और पीडब्ल्यूडी का स्वामित्र), मोहन नगर थाना क्षेत्र के तितुरडीह की पुरानी शराब भट्टी, धमधा नाका सब्जी मंडी स्थित परित्यक्त सुलभ कॉम्प्लेक्स, कातुलबोर्ड 7 मंजिला भवन (ननि दुर्ग, पीडब्ल्यूडी व निजी) व भिलाई नगर थाना क्षेत्र के सेक्टर-6 स्थित इंडियन बैंक, बैंक ऑफइंडिया, पीएनबी, पीएंडटी और आयकर विभाग की कॉलोनियां (बैंक व केंद्रीय विभाग) शामिल है।

  • CM ने 225 करोड़ में खरीदा हेलीकॉप्टर, 9 यात्री बैठ सकेंगे

    CM ने 225 करोड़ में खरीदा हेलीकॉप्टर, 9 यात्री बैठ सकेंगे

    भोपाल

    मध्य प्रदेश सरकार के हवाई बेड़े में जल्द ही दो नए विमान शामिल होने जा रहे हैं। सरकार ने करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर खरीदा है। वहीं, करीब 350 करोड़ रुपए की कीमत वाला बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 बिजनेस जेट भी सरकारी बेड़े में शामिल होने वाला है। जानकारी के मुताबिक, जेट की डिलीवरी सितंबर के आखिरी तक होने की संभावना है।

    नए हेलीकॉप्टर को राज्य सरकार के वीआईपी और आधिकारिक यात्राओं के लिए इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई है। एयरबस ACH160 आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस हेलीकॉप्टर है। इसके शामिल होने के बाद राज्य सरकार के पास मौजूद हेलीकॉप्टर बेड़े में एक और आधुनिक विमान जुड़ जाएगा।

    वहीं, बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट को लंबी दूरी की आधिकारिक यात्राओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। करीब 350 करोड़ रुपए की लागत वाले इस विमान की डिलीवरी सितंबर के अंत तक होने की संभावना बताई जा रही है। जेट के शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की लंबी दूरी की यात्राओं के लिए सरकारी स्तर पर एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

    सरकारी हवाई बेड़े में नए हेलीकॉप्टर और जेट को शामिल किए जाने के पीछे प्रशासनिक और आधिकारिक यात्राओं को सुगम बनाने का उद्देश्य बताया जा रहा है। मध्य प्रदेश का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में नियमित रूप से दौरे करने पड़ते हैं। ऐसे में सरकारी विमान और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल यात्रा के समय को कम करने में मदद करता है।

    एयरबस ACH160 अपनी आधुनिक तकनीक के कारण दुनिया के नए पीढ़ी के हेलीकॉप्टरों में शामिल है। वहीं बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 को बिजनेस एविएशन श्रेणी के आधुनिक जेट के तौर पर जाना जाता है। इसमें लंबी दूरी की उड़ानों और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी कई आधुनिक सुविधाएं होती हैं।

    दोनों विमानों की खरीद और बेड़े में शामिल होने की जानकारी ऐसे समय सामने आई है, जब सरकारी परिवहन व्यवस्था में आधुनिक संसाधनों को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, इन विमानों के संचालन, रखरखाव और उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी तथा कुल वार्षिक खर्च अलग-अलग प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।

    फिलहाल एयरबस ACH160 हेलीकॉप्टर करीब 225 करोड़ रुपए की लागत से खरीदे जाने की जानकारी है, जबकि बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट की अनुमानित कीमत करीब 350 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जेट की डिलीवरी सितंबर के अंतिम सप्ताह तक होने की संभावना है। इसके बाद दोनों आधुनिक विमान मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक हवाई बेड़े का हिस्सा होंगे

    अधिकतम उड़ान अवधि 4 घंटे 30 मिनट
    मध्यप्रदेश सरकार फ्रांस की एयरबस से ACH160 हेलीकॉप्टर खरीद रही है। टैक्स और शुल्क समेत इसकी कीमत करीब 225 करोड़ रुपए बताई गई है। इसकी डिलीवरी नवंबर में प्रस्तावित है। सरकार के लिए तैयार हेलीकॉप्टर में दो पायलट समेत 9 लोग बैठ सकेंगे।

    एयरबस के आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक ACH160 को अधिकतम 10 यात्रियों की क्षमता के साथ तैयार किया जा सकता है। इसकी अधिकतम उड़ान अवधि 4 घंटे 30 मिनट और क्रूज स्पीड 155 नॉट है। हेलीकॉप्टर में आधुनिक तकनीक और कैमरों की सुविधा भी रहेगी।

    MP के पायलटों ने कनाडा में ली ट्रेनिंग
    नए जेट के संचालन की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। मध्यप्रदेश के पायलट विश्वास राय और अरविंद सिंह जुलाई में कनाडा गए थे। दोनों ने बॉम्बार्डियर के प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया है।

    सरकार नए हेलीकॉप्टर और जेट को बेड़े में शामिल करने के साथ उनके इस्तेमाल के लिए एयर कनेक्टिविटी का ढांचा भी तैयार कर रही है। एक तरफ 63 नए हेलीपैड बनाने की योजना है, वहीं दूसरी तरफ करीब 20 हवाई पट्टियों के विस्तार की तैयारी है।

    नए जेट के लिए कम से कम 1800 मीटर रनवे चाहिए
    सरकार के सामने नए बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट को ज्यादा से ज्यादा एयरफील्ड पर उतारने की चुनौती है। यह मिड-साइज जेट है। इसके लिए कम से कम करीब 1800 मीटर और बेहतर संचालन के लिए करीब 2100 मीटर लंबे रनवे की जरूरत है।

    विभागीय आकलन के मुताबिक प्रदेश के 28 एयरफील्ड में से करीब 10 जगहों पर यह जेट अभी उतर सकता है। इनमें 7 एयरपोर्ट और 3 हवाई पट्टियां शामिल हैं।

    सिर्फ 3 हवाई पट्टियों पर 1800 मीटर से लंबा रनवे
    प्रदेश की करीब 20 हवाई पट्टियों में फिलहाल सिर्फ तीन ऐसी हैं, जहां रनवे की लंबाई 1800 मीटर या उससे ज्यादा है। इनमें मंदसौर की नौलखा बीड, सिवनी और मंडला की कान्हा हवाई पट्टी शामिल हैं।

    सतना में एयरपोर्ट बन चुका है, लेकिन यहां रनवे करीब 1300 मीटर लंबा है। इसलिए नया चैलेंजर-3500 यहां नहीं उतर पाएगा। एयरपोर्ट बन जाना ही काफी नहीं है। इस जेट के लिए रनवे की लंबाई और दूसरी जरूरी सुविधाएं भी बढ़ानी होंगी।

    वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाएगा इस्तेमाल करीब 350 करोड़ रुपए का बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 जेट सरकार के लिए तैयार कराया जा रहा है। इसमें 9 यात्री और 2 पायलट बैठ सकेंगे। इसका इस्तेमाल मुख्यमंत्री और अन्य वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाएगा। विमान का इंटीरियर मध्यप्रदेश सरकार की जरूरत के हिसाब से तैयार कराया गया है।

    इसकी अधिकतम रेंज करीब 3500 समुद्री मील और क्रूज स्पीड करीब 870 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है। विभागीय जानकारी के मुताबिक इसकी फ्यूल क्षमता लंबी दूरी की उड़ान के लिए पर्याप्त है, जिससे बीच में ईंधन भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    20 हवाई पट्टियों के विस्तार पर 300 से 400 करोड़ खर्च
    विमानन विभाग ने हवाई पट्टियों वाले जिलों के कलेक्टरों को पत्र भेजकर विस्तार के लिए जमीन उपलब्ध होने की जानकारी मांगी है। एक हवाई पट्टी के विस्तार में औसतन 10 से 15 करोड़ रुपए खर्च हो सकते हैं।

    विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगर निजी जमीन लेनी पड़ी तो खर्च करीब 30 से 40 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। रनवे बढ़ाने के साथ जमीन, एप्रोच रोड, सुरक्षा क्षेत्र और दूसरी जरूरी विमानन सुविधाओं पर काम करना होगा। करीब 20 हवाई पट्टियों के विस्तार पर 300 से 400 करोड़ रुपए तक खर्च का अनुमान है।

    हर साल बचेंगे 60-70 करोड़ रुपए
    ढाई साल में मोहन सरकार को विमान और हेलीकॉप्टर किराए पर औसतन 60-70 करोड़ रुपए सालाना खर्च करने पड़े। नया जेट और हेलीकॉप्टर आने के बाद यह किराया बचेगा।

    सरकार के पास 13 साल पुराना हेलीकॉप्टर
    मप्र सरकार का मौजूदा एयरबस EC155 B1 हेलीकॉप्टर 2011 में खरीदा गया था। करीब 13 साल पुराने इस हेलीकॉप्टर के बढ़ते मेंटेनेंस खर्च के चलते सरकार अब बेड़ा अपग्रेड कर रही है।

     

  • UN में हाफिज सईद पर सवाल, शहबाज शरीफ ने नहीं दिया जवाब

    UN में हाफिज सईद पर सवाल, शहबाज शरीफ ने नहीं दिया जवाब

    लाहौर 

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में में किरकिरी झेलनी पड़ गई। उनसे जब पत्रकारों ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक आतंकवादी हाफिज सईद के बारे सवाल पूछा तो वह वहां से भाग खड़े हुए। उन्होंने जवाब देने से इनकार कर दिया। बताते चलें कि 81वीं UN जनरल असेंबली के लि जैसे जब शहबाज शरीफ UN मुख्यालय में दाखिल हुए तो पत्रकारों ने उनसे पूछा, "प्रधानमंत्री आप आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?" शरीफ ने कोई जवाब नहीं दिया।

    बाद में जब वे वहां से निकले तो उनसे फिर पूछा गया कि पाकिस्तान हाफिज सईद पर कब मुकदमा चलाएगा, लेकिन प्रधानमंत्री ने एक बार फिर जवाब देने से इनकार कर दिया।

    इससे एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए आईना दिखाया। भारत ने साफ शब्दों में कहा कि पाक को सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय कर्ज में डूबी बदहाल अर्थव्यवस्था को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए।

    जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के ध्यान भटकाने वाले एजेंडे की धज्जियां उड़ा दीं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की प्राथमिकताएं पूरी तरह गलत हैं और उसका भारतविरोधी रवैया उसकी डूबती अर्थव्यवस्था को नहीं बचा सकता। त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नागरिकों के दमन को उजागर किया। उन्होंने बताया कि पीओके में भोजन, ईंधन और दवाओं की आपूर्ति रोककर पाकिस्तानी सरकार किस तरह प्रदर्शनकारियों के साथ जानलेवा हिंसा कर रही है।

    26/11 हमले में आरोपी है हाफिज सईद
    हाफिज मोहम्मद सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और भारत में उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत नामित आतंकवादी किया गया है. वह 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में भारत में वांटेड आरोपी है. कई हमलों का मास्टरमाइंड है. पाकिस्तान में वह खुला घूमता है और आईएसआई पर उसे सुरक्षा देने के आरोप लगते हैं। 

    हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले की जांच से जुड़े मामले में भी NIA ने हाफिज सईद का नाम अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी नंबर 8 के तौर पर रखा है. NIA का आरोप है कि 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम हमले की बड़ी साजिश में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटिव शामिल थे। 

    UN में भारत ने पाकिस्तान को घेरा
    शहबाज शरीफ से ये सवाल ऐसे वक्त पूछे गए, जब भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान पर आतंकवाद और आर्थिक संकट को लेकर हमला बोला था. भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान से कहा कि उसे दूसरे देशों की जमीन पर नजर रखने और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था और विकास पर ध्यान देना चाहिए। 

    भारत ने पाकिस्तान में मानवाधिकारों के हालात का भी मुद्दा उठाया. क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नागरिकों के मारे जाने और जरूरी सामान की सप्लाई से जुड़े आरोपों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों के मामलों पर सवाल उठाने के बजाय अपने यहां के हालात पर ध्यान देना चाहिए। 

    कश्मीर भारत का अहम हिस्सा
    जम्मू-कश्मीर के भारत का अभिन्न और अटूट हिस्सा होने की बात दोहराते हुए भारत ने मांग की कि पाकिस्तान अपने गैरकानूनी कब्जे वाले सभी इलाकों को तुरंत खाली करे।

    नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र में सिंधु जल संधि के मसले पर पाकिस्तान की ओर से बांटे गए पाकिस्तनी पत्र को खारिज कर दिया। पाकिस्तान ने कथित ‘कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन’ के फैसले को लेकर ये पत्र वितरित किए थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जैसवाल ने कहा कि पाकिस्तान झूठ फैलाकर अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं को गलत तरीके से पेश कर रहा है।

  • Asian Games 2026: जापान को 3-1 से हराकर भारत सेमीफाइनल में, लगातार चौथी जीत

    Asian Games 2026: जापान को 3-1 से हराकर भारत सेमीफाइनल में, लगातार चौथी जीत

    नागोया
     भारतीय महिला हॉकी टीम ने जापान को 3-1 से हराकर एशियन गेम्स 2026 में लगातार चौथी जीत दर्ज की है। इसके साथ ही भारतीय टीम पूल बी में टॉप पर बनी हुई है और सेमीफाइनल में अपनी जगह भी पक्की कर ली है। भारत ने इससे पहले अपने सभी प्रतिद्वंद्वियों को बड़े अंतर से हराया था और गोल की झड़ी लगा दी थी। भारत के लिए इस मैच में लालरेम्सियामी, इशिका और नवनीत ने गोल किए। वहीं, जापान के लिए शिहो कोबायाकावा ने एकमात्र गोल किया। सेमीफाइनल से पहले भारत का मुकाबला सिंगापुर से होगा। टीम इंडिया इस मैच को भी आसानी से जीत सकती है।

    भारत ने इस मैच में शुरुआत से ही बढ़त बना ली थी। पहले हॉफ में 2-0 की बढ़त लेने के बाद टीम इंडिया ने मैच में अपनी बढ़त मजबूत कर ली थी। हालांकि, बाद में जापान ने एक गोल दागकर वापसी करने की कोशिश भी की, लेकिन भारत ने भी दूसरे हॉफ में एक गोल दागकर 2 गोल की बढ़त के साथ मैच अपने नाम किया। भारतीय टीम की लय को देखते हुए इस बार गोल्ड की उम्मीद की जा रही है।

    4 मैच में 59 गोल दागे
    भारतीय महिला टीम इस प्रतियोगिता में लाजवाब खेल दिखा रही है। 4 मैच में भारतीय टीम 59 गोल कर चुकी है। जापान को छोड़कर भारत ने हर टीम के खिलाफ कम से कम 17 गोल किए थे। भारत ने अपने पहले मैच में उज्बेकिस्तान के खिलाफ 19-0 से जीत दर्ज की थी। इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरे मैच में इंडोनेशिया को 17-1 से हराया था। तीसरे मैच में भारत ने थाईलैंड के खिलाफ 20-1 के अंतर से जीत दर्ज की।

    गोल्ड मेडल का दावेदार है भारत
    भारतीय टीम इस प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार है। भारत को 1982 से इस इवेंट में गोल्ड का इंतजार है। भारत की महिला हॉकी टीम ने आखिरी बार 1982 में एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में टीम इंडिया को ब्रांज मेडल से संतोष करना पड़ा था।

  • छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए 28-29 सितंबर को ट्रायल

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए 28-29 सितंबर को ट्रायल

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के लिए 28-29 सितम्बर को टीम सलेक्शन ट्रायल

    समन्वय और तकनीकी सहायता के लिए खेल विभाग ने अधिकारियों को दी जिम्मेदारी

    सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होगा ट्रायल, 6 टीमें बनेंगी

    रायपुर
     रायपुर में होने वाले छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन के टीमों के चयन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। टीमों के चयन के लिए रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में 28 सितम्बर और 29 सितम्बर को दो दिवसीय चयन ट्रायल का आयोजन किया जा रहा है। चयन ट्रायल के सुचारू आयोजन, आवश्यक समन्वय एवं तकनीकी सहायता के लिए विभाग ने तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। चयन ट्रायल के लिए आवश्यक तकनीकी एवं आयोजन संबंधी कार्यवाही छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार की जाएगी।

    खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती आकांक्षा शिक्षा खलखो ने छत्तीसगढ़ हॉकी संघ को परिपत्र जारी कर खिलाड़ियों के चयन ट्रायल के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा है। विभाग ने निर्धारित तिथियों एवं समय पर चयन ट्रायल के आयोजन के साथ ही ट्रायल प्रारंभ होने के पहले चयन पूर्व मानदंडों और चयन प्रक्रिया का लिखित विवरण उपलब्ध कराने को कहा है। विभाग ने चयन प्रक्रिया पारदर्शी और निर्धारित मानदंडों के अनुरूप संपादित कर चयनित 6 टीमों की सूची एवं चयन प्रक्रिया से संबंधित प्रतिवेदन खेल संचालनालय को उपलब्ध कराने को कहा है।

    इन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

    खिलाड़ियों के चयन के लिए होने वाले ट्रायल को सुव्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने आवश्यक तकनीकी और आयोजन संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी तीन अधिकारियों को सौंपी है। इनमें खेल अधिकारी श्री दीनू प्रसाद पटेल, रायपुर में हॉकी की वरिष्ठ प्रशिक्षक श्रीमती रश्मि संध्या एक्का और बिलासपुर में वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक श्री राकेश टोप्पो शामिल हैं। 

    21 अक्टूबर से 1 नवम्बर तक होगी छत्तीसगढ़ हॉकी लीग, 6 टीमें उतरेंगी

    छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले सीजन में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें मैदान में उतरेंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। इन टीमों में खेलने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 28-29 सितम्बर को रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 में सवेरे 9 बजे से आयोजित किए जा रहे हैं।

  • UP Election 2027: अमित शाह से मिले केशव मौर्य, चुनावी रणनीति पर चर्चा

    UP Election 2027: अमित शाह से मिले केशव मौर्य, चुनावी रणनीति पर चर्चा

    लखनऊ
    उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव, संगठनात्मक तैयारियों और केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति समेत विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई। मुलाकात के बाद मौर्य ने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के संकल्प को लेकर अमित शाह के साथ विस्तृत रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

    घर-घर पहुंचाएंगे डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां
    मौर्य ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता प्रदेशभर में विशेष जनसंपर्क अभियान चलाकर डबल इंजन सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से आम लोगों और गरीब परिवारों को मिले लाभ की जानकारी घर-घर पहुंचाई जाएगी। इसके साथ ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को लेकर भी लोगों के बीच पार्टी का संदेश पहुंचाने की बात कही।

    विपक्ष के 70 साल पर मोदी के 12 साल भारी
    उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में कई बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि पक्के आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, डीबीटी और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए काम से गरीब और वंचित वर्ग के जीवन में बदलाव आया है। मौर्य ने कहा कि भारत आर्थिक मजबूती और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

    यूपी चुनाव की रणनीति पर हुई चर्चा
    मौर्य ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के साथ संगठन को भी चुनाव के लिए सक्रिय किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने और सरकार की योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री ने अमित शाह का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का मार्गदर्शन और संगठनात्मक अनुभव भाजपा के लिए महत्वपूर्ण है। मौर्य ने कहा कि शाह के सुझावों से संगठन और सरकार को आगे की दिशा तय करने में मदद मिलती है। बैठक को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • दिल्ली SIR: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अब सिर्फ 6 दिन बाकी

    दिल्ली SIR: वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अब सिर्फ 6 दिन बाकी

    नई दिल्ली
    दिल्ली में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया में अब 6 दिन ही बचे हैं। वोटर लिस्ट में नए नाम जुड़वाने के लिए 31 अगस्त से 23 सितंबर के बीच 1,14,073 फॉर्म-6 के आवेदन जमा किए जा चुके हैं।

    दिल्ली में अब तक आए कितने आवेदन
    30 अगस्त को भेजे गए 2,12,400 आवेदनों को मिलाकर अब तक फॉर्म-6 के कुल 3,26,473 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। हलांकि, इनमें कितने आवेदनों का निस्तारण हुआ है इसके बारे में आयोग ने कोई डेटा जारी नहीं किया है।

    कहां से आए सबसे ज्यादा आवेदन
    SIR में क्लेम और ऑब्जेक्शन की प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक चलेगी। फॉर्म 6 के लिए सबसे ज्यादा आवेदन वेस्ट जिले से आए हैं। यहां से 14,056 लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया। इसके बाद नॉर्थ-वेस्ट जिले में 11,819, ईस्ट में 11,412, साउथ ईस्ट में 11,124 और नॉर्थ ईस्ट में 10,534 आवेदन आए हैं।

    मामले में क्या बोला दिल्ली इलेक्शन ऑफिस
    दिल्ली इलेक्शन ऑफिस ने कहा है कि जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, वे तय घोषणा और जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ फॉर्म-6 भरकर फाइनल वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, ऐसे नए आवेदक जिनकी उम्र 1 अक्टूबर तक 18 वर्ष पूरी हो रही है, वे भी फॉर्म-6 के जरिए वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

    'ऑनलाइन आवेदन में डॉक्यूमेंट्स की कॉपी अपलोड करनी होती है'
    SIR को लेकर बड़ी संख्या में NBT रीडर्स के सवाल मिल रहे हैं। उनके इन सवालों के जवाब चुनाव आयोग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने दिए हैं:

  • खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 14.78 करोड़ रुपये स्वीकृत

    खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 14.78 करोड़ रुपये स्वीकृत

    खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के सिंचाई योजना के कार्यों के लिए 14.78 करोड़ रुपये स्वीकृत

    रायपुर,
    छत्तीसगढ़-शासन जल संसाधन विभाग द्वारा खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के सिंचाई योजनाओं के कार्यों के लिए 14 करोड़ 78 लाख 61 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। 

        जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत सिंचाई योजनाओं में खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई जिले के टेकापार जलाशय जीर्णोद्धार एवं नहर लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 94 लाख 42 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूरा होने से 133 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तरह से साल्हेवारा जलाशय का जीर्णोद्धार, नहरों का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 85 लाख 33 रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 164 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी। सिंगारपुर व्यपवर्तन शीर्ष कार्य का जीर्णोद्धार एवं नहरों का रिमाडलिंग एवं लाईनिंग कार्य के लिए 4 करोड़ 98 लाख 86 हजार रूपए स्वीकृत किए गए है। योजना के कार्य पूर्ण होने से 111 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।