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  • सपा सरकार को यूपी से बाहर करना पड़ा था निवेश का कार्यक्रम, योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: केंद्रीय गृह मंत्री शाह

    सपा सरकार को यूपी से बाहर करना पड़ा था निवेश का कार्यक्रम, योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: केंद्रीय गृह मंत्री शाह

    सपा सरकार को यूपी से बाहर करना पड़ा था निवेश का कार्यक्रम, योगी ने यूपी को बनाया निवेश का केंद्र: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
     
    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण का शुभारंभ

    योगी सरकार में ऐसा बदला यूपी कि आज एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय कर सकता है प्रदेश
     
    अमित शाह बोले- सपा-बसपा के शासन में कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, आज यूपी में बन रहे रक्षा उत्पाद
     
    वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग और चेन स्नैचिंग की जगह बन रहे मेडिकल डिवाइस पार्क: अमित शाह
     
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण तोड़ेगा पिछले सभी रिकॉर्ड, निवेश, उत्पादन और बिक्री में होगी बड़ी बढ़ोतरी
     
    ग्रेटर नोएडा

     केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में आए बदलाव के बहाने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना की। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के चौथे संस्करण के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब उत्तर प्रदेश सरकार को निवेश का कार्यक्रम प्रदेश से बाहर करना पड़ा था। तब अधिकारी कहते थे कि कानून-व्यवस्था की हालत ऐसी है कि निवेशक यहां आने को तैयार नहीं हैं। आज तस्वीर बदल चुकी है। वही उत्तर प्रदेश भयमुक्त होकर निवेश का केंद्र बन रहा है और देश के विकास के इंजन के रूप में आगे बढ़ रहा है।
     
    शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जमीन पहले भी थी, 24 करोड़ से अधिक की आबादी और मेहनती कारीगर भी थे। कमी उद्योगों के लिए अच्छे माहौल की थी। 2017 में भाजपा की सरकार बनी और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो माफिया के खिलाफ कार्रवाई हुई और कानून-व्यवस्था बदली। इसी का नतीजा है कि आज निवेशक उत्तर प्रदेश आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलाव इतना बड़ा है कि उत्तर प्रदेश अब एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
     
    कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह बन रहे रक्षा उत्पाद: शाह
    पूर्ववर्ती सपा और बसपा सरकारों पर तीखा हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि उस दौर में उत्तर प्रदेश में अपराध की इंडस्ट्री चलती थी। कट्टा-बम बनाने की इंडस्ट्री लगती थी, वाहन चोरी का कुटीर उद्योग चलता था और चेन स्नैचिंग में युवाओं को हुनर प्राप्त करने का मौका मिलता था। आज करीब 10 साल बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। कट्टा-बम की इंडस्ट्री की जगह रक्षा उत्पाद बन रहे हैं, वाहन चोरी की जगह वाहन मैन्युफैक्चरिंग हो रही है और चेन स्नैचिंग की जगह मेडिकल डिवाइस पार्क बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ने सपा-बसपा के समय की गुंडागर्दी को नेस्तनाबूद कर प्रदेश में उद्योग और निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाया है।
     
    शाह ने उत्तर प्रदेश के बदलाव को चार चरणों में समझाया। कहा, पहले दुनिया ने देखा कि यूपी बदल रहा है। फिर लोगों ने यहां आने की इच्छा जताई। इसके बाद निवेशक उत्तर प्रदेश आए और अब वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनने जा रहे हैं। यही भागीदारी उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की यात्रा को आगे बढ़ाएगी।
     
    डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र कर योगी सरकार को सराहा
    अमित शाह ने कहा कि कार्यक्रम में आते समय उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ डिफेंस कॉरिडोर का स्टॉल देखा। झांसी, चित्रकूट, लखनऊ, आगरा, अलीगढ़ और कानपुर के छह नोड में रक्षा उपकरणों की मैन्युफैक्चरिंग के लिए निवेश आ रहा है। इसके लिए योगी सरकार ने अनुकूल नीतियां बनाने से लेकर जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने तक बड़ा काम किया है।
     
    उन्होंने कहा कि देश का रक्षा उत्पादन आज करीब 1.78 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है। उत्तर प्रदेश भी इसमें अपनी भूमिका तेजी से बढ़ा रहा है। ब्रह्मोस मिसाइल का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि यह पाकिस्तान की नींद उड़ा रही है। वहीं अमेठी में बनी एके-203 असॉल्ट राइफल नक्सलियों की नींद उड़ा चुकी है। कभी जिस उत्तर प्रदेश में उद्योग लगाने का साहस नहीं होता था, आज वही रक्षा उत्पादन में अपनी पहचान बना रहा है।
     
    एक्सप्रेसवे ने बढ़ाई रफ्तार, ओडीओपी बना विकास की रीढ़
    शाह ने कहा कि एक्सप्रेसवे और चौतरफा विकास ने उत्तर प्रदेश को प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ाया है। इसके साथ ही योगी सरकार ने प्रदेश के परंपरागत हुनर को सहेजने और आगे बढ़ाने का काम किया। यही हुनर आज वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के रूप में दिखाई दे रहा है और प्रदेश के विकास की रीढ़ बन चुका है।
     
    उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के उत्पादों ने देशभर में अपनी पहचान बनाई है। आने वाले समय में कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक लोगों के लिए उत्तर प्रदेश के उत्पाद आसानी से उपलब्ध होंगे।
     
    पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा चौथा संस्करण
    यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को प्रदेश के लिए बड़ा कारोबारी अवसर बताते हुए अमित शाह ने कहा कि यहां देश-दुनिया से सैकड़ों व्यापारी आए हैं। कई व्यापारिक समझौते होने वाले हैं। इसका सीधा असर निवेश, उत्पादन और बिक्री पर पड़ेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार का ट्रेड शो पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ेगा।
     
    शाह ने कहा कि 2025 का संस्करण प्रभाव का वर्ष साबित हुआ था। पांच लाख से अधिक लोग इसमें पहुंचे थे और 2,400 से अधिक समझौते हुए थे। हजारों करोड़ रुपये के निवेश और व्यापारिक समझौतों का रास्ता खुला था। इस बार की भागीदारी को देखकर लग रहा है कि चौथा संस्करण उससे भी आगे जाएगा।
     
    मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ा रहा यूपीआईटीएस
    अमित शाह ने कहा कि 12 वर्ष पहले इसी दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मेक इन इंडिया मिशन की घोषणा की थी। इन 12 वर्षों में केंद्र और राज्यों ने मिलकर भारत को उत्पादन, डिजाइन और इनोवेशन का केंद्र बनाने के लिए काम किया है। यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो उसी मेक इन इंडिया की राह को आगे बढ़ाने वाला आयोजन है।
     
    पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद दीनदयाल उपाध्याय ने मुक्त व्यापार और मुक्त खेती की अवधारणा सामने रखी थी। आगे चलकर यही सोच पहले अटल बिहारी वाजपेयी और फिर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के विकास का आधार बनी।
     
    शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास जमीन और मेहनती कारीगरों के साथ अब उद्योगों के लिए अच्छा वातावरण भी है। ट्रेड शो में जुटे कारोबारी और यहां होने वाले समझौते आने वाले दिनों में निवेश, उत्पादन और कारोबार को और गति देंगे। उत्तर प्रदेश के विकास में दुनिया के निवेशक अब भागीदार बनने की ओर बढ़ रहे हैं।

  • खंडवा में स्वामित्व योजना का फर्जीवाड़ा, पटवारी सस्पेंड

    खंडवा में स्वामित्व योजना का फर्जीवाड़ा, पटवारी सस्पेंड

    खंडवा 
     खंडवा में एक पटवारी ने स्वामित्व योजना का ऐसा गलत तरीके से लाभ उठाया कि सुनकर चौंक जाएंगे. मामला खंडवा के कोलगांव का है. शासकीय भूमि के रिकॉर्ड में अनियमितता के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए पटवारी राजेश मंडलोई को निलंबित कर दिया है. उसने शासकीय भूमि के 50 से ज्यादा पट्टे अपने परिवार व रिश्तेदारों के नाम कर दिए। 

    कलेक्टर ने किया पटवारी को सस्पेंड
    ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह पुरनी ने आरोप लगाया था "ग्राम कोलगांव की शासकीय भूमि से संबंधित रिकॉर्ड में पटवारी ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम 51 पट्टे दर्ज करा लिए हैं." इसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर को निर्देश दिए. राजस्व अधिकारियों द्वारा रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई. जांच प्रक्रिया के दौरान नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। 

    नायब तहसीलदार की रिपोर्ट पर कलेक्टर की कार्रवाई
    कोलगांव की शासकीय भूमि से जुड़े रिकॉर्ड में अनियमितता सामने आने के बाद तत्कालीन पटवारी की भूमिका की जांच की गई. नायब तहसीलदार द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने पटवारी राजेश मंडलोई को मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. निलंबन अवधि के दौरान राजेश मंडलोई का मुख्यालय तहसील कार्यालय खंडवा निर्धारित किया गया है। 

    आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी. मामले में प्रशासनिक स्तर पर आगे की जांच और दस्तावेजों का परीक्षण किया जा रहा है. कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया "स्वामित्व योजना के अंतर्गत पटवारी ने स्वामित्व के प्लॉट में से ढेर सारे प्लॉट खुद और कुछ प्लॉट परिवार के नाम कर लिए. इसकी जांच करवाई गई. जांच में शिकायत सही पाए जाने पर पटवारी को निलंबित कर दिया है. विभागीय जांच भी शुरू के दी है।  

  • प्रयागराज से अमेरिका रवाना हुआ पहला पावर ट्रांसफॉर्मर, 600 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य

    प्रयागराज से अमेरिका रवाना हुआ पहला पावर ट्रांसफॉर्मर, 600 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य

     प्रयागराज
    यूपी में प्रयागराज के नैनी से पहली बार अमेरिका के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर भेजा गया है। शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (एसएसईएल) के नैनी स्थित विनिर्माण संयंत्र में तैयार 175 एमवीए, 345 केवी क्षमता का ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मर अमेरिका के लिए रवाना किया गया। कंपनी के मुताबिक यह नैनी संयंत्र से अमेरिका को भेजा गया पहला ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मर है। इसे कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया है। अगले 12-18 महीने में 500-600 करोड़ के निर्यात का लक्ष्य भी तय किया गया है।

    कंपनी मैनेजर अरुण यादव ने बताया कि अमेरिका को पहली सप्लाई के साथ कंपनी ने उच्च क्षमता वाले ईएचवी पावर ट्रांसफॉर्मरों के वैश्विक बाजार में अपनी क्षमता का विस्तार किया है। एसएसईएल के सीईओ शरत चंद्र कोल्ला ने कहा कि अमेरिका को पहले ईएचवी ट्रांसफॉर्मर की सफल सप्लाई कंपनी की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बिजली पारेषण उपकरण निर्माता बनने की यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। अमेरिका को भेजा गया यह ट्रांसफार्मर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, इंजीनियरिंग और प्रदर्शन संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

    एसएसईएल के अध्यक्ष सुधीर वेन्त्रम ने कहा कि नैनी से अमेरिका के लिए पहले 175 एमवीए, 345 केवी क्लास ट्रांसफॉर्मर की रवानगी कंपनी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। ईस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष विनय टंडन ने इस उपलब्धि पर बधाई दी और कहा कि प्रयागराज के उद्यमी बहुत कुछ कर सकते हैं। सरकार जो सहयोग देने की बात करती है, बशर्ते उसे धरातल पर लागू करें। प्रयागराज से लगभग 600 करोड़ रुपये के ट्रांसफार्मर भेजे जाएंगे। कंपनी यूरोप में पावर और डिस्ट्रीब्यूशन दोनों श्रेणियों के ट्रांसफार्मरों के लिए स्वीकृति हासिल करने की दिशा में भी काम कर रही है।

    सात दशक में बदली कंपनी, कायम रहा प्रयागराज का औद्योगिक रिश्ता
    1954 में जीईसी से शुरू हुई यह यात्रा 2026 तक आते-आते कई स्वामियों और नामों से गुजर चुकी है। जीईसी से अरेवा, अरेवा से अल्स्टॉम, अल्स्टॉम से जीई और फिर जीई से शिरडी साईं इलेक्ट्रिकल्स तक पहुंची यह इकाई एक समय बंदी के दौर में भी गई। लेकिन 2022 में दोबारा उत्पादन शुरू होने के बाद अब वही संयंत्र अमेरिका के लिए पावर ट्रांसफॉर्मर तैयार कर रहा है। इस लिहाज से 1954 से 2026 तक का यह सफर प्रयागराज के औद्योगिक क्षेत्र में बदलाव, संकट और पुनर्जीवन की एक लंबी कहानी है।

  • भोपाल में महाराष्ट्र समाज का सांगीतिक कार्यक्रम, तुषार सोहोनी ने भजनों से बांधा समां

    भोपाल में महाराष्ट्र समाज का सांगीतिक कार्यक्रम, तुषार सोहोनी ने भजनों से बांधा समां

    भोपाल
    महाराष्ट्र समाज, तुलसी नगर, भोपाल द्वारा गणेश उत्सव में आयोजित सांगीतिक कार्यक्रमव  स्मृतिगंध – भजन, भावगीत एवं नाट्यगीत प्रस्तुति" का सफल आयोजन हुआ। सुमधुर भजन संध्या में श्रोताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर संगीत का आनंद लिया।
    प्रसिद्ध गायक  तुषार सोहोनी ने एक से बढ़कर एक भजन और भावगीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पं. बलवंत पुराणिक (हारमोनियम), अजय कुलकर्णी (तबला), विद्याधर आमटे (बांसुरी) और श्री धर्मेश (ऑक्टोपैड) की संगत ने कार्यक्रम को और भी मधुर बना दिया।

    महाराष्ट्र समाज के अध्यक्ष शिशिर साठे, सचिव यश बुचके ने कार्यक्रम में पधारे सभी रसिक श्रोताओं, कलाकारों एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

  • टूटी स्क्रीन पर टेम्पर्ड ग्लास लगाना पड़ सकता है भारी, जानें क्या-क्या नुकसान

    टूटी स्क्रीन पर टेम्पर्ड ग्लास लगाना पड़ सकता है भारी, जानें क्या-क्या नुकसान

    स्मार्टफोन में सबसे जल्दी किसी चीज के खराब होने का खतरा होता है तो वो है डिस्प्ले. क्योंकि फोन इस्तेमाल करते समय कई बार ऐसा होता है कि हाथ से छूटकर फोन गिर जाता है, जिसकी वजह से डिस्प्ले पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिलता है. स्क्रीन क्रैक हो जाती है या अगर स्मार्टफोन किसी कोने की तरफ से गिर जाए तो स्क्रीन पर क्रैक ही क्रैक हो जाते हैं.

    कई लोग डिस्प्ले को ठीक कराने की जगह बहुत ही सस्ता जुगाड़ निकालते हैं. मार्केट से स्क्रीन गार्ड या टेम्पर्ड ग्लास लाकर टूटे हुए डिस्प्ले के ऊपर लगाकर इस्तेमाल करने लगते हैं. लोगों का मानना होता है कि इससे डिस्प्ले ज्यादा खराब नहीं होगा और काफी समय तक इसी तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. आइए जानते हैं इस ट्रिक को इस्तेमाल करने के क्या नुकसान हो सकते हैं.

    क्यों नहीं लगाना चाहिए टेम्पर्ड ग्लास को टूटे हुए फोन के ऊपर?
    मोबाइल फोन की स्क्रीन टूट जाने के बाद अक्सर लोग पैसे बचाने के चक्कर में उस पर एक ग्लास लगवाकर इस्तेमाल करते हैं. शुरुआत में तो इससे थोड़ी मदद मिलती है. टूटे हुए स्क्रीन से निकलने वाले छोटे-छोटे पार्टिकल्स उंगलियों में घुस सकते हैं और चोट भी लग सकती है.

    लेकिन सबसे जरूरी बात यह है कि टूटे हुए डिस्प्ले पर ग्लास लगाने के बाद भी स्क्रीन के अंदर मौजूद क्रैक बढ़ सकते हैं. समय के साथ डिस्प्ले और ज्यादा टूट सकता है और खराब हो सकता है. ऐसे में पैसे बचाने के चक्कर में बाद में ज्यादा खर्चा करना पड़ सकता है.

    स्क्रीन पर प्रेशर देने से स्क्रीन और ज्यादा खराब
    स्मार्टफोन यूजर्स जिनके डिस्प्ले पर ग्लास प्रोटेक्टर लगा होता है, उन्हें कई बार ऐसा लगता है कि स्क्रीन अब सुरक्षित है. लेकिन रोजमर्रा के इस्तेमाल के दौरान फोन पर पड़ने वाला दबाव धीरे-धीरे क्रैक को और ज्यादा बढ़ा सकता है. इसकी वजह से छोटा सा क्रैक भी बड़ी समस्या बन सकता है.

    टच जल्दी हो सकता है खराब
    जैसे-जैसे आप फोन इस्तेमाल करते हैं, स्क्रीन पर लगातार टच और प्रेशर पड़ता रहता है. अगर डिस्प्ले पहले से टूटा हुआ है तो लगातार पड़ने वाला प्रेशर क्रैक को और ज्यादा बढ़ा सकता है. इसके साथ ही फोन के टच में भी दिक्कत आने का खतरा रहता है.

    किसी खास जगह पर ज्यादा प्रेशर पड़ने से स्क्रीन पर फ्लिकर या ग्रेन जैसी लाइन्स भी दिखाई दे सकती हैं. धीरे-धीरे टच रिस्पॉन्स भी खराब हो सकता है और फोन इस्तेमाल करने में परेशानी आने लगती है.

    फोन में इंटरनल डैमेज का खतरा
    डिस्प्ले क्रैक होने के बाद सबसे बड़ा खतरा फोन की वाटर रेसिस्टेंस को लेकर होता है. क्रैक की वजह से नमी और पानी के अंदर जाने का खतरा बढ़ जाता है. अगर पानी या नमी फोन के अंदर चली गई तो इंटरनल पार्ट्स को नुकसान पहुंच सकता है और फोन पूरी तरह खराब भी हो सकता है.

    इसलिए थोड़े पैसे बचाने के चक्कर में टूटे हुए डिस्प्ले पर सिर्फ टेम्पर्ड ग्लास लगाकर लंबे समय तक फोन इस्तेमाल करना सही नहीं है. अगर स्क्रीन ज्यादा टूट गई है या टच में दिक्कत आ रही है, तो फोन को जल्द से जल्द सर्विस सेंटर पर दिखाना बेहतर है.
     

  • iPhone 18 Pro Max Review: ₹1.79 लाख के फोन में क्या बदला? कैमरा और A20 Pro खास

    iPhone 18 Pro Max Review: ₹1.79 लाख के फोन में क्या बदला? कैमरा और A20 Pro खास

    इस साल ऐपल ने iPhone 18 लॉन्च नहीं किया. iPhone 18 Pro, iPhone 18 Pro Max और iPhone Duo लॉन्च हुए हैं. iPhone 18 Pro सीरीज की बिक्री शुरू है, लेकिन Duo मार्केट में अक्टूबर के आखिर में आएगा. iPhone 18 Pro Max शुरुआती यूज में कैसा परफॉर्म कर रहा है इस रिव्यू में जानेंगे. साथ ही ये भी जानेंगे कि पुराने प्रो मॉडल्स के मुकाबले इस बार क्या बदला है या नहीं बदला है.

    iPhone7 सीरीज से लेकर अब तक जितने भी iPhone रिव्यू किए हैं एक पैटर्न दिखता है. ऐपल कई सालों तक एक ही डिजाइन को चलाता है और लॉन्च पर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर फोकस्ड रहता है. यही इस बार भी हुआ है. iPhone 17 Pro Max वाला ही डिजाइन है, एल्यूमिनियम यूज किया गया है और कमोबेश यूज करने पर भी iPhone 17 Pro Max जैसा ही लगता है. लेकिन… कुछ चीजें हैं जो इसे पुराने फोन से अलग बनाती हैं. जाहिर है नए पुराने में कुछ तो फर्क रखना ही होगा.

    भारत में आईफोन 18 Pro Max की शुरुआती कीमत 256 जीबी मॉडल के लिए ₹1,79,900 है और यह 2TB तक स्टोरेज के साथ आता है. यानी यह फोन सिर्फ महंगा नहीं है, बल्कि ऐपल के सबसे महंगे आईफोन में से एक है.

    डिजाइन में बड़ा बदलाव नहीं
    पहली नजर में iPhone 18 Pro Max को देखकर यह बताना मुश्किल है कि यह पिछले मॉडल से कितना अलग है. 6.9 इंच का OLED डिस्प्ले, प्रोमोशन 120Hz और डायनेमिक आइलैंड अभी भी मौजूद हैं. हालांकि इस बार डायनैमिक आइलैंड छोटा है, इस वजह से डिस्प्ले एरिया थोड़ा बढ़ गया है. डिस्प्ले की क्वालिटी शानदार है और बाहर तेज रोशनी में भी स्क्रीन पढ़ने में कोई खास परेशानी नहीं होती.

    ऐपल ने इस बार एंटी-रिफ्लेक्टिव कोटिंग भी दी है, जो धूप में काफी काम आती है. लेकिन एक चीज ऐसी है जिसे इस्तेमाल करते ही महसूस किया जा सकता है – वजन.

    iPhone 18 Pro Max का वजन 249 ग्राम है. यह iPhone 17 Pro Max से ज्यादा है और लंबे समय तक एक हाथ में फोन इस्तेमाल करते हुए इसका वजन महसूस होता है. बड़े डिस्प्ले और बड़ी बैटरी के साथ यह एक समझने लायक समझौता है, लेकिन हल्का फोन चाहने वालों के लिए यह इसकी बड़ी कमी है.

    कैमरा इस फोन की सबसे बड़ी वजह है
    अगर मुझे iPhone 18 Pro Max में एक सबसे बड़ा अपग्रेड चुनना हो, तो मैं कैमरा चुनूंगा. 48 मेगापिक्सल कैमरे में वेरिएबल अपर्चर दिया गया है. यानी कैमरा सिर्फ सॉफ्टवेयर के भरोसे नहीं है, बल्कि लेंस से आने वाली रोशनी को भी ज्यादा कंट्रोल किया जा सकता है. इसके लिए अलग-अलग अपर्चर विकल्प मिलते हैं. हालांकि ये कितना प्रैक्टिकल है और लोग इसे कितना यूज करते हैं वो आने वाले समय में ही पता चलेगा.

    अगर आपको याद हो तो कंपनी ने एक बार कैमरा कंट्रोल बटन लॉन्च किया था जो अब तक है, लेकिन इसे ज्यादातर लोग यूज नहीं करते हैं. रोजमर्रा की तस्वीरों में इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि तस्वीरों पर ज्यादा कंट्रोल मिलता है. दिन में फोटो बहुत साफ और नैचुरल आती हैं और कम रोशनी में भी कैमरा अच्छा काम करता है. लेकिन सबसे दिलचस्प बदलाव तब दिखता है जब आप कैमरा को ऑटो से बाहर निकालकर खुद सेटिंग्स इस्तेमाल करते हैं.

    पीछे तीनों कैमरे 48 मेगापिक्सल के हैं. अल्ट्रा वाइड कैमरा 120 डिग्री फील्ड ऑफ व्यू देता है, जबकि टेलीफोटो कैमरा 4 गुना ऑप्टिकल जूम और ऑप्टिकल क्वालिटी 8 गुना जूम तक जाता है. डिजिटल जूम 40 गुना तक है.

    iPhone 18 Pro Max में  A20 Pro चिप है. इसमें 6-कोर सीपीयू, 7-कोर जीपीयू और 16-कोर न्यूरल इंजन दिया गया है. ऐपल ने साथ में नया वेपर चैंबर कूलिंग सिस्टम भी दिया है, जिसका मकसद लंबे समय तक भारी काम करने पर परफॉर्मेंस को स्थिर रखना है. ये पहला 2nm आर्किटेक्चर वाला प्रोसेसर है जो बेंचमार्क स्कोर में दूसरों से कहीं आगे हैं. लेकिन फिर से मैं कहूंगा कि परफॉर्मेंस रिपोर्ट डिटेल से फुल रिव्यू में जो लंबे समय यूज करने के बाद करूंगा.

    रोजमर्रा के इस्तेमाल में फोन बेहद तेज है. ऐप खोलना, फोटो एडिट करना, 4के वीडियो काटना या भारी गेम चलाना – कहीं भी फोन रुकता हुआ महसूस नहीं होता. लेकिन यहां एक बात और  है. नॉर्मल यूजर को A20 Pro की पूरी ताकत हर दिन महसूस नहीं होगी. यह चिप उन लोगों के लिए ज्यादा मायने रखती है जो गेमिंग, वीडियो एडिटिंग, एआई और दूसरी भारी चीजें करते हैं.

    ऐपल इंटेलिजेंस और Siri AI अभी कहानी का कमजोर हिस्सा है
    कई सालों से ऐपल आईफोन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड फीचर्स तो दे रहा है, लेकिन कंपटीशन के मुकाबले पीछे है. Siri में AI काफी लंबे समय से पेंडिंग था, लेकिन अब आ चुका है. iPhone 18 Pro Max में iOS27 के साथ ऐपल इंटेलिजेंस और नया सिरी एआई दिया गया है. सिरी अब ज्यादा बातचीत करने वाला और पर्सनल एक्सपीरिएंस देने की कोशिश करता है और फोन में AI का इस्तेमाल पहले से ज्यादा जगह दिखाई देता है. लेकिन यहां मेरी उम्मीदें थोड़ी ज्यादा थीं. उम्मीद है अपडेट के साथ कंपनी इसे और बेहतर करे. कुछ हफ्ते यूज करने के बाद मैं आपको इसका भी पूरा रिपोर्ट दूंगा.

    एक और चीज जो मुझे पसंद आई
    डायनेमिक आइलैंड छोटा हुआ है और फेस आईडी के कुछ हिस्सों को डिस्प्ले के नीचे ले जाने से स्क्रीन पर ज्यादा जगह मिलती है. यह ऐसा बदलाव नहीं है जिसके लिए आप नया फोन खरीदें, लेकिन रोज इस्तेमाल में फोन थोड़ा ज्यादा साफ और आधुनिक महसूस होता है. इसके अलावा Apple ने 18 मेगापिक्सल सेंटर स्टेज फ्रंट कैमरा दिया है. इसमें ऑटोफोकस, सेंटर स्टेज और बेहतर वीडियो फीचर्स मिलते हैं. वीडियो कॉल करने वालों के लिए यह अच्छा अपग्रेड है. फोकस ट्रैकिंग भी अच्छा फीचर जो काम आ सकता है.

    अपग्रेड कैसा है?
    यहीं सवाल थोड़ा मुश्किल हो जाता है. अगर आपके पास iPhone 17 Pro Max है और आपका कैमरा, बैटरी और परफॉर्मेंस पहले से ठीक चल रहा है, तो iPhone 18 Pro Max में आने के लिए कोई एक ऐसा बदलाव नहीं है जो हर यूजर के लिए जरूरी हो.

    लेकिन अगर आप iPhone 14, 15 या उससे पुराने मॉडल से आ रहे हैं, तो अंतर काफी बड़ा महसूस होगा. आपको बेहतर कैमरा, ज्यादा तेज चिप, बेहतर बैटरी, 2TB तक का स्टोरेज ऑप्शन, बेहतर वीडियो कंट्रोल और ज्यादा कैपेबल AI फीचर्स एक साथ मिलते हैं.

    और अगर आप फोन से वीडियो बनाते हैं, कैमरा इस्तेमाल करते हैं या लंबे समय तक एक ही फोन चलाना चाहते हैं, तो iPhone 18 Pro Max ज्यादा समझ में आता है.

  • ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद मेकर्स से माफी मांग रहे बॉलीवुड के लोग, प्रोड्यूसर ने बताया कारण

    ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद मेकर्स से माफी मांग रहे बॉलीवुड के लोग, प्रोड्यूसर ने बताया कारण

    नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म हनुमान अंश 50 दिनों में इतिहास रच चुकी है. मेकर्स ने जो प्रॉफिट इससे कमाया है, वो हर बड़ी बजट की फिल्म से कई गुना बड़ा है. हालांकि उनका मकसद अभी पूरा खत्म नहीं हुआ है. वो चाहते हैं कि फिल्म 100 दिनों तक थिएटर्स में लगी रहे. इतनी बड़ी सक्सेस के बीच बॉलीवुड के कुछ लोग भी फिल्म के मेकर्स से माफी मांग रहे हैं. लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है? इसका खुलासा खुद प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने किया है.

    सिद्धार्थ कन्नन संग बातचीत में फिल्म हनुमान अंश प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया कि डायरेक्टर ने कई बड़े लोगों से इस फिल्म मैं पैसा लगाने के लिए मुलाकात की थी. हालांकि तब किसी ने उनकी मदद नहीं की. लेकिन अब चूंकि फिल्म इतनी बड़ी सक्सेस बन गई, तो वही लोग डायरेक्टर-प्रोड्यूसर को कॉल करके माफी मांग रहे हैं.

    सफलता से पहले छोड़ा साथ
    अनुप्रिया ने कहा- शुरुआत से ही, मेरे फिल्म से जुड़ने से पहले भी हनुमान अंश की टीम पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए कई लोगों के पास इनवेस्टमेंट मांगने गई थी, लेकिन किसी ने भी पैसे लगाने के लिए हामी नहीं भरी. जबकि इसके लिए बहुत बड़े इनवेस्टमेंट की जरूरत भी नहीं थी.

    'फिल्म रिलीज होने से पहले कुछ ही लोगों ने हमारा साथ दिया था, लेकिन ज्यादातर लोगों को इस प्रोजेक्ट पर भरोसा नहीं था. उन्हें लगता था कि ये छोटे बजट की फिल्म है, डायरेक्टर की ये पहली फिल्म है और कलाकार भी नए हैं. उन्हें लगा कि फिल्म आएगी और चली जाएगी. लोगों को इस फिल्म की कामयाबी पर भरोसा नहीं था.'

    बॉलीवुड को हुआ अफसोस
    प्रोड्यूसर ने आगे फिल्म की रिलीज के बाद बदले माहौल पर कहा- बहुत से प्रोड्यूसर्स ने हमसे कॉन्टैक्ट किया है, जो हमारे लिए बहुत अच्छी बात है. उन्होंने हमें फिल्म की सफलता के लिए बधाई दी है. कुछ तो मेरे पास आए और बोले कि सबसे पहले मैं आपसे माफी मांगना चाहता हूं, क्योंकि ये फिल्म हमारे पास आई थी. हमें अफसोस है कि हम आपके साथ नहीं जुड़ पाए. ये मेरी सबसे बड़ी गलती थी.

    'आपने हमें ये एहसास कराया है कि एक छोटी फिल्म भी बहुत कुछ हासिल कर सकती है. आपने पूरी इंडस्ट्री को एक बड़ी सीख दी है. आपको जो भी मदद चाहिए, हम आपके साथ हैं. हालांकि मैं उन्हें इसके लिए दोष नहीं देती, क्योंकि उस वक्त यह बहुत छोटे बजट की फिल्म थी.'

    बात करें फिल्म हनुमान अंश की, तो इसने अभी तक 370 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है. अब ये 400 करोड़ पार जाने की तैयारी में है.

  • 26 सितंबर को बनेगा नवपंचम योग, इन 4 राशियों को धन-करियर में लाभ के संकेत

    26 सितंबर को बनेगा नवपंचम योग, इन 4 राशियों को धन-करियर में लाभ के संकेत

     वैदिक ज्योतिष में ग्रहों के गोचर और आपस में बनने वाले शुभ योगों का विशेष महत्व होता है. 26 सितंबर 2026 की सुबह 5 बजकर 32 मिनट पर चंद्रमा जैसे ही मीन राशि में प्रवेश करेंगे, वैसे ही कर्क राशि में विराजमान देवगुरु बृहस्पति के साथ उनका एक अत्यंत शुभ और कल्याणकारी 'नवपंचम योग' बन जाएगा.

    ज्योतिष शास्त्र में गुरु को ज्ञान, भाग्य, समृद्धि और संतान का कारक माना गया है, जबकि चंद्रमा मन, सुख और आर्थिक स्थिति के प्रतीक हैं. जब गुरु और चंद्रमा एक-दूसरे से पांचवें और नौवें (त्रिकोण) भाव में स्थित होते हैं, तो नवपंचम राजयोग का निर्माण होता है. यह योग जातकों के जीवन में अपार सुख-समृद्धि, बौद्धिक क्षमता में वृद्धि और अचानक धन लाभ के योग बनाता है. आइए जानते हैं कि 26 सितंबर को बनने वाले इस नवपंचम योग से किन राशियों की किस्मत चमकने वाली है.

    वृषभ राशि (Taurus)
     आय में जबरदस्त बढ़ोतरी और इच्छाओं की पूर्ति
    कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी राशि से एकादश (आय व लाभ) भाव में संचार करेंगे.

    मिलेंगे ये फायदे
     आपकी दैनिक और मुख्य आय में जबरदस्त उछाल देखने को मिलेगा. आय के नए-नए स्रोत बनेंगे. विदेश से जुड़ा व्यापार करने वालों को या बहुराष्ट्रीय कंपनियों में काम करने वाले लोगों को बड़ा आर्थिक फायदा हो सकता है.

    कर्क राशि (Cancer)
     समाज में मान-सम्मान और व्यापार में बंपर मुनाफा
    कैसा रहेगा प्रभाव: गुरु आपकी ही राशि (लग्न) में हैं और चंद्रमा आपके भाग्य (नवम) भाव में विराजमान होकर यह योग बनाएंगे.

    मिलेंगे ये फायदे
     गुरु और चंद्र का यह त्रिकोण संबंध आपके भाग्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. कार्यस्थल पर आपके मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. बिजनेस में बड़े सौदे (Deals) फाइनल हो सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति काफी मजबूत होगी.

    वृश्चिक राशि (Scorpio)
    अचानक धन लाभ और भाग्य का पूरा साथ
    कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी राशि से पंचम भाव में रहेंगे और गुरु आपके भाग्य (नवम) भाव में विराजमान हैं.

    मिलेंगे ये फायदे
    शेयर बाजार, पुराने निवेश या पैतृक संपत्ति से अप्रत्याशित धन लाभ हो सकता है. रचनात्मक और शैक्षणिक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी पहचान मिलेगी. परिवार के साथ धार्मिक यात्रा के योग बन रहे हैं और मन प्रसन्न रहेगा.

    मीन राशि (Pisces)
     मानसिक शांति और करियर में बड़ी छलांग
    कैसा रहेगा प्रभाव: चंद्रमा आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में गोचर करेंगे और गुरु आपके पंचम (बुद्धि व संतान) भाव से नवपंचम संबंध बनाएंगे.

    मिलेंगे ये फायदे
    आपके लंबे समय से अटके हुए काम तेजी से पूरे होंगे. मानसिक तनाव दूर होगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी. जो छात्र उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है.

    नवपंचम योग के शुभ प्रभाव बढ़ाने के आसान उपाय
    – 26 सितंबर को पूर्णिमा तिथि भी है, इसलिए सुबह स्नान के बाद भगवान सत्यनारायण या श्री हरि विष्णु की पूजा करें और पीले फल/मिष्ठान का भोग लगाएं.

    – "ऊं बृं बृहस्पतये नमः" और "ऊं सोमाय नमः" मंत्रों का 108 बार जाप करें.

    – किसी जरूरतमंद को चने की दाल, हल्दी, या पीले वस्त्र का दान करना शुभ फलदाई रहेगा.

  • दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    दीनदयाल जी ने अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को दी सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

    शुक्रवार को मनाई गई पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती 

    मुख्यमंत्री ने 'अंत्योदय' के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर किया पुष्पार्चन

    उपाध्याय जी का चिंतन आज भी समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत: मुख्यमंत्री

    लखनऊ
     'अंत्योदय' के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती शुक्रवार को मनाई गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की। 

    मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर पोस्ट कर पं. दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने लिखा कि 'एकात्म मानववाद' एवं 'अंत्योदय' के प्रणेता, प्रखर राष्ट्रचिंतक एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य, श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि।

    पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों पर आधारित विकास की ऐसी अवधारणा प्रस्तुत की, जिसमें समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन को आज भी समावेशी, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का प्रेरणास्रोत बताया।

  • गोरखपुर नक्षत्रशाला का काम पूरा, नवंबर में CM योगी करेंगे उद्घाटन

    गोरखपुर नक्षत्रशाला का काम पूरा, नवंबर में CM योगी करेंगे उद्घाटन

    गोरखपुर
     महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क और वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के पुनरुद्धार का काम पूरा होने के बाद अब उद्घाटन की तैयारियां तेज हो गई हैं। नवंबर के पहले सप्ताह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नक्षत्रशाला के उद्घाटन की तैयारी है।

    उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री नक्षत्रशाला का पहला शो भी देखेंगे। इससे पहले गुरुवार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने दोनों परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यदायी संस्था गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) और निर्माण में लगी तीनों फर्मों को तय समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए।मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि में सभी कार्य पूरे होने चाहिए, गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।

    महंत अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क के निर्माण पर 18.60 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मंत्री ने प्रमुख सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पंधारी यादव और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद उत्तर प्रदेश के निदेशक-सचिव रमेश चंद्र के साथ पार्क के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।

    उन्होंने एन्सिएंट इंडियन साइंस गैलरी, इनोवेशन लैब, फन साइंस और स्पेस साइंस गैलरी के निर्माण की प्रगति देखी। इसके अलावा आउटडोर साइंस माडल, एंट्रेंस प्लाजा, कैफेटेरिया, पाथवे, ओपन एयर थिएटर, बस पार्किंग और डायनोटोरियम के माडल स्थापना कार्य का भी जायजा लिया।

    मंत्री ने एस्ट्रोनामी एंड इंडियन स्पेस प्रोग्राम गैलरी तथा एल्युमिनियम डोम की स्थापना की प्रगति भी देखी। कहा कि पार्क में इंटरैक्टिव साइंस माडल और आधुनिक वैज्ञानिक प्रदर्शनियों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करने का प्रयास किया गया है।

    46.88 करोड़ से नक्षत्रशाला का आधुनिकीकरण
    वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के आधुनिकीकरण पर 46.88 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निरीक्षण के बाद मंत्री ने जीडीए और निर्माण में लगी मेसर्स चंद्र इवेंट्स एंड प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स खुशी इंटरप्राइजेज तथा मेसर्स इंफोविजन टेक्नोलाजीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। शेष कार्यों की समीक्षा करते हुए समयसीमा के भीतर उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए।

    मंत्री ने कहा कि आधुनिकीकृत नक्षत्रशाला में खगोल एवं अंतरिक्ष विज्ञान को नई तकनीक के माध्यम से सरल और रोचक ढंग से समझने का अवसर मिलेगा। निरीक्षण के दौरान जीडीए उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल, मुख्य अभियंता किशन सिंह, सहायक अभियंता राजबहादुर सिंह, नक्षत्रशाला के वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।