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  • Asian Games 2026: भारत को 2 मिनट में मिले 2 मेडल, शूटिंग में गोल्ड-सिल्वर

    Asian Games 2026: भारत को 2 मिनट में मिले 2 मेडल, शूटिंग में गोल्ड-सिल्वर

    नई दिल्ली
     जश्न मनाइए, खुशियों में डूब जाइए। एशियन गेम्स 2026 में दिन का आगाज इससे बेहतर नहीं हो सकता था। सिर्फ 2 मिनट के अंदर भारत को दो मेडल मिले, जिसमें एक गोल्ड मेडल और एक सिल्वर मेडल रहा। ये दोनों ही शूटिंग से आए। इसके साथ ही एशियन गेम्स की मेडल टैली में भारतीय दल ने जबरदस्त छलांग लगाई है। पहले वह एक गोल्ड के साथ 15वें नंबर पर था, जबकि अब 12वें नंबर पर पहुंच गया है।

    इन इवेंट में आए मेडल
    जापान में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 से भारत के लिए बहुत बड़ी और खुशखबरी सामने आई है। निशानेबाजी में भारत ने दो मेडल जीते है। कमलजीत और सुरुचि सिंह की जोड़ी ने देश को निशानेबाजी में पहला गोल्ड मेडल दिलाकर इतिहास रच दिया है। वहीं पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया है। 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल मुकाबले में कमलजीत और सुरुचि सिंह की भारतीय जोड़ी ने दक्षिण कोरिया की मजबूत जोड़ी को एकतरफा अंदाज में पछाड़ते हुए पोडियम के शीर्ष पर तिरंगा फहराया। यह एशियन गेम्स में भारत का दूसरा गोल्ड मेडल है।

    5 शूटरों ने किया कमाल
    पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम इवेंट में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्राक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने सटीक निशानेबाजी का मुआयना पेश करते हुए भारत के खाते में सिल्वर मेडल जोड़ दिया। क्वालिफिकेशन और टीम इवेंट में निरंतरता दिखाते हुए भारतीय शूटर्स ने दूसरा स्थान हासिल कर पोडियम पर तिरंगा लहराया। वहीं उनके जीतने के तुरंत बाद 2 मिनट के अंदर भारत ने शूटिंग में एक और मेडल जीता, लेकिन इस बार मेडल का रंग गोल्ड था।

    कमलजीत और सुरुचि सिंह का फाइनल स्कोर:
        इंडिया – 484.6 (गोल्ड)
        साउथ कोरिया – 478.0 (सिल्वर)
        ईरान – 415.8 (ब्रॉन्ज)

    एशियाई रिकॉर्ड तोड़कर फाइनल में बनाई थी कमलजीत और सुरुचि सिंह ने जगह
    भारतीय निशानेबाजों का दबदबा सुबह क्वालिफिकेशन राउंड से ही देखने को मिल रहा था। कमलजीत और सुरुचि सिंह ने क्वालिफिकेशन में 587 अंकों का नया एशियाई रिकॉर्ड बनाते हुए पहले स्थान पर रहकर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया था। क्वालिफिकेशन में ही उन्होंने दूसरे स्थान पर मौजूद मंगोलिया की टीम पर 70 अंकों की विशाल बढ़त बनाकर अपने मजबूत इरादे जाहिर कर दिए थे।

  • Asian Games 2026: नेपाल को 48-24 से हराकर महिला कबड्डी टीम फाइनल में

    Asian Games 2026: नेपाल को 48-24 से हराकर महिला कबड्डी टीम फाइनल में

    नागोया
    भारत की महिला कबड्डी टीम ने सेमीफाइनल मैच में नेपाल को 48-24 के अंतर से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। भारतीय खिलाड़ियों ने आशा के अनुरूप प्रदर्शन करते हुए शानदार जीत हासिल की है। कबड्डी में हमेशा से ही भारत का वैश्विक स्तर पर दबदबा रहा है। इस टूर्नामेंट में भी टीम इंडिया का दबदबा कायम है और अब भारत को गोल्ड से कम कुछ मंजूर नहीं होगा। फाइनल में भारत का मुकाबला ईरान और चीनी ताइपे के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा।

    फाइनल में जगह बनाने के साथ ही भारतीय टीम ने कम से कम सिल्वर मेडल पक्का कर लिया है, लेकिन सभी को टीम इंडिया से गोल्ड की आस है। फाइनल मुकाबला शनिवार को खेला जाएगा। वहीं, भारत की पुरुष टीम भी सेमीफाइनल में जगह बना चुकी है और कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है। भारत की पुरुष टीम से भी गोल्ड मेडल की आस है।

    एशियन गेम्स में अजेय है भारतीय टीम
    एशियन गेम्स 2026 में भारतीय टीम अब तक कोई भी मैच नहीं हारी है। सेमीफाइनल से पहले टीम इंडिया ने अपने तीनों ग्रुप मुकाबले जीते थे। भारत ने अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश पर 42-21 की जीत के साथ की थी, जिसके बाद ईरान को 37-23 से हराया। इसके बाद जापान पर 50-25 से शानदार हासिल की और ग्रुप-ए में टॉप पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई।
    कबड्डी में भारत का दबदबा
    कबड्डी को 1990 में एशियाई खेलों में शामिल किए जाने के बाद से भारतीय पुरुष टीम ने 9 पदक जीते हैं। इनमें 8 स्वर्ण पदक शामिल हैं। 2018 में भारत का स्वर्ण पदक जीतने का सिलसिला टूटा था, जब टीम को कांस्य पदक मिला था।

    कोच को चैंपियन बनने का भरोसा
    भारत की महिला कबड्डी टीम की कोच नीता डाडवे ने ईरान के खिलाफ शानदार जीत के बाद कहा था , 'हमने ईरान के खिलाफ काफी रणनीति बनाई थी। पहली बार हम दस से अधिक अंक से जीते हैं। इससे पहले सारे मुकाबले करीबी रहे हैं।' यह पूछने पर कि भारत को कौन हरा सकता है, उन्होंने कहा , 'कोई नहीं। हम विश्व में नंबर एक हैं और यह हमारा खेल है। इसकी शुरूआत भारत में हुई। हमारे पास बेहतरीन खिलाड़ी, तकनीक, रफ्तार और दमखम के साथ आत्मविश्वास है।’

  • भारत-वेस्टइंडीज T20 टिकटों की बिक्री शुरू, 2 घंटे में 80% बिके

    भारत-वेस्टइंडीज T20 टिकटों की बिक्री शुरू, 2 घंटे में 80% बिके

    इंदौर 
     इंदौर के होलकर स्टेडियम में 11 अक्टूबर को प्रस्तावित भारत-वेस्टइंडीज T20 मुकाबले के टिकटों की ऑनलाइन बिक्री शुक्रवार सुबह 6 बजे शुरू हो गई। बिक्री शुरू होने के पहले दो घंटे में सामान्य गैलरी कैटेगरी के करीब 80% टिकट बिक गए। टिकटों की बिक्री अधिकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म District by Zomato के जरिए की जा रही है।

    टिकट बिक्री शुरू होते ही क्रिकेट प्रेमियों ने बुकिंग शुरू कर दी। शुरुआती घंटों में कई कैटेगरी के टिकटों की मांग तेजी से बढ़ी। अलग-अलग स्टैंड की लाइव उपलब्धता मांग के अनुसार लगातार बदल रही है।

    एक हजार से 12,500 तक टिकट
    मैच के लिए टिकटों की कीमत अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार तय की गई है। सामान्य गैलरी के टिकट करीब 1,000 से 1,800 रुपए तक है। पवेलियन की टिकट कीमत ₹5,500 से ₹8,500 तक रखी गई है, जबकि हॉस्पिटैलिटी कैटेगरी के टिकट ₹11,000 और ₹12,500 तक हैं। एक व्यक्ति अधिकतम 4 टिकट खरीद सकता है।

    स्टूडेंट टिकट के लिए भी रही जबरदस्त मांग
    स्टूडेंट और विशेष रूप से दिव्यांग दर्शकों के लिए आरक्षित रियायती टिकटों की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी। स्टूडेंट कोटे के करीब 1,200 रजिस्ट्रेशन कुछ ही समय में पूरे हो गए। दस्तावेज सत्यापन के बाद करीब 1,000 छात्रों को टिकट दिए जाने हैं। ऑनलाइन बिक्री शुरू होने के बाद टिकटों की उपलब्धता मांग के अनुसार बदल रही है।

    11 अक्टूबर को होगा मुकाबला
    भारत और वेस्टइंडीज के बीच यह T-20 मुकाबला 11 अक्टूबर को शाम 7 बजे इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच को लेकर शहर में क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा उत्साह है और ऑनलाइन टिकट बिक्री शुरू होने के साथ स्टेडियम में मुकाबला देखने की होड़ भी बढ़ गई है।

  • स्वामी आत्मानंद स्कूलों में LKG शुरू करने का आदेश

    स्वामी आत्मानंद स्कूलों में LKG शुरू करने का आदेश

    बिलासपुर.

    हाईकोर्ट ने बेमेतरा जिले में स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंट इंग्लिश मीडियम स्कूलों में एलकेजी कक्षाएं तुरंत शुरु करने का आदेश दिया है। यह फैसला जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाया।

    बता दें कि बेमेतरा के ग्राम साजा के रहने वाले सुदर्शन लोढ़ी, सूरज साहू, गोविंद पटेल, दकवार बंजारे, लालाराम सोनी, चंद्र प्रकाश, मुकेश सोनी, आत्माराम साहू, भारत साहू, ओम प्रकाश सोनी, सुनीला वर्मा और देकोराम ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया कि उनके बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर और सामान्य आय वाले परिवारों से हैं। वे अपने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा दिलाने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में एलकेजी में एडमिशन दिलाना चाहते हैं, लेकिन बेमेतरा जिले एलकेजी की प्रवेश प्रक्रिया ही शुरू नहीं की गई है।

    याचिका में लगाया गया था ये आरोप
    याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य के अन्य जिलों में एलकेजी में दाखिले हो रहे हैं, लेकिन बेमेतरा में जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रबंधन ने बजट और स्टाफ की कमी का हवाला देकर दाखिला प्रक्रिया शुरु नहीं किया है। मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि एक बार राज्य सरकार ने सभी जिलों में गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा देने की नीति बनाई है, तो बेमेतरा को इससे वंचित नहीं रखा जा सकता। यह अनुच्छेद 14 और 21ए का उल्लंघन है। कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर व्यवस्था पूरी कर दाखिला शुरु करने का निर्देश  दिया। राज्य सरकार की ओर से डिप्टी एजी डॉ. सौरभ कुमार पांडेय ने तर्क दिया कि एलकेजी पर आरटीआई का अनिवार्य  प्रावधान लागू नहीं होता, लेकिन कोर्ट ने  इसे अस्वीकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि क्षेत्रीय भेदभाव किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है।

  • विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में रियल एस्टेट सेक्टर की होगी अहम भूमिका : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

    मुख्यमंत्री क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में हुए शामिल

    मुख्यमंत्री ने कहा – 2047 के विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण आवास और मजबूत अधोसंरचना पर रहेगा विशेष जोर

    स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा प्रदेश के विकास का नया ग्रोथ इंजन, रायपुर के साथ दुर्ग-भिलाई और राजनांदगांव के विकास को मिलेगी नई गति

    सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए 400 से अधिक सुधार, प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण से बढ़ी पारदर्शिता

    नई औद्योगिक विकास नीति के बाद छत्तीसगढ़ को मिले 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव

    रायपुर,
     मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित क्रेडाई छत्तीसगढ़ स्टेटकॉन-2026 ‘बिल्डिंग विकसित छत्तीसगढ़’ कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को हासिल करने में रियल एस्टेट सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और शहरीकरण के साथ प्रदेश में आधुनिक शहरों, गुणवत्तापूर्ण एवं सुलभ आवास तथा मजबूत अधोसंरचना की आवश्यकता भी बढ़ रही है। राज्य सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के विकास के लिए पारदर्शी व्यवस्था, सरल प्रक्रियाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है।

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अपना घर प्रत्येक परिवार का सपना होता है। समाज के हर वर्ग की आकांक्षा होती है कि उसके पास सुरक्षित और सुविधाजनक आवास हो। पिछले पौने तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट सेक्टर ने तेजी से प्रगति की है। आने वाले वर्षों में प्रदेश में बढ़ते निवेश, औद्योगिकीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और नए शहरी केंद्रों के विकास के साथ इस क्षेत्र में संभावनाएं और बढ़ेंगी। उन्होंने रियल एस्टेट सेक्टर से जुड़े उद्यमियों से कहा कि वे प्रदेश के विकास में भागीदार बनें और गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाओं के निर्माण में योगदान दें।

    विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप तैयार किया ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए विजन डॉक्यूमेंट ‘छत्तीसगढ़ अंजोर’ तैयार किया है। राज्य ने अपनी अर्थव्यवस्था को वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पास इस लक्ष्य को प्राप्त करने की अपार क्षमता है। प्रदेश का लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छादित है। यहां प्रचुर खनिज संपदा, पर्याप्त बिजली और जल संसाधन उपलब्ध हैं। देश के प्रमुख क्षेत्रों से प्रदेश की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है और यहां के मेहनतकश लोग हमारी सबसे बड़ी शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया’ केवल एक कहावत नहीं, बल्कि प्रदेशवासियों की सरलता, परिश्रम और सामर्थ्य की पहचान है।

    मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में कार्य करने के अपने अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली को निकट से देखा है। प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ नागरिकों को अपना परिवार मानकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में भारत आधुनिक अधोसंरचना, आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था और जनकल्याण के नए अध्याय लिख रहा है।

    हर परिवार के पक्के घर का सपना हो रहा साकार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश के करोड़ों परिवारों के पक्के घर के सपने को साकार किया है। प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1600 प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में भी बड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है और पक्के आवास तेजी से ग्रामीण जीवन की तस्वीर बदल रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छत्तीसगढ़ के लिए 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की स्वीकृति दी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों के लिए भी आवास बनाए जा रहे हैं। आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए तैयार नीति के अंतर्गत 15 हजार आवासों के निर्माण को भी स्वीकृति मिली है।

    स्टेट कैपिटल रीजन बनेगा छत्तीसगढ़ का नया ग्रोथ इंजन

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित एवं दीर्घकालीन विकास के लिए स्टेट कैपिटल रीजन विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत रायपुर के साथ दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव क्षेत्र को जोड़ते हुए भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास की योजना बनाई जा रही है। स्टेट कैपिटल रीजन से आवास, उद्योग, व्यापार, परिवहन और सेवा क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था के प्रमुख ग्रोथ इंजन के रूप में उभरेगा।

    उन्होंने कहा कि बढ़ते शहरीकरण को अवसर में बदलने के लिए सुनियोजित विकास आवश्यक है। शहरों में नागरिक सुविधाओं, परिवहन, आवास और अन्य बुनियादी अधोसंरचनाओं का विकास भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इसमें रियल एस्टेट सेक्टर की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

    नक्सलवाद की समाप्ति के साथ बस्तर में खुल रहे विकास के नए द्वार

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर के विकास में बड़ी बाधा रहा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है और आज छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होकर विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि बस्तर की जनता ने लगभग चार दशकों तक नक्सल हिंसा का दंश झेला। नक्सलियों द्वारा स्कूल, अस्पताल, सड़क और अन्य विकास कार्यों का विरोध किए जाने के कारण अनेक क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहे। राज्य सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के साथ-साथ विकास को भी समान प्राथमिकता दी।

    मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों में सड़क, बिजली, पेयजल सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। गोंडी भाषा में ‘नियद नेल्लानार’ का अर्थ ‘आपका अच्छा गांव’ है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के अंतर्गत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और लगभग 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है। ‘बस्तर मुन्ने’ कार्यक्रम के माध्यम से शासकीय अमला गांवों में ठहरकर पात्र परिवारों तक योजनाओं और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रहा है।

    पर्यटन और होमस्टे से बस्तर में बन रहे रोजगार के नए अवसर

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर अब हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और पर्यटन संभावनाओं के लिए देश-दुनिया में नई पहचान बना रहा है। बस्तर के धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन द्वारा दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया गया है। यहां विदेशी पर्यटक होमस्टे में रहकर स्थानीय परिवारों के साथ जनजातीय जीवनशैली और संस्कृति को निकट से जान रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे प्रदेश में होमस्टे पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए ऋण और सब्सिडी की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यटन क्षेत्र की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए नई औद्योगिक विकास नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा।

    सुशासन और रिफॉर्म से निवेश के लिए बन रहा बेहतर वातावरण

    मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जहां सुशासन एवं अभिसरण विभाग का गठन किया गया है। पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुशासन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 400 से अधिक सुधार किए हैं। विभिन्न शासकीय प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया गया है और ई-फाइल प्रणाली लागू की गई है।

    उन्होंने कहा कि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और डिजिटलीकरण से लीकेज रोकने में मदद मिली है और प्रदेश के राजस्व में भी वृद्धि हुई है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों और निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें तथा अधिक से अधिक सेवाएं सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति को निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है और प्रदेश को अब तक लगभग 8 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सेमीकंडक्टर, टेक्सटाइल सहित अनेक क्षेत्रों में परियोजनाएं धरातल पर उतरनी प्रारंभ हो गई हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग, आवास, अधोसंरचना और शहरी विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन सभी क्षेत्रों की समन्वित प्रगति विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को गति देगी।

    रजिस्ट्री प्रक्रियाओं का लगातार हो रहा सरलीकरण : आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी

    आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का पूरा फोकस गवर्नेंस और रिफॉर्म पर है। उद्योग, व्यापार और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं।

    चौधरी ने कहा कि रजिस्ट्री की प्रक्रियाओं को सरल और नागरिक अनुकूल बनाया जा रहा है। व्हाट्सएप के माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने से लेकर ऑटो म्यूटेशन तक तकनीक आधारित सुधार किए गए हैं। महिला सशक्तीकरण की दिशा में महिलाओं को पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी गई है। गाइडलाइन दर से अधिक मूल्य पर होने वाली रजिस्ट्री के संबंध में भी पंजीयन शुल्क से जुड़ी प्रक्रिया में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन छत्तीसगढ़ के भविष्य के विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। सरकार की कोशिश है कि शहरीकरण केवल शहरों के विस्तार तक सीमित न रहे, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और नागरिक सुविधाओं के साथ नए आर्थिक अवसरों का भी निर्माण करे।

    कार्यक्रम में क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल, निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जी.वाई. रेड्डी, क्रेडाई के राष्ट्रीय सदस्य आनंद सिंघानिया, क्रेडाई रायपुर के अध्यक्ष पंकज लाहोटी, अभिषेक बछावत, अशोक मूंदड़ा सहित बड़ी संख्या में वास्तुविद, इंजीनियर, उद्यमी, रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि तथा क्रेडाई के विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें किया नमन

    अंत्योदय के संकल्प के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री साय

    रायपुर
    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में एकात्म मानववाद के प्रणेता और प्रखर राष्ट्रचिंतक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उनके छायाचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

                मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने अपने विचारों और सिद्धांतों के माध्यम से राष्ट्र के समग्र विकास की ऐसी दृष्टि प्रस्तुत की, जिसके केंद्र में समाज का अंतिम व्यक्ति है। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और समाज के कमजोर एवं वंचित वर्गों के उत्थान के लिए समर्पित रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि विकास की सार्थकता तभी है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उनका ‘अंत्योदय’ का सिद्धांत गरीबों, वंचितों और जरूरतमंदों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।

                  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती को ‘अंत्योदय दिवस’ के रूप में मनाना उनके विचारों के अनुरूप समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण और उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को अभिव्यक्त करता है। एकात्म मानववाद और अंत्योदय का उनका दर्शन आज भी राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण की दिशा में प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार, आदर्श और राष्ट्रसेवा का भाव सदैव देश और समाज को प्रेरित करता रहेगा।

  • मध्यप्रदेश सरकार ने विगत एक वर्ष में उपलब्ध कराये है 85 हजार युवाओं को रोजगार और सेवा के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश सरकार ने विगत एक वर्ष में उपलब्ध कराये है 85 हजार युवाओं को रोजगार और सेवा के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश सरकार ने विगत एक वर्ष में उपलब्ध कराये है 85 हजार युवाओं को रोजगार और सेवा के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खनि निरीक्षकों को दिए नियुक्ति पत्र

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनिज के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है। प्रदेश की धरती से हीरा भी निकलता है। कोयले के मामले में भी प्रदेश समृद्ध हैं। खनिज महत्वपूर्ण विभाग है जिसमें पारदर्शिता और दक्षता के साथ कार्य करने वाले प्रदेश की आर्थिक समृद्धि में भी सहायक होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री निवास में नवनियुक्त 62 खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्य सरकार ने बीते एक वर्ष में 85 हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाया है। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी उपस्थित थी।  

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रत्नगर्भा, वसुंधरा से जुड़कर नवनियुक्त खनि निरीक्षकों का भाग्योदय हो रहा है। आज का दिन इन युवाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, साथ ही उनके जीवन में नया प्रकाश लाने वाला दिन भी है। नवनियुक्त खनि निरीक्षक शासन से जुड़कर सिर्फ नौकरी ही प्राप्त नहीं कर रहे बल्कि सेवा का एक नया अवसर प्राप्त कर अपनी नई पहचान भी प्रारंभ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नवनियुक्त खनि निरीक्षक आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसमें उनके माता-पिता और परिजन का आशीर्वाद एवं सहयोग भी शामिल है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश भी प्रगति के मार्ग पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी युवाओं को शासकीय सेवा में आने पर कर्मचारी नहीं बल्कि कर्मयोगी मानते हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने खनि निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र के साथ ही विश्वास पत्र भी सौंपा है। सुशासन और लोक कल्याण के उद्देश्य से कार्य करते हुए ये युवा निश्चित ही सभी के लिए गर्व का कारण बनेंगे।  

    खनिज आय में वृद्धि

    प्रमुख सचिव खनिज साधन विवेक पोरवाल ने कहा कि प्रदेश में खनिजों से होने वाली आय आठ-नौ हजार करोड़ से बढ़कर 12 हजार करोड़ रुपए हो गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में 72 खनि निरीक्षकों की नियुक्ति की पहल की गई। नवनियुक्त खनि निरीक्षक प्रदेश के खनिज राजस्व को बढ़ाने का कार्य करेंगे। प्रमुख सचिव पोरवाल ने बताया कि भारत सरकार ने नीलामी के माध्यम से 33 कोयला खनन ब्लॉक आवंटित किए, जिसमें से 8 ब्लॉक में कोयला का उत्पादन शुरू हो गया हैं। छह अन्य कोयला खनन ब्लॉक में उत्पादन प्रारंभ करने के लिए माइन डेवलपमेंट का कार्य प्रारंभ किया गया है। छतरपुर जिले में 2 नए क्षेत्रों में हीरे की खोज के लिए अन्वेषण कार्य चल रहा है।

    पन्ना जिले के अंतर्गत एक हीरा ब्लॉक आवंटित किया गया है। स्वर्ण अयस्क की प्रोसेसिंग के लिए सिंगरौली में ग्रीनफील्ड गोल्ड कंसंट्रेट प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है। सिंगरौली और कटनी में 6 स्वर्ण ब्लॉक नीलाम किए गए हैं। भारत सरकार ने खनन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मध्यप्रदेश को सम्मानित किया है। नीलामी प्रक्रिया और खनन क्षेत्र में सुधारों के लिए मध्यप्रदेश ने अग्रणी राज्य की पहचान बनाई है।

    नवनियुक्त खनि निरीक्षक बोले-"हमारे लिए आज होली और दीपावली दोनों की खुशी है"

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवनियुक्त खनि निरीक्षकों में से 5 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और नवनियुक्त खनि निरीक्षकों के साथ छायाचित्र खिंचवाया। कार्यक्रम में नवनियुक्त खनि निरीक्षकों ने कहा कि आज उनके लिए होली और दीपावली जैसा खुशी का दिन है। वे अपने दायित्व को पूरी लगन से पूरा करेंगे।      

  • विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं विभागों के आय वृद्धि के प्रयास

    विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं विभागों के आय वृद्धि के प्रयास

    विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं विभागों के आय वृद्धि के प्रयास

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की राजस्व प्राप्ति की समीक्षा

    भोपाल

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के विकास के लिए आय अर्जित करने वाले सहयोगी विभागों की महत्वपूर्ण भूमिका है। विभागों ने राजस्व में वृद्धि के लिए आवश्यक प्रयास किए हैं, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में आयोजित बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा वित्त वर्ष के अंतर्गत अर्जित राजस्व आय की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न मदों में अर्जित आय की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने राजस्व प्राप्ति के लिये निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा आय वृद्धि के लिए किए गए प्रयासों, नवाचारों और अर्जित उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वित्त वर्ष के अंत तक शत्-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि अनेक विभागों द्वारा वित्त वर्ष में निर्धारित राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत् प्रयास किए जा रहे हैं।

    इन क्षेत्रों में अग्रणी है मध्यप्रदेश

    बैठक में बताया गया कि वाणिज्य कर, खनिज, आबकारी, परिवहन, वन, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में प्रदेश कर संग्रहण में अग्रणी है। विभागों ने आय के निर्धारित वार्षिक लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए वित्त वर्ष के प्रारंभिक पांच महीनों में महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। आयकर फाइल रिटर्न करने के क्षेत्र में देश में, मध्यप्रदेश कभी 14 वें क्रम पर था। इस कार्य में प्रदेश अब पांचवें स्थान पर आ गया है। बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

     

  • ‘सेवा के रंग’ से जन-जन तक पहुंचा रहे विकसित भारत का संकल्प : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    ‘सेवा के रंग’ से जन-जन तक पहुंचा रहे विकसित भारत का संकल्प : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    ‘सेवा के रंग’ से जन-जन तक पहुंचा रहे विकसित भारत का संकल्प : उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    'सेवा, स्वच्छता और नारी सशक्तिकरण के संदेशों को रंगोली में उकेर रहीं बेटियां'

    पौने दो क्विंटल सामग्री से बनी 'विकसित लोरमी, विकसित भारत' की भव्य रंगोली, आठ स्कूलों की बेटियों ने भी दिखाया हुनर

    ‘सेवा के रंग’ में दिखी विकसित भारत की झलक, जल संरक्षण से नारी सशक्तिकरण का दिया संदेश

    रायपुर. 
     उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज लोरमी के मानस मंच में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित विकासखंड स्तरीय ‘सेवा का रंग’ रंगोली का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कलाकारों और विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई आकर्षक रंगोलियों की सराहना की।

    साव ने छात्राओं से चर्चा कर उनकी बनाई रंगोलियों के विषय, उद्देश्य और संदेश की विस्तार से जानकारी ली। छात्राओं ने उन्हें बताया कि उन्होंने जल संरक्षण, विकसित भारत, नारी सशक्तिकरण, डिजिटल इंडिया और स्वच्छ भारत जैसे विषयों को रंगोली के माध्यम से प्रस्तुत किया है। उप मुख्यमंत्री ने छात्राओं की रचनात्मकता और उत्साह की प्रशंसा की।

    उप मुख्यमंत्री साव ने कहा कि रंगोली के माध्यम से सेवा के भाव और विकसित भारत की कल्पना को सुंदर तरीके से अभिव्यक्त किया गया है। कोटा के रंगोली कलाकार रवि पैकरा ने करीब पौने दो क्विंटल सामग्री से विकसित भारत की भव्य रंगोली तैयार की है। यह रंगोली विकसित भारत के संकल्प को आकर्षक रूप में प्रस्तुत करती है।

    कार्यक्रम में आठ विद्यालयों की बेटियों ने अलग-अलग विषयों पर रंगोलियां बनाईं। जल संरक्षण से लेकर डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत और नारी सशक्तीकरण तक सेवा के विभिन्न रंगों को रंगोली के माध्यम से जीवंत किया गया। 

    साव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य विकसित भारत की कल्पना को जन-जन तक पहुंचाना है। हर व्यक्ति विकसित भारत क्या है और इसके निर्माण में उसकी भूमिका क्या है, इससे जुड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा भाव और जनकल्याण के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

  • ग्वालियर किले पर चला स्वच्छता अभियान, NSS स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान

    ग्वालियर किले पर चला स्वच्छता अभियान, NSS स्वयंसेवकों ने किया श्रमदान

    ग्वालियर किले पर राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर चलाया स्वच्छता अभियान

     माधव महाविद्यालय के स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर दिया स्वच्छता एवं धरोहर संरक्षण का संदेश

    ग्वालियर
    राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) दिवस के अवसर पर माधव महाविद्यालय, ग्वालियर के तत्वावधान में ऐतिहासिक ग्वालियर किले स्थित मानसिंह पैलेस परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया। अभियान का उद्देश्य ऐतिहासिक धरोहरों की स्वच्छता एवं संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ ही युवाओं में सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना को प्रोत्साहित करना था।

    इस अवसर पर बड़ी संख्या में NSS स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए किले के विभिन्न क्षेत्रों में श्रमदान किया। स्वयंसेवकों ने परिसर में स्वच्छता कार्य करते हुए पर्यटकों एवं आम नागरिकों को ऐतिहासिक स्थलों को स्वच्छ रखने और उनकी गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिव कुमार शर्मा, वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. संजय कुमार पांडे तथा कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सरिता दीक्षित विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पूर्व कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपक शिंदे तथा पूर्व NSS स्वयंसेवक अनिरुद्ध शर्मा दिलीप चौहान और *गरिमा झा ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।

    कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने कहा कि NSS युवाओं को सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हमारी ऐतिहासिक धरोहरें केवल अतीत की पहचान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं। इनके संरक्षण में स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका है।

    स्वच्छता अभियान के माध्यम से स्वयंसेवकों ने यह संदेश दिया कि ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। अभियान ने किले की स्वच्छता में योगदान देने के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के बीच भी स्वच्छता एवं धरोहर संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश पहुंचाया।

    कार्यक्रम के अंत में NSS स्वयंसेवकों ने ऐतिहासिक स्थलों को स्वच्छ रखने तथा समाज में स्वच्छता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।