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  • एशियन गेम्स में पारुल चौधरी का कमाल, 1500 मीटर में चौथा स्थान; बनाया पर्सनल बेस्ट

    एशियन गेम्स में पारुल चौधरी का कमाल, 1500 मीटर में चौथा स्थान; बनाया पर्सनल बेस्ट

    मेरठ
     एशियन गेम्स 2026 में स्टार एथलीट ओलिंपियन पारुल चौधरी ने महिलाओं की 1500 मीटर दौड़ में चौथा स्थान हासिल किया। पारुल ने 4 मिनट 09.46 सेकेंड का समय निकालकर अपना नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। हालांकि वह पदक से चूक गईं, लेकिन व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ उनका प्रदर्शन आगामी स्पर्धाओं के लिए मजबूत संकेत माना जा रहा है।

    1500 मीटर फाइनल में मुकाबला शुरू से ही तेज रहा। पारुल ने रेस के दौरान अग्रणी धाविकाओं के साथ बने रहने की कोशिश की, लेकिन अंतिम लैप में पदक की दौड़ में मामूली अंतर से पीछे रह गईं। बहरीन की नेली कोरिर ने 4:04.50 के गेम्स रिकार्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। चीन की ली चुनहुई 4:05.50 के साथ दूसरे और जापान की नोजोमी तनाका 4:06.14 के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। भारत की दूसरी धाविका पूजा 4:16.78 के समय के साथ छठे स्थान पर रहीं।

    पारुल के लिए इस दौड़ की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय रहा। 1500 मीटर में 4:09.46 का समय दर्ज कर उन्होंने अपनी गति और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को साबित किया। एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना उनके लिए खास उपलब्धि है। पारुल का एशियन गेम्स अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। उनके सामने अगले दो दिनों में दो बड़ी चुनौतियां हैं। 27 सितंबर को महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज फाइनल में वह उतरेंगी। इसके बाद 28 सितंबर को 5000 मीटर फाइनल में उनका मुकाबला होगा, जहां वह अपने पिछले एशियन गेम्स स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरेंगी।

    पारुल का कार्यक्रम इस बार खासा कठिन है। 1500 मीटर के बाद लगातार दो दिनों में 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर जैसी लंबी दूरी की स्पर्धाएं उनके सामने हैं। ऐसे में अब उनकी चुनौती केवल गति की नहीं, बल्कि रिकवरी, स्टैमिना और रेस रणनीति की भी होगी। 1500 मीटर में पदक से चूकने के बाद पारुल के पास अगले दो फाइनल में वापसी का अवसर है। खासकर 5000 मीटर में वह अपने एशियन गेम्स खिताब का बचाव करेंगी। खेल प्रेमियों की निगाहें अब 27 और 28 सितंबर की इन दोनों स्पर्धाओं पर टिकी हैं।

  • राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की साजिश कर रही कांग्रेसः मुख्यमंत्री

    राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की साजिश कर रही कांग्रेसः मुख्यमंत्री

    लखनऊ
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों को खूब खरी-खरी सुनाई। अपने सरकारी आवास पर रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह लोग भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने, राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की हर साजिश का हिस्सा रहे हैं। सीएम ने कहा कि देश का मुख्य विपक्षी दल व यूपीए गठबंधन से जुड़े अन्य दलों की हरकतें-बयानबाजी गैरजिम्मेदाराना हैं व लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने जैसी हैं। इन्होंने एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाया है। एसआईआर पहली बार नहीं हुआ है। देश में इससे पहले वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66, 2003 समेत अनेक बार एसआईआर हुआ है।

    कांग्रेस व विपक्षी दलों की हायतौबा दुर्भाग्यपूर्ण
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार की एसआईआर की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस, सपा, राजद समेत अन्य दलों ने जो हायतौबा मचाई है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। देश में सर्वाधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है। उन्होंने तंज किया कि सपा, कांग्रेस, राजद आदि विपक्षी दल यदि चुनाव जीतें तो इनका पुरुषार्थ है परंतु भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार, कुनीति, अराजकतापूर्ण कार्यों के कारण यदि जनता इन्हें खारिज करे तो इसके लिए चुनाव आयोग और ईवीएम दोषी है। इन दलों को अपने बचकाने बयानों को लेकर चिंतन व आत्मावलोकन करना चाहिए।

    राहुल गांधी ने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर कैंब्रिज में उठाया था सवाल
    मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों द्वारा हर संवैधानिक संस्था को लगातार कटघरे में खड़ा किया जाता है। यह लोग चुनाव आयोग पर लगातार हमलावर हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कैंब्रिज में भारत की न्यायपालिका की निष्पक्षता पर प्रश्न खड़ा किया था। 2019 में कैग ने राफेल के मुद्दे पर अपना आब्जर्वेशन दिया था, इस पर भी कांग्रेस ने सवाल खड़े किए थे। ईवीएम से हुए चुनाव में केंद्र व कई राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनी, उस ईवीएम को ब्लैक बॉक्स कहकर भारत की चुनाव प्रणाली व दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर सवाल खड़ा करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

    कांग्रेस का संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं
    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इनका संवैधानिक व लोकतांत्रिक मूल्यों पर विश्वास नहीं है। 25 जून 1975 को कांग्रेस ने जब देश के संविधान का गला घोंटने का पाप किया था, तब उनके नेतृत्व की सरकारों ने विपक्षी दलों की चुनी गई तमाम सरकारों को अनैतिक तरीके से गिराने का पाप किया था। अपनी भ्रष्ट कार्यप्रणाली, आर्थिक कदाचार के कारण देश की आंतरिक-वाह्य सुरक्षा के साथ लगातार खिलवाड़ किया। बालाकोट की एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के बहादुर जवानों के शौर्य-पराक्रम पर इनके द्वारा सवाल खड़ा करना देशभक्ति नहीं है। वर्तमान में ऐसी ही गैरजिम्मेदाराना हरकतें कांग्रेस व उनके सहयोगी दल कर रहे हैं।

    गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करे कांग्रेस
    मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर के बारे में पहले से ही निर्देश दिए गए थे कि छूटे हुए मतदाताओं को फॉर्म भरने की पूरी छूट है। फॉर्म-6 को लेकर उच्चतम न्यायालय ने चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया, फिर भी चुनाव आयोग, मुख्य निर्वाचन आयुक्त व हर संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करके भारत की बदनामी कराना और सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करने की चेष्टा करने वाली कांग्रेस व उनके सहयोगी दलों का यह कृत्य अत्यंत हैरान करने वाला है। कांग्रेस अपनी गैरजिम्मेदाराना हरकतों को कंट्रोल करे। लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ व दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है।

    कांग्रेस व उसके सहयोगी दल जनता से मांगें माफी
    सीएम ने कहाकि तीनों चुनाव आयुक्त ने मीडिया के सामने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, छूटे मतदाताओं व फॉर्म-6 को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। अब कोई प्रश्न खड़े नहीं होते, लेकिन कांग्रेस, सपा व सहयोगी दलों द्वारा बाल की खाल उधेड़ने जैसी स्थिति दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतांत्रिक मूल्यों व संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश हो रही है। भारत ने हर वयस्क मतदाता को पहले दिन से जाति, क्षेत्र, भाषा, लिंग समेत बिना भेदभाव मतदान करने की स्वतंत्रता और चुनाव के एक दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम बढ़ाने का अधिकार दिया है। पूरी पारदर्शी प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न उठाना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने जैसा है। कांग्रेस व सहयोगी दलों को अपने कृत्य के लिए आमजन व देश की संवैधानिक संस्थाओं से माफी मांगनी चाहिए।

  • अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस, सपा, राजद समेत विपक्षी दलों पर साधा निशाना

    अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस, सपा, राजद समेत विपक्षी दलों पर साधा निशाना

    लखनऊ
     एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोला। अपने सरकारी आवास पर आयोजित एक पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कांग्रेस-सपा समेत विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं तो इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन हारने पर चुनाव आयोग और ईवीएम को दोष देने लगते हैं। उन्होंने एसआईआर को लेकर उठाए जा रहे सवालों को संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने की कोशिश बताते हुए विपक्ष को आत्मावलोकन की नसीहत दी।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस, सपा, राजद और अन्य विपक्षी दलों को निशाने पर रखते हुए कहा कि एसआईआर को लेकर भ्रम पैदा कर हाय-तौबा मचाई जा रही है। चुनाव आयोग की ओर से पूरी स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद भी सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करने की यह प्रवृत्ति लोकतांत्रिक मूल्यों और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करती है।
     
    पहले भी कई बार हो चुकी है एसआईआर
    एसआईआर को पहली बार की जा रही कवायद बताने पर मुख्यमंत्री योगी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 में भी एसआईआर की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें ज्यादातर समय केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार थी। इसके बावजूद इस बार कांग्रेस, सपा, राजद और अन्य विपक्षी दलों की ओर से एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने वाली कांग्रेस आज चुनाव आयोग को ही कटघरे में खड़ा कर रही है। कांग्रेस, सपा और राजद चुनाव जीत जाएं तो इसे अपना पुरुषार्थ बताते हैं, लेकिन अपनी नीतियों, भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार और अराजकता के कारण जनता उन्हें खारिज कर दे तो चुनाव आयोग और ईवीएम को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने विपक्षी दलों को इस पर चिंतन और आत्मावलोकन करने की नसीहत दी।
     
    न्यायपालिका से कैग तक का किया जिक्र
    मुख्यमंत्री योगी ने चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों को विपक्ष की पुरानी कार्यप्रणाली से जोड़ा। राहुल गांधी के कैंब्रिज में दिए बयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2019 में राफेल के मुद्दे पर कैग के ऑब्जर्वेशन पर भी सवाल उठाए गए। जिस ईवीएम से कांग्रेस की केंद्र और राज्यों में सरकारें बनीं, उसी को ब्लैक बॉक्स बताकर देश की चुनाव प्रणाली को कठघरे में खड़ा किया गया।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल खड़े करने से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होती है और दुनिया में भारत की छवि पर भी असर पड़ता है।
     
    आपातकाल, बालाकोट और ऑपरेशन सिंदूर पर घेरा
    कांग्रेस पर हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने 25 जून 1975 के आपातकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों पर कितना विश्वास रहा है, इसे देश जानता है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकारों पर विपक्षी दलों की चुनी हुई सरकारों को अनैतिक और अवैध तरीके से गिराने का भी आरोप लगाया।
     
    बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर भारतीय जवानों के शौर्य और पराक्रम को कटघरे में खड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल किया कि जवानों के पराक्रम पर सवाल उठाना कहां की देशभक्ति है।
     
    चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की, फिर सवाल क्यों
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्त मीडिया के सामने आकर चुनाव आयोग की पूरी कार्यप्रणाली और एसआईआर को लेकर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। छूटे हुए मतदाताओं और फॉर्म-6 को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। इसके बाद भी चुनाव आयोग और मुख्य निर्वाचन आयुक्त को कटघरे में खड़ा किया जा रहा है।
     
    मुख्यमंत्री योगी के मुताबिक एसआईआर में जिन मतदाताओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें फॉर्म भरने का पूरा अवसर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने भी फॉर्म-6 को लेकर चुनाव आयोग की कार्रवाई को उचित ठहराया है। इसके बाद कोई सवाल नहीं बचता, फिर भी कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दल बाल की खाल उधेड़ने में लगे हैं।
     
    हिंसा और तोड़फोड़ की लोकतंत्र में जगह नहीं
    विरोध के तौर-तरीकों पर भी मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष को घेरा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा, तोड़फोड़ और दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है। प्रदर्शन और तोड़फोड़ के जरिए चुनाव आयोग से जुड़े मुख्यालयों और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना गैर जिम्मेदाराना है।
     
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत ने पहले दिन से हर वयस्क मतदाता को जाति, क्षेत्र, भाषा और लिंग के भेदभाव के बिना मतदान की स्वतंत्रता दी है। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की व्यवस्था भी मौजूद है। ऐसी पारदर्शी प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करना लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने जैसा है।
     
    कांग्रेस और सहयोगी दल माफी मांगें
    मुख्यमंत्री योगी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से अपनी गैर जिम्मेदाराना गतिविधियों को नियंत्रित करने को कहा। उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने, दुनिया में भारत की बदनामी कराने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर दुष्प्रचार करने के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को देश की संवैधानिक संस्थाओं और देशवासियों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने विपक्ष के इस आचरण की निंदा भी की।

  • प्रदेश में पानी पर भी बिजली और पानी से भी एनर्जी स्रोत मजबूत हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेश में पानी पर भी बिजली और पानी से भी एनर्जी स्रोत मजबूत हुए: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    भोपाल
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित हिंदू इकोनॉमिक फोरम के कार्यक्रम में उद्योगपतियों को प्रदेश की उद्योग नीति और औद्योगिक विकास के प्रति शासन की प्रतिबद्धता से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश आज उन क्षेत्रों में अग्रणी है, जो उद्योगों के लिए सबसे आवश्यक और महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सरप्लस बिजली के साथ पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी पर सोलर पैनल से भी बिजली बनाई जा रही है। साथ ही पानी से एनर्जी के भी स्रोत मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योगों के नए सेक्टर पर लगातार कार्य किया जा रहा है। इसमें धार्मिक पर्यटन के साथ मेडिकल टूरिज्म भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में उद्यमियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार शाम होटल शेरेटन, इंदौर में हिंदू इकोनॉमिक फोरम के इंदौर चैप्टर के शुभारंभ कार्यक्रम में ‘अर्थ अभ्युदय’ विषय पर मुख्य संबोधन दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2002-03 में मध्यप्रदेश में प्रति व्यक्ति आय लगभग 11 हजार रुपये हुआ करती थी। वर्ष 2022 तक यह बढ़कर 1 लाख 40 हजार रुपये और वर्ष 2026 में 1 लाख 67 हजार रुपये हो गई है। उन्होंने कहा कि 10 से 12 वर्षों का समयकाल बहुत बड़ा नहीं होता, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की आर्थिक ग्रोथ बढ़ाकर विकास के पहिये को गति देने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए अब तक हुए एमओयू को जमीन पर उतारने में सफलता मिल रही है। शासन की मंशा प्रदेश में उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने और अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की है। मध्यप्रदेश में उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

    भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार श्री वी. अनंता नागेश्वरन ने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान में देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत है और आने वाले वर्षों में इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि भारत का विदेशों के साथ व्यापार लगातार बढ़ रहा है। कार्यक्रम में फोरम के प्रमुख विज्ञानान्द ने भी संबोधित किया।

    कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के अब तक तीन आयोजन देश-विदेश में हो चुके हैं। पहला आयोजन वर्ष 2014 में नई दिल्ली में हुआ था। इसके बाद वर्ष 2018 में अमेरिका के शिकागो शहर में और वर्ष 2023 में थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का आयोजन हुआ। वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस का चौथा आयोजन आगामी 18 से 20 दिसंबर 2026 तक मुंबई में होगा। कार्यक्रम में वर्ल्ड हिंदू कांग्रेस के कार्यक्रमों पर आधारित वृतचित्र भी दिखाया गया।

  • SIR पर सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- चुनाव आयोग को दोष देना ठीक नहीं

    SIR पर सीएम योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- चुनाव आयोग को दोष देना ठीक नहीं

    लखनऊ
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा कि कहा चुनाव आयोग और एसआईआर (SIR) को लेकर देश में भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हार के लिए चुनाव आयोग को दोष देना ठीक नहीं है। लखनऊ में सीएम आवास पर बुलाई प्रेस कॉफ्रेन्स में मुख्य रूप से कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ये भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने, अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की हर उस साजिश का हिस्सा रहे हैं जिससे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सके। यह आश्चर्यजनक है कि देश का मुख्य विपक्षी दल और यूपीए गठबंधनसे जुड़े अन्य दलों की वर्तमान हरकतें और उनकी बयानबाजी अत्यंत ही गैरजिम्मेदाराना और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने जैसा है। एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाया है। ऐसा नहीं कि पहली बार एसआईआर वर्तमान चुनाव आयोग ने किया है।

    सीएम योगी ने कहा कि जब देश में कांग्रेस नेतृत्व की सरकार थी तब 1952, 1957, 1961 और 1965-66 और साल- 2003 में भी एसआईआर की कार्यवाही हो चुकी है। इसके बावजूद, इस बार की एसआईआर की कार्यवाही को लेकर सपा-कांग्रेस ने हायतौबा मचाई है, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश में सबसे अधिक समय तक शासन किया। कांग्रेस लगातार चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा कर रही है। इलेक्शन में यदि कभी सपा-कांग्रेस जीत जाएं तो इसे वे अपना पुरुषार्थ बताते हैं और यदि कहीं इनके भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार कुनीति, इनकी अराजकतापूर्ण कार्यवाहियों की वजह से इन्हें खारिज करती है तो ये चुनाव आयोग या ईवीएम को दोषी ठहराने लगते हैं। यह जायज नहीं है। दलों को इस बारे में आत्म अवलोकन करना चाहिए। सीएम ने कहा कि विपक्षी दलों द्वारा भारत की हर संवैधानिक संस्था को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया जाता है।

    उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग को लेकर लगातार हमलावर है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कैंब्रिज में भी न्यायपालिका को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास किया था। न्यायपालिका की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए थे। वर्ष 2019 में कैग ने राफेल के मुद्दे पर अपनी रिपोर्ट दी थी तो कैग पर सवाल खड़े किए गए। जिस ईवीएम मशीन से कांग्रेस की केंद्र और कई राज्यों में सरकारें बनी हैं, उसे ब्लैक बाक्स कहकर चुनाव प्रणाली पर सवाल खड़े करती है। इन दलों को इस पर चिंतन करना चाहिए। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएम योगी ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर इन दलों का कितना विश्वास है यह हर कोई जानता है। कांग्रेस का इतिहास कौन नहीं जानता। 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने देश के संविधान का गला घोंटने का काम किया था। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने विपक्षी दलों की कई सरकारों को गिराने का काम किया था। चुनी गई सरकारों को अनैतिक और अवैध तरीके से गिराने का पाप भी किया था। भ्रष्ट कार्यप्रणाली के कारण इन्होंने आंतरिक और वाह्य सुरक्षा पर प्रश्न खड़ा किया। बालाकोट और आपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के बहादुर जवानों को कठघरे में खड़ा करना कहां की देशभक्ति है। वर्तमान में भी वही गैरजिम्मेदाराना हकरतें कांग्रेस और सहयोगी दल कर रहे हैं।

    मुख्य चुनाव आयुक्त को कठघरे में खड़ा करना गलत
    सीएम योगी ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों ने स्थिति स्पष्ट किया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की कार्यवाही को उचित ठहराया। इसके बावजूद मुख्य आयुक्त और आयोग को कठघरे में खड़ा करना, भारत की बदनामी कराना, दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को कमजोर करने की चेष्टा करना हैरान करता है। कांग्रेस और सहयोगी दलों का यह कृत्य अत्यंत हैरान करने वाला है। सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस को अपनी गैरजिम्मेदाराना हरकतों को नियंत्रित करना चाहिए। लेकिन ये प्रदर्शन करेंगे, तोड़फोड़ करेंगे, चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और दुष्प्रचार के लिए कोई जगह नहीं है। इनके द्वारा लगातार तोड़फोड़ और दुष्प्रचार करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।

    बाल की खाल उधेड़ रहीं कांग्रेस-सपा
    सीएम योगी ने कहा कि छूटे हुए मतदाताओं और फार्म- 6 को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है अब कोई प्रश्न खड़े नहीं होते। लेकिन बाल की खाल उधेड़ने का प्रयास सपा और कांग्रेस कर रही हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश का हिस्सा है। कांग्रेस और सपा को अपने कृत्य के लिए देश की संविधानिक संस्थाओं और जनता जनार्दन से माफी मांगनी चाहिए। भारत दुनिया के अंदर एकमात्र लोकतंत्र है, जिसने पहले दिन से हर वयस्क मतदाता तो मतदान करने की स्वतंत्रता दी है। कोई जाति, भाषा, क्षेत्र का भेद नहीं है। यहां तक कि एक दिन पहले तक मतदाता सूची में नाम बढ़ाना का अधिकार दे रखा है। ऐसी पारदर्शी प्रक्रिया को प्रश्न के घेरे में लाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने वाला है। कांग्रेस और सपा देशवासियों से माफी मांगे। हम कांग्रेस और सहयोगी दलों के इस कृत्य की निंदा भी करते हैं।

  • SIR विवाद पर हिमंत सरमा का राहुल गांधी पर हमला, बोले- कांग्रेस देश से माफी मांगे

    SIR विवाद पर हिमंत सरमा का राहुल गांधी पर हमला, बोले- कांग्रेस देश से माफी मांगे

    नई दिल्ली
    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनाव आयोग और SIR को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है. सरमा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस को देश के लोगों से माफी मांगनी चाहिए. उनका कहना है कि कांग्रेस लगातार यह आरोप लगा रही थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले फैसले ले रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग ने साफ किया है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे.

    हिमंत सरमा ने कहा, 'अब राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के लिए देश के लोगों से माफी मांगने का समय आ गया है. आपने बार-बार चुनाव आयोग पर हमला किया और कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अकेले फैसले लिए. लेकिन अब पूरे आयोग ने एक साथ कहा है कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए.' सरमा ने सवाल किया कि कांग्रेस ने किस आधार पर चुनाव आयोग पर आरोप लगाए और लोगों के मन में भ्रम पैदा करने की कोशिश क्यों की. उन्होंने राहुल गांधी पर एक के बाद एक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को अपनी चुनावी हार के कारणों पर विचार करना चाहिए. उन्होंने कहा कि 2014 में भी कांग्रेस लोकसभा चुनाव हारी थी, जबकि उस समय का चुनाव आयोग मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान नियुक्त हुआ था. सरमा ने कहा, 'राहुल गांधी को इस बात पर विचार करना चाहिए कि लोग कांग्रेस को बार-बार क्यों नकार रहे हैं. लेकिन कांग्रेस अपनी हार की समीक्षा नहीं करती. वह उन राज्यों में जाकर यह जानने की कोशिश नहीं करती कि आखिर हार क्यों हुई.'

    उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब वह चुनाव हारती है तो EVM पर सवाल उठाती है, लेकिन जीतने पर EVM को लेकर कोई सवाल नहीं किया जाता. सरमा ने कहा कि इसी तरह BJP की जीत के बाद SIR को गलत बताया जा रहा है. चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की बैठक के बाद कहा था कि SIR से जुड़े फैसले आयोग की सर्वसम्मति से लिए गए थे. आयोग ने यह भी कहा कि सदस्यों की अलग-अलग टिप्पणियां और सुझाव उसकी आंतरिक विचार-विमर्श की प्रक्रिया का हिस्सा हैं.

    हिमंत सरमा ने विपक्षी INDIA गठबंधन पर भी हमला बोला. उन्होंने इसे 'हारे और निराश लोगों का गठबंधन' बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष का मकसद देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करना है. उन्होंने दावा किया कि विपक्ष की बैठकों का देश की जनता पर कोई असर नहीं पड़ेगा. इससे पहले भी हिमंत सरमा ने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कहा था कि आयोग एक सामूहिक संस्था है और उसके फैसले सहमति या बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं.

  • विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- सालों से लंबित समस्याओं का हो रहा निराकरण

    विकास के लिए प्रतिबद्ध सरकार, सीएम डॉ. मोहन बोले- सालों से लंबित समस्याओं का हो रहा निराकरण

    भोपाल/इंदौर
     मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रतिष्ठा और सनातन संस्कृति का गौरव बढ़ रहा है। ऐसे समय में वैचारिक प्रतिबद्धता काफी अहम है। मध्यप्रदेश की धरती पर पंडित माखनलाल चुतुर्वेदी, माधवराव सप्रे जैसे कई बड़े पत्रकार हुए और उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तक मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है। नई दुनिया ने आज समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित सभी क्षेत्रों की उन विभूतियों का सम्मान किया, जिन्होंने अपने परिश्रम के बल पर समाज में विशिष्ट स्थान बनाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर में आयोजित नई दुनिया प्रोमिनेंस अवॉर्ड-2026 में कहा कि नई दुनिया ने अपनी कई सालों की पत्रकारिता में विश्वसनीयता और जनसरोकार से अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए नई दुनिया पत्रकारिता, प्रतिबद्धता और वैचारिक उत्कृष्टता में सबसे आगे रहा है। हिन्दी वेबसाइट ने भी डिजिटल क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। नईदुनिया-जागरण परिवार कई बड़े राज्यों में पाठकों की पसंद बना हुआ है।

    राज्य का विकास सर्वोपरि
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सालों से लंबित प्रदेश की समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है।  राज्य में 21 साल बाद पुन: सार्वजनिक परिवहन के लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान का प्रारूप जारी हो गया है। यह कई वर्षों से लंबित था। राज्य सरकार प्रदेश में अधोसंचरना विकास को आगे बढ़ा रही है। राज्य की आर्थिक समृद्धि के लिए उद्योग और व्यापार को बढ़ाया जा रहा है। युवाओं को रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश ने नई नीतियां लागू कर देश-दुनिया से निवेश आकर्षित किया है। प्रदेश के प्रत्येक जिले में विकास धरातल पर नजर आने लगा है।

    छात्रों को लैपटॉप-स्कूटी देने वाला एमपी पहला राज्य
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में हवाई सेवाओं का विस्तार करते हुए हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के गरीब-जरूरतमंदों के लिए एयर एंबुलेंस, पर्यटकों के लिए पीएमश्री हेली सर्विस और आमजन को शहरों के बीच फ्लाइट कनेक्टिविटी उपलब्ध करवाई जा रही है। हमारी सरकार ने इंदौर से अबुधाबी के लिए सीधी उड़ान शुरू की है। बहुत जल्द भोपाल से शारजाह के लिए एक और अंतरराष्ट्रीय उड़ान प्रारंभ की जाएगी। मध्यप्रदेश में बेहतर शिक्षा के लिए सभी प्रबंधन करते हुए सांदीपनि विद्यालयों प्रारंभ किए गए हैं। मेधावी बच्चों को लैपटॉप और स्कूटी बांटने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है।

  • पुलिस को देख रेत माफियाओं ने संकरी गलियों में दौड़ाए ट्रैक्टर, कार भी घसीटी

    पुलिस को देख रेत माफियाओं ने संकरी गलियों में दौड़ाए ट्रैक्टर, कार भी घसीटी

    मुरैना.

    सुप्रीम कोर्ट की सख्ती कम होते ही मुरैना में रेत माफिया का आतंक फिर बढ़ने लगा है। बीते 12 घंटे में ऐसी तीन घटनाएं हुईं, जिनमें रेत माफिया का दुस्साहस और पुलिस प्रशासन मजबूर नजर आया। एसपी बंगला से बंद कदम दूर रेत माफिया के ट्रैक्टर-ट्राली, सड़क पर रेत की ट्राली खाली करके भाग गए।

    संकरी गलियों से भागे, कार को टक्कर मारकर घसीटा
    उधर राठौर कॉलोनी-ट्रंच रोड क्षेत्र में दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतार, बस्ती की संकरी गलियों से भागे, इस दौरान जो सामने पड़ा उसे टक्कर मारते गए। इसमें एक कार को टक्कर मारने के बाद घसीटते ले गए, जिसमें कार सवार युवक बाल-बाल बच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार रेत के वाहनों के पीछे पुलिस के वाहन थे, इसलिए यह भगदड़ मची।

    सीसीटीवी में कैद हुई 15-20 ट्रैक्टर-ट्रालियों की रफ्तार
    घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की राठौर कालोनी, ट्रंच रोड पर रविवार सुबह पांच बजे की है। दरअसल रविवार को पुलिस टीमों ने चंबल नदी के अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियों की धरपकड़ शुरू की। एक टीम धौलपुर रोड से अंबाह बायपास की तरफ 20 से 25 ट्रैक्टर-ट्राली भागे, जिनमें चंबल नदी का रेत था। इन ट्रैक्टर-ट्रालियों के पीछे पुलिस के वाहन लगे तो रेत माफिया ने ट्रैक्टर-ट्राली ट्रंच रोड होते हुए राठौर कालोनी की संकरी गलियों में घुसा दिए।

    मकानों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के दिख रहा है, कि 15 से 20 ट्रैक्टर ट्रालियां कतार से, रफ्तार में भाग रही हैं। गली में एक किराना दुकान के सामने काउंटर रखा था उसे तोड़ दिया, पानी के नल के पाइप तोड़ दिए। इसी गली में नरेश राठौर की कार को टक्कर मार दी, उस समय नरेश राठौर कार में ही थे। उन्होंने बताया कि वह धौलपुर से लौटकर आए। सामने से तेज रफ्तार में रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियों की लाइन आ रही थी, उन्होंने कार को हटाने सा साइड करने तक का समय नहीं दिया और सीधे टक्कर मार दी और उसके बाद कुछ दूर तक कार को घसीटते ले गए। कार किनारे हुई तो रेत माफिया वहां से रफ्तार में भाग निकले।

    एसपी बंगला पास रेत फैलाकर भागे माफिया
    पुलिस की एक टीम रविवार तड़के एमएस रोड और बड़ोखर क्षेत्र में भी कार्रवाई को पहुंची। पुलिस टीम को देख बड़ोखर में आने वाले रेत के ट्रैक्टर-ट्रालियाें में भगदड़ मची। तीन से चार ट्रैक्टर-ट्राली रेलवे ओवरब्रिज से होकर बैरियर चौराहा की तरफ भागे। यह रेत के वाहन कलेक्टर बंगला, स्टेशन रोड थाने, कोतवाली थाने और फिर एसपी बंगला के सामने से भागे। इनके पीछे पुलिस की गाड़ियां लगी। पकड़े जाने के डर से सबसे पीछे चल रहे ट्रैक्टर-ट्राली ने, रफ्तार में ही हाइड्रोलिक उठाकर रेत को एमएस रोड पर खाली कर दिया। एसपी बंगला से चंद कदम दूरी, पुरानी चुंगीनामा पर यह रेत फैलाया, जिसे बाद में पुलिस ने बैकहो लोडर मशीन (जेसीबी) से समेटकर साफ करवाया। ऐसी ही तीसरी घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र में हुई, जहां पुलिस टीम से बचने के लिए रेत माफिया ने सड़क पर ही रेत फैला दिया। हालांकि पुलिस ने घेराबंदी करके खाली ट्रैक्टर-ट्राली को पकड़ लिया।

  • बीटीआई ग्राउंड में संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव की तैयारियों का भूमिपूजन के साथ शुभारंभ

    बीटीआई ग्राउंड में संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव की तैयारियों का भूमिपूजन के साथ शुभारंभ

    रायपुर
     राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बी.टी.आई.ग्राउंड में इस वर्ष संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति द्वारा भव्य नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियों का शुभारंभ आज विधि.विधान एवं पूजा.अर्चना के साथ भूमिपूजन कर किया गया।
    समिति के संयोजक एवं छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव के नेतृत्व में आयोजित होने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा की आराधना के साथ पारंपरिक रास गरबा का आयोजन किया जाएगा। भूमिपूजन के अवसर पर समिति के सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
    भूमिपूजन के साथ ही बी.टी.आई.् ग्राउंड में होने वाले नवरात्रि उत्सव की तैयारियों का औपचारिक रूप से शुभारंभ हो गया है। आयोजन को भव्य एवं व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए समिति द्वारा विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है। श्रद्धालुओं एवं गरबा प्रेमियों की सुविधाए कार्यक्रम स्थल की व्यवस्थाए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों सहित अन्य आवश्यक तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
    इस अवसर पर समिति के संयोजक  संजय वास्तव ने कहा कि नवरात्रि हमारी सनातन        संस्कृति और आस्था का महापर्व है। मां दुर्गा की आराधना हमें शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देती है। वहीं रास गरबा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। संकल्प नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव समिति का प्रयास है कि शंकर नगर में ऐसा आयोजन हो जिसमें श्रद्धा,    संस्कृति और उत्साह का सुंदर संगम देखने को मिले।
    उन्होंने कहा कि भूमिपूजन के साथ आज आयोजन की शुरुआत हो गई है और समिति की पूरी टीम मिलकर नवरात्रि एवं रास गरबा उत्सव को गरिमापूर्ण, भव्य एवं व्यवस्थित बनाने के लिए जुटेगी। यह उत्सव क्षेत्रवासियों सहित राजधानी के लोगों के लिए मां भगवती की भक्ति और हमारी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का अवसर बनेगा।
    समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं एवं गरबा प्रेमियों से आगामी नवरात्रि उत्सव में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त करने और इस भव्य सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनने का आह्वान किया गया।
    भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यरूप से अनिता खंडेलवाल, संगीता मिश्रा, पुष्पा जैन, सुनिला अग्रवाल, राजेश गुप्ता, अमरजीत सिंह, मिलिन गौतम, कोमल जैन, राखी साह, श्रुति जैन उपस्थित रहे।

  • यूपीआईटीएस में दूसरे दिन 4,700 बी2बी बैठकें, 412 समझौते

    यूपीआईटीएस में दूसरे दिन 4,700 बी2बी बैठकें, 412 समझौते

    ग्रेटर नोएडा
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निर्यात एवं निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आयोजित चतुर्थ उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 दूसरे दिन भी कारोबार और वैश्विक व्यापारिक संवाद का बड़ा मंच बना रहा। इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में चल रहे पांच दिवसीय ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों और प्रदेश के प्रतिभागी प्रदर्शकों के बीच शनिवार को करीब 4,700 बी2बी बैठकें हुईं। इन बैठकों के परिणामस्वरूप 412 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका अनुमानित व्यावसायिक मूल्य करीब 54.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर है।

    दूसरे दिन के ये परिणाम उत्तर प्रदेश के उत्पादों और सेवाओं में अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की रुचि तथा प्रदेश के निर्यातकों, उद्यमियों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में ट्रेड शो की भूमिका को रेखांकित करते हैं। रिवर्स बायर-सेलर मीट के माध्यम से विदेशी खरीदारों और प्रदेश के उद्यमियों को आमने-सामने संवाद का अवसर मिल रहा है, जिससे संभावित कारोबारी साझेदारियों को समझौतों में बदलने का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

    पहले दिन भी हुईं 2,800 से अधिक बी2बी बैठकें
    यूपीआईटीएस के पहले दिन हॉल नंबर-17 में बने विशेष बी2बी क्षेत्र में 2,800 से अधिक व्यावसायिक बैठकें हुई थीं। इनमें उत्तर प्रदेश के करीब 500 एमएसएमई ने भाग लिया और लगभग 140 करोड़ रुपये की व्यावसायिक पूछताछ दर्ज की गई। विदेशी खरीदारों और भारतीय विक्रेताओं के बीच सीधे संवाद से विभिन्न उत्पाद एवं सेवा क्षेत्रों में कारोबारी संभावनाओं को तलाशने का अवसर मिला।

    योगी सरकार की पहल से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार
    योगी सरकार द्वारा आयोजित यूपीआईटीएस का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के उत्पादों, सेवाओं, निर्यातकों और एमएसएमई को वैश्विक बाजार से जोड़ने के साथ प्रदेश में निवेश और व्यापारिक साझेदारी के नए अवसर तैयार करना है। ट्रेड शो में भारतीय निर्माता, निर्यातक, एमएसएमई, निवेशक, वैश्विक खरीदार और साझेदार देशों के प्रतिनिधिमंडल एक ही मंच पर मौजूद हैं। सरकार की ‘स्थानीय से वैश्विक’ की दिशा में यह मंच प्रदेश के उद्यमियों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों तक पहुंच बनाने का अवसर दे रहा है। विशेष रूप से रिवर्स बायर-सेलर मीट और सुनियोजित बी2बी संवाद के जरिए उत्पादों के प्रदर्शन के साथ वास्तविक कारोबारी संपर्क और संभावित निर्यात सौदों पर बातचीत हो रही है।

    29 सितंबर तक जारी रहेगा कारोबार का सिलसिला
    यूपीआईटीएस-2026 आगामी 29 सितंबर तक चलेगा। आयोजकों के अनुसार आने वाले दिनों में भी बी2बी बैठकें जारी रहेंगी और अधिक व्यापारिक समझौतों तथा कारोबारी परिणामों की संभावना है।